Thursday, 28 May 2026 | 09:55 AM

Trending :

EXCLUSIVE

painkiller side effects | kidney health risk from painkillers | पेनकिलर के नुकसान | दर्द का आयुर्वेदिक इलाज |

authorimg

Last Updated:March 29, 2026, 18:04 IST Painkiller Side Effects: क्या आप भी सिरदर्द या बदन दर्द होने पर तुरंत पेनकिलर खा लेते हैं? तो रूक जाइए, पीलीभीत के वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य डॉ. आदित्य पांडे ने चेतावनी दी है कि बिना डॉक्टरी सलाह के ली जाने वाली ये दवाएं आपकी किडनी को हमेशा के लिए डैमेज कर सकती हैं. ‘शॉर्टकट’ राहत का ये चक्कर आपको डायलिसिस की दहलीज पर खड़े कर सजता है. जानिए कैसे आयुर्वेद के प्राचीन नुस्खे जैसे हल्दी, गिलोय और गुग्गुल, बिना किसी साइड इफेक्ट के आपके पुराने से पुराने दर्द को जड़ से खत्म कर सकते हैं और आपकी किडनी को सुरक्षित रख सकते हैं. पीलीभीत: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में मामूली दर्द होने पर भी लोग तुरंत राहत पाने के लिए पेनकिलर्स का सहारा लेते हैं. खासकर युवाओं में यह प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है. लेकिन बिना डॉक्टरी परामर्श के बार-बार ली जाने वाली ये दवाएं आपके शरीर के महत्वपूर्ण अंगों, खास तौर पर किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं. पीलीभीत के वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य डॉ. आदित्य पांडे ने पेनकिलर्स के अत्यधिक उपयोग के बजाय आयुर्वेद वाले सुरक्षित विकल्प अपनाने की सलाह दी है. किडनी पर पड़ता है बुरा असरडॉ. आदित्य पांडे के मुताबिक, पेनकिलर्स को तकनीकी भाषा में ‘NSAIDs’ कहा जाता है और इनका सबसे घातक प्रभाव किडनी पर पड़ता है. लंबे समय तक या आदत के तौर पर पेनकिलर्स लेने से किडनी के ग्लोमेरुलो नेफ्रॉन्स धीरे-धीरे डैमेज होने लगते हैं. इससे किडनी की कार्यक्षमता कम हो जाती है और स्टोनिंग या ब्लैडर खाली होने में दिक्कत जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं. गंभीर मामलों में पेशाब के साथ खून आने की समस्या भी आम हो जाती है. इसलिए, किसी भी दवा का सेवन केवल चिकित्सक की अनुमति से ही करना चाहिए. आयुर्वेद में दर्द निवारण के सुरक्षित विकल्पडॉ. पांडे बताते हैं कि आयुर्वेद एक प्राचीन विज्ञान है, जिसमें दर्द निवारण के कई प्रभावी तरीके मौजूद हैं. हालांकि आयुर्वेद से राहत मिलने में थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन यह शरीर के अन्य अंगों को सुरक्षित रखता है. अकरकरा का काढ़ा और गिलोय का सेवन दर्द और सूजन को कम करने में काफी मददगार होता है. इसके अलावा, हल्दी एक प्राकृतिक हीलर है. चोट लगने या आंतरिक दर्द की स्थिति में गर्म दूध में हल्दी डालकर पी सकते है, जो सूजन और दर्द को तेजी से कम करती है. पुरानी सूजन और दर्द के लिए गुग्गुल का इस्तेमालआयुर्वेद में विभिन्न प्रकार के गुग्गुल जैसे कैशोर गुग्गुल और महायोगराज गुग्गुल का उल्लेख है, जो शरीर की पुरानी सूजन और दर्द को जड़ से खत्म करने में सक्षम हैं. वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य डॉ. आदित्य पांडे का मानना है कि दवाओं के चयन में सावधानी बरतना ही जीवन की सुरक्षा है. पेनकिलर्स की जगह जीवनशैली में सुधार और आयुर्वेद के प्राकृतिक नुस्खों को अपनाकर हम अपनी किडनी और अन्य अंगों को भविष्य के खतरों से बचा सकते हैं. थोड़ी सी राहत के लिए किया गया शॉर्टकट जीवन पर भारी पड़ सकता है. About the Author Seema Nath सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें Location : Pilibhit,Pilibhit,Uttar Pradesh First Published : March 29, 2026, 18:04 IST

Building Collapse, Suicide, child porn Insta Videos

Building Collapse, Suicide, child porn Insta Videos

. पंजाब की आज की सबसे बड़ी खबर बरनाला में जैक से उठाई जा रही बिल्डिंग गिरने की रही, जिसके उसके अंदर सो रहे 3 लोग मलबे में दब गए और उन सबकी मौत हो गई। बिल्डिंग गिरने का CCTV फुटेज भी सामने आया। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. जैक से उठाई जा रही बिल्डिंग गिरी, 3 की मौत बरनाला के फरवाही गांव में आज (रविवार) सुबह एक मकान गिरने से 3 लोग मलबे में दब गए। इससे तीनों की मौत हो गई। ये तीनों मकान के अंदर सोए हुए थे। इन्हें मलबे से निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने मौत की पुष्टि की। मलबा हटाने के लिए जिला और पुलिस प्रशासन की टीमें पहुंची थीं। उन्होंने जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटवाया। अधिकारियों ने 3 शव बरामद होने के बाद भी कई घंटे तक जेसीबी चलवाई, ताकि यदि कोई और भी मलबे में दबा हो तो उसे भी निकाला जा सके। बताया जा रहा है कि मकान की नींव धंस जाने के बाद उसे जैक से ऊपर उठाने का काम चल रहा था। जिन लोगों की मौत हुई है, वे इसी काम में लगे हुए थे। ये कुल 4 लोग थे, लेकिन एक व्यक्ति शनिवार शाम को ही घर निकल गया था, जिससे उसकी जान बच गई। DSP सतवीर सिंह ने बताया कि गांव फरवाही में विशाल के घर की मरम्मत मोगा का ठेकेदार रणजीत करवा रहा था। इस मकान की दीवारों में सीवर का पानी घुसने के कारण यह एक तरफ धंस गया था। आज सुबह अचानक मकान की दीवार एक तरफ झुक गई और मकान गिर गया। इसमें 3 युवकों की मौत हो गई, जिनके शव सिविल अस्पताल बरनाला में रखवा दिए गए हैं। एक अज्ञात युवक कल रात अपने घर पहुंच गया। (पढ़ें पूरी खबर) 2. शादी के 1 साल बाद खुदकुशी, 2 पेज का सुसाइड नोट छोड़ा लुधियाना में 5 लाइनों का सुसाइड नोट लिखकर युवक ने फंदा लगा लिया। सुसाइड नोट में उसने पत्नी और सास को खुदकुशी के लिए जिम्मेदार ठहराया। युवक ने लिखा कि वह मरना नहीं चाहता, लेकिन मेरी घरवाली ने मुझे मरने के लिए मजबूर कर दिया। युवक ने जिस युवती से शादी की थी, वह तलाकशुदा थी। पुलिस जब फंदा लगाने की सूचना पर जांच करने पहुंची तो वहां से 2 पेज पर लिखा सुसाइड नोट बरामद हुआ। यह सुसाइड नोट उसकी डायरी में लिखे हुए थे। जिसके बाद पुलिस ने मृतक की मां के बयान पर खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज कर लिया है। मां का आरोप है कि सास की दखलअंदाजी की वजह दोनों के रिश्ते बिगड़े। पत्नी उसे छोड़कर 6 महीने की बेटी समेत 2 महीने से अपने मायके में बैठी थी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। युवक ने सुसाइड नोट में लिखा- मुझे मरना नहीं था। मेरी घरवाली ने मरने के लिए मजबूर कर दिया। मेरी मौत की जिम्मेदार काजल और उसकी मां होगी। दूसरे पेज पर भी यही लिखा कि मेरी मौत की जिम्मेदार काजल और उसकी मां होगी। (पढ़ें पूरी खबर) 3. पंजाबी सिंगर को शो से पहले नोटिस, 6 गाने नहीं गाएंगे पंजाबी सिंगर करण औजला आज बेंगलुरु में होने वाले शो में अपने 6 गाने नहीं गा सकेंगे। चंडीगढ़ के प्रोफेसर पंडित राव धरेन्नवर की ओर से भेजी गई शिकायत के बाद डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट, बेंगलुरु ने उन्हें नोटिस जारी किया है। साथ ही पुलिस को इस आदेश को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। ‘गैंगस्टा’ गाने को किसी भी हाल में गाने की अनुमति नहीं दी गई है। प्रोफेसर राव ने अपनी शिकायत में कहा – करण औजला को उनके कुछ खास गाने जैसे ‘अधिया’, ‘चिट्टा कुर्ता’, ‘अल्कोहल 2’, ‘फ्यू डेज’ (तड़के उठ के खांदे फीम कुड़े), ‘बंदूक’ और विशेष रूप से ‘गैंगस्टा’ गाने की अनुमति न दी जाए। शिकायत में आरोप लगाया गया कि ये गाने शराब, ड्रग्स (नशीले पदार्थों) और बंदूक संस्कृति (गन कल्चर) का महिमा मंडन करते हैं। राव का तर्क था कि इस तरह के गानों का प्रभाव कोमल मन वाले बच्चों (विशेषकर 5 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों, जिन्हें शो में अनुमति दी गई थी) के मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत बुरा पड़ता है। उन्होंने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के एक पुराने आर्डर का हवाला भी दिया। जिसमें अदालत ने माना था कि ऐसे गाने कम उम्र के बच्चों को नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं। (पढ़ें पूरी खबर) 4. इंस्टाग्राम पर बच्चों के पोर्न VIDEO डाले, अमेरिका से अकाउंट ट्रेस हुए होशियारपुर और जालंधर में बच्चों के यौन शोषण और पोर्न वीडियो इंस्टाग्राम पर अपलोड किए गए। इन्हें अमेरिका की संस्था नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रन (NCMEC) ने ट्रेस किया। मामला सामने आने के बाद पंजाब स्टेट साइबर सेल ने होशियारपुर और जालंधर के एक-एक व्यक्ति के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 67बी के तहत FIR दर्ज की है। आरोपियों के सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक कर दिए हैं। इस मामले की शुरुआत 27 फरवरी 2024 को हुई, जब “romantik…” नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट से बच्चों के यौन शोषण से संबंधित वीडियो अपलोड और प्रसारित किए गए। ये वीडियो करीब दो साल तक सोशल मीडिया पर चलते रहे। 23 फरवरी 2026 को NCMEC ने इन्हें ट्रेस किया और इस संबंध में एक साइबर टिपलाइन रिपोर्ट भारतीय साइबर पोर्टल (NCRP) को भेजी गई। भारतीय साइबर पोर्टल से शिकायत पंजाब स्टेट साइबर सेल को आगे बढ़ाई। इसके बाद भारत में मामले की जांच शुरू हुई। स्टेट साइबर सेल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इंस्टाग्राम और गूगल (Gmail) से मिली जानकारी के आधार पर पता लगाया कि यह अकाउंट होशियारपुर से जुड़ा है। यह ‘प्रभ’ नाम से बनाया गया था और कुछ मोबाइल नंबरों से लिंक था। पुलिस ने इस मामले में होशियारपुर, जालंधर, संगरूर और पटियाला में केस दर्ज कर लिया है। इसमें संगरूर और पटियाला से दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। (पढ़ें पूरी खबर) 5. नामधारी संप्रदाय

गर्मी का कौन सा फल भारत में सबसे ज्यादा उपजता है? आम, तरबूज, नारियल सोच रहे हैं तो गलत हैं आप, ये है खास

authorimg

Asian Palmyra Palm Benefits : जब भारत में गर्मियों के फलों की बात होती है, तो सबसे पहले आम, तरबूज़, नारियल और खरबूज़ का ही ख्याल आता है. बाज़ार इन बेहतरीन मौसमी फलों से भरे रहते हैं, जो शरीर को हाइड्रेट रखते हैं और पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत गर्मियों के एक ऐसे फल का सबसे बड़ा उत्पादक है जिसके बारे में ज़्यादा लोग नहीं जानते आइस एप्पल (जिसे ताड़गोला या नुंगू भी कहा जाता है)? यह पोषक तत्वों से भरपूर, जेली जैसा फल है जिसमें कैलोरी भी बहुत कम होती है. आइए जानते हैं इसके बारे में… आइस एप्पल एक ऐसा फल है जिसमें 95% पानी होता है और यह इलेक्ट्रोलाइट्स (पोटेशियम, कैल्शियम), आयरन और विटामिन B-कॉम्प्लेक्स से भरपूर होता है. इसी वजह से गर्मियों के मौसम में ठंडक पहुंचाने के लिए यह एक लोकप्रिय प्राकृतिक फल है. इसकी खेती मुख्य रूप से तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बिहार में की जाती है, और अप्रैल से जुलाई तक अपने मुख्य मौसम के दौरान, यह ग्रामीण समुदायों के लिए खेती के माध्यम से आजीविका का एक महत्वपूर्ण स्रोत बनता है. इम्यूनिटी और हड्डियों के स्वास्थ्य रखताएक अध्ययन के अनुसार, आइस एप्पल फ्रूट पल्प एक्सट्रैक्ट मानव पीरियोडोंटल लिगामेंट फाइब्रोब्लास्ट की जीवन-क्षमता को बनाए रखते हैं. यह फल विटामिन A, B और C का, साथ ही जिंक, आयरन, फास्फोरस और कैल्शियम जैसे खनिजों का भी एक स्रोत है. ये पोषक तत्व शरीर के विभिन्न कार्यों में योगदान देते हैं, जिनमें प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाना और हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखना शामिल है. लू से बचाता हैयह रसीला, हाइड्रेटिंग और प्राकृतिक रूप से ठंडक देने वाला होता है, जो शरीर को अंदरूनी राहत देता है और लू से बचाता है. आयुर्वेद और सिद्ध जैसी पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धतियों के अनुसार, आइस एप्पल का उपयोग पित्त दोष को संतुलित करने के लिए किया जाता है, जो गर्मी और सूजन से जुड़ा होता है. यह पाचन तंत्र को आराम देता है, और एसिड रिफ्लक्स, गर्मी के कारण होने वाली अपच और जलन जैसी समस्याओं को दूर करता है. पेट के लिए है फायदेमंदफाइबर से भरपूर होने के कारण, यह पेट के लिए एक फायदेमंद फल है, क्योंकि यह पाचन से जुड़ी आम समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद करता है खासकर गर्मियों के महीनों में. इसे मल त्याग को नियमित करने और कब्ज से बचाने में भी सहायक माना जाता है.  ( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.)

Low BP: कम नमक खा रहे? तो लो ब्लड प्रेशर का खतरा, राहत के लिए अपनाएं आसान उपाय

authorimg

Last Updated:March 29, 2026, 17:15 IST Low Blood Pressure: ज्यादा नमक खाना सेहत के लिए हानिकारक है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि नमक बिल्कुल ही नहीं खाना चाहिए. डर से लोग इतना कम नमक खाने लगे हैं, लो ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ने लगी है. यदि आप भी ये गलती कर रहे हैं, तो डाइट में सोडियम की मात्रा को संतुलित रखें. साथ ही यहां लो बीपी को नॉर्मल रखने के लिए होम रेमिडीज को भी जान लीजिए. आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में ब्लड प्रेशर की समस्या आम हो गई है. लोग अक्सर हाई ब्लड प्रेशर पर ज्यादा ध्यान देते हैं, लेकिन लो ब्लड प्रेशर भी उतना ही खतरनाक हो सकता है. जब ब्लड प्रेशर कम होता है, तो चक्कर आना, कमजोरी, थकान और कभी-कभी बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है. लो ब्लड प्रेशर होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें सबसे आम है शरीर में सोडियम की कमी. सोडियम शरीर में पानी और जरूरी तत्वों का संतुलन बनाए रखता है, जिससे ब्लड प्रेशर सही रहता है. अगर इसकी कमी हो जाए, तो प्रेशर गिर सकता है. ऐसे में आप यहां बताए गए आसान उपायों को अपना सकते हैं. लो ब्लड प्रेशर के लिए उपाययदि आप लो बीपी के लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं, तो राहत के लिए एक गिलास पानी में थोड़ा सा नमक मिलाकर पी लें. इससे थोड़ी देर के लिए ब्लड प्रेशर बढ़ाने में मदद मिल सकती है. अगर अचानक चक्कर आने लगे या कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत लेट जाएं. अपने पैरों को थोड़ा ऊंचा रखें, जैसे तकिए पर रख लें. इससे खून का बहाव दिमाग की ओर बेहतर होता है और आपको जल्दी आराम मिल सकता है. इसके अलावा, चाय या कॉफी भी कुछ समय के लिए मदद कर सकती है, क्योंकि इसमें कैफीन होता है जो ब्लड प्रेशर को थोड़ा बढ़ाता है. लेकिन इसे आदत बनाना सही नहीं है, क्योंकि यह सिर्फ अस्थायी राहत देता है. शरीर में पानी की कमी भी लो ब्लड प्रेशर का बड़ा कारण होती है. इसलिए दिनभर पर्याप्त पानी पीना बहुत जरूरी है. इससे शरीर हाइड्रेट रहता है और ब्लड प्रेशर संतुलित रखने में मदद मिलती है. इस बात का ध्यान रखेंअगर इन घरेलू उपायों के बाद भी आपकी समस्या ठीक नहीं होती, या बार-बार चक्कर और कमजोरी महसूस होती है, तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. सही समय पर इलाज करवाना बहुत जरूरी है, ताकि आगे कोई गंभीर समस्या न हो. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें First Published : March 29, 2026, 17:15 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

मैंगो राइस रेसिपी: घर पर सिर्फ 10 मिनट में बनाएं मैंगो राइस, एक बार खाएंगे तो बार-बार मिर्च; नोट करें रेसिपी

मैंगो राइस रेसिपी: घर पर सिर्फ 10 मिनट में बनाएं मैंगो राइस, एक बार खाएंगे तो बार-बार मिर्च; नोट करें रेसिपी

मैंगो राइस रेसिपी: गर्मियों का मौसम आते ही मन कुछ ठंडा और ताज़ा खाना लाता है। वैसे तो आम को फलों का शेक राजा कहा जाता है और लोग इसे फलों का शेक के रूप में खाना पसंद करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी आम का इस्तेमाल करके इसका मुख्य भोजन तैयार किया है? दक्षिण भारत का प्रसिद्ध व्यंजन ‘मैंगो पिक्चराना’ या ‘मैंगो राइस’ एक ऐसी ही रेसिपी है जो स्वाद और सेहत में लाजवाब है। अगर आपके पास समय कम है और आप कुछ स्वादिष्ट खाना चाहते हैं, तो यह रेसिपी आपके लिए असरदार है। आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान विधि। मैंगो राइस के लिए आवश्यक सामग्री चावल उगायेकच्चा आममूंहचना दाल और उड़द दालकैरी पत्ताहरी मिर्चराय हल्दी पाउडरनमकतेलहरा धनियाहींग सबसे पहले एक कड़ाही में तेल गरम करें। इसमें राय डालें और उसे चटकने दें। अब हींग, चना दाल, उड़द दाल और मूंगफली। एक्सपोज़ को स्पेक्ट्रम होने से लेकर पोर्टफोलियो तक।अब कटी हुई हरी मिर्च और कैरी के पत्ते डालें। इसके बाद हल्दी पाउडर लगाएं। ध्यान रहे कि हल्दी जलनी नहीं चाहिए।अब कद्दूकस किया हुआ रॉ आम कैडी में डाल दिया गया। इसे 1-2 मिनट तक सलाह दें जब तक कि आम का कच्चापन थोड़ा कम न हो जाए। आम को बहुत ज्यादा गलाना नहीं है, माइक पिक्चर क्रंच बनाना चाहिए।अब सबसे पहले इसमें चावल और स्वाद नमक का लेखा-जोखा दिया गया है। हाथों से पकौड़े ताकि चावल के दाने न टूटे और मसाला समान रूप से मिल जाए।बंद कर दें और ऊपर से ताज़ा कटा हुआ हरा धनिया डालें। अगर आपको तीखा पसंद है तो आप ऊपर से थोड़ा और लाल मिर्च भी छिड़क सकते हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट) मैंगो चित्रन्ना रेसिपी (टी) कच्चे आम चावल (टी) दक्षिण भारतीय चावल रेसिपी (टी) कर्नाटक भोजन (टी) ग्रीष्मकालीन स्वस्थ रेसिपी (टी) आसान चावल रेसिपी (टी) आम चित्रन्ना (टी) कच्चा आम चावल (टी) त्वरित भारतीय रेसिपी

Reliance Top Loser, Market Cap Down ₹89K Cr; HDFC Bank Also Falls

Reliance Top Loser, Market Cap Down ₹89K Cr; HDFC Bank Also Falls

मुंबई10 मिनट पहले कॉपी लिंक मार्केट कैप के लिहाज से देश की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में से 7 की वैल्यू बीते हफ्ते के कारोबार में 1.75 लाख करोड़ रुपए घट गई। मिडिल ईस्ट में तनाव और इजराइल-ईरान जंग की वजह से यह गिरावट आई है। इस दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज की वैल्यू सबसे ज्यादा घटी। रिलायंस का मार्केट कैप 89,720 करोड़ रुपए घटकर ₹18.24 लाख करोड़ पर आ गया। HDFC का मार्केट कैप 37,248 करोड़ रुपए घटकर ₹11.64 लाख करोड़ पर आ गया। वहीं SBI की मार्केट वैल्यू ₹35,399 करोड़ घटकर ₹9.41 लाख करोड़ पर आ गई। इनके अलावा बीते हफ्ते ICICI बैंक, भारती एयरटेल, HUL और TCS का मर्केट कैप भी घटा है। वहीं लार्सन एंड टुब्रो, बजाज फाइनेंस और इंफोसिस का मार्केट कैप बढ़ा है। बीते हफ्ते सेंसेक्स और निफ्टी 1.27% तक गिरा था अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के बीच पिछले हफ्ते सेंसेक्स 949.74 (1.27%) और निफ्टी 294.9 (1.27%) अंक गिरा था। वहीं शेयर बाजार में 27 मार्च यानी शुक्रवार को गिरावट रही थी। सेंसेक्स 1690 अंक (2.25%) की गिरावट के साथ 73,583 पर आ गया। वहीं निफ्टी में भी 486 अंक (2.09%) की गिरावट रही, ये 22,820 पर बंद हुआ था। मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है? मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें… मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी। कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं… बढ़ने का क्या मतलब घटने का क्या मतलब शेयर की कीमत में बढ़ोतरी शेयर प्राइस में गिरावट मजबूत वित्तीय प्रदर्शन खराब नतीजे पॉजिटीव न्यूज या इवेंट नेगेटिव न्यूज या इवेंट पॉजिटीव मार्केट सेंटिमेंट इकोनॉमी या मार्केट में गिरावट हाई प्राइस पर शेयर जारी करना शेयर बायबैक या डीलिस्टिंग मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है? कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है। निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं। उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ से बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन अगर मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Reliance Top Loser, Market Cap Down ₹89K Cr; HDFC Bank Also Falls

Reliance Top Loser, Market Cap Down ₹89K Cr; HDFC Bank Also Falls

मुंबई2 घंटे पहले कॉपी लिंक मार्केट कैप के लिहाज से देश की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में से 7 की वैल्यू बीते हफ्ते के कारोबार में 1.75 लाख करोड़ रुपए घट गई। मिडिल ईस्ट में तनाव और इजराइल-ईरान जंग की वजह से यह गिरावट आई है। इस दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज की वैल्यू सबसे ज्यादा घटी। रिलायंस का मार्केट कैप 89,720 करोड़ रुपए घटकर ₹18.24 लाख करोड़ पर आ गया। HDFC का मार्केट कैप 37,248 करोड़ रुपए घटकर ₹11.64 लाख करोड़ पर आ गया। वहीं SBI की मार्केट वैल्यू ₹35,399 करोड़ घटकर ₹9.41 लाख करोड़ पर आ गई। इनके अलावा बीते हफ्ते ICICI बैंक, भारती एयरटेल, HUL और TCS का मर्केट कैप भी घटा है। वहीं लार्सन एंड टुब्रो, बजाज फाइनेंस और इंफोसिस का मार्केट कैप बढ़ा है। बीते हफ्ते सेंसेक्स और निफ्टी 1.27% तक गिरा था अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के बीच पिछले हफ्ते सेंसेक्स 949.74 (1.27%) और निफ्टी 294.9 (1.27%) अंक गिरा था। वहीं शेयर बाजार में 27 मार्च यानी शुक्रवार को गिरावट रही थी। सेंसेक्स 1690 अंक (2.25%) की गिरावट के साथ 73,583 पर आ गया। वहीं निफ्टी में भी 486 अंक (2.09%) की गिरावट रही, ये 22,820 पर बंद हुआ था। मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है? मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें… मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी। कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं… बढ़ने का क्या मतलब घटने का क्या मतलब शेयर की कीमत में बढ़ोतरी शेयर प्राइस में गिरावट मजबूत वित्तीय प्रदर्शन खराब नतीजे पॉजिटीव न्यूज या इवेंट नेगेटिव न्यूज या इवेंट पॉजिटीव मार्केट सेंटिमेंट इकोनॉमी या मार्केट में गिरावट हाई प्राइस पर शेयर जारी करना शेयर बायबैक या डीलिस्टिंग मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है? कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है। निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं। उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ से बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन अगर मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

शरीर से टॉक्सिन निकालना हो या दर्द से राहत, जानिए क्यों आज भी एथलीटों की पसंद है हिजामा थेरेपी

authorimg

Last Updated:March 29, 2026, 16:53 IST Hijama Therapy Benefits: आज के दौर में प्रदूषण और गलत खान-पान के कारण हमारे खून में टॉक्सिंस जमा हो जाते हैं, जो कई बीमारियों की जड़ हैं. देहरादून के विशेषज्ञ डॉ. सिराज सिद्दीकी बताते हैं कि ‘हिजामा’ या ‘कपिंग थेरेपी’ शरीर के दूषित रक्त को साफ करने की एक प्राचीन और असरदार पद्धति है. पुराने जमाने में जहां देहात में हिरन के सींग काटकर गंदा खून निकाला जाता था, वहीं आज यह थेरेपी आधुनिक कप्स और वैक्यूम तकनीक से की जा रही है. ओलंपिक चैंपियन माइकल फेल्प्स जैसे एथलीट्स द्वारा इसे अपनाने के बाद, अब आम लोग भी माइग्रेन, स्लिप डिस्क और स्किन की समस्याओं के लिए हिजामा का सहारा ले रहे हैं. देहरादून: शरीर में बीमारियों की एक बड़ी वजह दूषित रक्त और टॉक्सिन्स का जमा होना माना जाता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि एक अच्छी सेहत के लिए समय-समय पर खून को प्यूरिफाई करना और खराब पदार्थों को बाहर निकालना बेहद जरूरी होता है. आज के दौर में इसके लिए ‘हिजामा’ या ‘कपिंग थेरेपी’ का व्यापक उपयोग हो रहा है. दिलचस्प बात यह है कि यह कोई नई तकनीक नहीं है, बल्कि पुराने जमाने में देहात की चिकित्सा पद्धति का हिस्सा हुआ करती थी, जिसमें हिरन के सींग का इस्तेमाल कर शरीर से खराब खून निकाला जाता था. हजारों साल पुरानी है यह चिकित्सा पद्धतिदेहरादून के हिजामा थेरेपिस्ट डॉ. सिराज सिद्दीकी ने बताया कि हिजामा कपिंग थेरेपी हजारों साल पुरानी पद्धति है. मिडिल ईस्ट के देशों में ‘हिजामा वेट कपिंग’ का जबरदस्त ट्रेंड है, जबकि चीन में ‘ड्राई कपिंग थेरेपी’ का अधिक उपयोग किया जाता है. डॉ. सिद्दीकी बताते हैं कि ओलंपिक के दौरान जब मशहूर अमेरिकी तैराक माइकल फेल्प्स के शरीर पर गोल निशान देखे गए, तब दुनिया भर में इस थेरेपी की चर्चा बढ़ गई. आज कई एथलीट, जिमनास्ट और स्पोर्ट्स पर्सन बेहतर ब्लड सर्कुलेशन और दर्द से राहत पाने के लिए नियमित रूप से कपिंग थेरेपी का सहारा लेते हैं. दर्द निवारण से लेकर ब्यूटी ट्रीटमेंट तक फायदेमंदडॉ. सिद्दीकी के अनुसार, हिजामा थेरेपी सिर्फ दर्द कम करने तक सीमित नहीं है. यह ब्यूटी ट्रीटमेंट जैसे कि बालों की समस्या, स्किन की चमक, एंटी-एजिंग और त्वचा रोगों के समाधान में भी बेहद लाभकारी मानी जाती है. आज के समय में लोग माइग्रेन, जोड़ों का दर्द, कमर दर्द, स्लिप डिस्क और सर्वाइकल जैसी गंभीर समस्याओं के इलाज के लिए हिजामा का विकल्प चुन रहे हैं. यह पद्धति शरीर के उन हिस्सों से जमे हुए टॉक्सिन्स को बाहर निकालती है जहां सामान्य ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है. वेट, ड्राई और फायर कपिंग की तकनीकउपचार की प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी देते हुए डॉ. सिद्दीकी ने बताया कि वेट और ड्राई हिजामा के अलावा ‘फायर कपिंग थेरेपी’ भी काफी प्रचलित है. इस तकनीक में कप के भीतर थोड़े समय के लिए आग की गर्मी दी जाती है, जिससे कप के अंदर वैक्यूम बनता है और वह त्वचा से मजबूती से चिपक जाता है. इसके बाद तिल का तेल लगाकर कपिंग के जरिए शरीर के भीतर दबे हुए गंदे खून और विषैले पदार्थों को बाहर निकालने की कोशिश की जाती है. यह प्रक्रिया न केवल शरीर को डिटॉक्स करती है बल्कि मांसपेशियों के खिंचाव को भी कम करती है. About the Author Seema Nath सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें Location : Dehradun,Uttarakhand First Published : March 29, 2026, 16:53 IST

Sonakshi Sinhas Dahaad 2 Shooting in Jaipur; Encounter Scene

Sonakshi Sinhas Dahaad 2 Shooting in Jaipur; Encounter Scene

जयपुर3 घंटे पहले कॉपी लिंक जयपुर के शाहपुरा के राडावास गांव में ‘दहाड़’ सीरीज के दूसरे सीजन की शूटिंग चल रही है। इस सीरीज में बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा मुख्य भूमिका निभा रही हैं। सोनाक्षी सिन्हा पिछले कई दिनों से जयपुर के विभिन्न इलाकों में अलग-अलग लोकेशनों पर शूटिंग कर रही हैं। शूटिंग के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं। एक शूटिंग सीन में सोनाक्षी सिन्हा पुलिस अधिकारी के रूप में बदमाशों की तलाश में पुलिस वैन से गांव पहुंचती हैं। जैसे ही पुलिस मौके पर पहुंचती है, बदमाशों के साथ उनकी जबरदस्त मुठभेड़ शुरू हो जाती है। शूटिंग देखने के लिए मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई है। अब देखिए, सोनाक्षी सिन्हा की शूटिंग से जुड़ी PHOTOS… शाहपुरा के राडावास गांव में चल रही शूटिंग का एक वीडियो सामने आया है। इसमें सोनाक्षी सिन्हा और कुछ बदमाशों के बीच मुठभेड़ का दृश्य दिखाया गया है। वीडियो में सोनाक्षी सिन्हा पुलिस की वर्दी में नजर आ रही हैं। इस वर्दी में वे बेहद दमदार लुक में दिखाई दे रही हैं। वीडियो समोद (चौमूं) से सामने आया था। इस वीडियो में सोनाक्षी सिन्हा अपनी टीम के साथ इन्वेस्टिगेशन (जांच) के लिए जाती हुई नजर आ रही हैं। चौमू में सामने आए वीडियो में सोनाक्षी सिन्हा को अपने सीनियर अधिकारी से बात करते हुए दिखाया गया है। इस सीन को हाल ही में फिल्माया गया था। शाहपुरा के राडावास गांव में शूटिंग देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई है। रीमा कागती कर रही हैं सीरीज का निर्देशन पहले सीजन को दर्शकों से मिली जबरदस्त सराहना के बाद अब ‘दहाड़ सीजन-2’ को और अधिक रोचक, रहस्यमय और एक्शन से भरपूर बनाया जा रहा है। कहानी को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए राजस्थान के ग्रामीण परिवेश और वास्तविक लोकेशनों का उपयोग किया जा रहा है। वेब सीरीज का निर्देशन प्रसिद्ध निर्देशक रीमा कागती कर रही हैं, जबकि इसका निर्माण एक्सेल एंटरटेनमेंट और टाइगर बेबी फिल्म्स के बैनर तले किया जा रहा है। सीरीज में सोनाक्षी सिन्हा के साथ विजय वर्मा, गुलशन देवैया और सोहम शाह जैसे कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। पिछले दो महीनों से सोनाक्षी सिन्हा राजस्थान के कई स्थानों पर इस वेब सीरीज की शूटिंग कर रही हैं। शूटिंग चोमू, सांभर, सामोद, जयपुर परकोटा, शाहपुरा और जमवारामगढ़ जैसे इलाकों में हो चुकी है। सोनाक्षी सिन्हा इन लोकेशंस पर वेब सीरीज के लिए कई अलग-अलग सीन शूट कर चुकी है। — ये खबर भी पढ़िए… मारवाड़ में छुट्टियां मनाने पहुंचीं मलाइका अरोड़ा:पाली में नारलाई के आदिनाथ जैन मंदिर में किए दर्शन, फैंस के साथ खिंचवाई फोटो फिल्म अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा रविवार को राजस्थान के पाली जिले के नारलाई स्थित प्राचीन आदिनाथ जैन मंदिर में दर्शन करने पहुंचीं। उन्होंने दोपहर करीब 12 बजे मंदिर में पूजा-अर्चना कर आर्शीवाद लिया। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

ट्यूमर-कैंसर से लड़ने में कारगर किचन की दो इंच की यह चीज, चेहरे की समस्या की भी दुश्मन! जानें आयुर्वेदिक फायदे

authorimg

Last Updated:March 29, 2026, 16:39 IST Health Tips: जो लोग अक्सर सर्दी, जुकाम और बुखार की चपेट में आ जाते हैं, तो पीपली का सेवन उनके लिए उत्तम माना जाता है, क्योंकि यह इम्यूनिटी बढ़ाने का काम करता है. आइए एक्सपर्ट से पीपली के फायदों के बारे में जानते हैं. देहरादून: हमारे किचन में मौजूद रखी चीजें हमारे लिए कई तरह से उपयोगी होती हैं. सब्जियों का स्वाद बढ़ाने वाले गर्म मसाले कई बीमारियों के इलाज के तोड़ होते हैं. ऐसा ही है पीपली, जिसे आयुर्वेद के लिए वरदान माना गया है. आयुर्वेद के अनुसार, इसमें पाइपरलोंगुमाइन नाम का एक केमिकल कंपाउंड है, जो कैंसर की कोशिकाओं को खत्म में मदद करता है. यह अलग तरह के ट्यूमर की कोशिकाओं को भी नष्ट करता है, जिसमें से एक ब्रेन ट्यूमर भी है. पीपली कफ और सूजन को खत्म करती है. यह कील-मुंहासे, खुजली और कई त्वचा समस्याओं को दूर करती है. इन बीमारियों में कारगरआयुर्वेदिक चिकित्सक सिराज सिद्दीकी बताते हैं कि पीपली को आयुर्वेद में बहुत लाभकारी बताया गया है, क्योंकि इससे कई फायदे हैं. यह ऐसा मसाला है, जो कफ दोष के इलाज में काम आता है. जिन लोगों को सर्दी, खांसी, जुकाम और सिर दर्द की समस्या होती है, उन्हें आधा चम्मच पीपली पाउडर को गुनगुने पानी से ले लेना चाहिए, इससे आराम मिलता है. उन्होंने बताया कि चेस्ट इनफेक्शन, टीबी और श्वसन तंत्र की समस्याओं में भी यह राहत देता है. लंग्स इनफेक्शन वाले भी इसका उपयोग कर सकते हैं. इम्यूनिटी बूस्टर के तौर पर कर सकते हैं यूजडॉ. सिराज सिद्दीकी बताते हैं कि जो लोग अक्सर सर्दी, जुकाम और बुखार की चपेट में आ जाते हैं, तो पीपली का सेवन उत्तम माना जाता है, क्योंकि यह इम्यूनिटी बढ़ाने का काम करता है. इसमें पाइपरीन नामक तत्व मौजूद होता है, जो शरीर में औषधियों के अवशोषण को बढ़ा देता है. इससे इसके चिकित्सकीय गुणों का प्रभाव ज्यादा होता है. हार्ट और ब्लड सर्कुलेशन में कारगरइसके अलावा इसमें एंटीऑक्सिडेंट, एंटी-बैक्टीरियल और हिपैटोप्रोटेक्टिव गुण पाए जाते हैं. कई रिसर्च में यह पाया गया है कि यह ट्यूमर, कैंसर कोशिकाओं को धीरे-शोर खत्म करता है. पीपली हार्ट और ब्लड सर्कुलेशन के लिए भी लाभकारी माना जाता है. यह रक्त संचार को बढ़ाता है और शरीर में ऊर्जा का संचार करता है. इसके साथ ही यह शरीर की कमजोरी को दूर कर ताकत देता है. खून साफ रहने से स्किन साफ रहती है. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. Location : Dehradun,Uttarakhand First Published : March 29, 2026, 16:39 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.