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किराने के सामान के लिए भी कर्ज ले रहे अमेरिकी:महंगाई में पेट भरना मुश्किल; 2साल में दोगुने हुए 'BNPL' यूजर्स, वर्षों चुका रहे ब्याज

किराने के सामान के लिए भी कर्ज ले रहे अमेरिकी:महंगाई में पेट भरना मुश्किल; 2साल में दोगुने हुए 'BNPL' यूजर्स, वर्षों चुका रहे ब्याज

कल्पना कीजिए कि आपने महीनों पहले जो सब्जी, दूध और ब्रेड खरीदी और खा भी लिया, उसका ब्याज आप आज भी चुका रहे हैं। यह कोई मजाक नहीं, बल्कि हकीकत है। अमेरिका में लाखों परिवार कुछ महीनों से यही परेशानी झेल रहे हैं। किराने के सामान की कीमतें इतनी बढ़ चुकी हैं कि लोग अब उसे क्रेडिट कार्ड और “बाय नाउ, पे लेटर’ (बीएनपीएल) जैसी उधारी स्कीम्स की मदद से खरीद रहे हैं। फिर उसी कर्ज के जाल में फंसते जा रहे हैं। अमेरिका की गैर-लाभकारी संस्था ‘अर्बन इंस्टीट्यूट’ के ताजा सर्वे के मुताबिक, कामकाजी उम्र (18-64 साल) के हर चार में से एक अमेरिकी वयस्क ने किराने के सामान के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किया। लेकिन उसका पूरा बिल समय पर चुकाने में उसे दिक्कत हुई। सिर्फ 35% लोग ही पूरा बिल एक साथ चुका पाए, बाकी या तो न्यूनतम राशि चुका रहे हैं या इतना भुगतान भी नहीं कर पा रहे। नतीजतन छोटी सी किराने की खरीद, रिवॉल्विंग डेट यानी घूमते-फिरते कर्ज में बदल जाती है, जिस पर वर्षों तक ब्याज चुकाना पड़ता है। यह बोझ भी किसी एसेट के लिए नहीं, बल्कि खाने-पीने की आम जरूरतों के लिए उठाया जा रहा है। बीएनपीएल सर्विसेज की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं। लेंडिंगट्री के मुताबिक, अमेरिका में करीब 29% बीएनपीएल यूजर्स अब किराने के सामान के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, जो दो साल पहले सिर्फ 14% था। यानी हिस्सेदारी दोगुनी हो गई। जेन-जी (14 से 29 साल) में तो यह आंकड़ा 38% तक पहुंच जाता है। लेकिन सुविधा की यह चमक जल्द फीकी पड़ जाती है। करीब 47% यूजर्स ने बीते एक साल में कम से कम एक बार पेमेंट लेट की, जो एक साल पहले सिर्फ 34% थी। हर पांच में से करीब एक अमेरिकी अब किराने के लिए बचत के पैसे भी इस्तेमाल करने लगा है। कम व मध्यम आय वालों में यह आंकड़ा और भी ज्यादा है। विशेषज्ञों की चिंता यह है कि बचत और क्रेडिट, दोनों ऐसे रास्ते हैं जो छोटी अवधि में राहत तो देते हैं, लेकिन बार-बार इस्तेमाल होने पर परिवारों को लंबी अवधि की वित्तीय अस्थिरता की ओर धकेल सकते हैं। इसका मतलब है कि आज की भूख मिटाने के लिए लिया गया कर्ज, आपकी की जेब को वर्षों तक हल्का करता रहेगा। तगड़ी मार – अमेरिका में 5 साल में किराने के दाम 32% बढ़ चुके पांच साल में किराने के दाम करीब 32% बढ़ चुके हैं। ऐसे में लोग बिल टालने के लिए क्रेडिट कार्ड और बीएनपीएल का सहारा लेते हैं। लेकिन मिनिमम पेमेंट चूकने पर पहले करीब 30 डॉलर (2,862) की लेट फीस, फिर अगली बार 41 डॉलर (3,912) तक की पेनल्टी लगती है। साथ ही इसमें करीब 30% सालाना ब्याज भी जुड़ जाता है। यानी सस्ता लगने वाला रास्ता असल में सबसे महंगा साबित होता है

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कल्पना कीजिए कि आपने महीनों पहले जो सब्जी, दूध और ब्रेड खरीदी और खा भी लिया, उसका ब्याज आप आज भी चुका रहे हैं। यह कोई मजाक नहीं, बल्कि हकीकत है। अमेरिका में लाखों परिवार कुछ महीनों से यही परेशानी झेल रहे हैं। किराने के सामान की कीमतें इतनी बढ़ चुकी हैं कि लोग अब उसे क्रेडिट कार्ड और “बाय नाउ, पे लेटर’ (बीएनपीएल) जैसी उधारी स्कीम्स की मदद से खरीद रहे हैं। फिर उसी कर्ज के जाल में फंसते जा रहे हैं। अमेरिका की गैर-लाभकारी संस्था ‘अर्बन इंस्टीट्यूट’ के ताजा सर्वे के मुताबिक, कामकाजी उम्र (18-64 साल) के हर चार में से एक अमेरिकी वयस्क ने किराने के सामान के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किया। लेकिन उसका पूरा बिल समय पर चुकाने में उसे दिक्कत हुई। सिर्फ 35% लोग ही पूरा बिल एक साथ चुका पाए, बाकी या तो न्यूनतम राशि चुका रहे हैं या इतना भुगतान भी नहीं कर पा रहे। नतीजतन छोटी सी किराने की खरीद, रिवॉल्विंग डेट यानी घूमते-फिरते कर्ज में बदल जाती है, जिस पर वर्षों तक ब्याज चुकाना पड़ता है। यह बोझ भी किसी एसेट के लिए नहीं, बल्कि खाने-पीने की आम जरूरतों के लिए उठाया जा रहा है। बीएनपीएल सर्विसेज की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं। लेंडिंगट्री के मुताबिक, अमेरिका में करीब 29% बीएनपीएल यूजर्स अब किराने के सामान के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, जो दो साल पहले सिर्फ 14% था। यानी हिस्सेदारी दोगुनी हो गई। जेन-जी (14 से 29 साल) में तो यह आंकड़ा 38% तक पहुंच जाता है। लेकिन सुविधा की यह चमक जल्द फीकी पड़ जाती है। करीब 47% यूजर्स ने बीते एक साल में कम से कम एक बार पेमेंट लेट की, जो एक साल पहले सिर्फ 34% थी। हर पांच में से करीब एक अमेरिकी अब किराने के लिए बचत के पैसे भी इस्तेमाल करने लगा है। कम व मध्यम आय वालों में यह आंकड़ा और भी ज्यादा है। विशेषज्ञों की चिंता यह है कि बचत और क्रेडिट, दोनों ऐसे रास्ते हैं जो छोटी अवधि में राहत तो देते हैं, लेकिन बार-बार इस्तेमाल होने पर परिवारों को लंबी अवधि की वित्तीय अस्थिरता की ओर धकेल सकते हैं। इसका मतलब है कि आज की भूख मिटाने के लिए लिया गया कर्ज, आपकी की जेब को वर्षों तक हल्का करता रहेगा। तगड़ी मार – अमेरिका में 5 साल में किराने के दाम 32% बढ़ चुके पांच साल में किराने के दाम करीब 32% बढ़ चुके हैं। ऐसे में लोग बिल टालने के लिए क्रेडिट कार्ड और बीएनपीएल का सहारा लेते हैं। लेकिन मिनिमम पेमेंट चूकने पर पहले करीब 30 डॉलर (2,862) की लेट फीस, फिर अगली बार 41 डॉलर (3,912) तक की पेनल्टी लगती है। साथ ही इसमें करीब 30% सालाना ब्याज भी जुड़ जाता है। यानी सस्ता लगने वाला रास्ता असल में सबसे महंगा साबित होता है

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