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आंखों में जलन, ड्राईनेस और थकान से परेशान? ये आसान देसी तरीके देंगे तुरंत राहत और नजर भी होगी तेज!

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गर्मी और बढ़ते स्क्रीन टाइम की वजह से आजकल आंखों में थकान, ड्राईनेस और जलन जैसी समस्याएं बेहद आम हो गई हैं. लंबे समय तक मोबाइल और लैपटॉप इस्तेमाल करने से आंखों पर दबाव बढ़ता है, जिससे नजर पर भी असर पड़ने लगता है. ऐसे में कुछ आसान उपाय जैसे आंखों की एक्सरसाइज, सनगैजिंग, खीरे के स्लाइस, त्राटक क्रिया और स्क्रीन टाइम कम करना आंखों को राहत देने के साथ उनकी सेहत सुधारने में मदद कर सकते हैं.

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मौसम में बदलाव के साथ शरीर के अन्य अंगों की तरह आंखों की देखभाल करना भी बेहद जरूरी हो जाता है. खासकर गर्मियों या बदलते मौसम में आंखों में चिपचिपापन, जलन और पानी आने जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. इसके अलावा आज के डिजिटल दौर में लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप और टीवी देखने की आदत ने आंखों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा दिया है, जिससे आंखों की रोशनी कमजोर होने लगती है. ऐसे में जरूरी है कि हम समय रहते कुछ आसान और प्राकृतिक तरीकों को अपनाएं, ताकि आंखों को आराम मिले और उनकी सेहत बेहतर बनी रहे.

आजकल स्क्रीन टाइम बढ़ने की वजह से आंखें जल्दी थक जाती हैं और ड्राईनेस की समस्या भी बढ़ने लगती है. इससे बचने के लिए आंखों के व्यायाम बहुत फायदेमंद साबित हो सकते हैं. आप रोजाना कुछ मिनट निकालकर आंखों को ऊपर-नीचे, दाएं-बाएं और गोल-गोल घुमाने की एक्सरसाइज करें. इसके बाद कुछ देर आंखें बंद करके उन्हें आराम दें. इस प्रक्रिया को दिन में 4-5 बार दोहराने से आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और थकान कम होती है. इसके साथ ही सनगैजिंग यानी सूरज को देखने की प्रैक्टिस भी की जा सकती है, लेकिन इसे केवल सूर्योदय या सूर्यास्त के समय ही करना चाहिए. इस दौरान कुछ मिनट तक सूरज की ओर देखें और फिर हथेलियों को रगड़कर आंखों पर रखें, जिससे आंखों को गहरा आराम मिलता है.

गर्मियों में आंखों का सूखापन और जलन बढ़ जाना एक आम समस्या है. ऐसे में खीरा या ककड़ी का इस्तेमाल एक प्राकृतिक उपाय के रूप में किया जा सकता है. खीरे की ठंडी तासीर आंखों को सुकून देती है और थकान को दूर करती है. इसके लिए आप खीरे या ककड़ी के स्लाइस काटकर आंखों पर रखें और कुछ देर रिलैक्स करें. इससे न केवल आंखों की जलन कम होती है, बल्कि ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है, जिससे आंखें ताजगी महसूस करती हैं.

इसके अलावा, आंखों की सेहत के लिए स्क्रीन टाइम को सीमित करना भी बेहद जरूरी है. कोशिश करें कि रात में एक निश्चित समय के बाद मोबाइल और टीवी का इस्तेमाल बंद कर दें, ताकि आंखों को पर्याप्त आराम मिल सके. ज्यादा स्क्रीन देखने से आंखों की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ता है, जिससे सिरदर्द और नजर कमजोर होने की समस्या हो सकती है. इसलिए दिनचर्या में यह छोटा सा बदलाव भी बड़ा असर डाल सकता है.

आंखों की सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए त्राटक क्रिया भी एक प्रभावी योग अभ्यास माना जाता है. इसके लिए अंधेरे कमरे में एक दीपक या मोमबत्ती जलाकर उसकी लौ पर ध्यान केंद्रित किया जाता है. लगातार कुछ देर तक देखने से आंखों की सफाई होती है और आंसुओं के माध्यम से आंखों की गंदगी बाहर निकलती है. साथ ही यह अभ्यास एकाग्रता बढ़ाने में भी मदद करता है. अगर इन सभी उपायों को नियमित रूप से अपनाया जाए, तो कुछ ही समय में आंखों की थकान कम होने लगती है, नजर में सुधार आता है और आंखों का नंबर बढ़ने की समस्या भी धीरे-धीरे नियंत्रित हो सकती है.

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Vividha Singh

विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें

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आजकल स्क्रीन टाइम बढ़ने की वजह से आंखें जल्दी थक जाती हैं और ड्राईनेस की समस्या भी बढ़ने लगती है. इससे बचने के लिए आंखों के व्यायाम बहुत फायदेमंद साबित हो सकते हैं. आप रोजाना कुछ मिनट निकालकर आंखों को ऊपर-नीचे, दाएं-बाएं और गोल-गोल घुमाने की एक्सरसाइज करें. इसके बाद कुछ देर आंखें बंद करके उन्हें आराम दें. इस प्रक्रिया को दिन में 4-5 बार दोहराने से आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और थकान कम होती है. इसके साथ ही सनगैजिंग यानी सूरज को देखने की प्रैक्टिस भी की जा सकती है, लेकिन इसे केवल सूर्योदय या सूर्यास्त के समय ही करना चाहिए. इस दौरान कुछ मिनट तक सूरज की ओर देखें और फिर हथेलियों को रगड़कर आंखों पर रखें, जिससे आंखों को गहरा आराम मिलता है.

गर्मियों में आंखों का सूखापन और जलन बढ़ जाना एक आम समस्या है. ऐसे में खीरा या ककड़ी का इस्तेमाल एक प्राकृतिक उपाय के रूप में किया जा सकता है. खीरे की ठंडी तासीर आंखों को सुकून देती है और थकान को दूर करती है. इसके लिए आप खीरे या ककड़ी के स्लाइस काटकर आंखों पर रखें और कुछ देर रिलैक्स करें. इससे न केवल आंखों की जलन कम होती है, बल्कि ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है, जिससे आंखें ताजगी महसूस करती हैं.

इसके अलावा, आंखों की सेहत के लिए स्क्रीन टाइम को सीमित करना भी बेहद जरूरी है. कोशिश करें कि रात में एक निश्चित समय के बाद मोबाइल और टीवी का इस्तेमाल बंद कर दें, ताकि आंखों को पर्याप्त आराम मिल सके. ज्यादा स्क्रीन देखने से आंखों की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ता है, जिससे सिरदर्द और नजर कमजोर होने की समस्या हो सकती है. इसलिए दिनचर्या में यह छोटा सा बदलाव भी बड़ा असर डाल सकता है.

आंखों की सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए त्राटक क्रिया भी एक प्रभावी योग अभ्यास माना जाता है. इसके लिए अंधेरे कमरे में एक दीपक या मोमबत्ती जलाकर उसकी लौ पर ध्यान केंद्रित किया जाता है. लगातार कुछ देर तक देखने से आंखों की सफाई होती है और आंसुओं के माध्यम से आंखों की गंदगी बाहर निकलती है. साथ ही यह अभ्यास एकाग्रता बढ़ाने में भी मदद करता है. अगर इन सभी उपायों को नियमित रूप से अपनाया जाए, तो कुछ ही समय में आंखों की थकान कम होने लगती है, नजर में सुधार आता है और आंखों का नंबर बढ़ने की समस्या भी धीरे-धीरे नियंत्रित हो सकती है.

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विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें

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