Saturday, 01 Aug 2026 | 02:49 AM

Trending :

EXCLUSIVE

MP Ayushman Hospitals Lose NABH Cert; Treatment Halted

MP Ayushman Hospitals Lose NABH Cert; Treatment Halted

मध्यप्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 126 अस्पतालों की मान्यता खत्म कर दी है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में यह कदम उन अस्पतालों पर उठाया गया है, जिन्होंने NABH सर्टिफिकेट की जानकारी तय समय में नहीं दी।

.

आयुष्मान कार्यालय ने पहले अस्पतालों को नोटिस देकर मौका दिया था, लेकिन इन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। रविवार 12 बजे इन अस्पतालों को नोटिस देकर जानकारी दी जाएगी। अब इन अस्पतालों में आयुष्मान के तहत मुफ्त इलाज नहीं मिलेगा।

4 शहरों में 398 में से 126 अस्पताल प्रभावित

प्रदेश के चार बड़े शहरों—भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में कुल 398 अस्पताल योजना से जुड़े हैं। इनमें से 126 अस्पताल NABH सर्टिफिकेट की जानकारी नहीं दे सके, जिस कारण उन पर कार्रवाई हुई। इनमें भोपाल के 51, इंदौर-30, ग्वालियर-33 और जबलपुर के 12 अस्पताल शामिल हैं।

आयुष्मान CEO बोले- मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा

आयुष्मान भारत मध्यप्रदेश के CEO डॉ. योगेश भरसट ने कहा, “यह कदम अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए उठाया गया है। नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है, ताकि मरीजों को सुरक्षित और बेहतर इलाज मिल सके।”

आयुष्मान भारत का कार्यालय।

NABH सर्टिफिकेट क्यों है जरूरी

NABH (National Accreditation Board for Hospitals and Healthcare Providers) सर्टिफिकेट अस्पतालों की गुणवत्ता और सुरक्षा का प्रमाण होता है। इसमें 600 से अधिक मानकों पर अस्पतालों की जांच की जाती है, जिसमें मरीजों की सुरक्षा, साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, नर्सिंग स्टाफ, इमरजेंसी सेवाएं और सर्जरी की प्रक्रियाएं शामिल होती हैं। सरकार का मानना है कि यह सर्टिफिकेट मरीजों को सुरक्षित और भरोसेमंद इलाज की गारंटी देता है।

फुल NABH वालों को मिलेगा सीधा फायदा

जिन अस्पतालों के पास पहले से फुल NABH सर्टिफिकेट है, उन्हें आवेदन करते ही “डीम्ड इंपैनलमेंट” का लाभ मिलेगा। ऐसे अस्पतालों को अलग से निरीक्षण की जरूरत नहीं होगी और वे सीधे योजना से जुड़ सकेंगे। वहीं, अन्य अस्पतालों को पहले एंट्री लेवल NABH लेना होगा और तीन साल के भीतर फुल NABH सर्टिफिकेट हासिल करना अनिवार्य होगा।

क्वालिटी के हिसाब से मिलेगा भुगतान

आयुष्मान योजना में अब अस्पतालों को उनकी गुणवत्ता के आधार पर भुगतान भी किया जाएगा। फुल NABH अस्पतालों को क्लेम राशि का 115% भुगतान मिलेगा। एंट्री लेवल NABH अस्पतालों को 10% अतिरिक्त भुगतान दिया जाएगा। इससे अस्पतालों को बेहतर सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

सीएमएचओ कार्यालय भोपाल।

सीएमएचओ कार्यालय भोपाल।

मरीजों के फीडबैक से होगी निगरानी

अब मरीज भी अस्पतालों की गुणवत्ता तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। मोबाइल ऐप के जरिए मरीज अपने इलाज का फीडबैक दे सकेंगे, जिसके आधार पर अस्पतालों की सेवाओं का मूल्यांकन किया जाएगा। इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और खराब प्रदर्शन करने वाले अस्पतालों पर कार्रवाई आसान होगी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
इंपैक्ट फीचर:सेज स्टार्टअप स्पार्क 2.0, स्टूडेंट्स के लिए एंटरप्रेन्योरशिप का लॉन्चपैड, जहां आइडियाज बनेंगे स्टार्टअप और सपने बनेंगे सक्सेस स्टोरीज

June 6, 2026/
5:53 pm

सेज यूनिवर्सिटी इंदौर द्वारा 19 एवं 20 जून 2026 को दो दिवसीय सेज स्टार्टअप स्पार्क 2.0 का आयोजन किया जा...

Bihar U-19 Star Akshara Gupta Hits 306 Runs in Record Knock

June 18, 2026/
9:25 pm

स्पोर्ट्स डेस्क16 मिनट पहले कॉपी लिंक बिहार की विमेंस क्रिकेटर अक्षरा गुप्ता। 15 साल की अक्षरा गुप्ता ने बिहार की...

इंदिरा के हत्यारे का भतीजा निकला न्यूजीलैंड का बड़ा ड्रग-तस्कर:22 साल की सजा हो चुकी, दावा- पहचान छुपाने की याचिका वापस ली

March 29, 2026/
10:08 pm

न्यूजीलैंड में कारोबार की आड़ में इंटरनेशनल ड्रग्स नेटवर्क चलाने वाला बलतेज सिंह पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हत्यारे सतवंत...

प्रफुल IPL डेब्यू ओवर में 3 विकेट वाले पहले बॉलर:वैभव शून्य पर आउट; संदीप-जुरेल टकराए, फ्लडलाइट्स बंद हुईं; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

April 14, 2026/
4:30 am

सनराइजर्स हैदराबाद ने IPL के 21वें मैच में राजस्थान रॉयल्स को 57 रन से हराया। राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में...

IPL में आज गुजरात vs चेन्नई:प्लेऑफ की रेस के लिए चेन्नई को जीतना ही होगा; गुजरात की नजर टॉप-2 पर

May 21, 2026/
4:30 am

IPL 2026 का 66वां मुकाबला आज गुजरात टाइटंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेला जाएगा। मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र...

87.92% Pass; Ludhiana Region 9th

May 13, 2026/
2:15 pm

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने 12वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है। देश के कुल 22 रीजन में...

पुलिस अभिरक्षा में मौतों पर उठे सवाल:मानव अधिकार आयोग पहुंचेगी मुस्लिम त्योहार कमेटी, करेंगे निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

February 23, 2026/
1:02 am

प्रदेश में कथित रूप से बढ़ती पुलिस अभिरक्षा में मौतों और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए ऑल इंडिया मुस्लिम...

UN दूत बोलीं-भारत ने इजराइल की मदद कर कानून तोड़ा:हथियार भेजना नियमों के खिलाफ, इससे ग्लोबल सिस्टम कमजोर हो रहा

April 21, 2026/
12:11 pm

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में भारत पर अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। रिपोर्ट में कहा...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

MP Ayushman Hospitals Lose NABH Cert; Treatment Halted

MP Ayushman Hospitals Lose NABH Cert; Treatment Halted

मध्यप्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 126 अस्पतालों की मान्यता खत्म कर दी है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में यह कदम उन अस्पतालों पर उठाया गया है, जिन्होंने NABH सर्टिफिकेट की जानकारी तय समय में नहीं दी।

.

आयुष्मान कार्यालय ने पहले अस्पतालों को नोटिस देकर मौका दिया था, लेकिन इन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। रविवार 12 बजे इन अस्पतालों को नोटिस देकर जानकारी दी जाएगी। अब इन अस्पतालों में आयुष्मान के तहत मुफ्त इलाज नहीं मिलेगा।

4 शहरों में 398 में से 126 अस्पताल प्रभावित

प्रदेश के चार बड़े शहरों—भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में कुल 398 अस्पताल योजना से जुड़े हैं। इनमें से 126 अस्पताल NABH सर्टिफिकेट की जानकारी नहीं दे सके, जिस कारण उन पर कार्रवाई हुई। इनमें भोपाल के 51, इंदौर-30, ग्वालियर-33 और जबलपुर के 12 अस्पताल शामिल हैं।

आयुष्मान CEO बोले- मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा

आयुष्मान भारत मध्यप्रदेश के CEO डॉ. योगेश भरसट ने कहा, “यह कदम अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए उठाया गया है। नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है, ताकि मरीजों को सुरक्षित और बेहतर इलाज मिल सके।”

आयुष्मान भारत का कार्यालय।

NABH सर्टिफिकेट क्यों है जरूरी

NABH (National Accreditation Board for Hospitals and Healthcare Providers) सर्टिफिकेट अस्पतालों की गुणवत्ता और सुरक्षा का प्रमाण होता है। इसमें 600 से अधिक मानकों पर अस्पतालों की जांच की जाती है, जिसमें मरीजों की सुरक्षा, साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, नर्सिंग स्टाफ, इमरजेंसी सेवाएं और सर्जरी की प्रक्रियाएं शामिल होती हैं। सरकार का मानना है कि यह सर्टिफिकेट मरीजों को सुरक्षित और भरोसेमंद इलाज की गारंटी देता है।

फुल NABH वालों को मिलेगा सीधा फायदा

जिन अस्पतालों के पास पहले से फुल NABH सर्टिफिकेट है, उन्हें आवेदन करते ही “डीम्ड इंपैनलमेंट” का लाभ मिलेगा। ऐसे अस्पतालों को अलग से निरीक्षण की जरूरत नहीं होगी और वे सीधे योजना से जुड़ सकेंगे। वहीं, अन्य अस्पतालों को पहले एंट्री लेवल NABH लेना होगा और तीन साल के भीतर फुल NABH सर्टिफिकेट हासिल करना अनिवार्य होगा।

क्वालिटी के हिसाब से मिलेगा भुगतान

आयुष्मान योजना में अब अस्पतालों को उनकी गुणवत्ता के आधार पर भुगतान भी किया जाएगा। फुल NABH अस्पतालों को क्लेम राशि का 115% भुगतान मिलेगा। एंट्री लेवल NABH अस्पतालों को 10% अतिरिक्त भुगतान दिया जाएगा। इससे अस्पतालों को बेहतर सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

सीएमएचओ कार्यालय भोपाल।

सीएमएचओ कार्यालय भोपाल।

मरीजों के फीडबैक से होगी निगरानी

अब मरीज भी अस्पतालों की गुणवत्ता तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। मोबाइल ऐप के जरिए मरीज अपने इलाज का फीडबैक दे सकेंगे, जिसके आधार पर अस्पतालों की सेवाओं का मूल्यांकन किया जाएगा। इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और खराब प्रदर्शन करने वाले अस्पतालों पर कार्रवाई आसान होगी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.