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बिना दवा कोलेस्ट्रॉल कैसे कम करें? ये 5 फूड्स करेंगे नसों में जमा गंदे फैट को हटाने में मदद

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Last Updated:March 28, 2026, 23:50 IST Tips To Reduce Cholesterol: यदि आपका एलडीएल कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है, तो इसे कंट्रोल करने के लिए डाइट में सुधार जरूरी है. रोजाना मेथी,लहसुन, अलसी जैसे फूड्स का सेवन करें. साथ ही साइकिल चलाना, और स्ट्रेचिंग जैसी एक्टिविटी को दिनचर्या में शामिल करने से आप कोलेस्ट्रॉल की दवा खाने से बच सकते हैं. ख़बरें फटाफट आज की तेज-तर्रार जिंदगी में ज्यादातर लोग दिनभर एक ही जगह बैठकर काम करते हैं. इसके कारण शरीर की गतिविधि कम हो गई है और धीरे-धीरे कई स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ने लगी हैं. इनमें सबसे बड़ी चिंता बढ़ता कोलेस्ट्रॉल है. विशेषकर 30 साल की उम्र के बाद कोलेस्ट्रॉल और लिवर से जुड़ी समस्याएं तेजी से देखने को मिल रही हैं. डॉक्टर आमतौर पर दवाओं के जरिए इसे कंट्रोल करते हैं, जो खून को पतला करने में मदद करती हैं. लेकिन आयुर्वेद में भी कुछ सरल और प्राकृतिक उपाय बताए गए हैं, जिनसे बिना ज्यादा दवा के कोलेस्ट्रॉल संतुलित किया जा सकता है. कोलेस्ट्रॉल के लक्षणबढ़ता हुआ कोलेस्ट्रॉल शरीर पर गंभीर असर डालता है. यह स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकता है. शुरुआती स्टेज में इसके लक्षण कम दिखाई देते हैं, लेकिन कुछ संकेत मिल सकते हैं, जैसे- पलकों या शरीर पर धब्बे- सीने में दर्द या भारीपन सांस लेने में तकलीफ जल्दी थकान पैरों में ऐंठन कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने का नेचुरल तरीका सुबह की शुरुआत मेथी और लहसुन से करेंरात को मेथी के दानों को पानी में भिगो दें और उसमें एक कली लहसुन डाल दें. सुबह इस पानी को छानकर पीने से शरीर में जमा कोलेस्ट्रॉल कम होने लगता है. साथ ही, कोलेस्ट्रॉल बनने की प्रक्रिया भी धीमी हो जाती है. अगर चाहें तो लहसुन को हल्का भूनकर भी खा सकते हैं. नाश्ते में ओट्स और अलसी का सेवनओट्स में मौजूद बीटा-ग्लूकन और अलसी का ओमेगा-3 हार्ट के लिए बहुत फायदेमंद होता है. यह खराब कोलेस्ट्रॉल को बाहर निकालने में मदद करता है और दिल पर पड़ने वाले दबाव को कम करता है. दालों और राजमा को डाइट में शामिल करेंराजमा और दालों में फाइबर और प्लांट प्रोटीन होता है, जो कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को रोकते हैं. इसके अलावा, यह दिल को मजबूत बनाते हैं और शरीर की कार्य क्षमता बढ़ाते हैं. रिफाइंड तेल से बचेंजितना हो सके खाने में रिफाइंड तेल का इस्तेमाल कम करें. यह कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है. इसके बजाय सरसों, तिल या जैतून का तेल इस्तेमाल करना फायदेमंद रहेगा. नियमित व्यायाम जरूरीसिर्फ आहार ही नहीं, रोजाना हल्का-फुल्का व्यायाम या योग भी कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करता है. चलना, साइकिल चलाना, और स्ट्रेचिंग जैसी एक्टिविटी को दिनचर्या में शामिल करें. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें First Published : March 28, 2026, 23:50 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

धुरंधर-2 में कौन-सा ‘स्लो पॉइजन’ यूज किया गया? स्किन से बॉडी में पहुंचने वाला ये जहर असली या महज कल्पना

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Last Updated:March 28, 2026, 23:23 IST Slow Poison Used In Dhurandhar 2: बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर मूवी धुरंधर की पीक डिटेलिंग की खूब चर्चा हो रही है. यहां तक की इसमें इस्तेमाल किया गया स्लो पॉइजन भी असली है. इस जहर का नाम डाइमिथाइल मरक्यूरी है जिसकी एक बूंद भी स्किन पर डायरेक्ट लग जाए तो जिंदगी खतरे में आ जाती है. ख़बरें फटाफट धुरंधर द रिवेंज में एक ऐसा सीन दिखाया गया है, जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है. फिल्म में रणवीर सिंह का किरदार हमजा अली मजारी, बड़े साहब को खत्म करने के लिए डाइमिथाइल मरक्यूरी का इस्तेमाल करने की कोशिश करता है.लेकिन वह सफल नहीं हो पाता. कहानी में बाद में पता चलता है कि जमील जमाली का किरदार निभा राकेश बेदी ने पहले ही यह काम कर दिया था. इसका ही नतीजा था कि बड़े साहब कई सालों से बीमार चल रहे थे और अपने बिस्तर तक से उठ तक नहीं सकते थे. अब हम आपको यहां पूरी कहानी बताकर स्पॉइलर नहीं देंगे, लेकिन यदि आप सोशल मीडिया पर इसमें इस्तेमाल किए गए स्लो पॉइजन डाइमिथाइल मरक्यूरी के असली होने के सवालों से जुड़े पोस्ट बार-बार देख रहे हैं, तो ये लेख आपके लिए है. डाइमिथाइल मरक्यूरी नाम का कोई जहर है? फिल्मों में काल्पनिक चीजों को दिखाया जाना नॉर्मल है. लेकिन जब बात धुरंधर जैसी मूवी की ही जिसकी पीक डिटेलिंग रोज जमाने को चौंका रही है, तो सवाल उठाने से पहले रिसर्च कर लेना जरूरी है. डाइमिथाइल मरक्यूरी नाम का जहर वास्तव में है. ये महज डायरेक्टर आदित्य धर की कल्पना नहीं है. इस जहर का इस्तेमाल मुख्य रूप से रिसर्च में कामों किया जाता है. डाइमिथाइल मरक्यूरी क्या है? अमेरिकन केमिकल सोसायटी के मुताबिक, डाइमिथाइल मरक्यूरी इंसान का खोजा गया सबसे खतरनाक रसायन है. डाइमिथाइलमर्करी एक तरह न्यूरोटॉक्सिन है जो निगलने, सांस के साथ अंदर लेने या त्वचा द्वारा अवशोषित होने पर जानलेवा हो सकता है.इसके बारे में सबसे पहले 1858 में पता चला था. पर्यावरण में इसकी मौजूदगी का पता 1969 में चला, जब स्वीडन के वैज्ञानिकों ने बताया कि ये केमकल और इसका एक दूसरा रूप मिथाइलमरकरी गंदे पानी, खासकर मरकरी से प्रदूषित झीलों और सड़ी हुई मछलियों में बनता है. क्या एक बूंद से हो सकती है मौत? इस रिपोर्ट के अनुसार, डाइमिथाइलमर्करी, ऑर्गेनिक मर्करी यौगिकों के एक वर्ग से संबंधित है जिसे ‘एल्काइल मर्करी’ के नाम से जाना जाता है. इसका उपयोग मुख्य रूप से रिसर्च कार्यों में किया जाता है. इसका को रंग नहीं होता है, गंध में हल्का मीठा होता है. सबसे खासबात है कि ये डाइमिथाइलमर्करी त्वचा द्वारा आसानी से अवशोषित हो जाता है.इसकी 0.1 mL से भी कम मात्रा का अवशोषण ही शरीर में जानलेवा जहर बनाने के लिए काफी होता है. हालांकि ये काम करना तुरंत शुरू कर देता है, लेकिन इसके लक्षण बहुत मामूली तौर पर शुरू होते हैं. शुरुआत में ऐसा लगता है जैसे व्यक्ति को फूड प्वॉइजनिंग ही हुआ है, लेकिन ये मौत की शुरुआत होती है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें First Published : March 28, 2026, 23:23 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

सौंफ के पानी के फायदे: सुबह खाली पेट सौंफ का पानी पीने से हो सकते हैं ये फायदे, जानें कब और कैसे लें

सौंफ जल के फायदे

सौंफ पानी के फायदे | छवि: फ्रीपिक सौंफ जल के फायदे: रसोई में सौंफ का इस्तेमाल सौंफ से माउथ फ्रेशनर और मसालों के रूप में किया जा रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रात भर पानी में सौंफ का पानी स्वास्थ्य के लिए अमृत से कम नहीं है? आयुर्वेद के अनुसार, सौंफ की तासीर की आवश्यकता होती है, जो इसे विशेष रूप से खाली पेट सेवन के लिए उत्तम बनाती है। आइए जानते हैं कि रोजाना सुबह खाली पेट सौंफ का पानी पीने से शरीर को क्या-क्या फायदे हो सकते हैं और इसे तैयार करने का सही तरीका क्या है। पाचन में सुधार सौंफ का पानी करता है सौंफ के पानी का सबसे बड़ा फायदा पाचन क्रिया को समझना है। इसमें मौजूद एसेंशियल ऑयल जैसे ‘एनेथॉल’ पाचन एंजाइम सक्रिय होते हैं। यह अपच, पेट फूलना, और कब्ज जैसी समस्याओं से मुक्ति में राहत है। वजन में सौंफ का पानी मदद करता है अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो सौंफ का पानी एक प्राकृतिक मेटाबॉलिज्म बूस्टर का काम करना चाहता है। यह बॉडी के स्टोरेज को कम करने और भूखण्ड को नियंत्रित करने में मदद करता है, जिससे आप ओवरईटिंग से बच सकते हैं। सौंफ का पानी शरीर को डिटॉक्स करता है सौंफ का पानी एक बेहतरीन डिटॉक्स ड्रिंक है। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है और मधुमेह को साफ करने में मदद करता है। इससे सभी उपयोग की सफाई हो सकती है। सौंफ का पानी चेहरे पर निखार है अगर आपके चेहरे पर पानी फिर गया है तो आपको रोजाना खाली पेट का पानी जरूर पीना चाहिए। इस चेहरे पर निखार आता है। इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स के बारे में भी बताया गया है। आंखों की रोशनी मदगार में सौंफ का पानी है सौंफ में विटामिन-ए प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। सुबह खाली पेट का पानी आंखों के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है, जिससे आंखों की रोशनी में सुधार होता है। सौंफ का पानी कैसा है? एक टैंकर पानी में एक स्मारक सौंफ स्टोमिन रात भर के लिए छोड़ दें। सुबह इस पानी को अच्छा खाली पेट पिएं। यह सबसे असरदार औषधि मानी जाती है। यदि आप रात में सॉसेजना भूल गए हैं, तो एक गिलास पानी में सौंफ मॉड्यूल उसे 5-7 मिनट तक बढ़ाएं। जब पानी का प्रभाव गुनगुना रह जाए, तब यह अच्छा हो सकता है। रिवाइंड का पानी खाली पेट पीना सबसे अच्छा होता है। इसे चाय या कॉफ़ी पीने से कम से कम 30 मिनट पहले लें। ये भी पढ़ें – मैंगो मुरब्बा रेसिपी: दादी-नानी वाले स्वाद के साथ नारियल कैरी का मुरब्बा, नोट करें आसान रेसिपी अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।

चिनार ड्रीम सिटी में लिफ्ट गिरने का मामला:उप समिति अध्यक्ष सहित दो सदस्यों पर लापरवाही बरतने की FIR दर्ज

चिनार ड्रीम सिटी में लिफ्ट गिरने का मामला:उप समिति अध्यक्ष सहित दो सदस्यों पर लापरवाही बरतने की FIR दर्ज

भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र स्थित चिनार ड्रीम सिटी में 28 फरवरी को लिफ्ट गिरने से एक रहवासी गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस मामले में पुलिस ने जांच के बाद उप समिति अध्यक्ष सहित दो सदस्यों पर लापरवाही बरतने का मामला दर्ज किया है। अचानक लिफ्ट छठे फ्लोर से सीधे नीचे जाने लगी पुलिस के मुताबिक आई-605, चिनार ड्रीम सिटी मिसरोद निवासी अनुज पथरौल (24) प्राइवेट लिमिटेड कंपनी मंडीदीप में मार्केटिंग का काम करते हैं। बीते माह 28 फरवरी को वह अपने फ्लैट से अपने साथी प्रदीप यादव के साथ मंडीदीप फैक्ट्री में जाने के लिए निकले थे। सुबह 9.40 बजे पर अनुज पथरौल ने आई ब्लॉक की लिफ्ट का बटन दबाया। दरवाजा खुल गया और वह दोस्त प्रदीप के साथ लिफ्ट में चले गए। तभी अचानक लिफ्ट छठे फ्लोर से सीधे नीचे जाने लगी। अनुज ने इमरजेंसी बटन भी दबाया। लेकिन इसके बावजूद लिफ्ट नहीं रुकी और सीधे नीचे आकर गिर गई। इस हादसे में उनके दाहिने पैर की एंकल बोन फ्रेक्चर हो गया, जबकि साथी को मामूली चोट आई है। तीन लोगों की लापरवाही आई सामने प्राथमिक इलाज निजी अस्पताल में कराने के बाद वह अपने घर विदिशा चले गए। लिफ्ट गिरने के मामले में उप समिति अध्यक्ष जयपाल शर्मा और लिफ्ट रिपेयर नीरज पवार सहित मेंटेनेंस प्रभारी प्रकाश विश्वकर्मा की बड़ी लापरवाही सामने आई है। मिसरोद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ लापरवाही बरतने की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

Pumpkin Benefits : वजन घटाए, इम्युनिटी बढ़ाए…99% लोग नहीं जानते कद्दू के ये वाले जादुई फायदे

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Last Updated:March 28, 2026, 22:54 IST Pumpkin health benefits : आज हम बात करेंगे कद्दू की, जिसे कोहड़ा के नाम से भी जाना जाता हैं. यह केवल एक साधारण सब्जी नहीं, बल्कि सेहत का खजाना है. इसमें विटामिन A, C, E, फाइबर और पोटेशियम भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इसके सही सेवन से कई रोग ठीक हो सकते हैं. बलिया की आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रियंका सिंह लोकल 18 से कहती हैं कि यह कब्ज से राहत दिलाने में मदद करता है और आंतों को साफ रखता है. यह न केवल नजर को तेज करता है, बल्कि मोतियाबिंद जैसी समस्याओं से भी दूर रखता है. कद्दू कम कैलोरी वाली सब्जी है, जिसे खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है. अगर आप भी पाचन की समस्या से परेशान रहते हैं, तो कद्दू आपकी थाली का अहम हिस्सा जरूर होनी चाहिए. इसमें फाइबर और पानी पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाते हैं. यह कब्ज से राहत दिलाने में मदद करता है और आंतों को साफ रखता है. हल्का होने के कारण यह पेट पर बोझ भी नहीं डालता और खाने के बाद राहत की अनुभूति होती है. कद्दू यानी कोहड़ा आंखों की रोशनी बढ़ाने में भी कमाल है. इसमें बीटा-कैरोटीन होता हैं, जो शरीर में जाकर विटामिन A में बदलता है. यह कारण है कि कद्दू आंखों के लिए बेहद जरूरी है. यह न केवल नजर को तेज करता है, बल्कि मोतियाबिंद जैसी समस्याओं से बचाने में भी सहायता कर सकता है. बलिया की सात साल अनुभवी आयुर्वेदाचार्य  डॉ. प्रियंका सिंह के अनुसार, कद्दू वजन कम करने वालों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. यह कम कैलोरी वाली सब्जी है, जिसे खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है. इसी के चलते बार-बार भूख भी नहीं लगती है और अतिरिक्त खाने से बचाव होता है. इस प्रकार से यह वजन नियंत्रित रखने में बड़ा महत्त्वपूर्ण है. Add News18 as Preferred Source on Google कद्दू इम्युनिटी मजबूत करने के लिए भी बेहद फायदेमंद है. इसमें विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं. इसके नियमित सही सेवन से सर्दी-जुकाम और संक्रमण से लड़ने की ताकत मिलती है, जिससे आदमी ज्यादा स्वस्थ और ऊर्जावान महसूस करता है. कद्दू का त्वचा और बालों की खूबसूरती बढ़ाने में भी कोई जवाब नहीं है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं, जिससे चमक बनी रहती है. यह समय से पहले झुर्रियां आने से रोकता है और बालों को भी पोषण देकर मजबूत बनाता है यानी यह त्वचा के साथ बालों के लिए भी लाभकारी है. कद्दू दिल की सेहत के लिए एक शानदार विकल्प साबित हो सकता है. इसमें पोटेशियम और फाइबर पाए जाते हैं, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखते हैं और कोलेस्ट्रॉल कम करने में सहायता प्रदान करते हैं. इसके नियमित सेवन से हृदय रोगों का खतरा भी कम हो सकता है और दिल लंबे समय तक स्वस्थ रह सकता है. कद्दू के बीज और पत्ते भी कम उपयोगी नहीं हैं. बीजों में मैग्नीशियम, जिंक और ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं, जो हड्डियों और शरीर को मजबूत बनाते हैं. पत्तों में भी पोषक तत्व भरपूर होते हैं. इसको सब्जी पत्ती या फूल की पकौड़ी, चटनी आदि व्यंजन बेहद स्वादिष्ट बनते हैं. ध्यान रखें कि जरूरत से ज्यादा सेवन हानिकारक हो सकता है, इसलिए यदि कोई बीमारी हो, तो आयुर्वेद चिकित्सक से परामर्श जरूर लें. First Published : March 28, 2026, 22:54 IST

Former Pakistan Army Chief Qamar Bajwa Passes Away

Former Pakistan Army Chief Qamar Bajwa Passes Away

इस्लामाबाद2 घंटे पहले कॉपी लिंक पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा का 65 साल की उम्र में शनिवार को निधन हो गया। फरवरी में घर के बाथरूम में फिसलने के बाद उन्हें सिर में गंभीर चोट लगी थी, जिसके बाद रावलपिंडी के मिलिट्री अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था और वे ICU में भर्ती थे। डॉक्टरों ने उनकी सर्जरी की थी। शुरुआत में डॉक्टरों ने सर्जरी को सफल बताया था, लेकिन उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी और लगातार निगरानी में रखा गया था। बाजवा 2016 से 2022 तक पाकिस्तान के सेना प्रमुख रहे और रिटायरमेंट के बाद भी देश की राजनीति और सुरक्षा मामलों में प्रभावशाली माने जाते थे। जनरल बाजवा की पत्नी आयशा अमजद के साथ फाइल फोटो। आयशा का फौजी परिवार से ताल्लुक है। इमरान खान के साथ विवादों की वजह से चर्चा में थे कमर जावेद बाजवा पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ विवाद को लेकर काफी चर्चा में रहे थे। शुरुआत में दोनों के रिश्ते अच्छे थे, लेकिन बाद में हालात पूरी तरह बदल गए। जब 2018 में इमरान खान प्रधानमंत्री बने, तब कहा जाता था कि सरकार और सेना ‘एक पेज’ पर हैं। माना जाता है कि उस समय बाजवा के नेतृत्व में सेना का इमरान सरकार को समर्थन था और दोनों के बीच तालमेल ठीक था। लेकिन 2021 में ISI प्रमुख की नियुक्ति को लेकर दोनों के बीच मतभेद शुरू हो गए। सेना चाहती थी कि नदीम अंजुम को तुरंत ISI चीफ बनाया जाए, जबकि इमरान खान इस फैसले को टाल रहे थे। यहीं से दोनों के रिश्तों में दरार आनी शुरू हो गई। इसके बाद 2022 में इमरान खान की सरकार गिर गई। इमरान खान ने आरोप लगाया कि सेना ने उनका साथ छोड़ दिया और विपक्ष को समर्थन दिया। हालांकि सेना ने इन आरोपों से इनकार किया। सरकार जाने के बाद इमरान खान ने खुलकर बाजवा और सेना की आलोचना शुरू कर दी। उनके ‘न्यूट्रल तो जानवर होता है’ वाले बयान ने इस विवाद को और बढ़ा दिया। इमरान खान की कमर जावेद बाजवा के साथ फाइल फोटो। 6 साल में अरबपति हो गया था बाजवा का परिवार कमर जावेद बाजवा के रिटायरमेंट के बाद उनकी फैमिली की संपत्ति को लेकर भी बड़ा विवाद हुआ था। 2022 में पाकिस्तानी पत्रकार अहमद नूरानी की रिपोर्ट में कहा गया था उनके परिवार की संपत्ति महज 6 साल में तेजी से बढ़कर अरबों में पहुंच गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, बाजवा के रिश्तेदारों और करीबियों ने कराची और लाहौर जैसे बड़े शहरों में फार्म हाउस बनाए, बड़े बिजनेस शुरू किए और विदेशों में भी प्रॉपर्टी खरीदी। रिपोर्ट में कहा गया कि इन सभी संपत्तियों की कुल कीमत करीब 1200 करोड़ पाकिस्तानी रुपए से ज्यादा हो सकती है। यह प्रॉपर्टी मुख्य रूप से उनकी पत्नी आयशा अमजद, बहू महनूर साबिर और परिवार के अन्य करीबी लोगों के नाम पर बताई गई। रिपोर्ट के अनुसार, 2015 तक आयशा अमजद के नाम कोई प्रॉपर्टी नहीं थी, लेकिन 2016 में अचानक कई प्रॉपर्टी खरीदी गईं और उनकी संपत्ति तेजी से बढ़ गई। इसी तरह उनकी बहू महनूर साबिर की संपत्ति भी शादी के कुछ ही समय बाद जीरो से बढ़कर करीब एक अरब रुपए तक पहुंच गई। ————– यह खबर भी पढ़ें… अफगानिस्तान-पाकिस्तान में फिर झड़प, 3 की मौत:ईद पर 5 दिन का सीजफायर खत्म होने के बाद हिंसा शुरू, 3 पाकिस्तानी चौकियां तबाह अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर बुधवार को फिर लड़ाई शुरू हुई। अफगान तालिबान अधिकारियों के अनुसार, हमले में 2 नागरिक मारे गए और 8 घायल हुए, जबकि पाकिस्तान का भी एक नागरिक मारा गया। अफगानिस्तान और पाकिस्तान ने ईद पर 5 दिन का अस्थायी युद्धविराम घोषित किया था, जो 25 मार्च को खत्म होते ही झड़प फिर शुरू हो गई। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

मैंगो मुरब्बा रेसिपी: दादी-नानी वाले स्वाद के साथ नारियल कैरी का मुरब्बा, नोट करें आसान रेसिपी

मैंगो मुरब्बा रेसिपी: दादी-नानी वाले स्वाद के साथ नारियल कैरी का मुरब्बा, नोट करें आसान रेसिपी

आम का मुरब्बा रेसिपी: समुद्रतट की शुरुआत ही होती है किचन से हींग, मेथी और सौंफ की वापसी वाली खुशियां हमें बचपन की याद दिलाती है। अक्सर हम उन दिनों को सबसे ज्यादा याद करते हैं, जब दानी-नानी हमारे लिए कच्चे आम का मुरब्बा बनाती थीं। कांच की बरनियों में धूप में पकता हुआ वह सोना, रसीला मुरब्बा पराठे या पूरी तरह से मिल जाए, तो खाने का जायका दोगुना हो जाता है। बाज़ार में कई प्रिजर्वेटिव वाले मुरब्बे मौजूद हैं, लेकिन जो बात घर के बने शुद्ध मुरब्बे में है, वो कहीं और नहीं। अगर आप भी इसका स्वाद वापस पाना चाहते हैं, तो हम आपको इस लेख में कच्चे मुरब्बा बनाने की रेसिपी के बारे में बताएंगे। कच्चे आम का मुरब्बा बनाने की सामग्री के लिए कच्चे आम का मुरब्बा किस तरह का? (टैग्सटूट्रांसलेट) मैंगो मुरब्बा रेसिपी इंडियन(टी) मैंगो मुरब्बा रेसिपी गुड़ के साथ(टी)आम का मुरब्बा आम मुरब्बा रेसिपी(टी)मैंगो मुरब्बा रेसिपी गुजराती(टी)मैंगो मुरब्बा रेसिपी हेब्बर्स किचन(टी)बेस्ट मैंगो मुरब्बा रेसिपी(टी)मैंगो मुरब्बा ऑनलाइन(टी)मैंगो मुरब्बा रेसिपी

टीएमसी के खिलाफ बीजेपी की ‘चार्जशीट’ में घुसपैठ का आरोप बंगाल चुनाव से पहले ‘पहलगाम के बारे में क्या’ काउंटर खींचता है | राजनीति समाचार

Rwanda vs Nigeria Live Score: Nigeria Invitational Women's T20I Tournament 2026 (Credit: X/cricket_nigeria)

आखरी अपडेट:मार्च 28, 2026, 22:17 IST अमित शाह ने घुसपैठियों को लेकर ममता बनर्जी और टीएमसी पर हमला बोला, पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को मतदान के दौरान टीएमसी नेता ब्रत्य बसु और महुआ मोइत्रा ने पलटवार किया। बंगाल चुनाव से पहले कोलकाता में एक रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने टीएमसी पर हमला बोला पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में एक महीने से भी कम समय रह गया है और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के आमने-सामने होने के कारण पूरे राज्य में प्रचार अभियान तेज हो गया है। नवीनतम हाई-वोल्टेज राजनीतिक आदान-प्रदान में, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को एक “चार्जशीट” जारी करके टीएमसी पर निशाना साधा, जिसमें कथित तौर पर देश में घुसपैठियों को अनुमति देने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना की गई। शाह ने कोलकाता में कहा, “ममता दीदी ने हमेशा विक्टिम कार्ड की राजनीति की है। कभी वह अपनी चोट की बात करती हैं, कभी चुनाव आयोग को गाली देती हैं। लेकिन बंगाल के लोग अब ममता दीदी की विक्टिम कार्ड पॉलिटिक्स को अच्छी तरह से समझ गए हैं।” उन्होंने बनर्जी के राजनीतिक दृष्टिकोण की भी आलोचना करते हुए कहा, “ममता दीदी ने हमेशा पीड़ित कार्ड की राजनीति की है। कभी वह अपनी चोट के बारे में बात करती हैं, कभी चुनाव आयोग को गाली देती हैं। लेकिन बंगाल के लोग अब ममता दीदी की पीड़ित कार्ड की राजनीति को अच्छी तरह से समझते हैं।” गृह मंत्री ने आगे दावा किया कि राज्य सरकार ने सीमा पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में सहयोग नहीं किया है। उन्होंने आरोप लगाया, “राज्य सरकार को समझाने के कई प्रयासों के बावजूद, टीएमसी सरकार ने सीमावर्ती क्षेत्रों में बाड़ लगाने के लिए जमीन उपलब्ध नहीं कराई है। ऐसा इसलिए है क्योंकि टीएमसी घुसपैठियों का वोट बैंक बनाना चाहती है।” मतदाता पात्रता का मुद्दा उठाते हुए शाह ने कहा, “मैं बंगाल के लोगों से पूछना चाहता हूं- जिन घुसपैठियों को यहां रहने दिया गया है, क्या उन्हें वोट देने का अधिकार दिया जाना चाहिए? मैं भाजपा की ओर से स्पष्ट करना चाहता हूं कि हम न केवल घुसपैठियों को मतदाता सूची से हटाएंगे, बल्कि हम देश से प्रत्येक अवैध अप्रवासी को बाहर निकालेंगे।” उनकी टिप्पणी के तुरंत बाद, वरिष्ठ टीएमसी नेताओं ने पलटवार करते हुए भाजपा पर चुनाव से पहले मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। ब्रत्य बसु, कीर्ति आज़ाद और महुआ मोइत्रा सहित नेताओं ने आरोपों को खारिज करते हुए एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। मोइत्रा ने आंतरिक सुरक्षा पर केंद्र के रिकॉर्ड पर सवाल उठाते हुए कहा, “शाह को पहले मणिपुर में हिंसा के बारे में जवाब देना चाहिए, जहां पिछले तीन वर्षों से लगातार खून बह रहा है।” बसु ने केंद्र और कई सीमावर्ती राज्यों में भाजपा की भूमिका की ओर इशारा करते हुए घुसपैठ पर शाह के दावों को भी चुनौती दी। “भाजपा केंद्र में शासन करती है। वह 15 राज्यों और अधिकांश सीमावर्ती राज्यों पर शासन करती है, जहां से घुसपैठ हो रही है। अमित शाह खुद केंद्रीय गृह मंत्री हैं। तो वह वास्तव में किसका इंतजार कर रहे हैं?” उसने कहा। उन्होंने आगे चुनाव आयोग की आलोचना करते हुए पूछा कि “भाजपा नियंत्रित” निकाय ने कथित तौर पर मतदाता सूचियों में मौजूद विदेशी नागरिकों का विवरण जारी क्यों नहीं किया। टीएमसी नेताओं ने बीजेपी पर विभाजन पैदा करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया. बसु ने दावा किया कि पार्टी बंगालियों और बांग्लादेशियों के बीच “रेखा को धुंधला” करने की कोशिश कर रही है, जबकि मोइत्रा ने भाजपा शासन के तहत कानून और व्यवस्था के बारे में सवाल उठाए। “मणिपुर ने तीन साल तक खून बहाया है। बीजेपी की निगरानी में संसद पर हमला किया गया। पहलगाम में 26 लोग मारे गए। क्या एक भी व्यक्ति पकड़ा गया?” मोइत्रा ने कहा. पिछली घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने लाल किला विस्फोट और अन्य हमलों का जिक्र करते हुए कहा, “गृह मंत्री दिल्ली को नियंत्रित करते हैं। ये उनके रिकॉर्ड हैं।” पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होगा, जिसकी गिनती 4 मई को होगी। पहले प्रकाशित: मार्च 28, 2026, 22:17 IST समाचार राजनीति टीएमसी के खिलाफ बीजेपी की ‘चार्जशीट’ घुसपैठ का आरोप बंगाल चुनाव से पहले ‘पहलगाम के बारे में क्या’ काउंटर खींचता है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)अमित शाह टीएमसी आरोप पत्र(टी)ममता बनर्जी पीड़ित कार्ड राजनीति(टी)बीजेपी बनाम टीएमसी पश्चिम बंगाल(टी)अवैध अप्रवासी और मतदाता सूची(टी)पश्चिम बंगाल में राजनीतिक ध्रुवीकरण(टी)सीमा घुसपैठ मुद्दा भारत

‘अगर बंगाल में बीजेपी की सरकार आई तो बुलडोजर…’, रैली में बोलीं ममता बनर्जी, बीजेपी को भी दी चेतावनी

'अगर बंगाल में बीजेपी की सरकार आई तो बुलडोजर...', रैली में बोलीं ममता बनर्जी, बीजेपी को भी दी चेतावनी

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक समर्थकों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का आरोप लगातार जारी है। इसी क्रम में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी एक रैली को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर जोरदार पकड़ बनाई है. उन्होंने आरोप लगाया कि अगर पश्चिम बंगाल में भाजपा सत्ता में है तो उन्हें बुलडोजर के पदाधिकारियों को बाहर निकाल दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार (28 मार्च, 2026) को राज्य के पश्चिम बर्धमान जिले के रानीगंज में एक मौलाना रैली को पेश किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल को स्थिर करने की कोशिश में भाजपा पूरे देश में अपनी सत्ता खो देगी। बनर्जी ने घोषणा की कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में वह लगातार चौथी बार चुनाव लड़ेंगी और दिल्ली विजय के बाद सभी राजनीतिक दलों को एकजुट करेंगी। ममता बनर्जी ने भाजपा पर सीमा लांघने का आवंटन आरोप लगाया न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, लेकिन ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में एस दारोमदार के दौरान वोटरों के नाम हटाने के लिए चुनाव आयोग पर बीजेपी के गठन पर काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक लक्ष्मण रेखा जरूर होनी चाहिए, बीजेपी सभी की एकजुटता जारी है। उन्होंने बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा, ‘सर आपकी मौत की घंटी साबित होगी. जबकि मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज में रामनवमी के दौरान हुए पत्रकारों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की. मैं मुख्यमंत्री हूं, लेकिन वे सारी शक्तियां छीन ली हैं। भाजपा लूटती है और झूठ बोलती हैः ममता बनर्जी पीटीआई के मुताबिक, बनर्जी ने आरोप लगाया है कि बीजेपी ने अवैध कोयला खदानों से पैसे निकाले हैं और फिर वैष्णव कांग्रेस पर चोर होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा लूटती है और झूठ बोलती है। उन्होंने आगे कहा कि टीएमसी के शासनकाल में राज्य में कई विकास कंपनियों की शुरुआत हुई है, जिनमें स्टील और बिजली संयंत्रों के आधुनिकीकरण की पहल और ग्रीनफील्ड कंपनियों की स्थापना शामिल है। उन्होंने दावा किया कि हमारी सरकार ने राज्य में बेरोजगारी को 40 प्रतिशत तक कम कर दिया है और पूरे राज्य में रोजगार के दो करोड़ नए अवसर पैदा हुए हैं। यह भी पढ़ेंः ईरान अमेरिकी युद्ध: ‘अमेरिका का एक और F-16 लड़ाकू जेट मार गिराने वाला’, ईरान के बीच जंग का बड़ा दावा यह भी पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)कोलकाता(टी)ममता बनर्जी(टी)बीजेपी(टी)अमित शाह(टी)पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)बुलडोजर एक्शन(टी)टीएमसी(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)पश्चिम बंगाल(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)कोलकाता(टी)ममता बनर्जी(टी)बीजेपी(टी)अमित शाह(टी)पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)बुलडोजर एक्शन(टी)तृणमूली कांग्रेस(टी)टीएमसी

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