Jeffrey Epstein Claimed White House Insider; Hundreds of Messages with Anil Ambani

न्यूयॉर्क6 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका के यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन ने 2017 में उद्योगपति अनिल अंबानी के सामने खुद को डोनाल्ड ट्रम्प के पहले कार्यकाल के व्हाइट हाउस के ‘इनसाइडर’ की तरह पेश किया था। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों के बीच दो साल तक सैकड़ों मैसेज और ईमेल हुए। इनमें एपस्टीन ने ट्रम्प प्रशासन की नियुक्ति व विदेश नीति से जुड़ी जानकारियां साझा कीं, जो बाद में सही भी निकलीं। हालांकि, इस बात का कोई सबूत नहीं मिला कि एपस्टीन की व्हाइट हाउस तक सीधी पहुंच थी। मैसेज में अनिल अंबानी ने एपस्टीन को लिखा था- ‘भारत के रिश्ते और रक्षा सहयोग के लिए व्हाइट हाउस से डील करने में आपकी गाइडेंस चाहिए।’ जवाब में एपस्टीन ने ‘इनसाइड’ जानकारी देने का वादा किया। सिग्नल-टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर होती थी बात न्यूयॉर्क टाइम्स ने जस्टिस डिपार्टमेंट द्वारा जारी मैसेज के रिव्यू के आधार पर बताया कि अनिल अंबानी और एपस्टीन के बीच बातचीत सिग्नल और टेलीग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म पर होती थी, जहां अंबानी ‘अरमानी ए’ नाम से सक्रिय थे। यह संपर्क उस दौर का है जब एपस्टीन नाबालिगों से जुड़े अपराधों में जेल काट चुका था। इनका परिचय दुबई की कंपनी डीपी वर्ल्ड के चेयरमैन सुल्तान अहमद बिन सुलायेम ने कराया था। एपस्टीन ने जब दीपक चोपड़ा से अंबानी के बारे में राय मांगी, तो चोपड़ा ने उन्हें ‘बेहद अमीर, चर्चा में रहने का शौकीन और सेलेब्स के प्रति सजग’ व्यक्ति बताया था। टाइपो से भरे इन संदेशों में एपस्टीन खुद को असरदार पावर ब्रोकर के रूप में पेश करता दिखा। मार्च 2017 में अनिल अंबानी ने एपस्टीन से पूर्व सीआईए डायरेक्टर डेविड पेट्रेयस के भारत में अमेरिकी राजदूत बनने की संभावना पूछी थी। एपस्टीन ने जवाब दिया था- वे प्राथमिकता में नहीं हैं। बाद में केनेथ जस्टर राजदूत बने। जुलाई 2017 में एपस्टीन ने यह ‘इनसाइड’ जानकारी भी दी कि जॉन बोल्टन नए सुरक्षा सलाहकार (NSA) होंगे। हालांकि, तब ट्रम्प ने मौजूदा NSA मैकमास्टर का बचाव किया था। हालांकि, 8 महीने बाद एपस्टीन की बात सच साबित हुई और बोल्टन ने ही पद संभाला। एपस्टीन ने अनिल अंबानी को ट्रम्प के बेहद करीबी लोगों, जैसे स्टीफन बैनन और थॉमस बैरक जूनियर से मिलवाने का प्रस्ताव दिया था। बैरक उस वक्त ट्रम्प की इनॉगरेशन कमेटी के अध्यक्ष थे। एपस्टीन ने दिग्गजों को यह भरोसा दिलाया कि अंबानी से जुड़ना उनके लिए फायदेमंद होगा। वहीं, अनिल अंबानी ने खुद को भारत में राजनीतिक रूप से प्रभावशाली बताते हुए मैसेज लिखा कि ‘लीडरशिप’ चाहती है कि एपस्टीन उनकी मुलाकात जेरेड कुश्नर और बैनन से कराने में मदद करे। अनिल अंबानी की अमेरिकी डिफेंस पॉलिसी में दिलचस्पी की वजह यह भी बताई गई है कि 2016 में उन्हें राफेल के पार्ट्स से जुड़ी डील मिली थी। उस वक्त आलोचकों ने भारत सरकार पर अंबानी को फायदा पहुंचाने के आरोप लगाए थे, जिन्हें सरकार ने खारिज किया था। अंबानी ने लिखा था कि भारत के लिए अमेरिकी राजदूत का चयन उनके लिए बेहद ‘अहम’ है। वे चाहते थे कि पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों से निपटने के लिए इस पद पर कोई ‘मजबूत’ व्यक्ति आए। रिपोर्ट के मुताबिक संदेशों से स्पष्ट है कि अनिल अंबानी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पैठ मजबूत करना चाहते थे। उन्होंने खुद को अटलांटिक काउंसिल के एडवाइजरी बोर्ड में ‘इकलौते भारतीय’ के रूप में पेश किया। वहीं, एपस्टीन ने उन्हें कार्नेगी एंडोमेंट के विलियम जे. बर्न्स और थॉमस जे. प्रिट्जकर जैसे प्रभावशाली वैश्विक दिग्गजों से मिलवाने का वादा किया। एपस्टीन ने अंबानी को अपने घर डिनर पर बुलाकर बड़े राजनेताओं से नेटवर्किंग का मौका भी दिया। 2019 में जब अनिल अंबानी की कंपनियों पर आर्थिक संकट गहराया और उन्हें कर्ज चुकाने के लिए भाई मुकेश अंबानी की मदद लेनी पड़ी, तब एपस्टीन उन्हें मानसिक रूप से मजबूत रहने की सलाह दे रहा था। हालांकि एपस्टीन ने संदेशों में लिखा कि उसे पैसे की जरूरत नहीं है, लेकिन एक ईमेल में ‘ट्रांजैक्शन डन’ का जिक्र मिला। रिपोर्ट के अनुसार, 23 मई 2019 को भारत में चुनावी नतीजों के दिन अनिल अंबानी न्यूयॉर्क में एपस्टीन के घर गए थे। इसके कुछ ही हफ्तों बाद एपस्टीन को नाबालिगों की यौन तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Jeffrey Epstein Claimed White House Insider; Hundreds of Messages with Anil Ambani

न्यूयॉर्क48 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका के यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन ने 2017 में उद्योगपति अनिल अंबानी के सामने खुद को डोनाल्ड ट्रम्प के पहले कार्यकाल के व्हाइट हाउस के ‘इनसाइडर’ की तरह पेश किया था। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों के बीच दो साल तक सैकड़ों मैसेज और ईमेल हुए। इनमें एपस्टीन ने ट्रम्प प्रशासन की नियुक्ति व विदेश नीति से जुड़ी जानकारियां साझा कीं, जो बाद में सही भी निकलीं। हालांकि, इस बात का कोई सबूत नहीं मिला कि एपस्टीन की व्हाइट हाउस तक सीधी पहुंच थी। मैसेज में अनिल अंबानी ने एपस्टीन को लिखा था- ‘भारत के रिश्ते और रक्षा सहयोग के लिए व्हाइट हाउस से डील करने में आपकी गाइडेंस चाहिए।’ जवाब में एपस्टीन ने ‘इनसाइड’ जानकारी देने का वादा किया। सिग्नल-टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर होती थी बात न्यूयॉर्क टाइम्स ने जस्टिस डिपार्टमेंट की तरफ से जारी मैसेज के रिव्यू के आधार पर बताया कि अनिल अंबानी और एपस्टीन के बीच बातचीत सिग्नल और टेलीग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म पर होती थी, जहां अंबानी ‘अरमानी ए’ नाम से सक्रिय थे। यह संपर्क उस दौर का है जब एपस्टीन नाबालिगों से जुड़े अपराधों में जेल की सजा काट चुका था। इनका परिचय दुबई की कंपनी डीपी वर्ल्ड के चेयरमैन सुल्तान अहमद बिन सुलायेम ने कराया था। एपस्टीन ने जब दीपक चोपड़ा से अंबानी के बारे में राय मांगी, तो चोपड़ा ने उन्हें ‘बेहद अमीर, चर्चा में रहने का शौकीन और सेलेब्स के प्रति सजग’ व्यक्ति बताया था। सुरक्षा सलाहकार की नियुक्ति पर एपस्टीन की बात सच हुई टाइपो से भरे इन संदेशों में एपस्टीन खुद को असरदार पावर ब्रोकर के रूप में पेश करता दिखा। मार्च 2017 में अनिल अंबानी ने एपस्टीन से पूर्व सीआईए डायरेक्टर डेविड पेट्रेयस के भारत में अमेरिकी राजदूत बनने की संभावना पूछी थी। एपस्टीन ने जवाब दिया था- वे प्राथमिकता में नहीं हैं। बाद में केनेथ जस्टर राजदूत बने। जुलाई 2017 में एपस्टीन ने यह ‘इनसाइड’ जानकारी भी दी कि जॉन बोल्टन नए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) होंगे। हालांकि, तब ट्रम्प ने मौजूदा NSA मैकमास्टर का बचाव किया था। हालांकि, 8 महीने बाद एपस्टीन की बात सच साबित हुई और बोल्टन ने ही पद संभाला। एपस्टीन ने अनिल अंबानी को ट्रम्प के बेहद करीबी लोगों, जैसे स्टीफन बैनन और थॉमस बैरक जूनियर से मिलवाने का प्रस्ताव दिया था। बोल्टन 9 अप्रैल, 2018 को NSA बने और ट्रम्प ने 10 सितंबर 2019 को उन्हें पद से हटा दिया। अंबानी ने खुद को भारत में राजनीतिक रूप से प्रभावशाली बताया बैरक उस वक्त ट्रम्प की इनॉगरेशन कमेटी के अध्यक्ष थे। एपस्टीन ने दिग्गजों को यह भरोसा दिलाया कि अंबानी से जुड़ना उनके लिए फायदेमंद होगा। वहीं, अनिल अंबानी ने खुद को भारत में राजनीतिक रूप से प्रभावशाली बताते हुए मैसेज लिखा कि ‘लीडरशिप’ चाहती है कि एपस्टीन उनकी मुलाकात जेरेड कुश्नर और बैनन से कराने में मदद करे। अनिल अंबानी की अमेरिकी डिफेंस पॉलिसी में दिलचस्पी की वजह यह भी बताई गई है कि 2016 में उन्हें राफेल के पार्ट्स से जुड़ी डील मिली थी। उस वक्त आलोचकों ने भारत सरकार पर अंबानी को फायदा पहुंचाने के आरोप लगाए थे, जिन्हें सरकार ने खारिज किया था। अंबानी ने लिखा था कि भारत के लिए अमेरिकी राजदूत का चयन उनके लिए बेहद ‘अहम’ है। वे चाहते थे कि पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों से निपटने के लिए इस पद पर कोई ‘मजबूत’ व्यक्ति आए। एपस्टीन ने अंबानी को घर बुलाकर बड़े नेताओं से मिलवाया रिपोर्ट के मुताबिक संदेशों से स्पष्ट है कि अनिल अंबानी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पैठ मजबूत करना चाहते थे। उन्होंने खुद को अटलांटिक काउंसिल के एडवाइजरी बोर्ड में ‘इकलौते भारतीय’ के रूप में पेश किया। वहीं, एपस्टीन ने उन्हें कार्नेगी एंडोमेंट के विलियम जे. बर्न्स और थॉमस जे. प्रिट्जकर जैसे प्रभावशाली वैश्विक दिग्गजों से मिलवाने का वादा किया। एपस्टीन ने अंबानी को अपने घर डिनर पर बुलाकर बड़े राजनेताओं से नेटवर्किंग का मौका भी दिया। अनिल अंबानी-एपस्टीन के बीच से पैसों के लेनदेन का भी जिक्र 2019 में जब अनिल अंबानी की कंपनियों पर आर्थिक संकट गहराया और उन्हें कर्ज चुकाने के लिए भाई मुकेश अंबानी की मदद लेनी पड़ी, तब एपस्टीन उन्हें मानसिक रूप से मजबूत रहने की सलाह दे रहा था। हालांकि एपस्टीन ने संदेशों में लिखा कि उसे पैसे की जरूरत नहीं है, लेकिन एक ईमेल में ‘ट्रांजैक्शन डन’ का जिक्र मिला। रिपोर्ट के अनुसार, 23 मई 2019 को भारत में चुनावी नतीजों के दिन अनिल अंबानी न्यूयॉर्क में एपस्टीन के घर गए थे। इसके कुछ ही हफ्तों बाद एपस्टीन को नाबालिगों की यौन तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। —————————– एपस्टीन फाइल्स- अनिल अंबानी की चैट सामने आई:दावा- सुनहरे बालों वाली स्वीडिश महिला की पेशकश हुई, अनिल बोले- अरेंज करो अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने एपस्टीन और उद्योगपति अनिल अंबानी के बीच 2017 से 2019 के दौरान हुई बातचीत से जुड़े दस्तावेज जारी किए। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक 9 मार्च 2017 की बातचीत में अनिल ने एपस्टीन से पूछा- क्या सुझाव है? इस पर एपस्टीन ने लिखा- मुलाकात ‘मजेदार’ बनाने के लिए ‘लंबी स्वीडिश ब्लॉन्ड महिला’ बेहतर होगी। इसके बाद अंबानी ने जवाब दिया, ‘इसे अरेंज करो।’ बातचीत तब की है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
बटलर से वैभव-यशस्वी के कैच छूटे:अशोक ने 154 की स्पीड से गेंद फेंकी, बिश्नोई 200 टी-20 विकेट वाले यंगेस्ट इंडियन; मोमेंट्स-रिकार्ड्स

IPL 2026 के 9वें मैच में राजस्थान रॉयल्स ने गुजरात टाइटंस को 6 रन से हरा दिया। अहमदाबाद में खेले गए इस मुकाबले में RR ने 210 रन बनाए, जबकि GT 204 रन ही बना सकी। मैच के दौरान जोस बटलर से वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल के अहम कैच छूटे। वहीं, गुजरात के अशोक शर्मा ने 154.2 किमी/घंटा की रफ्तार से इस सीजन की सबसे तेज गेंद फेंकी। दूसरी ओर, रवि बिश्नोई ने टी-20 क्रिकेट में अपने 200 विकेट पूरे कर लिए और इस उपलब्धि तक पहुंचने वाले सबसे युवा भारतीय गेंदबाज बन गए। RR Vs GT मैच के मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स… 1. साई सुदर्शन ने 42 इनिंग में 15वीं फिफ्टी लगाई साई सुदर्शन ने IPL में सिर्फ 42 पारियों में अपनी 15वीं फिफ्टी पूरी कर ली। वे इस मामले में दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं और केवल क्रिस गेल (41 पारियां) उनसे आगे हैं। सुदर्शन ने शॉन मार्श (43) को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की। 2. वैभव के IPL में 30 सिक्स पूरे वैभव सूर्यवंशी ने IPL में अपने 30 सिक्स पूरे कर लिए। वे 19 साल या उससे कम उम्र में सबसे तेजी से इस आंकड़े तक पहुंचने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने सिर्फ 157 गेंदों में यह मुकाम हासिल किया। ऋषभ पंत और ईशान किशन ने भी 30-30 सिक्स लगाए थे, लेकिन उन्होंने इसके लिए काफी ज्यादा गेंदें खेलीं। 3. अशोक शर्मा ने इस सीजन की सबसे तेज गेंद फेंकी गुजरात के तेज गेंदबाज अशोक शर्मा ने इस सीजन की सबसे तेज गेंद फेंकने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने राजस्थान के खिलाफ मुकाबले में 154.2 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंद फेंकी। इस सीजन में इससे पहले सबसे तेज गेंद का रिकॉर्ड एनरिक नॉर्त्या (150.9 किमी/घंटा) के नाम था। हालांकि, IPL इतिहास की सबसे तेज गेंद का रिकॉर्ड अभी भी शॉन टैट के नाम है, जिन्होंने 2011 में 157.71 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंद फेंकी थी। 4. बिश्नोई टी-20 में 200 विकेट लेने वाले सबसे युवा भारतीय बने रवि बिश्नोई ने गुजरात के ग्लेन फिलिप्स का विकेट लेते ही टी-20 क्रिकेट में अपने 200 विकेट पूरे किए। उन्होंने यह उपलब्धि 25 साल 211 दिन की उम्र में हासिल की और इसी के साथ वह टी-20 में 200 विकेट लेने वाले सबसे युवा भारतीय गेंदबाज बन गए। उन्होंने यह मुकाम अपने करियर के 170वें टी-20 मैच में हासिल किया। बिश्नोई टी-20 में 200 विकेट लेने वाले 19वें भारतीय गेंदबाज बने हैं, जबकि स्पिनर्स की लिस्ट में वह 9वें स्थान पर हैं। हालांकि, ओवरऑल टी-20 क्रिकेट में सबसे कम उम्र में 200 विकेट लेने का रिकॉर्ड राशिद खान के नाम है, जिन्होंने यह उपलब्धि 23 साल 119 दिन की उम्र में हासिल की थी। यहां से टॉप-10 मोमेंट्स… 1. वैभव ने चौके से खाता खोला पारी की शुरुआत में ही वैभव सूर्यवंशी ने चौका लगाकर अपने पहले रन बनाए। मोहम्मद सिराज की लेग स्टंप पर डाली गई लेंथ गेंद को उन्होंने हल्के से ग्लांस करते हुए फाइन लेग की दिशा में चौके के लिए भेज दिया। 2. बटलर से वैभव और यशस्वी के कैच छूटे जोस बटलर से वैभव सूर्यवंशी ने यशस्वी जायसवाल का कैच छूट गया। अशोक शर्मा की गेंद पर वैभव सूर्यवंशी ने शॉट खेला, गेंद बल्ले का किनारा लेकर स्लिप की दिशा में गई। बटलर ने फुल लेंथ डाइव लगाकर कैच पकड़ने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके हाथ से छूट गई और चौके के लिए निकल गई। इस जीवनदान का वैभव ने पूरा फायदा उठाया और अगली ही गेंद पर पॉइंट की दिशा में छक्का लगाकर टीम की फिफ्टी पूरी कर दी। इससे पहले यशस्वी जायसवाल को भी जीवनदान मिला था। सिराज की शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद पर यशस्वी ने फ्लिक खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद विकेटकीपर की ओर गई। बटलर ने दाईं ओर डाइव लगाई, लेकिन कैच पकड़ नहीं सके। 3. जायसवाल की चौके से फिफ्टी 12वें ओवर में यशस्वी जायसवाल ने चौके से अपना अर्धशतक पूरा किया। मोहम्मद सिराज की ऑफ स्टंप के बाहर डाली गई गेंद पर उन्होंने आगे बढ़कर एक्स्ट्रा कवर की दिशा में शानदार ड्राइव खेला, जो सीधे चौके के लिए चला गया। 4. रियान ने पहली गेंद पर सिक्स लगाया रियान पराग ने अपनी पहली ही बॉल पर सिक्स लगा दिया। कगिसो रबाडा की फुल लेंथ गेंद, जो मिडिल और लेग स्टंप पर थी, उस पर पराग ने बॉटम हैंड का इस्तेमाल करते हुए डीप स्क्वायर लेग की दिशा में गेंद को सिक्स के लिए भेज दिया। 5. सिराज का डाइविंग कैच 16वें ओवर में शिमरन हेटमायर कैच आउट हो गए। ओवर की तीसरी बॉल अशोक शर्मा ने गुड लेंथ पर फेंकी। हेटमायर ने शॉट खेला, वे लॉन्ग ऑन पर मोहम्मद सिराज के हाथों कैच हो गए। सिराज ने डाइविंग कैच पकड़ा, हेटमायर ने 18 रन बनाए। 6. 15वें ओवर के बाद बॉल बदली गई मैच के दौरान 15वें ओवर के बाद गुजरात के कप्तान की मांग पर अंपायर्स ने गेंद को बदलने का फैसला लिया। यह नियम ओस के असर को कम करने के लिए लागू किया गया है, जिससे दूसरी पारी में गेंदबाजों को बेहतर ग्रिप मिल सके और मुकाबला संतुलित बना रहे। 7. सुदर्शन ने छक्का लगाकर फिफ्टी पूरी की 8वें ओवर की चौथी गेंद पर साई सुदर्शन ने रियान पराग के खिलाफ सिक्स लगाया। इसी के साथ उन्होंने 33 गेंद पर अपनी फिफ्टी पूरी कर ली। वे 73 रन बनाकर कैच आउट हुए। 8. तेवतिया का रिवर्स में सिक्स राहुल तेवतिया ने 15वें ओवर में रिवर्स शॉट पर सिक्स लगा दिया। रवि बिश्नोई की गेंद पर उन्होंने अपना स्टांस बदलते हुए शॉट खेला। तेवतिया ने फुल लेंथ बॉल को डीप बैकवर्ड पॉइंट के ऊपर से सिक्स लगा दिया। 9. जडेजा के थ्रो से शाहरुख रनआउट 15वें ओवर में रवींद्र जडेजा की शानदार फील्डिंग ने शाहरुख खान को रनआउट करा दिया। रवि बिश्नोई की फ्लाइटेड गेंद पर राशिद खान ने शॉट खेलकर दो रन पूरे किए और तीसरे रन के लिए कॉल किया। लॉन्ग फील्ड से जडेजा तेजी से गेंद तक पहुंचे, बाउंड्री के पास शानदार स्टॉप किया और तुरंत स्ट्राइकर एंड पर सटीक थ्रो फेंका। ध्रुव जुरेल ने गिल्लियां बिखेर दीं, जबकि शाहरुख क्रीज से काफी दूर रह गए। 10.
Khabar hatke Robotaxi Traffic Jam & 44-Yr-Old Pigeon In Guinness

भारत में कुछ दुल्हनें शादी में पतला दिखने के लिए इंजेक्शन का सहारा ले रही हैं। वहीं, चीन में कुछ रोबोटैक्सी के बीच रोड पर अचानक रुकने से जाम लग गया। उधर, अमेरिका में एक कबूतर 44 साल का हो गया है, जिसका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गय . आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
SRH vs LSG IPL 2026 Hyderabad Match

हैदराबाद30 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL 2026 में रविवार को दूसरा डबल हेडर खेला जाएगा। दिन का पहला मुकाबला सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बीच हैदराबाद के राजीव गांधी स्टेडियम में दोपहर 3:30 बजे से शुरू होगा। हैदराबाद ने अपने पिछले मैच में कोलकाता को उनके घर ईडन गार्डन्स में 65 रन से हराया था। वहीं, लखनऊ सुपर जायंट्स की शुरुआत इस सीजन में अच्छी नहीं रही। जस्टिन लैंगर की कोचिंग वाली टीम पहले मैच में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ सिर्फ 141 रन पर सिमट गई थी और उसे 6 विकेट से हार झेलनी पड़ी थी। दोनों टीमों के हेड-टू-हेड की बात करें तो अब तक 6 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें लखनऊ ने 4 और हैदराबाद ने 2 मैच जीते हैं। पिछले सीजन दोनों टीमों ने एक-एक मैच अपने नाम किया था। पंत ओपनिंग में कामयाब नहीं रहे लखनऊ के पास मिचेल मार्श, ऐडन मार्करम और निकोलस पूरन जैसे बड़े नाम हैं, लेकिन टीम में तालमेल की कमी दिख रही है। पिछले मैच में कप्तान ऋषभ पंत को ओपनिंग पर भेजने का प्रयोग पूरी तरह असफल रहा। अब उम्मीद है कि पंत फिर से नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते नजर आएंगे, जहां उन्होंने पिछले सीजन शतक लगाया था। गेंदबाजी में मोहम्मद शमी और प्रिंस यादव की जोड़ी ने अच्छी शुरुआत दिलाई थी, लेकिन मिडिल ओवर्स में टीम दबाव बनाए रखने में नाकाम रही। मिस्ट्री लेग स्पिनर दिग्वेश राठी को पिछले मैच में नहीं खिलाया गया था। हैदराबाद की बैलेंस यूनिट मजबूत सनराइजर्स हैदराबाद की कप्तानी फिलहाल ईशान किशन संभाल रहे हैं। उन्होंने कप्तानी के साथ बल्लेबाजी में भी अच्छा प्रदर्शन किया है। ट्रेविस हेड और अभिषेक शर्मा की ओपनिंग जोड़ी फॉर्म में है, जबकि हेनरिक क्लासन मिडिल ऑर्डर को मजबूती दे रहे हैं। गेंदबाजी यूनिट ने भी पिछले मैच में शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने कोलकाता को 161 रन पर रोक दिया था। जयदेव उनादकट और एहसान मलिंगा डेथ ओवर्स में अहम भूमिका निभा रहे हैं। पिच रिपोर्ट राजीव गांधी स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। यहां की सतह सपाट होती है, जिससे शॉट खेलना आसान होता है और बड़े स्कोर बनते हैं। मैच आगे बढ़ने के साथ पिच धीमी हो जाती है, जिससे स्पिनर्स को मदद मिलने लगती है। इस मैदान पर अब तक 83 IPL मैच खेले गए हैं। पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने 36 में से 10 मैच जीते हैं, जबकि पहले गेंदबाजी करने वाली टीम ने 47 में से 21 मैच अपने नाम किए हैं। मौसम रिपोर्ट हैदराबाद में मैच के दौरान मौसम बल्लेबाजी के लिए अच्छा रहने वाला है। दिन में हल्के बादल रहेंगे और तापमान करीब 34-36°C के आसपास रहेगा। दोपहर के समय गर्मी जरूर रहेगी, लेकिन बारिश की संभावना काफी कम है, जिससे पूरे 40 ओवर का मैच होने की उम्मीद है। शाम होते-होते तापमान थोड़ा गिरकर 28-30°C तक आ सकता है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-XII सनराइजर्स हैदराबाद: अभिषेक शर्मा, ट्रैविस हेड, ईशान किशन (विकेटकीपर और कप्तान), हेनरिक क्लासन, अनिकेत वर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, सलिल अरोड़ा, हर्ष दुबे, हर्षल पटेल, जयदेव उनादकट, ईशान मलिंगा, लियम लिविंगस्टन। लखनऊ सुपरजायंट्स: ऐडन मार्करम, मिचेल मार्श, निकोलस पूरन, ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), आयुष बडोनी, अब्दुल समद, मुकुल चौधरी, मोहसिन खान, मोहम्मद शमी, एनरिक नॉर्त्या, प्रिंस यादव, आवेश खान। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Dates vs Jaggery Weight Control; Khajur Gud Nutrition Value; Natural Sweetener Benefits

Hindi News Lifestyle Dates Vs Jaggery Weight Control; Khajur Gud Nutrition Value; Natural Sweetener Benefits 1 घंटे पहलेलेखक: अदिति ओझा कॉपी लिंक विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, मोटापा ‘एपिडेमिक’ बन गया है। एपिडेमिक का मतलब है ऐसी बीमारी, जो दुनिया में तेजी से फैल रही है। दुनिया में हर साल मोटापे से जुड़ी बीमारियों के कारण करीब 28 लाख लोगों की मौत होती है। मोटापे की एक बड़ी वजह शुगर कंजम्प्शन है। इसलिए लोग वेट कंट्रोल के लिए नेचुरल विकल्प खजूर और गुड़ का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये वजन कम करने के साथ एनीमिया, पीलिया, अस्थमा और एलर्जी जैसी समस्याओं से बचाते हैं। इसलिए आज जरूरत की खबर में हम गुड़ और खजूर की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- इन दोनों में क्या खाना बेहतर है? इनमें कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं? क्या ये वाकई वेट कंट्राेल में मददगार हैं? एक्सपर्ट- डॉ. अमृता मिश्रा, सीनियर डाइटीशियन, दिल्ली सवाल- क्या गुड़ के मुकाबले खजूर वेट मैनेजमेंट में मदद करता है? जवाब- हां, बिल्कुल। खजूर इन कारणों से बेहतर है– खजूर एक कंप्लीट फूड है। इसमें नेचुरल शुगर के साथ फाइबर, पोटेशियम और एंटीऑक्सिडेंट्स होता है। फाइबर ‘गैस्ट्रिक एंम्पटिइंग’ (Gastric Emptying) के प्रोसेस को धीमा करता है। इसका मतलब है कि भोजन के छोटी आंत तक पहुंचने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। इसका सरल मतलब ये है भोजन फटाफट एब्जॉर्ब नहीं होता। शुगर तेजी से नहीं बढ़ती। फाइबर के कारण पेट भरा महसूस होता है। तो बार-बार खाने की इच्छा कम होती है। सवाल- खजूर का ग्लाइसेमिक इंडेक्स और ग्लाइसेमिक लोड कितना होता है? जवाब- खजूर का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 44 से 53 के बीच होता है। ये लो-मीडियम कैटेगरी है। इसका ग्लाइसेमिक लोड (GL) 42 से 55 के बीच होता है। ग्लाइसेमिक इंडेक्स बताता है कि कोई फूड ब्लड शुगर को कितनी तेजी से बढ़ाता है। ग्लाइसेमिक लोड बताता है कि कोई फूड खाने से ब्लड शुगर कितना बढ़ेगा। सवाल- क्या गुड़ भी ब्लड शुगर कंट्रोल रखने और वेट मैनेजमेंट में मदद करता है? जवाब- नहीं, गुड़ और चीनी, दोनों में समान मात्रा में कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट होते हैं। दोनों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स और लोड लगभग एक जैसा है। इसलिए दोनों ब्लड शुगर लेवल बढ़ाते हैं। इनमें ज्यादा कैलोरी होती है, जो खर्च न करने पर फैट में बदल जाती है। इसलिए गुड़ वेट मैनेजमेंट में मदद नहीं करता, बल्कि वेट बढ़ा सकता है। सवाल- खजूर में कौन-कौन से न्यूट्रिएंट्स होते हैं? जवाब- खजूर न्यूट्रिएंट्स से भरपूर होता है। इसमें नेचुरल शुगर, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, विटामिन्स और एंटीऑक्सिडेंट्स (फ्लेवोनॉयड्स, कैरोटेनॉयड्स, फेनोलिक कंपाउंड्स) होते हैं। ग्राफिक में इसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू देखिए- सवाल- गुड़ में कौन-कौन से न्यूट्रिएंट्स होते हैं? जवाब- गुड़ मुख्य रूप से सुक्रोज (नेचुरल शुगर का एक फॉर्म) से बना होता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट के साथ आयरन, कैल्शियम भी होता है। ग्राफिक में 100 ग्राम गुड़ की न्यूट्रिशनल वैल्यू देखिए- सवाल- अगर वेट को कंट्रोल में रखना है तो खजूर और गुड़ में से क्या बेहतर है? जवाब- अगर आपका लक्ष्य वजन कम करना है तो आमतौर पर खजूर बेहतर विकल्प माना जाता है। इसमें मौजूद फाइबर- सेटिस्फेक्शन बढ़ाता है। देर तक पेट भरा रखता है। ब्लड शुगर पर कम प्रभाव डालता है। इससे कंट्रोल्ड ईटिंग पैटर्न बनाए रखना आसान होता है। जबकि, गुड़ खाने से वजन बढ़ सकता है, क्योंकि- यह हाई कैलोरी फूड है। इससे ब्लड शुगर भी तेजी से बढ़ता है। इससे कैलोरी ओवरलोड हो सकता है। सवाल- एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति को एक दिन में कितना खजूर खाना चाहिए? जवाब- सीनियर डाइटीशियन डॉ. अमृता मिश्रा के मुताबिक, रोजाना 2–3 खजूर खा सकते हैं। इससे ब्लड शुगर और वेट कंट्रोल में रहता है। साथ ही जरूरी पोषक तत्व भी मिल जाते हैं। सवाल- क्या बच्चों को खजूर देना सेफ है? जवाब- हां, बच्चों को खजूर देना सुरक्षित है, लेकिन उम्र और मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है। 1 साल से छोटे शिशुओं को पूरा खजूर नहीं देना चाहिए। उन्हें चोकिंग (गले में कोई फूड फंसना) का खतरा रहता है। छोटे बच्चों को इसे पेस्ट या प्यूरी के रूप में दें। बड़े बच्चों को 1–2 खजूर दे सकते हैं। सवाल- क्या डायबिटीज के पेशेंट्स के लिए खजूर सेफ है? जवाब- डॉ. अमृता मिश्रा के मुताबिक, अगर ब्लड शुगर 200 से कम है तो डायबिटिक लोग रोज एक खजूर खा सकते हैं। इसमें कार्ब के साथ भरपूर मात्रा में फाइबर भी होता है। सवाल- वजन कम करने के लिए ओवरऑल लाइफस्टाइल कैसी होनी चाहिए? जवाब- सस्टेनेबल वेट लॉस के लिए सिर्फ डाइटिंग नहीं, डेली रुटीन में बदलाव करें। नियमित फिजिकल एक्टिविटी भी करें। इसके लिए- लो कैलोरी फूड्स खाएं। फाइबर से भरपूर चीजें जैसे फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल करें। हाइड्रेटेड रहें। हफ्ते में कम-से-कम 150 मिनट फिजिकल एक्टिविटी (जैसे तेज चलना, साइक्लिंग या वर्कआउट) करें। कुल मिलाकर, वेट कंट्रोल के लिए सिर्फ खजूर पर निर्भर रहने के बजाय ओवरऑल लाइफस्टाइल सुधारना जरूरी है। खजूर और गुड़ दोनों प्राकृतिक मिठास के सोर्स हैं, लेकिन इनमें कैलोरी और शुगर की मात्रा होती है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हेल्दी लाइफस्टाइल का कोई शॉर्टकट नहीं होता। छोटे-छोटे संतुलित फैसले लंबे समय में बड़ा फर्क लाते हैं। ………………………………….. जरूरत की ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- आपका मोटापा फैट है या वाटर वेट:जानें ये क्या होता है, शरीर पानी क्यों स्टोर करता है, डॉक्टर को दिखाना कब जरूरी मनुष्य के शरीर में लगभग 60% हिस्सा पानी होता है। यह शरीर के हर फंक्शन में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन क्या होगा अगर शरीर जरूरत से ज्यादा पानी स्टोर करने लगे? इससे अचानक वजन बढ़ सकता है। शरीर फूला हुआ महसूस हो सकता है। इसे ‘वाटर वेट’ कहते हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
LPG Gas Cylinder Booking Scam Alert; Fake Website OTP Scam

Hindi News Lifestyle LPG Gas Cylinder Booking Scam Alert; Fake Website OTP Scam | Cyber Fraud Safety Tips 58 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच जंग का असर भारत पर भी पड़ रहा है। इसके चलते LPG गैस की सप्लाई बाधित हो रही है। पैनिक माहौल में लोग हड़बड़ाहट में गैस बुकिंग कर रहे हैं। साइबर ठग इसी जल्दबाजी का फायदा उठा रहे हैं। वे तत्काल गैस बुकिंग के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे हैं। इसलिए इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने लोगों को सतर्क करने के लिए ‘एक्स’ पर वीडियो जारी किया है। साइबर लिटरेसी कॉलम में आज हम ‘LPG बुकिंग स्कैम’ की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे- स्कैमर्स LPG बुकिंग के नाम पर लोगों को कैसे फंसाते हैं? घरेलू LPG बुकिंग का सही और सुरक्षित तरीका क्या है? एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस सवाल- ‘LPG गैस बुकिंग स्कैम’ क्या है? जवाब- ये साइबर फ्रॉड है। इसमें ठग फर्जी वेबसाइट, कॉल या मैसेज के जरिए गैस बुकिंग के नाम पर लोगों से OTP, बैंकिंग डिटेल्स मांगकर खाते से पैसे ऐंठ लेते हैं। सवाल- स्कैमर्स LPG बुकिंग के नाम पर लोगों को कैसे फंसाते हैं? जवाब- स्कैमर्स LPG यूजर्स की जरूरत और जल्दबाजी का फायदा उठाते हैं। ‘पूरा खेल’ नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- कैसे पहचानेंगे कि LPG बुकिंग वेबसाइट सही है या फेक? जवाब- इन बातों का ध्यान रखें- वेबसाइट का URL और HTTPS (सिक्योरिटी साइन) देखें। फेक वेबसाइट में स्पेलिंग की माइनर गलती होती है। वे जल्दी बुकिंग या ऑफर का लालच देकर तुरंत पेमेंट या डिटेल्स मांगती हैं। OTP, UPI PIN या बैंकिंग जानकारी मांगी जाए तो सतर्क हो जाएं। I4C ने कुछ फर्जी वेबसाइट्स की लिस्ट जारी की है- https://samedaydgascylinder.co.in/ https://indanegasservice.site/ https://inoilpump2026.us.cc/register https://gasagencydealership.in/ https://www.indianoilcorporations.in सवाल- फर्जी कॉल या मैसेज की पहचान कैसे करें? जवाब- इसके लिए सतर्कता जरूरी है। इन संकेतों से फर्जी कॉल या मैसेज की पहचान कर सकते हैं- ठग खुद को गैस एजेंसी प्रतिनिधि या अधिकारी बताते हैं। OTP, UPI पिन या बैंकिंग डिटेल्स मांगते हैं। जल्दी निर्णय का दबाव बनाते हैं। सब्सिडी या KYC बंद होने का डर दिखाते हैं। अनजान या इंटरनेशनल नंबर से कॉल/मैसेज करते हैं। संदिग्ध लिंक या .apk फाइल भेजते हैं। सवाल- LPG बुकिंग स्कैम से बचने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? जवाब- इसके लिए सतर्क और जागरूक रहना सबसे जरूरी है। किसी भी कॉल, लिंक या ऑफर पर भरोसा न करें। सिर्फ आधिकारिक सोर्स के जरिए ही बुकिंग करें। सभी जरूरी सावधानियां नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- क्या कोई गैस एजेंसी कॉल पर बैंकिंग डिटेल्स या OTP मांगती है? जवाब- नहीं, कोई भी गैस एजेंसी फोन पर OTP, UPI पिन या बैंकिंग डिटेल्स नहीं मांगती है। ऐसी जानकारी मांगने वाला कॉल साइबर फ्रॉड है। सवाल- घरेलू LPG की बुकिंग का सही और सुरक्षित तरीका क्या है? जवाब- इसके लिए गैस कंपनियों के आधिकारिक प्लेटफॉर्म (जैसे एप, वेबसाइट, रजिस्टर्ड नंबर या वॉट्सएप सर्विस) का इस्तेमाल करें। थर्ड-पार्टी लिंक या गूगल के अनजान नंबर से बुकिंग न करें। नीचे ग्राफिक में तीन मुख्य गैस कंपनियों के बुकिंग माध्यम दिए हैं- सवाल- अगर गलती से फर्जी लिंक पर क्लिक हो जाए या पर्सनल डिटेल्स शेयर कर दें तो तुरंत क्या करना चाहिए? जवाब- ऐसी स्थिति में तुरंत कुछ एक्शन लें, ताकि नुकसान रोका जा सके। तुरंत बैंक को सूचित करें और UPI/नेट बैंकिंग अस्थायी रूप से ब्लॉक कराएं। बैंकिंग एप्स और सोशल मीडिया के पासवर्ड बदलें। संदिग्ध एप हो तो अनइंस्टॉल करें और फोन रीस्टार्ट करें। साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। सवाल- किसी भी तरह के स्कैम से बचने के लिए किन बुनियादी बातों का ध्यान रखना जरूरी है? जवाब- साइबर ठग नए-नए तरीके अपना रहे हैं। इनसे बचने के लिए बुनियादी बातों का ध्यान रखें- स्कैमर्स डर या लालच देकर तुरंत निर्णय का दबाव बनाते हैं। ऐसी स्थिति में शांत रहें और जरूरत हो तो भरोसेमंद व्यक्ति से सलाह लें। OTP, बैंक डिटेल, पासवर्ड और पिन शेयर न करें। बैंक या सरकारी संस्थाएं फोन पर ऐसी जानकारी नहीं मांगती हैं। अनजाने लिंक पर क्लिक न करें। इससे फोन/डेटा हैक हो सकता है। लॉटरी, इनाम या भारी छूट के दावे पर सतर्क रहें। डिवाइस और एप्स अपडेटेड रखें। ……………………. साइबर लिटरेसी से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए साइबर लिटरेसी- फास्टैग रिचार्ज स्कैम: जानें कैसे फंसते हैं लोग, सस्ते के लालच में न आएं, रीचार्ज कराते हुए बरतें 10 सावधानियां डिजिटल टोल सिस्टम ने नेशनल हाइवे पर सफर को आसान बनाया है। लेकिन साइबर ठग अब इसका गलत फायदा उठा रहे हैं। इसके चलते बीते कुछ दिनों में FASTag (फास्टैग) रीचार्ज और एनुअल पास के नाम पर ऑनलाइन ठगी के कई मामले सामने आए हैं। आगे पढ़िए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Ahmedabad Plane Crash: Families Demand Black Box Data

नई दिल्ली/अहमदाबाद9 मिनट पहले कॉपी लिंक अहमदाबाद में एअर इंडिया प्लेन क्रैश के 10 महीने बाद पीड़ित परिवारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेटर लिखकर ब्लैक बॉक्स और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) डेटा सार्वजनिक करने की मांग की है। परिवारों ने कहा कि वे यह जानना चाहते हैं कि विमान हादसा क्यों हुआ और क्या इसमें कोई तकनीकी खराबी थी। परिजनों ने कहा कि अगर ब्लैक बॉक्स डेटा सार्वजनिक नहीं किया जा सकता, तो कम से कम इसे निजी तौर पर परिवारों के साथ साझा किया जाए। 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रहा बोइंग 787-8 विमान टेकऑफ के तुरंत बाद मेडिकल कॉलेज हॉस्टल पर गिर गया था। इस हादसे में 241 यात्री और 19 अन्य लोगों समेत कुल 260 लोगों की मौत हुई थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Ahmedabad Plane Crash: Families Demand Black Box Data

नई दिल्ली/अहमदाबाद43 मिनट पहले कॉपी लिंक 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रही बोइंग 787-8 फ्लाइट टेकऑफ के तुरंत बाद क्रैश हो गई थी। अहमदाबाद में एअर इंडिया प्लेन क्रैश के 10 महीने बाद करीब 30 पीड़ित परिवारों ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेटर लिखा है। उन्होंने PM से फ्लाइट का ब्लैक बॉक्स और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) डेटा सार्वजनिक करने की मांग की है। परिजनों ने कहा, “हमें पैसे नहीं चाहिए। हमें सच्चाई जाननी है। हम जानना चाहते हैं कि हादसा क्यों हुआ और क्या इसमें कोई तकनीकी खराबी थी।” परिजनों का कहना है कि अगर ब्लैक बॉक्स डेटा सार्वजनिक नहीं किया जा सकता, तो कम से कम इसे निजी तौर पर परिवारों के साथ साझा किया जाए। 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रहा बोइंग 787-8 विमान टेकऑफ के तुरंत बाद मेडिकल कॉलेज हॉस्टल पर गिर गया था। इस हादसे में 241 यात्री और 19 अन्य लोगों समेत कुल 260 लोगों की मौत हुई थी। बोइंग विमान क्रैश में मारे गए लोगों में 60 विदेशी नागरिक थे। परिवारों का आरोप- वेबसाइट पर मृतकों के सामान की साफ फोटो नहीं पीड़ित परिवारों ने PM को लिखे लेटर में एअर इंडिया की तरफ से मदद की कमी का आरोप लगाया। हादसे में अपनी मां को खोने वाली किंजल पटेल ने एअर इंडिया की वेबसाइट के इस्तेमाल में आ रही दिक्कतों का जिक्र किया, जहां पीड़ितों के सामान की पहचान करनी होती है। उन्होंने कहा, “वेबसाइट पर 25,000 से ज्यादा सामानों की लिस्ट हैं, लेकिन तस्वीरें साफ नहीं हैं। इससे कुछ भी ढूंढ पाना या पहचान कर पाना लगभग नामुमकिन है।” वहीं अपनी मां, भाई और बेटी को खोने वाले खेड़ा के रोमिन वोरा ने बताया कि डिजिटल साधनों की जानकारी न होने के कारण कई परिवारों को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा, “सिर्फ एक ईमेल आईडी है और जवाब आने में 15 दिन तक लग जाते हैं। गांव के कई लोग ईमेल इस्तेमाल करना भी नहीं जानते।” उन्होंने यह भी कहा कि वेबसाइट पर निजी सामान को सार्वजनिक रूप से दिखाना असंवेदनशील है। प्लेन क्रैश में 24 साल के बेटे की मौत के बाद निलेश पुरोहित ने कहा, “अब मेरा घर बिल्कुल खाली लगने लगा है। कोई भी मुआवजा इस कमी को पूरा नहीं कर सकता। हमें पैसे नहीं, बल्कि सच्चाई जाननी है।” इस साल जून में प्लेन क्रैश की फाइनल रिपोर्ट आने की संभावना पीड़ित परिवारों ने लेटर की कॉपी एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB), डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को भी भेजी हैं। इस मामले में एअर इंडिया की प्रतिक्रिया का इंतजार है। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने पिछले साल जुलाई में प्लेन क्रैश की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपी थी। फाइनल रिपोर्ट इस साल जून में, यानी हादसे की पहली बरसी के आसपास आने की संभावना है। 12 फरवरी : AAIB बोला- पायलट को दोषी ठहराने वाली रिपोर्ट गलत AAIB ने 12 फरवरी को बताया था कि अहमदाबाद प्लेन क्रैश की जांच अभी भी जारी है। AAIB ने इटली के नामी अखबार कोरिएरे डेला सेरा की उस रिपोर्ट को गलत बताया जिनमें घटना के लिए पायलट को दोषी ठहराए जाने की बात कही गई थी। इटली के अखबार ने अज्ञात सूत्रों का हवाला देते हुए बताया था कि जांचकर्ता इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि हादसा किसी तकनीकी खराबी के कारण नहीं हुई थी। बल्कि पायलट ने जानबूझकर फ्यूल स्विच बंद कर दिया था। इस पर AAIB ने कहा- जांच अभी जारी है। किसी भी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है। ब्यूरो ने मीडिया से संयम बरतने और समय से पहले अटकलें लगाने से बचने का आग्रह किया। ————————— अहमदाबाद प्लेन क्रैश से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… अहमदाबाद प्लेन क्रैश- विमान में पहले से खराबी थी: अमेरिकी रिपोर्ट में इलेक्ट्रिकल फेलियर की आशंका अमेरिका स्थित फाउंडेशन फॉर एविएशन सेफ्टी (FAS) ने दावा किया है कि अहमदाबाद में क्रैश एअर इंडिया के विमान में इलेक्ट्रिकल सिस्टम फेल होने से एक के बाद एक कई सिस्टम बंद हुए। हो सकता है कि यही हादसे की वजह बना हो। विमान टेकऑफ के कुछ ही सेकेंड बाद अहमदाबाद के रिहायशी इलाके में गिर गया था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
PM मोदी आज बंगाल में चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे:स्टालिन का NDA को चैलेंज- हिम्मत है तो तमिलनाडु में 3-लैंग्वेज पॉलिसी का ऐलान करें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को कूचबिहार में रैली के साथ पश्चिम बंगाल में भाजपा के चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे। वे दोपहर में रास मेला मैदान में आयोजित ‘बिजॉय संकल्प सभा’ को संबोधित करेंगे। रैली में मोदी ‘विकसित बंगाल’ का विजन पेश करेंगे और शासन, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर TMC सरकार को घेर सकते हैं। यह विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद राज्य में उनकी पहली चुनावी रैली होगी। मोदी ने आखिरी बार 14 मार्च को राज्य का दौरा किया था, जहां उन्होंने कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक रैली को संबोधित किया था और लगभग 18,680 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया था। इधर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने एक चुनावी रैली के दौरान शनिवार को NDA को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान में हिम्मत है तो वह चुनाव प्रचार के दौरान राज्य में 3-भाषा नीति लागू करने की घोषणा करे। चुनाव से जुड़े अपडेट्स पांचों राज्यों में चुनाव के पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं…







