UPPSC ROARO 2023 Final Result Declared

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने समीक्षा अधिकारी (RO) और सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) परीक्षा-2023 का अंतिम चयन परिणाम रविवार देर रात को जारी कर दिया है। आयोग द्वारा कुल 419 रिक्तियों के सापेक्ष 419 अभ्यर्थियों को सशर्त रूप से सफल घोषित किया गया . इसमें अनिल पांडेय ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जबकि आदित्य प्रताप सिंह दूसरे और लक्ष्मी वर्मा तीसरे स्थान पर रही हैं। जबकि अमेठी के शिवांशु शर्मा ने 6वीं और शिवम शुक्ला ने 10वीं रैंक हासिल की। सफल 419 अभ्यर्थियों में से 338 समीक्षा अधिकारी के पदों पर और 81 सहायक समीक्षा अधिकारी के पदों पर चयनित हुए हैं। जिसमें कुल 5,930 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इसके बाद सहायक समीक्षा अधिकारी पद के लिए हिंदी टंकण (टाइपिंग) परीक्षा 16 से 19 फरवरी 2026 के बीच संपन्न हुई थी। यह तस्वीर 8 महीने पहले हुई समीक्षा अधिकारी–सहायक समीक्षा अधिकारी (RO-ARO) की प्रारंभिक परीक्षा के दौरान की है। मूल प्रमाण पत्रों का होगा वेरिफिकेशन आयोग के सचिव अशोक कुमार ने बताया है कि यह परिणाम पूरी तरह से औपबन्धिक (Conditional/Provisional) है। सभी सफल अभ्यर्थियों के मूल प्रमाण पत्रों के सत्यापन के बाद ही उनकी अंतिम संस्तुति भेजी जाएगी। प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए अलग से सूचना जारी की जाएगी। परीक्षा में कुल आवेदन 10,76,004 कुल प्राप्त हुए थे। जिसके प्रारंभिक परीक्षा 4,54,589 परीक्षा में अभ्यर्थी उपस्थित थे। यह परीक्षा 11 फरवरी 2024 को पहली बार आयोजित हुई थी। जिसके प्रारंभिक परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो गया था। बाद में 27 जुलाई 2025 को प्री का एग्जाम कराया गया। वहीं मुख्य परीक्षा 02 और 03 फरवरी, 2026 को आयोजित की गई थी। पहले यह 31 जनवरी और 1 फरवरी को प्रस्तावित थी, लेकिन अन्य परीक्षाओं के टकराव के कारण तिथि बदली गई। जिसमें 7,509 प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले अभ्यार्थियों ने पेपर दिया था। नौ अक्टूबर 2023 को शुरू हुई इस परीक्षा का अंतिम रिजल्ट ढाई साल बाद आया है। पहले पदों की संख्या 411 थी जो बाद में बढ़कर 419 हो गया। कहां देखें रिजल्ट अभ्यर्थी अपना परिणाम आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://uppsc.up.nic.in पर देख सकते हैं। अभ्यर्थियों के प्राप्तांक और श्रेणीवार कट-ऑफ अंक भी जल्द ही वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे। अमेठी के शिवांशु शर्मा और शिवम शुक्ला ने टॉप टेन में बनाई जगह अमेठी के शिवांशु शर्मा ने RO/ARO परीक्षा 2023 में 6वीं रैंक हासिल की। RO/ARO परीक्षा 2023 के रिजल्ट में अमेठी के 2 युवकों ने टॉप टेन में जगह बनाई। भेटुआ ब्लॉक की ग्राम पंचायत शिवगढ़ जलालपुर के संड़िला गांव निवासी शिवांशु शर्मा ने 6वीं रैंक प्राप्त की है। उनके पिता राम सजीवन शर्मा आवास विकास के रिटायर्ड ड्राइंग इंजीनियर हैं, जबकि माता सावित्री शर्मा गृहणी हैं। शिवांशु ने वर्ष 2020 से परीक्षा की तैयारी शुरू की थी। उन्होंने लखनऊ स्थित अपने घर पर रहकर ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई की। इससे पहले, उनका चयन भारतीय स्टेट बैंक में क्लर्क और रेलवे में स्टेशन मास्टर के पद पर भी हो चुका है। उनका लक्ष्य आगे चलकर आईपीएस अधिकारी बनना है। अमेठी के शिवम शुक्ला ने 10वीं रैंक हासिल की। ग्राम पंचायत टिकरी के श्री का पुरवा गांव निवासी शिवम शुक्ला ने 10वीं रैंक हासिल की है। उनके पिता विनोद शुक्ला रणछोर इंटर कॉलेज के प्रबंधक हैं और माता वृजलेश शुक्ला गृहणी हैं। शिवम ने इलाहाबाद में रहकर कोचिंग के माध्यम से तैयारी की और यह सफलता प्राप्त की। उनकी इस उपलब्धि से गांव में उत्सव जैसा माहौल है। विकास शुक्ला, धीरेंद्र शुक्ला, प्रमोद शुक्ला और अंकित तिवारी सहित कई लोगों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। ——————– ये खबर भी पढ़ें… पंक्चर बनाने वाले की बेटी बनी नायब तहसीलदार:यूपी PCS पास किया तो मंदिर में फूट-फूटकर रोया, ननद डिप्टी एसपी, भाभी CTO बनीं यूपी पीसीएस 2024 में दिल्ली की नेहा पंचाल ने टॉप किया है। रायबरेली की अनन्या त्रिवेदी दूसरे और अभय प्रताप सिंह तीसरे नंबर पर हैं। टॉप 10 में 6 लड़कियां हैं। बुलंदशहर की गायत्री वर्मा नायब तहसीलदार बनी हैं। इस कैटेगरी में उनकी 210वीं रैंक आई है। गायत्री के पिता राजकुमार पंक्चर की दुकान चलाते हैं। उसी में उनकी चाय की दुकान भी है। पढ़िए पूरी खबर
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ‘बंगाल के लोगों को भूख लगती है मोदी सरकार’, केंद्र पर अभिषेक बनर्जी ने कहा- झूठ बोला तो दो मुझे जेल भेज दिया

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले ऑर्थोडॉक्स कांग्रेस (टीएमसी) के उम्मीदवार और रिपब्लिकन अभिषेक ने रविवार (5, 2026) को केंद्र की मोदी सरकार पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव में टीएमसी टीएमसी बार-बार पश्चिम बंगाल की सत्ता में है, इसलिए केंद्र सरकार ने यहां के लोगों को पिछले पांच साल से राज्य का गुलाम बनाकर रखा है। केंद्र ने राज्य का एक लाख करोड़ से अधिक लाख करोड़ से अधिक का अभिषेक किया न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पूर्व बर्धमान जिले की एक रैली को लेकर अभिषेक बनर्जी ने कहा कि अगर वह झूठ बोल रहे हैं तो बीजेपी सबूतों के साथ अपना खंडन करे और उन्हें जेल भेज दे। उन्होंने कहा, ‘केंद्र ने राज्य की कंपनियों के लिए एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री अभी तक जारी नहीं की है। ऐसा पश्चिम बंगाल के गरीब लोगों को भूखा मारने के लिए किया जाता है, क्योंकि बंगाल के लोगों ने कांस्टीट्यूशनल क्षेत्र में लोक सभा कांग्रेस को सत्ता में रखा है।’ ममता बनर्जी ने तमाम मुश्किलों का सामना करते हुए अभिनन्दन किया पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर सीट से समाजवादी पार्टी के नेता और विपक्ष ने कहा, ‘केंद्र ने इतनी मुश्किल क्यों नहीं की है, लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस चुनौती का सामना किया है और ग्रामीण रोजगार के लिए कर्मश्री, आवास के लिए बंगलेर बारी और साझीदार संघ जैसी कंपनियों ने राज्य के लिए अपनी योग्यता से नामांकन किया है।’ उन्होंने कहा, ‘टीएमसी हमेशा आपके चेहरे पर मुस्कान देखना चाहती है, जबकि मोदी आपकी आंखों में आंखें मूंदकर देखना चाहते हैं क्योंकि आपके चेहरे पर विपक्षी उम्मीदवार बीजेपी को मात देते हैं।’ उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि आप बंगाल विरोधी पार्टी को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए इस साजिश की रचना करें। यह भी पढ़ें: असम विधानसभा चुनाव 2026: ‘हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी के पास 3 पासपोर्ट कैसे?’ कांग्रेस पर भड़के असम के सीएम, कहा- 48 घंटे के अंदर…
अगर घर में है ये 5 पत्तों वाला पौधा तो बार-बार डॉक्टर के पास नहीं जाना होगा! इससे कई बीमारियों का इलाज

Last Updated:April 05, 2026, 23:00 IST Nirgundi Benefits: रीवा आयुर्वेद हॉस्पिटल के डीन ने बताया, चरक और सुश्रुत संहिता में निर्गुंडी को विषनाशक और कृमिनाशक गुणों के लिए जाना जाता है. यह वात और कफ दोष को संतुलित करती है, दर्द कम करती है और सूजन, घाव, तथा बैक्टीरिया को नष्ट करती है. जानें और फायदे… Ayurvedic Health Tips: आयुर्वेद में निर्गुंडी को एक चमत्कारी औषधि माना जाता है. संस्कृत में इसका अर्थ “शरीर को रोगों से बचाने वाली” होता है. यह पौधा पूरे भारत में कई जगह पाया जाता है. विंध्य क्षेत्र के जंगलों और पहाड़ में आमतौर पर पाया जाता है. निर्गुंडी के पत्तों से विशिष्ट दुर्गंध आती है और इसके नीले तथा सफेद फूलों वाली प्रजातियां प्रमुख हैं. निर्गुंडी के दो प्रकार हैं, पांच या तीन पत्तों वाला और केवल तीन पत्तों वाला. आयुर्वेदाचार्य से जानें इसका प्रभाव. रीवा आयुर्वेद हॉस्पिटल के डीन (MD) डाॅ. दीपक कुलश्रेष्ठ ने बताया, आयुर्वेदिक ग्रंथों जैसे चरक संहिता और सुश्रुत संहिता में निर्गुंडी को विषनाशक और कृमिनाशक गुणों के लिए जाना जाता है. यह वात और कफ दोष को संतुलित करती है, दर्द कम करती है और सूजन, घाव, तथा बैक्टीरिया को नष्ट करती है. यह भूख बढ़ाने, पाचन सुधारने, लीवर को स्वस्थ रखने और मासिक धर्म संबंधी समस्याओं में भी लाभकारी है. इसके अतिरिक्त, यह टायफाइड, बुखार, खुजली, सूखी खांसी और कान बहने जैसे रोगों में भी प्रभावी माना जाता है. सिर से लेकर पेट दर्द में कारगरनिर्गुंडी के औषधीय उपयोग अनेक हैं. सिरदर्द के लिए दो से चार ग्राम फल चूर्ण शहद के साथ लेने या पत्तों का लेप लगाने से राहत मिलती है. नाक बहने की समस्या में इसके पत्तों के रस से बना तेल एक-दो बूंद डालने से लाभ होता है. गले के दर्द और मुंह के छालों के लिए इसके पत्तों के उबले पानी से कुल्ला करना फायदेमंद है. पेट की समस्याओं के लिए 10 मिली पत्तों का रस, काली मिर्च और अजवायन मिलाकर लेने से पाचन शक्ति बढ़ती है. टायफाइड में बढ़े हुए लीवर और तिल्ली के लिए इसके चूर्ण को हरड़ और गोमूत्र के साथ लेने की सलाह दी जाती है. महिलाओं के लिए भी लाभकारीवहीं, महिलाओं में मासिक धर्म की अनियमितता के लिए निर्गुंडी बीज का चूर्ण सुबह-शाम लेना लाभकारी है. साइटिका और गठिया में इसके पत्तों का काढ़ा या जड़ का चूर्ण तिल के तेल के साथ लेने से दर्द में आराम मिलता है. मोच, सूजन और चर्म रोगों जैसे एक्जिमा और दाद में इसके पत्तों का लेप या तेल लगाना प्रभावी है. मलेरिया और निमोनिया जैसे बुखार में इसके काढ़े का सेवन लाभकारी होता है. बच्चों के भी आए काम निर्गुंडी का उपयोग बच्चों के दांत निकलने, शारीरिक कमजोरी दूर करने, और त्वचा की समस्याओं में भी किया जाता है. इसके रस की मात्रा 10-20 मिली और चूर्ण की तीन से छह ग्राम प्रतिदिन लेने की सलाह दी जाती है. यह पौधा आयुर्वेद में स्वास्थ्य और उपचार का प्रतीक है, जो प्राकृतिक रूप से रोगों से लड़ने की शक्ति देता है. (नोट: किसी भी औषधीय को लेने से पहले अपने चिकित्सक की सलाह जरूर लेनी चाहिए. किसी भी औषधीय से होने वाले नुकसान की सही सलाह केवल आपका औषधीय चिकित्साक ही दे सकता है.) About the Author Rishi mishra एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें Location : Rewa,Madhya Pradesh First Published : April 05, 2026, 23:00 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
‘कांग्रेस ने जमीन पर कब्ज़ा किया, अवैध यात्रा को बढ़ावा दिया’, मारियानी में नारा दिया, ओडिशा के सीएम मोहन चरण माझी

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित असम में होने वाले अप्रैल वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य में मचे सियासी दंगल के बीच ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार (5, 2026) को जनता पार्टी (बीजेपी) के समर्थन में भारतीय रूपज्योति कुर्मी के समर्थन में मारियानी विधानसभा क्षेत्र में एक निवेशक को चुनावी मैदान में उतारा। अपने अर्थशास्त्र में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने असम में पिछले एक दशक में हुए बदलावों को देखते हुए भाजपा सरकार की वकालत की। उन्होंने कहा कि पहले असम की ओर से अवशेषों और दांतों से जुड़े अवशेषों की पहचान की गई थी, लेकिन आज मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में राज्य में शांति स्थापित हुई है। वर्तमान सरकार ने राज्य के मापदंडों को दी सुरक्षाः माझी ओडिशा के मुख्यमंत्री ने असम की अपार संपदा का जिक्र करते हुए यहां के पर्यटन और स्मारक क्षेत्रों के बारे में विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने काजीरंगा नेशनल पार्क का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान कई गैंडों का शिकार हुआ था, जबकि वर्तमान सरकार ने पोटाशों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की थी। माझी ने बड़े पैमाने पर अवैध पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रस्ताव का भी आरोप लगाया, जिससे भूमि व्यवस्था की समस्या गंभीर हो गई। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने इस मुद्दे पर कठोर रुख अपनाया है और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में इस पर प्रभावी कार्रवाई की गई है. असम के विकास का कर रहे नेतृत्व माझी उन्होंने हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वे न सिर्फ असम के विकास का नेतृत्व कर रहे हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र की प्रगति में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। माझी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को श्रेय देते हुए कहा कि उनके घोटाले में असम का विकास प्रमुखता से किया जा रहा है, इसी कारण राज्य अब देश के विकास की दृष्टि का केंद्र बन गया है। इसके अलावा, ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि माझी ने चीन पर आक्रमण के समय का ज़िक्र किया था और कहा था कि उस दौर में प्रधानमंत्री सचिवालय नेहरू ने असम के लिए कम्युनिस्ट चिंता की लहर रखी थी, जबकि वर्तमान नेतृत्व ने ठोस विकास कार्य किए हैं। डबल इंजन सरकार ने नाव से मुक्त कराई भूमि माझी असम की आर्थिक और सांस्कृतिक पहचान पर प्रकाश डाला गया ओडिशा के सीएम मोहन चरण माझी ने असम चाय की वैश्विक पहचान और मुगा और एरी रेशम की अंतर्राष्ट्रीय ख्याति का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि डबल इंजन सरकार बनने के बाद लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये की शेष भूमि को मुक्त कराया गया है। माझी ने कहा कि भाजपा सरकार की विभिन्न योजनाओं से गरीबों, महिलाओं को लाभ मिला है और उनकी सरकार में सुधार हुआ है। चाय बागानों के बागानों को, जो लंबे समय से भूमि अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे थे, अब भूमि आवंटन दिए जा रहे हैं और उनके दैनिक स्वामित्व में भी वृद्धि हुई है। ओडिशा के सीएम ने मारियानी से बीजेपी की ओर से समर्थन मांगा हालाँकि, मारियानी विधानसभा क्षेत्र में आयोजित मिश्रा के दौरान भाजपा प्रत्याशी रूपज्योति कुर्मी उपस्थित नहीं थे, फिर भी माझी ने आगामी चुनाव में जनता से अपने पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भाजपा की जीत से क्षेत्र में शांति और विकास की शांति बनी रहेगी। उन्होंने मारियानी की जनता से भाजपा उम्मीदवार को स्थिरता और प्रगति के लिए समर्थन देने की अपील की। यह भी पढ़ें: असम विधानसभा चुनाव 2026: ‘हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी के पास 3 पासपोर्ट कैसे?’ कांग्रेस पर भड़के असम के सीएम, कहा- 48 घंटे के अंदर… (टैग्सटूट्रांसलेट)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)ओडिशा(टी)मोहन चरण माझी(टी)हिमंता बिस्वा सरमा(टी)बीजेपी(टी)कांग्रेस(टी)पीएम मोदी(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)ओडिशा(टी)मोहन चरण माझी(टी)हिमंता बिस्वा सरमा(टी)भाजपा(टी)कांग्रेस(टी)पीएम मोदी
मुंबई से जैश के 2 आतंकी पकड़े गए:दिल्ली में आतंकी हमले की साजिश कर रहे थे, भारत विरोधी मिशन खिलाफत से जुड़े तार

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और महाराष्ट्र ATS ने मुंबई से जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकियों गिरफ्तार किया है। दोनों पर दिल्ली में आतंकी हमले की साजिश रचने का आरोप है। महाराष्ट्र ATS ने रविवार को बताया कि दोनों आतंकी मोस्साब अहदम और मोहम्मद हमद कोल्लारा को शुक्रवार को अरेस्ट किया था। अब उन्हें दिल्ली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। दोनों जैश के साथ इस्लामिक स्टेट से भी जुड़े थे। इसके अलावा भारत विरोधी संगठन मिशन खिलाफत और सोल्जर्स ऑफ प्रोफेट से भी जुड़े थे। खिलौने की कार से बम धमाके की साजिश रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी IED बम बनाना सीख रहे थे। वह दिल्ली में खिलौने की कार में बम छिपाकर हमला करने की प्लानिंग कर रहे थे। जांच एजेंसियां अब इस मामले के पैन-इंडिया नेटवर्क की भी जांच कर रही हैं। मुंबई में 4-5 नाबालिग भी एजेंसियों के रडार पर हैं, जो ऐसे प्रोपेगेंडा से प्रभावित हैं। जांच में पता चला है कि यह पूरा मॉड्यूल ओडिशा से संचालित हो रहा था और इसके हैंडलर भी सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर हैं। पुलिस की स्पेशल सेल को आरोपियों से आपत्तिजनक दस्तावेज, मोबाइल फोन और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी मिले हैं। दोनों आरोपियों को ऑनलाइन हैंडलरों अबू हुफेजा के संपर्क में आए और उसने इनका ब्रेनवॉश किया। उसी ने इन्हें जैश-ए-मोहम्मद से जोड़ा। 30 मार्च को लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा शब्बीर अहमद लोन दिल्ली में अरेस्ट दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों ने 30 मार्च को लश्कर-ए-तैयबा (Let) से जुड़े आतंकी शब्बीर अहमद लोन को दिल्ली बॉर्डर से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह बांग्लादेश से भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। पुलिस के मुताबिक, शब्बीर दिल्ली, कोलकाता और तमिलनाडु में आतंकी गतिविधियों के लिए युवाओं की भर्ती करने की तैयारी में था। यह पूरा नेटवर्क पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर ऑपरेट हो रहा था। साल 2007 में भी दिल्ली पुलिस ने आतंकवाद के आरोपों में लोन को गिरफ्तार किया था। 2019 में जमानत मिलने के बाद वह बांग्लादेश भाग गया था। ————————— ये खबर भी पढ़ें… जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में एक आतंकी ढेर:कल रात से ऑपरेशन चल रहा था; एक और आतंकी के छिपे होने की सूचना जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में सेना ने बुधवार सुबह एक आतंकवादी को ढेर कर दिया। यह ऑपरेशन मंगलवार रात से जारी था। एक अधिकारी ने बताया कि खास इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर, पुलिस और सेना की एक जॉइंट टीम ने मंगलवार शाम को घेराबंदी और सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पूरी खबर पढें…
मुलताई में घर में आग लगी, 3 बाइक जली:25 से 30 क्विंटल गेहूं और सोयाबीन भी राख, 5 लाख का नुकसान

मुलताई के ग्राम मंगोना कला की पुरानी बस्ती में रविवार देर रात आग लग गई। घटना में ग्रामीण नामदेव उकंडे का घर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। आग इतनी तेजी से फैली कि घर में रखा लाखों का सामान बचाने का मौका भी नहीं मिला। फिलहाल आग लगने की असली वजह सामने नहीं आई है। रात के सन्नाटे में जब आग की ऊंची लपटें उठीं, तो पूरे गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीण आनन-फानन में बाल्टियां लेकर दौड़ पड़े और अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तेज हवा के कारण आग काबू से बाहर हो गई। सूचना मिलते ही मुलताई नगर पालिका की दमकल टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद लपटों पर काबू पाया। लाखों का सामान जलकर हुआ राख स्थानीय निवासी यश झरबड़े ने बताया कि इस हादसे में नामदेव उकंडे का सब कुछ बर्बाद हो गया है। घर में रखी तीन मोटरसाइकिलें पूरी तरह जल गईं। इसके अलावा साल भर की मेहनत से उगाया गया करीब 25 से 30 क्विंटल गेहूं और सोयाबीन भी आग की भेंट चढ़ गया। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, परिवार को 5 लाख रुपए से ज्यादा का आर्थिक नुकसान हुआ है। कोई जनहानि नहीं, जांच में जुटा प्रशासन राहत की बात यह रही कि इस हादसे में परिवार का कोई सदस्य हताहत नहीं हुआ, सभी सुरक्षित हैं। घटना की खबर मिलते ही राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है। अधिकारी नुकसान का पंचनामा तैयार कर रहे हैं ताकि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा मिल सके। पुलिस भी मामले की जांच कर रही है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी या कोई और वजह थी।
जन्म से खराब कान, 1 इंजेक्शन से सुनायी देने लगी आवाजें, क्या है जीन थेरेपी?

Last Updated:April 05, 2026, 22:43 IST Birth Deafness Cure: कई लोगों में जन्म से ही सुनने की क्षमता नहीं होती है. इस समस्या को ठीक करने के लिए अब तक किसी तरह का इलाज नहीं था. लेकिन हालिया स्टडी में यह सामने आया है कि जीन थेरेपी के जरिए जन्म से बहरे लोगों की सुनने की क्षमता वापस लाई जा सकती है. जीन थेरेपी क्या है? कैसे काम करता है, चलिए समझते हैं. ख़बरें फटाफट जन्म से सुनने की क्षमता न होने पर व्यक्ति साफ बोल भी नहीं पाता है. ये प्रॉब्लम लाइफ क्वालिटी को पूरी तरह खराब कर देती है. इससे जूझ रहे लोगों के साथ उनके परिवार की जिंदगी भी इससे प्रभावित होती है. अब तक इसके लिए कोई ठोस इलाज के विकल्प उपलब्ध नहीं थे लेकिन हालिया स्टडी ने उम्मीद की किरण जगा दी है. एक क्लिनिकल स्टडी में यह सामने आया है कि जीन थेरेपी के जरिए जन्म से बहरे लोगों की सुनने की क्षमता वापस लाई जा सकती है. माओली डुआनके नेतृत्व में करोलिंस्का संस्थान के वैज्ञानिकों ने 1 से 24 साल की उम्र के 10 मरीजों पर यह इलाज किया. इन सभी को OTOF जीन में गड़बड़ी के कारण जन्म से सुनने में दिक्कत थी. 1 इंजेक्शन से लौट आयी सुनने की क्षमतायह स्टडी नेचर मेडिसिन पत्रिका में प्रकाशित हुई, जिसमें बताया गया कि एक ही इंजेक्शन के बाद सभी मरीजों की सुनने की क्षमता में सुधार देखा गया. कुछ मरीज तो कुछ ही हफ्तों में बोलचाल की आवाजें पहचानने लगे. इलाज में वैज्ञानिकों ने AAV (एडेनो-एसोसिएटेड वायरस) का इस्तेमाल किया, जिसके जरिए सही OTOF जीन को कान के अंदर पहुंचाया गया. यह इंजेक्शन कोक्लिया (कान के अंदर का हिस्सा) में दिया जाता है. क्या है जीन थेरेपी?यह थेरेपी OTOF जीन पर काम करती है, जो ओटोफ़र्लिन नाम का प्रोटीन बनाता है. यह प्रोटीन कान से दिमाग तक आवाज के सिग्नल पहुंचाने में जरूरी होता है. जब यह प्रोटीन नहीं बनता, तो व्यक्ति जन्म से ही सुन नहीं पाता. हालांकि, इस स्थिति में कान की बनावट सही रहती है, सिर्फ सिग्नल भेजने की प्रक्रिया खराब होती है, इसलिए इसे जीन थेरेपी से ठीक करना संभव है.यह तरीका कोक्लियर इम्प्लांट से अलग है, क्योंकि इसमें किसी मशीन की जरूरत नहीं होती, बल्कि सुनने की क्षमता को प्राकृतिक रूप से बहाल किया जाता है. 2 से 3 बच्चों को जन्मजात सुनने की समस्या दुनिया में हर 1000 नवजात में से 2 से 3 बच्चों को जन्मजात सुनने की समस्या होती है, जिसमें 1 से 8 प्रतिशत मामले OTOF जीन से जुड़े होते हैं. अब तक इसका इलाज केवल कोक्लियर इम्प्लांट जैसे उपकरणों से ही किया जाता था, जो समस्या को ठीक नहीं बल्कि मैनेज करते हैं. एक महीने के भीतर सुधारइस स्टडी के नतीजे काफी तेज और प्रभावशाली रहे. मरीजों की सुनने की क्षमता औसतन 106 डेसिबल से सुधरकर 52 डेसिबल तक पहुंच गई, जिससे वे सामान्य बातचीत सुन सकते हैं. ज्यादातर मरीजों में एक महीने के भीतर सुधार दिखा और 6 महीने में सभी में अच्छा रिजल्ट मिला. एक 7 साल की बच्ची का केस सबसे खास रहा, जिसने 4 महीने में लगभग सामान्य सुनने की क्षमता हासिल कर ली और अपनी मां से रोजमर्रा की बातचीत करने लगी. क्या सेफ है थेरेपीसुरक्षा के लिहाज से भी यह थेरेपी सुरक्षित पाई गई. कुछ मरीजों में सफेद रक्त कोशिकाओं (न्यूट्रोफिल्स) में थोड़ी कमी देखी गई, लेकिन कोई गंभीर साइड इफेक्ट नहीं हुआ. वैज्ञानिकों का मानना है कि यह सिर्फ शुरुआत है. आगे चलकर GJB2 और TMC1 जैसे अन्य जीन से जुड़ी सुनने की समस्याओं का भी इलाज इसी तरीके से किया जा सकता है. यह स्टडी जीन थेरेपी के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव दिखाती है. अब केवल लक्षणों को मैनेज करने की बजाय बीमारी की जड़ को ठीक करने की दिशा में काम हो रहा है. भविष्य में यह तकनीक कई आनुवंशिक बीमारियों के इलाज का रास्ता खोल सकती है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 05, 2026, 22:43 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
खुरई में तीन दिवसीय डोहेला महोत्सव शुरू:कैलाश खेर ने 'बम लहरी', 'तेरी दीवानी' गाने गाये; बोले- यह नजारा शिव धाम जैसा लग रहा

सागर जिले की खुरई तहसील में तीन दिनों तक चलने वाले डोहेला महोत्सव का शानदार आगाज रविवार रात से हो गया। कार्यक्रम की पहली शाम मशहूर गायक पद्मश्री कैलाश खेर के नाम रही, जिन्होंने अपने भजनों और गीतों से हजारों की भीड़ को मंत्रमुग्ध कर दिया। महोत्सव का उद्घाटन पूर्व गृहमंत्री और स्थानीय विधायक भूपेंद्र सिंह ने भगवान भोलेनाथ के अभिषेक और मां बीजासन की पूजा के साथ किया। “मुंबई और खुरई की दूरी खत्म हो गई” उद्घाटन के दौरान भूपेंद्र सिंह ने कहा कि डोहेला महोत्सव ने अब मुंबई और खुरई के बीच का फासला मिटा दिया है। उन्होंने बताया कि जिन बड़े कलाकारों को देखने के लिए लोग दूर-दूर जाते थे, उन्हें अब खुरई के ऐतिहासिक किले में बुलाया जाता है ताकि गरीब से गरीब व्यक्ति भी उन्हें सामने बैठकर सुन सके। उन्होंने युवाओं को किले का इतिहास बताते हुए कहा कि 1707 में राजा खेमचंद्र दांगी ने इसका निर्माण कराया था और आज यह शहर की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है। कैलाश खेर ने खुरई को बताया “शिव का धाम” मंच पर आते ही कैलाश खेर ने खुरई की जनता की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यहां का नजारा किसी पौराणिक स्थल या शिव धाम जैसा लग रहा है। उन्होंने विधायक भूपेंद्र सिंह की प्रशंसा करते हुए कहा कि तीन पीढ़ियों को एक साथ इतने अनुशासित तरीके से इकट्ठा करना किसी चमत्कार से कम नहीं है। कैलाश खेर ने ‘अल्लाह के बंदे’, ‘बम लहरी’, ‘तेरी दीवानी’ और ‘सइयां’ जैसे सुपरहिट गानों की प्रस्तुति दी, जिस पर लोग जमकर झूमे। होनहार खिलाड़ी और छात्र सम्मानित महोत्सव के मंच से खुरई का नाम रोशन करने वाली प्रतिभाओं का सम्मान भी किया गया। इसमें खेल जगत से जुन्नत कुर्मी (खो-खो), जय श्री पंथ (फुटबॉल), सृजल जैन (एथलेटिक्स) और कृष्णा सिंह दांगी (कराटे) को सम्मानित किया गया। साथ ही 10वीं और 12वीं की परीक्षा में मेरिट लिस्ट में आने वाले छात्र-छात्राओं को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र दिए गए। कल होगी सिंगर अकासा सिंह की परफॉर्मेंस महोत्सव के दूसरे दिन यानी सोमवार को बॉलीवुड की मशहूर सिंगर अकासा सिंह अपनी सुरीली आवाज का जादू बिखेरेंगी। ‘खींच मेरी फोटो’ और ‘एथे आ’ जैसे गानों से मशहूर हुई अकासा सिंह की प्रस्तुति को लेकर युवाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। आयोजन समिति ने सभी से इस सांस्कृतिक संध्या का आनंद लेने की अपील की है।
ये गर्मियों का सुपरफ्रूट! इसमें ठंडक भी, ताकत भी…आप भी नहीं जानते होंगे शहतूत के इतने फायदे

Last Updated:April 05, 2026, 22:08 IST Mulberry Benefits : गर्मियों का फल शहतूत न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि सेहत के लिए भी किसी संजीवनी से कम नहीं. यह छोटा-सा फल पोषक तत्वों का पावरहाउस है, जिसमें विटामिन सी, आयरन, फाइबर और शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होते हैं. इसकी ठंडी तासीर शरीर को तपती गर्मी से राहत देती है. इसके और भी कई फायदे हैं. लोकल 18 से बलिया की आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रियंका सिंह कहती हैं कि शहतूत खून की कमी से जूझ रहे लोगों के लिए प्राकृतिक दवा है. शहतूत का फल पाचन तंत्र के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है. इसमें फाइबर पाया जाता है, जो पेट को साफ रखने में मदद करता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है. इसके नियमित सही रूप में सेवन करने से पाचन क्रिया बेहतर होती है और पेट से जुड़ी कई परेशानियां धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं. इसके चलते शरीर हल्का और निरोग महसूस करता है. इम्यूनिटी बढ़ाने में भी शहतूत का कोई जवाब नहीं है. इसमें विटामिन सी और एंथोसायनिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं. ये तत्व शरीर को फ्री रेडिकल्स से भा बचाते हैं और गंभीर बीमारियों, यहां तक की कैंसर जैसी समस्याओं के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है. शहतूत दिल को स्वस्थ बनाए रखने में भी बहुत लाभकारी और गुणकारी है. इसमें रेस्वेराट्रोल पाया जाता है, जो धमनियों को लचीला बनाने में मदद करता है और रक्त प्रवाह को सुधारता है. यह खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करके हृदय रोगों के खतरे को कम कर देता है, इससे दिल लंबे समय तक मजबूत और स्वस्थ रहता है. इसके अन्य कई फायदे बताए जाते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google बलिया की सात साल अनुभवी आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रियंका सिंह के अनुसार, शहतूत खून की कमी से जूझ रहे लोगों के लिए किसी प्राकृतिक दवा से कम नहीं है. इसमें आयरन पाया जाता है, जो शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है. इसके नियमित सही सेवन से शरीर में ऊर्जा का बढ़ता है और कमजोरी दूर होती है, जिससे व्यक्ति खुद को अधिक ऊर्जावान महसूस करता है. फिलहाल यह फल बलिया के शहीद पार्क स्थित बाजार में खूब मिल रहे हैं. शहतूत शुगर के मरीजों के लिए भी बहुत लाभकारी हैं. यह ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में सहायता प्रदान करता है और शरीर में ग्लूकोज के संतुलन को बनाए रखता है. सही मात्रा में इसका सेवन करने से शुगर से जुड़ी समस्याओं में बहुत लाभ मिल सकता है. लेकिन चिकित्सक की सलाह जरूरी है. शहतूत त्वचा और बालों की खूबसूरती बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाता है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण भी पाए जाते हैं, जो त्वचा को जवान और चमकदार बनाए रखते हैं. यह बालों की जड़ों को मजबूत करते है, जिससे बालों का झड़ना कम होता है और वे अधिक घने और मजबूत बन जाते हैं. शहतूत का अधिक सेवन नुकसानदायक भी हो सकता है. शहतूत के अनगिनत फायदे हैं, लेकिन इसका सीमित मात्रा में सेवन करना ही सही है. अधिक मात्रा में खाने से गैस या एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. अगर कोई पहले से ही किसी रोग के चपेट में हैं, तो वह बिना चिकित्सक से परामर्श लिए इसका सेवन न करें. First Published : April 05, 2026, 22:08 IST
रीवा में रविवार रात सैकड़ों वाहन जाम में फंसे:रतहरा से नए बस स्टैंड और सिरमौर चौराहे तक लगी कतारें, घंटों तक रेंगते रही गाड़ियां

रीवा शहर में रविवार को दिनभर जाम की स्थिति बनी रही और रात होते-होते हालात और बिगड़ गए। चोरहटा अंतर्गत बेला बायपास पर दिन में लगे जाम का असर पूरे शहर में देखने को मिला। रात के समय नए बस स्टैंड से रतहरा तक ट्रैफिक रेंगता नजर आया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रविवार रात सैकड़ों वाहन जाम में फंस गए। शहर के प्रमुख इलाकों में भी जाम का असर साफ दिखा। विशाल मेगा मार्ट, सिरमौर रोड, बस स्टैंड रोड सहित कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। बाजार क्षेत्रों में अत्यधिक भीड़ और अव्यवस्थित पार्किंग ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। कई जगहों पर लोग घंटों जाम में फंसे रहे, जिससे दैनिक कार्य प्रभावित हुए। कई वाहन घंटों तक रेंगते रहे रविवार होने के कारण खरीदारी और घूमने-फिरने के लिए लोगों की संख्या अधिक रही, जिससे ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया। वहीं, कई प्रमुख चौराहों पर पर्याप्त ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी नहीं होने से यातायात नियंत्रण प्रभावित हुआ और जाम की समस्या बढ़ती चली गई। हालांकि पूरे मामले में यातायात थाना प्रभारी अनीमा शर्मा का कहना है कि रविवार को यातायात का दबाव अधिक होने के कारण कुछ स्थानों पर जाम की स्थिति बनी। पुलिस द्वारा लगातार ट्रैफिक को सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे थे। आगे ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है। कुल मिलाकर रीवा में रविवार का दिन जाम के नाम रहा, जहां दिन से लेकर देर रात तक शहर के अलग-अलग हिस्सों में स्लो मूविंग ट्रैफिक और जाम की स्थिति बनी रही, जिससे आमजन को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।









