ICC T20 Rankings: Indian Batsmen Top 4

Hindi News Sports ICC T20 Rankings: Indian Batsmen Top 4 | Pandya All rounder No. 2 स्पोर्ट्स डेस्क18 मिनट पहले कॉपी लिंक अभिषेक शर्मा (दाहिने) और ईशान किशन ने टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए ओपनिंग की थी। दोनों अभी टी-20 बैटर्स रैंकिंग के टॉप-2 पर हैं। ICC टी-20 बैटर्स रैंकिंग में भारत के 4 बल्लेबाज टॉप-10 में हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मैचों की टी-20 सीरीज में 200 रन बनाने वाले साउथ अफ्रीका के कॉनर एस्टरहुइजन 64 स्थान की छलांग लगाकर 39वें स्थान पर पहुंच गए हैं। ऑलराउंडर्स रैंकिंग में हार्दिक पंड्या नंबर-2 पर बने हुए हैं। अभिषेक टॉप पर काबिज टी-20 बल्लेबाजों की रैंकिंग में अभिषेक शर्मा 875 रेटिंग के साथ पहले नंबर पर हैं। दूसरे नंबर पर भी भारत के ईशान किशन हैं। टॉप-10 में भारत के कुल 4 बल्लेबाज शामिल हैं। इसमें तिलक वर्मा और सूर्यकुमार यादव भी जगह बनाने में सफल रहे हैं। पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान तीसरे नंबर पर हैं, जबकि इंग्लैंड के फिल सॉल्ट चौथे स्थान पर हैं। ऑलराउंडर में सिकंदर रजा पहले पायदान पर ऑलराउंडर रैंकिंग में जिम्बाब्वे के सिकंदर रजा 328 रेटिंग के साथ पहले नंबर पर हैं। भारत के हार्दिक पंड्या 299 रेटिंग के साथ दूसरे स्थान पर बने हुए हैं। पाकिस्तान के सैम अयूब तीसरे और नेपाल के दीपेंद्र सिंह ऐरी चौथे नंबर पर हैं। गेंदबाजी में राशिद नंबर-1 गेंदबाजों की रैंकिंग में अफगानिस्तान के राशिद खान 753 रेटिंग के साथ पहले नंबर पर हैं। भारत के वरुण चक्रवर्ती दूसरे और पाकिस्तान के अबरार अहमद तीसरे स्थान पर हैं।टॉप-10 में भारत के जसप्रीत बुमराह भी शामिल हैं। ——————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL में आज LSG vs DC:दिल्ली ने लखनऊ के खिलाफ 7 में 4 मैच जीते, पिछले सीजन दोनों मैचों में हराया IPL के पांचवें मुकाबले में आज लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स की टीमें आमने-सामने होंगी। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला लखनऊ के भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में खेला जाना है। मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होगा, जबकि टॉस 7:00 बजे होगा। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
विलियम्स ने टीम इंडिया के लिए छोड़ी ऑस्ट्रेलिया की नागरिकता:कहा- दिल जहां, घर वहां; नाना ने 1956 में बंगाल को हराया था

भारतीय फुटबॉल के लिए एएफसी एशियन कप 2027 क्वालीफायर का हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ मैच एक खास पल का गवाह बना। भारत ने मैच 2-1 से जीतकर टूर्नामेंट में अपना सफर खत्म किया। यह भारत की प्रतियोगिता में पहली और कोच्चि के मैदान पर भी पहली जीत रही। भारत की ओर से रयान विलियम्स (4’) और आकाश मिश्रा (50’) ने गोल किए। ऑस्ट्रेलियाई मूल के 32 वर्षीय रयान इस मैच में भारत के लिए डेब्यू कर रहे थे। 2014 में अराता इजुमी के बाद वह भारत के लिए खेलने वाले पहले विदेशी मूल के खिलाड़ी बने। रयान का पोर्ट्समाउथ और फुलहम जैसे इंग्लिश क्लबों से होते हुए कोच्चि तक का सफर अपनी जड़ों की ओर लौटने की कहानी है। रयान का जन्म ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में हुआ था और 2019 में वह ऑस्ट्रेलिया के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मैच भी खेल चुके थे। भारत से उनका नाता उनकी मां ऑड्रे से जुड़ता है, जो मुंबई (तत्कालीन बॉम्बे) के एक एंग्लो-इंडियन परिवार से ताल्लुक रखती हैं। रयान की रगों में भारतीय फुटबॉल का पुराना इतिहास दौड़ता है। उनके सगे नाना, लिंकी ग्रोस्टेट ने 1956 की प्रतिष्ठित संतोष ट्रॉफी के सेमीफाइनल में बॉम्बे की तरफ से खेलते हुए मजबूत बंगाल के खिलाफ विजयी गोल दागा था। अपनी जड़ों की इसी पुकार ने रयान को 2022 में भारत खींचा, जब वह इंडियन सुपर लीग में बेंगलुरु एफसी से जुड़े। यहीं खेलते हुए भारतीय दिग्गज सुनील छेत्री ने उन्हें भारतीय राष्ट्रीय टीम के लिए खेलने के लिए प्रेरित किया। चूंकि भारत में दोहरी नागरिकता का प्रावधान नहीं है, इसलिए नीली जर्सी पहनने के लिए रयान को अपना ऑस्ट्रेलियाई पासपोर्ट हमेशा के लिए छोड़ना पड़ा। यह एक बहुत बड़ा फैसला था। उन्हें भारतीय पासपोर्ट हासिल करने के इस थका देने वाले सफर में तीन साल का वक्त लग गया। नियमों के मुताबिक, उन्हें लगातार 365 दिनों तक भारत में ही रहना था। इसके लिए उन्होंने अपने ऑफ-सीजन में भी परिवार से दूर भारत में ही रुकने का त्याग किया। एक समय ऐसा भी आया जब कागजी अड़चनों को देखकर कई लोगों ने उन्हें यह विचार छोड़ने की सलाह दी। ऐसे मुश्किल वक्त में उनकी पत्नी ने उनका हौसला बढ़ाया और तय किया कि वे भारत में ही रुकेंगे और इस सपने को पूरा करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देंगे। इस लंबे इंतजार में रयान को निराशा भी झेलनी पड़ी। पिछले साल नवंबर में बांग्लादेश दौरे पर गई टीम के कैंप में वह मौजूद थे। रात 12 बजे की डेडलाइन निकल जाने के बाद, देर रात करीब 2 बजे उन्हें कागजी मंजूरी (एनओसी) मिल पाई, जिसके चलते वह अपना पहला मैच खेलने से चूक गए। भारत को अब अपना स्थायी घर मान चुके रयान का कहना है ‘घर वहीं है, जहां आपका दिल है।’ भविष्य में उनका सपना कोचिंग के जरिए भारत के युवा खिलाड़ियों को तराशना है।
ब्रेन के लिए बेस्ट हैं ये 8 फूड्स, मेमोरी बूस्ट करने में कारगर, कई बीमारियों से बचाने में भी मददगार

Last Updated:April 01, 2026, 15:26 IST Best Foods for Brain Health: ब्रेन को हेल्दी रखने के लिए अच्छा खानपान जरूरी होता है. फैटी फिश, अखरोट, हल्दी और हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे खाद्य पदार्थ न केवल एकाग्रता में सुधार करते हैं, बल्कि अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसी गंभीर बीमारियों के जोखिम को भी कम कर सकते हैं. अच्छी डाइट से मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है. अखरोट : अखरोट न केवल दिखने में दिमाग जैसा है, बल्कि इसमें मौजूद DHA सीधे तौर पर ब्रेन फंक्शन को बूस्ट करते हैं. हार्वर्ड हेल्थ की रिपोर्ट के मुताबिक अखरोट में बड़ी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से लड़ते हैं. यह न्यूरॉन्स के बीच सिग्नल भेजने की गति को बढ़ाता है, जिससे आपकी प्रोसेसिंग स्पीड तेज होती है और आप चीजों को जल्दी समझ पाते हैं. हल्दी : हल्दी में पाया जाने वाला करक्यूमिन एक ऐसा कंपाउंड है, जो खून से सीधे ब्रेन तक पहुंचने की क्षमता रखता है. यह दिमाग में मौजूद उन हानिकारक प्लाक को साफ करने में मदद कर सकता है, जो अल्जाइमर डिजीज का मुख्य कारण बनते हैं. इसके अलावा यह सेरोटोनिन और डोपामाइन जैसे हैप्पी हार्मोन्स को बढ़ाता है, जिससे मूड बेहतर रहता है. कद्दू के बीज : ये छोटे बीज मैग्नीशियम, आयरन, जिंक और कॉपर के शक्तिशाली स्रोत हैं. जिंक की कमी को अक्सर याददाश्त की कमी से जोड़ा जाता है, जबकि मैग्नीशियम सीखने और गहरी नींद में मदद करता है. कद्दू के बीज मस्तिष्क को फ्री रेडिकल डैमेज से बचाते हैं, जिससे बुढ़ापे में भी दिमाग जवान बना रहता है. Add News18 as Preferred Source on Google डार्क चॉकलेट : ब्रेन के लिए डार्क चॉकलेट को फायदेमंद माना जाता है. इसमें फ्लेवोनोइड्स नामक तत्व होते हैं, जो ब्रेन के उस हिस्से में जमा होते हैं, जो याददाश्त से जुड़ा है. यह ब्रेन में ब्लड फ्लो को तुरंत बढ़ा देता है, जिससे एकाग्रता में सुधार होता है. यह न केवल दिमाग तेज करती है, बल्कि इसमें मौजूद कैफीन की हल्की मात्रा मानसिक थकान को भी कम करती है. हरी पत्तेदार सब्जियां : पालक और मेथी जैसी सब्जियों में विटामिन E, विटामिन K और फोलेट प्रचुर मात्रा में होते हैं. फोलेट शरीर में होमोसिस्टीन के स्तर को कम करता है, जिसका बढ़ा हुआ स्तर ब्रेन की नसों को नुकसान पहुंचा सकता है. ये सब्जियां ब्रेन की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा कर देती हैं. एक स्टडी के अनुसार लोग रोज एक सर्विंग हरी सब्जियां खाते हैं, उनका दिमाग उन लोगों की तुलना में 11 साल जवान व्यवहार करता है, जो ऐसा नहीं करते हैं. ब्रोकली : ब्रोकली विटामिन K का बेहतरीन सोर्स है. यह विटामिन ब्रेन सेल्स के भीतर स्फिंगोलिपिड्स के निर्माण के लिए जरूरी है. रिसर्च बताती हैं कि विटामिन-K का अधिक सेवन बुजुर्गों में बेहतर याददाश्त से जुड़ा है. इसमें कोलिन भी होता है, जो न्यूरोट्रांसमीटर के विकास में मदद करता है, जिससे ब्रेन का कम्युनिकेशन सिस्टम बेहतर होता है. ब्लूबेरी : ब्लूबेरी में एन्थोसायनिन नामक एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो इसे गहरा रंग देता है. यह तत्व ब्रेन की कोशिकाओं के बीच संचार में सुधार करता है. यह उम्र के साथ बढ़ने वाली याददाश्त की कमी को रोकने में सबसे प्रभावी फल माना जाता है. यह न्यूरॉन्स को फिर से सक्रिय करता है और शॉर्ट-टर्म मेमोरी को लॉन्ग-टर्म मेमोरी में बदलने की प्रक्रिया को तेज करता है. फैटी फिश : हमारा मस्तिष्क लगभग 60% फैट से बना है, जिसमें से आधा हिस्सा ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है. सैल्मन और सार्डिन जैसी मछलियों में मिलने वाला ओमेगा-3 मस्तिष्क की नई कोशिकाओं के निर्माण के लिए ईंट-पत्थर का काम करता है. यह सीखने की क्षमता को बढ़ाता है और डिप्रेशन जैसे मानसिक विकारों को दूर रखने में मदद करता है. First Published : April 01, 2026, 15:26 IST
पसीने की बदबू से आती है शर्म? फिटकरी का देसी नुस्खा देगा दिनभर ताजगी, एकदम रहेंगे फ्रेश और कॉन्फिडेंट

Last Updated:April 01, 2026, 15:26 IST गर्मी के मौसम में पसीना और उससे आने वाली बदबू लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन जाती है. ऐसे में महंगे प्रोडक्ट्स के बजाय फिटकरी एक आसान और असरदार देसी उपाय साबित हो सकती है. इसके एंटीबैक्टीरियल गुण बदबू को कम करने और पसीने को नियंत्रित करने में मदद करते हैं. आइए जानते है कुछ आसान टिप्स… गर्मी का मौसम शुरू होते ही लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या ज्यादा पसीना और उससे आने वाली बदबू बन जाती है. यह परेशानी न सिर्फ शारीरिक असहजता पैदा करती है, बल्कि कई बार सामाजिक स्थिति में भी शर्मिंदगी का कारण बन जाती है. ऐसे में लोग महंगे डियोड्रेंट, परफ्यूम और केमिकल प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन इनका असर कुछ समय तक ही रहता है. इसी बीच एक आसान और सस्ता देसी नुस्खा भी है, जो सालों से पसीने और बदबू से राहत दिलाने में मददगार माना जाता रहा है. फिटकरी का इस्तेमाल लंबे समय से घरेलू उपचार के रूप में किया जाता रहा है. आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में फिटकरी को एंटीसेप्टिक और एंटीबैक्टीरियल गुणों के लिए जाना जाता है. विशेषज्ञों के अनुसार, पसीने की बदबू का मुख्य कारण शरीर पर पनपने वाले बैक्टीरिया होते हैं. ऐसे में फिटकरी इन बैक्टीरिया को कम करने में सहायक साबित हो सकती है. इस उपाय को अपनाना बेहद आसान है. इसके लिए रोजाना नहाने के पानी में थोड़ा सा फिटकरी पाउडर या उसका छोटा टुकड़ा डालकर घोल लें. जब फिटकरी पानी में पूरी तरह घुल जाए, तो उसी पानी से स्नान करें. खासतौर पर शरीर के उन हिस्सों पर ध्यान दें, जहां पसीना ज्यादा आता है, जैसे अंडरआर्म्स, गर्दन और पैर. नियमित रूप से ऐसा करने पर धीरे-धीरे पसीने की बदबू में कमी महसूस होने लगती है. Add News18 as Preferred Source on Google स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, फिटकरी में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण त्वचा को साफ रखने में मदद करते हैं और बदबू पैदा करने वाले बैक्टीरिया को कम करते हैं. साथ ही यह त्वचा के रोमछिद्रों को हल्का टाइट करने में भी सहायक हो सकती है, जिससे पसीना कम निकलता है. हालांकि, यह पसीने को पूरी तरह बंद नहीं करती, बल्कि उसे नियंत्रित करने में मदद करती है. यह एक आसान घरेलू उपाय है, लेकिन इसका इस्तेमाल करते समय कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पानी में बहुत ज्यादा फिटकरी न मिलाएं, क्योंकि इससे त्वचा रूखी हो सकती है. जिन लोगों की त्वचा संवेदनशील है, उन्हें पहले पैच टेस्ट जरूर करना चाहिए. इसके अलावा, अगर किसी को पहले से स्किन एलर्जी या कोई त्वचा संबंधी समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह लेकर ही इस उपाय को अपनाना बेहतर होगा. अगर किसी व्यक्ति को जरूरत से ज्यादा पसीना आता है, जिसे मेडिकल भाषा में हाइपरहाइड्रोसिस कहा जाता है, या पसीने के साथ तेज बदबू लगातार बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसे मामलों में यह किसी अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है. इसलिए घरेलू उपायों के साथ-साथ विशेषज्ञ से परामर्श लेना जरूरी है. First Published : April 01, 2026, 15:26 IST
बिजासन माता मंदिर के मैदान में विवाद:बीच-बचाव करना पड़ा भारी, कार में हाथ फंसाकर युवक को घसीटा

इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में माता बिजासन मंदिर के सामने एयरपोर्ट मैदान में चल रहे कार्यक्रम के दौरान विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। झगड़ा शांत कराने पहुंचे युवक को ही आरोपियों ने निशाना बना लिया और कार से घसीट दिया। पुलिस के मुताबिक सिद्धार्थ नगर निवासी बलराम देवड़ा (नगर निगम में ठेके पर कार्यरत) की शिकायत पर रवि (निवासी भवानी नगर) और जीवन मुरार (निवासी हातोद) के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे कार्यक्रम के दौरान दोनों आरोपी आपस में विवाद कर रहे थे। कार का कांच चढ़ाकर हाथ फंसाया, फिर बढ़ा दी गाड़ी बलराम बीच-बचाव करने पहुंचे तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। इसी दौरान जीवन मुरार ने अपनी कार (MP09-BD-2222) का कांच बंद कर दिया, जिससे बलराम के दोनों हाथ कांच में फंस गए। इसके बाद कार आगे बढ़ा दी, जिससे वह कई फीट तक घसीटते चले गए। सिर और हाथों में चोट, आरोपी फरार इस घटना में बलराम को सिर और दोनों हाथों में चोट आई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है, लेकिन अभी तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
India Cricket T20 Series Zimbabwe July 2026

स्पोर्ट्स डेस्क2 घंटे पहले कॉपी लिंक 2024 जिम्बाब्वे के आखिरी दौरे पर भारत ने 5 टी-20 मैचों की सीरीज 4-1 से जीती थी। भारतीय क्रिकेट टीम जुलाई 2026 में जिम्बाब्वे दौरे पर जाएगी। इस दौरे पर तीन मैचों की टी-20 सीरीज खेली जाएगी। सभी मुकाबले हरारे में होंगे। 23 जुलाई को पहला मैच बुधवार को जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड ने सीरीज की तारीखों की पुष्टि की। 23 जुलाई को पहला टी-20 खेला जाएगा। 25 और 26 जुलाई को दूसरा और तीसरा मैच होगा। 2024 में 4-1 से सीरीज अपने नाम की थी भारत ने आखिरी बार 2024 में जिम्बाब्वे का दौरा किया था। उस समय कप्तानी शुभमन गिल ने संभाली थी। भारत ने पहला मैच गंवाने के बाद वापसी की और सीरीज 4-1 से अपने नाम की थी। जिम्बाब्वे बोर्ड का बयान जिम्बाब्वे क्रिकेट के निदेशक गिवमोर मकोनी ने कहा कि भारत के खिलाफ मैच हमेशा दर्शकों में उत्साह पैदा करते हैं। उनके अनुसार, यह सीरीज घरेलू मैदान पर खिलाड़ियों के लिए खुद को परखने का अच्छा अवसर होगी। जिम्बाब्वे भारत भी आएगी जिम्बाब्वे टीम जनवरी 2027 में भारत दौरे पर आएगी। इस दौरान तीन वनडे मैच खेले जाएंगे। मुकाबले कोलकाता (3 जनवरी), हैदराबाद (6 जनवरी) और मुंबई (9 जनवरी) में होंगे। ————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL में आज LSG vs DC:दिल्ली ने लखनऊ के खिलाफ 7 में 4 मैच जीते, पिछले सीजन दोनों मैचों में हराया IPL के पांचवें मुकाबले में आज लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स की टीमें आमने-सामने होंगी। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला लखनऊ के भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में खेला जाना है। मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होगा, जबकि टॉस 7:00 बजे होगा। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
India Cricket T20 Series Zimbabwe July 2026

स्पोर्ट्स डेस्क17 मिनट पहले कॉपी लिंक 2024 जिम्बाब्वे के आखिरी दौरे पर भारत ने 5 टी-20 मैचों की सीरीज 4-1 से जीती थी। भारतीय क्रिकेट टीम जुलाई 2026 में जिम्बाब्वे दौरे पर जाएगी। इस दौरे पर तीन मैचों की टी-20 सीरीज खेली जाएगी। सभी मुकाबले हरारे में होंगे। 23 जुलाई को पहला मैच बुधवार को जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड ने सीरीज की तारीखों की पुष्टि की। 23 जुलाई को पहला टी-20 खेला जाएगा। 25 और 26 जुलाई को दूसरा और तीसरा मैच होगा। 2024 में 4-1 से सीरीज अपने नाम की थी भारत ने आखिरी बार 2024 में जिम्बाब्वे का दौरा किया था। उस समय कप्तानी शुभमन गिल ने संभाली थी। भारत ने पहला मैच गंवाने के बाद वापसी की और सीरीज 4-1 से अपने नाम की थी। जिम्बाब्वे बोर्ड का बयान जिम्बाब्वे क्रिकेट के निदेशक गिवमोर मकोनी ने कहा कि भारत के खिलाफ मैच हमेशा दर्शकों में उत्साह पैदा करते हैं। उनके अनुसार, यह सीरीज घरेलू मैदान पर खिलाड़ियों के लिए खुद को परखने का अच्छा अवसर होगी। जिम्बाब्वे भारत भी आएगी जिम्बाब्वे टीम जनवरी 2027 में भारत दौरे पर आएगी। इस दौरान तीन वनडे मैच खेले जाएंगे। मुकाबले कोलकाता (3 जनवरी), हैदराबाद (6 जनवरी) और मुंबई (9 जनवरी) में होंगे। ————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL में आज LSG vs DC:दिल्ली ने लखनऊ के खिलाफ 7 में 4 मैच जीते, पिछले सीजन दोनों मैचों में हराया IPL के पांचवें मुकाबले में आज लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स की टीमें आमने-सामने होंगी। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला लखनऊ के भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में खेला जाना है। मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होगा, जबकि टॉस 7:00 बजे होगा। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Nishikant Dubey Apology | Biju Patnaik Statement Controversy

नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक पर दिए बयान को लेकर माफी मांग ली है। बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि बीजू बाबू हमारे लिए हमेशा ऊंचे कद के स्टेट्समैन रहे है और रहेंगे। मेरे बयान से यदि भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं बेशर्त क्षमा चाहता हूं।’ उन्होंने कहा की उनके बयान उनकी निजी राय थी और उसे गलत तरीके से समझा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेहरू जी पर कही गई बात को बीजू पटनायक से जोड़ दिया गया, जो सही नहीं है। दरअसल, 27 मार्च को नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में दुबे ने आरोप लगाया था कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1962 के युद्ध में अमेरिका और CIA की मदद ली थी और बीजू पटनायक अमेरिका, CIA और नेहरू के बीच कड़ी थे। सोशल मीडिया पर निशिकांत दुबे का पोस्ट। PM मोदी ने बीजू पटनायक की तारीफ की इस विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को उत्कल दिवस के मौके पर ओडिशा के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बीजू पटनायक की तारीफ की। उन्होंने उन्हें देश निर्माण के लिए समर्पित नेता और साहस का प्रतीक बताया। दुबे के बयान के बाद ओडिशा के पूर्व CM और बीजू जनता दल (BJD) चीफ नवीन पटनायक ने सोमवार को पिता बीजू पटनायक पर टिप्पणी को लेकर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की आलोचना की थी। भुवनेश्वर में मीडिया से बातचीत में पटनायक ने कहा था की भाजपा सांसद का बयान आपत्तिजनक है और उन्हें मेंटल डॉक्टर की जरूरत है। BJD ने सोमवार को निशिकांत दुबे की टिप्पणी के विरोध में राज्यसभा से वॉकआउट किया था। कार्यवाही शुरू होते ही सस्मित पात्रा ने कहा, ‘निशिकांत दुबे ने बीजू पटनायक को CIA एजेंट बताया है, जो पूरी तरह गलत और मनगढ़ंत बयान है।’ BJD सांसद सस्मित पात्रा ने सोमवार को राज्यसभा में निशिकांत दुबे की टिप्पणी का विरोध किया था। निशिकांत ने कहा था नेहरु ने अमेरिकी पैसे से युद्ध लड़ा भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने 27 मार्च को दावा किया था कि नेहरू ने 1962 का चीन युद्ध अमेरिकी पैसे और CIA एजेंटों की मदद से लड़ा। दुबे ने कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया पर नेहरू के दो पत्र जारी किए, जिनमें अधिकारियों, खासतौर पर अमेरिकी राजदूत को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आगे कहा- 1963-64 में अमेरिका के कहने पर नंदा देवी पर एक न्यूक्लियर डिवाइस लगाया गया, जो आज तक नहीं मिला है। भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि ओडिशा का चारबतिया एयरबेस, जिसमें बीजू पटनायक की भूमिका थी, U-2 जासूसी विमानों के लिए बनाया गया था और 1963 से 1979 तक अमेरिका ने इसका इस्तेमाल किया। बीजू पटनायक स्वतंत्रता सेनानी और दो बार CM रहे बीजू पटनायक दो बार (1961-63, 1990-95) ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे। वे स्वतंत्रता सेनानी और पायलट थे। 1947 में इंडोनेशियाई सेनानियों को बचाने के लिए जकार्ता उड़ान जैसे मिशनों के लिए जाने जाते हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। निधन के बाद 1997 में उनके बेटे नवीन पटनायक ने बीजू जनता दल की स्थापना की। नवीन पटनायक ने 5 मार्च 2000 से 12 जून 2024 तक लगातार पांच बार ओडिशा के 14वें मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। ——————————————— ये खबर भी पढें… नवीन पटनायक बोले- निशिकांत दुबे को मेंटल डॉक्टर की जरूरत:भाजपा सांसद ने कहा था- बीजू पटनायक नेहरू और अमेरिकी खुफिया एजेंसी के बीच कड़ी थे ओडिशा के पूर्व CM और बीजू जनता दल (BJD) चीफ नवीन पटनायक ने सोमवार को पिता बीजू पटनायक पर टिप्पणी को लेकर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की आलोचना की। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Nishikant Dubey Apology | Biju Patnaik Statement Controversy

नई दिल्ली40 मिनट पहले कॉपी लिंक बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक पर दिए बयान को लेकर माफी मांग ली है। बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि बीजू बाबू हमारे लिए हमेशा ऊंचे कद के स्टेट्समैन रहे है और रहेंगे। मेरे बयान से यदि भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं बेशर्त क्षमा चाहता हूं।’ उन्होंने कहा की उनके बयान उनकी निजी राय थी और उसे गलत तरीके से समझा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेहरू जी पर कही गई बात को बीजू पटनायक से जोड़ दिया गया, जो सही नहीं है। दरअसल, 27 मार्च को नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में दुबे ने आरोप लगाया था कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1962 के युद्ध में अमेरिका और CIA की मदद ली थी और बीजू पटनायक अमेरिका, CIA और नेहरू के बीच कड़ी थे। सोशल मीडिया पर निशिकांत दुबे का पोस्ट। PM मोदी ने बीजू पटनायक की तारीफ की इस विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को उत्कल दिवस के मौके पर ओडिशा के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बीजू पटनायक की तारीफ की। उन्होंने उन्हें देश निर्माण के लिए समर्पित नेता और साहस का प्रतीक बताया। दुबे के बयान के बाद ओडिशा के पूर्व CM और बीजू जनता दल (BJD) चीफ नवीन पटनायक ने सोमवार को पिता बीजू पटनायक पर टिप्पणी को लेकर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की आलोचना की थी। भुवनेश्वर में मीडिया से बातचीत में पटनायक ने कहा था की भाजपा सांसद का बयान आपत्तिजनक है और उन्हें मेंटल डॉक्टर की जरूरत है। BJD ने सोमवार को निशिकांत दुबे की टिप्पणी के विरोध में राज्यसभा से वॉकआउट किया था। कार्यवाही शुरू होते ही सस्मित पात्रा ने कहा, ‘निशिकांत दुबे ने बीजू पटनायक को CIA एजेंट बताया है, जो पूरी तरह गलत और मनगढ़ंत बयान है।’ BJD सांसद सस्मित पात्रा ने सोमवार को राज्यसभा में निशिकांत दुबे की टिप्पणी का विरोध किया था। निशिकांत ने कहा था नेहरु ने अमेरिकी पैसे से युद्ध लड़ा भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने 27 मार्च को दावा किया था कि नेहरू ने 1962 का चीन युद्ध अमेरिकी पैसे और CIA एजेंटों की मदद से लड़ा। दुबे ने कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया पर नेहरू के दो पत्र जारी किए, जिनमें अधिकारियों, खासतौर पर अमेरिकी राजदूत को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आगे कहा- 1963-64 में अमेरिका के कहने पर नंदा देवी पर एक न्यूक्लियर डिवाइस लगाया गया, जो आज तक नहीं मिला है। भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि ओडिशा का चारबतिया एयरबेस, जिसमें बीजू पटनायक की भूमिका थी, U-2 जासूसी विमानों के लिए बनाया गया था और 1963 से 1979 तक अमेरिका ने इसका इस्तेमाल किया। बीजू पटनायक स्वतंत्रता सेनानी और दो बार CM रहे बीजू पटनायक दो बार (1961-63, 1990-95) ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे। वे स्वतंत्रता सेनानी और पायलट थे। 1947 में इंडोनेशियाई सेनानियों को बचाने के लिए जकार्ता उड़ान जैसे मिशनों के लिए जाने जाते हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। 17 अप्रैल 1997 को उनके निधन के बाद उनके बेटे नवीन पटनायक ने बीजू जनता दल की स्थापना की। नवीन पटनायक 5 मार्च 2000 से 12 जून 2024 तक लगातार पांच बार ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे। ——————————————— ये खबर भी पढें… नवीन पटनायक बोले- निशिकांत दुबे को मेंटल डॉक्टर की जरूरत:भाजपा सांसद ने कहा था- बीजू पटनायक नेहरू और अमेरिकी खुफिया एजेंसी के बीच कड़ी थे ओडिशा के पूर्व CM और बीजू जनता दल (BJD) चीफ नवीन पटनायक ने सोमवार को पिता बीजू पटनायक पर टिप्पणी को लेकर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की आलोचना की। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
किसान के गेहूं के खेत में आग:मैहर में दो एकड़ से अधिक फसल जलकर खाक; फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया

मैहर जिले के बेलदरा गांव में एक किसान के गेहूं के खेत में आग लग गई। घटना में किसान लोकनाथ सिंह की दो एकड़ से अधिक फसल पूरी तरह जलकर खाक हो गई, जिससे उन्हें नुकसान हुआ है। आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को जानकारी दी। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया बताया जा रहा है कि आग अचानक खेत में भड़क उठी और तेज हवा के कारण तेजी से फैल गई, जिससे देखते ही देखते पूरी फसल इसकी चपेट में आ गई। हालांकि, समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया, जिससे आसपास के अन्य खेतों को आग की चपेट में आने से बचाया जा सका। फिलहाल, आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है।









