वॉटरमेलन शिकंजी रेसिपी: इस समर शिकंजी को बनाएं वॉटरमेलन शिकंजी, स्वाद और सेहत दोनों का प्रभाव संयोजन

तरबूज शिकंजी रेसिपी: गर्मी का मौसम आते ही शरीर को ठंडक देने वाले फूलों की डिजाइन में काफी बढ़ोतरी हो जाती है। ऐसे में तरबूज हर घर की पहली पसंद होता है। आम तौर पर लोग इसे सीधे फ़्लोटिंग या नमक के साथ खाते हैं, लेकिन अब आप इससे एक शानदार और ताज़ा पेय भी बना सकते हैं, इसे आप अपने रूटीन में मिलाकर बना सकते हैं। वॉटरमेलन शिकंजी की यह आसान रेसिपी लोगों को बहुत पसंद आती है, जिसे आप घर पर भी आसानी से सेक सकते हैं। आइये जानते हैं इस रेसिपी को आप घर पर कैसे बना सकते हैं। शिखाजी मसाला कैसे तैयार करें वॉटरमेलन शिकंजी का असली स्वाद उसके नमूने में छिपा होता है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले 1 छोटा आटा साबुत काली मिर्च, 2 छोटा आटा सौंफ और 2 छोटा आटा साबूत और 2 छोटा आटा साबुत से पीस लें। जब ये सभी औषधियां पाउडर बन जाएं, तब इसमें स्वादानुसार काला नमक और 1 छोटा मिश्रण मिला लें। मिनट में नामांकित-ठंडी वॉटरमेलन शिन्जी शिकंजी बनाने की सबसे पहली रेसिपी, ठंडे तरबूज़ के टुकड़े डाल लें। इसके बाद इसमें 1 छोटा मसाला तैयार मसाला, 1 नींबू का रस, कुछ पुदीने के पत्ते और बर्फ के टुकड़े के टुकड़े शामिल हैं। अब सभी बच्चों को अच्छी तरह ब्लेंड कर लें। कुछ ही मिनटों में आपकी पसंदीदा और स्वादिष्ट वॉटरमेलन शिखांजी तैयार हो जाएगी। इस ड्रिंक को और भी स्वादिष्ट और खूबसूरत बनाने के लिए ग्लास में 1 छोटे आकार के बड़े हुए सब्जी बीज या चिया बीज डालें। इसके बाद इसमें बर्फ के टुकड़े और ऊपर से तैयार शिकंजी दाल शामिल है। लास्ट में तंबाकू केट के टुकड़े और पुदीने के दुकानदारों से सजाकर ठंडा-ठंडा सर्व करें। यह ड्रिंक सिर्फ शरीर को ही नहीं ठंडक देती है बल्कि स्वाद में भी बेहद लाजवाब होती है। (टैग्सटूट्रांसलेट)तरबूज शिकंजी रेसिपी(टी)ग्रीष्मकालीन पेय भारत(टी)ताज़ा तरबूज पेय(टी)घर का बना शिकंजी मसाला(टी)स्वस्थ ग्रीष्मकालीन पेय(टी)आसान तरबूज रेसिपी(टी)भारतीय ग्रीष्मकालीन पेय(टी)सब्जा सीड्स ड्रिंक(टी)पुदीना नींबू कूलर(टी)त्वरित ग्रीष्मकालीन रेसिपी
पेट भरा और फिट महसूस करना चाहते हैं? पाचन, इम्यूनिटी और वजन नियंत्रण में मददगार, जानिए चौंकाने वाले फायदे

Last Updated:March 23, 2026, 18:06 IST अनन्नास स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन संगम है. इसमें पाचन, इम्यूनिटी और हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी पोषक तत्व मौजूद हैं. गर्मियों में जूस के रूप में सेवन करने पर यह शरीर को ठंडक और ऊर्जा भी प्रदान करता है. स्वादिष्ट फल अनन्नास न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन होता है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. पोषक तत्वों से भरपूर यह फल शरीर को ठंडक देने के साथ कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है. यदि संतुलित मात्रा में अनन्नास का सेवन किया जाए तो यह शरीर को कई तरह से लाभ पहुंचा सकता है. अनन्नास एक ऐसा फल है जो स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन संगम है. यदि इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जाए, तो यह शरीर को अंदर से मजबूत और ऊर्जावान बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. पाचन तंत्र के लिए भी अनन्नास बेहद लाभकारी है. इसमें ब्रोमेलिन नामक एंजाइम पाया जाता है, जो भोजन को पचाने में मदद करता है और पेट में गैस, अपच व सूजन जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है. जिन लोगों को कब्ज या भारीपन की शिकायत रहती है, उनके लिए अनन्नास का सीमित सेवन फायदेमंद हो सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google आयुर्वेद चिकित्सक डॉक्टर संतोष कुमार श्रीवास्तव लोकल 18 से बताते हैं कि अनन्नास में विटामिन-सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होता है. बदलते मौसम में होने वाली सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण से बचाव में यह फल काफी कारगर माना जाता है. इसके अलावा इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं, जिससे त्वचा स्वस्थ और चमकदार बनी रहती है. हड्डियों की मजबूती के लिए भी अनन्नास अच्छा विकल्प है. इसमें मैंगनीज, कैल्शियम और अन्य जरूरी खनिज पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. बढ़ती उम्र में जोड़ों के दर्द की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए भी यह फल लाभकारी माना जाता है. वजन कम करने की चाह रखने वालों के लिए भी अनन्नास एक बेहतर विकल्प है. इसमें कैलोरी कम और फाइबर अधिक होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है और बार-बार भूख नहीं लगती. इसके नियमित सेवन से मेटाबॉलिज्म भी बेहतर होता है. डॉक्टर के मुताबिक अनन्नास का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. अधिक मात्रा में खाने से कुछ लोगों को एसिडिटी या एलर्जी की समस्या हो सकती है. खासकर गर्भवती महिलाओं और किसी विशेष बीमारी से ग्रसित लोगों को डॉक्टर की सलाह लेकर ही इसका सेवन करना चाहिए. अनानास का जूस पीने से गर्मी के मौसम में शरीर में ठंडक रहती है और इसके ठोस भाग को खाने की अपेक्षा यदि इसके जूस को पिया जाए तो यह शरीर में काफी लाभ पहुंचता है. ऐसे में अनानास का सेवन न सिर्फ हमारे शरीर के लिए फायदेमंद है, बल्कि इससे हमारे शरीर में ऊर्जा भी बनी रहती है. First Published : March 23, 2026, 18:06 IST
रात के डिनर में रोटी खाएं या चावल? अगर आप भी डाइट को लेकर रहते हैं कंफ्यूज, तो यहां जानें सही जवाब

Last Updated:March 23, 2026, 18:02 IST Sultanpur News: खाने-पीने को लेकर लोग अक्सर सतर्क रहते हैं. कभी-कभी तो लोग कंफ्यूज हो जाते हैं कि रात में चावल खाएं या रोटी, इसी को लेकर एक्सपर्ट ने खास सलाह दी और बताया कि रात में रोटी खाना बेहतर होगा या चावल खाना. सुल्तानपुर: हमारा खान-पान हमारी सेहत पर सीधा असर डालता है. ज्यादातर लोग यह सोचते हैं कि रात में यदि रोटी खाई जाए, तो उनके शरीर के लिए फायदेमंद होगा. वहीं कुछ लोग चावल खाने से बचते भी हैं. ऐसे में रात में चावल खाना बेहतर होता है या फिर रोटी खाना, इसी कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए आज हम एक्सपर्ट से जानेंगे, क्योंकि दोनों ही हमारे रोजमर्रा के आहार का अहम हिस्सा है, लेकिन सही समय और सही मात्रा में लेने से ही इनके फायदे मिलते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं रात में चावल खाना बेहतर होता है या फिर रोटी. रात को रोटी खाने के फायदे और नुकसानसुल्तानपुर के जनरल फिजिशियन डॉ. प्रशांत कुमार श्रीवास्तव लोकल 18 से बताते हैं कि रोटी, खासकर गेहूं की, फाइबर से भरपूर होती है. यह धीरे-धीरे पचती है और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है. रात को रोटी खाने से देर रात भूख नहीं लगती और नींद भी अच्छी आती है. डायबिटीज़ और मोटापे से जूझ रहे लोगों के लिए रोटी चावल की तुलना में बेहतर विकल्प मानी जाती है. हालांकि ज्यादा रोटियां खाने से पाचन पर दबाव पड़ सकता है, इसलिए मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है. रात को चावल खाने के फायदे और नुकसानचावल आसानी से पचने वाला भोजन माना जाता है. इसमें कार्बोहाइड्रेट भरपूर मात्रा में होता है, जिससे जल्दी ऊर्जा मिलती है. रात को अगर हल्का और जल्दी पचने वाला खाना चाहिए, तो चावल एक अच्छा विकल्प है. लेकिन सफेद चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा होता है, जिससे यह जल्दी ब्लड शुगर लेवल बढ़ाता है. डायबिटीज़ या वजन कम करने वाले लोगों को रात में ज्यादा चावल खाने से बचना चाहिए. हालांकि ब्राउन राइस या कम मात्रा में चावल लेना ठीक रहता है. रात को चावल और रोटी दोनों ही खाए जा सकते हैं, लेकिन मात्रा और किस्म का ध्यान रखना जरूरी है. ब्राउन राइस या मल्टीग्रेन रोटी जैसे हेल्दी विकल्प ज्यादा फायदेमंद होते हैं. दरअसल सही चुनाव आपके स्वास्थ्य की स्थिति और ज़रूरतों पर निर्भर करता है. इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रात के भोजन में हल्का, संतुलित और पचने में आसान खाना लेना ही सबसे अच्छा होता है. लाइफस्टाइल और स्वास्थ्य के हिसाब से चुनावअगर किसी व्यक्ति को दिनभर ज्यादा शारीरिक मेहनत करनी पड़ी हो और रात को जल्दी पचने वाला हल्का भोजन चाहिए, तो सीमित मात्रा में चावल लेना सही रहेगा. वहीं, अगर व्यक्ति को देर तक पेट भरा हुआ चाहिए और वजन कंट्रोल करना है, तो रोटी बेहतर मानी जाती है. बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी रोटी पचने में थोड़ी भारी हो सकती है, इसलिए उन्हें हल्का चावल दिया जा सकता है. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. Location : Sultanpur,Uttar Pradesh First Published : March 23, 2026, 18:02 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
CM Bhagwant Mann AAP Minister Arrest Amit Shah CBI Suicide Viral Video SDM vs DC, Punjab Chandigarh Top News

. पंजाब की आज की सबसे बड़ी खबर AAP मंत्री लालजीत भुल्लर से जुड़े रंधावा सुसाइड केस की रही। पहले डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप रंधावा के सुसाइड का VIDEO सामने आया। फिर पत्नी ने 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया। लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जांच CBI को देने की बात कही। इसके कुछ घंटे बाद पंजाब पुलिस ने भुल्लर को गिरफ्तार कर लिया। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. सुसाइड केस में पूर्व AAP मंत्री भुल्लर गिरफ्तार पंजाब में वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (DM) गगनदीप सिंह रंधावा के सुसाइड केस में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर को गिरफ्तार कर लिया गया है। अमृतसर के DCP रविंदर पाल ने कहा कि उन्होंने फतेहगढ़ साहब पुलिस की मदद से लालजीत सिंह भुल्लर को मंडी गोबिंदगढ़ से गिरफ्तार किया है। DCP ने कहा- भुल्लर को अमृतसर लाया जा रहा है। उन्हें कोर्ट में कल पेश करेंगे। इस बीच राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने भुल्लर का इस्तीफा मंजूर लिया है। वहीं, लालजीत सिंह भुल्लर ने सोशल मीडिया (फेसबुक) पर पोस्ट डालकर दावा किया कि उन्होंने सरेंडर किया है। इधर, रंधावा का अभी तक पोस्टमॉर्टम नहीं हुआ है। उनकी लाश अमृतसर के अस्पताल में रखी गई है। DCP आज फिर से परिवार से मिलने घर पहुंचे हैं। वह बंद कमरे में परिवार के साथ बात कर रहे हैं। परिवार अभी सीबीआई जांच की मांग और पीजीआई के बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करने की मांग कर रहा है। इससे पहले DCP रविंदर पाल सिंह टीम के साथ परिजनों से DM का मोबाइल फोन लेने गए थे। उन्होंने कहा कि उसमें कुछ सबूत हो सकते हैं। हालांकि, परिजनों ने अधिकारी को बिना मोबाइल दिए लौटा दिया और कहा कि पहले आरोपी को पकड़ो। दोपहर में यह मामला लोकसभा में उठा। जिस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पंजाब के सारे सांसदों से मेरा निवेदन है कि मुझे लिखकर दे दें, मैं केस CBI को ट्रांसफर कर दूंगा। (पढ़ें पूरी खबर) 2. रंधावा सुसाइड का VIDEO सामने आया, DC-MD ने चिट्ठी मिलने से इनकार किया अमृतसर में मंत्री लालजीत भुल्लर पर आरोप लगा 21 मार्च को सुसाइड करने के बाद पहली बार डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप रंधावा के सुसाइड करते हुए का CCTV फुटेज सामने आया। करीब 3 मिनट के इस फुटेज में रंधावा 21 मार्च की सुबह पौने 6 बजे घर के आंगन में टहलते दिख रहे हैं। इस दौरान वह कुछ सोचते हुए नजर आते हैं। फिर टहलते हुए अचानक रुकते हैं और सल्फास की गोलियां मुंह में डालकर पानी पी लेते हैं। इसके बाद ही उन्होंने दूसरा वीडियो मोबाइल से बनाया था। जिसमें कहा था कि दोस्तों, मैंने सल्फास खा ली, मिनिस्टर लालजीत भुल्लर से तंग आकर, अब मैं नहीं बचूंगा। इसी बीच पत्नी के आरोपों के बाद भास्कर ने वेयरहाउस के MD गौतम जैन और तरनतारन के DC राहुल सिंधु से बात की। दोनों अफसरों ने कहा कि उन्हें रंधावा की कोई चिट्ठी नहीं मिली। DC राहुल सिंधु ने कहा कि रंधावा उनसे सुसाइड से 4 दिन पहले जरूर मिले थे। मैंने उन्हें कहा था कि जो जो आपने मुझे मौखिक तौर पर कहा है वो ऑफिशियली लिखकर दें। मैं निश्चित तौर पर कार्रवाई करवाऊंगा चाहे इसमें कोई भी हो। उन्होंने इस संबंध में मुझे लिखित तौर पर कुछ नहीं दिया। MD गौतम जैन ने कहा- मेरे पास डीएम गगनदीप रंधावा के कोई लेटर नहीं आए। मुझे घटना की जानकारी मिली तो मैंने उनसे बात की। उन्होंने अपनी बात रखी और कहा कि मैं स्ट्रेस में हूं और यहां काम नहीं कर सकता हूं। उसके बाद में अगले दिन ही उनका ट्रांसफर चंडीगढ़ कर दिया ताकि वो यहां पर स्ट्रेस फ्री रहकर अपना काम कर सकें (पढ़ें पूरी खबर) 3. SDM बोले- DC ने मीटिंग में धमकाया, डीसी ने कहा- ये आरोप बेबुनियाद मोगा के DC पर बाघापुराना के SDM ने धमकाने के आरोप लगाए हैं। SDM ने इस संबंध में चीफ सेक्रेटरी को चिट्ठी भेजी है। एसडीएम बबनदीप सिंह वालिया ने चीफ सेक्रेटरी को लिखी चिट्ठी में लिखा- 17 मार्च को पंचायत समिति के चेयरपर्सन और वाइस-चेयरपर्सन के चुनाव हुए। स्थिति बिगड़ने पर चुनाव पूरे नहीं हो पाए। मैंने ये बात DC सागर सेतिया को बताई। एसडीएम ने कहा- उसके बाद मुझे DC ने लगातार और बेवजह परेशान किया। मुझे बार-बार मीटिंग के लिए बुलाया, फोन कॉल कर धमकियां दी गईं, जिससे डर का माहौल बना। छुट्टी वाले दिन भी मुझे फोन कर मानसिक रूप से परेशान किया गया। इससे परेशान होकर मुझे फोन भी बंद करना पड़ा। SDM ने आगे कहा- मुझे अलग-अलग नंबरों से फोन कर जान से मारने की धमकियां दी गईं। इस बारे में DC सागर सेतिया ने कहा- एसडीएम की ओर से केवल दो लाइनों का एक मैसेज मिला था। इसमें कहा गया था कि 17 मार्च को चेयरमैन और वाइस-चेयरमैन के पदों के लिए होने वाला चुनाव कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने से पूरा नहीं हो सका। उसी दिन मुझे कुछ ब्लॉक समिति सदस्यों की शिकायतें भी मिलीं। आरोप एसडीएम के खिलाफ थे, इसलिए मैंने तुरंत मामले की जांच के आदेश दिए। (पढ़ें पूरी खबर) 4. कर्ज से परेशान सगे भाइयों ने दी जान, हाथ पकड़कर ट्रेन के आगे कूदे फरीदकोट में कर्ज से परेशान सगे भाईयों ने सुसाइड कर लिया। दोनों हाथ पकड़कर ट्रेन के आगे कूद गए। इसका पता चलते ही रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची। जिसके बाद दोनों की लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए फरीदकोट मेडिकल कॉलेज भिजवाया गया। मरने वालों में गांव हरीनौ के जसकरण सिंह (38) और उसका छोटा भाई जसविंदर सिंह उर्फ जोरा सिंह (34) शामिल हैं। परिवार के मुताबिक जसकरण सिंह और जसविंदर सिंह पर लगभग 50 लाख का कर्जा था। 3 महीने पहले उन्होंने जमीन बेचकर कुछ कर्ज उतार दिया। इसके बाद भी 25 लाख रुपए का कर्जा बाकी था। 9 महीने पहले ही उन्होंने नया ट्रैक्टर भी खरीदा था। जिसकी किस्तें भी वे नहीं चुका पा रहे थे। हाल ही में उनकी आलू की फसल भी
World TB Day 2026: खांसी, बलगम में खून आने जैसे 5 संकेतों को न करें इग्नोर, ये हो सकते हैं टीबी के लक्षण

Last Updated:March 23, 2026, 17:26 IST Tuberculosis Symptoms: टीबी एक संक्रामक बीमारी है, जिसके लक्षणों को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है. अगर किसी व्यक्ति को 3 सप्ताह से ज्यादा लगातार खांसी, बलगम में खून, वजन घटना और रात में पसीना आने जैसे लक्षण दिखें, तो यह टीबी का संकेत हो सकता है. समय पर जांच और प्रॉपर ट्रीटमेंट से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है. टीबी एक खतरनाक बीमारी है, जो फेफड़ों और शरीर के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकती है. TB Symptoms and Treatment: हर साल 24 मार्च को वर्ल्ड ट्यूबरकुलोसिस डे (World Tuberculosis Day) मनाया जाता है. इसक दिन का उद्देश्य लोगों को टीबी के बारे में जागरूक करना और इसे खत्म करने का प्रयास करना है. टीबी एक संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है. हालांकि यह शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है और इसका इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से किया जाता है. समय पर पहचान और सही इलाज से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है. समस्या तब होती है, जब लोग इसके शुरुआती लक्षणों को सामान्य खांसी, सर्दी या प्रदूषण का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. यही लापरवाही बीमारी को गंभीर बना देती है और दूसरों तक फैलने का खतरा भी बढ़ा देती है. नई दिल्ली के जाने-माने पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. भगवान मंत्री ने News18 को बताया कि लगातार 3 सप्ताह या उससे अधिक समय तक रहने वाली खांसी टीबी का सबसे कॉमन और शुरुआती संकेत है. यह खांसी सूखी भी हो सकती है और बलगम वाली भी हो सकती है. फेफड़ों में मौजूद बैक्टीरिया श्वसन तंत्र को प्रभावित करते हैं, जिससे बार-बार खांसी आती है. अगर सामान्य दवाओं या कफ सिरप से राहत नहीं मिल रही है, तो इसे हल्के में न लें और तुरंत जांच करवाएं. डॉक्टर ने बताया कि खांसी के साथ खून आना एक गंभीर चेतावनी संकेत है. जब संक्रमण फेफड़ों के टिश्यूज को नुकसान पहुंचाता है, तो ब्लड वेसल्स प्रभावित हो सकती हैं, जिससे बलगम में खून दिखाई देता है. भले ही खून की मात्रा कम हो, इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है. इसके अलावा टीबी के कारण फेफड़ों में सूजन और संक्रमण बढ़ने लगता है, जिससे सीने में दर्द महसूस होता है. यह दर्द गहरी सांस लेने या खांसने पर ज्यादा बढ़ सकता है. साथ ही सांस लेने में तकलीफ भी होने लगती है, जिससे रोजमर्रा के काम करना मुश्किल हो सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. एक्सपर्ट की मानें तो बिना किसी खास कारण के तेजी से वजन कम होना और भूख में कमी आना भी टीबी का संकेत हो सकता है. शरीर संक्रमण से लड़ने में अधिक एनर्जी खर्च करता है, जिससे कमजोरी और थकान बढ़ जाती है. यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. इसके अलावा टीबी के मरीजों में अक्सर शाम या रात के समय हल्का बुखार रहता है. इसके साथ ही रात में अत्यधिक पसीना आना भी एक खास लक्षण है. यह दर्शाता है कि शरीर का इम्यून सिस्टम संक्रमण से लड़ने की कोशिश कर रहा है, जिससे व्यक्ति को लगातार थकान महसूस होती है. डॉक्टर ने बताया कि टीबी बैक्टीरिया से होने वाली एक गंभीर बीमारी है, लेकिन इसे ट्रीटमेंट के जरिए पूरी तरह ठीक किया जा सकता है. भारत में सरकारी योजनाओं के तहत इसका मुफ्त इलाज उपलब्ध है. जरूरी है कि लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं, इलाज पूरा करें और बीच में दवा न छोड़ें. इस बीमारी का अगर शुरुआती स्टेज में पता चल जाए, तो इसे खत्म करना आसान होता है. टीबी की बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है, इसलिए इसके लक्षणों को जानना जरूरी है. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : March 23, 2026, 17:26 IST
धुरंधर 2 मुंबई 26/11 हमलों का निजी बदला है:अर्जुन रामपाल बोले- उस दर्द को परदे पर उतारा, जिसे सालों से महसूस कर रहा था

बॉलीवुड अभिनेता अर्जुन रामपाल ने अपनी फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ को लेकर कहा है कि यह फिल्म उनके लिए सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि 26/11 मुंबई आतंकी हमलों का निजी बदला है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक अर्जुन रामपाल ने बताया कि 26 नवंबर 2008 का दिन उनके जीवन का सबसे भयावह दिन था। यह उनका 36वां जन्मदिन था और वह दोस्तों के साथ जश्न मनाने निकले थे। पहले वे वर्ली के एक होटल में रुके, जहां अचानक धमाके की आवाज सुनाई दी। शुरुआत में लगा कि कोई गैंगवार हुआ है, लेकिन कुछ ही देर में पूरे शहर में आतंक फैल गया। उन्होंने बताया कि होटल को तुरंत बंद कर दिया गया और सभी को अंदर रहने के निर्देश दिए गए। बाहर हालात बेहद खराब थे। रामपाल ने कहा, “मेरे जन्मदिन पर मैंने 26/11 की भयावहता अपनी आंखों से देखी।” इस घटना का उन पर गहरा मानसिक असर पड़ा। अगले दिन घर लौटते समय उन्हें कई बार गाड़ी रोकनी पड़ी, क्योंकि उनकी तबीयत खराब हो रही थी। जब निर्देशक आदित्य दर ने उन्हें ‘धुरंधर’ की कहानी सुनाई, तो 26/11 से जुड़ा सीन सुनते ही उन्होंने फिल्म करने का फैसला कर लिया। रामपाल के मुताबिक, उसी समय उन्हें लगा कि यह उनके अंदर की पीड़ा और गुस्से को बाहर निकालने का मौका है। फिल्म में रामपाल मेजर इकबाल का किरदार निभा रहे हैं, जो 26/11 हमलों के मास्टरमाइंड के रूप में दिखाया गया है। इस किरदार के जरिए उन्होंने उस दर्द को अभिनय में उतारा, जिसे वे सालों से महसूस कर रहे थे। ‘धुरंधर: द रिवेंज’ एक स्पाई-थ्रिलर फिल्म है, जिसमें रणवीर सिंह समेत कई बड़े कलाकार नजर आए हैं। फिल्म की कहानी आतंकवाद और उसके खिलाफ बदले की भावना पर आधारित है, जो दर्शकों से भावनात्मक रूप से जुड़ रही है। रामपाल का कहना है कि यह फिल्म उनके लिए सिर्फ अभिनय नहीं, बल्कि एक भावनात्मक सफर और व्यक्तिगत क्लोजर है।
कमर्शियल सिलेंडर न मिलने से कैंटीन-चौपाटी-ढाबे बंद:रीवा में सैकड़ों लोगों पर रोजगार का संकट, रेस्टोरेंट्स के बाहर लगे अस्थाई बंद के नोटिस

रीवा में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत ने होटल और रेस्टोरेंट कारोबार को गहरे संकट में डाल दिया है। हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं, जिससे व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। गैस आपूर्ति बाधित होने के कारण शहर की कई कैंटीन, रेस्टोरेंट, चौपाटी और ढाबे बंद होने लगे हैं। इस संकट का सीधा असर कारोबारियों की आय पर पड़ रहा है। रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि जहां पहले वे महीनेभर में संतोषजनक कमाई कर लेते थे, वहीं अब कर्मचारियों का वेतन और अन्य खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है। दुकानें बंद होने की वजह से बड़ी संख्या में काम करने वाले लोग बेरोजगार होने लगे हैं। गैस की कमी के चलते भोजन तैयार करना संभव नहीं हो पा रहा, जिससे ग्राहकों की संख्या में भी भारी गिरावट आई है। शहर के कई रेस्टोरेंट्स के बाहर नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं, जिनमें साफ लिखा है कि सिलेंडर की कमी के चलते संस्थान अस्थायी रूप से बंद किया गया है। रीवा की चौपाटी, जो आमतौर पर 24 घंटे गुलजार रहती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। संचालकों का कहना है कि हालात लॉकडाउन से भी बदतर होते जा रहे हैं। कुछ संचालक कोयले भट्टी का ले रहे सहारा कुछ रेस्टोरेंट संचालक मजबूरी में गैस के विकल्प के रूप में कोयले और लकड़ी का सहारा लेकर काम चला रहे हैं। हालांकि, इससे लागत बढ़ रही है और धुएं के कारण कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि फिलहाल कारोबार को किसी तरह बचाए रखना ही सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। कलेक्टर बोलीं- आपूर्ती को सामान्य करने की कोशिश कर रहे रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल ने इस मामले में कहा कि कमर्शियल और एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति धीरे-धीरे सामान्य की जा रही है। प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक संस्थानों की कैंटीन और रेस्टोरेंट में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश तैयार किए जा रहे हैं। जल्द ही स्थिति पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद है। फिलहाल, रेस्टोरेंट संचालकों की स्थिति बेहद कठिन बनी हुई है और कई प्रतिष्ठान बंद होने की कगार पर हैं। अब देखना होगा कि गैस आपूर्ति कब तक पूरी तरह सामान्य होती है और कारोबार फिर से पटरी पर लौट पाता है।
मिल गया सेहत का नया सुपरस्टार… फल या सितारा? कमरख के फायदे जानकर रह जाएंगे आप हैरान!

Last Updated:March 23, 2026, 17:01 IST स्टार फल (Star Fruit) यानी कमरख दिखने में जितना खूबसूरत लगता हैं, उतना ही सेहत के लिए भी शानदार है. सितारे जैसी आकृति वाला यह फल विटामिन C, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता हैं. जी हां कमरख शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचा सकता है. इसका स्वाद खट्टा-मीठा होता हैं. जाने कई फायदे… इम्यूनिटी बढ़ाने में कमरख यानी स्टार फल का कोई जवाब नहीं है. इसमें विटामिन C पाया जाता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है. बदलते मौसम में सर्दी-खांसी और संक्रमण से बचने के लिए यह फल एक प्राकृतिक ढाल की तरह काम करता है. इसके नियमित सेवन से शरीर अंदर से मजबूत और स्वस्थ बनता हैं. कमरख पाचन तंत्र के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है. इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो पेट को साफ रखने में मदद करता है. यह स्टार फल कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं से परेशान लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं. इसके कई फायदे आयुर्वेद में बताए जाते हैं. कमरख कई रोगों में कारगर है. कमरख फल दिल की सेहत का भी खास ख्याल रखता है. कमरख में पाए जाने वाले पोटेशियम और मैग्नीशियम ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में बेहद लाभकारी और गुणकारी है. इससे हृदय रोगों का खतरा भी कम हो सकता है और शरीर स्वस्थ रहता है. इस फल को सीमित मात्रा में सेवन करना फायदेमंद होता है. Add News18 as Preferred Source on Google राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी के अनुसार, वजन कम करने वालों के लिए कमरख एक शानदार विकल्प है. यह कम कैलोरी वाला फल है, जिससे पेट भरा हुआ महसूस होता है और बार-बार खाने की आदत पर कंट्रोल रहता है. इसको डाइट में शामिल करने पर वजन घटाने में मदद मिलती है. अगर आप भी त्वचा और बालों की समस्या से परेशान हैं, तो इसके लिए भी कमरख का असर कमाल का है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं और उसे चमकदार बनाते हैं. इसके साथ-साथ यह बालों को मजबूत और स्वस्थ बनाए रखने में भी सहायता प्रदान कर सकता है. कमरख यानी स्टार फल सूजन और दर्द में राहत देने के लिए भी जाना जाता है. इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो शरीर की सूजन को कम करने में बेहद लाभकारी और गुणकारी है. यह जोड़ों के दर्द या त्वचा से जुड़ी समस्याओं के लिए भी काफी मददगार और उपयोगी हैं. हालांकि, स्टार फल यानी कमरख के कई फायदे हैं, लेकिन इसके सेवन में सावधानी जरूरी है. किडनी से जुड़ी समस्या वाले लोगों को कमरख से दूरी बनानी चाहिए, क्योंकि इसमें ऑक्सालेट की मात्रा अधिक होती है. सही मात्रा और सही स्थिति में इसका सेवन ही सेहत के लिए फायदेमंद होता है. अगर किसी गंभीर रोग से ग्रस्त हो, तो बगैर आयुर्वेद चिकित्सक से परामर्श लिए इसका सेवन न करें. First Published : March 23, 2026, 17:01 IST
हेल्दी समझकर खा रहे हैं बासी चावल? सच्चाई जानकर तुरंत छोड़ देंगे ये आदत, बार-बार गरम करना कैसे बन सकता है सेहत का दुश्मन

Leftover Rice Risks: रात का बचा हुआ खाना फ्रिज में रखना और अगले दिन उसे गरम करके खा लेना-यह आदत लगभग हर घर में आम है. खासकर चावल के मामले में तो यह और भी ज्यादा देखने को मिलता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही छोटी-सी आदत आपकी सेहत पर बड़ा असर डाल सकती है? कई लोग मानते हैं कि चावल को दोबारा अच्छे से गरम कर लेने से वह पूरी तरह सुरक्षित हो जाता है, लेकिन सच्चाई इससे थोड़ी अलग है. हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर चावल को सही तरीके से स्टोर न किया जाए या बार-बार गरम किया जाए, तो उसमें ऐसे बैक्टीरिया पनप सकते हैं जो शरीर के लिए नुकसानदेह होते हैं. यही वजह है कि अब इस विषय पर जागरूकता बढ़ाना जरूरी हो गया है, ताकि लोग अनजाने में अपनी सेहत से समझौता न करें. क्यों बचे हुए चावल बन सकते हैं खतरा?अक्सर हम सोचते हैं कि खाना बच जाए तो उसे फेंकने के बजाय इस्तेमाल करना बेहतर है, जो कि सही भी है, लेकिन चावल के मामले में थोड़ा सतर्क रहना जरूरी है. पके हुए चावल में बैसिलस सेरियस नाम का बैक्टीरिया पाया जा सकता है. यह बैक्टीरिया खासतौर पर तब तेजी से बढ़ता है जब चावल लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखा रहता है. माना जाता है कि गैस या माइक्रोवेव में दोबारा गरम करने से सारे कीटाणु खत्म हो जाते हैं, लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है. यह बैक्टीरिया ऐसे टॉक्सिन बनाता है जो गर्मी में भी खत्म नहीं होते. यानी आप चाहे चावल को कितना भी गरम कर लें, उसका नुकसान बना रह सकता है. बार-बार रीहीट करना क्यों है गलत आदतबार-बार चावल को गरम करने से उसमें मौजूद बैक्टीरिया के टॉक्सिन और ज्यादा असर दिखाने लगते हैं. खासकर जब चावल को बार-बार फ्रिज से बाहर निकालकर फिर वापस रखा जाता है, तो यह प्रक्रिया बैक्टीरिया को बढ़ने का मौका देती है. घर के कई उदाहरण देखें तो लोग सुबह का चावल रात में और रात का चावल अगले दिन तक इस्तेमाल कर लेते हैं. यह आदत धीरे-धीरे पेट से जुड़ी परेशानियों को बढ़ा सकती है. बच्चों, बुजुर्गों और जिनकी इम्यूनिटी कमजोर है, उनके लिए यह जोखिम और ज्यादा बढ़ जाता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. बासी चावल खाने से क्या हो सकते हैं लक्षणअगर चावल में बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं और आप उसे खा लेते हैं, तो कुछ ही घंटों में शरीर प्रतिक्रिया देना शुरू कर सकता है. आम लक्षणों में शामिल हैं:-उल्टी और जी मिचलाना-पेट में तेज दर्द-दस्त लगना-कमजोरी और थकान-शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) कई बार लोग इन लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अगर समस्या बढ़ जाए तो डॉक्टर की जरूरत पड़ सकती है. सही तरीके से चावल स्टोर करना क्यों जरूरी हैअब सवाल यह है कि अगर चावल बच जाए तो क्या करें? इसे फेंकना भी सही नहीं और खाना भी जोखिम भरा लग सकता है. इसका जवाब है-सही स्टोरेज. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, चावल को पकाने के बाद जल्दी ठंडा करना चाहिए और उसे एयरटाइट कंटेनर में डालकर फ्रिज में रख देना चाहिए. ध्यान रखें कि चावल को ज्यादा देर तक बाहर न छोड़ें. फ्रिज का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से कम होना चाहिए ताकि बैक्टीरिया की ग्रोथ धीमी रहे. और सबसे जरूरी बात-उसे 24 घंटे के अंदर इस्तेमाल कर लें. बचे हुए चावल का सुरक्षित इस्तेमाल कैसे करेंअगर आप चावल को दोबारा इस्तेमाल करना ही चाहते हैं, तो कुछ आसान टिप्स अपनाकर जोखिम कम कर सकते हैं:-चावल को सिर्फ एक बार ही गरम करें-गरम करते समय अच्छी तरह से हाई हीट दें-अगर चावल से बदबू आए या वह चिपचिपा लगे, तो उसे तुरंत फेंक दें-लंबे समय तक रखे चावल का इस्तेमाल न करें इसके अलावा, आप बचे हुए चावल से नई डिश बना सकते हैं जैसे फ्राइड राइस या लेमन राइस, लेकिन इसके लिए भी ताजगी और स्टोरेज का ध्यान रखना जरूरी है. ताजा खाना ही है सबसे सुरक्षित विकल्पआज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बचा हुआ खाना इस्तेमाल करना एक तरह से मजबूरी बन गया है, लेकिन सेहत के साथ समझौता करना सही नहीं है. खासकर चावल जैसे खाद्य पदार्थ में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी खड़ी कर सकती है. इसलिए कोशिश करें कि जितना जरूरत हो उतना ही खाना बनाएं. अगर बच भी जाए तो उसे सही तरीके से स्टोर करें और समय पर इस्तेमाल करें. याद रखें, ताजा खाना हमेशा शरीर के लिए ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद होता है.
आरके स्टूडियो रिन्यूअल की खबरें गलत:करीना बोलीं- फिलहाल कोई योजना नहीं, रणबीर के स्टूडियो दोबारा शुरू करने की खबरें निकलीं अफवाह

बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर खान ने हाल ही में चल रही खबरों को खारिज करते हुए स्पष्ट कहा है कि लीजेंडरी आरके स्टूडियो के फिर से शुरू होने का कोई प्लान अभी तक तय नहीं हुआ है। अभिनेत्री ने बताया कि यह चर्चा केवल अफवाह है और फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक करीना ने कहा कि उनके परिवार में कुछ समय पहले यह बात चर्चा में आई थी, लेकिन सभी ने इसे तुरंत यह मान लिया कि यह नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि लोग सच में आरके स्टूडियो को फिर से देखने की चाहत रखते हैं, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव फाइनल नहीं हुआ है। करीना ने अपने बयान में यह भी कहा कि इस विरासत को आगे ले जाने की जिम्मेदारी अब नई पीढ़ी के हाथ में है। उन्होंने विशेष रूप से अपने कजिन और अभिनेता रणबीर कपूर और बहन करिश्मा कपूर का नाम लेते हुए सुझाव दिया कि शायद वे इस प्रतिष्ठित ब्रांड को आगे ले जाने के बारे में सोच सकते हैं। करीना ने कहा कि आरके स्टूडियो उनके दिल के बहुत करीब है क्योंकि यह उनके दादा राज कपूर द्वारा 1948 में स्थापित किया गया था और भारतीय सिनेमा की एक प्रतिष्ठित धरोहर रहा है। लेकिन उन्होंने दलील दी कि आज के समय में इसे फिर से शुरू करना आसान काम नहीं है। आरके स्टूडियो शुरू होने की चर्चा थी दरअसल पिछले दिनों ऐसी खबरें आई थीं कि रणबीर कपूर दोबारा आरके स्टूडियो शुरू करने वाले हैं। उन्होंने अंधेरी इलाके में आरके स्टूडियो के लिए एक पांच मंजिला इमारत खरीदी है। ये इमारत कनकिया वॉल स्ट्रीट कमर्शियल बिल्डिंग में 20 साल की लीज पर ली गई है। जिसमें में दोबारा से आरके स्टूडियो बनाया जाएगा, जिसमें एक आर्ट स्टूडियो, मेकअप रूम, स्क्रीनिंग रूम और मंदिर होगा. तो वहीं एक फ्लोर म्यूजिक और एडिटिंग के लिए भी रखा गया है। इस बार स्टूडियो को पूरा परिवार मिलकर संभालने वाला है। आरके स्टूडियो परिवार ने बेचा चेम्बूर वाला पुराना आरके स्टूडियो परिवार ने 180 करोड़ में बेच दिया। लेजेंडरी राज कपूर ने 1948 में बनवाया था। ‘बरसात’, ‘आवारा’, ‘मेरा नाम जोकर’, ‘बॉबी’, ‘सत्यम शिवम सुंदरम’, ‘प्रेम रोग’, ‘राम तेरी गंगा मैली’ जैसी आइकॉनिक फिल्में यहीं बनीं।









