‘यहां मेरा ही नारा है, कांग्रेस यहां कभी सरकार नहीं बना पाएगी’- हिमंता ने कहा- हुंकार, बोले सोलो ये दमनकारी है सरकार

असम में डेमोनिख मोहताज गरमाता जा रहा है और नेताओं के बयान अब सीधे-सीधे राजनीतिक मराठा में बिगड़े हुए दिख रहे हैं। खार में यश को सलाम करते हुए मुख्यमंत्री और भाजपा उम्मीदवार हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस और गणतंत्र नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने शुक्रवार को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को लेकर कटाक्ष किया। इसके अलावा सरमा का यह बयान सिर्फ कांग्रेस तक सीमित नहीं है। उन्होंने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन सोसाइ पर भी शेयर करते हुए कहा, ‘असदुद्दीन सोसाइ जो भी नारा दे।’ चुनाव के बाद तो नारा प्रधानमंत्री मोदी और मेरा ही नारा।’ इस बयान के जरिए सरमा ने साफ संकेत दिया कि बीजेपी को अपनी जीत पर भरोसा है। अर्थव्यवस्था का प्रभाव सीमित है. असम में इस बार चुनाव विकास-स्थान रजिस्ट्री लिमिटेड तकअसम में इस बार के चुनाव में सिर्फ विकास या स्थानीय धार्मिक क्षेत्र तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह पहचान, जमीन और राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई में बदलाव नजर आ रहा है। विशेष रूप से यात्रा, नाव और जमीन से जुड़ी पहेली ने बहस को और धार दे दी है। ऐसे में नेताओं के बयान भी अधिक आक्रामक और सीधे हो गए हैं। ओसा ने किया पलटवार?इसी बीच बारपेटा में इमाम प्रमुख सोसा ने सरमा के बयान और राज्य सरकार की असेंबली पर कड़ी पलटवार की। उन्होंने कहा, ‘हिमंत बिस्वा सरमा जो कर रहे हैं, वह असंवैधानिक हैं, और बदरुद्दीन अजमल की पार्टी को सुप्रीम कोर्ट में ठहराया गया था और वहां से आदेश भी लेकर आए थे।’ ‘यदि वन भूमि है, तो वैकल्पिक भूमि दी जाए।’ ओवैसी ने आरोप लगाया कि सरकार एक विशेष समुदाय का निर्माण कर रही है। अंतिम सूची नहीं. उन्होंने सरकार की कार्रवाई पर ‘गैरकानूनी, असंवैधानिक और दमनकारी’ टिप्पणी की, ‘सिर्फ एक समुदाय के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और हम इसकी निंदा करते हैं।’ उन्होंने यह भी दावा किया कि जनता इस बार सरकार को जवाब देगी। उन्होंने कहा कि हमें भरोसा है कि 9 तारीख को बड़ी संख्या में लोग फालतू के पक्ष में वोट करेंगे। ओसासी ने मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर भी कहा कि मुख्यमंत्री एक अमीर आदमी की तरह बात कर रहे हैं। वे गरीब विरोधी हैं. एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन सोसाली ने कहा कि जब असम में 50 हजार मुस्लिम अल्पसंख्यकों पर प्रतिबंध लगाया जा रहा था तब अगर कोई हिंसा हो रही थी तो वो एआईयूडीएफ का नेतृत्व कर रहे थे। कांग्रेस अंधी और कांग्रेस बन गई थी। राहुल-प्रियंका को पता है वह हरने वाले हैं: हिमंता बिस्वा सरमाउन्होंने कांग्रेस नेतृत्व के सक्रिय कार्यकर्ताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि राहुल गांधी केरलम चले गए। दोनों (राहुल गांधी और प्रियंका गांधी) एक बार आए थे। दोनों 2-2 बैठक करके चले गए. उन्हें यह भी पता है कि वे हार्वेन वाले हैं। इस बार असम के चुनाव में दिख रही चौधरी बयानबाजी असम की राजनीति में यह तानाशाही नई नहीं है, लेकिन इस बार बयानबाजी का स्तर और तीखापन सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। एक ओर भाजपा अपनी जीत को लेकर से लेकर भारी नजर आ रही है, जहां एक ओर भाजपा ने अपनी जीत को लेकर एक मजबूत नजर रखी है, वहीं दूसरी ओर भाजपा ने अपनी जीत को लेकर एक मजबूत नजरिया बनाया है। अब शेयरधारकों की नजर 9 तारीख पर टिकी है, जब वोट के माध्यम से जनता यह तय करती है कि विपक्ष में कितना दम है। यूनिवर्सिटि फील्ड में बोले ये जंग, आखिरकार, सेक्टरों की ताकत से ही तय होगी। यह भी पढ़ें: ‘डबल इंजन नहीं, डबल लूट और डबल धोखे की सरकार’, असम में विपक्ष दंगल से पहले कांग्रेस की बीजेपी सरकार पर बड़ा आरोप
डिंडौरी में शिकारियों पर वन विभाग का शिकंजा, सर्चिंग अभियान:डॉग स्क्वाड ने चार गांवों में ली तलाशी, तार बरामद

डिंडौरी जिले में वन्यजीवों के अवैध शिकार पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में शुक्रवार को डिंडौरी वन परिक्षेत्र के चार गांवों में शहडोल से बुलाए गए डॉग स्क्वाड की मदद से एक व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शिकारियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना था। यह तलाशी अभियान सारस ताल, कुई, रामगुडा और त्यागपुर गांवों के संदिग्ध ठिकानों पर केंद्रित रहा। सर्चिंग के दौरान वन अमले को लगभग दो किलोग्राम जीआई तार और लकड़ी के खूंटे बरामद हुए। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन सामग्रियों का उपयोग आमतौर पर जंगली जानवरों के शिकार में किया जाता है। विभाग कुछ संदिग्ध शिकारियों की तलाश भी कर रहा है। वन विभाग की यह कार्रवाई हाल ही में हुई एक गिरफ्तारी के बाद और अधिक सक्रिय हो गई है। दो दिन पहले कुई मॉल गांव से आरोपी दरबार सिंह मरकाम को गिरफ्तार किया गया था। उसके घर से जंगली सुअर का कटा हुआ सिर और शिकार में इस्तेमाल की गई सामग्री जब्त की गई थी, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। रेंजर अतुल सिंह बघेल ने बताया कि वन्यजीव संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे। इस पूरी कार्रवाई में परिक्षेत्र सहायक ईश्वर सिंह परस्ते, वनरक्षक सुनील कोरी, संजय मार्को, मान सिंह, उदय सिंह, अनीता धुर्वे, गीता और आलोक यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Sunil Pal Insulted | Comedian Mic Grabbed On Stage, Viral Video

1 मिनट पहले कॉपी लिंक कॉमेडियन और द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज के विनर सुनील पाल हाल ही में एक इवेंट में हुए अपने अपमान को लेकर चर्चा में हैं। एक शायरी प्रोग्राम के दौरान उन्हें स्टेज पर बुलाकर न सिर्फ माइक देने से मना किया गया, बल्कि उनके हाथ से माइक छीन भी लिया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब सुनील पाल ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और उस शाम की पूरी आपबीती सुनाई है। सुनील ने कहा मुझे इवेंट में बहुत उलझन और शर्मिंदगी हुई। दोस्त के बुलावे पर प्रोग्राम में पहुंचे थे सुनील सुनील पाल ने न्यूज 18 को दिए इंटरव्यू में बताया कि यह उर्दू और अरबी शायरी का एक कार्यक्रम था। उन्हें उनके एक बेहद करीबी दोस्त ने वहां बुलाया था। सुनील वहां का माहौल एन्जॉय कर रहे थे और उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि उनके साथ स्टेज पर ऐसा बर्ताव किया जाएगा। उन्होंने कहा, मैं वहां मौजूद कवियों का सम्मान करना चाहता था और उनके अच्छे काम के लिए उन्हें थैंक यू कहना चाहता था। स्टेज पर माइक के लिए बार-बार की गुजारिश वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि सुनील पाल को स्टेज पर बुलाकर फूलों का गुलदस्ता दिया गया। जब उन्होंने शिष्टाचार के नाते कुछ शब्द कहने के लिए माइक मांगा, तो मंच संचालक ने मना कर दिया। सुनील ने बताया, मैंने उस व्यक्ति से कई बार माइक देने का अनुरोध किया, लेकिन उसने मुझे बोलने का मौका नहीं दिया। मुझे वहां बहुत उलझन और शर्मिंदगी महसूस हो रही थी। हाथ से छीना माइक, दर्शक बना रहे थे वीडियो हद तो तब हो गई जब सुनील के हाथ से माइक छीन लिया गया और आयोजकों ने उन्हें मंच छोड़ने के लिए कह दिया। सुनील पाल के मुताबिक, वहां मौजूद दर्शक अपने फोन से वीडियो बना रहे थे, जो उनके लिए सबसे ज्यादा असहज करने वाला पल था। उन्होंने कहा, सब मुझे देख रहे थे, उन्हें लगा मेरा सम्मान हो रहा है, लेकिन वहां मुझे अपमानित किया गया। इसके बाद मैं वहां और नहीं रुका और तुरंत चला गया। दोस्त ने कहा- जो हुआ उसे भूल जाओ इवेंट से निकलने के बाद सुनील ने उस दोस्त को फोन किया जिसने उन्हें इनवाइट किया था। जब उन्होंने दोस्त से पूछा कि उन्हें माइक क्यों नहीं दिया गया, तो दोस्त के पास भी कोई ठोस जवाब नहीं था। दोस्त ने बस इतना कहा, भूल जाओ और आगे बढ़ो।” सुनील ने कहा कि उनके साथ बहुत गलत हुआ, क्योंकि वह बस वहां मौजूद कवियों की सराहना करना चाहते थे। 2005 में जीता था लाफ्टर चैलेंज 50 वर्षीय सुनील पाल महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। उन्होंने साल 2005 में ‘द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज’ का पहला सीजन जीतकर देशभर में अपनी पहचान बनाई थी। वह कई बॉलीवुड फिल्मों में भी काम कर चुके हैं। सुनील अपनी क्लीन कॉमेडी और फिल्मी सितारों की मिमिक्री के लिए जाने जाते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Sunil Pal Insulted | Comedian Mic Grabbed On Stage, Viral Video

1 घंटे पहले कॉपी लिंक कॉमेडियन और द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज के विनर सुनील पाल हाल ही में एक इवेंट में हुए अपने अपमान को लेकर चर्चा में हैं। एक शायरी प्रोग्राम के दौरान उन्हें स्टेज पर बुलाकर न सिर्फ माइक देने से मना किया गया, बल्कि उनके हाथ से माइक छीन भी लिया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब सुनील पाल ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और उस शाम की पूरी आपबीती सुनाई है। सुनील ने कहा मुझे इवेंट में बहुत उलझन और शर्मिंदगी हुई। दोस्त के बुलावे पर प्रोग्राम में पहुंचे थे सुनील सुनील पाल ने न्यूज 18 को दिए इंटरव्यू में बताया कि यह उर्दू और अरबी शायरी का एक कार्यक्रम था। उन्हें उनके एक बेहद करीबी दोस्त ने वहां बुलाया था। सुनील वहां का माहौल एन्जॉय कर रहे थे और उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि उनके साथ स्टेज पर ऐसा बर्ताव किया जाएगा। उन्होंने कहा, मैं वहां मौजूद कवियों का सम्मान करना चाहता था और उनके अच्छे काम के लिए उन्हें थैंक यू कहना चाहता था। स्टेज पर माइक के लिए बार-बार की गुजारिश वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि सुनील पाल को स्टेज पर बुलाकर फूलों का गुलदस्ता दिया गया। जब उन्होंने शिष्टाचार के नाते कुछ शब्द कहने के लिए माइक मांगा, तो मंच संचालक ने मना कर दिया। सुनील ने बताया, मैंने उस व्यक्ति से कई बार माइक देने का अनुरोध किया, लेकिन उसने मुझे बोलने का मौका नहीं दिया। मुझे वहां बहुत उलझन और शर्मिंदगी महसूस हो रही थी। हाथ से छीना माइक, दर्शक बना रहे थे वीडियो हद तो तब हो गई जब सुनील के हाथ से माइक छीन लिया गया और आयोजकों ने उन्हें मंच छोड़ने के लिए कह दिया। सुनील पाल के मुताबिक, वहां मौजूद दर्शक अपने फोन से वीडियो बना रहे थे, जो उनके लिए सबसे ज्यादा असहज करने वाला पल था। उन्होंने कहा, सब मुझे देख रहे थे, उन्हें लगा मेरा सम्मान हो रहा है, लेकिन वहां मुझे अपमानित किया गया। इसके बाद मैं वहां और नहीं रुका और तुरंत चला गया। दोस्त ने कहा- जो हुआ उसे भूल जाओ इवेंट से निकलने के बाद सुनील ने उस दोस्त को फोन किया जिसने उन्हें इनवाइट किया था। जब उन्होंने दोस्त से पूछा कि उन्हें माइक क्यों नहीं दिया गया, तो दोस्त के पास भी कोई ठोस जवाब नहीं था। दोस्त ने बस इतना कहा, भूल जाओ और आगे बढ़ो।” सुनील ने कहा कि उनके साथ बहुत गलत हुआ, क्योंकि वह बस वहां मौजूद कवियों की सराहना करना चाहते थे। 2005 में जीता था लाफ्टर चैलेंज 50 वर्षीय सुनील पाल महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। उन्होंने साल 2005 में ‘द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज’ का पहला सीजन जीतकर देशभर में अपनी पहचान बनाई थी। वह कई बॉलीवुड फिल्मों में भी काम कर चुके हैं। सुनील अपनी क्लीन कॉमेडी और फिल्मी सितारों की मिमिक्री के लिए जाने जाते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Dehradun Secretariat Super League 2026 Inauguration

राजधानी के रायपुर स्थित महाराणा प्रताप क्रिकेट ग्राउंड में बहुप्रतीक्षित ‘सचिवालय सुपर लीग 2026’ का शानदार आगाज हो गया है। टूर्नामेंट के पहले दिन शुक्रवार को दो रोमांचक मुकाबले खेले गए, जिनमें सचिवालय ‘ए’ और ‘सचिवालय माइटी 11’ ने शानदार खेल का प्रदर् . सागर की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी, सचिवालय ‘ए’ ने 58 रन से जीता मैच टूर्नामेंट का उद्घाटन मुकाबला सचिवालय ‘ए’ और ‘सचिवालय रॉयल स्ट्राइकर’ के बीच खेला गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए सचिवालय ‘ए’ के बल्लेबाजों ने मैदान के चारो तरफ शॉट लगाए और निर्धारित ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 234 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम की तरफ से सागर ने सबसे ज्यादा 87 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि टीएच खान ने 42 रनों का अहम योगदान दिया। रॉयल स्ट्राइकर की ओर से विवेक, रोहित, सूर्या और चंदन को 1-1 विकेट मिला। पहाड़ जैसे 235 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी सचिवालय ‘रॉयल स्ट्राइकर’ की टीम दबाव में बिखर गई और 8 विकेट खोकर 176 रन ही बना सकी। हालांकि, प्रदीप आगरी (57 रन) और नीरज गिरी (43 रन) ने एक छोर संभालकर संघर्ष किया, लेकिन टीम को जीत की दहलीज पार नहीं करा सके। सचिवालय ‘ए’ के गेंदबाज राहुल जेटली ने धारदार गेंदबाजी करते हुए 3 अहम विकेट झटके। इस तरह सचिवालय ‘ए’ ने यह मुकाबला 58 रनों से अपने नाम कर लिया। 3 विकेट चटकाने वाले राहुल जेटली को ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया। संतोष की फिरकी में फंसी ‘वॉरियर’, माइटी 11 ने 5 विकेट से मारी बाजी दिन का दूसरा मुकाबला ‘सचिवालय माइटी 11’ और ‘सचिवालय वॉरियर’ के बीच हुआ। इस मैच में सचिवालय वॉरियर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, जो गलत साबित हुआ। ‘माइटी 11’ के गेंदबाजों के आगे वॉरियर की पूरी टीम महज 14 ओवर में 91 रनों पर ताश के पत्तों की तरह ढह गई। टीम के लिए राजीव तड़ियाल ने 21 और पवन असवाल ने 18 रन बनाए। माइटी 11 की ओर से संतोष पांडे ने घातक गेंदबाजी करते हुए सर्वाधिक 4 विकेट लिए। इसके अलावा चंदू पुरोहित और अंकित नौटियाल ने 3-3 विकेट चटकाकर विपक्षी टीम की कमर तोड़ दी। जवाब में 92 रनों के आसान लक्ष्य का पीछा करने उतरी ‘माइटी 11’ की टीम ने इसे 13 ओवर में ही 5 विकेट खोकर हासिल कर लिया। जीत के नायक अरविंद दानू रहे, जिन्होंने शानदार 37 रनों की पारी खेली। वॉरियर के गेंदबाज नीरज भंडारी और अमित रावत ने 2-2 विकेट लिए, लेकिन हार नहीं टाल सके। ‘माइटी 11’ ने यह मैच 5 विकेट से जीतकर टूर्नामेंट में विजयी आगाज किया। शानदार गेंदबाजी के लिए संतोष पांडे को ‘मैन ऑफ द मैच’ से नवाजा गया। उद्घाटन समारोह में खिलाड़ियों का बढ़ा उत्साह इससे पूर्व, टूर्नामेंट के उद्घाटन समारोह में खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए उत्तराखंड कोऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एके शुक्ल और महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रधानाचार्य राजेश ममगाईं मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
युवक की ट्रेन की चपेट में आया युवक, मौत:शाजापुर के बेरछा स्टेशन के पास हादसा, ट्रेन से गिरने की जताई आशंका

शाजापुर के बेरछा रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार को एक युवक की ट्रेन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। घटना सुबह करीब 11 से 12 बजे के बीच हुई। सोनकच्छ का रहने वाला था मृतक सूचना मिलने पर बेरछा थाना पुलिस और रेलवे पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की। मृतक की पहचान दौलतपुर, थाना सोनकच्छ निवासी गोपाल पिता हिम्मत सिंह के रूप में हुई है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए शाजापुर जिला अस्पताल भेजा गया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। ट्रेन से गिरकर मौत की आशंका बेरछा थाना प्रभारी भरत किरण ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक दो दिन पहले बारात में शामिल होने के लिए इलाहाबाद प्रयागराज गया था। पुलिस को आशंका है कि वापस आते समय ट्रेन से गिरने के कारण उसकी मौत हुई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।
ऋषिकेश में बनेगा दिव्यांगों के लिए हाईटेक इंडोर बैडमिंटन हॉल:62.67 लाख का फंड मंजूर; प्रतिभाओं को मिलेगा नेशनल-इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म

उत्तराखंड के मेधावी दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। राज्य में पहली बार खास तौर पर दिव्यांगजनों के लिए एक आधुनिक (हाईटेक) इंडोर बैडमिंटन हॉल का निर्माण किया जा रहा है। यह हॉल ऋषिकेश में बनेगा। सुविधाओं के अभाव में अपनी प्रतिभा न दिखा पाने वाले खिलाड़ियों को अब नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर चमकने का मौका मिलेगा। जिलाधिकारी सविन बंसल की इस संवेदनशील पहल पर काम भी शुरू हो गया है। इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) फंड से 62.67 लाख रुपए की राशि मंजूर की गई है। प्रोजेक्ट की 3 अहम बातें सुविधाओं के अभाव में नहीं छिपेगा टैलेंट कई बार ऐसा होता है कि दिव्यांग खिलाड़ियों में गजब की प्रतिभा होती है, लेकिन बुनियादी ढांचे और खेल सुविधाओं के अभाव में उनका टैलेंट दुनिया के सामने नहीं आ पाता। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और जिला प्रशासन की इस पहल से अब ऐसे ‘छुपे हुए सितारों’ को तराशा जाएगा। इस हॉल के जरिए खिलाड़ी अपनी खेल स्किल्स को निखारेंगे और राज्य व देश का नाम रोशन करेंगे। दिव्यांगों को मुख्यधारा से जोड़ना प्राथमिकता डीएम सविन बंसल ने स्पष्ट किया है कि दिव्यांगजनों के लिए बुनियादी सुविधाओं का विकास प्रशासन की टॉप प्रायोरिटी (प्राथमिकता) में है। यह इंडोर बैडमिंटन हॉल न सिर्फ उनके शारीरिक विकास और स्वास्थ्य को बेहतर बनाएगा, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में सशक्त रूप से जोड़ने का काम भी करेगा। प्रशासन ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर और पूरी गुणवत्ता (Quality) के साथ पूरा किया जाए।
Skin Care : झाइयों ने कर रखा है परेशान? पत्थर पर घिसकर दूध के साथ लगाइये ये चीज, खिल उठेगा मुरझाया चेहरा

Last Updated:April 03, 2026, 17:59 IST Skin care tips : अक्सर महिलाएं झाइयों से परेशान रहती हैं. अगर आपकी त्वचा भी संवेदनशील है या अक्सर लालिमा की समस्या रहती है, तो जायफल का लेप उसे ठंडक पहुंचाने और हील करने का काम करता है. लोकल 18 से देहरादून की आयुर्वेदिक चिकित्सक शालिनी जुगरान बताती हैं कि इसमें मिरिस्टिसिन नामक एक विशेष तत्व पाया जाता है, जो जिद्दी मुंहासों को दूर करता है. दूध के साथ इसका मिश्रण एक प्राकृतिक क्लींजर और मॉइस्चराइजर दोनों का काम करता है. जायफल की मदद से चेहरा बेजान दिखने की बजाय खिला-खिला और चमकदार नजर आता है. किचन में मसाले के रूप में इस्तेमाल होने वाला जायफल सिर्फ जायका नहीं बढ़ाता बल्कि त्वचा की कई समस्याओं को जड़ से खत्म करने वाला एक शक्तिशाली तत्व भी है. इसमें प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाकर उसे पुनर्जीवित करने में मदद करते हैं. जब जायफल को दूध के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाया जाता है, तो यह त्वचा की रंगत निखारने के साथ-साथ उसे गहरा पोषण भी देता है. इसकी एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल प्रॉपर्टीज पाई जाती है. ये गुण त्वचा पर होने वाली सूजन और बैक्टीरिया को खत्म करने में सहायक हैं. अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है या अक्सर लालिमा की समस्या रहती है, तो जायफल का लेप उसे ठंडक पहुंचाने और हील करने का काम करता है. मुंहासों से परेशान महिलाओं के लिए जायफल किसी वरदान से कम नहीं है. देहरादून की आयुर्वेदिक चिकित्सक शालिनी जुगरान बताती हैं कि इसमें मिरिस्टिसिन नामक एक विशेष तत्व पाया जाता है, जो जिद्दी मुंहासों को दूर करने में बेहद कारगर होता है. इसके नियमित उपयोग से न केवल नए मुंहासे आना बंद हो जाते हैं, बल्कि पुराने दाग-धब्बों में भी धीरे-धीरे कमी आने लगती है. Add News18 as Preferred Source on Google स्किन को हेल्दी रखने के साथ-साथ जायफल में एंटी-फंगल और एंटी-वायरल गुण भी समाहित हैं. यह त्वचा के संक्रमण को रोकने में मदद करता है और बाहरी प्रदूषण व हानिकारक तत्वों से एक सुरक्षा कवच की तरह लड़ता है. दूध के साथ इसका मिश्रण एक प्राकृतिक क्लींजर और मॉइस्चराइजर दोनों का काम करता है. इस पेस्ट को चेहरे पर करीब 20 मिनट तक लगा रहने दें. जब यह हल्का सूख जाए, तो गुनगुने पानी की मदद से चेहरे को हल्के हाथों से मसाज करते हुए धो लें. यह प्रक्रिया त्वचा को उचित हाइड्रेशन प्रदान करती है, जिससे चेहरा बेजान दिखने की बजाय खिला-खिला और चमकदार नजर आता है. अगर आप झाइयों की परेशानी से जूझ रहे हैं, तो आयुर्वेद का पुराना नुस्खा अपना सकते हैं. इसके लिए एक साबुत जायफल को कुछ घंटों के लिए दूध में भिगो दें. इसके बाद एक साफ पत्थर जैसे सिलबट्टे पर इसे दूध के साथ रगड़कर पेस्ट तैयार करें. इस ताजे पेस्ट को इफेक्टेड एरिया पर लगाने से झाइयां तेजी से कम होती हैं. इसके नियमित उपयोग से असमय आने वाली झुर्रियां कम होती हैं और त्वचा लंबे वक्त तक जवां और सुंदर बनी रहती है. बिना किसी केमिकल के अपनी खूबसूरती बढ़ाने का यह एक सुरक्षित और किफायती नुस्खा है. First Published : April 03, 2026, 17:59 IST
देहरादून में कल से शुरू होगी अंडर-20 स्टेट एथलेटिक्स मीट:महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में होंगे इवेंट, सभी जिलों के खिलाड़ी करेंगे प्रतिभाग; पढ़ें शेड्यूल

उत्तराखंड के युवा और होनहार एथलीट्स के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच तैयार है। उत्तराखंड एथलेटिक्स एसोसिएशन के तत्वावधान में 4 और 5 अप्रैल को उत्तराखंड राज्य जूनियर (अंडर-20) एथलेटिक्स मीट का आयोजन होने जा रहा है। प्रतियोगिता देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित होगी। उत्तराखंड एथलेटिक्स एसोसिएशन के सचिव केजेएस कलसी ने इस खेल महाकुंभ की जानकारी देते हुए बताया कि दो दिनों तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में प्रदेश भर से अंडर-20 आयु वर्ग के लड़के और लड़कियां ट्रैक और फील्ड इवेंट्स में अपना दम-खम दिखाएंगे। प्रतियोगिता की मुख्य बातें (एक नज़र में) 4 अप्रैल को होने वाले इवेंट का शेड्यूल दिन 2: 5 अप्रैल 2026 (रविवार) मल्टी-इवेंट्स में होंगे डेकाथलॉन और हेप्टाथलॉन इस प्रतियोगिता में एथलीटों के धैर्य और समग्र कौशल को परखने वाले मल्टी-इवेंट्स भी आकर्षण का केंद्र होंगे। डेकाथलॉन (लड़कों के लिए 10 इवेंट्स): 4 अप्रैल: 100 मीटर, लंबी कूद, शॉट पुट, ऊंची कूद, 400 मीटर। 5 अप्रैल: 110 मीटर बाधा दौड़, डिस्कस, पोल वॉल्ट, जेवलिन, 1500 मीटर। हेप्टाथलॉन (लड़कियों के लिए 7 इवेंट्स): दिन 1: 100 मीटर बाधा दौड़, ऊंची कूद, शॉट पुट, 200 मीटर। दिन 2: लंबी कूद, जेवलिन, 800 मीटर। एथलीट्स के लिए जरूरी निर्देश आयोजकों ने खिलाड़ियों के लिए कुछ सख्त नियम बनाए हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य है। स्पोर्ट्स कॉलेज पहुंचने पर सबसे पहले खिलाड़ियों के दस्तावेजों की जांच होगी। जांच में सफल होने के बाद ही मौके पर बिब नंबर आवंटित किया जाएगा। 4 अप्रैल को एथलीटों को अपने इवेंट से 3 घंटे पहले रिपोर्ट करना होगा। जबकि 5 अप्रैल को एथलीटों को अपने इवेंट से 1 घंटे पहले रिपोर्ट करना अनिवार्य है।
दतिया में आंधी-बारिश के बाद निकली तेज धूप:रात को बारिश, दिन में 38॰ पहुंचा पारा; बारिश से गेहूं फसल को नुकसान की आशंका

अप्रैल की शुरुआत के साथ ही मौसम ने अपने कई रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात दतिया जिले में तेज हवा के साथ बारिश हुई, जिससे रात का मौसम अचानक बदल गया। तेज आंधी के कारण कई जगह धूल उड़ती नजर आई, वहीं सुबह करीब 4 बजे हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सुबह होते ही आसमान में बादल छा गए और मौसम सुहावना बना रहा, लेकिन यह राहत ज्यादा देर तक टिक नहीं पाई। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, बादल छंटने लगे और तेज धूप निकल आई। दोपहर तक सूरज की तपिश इतनी बढ़ गई कि लोगों को उमस और गर्मी का अहसास होने लगा। मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। जिससे गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज मौसम में आए इस बदलाव के बीच न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है और यह 1.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो सामान्य से करीब 3.5 डिग्री अधिक है। इससे रात में भी हल्की गर्मी का असर महसूस किया जा रहा है। बारिश के आंकड़ों की बात करें तो एयरपोर्ट क्षेत्र में 0.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि दतिया जिले के सेवड़ा क्षेत्र में राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार 15 मिमी बारिश हुई है। अलग-अलग क्षेत्रों में हुई इस असमान बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, आंधी और बूंदाबांदी का असर गेहूं की फसल पर पड़ सकता है। कटाई के लिए तैयार फसल को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। तेज हवा से फसल गिरने और बारिश से दाने खराब होने का खतरा बना हुआ है।








