Sunday, 23 Aug 2026 | 11:55 PM

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Pakistan Petrol Price Hits Rs 458.41, Diesel Rs 520.35 Per Litre – Massive Hike Due to US-Iran War

Pakistan Petrol Price Hits Rs 458.41, Diesel Rs 520.35 Per Litre – Massive Hike Due to US-Iran War

Hindi News Business Pakistan Petrol Price Hits Rs 458.41, Diesel Rs 520.35 Per Litre – Massive Hike Due To US Iran War नई दिल्ली1 मिनट पहले कॉपी लिंक पाकिस्तान में केरोसिन के दाम भी 34.08 बढ़ाकर 457.80 रुपया प्रति लीटर कर दिए हैं। पाकिस्तान में डीजल-पेट्रोल सबसे ज्यादा महंगा हो गया है। एक लीटर पेट्रोल 458 और डीजल 520 रुपया (पाकिस्तानी रुपया) के पार पहुंच गया है। सरकार ने पेट्रोल में 43% और हाई-स्पीड डीजल (HSD) के दाम में 55% का इजाफा किया है। यह फैसला अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी के बाद लिया गया है। नई दरें गुरुवार आधी रात से लागू हो गई हैं। पाकिस्तान में पेट्रोल 137.23 बढ़कर 458.41 और डीजल 184.49 बढ़कर 520.35 रुपया प्रति लीटर पर पहुंच गया। केरोसिन के दाम भी 34.08 रुपया बढ़ाकर 457.80 रुपया प्रति लीटर कर दिए हैं। पिछले महीने पेट्रोल-डीजल 55 रुपया महंगा हुआ था। तब पेट्रोल 321.17 और डीजल 335.86 रुपया था। पाकिस्तान के 1 रुपया की वैल्यू भारत के 33 पैसे बराबर होती है। यानी भारत के 100 रुपए की वैल्यू पाकिस्तान में करीब 300 रुपया के बराबर है। दिल्ली में पेट्रोल 94 और डीजल 87 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल पर टैक्स बढ़ा, डीजल पर जीरो किया गया कीमतों में संतुलन बनाए रखने के लिए सरकार ने पेट्रोलियम टैक्स दरों में भी बदलाव किया है। पेट्रोल पर टैक्स को 105 से बढ़ाकर 160 रुपया प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं डीजल की कीमतों में बहुत ज्यादा उछाल न आए, इसलिए इस पर टैक्स को 55 रुपया से घटाकर शून्य कर दिया गया है। पेट्रोलियम मंत्री बोले- सब्सिडी सीमित करना जरूरी पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने इस फैसले को मुश्किल फैसला बताया है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल मार्केट की स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाना जरूरी था। सरकार का मुख्य उद्देश्य वित्तीय अनुशासन बनाए रखना और आर्थिक स्थिरता को बचाना है। मलिक के अनुसार, सरकार अब सब्सिडी केवल उन्हीं वर्गों को देगी जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। खपत कम करने के लिए कीमतें बढ़ाईं प्रधानमंत्री के आर्थिक मामलों के सलाहकार खुर्रम शहजाद ने एक इंटरव्यू में बताया कि पिछले महीने पेट्रोल की खपत में 8% और डीजल की खपत में 13% की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। इस खपत को नियंत्रित करने के लिए कीमतों में इजाफा किया गया। उन्होंने बताया कि सरकार पिछले तीन हफ्तों से इन कीमतों को रोकने की कोशिश कर रही थी, लेकिन वैश्विक हालात को देखते हुए अब यह संभव नहीं रहा। पाकिस्तान की आम जनता पर क्या असर होगा? महंगाई: डीजल की कीमतें बढ़ने से माल ढुलाई महंगी होगी, जिससे फल, सब्जियां और रोजमर्रा का सामान महंगा हो जाएगा। खेती: ट्रैक्टर और ट्यूबवेल चलाने के लिए डीजल महंगा होने से फसलों की लागत बढ़ेगी। एक्सपर्ट का मानना है कि अगर युद्ध लंबा खिंचा, तो पाकिस्तान में ईंधन की कीमतें 600 रुपया के पार हो सकती हैं, जिससे देश में महंगाई का नया रिकॉर्ड बन सकता है। पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने की 5 वजह IMF की सख्त शर्तें: पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से बेलआउट पैकेज लेने की कोशिश कर रहा है। IMF ने शर्त रखी है कि सरकार ईंधन पर दी जाने वाली सभी सब्सिडी खत्म करे और भारी टैक्स वसूले। पाकिस्तानी रुपये की गिरावट: डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपया (PKR) लगातार कमजोर हो रहा है। चूंकि तेल का आयात डॉलर में होता है, इसलिए रुपया गिरने से सरकार को तेल खरीदने के लिए कहीं ज्यादा पैसे चुकाने पड़ रहे हैं। ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के दाम: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई चैन में आ रही दिक्कतों का असर सीधे पाकिस्तान की जेब पर पड़ रहा है। विदेशी मुद्रा भंडार: पाकिस्तान के पास विदेशी मुद्रा की कमी है। बैंकों के पास डॉलर नहीं होने के कारण तेल आयात करने वाले जहाजों (L/Cs) को क्लियर करने में देरी हो रही है, जिससे देश में किल्लत और ब्लैक मार्केटिंग बढ़ गई है। पेट्रोलियम टैक्स: सरकार ने अपने राजस्व यानी रेवेन्यू को बढ़ाने के लिए पेट्रोल और डीजल पर ‘पेट्रोलियम डेवलपमेंट लेवी’ को अधिकतम सीमा तक बढ़ा दिया है। जनता को राहत देने के बजाय सरकार टैक्स से अपनी तिजोरी भरने पर मजबूर है। होर्मुज रूट प्रभावित होने से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग शुरू होने के बाद होर्मुज रूट प्रभावित होने से कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ी हैं। इस वजह से ही पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं। ब्रेंट क्रूड ऑयल यानी कच्चे तेल कीमत अभी 109.03 डॉलर प्रति बैरल है। ये खबर भी पढ़ें… हवाई किराया बढ़ाया तो सरकार दखल देगी: एयरलाइंस के साथ जल्द मीटिंग करेगी; ATF के दाम दोगुने, इंडिगो की उड़ानें ₹10,000 तक महंगी एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी एटीएफ की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद कई एयरलाइंस ने फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया है। इससे यात्रियों पर बढ़ते बोझ को देखते हुए केंद्र सरकार अब इस मामले में हस्तक्षेप करने की तैयारी में है। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार जल्द ही एयरलाइंस के साथ मीटिंग कर सकती है ताकि आम लोगों को महंगे सफर से राहत मिल सके। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Ajay Devgn Team Denies Unsung Warrior Film Rumors

Ajay Devgn Team Denies Unsung Warrior Film Rumors

23 मिनट पहले कॉपी लिंक अजय देवगन और डायरेक्टर ओम राउत के एक बार फिर साथ आने की चर्चाओं को खारिज कर दिया गया है। हाल ही में आई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि ‘तानाजी’ की यह सुपरहिट जोड़ी एक और ‘अनसंग वॉरियर’ पर फिल्म बनाने जा रही है। अब अजय देवगन की टीम ने ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी कर इन खबरों को पूरी तरह गलत और बेबुनियाद बताया है। टीम ने खबरों को बताया निराधार अजय देवगन और ‘देवगन फिल्म्स’ के प्रवक्ता ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति साफ की है। स्टेटमेंट में कहा गया, हमने हाल ही में ऐसी मीडिया रिपोर्ट्स देखी हैं जिनमें कहा जा रहा है कि अजय देवगन और ओम राउत एक अनसंग वॉरियर पर आधारित फिल्म के लिए दोबारा साथ आ रहे हैं। हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि फिलहाल डायरेक्टर के साथ ऐसी कोई बातचीत या कोलेबोरेशन नहीं हो रहा है। यह खबर पूरी तरह बेबुनियाद और गलत है। रिपोर्ट्स में किया गया फिल्म का दावा बता दें कि इससे पहले कई वेबसाइट्स ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि अजय देवगन एक और ऐतिहासिक फिल्म की तैयारी कर रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया था कि अजय ‘अनसंग वॉरियर’ कॉन्सेप्ट को एक बड़ी फ्रेंचाइजी बनाना चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने ओम राउत के साथ कई राउंड की मीटिंग भी की है। हालांकि, टीम ने अब साफ कर दिया है कि ऐसी किसी फिल्म पर काम नहीं चल रहा। ‘तानाजी’ ने बॉक्स ऑफिस पर रचा था इतिहास अजय देवगन और ओम राउत की जोड़ी ने साल 2020 में ‘तानाजी: द अनसंग वॉरियर’ के जरिए पहली बार साथ काम किया था। मराठा योद्धा तानाजी मालुसरे के जीवन पर आधारित यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। इस फिल्म में सैफ अली खान विलेन के रोल में थे, वहीं काजोल ने तानाजी की पत्नी सावित्रीबाई का किरदार निभाया था। फिल्म की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे ‘बेस्ट पॉपुलर फिल्म’ का नेशनल अवॉर्ड मिला था। फिलहाल अपने-अपने प्रोजेक्ट्स में बिजी हैं दोनों प्रवक्ता ने बयान में आगे कहा कि अजय देवगन और ओम राउत दोनों ही इस वक्त अपनी-अपनी फिल्मों और प्रोफेशनल वादों को पूरा करने में बिजी हैं। टीम ने मीडिया और सोशल मीडिया हैंडल से अनुरोध किया है कि अजय देवगन या उनके प्रोडक्शन हाउस से जुड़ी किसी भी जानकारी को पब्लिश करने से पहले उसे ऑफिशियल तौर पर वेरिफाई जरूर करें। फ्रेंचाइजी बनाने की थी चर्चा फिल्म ‘तानाजी’ की सफलता के बाद से ही फैन्स इस जोड़ी को दोबारा साथ देखने का इंतजार कर रहे हैं। चर्चा थी कि अजय देवगन भारतीय इतिहास के उन योद्धाओं की कहानियों को पर्दे पर लाना चाहते हैं जिनके बारे में लोग कम जानते हैं। इसी वजह से ‘अनसंग वॉरियर’ सीरीज की खबरों ने जोर पकड़ा था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Moringa Benefits: सहजन की पत्तियों से बनी प्राकृतिक औषधि, जो रखे आपको बीमारियों से दूर, ऐसे करें इस्तेमाल

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Last Updated:April 03, 2026, 14:44 IST सहजन (मोरिंगा) एक आयुर्वेदिक सुपरफूड है, जिसके पत्तों और टहनियों से तैयार पाउडर सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. यह इम्यूनिटी बढ़ाने, डायबिटीज और अन्य गंभीर बीमारियों को नियंत्रित करने के साथ-साथ बाल और त्वचा की सेहत सुधारने में भी मदद करता है. इसे घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है और लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है. सहजन एक ऐसा पौधा है जो शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होता है. इसके फल, जड़ और पत्तियां सभी एक जबरदस्त आयुर्वेदिक औषधि के रूप में काम कर सकती हैं. आमतौर पर सहजन के फल को सब्जी के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसकी औषधीय गुणों की वजह से इसे दवा के रूप में भी प्रयोग किया जा सकता है. सहजन के पत्ते और टहनियां बेहद खास औषधि के रूप में उपयोग हो सकती हैं. सहजन की पत्तियां ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और वजन घटाने में बेहद लाभदायक होती हैं. इसके अलावा, यह आंखों से संबंधित रोगों, गठिया और सटिका जैसी समस्याओं में भी उपयोगी साबित हो सकती हैं. इस औषधि को घर पर तैयार करना भी बेहद आसान है. सहजन के उत्पाद बनाने वाले किसान राजेश यादव बताते हैं कि इसके लिए सबसे पहले सहजन की पत्तियों और टहनियों को पेड़ से तोड़कर अलग कर लें और फिर धूप में अच्छी तरह सुखा लें. Add News18 as Preferred Source on Google अच्छी तरह से सूखने के बाद अब इसे पाउडर के रूप में तैयार करने की बारी है. इसे पीसकर पाउडर बनाने के लिए आप मिक्सर ग्राइंडर का इस्तेमाल कर सकते हैं. पत्तियों को बारीक पीसने से यह पाउडर अच्छी तरह तैयार हो जाता है. इस तरह आपकी जबरदस्त औषधि बनकर तैयार हो जाती है, जिसे कई तरह के रोगों के उपचार के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. सहजन के पत्तों से तैयार इस पाउडर के सेवन से शरीर की इम्यूनिटी मजबूत की जा सकती है. सुखाई हुई पत्तियों से बने इस पाउडर में कैल्शियम, आयरन और पोटेशियम की भरपूर मात्रा होती है. इसके अलावा, इसमें कई महत्वपूर्ण विटामिन भी अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. सहजन की पत्तियों से बने पाउडर का उपयोग बालों के स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद है. इसका सेवन झड़ते हुए बालों की समस्या को कम कर सकता है. इस पाउडर की खास बात यह है कि इसे बनाने के बाद यह लंबे समय तक खराब नहीं होता और आसानी से लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है. इस पाउडर के सेवन से मलेरिया और टाइफाइड जैसे गंभीर बुखार से लेकर डायबिटीज और अन्य गंभीर बीमारियों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है. किसान राजेश यादव बताते हैं कि उनके ओर से तैयार की जाने वाली सहजन की यह औषधि लोगों को बेहद पसंद आती है. आसपास के क्षेत्र और दूर-दराज से लोग इसे खरीदने आते हैं. First Published : April 03, 2026, 14:44 IST

तमिलनाडु चुनाव के लिए बीजेपी की लिस्ट जारी, कई दिग्गजों को टिकट, अन्नामलाई का नाम गायब

तमिलनाडु चुनाव के लिए बीजेपी की लिस्ट जारी, कई दिग्गजों को टिकट, अन्नामलाई का नाम गायब

भाजपा तमिलनाडु उम्मीदवार सूची 2026: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए अपनी 27 जनजातियों की पहली सूची जारी की है, जिसमें राज्य के अलग-अलग मतदाता क्षेत्रों से लेकर कई प्रमुख नेताओं के नाम शामिल हैं। बीजेपी ने 5 महिलाओं को भी दिया टिकट. प्रमुख अब्दुल्ला में पूर्व गवर्नर और बीजेपी के वरिष्ठ नेता, तमिलसाई सुंदरराजन, मयालापुर इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र से चुनावी मैदान में शामिल होंगे। भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन को सत्तूर से टिकट दिया गया है। भाजपा की राष्ट्रीय महिला मोर्चा की अध्यक्ष वनथी श्रीन कोयम्बटूर उत्तर से चुनावी मैदान में उतरेंगी। राज्य मंत्री मध्य एल. मुरुगन अंजानलींगे के ऑफ-ऑस्ट्रेलियाई क्षेत्र से चुनावी लड़ाई। भाजपा तमिल में मुख्य रूप से अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (मशाले डम्के) के साथ सामूहिक चुनाव लड़ रही है। अन्नामलाई का नाम नहीं काफी समय से यह बात चल रही थी कि तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष अन्नामलाई इस बार चुनावी मैदान में उतरेंगे, लेकिन जारी की गई सूची में उनका नाम शामिल नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि पूर्व आईपीएस अधिकारी अनामलाई कोयम्बटूर (उत्तर) सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे, जो कि भाजपा के वरिष्ठ नेता वनथी श्रीरंगन के पास हैं। पीएम मोदी करेंगे प्रचार कलाकारों के अन्य घटक प्रयोगशालाओं में क्षेत्रीय मगरमच्छ, लीपली मक्कल काची (पीएमके), तमिल मनीला कांग्रेस और अम्मा मक्कल मुनेत्र कडगम (एएमएमके) शामिल हैं। इस बार चुनाव में ड्यूक बनाम टीचर्स के बीच टक्कर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को तमिलनाडु में पार्टी और गठबंधन गठबंधन के लिए चुनावी प्रचार तेज करेंगे। वे शनिवार को प्रधानमंत्री चेन्नई में लगभग 100 पार्टी प्लास्टर, ग्राउंड लेवल के ऑटोमोबाइल और प्रमुख हितधारकों के साथ बैठक भी करेंगे। 23 अप्रैल को होगा मतदान 234 केरल तमिलनाडु विधानसभा क्षेत्र के लिए 23 अप्रैल को मतदान होगा। 6 अप्रैल नामांकन की अंतिम तारीख है. 9 अप्रैल तक नामांकन वापस लिया जा सकता है. 4 मई को विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा की जाएगी।मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (असमआर) के बाद इस बार तमिल में कुल 5,67,74,436 मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे। इनमें से 12,51,749 कलाकार पहली बार वोट डालेंगे। राज्य में 85 वर्ष से अधिक आयु के लाॅक की संख्या 3,99,668 है। भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स आयोग ने राज्य में चुनाव के लिए कुल 75,032 मतदान केंद्र बनाए हैं। (हिन्दी व्यापार के साथ) (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव बीजेपी सूची(टी)बीजेपी उम्मीदवार सूची तमिलनाडु(टी)अन्नामलाई बीजेपी टिकट समाचार(टी)एल मुरुगन अविनाशी सीट(टी)तमिलिसाई सुंदरराजन मायलापुर(टी)बीजेपी तमिलनाडु रणनीति(टी)कोयंबटूर उत्तर बीजेपी उम्मीदवार(टी)भारत चुनाव समाचार(टी)बीजेपी नवीनतम उम्मीदवारों की सूची(टी)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव(टी)बीजेपी(टी)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)तमिलनाडु चुनाव 2026(टी)चुनाव 2026(टी)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव बीजेपी सूची(टी)बीजेपी उम्मीदवार सूची(टी)अन्नामलाई टिकट खबर(टी)एल मुरुगनजनानी सीट(टी)तमिलिसाई सौंदर्यराजन मलयपुर(टी)बीजेपी रणनीति लेबल(टी)कोयंबतूर उत्तर उम्मीदवार(टी)चुनाव समाचार भारत(टी)बीजेपी ताज़ा लिस्ट

‘सैयारा’ के बाद अहान पांडे को मिली दूसरी फिल्म:डायरेक्टर ने शूटिंग से एक्टर का लुक शेयर किया, शरवरी के साथ करेंगे रोमांस

‘सैयारा’ के बाद अहान पांडे को मिली दूसरी फिल्म:डायरेक्टर ने शूटिंग से एक्टर का लुक शेयर किया, शरवरी के साथ करेंगे रोमांस

फिल्ममेकर अली अब्बास जफर ने अपनी अगली फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी है। फिल्म अभी अनटाइटल्ड है और यह यश राज फिल्म्स के बैनर तले बनेगी। जिसमें सैयारा से डेब्यू करने वाले अहान पांडे लीड रोल में होंगे। इसके अलावा फिल्म में शरवरी वाघ, ऐश्वर्य ठाकरे और बॉबी देओल भी होंगे। फिल्म को लेकर जानकारी देते हुए अली अब्बास जफर ने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, “और यह शुरू होता है।” साथ ही उन्होंने एक तस्वीर शेयर की, जिसमें अहान पांडे की इंटेंस आंखें और एक क्लैपबोर्ड दिखाई दे रहा है। यह उनके किरदार की शुरुआती झलक मानी जा रही है, जिसमें एक्शन और रोमांस के एलिमेंट्स मिले हुए हैं। बता दें कि यह फिल्म आदित्य चोपड़ा और अली अब्बास जफर की पांचवीं फिल्म होगी। इससे पहले दोनों मेरे ब्रदर की दुल्हन, गुंडे, सुल्तान और टाइगर जिंदा है, में साथ काम कर चुके हैं। फिल्म में रोमांस के साथ एक्शन भी होगा फिल्म को लेकर आईएएनएस के साथ बातचीत में एक सूत्र ने बताया कि सैयारा की बॉक्स ऑफिस सफलता के बाद अहान पांडे को जेन Z के प्रमुख मेल एक्टर्स में माना जा रहा है। वहीं शरवरी मुंज्या जैसी 100 करोड़ रुपए की फिल्म का हिस्सा रह चुकी हैं। सूत्र के अनुसार, दोनों कलाकारों ने अपनी एक्टिंग के दम पर दर्शकों को सिनेमाघरों तक लाने की क्षमता दिखाई है। इसी वजह से बड़े फिल्ममेकर इन पर भरोसा जता रहे हैं। सूत्र ने यह भी कहा कि अली अब्बास जफर इस जोड़ी के साथ एक ऐसी फिल्म बना रहे हैं जिसमें रोमांस मुख्य होगा और साथ में एक्शन भी शामिल रहेगा। लंबे समय बाद नए कलाकारों के साथ ऐसी फिल्म बनाई जा रही है, जिनकी बॉक्स ऑफिस पर पहचान बन चुकी है।

मरीज निगल गया अपने ही नकली दांत, फूड पाइप में फंसे, बिना सर्जरी गंगाराम के डॉक्टरों ने निकाले बाहर

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Gangaram Hospital News: आमतौर पर छोटे बच्चे कुछ चीजें निगल लेते हैं और गले में फंसने पर उन्हें डॉक्टरों के पास ले जाना पड़ता है, लेकिन दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में एक अच्छी-खासी उम्र का मरीज पहुंचा गले में तेज दर्द और तकलीफ के साथ पहुंचा जो गलती से अपना ही डेंचर यानि नकली दांतों की पूरी प्लेट को निगल गया. यह प्लेट उसके गले से नीचे फूड पाइप में फंस गई थी. सर गंगाराम अस्पताल के डॉक्टरों ने मरीज को देखने के बाद तुरंत एंडोस्कोपी तकनीक से जांच करने का फैसला किया और फिर इस क्रिटिकल केस में फूड पाइप में फंसी डेंचर एंडोस्कोपिक तकनीक और लेजर की मदद से सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया. सबसे खास बात रही कि मरीजों को बड़ी सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ी, वरना मरीज के लिए बहुत ज्यादा दिक्कत हो जाती. यह मरीज गंभीर सांस लेने में तकलीफ और गले में तेज दर्द की शिकायत के साथ अस्पताल पहुंचा था.जांच में पता चला कि उसने गलती से अपनी डेंचर निगल ली थी, जो फूड पाइप और सांस की नली के जंक्शन के ठीक नीचे, क्रिकोफैरिंक्स हिस्से में फंस गई थी.इसके कारण मरीज को निगलने में कठिनाई और सीने में तेज दर्द हो रहा था. इस दौरान मरीज की इमेजिंग जांच में सामने आया कि डेंचर फूड पाइप के संवेदनशील हिस्से में मजबूती से फंसी हुई थी और उसमें लगे तेज धातु के क्लैस्प (क्लिप) अन्न नली को नुकसान पहुंचा सकते थे. मामले को चुनौतीपूर्ण बताते हुए गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट और चेयरमैन, इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एंड पैनक्रियाटोबिलियरी साइंसेज डॉ.अनिल अरोड़ा ने कहा, ‘डेंचर बड़ा उपकरण है और यह हमारे सामने आए सबसे कठिन मामलों में से एक था. पारंपरिक तरीकों से इसे निकालने में गंभीर चोट का खतरा था.’ उन्होंने आगे बताया कि जब शुरुआती प्रयास सफल नहीं हुए, तो डॉक्टरों ने उन्नत तकनीक अपनाई. एंडोस्कोपिक गाइडेंस के तहत लेजर बीम की मदद से डेंचर को अन्न नली के अंदर ही छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा गया, ताकि उसे सुरक्षित तरीके से अलग किया जा सके.इसके बाद ऊपरी अन्न नली में एक प्रोटेक्टिव ओवरट्यूब डाली गई, जिससे तेज टुकड़ों से ऊतकों को सुरक्षित रखते हुए हर हिस्से को सावधानीपूर्वक बाहर निकाला गया. वहीं डॉ. श्रीहरि अनिखिंदी ने कहा कि लेजर की मदद से डेंचर को सुरक्षित रूप से काटकर निकालना संभव हुआ. जबकि ओवरट्यूब ने अन्न नली को सुरक्षा दी, जिससे बिना ओपन सर्जरी के यह प्रक्रिया पूरी की जा सकी. डॉक्टरों के अनुसार, इस उन्नत तकनीक से मरीज को बड़ी सर्जरी के जोखिम और जटिलताओं से बचाया जा सका.

इंदौर में नाश्ता 1 से 10 रुपए तक महंगा:सराफा, 56 दुकान, चौपाटी पर पोहे, कचोरी, समोसे, पेटीज के दाम बढ़े; थाली भी महंगी

इंदौर में नाश्ता 1 से 10 रुपए तक महंगा:सराफा, 56 दुकान, चौपाटी पर पोहे, कचोरी, समोसे, पेटीज के दाम बढ़े; थाली भी महंगी

शहर में एलपीजी की किल्लत और पीएनजी के रेट बढ़ने का असर अब आम लोगों की थाली पर साफ दिखने लगा है। 56 दुकान, सराफा बाजार और अन्य चाट-चौपाटियों पर खाने-पीने की चीजों के दाम 1 से 10 रुपए तक बढ़ गए हैं। पोहा, चाय, समोसा, कचोरी से लेकर चाइनीज आइटम तक महंगे हो गए हैं। इसका सीधा असर ग्राहकी पर भी पड़ा है। शहर के फूड हब 56 दुकान और सराफा बाजार में रेट बढ़ोतरी के बाद दुकानों पर ग्राहकों की संख्या में कमी देखने को मिल रही है। होटल और स्टॉल संचालकों का कहना है कि बढ़ती लागत के कारण दाम बढ़ाना मजबूरी हो गया है। 400 का खाना अब 800 तक पहुंचा ग्राहकों के मुताबिक, जहां पहले 400-500 रुपए में दो लोगों का खाना हो जाता था, अब वही खर्च 700-800 रुपए तक पहुंच गया है। मिडिल क्लास परिवारों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा है। पहले जहां लोग हफ्ते में 2-3 बार बाहर खाना खाते थे, अब यह घटकर एक बार या उससे भी कम हो गया है। 56 का जॉनी हॉट डॉग 30 से बढ़कर 35 का हुआ, पानीपुरी के दाम 10 रुपए बढ़े 56 दुकान स्थित विजय चाट हाउस के संचालक मृदुल ठाकर ने बताया कि इस बार रॉ मटेरियल के दाम में तेजी के कारण हमें खाने की चीजों के दाम 1 से 3 रुपए तक बढ़ाना पड़े हैं। मधुरम स्वीट्स के संचालक श्याम शर्मा ने कहा कि सभी वस्तुओं के दाम बढ़ने के कारण हमें अपने यहां 5 से 7 प्रतिशत तक दाम बढ़ाने पड़े हैं7 जॉनी हॉट डॉग के संचालक ने बताया कि पहले हॉट डॉग 30 रुपए में दे रहे थे, लेकिन अब इसके दाम बढ़ाकर 35 रुपए किये गए है। 56 दुकान पर जो पानी पुरी 30 रुपए प्लेट मिल रही थी, उसके दाम बढ़कर 40 रुपए हो गए हैं। अनूप नगर स्थित पार्श्वनाथ रेस्टोरेंट के संचालक हितेश जैन ने बताया कि पहले मूंगफली तेल का डिब्बा 2600 रुपए में आ रहा था। लेकिन यही तेल अब 3100 से 3200 रुपए में मिल रहा है। इसके चलते हमें नाश्ते के दाम में 5 रुपए बढ़ाना पड़े हैं। उत्साह होटल के संचालक राजेंद्र धनोतिया ने बताया कि दाल, तेल, मसाले और गैस सभी महंगे हो गए हैं। कच्चे माल की लागत 20-25% तक बढ़ चुकी है। कुछ आइटम्स के दाम बढ़ाने पड़े हैं, हालांकि हम पूरी तरह कीमत नहीं बढ़ाना चाहते। वहीं होटल संचालक रवि देवांग का कहना है कि सिलेंडर की कमी के कारण परेशानी बढ़ गई है। रवि ने कहा पुरानी बुकिंग पर रेट नहीं बढ़ा सकते, लेकिन नई बुकिंग बढ़े हुए दाम पर ही ले रहे हैं। फिलहाल कम प्रॉफिट में काम करना पड़ रहा है। चाय भी महंगी: 10 से बढ़कर 14 रुपए पर पहुंची एमजी रोड के चाय विक्रेता दिलीप यादव ने बताया कि पहले 10 रुपए में मिलने वाली चाय अब 14 रुपए की हो गई है। गैस सिलेंडर महंगा मिलने से रेट बढ़ाना पड़ा, कोई दूसरा विकल्प नहीं था। इसलिए महंगा हो रहा खाना

गर्मी में थकान का रामबाण, यह पारंपरिक मिठाई देती है तुरंत एनर्जी और ठंडक, एक्सपर्ट से जानें नाम और सेवन का सही तरीका

खुले आसमान के नीचे बेहतरीन स्वाद का मजा...इन होटलों में हर बाइट लगे Bliss!

Last Updated:April 03, 2026, 14:22 IST पलामू जिले के आयुर्वेद के जानकर पुरुषार्थी पवन आर्य ने बताया कि बताशा एक पारंपरिक मिठाई है, जो चीनी या गुड़ के घोल से तैयार की जाती है. सफेद रंग की यह हल्की मिठाई लंबे समय से मेहमान नवाजी और गर्मी में राहत देने के लिए इस्तेमाल होती रही है. बताशा में कार्बोहाइड्रेट और ग्लूकोज की पर्याप्त मात्रा होती है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करती है. गर्मी का मौसम शुरू होते ही शरीर में पानी की कमी और थकान की समस्या बढ़ जाती है. तेज धूप और पसीने के कारण शरीर जल्दी कमजोर महसूस करने लगता है. ऐसे में लोग ठंडे पेय और मीठी चीजों का सेवन करते हैं, लेकिन कई बार बाजार में मिलने वाले पेय पदार्थ स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक भी साबित होते हैं. वहीं पारंपरिक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली कुछ चीजें आज भी सुरक्षित और फायदेमंद मानी जाती हैं. इन्हीं में से एक है बताशा, जो गर्मियों में शरीर को ठंडक और तुरंत ऊर्जा देने के लिए जाना जाता है. पलामू जिले के आयुर्वेद के जानकर पुरुषार्थी पवन आर्य ने बताया कि बताशा एक पारंपरिक मिठाई है, जो चीनी या गुड़ के घोल से तैयार की जाती है. सफेद रंग की यह हल्की मिठाई लंबे समय से मेहमान नवाजी और गर्मी में राहत देने के लिए इस्तेमाल होती रही है. आयुष चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार बताशा में कार्बोहाइड्रेट और ग्लूकोज की पर्याप्त मात्रा होती है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करती है. गर्मियों में ठंडे पानी के साथ इसका सेवन करने से शरीर में तरोताजगी आती है और कमजोरी महसूस नहीं होती. गर्मियों में देता है तुरंत एनर्जीबताशा का सेवन बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी कर सकते हैं. इसमें मौजूद शर्करा शरीर में तुरंत घुलकर ऊर्जा का स्तर बढ़ाती है. तेज धूप में बाहर से आने के बाद यदि ठंडे पानी के साथ तीन से चार बताशे खाए जाएं तो शरीर को राहत मिलती है. इससे थकान दूर होती है और शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है.कई लोग इसे प्राकृतिक एनर्जी बूस्टर के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं. पुराने समय में जब यात्रा के साधन सीमित थे, तब लंबी दूरी तय करके आने वाले मेहमानों को बताशा और पानी दिया जाता था. माना जाता था कि इससे यात्रा की थकान तुरंत दूर हो जाती है. आज भी झारखंड और बिहार के कई क्षेत्रों में यह परंपरा देखने को मिलती है. बाजार में आसानी से मिलने वाला यह सस्ता और हल्का विकल्प गर्मियों में लोगों की पसंद बना हुआ है. इसके सेवन से ग्लूकोज की होती है पूर्तिगर्मी के दिनों में शरीर को ठंडक देने और तुरंत ऊर्जा पाने के लिए बताशा उपयोगी माना जाता है. ठंडे पानी के साथ इसका सेवन करने से शरीर में ग्लूकोज की पूर्ति होती है. कमजोरी दूर होती है. हालांकि विशेषज्ञ संतुलित मात्रा में सेवन की सलाह देते हैं.पारंपरिक मिठाई होने के बावजूद आज भी लोगों के लिए गर्मियों में राहत देने वाला आसान और असरदार विकल्प बना हुआ है. Location : Palamu,Jharkhand First Published : April 03, 2026, 14:22 IST

Airlines ATF Price Hike | Govt Meeting Indigo Fare Increase

Airlines ATF Price Hike | Govt Meeting Indigo Fare Increase

नई दिल्ली32 मिनट पहले कॉपी लिंक एयरलाइंस के लिए जेट-फ्यूल सबसे बड़ा खर्च होता है। कुल ऑपरेटिंग खर्च में इसकी हिस्सेदारी 40% होती है। एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी एटीएफ की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद कई एयरलाइंस ने फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया है। इससे यात्रियों पर बढ़ते बोझ को देखते हुए केंद्र सरकार अब इस मामले में हस्तक्षेप करने की तैयारी में है। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार जल्द ही एयरलाइंस के साथ मीटिंग कर सकती है ताकि आम लोगों को महंगे सफर से राहत मिल सके। सरकार ने अभी तक कोई लिखित निर्देश तो जारी नहीं किया है, लेकिन एयरलाइंस से उनकी प्राइसिंग स्ट्रैटेजी को लेकर स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्री किरायों में बढ़ोतरी न हो। घरेलू उड़ानों पर 8.5% और इंटरनेशनल पर दोगुना हुए दाम एटीएफ की कीमतों में हाल ही में सोझ समझकर बढ़ोतरी की गई थी। सरकार ने एविएशन सेक्टर को सपोर्ट देने के लिए कीमतों में कुल 25% की बढ़ोतरी की अनुमति दी थी। हालांकि, आम यात्रियों को राहत देने के लिए घरेलू ऑपरेशंस के लिए प्रभावी बढ़ोतरी को करीब 8.5% तक ही सीमित रखा गया था। वहीं इंटरनेशनल ऑपरेशंस और चार्टर्ड फ्लाइट्स के लिए एटीएफ के दाम लगभग दोगुने हो गए हैं। यह 96,638.14 रुपए प्रति किलोलीटर से बढ़कर 2,07,341.22 रुपए प्रति किलोलीटर पर पहुंच गया है। घरेलू एटीएफ की कीमत अब 1,04,927.18 रुपए प्रति किलोलीटर हो गई है। एटीएफ कीमतों में बदलाव कैटेगरी पुरानी कीमत (₹प्रति किलोलीटर) नई कीमत (₹प्रति किलोलीटर) बदलाव इंटरनेशनल एटीएफ ₹96,638 ₹2,07,341 +114% डोमेस्टिक एटीएफ ₹96,638 ₹1,04,927 +8.5% इंडिगो ने 10 हजार रुपए तक फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया भले ही सरकार ने घरेलू स्तर पर बोझ कम रखने की कोशिश की, लेकिन देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने फ्यूल सरचार्ज में बदलाव किया। इंडिगो ने पहले के 425 रुपए के फ्लैट सरचार्ज को हटाकर अब दूरी के हिसाब से नया स्ट्रक्चर लागू किया है। डोमेस्टिक रूट्स: अब दूरी के आधार पर 275 रुपए से लेकर 950 रुपए तक का फ्यूल सरचार्ज लगेगा। कम दूरी की उड़ानों के लिए यह राहत की बात है, लेकिन लंबी दूरी की घरेलू उड़ानें महंगी हो गई हैं। इंटरनेशनल रूट्स: यहां सबसे ज्यादा असर पड़ा है। यूरोप जैसे लॉन्ग-हॉल रूट्स पर इंडिगो ने फ्यूल सरचार्ज 10,000 रुपए तक बढ़ा दिया है। ये नई दरें 2 अप्रैल से लागू हो चुकी हैं। जेट फ्यूल एयरलाइंस की लागत का 40% हिस्सा एविएशन सेक्टर के जानकारों का कहना है कि किसी भी एयरलाइन के कुल ऑपरेटिंग कॉस्ट (परिचालन लागत) में फ्यूल का हिस्सा करीब 40% होता है। ऐसे में एटीएफ की कीमतों में मामूली बदलाव भी एयरलाइंस के मुनाफे पर सीधा असर डालता है। एयरलाइंस का तर्क है कि लागत बढ़ने की वजह से वे इस बोझ को यात्रियों पर डालने के लिए मजबूर हैं। सरकार के हस्तक्षेप से क्या किराया कम होगा? मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि केंद्र सरकार के दखल के बाद एयरलाइंस को अपने बढ़े हुए सरचार्ज पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है। सरकार चाहती है कि एयरलाइंस पूरा बोझ ग्राहकों पर न डालें, बल्कि इसे धीरे-धीरे एडजस्ट करें। अगर बातचीत सफल रहती है, तो आने वाले दिनों में कुछ रूट्स पर सरचार्ज में कटौती या रोलबैक देखने को मिल सकता है। क्या होता है फ्यूल सरचार्ज? जब तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में बहुत बढ़ जाती हैं, तो एयरलाइंस बेस फेयर (आधार किराया) बढ़ाने के बजाय टिकट पर एक अतिरिक्त शुल्क जोड़ देती हैं, जिसे फ्यूल सरचार्ज कहते हैं। तेल की कीमतें कम होने पर इसे घटाया या हटाया जा सकता है, जबकि बेस फेयर में बदलाव करना थोड़ा जटिल होता है। ये खबर भी पढ़ें… इंडिगो की घरेलू उड़ानें ₹950, इंटरनेशनल ₹10,000 तक महंगी: 18 दिन में दूसरी बार किराया बढ़ा; फ्यूल महंगा होने से एक्स्ट्रा चार्ज लगेगा देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो की फ्लाइट्स गुरुवार से महंगी हो जाएंगी। एयरलाइन ने घरेलू उड़ानों में अधिकतम ₹950 तक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स में ₹10,000 तक एक्स्ट्रा फ्यूल चार्ज लगाया है। नई कीमतें 2 अप्रैल रात 12:01 बजे से लागू होंगी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

बिना चीरा, बिना दर्द! AI ने बदली आंखों की सर्जरी, जानिए क्या है 4D कैटरैक्ट सर्जरी और कितना आएगा खर्च

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Last Updated:April 03, 2026, 14:12 IST 4D cataract AI Surgery: देश के टॉप आंखों के विशेषज्ञ डॉ राहील चौधरी ने बताया कि 4D कैटरैक्ट AI सर्जरी में पहले AI की मदद से आंख की पूरी 4D मैपिंग हो जाती है. जिसमें ऑपरेशन करने से पहले ही AI तकनीक मैपिंग से बता देती है कि यह ऑपरेशन किस तरह से किया जाएगा. उनका कहना था कि इस वक्त भारत में यह मोतियाबिंद ऑपरेशन (Cataract Surgery) करने की सबसे टॉप तकनीक है. दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के आने के बाद से यह टेक्नोलॉजी अब हमारी रोजमर्रा की जिंदगी से लेकर हेल्थकेयर सिस्टम तक में अपनी मजबूत पकड़ बना चुकी है. खास बात यह है कि अब भारत के हेल्थकेयर सेक्टर में भी AI एक अहम भूमिका निभा रहा है. कई बड़े और क्रिटिकल ऑपरेशंस अब देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से किए जा रहे हैं. आंखों के इलाज में भी इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है. खासतौर पर मोतियाबिंद के ऑपरेशन में अब खास तरह की AI टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जा रहा है. इसी नई तकनीक के बारे में जानने के लिए जब हमने देश के टॉप आंखों के विशेषज्ञ डॉ. राहील चौधरी से बात की, तो उन्होंने विस्तार से बताया कि यह तकनीक कैसे काम करती है और पुराने तरीकों से किस तरह अलग और एडवांस है. 4D कैटरैक्ट AI सर्जरी क्या है डॉ. राहील के मुताबिक 4D कैटरैक्ट AI सर्जरी, पुराने तरीकों की तुलना में काफी एडवांस, सटीक और सेफ मानी जाती है. पहले जो फेको सर्जरी होती थी, उसमें डॉक्टर को मोतियाबिंद निकालने के लिए आंख में एक चीरा लगाना पड़ता था, फिर अंदर जाकर ऑपरेशन किया जाता था. इस प्रक्रिया में मरीज को थोड़ी तकलीफ अधिक होती थी और रिकवरी में भी समय लगता था. इसके बाद रोबोटिक आई सर्जरी शुरू हुई, जिसमें कम समय में ऑपरेशन हो जाता था और मरीज की रिकवरी भी जल्दी हो जाती थी. हालांकि इसमें एक दिक्कत थी कि जब अल्ट्रासोनिक एनर्जी की मदद से मोतियाबिंद को तोड़ा और साफ किया जाता था, तो यह एनर्जी आंख के आसपास के टिश्यू को भी हल्का नुकसान पहुंचा सकती थी. यही कमी 4D कैटरैक्ट AI सर्जरी ने दूर की है.  4D मैपिंग से और ज्यादा सटीक इलाज डॉ. राहील बताते हैं कि 4D कैटरैक्ट AI सर्जरी में सबसे पहले आपकी आंख की 4D मैपिंग की जाती है. इस मैपिंग के आधार पर यह तकनीक पहले से ही बता देती है कि सर्जरी के दौरान कौन-कौन से स्टेप होंगे, किस एंगल से काम किया जाएगा और अल्ट्रासोनिक एनर्जी कहां और कितनी देनी है. यानी सर्जरी शुरू होने से पहले ही एक तरह का ब्लूप्रिंट तैयार हो जाता है, जिससे डॉक्टर को पूरे ऑपरेशन की सटीक प्लानिंग मिल जाती है. इसके बाद इसी AI गाइडेंस की मदद से नियंत्रित मात्रा में अल्ट्रासोनिक एनर्जी आंख में दी जाती है और मोतियाबिंद को साफ किया जाता है. इस प्रक्रिया में आसपास के टिश्यू को नुकसान पहुंचने की संभावना बहुत कम हो जाती है और सर्जरी ज्यादा सुरक्षित और प्रिसाइज मानी जाती है. कितना महंगा है यह ऑपरेशन जब डॉ. राहील से 4D कैटरैक्ट AI सर्जरी की लागत के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि मोतियाबिंद का ऑपरेशन सरकारी अस्पतालों में भी होता है और प्राइवेट में भी. सरकारी अस्पतालों में कई तकनीकों की मदद से मोतियाबिंद का ऑपरेशन मुफ्त या बहुत कम खर्च में हो जाता है. वहीं प्राइवेट सेक्टर में मोतियाबिंद की सर्जरी का खर्च आमतौर पर लगभग ₹1.5 लाख से लेकर ₹3 लाख तक जा सकता है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुल खर्च काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि ऑपरेशन के बाद आंख में कौन सा लेंस डलवाया जा रहा है. अगर आप केवल पास की नजर वाला लेंस चुनते हैं तो ऑपरेशन अपेक्षाकृत सस्ता रहता है. अगर आप ऐसा लेंस लगवाते हैं जो पास और थोड़ी दूर दोनों दूरी की नजर को ठीक करे, तो लागत थोड़ी बढ़ जाती है. वहीं अगर आप ऐसा एडवांस लेंस चुनते हैं जो पास, मध्यम और बहुत दूर की नजर तीनों को साफ रखे और आपको चश्मे पर निर्भर न रहना पड़े, तो ऐसे लेंस के साथ ऑपरेशन की कीमत और ज्यादा हो जाती है. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें Location : North Delhi,Delhi First Published : April 03, 2026, 14:12 IST