Friday, 10 Apr 2026 | 01:34 PM

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MP के कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर भीड़:गाड़ियों की टंकियां फुल कराने पहुंचे लोग, झाबुआ में पुलिस तैनात, आगर में धक्का-मुक्की

MP के कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर भीड़:गाड़ियों की टंकियां फुल कराने पहुंचे लोग, झाबुआ में पुलिस तैनात, आगर में धक्का-मुक्की

मध्यप्रदेश के नीमच, झाबुआ, आगर मालवा और शाजापुर समेत कई शहरों में मंगलवार शाम पेट्रोल पंपों पर अचानक भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पेट्रोल खत्म होने और कीमतें बढ़ने की अफवाह फैलते ही लोग टंकियां फुल कराने के लिए पंपों पर पहुंचने लगे। हालात ऐसे बने कि कई जगह लंबी कतारें लग गईं। आगर मालवा में धक्का-मुक्की की स्थिति बनी, वहीं बड़ी संख्या में लोग बोतल और कुप्पियों में पेट्रोल स्टॉक करने भी पहुंचे। अफवाह से बढ़ा दबाव, कई जगह स्टॉक खत्म पंप संचालकों के मुताबिक, सप्लाई सामान्य होने के बावजूद अचानक बढ़ी मांग के कारण कई जगह शाम तक पेट्रोल खत्म होने जैसी स्थिति बन गई। हालात संभालने के लिए कुछ पंपों ने राशनिंग शुरू कर दी, जहां एक वाहन को सीमित मात्रा में पेट्रोल दिया जा रहा है। झाबुआ के पुलिस वेलफेयर पंप सहित कई स्थानों पर भीड़ नियंत्रित करने के लिए पुलिस तैनात करनी पड़ी। शाजापुर में भी रात होते-होते पंपों पर लंबी लाइनें लग गईं और लोगों को इंतजार करना आगर मालवा में एक पंप पर तकनीकी फॉल्ट के कारण सप्लाई प्रभावित हुई, जिससे भीड़ और बढ़ गई। प्रशासन ने सभी जिलों में पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता होने की बात कही है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। देखिए तस्वीरें खबर के मिनट टु मिनट अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए।

नवरात्रि आहार युक्तियाँ: क्या नवरात्रि व्रत में बहुत कुछ होता है फलाहारी? इस अर्थ में छोटे बच्चों का बढ़ना वजन

नवरात्रि आहार युक्तियाँ: क्या नवरात्रि व्रत में बहुत कुछ होता है फलाहारी? इस अर्थ में छोटे बच्चों का बढ़ना वजन

नवरात्रि आहार युक्तियाँ: चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है और इस दौरान भक्त पूरे श्रद्धा भाव से व्रत रखते हैं। हालांकि, कई लोग इस दौरान वजन कम करने की उम्मीद से भी व्रत रखते हैं, लेकिन गलत अनुपात के कारण आधारहीन वजन बढ़ जाता है। फलाहार के समय क्या खाना है, क्या खाना है और कब खाना है, इस पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। व्रत के दौरान आलू सबसे ज्यादा खाने वाला खाद्य पदार्थ बनता है। आलू की सब्जी, चिप्स या फराली की मात्रा पूरे दिन खाने से शरीर में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे वजन बढ़ सकता है और रक्त शर्करा भी प्रभावित हो सकता है। साबूदाना वड़ा, कुट्टू के पकौड़े और सिंघाड़े के चीले जैसे प्रतिष्ठित प्रतिष्ठित व्रत में खाना बहुत आम होता है, लेकिन इनमें तीखापन और पौष्टिकता की मात्रा काफी होती है। क्वेश्चन का अर्थ यह है कि खाने से वजन बढ़ने के साथ-साथ पाचन तंत्र भी प्रभावित हो सकता है। व्रत के दौरान कई लोग पानी कमाते हैं, जिससे शरीर में डाईहाइड्रेट हो जाता है। पानी की कमी से सिरदर्द, चक्कर आना और कब्ज की समस्या हो सकती है। साथ ही बॉडी फैट बर्न करने में भी पीछे रह जाता है और भूख ज्यादा लगती है। साबूदाना को पूरी तरह से तरह-तरह से मान लेना साबूदाना को ताकत और ताकत माना जाता है, लेकिन इसमें कैलोरी काफी ज्यादा होती है। अगर इसका सेवन अधिक मात्रा में किया जाए तो यह वजन बढ़ाने का कारण बन सकता है। इसलिए इसे सीमित मात्रा में खाना ही बेहतर होता है। फल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं, लेकिन जरूरत से ज्यादा खाने से नुकसान भी होता है। अधिकांश फल खाने से शरीर में कैलोरी और शुगर की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे वजन बढ़ सकता है। पैमाने में ही फलों को शामिल करना सही स्थान पर होता है। (टैग्सटूट्रांसलेट)नवरात्रि उपवास आहार युक्तियाँ(टी)फलाहार गलतियाँ वजन बढ़ना(टी)स्वस्थ उपवास युक्तियाँ नवरात्रि(टी)उपवास के दौरान वजन कम होना(टी)साबुदाना कैलोरी तथ्य(टी)व्रत आहार गलतियाँ(टी)नवरात्रि वजन घटाने गाइड

1.02 Lakh Applications in 73 Camps; Dy CM Distributes Certificates

1.02 Lakh Applications in 73 Camps; Dy CM Distributes Certificates

देवास के मल्हार स्मृति मंदिर में मंगलवार को “संकल्प से समाधान अभियान” और “जल गंगा संवर्धन अभियान” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री एवं देवास जिले के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन और कन्या . संकल्प से समाधान अभियान: 73 शिविरों में 1.02 लाख आवेदन उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनहितैषी कार्यों को तेजी से लागू कर रही है। “संकल्प से समाधान अभियान” के तहत 12 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक पूरे प्रदेश और देवास जिले में शिविर लगाए गए। देवास जिले में कुल 73 शिविरों में 1,02,486 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 92,098 आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। आज आयोजित कार्यक्रम में हितग्राहियों को उनके हितलाभ प्रमाण पत्र वितरित किए गए। उपमुख्यमंत्री ने जल संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि “जल ही जीवन है और जल है तो हम हैं।” उन्होंने बताया कि शासन ने जल संचयन को मूर्त रूप देने के लिए “जल गंगा संवर्धन अभियान” प्रारंभ किया है। इस अभियान के तहत पुराने तालाबों, कुओं, बावड़ियों, नदियों और नालों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। देवड़ा ने कहा कि प्रदेश सरकार अंतिम पंक्ति के हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि शिविरों और अभियानों के माध्यम से आवेदन प्राप्त किए गए, उनका निराकरण किया गया और हितलाभ सीधे हितग्राहियों को वितरित किए गए। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया।

Swiggy & Zomato Platform Fee Hike

Swiggy & Zomato Platform Fee Hike

नई दिल्ली5 मिनट पहले कॉपी लिंक ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो के बाद अब स्विगी से भी खाना मंगाना महंगा हो गया है। कंपनी ने आज 24 मार्च से हर ऑर्डर पर प्लेटफॉर्म फीस में 17% की बढ़ोतरी की है। यूजर्स को हर ऑर्डर पर 14 रुपए के बजाय अब 17.58 (GST सहित) यानी ₹3.58 ज्यादा प्लेटफॉर्म फीस देनी होगी। यह बढ़ोतरी डिलीवरी ऑपरेशंस की लागत बढ़ने के कारण की गई है। स्विगी की प्लेटफॉर्म फीस जोमैटो के बराबर हुई जोमैटो ने 20 मार्च को ही अपनी प्लेटफॉर्म फीस 19% यानी ₹2.40 बढ़ाकर ₹14.90 (बिना GST) कर दी थी। टैक्स (GST) जोड़ने के बाद दोनों कंपनियों की प्रभावी प्लेटफॉर्म फीस अब लगभग ₹17.58 के बराबर हो गई है। यानी अब आपको दोनों प्लेटफॉर्म से खाना मंगवाने पर लगभग बराबर एक्स्ट्रा चार्ज देना होगा। प्लेटफॉर्म फीस 7 महीने में दूसरी बार बढ़ाई कंपनी ने 7 महीने में दूसरी बार प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाई है। इससे पहले अगस्त-2025 में 17% यानी 2 रुपए का इजाफा किया गया था। तब प्लेटफॉर्म फीस 12 रुपए से बढ़कर 14 रुपए हो गई थी। स्विगी ने अप्रैल 2023 में सबसे पहले प्लेटफॉर्म फीस शुरू की थी, ताकि कंपनी अपने यूनिट इकोनॉमिक्स को बेहतर कर सके। तब से कंपनी ने धीरे-धीरे इस फीस को कई बार बढ़ाया है। शुरुआत में यह फीस मात्र 2 रुपए थी। क्या होती है प्लेटफॉर्म फीस और क्यों वसूली जाती है? प्लेटफॉर्म फीस वह फिक्स्ड चार्ज है जो फूड बिल, रेस्टोरेंट चार्ज और डिलीवरी फीस के अलावा हर ऑर्डर पर वसूला जाता है। कंपनियां इसे अपने ऑपरेटिंग कॉस्ट (संचालन लागत), टेक्नोलॉजी मेंटेनेंस और कस्टमर सपोर्ट जैसी सेवाओं को बेहतर बनाने और उनके खर्च को कवर करने के लिए लेती हैं। चाहे आपके खाने का बिल ₹200 हो या ₹2000, यह फीस हर ऑर्डर पर एक समान ही रहती है। करोड़ों यूजर्स की जेब पर पड़ेगा असर देशभर में करोड़ों लोग रोजाना इन एप्स के जरिए खाना ऑर्डर करते हैं। ₹2 से ₹3 की यह मामूली दिखने वाली बढ़ोतरी कंपनियों के लिए करोड़ों रुपए का अतिरिक्त रेवेन्यू जनरेट करती है। हालांकि, बार-बार बढ़ती फीस की वजह से उन ग्राहकों में नाराजगी देखी जा रही है जो नियमित रूप से बाहर से खाना ऑर्डर करते हैं। जोमैटो और स्विगी दोनों ही कंपनियां अब अपने घाटे को कम करने और मुनाफे की ओर बढ़ने के लिए इस तरह के चार्जेस पर ज्यादा निर्भर हो रही हैं। —————— ये खबर भी पढ़ें… जोमैटो से खाना मंगवाना महंगा हुआ: प्लेटफॉर्म फीस 19% बढ़ाई, हर ऑर्डर पर ₹12.50 के बजाय अब ₹14.90 देने होंगे फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो से खाना ऑर्डर करना अब महंगा हो गया है। कंपनी ने आज 20 मार्च से ऑर्डर पर प्लेटफॉर्म फीस में 19% बढ़ोतरी की है। यूजर्स को हर ऑर्डर पर ₹12.50 के बजाय अब ₹14.90 यानी ₹2.40 ज्यादा प्लेटफॉर्म फीस देनी होगी। प्लेटफॉर्म फीस हर एक फूड ऑर्डर पर लागू होने वाला ऐडिशनल चार्ज हैं। ये GST, रेस्तरां चार्ज और डिलीवरी फीस से अलग है। जोमैटो रोजाना 20 से 25 लाख ऑर्डर डिलीवर करता है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Swiggy & Zomato Platform Fee Hike

Swiggy & Zomato Platform Fee Hike

नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो के बाद अब स्विगी से भी खाना मंगाना महंगा हो गया है। कंपनी ने आज 24 मार्च से हर ऑर्डर पर प्लेटफॉर्म फीस में 17% की बढ़ोतरी की है। यूजर्स को हर ऑर्डर पर 14 रुपए के बजाय अब 17.58 (GST सहित) यानी ₹3.58 ज्यादा प्लेटफॉर्म फीस देनी होगी। यह बढ़ोतरी डिलीवरी ऑपरेशंस की लागत बढ़ने के कारण की गई है। स्विगी ने 7 महीने में दूसरी बार प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाई अप्रैल 2023 ₹2 (शुरुआत) जनवरी 2024 ₹5 जुलाई 2024 ₹6 अक्टूबर 2024 ₹10 अगस्त 2025 ₹12 अक्टूबर 2025 ₹14 मार्च 2026 ₹17.58 अप्रैल 2023 से प्लेटफॉर्म फीस लेने की शुरुआत हुई थी कंपनी ने 7 महीने में दूसरी बार प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाई है। इससे पहले अगस्त-2025 में 17% यानी 2 रुपए का इजाफा किया गया था। तब प्लेटफॉर्म फीस 12 रुपए से बढ़कर 14 रुपए हो गई थी। स्विगी ने अप्रैल 2023 में सबसे पहले प्लेटफॉर्म फीस शुरू की थी, ताकि कंपनी अपने यूनिट इकोनॉमिक्स को बेहतर कर सके। तब से कंपनी ने धीरे-धीरे इस फीस को कई बार बढ़ाया है। शुरुआत में यह फीस मात्र 2 रुपए थी। स्विगी की प्लेटफॉर्म फीस जोमैटो के बराबर हुई जोमैटो ने 20 मार्च को ही अपनी प्लेटफॉर्म फीस 19% यानी ₹2.40 बढ़ाकर ₹14.90 (बिना GST) कर दी थी। टैक्स (GST) जोड़ने के बाद दोनों कंपनियों की प्रभावी प्लेटफॉर्म फीस अब लगभग ₹17.58 के बराबर हो गई है। यानी अब आपको दोनों प्लेटफॉर्म से खाना मंगवाने पर लगभग बराबर एक्स्ट्रा चार्ज देना होगा। क्या होती है प्लेटफॉर्म फीस और क्यों वसूली जाती है? प्लेटफॉर्म फीस वह फिक्स्ड चार्ज है जो फूड बिल, रेस्टोरेंट चार्ज और डिलीवरी फीस के अलावा हर ऑर्डर पर वसूला जाता है। कंपनियां इसे अपने ऑपरेटिंग कॉस्ट (संचालन लागत), टेक्नोलॉजी मेंटेनेंस और कस्टमर सपोर्ट जैसी सेवाओं को बेहतर बनाने और उनके खर्च को कवर करने के लिए लेती हैं। चाहे आपके खाने का बिल ₹200 हो या ₹2000, यह फीस हर ऑर्डर पर एक समान ही रहती है। करोड़ों यूजर्स की जेब पर पड़ेगा असर देशभर में करोड़ों लोग रोजाना इन एप्स के जरिए खाना ऑर्डर करते हैं। ₹2 से ₹3 की यह मामूली दिखने वाली बढ़ोतरी कंपनियों के लिए करोड़ों रुपए का अतिरिक्त रेवेन्यू जनरेट करती है। हालांकि, बार-बार बढ़ती फीस की वजह से उन ग्राहकों में नाराजगी देखी जा रही है जो नियमित रूप से बाहर से खाना ऑर्डर करते हैं। जोमैटो और स्विगी दोनों ही कंपनियां अब अपने घाटे को कम करने और मुनाफे की ओर बढ़ने के लिए इस तरह के चार्जेस पर ज्यादा निर्भर हो रही हैं। —————— ये खबर भी पढ़ें… जोमैटो से खाना मंगवाना महंगा हुआ: प्लेटफॉर्म फीस 19% बढ़ाई, हर ऑर्डर पर ₹12.50 के बजाय अब ₹14.90 देने होंगे फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो से खाना ऑर्डर करना अब महंगा हो गया है। कंपनी ने आज 20 मार्च से ऑर्डर पर प्लेटफॉर्म फीस में 19% बढ़ोतरी की है। यूजर्स को हर ऑर्डर पर ₹12.50 के बजाय अब ₹14.90 यानी ₹2.40 ज्यादा प्लेटफॉर्म फीस देनी होगी। प्लेटफॉर्म फीस हर एक फूड ऑर्डर पर लागू होने वाला ऐडिशनल चार्ज हैं। ये GST, रेस्तरां चार्ज और डिलीवरी फीस से अलग है। जोमैटो रोजाना 20 से 25 लाख ऑर्डर डिलीवर करता है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

कांग्रेस के 41 नगर अध्यक्ष घोषित:अशोकनगर, झाबुआ, खंड़वा और कटनी ग्रामीण की जिला कांग्रेस कमेटियों का ऐलान

कांग्रेस के 41 नगर अध्यक्ष घोषित:अशोकनगर, झाबुआ, खंड़वा और कटनी ग्रामीण की जिला कांग्रेस कमेटियों का ऐलान

एमपी कांग्रेस में लगातार नियुक्तियों का सिलसिला चल रहा है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के निर्देश पर संगठन प्रभारी डॉ.संजय कामले ने 41 नगर अध्यक्षों और 4 जिलों की जिला कांग्रेस कमेटी की घोषणा की है। अशोकनगर जिला कांग्रेस कार्यकारिणी (कुल पदाधिकारी: 51) खंडवा ग्रामीण जिला कांग्रेस कार्यकारिणी (कुल पदाधिकारी: 50) झाबुआ जिला कांग्रेस कार्यकारिणी (कुल पदाधिकारी: 51) कटनी ग्रामीण जिला कांग्रेस कार्यकारिणी (कुल पदाधिकारी: 51)

दतिया मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर टांके लगाना भूली:दोबारा ऑपरेशन कर 5 यूनिट खून चढ़ाया, प्रसूता आईसीयू में भर्ती

दतिया मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर टांके लगाना भूली:दोबारा ऑपरेशन कर 5 यूनिट खून चढ़ाया, प्रसूता आईसीयू में भर्ती

दतिया जिला अस्पताल से जुड़े मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर पर इलाज में गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं। मंगलवार को प्रसव के लिए भर्ती हुई 26 वर्षीय महिला की ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ गई। आरोप है कि, ऑपरेशन के दौरान अंदर टांके नहीं लगाए गए, जिससे ब्लीडिंग शुरू हो गई और ज्यादा खून बहने से महिला की जान पर बन आई। जानकारी के अनुसार ग्राम भागौर निवासी शिवम यादव की पत्नी रूबी यादव को सोमवार रात प्रसव पीड़ा होने पर भर्ती कराया गया था। मंगलवार सुबह उसका ऑपरेशन किया गया, लेकिन कुछ ही देर बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। महिला को असामान्य रूप से अधिक रक्तस्राव होने लगा। दोबारा ऑपरेशन कर टांके लगाए स्थिति गंभीर होते देख प्रभारी डॉक्टर श्वेता यादव को तत्काल बुलाया गया। उन्होंने पहुंचते ही महिला का दोबारा ऑपरेशन किया। जिसके बाद किसी तरह उसकी जान बचाई जा सकी। फिलहाल प्रसूता की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे ICU में भर्ती रखा गया है। जबकि नवजात शिशु को SNCU में निगरानी में रखा गया है। जूनियर डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप परिजनों का आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद जूनियर डॉक्टर प्रियंका ने ऑपरेशन के दौरान अंदर टांके नहीं लगाए, जिससे महिला को भारी ब्लीडिंग हुई। यही लापरवाही उसकी जान पर भारी पड़ गई। अत्यधिक रक्तस्राव के चलते महिला को पांच यूनिट ब्लड चढ़ाना पड़ा। सूत्रों के अनुसार ब्लड बैंक में पर्याप्त खून उपलब्ध नहीं था, जिसके कारण तत्काल व्यवस्था करने में भी मशक्कत करनी पड़ी। पहले भी हो चुका है ऑपरेशन बताया जा रहा है कि रूबी यादव की यह दूसरी डिलीवरी है। चार साल पहले भी उसका ऑपरेशन से प्रसव हुआ था और उसकी एक चार साल की बेटी है। CMO बोले—जांच के बाद होगी कार्रवाई मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वी.के. वर्मा ने बताया कि महिला की हालत में सुधार हो रहा है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हरदा जनपद में विधायक प्रतिनिधि और सचिव के बीच मारपीट:रुपयों की मांग और गाली-गलौज के आरोप, दोनों पक्ष थाने पहुंचे

हरदा जनपद में विधायक प्रतिनिधि और सचिव के बीच मारपीट:रुपयों की मांग और गाली-गलौज के आरोप, दोनों पक्ष थाने पहुंचे

हरदा में मंगलवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे जनपद परिसर में विधायक प्रतिनिधि और ग्राम पंचायत सचिव के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। घटना के बाद ग्राम कोलीपुरा के सचिव अशोक जाट (45) अपने साथियों के साथ सिटी कोतवाली थाना पहुंचे और मारपीट व गाली-गलौज की शिकायत दर्ज कराई। सिटी कोतवाली थाना टीआई रोशनलाल भारती ने बताया कि उन्हें इस मामले में एक शिकायत मिली है। पुलिस जांच के बाद इसमें वैधानिक कार्रवाई करेगी। सचिव अशोक जाट का आरोप है कि वह ग्राम सरपंच शिवनारायण के साथ कचरा गाड़ी के एग्रीमेंट को लेकर जनपद कार्यालय गए थे। आरोप- विधायक प्रतिनिधि ने रुपयों की मांग की सचिव जाट के अनुसार, वहां विधायक प्रतिनिधि राहुल पटेल ने उनसे रुपयों की मांग की, गाली-गलौज की और मारपीट की। जनपद सीईओ और अन्य लोगों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। सचिव जाट ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले दो सालों से जनपद अध्यक्ष रेवा पटेल जनपद कार्यालय नहीं आ रही हैं, और उनके देवर, जो विधायक प्रतिनिधि हैं, सरपंचों व सचिवों पर दबाव बनाकर काम करवाते हैं और रुपयों की मांग करते हैं। विधायक प्रतिनिधि बोले- सचिव ने अपशब्द कहे दूसरी ओर, विधायक प्रतिनिधि राहुल पटेल ने इन आरोपों का खंडन किया है। पटेल का कहना है कि सचिव अशोक जाट मंगलवार दोपहर 3 बजकर 50 मिनट पर जनपद कार्यालय आए और अपशब्दों का प्रयोग करने लगे। पटेल ने बताया कि तीन महीने पहले जनपद सीईओ ने कोलीपुरा पंचायत में होने वाले विकास कार्यों को लेकर सचिव को नोटिस दिया था, जिसका सचिव ने कोई जवाब नहीं दिया था। कहा- नोटिस पर कार्रवाई की मांग की थी राहुल पटेल के मुताबिक, उन्होंने मंगलवार सुबह सीईओ से सचिव को दिए गए नोटिस पर कार्रवाई करने की मांग की थी। इसके बाद दोपहर में सचिव जनपद कार्यालय में आकर जोर-जोर से चिल्लाने लगे और कहने लगे कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, मेरे ऊपर बड़े लोगों का आशीर्वाद है। रुपयों की डिमांड के आरोप पर उन्होंने कहा कि यदि ऐसा है तो कोई इसका प्रमाण दे। पटेल ने यह भी कहा कि जब सचिवों को बिना भ्रष्टाचार किए कार्य करने को कहा गया, तो वे एकत्रित होकर उनके खिलाफ हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सचिव ने कहा कि वह देवास (संभवतः कोलीपुरा या संबंधित क्षेत्र) में कोई विकास कार्य नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि एससी वर्ग के जनपद सदस्य पति के साथ भी सचिव ने गाली गलौज कर जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया है। जिसको लेकर हम सिटी कोतवाली में एवं जनपद सदस्य के पति की तरफ से अजाक्स थाने में शिकायत की जा रही है।

लड़कों संग खेली अनुष्का का टीम इंडिया में चयन:ग्वालियर की बेटी अब भारत की जर्सी पहनेगी; साउथ अफ्रीका में टी-20 सीरीज खेलेगी

लड़कों संग खेली अनुष्का का टीम इंडिया में चयन:ग्वालियर की बेटी अब भारत की जर्सी पहनेगी; साउथ अफ्रीका में टी-20 सीरीज खेलेगी

मध्य प्रदेश के ग्वालियर की बेटी अनुष्का शर्मा की एंट्री अब भारतीय महिला टी-20 क्रिकेट टीम में हो गई है। वह भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाली द्विपक्षीय सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुनी गई हैं। अनुष्का पहली बार सीनियर राष्ट्रीय टीम में शामिल हुई हैं और पहली बार टीम के साथ विदेश दौरा भी करेंगी। अनुष्का फिलहाल इंडिया ए के लिए खेल रही हैं और महिला प्रीमियर लीग (WPL) में भी वह गुजरात जायंट्स के लिए चुनी जा चुकी हैं। ग्वालियर में मंगलवार को एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनका सम्मान किया। इसके बाद वह भिंड में अपनी बुआ के यहां एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हो गईं। सीनियर टीम में चयन के बाद ग्वालियर में उनके परिवार और शहर में खुशी का माहौल है। दक्षिण अफ्रीका में होने वाली पांच मैचों की टी-20 सीरीज के लिए ग्वालियर के पत्रकार बृजमोहन शर्मा की बेटी अनुष्का शर्मा का चयन हुआ है। अनुष्का एक बेहतरीन ऑलराउंडर हैं और इंडिया ए व WPL में अपने बल्लेबाजी और गेंदबाजी कौशल का प्रदर्शन कर चुकी हैं। उनके चयन से पूरे शहर में उत्साह का माहौल है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी बधाई मंगलवार को दतिया में कार्यक्रम के लिए सीएम ग्वालियर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने एयरपोर्ट पर ही ग्वालियर की होनहार खिलाड़ी अनुष्का शर्मा से मुलाकात कर उनको बधाई देते हुए स्वागत किया। इस दौरान वहां अनुष्का के पिता बृजमोहन शर्मा अन्य परिजन मौजूद रहे। कलेक्टर ग्वालियर रूचिका चौहान ने भी अनुष्का से बातचीत कर उनकी तारीफ की है। वुमेन प्रीमियर लीग में गुजरात के लिए मचा चुकी धमाल WPL यानि वूमेन प्रीमियर लीग में ग्वालियर की अनुष्का शर्मा ने धमाल मचाया है। पहले वह मध्य प्रदेश सीनियर टीम के लिए खेल रही थीं, इसके बाद उनका चयन गुजरात जायंट्स (GG) ने 45 लाख रुपए में किया। अनुष्का गुजरात जायंट्स के लिए खेलते हुए बेहतरीन प्रदर्शन कर चुकी हैं। ग्वालियर की वह पहली खिलाड़ी हैं, जो WPL में खेल रही हैं। अब भारतीय राष्ट्रीय टीम में चयन के बाद उनके दोस्तों, परिवार और साथी खिलाड़ियों में खुशी की लहर है। खुद अनुष्का का कहना है कि उन्हें इस चयन की उम्मीद थी, क्योंकि वह लगातार मैदान पर मेहनत कर रही थीं। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में अपनी बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग पर काफी काम किया है। खुद को मानती हैं बेहतर ऑलराउंडर अनुष्का खुद को एक बेहतर ऑलराउंडर मानती हैं। उनका कहना है कि गुजरात जायंट्स की टीम में खेलने के बाद अब भारतीय राष्ट्रीय सीनियर महिला टीम में जगह बनाना किसी सपने के सच होने जैसा है। उनकी पसंदीदा बल्लेबाजी पोजिशन मध्य क्रम है और वह टीम को संतुलन देने में विश्वास रखती हैं। उनका लक्ष्य बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों में बेहतर प्रदर्शन कर टीम को जीत दिलाना है। शुरुआत में घर की छत पर क्रिकेट खेलती थीं अनुष्का अनुष्का की इस उपलब्धि पर उनके भाई आयुष और पिता बृजमोहन शर्मा ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि सीनियर महिला टीम में चयन होने से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। अनुष्का की इस सफलता में उनकी मां नीलम शर्मा और बड़े भाई आयुष शर्मा का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पिता बृजमोहन शर्मा ने बताया कि सबसे पहले उनके बेटे आयुष ने ही अनुष्का की क्रिकेट प्रतिभा को पहचाना था। आयुष को 2010 में क्रिकेट खेलते देखकर अनुष्का की भी इसमें रुचि बढ़ी और दोनों भाई-बहन घर की छत पर ही क्रिकेट खेला करते थे। पहले मैच में सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर का खिताब जीता अनुष्का कंपू के मेला हॉकी स्टेडियम में आयोजित एक कैंप में शामिल हुईं। उस कैंप में लड़कों की टीम थी, जिसमें अनुष्का एकमात्र लड़की थीं और उन्होंने वहां शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने क्रिकेट के कई गुर सीखे। इसके बाद अनुष्का का सफर नहीं रुका और उनकी सफलता का सिलसिला जारी रहा। वर्ष 2017 में अनुष्का मध्य प्रदेश की अंडर-16 टीम में शामिल हुईं और अपने पहले ही टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर का खिताब जीता। अनुष्का के बारे में अन्य जानकारी अनुष्का का जन्म 5 अप्रैल 2003 को ग्वालियर में हुआ था। अनुष्का ग्वालियर सिटी सेंटर एजी ऑफिस पुल के पास स्थित माधव नगर की रहने वाली हैं, अनुष्का का पहला स्कूल शिवपुरी लिंक रोड पर स्थित दिल्ली पब्लिक वर्ल्ड स्कूल था, इसके बाद अनुष्का ने अन्य स्कूलों में अपनी 10th और 102th की परीक्षा पास की थी। अनुष्का का पहला कॉलेज झांसी हाईवे रोड पर स्थित आईटीएम कॉलेज है। आईटीएम कॉलेज से अनुष्का बैचलर फिजिकल एजुकेशन से कोर्स कर रही है और उसका यह लास्ट ईयर है। पनीर-दही और साउथ इंडियन खाना पसंद अनुष्का के बड़े भाई आयुष ने बताया कि अनुष्का को खाने में ज्यादा पनीर, दही, दाल और चावल पसंद हैं, इसके अलावा अनुष्का को बेनों डोसा व इडली भी पसंद है। अनुष्का को ज्यादा पंजाबी गाने और भजन सुनना पसंद हैं। आयुष ने बताया कि जब भी अनुष्का ग्वालियर आती है तो वह आधे घंटे का समय निकालकर फुलवा गुरुद्वारे के पास स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर जरूर जाती और वहां पर हनुमान चालीसा का पाठ करती हैं। भाई की शादी में शामिल होकर तुरंत लौटीं ट्रेनिंग पर भाई आयुष ने बताया कि उसकी शादी 22 नवंबर को ग्वालियर से थी, जिसमें शामिल होने के लिए अनुष्का 21 नवंबर की सुबह ग्वालियर पहुंची थीं और 23 तारीख की सुबह ही वापस ट्रेनिंग करने के लिए चंडीगढ़ लौट गई थी।

कांतारा विवाद में रणवीर सिंह मांगेंगे बिना शर्त माफी:स्टेज पर दैवा सीन की मिमिक्री की थी, 10 अप्रैल को कर्नाटक हाईकोर्ट में देंगे हलफनामा

कांतारा विवाद में रणवीर सिंह मांगेंगे बिना शर्त माफी:स्टेज पर दैवा सीन की मिमिक्री की थी, 10 अप्रैल को कर्नाटक हाईकोर्ट में देंगे हलफनामा

फिल्म ‘कांतारा’ के दैवा सीन की मिमिक्री करने के मामले में रणवीर 10 अप्रैल को कर्नाटक हाईकोर्ट में बिना शर्त माफी का हलफनामा दाखिल करेंगे। एक्टर की ओर से यह कदम कन्नड़ समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में दर्ज FIR के बाद उठाया गया है। अदालत में सुनवाई के दौरान रणवीर सिंह के वकील ने स्वेच्छा से एक प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि एक्टर खुद मैसूर के चामुंडी मंदिर जाकर व्यक्तिगत रूप से माफी मांगने के लिए तैयार हैं। इससे पहले फरवरी में हाईकोर्ट ने रणवीर को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई न करने का निर्देश दिया था। विवाद पिछले साल नवंबर में गोवा में हुए फिल्म फेस्टिवल (IFFI) के दौरान शुरू हुआ था। जहां रणवीर ने ऋषभ शेट्टी के आइकॉनिक दैवा सीन की नकल की थी। यह इसके बाद कन्नड़ समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। इंस्टाग्राम वाली माफी सिर्फ दिखावा हालांकि, शिकायतकर्ता और एडवोकेट प्रशांत मेथल ने रणवीर की माफी को ‘दिखावा’ बताया है। उन्होंने दलील दी कि एक्टर ने अब तक केवल इंस्टाग्राम पर पोस्ट लिखकर माफी मांगी थी, जो दिल से निकली हुई नहीं लगती। मेथल का कहना है कि इंस्टाग्राम पर माफी मांगना और कोर्ट में आकर या व्यक्तिगत रूप से बोलना अलग बात है। मिमिक्री के बाद शुरू हुआ था रणवीर सिंह 28 नवंबर 2025 को गोवा में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया का हिस्सा बने थे। इस दौरान मंच पर उन्होंने फिल्म कांतारा में दिखाई गईं चावुंडी (चामुंडा) देवी का मजाक बनाया था। रणवीर सिंह ने फिल्म के डायरेक्टर और एक्टर ऋषभ शेट्टी से कहा, ‘ऋषभ मैंने इसे (कांतारा) थिएटर में देखा था। वो एक आउटस्टैंडिंग परफॉर्मेंस थी, खासकर जब फीमेल घोस्ट (भूत) आपके शरीर में आती है। वो परफॉर्मेंस, वो एक शॉट आउटस्टैंडिंग था।’ आगे रणवीर सिंह ने कहा, ‘क्या आपने कांतारा देखी है। जब वो शॉट आता है’। आगे रणवीर सिंह ने खुद उस कैरेक्टर की मिमिक्री करते हुए मजाक उड़ाया। आगे रणवीर ने कहा, ‘क्या यहां कोई है, जो मुझे कांतारा 3 में देखना चाहता है, वो इस आदमी से कहे।’ फिल्म फेस्टिवल से रणवीर सिंह का एक और वीडियो सामने आया था, जिसमें वो मंच से उतरने के बाद भी ऋषभ शेट्टी के सामने चावुंडी देवी की मिमिक्री करते दिखाई दिए, हालांकि ऋषभ शेट्टी लगातार इशारा कर उन्हें रोकते नजर आए थे। वहीं, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद एक्टर की जमकर आलोचना भी हुई थी। रणवीर ने मामले को लेकर माफी मांगी थी रणवीर सिंह ने मामले को लेकर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी थी। रणवीर ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा था- मेरा इरादा फिल्म (कांतारा) में ऋषभ की शानदार परफॉर्मेंस को उजागर करने का था। एक अभिनेता होने के नाते, मैं जानता हूं कि उस खास सीन को जिस तरह से उन्होंने निभाया, उसके लिए कितनी मेहनत लगती है और इसके लिए मैं उनका अत्यधिक सम्मान करता हू। मैंने हमेशा हमारे देश की हर संस्कृति, परंपरा और आस्था का गहरा सम्मान किया है। अगर मेरी किसी बात से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो मैं दिल से माफी चाहता हूं।