Thursday, 30 Jul 2026 | 09:19 PM

Trending :

EXCLUSIVE

क्या आपके शरीर का एक हिस्सा हो रहा सुन्न? बोलने में हो रही है दिक्कत… तो तुरंत हो जाएं सतर्क, यह ब्रेन स्ट्रोक का संकेत हो सकता है जानलेवा

authorimg

Last Updated:

ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में न्यूरोसर्जरी प्रमुख डॉ. सुमित गोयल ने ब्रेन स्ट्रोक को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है. उन्होंने बताया कि शरीर के एक हिस्से में सुन्नपन, बोलने में दिक्कत और अचानक चक्कर आना स्ट्रोक के शुरुआती संकेत हो सकते हैं. ऐसी स्थिति में दिमाग की कोशिकाओं को ऑक्सीजन और पोषण नहीं मिल पाता और कुछ ही मिनटों में स्थायी क्षति शुरू हो सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि अक्सर लोग इसके शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसके कारण इलाज में देरी होती है और स्थिति गंभीर हो जाती है.

ग्रेटर नोएडा: क्या आप जानते हैं कि आपके शरीर में होने वाली एक मामूली सी सुन्नपन या बोलने में हल्की सी लड़खड़ाहट किसी बड़े खतरे का संकेत हो सकती है? जिसे हम अक्सर थकान समझकर टाल देते हैं, वह असल में ‘ब्रेन स्ट्रोक’ जैसा जानलेवा हमला हो सकता है. चिकित्सा विज्ञान में इसे ऐसी इमरजेंसी माना जाता है जहाँ एक-एक सेकंड की कीमत मरीज की जिंदगी होती है. यथार्थ अस्पताल के न्यूरोसर्जरी प्रमुख डॉ. सुमित गोयल ने इस गंभीर बीमारी के प्रति आगाह करते हुए बताया है कि कैसे हमारी छोटी सी जागरूकता और समय पर लिया गया फैसला स्थायी विकलांगता और मौत के मुंह से किसी को बाहर निकाल सकता है.

यथार्थ अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. सुमित गोयल ने बताया कि स्ट्रोक तब होता है जब दिमाग तक खून का प्रवाह अचानक रुक जाता है या किसी रक्त वाहिका के फटने से दिमाग के हिस्से को नुकसान पहुंचता है. ऐसी स्थिति में दिमाग की कोशिकाओं को ऑक्सीजन और पोषण नहीं मिल पाता और कुछ ही मिनटों में स्थायी क्षति शुरू हो सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि अक्सर लोग इसके शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसके कारण इलाज में देरी होती है और स्थिति गंभीर हो जाती है.

ये हैं ब्रेन स्ट्रोक के शुरुआती संकेत
1. शरीर के एक हिस्से में अचानक कमजोरी या सुन्नपन
2. बोलने में दिक्कत या शब्दों का स्पष्ट उच्चारण न कर पाना
3. अचानक चक्कर आना या संतुलन बिगड़ना
4. आंखों से धुंधला दिखना

समय पर इलाज क्यों जरूरी?
उन्होंने बताया कि स्ट्रोक के मामलों में गोल्डन पीरियड बेहद अहम होता है. यदि मरीज को शुरुआती कुछ घंटों में इलाज मिल जाए, तो दिमाग को होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है. वहीं, देरी होने पर न केवल जान का खतरा बढ़ जाता है, बल्कि मरीज को स्थायी विकलांगता का सामना भी करना पड़ सकता है.

डॉ. सुमित गोयल ने बताया कि स्ट्रोक पूरी तरह समय पर निर्भर बीमारी है. मरीज जितनी जल्दी चिकित्सा सुविधा तक पहुंचता है, उसके ठीक होने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है. शुरुआती लक्षणों को पहचानना और तुरंत इलाज शुरू करना बेहद जरूरी है, क्योंकि देरी होने पर दिमाग को होने वाला नुकसान स्थायी हो सकता है. उन्होंने कहा कि कई बार लोग हल्के लक्षणों को थकान या सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो बाद में गंभीर रूप ले लेते हैं. इसलिए किसी भी संदिग्ध लक्षण को हल्के में नहीं लेना चाहिए.

युवाओं में भी बढ़ रहा खतरा
डॉ गोयल ने बताया कि पहले स्ट्रोक को बुजुर्गों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब यह तेजी से युवाओं में भी देखने को मिल रहा है. इसके पीछे मुख्य कारण बदलती जीवनशैली, बढ़ता तनाव, धूम्रपान और अनियमित खानपान हैं. उन्होंने कहा कि हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं भी स्ट्रोक के खतरे को कई गुना बढ़ा देती हैं. यही वजह है कि कम उम्र के लोगों को भी नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहना चाहिए.

कैसे करें बचाव?
उन्होंने बताया कि स्ट्रोक से बचाव के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना बेहद जरूरी है. इसके लिए रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें, संतुलित और पौष्टिक आहार लें, धूम्रपान और अत्यधिक शराब से दूरी बनाएं,ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखें.

About the Author

Rahul Goel

राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
पन्ना भाजपा नेत्री ने सोशल मीडिया यूजर पर FIR कराई:बोलीं- पोस्ट में अमित शाह के लिए अश्लील शब्दों का इस्तेमाल किया था

April 26, 2026/
10:47 pm

पन्ना जिले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में पुलिस...

“बड़े घर की माताएं भी पी रही हैं”:नागपुर में पंडित धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर बवाल, कांग्रेस बोली- माफी मांगे

April 29, 2026/
6:31 pm

छतरपुर: नागपुर में देश के चर्चित कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं।...

नागदा में आंधी-बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त:51 फीट की हनुमान प्रतिमा के पीछे बिजली चमकी,VIDEO; लहसुन की फसल को नुकसान

April 2, 2026/
11:54 pm

उज्जैन जिले के नागदा में गुरुवार रात मौसम ने अचानक रौद्र रूप धारण कर लिया। रात 8 बजे के बाद...

A strong woman means... one who makes her own decisions

July 12, 2026/
1:20 pm

जावेद अख्तर- मशहूर गीतकार और लेखक16 मिनट पहले कॉपी लिंक जावेद कहते हैं- मां की इज्जत होनी चाहिए। बिल्कुल होनी...

MP Energy Dept Tech Innovations at Delhi Summit 2026

March 20, 2026/
11:40 am

भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में मध्यप्रदेश ऊर्जा विभाग की प्रदर्शनी ने खासा आकर्षण बटोरा। नई दिल्ली में आयोजित इस समिट...

#एक्सक्लूसिव | 4 मई के जनादेश के कारण पार्टी और राज्यसभा से इस्तीफा देना पड़ा: सुष्मिता देव ने टीएमसी से बाहर निकलने की व्याख्या की

June 10, 2026/
6:20 pm

एक विशेष बातचीत में, सुष्मिता देव ने तृणमूल कांग्रेस से अपने इस्तीफे और अपने राज्यसभा पद के बारे में खुलकर...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

क्या आपके शरीर का एक हिस्सा हो रहा सुन्न? बोलने में हो रही है दिक्कत… तो तुरंत हो जाएं सतर्क, यह ब्रेन स्ट्रोक का संकेत हो सकता है जानलेवा

authorimg

Last Updated:

ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में न्यूरोसर्जरी प्रमुख डॉ. सुमित गोयल ने ब्रेन स्ट्रोक को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है. उन्होंने बताया कि शरीर के एक हिस्से में सुन्नपन, बोलने में दिक्कत और अचानक चक्कर आना स्ट्रोक के शुरुआती संकेत हो सकते हैं. ऐसी स्थिति में दिमाग की कोशिकाओं को ऑक्सीजन और पोषण नहीं मिल पाता और कुछ ही मिनटों में स्थायी क्षति शुरू हो सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि अक्सर लोग इसके शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसके कारण इलाज में देरी होती है और स्थिति गंभीर हो जाती है.

ग्रेटर नोएडा: क्या आप जानते हैं कि आपके शरीर में होने वाली एक मामूली सी सुन्नपन या बोलने में हल्की सी लड़खड़ाहट किसी बड़े खतरे का संकेत हो सकती है? जिसे हम अक्सर थकान समझकर टाल देते हैं, वह असल में ‘ब्रेन स्ट्रोक’ जैसा जानलेवा हमला हो सकता है. चिकित्सा विज्ञान में इसे ऐसी इमरजेंसी माना जाता है जहाँ एक-एक सेकंड की कीमत मरीज की जिंदगी होती है. यथार्थ अस्पताल के न्यूरोसर्जरी प्रमुख डॉ. सुमित गोयल ने इस गंभीर बीमारी के प्रति आगाह करते हुए बताया है कि कैसे हमारी छोटी सी जागरूकता और समय पर लिया गया फैसला स्थायी विकलांगता और मौत के मुंह से किसी को बाहर निकाल सकता है.

यथार्थ अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. सुमित गोयल ने बताया कि स्ट्रोक तब होता है जब दिमाग तक खून का प्रवाह अचानक रुक जाता है या किसी रक्त वाहिका के फटने से दिमाग के हिस्से को नुकसान पहुंचता है. ऐसी स्थिति में दिमाग की कोशिकाओं को ऑक्सीजन और पोषण नहीं मिल पाता और कुछ ही मिनटों में स्थायी क्षति शुरू हो सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि अक्सर लोग इसके शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसके कारण इलाज में देरी होती है और स्थिति गंभीर हो जाती है.

ये हैं ब्रेन स्ट्रोक के शुरुआती संकेत
1. शरीर के एक हिस्से में अचानक कमजोरी या सुन्नपन
2. बोलने में दिक्कत या शब्दों का स्पष्ट उच्चारण न कर पाना
3. अचानक चक्कर आना या संतुलन बिगड़ना
4. आंखों से धुंधला दिखना

समय पर इलाज क्यों जरूरी?
उन्होंने बताया कि स्ट्रोक के मामलों में गोल्डन पीरियड बेहद अहम होता है. यदि मरीज को शुरुआती कुछ घंटों में इलाज मिल जाए, तो दिमाग को होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है. वहीं, देरी होने पर न केवल जान का खतरा बढ़ जाता है, बल्कि मरीज को स्थायी विकलांगता का सामना भी करना पड़ सकता है.

डॉ. सुमित गोयल ने बताया कि स्ट्रोक पूरी तरह समय पर निर्भर बीमारी है. मरीज जितनी जल्दी चिकित्सा सुविधा तक पहुंचता है, उसके ठीक होने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है. शुरुआती लक्षणों को पहचानना और तुरंत इलाज शुरू करना बेहद जरूरी है, क्योंकि देरी होने पर दिमाग को होने वाला नुकसान स्थायी हो सकता है. उन्होंने कहा कि कई बार लोग हल्के लक्षणों को थकान या सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो बाद में गंभीर रूप ले लेते हैं. इसलिए किसी भी संदिग्ध लक्षण को हल्के में नहीं लेना चाहिए.

युवाओं में भी बढ़ रहा खतरा
डॉ गोयल ने बताया कि पहले स्ट्रोक को बुजुर्गों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब यह तेजी से युवाओं में भी देखने को मिल रहा है. इसके पीछे मुख्य कारण बदलती जीवनशैली, बढ़ता तनाव, धूम्रपान और अनियमित खानपान हैं. उन्होंने कहा कि हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं भी स्ट्रोक के खतरे को कई गुना बढ़ा देती हैं. यही वजह है कि कम उम्र के लोगों को भी नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहना चाहिए.

कैसे करें बचाव?
उन्होंने बताया कि स्ट्रोक से बचाव के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना बेहद जरूरी है. इसके लिए रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें, संतुलित और पौष्टिक आहार लें, धूम्रपान और अत्यधिक शराब से दूरी बनाएं,ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखें.

About the Author

Rahul Goel

राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.