कनाडा में गुरुद्वारे साहिब में हिंसक झड़प:खालिस्तान समर्थकों ने बुजुर्ग कमेटी के कार्यक्रम में किया हंगामा; 7 साल से कब्जा करने का आरोप

कनाडा के सरे शहर के गुरु नानक सिख गुरुद्वारे में कमेटी कंट्रोल को लेकर हिंसक झड़प हो गई। खालिस्तानी गुट ने बुजुर्गों द्वारा चलाई जा रही सोसायटी पर कब्जा करने की कोशिश की। जिससे धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें गुरुद्वारे के हॉल में भीड़ और हिंसा दिख रही है। यह वीडियो 30 मार्च का बताया जा रहा है। दरअसल 30 मार्च को गुरुद्वारे में बुजुर्ग कमेटी के सदस्यों के बीच बैठक चल रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने बैनर लगाकर कमेटी पर कब्जा करने की कोशिश की। संगत ने इसका विरोध किया तो माहौल बिगड़ गया। लोग धक्का-मुक्की करने लगे और बात हाथापाई तक पहुंच गई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग किया। पुलिस के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ। यह गुरुद्वारा खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर से जुड़ा माना जाता है, जिसकी 2023 में यहीं की पार्किंग में हत्या हो गई थी। उसके बाद से यहां कमिटी कंट्रोल को लेकर तनाव बना हुआ है। गुरुद्वारा साहिब के कंट्रोल को लेकर पहले भी विवाद होते रहे हैं। खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद खालिस्तान समर्थकों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। इस वजह से सरे में रहने वाले सिख खालिस्तान समर्थकों का विरोध करने लगे हैं। 88 सेकंड के वायरल वीडियो में क्या हो रहा है, सिलसिलेवार जानिए… दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे एक पक्ष का कहना है कि 7 साल से निज्जर समर्थक गुट गुरुद्वारे पर कब्जा किए हुए है। बुजुर्गों की पुरानी कमेटी को हटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे खालिस्तान समर्गुथकों के गुट की साजिश बताया है। दूसरी ओर, गुरुद्वारे के कुछ समर्थक और वैंकूवर सरे टाइम्स जैसे अकाउंट्स ने इसे सुनयोजित घटना करार दिया है। उन्होंने दावा किया कि पेड इंडियन गुंडों ने गुरुद्वारे में घुसकर हिंसा फैलाई। सोशल मीडिया पोस्ट में इसे विदेशी दखलंदाजी बतायाऔर कहा कि यह सिख संस्थानों की संप्रभुता पर हमला है। सोशल मीडिया पर हो रही वीडियो वायरल सोशल मीडिया पर गुरुद्वारा साहिब के अंदर हो रही लड़ाई का वीडियो वायरल हो रहा है। दोनों गुटों के समर्थक अपने अपने हिसाब से इस वीडियो को वायरल कर रहे हैं। बुजुर्ग कमेटी वाले खालिस्तान समर्थकों पर गुरुद्वारा साहिब पर कब्जा करने के आरोप लगा रहे हैं जबकि खालिस्तान समर्थक बुजुर्ग कमेटी के सदस्यों को भारत का एजेंट बता रहे हैं।
IPL में आज KKR vs SRH:दोनों टीमें अपने पहले मैच हारीं, कोलकाता के खिलाफ हैदराबाद का रिकॉर्ड खराब

Hindi News Sports Cricket KKR Vs SRH; Kolkata Knight Riders Vs Sunrisers Hyderabad Match IPL LIVE 2026 Score Update; Follow IPL 2026 Latest News, LSG Vs DC IPL LIVE, Eden Gardens Cricket Stadium Updates On Dainik Bhaskar. स्पोर्ट्स डेस्क1 घंटे पहले कॉपी लिंक कोलकाता नाइट राइडर्स IPL 2026 के छठे मैच में अपने होम ग्राउंड पर आज सनराइजर्स हैदराबाद का सामना करेगी। यह मैच ईडन गार्डन्स में शाम 7:30 बजे शुरू होगा। जबकि टॉस 7:00 बजे होगा। दोनों टीमों को अपने-अपने पहले मैच में हार झेलनी पड़ी थी। सीजन के पहले मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने चिन्नास्वामी स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद को हराया था। वहीं, 4 बार की चैंपियन कोलकाता को मुंबई इंडियंस के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में हार का सामना करना पड़ा था। कोलकाता ने 30 में से 19 मैच जीते कोलकाता और हैदराबाद के बीच अब तक 30 IPL मुकाबले खेले गए हैं। इनमें कोलकाता ने 19 मैच जीते हैं, जबकि हैदराबाद को 10 जीत मिली है। एक मैच टाई रहा था, जिसे सुपर ओवर में कोलकाता ने अपने नाम किया। ईडन गार्डन्स में दोनों टीमों के बीच 11 मुकाबले हुए हैं। यहां होम टीम कोलकाता का दबदबा रहा है, जिसने 8 मैच जीते हैं, जबकि हैदराबाद को 3 मुकाबलों में सफलता मिली है। मुंबई के खिलाफ 220 रन डिफेंड नहीं कर सकी थी कोलकाता कोलकाता की बॉलिंग इस सीजन टीम के लिए चिंता की बात है। शुरुआत में ऐसा लगा था कि टीम ने एक मजबूत तेज गेंदबाज़ी आक्रमण तैयार कर लिया है, लेकिन चोटों और खिलाड़ियों की उपलब्धता से जुड़ी समस्याओं ने इस ताकत को कमजोर कर दिया है। हर्षित राणा और आकाश दीप टीम से बाहर हैं, मथीश पथिराना को अभी श्रीलंका क्रिकेट से NOC नहीं मिला है, जबकि 25.20 करोड़ रुपए में खरीदे गए कैमरन ग्रीन फिलहाल सिर्फ बल्लेबाज के तौर पर ही उपलब्ध हैं। गेंदबाजी में गहराई की यह कमी मुंबई के खिलाफ पहले मैच में साफ नजर आई, जहां कोलकाता 220 रनों का बड़ा स्कोर भी डिफेंड करने में नाकाम रही। इसके अलावा स्पिन डिपार्टमेंट भी टीम के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। वरूण चक्रवर्ती को उस मैच में कोई विकेट नहीं मिला और उन्होंने 48 रन खर्च किए। हैदराबाद का टॉप ऑर्डर मजबूत फिर भी संघर्ष हैदराबाद अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और ट्रैविस हेड जैसे सितारों से सजा टॉप ऑर्डर कागज पर मजबूत दिखता है, लेकिन गेंदबाजी विभाग टीम की सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है। खासकर कप्तान पैट कमिंस की गैरमौजूदगी में SRH की कमजोरी उजागर हुई, जब टीम 201 रन का स्कोर भी बचाने में नाकाम रही। पहले मैच में नीतीश कुमार रेड्डी, जयदेव उनादकट, हर्षल पटेल और ईशान मलिंगा जैसे गेंदबाज RCB को रोकने में संघर्ष करते दिखे। वहीं बल्लेबाजी में भी टीम को निराशा मिली, जब अभिषेक शर्मा और ट्रैविस हेड जल्दी आउट हो गए। हालांकि कमिंस ने नेट्स में गेंदबाजी शुरू कर दी है और टूर्नामेंट के बीच में वापसी कर सकते हैं, लेकिन फिलहाल SRH को अपने कप्तान के बिना ही संतुलन बनाना होगा और टॉप ऑर्डर से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद करनी होगी। कोलकाता में 101वां IPL मैच कोलकाता की पिच बल्लेबाजी के लिए बहुत अच्छी है, यहां खूब रन बनते हैं और बाउंड्री भी छोटी हैं। ओस की वजह से टीमें अक्सर टारगेट चेज करना पसंद करती हैं। शुरुआत में तेज गेंदबाजों को थोड़ी मदद मिल सकती है, लेकिन बाद में बल्लेबाजों के लिए खेलना आसान हो जाता है। कोलकाता में IPL के अब तक 100 मैच खेले गए हैं। इसमें पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने 42 मैच जीते हैं, जबकि चेज करने वाली टीम को 57 मुकाबले में जीत मिली है। वहीं एक मैच बेनतीजा रहा है। आज कोलकाता का मौसम गर्म रहेगा गुरुवार को कोलकाता का मौसम गर्म रहेगा और धूप काफी तेज रहेगी। बारिश की कोई संभावना नहीं है। एक्यूवेदर के मुताबिक, तापमान 25 डिग्री से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग-12 कोलकाता नाइट राइडर्स: फिन एलन, अजिंक्य रहाणे (कप्तान), कैमरन ग्रीन, अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), रिंकू सिंह, रमनदीप सिंह, अनुकूल रॉय, सुनील नरेन, वरुण चक्रवर्ती, वैभव अरोड़ा, ब्लेसिंग मुजरबानी, मनीष पांडे। सनराइजर्स हैदराबाद: अभिषेक शर्मा, ट्रैविस हेड, ईशान किशन (विकेटकीपर और कप्तान), हेनरिक क्लासन, अनिकेत वर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, सलिल अरोड़ा, हर्ष दुबे, हर्षल पटेल, जयदेव उनादकट, ईशान मलिंगा, डेविड पैन। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
IMD Weather Update Today MP up haryana rain himachal jammu kashmir snowfall alert

Hindi News National IMD Weather Update Today MP Up Haryana Rain Himachal Jammu Kashmir Snowfall Alert भोपाल/लखनऊ/शिमला/जयपुर1 दिन पहले कॉपी लिंक देश के पांच राज्यों में अगले तीन दिन मौसम में बदलाव रहेगा। मध्य प्रदेश के 30 और उत्तर प्रदेश के 40 जिलों में आज बारिश का अलर्ट है। बुधवार को उत्तर प्रदेश के लखनऊ और अमेठी समेत 20 शहरों में बारिश हुई। दिल्ली में गुरुवार सुबह बादल छाए रहे। वहीं मध्य प्रदेश के सीहोर में पंचायत वेब सीरीज की शूटिंग हो रही है। गुरुवार को अचानक हुई बारिश और तेज हवा से टेंट समेत दूसरा सामान उड़ गया। भोजन भी खराब हो गया। इसके बाद शूटिंग रोकनी पड़ी। इधर, राजस्थान में 2 अप्रैल से फिर एक नया वेदर सिस्टम एक्टिव होगा। इससे एक बार फिर बारिश का दौर शुरू होने का अलर्ट है। राज्य में पिछले 24 घंटे में 10 जिलों के मौसम में दोपहर बाद बदलाव देखने को मिला। हरियाणा में बारिश और ओले गिरने से 7 जिलों में फसलों को नुकसान पहुंचा। वहीं 100 गांवों में गेहूं, सरसों और चने की खड़ी फसलें खराब हो गईं। उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग की सोनप्रयाग घाटी में ओले गिरे और केदारघाटी में बारिश हुई। वहीं जम्मू-कश्मीर के भद्रवाह घाटी के ऊपरी इलाकों में ताजा बर्फबारी के बाद पर्यटक पहुंचने लगे हैं। मौसम की 4 तस्वीरें… MP के सीहोर में पंचायत वेब सीरीज का सेट आंधी में उड़ गय। जम्मू-कश्मीर के भद्रवाह घाटी में ताजा बर्फबारी के बाद पर्यटकों की भीड़ बढ़ी है। गूलडंडा समेत ऊंचाई वाले इलाकों में सुरक्षा कड़ी की गई। लखनऊ के मल्हौर में बुधवार को हल्की बारिश हुई। तस्वीर मल्हौर स्टेशन की है। हरियाणा में सिरसा के डबवाली में ओले गिरने से गेहूं की खड़ी फसल बिछ गई। अगले 2 दिन मौसम का हाल 3-4 अप्रैल- जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश में हल्की बर्फबारी-बारिश और पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, यूपी, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश में भी बारिश के साथ ओलवृष्टि हो सकती है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में बिजली गिरने की आशंका है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, केरल में तेज बारिश की आशंका है। अन्य राज्यों में मौसम का हाल… उत्तराखंड: 5 जिलों में बारिश का अलर्ट, पहाड़ी इलाके में बर्फबारी की संभावना पांच जिलों में आज बारिश की संभावना है। इनमें उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ शामिल हैं। वहीं 3500 मीटर या उससे ज्यादा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हो सकती है। पिछले 24 घंटे में मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य दर्ज किया गया। अगले 1-2 दिनों में तापमान में 2-3°C की बढ़ोतरी हो सकती है। पूरी खबर पढ़ें… मध्य प्रदेश: 30 जिलों में बारिश का अलर्ट, तीन जिलों में ओले गिरने की आशंका राज्य में आंधी-बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। पिछले 72 घंटे से तेज आंधी, बारिश और ओले गिरने का दौर चल रहा है। आज भोपाल, इंदौर समेत 30 जिलों में बारिश का अलर्ट है। वहीं निमाड़ के धार, बड़वानी और झाबुआ में ओले भी गिर सकते हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, छिंदवाड़ा समेत तीन जिलों में 40 से 50kmph की रफ्तार से हवा चल सकती है। पूरी खबर पढ़ें… उत्तर प्रदेश: 20 जिलों में बारिश, कन्नौज में सबसे अधिक 29 मिमी बारिश; बांदा में तापमान 40°C के पार लखनऊ और अमेठी समेत राज्य के 20 शहरों में बुधवार को हल्की बारिश हुई। कन्नौज में सबसे अधिक 29 मिमी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबकि, 3 और 7 अप्रैल को लगातार दो वेस्टर्न डिस्टबेंस सक्रिय हो रहे हैं। इसका पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्यांचल और बुंदेलखंड में तेज असर देखने को मिलेगा। तेज हवा के साथ बारिश और ओले गिरने की संभावना। पूरी खबर पढ़ें… राजस्थान में 4 अप्रैल तक आंधी-बारिश की चेतावनी: ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट, चित्तौड़गढ़ में सबसे ज्यादा गर्मी वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से बुधवार को भी राज्य के उत्तर-पूर्वी जिलों में दोपहर बाद बादल छाए रहे। अजमेर और जयपुर संभाग के क्षेत्रों में हल्के बादल छाए रहने से धूप कमजोर रही। मौसम विभाग के मुताबिक, 4 अप्रैल तक कई इलाकों में आंधी-बारिश के साथ ओले गिर सकते है। बुधवार को बाड़मेर, बीकानेर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर में अधिकतम तापमान 35 से 36°C के बीच रहा। पूरी खबर पढ़ें… हिमाचल प्रदेश: आज रात से वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा, कल-परसों बारिश के साथ ओले गिर सकते है राज्य में गुरुवार रात से स्ट्रांग वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा। इसका असर 7 अप्रैल तक रहेगा। मौसम विभाग (IMD) ने कल और परसों तेज बारिश के साथ ओले गिरने की की चेतावनी दी है। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि किन्नौर और लाहौल स्पीति को छोड़कर बाकी सभी जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 1°C नीचे गिर गया है। पूरी खबर पढ़ें… हरियाणा: कल-परसों बारिश और आंधी का अलर्ट, मार्च में सामान्य से 19% ज्यादा बरसात राज्य में 3 और 4 अप्रैल को कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, मार्च में समान्य से 19 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। इस महीने औसतन करीब 17.9 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य (15.1 मिमी) से ज्यादा है। सबसे ज्यादा बारिश रोहतक और रेवाड़ी जिले में हुई है। फिलहाल प्रदेश में तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है। पूरी खबर पढ़ें… पंजाब: 6 जिलों में बारिश का अलर्ट, कल से आंधी और ओले गिरने की आशंका अमृतसर और पटियाला समेत राज्य के 6 जिलों में गुरुवार को बारिश होने की आशंका है। वहीं कल से आंधी और ओले गिरने का अलर्ट है। इससे पहले बुधवार को कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हुई। इस दौरान पूरे पंजाब उप-मंडल में औसत वर्षा 3.9 मिमी रही, जो सामान्य (0.1 मिमी) से ज्यादा है। संगरूर में सबसे अधिक 10.7 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
हरियाणा में भोजपुरी सिंगर पवन सिंह-अंजलि राघव की पेशी आज:राज्य महिला आयोग बयान दर्ज करेगा; स्टेज पर एक्ट्रेस की कमर छुई थी

हरियाणवी एक्ट्रेस अंजलि राघव की कमर छूने के मामले में राज्य महिला आयोग ने आज (2 मार्च) भोजपुरी सिंगर-एक्टर पवन सिंह को फरीदाबाद में पेश होने के लिए बुलाया है। पवन सिंह के साथ अंजलि भी आयोग के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखेंगी। अंजलि ने आयोग को ई-मेल के जरिए पवन सिंह की शिकायत की थी, जिसमें कुछ सबूत भी भेजे गए थे। इसके बाद 24 मार्च को पवन सिंह को नोटिस भेजा गया था। अंजलि ने कहा था- लखनऊ में शो के दौरान पवन सिंह ने गलत तरीके से उनकी कमर छुई थी। यह अनुचित व्यवहार था। बाद में बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया पर अपमानजनक पोस्ट और झूठा प्रचार किया गया। हरियाणा महिला आयोग ने इससे पहले सिंगर बादशाह को भी समन भेजकर पेश होने के लिए कहा था। बादशाह के पेश न होने पर आयोग ने उनके खिलाफ FIR तक कराने के आदेश दिए थे। अब पढ़िए…मामले पर क्या बोलीं आयोग अध्यक्ष पढ़िए…अंजलि ने शिकायत में क्या कहा था अपमानजक पोस्ट हटवाई जाए: अंजलि राघव ने हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष को ई-मेल के जरिए भेजी शिकायत में कहा था- सोशल मीडिया पर मेरे खिलाफ चल रहे अपमानजनक पोस्ट और झूठे प्रचार को तुरंत हटवाने के निर्देश दिए जाएं। अंजलि ने आगे लिखा था कि मैं 16 वर्ष की आयु से विभिन्न रामलीलाओं में माता सीता का किरदार निभाती थी। इसी के जरिए पहचान बनाई। इस विवाद के बाद दिल्ली की रामलीला में मेरा यह किरदार छीन लिया गया। पीआर टीम ने धमकी दी: अंजलि ने बताया- मैंने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए इस घटना की जानकारी अपने इंस्टाग्राम अकाउंट के माध्यम से सार्वजनिक की। इसके बाद पवन सिंह ने सोशल मीडिया पर मुझसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उस समय लगा मामला शांत हो गया। हालांकि पवन सिंह की पीआर टीम ने मुझे लगातार धमकियां दीं। कहा गया कि मेरी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाएंगे और बदनाम किया जाएगा। मेरे खिलाफ कई फर्जी और आपत्तिजनक पोस्ट किए गए। कुछ क्षेत्रीय मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए मेरे बारे में झूठी कहानियां और अफवाह भी फैलाई गई। साइबर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की: शिकायत में आगे लिखा था- मैंने संबंधित इंस्टाग्राम अकाउंट्स और मीडिया प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ साइबर पुलिस दिल्ली में शिकायत दी, लेकिन अभी तक आपत्तिजनक सामग्री हटाई नहीं गई है। आयोग आपत्तिजनक पोस्ट और झूठे इंटरव्यू तुरंत हटवाए। साथ ही संबंधित लोगों से सार्वजनिक माफी दिलवाई जाए। ————- यह खबर भी पढ़ें… अंजलि की कमर छूने पर हरियाणा महिला आयोग सख्त: चेयरपर्सन बोलीं- हरियाणवी एक्ट्रेस-पवन सिंह को फरीदाबाद बुलाएंगे; नोटिस भेजने की तैयारी हरियाणवी एक्ट्रेस अंजलि राघव की स्टेज पर भोजपुरी सिंगर-एक्टर पवन सिंह द्वारा कमर छूने पर महिला आयोग ने सख्ती दिखाई है। अंजलि ने हरियाणा महिला आयोग को शिकायत कर ई-मेल के जरिये सबूत भेजे थे, जिसके बाद दोनों पक्षों को फरीदाबाद बुलाया गया है। (पूरी खबर पढ़ें)
Ajay Devgn Birthday Interesting Facts; Jaaved Jaaferi Kajol

2 घंटे पहलेलेखक: अभय पांडेय कॉपी लिंक अजय देवगन बॉलीवुड के पहले एक थे जिन्होंने अपना प्राइवेट जेट (Hawker 800) खरीदा था। साल था 1991 का और फिल्म ‘फूल और कांटे’ थी, जब एक लड़का बड़े पर्दे पर आया। दो चलती बाइकों पर खड़े होकर की गई उसकी एंट्री इतनी आइकॉनिक थी कि यह फिल्म देखने वाले लोग आज भी इसे भूल नहीं पाए हैं। शुरुआत में उसे एक्शन हीरो माना गया… लेकिन उसने खुद को सीमित नहीं रखा। ‘जख्म’ और ‘कंपनी’ जैसी फिल्मों में उसने शानदार एक्टिंग की, जिसे लोगों के साथ क्रिटिक्स ने भी पसंद किया। फिर ‘गोलमाल’ और ‘ऑल द बेस्ट’ जैसी फिल्मों में लोगों को हंसाया… और ‘सिंघम’ बनकर मास हीरो भी बना। उसने 35 साल के करियर में 16 से ज्यादा 100 करोड़ की कमाई वाली फिल्में दीं और कई नेशनल अवॉर्ड भी जीते। हम बात कर रहे हैं अजय देवगन की। आज वही अजय देवगन 57 साल के हो चुके हैं। उनके जन्मदिन पर जानिए उनकी जिंदगी के दिलचस्प किस्से- किस्सा 1: पिता की बंदूक चुपके से निकालकर ले गए अजय देवगन का जन्म 2 अप्रैल 1969 को मुंबई में हुआ था। उनका असली नाम विशाल वीरेंद्र देवगन है। वे फिल्मी परिवार से आते हैं। उनके पिता वीरू देवगन हिंदी फिल्मों के मशहूर स्टंट और एक्शन डायरेक्टर थे, जबकि मां वीना फिल्म प्रोड्यूसर थीं। इसी वजह से अजय का बचपन से फिल्मों से कनेक्शन रहा। पिता वीरू देवगन के साथ अजय की बचपन की तस्वीर। वीरू ने फूल और कांटे, मिस्टर नटवरलाल, शहंशाह जैसी कई फिल्मों में स्टंट कोरियोग्राफ किए। अजय बचपन में ही अपने पिता के साथ फिल्म एडिटिंग में हाथ बंटाने लगे थे। 8-9 साल की उम्र में उन्हें कैमरा और शूटिंग की समझ आने लगी थी। 12-13 साल की उम्र तक उन्होंने छोटे-छोटे फिल्म प्रोजेक्ट बनाना शुरू कर दिया था। उनके पिता ने उन्हें कैमरा दिया था, जिससे वे खुद शूटिंग करते और सेट तैयार करते थे। 15 साल की उम्र तक वे स्पेशल इफेक्ट्स भी करने लगे थे। कॉलेज के दिनों में भी वे पढ़ाई के साथ फिल्ममेकिंग सीखते रहे। इसी दौरान डायरेक्टर शेखर कपूर ने उनके काम को देखकर उन्हें असिस्टेंट बनने का मौका दिया। अजय देवगन की बचपन की एक तस्वीर है, जिसमें वे एक तेंदुए के शावक को गोद में लिए हुए नजर आते हैं। अजय देवगन अपने कॉलेज के दिनों में काफी मस्तीखोर थे। मिड डे को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कॉलेज के दिनों में वो दो बार जेल भी जा चुके हैं। एक बार तो वे अपने पिता की बंदूक चुपके से निकालकर बाहर ले गए थे। किस्सा 2: फिल्मों में आने के लिए बदला नाम अजय देवगन का असली नाम विशाल देवगन है, लेकिन फिल्मों में आने से पहले उन्होंने नाम बदल लिया। इसके पीछे की वजह यह थी कि जब अजय फिल्मों में डेब्यू करने वाले थे, उस समय कई नए एक्टर्स विशाल नाम से लॉन्च हो रहे थे। उनमें से एक मनोज कुमार का बेटे (विशाल गोस्वामी) भी थे। इससे इंडस्ट्री में कन्फ्यूजन पैदा हो रहा था। इसी वजह से उनका नाम विशाल से अजय कर दिया गया। अजय का फिल्मी करियर भी दिलचस्प तरीके से शुरू हुआ। उनके पिता चाहते थे कि वे एक्टर बनें, लेकिन अजय की रुचि फिल्ममेकिंग में ज्यादा थी। जब उन्हें फिल्म फूल और कांटे ऑफर हुई, तो उन्होंने पहले मना कर दिया था, लेकिन पिता और फिल्म के डायरेक्टर कुकू कोहली के कहने पर उन्होंने फिल्म की। फूल और कांटे में अजय देवगन ने ‘अजय’ नाम के कॉलेज छात्र का किरदार निभाया था। किस्सा 3: पहली फिल्म बड़ी फिल्म के सामने रिलीज अजय की पहली फिल्म फूल और कांटे की रिलीज से जुड़ा दिलचस्प किस्सा है। यह फिल्म यश चोपड़ा की लम्हे के साथ रिलीज हुई थी, जिसमें श्रीदेवी और अनिल कपूर जैसे बड़े सितारे थे। उस समय लम्हे को बहुत बड़ी फिल्म माना जा रहा था। अजय ने ‘आप की अदालत’ में बताया था कि फिल्म के प्रीमियर पर अनिल कपूर उनसे मिलने आए थे। उन्होंने अजय को सलाह दी थी कि इतनी बड़ी फिल्म के सामने अपनी डेब्यू फिल्म रिलीज करना सही फैसला नहीं है। उन्होंने कहा था कि नई कास्ट, नया डायरेक्टर और नया प्रोड्यूसर होने की वजह से यह जोखिम भरा हो सकता है। अजय के मुताबिक, अनिल ने यह सलाह नेक इरादे से दी थी। वे बचपन से उन्हें जानते थे और उनकी मदद करना चाहते थे, लेकिन जब फिल्में रिलीज हुईं, तो नतीजा उल्टा निकला। लम्हे फ्लॉप हुई, जबकि फूल और कांटे सुपरहिट हुई। किस्सा 4: नहाते वक्त फिल्म जख्म के लिए हामी भरी, मिला नेशनल अवॉर्ड अजय देवगन ने द लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में फिल्म जख्म को लेकर बताया था कि यह फिल्म उन्हें अनोखे तरीके से मिली, जब डायरेक्टर महेश भट्ट ने अचानक फोन कर उन्हें कहानी सुनानी शुरू कर दी। अजय ने बताया था कि उस समय वह हैदराबाद में शूटिंग कर रहे थे और होटल के कमरे में थे। उस दौर में मोबाइल नहीं होते थे, इसलिए लैंडलाइन पर कॉल आया। वह शावर ले रहे थे, तभी फोन बजा और उन्होंने कॉल उठाया। फोन पर महेश भट्ट थे। उन्होंने कहा कि वह अपनी जिंदगी की आखिरी फिल्म डायरेक्ट कर रहे हैं और इसके बाद काम छोड़ देंगे। अजय के अनुसार, महेश भट्ट ने बिना समय गंवाए तुरंत फिल्म की कहानी सुनानी शुरू कर दी। अजय ने कहा था कि उन्होंने महेश भट्ट से कहा कि वह नहा रहे हैं और फिल्म कर रहे हैं। इसी तरह फिल्म बनी थी। इस फिल्म में अजय की एक्टिंग की काफी सराहना हुई और इसके लिए उन्हें करियर का पहला नेशनल अवॉर्ड (बेस्ट एक्टर) मिला था। किस्सा 5: पहला नेशनल अवॉर्ड लेने नहीं पहुंचे थे 1998 में फिल्म जख्म के लिए अजय देवगन को जब पहला नेशनल अवॉर्ड मिला था, तब वे इसे लेने के लिए पहुंच नहीं पाए थे। उस समय वे ऊटी में शूटिंग कर रहे थे। दिल्ली जाने के लिए सिर्फ एक फ्लाइट थी, जो उसी दिन कैंसिल हो गई। इस वजह से अजय खुद सेरेमनी में नहीं पहुंच सके। उनकी मां मुंबई से दिल्ली गईं और उनकी ओर से अवॉर्ड रिसीव किया।
Rizvi Six Wins Match, Pant Runout; Shami Record

लखनऊ2 घंटे पहले कॉपी लिंक मोहम्मद शमी ने दिल्ली की इनिंग की पहली ही बॉल पर केएल राहुल को आउट कर दिया। IPL 2026 के पांचवें मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने लखनऊ सुपर जाएंट्स को 6 विकेट से हरा दिया। इकाना स्टेडियम में मोहम्मद शमी ने 5वीं बार पहली बॉल पर विकेट लिया। चेज के दौरान रिजवी ने सिक्स लगाकर मैच फिनिश किया। ऋषभ पंत का नॉन-स्ट्राइक एंड पर रनआउट होना अहम मोमेंट रहा। LSG Vs DC मैच के मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स… 1. लखनऊ का पहली पारी में लोएस्ट स्कोर लखनऊ ने पहली पारी में अपना अब तक का सबसे कम स्कोर बनाया। टीम ने दिल्ली के खिलाफ 141 रन बनाए। इससे पहले यह रिकॉर्ड 153/8 का था, जो उन्होंने 2022 में पंजाब के खिलाफ पुणे में बनाया था। 2. शमी ने 5वीं बार पहली बॉल पर विकेट लिया मोहम्मद शमी ने 5वीं बार अपनी पहली बॉल पर विकेट लिया। प्रवीण कुमार-उमेश यादव जैसे बॉलर्स ने 3-3 बार यह कारनामा किया है। खास बात यह है कि शमी ने दो अलग-अलग टीमों के डेब्यू की पहली बॉल पर विकेट लिया। 2022 में गुजरात टाइटंस के लिए डेब्यू करते हुए उन्होंने केएल राहुल (LSG) को पहली ही गेंद पर पर आउट किया था, वहीं लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए डेब्यू करते हुए भी उन्होंने केएल राहुल (DC) को पहली गेंद पर गोल्डन डक पर पवेलियन भेजा। यहां से मैच के टॉप-8 मोमेंट्स… 1. दो प्लेयर्स ने डेब्यू किया मैच में 2 प्लेयर्स ने IPL डेब्यू किया। दिल्ली ने श्रीलंका के ओपनर पाथुम निसांका को डेब्यू कैप सौंपी। वहीं लखनऊ के लिए अनकैप्ड भारतीय मुकुल चौधरी ने पहला IPL मैच खेला। मुकुल डोमेस्टिक क्रिकेट राजस्थान के लिए खेलते हैं। 2. पंत ने चौके से अपना खाता खोला पहले ओवर में ऋषभ पंत ने मुकेश कुमार की गेंद पर चौका लगाकर अपना खाता खोला। ओवर की तीसरी गेंद फुल और स्टंप्स के पास थी। पंत ने सीधे बल्ले से सामने की ओर शॉट खेलकर चौका लगा दिया। ऋषभ पंत 7 रन बनाकर पवेलियन लौटे। 3. पंत रनआउट हुए 2.6 ओवर में मुकेश कुमार की गेंद पर ऋषभ पंत रन आउट हो गए। गेंद फुल लेंथ पर थी। मिचेल मार्श ने सीधा शॉट खेला। बॉलर एंड पर मुकेश के हाथ से बॉल लगकर स्टंप्स से टकरा गई। नॉन स्ट्राइकर एंड पर पंत क्रीज से बाहर थे। गेंद स्टंप्स से लगी और पंत को वापस लौटना पड़ा। मुकेश कुमार ने ऋषभ पंत को रनआउट कर दिया। 4. एनगिडी की स्लोअर बॉल पर पूरन बोल्ड 9वें ओवर में निकोलस पूरन बोल्ड हो गए। लुंगी एनगिडी ने स्लोअर ऑफ-कटर फेंकी। पूरन ऑन साइड में फ्लिक करना चाहते थे, लेकिन शॉट के वक्त उनका बैलेंस बिगड़ गया। गेंद बैट के नीचे से निकलकर सीधे स्टंप्स से जा टकराई। निकोलस पूरन 8 गेंद पर 8 रन बनाकर आउट हुए। 5. मुकुल ने अपनी पहली दोनों बॉल पर चौका लगाया 10वें ओवर में मुकुल चौधरी ने लगातार दो चौके लगाकर IPL में खाता खोला। कुलदीप यादव की गेंद पर मुकुल ने स्वीप शॉट खेला और गेंद फाइन लेग की दिशा में भेज दी। अगली गेंद पर भी मुकुल के बैट का किनारा लेकर बॉल बाउंड्री की तरफ निकल गई। मुकुल 11 बॉल पर 14 रन बनाकर पवेलियन लौटे। 6. मोहसिन ने विकेट मेडेन ओवर फेंका तीसरे ओवर में मोहसिन खान ने विकेट लेकर कोई रन नहीं दिया। उन्होंने तीसरी गेंद पर नीतीश राणा को अब्दुल समद के हाथों कैच कराया। इसके बाद इम्पैक्ट सब के तौर पर समीर रिजवी आए। मोहसिन ने बाहर की ऑफ स्टंप लाइन रखकर रिजवी को डिफेंस करने पर मजबूर कर दिया। मोहसिन खान ने 4 ओवर में 19 रन देकर एक विकेट लिए। 7. रिजवी की चौके से फिफ्टी 13.5 ओवर में समीर रिजवी ने चौका लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया। मार्करम की शॉर्ट गेंद ऑफ स्टंप के बाहर थी, रिज़वी ने बैकफुट पर जाकर पॉइंट के पीछे कट शॉट खेला। बॉल बाउंड्री के बाहर चौके के लिए चली गई। समीर रिजवी ने 47 बॉल पर नाबाद 70 रन की पारी खेली। 8. रिजवी ने सिक्स लगाकर मैच जिताया 18वें ओवर की पहली गेंद पर समीर रिजवी ने अब्दुल समद के खिलाफ सिक्स लगाया। इसी के साथ उन्होंने टीम को 6 विकेट से जीत दिला दी। रिजवी ने समद की बॉल को डीप मिडविकेट के ऊपर भेज दिया। समीर रिजवी ने 36 बॉल पर फिफ्टी लगा दी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Summer Food Storage Basic Rules; Poisoning Prevention

Hindi News Lifestyle Summer Food Storage Basic Rules; Poisoning Prevention | Kitchen Hygiene Tips 8 घंटे पहलेलेखक: अदिति ओझा कॉपी लिंक गर्मियों में खाने-पीने की चीजें जल्दी खराब होती हैं। फूड स्टोरेज की छोटी-छोटी गलतियों को नजरअंदाज करने से फूड पॉइजनिंग, डायरिया और पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में सही फूड स्टोरेज बीमारियों से बचाव का अहम हिस्सा है। इसलिए आज जरूरत की खबर में जानेंगे कि- गर्मियों में फूड स्टोरेज के बेसिक रूल्स क्या हैं? किन गलतियों से बचना चाहिए? अलग-अलग फूड आइटम्स को कैसे स्टोर करें? एक्सपर्ट- डॉ. पूनम तिवारी, सीनियर डाइटीशियन, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ सवाल- गर्मियों में खाने-पीने की चीजों का सही स्टोरेज क्यों जरूरी है? जवाब- गर्मियों में ज्यादा तापमान होने पर बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं। इससे खाने में टॉक्सिन्स बन सकते हैं। सही स्टोरेज (फ्रीजिंग, एयरटाइट कंटेनर) बैक्टीरिया की ग्रोथ को धीमा कर सकते हैं या रोक सकते हैं, जिससे खाना सेफ रहता है। सवाल- गर्मियों में खाना जल्दी खराब क्यों होता है? जवाब- इसके लिए कई फैक्टर्स जिम्मेदार हैं- ज्यादा तापमान बैक्टीरिया की ग्रोथ तेज करता है। गर्मी में खाने में मौजूद फैट्स तेजी से ऑक्सिडाइज्ड होने लगते हैं, जिससे ऑयली फूड्स में बदबू आने लगती है। हाई टेम्परेचर प्रोटीन ब्रेकडाउन को तेज कर देता है। खासकर दूध, दाल, मीट जैसे प्रोटीन-रिच फूड में ये प्रक्रिया जल्दी होती है, जिससे स्मेल बदलने लगती है। गर्मियों में ह्यूमिडिटी (नमी) ज्यादा होती है, जिससे पके भोजन, ब्रेड और फल जैसी चीजों में फंगस और यीस्ट तेजी से पनपते हैं। बार-बार तापमान बदलने (जैसे बाहर रखना, फिर फ्रिज में रखना) से खाना जल्दी खराब होता है। सवाल- गर्मियों में फूड स्टोरेज के बेसिक रूल्स क्या हैं? जवाब- गर्मियों में कुछ बेसिक स्टोरेज रूल्स अपनाना जरूरी है, ताकि खाना सुरक्षित, ताजा और हेल्दी बना रहे। ग्राफिक में देखिए- सवाल- गर्मियों में फूड स्टोर करते समय क्या गलतियां नहीं करनी चाहिए? जवाब- अनजाने में हुई छोटी-छोटी गलतियों से गर्मियों में खाना जल्दी खराब हो जाता है। ग्राफिक से समझते हैं- सवाल- गर्मियों में सही तरीके से फूड स्टोर न करने पर क्या हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं? जवाब- छोटी-सी लापरवाही भी फूड पॉइजनिंग से लेकर पेट के इंफेक्शन तक की वजह बन सकती है। ग्राफिक में देखिए- सवाल– कैसे पता चलेगा कि कोई फूड खराब हो गया है? जवाब– ये कोई रॉकेट साइंस नहीं है। अमूमन खाने की महक, टेक्सचर से पता चल जाता है कि ये खराब हो चुका है। लेकिन- गर्मी के मौसम में सिर्फ स्मेल, रंग, टेक्सचर पर भरोसा न करें। अगर तापमान 40 डिग्री से ऊपर है और खाना तीन घंटे से ज्यादा बाहर रखा है तो उसे न खाएं। खाने का स्वाद थोड़ा भी अजीब लगे तो उसे न खाएं। सवाल– गर्मियों में अलग–अलग फूड को स्टोर करने का सही तरीका क्या है? जवाब- नीचे हर तरह के फूड आइटम के स्टोरेज का तरीका डिटेल में पढ़ें। सब्जियां हरी पत्तेदार सब्जियों को पहले अच्छे से धोकर सुखाएं। फिर पेपर टॉवल में लपेटकर फ्रिज में रखें। कटी हुई सब्जियों को एयरटाइट कंटेनर में करके फ्रिज में रखें। 24 घंटे के भीतर इस्तेमाल करें। वहीं आलू, प्याज, लहसुन जैसी जड़ वाली सब्जियां फ्रिज में न रखें। उसे ठंडी, सूखी जगह पर रखें। फल कटे हुए फल तुरंत खा लें या फ्रिज में एयरटाइट बॉक्स में रखें। अंगूर और बेरीज जैसे फल धोकर और अच्छी तरह सुखाकर ही फ्रिज में रखें। पका हुआ खाना पका हुआ खाना 2 घंटे के अंदर फ्रिज में रख दें। सामान्य टेंपरेचर पर आने के बाद ही फ्रिज में रखें। इसे 1–2 दिन के भीतर खा लेना ही बेहतर होता है। दूध दूध को उबालकर ठंडा करें। ठंडे दूध को फ्रिज के अंदर वाले शेल्फ में रखें। दही दही को हमेशा ढककर फ्रिज में रखें। दही निकालते समय साफ चम्मच का इस्तेमाल करें। नॉन-वेज फूड गर्मियों में नॉन-वेज फूड फ्रिज में 1–2 दिन से ज्यादा न रखें। अगर लंबे समय के लिए स्टोर करना हो तो इन्हें फ्रीजर में रखें। हमेशा अलग एयरटाइट कंटेनर में रखें, ताकि दूसरे खाने के साथ क्रॉस-कंटैमिनेशन न हो। ब्रेड और बेकरी आइटम ब्रेड और बेकरी आइटम को सूखी जगह पर रखें। अगर ज्यादा दिनों तक स्टोर करना हो तो फ्रीज करें। ड्राई फूड ड्राई फूड्स को एयरटाइट कंटेनर में रखें। नमकीन और बिस्कुट जैसे स्नैक्स अच्छी तरह सील करके और नमी से दूर रखें। ड्रिंक्स फ्रेश जूस को तुरंत पी लें। अगर स्टोर करना हो तो 24 घंटे के अंदर यूज कर लें। पानी को हमेशा ढककर रखें। पानी को प्लास्टिक की बोतलों में लंबे समय तक स्टोर न करें। अचार और सॉस अचार को सूखे चम्मच से निकालें। इसे समय-समय पर धूप में रखें। सॉस को फ्रिज में रखना बेहतर है। चॉकलेट और मिठाइयां चॉकलेट को ठंडी और सूखी जगह पर रखें। मिठाइयों को फ्रिज में स्टोर करें। मिठाइयों को 2–3 दिन के भीतर खत्म कर दें। सवाल– गर्मियों में फूड स्टोरेज से जुड़े मिथ और फैक्ट क्या हैं? जवाब– गर्मियों में फूड स्टोरेज को लेकर कई कॉमन प्रैक्टिस हैं, जिन्हें लोग बिना जांचे-परखे सच मान लेते हैं। ऐसे में जरूरी है कि सही और गलत के फर्क को समझा जाए। मिथ 1: सभी फल और सब्जियां फ्रिज में रखने से ताजी रहती हैं। फैक्ट: ऐसा नहीं है। आलू, प्याज, लहसुन और एवाकाडो वगैरह फ्रिज में रखने से जल्दी खराब हो सकते हैं। इन्हें ठंडी और सूखी जगह पर रखें। मिथ 2: बचा हुआ खाना फ्रिज में कई दिनों तक सुरक्षित रहता है। फैक्ट: गर्मी में खाना जल्दी खराब होता है। पका भोजन 24 से 48 घंटों के भीतर खा लेना चाहिए। दोबारा अच्छी तरह गरम करके ही खाना चाहिए। मिथ 3: फ्रिज में हर जगह तापमान बराबर होता है। फैक्ट: फ्रिज के ऊपरी शेल्फ का तापमान सबसे कम होता है, जबकि दरवाजे का हिस्सा सबसे कम ठंडा होता है। मिथ 4: बोतल बंद चीजें खराब नहीं होतीं। फैक्ट: डिब्बाबंद फूड खोलने के बाद फ्रिज में रखना जरूरी है। बाहर खुला रखने से ये जल्दी खराब हो सकता है। गर्मियों में फूड स्टोरेज से जुड़े कुछ कॉमन सवाल और जवाब सवाल- गर्मियों में फ्रिज को किस टेंपरेचर पर सेट करना चाहिए? जवाब- फ्रिज का तापमान 1–4°C
Online Games Health Impact; Teen Dopamine Addiction

6 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक सवाल- मैं अजमेर से हूं। मेरा 15 साल का बेटा है। पिछले कुछ समय से उसे ऑनलाइन गेम खेलने की आदत हो गई है। वह रोज घंटों मोबाइल या कंप्यूटर पर गेम खेलता रहता है। हम दोनों वर्किंग हैं। जब वह छोटा था, तब अक्सर उसे मोबाइल पकड़ा देते थे ताकि वो व्यस्त रहे। स्कूल से भी शिकायत आ रही है कि पढ़ाई में उसका मन नहीं लगता। परफॉर्मेंस लगातार कमजोर हो रहा है। कुछ बोलो तो गुस्सा हो जाता है। हमें उसकी सेहत, पढ़ाई और भविष्य की चिंता है। बतौर पेरेंट्स हमें क्या करना चाहिए? एक्सपर्ट: डॉ. अमिता श्रृंगी, साइकोलॉजिस्ट, फैमिली एंड चाइल्ड काउंसलर, जयपुर जवाब- सवाल पूछने के लिए शुक्रिया। आपकी चिंता जायज है, लेकिन बतौर काउंसलर सबसे पहले मैं यह कहना चाहूंगी कि खुद को ‘दोषी’ मानना बंद करें। आपने अनजाने में बच्चे को गैजेट्स दिए ताकि आप काम कर सकें। उस समय आपको इसके दुष्परिणामों का पता नहीं था। लेकिन अब उसे गेमिंग की लत लग चुकी है तो समय दोष देने का नहीं, बल्कि ‘डैमेज कंट्रोल’ का है। आपका बेटा ‘डोपामिन लूप’ में फंसा हुआ है। ऑनलाइन गेम्स को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि हर लेवल पार करने पर खुशी का एहसास कराने वाला ‘डोपामिन’ हॉर्मोन रिलीज होता है। ऐसे में बच्चों का ऑनलाइन गेम्स की ओर आकर्षित होना स्वाभाविक है। लेकिन जब इससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने लगे तो यह चिंता की बात है। सही स्ट्रैटेजी और धैर्य के साथ इस स्थिति को बदला जा सकता है। बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग की लत क्यों लगती है? किशोरावस्था में बच्चों का दिमाग तेजी से बदल रहा होता है। इस उम्र में उन्हें रोमांच और उपलब्धि की जरूरत महसूस होती है। ऑनलाइन गेम्स इन सभी जरूरतों को पूरा करते हैं। यही वजह है कि बच्चे उनमें जल्दी उलझ जाते हैं। इसके अलावा गेम्स को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि हर मिनट कोई नया रिवॉर्ड, लेवल या चैलेंज मिले। इसलिए बच्चे को बार-बार खेलने की इच्छा होती है। अगर घर में अकेलापन हो या बच्चे के पास समय बिताने के सीमित विकल्प हों तो गेमिंग धीरे-धीरे लत बन जाती है। गेमिंग की लत के कई कारण हो सकते हैं। ऑनलाइन गेमिंग एडिक्शन का बच्चे पर प्रभाव पेरेंट्स को लगता है कि ऑनलाइन गेम की लत सिर्फ पढ़ाई को प्रभावित करती है। लेकिन वास्तव में इसका असर बच्चे की मेंटल और फिजिकल हेल्थ पर पड़ता है। जैसेकि- ज्यादा स्क्रीन टाइम से आंखों पर प्रेशर पड़ता है। नींद की क्वालिटी खराब होती है। फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है। इससे लंबे समय में मोटापा हो सकता है। थकान और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चे के स्वभाव में चिड़चिड़ापन हो सकता है। जब उन्हें गेम खेलने से रोका जाता है तो वे गुस्सा या निराशा दिखा सकते हैं। फोकस कम होता है, जिसका असर पढ़ाई और व्यवहार पर पड़ता है। कैसे समझें कि बच्चे को ऑनलाइन गेम का एडिक्शन है? अगर बच्चे कभी-कभार मनोरंजन के लिए गेम खेलते हैं तो यह सामान्य है। लेकिन जब इससे बच्चे का व्यवहार, पढ़ाई, दिनचर्या और मूड प्रभावित होने लगे तो यह गेमिंग लत का संकेत है। इन संकेतों को नीचे ग्राफिक्स में देखें– गेम एडिक्शन कम करने के लिए क्या करें? बच्चों को मोबाइल या गेम को पूरी तरह दूर करना सही नहीं है। इसलिए लक्ष्य यह नहीं होना चाहिए कि बच्चा गेम बिल्कुल न खेले, बल्कि यह होना चाहिए कि उसका स्क्रीन टाइम बैलेंस्ड रहे। आपने बताया कि टाइम की कमी थी तो आपने बच्चे को फोन पकड़ा दिया। लेकिन अब अगर आपको बच्चे को गेमिंग की लत से बचाना है तो उसे टाइम देना पड़ेगा। बच्चे काे गेम एडिक्शन से बचाने के लिए सबसे जरूरी है पेरेंट्स का समय देना। अगर बच्चा रोज 5-6 घंटे गेम खेलता है तो धीरे-धीरे इसे कम करें। रोकने या डांटने की बजाय बच्चे के साथ कनेक्शन बढ़ाएं। बच्चों को गेम में जो खुशी और उत्साह मिलता है, वह उसे दूसरे विकल्पाें से देने की कोशिश करें। बच्चे के साथ समय बिताएं। उसके साथ क्रिएटिव एक्टिविटीज करें। परिवार के साथ घूमना, खेलना, पिकनिक या आउटडोर एक्टिविटीज करना बच्चों को स्क्रीन से दूर रखने में मदद करता है। याद रखें, अगर बच्चे को परिवार का साथ और मजेदार विकल्प मिलेंगे तो धीरे-धीरे वह गेम की लत से खुद-ब-खुद बाहर निकलेगा। साथ ही कुछ और बातों का ध्यान रखें- पेरेंट्स न करें ये गलतियां जब बच्चों में किसी भी तरह की आदत या लत विकसित हो जाती है तो पेरेंट्स घबराकर तुरंत सख्त कदम उठाने लगते हैं। लेकिन कई बार अनजाने में की गई कुछ गलतियां समस्या को कम करने की बजाय और बढ़ा देती हैं। इसलिए जरूरी है कि आप इस स्थिति को धैर्य और समझदारी के साथ संभालें। बच्चे को बार-बार डांटना, उसकी तुलना करना या अचानक सारे गैजेट्स छीन लेना उसे ज्यादा जिद्दी, चिड़चिड़ा बना सकता है। इसलिए पेरेंट्स इन गलतियों से बचें- अचानक मोबाइल या गेम पूरी तरह बंद कर देना। हर समय डांटना या सजा देना। दूसरे बच्चों से तुलना करना। उसकी बात सुने बिना जज करना। पढ़ाई को लेकर ज्यादा दबाव बनाना। खुद लगातार मोबाइल में व्यस्त रहना। केवल बच्चे पर प्रतिबंध लगाना। बच्चे को लंबे समय तक अकेला छोड़ देना। केवल प्रतिबंध लगाना, विकल्प न देना। समस्या को नजरअंदाज करना या बहुत देर से कदम उठाना। अंत में यही कहूंगी कि ऑनलाइन गेमिंग आज के समय की एक सामान्य लेकिन चुनौतीपूर्ण समस्या है। ऐसी स्थिति में पेरेंट्स का धैर्य, समझ और सहयोग बड़ी भूमिका निभाता है। अगर बच्चे को सही मार्गदर्शन और परिवार का साथ मिलता है तो वह धीरे-धीरे इस लत से उबर जाते हैं। …………………. पेरेंटिंग से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए पेरेंटिंग- 10 साल की बेटी एकदम मुंहफट है: जो मुंह में आए, बोल देती है, ये उसकी साफगोई है या संवेदना की कमी, उसे कैसे समझाएं 10 साल की उम्र में बच्चे अपने विचारों को साफ तरीके से रखना सीख रहे होते हैं। उनमें लॉजिकल ब्रेन विकसित हो रहा होता है। लेकिन ‘सोशल इंटेलिजेंस’ (सामाजिक समझ) अभी पूरी तरह मेच्यौर नहीं हुई होती है। पूरी खबर पढ़िए… दैनिक भास्कर को Google पर
Ajay Devgn Birthday Interesting Facts; Jaaved Jaaferi Kajol

18 मिनट पहलेलेखक: अभय पांडेय कॉपी लिंक अजय देवगन बॉलीवुड के पहले एक थे जिन्होंने अपना प्राइवेट जेट (Hawker 800) खरीदा था। साल था 1991 का और फिल्म ‘फूल और कांटे’ थी, जब एक लड़का बड़े पर्दे पर आया। दो चलती बाइकों पर खड़े होकर की गई उसकी एंट्री इतनी आइकॉनिक थी कि यह फिल्म देखने वाले लोग आज भी इसे भूल नहीं पाए हैं। शुरुआत में उसे एक्शन हीरो माना गया… लेकिन उसने खुद को सीमित नहीं रखा। ‘जख्म’ और ‘कंपनी’ जैसी फिल्मों में उसने शानदार एक्टिंग की, जिसे लोगों के साथ क्रिटिक्स ने भी पसंद किया। फिर ‘गोलमाल’ और ‘ऑल द बेस्ट’ जैसी फिल्मों में लोगों को हंसाया… और ‘सिंघम’ बनकर मास हीरो भी बना। उसने 35 साल के करियर में 16 से ज्यादा 100 करोड़ की कमाई वाली फिल्में दीं और कई नेशनल अवॉर्ड भी जीते। हम बात कर रहे हैं अजय देवगन की। आज वही अजय देवगन 57 साल के हो चुके हैं। उनके जन्मदिन पर जानिए उनकी जिंदगी के दिलचस्प किस्से- किस्सा 1: पिता की बंदूक चुपके से निकालकर ले गए अजय देवगन का जन्म 2 अप्रैल 1969 को मुंबई में हुआ था। उनका असली नाम विशाल वीरेंद्र देवगन है। वे फिल्मी परिवार से आते हैं। उनके पिता वीरू देवगन हिंदी फिल्मों के मशहूर स्टंट और एक्शन डायरेक्टर थे, जबकि मां वीना फिल्म प्रोड्यूसर थीं। इसी वजह से अजय का बचपन से फिल्मों से कनेक्शन रहा। पिता वीरू देवगन के साथ अजय की बचपन की तस्वीर। वीरू ने फूल और कांटे, मिस्टर नटवरलाल, शहंशाह जैसी कई फिल्मों में स्टंट कोरियोग्राफ किए। अजय बचपन में ही अपने पिता के साथ फिल्म एडिटिंग में हाथ बंटाने लगे थे। 8-9 साल की उम्र में उन्हें कैमरा और शूटिंग की समझ आने लगी थी। 12-13 साल की उम्र तक उन्होंने छोटे-छोटे फिल्म प्रोजेक्ट बनाना शुरू कर दिया था। उनके पिता ने उन्हें कैमरा दिया था, जिससे वे खुद शूटिंग करते और सेट तैयार करते थे। 15 साल की उम्र तक वे स्पेशल इफेक्ट्स भी करने लगे थे। कॉलेज के दिनों में भी वे पढ़ाई के साथ फिल्ममेकिंग सीखते रहे। इसी दौरान डायरेक्टर शेखर कपूर ने उनके काम को देखकर उन्हें असिस्टेंट बनने का मौका दिया। अजय देवगन की बचपन की एक तस्वीर है, जिसमें वे एक तेंदुए के शावक को गोद में लिए हुए नजर आते हैं। अजय देवगन अपने कॉलेज के दिनों में काफी मस्तीखोर थे। मिड डे को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कॉलेज के दिनों में वो दो बार जेल भी जा चुके हैं। एक बार तो वे अपने पिता की बंदूक चुपके से निकालकर बाहर ले गए थे। किस्सा 2: फिल्मों में आने के लिए बदला नाम अजय देवगन का असली नाम विशाल देवगन है, लेकिन फिल्मों में आने से पहले उन्होंने नाम बदल लिया। इसके पीछे की वजह यह थी कि जब अजय फिल्मों में डेब्यू करने वाले थे, उस समय कई नए एक्टर्स विशाल नाम से लॉन्च हो रहे थे। उनमें से एक मनोज कुमार का बेटे (विशाल गोस्वामी) भी थे। इससे इंडस्ट्री में कन्फ्यूजन पैदा हो रहा था। इसी वजह से उनका नाम विशाल से अजय कर दिया गया। अजय का फिल्मी करियर भी दिलचस्प तरीके से शुरू हुआ। उनके पिता चाहते थे कि वे एक्टर बनें, लेकिन अजय की रुचि फिल्ममेकिंग में ज्यादा थी। जब उन्हें फिल्म फूल और कांटे ऑफर हुई, तो उन्होंने पहले मना कर दिया था, लेकिन पिता और फिल्म के डायरेक्टर कुकू कोहली के कहने पर उन्होंने फिल्म की। फूल और कांटे में अजय देवगन ने ‘अजय’ नाम के कॉलेज छात्र का किरदार निभाया था। किस्सा 3: पहली फिल्म बड़ी फिल्म के सामने रिलीज अजय की पहली फिल्म फूल और कांटे की रिलीज से जुड़ा दिलचस्प किस्सा है। यह फिल्म यश चोपड़ा की लम्हे के साथ रिलीज हुई थी, जिसमें श्रीदेवी और अनिल कपूर जैसे बड़े सितारे थे। उस समय लम्हे को बहुत बड़ी फिल्म माना जा रहा था। अजय ने ‘आप की अदालत’ में बताया था कि फिल्म के प्रीमियर पर अनिल कपूर उनसे मिलने आए थे। उन्होंने अजय को सलाह दी थी कि इतनी बड़ी फिल्म के सामने अपनी डेब्यू फिल्म रिलीज करना सही फैसला नहीं है। उन्होंने कहा था कि नई कास्ट, नया डायरेक्टर और नया प्रोड्यूसर होने की वजह से यह जोखिम भरा हो सकता है। अजय के मुताबिक, अनिल ने यह सलाह नेक इरादे से दी थी। वे बचपन से उन्हें जानते थे और उनकी मदद करना चाहते थे, लेकिन जब फिल्में रिलीज हुईं, तो नतीजा उल्टा निकला। लम्हे फ्लॉप हुई, जबकि फूल और कांटे सुपरहिट हुई। किस्सा 4: नहाते वक्त फिल्म जख्म के लिए हामी भरी, मिला नेशनल अवॉर्ड अजय देवगन ने द लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में फिल्म जख्म को लेकर बताया था कि यह फिल्म उन्हें अनोखे तरीके से मिली, जब डायरेक्टर महेश भट्ट ने अचानक फोन कर उन्हें कहानी सुनानी शुरू कर दी। अजय ने बताया था कि उस समय वह हैदराबाद में शूटिंग कर रहे थे और होटल के कमरे में थे। उस दौर में मोबाइल नहीं होते थे, इसलिए लैंडलाइन पर कॉल आया। वह शावर ले रहे थे, तभी फोन बजा और उन्होंने कॉल उठाया। फोन पर महेश भट्ट थे। उन्होंने कहा कि वह अपनी जिंदगी की आखिरी फिल्म डायरेक्ट कर रहे हैं और इसके बाद काम छोड़ देंगे। अजय के अनुसार, महेश भट्ट ने बिना समय गंवाए तुरंत फिल्म की कहानी सुनानी शुरू कर दी। अजय ने कहा था कि उन्होंने महेश भट्ट से कहा कि वह नहा रहे हैं और फिल्म कर रहे हैं। इसी तरह फिल्म बनी थी। इस फिल्म में अजय की एक्टिंग की काफी सराहना हुई और इसके लिए उन्हें करियर का पहला नेशनल अवॉर्ड (बेस्ट एक्टर) मिला था। किस्सा 5: पहला नेशनल अवॉर्ड लेने नहीं पहुंचे थे 1998 में फिल्म जख्म के लिए अजय देवगन को जब पहला नेशनल अवॉर्ड मिला था, तब वे इसे लेने के लिए पहुंच नहीं पाए थे। उस समय वे ऊटी में शूटिंग कर रहे थे। दिल्ली जाने के लिए सिर्फ एक फ्लाइट थी, जो उसी दिन कैंसिल हो गई। इस वजह से अजय खुद सेरेमनी में नहीं पहुंच सके। उनकी मां मुंबई से दिल्ली गईं और उनकी ओर से अवॉर्ड रिसीव किया।
Indian-Origin Mangla US Labor Dept Head

Hindi News Career Indian Origin Mangla US Labor Dept Head | Malvan Submarine Launch 2 मिनट पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. विलियम मैथ्यू वॉल्श इंडिगो के CEO बने 31 मार्च को विलियम मैथ्यू वॉल्श इंडिगो के CEO अपॉइंट हुए। विलियम मैथ्यू ने 1979 में पायलट के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी। विलियम 2005 से 2011 तक ब्रिटिश एयरवेज में रहे और बाद में ब्रिटिश एयरवेज के CEO बने। विलियम अभी इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन यानी IATA के प्रमुख हैं। उनका कार्यकाल 31 जुलाई को खत्म होगा। विलियम 3 अगस्त 2026 को इंडिगो के CEO का पदभार ग्रहण करेंगे। विलियम वॉल्श वैश्विक एविएशन इंडस्ट्री के बड़े नामों में गिने जाते हैं। वे ब्रिटिश एयरबेस और इंटरनेशनल एयरलाइंस ग्रुप (IAG) के CEO रह चुके हैं। IAG के तहत आयरलैंड की एयरो लिंगस, स्पेन की आइबिरिया और ब्रिटिश की वीलिंग जैसी बड़ी एयरलाइंस आती हैं। 10 मार्च को इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स ने अपने पद से रिजाइन किया था। पीटर के रिजाइन के बाद विलियम इस पद को संभालेंगे। विलियम वॉल्श विली नाम से भी जाने जाते हैं। वॉल्श को ‘विली द स्लैशर’ यानी खर्चों में बेरहमी से कटौती करने वाला CEO कहा जाता है। 2. वीर विक्रम यादव DGCA के डायरेक्टर जनरल बने 31 मार्च को वीर विक्रम यादव डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के डायरेक्टर जनरल अपॉइंट हुए। वीर विक्रम उड़ीसा कैडर के 1996 बैच के IAS हैं। वीर विक्रम फैज अहमद किदवई की जगह लेंगे। किदवई को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) में अतिरिक्त सचिव के पद पर ट्रांसफर कर दिया गया है। किदवई जनवरी 2025 में DGCA के डायरेक्टर जनरल बने थे। DGCA भारत में नागरिक उड्डयन को रेगुलेट करने वाला सर्वोच्च वैधानिक निकाय है। पुनीत कंसल को नागरिक उड्डयन मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया है। मोना के. खंडार को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव बनाया गया है। ज्ञानेंद्र डी. त्रिपाठी कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग में अतिरिक्त सचिव के रूप में कार्यभार संभालेंगे और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सचिव के रूप में भी कार्य करेंगे। वीर विक्रम इससे पहले पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद पर काम कर रहे थे। मिसलीनियस (MISCELLANEOUS) 3. NASA ने आर्टेमिस II लॉन्च किया 1 अप्रैल को नासा ने आर्टेमिस II मिशन लॉन्च किया। ये लॉन्च शाम 6:24 पर फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से हुआ। ये मिशन 10 दिनों तक चलेगा। आर्टेमिस II मिशन में 4 अंतरिक्ष यात्री रीड वाइसमैन (मिशन कमांडर), विक्टर ग्लोवर (पायलट), क्रिस्टीना कोच (मिशन स्पेशलिस्ट) और जेरेमी हैनसेन (मिशन स्पेशलिस्ट) चंद्रमा की बाहरी कक्षा की यात्रा करेंगे। 50 सालों के इतिहास में पहली बार मानव पृथ्वी की कक्षा छोड़ेंगे और चंद्रमा के सुदूर हिस्से से कई किलोमीटर आगे तक जाएंगे। आर्टेमिस II मिशन इस पूरी यात्रा के दौरान 11,02,400 किलोमीटर की दूरी तय करेगा। आर्टेमिस II मिशन स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट है, जो ओरियन शटल यान लेकर जाएगा। ओरियन को चंद्रमा तक ले जाने और चारों और घुमाने और वापस लाने के लिए डिजाइन किया गया है। ये मिशन चंद्रमा पर मानव जीवन की संभावना को तलाशने और वैज्ञानिक रिसर्च के लिए है। मिशन में ओरियन के उड़ान भरने के तरीके पर रिसर्च की जाएगी। साथ ही रिसर्च के लिए चंद्रमा के दूर के हिस्सों की तस्वीर भी ली जाएगी। 2022 में नासा ने पहला आर्टेमिस मिशन लॉन्च किया था जो कि मानवरहित मिशन था। 1972 में अपोलो मिशन के बाद ये चंद्रमा का दूसरा मानव मिशन होगा। मिशन पर जाने वाले चारों एस्ट्रोनॉट चंद्रमा की सतह के दूर के कुछ हिस्सों को देखने वाले पहले मानव बन सकते हैं। 4. इंडियन नेवी को शैलो वाटर क्राफ्ट मालवान मिला 31 मार्च को पनडुब्बी रोधी शैलो वाटर क्राफ्ट ‘मालवान’ इंडियन नेवी को मिला। कोच्चि में स्थित कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) ने इसे भारतीय नौसेना के लिए डिजाइन किया है। मालवान पानी के नीचे निगरानी रख सकता है और एंटी सबमरीन वॉरफेयर (ASW) में सक्षम है। मालवान टॉरपीडो, रॉकेट, आधुनिक रडार और सोनार सहित उन्नत प्रणालियों से लैस है। मालवान ऐसी जगह काम आता है, जहां पनडुब्बियों को ढूंढना मुश्किल होता है। मालवान जहाज में तीन इंजन लगे हैं और ये वाटरजेट सिस्टम से चलता है। ये जहाज कम तेजी से मुड़ सकता है और कम आवाज करता है। मालवान समुद्र में माइन्स बिछा सकता है और समुद्र में बिछे माइन्स को डिस्ट्रॉय भी कर सकता है। मालवान एक स्वदेशी वॉटर क्राफ्ट है और ये 8-शिप प्रोजेक्ट का हिस्सा है। मालवान मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत तैयार किया गया है और इसका उद्देश्य भारत की तटीय रक्षा और पानी के नीचे युद्ध क्षमताओं को मजबूत करना है। ये वाटर क्राफ्ट INS मालवान का हिस्सा है। INS मालवान 2003 तक नौसेना में शामिल था। मालवान उसी की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए है। मालवान शैलो वाटर क्राफ्ट का नाम महाराष्ट्र के ‘मालवान’ शहर के नाम पर रखा गया है। 5. आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) बिल लोकसभा से पास 1 अप्रैल को लोकसभा में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) बिल 2026 पास हुआ। आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) बिल 2026 के तहत अमरावती आंध्र प्रदेश की आधिकारिक राजधानी होगी। 28 मार्च को आंध्र प्रदेश विधानसभा में पारित एक प्रस्ताव के बाद लोकसभा में ये बिल लाया गया। पारित प्रस्ताव में अमरावती को आंध्र की राजधानी के रूप में शामिल करने के लिए कानून में संशोधन की मांग की गई थी। संशोधित बिल में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन बिल के 5वें सेक्शन को बदलने की मांग उठाई गई थी, जिसमें 10 साल के लिए हैदराबाद को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की साझा राजधानी घोषित किया गया था। 2024 तक हैदराबाद आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की साझा राजधानी थी। अब हैदराबाद सिर्फ तेलंगाना की आधिकारिक राजधानी होगी। 2014 में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन बिल के तहत, तेलंगाना आंध्र से अलग होकर देश का नया राज्य बना था। ये बिल अब राज्यसथा में पेश किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद ये कानून बनेगा। 2019 में आंध्र की जगन मोहन रेड्डी सरकार ने पूरी राजधानी बदलने में होने








