‘अत्यधिक पीड़ा के साथ लिया गया निर्णय’: आरजी कर अस्पताल की बलात्कार-हत्या पीड़िता के माता-पिता ने भाजपा से हाथ क्यों मिलाया | विशेष | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:26 मार्च, 2026, 23:30 IST भाजपा ने बंगाल चुनाव से पहले पीड़िता की मां को पनिहाटी निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी के उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा है अगस्त 2024 में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ बलात्कार किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। फ़ाइल छवि गहरी व्यक्तिगत त्रासदी से पैदा हुए बदलाव में, आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में क्रूरतापूर्वक बलात्कार और हत्या की शिकार हुई स्नातकोत्तर प्रशिक्षु डॉक्टर के माता-पिता आधिकारिक तौर पर राजनीतिक क्षेत्र में प्रवेश कर गए हैं। बुधवार रात, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी तीसरी उम्मीदवार सूची जारी की, जिसमें पीड़िता की मां को पनिहाटी निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी का उम्मीदवार नामित किया गया। पिछले 18 महीनों से, जोड़े के जीवन को न्याय की एक अनोखी, पीड़ादायक खोज द्वारा परिभाषित किया गया है। गुरुवार की सुबह, जब वे सक्रिय राजनीति में अपना पहला दिन शुरू करने के लिए साल्ट लेक स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचे, तो उनका दर्द साफ झलक रहा था। आघात में निहित एक निर्णय News18 से विशेष रूप से बात करते हुए, भाजपा उम्मीदवार ने अपनी उम्मीदवारी के लिए उत्प्रेरक के बारे में बताते हुए अपने आंसू रोक लिए। उन्होंने कहा, ”मैंने बेहद दर्द के साथ यह फैसला लिया है।” “मेरी बेटी एक सफल डॉक्टर बनना चाहती थी, लेकिन एक सरकारी अस्पताल के अंदर उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। मैं इस प्रणाली में प्रवेश कर रही हूं क्योंकि मैं यह सुनिश्चित करना चाहती हूं कि बंगाल में किसी और बेटी को ऐसे भाग्य का सामना न करना पड़े।” उम्मीदवार ने इस बात पर जोर दिया कि राजनीति में उनका कदम न्याय के लिए उनकी लड़ाई का विस्तार है। उन्होंने कहा कि हालांकि वह विशिष्ट विवरण का खुलासा नहीं कर सकती हैं, लेकिन सीबीआई ने परिवार के साथ महत्वपूर्ण साक्ष्य साझा किए हैं जो उनके संकल्प को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा, “पूरा देश मेरी बेटी के साथ खड़ा है। अब यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं बंगाल की सभी बेटियों के लिए खड़ी रहूं।” सुरक्षा और अधिकारों के लिए एक अभियान का संकल्प पनिहाटी उम्मीदवार ने वर्तमान प्रशासन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र की विरासत को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने नष्ट कर दिया है। उनका प्राथमिक अभियान मंच निम्न पर केन्द्रित है: महिला सुरक्षा: राज्य संचालित संस्थानों में सुरक्षा की कमी पर सवाल उठाना। बुनियादी अधिकारों को बहाल करना: नागरिकों को डर पर काबू पाने और प्रणालीगत मुद्दों के खिलाफ बोलने के लिए प्रोत्साहित करना। विधायी वकालत: आम नागरिकों की शिकायतों को सीधे विधानसभा तक पहुंचाने का वादा. पीड़िता के पिता भी भावुक दिख रहे थे, उन्होंने भी इन भावनाओं को दोहराया और उनके राजनीतिक पदार्पण का कारण “प्रचलित अराजकता” बताया। उन्होंने कहा, “हमें यकीन है कि हमें न्याय मिलेगा और हमारी पहली प्राथमिकता महिलाओं की सुरक्षा होगी।” राजनीतिक प्रतिक्रिया और प्रतिक्रिया टीएमसी मंत्री ब्रत्य बसु ने इस कदम की आलोचना करते हुए सुझाव दिया कि माता-पिता की राजनीतिक संबद्धता अब “स्पष्ट” है। बसु ने भाजपा में शामिल होने के उनके फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब यह उनके न्याय मांगने के तरीके पर सवाल उठाता है। जवाब में, पीड़िता के पिता ने आलोचना को सत्तारूढ़ दल की आशंका का संकेत बताकर खारिज कर दिया। उन्होंने News18 से कहा, “ममता बनर्जी की पार्टी ये बातें इसलिए कह रही है क्योंकि वे डरे हुए हैं. हम अपना रास्ता जानते हैं. इस सरकार को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए.” जैसे ही पनिहाटी के लिए अभियान शुरू होता है, दंपति का कहना है कि राजनीति में उनका प्रवेश सत्ता के बारे में नहीं है, बल्कि भविष्य की त्रासदियों को रोकने और अपनी बेटी की स्मृति का सम्मान करने के लिए राजनीतिक प्रणाली का उपयोग करने के बारे में है। पहले प्रकाशित: 26 मार्च, 2026, 23:30 IST समाचार चुनाव ‘अत्यधिक पीड़ा के साथ लिया गया निर्णय’: आरजी कर अस्पताल की बलात्कार-हत्या पीड़िता के माता-पिता ने भाजपा से हाथ क्यों मिलाया | अनन्य अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)बंगाल(टी)बीजेपी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)टीएमसी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव
Healthy Street Food| Benefits of boiled egg| Bhuna chana khane ke fayde: हेल्दी स्ट्रीट फूड्स कौन-से हैं

Last Updated:March 26, 2026, 23:10 IST Healthy Street Foods: स्ट्रीट फूड्स आमतौर पर सिर्फ स्वाद और फटाफट पेट भरने के लिए फेमस होते हैं. लेकिन हार्ट एक्सपर्ट डॉक्टर आलोक चोपड़ा ने बताया कि सही स्ट्रीट फूड्स का चुनाव सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है. इसमें चटपटी भेल पूरी से लेकर उबले अंडे, भूनी मकई शामिल है. ख़बरें फटाफट भारत के स्ट्रीट फूड्स दुनिया भर में फेमस हैं.देश के अलग-अलग राज्यों की तरह ही स्ट्रीट फूड में भी बहुत विविधता देखने को मिलती है. ये फूड्स किफायती होने के साथ ही स्वाद के मामले में बड़े-बड़े महंगे रेस्टोरेंट को भी टक्कर देता है. लेकिन स्ट्रीट फूड को लेकर सबसे बड़ी चिंता उसकी साफ-सफाई को लेकर होती है. लोगों को डर रहता है कि इसमें इस्तेमाल होने वाला पानी और सामग्री शुद्ध नहीं होती, और कई बार इसे बनाने में सही हाइजीन का पालन भी नहीं किया जाता. हालांकि इन कमियों के बावजूद स्ट्रीट फूड की लोकप्रियता कभी कम नहीं हुई है और आगे भी लोग इसे पसंद करते रहेंगे. अगर हम कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें, जैसे खाने की जगह साफ हो और सामग्री ताजी हो, तो स्ट्रीट फूड को भी हेल्दी डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है. हार्ट स्पेशलिस्ट ने बताया स्ट्रीट फूड्स को हेल्दीदिल्ली के अनुभवी हार्ट डिजीज विशेषज्ञ डॉ. आलोक चोपड़ा ने इंस्टाग्राम पर बताया कि पौष्टिक खाना खाने के लिए हमेशा ज्यादा पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं होती. भारत के कई स्ट्रीट फूड ऐसे हैं जो तले-भुने और ज्यादा प्रोसेस्ड खाने के मुकाबले ज्यादा हेल्दी होते हैं. उन्होंने कहा कि “सही खाना महंगा नहीं, बल्कि समझदारी से चुना हुआ होना चाहिए.” View this post on Instagram
Muskmelon Vs Watermelon: खरबूज या तरबूज? गर्मी में सेहत के लिए ज्याद अच्छा क्या, जानें फायदे

Last Updated:March 26, 2026, 22:17 IST Best Fruit For Summer: गर्मी के दिनों में शरीर को ज्यादा मात्रा में पानी की जरूरत होती है. ऐसे में तरबूज और खरबूज डाइट में शामिल करने के लिए बेहतरीन फल साबित होते हैं. अगर आपको सिर्फ शरीर को ठंडा और हाइड्रेट रखना है, तो तरबूज एक बेहतरीन विकल्प है. लेकिन अगर आप बेहतर पोषण, पाचन और इम्यूनिटी चाहते हैं, तो खरबूजा ज्यादा फायदेमंद है. ख़बरें फटाफट गर्मियों में बॉडी में पानी की कमी की समस्या बहुत ही कॉमन हो जाती है.ऐसे में खान-पान में बदलाव लाना जरूरी हो जाता है. डाइट में ऐसे फलों और सब्जियों को शामिल करना होता है, जिसमें पानी की मात्रा ज्यादा हो, जिससे शरीर अंदर से ठंडा और हाइड्रेट रहे. तरबूज और खरबूज दो ऐसे फल हैं जो इस मौसम में दवा की तरह काम करते हैं. दोनों ही पानी से भरपूर होते हैं, लेकिन सवाल यह है कि इनमें से ज्यादा फायदेमंद कौन है? खरबूज या तरबूज सेहत के लिए क्या ज्याद फायदेमंद पोषण की तुलना अगर 100 ग्राम की मात्रा देखें, तो तरबूज में लगभग 30 कैलोरी होती है, जबकि खरबूजे में 34 कैलोरी. तरबूज में पानी करीब 91% होता है, जो इसे गर्मी में तुरंत ठंडक देने वाला बनाता है. वहीं खरबूजे में पानी थोड़ा कम (लगभग 90%) होता है, लेकिन इसमें फाइबर, विटामिन और मिनरल्स ज्यादा होते हैं. खरबूजे में विटामिन A और विटामिन C की मात्रा तरबूज से काफी ज्यादा होती है, जो आंखों और इम्यूनिटी के लिए बहुत फायदेमंद है. साथ ही इसमें पोटैशियम भी ज्यादा होता है, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है. तरबूज के फायदेतरबूज गर्मियों का सबसे अच्छा हाइड्रेशन फल माना जाता है. इसमें पानी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जिससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती. यह शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है और हीट स्ट्रोक से बचाता है. तरबूज में लाइकोपीन नाम का एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाने में मदद करता है. इसके अलावा इसमें एल-सिट्रुलिन नाम का तत्व होता है, जो एक्सरसाइज के बाद मांसपेशियों के दर्द को कम करने में मदद करता है. खरबूजे के फायदेखरबूजा पोषण के मामले में ज्यादा मजबूत माना जाता है. इसमें फाइबर ज्यादा होता है, जिससे पाचन बेहतर होता है और कब्ज जैसी समस्या से राहत मिलती है. इसमें मौजूद बीटा-कैरोटीन आंखों की रोशनी और त्वचा के लिए अच्छा होता है. यह त्वचा को ग्लो देने में भी मदद करता है. खरबूजे में पोटैशियम अधिक होता है, जो ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करता है और दिल की सेहत के लिए भी अच्छा है. क्या खाएं?अगर आपको सिर्फ शरीर को ठंडा और हाइड्रेट रखना है, तो तरबूज एक बेहतरीन विकल्प है. लेकिन अगर आप बेहतर पोषण, पाचन और इम्यूनिटी चाहते हैं, तो खरबूजा ज्यादा फायदेमंद है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें First Published : March 26, 2026, 22:17 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
सौंफ, धनिया, गुलकंद…ये आयुर्वेदिक नुस्खा AC से भी ज्यादा ठंडा, चिलचिलाती गर्मी भी लगेगी कूल

Last Updated:March 26, 2026, 22:06 IST Summer Remedy : गर्मी बढ़ने लगी है. तापमान जब 45 डिग्री के पार पहुंच जाता है, तब AC, कूलर और ठंडी ड्रिंक्स ही सहारा बनते हैं, लेकिन कुछ समय बाद शरीर फिर से गर्मी महसूस करने लगता है. ऋषिकेश के आयुष चिकित्सक डॉ. राजकुमार बताते हैं कि शरीर की असली ठंडक बाहर से नहीं बल्कि अंदर से आती है. सौंफ, धनिया और गुलकंद से बना यह देसी ड्रिंक बेहद फायदेमंद है. यह शरीर के लिए नेचुरल कूलेंट की तरह काम करता है. सौंफ का सेवन शरीर को शांत रखता है. धनिया शरीर में जमा अतिरिक्त गर्मी को संतुलित करता है. गुलकंद एनर्जी बनाए रखता है. ऋषिकेश. भीषण गर्मी का मौसम आते ही हर कोई राहत पाने के लिए अलग-अलग उपाय ढूंढने लगता है. तापमान जब 40 से 45 डिग्री के पार पहुंच जाता है, तब AC, कूलर और ठंडी ड्रिंक्स ही सबसे बड़ा सहारा बनते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि ये उपाय सिर्फ बाहरी राहत देते हैं और कुछ समय बाद शरीर फिर से गर्मी महसूस करने लगता है. ऐसे में आयुर्वेद के पुराने और देसी नुस्खे आज भी उतने ही असरदार हैं, जितने पहले हुआ करते थे. दादी-नानी के समय से चला आ रहा एक खास उपाय है, जो शरीर को अंदर से ठंडा रखता है और लू के असर को भी काफी हद तक कम कर देता है. लोकल 18 के साथ बातचीत में ऋषिकेश के आयुष चिकित्सक डॉ. राजकुमार बताते हैं कि शरीर की असली ठंडक बाहर से नहीं बल्कि अंदर से आती है. अगर शरीर का तापमान संतुलित रहे, तो गर्मी का असर कम महसूस होता है. यही कारण है कि सौंफ, धनिया और गुलकंद से बना यह देसी ड्रिंक फायदेमंद माना जाता है. यह सिर्फ एक साधारण पानी नहीं है, बल्कि शरीर के लिए नेचुरल कूलेंट की तरह काम करता है. इसमें मौजूद सभी तत्व अपने-अपने तरीके से शरीर को ठंडक पहुंचाते हैं और गर्मी से होने वाली परेशानियों को कम करते हैं. ठंडी तासीर सौंफ की बात करें तो यह प्राकृतिक रूप से ठंडी तासीर वाली होती है. गर्मियों में सौंफ का सेवन शरीर को शांत रखने में मदद करता है. यह न सिर्फ शरीर की गर्मी को कम करती है बल्कि पाचन को भी दुरुस्त रखती है. धनिया शरीर में जमा अतिरिक्त गर्मी को संतुलित करने का काम करता है. यह ब्लड को कूल करता है और शरीर को अंदर से ठंडा बनाए रखता है. गुलकंद पेट को ठंडक देता है और शरीर में एनर्जी बनाए रखता है. तीनों का कॉम्बिनेशन मिलकर एक ऐसा असर पैदा करता है, जो गर्मी के दिनों में बेहद राहत देता है. डॉ. राजकुमार बताते हैं कि इस नुस्खे को बनाना भी बेहद आसान है. एक गिलास पानी में थोड़ी सी सौंफ और धनिया रातभर भिगोकर रखें. सुबह इस पानी को छान लें और इसमें एक चम्मच गुलकंद मिलाकर पी लें. चाहें तो इसे हल्का ठंडा करके भी पी सकते हैं. इसका स्वाद भी काफी अच्छा होता है, जिससे इसे रोजाना पीना मुश्किल नहीं लगता. नियमित सेवन से शरीर में ठंडक बनी रहती है और लू लगने का खतरा भी कम हो जाता है. गर्मी के मौसम में सबसे बड़ी समस्या डिहाइड्रेशन की होती है. शरीर से पानी की कमी होने लगती है, जिससे थकान, चक्कर और कमजोरी महसूस होती है. यह देसी ड्रिंक शरीर को हाइड्रेट रखने में भी मदद करता है. यह पानी की कमी को पूरा करता है और शरीर को एनर्जेटिक बनाए रखता है. यह स्किन के लिए भी फायदेमंद है, क्योंकि जब शरीर अंदर से ठंडा और हाइड्रेटेड रहता है, तो त्वचा पर भी उसका असर साफ दिखाई देता है. About the Author Priyanshu Gupta Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें Location : Rishikesh,Dehradun,Uttarakhand First Published : March 26, 2026, 22:06 IST
What Is plogging| फिटनेस का नया ट्रेंड प्लॉगिंग क्या है?

Last Updated:March 26, 2026, 21:48 IST What Is plogging: प्लॉगिंग फिटनेस का एक नया ट्रेंड है. इसमें व्यक्ति वॉक या रनिंग करते हुए जो कि सेहत के लिए बहुत जरूरी है, कचरा उठाता है. ये ट्रेंड स्वीडन से शुरू हुआ है, जो न्यूयॉर्क से लेकर दिल्ली तक काफी पसंद किया जा रहा है. ख़बरें फटाफट New Fitness Trend: फिटनेस को लेकर आजकल लोग बहुत जागरूक हो गए हैं. हर कुछ दिन में नया ट्रेंड आ जाता है. ऐसे में आजकल फिटनेस की दुनिया में एक नया ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जिसे “प्लॉगिंग” कहा जाता है. प्लॉगिंग का मतलब है दौड़ते या चलते समय रास्ते में पड़ा कचरा उठाना. यह एक ऐसा तरीका है जिसमें लोग अपनी सेहत का ध्यान रखते हुए पर्यावरण को भी साफ रखने में योगदान देते हैं. इस ट्रेंड की शुरुआत स्वीडन से हुई थी, लेकिन अब यह पूरी दुनिया में फैल चुका है. न्यूयॉर्क से लेकर दिल्ली तक लोग इसे अपनाने लगे हैं. खासकर युवाओं में यह काफी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. क्या है फिटनेस का नया ट्रेंड प्लॉगिंग प्लॉगिंग की सबसे खास बात यह है कि यह फिटनेस को एक सामाजिक अनुभव बना देता है. लोग समूह में दौड़ते हैं, बातचीत करते हैं, नए दोस्त बनाते हैं और साथ ही शहर को साफ रखने का काम भी करते हैं. इससे न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि समाज और पर्यावरण के लिए भी अच्छा काम होता है. भारत में भी इस सोच को बढ़ावा मिल रहा है. मिलिंद सोमन जैसे फिटनेस आइकन बीच क्लीन-अप और रनिंग के जरिए लोगों को प्रेरित करते हैं. वहीं अक्षय कुमार भी स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े अभियानों में भाग लेते रहे हैं। इनके प्रयासों से लोगों में जागरूकता बढ़ी है. सरकारी स्तर पर भी साफ-सफाई को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए गए हैं. नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया स्वच्छ भारत अभियान इस दिशा में एक बड़ा प्रयास है, जिसने लोगों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया है. किसी उपकरण की जरूरत नहीं प्लॉगिंग की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण इसकी सादगी है. इसमें किसी खास उपकरण या खर्च की जरूरत नहीं होती. बस दौड़ते समय कचरा उठाने की आदत अपनानी होती है. यही छोटी सी आदत बड़ा बदलाव ला सकती है. प्लॉगिंग सिर्फ एक फिटनेस एक्टिविटी नहीं है, बल्कि एक सोच है. यह हमें सिखाती है कि अगर हम छोटे-छोटे कदम उठाएं, तो हम अपने शरीर के साथ-साथ अपने आसपास के वातावरण को भी बेहतर बना सकते हैं. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें First Published : March 26, 2026, 21:48 IST
खमीरी रोटी रेसिपी: घर पर असली मुगलई मिर्ची रोटी, स्वाद ऐसा कि भूल जाएंगे तंदूरी रोटी, नोट करें रेसिपी

खमीरी रोटी रेसिपी: मुगलई कैसली रोटी खाक सब्सट्रेट पर पाई जाती है। इसे अब आप आसानी से घर पर भी बना सकते हैं। यह ब्रेड अपने मुलायम कपड़े और स्वादिष्ट मिठाई के कारण हर उम्र के लोगों को पसंद आती है। आमतौर पर इसे होटल या रेस्तरां में ऑर्डर देकर लोग खरीदते हैं, लेकिन सही तरीके से इसे घर की रसोई में भी बनाया जा सकता है। क्रिसी ब्रेड की प्रकृति यह है कि इसमें यीस्ट का उपयोग किया जाता है, जिससे यह फूली हुई और लचीली होती है। यह रोटियां त्योहारों, पार्टी या स्पेशल डिनर में पाई जाती हैं। किन्स अनइगल से फ़ायरवॉल है मुगलई कश्मीरी रोटी इस रोटी को बनाने के लिए आटा, सूखा खमीर, चीनी, दूध, सौंफ़ पाउडर, घी और नमक की आवश्यकता होती है। ये सभी सामग्रियां आपके किचन में आसानी से मिल जाती हैं। काली मिर्ची रोटी का आटा कैसे तैयार करें जब आटा फूल जाए, तो इसे प्रभाव सामाबेल गूँथ लें और छोटे-छोटे हिस्सों में बाँट लें। अब इनोसेंट मोटी रोटियाँ बेल लें। 180 डिग्री सेल्सियस पर पहले से गरम करें और रोटियों को ट्रे में चढ़ने के लिए 15 से 20 मिनट तक बेक करें। जब रोटी का पेड़ सुनहरी हो जाए, तो इसे बाहर और ऊपर से गरमा-गरम घी बेचें। इसे आप कोई भी ग्रेवी वाली सब्जी या दाल के साथ खा सकते हैं. (टैग्सटूट्रांसलेट)खमीरी रोटी रेसिपी(टी)मुगलई ब्रेड रेसिपी(टी)नरम भारतीय ब्रेड(टी)घर पर बनी खमीरी रोटी(टी)खमीर रोटी रेसिपी(टी)भारतीय फ्लैटब्रेड रेसिपी(टी)आसान रोटी रेसिपी(टी)किण्वित ब्रेड भारत
गर्मी में थकान, एसिडिटी और बेचैनी से परेशान? बस 1 चम्मच गुलकंद देगा तुरंत ठंडक और जबरदस्त राहत!

Last Updated:March 26, 2026, 21:40 IST गर्मियों में बढ़ती गर्मी के साथ शरीर में थकान, चिड़चिड़ापन और पाचन से जुड़ी समस्याएं आम हो जाती हैं. ऐसे में अगर कोई देसी और स्वादिष्ट उपाय मिल जाए, जो शरीर को ठंडक भी दे और सेहत भी सुधारे, तो उससे बेहतर क्या हो सकता है. गुलकंद एक ऐसा ही पारंपरिक सुपरफूड है, जो न सिर्फ गर्मी के असर को कम करता है, बल्कि पेट की परेशानियों से राहत दिलाकर तन और मन दोनों को सुकून पहुंचाता है. गुणकारी गुलकंद के फायदे. गर्मियों की तेज धूप और बढ़ते तापमान के बीच लोग अब राहत पाने के लिए नेचुरल और पारंपरिक चीजों की ओर तेजी से लौट रहे हैं. ऐसे में गुलकंद एक बेहतरीन विकल्प बनकर सामने आया है, जो ताजा गुलाब की पंखुड़ियों से तैयार होता है. यह न सिर्फ मीठा और खुशबूदार होता है, बल्कि शरीर और मन दोनों को ठंडक देने का काम करता है. गर्मियों में इसे डाइट में शामिल करना शरीर को अंदर से ठंडा रखने और लू के असर से बचाने का आसान तरीका माना जाता है. गुलकंद बनाने की प्रक्रिया काफी खास और पारंपरिक है. इसमें ताजी गुलाब की पंखुड़ियों को चीनी या गुड़ के साथ मिलाकर धूप में धीरे-धीरे पकाया जाता है. इस प्रक्रिया से इसका स्वाद और औषधीय गुण दोनों बढ़ जाते हैं. पुराने समय में दादी-नानी घर पर ही गुलकंद बनाती थीं और इसे परिवार के सभी सदस्यों को खिलाया जाता था. यही वजह है कि आज भी कई घरों में इसे बनाना और खाना एक परंपरा के रूप में जारी है. पाचन और ठंडक के लिए है फायदेमंदस्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गुलकंद में मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं और गर्मी के कारण होने वाली थकान, चिड़चिड़ापन और तनाव को कम करते हैं. यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और भोजन को आसानी से पचाने में सहायक होता है. गर्मियों में जब एसिडिटी, गैस और अपच जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं, तब गुलकंद का सीमित मात्रा में सेवन इन दिक्कतों से राहत दिलाने में मदद करता है. स्किन और इम्युनिटी के लिए भी है लाभकारीगुलकंद में एंटीऑक्सीडेंट्स की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो शरीर की इम्युनिटी को मजबूत बनाने में सहायक होती है. यह त्वचा को हेल्दी और ग्लोइंग बनाए रखने में भी मदद करता है, खासकर गर्मियों में जब स्किन डल और बेजान लगने लगती है. साथ ही यह शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करता है, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा कम होता है. कई तरीकों से कर सकते हैं सेवनगुलकंद को कई तरह से डाइट में शामिल किया जा सकता है. इसे सीधे चम्मच से खाया जा सकता है या फिर दूध, दही और शरबत में मिलाकर भी लिया जा सकता है. इसके अलावा इसे हलवा, लड्डू और आइसक्रीम जैसी मिठाइयों में भी इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि, इसमें शुगर की मात्रा ज्यादा होती है, इसलिए डायबिटीज के मरीजों को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह के बाद ही करना चाहिए. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : March 26, 2026, 21:40 IST
सुबह खाली पेट पी रहे हैं ब्लैक कॉफी? डॉक्टर ने बताया इसका खतरनाक सच, तुरंत बदल लें ये आदत

Last Updated:March 26, 2026, 21:29 IST सुबह उठते ही खाली पेट ब्लैक कॉफी पीना भले ही आपको तुरंत एनर्जी दे, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट Dr. Alok Chopra के अनुसार यह आदत शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकती है. उनका कहना है कि सुबह के समय शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन पहले से ही हाई होता है, और ऐसे में कॉफी पीने से इसका स्तर और बढ़ जाता है, जिससे घबराहट, चिड़चिड़ापन और दिल की धड़कन तेज होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं. ब्लैक कॉफी खाली पेट पीना खतरनाक. सुबह उठते ही खाली पेट ब्लैक कॉफी पीना आजकल कई लोगों की डेली रूटीन का हिस्सा बन गया है. लोग इसे एनर्जी बढ़ाने और दिन की शुरुआत एक्टिव तरीके से करने के लिए पीते हैं, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार यह आदत शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकती है. दरअसल, सुबह के समय हमारे शरीर में कॉर्टिसोल नाम का स्ट्रेस हार्मोन नेचुरली हाई होता है, जो हमें नींद से जगाने और एक्टिव रखने का काम करता है. ऐसे में जब आप खाली पेट कॉफी पीते हैं, तो उसमें मौजूद कैफीन इस हार्मोन के स्तर को और बढ़ा देता है, जिससे शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है और आप ओवरस्टिम्युलेट महसूस कर सकते हैं. इस बारे में Dr. Alok Chopra का कहना है कि जब कॉर्टिसोल का स्तर लंबे समय तक ज्यादा बना रहता है, तो इसका असर सिर्फ एनर्जी लेवल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है. इससे घबराहट, चिड़चिड़ापन, दिल की धड़कन तेज होना और एंग्जायटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. कुछ लोगों को बिना कुछ खाए कॉफी पीने के बाद बेचैनी या हाथ कांपने जैसी दिक्कत भी महसूस होती है. इतना ही नहीं, यह आदत धीरे-धीरे आपकी नींद के पैटर्न को भी खराब कर सकती है और दिनभर की थकान को बढ़ा सकती है. View this post on Instagram
Bengaluru Professor Student Assault | College Outside Beatdown Viral Video

Hindi News National Bengaluru Professor Student Assault | College Outside Beatdown Viral Video बेंगलुरु5 घंटे पहले कॉपी लिंक कॉलेज के स्टूडेंट्स प्रोफेसर को पीटते हुए। बेंगलुरु के एक मेडिकल कॉलेज में एक प्रोफेसर ने क्लास के दौरान ही एक छात्रा को प्रपोज कर दिया। छात्रा के विरोध के बाद विवाद बढ़ा और इसके बाद अन्य छात्रों ने कॉलेज के बाहर प्रोफेसर के साथ मारपीट कर दी। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस और कॉलेज प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। यह घटना बुधवार को हुई। स्टूडेंट्स के बनाए वीडियो के सामने आने के बाद मामला सामने आया। प्रोफेसर के खिलाफ कॉलेज के प्रिंसिपल दिवाकर एसपी ने मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने BNS की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। क्लास में छात्रा और प्रोफेसर के बीच हुई बहस। स्टूडेंट्स ने प्रोफेसर के पार्किंग में घेरा। प्रोफेसर ने छात्रा से कहा- तुमने मुझे प्रपोज किया था इस घटना के दो वीडियो सामने आए हैं। इनमें से एक क्लिप में अब्दुल मोहम्मद नाम के असिस्टेंट प्रोफेसर क्लास को संबोधित करते हुए एक छात्रा की तरफ देखकर दावा करते हैं कि उसने उन्हें प्रपोज किया था और वह भी वह भी उससे प्यार करते हैं। इस पर छात्रा ने तुरंत इस पर आपत्ति जताई और प्रोफेसर से कहा कि वे इस मामले को प्रिंसिपल के सामने उठाएं। छात्रा ने उनसे यह भी पूछा कि उसने उन्हें प्रपोज कब किया था। प्रोफेसर ने उससे पूछा कि क्या तुमने यह नहीं कहा था कि ‘आई लव यू मोहम्मद’। उन्होंने यह भी दावा किया कि इसका सीसीटीवी फुटेज मौजूद है। इस पर लड़की उनसे वह फुटेज दिखाने की मांग करती है। प्रोफेसर ने जाते समय छात्रा से कहा कि वे उससे अगले दिन बात करेंगे और साथ ही दूसरे स्टूडेंट्स से चॉकलेट लेने को कहते हैं। इसके बाद प्रोफेसर क्लासरूम से बाहर निकल जाते हैं। इस घटना के बाद कॉलेज में छात्र और छात्राएं भड़क गए। एक छात्रा ने प्रोफेसर को चप्पल से मारा, जबकि दूसरे छात्रों ने भी प्रोफेसर से मारपीट की। छात्रों ने प्रोफेसर का पूरे कैंपस में पीछा किया और उसकी कार के पास पहुंचकर उन पर दोबारा हमला किया। ———— ये खबर भी पढ़ें… भरतपुर में बीच-बाजार लड़की ने सरकारी टीचर को पीटा:रेप करने का आरोप लगाया भरतपुर के कोतवाली थाना इलाके में एक लड़की अपने साथी के साथ मिलकर एक सरकारी टीचर की पिटाई कर दी। टीचर को पिटता देखा मौके पर काफी लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई। लड़की का आरोप था कि सरकारी टीचर 3 साल से उसका शोषण कर रहा है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Kashmir Lashkar Module Busted; AK-47 Training From Pakistan-Bangladesh

श्रीनगर5 घंटे पहलेलेखक: एजेंसी इनपुट्स के साथ रउफ डार कॉपी लिंक जम्मू-कश्मीर पुलिस की विंग CIK ने गुरुवार को श्रीनगर, गांदरबल और शोपियां जिलों 10 जगहों पर छापेमारी की। जम्मू-कश्मीर पुलिस की विंग काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) ने श्रीनगर, गांदरबल और शोपियां जिलों में छापेमारी कर लश्कर-ए-तैयबा के एक आतंकी भर्ती मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क पाकिस्तान और बांग्लादेश से संचालित हो रहा था। CIK ने गुरुवार को 3 जिलों में 10 जगहों पर कोर्ट के आदेश के तहत तलाशी ली। यह कार्रवाई UAPA के तहत दर्ज केस में की गई। जांच में पता चला कि यह मॉड्यूल सीमा पार बैठे हैंडलर्स के साथ मिलकर काम कर रहा था। इसका नेटवर्क बांग्लादेश तक फैला हुआ था। पुलिस के मुताबिक, आतंकियों को 21 दिन की बेसिक और 3 महीने की एडवांस ट्रेनिंग दी जाती थी, जिसमें AK-47, मशीन गन, रॉकेट लॉन्चर और IED बनाना सिखाया जाता था। पुलिस के अनुसार, यह मॉड्यूल एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए गुप्त तरीके से काम कर रहा था। गांदरबल का शबीर बांग्लादेश से चला रहा मॉड्यूल इस मॉड्यूल को शबीर अहमद लोन नाम का आतंकी चला रहा है, जो गांदरबल के कंगन इलाके का रहने वाला है। वह राजू और जफर सिद्दीकी जैसे नामों से भी सक्रिय है। उसने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हथियारों की ट्रेनिंग ली थी। लोन पहले ओवर ग्राउंड वर्कर था और बाद में लश्कर में शामिल हुआ। वह बांग्लादेश के रास्ते भारत में घुसा और कई आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा। बाद में कानूनी कार्रवाई से बचकर बांग्लादेश चला गया। अभी वह बांग्लादेश से ही नेटवर्क ऑपरेट कर रहा है। शबीर का साथी पाकिस्तान-अफगानिस्तान के आतंकियों के संपर्क में था इससे पहले पुलिस ने उसके सहयोगी इरफान अहमद वानी (45 साल) को गिरफ्तार किया था, जो शोपियां का रहने वाला है। वह एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए पाकिस्तान और अफगानिस्तान के आतंकियों के संपर्क में था और स्थानीय स्तर पर भर्ती और लॉजिस्टिक सपोर्ट दे रहा था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिम कार्ड और अन्य डिजिटल डिवाइस सहित कई अहम सबूत जब्त किए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और पूरे आतंकी नेटवर्क को खत्म करने के लिए सभी संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ——————— आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… किश्तवाड़ में टेरर नेटवर्क का खात्मा:सेना बोली- 326 दिन तक ऑपरेशन चलाया, 7 आतंकी मारे, इनमें जैश कमांडर सैफुल्लाह भी शामिल भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर ने X पर 7 आतंकियों की फोटो पोस्ट की और लिखा है कि 326 दिन के बाद किश्तवाड़ से आतंक के नेटवर्क का खात्मा कर दिया गया है। पोस्ट में कहा गया है कि इन आतंकियों में जैश का कमांडर सैफुल्लाह भी मारा गया है। सैफुल्लाह किश्तवाड़ में आतंक का सरगना था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…








