Sunday, 23 Aug 2026 | 10:40 PM

Trending :

कार रेसिंग में हादसे का शिकार हुए एक्टर अजित कुमार:बेकाबू होकर दूसरी कार से टकराई गाड़ी, सुरक्षित बचे जापान में 5.9 तीव्रता का भूकंप, 37 लोग घायल:ट्रेन सेवाओं पर असर; सुनामी का खतरा नहीं 'अंग्रेजों के सम्मान में लिखा गया जन गण मन':मुकेश खन्ना बोले- ये राष्ट्रगान नहीं हो सकता; इसमें अंग्रेजों को भाग्य विधाता बताया गया पहली भारतीय महिला मिमिक्री आर्टिस्ट आशा सिंह जयसवाल का निधन:मीना कुमारी की नकल से फेम मिला, बीआर चोपड़ा की महाभारत में द्रोणाचार्य की पत्नी बनी थीं पाकिस्तान में 12-12 घंटे बिजली कटौती:लोग सड़कों पर उतरे, रास्ता जाम किया; लगातार कटौती से पानी सप्लाई ठप 'ये रिश्ता क्या कहलाता है' एक्टर मोहसिन ने सगाई की:मंगेतर तमन्ना के साथ तस्वीरें शेयर की; बोले- पहली नजर में लगा हमसफर मिल गई
EXCLUSIVE

रणबीर कपूर की फिल्म रामायण के टीजर पर विवाद:भारत से पहले विदेश में दिखाने पर भड़के फैंस, प्रोड्यूसर बोले- बंटवारा मत कीजिए, राम सबके हैं

रणबीर कपूर की फिल्म रामायण के टीजर पर विवाद:भारत से पहले विदेश में दिखाने पर भड़के फैंस, प्रोड्यूसर बोले- बंटवारा मत कीजिए, राम सबके हैं

हनुमान जयंती के मौके पर 2 अप्रैल को फिल्म रामायण का टीजर रिलीज कर दिया गया। रिलीज के साथ ही टीजर विवादों में घिर गया है। दरअसल, मेकर्स ने भारत से दो दिन पहले इसका टीजर न्यूयॉर्क और लॉस एंजिल्स में रिलीज किया था। भारतीय फैंस इस बात से नाराज हैं कि रामायण पर बनी फिल्म का टीजर पहले विदेश में क्यों दिखाया गया। अब फिल्म के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने इस पर सफाई दी है। नमित बोले- बंटवारा मत कीजिए सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि रामायण पर बनी इस फिल्म पर पहला हक भारतीय दर्शकों का है। इसी दौरान नमित मल्होत्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा, प्लीज, बंटवारा मत कीजिए। यह बांटने का समय नहीं है। अमेरिका में रहने वाले भारतीय हमारा शुक्रिया अदा कर रहे हैं और तारीफ कर रहे हैं। आपको वहां रहने वाले भारतीयों की भावनाओं को भी समझना होगा। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में भारतीय रहते हैं और राम सबके लिए एक ही हैं। रणबीर कपूर के गायब रहने पर उठे सवाल रामायण का टीजर रिलीज करने के लिए मुंबई और दिल्ली समेत देश के 8 बड़े शहरों में कार्यक्रम हुए। लेकिन इस बीच रणबीर कपूर की गैरमौजूदगी की चर्चा रही। फिल्म में भगवान राम का किरदार निभा रहे रणबीर खुद अपनी ही फिल्म के इतने बड़े इवेंट में नहीं पहुंचे। 2 अप्रैल की सुबह रणबीर कपूर का भगवान राम के रूप में पहला लुक सोशल मीडिया पर जारी किया गया। इसके बाद मुंबई में एक बड़ा मीडिया इवेंट रखा गया था। डायरेक्टर नितेश तिवारी और प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा मंच पर मौजूद थे मगर पूरी शाम बीत जाने के बाद भी रणबीर वहां नजर नहीं आए। संजय गुप्ता बोले- खोदा पहाड़, निकली चुहिया ‘रामायण’ का टीजर रिलीज होते ही फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक क्रिप्टिक पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने लिखा- ‘खोदा पहाड़… निकली चुहिया’। हालांकि गुप्ता ने अपनी पोस्ट में किसी फिल्म का नाम नहीं लिया, लेकिन लोग इसे सीधे तौर पर नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ से जोड़कर देख रहे हैं। फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें-

असम विधानसभा चुनाव 2026: ‘कांग्रेस की सरकार आई तो अतिक्रमण भी लाएगी’, ग्वालपाड़ा में गृह मंत्री अमित शाह का तीखा वार

असम विधानसभा चुनाव 2026: 'कांग्रेस की सरकार आई तो अतिक्रमण भी लाएगी', ग्वालपाड़ा में गृह मंत्री अमित शाह का तीखा वार

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित असम में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर लालची सरगर्मी में काफी बढ़ोतरी हुई है। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम में किसान कांग्रेस पार्टी पर जोरदार गठबंधन सभा करते हुए कहा है. इस दौरान वे असम में घुसपैठियों पर कार्रवाई और राज्य के आदिवासी समुदाय के विकास को लेकर भी कई बातें कहीं हैं। पार्टी कांग्रेस पर अमित शाह ने सैद्धांतिक आधार तैयार किया केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार (3 अप्रैल, 2026) को असम के ग्वालपाड़ा जिले के दुधनोई में एक रैली रैली को संबोधित किया। अमित शाह ने अपनी याचिका में कहा कि कांग्रेस पार्टी ने असमंजस में घुसपैठियों का योगदान बरकरार रखा था। असम में असम में जमीन पर कब्जा कर बैठे हैं। अगर ग़लती से भी राज्य में कांग्रेस की सरकार आई तो लोकतंत्र के बीच भी घुसपैठ करेंगे। उन्होंने कहा, ‘आप हमें असम में पांच साल और सरकार बनाने का मौका दें, तीसरी बार भी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार बनीं. हमने दो बार सरकार बनाई और सारी आकर्षक कंपनियां बनाकर रखी हैं। समय थोड़ा कम हो गया, एक साल और दो, हम राज्य को घुसपैठियों से मुक्त करा देंगे। सभी घुसपैठियों को चुन-चुनकर निकाल दिया जाएगा और उन्हें वापस भेज दिया जाएगा।’ असम से सती मेघालय की गारो परिषद में हाल ही में हुई हिंसा का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि आदिवासियों ने नाबालिग महिलाओं से शादी करके मेघालय के गारो परिषद में सत्य हथियाने की कोशिश की और इसी वजह से यह संघर्ष शुरू हुआ। पोषण के विकास का रोडमैप तैयारः शाह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आरक्षण के विकास के लिए एक रोडमैप तैयार किया है। उन्होंने इस रोडमैप को राज्य में लागू करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सत्ता में सुनिश्चितता से वापसी का आग्रह किया है। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस ने असम को अशांत क्षेत्र बनाया था. असम के किशोरों की मौत पर कांग्रेस ने राजनीतिक रोटियां सेकीं। ग़लतफ़हमी से कांग्रेस असम में जीत गई तो फिर से घुसपैठिए और फिर से घुसपैठिए। बीजेपी ने असम में शांति बहाल करने का वादा किया है, लेकिन अगर कांग्रेस 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव में एक भी सीट जीतती है, तो राज्य एक बार फिर से गठबंधन का समर्थन करेगी।’ यूसीसी को अनुदान से बाहर रखा गया: शाह न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, लोकतंत्र को लेकर कांग्रेस पर हमला करते हुए अमित शाह ने कहा, ‘कांग्रेस ने कभी आदिवासियों और जन समुदाय की बात नहीं की. मोदी जी ने जनाब समाज का बजट सबसे ज्यादा कर दिया। कांग्रेस ने कभी किसी जनाब महिला को राष्ट्रपति नहीं बनाया, लेकिन मोदी ने उसे बदल दिया और द्रौपदी मुर्मू को भारत का राष्ट्रपति बना दिया। प्रधानमंत्री और असम के मुख्यमंत्री ने पोषण के विकास के लिए एक रोडमैप तैयार किया है। इसे आगे बढ़ाने और लागू करने के लिए भाजपा को वोट दें।’ उन्होंने कहा, ‘हम असम में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लेकर आए हैं, अब कोई यहां चार शादी नहीं करेगा।’ यूसीसी के नाम कांग्रेस समानता को बढ़ावा दिया जाता है, लेकिन आज मैं यह स्पष्ट कर देता हूं कि यूसीसी के नाम में यूसीसी के समुदाय और जेडीयू शामिल नहीं होंगे। यूसीसी से बाहर रखा गया प्रावधान। किस पर यूसीसी डाउनलोड है, वह मुझे पता है। यह भी पढ़ें: जियोपॉलिटिक्स, टेक्नोलॉजी और स्ट्रैटजी…, मध्य पूर्व जंग के बीच बोले नेवी प्रमुख- बदल रहे सुरक्षित माहौल

निवाड़ी में स्टोन क्रेशर प्लांट का हो रहा है विरोध:विधायक से मिलकर ग्रामीणों ने की शिकायत, प्रशासन ने जांच टीम बनाई

निवाड़ी में स्टोन क्रेशर प्लांट का हो रहा है विरोध:विधायक से मिलकर ग्रामीणों ने की शिकायत, प्रशासन ने जांच टीम बनाई

निवाड़ी के चुरारा अडजार सीमा पर प्रस्तावित स्टोन क्रेशर प्लांट का ग्रामीणों की ओर से लगातार विरोध किया जा रहा है। परियोजना के खिलाफ किसान बड़ी संख्या में ग्राम अडजार स्थित मोनी बाबा आश्रम में एकत्रित हुए और अपनी नाराजगी व्यक्त की। ग्रामीणों ने विधायक अनिल जैन के निवास पर पहुंचकर भी अपनी समस्या बताई। लोगों की सेहत पर गलत असर पड़ने की जताई आशंका आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि स्टोन क्रेशर प्लांट लगने से क्षेत्र में धूल, प्रदूषण और तेज शोर बढ़ेगा, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। महिलाओं और बुजुर्गों ने बच्चों और पशुओं के स्वास्थ्य को लेकर भी गंभीर चिंता जताई है। ठोस कार्रवाई न करने का लगाया आरोप ग्रामीणों ने बताया कि वे इस प्रस्तावित प्लांट को लेकर पहले ही जिला कलेक्टर को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका आरोप है कि पंचायत सचिव द्वारा सरपंच की अनुमति के बिना ही प्लांट से संबंधित कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है, जो नियमों के खिलाफ है। विधायक से की मामले की शिकायत सैकड़ों ग्रामीण विधायक अनिल जैन के निवास पर पहुंचे और उनसे मुलाकात कर अपनी समस्या विस्तार से रखी। विधायक ने ग्रामीणों की बात गंभीरता से सुनते हुए कहा कि प्रस्तावित स्थल के आसपास बस्ती और रेलवे स्टेशन होने के कारण इस प्रकार का प्लांट स्थापित करना उचित नहीं है। विधायक अनिल जैन ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि संबंधित अधिकारियों से दोबारा बातचीत कर जनहित को ध्यान में रखते हुए सही फैसला लिया जाएगा। जल्द कार्रवाई न होने पर आंदोलन की दी चेतावनी ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस योजना को तत्काल प्रभाव से रोका जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जांच के लिए बनाई गई टीम खनिज अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए एक जांच टीम का गठन कर दिया गया है। इस टीम में निवाड़ी तहसीलदार, पटवारी और जनपद सीईओ सहित अन्य अधिकारी इस पूरे मामले की जांच करेंगे।

68 साल की मुन्नी देवी की टोटल एल्बो रिप्लेसमेंट से नई जिंदगी

authorimg

Elbow Replacement: 68 साल की मुन्नी देवी लंबे समय से बाईं कोहनी के असहनीय दर्द को झेल रही थीं, लेकिन इससे भी ज्यादा खराब था कि उनका हाथ पूरा सीधा ही नहीं होता था.इसकी वजह से वे हाथ से पूरा काम भी नहीं कर पाती थीं.आखिरकार वे गुरुग्राम के सिल्वर स्ट्रीक हॉस्पिटल पहुंचीं, जहां जांच में पता चला कि उनका हाथ सिर्फ 120 डिग्री तक ही सीधा होता था. मुन्नी देवी को ऑर्थोपेडिक ओपीडी में ले जाया गया जहां उन्होंने बताया कि वे इस हाथ से अपने दैनिक काम भी पूरे नहीं कर पातीं. इसके बाद चिकित्सकीय जांच और एक्स-रे के आधार पर डॉक्टरों ने बताया कि उनके हाथ में उल्नो-ह्यूमेरल और रेडियो-कैपिटेलर जॉइंट में एडवांस्ड ऑस्टियो-आर्थराइटिस की परेशानी थी. मरीज की उम्र और बीमारी की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकीय टीम ने टोटल एल्बो रिप्लेसमेंट को चुना और सर्जरी से पहले कार्डियोलॉजी और एनेस्थीसिया क्लीयरेंस सहित सभी जरूरी जांचें की गईं, ताकि किसी भी प्रकार का रिस्क न रहे. सर्जरी जनरल एनेस्थीसिया के तहत पोस्टेरियर ट्राइसेप्स-स्प्लिटिंग तकनीक से की गई. हड्डियों की उम्रजनित कमजोरी के बावजूद सर्जनों ने सावधानीपूर्वक सेमी-कंस्ट्रेन्ड प्रोस्थेसिस ट्रांसप्लांट किया. ऑपरेशन के दौरान ही कोहनी को 180 डिग्री तक सीधा कर लिया गया, जो जबर्दस्त परिणाम का संकेत रहा. ऑपरेशन के बाद महिला को ट्राइसेप्स की हीलिंग के लिए दो सप्ताह तक स्प्लिंट सपोर्ट दिया गया. डिस्चार्ज के सातवें दिन ड्रेसिंग बदली गई और विशेषज्ञ निगरानी में पैसिव मूवमेंट शुरू कराया गया. दो सप्ताह बाद टांके हटाकर स्प्लिंट हटा दिया गया और सक्रिय फिजियोथेरेपी शुरू हुई. एक महीने के फॉलो-अप में मरीज ने उल्लेखनीय सुधार दिखाया. अब वे कोहनी को 150–160 डिग्री तक सीधा कर पा रही हैं. दर्द और सूजन नहीं है, साथ ही सर्जिकल घाव भी ठीक तरह से भर रहा है. सर्जरी करने वाले ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ प्रतीक बंसल ने कहा कि जब दवाइयों और अन्य उपचारों से राहत नहीं मिलती, तब टोटल एल्बो रिप्लेसमेंट जॉइंट डीजेनेरेशन से जूझ रहे मरीजों के लिए प्रभावी समाधान साबित होता है. विशेषकर बुजुर्ग मरीजों में सर्जरी से पहले की बारीक योजना और ऑपरेशन के बाद की देखभाल बेहद अहम होती है. समय पर इंटरवेंशन और व्यवस्थित फिजियोथेरेपी की मदद से हम मरीज के हाथ के फंक्शन को लगभग सामान्य स्तर तक वापस लाने में सफल रहे, जिससे उनकी क्वालिटी लाइफ में बेहतर सुधार हुआ है. वहीं मिनिमल एक्सेस एवं जीआई सर्जरी, डॉ. उत्कर्ष गुप्ता ने कहा कि एडवांस्ड एल्बो आर्थराइटिस के प्रबंधन में टोटल एल्बो आर्थ्रोप्लास्टी आज भी एक विश्वसनीय विकल्प है, खासकर उन बुजुर्ग मरीजों के लिए जिनकी कार्यक्षमता काफी प्रभावित हो चुकी हो. सही मरीज का चुनाव, सर्जरी की सटीकता और ऑपरेशन के बाद सुव्यवस्थित रिहेबिलिटेशन के साथ, दर्द से राहत और हाथ के मूवमेंट में संतोषजनक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं.

दुल्हनिया बनने से ऐन पहले लड़कियां लगा रही हैं ये इंजेक्शन, मौंजारो प्री-वेडिंग पैकेज की दीवाने बन रहे हैं भारतीय, क्यों

authorimg

Last Updated:April 03, 2026, 16:04 IST Mounjaro Bride Package: भारतीय दुल्हनियों में मौंजारो प्री वेडिंग का चश्का लगने जा रहा है. देश के कई हेल्थ क्लिनिक प्री-वेडिंग पैकेज के तहत यह ऑफर नई बनने जा रही दुल्हन को ऑफर करने लगा है. सबकी इच्छा होती है कि वह अपनी शादी में दुनिया की सबसे हसीन-तरीन दुल्हन लगे और इसी मनोकामना को पूरा करने के लिए भारतीय डॉक्टरों द्वारा यह ऑफर दिया जाने लगा है. खास बात यह है कि शादी के लिए तैयार लड़के भी इस पैकेज को लेने में आगे बढ़ रहे हैं. अनुमान है कि आने वाले समय में मोंजारो प्री-वेडिंग पैकेज की धूम होने वाली है. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं. शादी से पहले मौंजारो पैकेज ले रही हैं लड़कियां. Mounjaro Bride Package: हर दुल्हन का सपना होता है कि वे अपनी शादी में दुनिया की सबसे हसीन-तरीन लड़की दिखें ताकि इस दिन की खुशी को ताउम्र अपनी यादों के दस्तावेज में जमा किया दा सके. इसलिए बहुत पहले से इसकी तैयारी शुरू हो जाती है. आजकल परफेक्ट लुक में वेट बहुत बड़ा बाधा बनने लगा है. लेकिन अब इसका रेडिमेड उपाय आ गया है. भारतीय दुल्हनियां मोंजारो प्री-वेडिंग की दीवानी बनने लगी हैं. नई दिल्ली की क्लेरिटी स्किन क्लीनिक मौंजारे ब्राइड पैकेज का जोर-शोर से प्रचार कर रही हैं. इससे पहले कि आप कंफ्यूज हो, आपको बता दें कि मौंजारो वजन कम करने वाला इंजेक्शन है जो पूरी दुनिया में तेजी से वजन करने में मदद करता है. शादी से पहले दुल्हन इसी इंजेक्शन को लगाकर स्लीम ट्रिम बनना चाहती हैं और इसके लिए डॉक्टरों के क्लिनिकों में पहुंच रही हैं. प्री-वेडिंग पैकेज में वेट लॉस भी शामिल क्लेरिटी स्किन क्लीनिक पहले स्किन ट्रीटमेंट और हेयर स्टाइलिंग का पैकेज देता था लेकिन आजकल अपने प्री-वेडिंग पैकेज में वेट-लॉस इंजेक्शन को शामिल कर लिया है. एक सोशल मीडिया वीडियो के जरिए क्लीनिक गाइडेड न्यूट्रिशन,मौंजारो और स्मार्ट वर्कआउट के जरिए दुल्हनों को शादी के लिए तैयार करने का दावा करता है. मौंजारो एली लिली कंपनी द्वारा बनाया गया है जिसे भारत में डायबिटीज़ और वजन घटाने के लिए मंजूरी प्राप्त है. डॉक्टर बताते हैं कि मौंजारो वजन घटाने वाली दूसरी दवा वीगोभी से ज्यादा पॉपुलर है. रायटर की रिपोर्ट में 8 डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें शादी से पहले इन दवाओं को लेने के बारे में दुल्हनों और कुछ दूल्हों से लगातार गुजारिश की जा रही है. हिन्दीवाइन हेल्थकेयर में बैरिएट्रिक सर्जन डॉ. रजत गोयल बताते हैं कि पिछले कुछ महीने में हमारे पास वजन कम करने वाले जितने लोग आए हैं उनमें से करीब 20 प्रतिशत ऐसे लोग थे जिनकी शादी अगले कुछ महीनों में होने वाली थी. उनका स्पष्ट रूप से वजन कम करने संबंधी सवाल ज्यादा थे. हालांकि डॉक्टरों का यह भी कहना है कि वजन कम करने वाले इंजेक्शन सिर्फ डॉक्टरों की निगरानी में ही लिया जाना चाहिए वरना इसके साइड इपेक्ट हो सकते हैं. परंपरा और सामाजिक दबावभारत में शादियां आमतौर पर जीवन में एक बार होने वाला भव्य समारोह हैं. इसमें दूल्हा और दुल्हन दोनों का परिवार इसे यादगार बनाने की कोशिश करता है. इसलिए दिल खोलकर पैसा खर्च किया जाता है. इसके लिए परंपरा और सामाजिक दबाव भी काफी होता है. एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करने वाली मुंबई की अदिति की शादी होने वाली थी और उनकी खुद से वजन घटाने की तमाम कोशिशें नाकाम हो चुकी है.इसके बाद उन्होंने मौंजारो इंजेक्शन लेना शुरू किया. अदिति कहती हैं कि इस मौंजारो की वजह से उनका वजन 10 किलो कम हो गया और वे बेहद स्लीम ट्रिम दिखती हैं. उन्होंने कहा कि मैं यह देखकर बेहद खुश हूं. अगर मेरा वजन कम नहीं होता तो सचमुच मेरा कॉन्फिडेंस कमजोर हो जाता. फिर पता नहीं क्या होता. अदिति उन 6 दुल्हनों में शामिल हैं जिनसे रायटर के रिपोर्टर ने पूछताछ कि और वे सब मौंजारो शॉट लेने के बाद शादियां कीं. सामाजिक दबाव के कारण अदिति ने अपना असली नाम नहीं बताया. 27 वर्षीय बेंगलुरु की टेक वर्कर प्रिया ने बताया कि कई लड़के और उनके परिवार ने मेरे वजन के कारण मेरी शादी का प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया. मुझे कहा गया कि मैं मोटी हूं. तब जाकर मैंने मौंजारो का सहारा लिया. 2030 तक 80 अरब की बिक्री पश्चिमी देशों में सुपर हिट होने के बाद भारत में भी मोटापे का इंजेक्शन बेहद पॉपुलर होने लगा है. पिछले साल नोवो नॉर्डिस्क और एली लिली ने भारत में मौंजारो और ओजेंपिक को लॉन्च किया था. लॉन्च के कुछ महीनों बाद ही मौंजारो की बिक्री दोगुनी हो गई, जिससे यह भारत में सबसे अधिक बिकने वाली दवा बन गई.अनुमान है कि 2030 तक इस बाजार का आकार 80 अरब रुपये तक पहुंच जाएगा. अच्छी बात यह है कि पिछले महीने वेट लॉस दवा का पेटेंट समाप्त हो गया है जिसके बाद करीब 50 कंपनियां इस दवा को बनाने लगी है और इससे दवा की कीमत 80 फीसदी तक कम हो चुकी है. इसलिए आने वाले समय में इसकी जबर्दस्त बिक्री देखने को मिल सकती है. डॉक्टरों ने इस दवा को मोटापे के अलावा डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और नींद संबंधी समस्याओं के लिए चिह्नित किया है. फिलहाल भारत में मौंजारो की कीमत 13 हजार के करीब है. यह दवा एक सप्ताह में लगाया जाता है. एक महीने की कीमत लगभग 13 हजार है. इसकी अधिकतम कीमत 25 हजार तक है. लेकिन यह डोज पर निर्भर करता है. डॉक्टर तय करते हैं कि किसे कितनी डोज की दवा दी जाए. वीगोभी की सबसे कम खुराक 5,660 रुपये और उच्चतम खुराक 16,400 रुपये प्रति माह में बेची जा रही है. लेकिन इन सबके बीच सबसे असली बात यह है कि वेट लॉस के इंजेक्शन को सिर्फ डॉक्टरों की निगरानी में लिया जाना चाहिए. (रायटर्स) About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें First Published : April 03, 2026, 16:04 IST

राज्यसभा उप नेता पद से हटाए जाने के बाद आतिशी ने कहा कि राघव चड्ढा बीजेपी, पीएम मोदी से ‘डरते’ हैं | भारत समाचार

Kerala Lottery Result Today: The first prize winner of Suvarna Keralam SK-47 will take home Rs 1 crore. (Image: Shutterstock)

आखरी अपडेट:03 अप्रैल, 2026, 15:55 IST AAP नेता आतिशी ने राघव चड्ढा पर बीजेपी और मोदी से डरने, महाभियोग लाने और विरोध करने का आरोप लगाया। बाएं: आप नेता आतिशी; दाएं: आप नेता राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी (आप) नेता आतिशी ने सोमवार को राघव चड्ढा पर कटाक्ष किया, जिन्हें गुरुवार को पार्टी के राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया गया था और कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से डरते हैं। आतिशी ने यह भी सवाल किया कि चड्ढा ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस द्वारा लाए गए महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से इनकार क्यों किया। आतिशी ने कहा, “देश खतरे में है और लोकतंत्र पर हमला हो रहा है। जिस तरह से दिल्ली में कथित तौर पर वोट काटे गए, बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा फर्जी वोट बनाए गए और प्रशासन का दुरुपयोग किया गया, बीजेपी ने दिल्ली चुनाव को हाईजैक कर लिया। उसी तरह, दावा किया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल चुनाव को भी सबके सामने हाईजैक किया जा रहा है। हालांकि, जब टीएमसी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाती है, तो राघव चड्ढा उस पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर देते हैं।” उन्होंने कहा, “जब पूरा विपक्ष लोकतंत्र पर कथित हमलों और मोदी की जीत के खिलाफ वॉकआउट करता है, तो वह वॉकआउट में भाग लेने से इनकार कर देते हैं…जब देश में एलपीजी सिलेंडर का संकट होता है, आम लोग लंबी कतारों में खड़े होते हैं और ब्लैक में सिलेंडर खरीदते हैं, और पार्टी उनसे संसद में अपनी आवाज उठाने के लिए कहती है, तो वह इनकार कर देते हैं। इसलिए कहा जा रहा है कि राघव चड्ढा बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी से डरते हैं और अब उनके खिलाफ आवाज उठाने को तैयार नहीं हैं।” वीडियो | दिल्ली: AAP द्वारा राज्यसभा उपनेता पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा की ‘X’ पोस्ट पर प्रतिक्रिया, दिल्ली विधानसभा LoP और AAP नेता आतिशी (@AtishiAAP) कहते हैं, “देश ख़तरे का सामना कर रहा है और लोकतंत्र पर हमला हो रहा है। जिस तरह से दिल्ली में कथित तौर पर वोट काटे गए, फर्जी… pic.twitter.com/s9qjmpe2e0– प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 3 अप्रैल 2026 उनकी टिप्पणी चड्ढा द्वारा शुक्रवार को उनके एक्स हैंडल से की गई एक पोस्ट के जवाब में आई है। एक वीडियो बयान में उन्होंने कहा कि संसद में उनकी चुप्पी को हार नहीं समझा जाना चाहिए. उन्होंने यह भी पूछा कि उन्हें संसद में बोलने से क्यों रोका जा रहा है. चड्ढा ने पूछा, “जब भी मुझे संसद में बोलने का मौका मिलता है, मैं सार्वजनिक मुद्दे उठाता हूं। और शायद मैं उन विषयों को उठाता हूं जो आमतौर पर संसद में नहीं उठाए जाते हैं। लेकिन क्या सार्वजनिक मुद्दे उठाना अपराध है? क्या मैंने कोई अपराध किया है? क्या मैंने कोई गलती की है? क्या मैंने कुछ गलत किया है?” उन्होंने कहा, “आप ने राज्यसभा सचिवालय से कहा है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने से रोका जाना चाहिए। हां, आप ने संसद को सूचित किया है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने का मौका नहीं दिया जाना चाहिए।” AAP के सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा पर निशाना साधा, सरकार को जवाबदेह ठहराने में उनकी भूमिका पर सवाल उठाए चड्ढा को हटाए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए, दिल्ली आप अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने पार्टी सांसद की आलोचना की, संसद में प्रमुख मुद्दों को उठाने में उनकी भूमिका पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि वह केंद्र सरकार का सामना करने से बचते हैं। उन्होंने कहा, “मुख्य विपक्षी दलों का प्राथमिक कर्तव्य संसद के भीतर सरकार से सवाल करना है, खासकर उन मुद्दों के बारे में जो जनता से संबंधित हैं… फिर भी, इस बात पर विचार करें कि किस तरह से पूरी चुनावी प्रणाली को हाईजैक किया जा रहा है। हर राज्य में जहां चुनाव हो रहे हैं, मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर हेरफेर हो रहा है। वोट हटाए जा रहे हैं, जबकि झूठे और फर्जी वोट जोड़े जा रहे हैं।” #घड़ी | दिल्ली: राघव चड्ढा को AAP के राज्यसभा उपनेता पद से हटाए जाने पर, दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज का कहना है, “मुख्य विपक्षी दलों का प्राथमिक कर्तव्य संसद के भीतर सरकार से सवाल करना है, खासकर उन मुद्दों के बारे में जो जनता से संबंधित हैं… फिर भी,… pic.twitter.com/OlIGdd8ydK– एएनआई (@ANI) 3 अप्रैल 2026 संस्थागत पूर्वाग्रह का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है और सवाल किया कि क्या ऐसी चिंताओं को उठाना संसद सदस्यों की जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने आगे दावा किया कि जब भी ये मुद्दे संसद में आते हैं, राघव चड्ढा “लगातार टाल-मटोल करते हैं” और केंद्र का उल्लेख करने से भी बचते हैं। भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी चड्ढा को बढ़ावा देती है, उनके समर्थक उनके सोशल मीडिया पोस्ट को बढ़ावा देते हैं, और इसके पीछे के कारणों पर सवाल उठाया। संसद की भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इसे गंभीर मुद्दों पर बहस करने और समाधान खोजने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करना चाहिए, उन्होंने चेतावनी दी कि “यदि आप डर के आगे झुक जाते हैं, तो आपका राजनीतिक करियर प्रभावी रूप से खत्म हो जाएगा।” पहले प्रकाशित: 03 अप्रैल, 2026, 15:51 IST न्यूज़ इंडिया राज्यसभा उपनेता पद से हटाए जाने के बाद आतिशी का कहना है कि राघव चड्ढा बीजेपी और पीएम मोदी से ‘डरते’ हैं अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राघव चड्ढा आप विवाद(टी)आतिशी की टिप्पणी बीजेपी(टी)आप आंतरिक दरार(टी)राज्यसभा के उपनेता(टी)महाभियोग प्रस्ताव सीईसी(टी)दिल्ली चुनाव अपहरण का दावा(टी)लोकतंत्र पर हमला भारत(टी)एलपीजी संकट संसद

फोन-पे ट्रांजैक्शन से पकड़ाया हाथ काटने आया आरोपी:एम्स में घायल की कलाई जोड़ने की कोशिश चल रही; पत्नी ने बचाई थी जान

फोन-पे ट्रांजैक्शन से पकड़ाया हाथ काटने आया आरोपी:एम्स में घायल की कलाई जोड़ने की कोशिश चल रही; पत्नी ने बचाई थी जान

बैतूल के चोपना क्षेत्र में 1 अप्रैल को हुए जानलेवा हमले की गुत्थी पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सुलझा ली है। इस मामले में एक फोन-पे ट्रांजैक्शन ने आरोपी तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हमले में घायल युवक का हाथ कलाई से लगभग अलग हो गया था, जिसे भोपाल एम्स में जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। यह घटना 1 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 3 बजे ग्राम शिवसागर पुलिया के पास कच्चे रास्ते पर हुई। विप्लव विश्वास अपनी पत्नी सुशांति विश्वास के साथ जा रहे थे, तभी एक नकाबपोश हमलावर ने उन पर धारदार हथियार ‘दाव’ से हमला कर दिया। हमले में विप्लव का बायां हाथ कलाई से लगभग अलग हो गया और उनके चेहरे पर भी गंभीर चोटें आईं। पत्नी ने दिखाई बहादुरी पत्नी सुशांति विश्वास ने बहादुरी दिखाते हुए हमलावर का सामना किया और राहगीरों की मदद से पति को तुरंत घोड़ाडोंगरी अस्पताल पहुंचाया। यहीं से पुलिस को सूचना मिली और मामला दर्ज किया गया। शुरुआत में यह मामला ‘ब्लाइंड अटैक’ लग रहा था, लेकिन सुशांति विश्वास ने हमलावर के हुलिए, कद-काठी और कपड़ों के आधार पर एक अहम सुराग दिया। उन्होंने शक जताया कि हमलावर उनका पुराना परिचित प्रणव मिस्त्री हो सकता है। पुलिस ने इस जानकारी के आधार पर जांच तेज की और संदिग्ध प्रणव मिस्त्री (33), निवासी ग्राम सालीवाड़ा को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि 2020-21 में पीड़ित परिवार द्वारा की गई शिकायत के कारण उसकी सामाजिक बदनामी हुई थी और उसकी शादी बार-बार टूट रही थी। इसी अपमान का बदला लेने के लिए उसने यह हमला किया। जांच में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी एक डिजिटल ट्रांजैक्शन साबित हुई। आरोपी ने वारदात से पहले एक लोहार से ₹850 में ‘दाव’ खरीदा था और उसका भुगतान PhonePe के माध्यम से किया था। पुलिस ने इस लेनदेन को ट्रेस कर आरोपी के खिलाफ मजबूत वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल धारदार ‘दाव’, मोटरसाइकिल और घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद कर लिए हैं।

Amla Benefits: डिटॉक्स से लेकर हार्ट हेल्थ तक, आंवला के फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान, ऐसे करें सेवन

ask search icon

Last Updated:April 03, 2026, 15:33 IST गर्मी का मौसम आते ही शरीर में कई तरह की समस्याएं बढ़ने लगती हैं. ऐसे में आंवला एक ऐसा प्राकृतिक सुपरफूड है, जो शरीर को ठंडक देने, इम्यूनिटी बढ़ाने और बीमारियों से बचाने में मदद करता है. इसे अपनी डाइट में शामिल करना गर्मियों में सेहतमंद रहने का आसान तरीका हो सकता है. गर्मी का मौसम शुरू होते ही लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. तेज धूप, लू, शरीर में पानी की कमी, कमजोरी और पाचन से जुड़ी दिक्कतें आम हो जाती हैं. ऐसे में रोजाना की डाइट में आंवला शामिल करना किसी वरदान से कम नहीं है. आयुर्वेद और स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी मानते हैं कि आंवला गर्मियों में शरीर को ठंडक देने और बीमारियों से बचाने का प्राकृतिक उपाय है. शरीर को देता है ठंडक: जमुना प्रसाद यादव के अनुसार, आंवला की तासीर ठंडी होती है, जिससे गर्मियों में इसका सेवन शरीर का तापमान संतुलित रखता है और लू लगने का खतरा कम करता है. गांवों में आज भी लोग आंवला का मुरब्बा या शरबत पीना पसंद करते हैं, क्योंकि यह शरीर को तुरंत ठंडक पहुंचाकर तरोताजा बनाए रखता है. इम्यूनिटी बढ़ाने में लाभकारी: आंवला इम्यूनिटी बढ़ाने में बेहद फायदेमंद है. इसमें मौजूद विटामिन C शरीर को वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने की ताकत देता है. जमुना प्रसाद यादव के अनुसार, जो लोग नियमित रूप से आंवला का सेवन करते हैं, वे सर्दी-खांसी जैसे सामान्य संक्रमण से काफी हद तक बचे रहते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google पेट के लिए फायदेमंद: पाचन तंत्र के लिए आंवला बहुत लाभकारी माना जाता है. अनियमित खानपान और गर्मी के कारण होने वाली गैस, कब्ज और अपच की समस्या में यह राहत देता है. आंवला पेट को साफ रखने और पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है. कई लोग सुबह आंवला जूस का सेवन करते हैं, जिससे उन्हें पूरे दिन हल्कापन महसूस होता है. त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद: आंवला त्वचा और बालों के लिए बेहद लाभकारी है. इसमें मौजूद पोषक तत्व त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं, जिससे वह साफ और चमकदार बनती है. यह बालों को झड़ने से रोककर उन्हें मजबूत बनाता है. यही कारण है कि कई हेयर ऑयल और ब्यूटी प्रोडक्ट्स में आंवला का इस्तेमाल किया जाता है. आंवला शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद करता है. यह शरीर में जमा गंदगी और विषैले तत्वों को बाहर निकालकर अंदर से साफ रखता है. इसके नियमित सेवन से लीवर स्वस्थ रहता है और खून साफ होता है, जिससे कई बीमारियों का खतरा कम हो जाता है. दिल के लिए फायदेमंद: आंवला दिल की सेहत के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है. यह शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में मदद करता है, जिससे दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम होता है. आज के समय में बढ़ती हार्ट समस्याओं के बीच आंवला एक आसान और प्राकृतिक उपाय साबित हो सकता है. सावधानियां: जमुना प्रसाद यादव के अनुसार, आंवला जितना फायदेमंद है, उतना ही जरूरी है इसका सही तरीके से सेवन करना. किसी भी चीज की अधिक मात्रा नुकसानदायक हो सकती है, इसलिए आंवला का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. रोजाना 1-2 आंवला या एक गिलास आंवला जूस पर्याप्त माना जाता है. यदि आप किसी बीमारी से ग्रस्त हैं या कोई दवा ले रहे हैं, तो सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. First Published : April 03, 2026, 15:33 IST

घर के पास का ये पेड़ है औषधि का खजाना, इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर घाव भरने तक, जानिए पीपल और गूलर के फायदे

ask search icon

Last Updated:April 03, 2026, 15:13 IST भारत में पीपल और गूलर के पेड़ सिर्फ धार्मिक ही नहीं, बल्कि औषधीय दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं. आयुर्वेद में इनके फल, छाल, पत्ते और दूध का उपयोग कई बीमारियों के उपचार में किया जाता है. ये पाचन सुधारने, मधुमेह नियंत्रित करने, त्वचा रोगों में राहत देने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार होते हैं. पीपल और गुड़हल दोनों ही स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हैं. गुड़हल के फूल और पत्ते एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, जो बालों को मजबूत बनाने, त्वचा को चमकदार रखने, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं. वहीं, पीपल के कोमल पत्ते पेट की समस्याओं जैसे गैस और मरोड़ में राहत देने के लिए फायदेमंद हैं. एक्सपर्ट डॉ. विनीता शर्मा के अनुसार, पीपल के पेड़ पर अक्सर गूलर पाया जाता है, जो आयुर्वेद में एक शक्तिशाली औषधि माना जाता है. इसके फल, छाल और दूध में फाइबर, विटामिन A, C, एंटीऑक्सीडेंट और आयरन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. यह मधुमेह को नियंत्रित करने, पाचन सुधारने, कब्ज से राहत दिलाने, सूजन कम करने और घाव भरने में फायदेमंद माना जाता है. पीपल का पेड़, विशेषकर इसकी कोपलें, छाल और फल, पाचन सुधारने और कब्ज से राहत पाने का पारंपरिक आयुर्वेदिक उपाय है. इसमें मौजूद फाइबर और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पेट की सूजन, एसिडिटी, गैस और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं, जिससे पाचन क्रिया सुचारू रहती है. Add News18 as Preferred Source on Google गूलर और पीपल के औषधीय गुण, विशेषकर गूलर के फल और छाल, मधुमेह को नियंत्रित करने में सहायक माने जाते हैं. इसमें मौजूद फाइबर और एंटी-डायबिटिक गुण ब्लड शुगर को कम करने में मदद करते हैं. पीपल के गूलर, छाल, पत्ते और दूध सूजन और घाव के उपचार में प्रभावी माने जाते हैं. इसकी तासीर ठंडी होने के कारण यह घाव को जल्दी भरने, दर्द कम करने और संक्रमण को रोकने में मदद करता है. पीपल के पेड़ पर पाए जाने वाले गूलर के फल, छाल और दूध आयुर्वेद में उच्च औषधीय गुणों और इम्यूनिटी बढ़ाने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं. इसमें एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन C और सूजनरोधी गुण होते हैं, जो पाचन, बवासीर, त्वचा रोगों और मधुमेह को नियंत्रित करने में सहायक हैं. पीपल और गूलर दोनों ही त्वचा रोगों के लिए अत्यंत औषधीय माने जाते हैं. पीपल की कोपलें और छाल दाद, खुजली और एलर्जी में लाभकारी हैं, जबकि गूलर का दूध, छाल और फल फोड़े-फुंसी, नासूर, चर्म रोग और घाव भरने में प्रभावी माने जाते हैं. First Published : April 03, 2026, 15:13 IST

‘राघव चड्ढा ने सबसे पहले मुझे बधाई दी,’ अशोक मित्तल कहते हैं, जिन्होंने उनकी जगह राज्यसभा में आप उपाध्यक्ष बनाया | भारत समाचार

Kerala Lottery Result Today: The first prize winner of Suvarna Keralam SK-47 will take home Rs 1 crore. (Image: Shutterstock)

आखरी अपडेट:03 अप्रैल, 2026, 15:12 IST मित्तल ने इस बदलाव को अधिक तवज्जो नहीं दी और इसे नियमित बताया और कहा कि चड्ढा से पहले एनडी गुप्ता ने उपनेता की भूमिका निभाई थी। आप सांसद अशोक मित्तल और पंजाब सांसद राघव चड्ढा। (पीटीआई) पार्टी में किसी भी दरार को कम करते हुए, आम आदमी पार्टी के सांसद अशोक मित्तल, जिन्होंने राज्यसभा में पार्टी के उपनेता के रूप में पंजाब के सांसद राघव चड्ढा की जगह ली, ने कहा कि चड्ढा उन्हें बधाई देने वाले पहले व्यक्ति थे। अप्रैल 2022 से पंजाब से राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ‘ग्रीन कवर’ मुद्दे पर पूरक प्रश्न पूछने के बीच में थे, उन्हें पार्टी के उच्च सदन के नेता संजय सिंह ने बुलाया और सदन में उनकी नई भूमिका की जानकारी दी। सिंह ने नेता को बड़ा आश्चर्य देते हुए मित्तल से कहा, “अब आप उपनेता के रूप में राघव चड्ढा की जगह लेंगे।” फरवरी में भारत-यूएसए संसदीय मैत्री समूह के सदस्य बनाए गए मित्तल ने एनडीटीवी को बताया, “जब मैं अपना प्रश्न पूछने के बाद बाहर निकला – लगभग एक बजे – बधाई देने वालों में राघव चड्ढा सबसे पहले व्यक्ति थे।” बदलाव के महत्व को कम करते हुए, मित्तल ने इसे एक नियमित प्रक्रिया बताया, और बताया कि चड्ढा को जिम्मेदारी सौंपे जाने से पहले एनडी गुप्ता ने उच्च सदन में पार्टी के उपनेता के रूप में कार्य किया था। उन्होंने कहा, “अब, मुझे यह भूमिका दी गई है। हमारी पार्टी चाहती है कि सभी सांसद सीखें और शायद उसी संदर्भ में, मुझे यह भूमिका दी गई है ताकि मैं राजनीति में प्रक्रियाओं और प्रशासनिक कौशल सीख सकूं।” उन्होंने कहा कि पार्टी मजबूत बनी हुई है। कौन हैं अशोक मित्तल? मित्तल, जो लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के चांसलर हैं, रक्षा समिति, वित्त समिति सहित कई संसदीय समितियों का हिस्सा रहे हैं। फरवरी 2026 में उन्हें भारत-अमेरिका संसदीय मैत्री समूह का सदस्य बनाया गया। पंजाब के 61 वर्षीय सांसद डीएमके सांसद कनिमोझी के नेतृत्व में उस सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का भी हिस्सा थे, जिसने पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद रूस, लातविया, स्लोवेनिया, ग्रीस और स्पेन का दौरा किया था। AAP की उच्च सदन टीम आम आदमी पार्टी के वर्तमान में राज्यसभा में 10 सदस्य हैं, जिसमें पंजाब सबसे बड़ा प्रतिनिधित्व प्रदान करता है, यह एकमात्र राज्य है जहां पार्टी सत्ता में है। 10 सांसदों में से सात पंजाब से हैं: राघव चड्ढा, राजिंदर गुप्ता, अशोक कुमार मित्तल, संदीप कुमार पाठक, विक्रमजीत सिंह साहनी, हरभजन सिंह और संत बलबीर सिंह। शेष तीन सांसद दिल्ली का प्रतिनिधित्व करते हैं: स्वाति मालीवाल, नारायण दास गुप्ता और संजय सिंह। राघव चड्ढा, जिन्हें कभी अरविंद केजरीवाल के करीबी सहयोगी और देश के सबसे युवा सांसदों में से एक माना जाता था, अब पार्टी नेतृत्व से अलग हो गए हैं और स्वाति मालीवाल के बाद ऐसी स्थिति का सामना करने वाले दूसरे AAP राज्यसभा सदस्य बन गए हैं। चड्ढा ने पार्टी मामलों में, विशेषकर पंजाब में और दिल्ली में आप के शासन के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पहले प्रकाशित: 03 अप्रैल, 2026, 15:12 IST न्यूज़ इंडिया ‘राघव चड्ढा ने सबसे पहले मुझे बधाई दी,’ अशोक मित्तल कहते हैं, जिन्होंने उनकी जगह राज्यसभा में आप उपाध्यक्ष बनाया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें