Dehydration Blood Pressure Effect; Water Deficiency Heart Risk

Hindi News Lifestyle Dehydration Blood Pressure Effect; Water Deficiency Heart Risk | Common Symptoms 2 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी कॉपी लिंक गर्मियों में टेम्परेचर बढ़ने पर शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन का रिस्क बढ़ जाता है। यह कॉमन है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पानी ब्लड सर्कुलेशन और दिल की धड़कनों को भी कंट्रोल करता है? जब शरीर में फ्लूइड कम होता है तो खून गाढ़ा होने लगता है। साथ ही हॉर्मोनल सिस्टम में गड़बड़ी होने लगती है। इससे ब्लड प्रेशर (BP) अचानक खतरनाक स्तर तक बढ़ सकता है। ऐसे में अगर कोई पहले से हाई बीपी या दिल की बीमारी से जूझ रहा है तो डिहाइड्रेशन एक ‘साइलेंट थ्रेट’ साबित हो सकता है। इसलिए ‘फिजिकल हेल्थ’ में आज डिहाइड्रेशन से बीपी पर होने वाले असर की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- आखिर पानी की कमी से ब्लड वेसल्स क्यों सिकुड़ने लगती हैं? क्यों प्यास न लगना भी खतरे की घंटी हो सकता है? हार्ट पेशेंट्स को गर्मियों में किन गलतियों से बचना चाहिए? सवाल- डिहाइड्रेशन क्या होता है और यह कब होता है? जवाब- डिहाइड्रेशन वह कंडीशन है, जब शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स (जैसे सोडियम-पोटेशियम) की कमी हो जाती है। यह आमतौर पर ज्यादा पसीना आने, उल्टी-दस्त होने, बुखार या पर्याप्त पानी न पीने से होता है। गर्म मौसम, हैवी फिजिकल एक्टिविटी और लंबे समय तक धूप में रहने से जोखिम बढ़ जाता है। सवाल- डिहाइड्रेशन का ब्लड प्रेशर पर क्या असर पड़ता है? जवाब- डिहाइड्रेशन होने पर शरीर में फ्लूइड की मात्रा कम हो जाती है। इससे शरीर में ब्लड का वॉल्यूम घट जाता है, जिससे कुछ मामलों में ब्लड प्रेशर कम हो जाता है। शरीर इसकी भरपाई के लिए एक हॉर्मोनल सिस्टम एक्टिव करता है। इससे ब्लड वेसल्स सिकुड़ने लगती हैं और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। यह बदलाव खासतौर पर उन लोगों में ज्यादा दिखता है, जिन्हें पहले से हाई ब्लड प्रेशर या हार्ट की समस्या होती है। सवाल- डिहाइड्रेशन के दौरान शरीर में ऐसा क्या होता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है? जवाब- डिहाइड्रेशन होने पर शरीर पानी की कमी को संतुलित करने की कोशिश करता है। शरीर खतरे को भांपकर किडनी और हॉर्मोनल सिस्टम को एक्टिव कर देता है। इस प्रक्रिया को ‘रेनिन-एंजियोटेंसिन-एल्डोस्टेरोन सिस्टम’ कहते हैं। यह सिस्टम ब्लड वेसल्स को संकुचित कर देता है। शरीर इस स्थिति में सोडियम और पानी को रोकने की कोशिश करने लगता है। इससे अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। अगर किसी को पहले से ही हाई बीपी की समस्या है तो यह खतरनाक हो सकता है। सवाल- डिहाइड्रेशन का हार्ट और ब्लड सर्कुलेशन पर क्या असर पड़ता है? जवाब- डिहाइड्रेशन होने पर खून का वॉल्यूम कम होने लगता है। इससे दिल को शरीर के सभी अंगों तक खून पहुंचाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इस प्रोसेस को स्मूद करने के लिए हार्ट तेजी से पंप करने लगता है। ब्लड सर्कुलेशन डिहाइड्रेशन से ब्लड गाढ़ा होने लगता है, जिससे सर्कुलेशन प्रभावित हो सकता है। गंभीर कंडीशन में चक्कर, कमजोरी और बेहोशी का खतरा हो सकता है। जिन लोगों को पहले से हार्ट डिजीज है, उनमें हार्ट पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। सवाल- किन लोगों के लिए डिहाइड्रेशन ज्यादा खतरनाक हो सकता है? जवाब- डिहाइड्रेशन सबके लिए खतरनाक है, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह गंभीर स्थितियां पैदा कर सकता है, ग्राफिक में देखिए- सवाल- अगर किसी को हाई बीपी है या हार्ट से जुड़ी समस्या है तो उसे गर्मी के मौसम में क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? जवाब- सबसे पहले तो नियमित रूप से ब्लड प्रेशर मॉनिटर करते रहें। दिनभर में पर्याप्त पानी और फ्लूइड लेते रहें। तेज धूप और गर्मी में लंबे समय तक न रहें। डॉक्टर की सलाह के अनुसार बीपी और हार्ट की दवाएं नियमित रूप से लें। नमक और कैफीन का सेवन सीमित करें। हल्का और संतुलित भोजन करें, ताकि शरीर पर अतिरिक्त दबाव न पड़े। चक्कर, कमजोरी या हार्ट बीट तेज होने पर तुरंत आराम करें। जरूरत महसूस हो तो डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करें। सवाल- अगर किसी को हार्ट स्ट्रोक, अटैक हो चुका है या हार्ट की कोई सर्जरी हुई है तो उसे गर्मी के मौसम में क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? जवाब- इन लोगों के लिए गर्मियाें का मौसम अधिक संवेदनशील साबित हो सकता है- शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें। बहुत गर्म और उमस भरे वातावरण में जाने से बचें। गर्मी में हैवी फिजिकल एक्टिविटी या एक्सरसाइज सीमित करें। डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं और डाइट प्लान का पालन करें। हल्के और ढीले कपड़े पहनें ताकि शरीर का तापमान नियंत्रित रहे। अचानक थकान, सांस फूलना या सीने में दर्द हो तो तुरंत मेडिकल हेल्प लें। सवाल- गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन का खतरा क्यों बढ़ जाता है? जवाब- गर्मी में शरीर का तापमान नियंत्रित रखने के लिए ज्यादा पसीना निकलता है। पसीने के साथ पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स भी शरीर से बाहर निकलते हैं। अगर उतनी मात्रा में पानी न पिया जाए तो शरीर में इसकी कमी हो जाती है। तेज धूप और ज्यादा तापमान शरीर से वाटर लॉस ज्यादा होता है। बाहर काम करने वाले लोगों और खिलाड़ियों में जोखिम ज्यादा होता है। इसलिए गर्मियों में शरीर को हाइड्रेटेड रखना स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। सवाल- डिहाइड्रेशन के शुरुआती संकेत क्या हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए? जवाब- इन संकेतों को नजरअंदाज करने पर कंडीशन ज्यादा गंभीर हो सकती है- सवाल- किन लोगों को डिहाइड्रेशन का खतरा ज्यादा होता है? जवाब- डिहाइड्रेशन का जोखिम हर व्यक्ति के लिए समान नहीं होता। कुछ खास फिजिकल कंडीशंस और उम्र में यह खतरा गंभीर हो जाता है- शिशु और बच्चे- बच्चों के शरीर का वजन कम होता है और मेटाबॉलिज्म तेज, जिससे उनमें पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का टर्नओवर बहुत जल्दी होता है। वे अपनी प्यास ठीक से बता भी नहीं पाते हैं। बुजुर्ग- उम्र बढ़ने के साथ ब्रेन की ‘प्यास का सिग्ननल’ देने की क्षमता कम हो जाती है। साथ ही बुजुर्गों के शरीर में वाटर रिटेंशन कम होता है। क्रॉनिक डिजीज पेशेंट्स: अनियंत्रित डायबिटीज और किडनी की बीमारी वाले लोगों को खतरा अधिक होता है। जो मेडिकेशन पर हैं- जो लोग हाई बीपी के लिए डाइयूरेटिक दवाएं
जरूरत की खबर- इंडक्शन यूज के 10 सेफ्टी टिप्स:ये 12 गलतियां न करें, एक्सपर्ट से जानें इस्तेमाल और क्लीनिंग का सही तरीका

मिडिल ईस्ट में पिछले करीब 25 दिनों से तनाव का माहौल बना हुआ है। ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच जंग जारी है। इसका असर भारत पर भी देखने को मिल रहा है। देश में इन दिनों LPG गैस के लिए लोगों को लंबी-लंबी लाइनें लगानी पड़ रही हैं। इससे लोगों को काफी असुविधा हो रही है। ऐसे में अब इंडक्शन का इस्तेमाल बढ़ गया है। लोग तेजी से इंडक्शन कुकटॉप खरीद रहे हैं। यह बिजली से चलने वाला एक सुविधाजनक कुकिंग अप्लायंस है। लेकिन इसके इस्तेमाल के दौरान थोड़ी सी लापरवाही से ओवरहीटिंग, इलेक्ट्रिकल शॉक और बेस डैमेज का रिस्क होता है। हालांकि सही कुकवेयर का चुनाव और समय-समय पर सफाई जैसे छोटे कदम इन खतरों से बचा सकते हैं। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में बात इंडक्शन यूज के बेसिक सेफ्टी टिप्स की। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: अभिषेक मिश्र, इलेक्ट्रिकल इंजीनियर, नागपुर, महाराष्ट्र सवाल- इंडक्शन कुकटॉप क्या है और यह कैसे काम करता है? जवाब- इंडक्शन एक कुकिंग अप्लायंस है, जो बिजली से चलता है। इसमें गैस या डायरेक्ट हीट की जगह मैग्नेटिक फील्ड का इस्तेमाल होता है। इंडक्शन पर बर्तन रखते ही इलेक्ट्रोमैग्नेटिक ऊर्जा पैदा होती है। यह ऊर्जा सतह को गर्म करने की बजाय सीधे बर्तन के तले को गर्म करती है। इससे ऊर्जा की बचत होती है। बर्तन हटाते ही हीटिंग तुरंत बंद हो जाती है, जिससे यह पर्याप्त सुरक्षित भी माना जाता है। इसे ‘इंडक्शन कुकटॉप’ भी कहते हैं। सवाल- क्या गैस, हीटर, स्टोव में यूज होने वाले सामान्य बर्तन इंडक्शन में भी यूज किए जा सकते हैं? जवाब- हां, आजकल बाजार में मिलने वाले इंडक्शन पर लगभग सभी बर्तन काम करते हैं। हालांकि मैग्नेटिक कुकवेयर जैसे कास्ट आयरन और स्टेनलेस स्टील इसके लिए बेहतर होते हैं। आप एक मैग्नेट की मदद से इसे चेक कर सकते हैं। अगर मैग्नेट बर्तन के तले से चिपक जाए, तो वह इंडक्शन के लिए सही है। एल्युमीनियम, तांबा, कांच या मिट्टी के बर्तन इस पर काम नहीं करते हैं। सवाल- इंडक्शन पर खाना बनाने का तरीका क्या है? स्टेप-बाय-स्टेप पूरा प्रोसेस बताएं। जवाब- इंडक्शन पर खाना बनाना बहुत आसान है। सही बर्तन, सही सेटिंग और थोड़ी सावधानी से सुरक्षित तरीके से इंडक्शन पर कुकिंग कर सकते हैं। नीचे दिए ग्राफिक से स्टेप-बाय-स्टेप इसका पूरा प्रोसेस समझिए- सवाल- इंडक्शन का सुरक्षित इस्तेमाल कैसे करना चाहिए? जवाब- इंडक्शन का इस्तेमाल आमतौर पर सुरक्षित होता है। लेकिन कुछ गलतियां ओवरहीटिंग, इलेक्ट्रिक शॉक या नुकसान का कारण बन सकती हैं। इसलिए इसे यूज करते समय कुछ बातों का खास ख्याल रखें। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- इंडक्शन पर खाना पकाते हुए क्या गलतियां नहीं करनी चाहिए? जवाब- इंडक्शन पर कुकिंग आसान है, लेकिन कुछ कॉमन गलतियां नुकसान या खतरे का कारण बन सकती हैं। इसलिए इन्हें अवॉइड करना जरूरी है- सवाल- इंडक्शन की सफाई का सही तरीका क्या है? जवाब- डेली सही तरीके से इंडक्शन की सफाई करना जरूरी है, ताकि उसकी परफॉर्मेंस और लाइफ बनी रहे। नीचे दिए ग्राफिक से इसका सही तरीका समझिए- सवाल- किन गलतियों-लापरवाहियों के कारण इंडक्शन जल्दी खराब होता है? इसे कैसे मेंटेन करें कि वह लंबे समय तक चले? जवाब- इंडक्शन की लाइफ इस्तेमाल और रेगुलर मेंटेनेंस पर निर्भर करती है। छोटी-छोटी गलतियां इसे जल्दी खराब कर सकती हैं, जबकि सही देखभाल से यह लंबे समय तक सुरक्षित और बेहतर चलता है। जैसेकि- इंडक्शन से जुड़े कुछ कॉमन सवाल और जवाब सवाल- क्या इंडक्शन गैस चूल्हे से ज्यादा सुरक्षित है? अगर हां, तो कैसे? जवाब- हां, इंडक्शन चूल्हा गैस चूल्हे के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। इसमें खुली आग नहीं होती, इसलिए आग लगने का खतरा कम रहता है। यह सिर्फ बर्तन के संपर्क में आने पर ही गर्म होता है, जिससे जलने का रिस्क कम होता है। सवाल- क्या इंडक्शन गैस चूल्हे के मुकाबले सस्ता पड़ता है? जवाब- हां, इंडक्शन चूल्हा कई मामलों में गैस के मुकाबले सस्ता पड़ सकता है। यह बिजली पर चलता है और ऊर्जा का उपयोग तेजी से करता है, जिससे हीट लॉस कम होता है। हालांकि कुल खर्च आपके बिजली दर और LPG कीमत पर निर्भर करता है, इसलिए हर घर में फर्क हो सकता है। सवाल- क्या इंडक्शन को देर तक चलाना सुरक्षित है? जवाब- हां, ओवरहीट होने से इंडक्शन ऑटो कट हो जाते हैं। इसे सावधानी के साथ देर तक इस्तेमाल किया जा सकता है। सवाल- क्या इंडक्शन पर खाना बनाने के दौरान वेंटिलेशन जरूरी है? जवाब- हां, इंडक्शन पर खाना बनाते समय भी वेंटिलेशन जरूरी होता है। हालांकि इसमें धुआं या गैस नहीं बनती, लेकिन खाना पकाते समय भाप, स्मेल और तेल के धुएं निकलते हैं, जिन्हें बाहर निकलने के लिए पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था होनी चाहिए। …………………… जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- ‘मच्छर अगरबत्तियों’ में खतरनाक केमिकल्स: खरीदने से पहले चेक करें ये 7 चीजें, नेचुरल तरीकों से मच्छर भगाने के 11 टिप्स महाराष्ट्र सरकार ने ‘मच्छर अगरबत्तियों’ की जांच में पाया कि इनमें डाइमेफ्लुथ्रिन (Dimefluthrin) जैसे खतरनाक केमिकल्स का इस्तेमाल हो रहा है। ये सांस के जरिए शरीर में जाकर हमारे फेफड़ों और नर्वस सिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। पूरी खबर पढ़िए…
वार्ड-4 में तीन दिन से स्ट्रीट लाइट बंद, अंधेरे से परेशानी

राजगढ़| वार्ड-4 में पिछले करीब तीन दिन से स्ट्रीट लाइट बंद है, जिससे पूरे इलाके में रात के समय अंधेरा बना रहता है। रहवासियों को आवाजाही में परेशानी हो रही है व दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। अंधेरे के कारण असुरक्षा की भावना भी बढ़ रही है। कई बार शिकायत के बाद भी अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। रहवासियों ने जिम्मेदार विभाग से जल्द स्ट्रीट लाइट चालू कराने की मांग की है। -राजेंद्र कटारिया, रहवासी की रिपोर्ट।
Mumbai Goregaon Building Fire | 72-Year-Old Woman Dies

31 मिनट पहले कॉपी लिंक मुंबई के गोरेगांव ईस्ट में गोकुलधाम कॉलोनी स्थित एक 24 मंजिला रिहायशी इमारत में रविवार शाम आग लग गई। हादसे में 72 साल की महिला की मौत हो गई। आग बिल्डिंग की छठी मंजिल तक सीमित रही। दमकल विभाग ने मौके पर 8 गाड़ियां भेजीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान एक बुजुर्ग महिला को बाहर निकाला गया, जिनकी पहचान इंदु तारकेश्वर सिंह के रूप में हुई। उन्हें गोरेगांव के लाइफलाइन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। आग पर रात 11:20 बजे काबू पा लिया गया। फिलहाल कूलिंग ऑपरेशन जारी है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Jinnah, Sir Syed, Iqbal Topics Removal Recommended

Hindi News National Jammu University Syllabus: Jinnah, Sir Syed, Iqbal Topics Removal Recommended जम्मूकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक जम्मू यूनिवर्सिटी में एमए पॉलिटिकल साइंस के सिलेबस से मोहम्मद अली जिन्ना, सर सैयद अहमद खान और मोहम्मद इकबाल से जुड़े टॉपिक्स हटाने की सिफारिश की गई है। यह सिफारिश विभागीय मामलों की समिति (DAC) ने की है। अब इस पर अंतिम फैसला 24 मार्च को बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में होगा। यूनिवर्सिटी के मुताबिक, 22 मार्च को HOD ऑफिश में DAC की बैठक हुई। इसमें वन-ईयर और टू-ईयर एमए पॉलिटिकल साइंस प्रोग्राम के सिलेबस पर चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से जिन्ना, सर सैयद और इकबाल से जुड़े टॉपिक्स हटाने की सिफारिश की गई। अब यह प्रस्ताव बोर्ड ऑफ स्टडीज को भेजा गया है, जिसकी बैठक 24 मार्च को सुबह 11:30 बजे ऑनलाइन होगी। सिलेबस में जिन्ना को जोड़ने के बाद हुआ विवाद पॉलिटिकल साइंस के सिलेबस में ‘माइनॉरिटीज एंड द नेशन’ पेपर के तहत जिन्ना के राजनीतिक विचार शामिल किए गए थे, जिसके बाद विवाद शुरू हुआ। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने शनिवार को यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन कर इन टॉपिक्स को तुरंत हटाने की मांग की थी। संगठन ने कहा कि अकादमिक स्वतंत्रता के नाम पर राष्ट्रीय भावनाओं और ऐतिहासिक तथ्यों की अनदेखी नहीं हो सकती। ABVP के जम्मू-कश्मीर राज्य सचिव सन्नक श्रीवत्स ने बताया कि पहले जिन्ना का जिक्र ‘टू-नेशन थ्योरी’ के संदर्भ में होता था, जहां उन्हें विभाजन की सोच से जोड़ा जाता था। अब संशोधित सिलेबस में उन्हें ‘माइनॉरिटीज एंड the Nation’ के तहत अल्पसंख्यकों के नेता के रूप में पेश किया गया है, जिस पर आपत्ति जताई जा रही है। कांग्रेस नेता बोलीं- विवाद जानबूझकर खड़ा किया जा रहा कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और JKPCC महासचिव नम्रता शर्मा ने कहा कि सिलेबस को लेकर विवाद जानबूझकर खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन्ना, सावरकर और गोलवलकर से जुड़ा यह हिस्सा 2025 में तैयार किए गए ड्राफ्ट सिलेबस में शामिल था, लेकिन 11-12 महीने तक इस पर कोई सवाल नहीं उठा। अब अचानक इसे मुद्दा बनाया जा रहा है। नम्रता शर्मा ने यह भी सवाल उठाया कि जब सिलेबस तैयार किया गया था, तब क्या यूनिवर्सिटी प्रशासन और वाइस चांसलर उमेश राय की अगुवाई वाली अकादमिक टीम ने इसकी ठीक से जांच नहीं की थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
West Bengal Voter List Update

Hindi News National West Bengal Voter List Update | BLO Death Claims Mount; 27 Lakh Voters Affected कोलकाता8 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल में आज सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट जारी हो सकती है। चुनाव आयोग के मुताबिक, ‘अंडर एडजुडिकेशन’ में रखे गए करीब 60 लाख वोटरों में से 27 लाख के मामलों का वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है। दरअसल, 28 फरवरी को जारी फाइनल वोटर लिस्ट में करीब 60 लाख वोटरों को ‘अंडर एडजुडिकेशन’ में रखा गया था। यानी जिनके दस्तावेज या पात्रता पर संदेह था, उनके नाम पर अंतिम फैसला रोककर जांच शुरू की गई। इनमें से 27 लाख मामलों का वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है। इन वोटरों के नाम रखने या हटाने का फैसला सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट में शामिल किया जाएगा। इसी बीच मालदा में एक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि काम के दबाव की वजह से उनकी जान गई। मालदा में BLO की मौत, परिवार ने काम के दबाव का आरोप लगाया मालदा जिले में एक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की हार्ट अटैक से मौत हो गई। 54 साल के BLO उत्पल ठाकुर चांचल-II ब्लॉक के एक बूथ पर तैनात थे। परिवार का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान उन पर लगातार काम का दबाव था। उनके बूथ पर करीब 110 वोटर ‘अंडर एडजुडिकेशन’ में थे। जिससे लोग लगातार उनसे जानकारी लेने पहुंच रहे थे। हालांकि इस मामले में कोई पुलिस शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। 63.66 लाख नाम हटे, 60 लाख की जांच जारी SIR प्रक्रिया के बाद अब तक 63.66 लाख नाम हटाए जा चुके हैं, जो कुल वोटरों का करीब 8.3% है। इससे वोटर बेस 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ रह गया है। वहीं, 60 लाख से ज्यादा वोटर अब भी ‘अंडर एडजुडिकेशन’ में हैं, जिन पर आगे फैसला होना है। 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग, 4 मई को काउंटिंग पश्चिम बंगाल के 294 सीटों पर 23 और 29 अप्रैल को दो फेज में वोटिंग होगी। 4 मई को रिजल्ट आएगा। 4 राज्यों में SIR, तमिलनाडु में सबसे ज्यादा नाम कटे जिन पांच राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं, उनमें SIR के बाद तमिलनाडु से सबसे ज्यादा वोटर्स के नाम कटे हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 को SIR प्रक्रिया शुरू होने के दौरान राज्य में कुल 6,41,14,587 वोटर थे। करीब चार महीने चली SIR में 74,07,207 लोगों के नाम हटाए गए हैं। राज्य में अब 5,67,07,380 मतदाता पंजीकृत हैं। वहीं पश्चिम बंगाल दूसरे नंबर पर है जहां करीब 58 लाख लोगों के नाम कटे हैं। फिर केरल में 8 लाख, असम में 2 लाख और पुडुचेरी में सबसे कम 77 हजार लोगों के नाम SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची से हटाए गए। असम में स्पेशल रिवीजन (SR) कराया गया था। ————- ये खबर भी पढ़ें… प. बंगाल, 60 लाख वोटर जांच के घेरे में:मुर्शिदाबाद और मालदा में 19 लाख के डॉक्यूमेंट्स पेंडिंग; भाजपा ने कहा- घुसपैठियों पर कार्रवाई पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी थी। लिस्ट के मुताबिक, राज्य के करीब 60.06 लाख वोटर्स के दस्तावेज अभी भी जांच के घेरे में थे। इनमें सबसे बड़ी संख्या मुस्लिम बहुल और सीमावर्ती जिलों की है। आयोग ने राज्य की मतदाता सूची से कुल 63.66 लाख नाम हटा दिए हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
भोपाल में बोरे में बंद मिले मवेशी के अवशेष:हिंदू संगठन का आरोप, गोवंश की गर्दन काटी; चक्काजाम कर धरने पर बैठे

भोपाल के तलैया थाने के पास स्थित काली मंदिर के बाहर रविवार रात 12 बजे बोरे में बंद मवेशी के अवशेष मिले। जय मां भवानी हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने इसे गाय का अवशेष बताते हुए मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। वे सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल और आला अधिकारी पहुंच गए। वे प्रदर्शनकारियों को समझाइश देने में लगे हैं। प्रदर्शनकारी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। हिंदू संगठन ने दी प्रदर्शन की चेतावनी संगठन के प्रमुख भानू हिंदू ने बताया कि गोवंश की गर्दन कटी हुई थी, जिससे जाहिर होता है कि गाय का कत्ल किया गया। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएं और आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। भानू हिंदू ने चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो संपूर्ण हिंदू समाज सड़कों पर प्रदर्शन करेगा। संगठन ने कहा-माहौल खराब करने की कोशिश संगठन ने आरोप लगाया कि गोवंश को कत्ल करने के बाद मंदिर के बाहर फेंकना सामाजिक माहौल खराब करने की कोशिश है। पुलिस और प्रशासन पर दबाव बनाया जा रहा है कि घटना की हर बारीकी से जांच हो। खबर लगातार अपडेट कर रहे हैं।









