Saturday, 01 Aug 2026 | 04:41 PM

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PM Modi West Bengal Election Rally Coochbehar 2026

PM Modi West Bengal Election Rally Coochbehar 2026

नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम/गुवाहाटी/कोलकाता/चेन्नई44 मिनट पहले कॉपी लिंक फाइल फोटो। PM मोदी ने 14 मार्च को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक रैली को संबोधित किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को कूचबिहार में रैली के साथ पश्चिम बंगाल में भाजपा के चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे। वे दोपहर में रास मेला मैदान में आयोजित ‘बिजॉय संकल्प सभा’ को संबोधित करेंगे। रैली में मोदी ‘विकसित बंगाल’ का विजन पेश करेंगे और शासन, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर TMC सरकार को घेर सकते हैं। यह विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद राज्य में उनकी पहली चुनावी रैली होगी। मोदी ने आखिरी बार 14 मार्च को राज्य का दौरा किया था, जहां उन्होंने कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक रैली को संबोधित किया था और लगभग 18,680 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया था। इधर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने एक चुनावी रैली के दौरान शनिवार को NDA को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान में हिम्मत है तो वह चुनाव प्रचार के दौरान राज्य में 3-भाषा नीति लागू करने की घोषणा करे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को केरल के तिरुवनंतपुरम में रोड शो किया। चुनाव से जुड़े अपडेट्स TMC सांसद महुआ मोइत्रा के गुजराती समुदाय पर दिए बयान से पार्टी ने किनारा कर लिया है। पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि पार्टी इस तरह के विचारों का समर्थन नहीं करती। दरअसल, मोइत्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- बंगालियों ने आजादी की लड़ाई में नेतृत्व किया। गुजराती कौन थे? क्या आप एक भी गुजराती का नाम बता सकते हैं, सिवाय वीर सावरकर के, जो माफी पत्र लिखना चाहते थे?” उनके इस बयान पर भवानीपुर में तीखी प्रतिक्रिया हुई, जहां गुजराती मतदाता कुल वोटरों का 30% से अधिक हैं। ममता यहां से चुनाव लड़ रही हैं। पश्चिम बंगाल में भाजपा ने उम्मीदवारों की 5वीं लिस्ट जारी कर दी है। इसमें पांच उम्मीदवारों के नाम हैं, जबकि तीन सीटों पर उम्मीदवार बदल दिए गए हैं। पार्टी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री तपन सिकदर के भतीजे सौरव सिकदर को दमदम उत्तर से उम्मीदवार बनाया है। ADR की रिपोर्ट में सामने आया है कि केरल में 38 प्रतिशत उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि 39 प्रतिशत उम्मीदवार करोड़पति हैं। 863 उम्मीदवारों में से 324 ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी दी है, जिनमें 201 पर गंभीर आरोप हैं। कांग्रेस के 85 में से 72, BJP के 93 में से 59 और CPI(M) के 77 में से 51 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले हैं। पांचों राज्यों में चुनाव के पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं… अपडेट्स 08:03 PM4 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक शशि थरूर से अभद्रता, काफिला रोकने के मामले में 2 गिरफ्तार केरल के वंडूर इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान शनिवार को कांग्रेस सांसद शशि थरूर के साथ अभद्रता और रास्ता रोकने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, चेल्लिथोडु इलाके में करीब पांच युवकों ने थरूर के काफिले को रोका और उनके साथ गाली-गलौज की। इस मामले में थरूर के गनमैन की शिकायत पर FIR दर्ज की गई है। थरूर ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया, लेकिन कहा कि इससे उनके प्रचार अभियान पर कोई असर नहीं पड़ेगा और वे अपना कार्यक्रम जारी रखेंगे। घटना के समय थरूर UDF उम्मीदवार एपी अनिल कुमार के समर्थन में प्रचार कर रहे थे। केरल में 9 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

बंगाल की चुनावी लड़ाई: क्या कल्याण कानून और व्यवस्था के खतरे को शांत कर सकता है? | चुनाव समाचार

Rajasthan Royals' Ravi Bishnoi, second left, celebrates with teammates the wicket of Gujarat Titans' Sai Sudharsan during the Indian Premier League cricket match between Gujarat Titans and Rajasthan Royals in Ahmedabad, India, Saturday, April 4, 2026. (AP Photo/Ajit Solanki)

आखरी अपडेट:05 अप्रैल, 2026, 01:08 IST स्वास्थ्य साथी, ऐक्यश्री और दुआरे सरकार ने कल्याण को वोटों में बदल दिया है – एक ऐसा मॉडल जिसने टीएमसी की संख्या 2011 में 184 सीटों से बढ़ाकर 2021 में 215 कर दी है। अकेले 2019 में 693 हिंसा की घटनाओं के साथ, कानून और व्यवस्था टीएमसी के बेशकीमती मतदाता आधार में भाजपा की सबसे तीखी चोट है। (छवि: पीटीआई) जैसा कि पश्चिम बंगाल 23 और 29 अप्रैल को अपने दो चरणों के विधानसभा चुनाव के लिए तैयार है, अभियान एक भ्रामक सरल प्रश्न के इर्द-गिर्द केंद्रित हो गया है: क्या जो सरकार आपको खाना खिलाती है, वह आप पर शासन करने का अधिकार अर्जित करती है, भले ही वह आपकी रक्षा नहीं कर सकती है? कल्याण किला टीएमसी का जवाब जोरदार हां है. इसकी प्रमुख लक्ष्मीर भंडार योजना 2.2 करोड़ से अधिक महिलाओं को कवर करती है और मासिक नकद हस्तांतरण प्रदान करती है, और यह केवल प्रमुख कार्य है। स्वास्थ्य साथी के तहत स्वास्थ्य कवरेज, ऐक्यश्री और स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड जैसी शिक्षा योजनाएं, और दुआरे सरकार के माध्यम से डोरस्टेप डिलीवरी ने कल्याण को दैनिक अनुभव में एकीकृत कर दिया है, सहायता को राजनीतिक विश्वास में बदल दिया है। एक दशक से अधिक समय से यह मॉडल काम कर रहा है। टीएमसी ने अपनी विधानसभा सीटों की संख्या 2011 में 184 सीटों से बढ़ाकर 2021 में 215 कर ली, एक उपलब्धि हासिल की गई क्योंकि इसकी कल्याणकारी वास्तुकला विपक्ष से पहले मतदाताओं तक पहुंच गई। बीजेपी का उद्घाटन हालाँकि, भाजपा शर्त लगा रही है कि 2026 अलग है। महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाओं और व्यापक कानून-व्यवस्था संबंधी चिंताओं ने सार्वजनिक बहस तेज कर दी है, विपक्षी दलों ने शासन पर सवाल उठाए हैं, जबकि राज्य सरकार ने अपने पुलिस सुधारों और सुरक्षा पहलों पर प्रकाश डाला है। संख्याएँ टीएमसी के लिए अनुकूल नहीं हैं: केंद्रीय गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान राजनीतिक हिंसा की 693 घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 11 मौतें हुईं। भाजपा के लिए, कानून और व्यवस्था सिर्फ शासन की आलोचना नहीं है – यह उसी मतदाता समूह में सेंध है जिसे ममता बनर्जी सबसे ज्यादा पसंद करती हैं। असल में मतदाता क्या कह रहे हैं वोटवाइब-सीएनएन न्यूज18 ओपिनियन पोल इस तनाव को सटीक रूप से दर्शाता है। बेरोजगारी 37.2% के साथ शीर्ष चुनावी चिंता के रूप में उभरी, जबकि कानून और व्यवस्था – जिसमें महिला सुरक्षा भी शामिल है – 15.9% के साथ दूसरे स्थान पर रही। कल्याण, विशेष रूप से, एक स्टैंडअलोन चिंता के रूप में प्रदर्शित नहीं होता है, यह सुझाव देता है कि मतदाता अधिक की मांग करते हुए इसे दिए गए अनुसार ले सकते हैं। फैसले पर फैसला चुनाव अंततः परीक्षण करेगा कि क्या कल्याण वितरण एक दशक से अधिक समय तक सत्ता में रहने के बाद सत्ता विरोधी लहर की भरपाई कर सकता है। यदि ऐसा हो सका, तो ममता चौथी बार जीतेंगी। अगर कानून-व्यवस्था निर्णायक कारक बनकर टूटती है तो बंगाल का राजनीतिक गणित रातों-रात बदल जाता है। किसी भी तरह से, मतदाताओं से सुरक्षा के विरुद्ध रोटी को तौलने के लिए कहा जा रहा है – और उनका जवाब वर्षों तक बंगाल की राजनीति को परिभाषित करेगा। पहले प्रकाशित: 05 अप्रैल, 2026, 01:08 IST समाचार चुनाव बंगाल की चुनावी लड़ाई: क्या कल्याण कानून और व्यवस्था के खतरे को शांत कर सकता है? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

High Court Orders Produce Child Immediately

हाईकोर्ट ने छुट्टी के दिन सुनवाई कर पुलिस को फटकारा:नाबालिग के अपहरण मामले में हाईकोर्ट ने कहा- 'बच्ची को हर हाल में पेश करो'

इंदौर3 घंटे पहले कॉपी लिंक 23 फरवरी को एक नाबालिग किशोरी का अपहरण हुआ था। पुलिस एफआईआर करने में नानुकुर करती रही। थाने पहुंचे पीड़िता के चाचा को पीट भी दिया। बाद में एफआईआर दर्ज हुई तो अपहरण के मामले में भी अज्ञात आरोपित बता दिए गए, जबकि किशोरी के परिवार वाले आरोपितों का नाम पुलिस को बताते रहे। बालिका के पिता ने हाई कोर्ट की शरण ली। मजदूर पिता की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर शनिवार को छुट्टी के बाद भी सुनवाई की गई। हाई कोर्ट की डबल बेंच ने मामले की न केवल अवकाश के दिन सुनवाई की, बल्कि पुलिस को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट ने आदेश जारी किया कि पुलिस बालिका के साथ तमाम आरोपितों को भी कोर्ट में 6 अप्रैल को पेश करे। महू के बडगोंदा थाना क्षेत्र में अनुसूचित जाति की नाबालिग का दबंगों द्वारा अपहरण करने की शिकायत मजदूर पिता ने की है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज की, लेकिन पहले दबंगों का नाम गायब किया। महीनेभर में भी बालिका को तलाशने की कोई कोशिश नहीं की। पीड़िता के पिता के अनुसार पवन सिंह उसे उठाकर ले गया है। बालिका की उम्र 17 साल 3 माह है और वह पवन सिंह के कब्जे में है। एफआईआर में नाम न होने पर नाराजगी पीड़िता के पिता ने अभिभाषक शुभम मांडिल और गौरव गुप्ता के जरिए हाई कोर्ट के समक्ष बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। कोर्ट में इस दौरान अतिरिक्त महाधिवक्ता राहुल सेठी सरकार की ओर से उपस्थित हुए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नामजद एफआईआर नहीं करने को लेकर फटकार भी लगाई। साथ ही सरकार को निर्देश जारी किए कि सोमवार को पुलिस नाबालिग, जो कि पवन सिंह की अवैध हिरासत में है, उसे किसी भी हालत में कोर्ट के समक्ष पेश करे। कोर्ट के आदेश के बाद बदला पुलिस का रवैया डेढ़ माह पहले अपनी बेटी के अपहरण की एफआईआर कराने वाले पिता से पुलिस ने कोई जानकारी नहीं ली थी। वहीं शनिवार को हाई कोर्ट में सुनवाई होने और हाई कोर्ट से आदेश के तुरंत बाद पुलिस का रवैया बदल गया। 6 अप्रैल को बालिका को कोर्ट के समक्ष पेश करने के आदेश होने की बात सामने आते ही बडगोंदा पुलिस तुरंत पीड़िता के घर पहुंच गई और उसके परिवारजनों से घटना की जानकारी लेने की कोशिश करती रही। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

हाईकोर्ट ने छुट्टी के दिन सुनवाई कर पुलिस को फटकारा:नाबालिग के अपहरण मामले में हाईकोर्ट ने कहा- 'बच्ची को हर हाल में पेश करो'

हाईकोर्ट ने छुट्टी के दिन सुनवाई कर पुलिस को फटकारा:नाबालिग के अपहरण मामले में हाईकोर्ट ने कहा- 'बच्ची को हर हाल में पेश करो'

23 फरवरी को एक नाबालिग किशोरी का अपहरण हुआ था। पुलिस एफआईआर करने में नानुकुर करती रही। थाने पहुंचे पीड़िता के चाचा को पीट भी दिया। बाद में एफआईआर दर्ज हुई तो अपहरण के मामले में भी अज्ञात आरोपित बता दिए गए, जबकि किशोरी के परिवार वाले आरोपितों का नाम पुलिस को बताते रहे। बालिका के पिता ने हाई कोर्ट की शरण ली। मजदूर पिता की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर शनिवार को छुट्टी के बाद भी सुनवाई की गई। हाई कोर्ट की डबल बेंच ने मामले की न केवल अवकाश के दिन सुनवाई की, बल्कि पुलिस को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट ने आदेश जारी किया कि पुलिस बालिका के साथ तमाम आरोपितों को भी कोर्ट में 6 अप्रैल को पेश करे। महू के बडगोंदा थाना क्षेत्र में अनुसूचित जाति की नाबालिग का दबंगों द्वारा अपहरण करने की शिकायत मजदूर पिता ने की है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज की, लेकिन पहले दबंगों का नाम गायब किया। महीनेभर में भी बालिका को तलाशने की कोई कोशिश नहीं की। पीड़िता के पिता के अनुसार पवन सिंह उसे उठाकर ले गया है। बालिका की उम्र 17 साल 3 माह है और वह पवन सिंह के कब्जे में है। एफआईआर में नाम न होने पर नाराजगी पीड़िता के पिता ने अभिभाषक शुभम मांडिल और गौरव गुप्ता के जरिए हाई कोर्ट के समक्ष बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। कोर्ट में इस दौरान अतिरिक्त महाधिवक्ता राहुल सेठी सरकार की ओर से उपस्थित हुए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नामजद एफआईआर नहीं करने को लेकर फटकार भी लगाई। साथ ही सरकार को निर्देश जारी किए कि सोमवार को पुलिस नाबालिग, जो कि पवन सिंह की अवैध हिरासत में है, उसे किसी भी हालत में कोर्ट के समक्ष पेश करे। कोर्ट के आदेश के बाद बदला पुलिस का रवैया डेढ़ माह पहले अपनी बेटी के अपहरण की एफआईआर कराने वाले पिता से पुलिस ने कोई जानकारी नहीं ली थी। वहीं शनिवार को हाई कोर्ट में सुनवाई होने और हाई कोर्ट से आदेश के तुरंत बाद पुलिस का रवैया बदल गया। 6 अप्रैल को बालिका को कोर्ट के समक्ष पेश करने के आदेश होने की बात सामने आते ही बडगोंदा पुलिस तुरंत पीड़िता के घर पहुंच गई और उसके परिवारजनों से घटना की जानकारी लेने की कोशिश करती रही।

ग्वालियर में हिस्ट्रीशीटर के घर ताबड़तोड़ फायरिंग, VIDEO:कार से आए थे हमलावर; नाम से बुलाते हुए गालियां दीं, फिर कट्टे से फायर किए

ग्वालियर में हिस्ट्रीशीटर के घर ताबड़तोड़ फायरिंग, VIDEO:कार से आए थे हमलावर; नाम से बुलाते हुए गालियां दीं, फिर कट्टे से फायर किए

ग्वालियर में कार से आए बदमाशों ने एक हिस्ट्रीशीटर के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। वारदात को अंजाम देकर हमलावर फरार हो गए। राहत की बात यह रही कि किसी को गोली नहीं लगी। हमलावरों ने पहले बदमाश लालू यादव का नाम लेकर गालियां दीं, इसके बाद कट्टे से फायरिंग शुरू कर दी। घटना बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के आनंद नगर की है। गोलीबारी के दौरान कोई भी सामने नहीं आया। शनिवार रात की इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हमलावर फायरिंग करते दिख रहे हैं। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के आनंद नगर निवासी संजय उर्फ लालू यादव पुलिस रिकॉर्ड में गुंडा है। झांसी रोड, गोला का मंदिर, महाराजपुरा, ग्वालियर और क्राइम ब्रांच थानों में उसके खिलाफ नौ आपराधिक मामले दर्ज हैं। लालू यादव ने पुलिस को बताया कि शाम करीब पांच बजे कुछ हमलावर कार में सवार होकर आए और उसे ललकारते हुए गालियां दीं, इसके बाद फायरिंग कर फरार हो गए। उसने पुलिस को बताया कि हमला लक्ष्मणगढ़ निवासी अजीत गुर्जर उर्फ घोड़ा और उसके साथियों ने पुरानी रंजिश के चलते किया है। हालांकि पुलिस ने अभी आरोपियों के नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और पूरे मामले की जांच जारी है। यह भी सामने आया है कि लालू जमीन के कारोबार से जुड़ा है, ऐसे में रंजिश के एंगल से भी पड़ताल की जा रही है। दो वीडियो आए सामने शनिवार रात घटना के दो वीडियो सामने आए हैं। एक वीडियो में दो हमलावर लालू यादव का नाम लेकर गालियां देते हुए उसके घर की ओर कट्टे से फायरिंग करते नजर आ रहे हैं, जिसमें दो गोलियां चलाई गईं। दूसरे वीडियो में सीसीटीवी फुटेज में हमलावरों की कार साफ दिखाई दे रही है। बहोड़ापुर थाना प्रभारी आलोक परिहार ने बताया कि बदमाश के घर फायरिंग की घटना सामने आई है। वीडियो के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।

इंदौर के बड़ा गणपति-चंदन नगर फ्लाईओवर पर सख्त निर्देश:सिंहस्थ से पहले पूरा करने का लक्ष्य; मंत्री विजयवर्गीय बोले- जरूरत हो तो बढ़ाएं टीमें

इंदौर के बड़ा गणपति-चंदन नगर फ्लाईओवर पर सख्त निर्देश:सिंहस्थ से पहले पूरा करने का लक्ष्य; मंत्री विजयवर्गीय बोले- जरूरत हो तो बढ़ाएं टीमें

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में आईडीए के मुख्य सभागार में बैठक हुई। बैठक बड़ा गणपति क्षेत्र में फ्लाईओवर ब्रिज और चंदन नगर ओवरब्रिज के निर्माण कार्यों को लेकर आयोजित की गई थी। इस दौरान मंत्री ने दोनों परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। मंत्री ने निर्देश दिए कि बारिश से पहले बड़ा गणपति फ्लाईओवर के निर्माण के लिए सीवरेज सहित अन्य लाइनों का कार्य पूरा किया जाए। आवश्यकता होने पर टीमों और संसाधनों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि सिंहस्थ से पहले ब्रिज तैयार हो सके। साथ ही चंदन नगर में बन रहे 780 मीटर लंबे फ्लाईओवर के निर्माण में तेजी लाने और आ रही बाधाओं को दूर करने के निर्देश भी दिए। बैठक में मीडिया के मौजूद रहने पर मंत्री ने हल्के अंदाज में कहा कि अब आप लोग बाहर जाएं, उन्हें अधिकारियों से अपनी भाषा में बात करनी है। मंत्री ने अवैध होर्डिंग के मुद्दे पर नाराजगी जताई मीडिया से चर्चा के दौरान मंत्री ने अवैध होर्डिंग के मुद्दे पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि महापौर परिषद सदस्य राजेंद्र राठौर सहित कई लोगों ने शिकायत की है। इसकी जांच कराई जाएगी और अनियमितता मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बरसात में सड़कें खराब होती हैं और उनकी मरम्मत भी कराई जाएगी।

ग्वालियर में हिस्ट्रीशीटर के घर ताबड़तोड़ फायरिंग, VIDEO:कार से आए थे हमलावर; नाम से बुलाते हुए गालियां दीं, फिर कट्टे से फायर किए

ग्वालियर में हिस्ट्रीशीटर के घर ताबड़तोड़ फायरिंग, VIDEO:कार से आए थे हमलावर; नाम से बुलाते हुए गालियां दीं, फिर कट्टे से फायर किए

ग्वालियर में कार से आए बदमाशों ने एक हिस्ट्रीशीटर के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। वारदात को अंजाम देकर हमलावर फरार हो गए। राहत की बात यह रही कि किसी को गोली नहीं लगी। हमलावरों ने पहले बदमाश लालू यादव का नाम लेकर गालियां दीं, इसके बाद कट्टे से फायरिंग शुरू कर दी। घटना बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के आनंद नगर की है। गोलीबारी के दौरान कोई भी सामने नहीं आया। शनिवार रात की इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हमलावर फायरिंग करते दिख रहे हैं। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के आनंद नगर निवासी संजय उर्फ लालू यादव पुलिस रिकॉर्ड में गुंडा है। झांसी रोड, गोला का मंदिर, महाराजपुरा, ग्वालियर और क्राइम ब्रांच थानों में उसके खिलाफ नौ आपराधिक मामले दर्ज हैं। लालू यादव ने पुलिस को बताया कि शाम करीब पांच बजे कुछ हमलावर कार में सवार होकर आए और उसे ललकारते हुए गालियां दीं, इसके बाद फायरिंग कर फरार हो गए। उसने पुलिस को बताया कि हमला लक्ष्मणगढ़ निवासी अजीत गुर्जर उर्फ घोड़ा और उसके साथियों ने पुरानी रंजिश के चलते किया है। हालांकि पुलिस ने अभी आरोपियों के नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और पूरे मामले की जांच जारी है। यह भी सामने आया है कि लालू जमीन के कारोबार से जुड़ा है, ऐसे में रंजिश के एंगल से भी पड़ताल की जा रही है। दो वीडियो आए सामने शनिवार रात घटना के दो वीडियो सामने आए हैं। एक वीडियो में दो हमलावर लालू यादव का नाम लेकर गालियां देते हुए उसके घर की ओर कट्टे से फायरिंग करते नजर आ रहे हैं, जिसमें दो गोलियां चलाई गईं। दूसरे वीडियो में सीसीटीवी फुटेज में हमलावरों की कार साफ दिखाई दे रही है। बहोड़ापुर थाना प्रभारी आलोक परिहार ने बताया कि बदमाश के घर फायरिंग की घटना सामने आई है। वीडियो के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।

इंदौर के बड़ा गणपति-चंदन नगर फ्लाईओवर पर सख्त निर्देश:सिंहस्थ से पहले पूरा करने का लक्ष्य; मंत्री विजयवर्गीय बोले- जरूरत हो तो बढ़ाएं टीमें

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नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में आईडीए के मुख्य सभागार में बैठक हुई। बैठक बड़ा गणपति क्षेत्र में फ्लाईओवर ब्रिज और चंदन नगर ओवरब्रिज के निर्माण कार्यों को लेकर आयोजित की गई थी। इस दौरान मंत्री ने दोनों परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। मंत्री ने निर्देश दिए कि बारिश से पहले बड़ा गणपति फ्लाईओवर के निर्माण के लिए सीवरेज सहित अन्य लाइनों का कार्य पूरा किया जाए। आवश्यकता होने पर टीमों और संसाधनों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि सिंहस्थ से पहले ब्रिज तैयार हो सके। साथ ही चंदन नगर में बन रहे 780 मीटर लंबे फ्लाईओवर के निर्माण में तेजी लाने और आ रही बाधाओं को दूर करने के निर्देश भी दिए। बैठक में मीडिया के मौजूद रहने पर मंत्री ने हल्के अंदाज में कहा कि अब आप लोग बाहर जाएं, उन्हें अधिकारियों से अपनी भाषा में बात करनी है। मंत्री ने अवैध होर्डिंग के मुद्दे पर नाराजगी जताई मीडिया से चर्चा के दौरान मंत्री ने अवैध होर्डिंग के मुद्दे पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि महापौर परिषद सदस्य राजेंद्र राठौर सहित कई लोगों ने शिकायत की है। इसकी जांच कराई जाएगी और अनियमितता मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बरसात में सड़कें खराब होती हैं और उनकी मरम्मत भी कराई जाएगी।

ग्वालियर हाईकोर्ट का OBC क्रीमीलेयर को लेकर फैसला:कोर्ट ने कहा-पति की सैलरी से नहीं बल्कि मां-पिता की सामाजिक-आर्थिक दशा से तय होगाी ओबीसी क्रीमीलेयर

ग्वालियर हाईकोर्ट का OBC क्रीमीलेयर को लेकर फैसला:कोर्ट ने कहा-पति की सैलरी से नहीं बल्कि मां-पिता की सामाजिक-आर्थिक दशा से तय होगाी ओबीसी क्रीमीलेयर

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने ओबीसी क्रीमीलेयर से जुड़ी एक याचिका पर शनिवार को बड़ा व अहम फैसला दिया है। कोर्ट ने इस फैसले के जरिए स्पष्ट किया है कि किसी महिला अभ्यर्थी की क्रीमीलेयर तय करने में उसकी पति की आय को आधार नहीं माना जा सकता है। बल्कि क्रीमी लेयर तय करने में महिला अभ्यर्थी के मां-पिता की सामाजिक व आर्थिक स्थिति को आधार मानकर देखा जाएगा। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि महिला अभ्यर्थी की खुद की इनकम और पति की इनकम को उस समय तक नहीं जोड़ा जा सकता है तब तक कि पति क्लास-1 अधिकारी न हो। कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला दिया है कि महिला अभ्यर्थी के पिता क्लास थर्ड अधिकारी थे और माता गृहिणी इसलिए उसे किसी भी हालत में ओबीसी क्रीमीलेयर आरक्षक का फायदा नहीं मिल सकता है। इसके साथ ही याचिका को खारिज कर दिया गया है। यह है पूरा मामला शनिवार को कोर्ट ने ओबीसी क्रीमीलेयर को लेकर जो फैसला दिया है। दरअसल यह मामला सहायक प्राध्यापक (लॉ) पद पर नियुक्ति से पूरी तरह जुड़ा है। कोर्ट में दायर की गई याचिका में याचिकाकर्ता सुनीता यादव ने दावा किया था कि इस पद के लिए चयनित महिला अभ्यर्थी गरिमा राठौर क्रीमीलेयर में आती हैं, क्योंकि उनके पति सिविल जज हैं। साथ ही उनके परिवार की इनकम तय मानक मतलब निर्धारित सीमा से कहीं अधिक है। याचिकाकर्ता ने यह भी मांग की थी कि उसे 2021 से वरिष्ठता का लाभ दिया जाए। पर कोर्ट ने क्रीमी लेयर को अच्छी तरह परिभाषित कर पूरे मामले को स्पष्ट करते हुए याचिका को खारिज कर दिया है। साल 2021 से वरिष्ठता का लाभ भी मांगा याचिकाकर्ता ने कोर्ट से मांग की थी कि चयनित अभ्यर्थी गरिमा राठौर के पति सिविल जज हैं और उसकी खुद की भी आय है। इस आधार पर परिवार की कुल आय क्रीमी लेयर की सीमा से अधिक हो जाती है। इसलिए वह OBC (महिला) आरक्षित पद की पात्र नहीं थी। साथ ही अपनी प्रमोशन को लेकर तर्क दिया कि यदि उस अभ्यर्थी को नियुक्ति नहीं दी जाती, तो उन्हें ही 2021 में नियुक्ति मिलती, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। हालांकि बाद में सुनीता यादव को 2023 में नियुक्ति मिल गई, लेकिन उन्होंने कोर्ट से मांग की कि उन्हें 2021 से नियुक्ति मानी जाए। और उसी आधार पर वरिष्ठता व अन्य लाभ दिए जाएं। पर कोर्ट ने यह नहीं माना है।

MP Ayushman Hospitals Lose NABH Cert; Treatment Halted

MP Ayushman Hospitals Lose NABH Cert; Treatment Halted

मध्यप्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 126 अस्पतालों की मान्यता खत्म कर दी है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में यह कदम उन अस्पतालों पर उठाया गया है, जिन्होंने NABH सर्टिफिकेट की जानकारी तय समय में नहीं दी। . आयुष्मान कार्यालय ने पहले अस्पतालों को नोटिस देकर मौका दिया था, लेकिन इन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। रविवार 12 बजे इन अस्पतालों को नोटिस देकर जानकारी दी जाएगी। अब इन अस्पतालों में आयुष्मान के तहत मुफ्त इलाज नहीं मिलेगा। 4 शहरों में 398 में से 126 अस्पताल प्रभावित प्रदेश के चार बड़े शहरों—भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में कुल 398 अस्पताल योजना से जुड़े हैं। इनमें से 126 अस्पताल NABH सर्टिफिकेट की जानकारी नहीं दे सके, जिस कारण उन पर कार्रवाई हुई। इनमें भोपाल के 51, इंदौर-30, ग्वालियर-33 और जबलपुर के 12 अस्पताल शामिल हैं। आयुष्मान CEO बोले- मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा आयुष्मान भारत मध्यप्रदेश के CEO डॉ. योगेश भरसट ने कहा, “यह कदम अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए उठाया गया है। नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है, ताकि मरीजों को सुरक्षित और बेहतर इलाज मिल सके।” आयुष्मान भारत का कार्यालय। NABH सर्टिफिकेट क्यों है जरूरी NABH (National Accreditation Board for Hospitals and Healthcare Providers) सर्टिफिकेट अस्पतालों की गुणवत्ता और सुरक्षा का प्रमाण होता है। इसमें 600 से अधिक मानकों पर अस्पतालों की जांच की जाती है, जिसमें मरीजों की सुरक्षा, साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, नर्सिंग स्टाफ, इमरजेंसी सेवाएं और सर्जरी की प्रक्रियाएं शामिल होती हैं। सरकार का मानना है कि यह सर्टिफिकेट मरीजों को सुरक्षित और भरोसेमंद इलाज की गारंटी देता है। फुल NABH वालों को मिलेगा सीधा फायदा जिन अस्पतालों के पास पहले से फुल NABH सर्टिफिकेट है, उन्हें आवेदन करते ही “डीम्ड इंपैनलमेंट” का लाभ मिलेगा। ऐसे अस्पतालों को अलग से निरीक्षण की जरूरत नहीं होगी और वे सीधे योजना से जुड़ सकेंगे। वहीं, अन्य अस्पतालों को पहले एंट्री लेवल NABH लेना होगा और तीन साल के भीतर फुल NABH सर्टिफिकेट हासिल करना अनिवार्य होगा। क्वालिटी के हिसाब से मिलेगा भुगतान आयुष्मान योजना में अब अस्पतालों को उनकी गुणवत्ता के आधार पर भुगतान भी किया जाएगा। फुल NABH अस्पतालों को क्लेम राशि का 115% भुगतान मिलेगा। एंट्री लेवल NABH अस्पतालों को 10% अतिरिक्त भुगतान दिया जाएगा। इससे अस्पतालों को बेहतर सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। सीएमएचओ कार्यालय भोपाल। मरीजों के फीडबैक से होगी निगरानी अब मरीज भी अस्पतालों की गुणवत्ता तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। मोबाइल ऐप के जरिए मरीज अपने इलाज का फीडबैक दे सकेंगे, जिसके आधार पर अस्पतालों की सेवाओं का मूल्यांकन किया जाएगा। इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और खराब प्रदर्शन करने वाले अस्पतालों पर कार्रवाई आसान होगी।