EC की कार्रवाई, सुवेंदु अधिकारी की रैली में सुरक्षा में चूक, चुनाव आयोग ने 4 पुलिस अधिकारियों को किया गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल में मोरचा के बीच चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है. निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने 2 अप्रैल को भवानीपुर में सुवेन्दु अधिकारी की नामांकन रैली के दौरान कानून-व्यवस्था के तहत जिले के जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। रैली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल किये गये थे. वहीं ईसी की कार्रवाई पर सैद्धांतिक कांग्रेस ने पूर्व-पूर्व विचारधारा का आरोप लगाया है। इन सिपाहियों पर गिरी गाज इलेक्शन कमीशन ने जिन पुलिस कमिश्नरी पर एक्शन लिया है, उनमें सिद्धार्थ सिद्धार्थ (डीसी-II, साउथ डिवीजन, कोलकाता पुलिस), प्रियंकर दलाल (ऑफिसर-इन-चार्ज, अलीपुर), चंडी चरण बिल्डर (एडिशनल ओएमआई, अलीपुर) और सौरभ चटर्जी (सार्जेंट, अलीपुर) शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू हो गई है। पूरा मामला क्या है? चुनाव आयोग की यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल विधानसभा के नामांकित नेता सुवेंदु अधिकारी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के काफिले के पास 1 अप्रैल को तनाव के संबंध में बड़ी कार्रवाई की है। उनका काफिला दक्षिणी कोलकाता के अलीपुर सर्वे भवन की ओर कूज कर रहा था। सुवेंदु अधिकारी अपना नामांकन भरने वाले थे। इस दौरान सुरक्षा में गड़बड़ी हो गई थी. दो प्रारंभिक चुनाव लड़ रहे सुवेंदु अधिकारी ईसी ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव डॉ. नारियाला को चार आतंकियों को निलंबित करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है। बंगाल की हॉट सीट से एक भवानीपुर से बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी चुनाव लड़ रहे हैं। 2 अप्रैल को उन्हें अपना नामांकन नियुक्त किया गया। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे. बता दें कि सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दो चरणों में भवानीपुर और नंदीग्राम में चुनावी मैदान से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं. पश्चिम बंगाल में दो चरणों में होगी वोटिंग पश्चिम बंगाल में दो चरणों में वोट डाले जाएंगे। पहले चरण में 23 अप्रैल को और दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान होगा। चुनाव के नतीजे 4 मई को जारी होंगे. वहीं, विधानसभा चुनावों के बीच राजनीतिक विचारधारा के वरिष्ठ नेता बंगाल का दौरा कर रहे हैं। अलग-अलग संप्रदाय के नेताओं के बीच जंजी जंग भी देखने को मिल रही है। (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी(टी)ईसी(टी)ईसीआई(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)चुनाव आयोग(टी)चुनाव आयोग एक्शन
Sanjay Guptas VFX Comment | Bollywood Movie Release

8 मिनट पहले कॉपी लिंक संजय गुप्ता ने आतिश, कांटे, काबिल, शूटआउट एट वडाला जैसी फिल्में डायरेक्ट की हैं। बॉलीवुड डायरेक्टर संजय गुप्ता एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने हाल ही में एक पुराना ट्वीट दोबारा शेयर किया, जिसमें उन्होंने बड़ी फिल्मों के VFX और उनके प्रमोशन के तरीके पर कमेंट किया था। इस ट्वीट में उन्होंने लिखा था कि द मैट्रिक्स, द लॉर्ड ऑफ द रिंग्स, अवतार, ड्यून और स्टार वार्स जैसी फिल्मों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन फिल्मों ने अपने शानदार विजुअल इफेक्ट्स के बावजूद रिलीज से पहले खुद की तारीफ नहीं की, बल्कि उनका काम खुद बोलता था। संजय गुप्ता का यह ट्वीट ऐसे समय में सामने आया है, जब फिल्म रामायण के VFX को लेकर चर्चा हो रही है। ऐसे में उनके इस बयान को रामायण के संदर्भ में जोड़कर देखा रहा है। इससे पहले भी संजय गुप्ता खबरों में आ चुके हैं, जब उन्होंने ट्वीट किया था, “खोदा पहाड़ निकला चूहा”, जिसे लोगों ने फिल्म रामायण के टीजर पर तंज माना था, क्योंकि उनका यह ट्वीट रामायण में भगवान राम के रूप में रणबीर कपूर का लुक सामने आने के बाद किया गया था। हालांकि, बाद में उन्होंने साफ किया था कि उनका बयान किसी खास फिल्म के लिए नहीं था। रामायण के VFX को लेकर उठे सवाल नितेश तिवारी के डायरेक्शन में बन रही फिल्म रामायण से भगवान राम का लुक हनुमान जयंती पर सामने आया। टीजर में युद्ध के सीन और शानदार VFX भी दिखा, जिसकी कई लोगों ने तारीफ की है। हालांकि, सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने फिल्म के सीन्स को हॉलीवुड फिल्मों की नकल बताया। टीजर में दिखाए गए युद्ध के सीन (लंका में) कुछ यूजर्स को हॉलीवुड फिल्मों जैसे लगे। कुछ ने इसे गेम ऑफ थ्रोन्स या अन्य हॉलीवुड फिल्मों से प्रेरित बताया। राक्षसों के डिजाइन और कुछ शॉट्स को लॉर्ड ऑफ द रिंग्स जैसी हॉलीवुड मूवीज से कॉपी बताया गया। फिल्म रामायण के सीन को लेकर सवाल उठाने वाले एक यूजर का ट्वीट। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने लिखा, “रामायण मूवी का टीजर कल रिलीज किया गया। बजट 4 हजार करोड़ रुपए, जबकि इस छोटे से टीजर में हमें कई शॉट्स ऐसे देखने को मिले जो हॉलीवुड मूवी से कॉपी किए गए हैं। सवाल यह है कि इतनी महंगी फिल्म में कॉपी शॉट्स से क्या लोगों को बेवकूफ बनाया जा रहा है?” वहीं, दूसरे यूजर ने लिखा, “समस्या ये है कि बॉलीवुड वाले सब हॉलीवुड को कॉपी करने के लिए पगलाए रहते हैं। इस वाले टीजर में गेम ऑफ थ्रोन्स का शैडो साफ पता चलता है। रामायण मतलब VFX और CGI होता है, ये मान बैठे हैं बॉलीवुड वाले।” जब एक यूजर ने कहा कि रामायण के सीन गेम ऑफ थ्रोन्स, द डार्क नाइट और ड्यून: पार्ट टू जैसी फिल्मों से मिलते-जुलते हैं, तो दूसरे यूजर ने जवाब दिया कि बाहुबली के भी कई सीन दूसरी हॉलीवुड फिल्मों से मिलते-जुलते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Sanjay Guptas VFX Comment | Bollywood Movie Release

37 मिनट पहले कॉपी लिंक संजय गुप्ता ने आतिश, कांटे, काबिल, शूटआउट एट वडाला जैसी फिल्में डायरेक्ट की हैं। डायरेक्टर संजय गुप्ता एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने हाल ही में एक पुराना ट्वीट दोबारा शेयर किया, जिसमें उन्होंने बड़ी फिल्मों के VFX और उनके प्रमोशन के तरीके पर कमेंट किया था। इस ट्वीट में उन्होंने द मैट्रिक्स, द लॉर्ड ऑफ द रिंग्स, अवतार, ड्यून और स्टार वार्स जैसी फिल्मों का उदाहरण देते हुए कहा था कि इन फिल्मों ने अपने शानदार विजुअल इफेक्ट्स के बावजूद रिलीज से पहले खुद की तारीफ नहीं की, बल्कि उनका काम खुद बोलता था। संजय गुप्ता का यह ट्वीट ऐसे समय में सामने आया है, जब फिल्म रामायण के VFX को लेकर चर्चा हो रही है। ऐसे में उनके इस ट्वीट को रामायण के संदर्भ में जोड़कर देखा जा रहा है। इससे पहले भी संजय गुप्ता खबरों में आ चुके हैं, जब उन्होंने ट्वीट किया था, “खोदा पहाड़ निकला चूहा”, जिसे लोगों ने फिल्म रामायण के टीजर पर तंज माना था, क्योंकि उनका यह ट्वीट रामायण में भगवान राम के रूप में रणबीर कपूर का लुक सामने आने के बाद किया गया था। हालांकि, बाद में उन्होंने साफ किया था कि उनका बयान किसी खास फिल्म के लिए नहीं था। रामायण के VFX को लेकर उठे सवाल फिल्म रामायण से भगवान राम का लुक हनुमान जयंती पर सामने आया। टीजर में युद्ध के सीन और शानदार VFX भी दिखे, जिसकी कई लोगों ने तारीफ की है। हालांकि, सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने फिल्म के सीन्स को हॉलीवुड फिल्मों की नकल बताया। टीजर में दिखाए गए युद्ध के सीन (लंका में) कुछ यूजर्स को हॉलीवुड फिल्मों जैसे लगे। कुछ ने इसे गेम ऑफ थ्रोन्स या अन्य हॉलीवुड फिल्मों से प्रेरित बताया। राक्षसों के डिजाइन और कुछ शॉट्स को लॉर्ड ऑफ द रिंग्स जैसी हॉलीवुड मूवीज से कॉपी बताया गया। फिल्म रामायण के सीन को लेकर सवाल उठाने वाले एक यूजर का ट्वीट। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने लिखा, “रामायण मूवी का टीजर कल रिलीज किया गया। बजट 4 हजार करोड़ रुपए, जबकि इस छोटे से टीजर में हमें कई शॉट्स ऐसे देखने को मिले जो हॉलीवुड मूवी से कॉपी किए गए हैं। सवाल यह है कि इतनी महंगी फिल्म में कॉपी शॉट्स से क्या लोगों को बेवकूफ बनाया जा रहा है?” वहीं, दूसरे यूजर ने लिखा, “समस्या ये है कि बॉलीवुड वाले सब हॉलीवुड को कॉपी करने के लिए पगलाए रहते हैं। इस वाले टीजर में गेम ऑफ थ्रोन्स का शैडो साफ पता चलता है। रामायण मतलब VFX और CGI होता है, ये मान बैठे हैं बॉलीवुड वाले।” जब एक यूजर ने कहा कि रामायण के सीन गेम ऑफ थ्रोन्स, द डार्क नाइट और ड्यून: पार्ट टू जैसी फिल्मों से मिलते-जुलते हैं, तो दूसरे यूजर ने जवाब दिया कि बाहुबली के भी कई सीन दूसरी हॉलीवुड फिल्मों से मिलते-जुलते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
मन को शांत रखने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स, बस कुछ मिनटों का ये फॉर्मूला बदल देगा आपकी जिंदगी

तनाव राहत युक्तियाँ: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्ट्रेस और मेंटल पार्ट एक कॉमन चैलेंज बन गया है। ऑफिस का काम हो या घर की जिम्मेदारियां, हर वक्त दिमाग में आराम रहता है, जो हमें थका देता है। जब मन अशांत होता है, तो इसका सीधा असर हमारी स्थिरता और स्थिरता पर पड़ता है। ऐसे में इस सूची में जरूरी है कि मेंटल पीस कोई बाहरी चीज नहीं, बल्कि हमारे अंदर की आदतें ही होती हैं। यदि आप भी हर समय भारीपन महसूस करते हैं, तो कुछ सरल उपाय अपनाकर अपने मन को सच्चा आदर्श बना सकते हैं। बिजी लाइफस्टाइल और घर- परिवार के अवशेषों के बीच मन काफी अशांत हो जाता है। हर वक्त दिमाग में रहता है, तब भी लोग परेशान हो जाते हैं। इससे संबंधित लाइफस्टाइल में बदलाव से काफी प्रभावशाली पाया जा सकता है। अपनी डेली रूटीन में कुछ छोटे बदलाव करके मेंटली सार्वभौम पा सकते हैं। जब भी स्ट्रेस डूबते हैं, तो गहरी और लंबी सांसें लेना शुरू कर देते हैं। दिन में सिर्फ 15 मिनट इस फॉर्मूले की प्रैक्टिस से दिमाग तुरंत शांत हो जाता है। इसके साथ ही, सबसे पहले अपने पसंदीदा काम के लिए थोड़ा समय जरूर निकालें। जब आपको अपना काम पसंद आता है, तो मानसिक थकान कम होती है और मन को गहरी शांति मिलती है। इलेक्ट्रानिक गैजेट्स और डिजिटल डिस्ट्रीब्यूटर बॅरबॉर्ग थिंकिंग ह्यूमन कोसोसाइटी कर रहे हैं, इसलिए हर सिचुएशन में निवास की कोशिश करें। हर बदलाव को एक सीख के रूप में एक्सेप्ट करें। इसके अलावा, प्रौद्योगिकी और सोशल मीडिया का भी कम उपयोग किया जाता है। डिजिटल डिजिटल से कुछ देर की दूरी आपके दिमाग को आरामदायक और तनाव कम करने में बड़ी भूमिका निभाती है। बेहतर मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छी नींद बहुत जरूरी है। नींद पूरी न होने पर चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है। रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लें और सोने से पहले मोबाइल फोन का इस्तेमाल बंद कर दें। गहरी नींद आपके दिमाग को रिचार्ज करती है, जिससे आपको अगले दिन शांति और शरीर को ऊर्जा मिलती है। (टैग्सटूट्रांसलेट)मानसिक शांति(टी)तनाव राहत युक्तियाँ(टी)सकारात्मक सोच(टी)डिजिटल डिटॉक्स(टी)बेहतर नींद(टी)मन को आराम(टी)जीवनशैली टिप्स हिंदी(टी)मानसिक स्वास्थ्य देखभाल
Mandsaur Police Arrest 2 Bookies For IPL Betting; Seize Rs 9,200 Cash

मंदसौर जिले की दलौदा पुलिस ने शनिवार को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आईपीएल (दिल्ली बनाम मुंबई) मैच पर सट्टा लगाते दो सटोरियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 9,200 रुपए नकद, 2 मोबाइल फोन और लगभग 1.50 लाख रुपए के सट्टे का ह . पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत हुई इस कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों पर प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है। दिल्ली बनाम मुंबई मैच पर लगा रहे थे दांव एसपी विनोद कुमार मीणा के निर्देशन और दलौदा थाना प्रभारी शुभम व्यास के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर दलौदा थाना क्षेत्र में दबिश दी थी। मौके पर दो व्यक्ति आईपीएल के दिल्ली बनाम मुंबई मैच पर हार-जीत का सट्टा लगाते पाए गए, जिन्हें पुलिस टीम ने तुरंत गिरफ्तार कर लिया। 1.50 लाख का हिसाब और 9200 नकद जब्त पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान ईश्वर (पिता रामेश्वर) और मुकेश (पिता गोपाल परिहार) के रूप में की है। पुलिस ने इनके कब्जे से सट्टे में इस्तेमाल किए जा रहे दो मोबाइल फोन, 9,200 रुपए नकद और करीब डेढ़ लाख रुपए के सट्टे के लेन-देन का हिसाब-किताब बरामद किया है। मुख्यालय के निर्देश पर चल रहा अभियान यह कार्रवाई मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय (भोपाल) के निर्देश पर चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी अभियान का हिस्सा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जुआ, सट्टा और आबकारी जैसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में जुआ-सट्टा जैसी अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गर्मी में शरीर को ठंडा रखने वाली 5 पत्तियां | 5 Cooling Leaves for Summer Health Tips

Last Updated:April 05, 2026, 10:57 IST 5 Cooling Leaves for Summer Health Tips: अप्रैल की बढ़ती गर्मी और लू से बचने के लिए शरीर को अंदर से ठंडा रखना अनिवार्य है. इसके लिए 5 हरी पत्तियां—पुदीना, बेल के पत्ते, हरा धनिया, लेमन ग्रास और पान के पत्ते—अत्यंत लाभकारी हैं. पुदीना अपनी ठंडी तासीर से पेट की जलन और एसिडिटी को खत्म करता है, जबकि बेल की पत्तियां पाचन तंत्र को मजबूत कर लू से बचाती हैं. हरा धनिया शरीर को हाइड्रेटेड और डिटॉक्स रखने में मदद करता है. लेमन ग्रास चाय के रूप में ताजगी प्रदान करती है और ब्लोटिंग कम करती है. वहीं, पान के पत्ते पेट की समस्याओं और त्वचा के संक्रमण में राहत देते हैं. इन प्राकृतिक पत्तियों का नियमित सेवन गर्मी के मौसम में शरीर का तापमान नियंत्रित रखने और बीमारियों से बचने का सबसे आसान और प्रभावी घरेलू उपाय है. गर्मियों की शुरुआत के साथ ही अप्रैल में पारा तेजी से चढ़ने लगा है. ऐसे में शरीर को लू और तपिश से बचाने के लिए खान-पान में बदलाव करना बेहद जरूरी है. इस मौसम में ऐसी चीजों का सेवन करना चाहिए जिनकी तासीर ठंडी हो और जो शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद करें. खासकर 5 औषधीय हरी पत्तियां गर्मियों में पेट की जलन और त्वचा की समस्याओं के लिए रामबाण मानी जाती हैं. ये पत्तियां न केवल शरीर को अंदरूनी ठंडक देती हैं, बल्कि पाचन तंत्र को भी दुरुस्त रखती हैं. गर्मी के मौसम में पुदीना सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली पत्तियों में से एक है. इसकी तासीर ठंडी होती है, जो शरीर का तापमान नियंत्रित रखने में मदद करती है. पुदीने की चटनी, छाछ, ड्रिंक्स और सलाद में इसका नियमित सेवन किया जा सकता है. यह पेट की गर्मी, गैस, एसिडिटी और जलन को कम करने में बेहद असरदार है. साथ ही इसे त्वचा पर लगाने से मुंहासे और रैशेज जैसी समस्याओं में भी तुरंत राहत मिलती है. गर्मियों में बेल का शरबत तो लोकप्रिय है ही, लेकिन इसके पत्तों का सेवन भी शरीर के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. सुबह खाली पेट 2 से 3 बेल की पत्तियां चबाने से न केवल शरीर को आंतरिक ठंडक मिलती है, बल्कि यह भीषण लू से बचाने में भी सुरक्षा कवच का काम करता है. पाचन तंत्र को दुरुस्त करने के साथ-साथ बेल की पत्तियों की चाय या रस का सेवन कब्ज और एसिडिटी जैसी पुरानी समस्याओं में भी जादुई राहत प्रदान करता है. Add News18 as Preferred Source on Google हरा धनिया भी गर्मी के मौसम में बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसकी तासीर ठंडी होने के कारण इसकी चटनी, चाय या सब्जियों में इसका इस्तेमाल शरीर को अंदरूनी ठंडक देता है. यह न केवल पाचन में सुधार करता है और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करता है, बल्कि भीषण गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचाने में भी कारगर है. साथ ही, यह शरीर को प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स कर त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने में सहायक होता है. लेमन ग्रास की चाय गर्मियों में काफी फायदेमंद होती है. यह शरीर को ठंडा रखने के साथ-साथ पाचन को भी बेहतर बनाती है. इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर की गर्मी, मानसिक तनाव और ब्लोटिंग (पेट फूलना) जैसी समस्याओं को कम करने में सहायक होते हैं. इसे न केवल चाय, बल्कि डिटॉक्स वॉटर, सूप और सलाद में भी आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है. पान हमारी सांस्कृतिक परंपरा का एक अहम हिस्सा होने के साथ-साथ औषधीय गुणों से भी भरपूर है. इसकी तासीर ठंडी होती है, जो विशेष रूप से भीषण गर्मी में पेट की समस्याओं जैसे गैस, अपच और एसिडिटी से तुरंत राहत प्रदान करती है. गर्मी के दिनों में पान का शेक न केवल स्वाद में लाजवाब होता है, बल्कि शरीर को हाइड्रेट रखने और अंदरूनी ठंडक पहुँचाने में भी मदद करता है. इसके अलावा, पान के पत्तों का पेस्ट त्वचा की जलन और सामान्य संक्रमण (इन्फेक्शन) को दूर करने में भी बेहद लाभकारी साबित होता है. First Published : April 05, 2026, 10:57 IST
चुनावी रेवड़ियों से राज्यों का कर्ज बढ़ रहा:लाड़ली बहना के कारण MP का कर्ज रेड लाइन में, महाराष्ट्र में राशन किट योजना बंद

चुनाव में फ्री राशन, महिलाओं को नकदी जैसी ‘मुफ्त की रेवड़ियों’ वाली योजनाएं राज्यों के लिए बड़ा बोझ बन रही हैं। हालत यह है कि इनको पूरा करने के लिए राज्य न पर्याप्त संसाधन जुटा पा रहे हैं और न संतुलित बजट बना पा रहे हैं। कुछ राज्यों में तो इन घोषणाओं का बोझ कुल राजस्व प्राप्तियों के 30 से 40% तक पहुंच गया है। हिमाचल जैसे छोटे राज्य में नकदी संकट की विकट स्थिति है। राज्य में सीएम, मंत्री, विधायकों समेत अफसरों के वेतन-पेंशन टालने पड़े। तेलंगाना को चुनावी घोषणाओं के लिए हर साल 1 लाख करोड़ चाहिए, पर बजट की कमी से कई योजनाएं अटकी हैं। मप्र में लाड़ली बहना योजना के चलते GSDP के मुकाबले कर्ज 27% से बढ़कर 32% पहुंच गया। महाराष्ट्र में लाडकी बहिन योजना के दबाव के कारण त्योहारों में मिलने वाली राशन किट योजना बंद कर दी गई है। एक्सपर्ट कमेंट… कैश ट्रांसफर जैसे चुनावी वादे जारी रहे तो भले देश की इकोनॉमी बेहतर रहे, पर राज्य डिफॉल्ट कर सकते हैं। हिमाचल के जैसे ही दूसरे राज्य भी खर्च में कटौती कर रहे हैं। डॉ. अमरजीत सिंह सेठी, इंडियन एसोसिएशन फॉर रिसर्च इन नेशनल इनकम एंड वेल्थ के एडिटर संकट क्यों: घोषणाएं ज्यादा, कमाई कम
सागर में आंधी-बारिश के साथ ओलावृष्टि:देर रात हवाओं के साथ हुई झमाझम बारिश; जैसीनगर, बंडा समेत आधे जिले में गेहूं की फसल को नुकसान

सागर में इस समय मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। कभी धूप-छांव तो कभी हवा-आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि हो रही है। शनिवार को सुबह से सागर के आसमान में बादलों की आवाजाही रही। शाम को अचानक मौसम बदला और बारिश शुरू हुई। तेज हवा-आंधी के साथ कई इलाकों में ओलावृष्टि हुई। इसके बाद देर रात शहर समेत ग्रामीण इलाकों में हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई। साथ ही कुछ स्थानों पर चना-बेर के आकार के ओले गिरे। बेमौसम बारिश और ओलावृष्ट होने से खेतों में रखी किसानों की गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। शनिवार को सागर का अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री और न्यूनतम पारा 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर मौसम पर देखने को मिल रहा है। बादल, हवा-आंधी और बारिश के साथ ओलावृष्टि का दौर बना हुआ है। रविवार को भी आसमान में बादल छाने की संभावना है। इसके अलावा 7 अप्रैल से एक पश्चिमी विक्षोभ और सक्रिय होगा। इसके असर से 10 अप्रैल तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी और बारिश हो सकती है। उसके बाद सिस्टम लौट जाएगा। जिसके बाद गर्मी का दौर शुरू होगा। अप्रैल के दूसरे सप्ताह में तेज गर्मी पड़ना शुरू हो सकती है। बारिश और ओले से फसल को नुकसान सागर में शनिवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। क्योंकि जिले में ज्यादातर किसानों की गेहूं की फसल खेतों में खड़ी और कटी रखी है। अचानक हुई बारिश से फसल भीगी है। इस दौरान जैसीनगर, बंडा, रहली, गौरझामर, देवरी समेत अन्य स्थानों पर बारिश और ओलावृष्टि होने से फसलों को नुकसान बताया जा रहा है।
एक गलती से बढ़ेगा पित्त-कफ! बैसाख में अपनाएं ये देसी डाइट प्लान, एक्सपर्ट से समझें सब

कोरबा : 3 अप्रैल से बैसाख महीने की शुरुआत हो चुकी है जो की 1 मई तक चलेगा.बैसाख माह वसंत के अंत एवं ग्रीष्म की शुरुआत का संक्रमणकाल है.इस अवधि में मौसम धीरे‑धीरे गरम व शुष्क होता है, जिससे कफ‑पित्त दोनो दोष असंतुलित हो सकते हैं और संक्रामक रोगों की सम्भावना बढ़ती है.आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा, जो छत्तीसगढ़ के प्रख्यात नाड़ी वैद्य हैं, उन्होंने इस ऋतु में विशेष आहार‑विधान की महत्ता को बताया. वनस्पति तेल से परहेज, बेल‑सत्तू को प्राथमिकताडॉ. शर्मा के अनुसार, बैसाख माह मे भारी, तेलीय व मसालेदार भोजन से बचना चाहिए.वनस्पति तेल शरीर में कफ को बढ़ाता है और पित्त दोष को असंतुलित कर देता है.इस समय तेल‑रहित, हल्का एवं ताजा भोजन ही स्वास्थ्य के लिये लाभदायक है. वहीं, बेल साबूदाना और सत्तू को इस माह के प्रमुख पोषक माना गया है.बेल में आसानी से पचने वाले कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जो गर्मी में शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं.सत्तू में प्रोटीन, फाइबर और आयरन की भरपूर मात्रा होती है, जिससे पाचन‑तंत्र मजबूत रहता है और शारीरिक शक्ति बनी रहती है. क्या खाएंजौ, दलिया, चावल, मक्क, मोंठ, मूंग, चना, तुअर दाल,बेल, संतरा, तरबूज, खरबुज, आम, मौसंबी, सेव, लौकी, ककड़ी, कद्दू, हरा धनिया, तरोई, करेला, जिमीकंद, सहजन की फली, पुदीना, चौलाई,जीरा, सूखा धनिया, मीठा नीम, हल्दी, इलायची, पतली दालचीनी.इन पदार्थों में जल संतुलन, एंटी‑ऑक्सीडेंट और पाचन‑सहायक गुण होते हैं, जो गर्मी के तापमान से शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं.गर्म मौसम में पर्याप्त मात्रा में शुद्ध पानी एवं नारियल पानी सेवन करें, जिससे डिहाइड्रेशन से बचाव होगा.खाने में हल्का व ताज़ा रखना, देर रात का भोजन न करना और बासी भोजन से पूरी तरह परहेज करना चाहिए. क्या न खाएंवनस्पति तेल, बाजरा, पुराना गेहूँ, उड़द दाल, मसूर, साथ ही मेथी, बैंगन, मूली, फूल‑गोभी, पत्ता‑गोभी, अरबी, पपीते तथा अधिक तीखा‑तेज़ मसालेदार व्यंजन.इनसे कफ‑पित्त की वृद्धि, अपच, उल्टी और डिहाइड्रेशन की शंका बढ़ती है. डॉ. शर्मा ने बताया की बैसाख में आयुर्वेदिक नियमों का पालन कर हम न केवल संक्रमण‑रोगों से बच सकते हैं, बल्कि शरीर को संतुलित रख कर गर्मी के सत्र में ऊर्जा भी बनाए रख सकते हैं.बेल, सत्तू और मौसमी फल‑सब्जियों को अपने थाली में शामिल कर स्वस्थ बेसाख का आनंद उठाएं.
अजमेर में SI भर्ती एग्जाम-फुल बाजू शर्ट को काटा,धागे हटाए:चेकिंग कर एन्ट्री, जूते भी खुलवाए; एक्सीडेन्ट के बावजूद पहुंचे कैंडिडेट्स

राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से एसआई भर्ती एग्जाम अजमेर में 64 परीक्षा केंद्रों पर हो रहा है। पहले दिन 20 हजार कैंडिडेट्स रजिस्टर्ड है। एक घंटे पहले 10 बजे तक एन्ट्री दी गई। एन्ट्री से पहले चेकिंग की गई। सुरक्षा के लिए लिए सेंटर पर पर्याप्त पुलिस जाब्ता तैनात रहा। इस दौरान फुल बाजू पहनकर आए कैंडिडेट्स की कैंची से बाजू काटे गए। वहीं धागे भी हटाए गए। जूते भी खुलवाए गए। एक्सीडेन्ट में घायल होने के बावजूद कैंडिडेट्स एग्जाम देने के लिए पहुंचे। रविवार और सोमवार को दो दिन परीक्षा ली जाएगी। दोनों दिन में करीब 40 हजार अभ्यर्थी रजिस्टर्ड है। पहली पारी में 11 से दोपहर 1 बजे तक सामान्य हिंदी का पेपर हो रहा है, वहीं दूसरी पारी में अपराह्न 3 से शाम 5 बजे तक जनरलनॉलेज एंड जनरल साइंस का पेपर होगा। कल 11 से दोपहर 1 बजे तक सामान्य हिंदी और अपराह्न 3 से शाम 5 बजे जनरल नॉलेज एंड जनरल साइंस का पेपर है। एसआई भर्ती परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट है। परीक्षा के दौरान व्यवस्था संभालने के लिए 800 पुलिसकर्मियों को अलर्ट किया। इनमें पुलिस अधिकारियों से लेकर सादी वर्दी धारी पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। इसमें 100 पुलिसकर्मी दूसरे जिलों से भी बुलाए गए हैं। परीक्षा सेंटरों के बाहर और अंदर सादी वर्दी में भी पुलिसकर्मी तैनात किए है। एसआई भर्ती एग्जाम राजस्थान के 1174 सेंटर पर हो रहा…पढें ये खबर …





