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‘पति-पत्नी के बीच अननेचुरल सेक्स अपराध नहीं’:ग्वालियर हाईकोर्ट ने FIR आंशिक रूप से निरस्त की; मारपीट-दहेज प्रताड़ना के आरोपों पर ट्रायल जारी रहेगा

‘पति-पत्नी के बीच अननेचुरल सेक्स अपराध नहीं’:ग्वालियर हाईकोर्ट ने FIR आंशिक रूप से निरस्त की; मारपीट-दहेज प्रताड़ना के आरोपों पर ट्रायल जारी रहेगा

ग्वालियर हाईकोर्ट की एकल पीठ ने पति-पत्नी के बीच विवाद से जुड़े एक मामले में अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि वैवाहिक संबंधों के दौरान पति-पत्नी के बीच बने यौन संबंधों को धारा 377 के तहत अपराध नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर पति के खिलाफ दर्ज एफआईआर को आंशिक रूप से निरस्त कर दिया गया, जबकि दहेज, मारपीट और प्रताड़ना से जुड़े आरोपों पर सुनवाई जारी रहेगी। महिला ने 2023 में दर्ज कराई थी FIR भिंड में 2023 में महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ महिला थाने में FIR दर्ज कराई थी। आरोप था कि शादी के समय 4 लाख रुपए नकद, सोने के आभूषण और घरेलू सामान देने के बावजूद ससुराल पक्ष 10 लाख रुपए और बुलेट मोटरसाइकिल की मांग कर रहा था। मांग पूरी नहीं होने पर महिला के साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की गई। शिकायत में महिला ने पति पर जबरन आप्राकृतिक यौन संबंध बनाने का आरोप भी लगाया था। साथ ही ससुर पर गलत व्यवहार और धमकी देने की बात कही गई थी। अन्य आरोपों पर जारी रहेगा ट्रायल कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दहेज मांग, मारपीट और प्रताड़ना जैसे आरोपों की सुनवाई जारी रहेगी। इन धाराओं में दर्ज FIR को निरस्त नहीं किया गया है। यह फैसला वैवाहिक संबंधों और आपराधिक कानून की व्याख्या को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें अदालत ने अलग-अलग धाराओं के दायरे को स्पष्ट किया है। 10 लाख रुपए और बुलेट की मांग शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि शादी के समय ससुराल वालों को 4 लाख रुपए कैश, सोने के गहने और घरेलू सामान दिए गए थे। इसके बावजूद ससुराल वाले 10 लाख रुपए और बुलेट की मांग करते रहे। मांग पूरी नहीं करने पर प्रताड़ित किया गया। मारपीट की गई। शिकायत में महिला ने अपने पति पर जबरन आप्राकृतिक यौन संबंध बनाने का आरोप भी लगाया। उसका कहना था कि दहेज की मांग पूरी न होने पर पति उसके साथ जबरदस्ती करता था, जिससे उसे शारीरिक और मानसिक परेशानी होती थी। ससुर पर भी गलत व्यवहार और धमकी देने के आरोप लगाए गए थे। ……………….. यह खबर भी पढ़ें मध्य प्रदेश व्यापमं घोटाले की फिर खुलेंगी फाइलें व्यापमं महाघोटाले की जांच की आंच एक बार फिर तेज होने वाली है। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व विधायक पारस सकलेचा की याचिका पर कड़ा रुख अपनाते हुए CBI और मध्य प्रदेश सरकार को स्पष्ट आदेश दिए हैं। कोर्ट ने पूछा है कि सकलेचा द्वारा दी गई 320 पन्नों की डिटेल शिकायत पर अब तक क्या एक्शन लिया गया? पढ़ें पूरी खबर…

गन्ने के रस का देसी सिरका: पेट दर्द और बदहजमी का पारंपरिक इलाज

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Last Updated:March 26, 2026, 20:59 IST गाजीपुर के जमानिया क्षेत्र के किशुनीपुर गांव की 75 वर्षीय इंदिरा सनी आज भी गन्ने के रस से देसी सिरका बनाने की पारंपरिक विधि को जीवित रखे हुए हैं. दो से तीन महीने तक धूप में प्राकृतिक किण्वन से तैयार यह सिरका पाचन संबंधी समस्याओं में असरदार माना जाता है. बिना केमिकल के बनने वाला यह देसी नुस्खा पुराने समय में बदहजमी, पेट दर्द और उल्टी जैसी परेशानियों के लिए घरेलू औषधि के रूप में इस्तेमाल होता था. गाजीपुर. आज के दौर में जहां सिरदर्द से लेकर पेट दर्द तक के लिए हम तुरंत अंग्रेजी दवाइयों और एंटीबायोटिक्स की ओर भागते हैं, वहीं हमारे गांवों में आज भी सेहत का खजाना रसोई और परंपराओं में छिपा है. गाजीपुर के जमानिया क्षेत्र के किशुनीपुर  गांव की रहने वाली 75 वर्षीय इंदिरा सनी एक ऐसी ही विलुप्त होती परंपरा को बचाती है. गन्ने के रस से बना देसी सिरका, यह सिरका केवल शरबत नहीं, बल्कि पुराने समय की एक अचूक औषधि भी है.इंदिरासनी बताती हैं कि असली और शुद्ध सिरका बनाना कोई जल्दबाजी का काम नहीं, बल्कि धैर्य की प्रक्रिया है. वह कहती हैं, पहले गन्ने के ताजे रस को मिट्टी के बर्तनों में भरकर 2 से 3 महीने तक कड़ी धूप में रखा जाता था. इस लंबी अवधि के दौरान रस प्राकृतिक रूप से फर्मेंट (किण्वन) होता है. अशुद्धियों को दूर करने के लिए इसे समय-समय पर महीन कपड़े से छाना जाता था, जिससे रस धीरे-धीरे गाढ़ा और तीखा होने लगता था. कढ़ाई का छौंक और औषधीय गुणसिरका तैयार होने का अंतिम चरण सबसे महत्वपूर्ण है, जब रस पूरी तरह फर्मेंट हो जाता है, तब इसे लोहे की कढ़ाई में हल्का गर्म किया जाता है. इंदिरासनी के अनुसार, इसे एक खास तरीके से तड़का दिया जाता है, जिससे न केवल इसका स्वाद बढ़ता है, बल्कि इसके औषधीय गुण भी कई गुना बढ़ जाते हैं. यही वह प्रक्रिया है जो इसे बाज़ार में मिलने वाले सिंथेटिक सिरके से कोसों दूर और गुणकारी बनाती है. पेट की समस्याओं का रामबाण इलाजयह देसी सिरका पुराने समय में हर घर की फर्स्ट एड किट हुआ करता था, इंदिरासनी साझा करती हैं कि बदहजमी, असहनीय पेट दर्द और उल्टी जैसी समस्याओं में यह किसी चमत्कार की तरह काम करता था. अगर किसी का पेट खराब होता या खाना नहीं पचता, तो बस थोड़ी मात्रा में यह सिरका पिला दिया जाता था और एक-दो दिन में मरीज भला-चंगा हो जाता था. आज के आधुनिक जीवन में हम इन पारंपरिक तरीकों से दूर हो गए हैं, लेकिन किशुनीपुर  जैसे गांवों में यह ज्ञान आज भी पीढ़ी दर पीढ़ी जीवित है. About the Author Monali Paul नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें Location : Ghazipur,Uttar Pradesh First Published : March 26, 2026, 20:59 IST

Gaya ANMMCH super specialty cath lab shut patients helpless and referred

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Last Updated:March 26, 2026, 20:40 IST Magadh Medical College Gaya News: गया के मगध मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी विभाग शुरू होने के डेढ़ साल बाद भी कैथलैब की सुविधा नहीं मिल रही है. रोजाना आने वाले 20-25 हृदय रोगियों में से आधे मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है. इस लोकल 18 ने अस्पताल के अधीक्षक से बात की. जानिए कब शुरू होगी यह सुविधा. ख़बरें फटाफट गया: दक्षिण बिहार के सबसे बड़े चिकित्सा केंद्र अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल की चमक-धमक वाली सुपर स्पेशियलिटी बिल्डिंग आज सफेद हाथी साबित हो रही है. साल 2024 में तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने इसका उद्घाटन किया था. साथ ही उन्होंने वादा किया था कि गया के लोगों को अब दिल्ली जैसा इलाज मिलेगा. लेकिन हकीकत यह है कि डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी यहां हृदय रोगियों के लिए जीवन रक्षक कैथलैब की सुविधा शुरू नहीं हो पाई है. रोजाना 20-25 मरीज, आधे हो रहे रेफरअस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में दिल की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों का तांता लगा रहता है. आंकड़ों के मुताबिक प्रतिदिन औसतन 20 से 25 हृदय रोगी यहां पहुंच रहे हैं. इनमें से 10-12 गंभीर मरीज रेफर कर दिया जाता है. इन मरीजों को हार्ट अटैक के बाद तत्काल सर्जरी या एंजियोग्राफी की जरूरत होती है. लेकिन कैथलैब की सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के अभाव में पटना या अन्य निजी अस्पतालों के लिए रेफर कर दिया जाता है. डॉक्टर तो मौजूद हैं पर आधुनिक उपकरणों और कैथलैब के बिना उनके हाथ बंधे हुए हैं. मशीन आई पर इंस्टॉलेशन का पेचअस्पताल के अधीक्षक डॉ.के.के. सिन्हा का कहना है कि कैथलैब की मशीन अस्पताल पहुंच चुकी है. लेकिन इसे चालू होने में अभी कुछ महीनों का वक्त और लगेगा. फिलहाल सुपर स्पेशियलिटी यूनिट में केवल ओपीडी संचालित है. हालांकि अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि इंटीरियर का काम शुरू कर दिया गया है. इसके पूरा होते ही मशीन इंस्टॉल कर दी जाएगी. कैथलैब शुरू होने के बाद ही यहां पेसमेकर और एंजियोग्राफी जैसी सुविधाएं मिल पाएंगी. सिर्फ ईसीजी के भरोसे मरीजवर्तमान में यहां हृदय रोगियों को केवल ईसीजी, सामान्य इको और ट्रांसएसोफेजियल इको की सुविधा मिल रही है. लेकिन इमरजेंसी की स्थिति में बिना कैथलैब के मरीजों की जान बचाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है. गया जी की जनता अब सवाल पूछ रही है कि जब मशीन आ चुकी है और भवन तैयार है तो दिल्ली जैसी सुविधा देने का वादा इंस्टॉलेशन की फाइल में क्यों दबा है? About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें First Published : March 26, 2026, 20:40 IST

Health Tips: हेल्दी रहना है जरूरी? काला या हरा, कौन देगा ज्यादा हेल्थ बेनिफिट्स? एक्सपर्ट से जानें

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Last Updated:March 26, 2026, 20:20 IST Health Tips: आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार पोषक तत्वों की बात करें तो काले अंगूर ज्यादा असरदार माने जाते हैं. इनमें कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को अंदर से हेल्दी रखने में मदद करते हैं. हालांकि, विशेषज्ञ बताते है कि, अंगूर का सेवन कभी भी खाली पेट या रात को सोते समय नहीं करना चाहिए. इसका सेवन हमेशा खाने के बाद या दोपहर के समय करना लाभकारी रहता है. Health Tips: गर्मी का मौसम शुरू होते ही बाजार में कई तरह के ताजे फल आने लगे हैं. इनमें अंगूर की मांग भी तेजी से बढ़ जाती है. इन दिनों बाजार में दो तरह के अंगूर ज्यादा नजर आ रहे हैं. एक हरे रंग के और दूसरे काले रंग के. लोग स्वाद के हिसाब से इन्हें खरीदते हैं, लेकिन सेहत के हिसाब से कौन सा ज्यादा फायदेमंद है, यह सवाल अक्सर लोगों के मन में रहता है. आमतौर पर घरों में हरे अंगूर ज्यादा पसंद किए जाते हैं, क्योंकि ये हल्के खट्टे-मीठे होते हैं और बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को अच्छे लगते हैं. लेकिन आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार पोषक तत्वों की बात करें तो काले अंगूर ज्यादा असरदार माने जाते हैं. इनमें कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को अंदर से हेल्दी रखने में मदद करते हैं. हालांकि, विशेषज्ञ बताते है कि, अंगूर का सेवन कभी भी खाली पेट या रात को सोते समय नहीं करना चाहिए. इसका सेवन हमेशा खाने के बाद या दोपहर के समय करना लाभकारी रहता है. काले अंगूर में ज्यादा पोषक तत्व खरगोन के आयुर्वेद विशेषज्ञ (एमडी) डॉ. संतोष मौर्य बताते हैं कि काले अंगूर में एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर और फ्लेवोनॉयड्स अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. ये तत्व शरीर से गंदगी बाहर निकालने में मदद करते हैं और इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं. गर्मी के मौसम में शरीर को अंदर से ठंडक देने में भी काले अंगूर उपयोगी माने जाते हैं. उन्होंने बताया कि काले अंगूर में रेस्वेराट्रोल नाम का खास तत्व पाया जाता है. यह तत्व दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है और शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है. नियमित मात्रा में काले अंगूर खाने से शरीर की कमजोरी भी कम होती है और थकान जल्दी दूर होती है. दिल की सेहत के लिए फायदेमंद काले अंगूर कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में भी मदद करते हैं. इनमें मौजूद फाइबर और पोटेशियम शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में सहायक होते हैं. इससे दिल की धमनियां स्वस्थ रहती हैं और हार्ट से जुड़ी समस्याओं का खतरा कम होता है. इसके अलावा जो लोग वजन कम करना चाहते हैं उनके लिए भी काले अंगूर अच्छा विकल्प माने जाते हैं. इनमें कैलोरी कम होती है और यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मदद करते हैं. इसलिए डाइट में सीमित मात्रा में काले अंगूर शामिल करना फायदेमंद माना जाता है. हरे अंगूर भी कम नहीं हैं उपयोगी हरे अंगूर भी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होते हैं. इनमें विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं. गर्मी के मौसम में हरे अंगूर खाने से शरीर को ताजगी मिलती है और पानी की कमी भी कम महसूस होती है. हरे अंगूर खास तौर पर पाचन के लिए अच्छे माने जाते हैं. इन्हें खाने से गैस, एसिडिटी और पेट की जलन जैसी समस्याओं में राहत मिलती है. इसलिए जिन लोगों को पेट से जुड़ी परेशानी रहती है उनके लिए हरे अंगूर उपयोगी साबित हो सकते हैं. स्वाद और सेहत दोनों का संतुलन विशेषज्ञों के अनुसार काले अंगूर में पोषक तत्व ज्यादा होते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हरे अंगूर कम उपयोगी हैं. दोनों ही तरह के अंगूर शरीर को अलग-अलग तरीके से फायदा पहुंचाते हैं. इसलिए मौसम के अनुसार दोनों का सेवन करना बेहतर माना जाता है. अगर शरीर को ज्यादा पोषण देना चाहते हैं तो काले अंगूर को डाइट में शामिल करना अच्छा विकल्प हो सकता है. वहीं रोजाना हल्के और आसानी से पचने वाले फल के रूप में हरे अंगूर भी अच्छा चुनाव माने जाते हैं. About the Author Deepti Sharma Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें Location : Khargone,Madhya Pradesh First Published : March 26, 2026, 20:20 IST

Maharashtra Govt Jobs | 571 Posts Open; Agriculture Dept Recruitment

Maharashtra Govt Jobs | 571 Posts Open; Agriculture Dept Recruitment

Hindi News Career Maharashtra Govt Jobs | 571 Posts Open; Agriculture Dept Recruitment 4 घंटे पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी महाराष्ट्र में 571 पदों पर निकली भर्ती, बैंक ऑफ बड़ौदा में 104 वैकेंसी की। साथ ही भारत सरकार टकसाल में 94 ओपनिंग्स की। इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए.… 1. महाराष्ट्र में 571 पदों पर निकली भर्ती, सैलरी 2 लाख से ज्यादा महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) ने ग्रुप-ए और ग्रुप-बी के पदों पर भर्ती के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके तहत ग्रुप-ए और ग्रुप-बी के पदों पर भर्ती की जाएगी। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट mpsc.gov.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या मेडिकल ऑफिसर 297 जिला सैनिक वेलफेयर ऑफिसर/डिप्टी डायरेक्टर 21 मोटर व्हीकल प्रॉसिक्यूटर 06 एडिशनल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर 244 डिप्टी एग्जीक्यूटिव हेल्थ ऑफिसर 02 डिप्टी सुपरिटेंडेंट 01 कुल पदों की संख्या 571 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : पद के अनुसार, मान्यता प्राप्त संस्थान से लॉ की डिग्री, एमबीबीएस की डिग्री। एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 50 साल आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी। सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम इंटरव्यू स्क्रीनिंग टेस्ट सैलरी : 44,900 – 2,11,900 रुपए प्रतिमाह फीस : सामान्य : 394 रुपए एससी/एसटी/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस : 294 रुपए ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट mpsc.gov.in पर जाएं। होमपेज पर ‘MPSC Recruitment 2026’ लिंक पर क्लिक करें। मांगी गई सभी जानकारी दर्ज करें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फीस जमा करके फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑफिशियल वेबसाइट लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 2. बैंक ऑफ बड़ौदा में 104 पदों पर भर्ती, आवेदन आज से शुरू बैंक ऑफ बड़ौदा में ग्रुप-हेड, टेरिटरी हेड और डिप्टी मैनेजर के 100 से ज्यादा पदों पर भर्ती निकली है। उम्मीदवार बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट bankofbaroda.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या एवीपी II – ग्रुप हेड 4 एवीपी II – टेरिटरी हेड 17 डिप्टी मैनेजर – सीनियर रिलेशनशिप मैनेजर 70 डिप्टी मैनेजर – (निवेश एवं बीमा) 13 कुल पदों की संख्या 104 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : मान्यता प्राप्त संस्थान से ग्रेजुएशन की डिग्री। पोस्ट ग्रेजुएशन और मैनेजमेंट में डिप्लोमा। एज लिमिट : न्यूनतम : 24 साल अधिकतम : 45 साल एससी, एसटी : 5 साल की छूट ओबीसी : 3 साल की छूट फीस : जनरल, ईडब्ल्यूएस, ओबीसी : 850 रुपए एससी, एसटी, दिव्यांग : 175 रुपए सैलरी : जारी नहीं सिलेक्शन प्रोसेस : शॉर्टलिस्टिंग ऑनलाइन टेस्ट पर्सनल इंटरव्यू डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट bankofbaroda.in पर जाएं। अब ‘Recruitment of Local Bank Officer 2025’ लिंक चुनें। नया पेज खुलने पर ‘Current openings’ टैब पर क्लिक करें। यहां अप्लाई ऑनलाइन लिंक पर क्लिक करें। रजिस्ट्रेशन करके फॉर्म भरें। मांगी गई डिटेल्स दर्ज करे। जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फीस का भुगतान करें। फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकालकर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 3. भारत सरकार टकसाल में 94 वैकेंसी, सैलरी 95 हजार से ज्यादा इंडिया गवर्नमेंट मिंट (भारत सरकार टकसाल) में 94 भर्ती निकली है। इस भर्ती के लिए आवेदन 28 मार्च से शुरू होंगे। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट igmnoida.spmcil.com पर जाकर अप्लाई कर सकेंगे। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : पद के अनुसार, 10वीं पास,12वीं पास, डिप्लोमा, डिग्री। एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 30 साल एससी, एसटी : 5 साल की छूट ओबीसी : 3 साल की छूट पीडब्ल्यूबीडी : 10 साल की छूट सैलरी : पद के अनुसार, 18,780 – 95,910 रुपए प्रतिमाह सिलेक्शन प्रोसेस : ऑनलाइन रिटन एग्जाम स्किल टेस्ट डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन जॉब लोकेशन : मुंबई हैदराबाद कोलकाता नोएडा ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट igmnoida.spmcil.com पर जाएं। अप्लाई ऑनलाइन के टैब पर क्लिक करें। Find Advertisement No. IGMN-01/2026 खोजें। रजिस्ट्रेशन करके फॉर्म भरें। मांगी गई डिटेल्स दर्ज करे। जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फीस का भुगतान करें। फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकालकर रखें। ऑफिशियल वेबसाइट लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 4. उप्र में फार्मासिस्ट के 560 पदों पर भर्ती, लास्ट डेट 29 मार्च उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने फार्मासिस्ट के 560 पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट upsssc.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। उम्मीदवार 5 अप्रैल 2026 तक अपने आवेदन में करेक्शन कर सकेंगे। फीस जमा करने की आखिरी तारीख भी 5 अप्रैल तय की गई है। कैटेगरी वाइस वैकेंसी डिटेल्स : कैटेगरी का नाम पदों की संख्या सामान्य 224 एससी 118 एसटी 11 अन्य 151 ईडब्ल्यूएस 56 टोटल 560 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : PET-2025 का वैलिड स्कोर होना चाहिए। किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से फार्मेसी में डिप्लोमा। उत्तर प्रदेश स्टेट फार्मेसी काउंसिल में रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है। एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 40 साल आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों को नियमानुसार छूट दी जाएगी। फीस : सभी वर्गों के लिए : 25 रुपए सिलेक्शन प्रोसेस : PET-2025 के अंकों के आधार पर मेंस परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्टिंग रिटन एग्जाम डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन सैलरी : 5,200 से 20,200 रुपए प्रतिमाह एग्जाम पैटर्न : एग्जाम मोड : ऑफलाइन क्वेश्चन टाइप : ऑब्जेक्टिव टाइप मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन कुल प्रश्नों की संख्या : 100 कुल अंक : 100 ड्यूरेशन : 2 घंटे निगेटिव मार्किंग : एक चौथाई पार्ट नंबर विषय कुल प्रश्न कुल अंक पार्ट – 1 सब्जेक्ट नॉलेज 65 65 पार्ट – 2 कंप्यूटर एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी – कॉन्सेप्ट्स, लेटेस्ट टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट्स एंड इन्नोवेशन्स इन द फील्ड 15 15 पार्ट – 3 उत्तरप्रदेश से संबंधित जनरल नॉलेज 20 20 टोटल 100 100 ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट upsssc.gov.in पर जाएं। PET रजिस्ट्रेशन नंबर और ओटीपी के माध्यम से लॉग-इन करें। मांगी गई डिटेल्स दर्ज करें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। रजिस्ट्रेशन पेज पर एंटर वेरिफिकेशन कोड में वेरिफिकेशन कोड भरकर सब्मिट कर दें। एप्लिकेशन फीस भरें और फॉर्म को सब्मिट कर दें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक सरकारी नौकरी की ये खबरें भी पढ़ें हफ्ते की टॉप जॉब्स:रेलवे में 10वीं पास की 11,127 भर्तियां, SSB में कॉन्‍स्‍टेबल की 1924 वैकेंसी; इस हफ्ते निकलीं 17,682 नौकरियां इस हफ्ते देशभर के अलग-अलग विभागों में 17,682 पदों पर भर्तियां निकली हैं। अगर आप भी इन पदों के लिए

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ’25 दिन में गैस हो तो खाना कैसे बंद होगा’, सीएम ममता बनर्जी का एलपीजी को लेकर सरकार पर तंज वार

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: '25 दिन में गैस हो तो खाना कैसे बंद होगा', सीएम ममता बनर्जी का एलपीजी को लेकर सरकार पर तंज वार

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़रूम द्वारा सत्यापित पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राज्य की मुख्यमंत्री और भवानीपुर विधानसभा सीट से वैष्णव कांग्रेस (टीएमसी) की उम्मीदवार ममता बनर्जी ने गुरुवार (26 मार्च, 2026) को घरेलू गैस कंपनियों (एलपीजी) की कम्युनिस्ट पार्टी और उनकी कम्युनिस्ट पार्टी को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोल दिया है। उन्होंने आम जनता और स्टाफ महिलाओं की सूची के बारे में जिक्र करते हुए कहा कि स्थिति काफी बड़ी हो रही है। हमें यह भी नहीं पता कि अगले दो दिन गैस मिलेगी या नहीं. अगर यही हाल रहा है तो लोग फिर से पुराने दौर की तरह बैलगाड़ी पर रहेंगे। गैस की बोतलों में गैस की आपूर्ति पर सवाल इस दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गैस के गोदाम में हुए भारी सामान पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि याद है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सत्ता में आने से पहले रसोई गैस की कीमत क्या थी? कीमत 400 रुपए, जो अब तक करीब 1,100 रुपए हो गई है। इसमें 700 रुपए की लूट की गई है। इससे आम जनता के कंधे पर आर्थिक बोझ और भारी वृद्धि हुई है। गैसों की ससुराल में देरी को लेकर सरकार पर कसाई कसाई इसके अलावा, उन्होंने गैस स्टूडेंट की स्टूडेंट में हो रही देरी को लेकर भी स्टूडेंट स्टूडेंट को डेट किया। ममता बनर्जी ने कहा कि जिस दिन मुझे यह पता चला कि अब लोगों के लिए 25 दिन तक गैस सप्लाई का इंतजार किया जा रहा है, उसी दिन मैंने बैठक बुलाई थी। उन्होंने सवाल करते हुए कहा, ‘अगर महिलाओं को 25 दिन तक गैस मिले तो वे खाना कैसे बनाएंगी?’ अन्याय को लेकर केंद्र सरकार ने क्या कहा? पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कहना है कि देश में डीजल और डीजल के डीजल इंजनों को लेकर कई तरह के आरोप लग रहे हैं, जबकि केंद्र सरकार लगातार कह रही है कि देश में डीजल और डीजल की कोई कमी नहीं है। यह भी पढ़ें: संत अविमुक्तेश्वरानंद की मुश्किलें, इलाहाबाद HC से मिली राहत सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

भाजपा नेता ने ‘गुंडों’ पर कार्रवाई की कसम खाई, बंगाल में पार्टी के सत्ता में आने पर यूपी-शैली के मुठभेड़ों का वादा किया | राजनीति समाचार

Brent crude jumped 8% to $116 per barrel and is up nearly 60% since the war began in late February. (Image: Reuters)

आखरी अपडेट:26 मार्च, 2026, 19:47 IST दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल में उत्तर प्रदेश शैली में मुठभेड़ों की कसम खाई, पुलिस और माफियाओं को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर हमला किया, क्योंकि भाजपा ने उन्हें फिर से खड़गपुर सदर से मैदान में उतारा। दिलीप घोष, बंगाल, भाजपा चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में प्रचार जोरों पर है और तैयारियों के बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने गुरुवार को राज्य में भगवा रेजिमेंट के सत्ता में आने पर पूर्ण परिवर्तन और अपराधियों के खिलाफ “उत्तर प्रदेश-शैली मुठभेड़” का वादा किया। अपने पुराने क्षेत्र खड़गपुर में एक चुनाव अभियान के दौरान तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा हमला करते हुए घोष ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में पुलिस वर्तमान में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के इशारे पर काम करती है और अपराधियों और “माफियाओं” के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रहती है। उन्होंने कहा, “4 मई के बाद सब कुछ बदल जाएगा। जिस पुलिस को आप आज माफियाओं के साथ बैठकर चाय पीते और भ्रष्ट नेताओं के चमचों के रूप में काम करते देखते हैं, उनका चरित्र बदल जाएगा। वही पुलिस उत्तर प्रदेश की शैली में मुठभेड़ करेगी और अपराधियों को सलाखों के पीछे डालेगी।” घोष की टिप्पणी से राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है उनकी टिप्पणी से जल्द ही एक राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया और सत्तारूढ़ टीएमसी ने भाजपा पर खुले तौर पर न्यायेतर हिंसा का समर्थन करने का आरोप लगाया। हालाँकि, घोष ने आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने खड़गपुर में लंबे समय तक “गुंडों और माफियाओं” से लड़ाई लड़ी है और ऐसा करना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, “मैंने खड़गपुर में गुंडों और माफियाओं के खिलाफ कई लड़ाईयां लड़ी हैं और मैं फिर लड़ूंगा। लेकिन शायद इस बार इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। एक बार बीजेपी सत्ता में आएगी तो अपराध में शामिल सभी लोगों को पकड़कर जेल भेजा जाएगा।” घोष, जिन्होंने 2016 से 2019 तक विधानसभा में खड़गपुर सदर का प्रतिनिधित्व किया था, को एक बार फिर भाजपा ने निर्वाचन क्षेत्र से मैदान में उतारा है। यह सीट पार्टी के लिए महत्व रखती है, क्योंकि पारंपरिक गढ़ों से परे इसके विस्तार के दौरान यह पश्चिम बंगाल में इसके शुरुआती राजनीतिक ठिकानों में से एक थी। खुद को जमीनी स्तर के समर्थन वाले एक मजबूत नेता के रूप में पेश करते हुए घोष ने कहा कि औद्योगिक शहर में राजनीति के प्रति उनका दृष्टिकोण हमेशा प्रत्यक्ष और टकरावपूर्ण रहा है। “हथियारों से लोगों को धमकाने का आरोप लगाते हुए हमारे खिलाफ मामले दर्ज किए गए। लेकिन अगर कोई डरता है, तो जाहिर तौर पर घोष उसे डराएंगे। आपको क्यों डरना चाहिए? अगर आपमें साहस है, तो आमने-सामने आएं। अगर वे पुलिस की मदद से लूट, चोरी और मतदाताओं को डरा सकते हैं, तो हम उन्हें चुनौती क्यों नहीं दे सकते?” उसने कहा। उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा अपने विरोधियों को आश्चर्यचकित करके राजनीति की है। खड़गपुर के लोगों ने इसी वजह से मुझे वोट दिया और वे फिर से मुझे वोट देंगे।” पहले प्रकाशित: 26 मार्च, 2026, 19:47 IST समाचार राजनीति भाजपा नेता ने ‘गुंडों’ पर कार्रवाई की कसम खाई, बंगाल में सत्ता में आने पर यूपी-शैली के मुठभेड़ों का वादा किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)दिलीप घोष मुठभेड़ टिप्पणी(टी)उत्तर प्रदेश शैली मुठभेड़(टी)भाजपा अभियान पश्चिम बंगाल(टी)तृणमूल कांग्रेस बनाम भाजपा(टी)पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा(टी)खड़गपुर विधानसभा क्षेत्र(टी)पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था

अर्जुन रामपाल के 'भारत माता की जय' नारे पर विवाद:लेखिका ने आर्टिकल में उठाए सावाल; गर्लफ्रेंड गैब्रिएला ने लेख को बताया शर्मनाक

अर्जुन रामपाल के 'भारत माता की जय' नारे पर विवाद:लेखिका ने आर्टिकल में उठाए सावाल; गर्लफ्रेंड गैब्रिएला ने लेख को बताया शर्मनाक

फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ में विलेन बने एक्टर अर्जुन रामपाल एक नए विवाद में फंस गए हैं। हाल ही में एक अवॉर्ड शो के दौरान ‘भारत माता की जय’ का नारा लगाने पर लेखिका शोभा डे ने उनकी आलोचना की है। इस पर अर्जुन की गर्लफ्रेंड गैब्रिएला डेमेट्रियाडेस ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए शोभा डे के लेख को ‘शर्मनाक’ बताया है। दरअसल लेखिका शोभा डे ने एक लेख में लिखा कि ‘अर्जुन रामपाल का भारत माता की जय कहना बॉलीवुड दर्शकों के लिए क्यों चिंता का विषय होना चाहिए।’ शोभा डे ने अपने लेख में तर्क दिया है कि बॉलीवुड में इस तरह के नारों का इस्तेमाल अब ‘स्वाभाविक’ दिखने के लिए राजनीतिक दिशा-निर्देशों के तहत किया जा रहा है। उन्होंने इसे स्टार्स के बदलते राजनीतिक रुख और भविष्य के बॉलीवुड के लिए एक चिंताजनक संकेत बताया है। गर्लफ्रेंड गैब्रिएला ने लेख को बताया शर्मनाक शोभा डे के लेख पर अर्जुन की गर्लफ्रेंड गैब्रिएला ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस तरह की बातें करना शर्मनाक है। गैब्रिएला ने अर्जुन का बचाव करते हुए कहा कि उनके अभिनय और मेहनत को राजनीति से जोड़ना गलत है। गैब्रिएला ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिए फिल्म ‘धुरंधर 2’ की तारीफ भी की और इसे अपनी अब तक की सबसे पसंदीदा हिंदी फिल्म बताया। उन्होंने अर्जुन की लगन और आदित्य धर के निर्देशन को मास्टरपीस कहा है। 26/11 के खौफनाक अनुभव से जुड़ा है नारा अवॉर्ड फंक्शन में अर्जुन ने बताया कि उनके लिए यह नारा सिर्फ एक औपचारिकता नहीं था। साल 2008 के 26/11 हमलों के दौरान अर्जुन खुद ताज होटल में मौजूद थे और अपना जन्मदिन मनाने की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने अपनी आंखों से वो भयावह मंजर देखा था। अर्जुन ने कहा, “धुरंधर फिल्म में काम करना मेरे लिए एक निजी बदला लेने जैसा था। 26/11 की सुबह जब मैं घर लौट रहा था, तो मुझे रास्ते में कई बार रुककर उल्टियां हुई थीं। आदित्य धर ने जब मुझे सीन सुनाया, तो मुझे लगा कि मैं इसके जरिए अपना बदला लूंगा।” ISI एजेंट का रोल कर रो पड़े थे अर्जुन आदित्य धर की इस जासूसी थ्रिलर में अर्जुन रामपाल ने मेजर इकबाल का किरदार निभाया है, जो एक क्रूर पाकिस्तानी ISI एजेंट है। फिल्म के एक सीन में अर्जुन का किरदार होटल में आतंकवादियों के संपर्क में रहकर जश्न मनाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस चुनौतीपूर्ण और नकारात्मक सीन की शूटिंग पूरी करने के बाद अर्जुन खुद सेट पर रो पड़े थे। वहीं फिल्म के सीक्वल ‘धुरंधर: द रिवेंज’ में रणवीर सिंह का किरदार मेजर इकबाल से अपना बदला पूरा करता है।

मध्यप्रदेश-CM के कार्यक्रम से लौट रही बस पलटी, 10 मौतें:छिंदवाड़ा में 30 से ज्यादा घायल; महिला और बच्चे का हाथ कटकर अलग

मध्यप्रदेश-CM के कार्यक्रम से लौट रही बस पलटी, 10 मौतें:छिंदवाड़ा में 30 से ज्यादा घायल; महिला और बच्चे का हाथ कटकर अलग

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में पिकअप वाहन से आमने-सामने की टक्कर के बाद बस पलट गई। हादसे में दोनों गाड़ियों के ड्राइवर समेत 10 लोगों की मौत हो गई। 30 से ज्यादा घायल हुए हैं। एक महिला और एक बच्चे का हाथ कटकर अलग हो गया। कुछ यात्रियों के सिर फूटे हैं। एक्सीडेंट गुरुवार शाम करीब साढ़े 6 बजे सिमरिया के पास हुआ। MP28 P 0321 नंबर की इस बस में 47 लोग सवार थे। यह छिंदवाड़ा के पुलिस लाइन में आयोजित हितग्राही सम्मेलन से लौट रही थी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए थे। उन्होंने मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपए जबकि गंभीर रूप से घायलों को 1-1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। हादसे में 6 पुरुष, 3 महिला और एक बच्चे की मौत छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के डीन अभय सिन्हा ने कहा- मृतकों में 6 पुरुष, 3 महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। एक घायल की हालत नाजुक है, जिसे नागपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। उसके सिर पर गंभीर चोट है। खून के थक्के जम गए हैं। बाकी घायलों को यहीं रखा गया है। इनकी गई जान 1. भागवती (45) 2. दौलत (40) 3. शकुन यादव (45) 4. रामदास (40) 5. रमेश (35) 6. सिया बाई (40) 7. वंश (7) 8. बस ड्राइवर कमल (54) 9. पिकअप ड्राइवर रवि धारे (40) 10. एक अन्य ग्रीन कॉरिडोर बनाकर घायलों को पहुंचाया अस्पताल घायलों को 6 एम्बुलेंसों से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। इसके लिए पुलिस ने हादसे की जगह से अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया। कुछ घायलों को एक स्कूल बस से हॉस्पिटल लाया गया। देखिए, तस्वीरें… हादसे के मिनट टु मिनट अपडेट्स के लिए नीचे दिए लाइव ब्लॉग से जरूर गुजर जाइए…

रीवा में फर्जी सिम नेटवर्क से जुड़े तीन आरोपी गिरफ्तार:72 CAF जांच में गड़बड़ी; एक चेहरे पर कई सिम जारी कर रहे थे

रीवा में फर्जी सिम नेटवर्क से जुड़े तीन आरोपी गिरफ्तार:72 CAF जांच में गड़बड़ी; एक चेहरे पर कई सिम जारी कर रहे थे

रीवा में फर्जी सिम कार्ड जारी करने के मामले में गुरुवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ऑपरेशन F.A.C.E. के तहत की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम जारी करने वाले पीओएस एजेंटों के नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस मुख्यालय और दूरसंचार विभाग के निर्देश पर जिले में चलाए गए अभियान के दौरान सिविल लाइन, सिटी कोतवाली और समान थाना क्षेत्रों में जांच की गई। जांच में कुल 72 कस्टमर एप्लीकेशन फॉर्म (CAF) खंगाले गए, जिनमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आईं। सिविल लाइन क्षेत्र से 41, सिटी कोतवाली से 19 और समान क्षेत्र से 12 CAF की जांच की गई। जांच में पाया गया कि पीओएस संचालक फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक ही व्यक्ति के चेहरे पर कई सिम कार्ड जारी कर रहे थे। कई मामलों में CAF में लगी लाइव फोटो और दस्तावेजों में दर्ज व्यक्ति अलग-अलग पाए गए। आरोपी अधिक कमीशन कमाने के लालच में फर्जी आईडी तैयार कर उसमें अपनी फोटो एडिट कर सिम एक्टिवेट करते थे। ओटीपी के लिए फर्जी नंबरों का इस्तेमाल करते थे इतना ही नहीं, आरोपी ग्राहक की जगह अपनी ही लाइव फोटो अपलोड कर देते थे और ओटीपी प्राप्त करने के लिए अपने या फर्जी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करते थे। इस तरह बिना वैध दस्तावेज वाले लोगों को भी आसानी से सिम उपलब्ध कराए जा रहे थे। मामले में पुलिस ने सिविल लाइन और समान थाने में अपराध दर्ज करते हुए आईपीसी की धारा 419, 420, 468, 471 के साथ आईटी एक्ट की धारा 66C, 66D और दूरसंचार अधिनियम की धारा 42(3)(ई) के तहत कार्रवाई की है। दो गिरफ्तार, तीन से पूछताछ हो रही पुलिस ने इस मामले में आशीष कुमार विश्वकर्मा उर्फ अनिकेत, कमल कुशवाहा उर्फ राजा और लवकुश गुप्ता को गिरफ्तार किया है। तीनों से पूछताछ जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। एडिशनल एसपी आरती सिंह ने कहा कि ऑपरेशन F.A.C.E. के तहत जिले में लगातार कार्रवाई की जा रही है। फर्जी सिम जारी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और इस तरह के मामलों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से फर्जी सिम कार्ड के नेटवर्क पर बड़ी चोट पहुंची है और आगे भी ऐसे अभियानों को जारी रखा जाएगा।