Saturday, 30 May 2026 | 01:54 PM

Trending :

EXCLUSIVE

लू लगने पर तोड़ें ये फूल, करें ऐसे उपचार, मिनटों में उतर जाएगा बुखार! बब्बा के बाबा का फार्मूला

authorimg

Last Updated:

Heatstorke Remedy: अप्रैल शुरू हो चुका है. सूरज के तेवर तीखे होने लगे हैं.ऐसे में अब लू अपना दुष्प्रभाव दिखाएगी. लू लगने पर शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है. कई बार तो जान का खतरा भी हो जाता है. ऐसे में लोग डॉक्टर के पास भागते हैं. वहीं, छतरपुर के बुजुर्ग अपने बाबा के जमाने का गजब उपचार बताया. इस उपचार से आयुर्वेद चिकित्सक भी सहमत हैं.

Summer Health Remedy: गर्मी का सीजन शुरू हो गया है. ऐसे में गर्म हवाएं भी अपना असर दिखाने लगी हैं. छतरपुर में लू से बचने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एडवाइजरी भी जारी कर दी गई है. हालांकि, जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लू से बचने के लिए कुछ घरेलू उपाय किए जाते हैं. ग्रामीणों के मुताबिक सालों से पलाश के फूलों से लू को ठीक किया जाता है.

छतरपुर के रहने वाले बुजुर्ग जमुना पाल बताते हैं कि गर्मी के मौसम में पलाश या छ्योल के फूल का महत्व तब और बढ़ जाता है, जब किसी को लपट यानी लू लग जाती है. क्योंकि, पलाश के फूलों से लू भी छूमंतर हो जाती है. इसके अलावा हमारे यहां चना की सूखी भाजी जिसे सुसका कहा जाता है, इस भाजी से भी लू ठीक हो जाती है.

लू लगने पर ऐसे करें उपचार
जमुना बताते हैं कि पलाश के आधा किलो फूल को मटके के पानी में डाल दें. उसी पानी को कपड़े की सहायता से पूरे शरीर में फेर दें. इसके बाद लपट उतर जाती है, यानी लू लगने पर जो बुखार आता है, वह ठीक हो जाता है.

खुद पर आजमा चुका हूं…
जमुना बताते हैं कि बाबा-पुरखों से भी यही सुनते और देखते आए हैं कि जब भी किसी को लपट लग जाती थी, तो पलाश के फूलों से ही उसकी लपट उतारी जाती थी. मुझे स्वयं कई बार लपट लगी है, तब मैंने पलाश के फूलों से लपट उतारी है.

लू या लपट लगना क्या है?
बता दें, लू लगना वो स्थिति है, जो शरीर में गर्मी और बढ़ते तापमान की वजह से उत्पन्न होती है. इस दौरान हमारे शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है. बाहरी तापमान और गर्म हवा की वजह से शरीर ठंडा नहीं हो पाता और शरीर का तापमान 40 डिग्री से ज्यादा हो जाता है.

About the Author

Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
एमपी में मकान बनाना 35% तक महंगा:सीमेंट-ईंट, टाइल्स-सेनेटरी आइटम्स के रेट बढ़े, 1 हजार वर्गफीट पर मकान बनाने की लागत अब 16 लाख रुपए

April 16, 2026/
5:22 am

ईरान-इजराइल और अमेरिका युद्ध का असर अब आम आदमी की रसोई तक सीमित नहीं रहा। यह घर के सपने पर...

भोपाल में आज कई इलाकों में गुल रहेगी बिजली:SET के एडमिट कार्ड वेबसाइट पर उपलब्ध; जानिए शहर में कहां-क्या खास

February 24, 2026/
6:05 am

आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके...

बंगाल चुनाव 2026: वोट छोड़ रहे प्रवासी मजदूर, टीएमसी का बीजेपी से सवाल- मजदूर या मजदूर?

April 22, 2026/
1:47 pm

बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में एक दिलचस्प ट्रेंड उभरकर सामने आ रहा है। बड़ी संख्या...

राजस्थान के स्कूलों में बच्चों के अजीब-अटपटे नाम बदले जाएंगे:प्रिंसिपल 2950 नामों की पेरेंट्स को लिस्ट दिखाएंगे, इच्छा से बदल सकेंगे

April 14, 2026/
1:35 pm

सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए शिक्षा विभाग ने एक संवेदनशील और सकारात्मक पहल शुरू की...

प्रियंक कानूनगो बोले-वेटिंग टिकट रिफंड में कटौती रेलवे नहीं करता:NHRC सदस्य ने कहा- यह पैसे इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर को मिलते हैं

April 27, 2026/
7:54 pm

रेलवे यात्रा से जुड़े मानवाधिकार, सुविधाओं और शिकायतों को लेकर सोमवार को आयोजित जागरूकता संवाद में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC)...

दमोह के इलेक्ट्रॉनिक शोरूम की लिफ्ट गिरी, एक की मौत:तेंदूखेड़ा में नपा का कर्मचारी था मृतक, दो लोग घायल

April 17, 2026/
11:22 am

दमोह जिले के तेंदूखेड़ा में गुरुवार रात एक इलेक्ट्रॉनिक शोरूम की लिफ्ट अचानक नीचे गिर गई। इस हादसे में नगर...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

लू लगने पर तोड़ें ये फूल, करें ऐसे उपचार, मिनटों में उतर जाएगा बुखार! बब्बा के बाबा का फार्मूला

authorimg

Last Updated:

Heatstorke Remedy: अप्रैल शुरू हो चुका है. सूरज के तेवर तीखे होने लगे हैं.ऐसे में अब लू अपना दुष्प्रभाव दिखाएगी. लू लगने पर शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है. कई बार तो जान का खतरा भी हो जाता है. ऐसे में लोग डॉक्टर के पास भागते हैं. वहीं, छतरपुर के बुजुर्ग अपने बाबा के जमाने का गजब उपचार बताया. इस उपचार से आयुर्वेद चिकित्सक भी सहमत हैं.

Summer Health Remedy: गर्मी का सीजन शुरू हो गया है. ऐसे में गर्म हवाएं भी अपना असर दिखाने लगी हैं. छतरपुर में लू से बचने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एडवाइजरी भी जारी कर दी गई है. हालांकि, जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लू से बचने के लिए कुछ घरेलू उपाय किए जाते हैं. ग्रामीणों के मुताबिक सालों से पलाश के फूलों से लू को ठीक किया जाता है.

छतरपुर के रहने वाले बुजुर्ग जमुना पाल बताते हैं कि गर्मी के मौसम में पलाश या छ्योल के फूल का महत्व तब और बढ़ जाता है, जब किसी को लपट यानी लू लग जाती है. क्योंकि, पलाश के फूलों से लू भी छूमंतर हो जाती है. इसके अलावा हमारे यहां चना की सूखी भाजी जिसे सुसका कहा जाता है, इस भाजी से भी लू ठीक हो जाती है.

लू लगने पर ऐसे करें उपचार
जमुना बताते हैं कि पलाश के आधा किलो फूल को मटके के पानी में डाल दें. उसी पानी को कपड़े की सहायता से पूरे शरीर में फेर दें. इसके बाद लपट उतर जाती है, यानी लू लगने पर जो बुखार आता है, वह ठीक हो जाता है.

खुद पर आजमा चुका हूं…
जमुना बताते हैं कि बाबा-पुरखों से भी यही सुनते और देखते आए हैं कि जब भी किसी को लपट लग जाती थी, तो पलाश के फूलों से ही उसकी लपट उतारी जाती थी. मुझे स्वयं कई बार लपट लगी है, तब मैंने पलाश के फूलों से लपट उतारी है.

लू या लपट लगना क्या है?
बता दें, लू लगना वो स्थिति है, जो शरीर में गर्मी और बढ़ते तापमान की वजह से उत्पन्न होती है. इस दौरान हमारे शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है. बाहरी तापमान और गर्म हवा की वजह से शरीर ठंडा नहीं हो पाता और शरीर का तापमान 40 डिग्री से ज्यादा हो जाता है.

About the Author

Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.