नवरात्रि आहार युक्तियाँ: चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है और इस दौरान भक्त पूरे श्रद्धा भाव से व्रत रखते हैं। हालांकि, कई लोग इस दौरान वजन कम करने की उम्मीद से भी व्रत रखते हैं, लेकिन गलत अनुपात के कारण आधारहीन वजन बढ़ जाता है। फलाहार के समय क्या खाना है, क्या खाना है और कब खाना है, इस पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
व्रत के दौरान आलू सबसे ज्यादा खाने वाला खाद्य पदार्थ बनता है। आलू की सब्जी, चिप्स या फराली की मात्रा पूरे दिन खाने से शरीर में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे वजन बढ़ सकता है और रक्त शर्करा भी प्रभावित हो सकता है।
साबूदाना वड़ा, कुट्टू के पकौड़े और सिंघाड़े के चीले जैसे प्रतिष्ठित प्रतिष्ठित व्रत में खाना बहुत आम होता है, लेकिन इनमें तीखापन और पौष्टिकता की मात्रा काफी होती है। क्वेश्चन का अर्थ यह है कि खाने से वजन बढ़ने के साथ-साथ पाचन तंत्र भी प्रभावित हो सकता है।
व्रत के दौरान कई लोग पानी कमाते हैं, जिससे शरीर में डाईहाइड्रेट हो जाता है। पानी की कमी से सिरदर्द, चक्कर आना और कब्ज की समस्या हो सकती है। साथ ही बॉडी फैट बर्न करने में भी पीछे रह जाता है और भूख ज्यादा लगती है।
साबूदाना को पूरी तरह से तरह-तरह से मान लेना
साबूदाना को ताकत और ताकत माना जाता है, लेकिन इसमें कैलोरी काफी ज्यादा होती है। अगर इसका सेवन अधिक मात्रा में किया जाए तो यह वजन बढ़ाने का कारण बन सकता है। इसलिए इसे सीमित मात्रा में खाना ही बेहतर होता है।
फल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं, लेकिन जरूरत से ज्यादा खाने से नुकसान भी होता है। अधिकांश फल खाने से शरीर में कैलोरी और शुगर की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे वजन बढ़ सकता है। पैमाने में ही फलों को शामिल करना सही स्थान पर होता है।
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