गन्ने बनाम बेल का रस: गन्ना या फिर बेल का रस… गर्मी में ऊर्जावान पेय कौन सा है? जानिए फायदे

गन्ना बनाम बेल का रस: गर्मी का पारा चढ़ना ही शरीर को वर्गीकृत और ऊर्जावान बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। इस मौसम में पास्ता के लिए लोग बार-बार कोल्ड ड्रिंक का सहारा लेते हैं, लेकिन प्राकृतिक फलों का रस न केवल ताजगी देता है बल्कि शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी प्रदान करता है। जब देसी ‘नर्जी ड्रिंक’ की बात आती है, तो बात रस और बेल का शरबत की सबसे ऊपर होती है। दोनों की साबुत सेहत के लिए सबसे बढ़िया है, लेकिन सबसे ज्यादा प्रभावशाली कौन है? आइए इस लेख में विस्तार से जानें। ब्रह्माण्ड का रस है प्रसिद्ध ऊर्जा का पावरहाउस बबूल का रस गर्मियों में सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला पेय है। यह स्वाद में मीठा-मीठा है, स्वास्थ्य के लिए गुणकारी माना जाता है। चौथे में प्राकृतिक सुक्रोज होता है, जो शरीर में जाकर ही ग्लूकोज के स्तर को बढ़ाता है। थकान मुक्ति के लिए यह सबसे बेहतरीन विकल्प है। बता दें, पीलिया जैसी बैचलर में डॉक्टर भी फ्रैंचाइज़ का रस पीने की सलाह देते हैं क्योंकि यह आपको लिवर को डिटॉक्स करने में मदद करता है। इतना ही नहीं, इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसी जरूरी चीजें होती हैं, जो टुकड़े और दांत लगाए जाते हैं। बेल को आयुर्वेद में औषधीय गुणों का खजाना माना गया है। गर्मियों में लू और धूप से बचने के लिए इसका सेवन रामबाण है। बेल के रस में कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याएं दूर होती हैं। यह पेट को अंदर से ठंडा करता है। इसकी तासीर बेहद अनोखी है, जो शरीर के तापमान को नियंत्रित करती है और तापमान को नियंत्रित करती है। बेल के सामूहिक रक्त को साफ करने और लेस्ली के धागों को बनाए रखने में भी सहायक माना जाता है।
Anil Ambani LIC ₹3,750 Cr Fraud Case

नई दिल्ली22 मिनट पहले कॉपी लिंक RCom और अनिल अंबानी के खिलाफ यह चौथा केस है। CBI ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) और अनिल अंबानी के खिलाफ एक नया केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई LIC की शिकायत पर की गई है। जांच एजेंसी का आरोप है कि अनिल अंबानी और उनकी कंपनी ने मिलीभगत कर LIC से करीब ₹3,750 करोड़ का फ्रॉड किया है। RCom और अनिल अंबानी के खिलाफ यह चौथा मामला है। CBI ने इस केस में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। झूठी जानकारी देकर LIC से निवेश कराया CBI की जांच में सामने आया है कि 2009 से 2012 के बीच रिलायंस कम्युनिकेशंस ने LIC को नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) में ₹4,500 करोड़ निवेश करने के लिए राजी किया था। आरोप है कि कंपनी के मैनेजमेंट ने LIC के सामने अपनी वित्तीय स्थिति को लेकर झूठे दावे किए थे। इसके अलावा निवेश के बदले जो सिक्योरिटी और एसेट कवर का भरोसा दिया गया था, वह भी पूरी तरह गलत था। फॉरेंसिक ऑडिट में हुआ फंड की हेराफेरी का खुलासा इस मामले में LIC की शिकायत के बाद एक फॉरेंसिक ऑडिट कराया गया था। 15 अक्टूबर 2020 को आई BDO इंडिया LLP की ऑडिट रिपोर्ट में कई खुलासे हुए हैं… फंड का गलत इस्तेमाल: बैंकों और वित्तीय संस्थानों से जुटाए गए पैसों को कंपनी ने अपने मूल उद्देश्य के बजाय दूसरी जगहों पर इस्तेमाल किया। शेल कंपनियों का इस्तेमाल: फंड को इधर-उधर करने के लिए कई सब्सिडियरी और शेल (नकली) कंपनियों का सहारा लिया गया। फर्जी बिलिंग: सेल इनवॉइस फाइनेंसिंग का गलत इस्तेमाल हुआ और फर्जी बिलों के जरिए पैसे निकाले गए। कागजी देनदार: कंपनी ने अपनी बैलेंस शीट को बेहतर दिखाने के लिए फर्जी देनदार और रिसीवेबल्स खड़े किए और बाद में उन्हें राइट-ऑफ कर दिया। RCom ने संपत्तियों की वैल्यू बढ़ा-चढ़ाकर दिखाई ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, RCom ने अपनी संपत्तियों यानी एसेट्स की वैल्यू को बहुत ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया था। असल में उन संपत्तियों और उन पर लिए गए कर्ज के बीच कोई कनेक्शन नहीं था। CBI का कहना है कि इसी धोखाधड़ी की वजह से LIC को ₹3,750 करोड़ से ज्यादा का घाटा हुआ है। क्या होते हैं नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs)? यह एक तरह का लोन इंस्ट्रूमेंट होता है जिसे कंपनियां जनता या संस्थाओं से पैसा जुटाने के लिए जारी करती हैं। इसमें निवेश करने वालों को एक तय दर से ब्याज मिलता है। इन्हें शेयरों में नहीं बदला जा सकता, इसलिए इन्हें ‘नॉन-कन्वर्टिबल’ कहा जाता है। ये खबर भी पढ़ें… अनिल अंबानी से दूसरे-दिन CBI-हेडक्वार्टर में 6 घंटे पूछताछ: SBI से ₹2,929 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला; पहले दिन 8 घंटे तक सवाल-जवाब हुए थे रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड यानी RCOM से जुड़े 2,929 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी मामले में अनिल अंबानी शुक्रवार (20 मार्च) को दूसरे दिन की पूछताछ के लिए दिल्ली स्थित CBI मुख्यालय पहुंचे। जांच अधिकारियों ने उनसे आज करीब 6 घंटे तक सवाल-जवाब किए। वे सुबह 10 बजे CBI मुख्यालय पहुंचे और वहां से शाम को 5.15 बजे निकले। इससे पहले गुरुवार को भी उनसे करीब 8 घंटे तक पूछताछ की थी। यह पूरी कार्रवाई SBI की शिकायत पर दर्ज की गई FIR के आधार पर की जा रही है। CBI ने यह आपराधिक मामला रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, अनिल अंबानी और कुछ अज्ञात लोक सेवकों के खिलाफ दर्ज किया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
झारखंड का ‘शीश महल’? हेमंत सोरेन के 69 करोड़ रुपये के मुख्यमंत्री आवास को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:01 अप्रैल, 2026, 19:42 IST झारखंड के मुख्यमंत्री के नए आवास की लगभग 68.91 करोड़ रुपये की लागत वाली योजना पर विवाद शुरू हो गया है, बीजेपी ने इसे फिजूलखर्ची बताया है और दावा किया है कि लागत 100 करोड़ से ऊपर हो सकती है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन. (पीटीआई फाइल फोटो) झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नए आवास के नियोजित निर्माण, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 69 करोड़ रुपये है, ने राजनीतिक विवाद पैदा कर दिया है, भाजपा ने इसे संभावित “शीश महल” कहा है और राज्य सरकार पर भारी खर्च का आरोप लगाया है। हालाँकि, सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने इस परियोजना को मुख्यमंत्री कार्यालय के लिए एक नियमित बुनियादी ढाँचे की आवश्यकता के रूप में बचाव किया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने दावा किया कि अंदरूनी और साज-सज्जा को शामिल करने के बाद अंतिम लागत 100 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है, जिससे यह तेलंगाना के बाद देश के सबसे महंगे आधिकारिक आवासों में से एक बन जाएगा। सरकारी निविदा दस्तावेज़ों तक पहुँच प्राप्त की इंडियन एक्सप्रेस दिखाएँ कि 68.91 करोड़ रुपये के आधार अनुमान में जीएसटी, परामर्श और वैधानिक शुल्क शामिल हैं। मुख्य इमारत, जिसमें एक बेसमेंट, भूतल और पहली मंजिल शामिल है, की कीमत 47.80 करोड़ रुपये है और इसमें सिविल कार्य, आंतरिक विद्युतीकरण, पाइपलाइन, अग्नि सुरक्षा, एचवीएसी सिस्टम और लिफ्ट शामिल हैं। परियोजना में व्यापक भूदृश्य, एक पानी का फव्वारा (1.99 करोड़ रुपये), चारदीवारी और द्वार, पार्किंग सुविधाएं, सीवेज उपचार, तूफानी जल निकासी और बाहरी निगरानी की भी योजना है, जिससे करों और अतिरिक्त प्रावधानों के बाद मुख्य लागत 68 करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगी। भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने प्रकाशन को बताया, “ऐसे राज्य में जहां सरकार कहती है कि उसके पास अबुआ आवास या छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं के लिए धन नहीं है, मुख्यमंत्री आवास पर इतनी राशि खर्च करना बिल्कुल विपरीत है।” झामुमो ने जवाबी कार्रवाई करते हुए प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा, “यह बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से एक सरकारी परियोजना है। सीएम का आवास एक व्यक्ति के लिए नहीं है; जो भी भविष्य में कार्यालय संभालेगा वह इसका उपयोग करेगा।” उन्होंने कहा, “आपत्ति उठाने वालों को अपनी प्राथमिकताओं पर भी गौर करना चाहिए। हमने कहीं और भारी खर्च देखा है, जिसमें सेंट्रल विस्टा (दिल्ली में) जैसी परियोजनाएं और शीर्ष नेताओं द्वारा लक्जरी खर्च शामिल हैं। इसकी तुलना में, यह एक संस्थागत आवश्यकता है।” पांडे ने भाजपा पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का भी आरोप लगाया और कहा कि झारखंड में कल्याणकारी योजनाओं के लिए केंद्रीय धन रोक दिया गया है, जिससे आवास और पेयजल परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं। जगह : झारखंड, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 01 अप्रैल, 2026, 19:42 IST समाचार राजनीति झारखंड का ‘शीश महल’? हेमंत सोरेन के 69 करोड़ रुपये के मुख्यमंत्री आवास पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)हेमंत सोरेन निवास विवाद(टी)झारखंड के मुख्यमंत्री का नया घर(टी)68.91 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट(टी)बीजेपी का आरोप अपव्यय(टी)जेएमएम रक्षा बुनियादी ढांचा(टी)रांची कांके रोड निवास(टी)महंगा आधिकारिक निवास(टी)झारखंड राजनीतिक विवाद
धुरंधर 2 की मुरीद हुईं प्रियंका चोपड़ा:रणवीर सिंह को कहा- बधाई मेरे दोस्त; राजामौली की फिल्म 'वाराणसी' से करेंगी वापसी

प्रियंका चोपड़ा इन दिनों भारत में हैं और उन्होंने बुधवार को आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर 2’ की जमकर तारीफ की। प्रियंका ने सोशल मीडिया पर फिल्म की पूरी टीम को बधाई देते हुए लीड एक्टर रणवीर सिंह के लिए एक स्पेशल मैसेज लिखा। प्रियंका ने रणवीर को अपना ‘दोस्त’ बताते हुए फिल्म को बेहतरीन बताया है। प्रियंका ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, “बधाई हो मेरे दोस्त रणवीर सिंह।” प्रियंका ने फिल्म के बाकी कलाकारों अर्जुन रामपाल, आर माधवन, अक्षय खन्ना, संजय दत्त, सारा अर्जुन और राकेश बेदी के काम को भी सराहा। बता दें कि प्रियंका और रणवीर ‘बाजीराव मस्तानी’, ‘दिल धड़कने दो’ और ‘गुंडे’ जैसी हिट फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं और दोनों की बॉन्डिंग काफी अच्छी है। आदित्य धर के लिए लिखा खास मैसेज प्रियंका ने फिल्म के डायरेक्टर आदित्य धर के विजन की भी तारीफ की। उन्होंने लिखा, “आदित्य, आप एक मिशन पर निकले इंसान हैं। हर मायने में ‘धुरंधर’ एक शानदार फिल्म है। अपनी कला के लिए आप सभी का शुक्रिया।” प्रियंका से पहले भी विक्की कौशल और मधुर भंडारकर जैसे कई सितारे इस फिल्म की और आदित्य धर के निर्देशन की तारीफ कर चुके हैं। स्वर्ण मंदिर में टेका माथा, सेवा की फिल्म का रिव्यू शेयर करने से एक दिन पहले प्रियंका चोपड़ा अमृतसर के स्वर्ण मंदिर (गोल्डन टेंपल) पहुंची थीं। वहां उन्होंने न सिर्फ माथा टेका, बल्कि मंदिर में ‘सेवा’ भी की। प्रियंका की मंदिर के अंदर की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी पसंद किए जा रहे हैं, जिनमें वे काफी सादगी के साथ नजर आ रही हैं। 2027 में राजामौली की फिल्म से करेंगी वापसी प्रियंका के वर्कफ्रंट की बात करें तो वे जल्द ही एसएस राजामौली की मेगा बजट फिल्म ‘वाराणसी’ में नजर आएंगी। इस एक्शन फिल्म में उनके साथ महेश बाबू और पृथ्वीराज सुकुमारन भी लीड रोल में हैं। यह फिल्म 7 अप्रैल 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ‘द स्काई इज पिंक’ (2019) के बाद यह प्रियंका की पहली भारतीय फिल्म होगी।
20 करोड़ टैक्स वसूली के लिए सड़क पर उतरे अधिकारी:बस संचालकों पर कार्रवाई, दो बसें जब्त; ₹1.60 लाख वसूले

जिले में लंबे समय से टैक्स चोरी कर रहे बस मालिकों के खिलाफ बुधवार को प्रशासन ने कार्रवाई की है। संयुक्त टीम ने शहर के बस स्टैंडों और तिराहों पर घेराबंदी कर चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान दो यात्री बसें जब्त कर आरटीओ दफ्तर भेज दी गईं, जबकि आठ अन्य बसों से मौके पर ही 1 लाख 60 हजार 473 रुपए का बकाया टैक्स वसूला गया। अपर कलेक्टर जे.पी. यादव ने बताया कि जिले में ऐसी 94 बसें चिह्नित की गई हैं, जिन पर पिछले कई सालों से करीब 20 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है। बार-बार नोटिस देने के बाद भी जब बस संचालकों ने पैसा जमा नहीं किया, तो कलेक्टर के आदेश पर यह स्पेशल टीम बनाई गई। बस स्टैंड और तिराहों पर दबिश बुधवार को टीम ने मुख्य बस स्टैंड, मंडला बस स्टैंड और समनापुर तिराहे पर अचानक छापा मारा। इस दौरान बस नंबर MP 52 P 0112 और CG 10 G 0129 के पास टैक्स से जुड़े कागज नहीं मिले, जिसके बाद उन्हें तुरंत जब्त कर लिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से बस ऑपरेटरों में हड़कंप मच गया है। आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई अधिकारियों का कहना है कि टैक्स वसूली के लिए इस तरह की छापामार कार्रवाई अब लगातार चलती रहेगी। बिना टैक्स चुकाए सड़क पर बस चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पूरी मुहिम में आरटीओ, एसडीएम, तहसीलदार और भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
Moringa For Health: थकान-कमजोरी से वजन कंट्रोल तक, जानें गर्मी में सहजन खाने के फायदे

Last Updated:April 01, 2026, 19:30 IST Sahjan Ke Fayde: सहजन का सेवन गर्मी के दिनों में आपको हेल्दी रहने में मदद कर सकता है. सब्जी से लेकर सांभर और जूस के रूप में आप इसका सेवन कर सकते हैं. मोरिंगा खासतौर पर उन लोगों के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है, जिन्हें पाचन, मोटापे और कमजोरी की समस्या रहती है. ख़बरें फटाफट Sahjan Ke Fayde: गर्मियों में अक्सर पाचन खराब होना, थकान, कमजोरी और वजन बढ़ने जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं, ऐसे में सहजन का सेवन बहुत फायदेमंद होता है. आयुर्वेद में इसे एक गुणकारी औषधि माना जाता है क्योंकि इसके पत्ते, फल और फूल सभी सेहत के लिए लाभकारी होते हैं. सहजन में विटामिन A, B, C, आयरन, जिंक, पोटैशियम, मैग्नीशियम और फाइबर भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. ऐसे में गर्मियों के दिनों में मोरिंग का सेवन शरीर के लिए दवा का काम कर सकता है. इसका सेवन शरीर को ठंडक देता है, पाचन को मजबूत बनाता है और रोगों से लड़ने की ताकत बढ़ाता है. सहजन का सेवन खासतौर पर कुछ कंडीशन में बहुत ही फायदेमंद होता है. यहां आप जान सकते हैं कि किन लोगों को सहजन का सेवन जरूर करना चाहिए. किन लोगों को सहजन का सेवन करना चाहिए? मोरिंगा में फाइबर मौजूद होता है, जो पेट को साफ रखने में मदद करता है. ऐसे में वो लोग जिन्हें कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याएं रहती हैं उन्हें इसका सेवन करना चाहिए. भारी खाना खाने के बाद भी सहजन पाचन को ठीक करने में मदद करता है. यह वजन नियंत्रित रखने में भी सहायक है क्योंकि यह मेटाबॉलिज्म को तेज करता है और भूख को नियंत्रित करता है. गर्मी में शरीर में गंदगी और पानी जमा हो सकता है, जिसे सहजन प्राकृतिक रूप से बाहर निकालने में मदद करता है. यह सूजन कम करता है और शरीर को हल्का महसूस कराता है. यह खून में शुगर का स्तर संतुलित रखने में भी मददगार है, इसलिए डायबिटीज के मरीजों के लिए भी लाभकारी है. सहजन में कैल्शियम और विटामिन C होता है, जो शरीर को ऊर्जा देता है और थकान को दूर करता है. इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण इम्युनिटी बढ़ाते हैं, जिससे शरीर बीमारियों से बचा रहता है. सहजन का सेवन कैसे करें (How To Eat Moringa In summer)गर्मियों में सहजन को कई तरीकों से खाया जा सकता है, जैसे इसकी सब्जी, पत्तों का साग, सूप या जूस. इसके पत्तों को सुखाकर पाउडर बनाकर पानी में मिलाकर भी लिया जा सकता है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 01, 2026, 19:30 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
निजी स्कूलों में मनमानी फीस के खिलाफ अभिभावकों का प्रदर्शन:कलेक्ट्रेट पहुंचा पालक संघ, एनसीईआरटी पाठ्यक्रम अनिवार्य करने सहित कई मांगे रखी

नीमच में निजी स्कूलों की मनमानी फीस और नियमों के उल्लंघन के विरोध में बुधवार को पालक संघ जिला इकाई ने प्रदर्शन किया। पालकों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। संघ के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि निजी स्कूल फीस विनियमन कानून का उल्लंघन कर मनमाने ढंग से शुल्क बढ़ा रहे हैं। इससे अभिभावकों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ पड़ रहा है। एनसीईआरटी पाठ्यक्रम अनिवार्य करने सहित कई मांगे रखी ज्ञापन में प्रमुख मांग की गई कि स्कूलों में निजी प्रकाशकों की महंगी किताबों के बजाय केवल एनसीईआरटी पाठ्यक्रम अनिवार्य किया जाए। इसके अतिरिक्त, किताबों और गणवेश पर अभिभावकों को कम से कम 30 प्रतिशत की छूट दिलाने के लिए विशेष मेलों का आयोजन करने की मांग की गई, ताकि इसमें होने वाली अनियमितताओं को रोका जा सके। पालक संघ ने सीएम राइज सांदीपनि स्कूल के अधूरे भवन निर्माण पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में देरी के कारण मध्यम और गरीब वर्ग के प्रतिभावान छात्र गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर उठाए सवाल संघ ने स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर भी सवाल उठाए। ज्ञापन में बताया गया कि जिले के कई निजी संस्थान बिना खेल मैदान, प्रयोगशाला और स्वच्छ पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाओं के संचालित हो रहे हैं। पालक संघ ने चेतावनी दी है कि अगर फीस बकाया होने पर टीसी या अंकसूची रोकने जैसी प्रथाओं पर रोक नहीं लगी और परिवहन शुल्क में एकरूपता सुनिश्चित नहीं की गई, तो जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जिन स्कूलों में निर्धारित मापदंडों का अभाव है, उनकी मान्यता तत्काल निरस्त की जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान तीसरी कक्षा का छात्र जयंत शुक्ला भी मौजूद था, जिसने तख्ती उठा रखी थी।
लू लगने पर तोड़ें ये फूल, करें ऐसे उपचार, मिनटों में उतर जाएगा बुखार! बब्बा के बाबा का फार्मूला

Last Updated:April 01, 2026, 18:49 IST Heatstorke Remedy: अप्रैल शुरू हो चुका है. सूरज के तेवर तीखे होने लगे हैं.ऐसे में अब लू अपना दुष्प्रभाव दिखाएगी. लू लगने पर शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है. कई बार तो जान का खतरा भी हो जाता है. ऐसे में लोग डॉक्टर के पास भागते हैं. वहीं, छतरपुर के बुजुर्ग अपने बाबा के जमाने का गजब उपचार बताया. इस उपचार से आयुर्वेद चिकित्सक भी सहमत हैं. Summer Health Remedy: गर्मी का सीजन शुरू हो गया है. ऐसे में गर्म हवाएं भी अपना असर दिखाने लगी हैं. छतरपुर में लू से बचने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एडवाइजरी भी जारी कर दी गई है. हालांकि, जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लू से बचने के लिए कुछ घरेलू उपाय किए जाते हैं. ग्रामीणों के मुताबिक सालों से पलाश के फूलों से लू को ठीक किया जाता है. छतरपुर के रहने वाले बुजुर्ग जमुना पाल बताते हैं कि गर्मी के मौसम में पलाश या छ्योल के फूल का महत्व तब और बढ़ जाता है, जब किसी को लपट यानी लू लग जाती है. क्योंकि, पलाश के फूलों से लू भी छूमंतर हो जाती है. इसके अलावा हमारे यहां चना की सूखी भाजी जिसे सुसका कहा जाता है, इस भाजी से भी लू ठीक हो जाती है. लू लगने पर ऐसे करें उपचारजमुना बताते हैं कि पलाश के आधा किलो फूल को मटके के पानी में डाल दें. उसी पानी को कपड़े की सहायता से पूरे शरीर में फेर दें. इसके बाद लपट उतर जाती है, यानी लू लगने पर जो बुखार आता है, वह ठीक हो जाता है. खुद पर आजमा चुका हूं…जमुना बताते हैं कि बाबा-पुरखों से भी यही सुनते और देखते आए हैं कि जब भी किसी को लपट लग जाती थी, तो पलाश के फूलों से ही उसकी लपट उतारी जाती थी. मुझे स्वयं कई बार लपट लगी है, तब मैंने पलाश के फूलों से लपट उतारी है. लू या लपट लगना क्या है?बता दें, लू लगना वो स्थिति है, जो शरीर में गर्मी और बढ़ते तापमान की वजह से उत्पन्न होती है. इस दौरान हमारे शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है. बाहरी तापमान और गर्म हवा की वजह से शरीर ठंडा नहीं हो पाता और शरीर का तापमान 40 डिग्री से ज्यादा हो जाता है. About the Author Rishi mishra एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें Location : Chhatarpur,Madhya Pradesh First Published : April 01, 2026, 18:49 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
भोपाल के गांधीनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आग:8 मरीजों को संतनगर सिविल अस्पताल शिफ्ट किया, दवाएं जलीं

गांधीनगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार दोपहर 3 बजे के करीब अचानक आग लग गई। जैसे ही धुआं ओपीडी क्षेत्र और वार्ड में पहुंचा, अस्पताल में हड़कंप का माहौल बन गया। मरीज, परिजन, स्टाफ और डॉक्टर हेल्थ सेंटर के सामने मौजूद खाली स्थान में आकर खड़े हो गए। करीब 30 मिनट में पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पा लिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ ने बताया कि आग सिर्फ एक कमरे तक सीमित रही, इसलिए कोई बड़ी घटना नहीं हुई। हालांकि पूरे परिसर में धुआं भर जाने के चलते 8 मरीजों को संतनगर स्थित सिविल अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया था। स्टोर में लगी थी आग, जली दवाएं स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल की बिल्डिंग पुरानी है। ऐसे में यहां वायरिंग भी पुरानी है, जिसके कारण स्टोर रूम में शॉर्ट सर्किट हुआ और आग लगी। स्टोर में रखे पुराने गद्दों से आग बढ़ गई और पास में रखी 4 गत्ते दवाएं और आईवी फ्लुइड की दर्जनों बोतलें भी इसकी चपेट में आ गईं। मामले में सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने कहा कि अभी स्थिति का आकलन कर रहे हैं। कितना नुकसान हुआ है, यह अभी स्पष्ट नहीं है। हालांकि, समय रहते आग पर काबू पा लिया गया था। आग लगने की वजह पता चलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मरीजों को एंबुलेंस से किया गया शिफ्ट आग की सूचना मिलते ही मौके पर सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए रवाना हो गए थे। वे करीब 4 बजे गांधीनगर पहुंचे। उन्होंने परिसर में आग के बाद फैली गंदगी, गंध और धुएं को देखते हुए मरीजों को संतनगर सिविल अस्पताल शिफ्ट करने का फैसला लिया। दो एंबुलेंस 108 के जरिए मरीजों को शिफ्ट किया गया।
दमोह में 14 साल का बच्चा गड्ढे में डूबा, मौत:महुआ बिनने के लिए घर से निकला था, पिता ने खोजबीन के बाद निकाला शव

दमोह जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र के सैलवाड़ा गांव में एक 14 साल के बच्चे की कुएं में डूबने से मौत हो गई। वह महुआ बिनने गया था और काफी देर तक घर नहीं लौटा था। खोजबीन के दौरान पिता को कुएं में डूबने की आशंका हुई। पिता ने कुएं में कूदकर बेटे को पानी से बाहर निकाला। उसे तत्काल तेंदूखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना गबुधवार दोपहर की है। महुआ बीनने के लिए घर से निकला था नाबालिग मृतक की पहचान सैलवाड़ा निवासी सुमित रैकवार (14) पुत्र राजकुमार रैकवार के रूप में हुई है। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शव का पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक के पिता राजकुमार रैकवार ने बताया कि बुधवार सुबह परिवार के सभी सदस्य महुआ बीनने गए थे और वापस आ गए थे। सुमित दोपहर करीब 12 बजे फिर से महुआ बीनने की बात कहकर साइकिल लेकर घर से निकला था। पानी से भरे गढ्ढे में डूबा नाबालिग राजकुमार ने बताया कि उन्होंने सुमित को मना किया था कि थोड़े ही महुआ गिरे हैं, लेकिन वह नहीं माना और आधे घंटे में लौटने की बात कहकर चला गया। जब दोपहर 2 बजे तक वह वापस नहीं आया, तो राजकुमार खेतों में देखने गए। वहां सुमित नहीं दिखा, केवल महुआ के पेड़ के पास उसकी साइकिल खड़ी मिली। बेटे के कहीं नजर न आने पर पिता ने पास में बन रहे कुएं के गड्ढे में देखा, जहां सुमित पानी के नीचे था। उसे बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।







