Tuesday, 15 Sep 2026 | 04:17 AM

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क्या आप भी चीजें रखकर भूल जाते हैं? जानें 3 साइकोलॉजिकल ट्रिक्‍स, जो याददाश्त को बनाती है लोहे सा मजबूत

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Memory Improvement Tricks : अक्‍सर लोगों के साथ यह समस्‍या रहती है कि वे कमरे में जाकर भूल जाते हैं कि वहां क्यों आए या फिर चश्मा सिर पर होने के बावजूद उसे पूरे घर में ढूंढते रहते हैं. थकान भरी जिंदगी और ‘डिजिटल डिस्ट्रैक्शन’ ने हमारी याददाश्त को काफी कमजोर कर दिया है. लेकिन अच्छी बात यह है कि भूलने की इस आदत को किसी दवा से नहीं, बल्कि मनोविज्ञान (Psychology) की कुछ सिंपल ट्रिक्स से बदला जा सकता है. दुनिया के बड़े-बड़े विद्वान और ‘मेमोरी चैंपियंस’ जिन तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं, आज हम उन्हीं 3 आसान ट्रिक्स के बारे में जानेंगे जो आपकी याददाश्त को कंप्यूटर जैसी रफ्तार दे सकती हैं. 1. चंकिंग मेथड (The Chunking Method)- मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, हमारा मस्तिष्क एक साथ केवल 5 से 9 सूचनाओं को ही याद रख सकता है. ‘चंकिंग’ वह तकनीक है जिसमें बड़ी जानकारी को छोटे-छोटे ‘चंक्स’ या समूहों में बांट दिया जाता है. उदाहरण: अगर  आपको 10 अंकों का मोबाइल नंबर याद करना है, तो उसे 9812345678 के बजाय 981-234-5678 के रूप में याद करें. फायदा:हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के शोध बताते हैं कि यह तकनीक जटिल डेटा और सूचियों को याद रखने में सबसे ज्यादा कारगर है. 2. लोकस मेथड या ‘मेमोरी पैलेस’ (The Method of Loci)- यह दुनिया की सबसे पुरानी और प्रभावी मेमोरी ट्रिक्स में से एक है, जिसका उपयोग प्राचीन ग्रीक विद्वान करते थे. इसमें आप अपनी जानकारी को किसी परिचित स्थान (जैसे आपका घर) से जोड़ते हैं. कैसे करें: कल्पना करें कि आप अपने घर के मुख्य दरवाजे पर खड़े हैं और वहाँ आपने अपनी ‘टू-डू लिस्ट’ की पहली चीज रखी है. फिर सोफे पर दूसरी चीज. जब आपको जानकारी याद करनी होगी, तो आप मन ही मन अपने घर की सैर करेंगे और चीजें खुद-ब-खुद याद आती जाएंगी. ‘जर्नल ऑफ न्यूरोसाइंस’ में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, इस तकनीक का अभ्यास करने से मस्तिष्क के उन हिस्सों में सक्रियता बढ़ती है जो यादों को सहेजते हैं. 3. स्पेस रिपिटिशन (Spaced Repetition)- हम अक्सर किसी चीज को रटने की कोशिश करते हैं, जिसे ‘क्रैमिंग’ कहा जाता है. मनोविज्ञान कहता है कि रटा हुआ ज्ञान जल्दी भूल जाता है. इसके बजाय ‘स्पेस रिपिटिशन’ अपनाएं. कैसे करें: किसी जानकारी को आज पढ़ें, फिर उसे 24 घंटे बाद दोहराएं, फिर एक हफ्ते बाद और फिर एक महीने बाद.जर्मन मनोवैज्ञानिक हरमन एबिंगहॉस के ‘फॉरगेटेन कर्व’ (Forgetting Curve) सिद्धांत के अनुसार, कुछ अंतराल पर दोहराते रहने से जानकारी ‘शॉर्ट-टर्म मेमोरी’ से निकलकर ‘लॉन्ग-टर्म मेमोरी’ में सुरक्षित हो जाती है. विशेषज्ञों की राय- मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि याददाश्त केवल ट्रिक्स पर निर्भर नहीं करती, बल्कि आपकी जीवनशैली भी इसमें बड़ी भूमिका निभाती है. पर्याप्त नींद (7-8 घंटे) और तनाव मुक्त रहना मस्तिष्क की नई कोशिकाओं के निर्माण (Neurogenesis) के लिए अनिवार्य है. बता दें कि याददाश्त बढ़ाना एक अभ्यास है. अगर  आप इन मनोवैज्ञानिक ट्रिक्स को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाते हैं, तो न केवल आपकी एकाग्रता बढ़ेगी बल्कि आप चीजों को लंबे समय तक याद रख पाएंगे. अगली बार जब आप कुछ भूलें, तो परेशान होने के बजाय ‘मेमोरी पैलेस’ में कदम रखें!

IPBL शुरू, बैडमिंटन में एंटरटेनमेंट और स्टार्स का संगम:टीवी स्टार्स बनीं टीम ओनर, युवा खिलाड़ियों को मिला बड़ा मंच, मुकाबले होंगे रोमांचक और ग्लैमरस

IPBL शुरू, बैडमिंटन में एंटरटेनमेंट और स्टार्स का संगम:टीवी स्टार्स बनीं टीम ओनर, युवा खिलाड़ियों को मिला बड़ा मंच, मुकाबले होंगे रोमांचक और ग्लैमरस

स्पोर्ट्स और एंटरटेनमेंट का अनोखा संगम लेकर इंडियन प्रो बैडमिंटन लीग (IPBL) सुर्खियों में है। इस लीग की सबसे खास बात यह है कि इसमें खेल के साथ टीवी इंडस्ट्री की चर्चित अभिनेत्रियां टीम ओनर के रूप में नजर आएंगी, जिससे लीग को ग्लैमरस टच मिला है। लीग के कमीश्नर पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह हैं, जबकि संस्थापक और सीईओ कैप्टन विनीत चतुर्वेदी इस पूरी पहल का नेतृत्व कर रहे हैं। टीम ओनर्स में उर्वशी ढोलकिया, सुमोना चक्रवर्ती, उपासना सिंह, दीपशिखा नागपाल, गीतांजलि मिश्रा, आस्था चौधरी, फलाक नाज और गुरप्रीत कौर चड्ढा जैसे नाम शामिल हैं। प्लेयर ऑक्शन में 142 खिलाड़ियों में से 63 खिलाड़ियों को 8 टीमों ने खरीदा। लेकिन इस बार चर्चा सिर्फ खेल की नहीं, बल्कि स्टार पावर की भी रही। उर्वशी ढोलकिया ने कहा, “ इंडियन प्रो बैडमिंटन लीग एक पावरफुल मूवमेंट है, जो टैलेंट को पहचान देने के साथ उसे बड़े मंच तक पहुंचाएगा।” सुमोना चक्रवर्ती ने इसे एंटरटेनमेंट और स्पोर्ट्स का बेहतरीन कॉम्बिनेशन बताया। उपासना सिंह ने कहा, “यह लीग भारतीय बैडमिंटन को ग्लोबल पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है।” आस्था चौधरी ने इसे स्पोर्ट्स रिवोल्यूशन का हिस्सा बनने का मौका बताया। वहीं गुरप्रीत कौर चड्ढा ने कहा, “यह एक शानदार अवसर है, जहां हम देशभर की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और बैडमिंटन को प्रमोट करने में योगदान दे सकते हैं।” फाउंडर और संस्थापक और सीईओ कैप्टन विनीत चतुर्वेदी ने कहा, “ इंडियन प्रो बैडमिंटन लीग भारतीय खेलों के भविष्य में एक लंबी अवधि का निवेश है, जिसका उद्देश्य उभरती प्रतिभाओं को पहचान और मंच देना है।” इस लीग में मुंबई, दिल्ली, जयपुर, लखनऊ, पंजाब, गुजरात, हैदराबाद और कोलकाता की टीमें हिस्सा लेंगी। हर टीम में युवा खिलाड़ियों के साथ एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का ग्लैमर भी जुड़ा होगा, जिससे मुकाबले और भी रोमांचक बनेंगे। कमिश्नर हरभजन सिंह ने कहा, “ इंडियन प्रो बैडमिंटन लीग स्पोर्ट्स और एंटरटेनमेंट को जोड़ने वाला एक खास मंच है, जो खिलाड़ियों को नए मौके देगा।” कुल मिलाकर इंडियन प्रो बैडमिंटन लीग अब सिर्फ बैडमिंटन लीग नहीं, बल्कि एक ग्लैमरस स्पोर्ट्स शो बनती नजर आ रही है, जहां खेल के साथ-साथ स्टार्स का जलवा भी देखने को मिलेगा।

IPBL शुरू, बैडमिंटन में एंटरटेनमेंट और स्टार्स का संगम:टीवी स्टार्स बनीं टीम ओनर, युवा खिलाड़ियों को मिला बड़ा मंच, मुकाबले होंगे रोमांचक और ग्लैमरस

IPBL शुरू, बैडमिंटन में एंटरटेनमेंट और स्टार्स का संगम:टीवी स्टार्स बनीं टीम ओनर, युवा खिलाड़ियों को मिला बड़ा मंच, मुकाबले होंगे रोमांचक और ग्लैमरस

स्पोर्ट्स और एंटरटेनमेंट का अनोखा संगम लेकर इंडियन प्रो बैडमिंटन लीग (IPBL) सुर्खियों में है। इस लीग की सबसे खास बात यह है कि इसमें खेल के साथ टीवी इंडस्ट्री की चर्चित अभिनेत्रियां टीम ओनर के रूप में नजर आएंगी, जिससे लीग को ग्लैमरस टच मिला है। लीग के कमीश्नर पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह हैं, जबकि संस्थापक और सीईओ कैप्टन विनीत चतुर्वेदी इस पूरी पहल का नेतृत्व कर रहे हैं। टीम ओनर्स में उर्वशी ढोलकिया, सुमोना चक्रवर्ती, उपासना सिंह, दीपशिखा नागपाल, गीतांजलि मिश्रा, आस्था चौधरी, फलाक नाज और गुरप्रीत कौर चड्ढा जैसे नाम शामिल हैं। प्लेयर ऑक्शन में 142 खिलाड़ियों में से 63 खिलाड़ियों को 8 टीमों ने खरीदा। लेकिन इस बार चर्चा सिर्फ खेल की नहीं, बल्कि स्टार पावर की भी रही। उर्वशी ढोलकिया ने कहा, “इंडियन प्रो बैडमिंटन लीग एक पावरफुल मूवमेंट है, जो टैलेंट को पहचान देने के साथ उसे बड़े मंच तक पहुंचाएगा।” सुमोना चक्रवर्ती ने इसे एंटरटेनमेंट और स्पोर्ट्स का बेहतरीन कॉम्बिनेशन बताया। उपासना सिंह ने कहा, “यह लीग भारतीय बैडमिंटन को ग्लोबल पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है।” आस्था चौधरी ने इसे स्पोर्ट्स रिवोल्यूशन का हिस्सा बनने का मौका बताया। वहीं गुरप्रीत कौर चड्ढा ने कहा, “यह एक शानदार अवसर है, जहां हम देशभर की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और बैडमिंटन को प्रमोट करने में योगदान दे सकते हैं।” फाउंडर और संस्थापक और सीईओ कैप्टन विनीत चतुर्वेदी ने कहा, “इंडियन प्रो बैडमिंटन लीग भारतीय खेलों के भविष्य में एक लंबी अवधि का निवेश है, जिसका उद्देश्य उभरती प्रतिभाओं को पहचान और मंच देना है।” इस लीग में मुंबई, दिल्ली, जयपुर, लखनऊ, पंजाब, गुजरात, हैदराबाद और कोलकाता की टीमें हिस्सा लेंगी। हर टीम में युवा खिलाड़ियों के साथ एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का ग्लैमर भी जुड़ा होगा, जिससे मुकाबले और भी रोमांचक बनेंगे। कमिश्नर हरभजन सिंह ने कहा, “इंडियन प्रो बैडमिंटन लीग स्पोर्ट्स और एंटरटेनमेंट को जोड़ने वाला एक खास मंच है, जो खिलाड़ियों को नए मौके देगा।” कुल मिलाकर इंडियन प्रो बैडमिंटन लीग अब सिर्फ बैडमिंटन लीग नहीं, बल्कि एक ग्लैमरस स्पोर्ट्स शो बनती नजर आ रही है, जहां खेल के साथ-साथ स्टार्स का जलवा भी देखने को मिलेगा।

पीढ़ीगत बदलाव या सिकुड़ती जगह? कांग्रेस और आप की असहमति की समस्या के अंदर | राजनीति समाचार

DC Vs MI Live Score: Follow latest updates from IPL 2026 match today. (PTI Photo)

आखरी अपडेट:04 अप्रैल, 2026, 13:53 IST दोनों आवाजें दोनों पार्टियों के कामकाज में गड़बड़ी को उजागर करती हैं और स्पष्ट करती हैं कि उन्हें बर्खास्त क्यों नहीं किया जाना चाहिए आनंद शर्मा (बाएं) और राघव चड्ढा (दाएं) दोनों आंतरिक असंतोष का चेहरा बन गए हैं। विडंबना यह है कि दो पार्टियां, दोनों प्रतिद्वंद्वी, एक समान समस्या पर एकजुट हो गए हैं – आंतरिक असंतोष की। आम आदमी पार्टी (आप) के नेता राघव चड्ढा ने उन्हें राज्यसभा में उपनेता पद से हटाने और उन्हें चुप कराने के लिए अपनी पार्टी पर पलटवार किया है। चड्ढा ने चेतावनी दी है कि वह पलटवार करेंगे, जबकि आप नेतृत्व के एक बड़े नेता ने उन्हें कायर कहा और उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से डरने का आरोप लगाया। दूसरी ओर, आनंद शर्मा भी उसी नाव में सवार हैं। कांग्रेस के दिग्गज नेता ने गुरुवार को अपनी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ने पश्चिम एशिया युद्ध पर कूटनीतिक रूप से सही रुख अपनाया है और किसी को इसकी आलोचना नहीं करनी चाहिए क्योंकि यह भारत के लिए कठिन समय था। इस थम्स-अप को भाजपा के लिए एक प्रोत्साहन के रूप में देखा गया, जिस पर कांग्रेस ने नरम रुख अपनाने और पाकिस्तान के बाद दूसरे स्थान पर रहने के लिए हमला किया है, जो मध्यस्थता करने और संघर्ष को सुलझाने की कोशिश कर रहा है। दिग्गज नेता ने यह भी कहा कि पार्टी के रुख को सार्वजनिक करने से पहले कांग्रेस की सर्वोच्च संस्था कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में इस पर चर्चा की जानी चाहिए थी। दोनों आवाजें दोनों पार्टियों के कामकाज में गड़बड़ी को उजागर करती हैं और स्पष्ट करती हैं कि उन्हें बर्खास्त क्यों नहीं किया जाना चाहिए। यह भी पढ़ें | राज्यसभा में झटके: तिरस्कृत कांग्रेस के पुराने नेताओं ने राहुल गांधी की पकड़ को पीछे धकेला सबसे पहले कांग्रेस को लेते हैं. राजनीति में शर्मा का प्रवेश और उत्थान राजीव गांधी के साथ उनके सौहार्दपूर्ण संबंधों के साथ हुआ। यह बात सोनिया गांधी को नागवार गुजरी, जिन्होंने उन पर भरोसा किया। लेकिन राहुल गांधी की एंट्री और कांग्रेस के भीतर मचे मंथन ने कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं का भविष्य अनिश्चित कर दिया है. इसका एक संकेत G23 था, जिसका वह एक हिस्सा था। इतना ही नहीं, शर्मा ने सीधे तौर पर सोनिया गांधी को कई पत्र लिखकर शिकायत की है कि उनका अपमान किया गया है और पार्टी में तत्काल सुधार की जरूरत है। वास्तव में, चुनाव के बाद राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर नुकसान के बाद सुधारों का सुझाव देने के लिए गठित कई पैनलों ने अपनी रिपोर्ट शीर्ष अधिकारियों को सौंप दी, लेकिन सिफारिशें अप्रयुक्त पड़ी रहीं। कई वरिष्ठों का कहना है कि हालांकि यह सामान्य है कि पीढ़ीगत बदलाव के बाद कुछ नेताओं को छोड़ दिया जाता है, लेकिन जिस तरह से एक विरोधाभासी दृष्टिकोण – राहुल गांधी और उनकी मंडली से अलग – को अब स्वीकार नहीं किया जाता है, वह चिंता का संकेत है। यह भी सोनिया गांधी की शैली से विचलन है. वरिष्ठ नेता सभी की बात सुनेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि संगठन में विभिन्न दृष्टिकोण प्रतिबिंबित हों। इतना ही नहीं, कई वरिष्ठों का कहना है कि पहले, यदि सोनिया गांधी नहीं, तो उनके राजनीतिक सचिव अहमद पटेल उनकी बात सुनते थे, शिकायत करते थे कि संचार का एक समान चैनल अब गायब है। वास्तव में, कुछ वरिष्ठों ने यह भी कहा कि उन्हें अपने मुद्दों को वर्तमान संगठनात्मक ढांचे के साथ संवाद करना अपमानजनक लगेगा, क्योंकि मामलों को संभालने वाले लोग उनसे कनिष्ठ हैं। सोनिया गांधी के पीछे हटने से उनकी शिकायतें सुनने वाला कोई नहीं है। अब आम आदमी पार्टी के लिए. पार्टी से कुछ बड़े लोग बाहर हुए हैं, और उनमें से अधिकांश आशुतोष और शाज़िया इल्मी जैसे संस्थापक सदस्य रहे हैं। जो लोग चले गए, उन्होंने कांग्रेस जैसी शैली की शिकायत की है, जहां एक छोटी सी मंडली की बात चलती है और यह सुनिश्चित करती है कि अधिकांश अन्य लोगों को अपने विचारों और समस्याओं को व्यक्त करने का मौका न मिले। राघव चड्ढा को हटाना पार्टी का विशेषाधिकार है और उनकी यह शिकायत जायज है कि वह पार्टी की प्रतिबद्धताओं से दूर रहे हैं। लेकिन उन्हें हटाने का समय और यह ताना कि वह “पीआर में लिप्त” थे, ने AAP को, जो राष्ट्रीय स्तर पर अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है, एक ईर्ष्यालु पार्टी की तरह बना दिया है जो यह बर्दाश्त नहीं कर सकती कि कोई भी अपने प्रमुख अरविंद केजरीवाल से अधिक लोकप्रिय हो। यह भी पढ़ें | चुप्पी, अनुपस्थिति या अधिक: AAP ने राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से क्यों हटाया? ऐसे समय में जब AAP अपने राष्ट्रीय पदचिह्न बनाने और विस्तार करने पर काम कर रही है, चड्ढा का उपयोग करना, जिन्होंने लोगों के मुद्दों को उठाकर लोकप्रियता हासिल की है, पार्टी को मदद मिल सकती थी। चड्ढा प्रकरण से यह भी पता चलता है कि कांग्रेस की तरह आम आदमी पार्टी में भी सब कुछ ठीक नहीं है। जैसे ही केजरीवाल कथा पर नियंत्रण पाने के लिए आगे आए, उनके और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के बीच तनावपूर्ण संबंधों की सुगबुगाहट होने लगी। एक शिकायत यह भी है कि हां में हां मिलाने वालों का एक छोटा सा समूह फैसले ले रहा है और आप की मूल टीम बाहर हो गई है, उनके लिए कोई खरीददार नहीं है। आप और कांग्रेस दोनों के लिए, यह इंतजार करने और देखने का समय है। फिलहाल, सुधार रुका हुआ है और बहुत कुछ आगामी राज्य चुनावों पर निर्भर करेगा। पहले प्रकाशित: 04 अप्रैल, 2026, 13:53 IST समाचार राजनीति पीढ़ीगत बदलाव या सिकुड़ती जगह? कांग्रेस और आप की असहमति की समस्या के अंदर अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)भारतीय राजनीतिक दलों में आंतरिक असंतोष(टी)आम आदमी पार्टी संकट(टी)राघव चड्ढा को हटाना(टी)कांग्रेस आंतरिक संघर्ष(टी)आनंद शर्मा आलोचना(टी)राहुल गांधी नेतृत्व(टी)सोनिया गांधी शैली(टी)अरविंद केजरीवाल मंडली

रणवीर सिंह कर सकते हैं चंद्रगुप्त मौर्य पर फिल्म:धुरंधर डायरेक्टर के साथ फिर बन सकती है जोड़ी, प्रोजेक्ट पर चर्चा जारी

रणवीर सिंह कर सकते हैं चंद्रगुप्त मौर्य पर फिल्म:धुरंधर डायरेक्टर के साथ फिर बन सकती है जोड़ी, प्रोजेक्ट पर चर्चा जारी

धुरंधर फ्रैंचाइजी की सफलता के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि डायरेक्टर आदित्य धर का अगला प्रोजेक्ट कौन सा होगा। एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि आदित्य धर रणवीर सिंह के साथ भी एक प्रोजेक्ट पर विचार कर रहे हैं। वैरायटी इंडिया की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया, आदित्य धर इस समय तीन स्क्रिप्ट पर विचार कर रहे हैं। इनमें द इम्मॉर्टल अश्वत्थामा, एक ऐतिहासिक फिल्म और एक बड़े लेवल की स्पोर्ट्स फिल्म शामिल है। उनकी अगली फिल्म इनमें से कोई एक हो सकती है, जब तक कि कोई नया प्रोजेक्ट प्राथमिकता में न आ जाए। एक सूत्र का कहना है कि द इम्मॉर्टल अश्वत्थामा आदित्य का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है। इस फिल्म पर उन्होंने पहले काफी काम किया था, लेकिन ज्यादा बजट के कारण इसे रोक दिया गया था। अब उनकी सक्सेस और इंडस्ट्री में बढ़ते भरोसे के चलते इस प्रोजेक्ट को फिर से शुरू करने की संभावना बनी हुई है। चंद्रगुप्त मौर्य पर आधारित फिल्म पर भी चर्चा एक अन्य सूत्र के मुताबिक, आदित्य धर चंद्रगुप्त मौर्य के शासनकाल पर आधारित ऐतिहासिक फिल्म बनाने में भी दिलचस्पी रखते हैं। इस प्रोजेक्ट को लेकर उनकी रणवीर सिंह के साथ पिछले साल से बातचीत चल रही है। धुरंधर की सफलता के बाद दोनों फिर से इस पर चर्चा कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, यह विषय अभी तक ज्यादा एक्सप्लोर नहीं हुआ है और इसमें ड्रामा, एक्शन और पॉलिटिक्स जैसे कई मजबूत एलिमेंट हैं। अगर ‘अश्वत्थामा’ नहीं बनती, तो यह प्रोजेक्ट आगे बढ़ सकता है। इसके अलावा, एक स्पोर्ट्स ड्रामा भी शुरुआती स्टेज में है, जो बड़े लेवल पर बनाया जा सकता है। हालांकि इसकी जानकारी अभी साफ नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, आदित्य धर धुरंधर 2 के तुरंत बाद नई फिल्म शुरू नहीं करेंगे। तीन साल तक एक ही फिल्म पर काम करने के बाद वह ब्रेक लेंगे।

हिमंत सरमा ने राहुल गांधी को ‘पप्पू’, गौरव गोगोई को ‘छोटा पप्पू’ कहा; कांग्रेस का पलटवार | भारत समाचार

बीजेपी ने असम में बड़े बदलाव की योजना बनाई, विधानसभा चुनाव से पहले 30 विधायकों को बदला जा सकता है | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:04 अप्रैल, 2026, 13:39 IST सीएम सरमा ने राहुल गांधी की गिरफ्तारी की धमकी को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें हिरासत में लेने के लिए इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और राहुल गांधी को भी पुनर्जन्म लेना होगा। सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी को “पप्पू” और गौरव गोगोई को “छोटा पप्पू” करार दिया। (पीटीआई/फ़ाइल) आगे तेज होती सियासी लड़ाई के बीच असम विधानसभा चुनाव, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और गौरव गोगोई पर निशाना साधते हुए उन्हें क्रमश: “पप्पू” और “छोटा पप्पू” कहा। राज्य में कांग्रेस के दोबारा सत्ता में आने पर उन्हें गिरफ्तार करने की राहुल गांधी की धमकी को खारिज करते हुए सीएम सरमा ने कहा कि उन्हें गिरफ्तार करने के लिए इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और खुद राहुल को भी पुनर्जन्म लेना होगा। श्रीभूमि में बोलते हुए, सरमा ने कहा, “जो लोग कहते हैं कि वे हिमंत बिस्वा सरमा, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और राहुल गांधी को गिरफ्तार करेंगे, उन्हें इसके लिए पुनर्जन्म लेना होगा। इस जीवनकाल में ऐसा नहीं होगा। कई जन्मों के बाद ही वे हिमंत बिस्वा सरमा के साथ कुछ कर पाएंगे।” राहुल गांधी ने गुरुवार को हिमंत बिस्वा सरमा को देश का “सबसे भ्रष्ट सीएम” करार दिया था और आरोप लगाया था कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ मिलकर राज्य में “लैंड एटीएम” चला रहे हैं। गांधी ने कहा, “भारत के सबसे भ्रष्ट सीएम हिमंत बिस्वा सरमा हैं और उनका परिवार भी भ्रष्टाचार में नंबर 1 है। कांग्रेस सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। हालांकि वह अभी घमंड कर रहे हैं, लेकिन उसके बाद वह पूरी तरह से चुप हो जाएंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि असम के मुख्यमंत्री सिंडिकेट के माध्यम से राज्य चला रहे हैं और अपने भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण उन पर पूरी तरह से पीएम मोदी का नियंत्रण है। गांधी ने जोर देकर कहा, “अगर सीएम माफी भी मांग लें तो भी कानून अपना काम करेगा और कार्रवाई की जाएगी। इसलिए वह डरे हुए हैं और वह जानते हैं कि एक दिन उन्हें जवाबदेह बनाया जाएगा। दुनिया में कोई भी उन्हें कानूनी कार्रवाई से नहीं बचा सकता।” कांग्रेस जवाब देती है सीएम सरमा की टिप्पणी पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की, पार्टी नेता पवन खेड़ा ने चेतावनी दी कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। खेड़ा ने एक्स पर पोस्ट किया, “चूंकि @हिमांताबिस्वा का मानना ​​है कि वह कानून से ऊपर हैं, इसलिए उन्हें एक प्राकृतिक नियम याद रखना चाहिए: आप जितना ऊंचे खड़े होंगे, उतना ही मुश्किल से गिरेंगे। सीएम आवास से तिहाड़ तक – यह केवल शुरुआत होगी।” तब से @हिमांताबिस्वा उनका मानना ​​है कि वह कानून से ऊपर हैं, उन्हें एक प्राकृतिक नियम याद रखना चाहिए: आप जितना ऊंचे खड़े होंगे, उतना ही जोर से गिरेंगे। सीएम आवास से तिहाड़ तक – यह केवल शुरुआत होगी। https://t.co/X8mXePtbG2 – पवन खेड़ा 🇮🇳 (@पवनखेड़ा) 4 अप्रैल 2026 सभी 126 के लिए मतदान असम में विधानसभा क्षेत्र 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा, जबकि वोटों की गिनती 4 मई को होनी है. असम में 126 सीटों वाली विधानसभा के लिए मौजूदा भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार और कांग्रेस के बीच लड़ाई होगी। जगह : असम, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 04 अप्रैल, 2026, 12:44 IST न्यूज़ इंडिया हिमंत सरमा ने राहुल गांधी को ‘पप्पू’, गौरव गोगोई को ‘छोटा पप्पू’ कहा; कांग्रेस का पलटवार अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)असम विधानसभा चुनाव(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)राहुल गांधी(टी)गौरव गोगोई(टी)असम राजनीतिक लड़ाई(टी)सबसे भ्रष्ट सीएम का आरोप(टी)कांग्रेस बनाम बीजेपी असम(टी)असम चुनाव 2026

एक ‘किस’ और 3 गुना बढ़ता दिमागी बीमारी का खतरा! आखिर क्या है ये एपस्टीन-बार वायरस, जिससे सतर्क कर रहे डॉक्टर?

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क्या आप जानते हैं कि एक छोटा सा ‘किस’ (Kiss) आपको उम्र भर के लिए दिमागी बीमारी दे सकता है? सुनने में यह बेकार सी बात लगे, लेकिन हाल ही में आई एक मेडिकल रिसर्च ने ऐसा ही पाया है. डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि ‘किसिंग डिजीज’ (Kissing Disease) के नाम से मशहूर एक मामूली सा दिखने वाला वायरस, दरअसल, भविष्य में आपकी नसों और दिमाग को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है. आखिर क्या है ये पूरा मामला और आपको किन लक्षणों से सावधान रहने की जरूरत है, जानते हैं. क्या है ये ‘किसिंग डिजीज’ और कैसे फैलती है?टीओटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मेडिकल भाषा में इसे ‘इन्फेक्शियस मोनोन्यूक्लिओसिस’ (Infectious Mononucleosis) कहा जाता है. यह बीमारी ‘एपस्टीन-बार वायरस’ (EBV) की वजह से होती है, जो दुनिया के सबसे आम संक्रमणों में से एक है. दिलचस्प बात यह है कि इसे ‘किसिंग डिजीज’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह मुख्य रूप से लार (Saliva) के जरिए फैलती है. हालांकि, यह सिर्फ किस करने से ही नहीं, बल्कि झूठा खाने, एक ही गिलास से पानी पीने या रोजमर्रा के करीबी संपर्क से भी फैल सकती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. MS से जुड़ा है गहरा नाताअमेरिका में लगभग 19,000 लोगों पर की गई एक स्टडी (Mayo Clinic-led study) में यह पाया गया कि जिन लोगों को कभी ‘मोनो’ यानी किसिंग डिजीज हुई थी, उनमें भविष्य में मल्टीपल स्केलेरोसिस (MS) होने का खतरा उन लोगों के मुकाबले तीन गुना अधिक था जिन्हें यह संक्रमण कभी नहीं हुआ. रिसर्च यह भी बताती है कि संक्रमित लोगों में यह दिमागी बीमारी सामान्य से काफी पहले भी दिखाई देने लगती है. आखिर क्या है ये मल्टीपल स्केलेरोसिस (MS)?MS एक ऐसी क्रोनिक स्थिति है जिसमें हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम ही अपनी नसों की सुरक्षात्मक परत (Myelin Sheath) पर हमला कर देता है. इससे दिमाग और शरीर के बाकी हिस्सों के बीच संकेतों का तालमेल बिगड़ जाता है. इसकी शुरुआत थकान, नजर धुंधली होने, सुन्नपन और शरीर का संतुलन बिगड़ने जैसे लक्षणों से होती है, जो वक्त के साथ बढ़ते चले जाते हैं. एक्सपर्ट्स की क्या है राय?अपोलो हॉस्पिटल (हैदराबाद) के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार का कहना है कि EBV वायरस और MS के बीच लिंक तो मजबूत है, लेकिन यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह वायरस ही इकलौता कारण है. उनके अनुसार, “EBV उन लोगों में एक ‘ट्रिगर’ की तरह काम कर सकता है जो आनुवंशिक रूप से इसके प्रति संवेदनशील हैं.” वहीं, एम्स दिल्ली की न्यूरोलॉजी विभाग की प्रमुख प्रो. मंजरी त्रिपाठी का मानना है कि भारत में बच्चों और किशोरों में यह वायरस बहुत आम है, लेकिन हर किसी को इससे घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि संक्रमण होने के बावजूद बीमारी होने का वास्तविक खतरा अभी भी बहुत कम है. इन लक्षणों को बिल्कुल न करें नजरअंदाजडॉक्टरों का कहना है कि रूटीन मॉनिटरिंग की जरूरत नहीं है, लेकिन जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है. यदि आपको नीचे दिए गए लक्षण 24 घंटे से अधिक समय तक महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें: -आँखों में दर्द या धुंधला दिखाई देना.-हाथ-पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन महसूस होना.-बिना किसी कारण के बहुत ज्यादा थकान रहना.-रीढ़ की हड्डी में बिजली जैसा झटका महसूस होना.-अचानक आई कमजोरी या शरीर का संतुलन बिगड़ना. बचाव ही सबसे बड़ा समाधान-इस दिशा में वैज्ञानिक काम कर रहे हैं और यह चर्चा कर रहे हैं कि क्या एपस्टीन-बार वायरस (EBV) के खिलाफ कोई वैक्सीन तैयार की जा सकती है या नहीं. फिलहाल, स्वच्छता बनाए रखना, किसी का झूठा खाना पानी न पीना और अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत रखना ही इससे बचने के सबसे आसान तरीके हैं.  रिसर्च के नतीजे निश्चित रूप से चिंताजनक हैं, लेकिन घबराने के बजाय अपनी सेहत को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है. याद रखें, जानकारी ही बचाव का पहला कदम है!

बजरंगगढ़ में नदी में मिला लापता युवक का शव:हनुमान जयंती के दिन टेकरी पर दर्शन करने का कहकर निकला था; नदी के पास मिली थी बाइक

बजरंगगढ़ में नदी में मिला लापता युवक का शव:हनुमान जयंती के दिन टेकरी पर दर्शन करने का कहकर निकला था; नदी के पास मिली थी बाइक

गुना के बजरंगगढ़ थाना क्षेत्र में लापता युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। आरोन निवासी 28 वर्षीय कमल साहू, जो 2 अप्रैल से लापता था, उसका शव शनिवार सुबह चौपेट नदी में तैरता हुआ मिला। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। थाना प्रभारी कृपाल सिंह परिहार के अनुसार, कमल साहू 2 अप्रैल की शाम घर से यह कहकर निकला था कि वह अपनी ससुराल सेमरी और हनुमान टेकरी दर्शन के लिए जा रहा है। लेकिन 3 अप्रैल तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने आरोन थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। शुक्रवार को पुलिस को बजरंगगढ़ के पास चौपेट नदी किनारे एक लॉक लगी बाइक मिली, जिसके बाद परिजनों को सूचना दी गई और आसपास सर्चिंग शुरू की गई। शनिवार सुबह सर्चिंग के दौरान मृतक के ससुर सहित अन्य परिजन भी मौके पर पहुंचे, तभी नदी में युवक का शव उतराता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम कराया और बाद में परिजनों को सौंप दिया। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। मृतक के भाई अंकित साहू ने बताया कि कमल ने घर से निकलते समय किसी प्रकार की परेशानी का जिक्र नहीं किया था और न ही उसकी किसी से कोई रंजिश थी। उसका मोबाइल भी अगले दिन से बंद आ रहा था। मृतक के परिवार में पत्नी और दो साल की एक बेटी है। वह परिवार के साथ गल्ले के व्यापार से जुड़ा हुआ था। फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।

तिरुपति पहुंचे RCB के खिलाड़ी:रजत पाटीदार और जितेश शर्मा ने टेका मत्था; कल चेन्नई से होगा बड़ा मुकाबला

तिरुपति पहुंचे RCB के खिलाड़ी:रजत पाटीदार और जितेश शर्मा ने टेका मत्था; कल चेन्नई से होगा बड़ा मुकाबला

IPL 2026 के हाई-वोल्टेज मुकाबले में कल यानी 5 अप्रैल को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच भिड़ंत होनी है। इस बड़े मैच से पहले बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार और विकेटकीपर बल्लेबाज जितेश शर्मा ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम पहुंचकर भगवान वेंकटेश्वर का आशीर्वाद लिया। दोनों खिलाड़ियों ने मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की और अपनी टीम की सफलता के लिए प्रार्थना की। पिछले सीजन (2025) में भी इन दोनों खिलाड़ियों ने इसी तरह तिरुपति जाकर मत्था टेका था, जो अब टीम के लिए एक नई परंपरा जैसा बनता जा रहा है। प्रशंसकों की उमड़ी भीड़, मंदिर में ली सेल्फी जब पाटीदार और जितेश मंदिर परिसर के भीतर थे, तो उन्हें देखने के लिए प्रशंसकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हालांकि, सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को संभाला और खिलाड़ियों के दर्शन में कोई बाधा नहीं आने दी। इस दौरान खिलाड़ियों ने मंदिर समिति के पुजारियों के साथ सेल्फी भी ली और कुछ समय वहां बिताया। 7 दिन के ब्रेक के बाद उतरेगी RCB रजत पाटीदार की कप्तानी में ‘प्ले बोल्ड’ आर्मी ने अपने अभियान की शुरुआत शानदार तरीके से की है। उन्होंने अपने घरेलू मैदान एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) को हराकर दबदबा बनाया था। इस जीत के बाद टीम को 7 दिनों का लंबा ब्रेक मिला है। अब अपना दूसरा मैच भी एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में चेन्नई के खिलाफ खेलेंगे। दूसरी ओर, चेन्नई सुपर किंग्स के लिए इस सीजन की शुरुआत किसी बुरे सपने जैसी रही है। ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी वाली CSK को अपने शुरुआती दोनों मैचों में राजस्थान रॉयल्स और पंजाब किंग्स के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा है। आंकड़ों में चेन्नई आगे, लेकिन हालिया फॉर्म में बेंगलुरु का पलड़ा भारी RCB और CSK के बीच होने वाले इस मुकाबले को ‘साउदर्न डर्बी’ कहा जाता है, जिसमें दोनों शहरों की प्रतिष्ठा दांव पर होती है। अगर इतिहास की बात करें तो चेन्नई का पलड़ा भारी रहा है। दोनों के बीच हुए कुल 36 मैचों में से चेन्नई ने 22 जीते हैं, जबकि बेंगलुरु को 13 में जीत मिली है। वहीं, एक मैच बिना रिजल्ट का रहा। हालांकि, हालिया रिकॉर्ड बेंगलुरु के पक्ष में जाता दिख रहा है। पिछले 4 मुकाबलों में RCB ने 3-1 की बढ़त बना रखी है। ——————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… युवराज बोले- धोनी के सच्चाई बताने के बाद लिया रिटायरमेंट:कप्तान विराट, कोच ने स्पष्ट नहीं किया था कि आगे टीम में लेंगे या नहीं 2011 वर्ल्ड कप के हीरो रहे युवराज सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा कि धोनी से पता चला था कि अब चयनकर्ता उनके नाम पर विचार नहीं कर रहे हैं। इसके बाद ही युवराज ने 10 जून 2019 को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट सें संन्यास ले लिया था। स्पोर्ट्स तक से बातचीत में युवराज ने कहा कि 36-37 साल की उम्र में जब वे टीम से अंदर-बाहर हो रहे थे, तब न तो नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA), न ही कप्तान विराट कोहली और न ही कोच रवि शास्त्री ने उनसे सीधे बात की। पूरी खबर

तिरुपति पहुंचे RCB के खिलाड़ी:रजत पाटीदार और जितेश शर्मा ने टेका मत्था; कल चेन्नई से होगा बड़ा मुकाबला

तिरुपति पहुंचे RCB के खिलाड़ी:रजत पाटीदार और जितेश शर्मा ने टेका मत्था; कल चेन्नई से होगा बड़ा मुकाबला

IPL 2026 के हाई-वोल्टेज मुकाबले में कल यानी 5 अप्रैल को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच भिड़ंत होनी है। इस बड़े मैच से पहले बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार और विकेटकीपर बल्लेबाज जितेश शर्मा ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम पहुंचकर भगवान वेंकटेश्वर का आशीर्वाद लिया। दोनों खिलाड़ियों ने मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की और अपनी टीम की सफलता के लिए प्रार्थना की। पिछले सीजन (2025) में भी इन दोनों खिलाड़ियों ने इसी तरह तिरुपति जाकर मत्था टेका था, जो अब टीम के लिए एक नई परंपरा जैसा बनता जा रहा है। प्रशंसकों की उमड़ी भीड़, मंदिर में ली सेल्फी जब पाटीदार और जितेश मंदिर परिसर के भीतर थे, तो उन्हें देखने के लिए प्रशंसकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हालांकि, सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को संभाला और खिलाड़ियों के दर्शन में कोई बाधा नहीं आने दी। इस दौरान खिलाड़ियों ने मंदिर समिति के पुजारियों के साथ सेल्फी भी ली और कुछ समय वहां बिताया। 7 दिन के ब्रेक के बाद उतरेगी RCB रजत पाटीदार की कप्तानी में ‘प्ले बोल्ड’ आर्मी ने अपने अभियान की शुरुआत शानदार तरीके से की है। उन्होंने अपने घरेलू मैदान एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) को हराकर दबदबा बनाया था। इस जीत के बाद टीम को 7 दिनों का लंबा ब्रेक मिला है। अब अपना दूसरा मैच भी एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में चेन्नई के खिलाफ खेलेंगे। दूसरी ओर, चेन्नई सुपर किंग्स के लिए इस सीजन की शुरुआत किसी बुरे सपने जैसी रही है। ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी वाली CSK को अपने शुरुआती दोनों मैचों में राजस्थान रॉयल्स और पंजाब किंग्स के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा है। आंकड़ों में चेन्नई आगे, लेकिन हालिया फॉर्म में बेंगलुरु का पलड़ा भारी RCB और CSK के बीच होने वाले इस मुकाबले को ‘साउदर्न डर्बी’ कहा जाता है, जिसमें दोनों शहरों की प्रतिष्ठा दांव पर होती है। अगर इतिहास की बात करें तो चेन्नई का पलड़ा भारी रहा है। दोनों के बीच हुए कुल 36 मैचों में से चेन्नई ने 22 जीते हैं, जबकि बेंगलुरु को 13 में जीत मिली है। वहीं, एक मैच बिना रिजल्ट का रहा। हालांकि, हालिया रिकॉर्ड बेंगलुरु के पक्ष में जाता दिख रहा है। पिछले 4 मुकाबलों में RCB ने 3-1 की बढ़त बना रखी है। ——————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… युवराज बोले- धोनी के सच्चाई बताने के बाद लिया रिटायरमेंट:कप्तान विराट, कोच ने स्पष्ट नहीं किया था कि आगे टीम में लेंगे या नहीं 2011 वर्ल्ड कप के हीरो रहे युवराज सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा कि धोनी से पता चला था कि अब चयनकर्ता उनके नाम पर विचार नहीं कर रहे हैं। इसके बाद ही युवराज ने 10 जून 2019 को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट सें संन्यास ले लिया था। स्पोर्ट्स तक से बातचीत में युवराज ने कहा कि 36-37 साल की उम्र में जब वे टीम से अंदर-बाहर हो रहे थे, तब न तो नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA), न ही कप्तान विराट कोहली और न ही कोच रवि शास्त्री ने उनसे सीधे बात की। पूरी खबर