परवीन बाबी को सिगरेट पीते देख डायरेक्टर ने फिल्म दी:शाही परिवार से थीं; 3 लिव-इन रिलेशनशिप रहे, अमिताभ बच्चन को मानती थीं हत्यारा

करीब साढ़े 400 साल पहले पश्तून बाबी वंश मुगल शासक हुमायूं के साथ गुजरात पहुंचा। यह अफगानिस्तान का शाही परिवार था, जो मुगल साम्राज्य का अहम हिस्सा बना और कई रियासतों पर शासन किया। मुगल सत्ता कमजोर होने पर बाबी और मराठा (गायकवाड़ वंश) में जंग हुई, जिसमें मराठाओं ने अधिकांश गुजरात पर कब्जा किया, लेकिन बाबी ने जुनागढ़, राधनपुर और बालासिनोर पर शासन जारी रखा। मोहम्मद महाबत खान-3, जूनागढ़ की रियासत के आखिरी नवाब रहे। महाबत खान के एक करीबी रिश्तेदार थे वली मोहम्मद खान बाबी। उन्होंने 1940 में जमाल बख्ते बाबी से शादी की। सालों तक उन्हें संतान नहीं हुई। 1947 में ब्रिटिश हुकूमत खत्म होने पर रियासतें खत्म कर सरकारें बनाई जाने लगीं और भारत-पाकिस्तान का बंटवारा हुआ। 15 अगस्त 1947 को आखिरी नवाब महाबत खान ने जूनागढ़ को पाकिस्तान में शामिल करने की घोषणा की, जिस पर लोगों ने आपत्ति जताई। 20 फरवरी 1948 के जनमत में 99% से ज्यादा लोगों ने भारत में शामिल होने का फैसला किया। जब सरकार बनी तो जूनागढ़ के नवाब माहबत के करीबी रिश्तेदार वली मोहम्मद खान की भी रियासत ले ली गई और बदले में उन्हें 100 बीघा जमीन यानी 40 एकड़ (17 लाख 42 हजार वर्ग फुट) दी गई। राजशाही खत्म होने के बावजूद वो शाही जिंदगी जीते थे। शादी के 14 साल बाद उनके घर खुशखबरी आई। पत्नी जमाल बख्ते ने जूनागढ़ की शाही हवेली में 4 अप्रैल 1954 को बेटी को जन्म दिया। नाम दिया गया, परवीन सुल्ताना वली मोहम्मद खानजी बाबी। वही परवीन बाबी जो हिंदी सिनेमा की मशहूर और टॉप एक्ट्रेसेस में शामिल रहीं। वही परवीन बाबी जो अपने ग्लैमर, वेस्टर्नाइजेशन और समय से आगे चलने वाली सोच के लिए जानी गईं। जब महिलाएं पर्दे पर भी सिगरेट थामने से कतराती थीं, तब परवीन बाबी मिनी स्कर्ट पहनकर सड़कों पर सिगरेट पीते हुए टहला करती थीं। जब डायरेक्टर बी.आर.इशारा ने उन्हें पहली बार देखा, तब उनकी इसी बोल्डनेस के मुरीद हो गए और उन्हें तुरंत फिल्म ऑफर कर दी। आज परवीन बाबी की 72वीं बर्थ एनिवर्सरी है। अगर आज वो होतीं, तो अपना 72वां जन्मदिन मनातीं। उनकी जिंदगी के आखिरी दिन बेहद दर्दनाक थे। अकेलेपन की हद ये थी कि जब उनकी मौत हुई तो 4 दिनों तक बॉडी बंद घर में सड़ती रही। आज परवीन बाबी की बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर जानिए उनके समय से आगे चलने और जिंदगी से जुड़े कुछ रोचक किस्से- 54 कमरों की हवेली में हुई परवरिश, पढ़ाई के लिए शर्त पर घर छोड़ा शाही परिवार में जन्मीं परवीन बाबी का बचपन जूनागढ़ की 54 कमरों की हवेली में बीता। इकलौती संतान को ऐशोआराम मिला और घर में 6 नौकर थे। 6 साल की उम्र में पिता का कैंसर से निधन हुआ, जिसके बाद वह दीवान चौक की दो मंजिला हवेली में रहने लगीं। शुरुआती पढ़ाई गुजराती मीडियम स्कूल से हुई। 14 साल की उम्र में मां ने उन्हें पढ़ाई के लिए अहमदाबाद भेजा, हालांकि परिवार इसके खिलाफ था। शर्त रखी गई कि जल्दी शादी कराई जाएगी, जिस पर मां मान गईं और उनका दाखिला सेंट जेवियर कॉलेज में हुआ। कॉलेज में कोर्स न होने के बावजूद परवीन बाबी ने खुद फर्राटे दार अंग्रेजी बोलना सीखा। आगे उन्होंने इंग्लिश और साइकोलॉजी में बेचलर डिग्री ली और अंग्रेजी में मास्टर डिग्री। शर्त के अनुसार 15 साल की उम्र में परवीन की सगाई कजिन जमील खान से हुई, जो पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइन्स में पायलट थे। 1971 के भारत-पाक युद्ध के बाद मां ने सगाई तोड़ दी और परवीन को इसकी जानकारी पोस्टकार्ड से मिली। 17 की उम्र में सिगरेट पीती थीं, मिनी स्कर्ट पहनती थीं; यही देख ऑफर हुई फिल्म 1971 में डायरेक्टर बी.आर. इशारा अहमदाबाद में एक नांव दो किनारे की शूटिंग कर रहे थे। भीड़ के बीच उनकी नजर एक लड़की पर पड़ी, जो मिनी स्कर्ट में सिगरेट पी रही थी। लंबी कद-काठी और छरहरे बदन वाली वह लड़की चारमिना सिगरेट थामे हुए थी। वह लड़की परवीन बाबी थीं, जिनकी उम्र 17 साल थी। बी.आर. इशारा समझ गए कि वह खास हैं और उन्होंने फोटोग्राफर से उनकी तस्वीरें लेने को कहा। फोटोग्राफर ने तस्वीरें लीं और बी.आर. इशारा ने परवीन को बुलाकर पूछा- फिल्मों में काम करोगी। आमतौर पर कोई भी लड़की तुरंत हामी भर देती, लेकिन परवीन ने कहा, अगर स्क्रिप्ट पसंद आई तो। बी.आर.इशारा इस एक जवाब में समझ गए कि लड़की में कॉन्फिडेंट की भरमार है। वैसे तो वो कभी अपनी फिल्मों की हीरोइन से किसी तरह का कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं करवाते थे, लेकिन परवीन बाबी का मॉडर्न लुक देख वो भी सोच में पड़ गए। उन्हें लगा कि कहीं ये मॉडर्न ख्यालों वाली लड़की मन न बदल ले। उन्होंने तुरंत कॉन्ट्रैक्ट बनवाया, जिसमें एक ही बात थी कि जब तक उनकी फिल्म नहीं बनती, परवीन किसी दूसरी फिल्म का हिस्सा नहीं बन सकतीं। शाही परिवार से आने के बावजूद परवीन ने फिल्मों में आने का फैसला कर लिया। बेबाक अंदाज में फिल्म मांगी, लॉन्च के लिए डायरेक्टर ने उधार लिया बी.आर. इशारा कॉन्ट्रैक्ट के बाद दूसरी फिल्मों में व्यस्त हो गए और यह बात लगभग भूल गए। इस दौरान परवीन बाबी सितंबर 1971 में कालिको डोम के फैशन शो में शामिल हुईं, जहां साथ काम करने वालीं मॉडल ममता साहू ने उन्हें अपने डायरेक्टर पिता किशोर साहू को सुझाया। किशोर साहू ने परवीन से एक मुलाकात कर उन्हें फिल्म धुंएं की लकीर के लिए फाइनल कर लिया। तभी उन्हें बी.आर.इशारा के कॉन्ट्रैक्ट का पता चला। किशोर साहू ने तुरंत उन्हें कॉल किया और कहा कि जिस हीरोइन से आपका कॉन्ट्रैक्ट है, मैं उसके साथ फिल्म बनाना चाहता हूं। परवीन बाबी का नाम सुनकर उन्हें फिर वो लड़की याद आई। लेकिन उनकी फिल्म बनने में देरी थी, तो उन्होंने कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल कर परवीन को वो फिल्म करने की इजाजत दे दी। कुछ महीने बीते। बी.आर.इशारा, मुंबई के राजकमल स्टूडियो में एक फिल्म की मिक्सिंग के सिलसिले में पहुंचे थे। वो सीढ़ियों पर बैठे सिगरेट पी ही रहे थे कि अचानक परवीन उनके ठीक बाजू में आकर बैठ गईं। उन्होंने न हाल पूछा न कोई और बात की, सीधे कहा- आप मेरे साथ फिल्म क्यों नहीं बनाते। बी.आर.इशारा इस सवाल से घिर गए। उनके जहन
Food Drug Combination Risks; Medication Diet Restriction

Hindi News Lifestyle Food Drug Combination Risks; Medication Diet Restriction | Jaipur Doctor Advice 5 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक आमतौर पर दवाएं लेते समय लोग डोज और टाइमिंग पर ध्यान देते हैं। लेकिन यह नहीं जानते कि दवा के साथ क्या खाना चाहिए और क्या नहीं। कुछ फूड-ड्रग कॉम्बिनेशन नुकसानदायक हो सकते हैं। बैड कॉम्बिनेशन दवा के असर को कम कर सकता है। इसका साइड इफेक्ट भी हो सकता है। इसलिए दवा लेने से पहले उसके लेबल को ध्यान से पढ़ना और ‘फूड-ड्रग इंटरैक्शन’ को समझना बेहद जरूरी है। आज ‘जरूरत की खबर’ में हम ‘फूड-ड्रग इंटरैक्शन’ की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- किन दवाओं के साथ कौन-से फूड लेना रिस्की हो सकता है? दवा और भोजन के बीच कितना गैप जरूरी है? एक्सपर्ट: डॉ. रोहित शर्मा, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर सवाल- फूड-ड्रग इंटरैक्शन (FDI) क्या है? जवाब- यह फूड और दवा के बीच रिएक्शन है। जब दवा किसी फूड के साथ मिलकर पॉजिटिव या नेगेटिव रिएक्ट करती है, इसे FDI कहते हैं। इससे दवा का असर कम या ज्यादा हो सकता है। साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। इसलिए डॉक्टर कुछ दवाएं खाली पेट और कुछ खाने के बाद लेने की सलाह देते हैं, ताकि दवा सही काम करे। इसका मतलब पूरे दिन का खाना नहीं, बल्कि दवा के साथ खाया गया फूड है। सवाल- फूड-ड्रग इंटरैक्शन क्यों होता है? जवाब- इसके कई कारण हैं- कुछ फूड दवा को घुलने या खून में मिलने नहीं देते, जिससे असर कम होता है। लिवर दवा को प्रोसेस करता है, लेकिन कुछ फूड (जैसे ग्रेपफ्रूट) इस प्रक्रिया को धीमा या तेज कर सकते हैं। दवाएं और फूड मिलकर रिएक्ट कर सकते हैं, जिससे साइड इफेक्ट्स होते हैं। इससे विटामिन्स और मिनरल्स का अवशोषण भी प्रभावित हो सकता है। सवाल- क्या किसी भी दवा को किसी भी फूड के साथ लिया जा सकता है? जवाब- नहीं, सभी दवाएं सभी फूड्स के साथ नहीं ली जा सकती हैं। कुछ फूड्स दवा के असर को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए फूड-ड्रग कॉम्बिनेशन का ध्यान रखें। सवाल- ये कैसे पता चलेगा कि किस दवा के साथ क्या फूड नहीं खाना है? जवाब- नीचे पॉइंटर्स में देखिए– यह दवा के सॉल्ट और केमिकल बेस पर निर्भर करता है। फूड और दवा मिलकर नया केमिकल बना सकते हैं। ये दवा को बेअसर कर सकते हैं या गंभीर रिएक्शन पैदा कर सकते हैं। सही कॉम्बिनेशन जानने का कोई यूनिवर्सल साइंटिफिक नियम नहीं है। सही जानकारी मेडिकल गाइडलाइंस में दी जाती है। सही जानकारी दवा के लेबल पर लिखी होती है। दवा पर साफ लिखा होता है- दवा खाली पेट लेनी है या खाने के साथ। साथ में क्या फूड नहीं खाना है। नीचे ग्राफिक में इसे देखिए- सवाल- एंटीबायोटिक दवाओं के साथ कौन-से फूड नहीं लेने चाहिए? जवाब- एंटीबायोटिक दवाओं के साथ ये चीजें न खाएं– दूध दही पनीर कैल्शियम सप्लीमेंट ये दवा से रिएक्ट करके उसका अवशोषण कम कर सकते हैं। सवाल- थायरॉइड की दवा के साथ कौन से फूड नहीं लेने चाहिए? जवाब- इसके साथ सोया प्रोडक्ट्स (जैसे सोयाबीन या सोया मिल्क), अखरोट और हाई-फाइबर फूड नहीं लेने चाहिए। ये चीजें शरीर में दवा के अवशोषण को रोक सकती हैं। सवाल- दवा और फूड के बीच में कितना गैप होना चाहिए? जवाब- नीचे पॉइंटर्स में देखें– ये दवा के सॉल्ट और केमिकल बेस पर निर्भर करता है। कुछ दवाएं खाली पेट बेहतर एब्जॉर्ब होती हैं। कुछ दवाएं खाने के साथ ही लेनी चाहिए। इसलिए गैप की जानकारी लेबल या डॉक्टर से लें। सवाल- अगर गलती से किसी ऐसे फूड या ड्रिंक के साथ दवा ले ली जाए, जो उससे रिएक्ट करती हो, तो इससे क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं? जवाब- इससे दवा का असर कम हो सकता है। कुछ साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। सभी संभावित साइड इफेक्ट्स नीचे ग्राफिक में देखिए- सवाल- बैड फूड-ड्रग इंटरैक्शन होने पर कब तुरंत डॉक्टर की सलाह जरूरी है? जवाब- अगर दवा लेने के बाद असहजता महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। दवा खाने के बाद अगर ये संकेत दिखें तो इग्नोर न करें- तेज चक्कर आए। सांस लेने में दिक्कत हो। सीने में दर्द हो। हार्टबीट बहुत तेज या धीमी हो। लगातार उल्टी हो। बेहोशी आए। एलर्जिक रिएक्शन हों। ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव हो। सवाल- क्या विटामिन सप्लीमेंट्स भी फूड के साथ मिलकर रिएक्ट करते हैं? जवाब- हां, यह बात विटामिन और मिनरल सप्लीमेंट्स पर भी लागू होती है। कई सप्लीमेंट्स भी फूड या दूसरी दवाओं के साथ मिलकर पॉजिटिव और नेगेटिव रिएक्ट कर सकते हैं। जैसेकि– कैल्शियम और आयरन एक-दूसरे का अवशोषण कम कर सकते हैं। वहीं आयरन सप्लीमेंट अगर साइट्रिक फूड के साथ लें तो उसका एब्जॉर्प्शन बढ़ जाता है। दूध आयरन का एब्जॉर्प्शन कम करता है, जबकि विटामिन–D का बढ़ाता है। हाई-फाइबर फूड कुछ विटामिन्स के असर को घटा सकता है इसलिए सप्लीमेंट्स में भी सही समय और फूड गैप का ध्यान रखें। ………………….. जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- गर्मियों में स्ट्रीट फूड न खाएं: 8 हेल्थ प्रॉब्लम्स का रिस्क, अगर खाने की मजबूरी हो तो ये 12 बातें ध्यान रखें गर्मियों में तापमान बढ़ने से डिहाइड्रेशन और फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए अतिरिक्त सावधानी जरूरी है। गर्मियों में स्ट्रीट फूड या बाहर का खाना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। पूरी खबर पढ़िए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
सेहत का विज्ञान- गर्मियों के लिए समर हेल्थ गाइड:हीट, डिहाइड्रेशन से बचना है तो बदलें खानपान, जानें सही डाइट, न करें 4 गलतियां

गर्मियों में सिर्फ कम खाना ही नहीं, बल्कि सही और समझदारी से खाना ज्यादा जरूरी होता है। तेज गर्मी में शरीर पसीने के जरिए पानी के साथ-साथ जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे सोडियम और पोटेशियम भी खो देता है। इससे डिहाइड्रेशन, थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। साथ ही भूख कम लगना और पाचन धीमा होना भी आम समस्या है। ‘इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च’ की डाइटरी गाइडलाइंस के अनुसार, इस मौसम में पानी से भरपूर, हल्का और आसानी से पचने वाला खाना शरीर को बेहतर सपोर्ट करता है। गर्मियों ये खाएं, हाइड्रेशन और पाचन सही रहेगा इन्हें कैसे और कब खाना सबसे फायदेमंद? सुबह: पानी, तरबूज, खरबूजा या नींबू पानी। मिड-मॉर्निंग: छाछ या नारियल पानी। गोंद कतीरा: भिगोकर ½–1 चम्मच, दिन में (सुबह या दोपहर)। दोपहर: हल्का खाना- दाल, दही, मौसमी सब्जी और सलाद। शाम: फल, नट्स या भुने चने और छाछ। रात: जल्दी और हल्का खाएं। सूप या दाल-चावल के साथ लौकी/तोरी या दही-चावल। ऐसी 4 गलतियां, जो गर्मियों में नहीं करनी चाहिए गर्मियों में अक्सर हम प्यास बुझाने या पेट भरने के चक्कर में ऐसी गलतियां करते हैं, जो शरीर को ठंडा रखने की बजाय बीमारी और डिहाइड्रेशन का कारण बन जाती हैं। 1. ज्यादा कैफीन से डिहाइड्रेशन मायो क्लिनिक के अनुसार, 2–3 कप तक कैफीन आमतौर पर सुरक्षित होती है, लेकिन ज्यादा मात्रा लेने पर डिहाइड्रेशन बढ़ सकता है। कैफीन पेशाब के जरिए शरीर से पानी और सोडियम बाहर निकालती है। इसलिए गर्मियों में ज्यादा कैफीन लेने से शरीर में पानी की कमी और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन हो सकता है। 2. बहुत ठंडा पानी पीने से पाचन धीमा बहुत ठंडा पानी पीने से शरीर में थोड़े समय के लिए ब्लड सर्कुलेशन बदल सकता है। नेचर साइंटिफिक रिपोर्ट्स यूके के अनुसार, ठंड से ब्लड वेसल्स सिकुड़ती हैं और पाचन थोड़ा धीमा हो सकता है। 4-5°C का पानी पीने पर शरीर उसे सामान्य तापमान तक लाने में ज्यादा ऊर्जा खर्च करता है। कुछ मामलों में ठंडा पानी माइग्रेन, ब्लोटिंग या रिफ्लक्स बढ़ सकता है। 3. ज्यादा शुगर और कोल्ड ड्रिंक्स से सुस्ती गर्मियों में ज्यादा शुगर वाले ड्रिंक्स या मीठा खाना प्यास और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ाता है। शुगर तुरंत एनर्जी देती है, लेकिन थोड़ी देर बाद थकान और सुस्ती महसूस होने लगती है। ज्यादा शुगर से शरीर का इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बिगड़ सकता है, वजन बढ़ सकता है और हीट एग्जॉशन का खतरा भी बढ़ जाता है। 4. रात को भारी खाना न खाएं गर्मियों में रात को भारी और मसालेदार खाना पाचन पर ज्यादा दबाव डालता है और शरीर का तापमान बढ़ा सकता है। ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन अमेरिका’ की स्टडी के अनुसार, मसालेदार खाना नींद को प्रभावित कर सकता है। इसलिए रात में हल्का और कम मसाले वाला खाना बेहतर रहता है, ताकि पाचन सही रहे और नींद भी अच्छी आए। रेणु रखेजा जानी-मानी न्यूट्रिशनिस्ट एवं हेल्थ कोच हैं। @consciouslivingtips
Vaibhav Sooryavanshi; GT vs RR IPL 2026 LIVE Score Update

स्पोर्ट्स डेस्क48 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL में शनिवार का दूसरा मैच गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेला जाएगा। यह इस सीजन का नौवां मुकाबला होगा। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। टॉस 7 बजे होगा। राजस्थान ने अपना पहला मैच चेन्नई के खिलाफ जीता। वहीं गुजरात को पंजाब किंग्स के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। IPL में गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स 8 बार आमने-सामने हुई हैं। इसमें GT ने 6 और RR ने 2 मैच जीते। पिछले सीजन दोनों टीमों ने आपसी हुए दो मुकाबले में एक-एक मैच जीते थे। वैभव पर रहेगी नजर इस मैच में राजस्थान रॉयल्स को मजबूत माना जा रहा है। सबसे बड़ी वजह है 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का शानदार फॉर्म। वैभव ने IPL 2026 के अपने पहले मैच में चेन्नई के खिलाफ सिर्फ 15 गेंदों में 50 रन ठोक दिए थे। उन्होंने 17 गेंदों पर 52 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और 5 छक्के शामिल थे। हालांकि, इस बार उनका सामना कागिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे इंटरनेशनल पेस अटैक से होगा, जो उनके लिए बड़ा टेस्ट साबित हो सकता है। गुजरात के पास पेस बॉलिंग अटैक गुजरात टाइटंस के पास कागिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा की तिकड़ी है। कप्तान शुभमन गिल ने पिछले मैच में 39 रन बनाए थे। वहीं टीम की बैटिंग चिंता का विषय रही है। गिल, जोस बटलर और साई सुदर्शन तेजी से रन नहीं बना पा रहे हैं। मिडिल ऑर्डर भी ज्यादा भरोसेमंद नहीं दिखा है। नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच रिपोर्ट अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच आमतौर पर बैलेंस्ड मानी जाती है। शुरुआत में तेज गेंदबाजों को स्विंग और बाउंस मिलता है, लेकिन बाद में बल्लेबाजी आसान हो जाती है। शाम के मैचों में ड्यू अहम भूमिका निभाती है, जिससे दूसरी पारी में बल्लेबाजी आसान हो जाती है। ऐसे में टॉस जीतकर टीमें चेज करना पसंद करती हैं। इस मैदान पर अब तक 44 IPL मैच खेले गए हैं। पहले बैटिंग करने वाली टीम ने 22 और चेज करने वाली टीम ने भी 22 मैच जीते हैं। हाल के मैचों में यहां औसत स्कोर 200+ रहा है और पेसर्स को स्पिनर्स से ज्यादा सफलता मिली है। ऐसे में यह मुकाबला हाई-स्कोरिंग हो सकता है और पहली पारी में 220 रन का स्कोर सुरक्षित माना जा सकता है। वेदर रिपोर्ट अहमदाबाद में मैच के दिन मौसम काफी गर्म रहने वाला है। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शाम के समय भी तापमान 35°C के आसपास रह सकता है। बारिश की संभावना बिल्कुल भी नहीं है। पॉसिबल प्लेइंग-XII गुजरात टाइटंस- शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), ग्लेन फिलिप्स, वॉशिंगटन सुंदर, शाहरुख खान, राहुल तेवतिया, राशिद खान, कागिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और अशोक शर्मा । राजस्थान रॉयल्स- यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), शिमरन हेटमायर, रवींद्र जडेजा, रवि बिश्नोई, जोफ्रा आर्चर, नांद्रे बर्गर और संदीप शर्मा और दसुन शनाका। —————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL-2026 का पहला डबल हेडर आज:पहले मैच में दिल्ली का सामना मुंबई से, MI से जुड़े कीवी कप्तान मिचेल सैंटनर IPL में 19वें सीजन का पहला डबल हेडर आज खेला जाएगा। पहला मैच दिल्ली कैपिटल्स और मुंबई इंडियंस के बीच अरुण जेटली स्टेडियम में दोपहर 3.30 बजे से होगा, जिसका टॉस 3 बजे होना है। पूरी खबर पंजाब ने टी-20 में भारत का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा:9वीं बार 200+ चेज किए, चेन्नई ने IPL में 36वीं बार 200 रन बनाए; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स IPL के 7वें मैच में पंजाब किंग्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को 5 विकेट से हरा दिया। चेपॉक में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए चेन्नई ने 5 विकेट पर 208 रन बनाए। टीम के लिए आयुष म्हात्रे ने 73 रन की पारी खेली, हालांकि उन्हें दो बार जीवनदान भी मिला। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Mutual Fund SIP vs Lumpsum Investment; Risk Return Comparison Guide

Hindi News Lifestyle Mutual Fund SIP Vs Lumpsum Investment; Risk Return Comparison Guide | Financial Planning Advice 11 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी कॉपी लिंक हर व्यक्ति अपने भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाना चाहता है। इसके लिए लोग अपनी कमाई का एक हिस्सा भविष्य के लिए बचाते हैं या निवेश करते हैं। हालांकि, कुछ लोग यह नहीं जानते हैं कि कहां और कैसे निवेश करें। उन्हें यह नहीं पता होता कि बड़ा फंड बनाने के लिए SIP या लंप सम में कौन सा तरीका बेहतर है? इसलिए आज हम आपका पैसा कॉलम में जानेंगे कि- SIP और लंप सम इन्वेस्टमेंट में क्या अंतर है? कौन-सा ऑप्शन रिटर्न के लिहाज से ज्यादा बेहतर है? सवाल- SIP क्या है? जवाब- SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान को पॉइंटर्स से समझिए- यह निवेश का एक तरीका है, जिसमें निवेशक हर महीने एक तय अमाउंट म्यूचुअल फंड या किसी स्टॉक में जमा करता है। निवेश की फ्रीक्वेंसी (मासिक, तिमाही) व्यक्ति खुद तय कर सकता है। यह अमाउंट सीधे बैंक अकाउंट से ऑटो-डेबिट हो जाता है। लंबे समय में कंपाउंडिंग के कारण रिटर्न बेहतर हो सकता है। यह खासतौर पर सैलरीड (नौकरीपेशा) लोगों और नए निवेशकों के लिए उपयुक्त माना जाता है। सवाल- लंप सम क्या होता है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- लंप सम में निवेशक एक बार में बड़ा अमाउंट म्यूचुअल फंड या किसी अन्य एसेट (स्टॉक, गोल्ड, जमीन) में लगाता है। यह तरीका तब ज्यादा प्रभावी होता है, जब बाजार गिर गया हो या करेक्शन में हो। अगर लंप सम में निवेश के बाद बाजार गिरता है तो नुकसान हो सकता है। सवाल- SIP और लंप सम इन्वेस्टमेंट में क्या अंतर है? जवाब- ये निवेश के दो अलग तरीके हैं। आइए ग्राफिक से समझते हैं- सवाल- रिटर्न के लिहाज से कौन सा विकल्प ज्यादा बेहतर है? जवाब- रिटर्न पूरी तरह बाजार की स्थिति और निवेश की अवधि (टाइम पीरियड) पर निर्भर करता है। पूरी बात पॉइंटर्स से समझिए- SIP लंबे समय में स्थिर और संतुलित रिटर्न देता है। अगर सही समय पर लंप सम निवेश किया जाए, तो अधिक रिटर्न मिल सकता है। लेकिन गलत समय पर निवेश करने से नुकसान भी हो सकता है। इसलिए अगर आप लंबे समय के लिए निवेश कर रहे हैं तो SIP बेहतर विकल्प है, जबकि बाजार में गिरावट होने पर लंप सम फायदेमंद हो सकता है। सवाल- SIP करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- SIP शुरू करने से पहले निवेश का लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए, जैसे- घर खरीदना है। बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसे जमा करने हैं। रिटायरमेंट के लिए बड़ा फंड तैयार करना है। इसके अलावा और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, ग्राफिक में देखिए- सवाल- लंप सम निवेश करते समय क्या सावधानियां जरूरी हैं? जवाब- लंप सम निवेश के लिए जरूरी है कि व्यक्ति के पास अतिरिक्त फंड होना चाहिए, जिसे लंबे समय तक निवेशित रखा जा सके। लंप सम से पहले ये सभी बातें जानना जरूरी है- सवाल- क्या एक ही फंड में SIP और लंप सम दोनों कर सकते हैं? जवाब- हां, यह इन्वेस्टमेंट का अच्छा तरीका है। इसमें व्यक्ति अपनी नियमित SIP जारी रख सकता है। फिर जब भी बाजार में पैनिक (गिरावट) हो, अतिरिक्त पैसे डाल सकता है। इसे ‘बाय ऑन डिप्स’ टेक्नीक कहते हैं। इससे पोर्टफोलियो की NAV (नेट एसेट वैल्यू) काफी नीचे आ जाती है और भविष्य में मिलने वाला रिटर्न कई गुना बढ़ जाता है। सवाल- निवेश की अवधि का सही चुनाव कैसे करें? जवाब- इसका जवाब पॉइंटर्स से समझिए- कम अवधि (1-2 साल) के लिए डेट फंड या FD (फिक्स डिपॉजिट) चुनें। मध्यम अवधि (3-5 साल) के लिए हाइब्रिड या इंडेक्स फंड लें। लंबी अवधि (7-10 साल+) के लिए लार्ज, मिड या स्मॉल कैप चुनें। अपने लक्ष्य के अनुसार अवधि को समय-समय पर रीसेट करें। रिटायरमेंट जैसे लक्ष्य के लिए इसे 20 साल तक बढ़ाएं। अवधि जितनी लंबी होगी, बाजार का जोखिम उतना ही कम होगा। सवाल- SIP या लंप सम में कितने समय के लिए इन्वेस्टमेंट करना चाहिए? जवाब- यह पूरी तरह से व्यक्ति के इन्वेस्टमेंट गोल्स और रिस्क लेने की क्षमता पर निर्भर करता है। हालांकि, इसके कुछ सामान्य नियम हैं, जो सही निर्णय लेने में मदद कर सकते हैं। ग्राफिक में देखिए- सवाल- STP यानी सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान क्या है और निवेश में कैसे मदद करता है? जवाब- STP को लंप सम और SIP का एक हाइब्रिड मॉडल कह सकते हैं। इसमें निवेशक एक बड़ी रकम पहले ‘लिक्विड फंड’ में डालते हैं। फिर वहां से हर महीने एक हिस्सा ‘इक्विटी फंड’ में ट्रांसफर होता है। यह सीधे लंप सम करने के जोखिम को खत्म कर देता है। मूलधन पर लिक्विड फंड में थोड़ा ब्याज भी मिलता रहता है। साथ ही इक्विटी में आपका पैसा किश्तों में (SIP की तरह) जाता है। यह ‘मार्केट टाइमिंग’ के डर को पूरी तरह खत्म कर देता है। बड़े निवेशकों के लिए यह रिस्क मैनेज करने का सबसे अच्छा तरीका है। सवाल- नए निवेशक को शुरुआत कैसे करनी चाहिए? जवाब- इसका जवाब पॉइंटर्स से समझिए- नए निवेशक को हमेशा छोटी SIP से शुरुआत करनी चाहिए। सीधे लंप सम निवेश करने से शुरुआती झटका लग सकता है। पहले इंडेक्स फंड या लार्ज कैप फंड में निवेश करें। निवेश की प्रक्रिया और बाजार के व्यवहार को समझें। कम-से-कम 6 महीने तक निवेश का अनुभव लें। इसके बाद धीरे-धीरे मिडकैप और स्मॉलकैप की तरफ बढ़ें। निवेश में ‘धैर्य’ जरूरी है। बाजार में गिरावट पर पैनिक न हों, उसे निवेश के मौके की तरह देखें। ……………… ये खबर भी पढ़िए आपका पैसा- सिर्फ PAN नंबर से जानें म्यूचुअल फंड डिटेल्स: कितनी वेल्थ बनी, टैक्स फाइलिंग में कैसे मिलेगी मदद, जानें पूरा प्रोसेस PAN बेस्ड कंसोलिडेटेड अकाउंट स्टेटमेंट (CAS) के जरिए निवेशक अपने म्यूचुअल फंड्स के सभी निवेश एक ही जगह देख सकते हैं। इससे निवेश की ट्रैकिंग आसान होती है, ओवरलैप का जोखिम भी नहीं होता है। आगे पढ़िए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
पंजाब ने टी-20 में भारत का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा:9वीं बार 200+ चेज किए, चेन्नई ने IPL में 36वीं बार 200 रन बनाए; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

IPL के 7वें मैच में पंजाब किंग्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को 5 विकेट से हरा दिया। चेपॉक में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए चेन्नई ने 5 विकेट पर 208 रन बनाए। टीम के लिए आयुष म्हात्रे ने 73 रन की पारी खेली, हालांकि उन्हें दो बार जीवनदान भी मिला। जवाब में पंजाब ने 18.4 ओवर में 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के साथ पंजाब ने टी-20 क्रिकेट में भारत का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ते हुए 9वीं बार 200+ रनचेज किया। वहीं चेन्नई ने इस मैच में 36वीं बार 200+ स्कोर बनाया। PBKS Vs CSK मैच के मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स… 1. पंजाब ने 9वीं बार 200+ रनचेज किया पंजाब किंग्स ने टी-20 क्रिकेट में भारत का रिकॉर्ड तोड़ दिया। टीम ने 200+ रनचेज के मामले में 9वीं जीत दर्ज की। इससे पहले भारत की टीम ने 8 बार 200+ रनचेज किया था। ऑस्ट्रेलिया ने 7 और मुंबई इंडियंस ने 6 बार यह कारनामा किया है। 2. पंजाब किंग्स का दूसरा सबसे बड़ा रनचेज पंजाब किंग्स ने अपना दूसरा सबसे बड़ा रनचेज किया। टीम ने 210 रन का टारगेट 18.4 ओवर में हासिल किया। टीम का सबसे बड़ा रनचेज 262 रन का है। इसे पंजाब ने 2024 में ईडन गार्डन्स में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ हासिल किया था। 3. चेन्नई ने IPL में सबसे ज्यादा 200+ स्कोर बनाए चेन्नई सुपर किंग्स IPL में सबसे ज्यादा 200+ स्कोर बनाने वाली टीम बन गई। टीम ने अब तक 36 बार 200 का आंकड़ा पार किया है। इसके बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 35 बार इस स्कोर तक पहुंची है। यहां से मैच के टॉप-8 मोमेंट्स… 1. चौका लगाने के बाद संजू आउट दूसरे ओवर में चेन्नई का पहला विकेट गिरा। ओवर की छठी गेंद जेवियर बार्टलेट ने ऑफ स्टंप के बाहर फेंकी। संजू सैमसन ड्राइव खेलने के लिए पीछे हटे, लेकिन गेंद की मूवमेंट को कवर नहीं कर सके और बल्ले का हल्का किनारा लग गया। गेंद सीधे विकेटकीपर प्रभसिमरन सिंह के पास गई, जिन्होंने आसान कैच लपक लिया। संजू 7 रन बनाकर आउट हुए। 2. आयुष की सिक्स से फिफ्टी नौवें ओवर में चेन्नई के बल्लेबाज आयुष म्हात्रे ने सिक्स लगाकर अर्धशतक पूरा किया। ओवर की पहली गेंद मार्कस स्टोयनिस ने धीमी फेंकी। म्हात्रे ने आगे बढ़कर शॉट खेला और गेंद को लॉन्ग-ऑफ के ऊपर से सिक्स के लिए भेज दिया। 3. म्हात्रे का वैशाख और शशांक से कैच छूटा मिडिल ओवर्स में चेन्नई के बल्लेबाज आयुष म्हात्रे को दो बड़े जीवनदान मिले। 10वें ओवर की दूसरी गेंद पर युजवेंद्र चहल ने लेग ब्रेक डाली, जिस पर म्हात्रे स्लॉग स्वीप खेलने गए, लेकिन गेंद बल्ले के ऊपरी किनारे से लगकर हवा में चली गई। वैशाख आगे दौड़ते हुए पहुंचे, डाइव भी लगाई, लेकिन गेंद हाथ में आने के बाद छिटक गई और कैच छूट गया। इसके बाद 12वें ओवर की चौथी गेंद पर चहल ने फिर मौका बनाया। उन्होंने गेंद को फ्लाइट देकर बल्लेबाज को बड़ा शॉट खेलने के लिए ललचाया। म्हात्रे आगे बढ़कर शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद टर्न होकर बल्ले का किनारा लेती हुई एक्स्ट्रा कवर की ओर गई। शशांक दौड़ते हुए आए, स्लाइड करते हुए दोनों हाथों से कैच पकड़ने की कोशिश की, लेकिन गेंद हाथ से निकल गई। इस तरह म्हात्रे को लगातार दूसरा जीवनदान मिला। 4. पंजाब के रिव्यू से कार्तिक आउट 14वें ओवर में चेन्नई ने चौथा विकेट गंवाया। ओवर की चौथी बॉल मार्को यानसन ने गुड लेंथ पर इन स्विंगर फेंकी। गेंद कार्तिक शर्मा के पैड्स पर लगी। PBKS ने LBW की अपील की, लेकिन अंपायर ने आउट नहीं दिया। कप्तान श्रेयस अय्यर ने रिव्यू लिया, रिप्ले में कार्तिक आउट नजर आए। वे 1 रन ही बना सके। 5. सरफराज ने अर्शदीप पर हैट्रिक चौके लगाए 14वें ओवर में सरफराज खान ने अर्शदीप सिंह पर लगातार तीन चौके जड़ दिए। ओवर की दूसरी गेंद पर सरफराज ने आगे बढ़कर जगह बनाई और मिड-ऑफ के ऊपर से शानदार शॉट खेलते हुए चौका बटोर लिया। अगली गेंद पर अर्शदीप ने शॉर्ट लेंथ डाली। सरफराज ने शॉट खेला और गेंद को विकेटकीपर के ऊपर से बाउंड्री तक पहुंचा दिया। फिर चौथी गेंद पर सरफराज ने शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद को लेट खेलते हुए थर्ड मैन की दिशा में गाइड किया और चौका पूरा किया। 6. प्रशांत वीर ने डेब्यू पर चौके से खाता खोला चेन्नई सुपर किंग्स के अनकैप्ड ऑलराउंडर प्रशांत वीर ने इस मैच से IPL डेब्यू किया। टीम ने उन्हें मेगा ऑक्शन में 14.20 करोड़ रुपए में खरीदा था। 17वें ओवर की तीसरी गेंद पर मार्को यानसन ने ऑफ स्टंप के आसपास शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद डाली। प्रशांत ने शॉट खेला। गेंद तेजी से आई और ग्लव्स का हल्का किनारा लेकर फाइन लेग की दिशा में निकल गई। इसी चौके के साथ प्रशांत ने IPL में अपना खाता खोला। 7. प्रियांश ने बाउंड्री से पहले रन बनाए पंजाब की पारी की शुरुआत प्रियांश आर्या ने लगातार दो बाउंड्री से की। ओवर की पहली गेंद पर खलील अहमद ने इनस्विंगर डाली। प्रियांश ने सीधे बल्ले से नॉन-स्ट्राइकर के पास से चौके के लिए भेज दिया। अगली ही गेंद पर खलील ने शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद डाली। प्रियांश ने जल्दी से लेंथ पहचानी, घूमकर पुल शॉट खेला और गेंद को मिड-विकेट के ऊपर से सिक्स के लिए भेज दिया। 8. प्रभसिमरन रनआउट हुए नौवें ओवर में पंजाब को बड़ा झटका लगा, जब प्रभसिमरन सिंह रनआउट हो गए। ओवर की पांचवीं गेंद पर नूर अहमद की गेंद को उन्होंने मिड-विकेट की ओर सॉफ्ट हैंड्स से खेला और पहला रन आसानी से पूरा किया। इसके बाद प्रभसिमरन ने दूसरे रन के लिए कॉल किया, लेकिन उनके साथी बल्लेबाज तैयार नहीं थे। कन्फ्यूजन के बीच प्रभसिमरन वापस लौटने लगे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। सरफराज खान ने मिड-विकेट से तेज थ्रो फेंका और ऋतुराज गायकवाड़ ने स्टंप्स बिखेर दिए। प्रभसिमरन क्रीज से काफी दूर रह गए और 43 रन बनाकर रनआउट हो गए। ————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL-2026 का पहला डबल हेडर आज:पहले मैच में दिल्ली का सामना मुंबई से, MI से जुड़े कीवी कप्तान मिचेल सैंटनर IPL में 19वें सीजन का पहला डबल हेडर आज खेला जाएगा। पहला मैच
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अमेरिका में एक महिला ने गलत नंबर चुनने से ₹2.33 करोड़ जीत लिए। वहीं, चीन के कुछ शहरों के बार में शराब की जगह जड़ी बूटियां सर्व की जा रही हैं। उधर, मेक्सिको में एक महिला की 10 मिनट के लिए मौत हो गई, इस बीच वह 2030 में पहुंच गई। . आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
मोदी बोले-कांग्रेस चाहती है खाड़ी देश भारत को दुश्मन समझें:उन्हें नाराज करने वाले बयान दे रही, इससे वहां भारतीयों पर मुसीबत आ सकती है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को केरलम के थिरुवल्ला में जनसभा की। उन्होंने कहा- कांग्रेस चाहती है कि वेस्ट एशियाई देश भारत को अपना दुश्मन समझें। हम यहां कोई ऐसी गलती कर दें, कोई ऐसा बयान दे दें जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों को वहां से बाहर निकलने में मुसीबत आ जाए, इसलिए कांग्रेस खाड़ी देशों को नाराज करने वाले बयान दे रही है। कांग्रेस चाहती है कि पैनिक फैले और कांग्रेस को मोदी को गालियां देने का मौका मिले। मैं कांग्रेस, UDF, LDF के लोगों से कहना चाहता हूं कि राजनीति अपनी जगह पर है, चुनाव आते जाते रहेंगे लेकिन केरलम के लाखों भाई-बहन वहां हैं उनकी सुरक्षा मेरी प्राथमिकता है। मोदी ने कहा- इस बार के चुनाव में केरलम में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) की सरकार जाएगी और नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) की सरकार आएगी। मैं पहले भी केरलम आया हूं, लेकिन इस बार हवा का रुख कुछ अलग है। केरल एक ऐतिहासिक बदलाव के लिए तैयार है। इस बार सत्ता परिवर्तन होगा। चुनाव से जुड़े अपडेट्स पांचों राज्यों में चुनाव के पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं…
TMC का आरोप-भवानीपुर के रिटर्निंग ऑफिसर शुवेंदु अधिकारी के नजदीकी:हटाने की मांग की; इस सीट से भाजपा नेता और CM ममता में मुकाबला

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने कोलकाता की भवानीपुर सीट के रिटर्निंग ऑफिसर (RO) को हटाने की मांग की है। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को शिकायत पत्र सौंपकर आरोप लगाया है कि संबंधित अधिकारी बीजेपी नेता शुवेंदु अधिकारी के नजदीकी है। TMC के मुताबिक, RO की शुवेंदु अधिकारी से नजदीकी से चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। भवानीपुर सीट से शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं और वे नंदीग्राम से भी उम्मीदवार हैं। चुनाव से जुड़े अपडेट्स
World News Updates; Trump Pakistan China

15 मिनट पहले कॉपी लिंक फाइल फोटो। अफगानिस्तान के काबुल में शुक्रवार देर शाम भूकंप से 8 लोगों की मौत हो गई। 6.3 तीव्रता के इस भूकंप के झटके पाकिस्तान के कई हिस्सों में भी महसूस किए गए, हालांकि वहां किसी नुकसान की खबर नहीं है। पाकिस्तान मौसम विभाग के अनुसार, भूकंप रात 9:13 बजे दर्ज किया गया। इसका केंद्र अफगानिस्तान के हिंदूकुश क्षेत्र में था और गहराई जमीन से 190 किलोमीटर अंदर थी। भूकंप के झटके खैबर पख्तूनख्वा, इस्लामाबाद, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और पंजाब के कुछ हिस्सों में महसूस किए गए। इससे पहले अफगानिस्तान के मजार-ए-शरीफ में 3 नवंबर 2025 को 6.3 तीव्रता के भूकंप में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई थी। सैकड़ों लोग घायल हो गए थे। भूकंप से शहर की ऐतिहासिक ब्लू मस्जिद को भी नुकसान पहुंचा था। यह मस्जिद मजार-ए-शरीफ का प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔








