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Shatrughan Sinha: Sonakshi & Zaheer Made for Each Other

Shatrughan Sinha: Sonakshi & Zaheer Made for Each Other

2 दिन पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी बेटी सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल के रिश्ते का समर्थन किया है। उन्होंने हाल ही में न्यूज 18 को दिए एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि सोनाक्षी और जहीर एक-दूसरे के लिए ही बने हैं। शत्रुघ्न ने इस शादी को पूरी तरह सही बताया और कहा कि उनके लिए परिवार की खुशी सबसे बढ़कर है। शत्रुघ्न ने कहा, “हम बहुत खुश हैं। सोनाक्षी की जो शादी हुई है, उसे देखकर लगता है मानो दोनों एक-दूसरे के लिए ही बने हैं।” उन्होंने साफ किया कि सोनाक्षी और जहीर दोनों ही एडल्ट और समझदार हैं और वे अपने फैसले खुद ले सकते हैं। शत्रुघ्न ने आगे कहा, “अगर बच्चे खुश हैं, तो मियां-बीवी राजी तो क्या करेगा काजी। हमें उनका साथ देना चाहिए। मैं पूरे दिल से और एक चट्टान की तरह उनके साथ खड़ा हूं।” सलमान खान की पार्टी में हुई थी पहली मुलाकात सोनाक्षी और जहीर की लव स्टोरी करीब 10 साल पुरानी है। दोनों की पहली मुलाकात साल 2016 में सलमान खान की एक पार्टी में हुई थी। यहीं से उनकी दोस्ती शुरू हुई, जो समय के साथ और मजबूत होती गई। साल 2017 से दोनों ने एक-दूसरे को डेट करना शुरू किया। फिल्म ‘डबल एक्सएल’ में साथ किया काम साल 2022 में दोनों का रिश्ता तब और चर्चा में आया, जब उन्होंने फिल्म ‘डबल एक्सएल’ में साथ काम किया। पर्दे पर उनकी केमिस्ट्री को दर्शकों ने काफी पसंद किया था। करीब 7 साल तक रिलेशनशिप में रहने के बाद साल 2024 में उन्होंने शादी करने का फैसला किया। सोनाक्षी अक्सर सोशल मीडिया पर जहीर के साथ अपनी तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत की थी शादी बता दें कि सोनाक्षी और जहीर ने साल 2024 में ‘स्पेशल मैरिज एक्ट’ के तहत शादी की थी। यह कानून अलग-अलग धर्मों के लोगों को बिना धर्म बदले शादी करने की अनुमति देता है। चूंकि यह एक अंतरधार्मिक विवाह था, इसलिए सोशल मीडिया पर इसे लेकर काफी चर्चा और बहस हुई थी। उस वक्त भी शत्रुघ्न सिन्हा अपनी बेटी के फैसले के साथ मजबूती से खड़े नजर आए थे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

सिद्धारमैया को झुकते हुए कर्नाटक क्रिकेट निकाय प्रमुख की तस्वीर पर बीजेपी की आलोचना, इंटरनेट पर प्रतिक्रियाएं | राजनीति समाचार

The counting for all these elections will be held on May 4, 2026. (AFP)

आखरी अपडेट:मार्च 27, 2026, 17:53 IST आईपीएल टिकट विवाद के बीच वेंकटेश प्रसाद ने शुक्रवार को कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से मुलाकात की। वेंकटेश प्रसाद ने शुक्रवार को कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया से मुलाकात की. (फोटो: एक्स) बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर कर्नाटक राज्य क्रिकेट एसोसिएशन (केएससीए) के अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद की कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया के सामने झुकते हुए एक तस्वीर साझा की और इसे “त्रासदी” कहा। यह बैठक चल रहे आईपीएल टिकट विवाद के बीच आयोजित की गई थी। सूर्या द्वारा साझा की गई तस्वीर में प्रसाद को सीएम सिद्धारमैया के सामने हाथ जोड़कर झुकते हुए देखा जा सकता है। हालाँकि, सूर्या के असंतोष में इंटरनेट उनके साथ नहीं है और कई उपयोगकर्ताओं ने पूछा कि “एक मुख्यमंत्री का अभिवादन करने में क्या समस्या है?” फोटो को एक्स पर शेयर करते हुए सूर्या ने लिखा, “वेंकटेश प्रसाद जैसे राष्ट्रीय आइकन, एक ऐसे व्यक्ति जिसने भारत को गौरव दिलाया, जिसका पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन हमारी सामूहिक स्मृति में स्थायी रूप से अंकित है, आज एक मुख्यमंत्री के सामने हाथ जोड़कर खड़ा है। क्यों? किसी गलत काम के लिए नहीं। किसी कर्तव्य की विफलता के लिए नहीं। बल्कि सिर्फ इसलिए कि उसने अपना काम किया।” उन्होंने आगे कहा कि प्रसाद झुक रहे हैं क्योंकि उन्होंने मुफ्त टिकट न देकर “राजनेताओं के अहंकार को ठेस पहुंचाई है”। “क्योंकि उन्होंने यह अनुमान नहीं लगाया था कि राजनेताओं के नाजुक अहंकार को चोट पहुंचेगी। क्योंकि वह उस संस्कृति के आगे नहीं झुके जो मुफ्त टिकट, विशेष उपचार और निर्विवाद अधिकार की उम्मीद करती है। यह त्रासदी है। जब उत्कृष्टता के साथ देश की सेवा करने वालों को सम्मान में खड़ा किया जाता है, और सार्वजनिक कार्यालय में बैठे लोग जवाबदेही से अधिक विशेषाधिकार की मांग करते हैं, तो मौलिक रूप से कुछ गलत हो गया है,” सूर्या की पोस्ट में लिखा है। यह तस्वीर एक हजार से अधिक शब्द कहती है। यह एक फ्रेम में दर्शाती है कि हमारी राजनीतिक संस्कृति किस स्तर तक सिमट गई है। वेंकटेश प्रसाद जैसे राष्ट्रीय प्रतीक, एक ऐसे व्यक्ति जिन्होंने भारत को गौरवान्वित किया, जिनका पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन हमारी सामूहिक स्मृति में स्थायी रूप से अंकित है… pic.twitter.com/pPdXfC0pci – तेजस्वी सूर्या (@Tejasvi_Surya) 27 मार्च 2026 वेंकटेश प्रसाद ने शुक्रवार को कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से मुलाकात की। एक्स यूजर्स ने सूर्या की पोस्ट पर कमेंट कर उनकी आपत्ति से असहमति जताई. एक टिप्पणी में लिखा है, “चाहे पार्टी कोई भी हो, हमें सबसे पहले अपने माननीय प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री का सम्मान करना होगा.. यह उस जॉब के लिए सम्मान है जो पूरे राज्य/भारत का नेतृत्व कर रहा है।” विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस विधायक विजयानंद कशप्पनवर ने सुझाव दिया कि प्रत्येक विधायक को कम से कम पांच आईपीएल टिकट मिलने चाहिए क्योंकि निर्वाचित सदस्य “वीआईपी” हैं और उन्हें कतार में खड़ा नहीं होना चाहिए। पत्रकारों से बात करते हुए शिवशंकरप्पा ने कहा, “इस महीने की 28 तारीख को आईपीएल मैच शुरू होने वाला है। कर्नाटक राज्य क्रिकेट एसोसिएशन ने विधायकों, मंत्रियों और उनके परिवारों के लिए टिकट उपलब्ध नहीं कराए हैं। वे सरकार से सभी सुविधाएं ले रहे हैं। लेकिन वे विधायकों का सम्मान नहीं कर रहे हैं। वे टिकट जारी नहीं कर रहे हैं। वे इसे ब्लैक में बेच रहे हैं। एक टिकट, जिसकी कीमत 5,000 रुपये है, हम इसे 35,000 रुपये में खरीद रहे हैं।” जगह : कर्नाटक, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 27, 2026, 17:51 IST समाचार राजनीति सिद्धारमैया को झुकते हुए कर्नाटक क्रिकेट निकाय प्रमुख की तस्वीर पर बीजेपी की आलोचना, इंटरनेट पर प्रतिक्रियाएं अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

‘वाराणसी’ के लिए राजामौली ने रची विशाल सिनेमाई दुनिया:रत्नेश्वर मंदिर से घाटों तक 6 एकड़ में बना 'काशी', बारीक डिटेलिंग के साथ बनवाए सेट

‘वाराणसी’ के लिए राजामौली ने रची विशाल सिनेमाई दुनिया:रत्नेश्वर मंदिर से घाटों तक 6 एकड़ में बना 'काशी', बारीक डिटेलिंग के साथ बनवाए सेट

डायरेक्टर एसएस राजामौली एक बार फिर अपने भव्य विजन के साथ बड़े परदे पर नया इतिहास रचने की तैयारी में हैं। ‘बाहुबली’ के दोनों पार्ट और ‘आरआरआर’ की वैश्विक सफलता के बाद अब वह अपनी अगली मेगा फिल्म ‘वाराणसी’ के लिए एक विशाल सिनेमाई दुनिया खड़ी कर चुके हैं। इस फिल्म की कहानी त्रेता युग से लेकर आधुनिक युग तक के समय को कवर करती है। ऐसे में वाराणसी को भी अलग-अलग समय के हिसाब से दिखाया जाएगा। फिल्म की टीम ने इसके लिए दो अलग-अलग वर्जन के सेट तैयार किए हैं। एक प्राचीन समय का और दूसरा आधुनिक दौर का। जरूरत के अनुसार सेट के हिस्सों को बदलकर अलग-अलग युगों की झलक दिखाई जाएगी। फिल्म “वाराणसी’ में महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा और पृथ्वीराज सुकुमारन लीड रोल में नजर आएंगे। हॉलीवुड जैसा है आर्ट डायरेक्शन फिल्म का प्रोडक्शन इन दिनों हैदराबाद में चल रहा है, जहां मेकर्स ने ‘वाराणसी’ शहर का भव्य और डिटेल्ड सेट तैयार किया है। घाटों, मंदिरों और प्राचीन वास्तुकला को इतनी बारीकी से री-क्रिएट किया गया है कि यह सेट असली शहर का एहसास कराते हैं। बताया जा रहा है कि इस सेट डिजाइन में इंटरनेशनल लेवल की आर्ट डायरेक्शन टीम और VFX प्लानिंग को जोड़ा गया है, ताकि स्क्रीन पर एक रियल और इमर्सिव अनुभव दिया जा सके। झुका हुआ शिव मंदिर हूबहू बनाया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेट की सबसे खास बात है रत्नेश्वर महादेव मंदिर की प्रतिकृति, जो अपने झुके हुए ढांचे के लिए प्रसिद्ध है। फिल्म के सेट में इस मंदिर को उसी झुकाव और गहराई के साथ तैयार किया गया है, जो असली मंदिर में देखने को मिलती है। पूरा सेट लगभग 6 एकड़ में फैला हुआ है और इसे असली वाराणसी की तरह ही डिजाइन किया गया है। इसे करीब 30% स्केल डाउन किया गया है। हर छोटी-बड़ी डिटेल का खास ध्यान रखा गया है। इमारतों को असली वाराणसी की तस्वीरों और माप के आधार पर तैयार किया गया है, जिससे इसकी रियलिटी बरकरार रहे। इंटरनेशनल लेवल पर है खूब चर्चा फिल्म की शूटिंग तय समय पर चल रही है। फिलहाल राजामौली और उनकी टीम हैदराबाद की रामोजी फिल्म सिटी में एक एक्शन सीन शूट कर रही है। जिसमें महेश बाबू और खूंखार विलेन पृथ्वीराज सुकुमारन नजर आएंगे। यह भी पता लगा कि, अगला शेड्यूल इसी साल के आखिर में आइसलैंड में होगा। राजामौली जल्द से जल्द शूटिंग पूरी करने की कोशिश में लगे हुए हैं। वहीं फिल्म ने रिलीज से पहले ही ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है। इसकी पहली झलक ले ग्रांड रेक्स में आयोजित ट्रेलर फेस्टिवल में दिखाई गई, जहां दर्शकों ने जबरदस्त रिस्पॉन्स दिया। यह रिएक्शन इस बात का संकेत है कि फिल्म सिर्फ भारतीय ही नहीं, बल्कि इंटरनेशनल मार्केट में भी बड़ा असर छोड़ सकती है।

मंदसौर में अंधविश्वास का जाल बिछाकर महिला से मंगलसूत्र लूटा:81 कदम चलो, बालाजी के दर्शन होंगे” कहकर झांसे में लिया, ढाई तोले का मंगलसूत्र ले गए

मंदसौर में अंधविश्वास का जाल बिछाकर महिला से मंगलसूत्र लूटा:81 कदम चलो, बालाजी के दर्शन होंगे” कहकर झांसे में लिया, ढाई तोले का मंगलसूत्र ले गए

मंदसौर शहर में अंधविश्वास के सहारे ठगी और लूट की चौंकाने वाली वारदात सामने आई है। अफीम गोदाम रोड स्थित जनपद पंचायत के सामने बदमाशों ने 60 वर्षीय महिला को झांसे में लेकर उसका करीब ढाई तोले का मंगलसूत्र लूट लिया। आरोपी धार्मिक बातों और चमत्कार का लालच देकर मौके से फरार हो गए। पीड़िता पद्मावती चौहान (60) पत्नी रसिख बिहारी चौहान शुक्रवार को अमलेश्वर महादेव मंदिर से पूजा कर लौट रही थीं। रास्ते में एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें रोककर डॉक्टर शीतल शर्मा का पता पूछा। “भाग्यशाली हैं आप” कहकर शुरू किया झांसा महिला द्वारा जानकारी नहीं देने पर आरोपी ने उनसे पानी मांगा। इसी दौरान दूसरे व्यक्ति ने कहा कि वह महिला के हाथों से ही पानी पीना चाहता है क्योंकि वह “भाग्यशाली” हैं। इसके बाद महिला को उनकी समस्याओं और “भाग्य रेखा” के नाम पर भ्रमित किया गया। आरोपियों ने महिला और अपने साथी से पेड़ों के पत्ते मंगवाए और बातचीत के दौरान महिला की पारिवारिक जानकारी जुटा ली। फिर सही जानकारी बताकर उसे चमत्कार का अहसास कराया और विश्वास में ले लिया। “81 कदम चलो, बालाजी के दर्शन होंगे” आरोपियों ने अपने साथी को 81 कदम चलवाकर “दर्शन होने” का नाटक किया। इसके बाद महिला से भी 81 कदम चलने और 11 बार “ओम” का जाप करने को कहा गया, जिससे उसका भरोसा और बढ़ गया। महिला को बताया गया कि उसकी समस्या गले में पहने मंगलसूत्र के कारण है। झांसे में आकर महिला ने मंगलसूत्र उतारकर पूजा के लोटे में डाल दिया। फिर उसे बिना पीछे देखे 81 कदम चलने को कहा गया। जैसे ही महिला आगे बढ़ी, दो मोटरसाइकिल पर सवार अन्य दो आरोपी पहुंचे और लोटा लेकर चारों मौके से फरार हो गए। वापस लौटने पर महिला को ठगी का अहसास हुआ। पुलिस ने दर्ज किया मामला, तलाश जारी घटना के बाद पीड़िता ने परिजनों के साथ थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। साथ ही लोगों से अपील की है कि अजनबियों की बातों में आकर किसी भी प्रकार की वस्तु न सौंपें।

अजय देवगन के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में मुकदमा:रीमेक फिल्म भोला के पैसे न चुकाने का आरोप; कैदी फिल्म के प्रोड्यूसर्स कोर्ट पहुंचे

अजय देवगन के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में मुकदमा:रीमेक फिल्म भोला के पैसे न चुकाने का आरोप; कैदी फिल्म के प्रोड्यूसर्स कोर्ट पहुंचे

साल 2023 में आई अजय देवगन स्टारर फिल्म ‘भोला’ अब कानूनी पचड़े में फंस गई है। यह फिल्म 2019 में आई तमिल फिल्म कैदी का रीमेक वर्जन थी। अब कैदी के ओरिजिनल प्रोड्यूसर्स फिल्म भोला के मेकर्स के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचे हैं। उनका आरोप है कि ‘भोला’ के मेकर्स ने रीमेक और कॉपीराइट एग्रीमेंट की शर्तों का उल्लंघन किया है और तय रकम का भुगतान नहीं किया है। पेमेंट न मिलने पर शुरू हुआ विवाद ‘कैदी’ बनाने वाले प्रोडक्शन हाउस ‘ड्रीम वॉरियर पिक्चर्स’ ने यह मामला दर्ज कराया है। कंपनी का दावा है कि उनके पास फिल्म के रीमेक राइट्स के मालिकाना हक हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी 2023 में रिलायंस एंटरटेनमेंट स्टूडियोज के साथ हिंदी रीमेक के लिए एक एग्रीमेंट हुआ था। इसके तहत प्रोडक्शन हाउस को किश्तों में ‘असाइनमेंट फीस’ मिलनी थी, लेकिन कंपनी का आरोप है कि उन्हें 2022 में सिर्फ 1 करोड़ रुपए मिले और बाकी की दो पेमेंट अभी भी पेंडिंग हैं। 4 करोड़ रुपए और ब्याज की मांग ड्रीम वॉरियर पिक्चर्स, रिलायंस और अजय देवगन Ffilms LLP के बीच हुए एग्रीमेंट के तहत तीनों के पास बराबर के रीमेक राइट्स थे, जबकि कमर्शियल राइट्स रिलायंस को दिए गए थे। पैसे न मिलने पर प्रोडक्शन हाउस ने 28 अक्टूबर 2024 को लीगल नोटिस जारी किया था। इसमें ब्याज के साथ 4 करोड़ रुपए की मांग की गई है। नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई थी कि अगर 30 दिनों में भुगतान नहीं हुआ, तो एग्रीमेंट रद्द कर दिया जाएगा और सभी राइट्स वापस ले लिए जाएंगे। NCLT से बॉम्बे हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला इससे पहले ड्रीम वॉरियर पिक्चर्स ने रिलायंस एंटरटेनमेंट के खिलाफ दिवालियापन की कार्यवाही शुरू करने के लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) का रुख किया था। हालांकि, अगस्त 2025 में ट्रिब्यूनल ने इस याचिका को खारिज कर दिया और कहा कि इस विवाद को सिविल कोर्ट में सुलझाया जाना चाहिए। अब यह मामला बॉम्बे हाईकोर्ट में पेंडिंग है, जहां न्यायमूर्ति शर्मिला देशमुख की पीठ इस पर सुनवाई करेगी।

लहर नहीं, फुसफुसाहट: इस बार बंगाल के मुस्लिम मतदाता वास्तव में क्या कह रहे हैं | चुनाव समाचार

The counting for all these elections will be held on May 4, 2026. (AFP)

आखरी अपडेट:मार्च 27, 2026, 16:24 IST वर्षों से यह वोट मोटे तौर पर तृणमूल कांग्रेस के पास रहा है। लेकिन ज़मीनी स्तर पर अब थकान के सूक्ष्म लक्षण दिख रहे हैं ज़मीनी स्तर पर ‘बाबरी मस्जिद’ बंगाल में कोई निर्णायक चुनावी मुद्दा नहीं दिखता. छवि/न्यूज़18 मैं पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में मुस्लिम आबादी वाले जिलों – मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तर दिनाजपुर और बीरभूम – में यात्रा कर रहा हूं और सभी क्षेत्रों के लोगों से बात कर रहा हूं। छोटे व्यापारियों और मदरसा शिक्षकों से लेकर दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों और स्थानीय आवाज़ों तक, एक सवाल उठता रहा: क्या बंगाल में मुसलमानों के बीच राजनीतिक मूड में कुछ चुपचाप बदल रहा है? बंगाल में मुस्लिम मतदाताओं के बारे में मैंने यही सीखा है।’ वर्षों से यह वोट मोटे तौर पर तृणमूल कांग्रेस के पास रहा है। लेकिन ज़मीनी स्तर पर अब थकान के सूक्ष्म लक्षण दिख रहे हैं। यह क्रोध या पूर्ण अस्वीकृति नहीं है—अभी तक नहीं। यह एक धीमी, स्तरित मोहभंग की तरह महसूस होता है। लोग सीमित आर्थिक प्रगति, स्थानीय भ्रष्टाचार और बढ़ती समझ के बारे में बात करते हैं कि राजनीतिक जुड़ाव वास्तविक परिवर्तन की तुलना में लेनदेन के बारे में अधिक हो गया है। मालदा के कालियाचक में मेरी मुलाकात एक फर्नीचर दुकान के मालिक से हुई जो स्थानीय टीएमसी नेताओं के भ्रष्टाचार से निराश है। लेकिन उनका अब भी मानना ​​है कि ममता बनर्जी खुद भ्रष्ट नहीं हैं और समुदाय के लिए सबसे अच्छा विकल्प हैं। साथ ही, हुमायूं कबीर जैसे नेताओं को लेकर कुछ हद तक उत्सुकता और कुछ लोगों में सतर्क दिलचस्पी भी है। उनका तेज़, पहचान-केंद्रित संदेश मुर्शिदाबाद और आस-पास के इलाकों तक पहुंच गया है। लेकिन इसका असर असमान है. मैं शक्तिपुर के माणिक्यहर गांव में अपने घर से कुछ मीटर की दूरी पर एक चाय की दुकान पर एक व्यक्ति से मिला, जिसने उसे सार्वजनिक रूप से खारिज कर दिया। “उनकी दोनों सीटों पर कड़ा मुकाबला होगा। यह कोई आसान काम नहीं होगा,” उन्होंने मुझसे चाय की दुकान में लोगों से भरी हुई बात कही, जिसमें हुमायूं कबीर की टी-शर्ट पहने एक व्यक्ति भी शामिल था, जिसने कोई आपत्ति नहीं जताई। कुछ युवा मतदाता और पादरी वर्ग ध्यान दे रहे हैं, लेकिन कई अन्य लोग इस बारे में अनिश्चित हैं कि वह कितनी दूर तक जा सकते हैं या क्या वह गति बरकरार रख सकते हैं। फिर बेलडांगा में बहुचर्चित “बाबरी मस्जिद” मुद्दा भी है। सतही तौर पर, यह भावनात्मक रूप से प्रभावशाली, यहां तक ​​कि राजनीतिक रूप से भी शक्तिशाली लगता है। लेकिन ज़मीनी स्तर पर यह कोई निर्णायक चुनावी मुद्दा नहीं दिखता. इन जिलों में, अधिकांश लोग नौकरियों, शिक्षा और रोजमर्रा के शासन पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हैं। बाबरी की यादें अभी भी भावनात्मक बोझ रखती हैं, लेकिन आज बंगाल में इसे मतदान व्यवहार में बदलना इतना आसान नहीं है। पश्चिम बंगाल में ‘बाबरी मस्जिद’ के लिए ईंटें रखी गईं। छवि/न्यूज़18 एक दीवार पर हुमायूं कबीर का नाम. छवि/न्यूज़18 मुर्शिदाबाद में एक इस्लामी स्थल जहां दिवंगत अली खामेनेई की तस्वीरें हैं। तस्वीर/न्यूज18 एक शांत लेकिन अधिक गंभीर चिंता भी उभर रही है। कई मुस्लिम मतदाताओं का कहना है कि मतदाता सूची में उनके नाम “न्यायाधीन” के रूप में चिह्नित हैं। वह नौकरशाही टैग अनिश्चितता की भावना पैदा करता है – लगभग राजनीतिक रूप से अदृश्य होने जैसा। 28 फरवरी के बाद, मालदा में, जबकि 18,000 मतदाताओं को मसौदा सूची से हटा दिया गया था, 8 लाख से अधिक नाम न्यायिक समीक्षा के अधीन थे। मुर्शिदाबाद में 11 लाख से अधिक की बड़ी संख्या जांच के दायरे में थी। ऐसे राज्य में जहां मुसलमानों की आबादी लगभग 27% है, यहां तक ​​कि आंशिक बहिष्कार के भी वास्तविक परिणाम हो सकते हैं, न केवल संख्या में बल्कि लोग सिस्टम में अपनी जगह के बारे में कैसा महसूस करते हैं। जिन कई लोगों से मैंने बात की, उन्होंने कहा कि राजनीतिक एजेंसी की उनकी भावना नाजुक, यहां तक ​​कि सशर्त भी लगती है। एक बार शक्तिशाली “मुस्लिम वोट बैंक” शायद शक्तिहीन हो गया है, एसआईआर के लिए धन्यवाद। हालाँकि, जो महत्वपूर्ण हो सकता है, वह वोटों में विभाजन की संभावना है। चूंकि अब कई खिलाड़ी मैदान में हैं – टीएमसी, आईएसएफ और अन्य जो पैठ बनाने की कोशिश कर रहे हैं – विभाजित मुस्लिम वोट के विचार पर पहले की तुलना में अधिक गंभीरता से चर्चा की जा रही है। उन्होंने कहा, इसे विराम कहना जल्दबाजी होगी। टीएमसी के पास अभी भी एक मजबूत संगठनात्मक आधार और कई मतदाताओं के बीच विश्वास का स्तर है। लेकिन जो चीज़ बदलती दिख रही है वह उस समर्थन की निश्चितता है। लोग और भी सवाल पूछ रहे हैं. विकल्प कम स्वचालित लगते हैं। लंबे समय में पहली बार, बंगाल के मुस्लिम मतदाता एक एकल, समान गुट की तरह महसूस नहीं करते हैं। लेकिन सावधानी बरतने की बात है- यह अभी भी पार्टी से ज्यादा ममता बनर्जी हैं, जो मुस्लिम मतदाताओं के बीच बेजोड़ प्रभाव रखती हैं। मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज में, मैं एक मस्जिद के पास रुका और युवाओं के एक समूह से बात की। उनमें से एक ने इसे स्पष्ट रूप से संक्षेप में कहा: “पिछले 10 वर्षों से हमारे टीएमसी विधायक अमीरुल इस्लाम ने कुछ नहीं किया। हमें खुशी है कि दीदी ने सीट बदल दी है। अब हमारे पास एक नया उम्मीदवार है, नूर आलम। हम उसे जिताएंगे।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : मुर्शिदाबाद, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 27, 2026, 16:22 IST समाचार चुनाव लहर नहीं, फुसफुसाहट: इस बार बंगाल के मुस्लिम मतदाता वास्तव में क्या कह रहे हैं अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और 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kaddu ke beej kaise khaye । कद्दू के बीज कैसे खाएं

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होमफोटोलाइफ़फूड कद्दू के बीज कैसे खाएं ताकि मिले पूरा फायदा? जानिए सही तरीका और सही मात्रा Last Updated:March 27, 2026, 16:15 IST Kaddu ke Beej Kaise Khaye: कद्दू के बीज सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं और इसमें जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. इन्हें कच्चा या भूनकर खाया जा सकता है. सुबह या शाम के समय खाने से ज्यादा फायदा मिलता है. रोजाना 1 से 2 चम्मच मात्रा ही पर्याप्त होती है. इन्हें सलाद, दही या स्मूदी में मिलाकर भी खाया जा सकता है. Kaddu ke Beej Kaise Khaye: कद्दू के बीज छोटे जरूर होते हैं, लेकिन सेहत के लिए बेहद ताकतवर माने जाते हैं. अक्सर लोग कद्दू की सब्जी तो खा लेते हैं, लेकिन उसके बीज फेंक देते हैं, जबकि यही बीज शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. कद्दू के बीज में प्रोटीन, फाइबर, मैग्नीशियम, जिंक और हेल्दी फैट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यही वजह है कि आजकल लोग इन्हें अपनी डाइट में शामिल कर रहे हैं. ये दिल की सेहत से लेकर इम्युनिटी बढ़ाने तक कई फायदे देते हैं. लेकिन कई बार लोग इन्हें गलत तरीके से खा लेते हैं, जिससे पूरा फायदा नहीं मिल पाता. अगर आप सही तरीके से कद्दू के बीज खाएंगे, तो ये आपके शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करेंगे और आपकी डेली डाइट को हेल्दी बना देंगे. कद्दू के बीज खाने का सही तरीका क्या है: कद्दू के बीज को आप कच्चा भी खा सकते हैं और भूनकर भी. अगर आप कच्चे बीज खा रहे हैं, तो ध्यान रखें कि वे साफ और सूखे हों. वहीं भुने हुए बीज ज्यादा टेस्टी और आसानी से पचने वाले होते हैं. आप इन्हें हल्की आंच पर बिना ज्यादा तेल के भून सकते हैं. चाहें तो थोड़ा सा नमक डालकर इन्हें और स्वादिष्ट बना सकते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google कब और कैसे खाएं कद्दू के बीज: कद्दू के बीज खाने का सबसे अच्छा समय सुबह या शाम का होता है. आप इन्हें स्नैक की तरह खा सकते हैं या अपने नाश्ते में शामिल कर सकते हैं. सुबह खाली पेट थोड़ी मात्रा में खाने से शरीर को अच्छी एनर्जी मिलती है. इसके अलावा आप इन्हें सलाद, दही या ओट्स में मिलाकर भी खा सकते हैं. कितनी मात्रा में खाना सही है: कद्दू के बीज बहुत हेल्दी होते हैं, लेकिन ज्यादा मात्रा में खाने से नुकसान भी हो सकता है. रोजाना 1 से 2 चम्मच कद्दू के बीज पर्याप्त होते हैं. ज्यादा खाने से पेट में भारीपन या गैस की समस्या हो सकती है. इसलिए हमेशा संतुलन में ही खाएं. किन तरीकों से डाइट में शामिल करें: आप कद्दू के बीज को कई आसान तरीकों से अपनी डाइट में जोड़ सकते हैं. इन्हें स्मूदी में डाल सकते हैं, सलाद के ऊपर छिड़क सकते हैं या दही के साथ मिला सकते हैं. कुछ लोग इन्हें भूनकर सीधे स्नैक की तरह खाते हैं, जो बहुत स्वादिष्ट और हेल्दी होता है. कद्दू के बीज खाते समय किन बातों का ध्यान रखें: कद्दू के बीज खाते समय साफ-सफाई का ध्यान रखें. अगर बीज कच्चे हैं, तो उन्हें अच्छी तरह धोकर सुखा लें. ज्यादा नमक या मसाले डालकर खाने से इसके फायदे कम हो सकते हैं. अगर आपको किसी तरह की एलर्जी है, तो पहले थोड़ी मात्रा में ट्राई करें. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.) First Published : March 27, 2026, 16:15 IST

तेलंगाना के पूर्व सीएम केसीआर की बेटी के कविता ने 25 अप्रैल को नई पार्टी लॉन्च करने की घोषणा की | राजनीति समाचार

The counting for all these elections will be held on May 4, 2026. (AFP)

आखरी अपडेट:मार्च 27, 2026, 16:12 IST तेलंगाना जागृति की के कविता 25 अप्रैल को मुनिराबाद में नई राजनीतिक पार्टी लॉन्च करेंगी, जिसमें तेलंगाना के युवाओं से राजनीति में शामिल होने और राज्य के भविष्य को नया आकार देने का आग्रह किया जाएगा। तेलंगाना जागृति की के कविता 25 अप्रैल को मुनिराबाद में नई राजनीतिक पार्टी लॉन्च करेंगी, जिसमें तेलंगाना के युवाओं से राजनीति में शामिल होने और राज्य के भविष्य को नया आकार देने का आग्रह किया जाएगा। तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव (केसीआर) की बेटी के कविता ने 25 अप्रैल को तेलंगाना में एक नई राजनीतिक पार्टी शुरू करने की घोषणा की है, जिसमें राज्य के युवाओं और लोगों से सक्रिय रूप से राजनीति में भाग लेने की सीधी अपील की गई है। एक वीडियो संदेश में कविता ने कहा कि राजनीति इतनी महत्वपूर्ण है कि इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और उन्होंने युवाओं से राजनीतिक प्रक्रिया से दूर नहीं रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “मैं तेलंगाना के लोगों से अनुरोध करना चाहती हूं कि कृपया यह न सोचें कि राजनीति हमारा काम नहीं है। निश्चित रूप से, राजनीति हमारा काम है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राजनीति दैनिक जीवन के हर पहलू को प्रभावित करती है और इसे आम नागरिकों से दूर की चीज़ के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। कविता ने कहा, “राजनीति रॉकेट साइंस नहीं है। भले ही यह रॉकेट साइंस है, यह हमारे जीवन में एक अनिवार्य चीज है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।” विशेष रूप से तेलंगाना के युवाओं से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि वास्तविक बदलाव तभी आ सकता है जब लोग राजनीतिक व्यवस्था में प्रवेश करेंगे और भीतर से काम करेंगे। उन्होंने कहा, “मैं तेलंगाना के युवाओं से अपील करती हूं कि कृपया अपने हाथ पीछे न रखें और राजनीति से दूर रहें। राजनीति में शामिल हों। राजनीति बदलें। राज्य की राजनीति को बदलने के लिए आपको एक राजनीतिक दल के अंदर या एक राजनीतिक व्यवस्था के अंदर रहना होगा।” कविता ने लोगों को बड़ी संख्या में पार्टी गठन बैठक में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया और नेताओं, समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं से उस आंदोलन का हिस्सा बनने का आह्वान किया जिसे उन्होंने तेलंगाना के भविष्य को नया आकार देने के लिए एक आंदोलन बताया। उनकी घोषणा के मुताबिक, नई पार्टी 25 अप्रैल को मुनिराबाद में लॉन्च की जाएगी. उन्होंने इस पहल को जन-नेतृत्व वाला प्रयास बताया और कहा कि तेलंगाना का भविष्य दूसरों पर नहीं छोड़ा जा सकता। कविता ने कहा, “हम तेलंगाना का भविष्य बदल देंगे। लेकिन इसे बदलने के लिए, हम किसी और पर निर्भर नहीं रह सकते। हमें नीचे उतरना होगा, पैर गंदे, गंदे हाथ, इसे ईंट दर ईंट खुद बनाना होगा।” उनकी घोषणा का तेलंगाना में राजनीतिक महत्व होने की संभावना है, विशेष रूप से बीआरएस प्रमुख केसीआर की बेटी के रूप में उनकी स्थिति और तेलंगाना जागृति के अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका को देखते हुए, क्योंकि यह राज्य में भविष्य के चुनावी मुकाबलों से पहले एक नए राजनीतिक पुनर्गठन का संकेत दे सकता है। पहले प्रकाशित: मार्च 27, 2026, 16:12 IST समाचार राजनीति तेलंगाना के पूर्व सीएम केसीआर की बेटी के कविता ने 25 अप्रैल को नई पार्टी लॉन्च करने की घोषणा की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तेलंगाना में नई राजनीतिक पार्टी(टी)के कविता तेलंगाना पार्टी लॉन्च(टी)तेलंगाना की राजनीति में युवा(टी)तेलंगाना जागृति के कविता(टी)केसीआर की बेटी नई पार्टी(टी)तेलंगाना राजनीतिक पुनर्गठन(टी)मुनीराबाद पार्टी गठन बैठक(टी)तेलंगाना की राजनीति का भविष्य

महाराष्ट्र का 10वीं फेल ढोंगी बाबा:पूजा के नाम पर मर्सिडीज और 6 करोड़ ऐंठे, लड़कियां सप्लाई करने का भी आरोप

महाराष्ट्र का 10वीं फेल ढोंगी बाबा:पूजा के नाम पर मर्सिडीज और 6 करोड़ ऐंठे, लड़कियां सप्लाई करने का भी आरोप

महाराष्ट्र के नासिक में गिरफ्तार स्वयंभू ‘बाबा’ अशोक खरात को लेकर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। गुरुवार को पुणे के एक बड़े लॉजिस्टिक्स कारोबारी राजेंद्र जसूद ने खरात के खिलाफ नौवीं एफआईआर दर्ज कराई। खरात पर राजेंद्र से विदेश में बिजनेस सफल कराने और ‘अवतार पूजा’ के नाम पर करीब 6 करोड़ रुपए ठगने का आरोप है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह मामला केवल ठगी तक सीमित नहीं, बल्कि रसूखदार लोगों से जुड़े अन्य एंगल की भी जांच की जा रही है, जिसमें लड़कियां सप्लाई करने से जुड़े आरोपों की भी पड़ताल हो रही है। खरात ने पीड़ित व्यापारी को डराया था कि अगर पूजा नहीं की तो नाग देवता काट लेंगे और उसकी मौत हो जाएगी। इसी खौफ में उसने व्यापारी से 90 लाख रु. की मर्सिडीज कार और फार्महाउस के इंटीरियर के लिए करोड़ों रुपए वसूल लिए। खरात ने कारोबारी को झांसा दिया था कि उसे अवतार पूजा के लिए 21 अलग-अलग कोनों से ऊर्जा बटोरनी होगी। इसके लिए उसने म्यांमार, ग्रीनलैंड और अमेरिका तक यात्राएं कराईं। विधायक की पत्नी भी खरात की ‘खास भक्त’ खरात के ‘ब्रह्मसदन’ और ईशान्येश्वर मंदिर में आम लोगों के साथ-साथ सत्ता से जुड़े लोग भी पहुंचते थे। एक विधायक की पत्नी भी उसकी प्रमुख भक्तों में शामिल बताई जा रही हैं। वह न केवल नियमित रूप से पूजा के लिए आती थीं, बल्कि ट्रस्ट की गतिविधियों में भी सक्रिय थीं। कई पूर्व मंत्रियों और अधिकारियों के साथ खरात की तस्वीरें अब जांच के दायरे में हैं। गणित में 28 नंबर वाला सिखा रहा था ‘अंकशास्त्र’ जांच में खरात की 1983 की असली मार्कशीट मिली है, जिसने उसके दावों की पोल खोल दी। खरात खुद को ‘डॉक्टर ऑफ कॉस्मोलॉजी’ और अंकशास्त्र का विशेषज्ञ बताता था, लेकिन वह 10वीं की परीक्षा में फेल हो चुका था। उसे गणित में महज 28 अंक मिले थे पर वह ‘न्यूमेरोलॉजी’ और ‘ग्रह दोष’ के नाम पर अमीर लोगों को प्रभावित करता था। झूमर की लाइट बंद होते ही ‘शुद्धिकरण’ का खेल शुरू स्टाफ समझता था कोड लैंग्वेज… अंदर कब नहीं जाना है एसआईटी प्रमुख तेजस्वी सातपुते की जांच में एक ‘कोड लैंग्वेज’ का पता चला है। केबिन के बाहर एक झूमर लगा था। जब खरात किसी महिला को ‘शुद्धिकरण’ के लिए बुलाता, तो झूमर की लाइट बंद कर देता था। स्टाफ समझ जाता था कि अंदर यौन शोषण चल रहा है और किसी को प्रवेश नहीं करना है। वीडियो वायरल करने वालों पर एक्शन इस मामले में पीड़ित महिलाओं की पहचान उजागर करने वाले अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाने के आरोप में राहुल शिंदे और योगेश अधव को गिरफ्तार किया गया है।

तमिलनाडु चुनाव 2026: अन्नाद्रमुक ने जारी की दूसरी सूची, अब तक 150 उम्मीदवारों के नाम | चुनाव समाचार

Rwanda vs Nigeria Live Score: Nigeria Invitational Women's T20I Tournament 2026 (Credit: X/cricket_nigeria)

आखरी अपडेट:मार्च 27, 2026, 16:03 IST एडप्पादी के पलानीस्वामी की एआईएडीएमके ने तमिलनाडु चुनाव के लिए 127 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की है। पार्टी ने कई प्रमुख विधायकों को फिर से उम्मीदवार बनाया है। प्रतीकात्मक छवि आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए अपनी तैयारी तेज करते हुए, विपक्षी अन्नाद्रमुक ने शुक्रवार को अपने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की, जिसमें 127 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों के नाम बताए गए। पार्टी ने कई मौजूदा विधायकों और वरिष्ठ नेताओं को बरकरार रखा है। सूची में कई पूर्व मंत्री और प्रमुख पार्टी पदाधिकारी शामिल हैं, जो 23 अप्रैल के एकल चरण के चुनावों में निरंतरता के साथ अनुभव को संतुलित करने के पार्टी के प्रयास का संकेत देता है। अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी ने नामों की घोषणा की, जिसमें तिरुनेलवेली विधानसभा क्षेत्र भी शामिल है, जो वर्तमान में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंथ्रान के पास है, जिन्होंने 2021 के चुनाव में सीट जीती थी। तिरुनेलवेली के लिए, अन्नाद्रमुक ने पार्टी के वरिष्ठ सदस्य थंजई एन गणेशराजा को मैदान में उतारा है। नागेंथ्रान ने कहा था कि वह आगामी चुनाव में विरुधुनगर जिले के सत्तूर निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। अन्नाद्रमुक की दूसरी सूची में प्रमुख चेहरों में राज्य के पूर्व मंत्री बीवी रमन्ना हैं, जिन्हें तिरुवल्लूर से उम्मीदवार बनाया गया है। एक अन्य पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक पोलाची वी. जयारमन को पोलाची से फिर से उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी विधायक मरागादम कुमारवेल एक बार फिर मदुरंथकम से चुनाव लड़ेंगे। तमिलनाडु में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का नेतृत्व करने वाली अन्नाद्रमुक राज्य की 234 विधानसभा सीटों में से 169 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। इससे पहले इसने 23 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों के नाम की पहली सूची जारी की थी, जिसमें खुद पलानीस्वामी भी शामिल थे। शुक्रवार की घोषणा के साथ, पार्टी ने अब तक 150 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। आने वाले दिनों में बाकी सीटों की घोषणा होने की उम्मीद है. तमिलनाडु में एनडीए के अन्य घटक दलों में एआईएडीएमके के अलावा बीजेपी, पीएमके और एएमएमके शामिल हैं। राज्य के सभी 234 विधानसभा क्षेत्रों में एक चरण में चुनाव 23 अप्रैल को होंगे। जगह : तमिलनाडु, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 27, 2026, 15:41 IST समाचार चुनाव तमिलनाडु चुनाव 2026: एआईएडीएमके ने जारी की दूसरी सूची, अब तक 150 उम्मीदवारों के नाम घोषित अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव उम्मीदवार(टी)एआईएडीएमके उम्मीदवार सूची(टी)तमिलनाडु चुनाव 2026(टी)एडप्पादी के पलानीस्वामी एआईएडीएमके(टी)एआईएडीएमके एनडीए गठबंधन तमिलनाडु(टी)नैनार नागेंथ्रान बीजेपी तमिलनाडु(टी)एआईएडीएमके दूसरी सूची 127 सीटें(टी)तमिलनाडु एकल चरण विधानसभा चुनाव