Wednesday, 26 Aug 2026 | 11:04 PM

Trending :

EXCLUSIVE

Dr. Praveen Togadia to Visit Dhar for Bhojshala Satyagrah on April 7, 2026

Dr. Praveen Togadia to Visit Dhar for Bhojshala Satyagrah on April 7, 2026

अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल के संस्थापक डॉ. प्रवीण तोगड़िया 7 अप्रैल 2026 को धार का दौरा करेंगे। इस दौरान वे ऐतिहासिक भोजशाला में सत्याग्रह में शामिल होंगे और कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगे। . राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक डॉ. तोगड़िया अपने धार प्रवास के दौरान भोजशाला सत्याग्रह में भाग लेंगे। वे यहां कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन भी करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, डॉ. तोगड़िया सुबह 9:30 बजे अखंड ज्योति मंदिर पहुंचेंगे। यहां वे पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए समसामयिक मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे। इसके बाद, वे शहर के मिलन महल गार्डन में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में शिरकत करेंगे। इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में संगठन पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे, जहां संगठन के विस्तार और आगामी रणनीतियों पर चर्चा की जाएगी। डॉ. तोगड़िया के इस दौरे को लेकर प्रशासन और संगठन स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। उनके कार्यक्रम के लिए सुरक्षा और व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

उड़ते पंजाब की दर्दनाक तस्वीर: 4 जवान बेटों को खोया, अब 5वें को ब‍िस्‍तर पर खत्‍म होता देख रहे मां-बाप

authorimg

Udta Punjab real Story: 60 की उम्र में अपने चार-चार जवान बेटों को पल-पल मरते देखने और उनकी लाशों को कंधा देने के बाद जोगिंदर पाल और मंजीत कौर की आंखों के आंसू सूखे भी नहीं हैं कि उनका पांचवा बेटा भी बिस्तर पर जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है. ड्रग्स और नशे की लत से बबार्द हो चुके इस परिवार के बुजुर्ग दंपत्ति की आंखों में अब सिर्फ डर, बेबसी और लाचारी बची है, जो हंसते-खेलते पंजाब की आज की असली हकीकत बयां कर रही है. पांच-पांच तंदुरुस्त जवान बेटों के मां-बाप ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि उड़ता पंजाब उनके बेटों को इस हालत में पहुंचा देगा. ड्रग्स की लत से बर्बाद हुए इस परिवार के प्रति अब सिर्फ लोगों की संवेदना बची है. पंडोरी मोहल्ले में अपने घर पर बिस्तर पर पड़े 32 साल के बेटे को देखकर मां-बाप अब सिर्फ रोते हैं क्योंकि उसका शरीर सिर्फ हड्डियों का ढांचा बनकर रह गया है और उसकी सांसें भी धीरे-धीरे थम रही हैं. रुला देगी इस पर‍िवार की कहानी  कपूरथला के सुल्तानपुर लोधी स्थित पंडोरी मोहल्ले के जोग‍िंंदर पाल और मंजीत कौर के घर की कहानी इतनी दर्दनाक है कि जो भी सुन रहा है वह इन दंपत्ति पर तरस खा रहा है. लंबे समय से पड़ोसी बारी-बारी से इस बुजुर्ग जोड़े की मदद करने के लिए सामने आ रहे हैं अपने बेटे की मौत का इंतजार करते हुए, बेबसी से उस जवान लड़के को धीरे-धीरे खत्म होते देख रहे बुजुर्ग दंपत्ति के लिए मोहल्ले के लोगों ने आखिरकार सरकार ने गुहार लगाई है. टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक रविवार को इस दुखी जोड़े और मोहल्ले के अन्य निवासियों ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने राज्य सरकार से सोनू को बचाने और इलाके को नशों से मुक्त कराने की मांग की. प्रदर्शन के दौरान मंजीत और इलाके की अन्य महिलाओं ने आरोप लगाया कि पंजाब के हर इलाके में और खासतौर पर उनके शहर में हर गली-नुक्कड़ पर नशा खुलेआम उपलब्ध है. यहां तक कि बच्चे-बच्चे जानते हैं कि ड्रग्स कहां मिल ही है. पिछले कुछ सालों में यहां कम से कम 20 युवा नशेड़ियों की मौत हो चुकी है. मंजीत ने कहा, ‘इनमें से तीन मौतें तो सिर्फ हमारे मोहल्ले में ही हुई हैं, और वह भी सिर्फ चार-पांच महीनों के अंदर.’ चार बेटों में दो थे शादीशुदा, बिलख रहे बच्चे उन्होंने बताया, ‘मेरे जिन दो बेटों की मौत हुई, वे शादीशुदा थे और दो कुंवारे थे. अब हमें डर है कि हमारे पांचवें बेटे का भी वही हश्र होगा. उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन डॉक्टरों ने हमसे उसे घर ले जाने के लिए कह दिया, क्योंकि उन्हें उसकी नसें नहीं मिल पा रही थीं और वे उसे सिर्फ मुंह से खाने वाली दवाएं ही दे सकते थे. सरकार को हमारे बेटे को बचाने में हमारी मदद करनी चाहिए.’ उनका सबसे छोटा बेटा करीब दो साल पहले मर गया था. उन्होंने बताया कि गंभीर रूप से बीमार सोनू के दो बच्चे हैं, जिनकी उम्र ढाई साल और छह महीने है. कई परिवार हो गए बर्बाद कुछ अन्य लोगों ने भी अपनी-अपनी दुखभरी कहानियां सुनाईं. एक महिला ने बताया कि उसकी बहू उसके बेटे को छोड़कर चली गई, क्योंकि वह नशा छोड़ना नहीं चाहता था खासकर तब, जब नशा इतनी आसानी से उपलब्ध हो. मंजीत ने कहा कि नशों पर काबू पाने के बारे में राज्य सरकार जो दावे करती है, और जमीनी हकीकत जो है इन दोनों के बीच बहुत बड़ा अंतर है.

Health Tips: पोषण का पावरहाउस है ये साग, सेवन से मिलेंगे कई लाभ, पाचन से लेकर इम्यूनिटी तक सब रहेगा ठीक

ask search icon

Last Updated:April 06, 2026, 08:50 IST Health Benefit Chaulai ka Saag: हरी सब्जियों में चौलाई का साग सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. पोषण तत्वों से भरपूर यह साग शरीर को ताकत देने के साथ कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है. इसमें आयरन, कैल्शियम, फाइबर, विटामिन ए, सी और प्रोटीन प्रचुर मात्रा में पाए जाते है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते है. नियमित सेवन से खून की कमी दूर होती है और हड्डियां मजबूत बनती है. चौलाई का साग पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और कब्ज की समस्या में राहत देता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद करते है. यह दिल की सेहत के लिए भी लाभकारी माना जाता है और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने में सहायक होता है. कम कैलोरी होने के कारण वजन घटाने वालों के लिए भी यह एक बेहतर विकल्प है. यह साग हड्डियों की मजबूती के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है. इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस जैसे जरूरी खनिज तत्व पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाते है. यह बढ़ती उम्र में होने वाली ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं से बचाव में भी सहायक है. अगर इसे भोजन में शामिल किया जाए, तो जोड़ों का दर्द और हड्डियों की कमजोरी जैसी परेशानियां कम हो सकती है. अगर आप वजन घटाने की कोशिश कर रहे है तो चौलाई आपके लिए बेहद उपयोगी है. इसमें कम कैलोरी और ज्यादा पोषण होता है. यह पेट भरने के साथ-साथ वजन को नियंत्रित रखने में मददगार है. इसमें अमीनो एसिड और विटामिन पाए जाते हैं, जो त्वचा और बालों के लिए भी फायदेमंद हैं. इससे बाल मजबूत और त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है. यह आंखों की सेहत के लिए भी बेहद लाभकारी है. इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन ए पाया जाता है जो आंखों की रोशनी बढ़ाने में मददगार है. यह लगातार स्क्रीन देखने वाले लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है. इसके अलावा, इसमें विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट भी होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता हैं, जिससे संक्रमण और बीमारियों से लड़ने की ताकत मिलती है. Add News18 as Preferred Source on Google चौलाई का उपयोग कई तरह से किया जा सकता है. जैसे – साग के रूप में, दाल में मिलाकर या स्वादिष्ट पराठों में डालकर इत्यादि. खासतौर पर गर्मियों में इसका सेवन शरीर को ठंडक देता है और पित्त-कफ को संतुलित रखता है. हालांकि, इसका सेवन भी संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए. अगर सही तरीके से इसे रोजमर्रा की डाइट में शामिल किया जाए तो कई फायदे मिल सकते हैं. मरीज बगैर डॉक्टर से सलाह लिए इसका सेवन न करें. बढ़ते कोलेस्ट्रॉल और शुगर की समस्या आजकल आम हो गई है. लेकिन चौलाई इन दोनों को कंट्रोल करने की क्षमता रखती है. यह ब्लड शुगर लेवल को संतुलित कर और शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने का काम करती है. इसी के चलते डॉक्टर भी हेल्दी डाइट में हरी सब्जियों को शामिल करने की सलाह देते हैं, जिसमें चौलाई अलग ही महत्व है. राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी के मुताबिक, यह साग पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में अहम भूमिका निभाती है. यह आंतों को साफ कर भोजन को आसानी से पचाने में सहायक होता है. जिन लोगों को गैस, अपच या पेट भारी रहने की शिकायत रहती है, उनके लिए यह साग एक प्राकृतिक औषधि की तरह काम करता है और पेट को हल्का व स्वस्थ बनाए रखता है. चौलाई का साग खून की कमी यानी एनीमिया से जूझ रहे लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है. इसमें आयरन होते हैं, जो शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाते है. नियमित रूप से इसका सेवन करने से कमजोरी, थकान और चक्कर जैसी समस्याएं धीरे-धीरे कम होने लगती हैं. खासकर महिलाओं और बच्चों के लिए यह एक बेहतरीन प्राकृतिक उपाय है, जो बिना दवाइयों के शरीर में खून की मात्रा बढ़ाने में सहायक है. First Published : April 06, 2026, 08:50 IST

Rajasthan SI Exam Day 2 | RPSC Recruitment

Rajasthan SI Exam Day 2 | RPSC Recruitment

रविवार को भी SI भर्ती परीक्षा हुई थी। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की SI भर्ती 2025 के एग्जाम का आज दूसरा दिन है। पहली पारी की परीक्षा सुबह 11 बजे से शुरू होगी। इसके लिए सुबह 9 से 10 बजे तक प्रवेश दिया जाएगा।

टीवीके नेता अधव अर्जुन ने स्कूल्सके को सार ढांचे पर कहा- स्टालिन ने अपनी बहन कनिमोजी करुणानिधि को किनारे कर दिया

टीवीके नेता अधव अर्जुन ने स्कूल्सके को सार ढांचे पर कहा- स्टालिन ने अपनी बहन कनिमोजी करुणानिधि को किनारे कर दिया

तमिलगा वेत्र्री कजगम (टीवीके) के चुनाव अभियान के प्रमुख अधव अर्जुन ने रविवार को तमिल के मुख्यमंत्री एम.के. स्टाल पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले, शिक्षकों का नेतृत्व अपने परिवार के हितों के लिए वरिष्ठ पार्टियों के नेताओं और सहयोगी दलों के ऊपर विचारधारा दे रहा है। अर्जुन ने आरोप लगाया कि स्टालिन ने अपनी बहन और वर्तमान सांसद कनिमोजी करुणानिधि को किनारे कर दिया है। मुख्यमंत्री अपने पुत्र, उदयनजी स्टालिन को राजनीतिक विचारधारा के लिए तैयार कर रहे हैं, जिससे पार्टी में परिवार का प्रभाव मजबूत हो रहा है। अर्जुन ने कहा, “वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जैसे कि कनिमोझी और जनरल दुरईमुर्गन, उन्हें अलग कर दिया जा रहा है।” इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि जजमेंट क्रिटिकल अब एक प्रमुख लीडरशिप के लिए जा रहे हैं। उन्होंने शिक्षकों के पद के लिए चयन प्रक्रिया की भी आलोचना की, यह दावा करते हुए कहा गया कि नामांकित मुख्य रूप से उन लोगों तक सीमित हैं, जो उदयनोधी स्टालिन और सबरीसन का समर्थन करते हैं। उनके अनुसार, इससे पार्टी में असंतोष पैदा हुआ है और सहयोगियों में सम्मान बढ़ा है। अर्जुन ने बताया कि मुख्य सहयोगी, कांग्रेस की तरह, अभी भी कई तर्कों पर आधारित निर्णय नहीं मिले हैं, जिससे इस गठबंधन में आंतरिक स्तर पर जमीनी स्तर पर सामंजस्य स्थापित हो रहा है। बिहार की राजनीतिक परिस्थितियों का उदाहरण देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि अपने सहयोगियों के साथ मिलकर समय बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने एमकेएम, कोके जैसे छोटे सिद्धांतों को चुनावी लड़ाई के प्रतीक के रूप में उदाहरण दिया और कहा कि ऐसे ही उनकी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान को कमजोर कर दिया जाता है। एलायंस गठबंधन की आलोचना करते हुए, अर्जुन ने स्कूल-संचालन के संस्थापक मशडिके की निंदा की और कहा कि यह इसके संस्थापक, विचारधारा विजयकांत की उन्नत विरासत के विपरीत है। ऐसे राजनीतिक गठबंधन पार्टी के मूल दृष्टिकोण को कमजोर कर सकते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उम्मीदवार चयन और चुनाव में छोटे सहयोगियों और नेताओं पर दबाव डाला जा रहा है। टीवीके की ओर से टीवीके की ओर से दावा करते हुए अर्जुन ने कहा कि पार्टी ने सभी 234 टेलीकॉम पोर्टफोलियो में अपने उम्मीदवार उतारे हैं और दावा किया है कि एआईएडीएमके के पारंपरिक वोट बैंक का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा टीवीके की ओर चला गया है।

रतलाम में कांग्रेस का प्रदर्शन आज:कल होना है नगर निगम का सम्मेलन; टैक्स बढ़ोतरी समेत कई प्रस्तावों के पारित होने का विरोध

रतलाम में कांग्रेस का प्रदर्शन आज:कल होना है नगर निगम का सम्मेलन; टैक्स बढ़ोतरी समेत कई प्रस्तावों के पारित होने का विरोध

रतलाम में 7 अप्रैल को निगम का साधारण सम्मेलन होने वाला है। सम्मेलन में टैक्स बढ़ौतरी और कई प्रस्तावों के पारित करने की संभावना है। पारित होने वाले प्रस्तावों को कांग्रेस जनविरोधी बताते हुए 6 अप्रैल (सोमवार) को प्रदर्शन करेगी। सुबह 11 बजे शहीद चौक शहर सराय से कांग्रेसी एकत्र होकर रैली निकाल नगर निगम का घेराव करेंगे। शहर कांग्रेस अध्यक्ष शांतिलाल वर्मा ने बताया कि नगर निगम सम्मेलन के पूर्व जंगी प्रदर्शन किया जाएगा। सम्मेलन में कई प्रकार के टैक्स बढ़ाने समेत कई जनविरोधी प्रस्ताव पारित किए जाने की संभावना है। महंगाई, सीवरेज और अन्य मूलभूत समस्याओं से जूझ रही जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना अन्यायपूर्ण है, जिसके विरोध में कांग्रेस जोरदार प्रदर्शन करेगी। प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस ने बैठक कर आंदोलन की रणनीति तय की।

विदिशा में सोमवार को तीन घंटे बिजली बंद रहेगी:तिलक चौक फीडर पर मेंटेनेंस, कई इलाकों में असर; जानिए शेड्यूल…

विदिशा में सोमवार को तीन घंटे बिजली बंद रहेगी:तिलक चौक फीडर पर मेंटेनेंस, कई इलाकों में असर; जानिए शेड्यूल...

विदिशा शहर में बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सोमवार को मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा मेंटेनेंस कार्य किया जाएगा। कंपनी के जोन-1 के अंतर्गत तिलक चौक फीडर पर आवश्यक सुधार और रखरखाव के चलते सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। विद्युत कंपनी ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस निर्धारित समय के दौरान अपने आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें, ताकि किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके। वर्तमान में भविष्य में बेहतर और सुचारू विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यह सुधार कार्य किया जा रहा है। हॉस्पिटल रोड और बड़ा बाजार समेत इन इलाकों में रहेगा असर तिलक चौक फीडर से जुड़े कई प्रमुख क्षेत्रों में बिजली कटौती का असर देखने को मिलेगा। इनमें मुख्य रूप से हॉस्पिटल रोड, नीमताल, कागदीपुरा, मुगलटोला, चौरसिया हॉस्पिटल क्षेत्र, तिलक चौक, मेघदूत टॉकीज के आसपास, नंदवाना, बड़ा बाजार, खाई रोड, लोहा बाजार, मीट मार्केट, बजरिया, रीठा फाटक, तोपपुरा और नदीपुरा सहित अन्य क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में सुधार कार्य के दौरान 3 घंटे तक बिजली नहीं रहेगी। सुचारू आपूर्ति के लिए किया जा रहा है सुधार कार्य विद्युत कंपनी के अनुसार, यह मेंटेनेंस कार्य भविष्य में उपभोक्ताओं को बेहतर और सुचारू विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवश्यकता पड़ने पर बिजली बंद करने के समय में आंशिक परिवर्तन भी किया जा सकता है। विभाग ने इस कार्य में उपभोक्ताओं से सहयोग की अपेक्षा की है और लोगों को असुविधा से बचने के लिए समय से पहले जरूरी काम करने की सलाह दी गई है।

हाई ब्लड प्रेशर को जड़ से मिटा देगी यह दवा ! वैज्ञानिकों ने खोजा पावरफुल ट्रीटमेंट, तुरंत दिखाएगा असर

authorimg

Last Updated:April 06, 2026, 08:16 IST New Hypertension Treatment: वैज्ञानिकों ने हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने की नई दवा बनाई है, जिसका नाम बैक्सड्रोस्टैट है. यह दवा उन मरीजों के लिए उम्मीद बनकर सामने आई है, जिनका ब्लड प्रेशर सामान्य दवाओं से कंट्रोल नहीं होता है. यह दवा एल्डोस्टेरोन हार्मोन को कंट्रोल करके ब्लड प्रेशर को कम करती है. इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा घट सकता है. क्लीनिकल ट्रायल में बैक्सड्रोस्टैट दवा ने काफी अच्छा रिजल्ट दिया है. ब्लड प्रेशर की नई दवा बैक्सड्रोस्टैट है, जो ट्रायल्स में बेहद असरदार साबित हुई है. Baxdrostat for Resistant Hypertension: हाई ब्लड प्रेशर की समस्या पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ रही है. मेडिकल की भाषा में इसे हाइपरटेंशन कहा जाता है. हाई बीपी के भारत में भी करोड़ों मरीज हैं और उनमें से तमाम लोगों को इस बीमारी का पता ही नहीं है. अगर ब्लड प्रेशर लंबे समय तक ज्यादा रहे, तो इससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी डिजीज और समय से पहले मौत का खतरा बढ़ जाता है. हाई बीपी को कंट्रोल करने के लिए लोगों को नियमित रूप से दवा लेनी पड़ती है. सबसे बड़ी समस्या यह है कि कई मरीजों में दवा लेने के बावजूद ब्लड प्रेशर कंट्रोल नहीं हो पाता है. वैज्ञानिकों ने अब इस परेशानी को दूर करने के लिए नई दवा खोज ली है, जो अन्य दवाएं फेल होने के बाद भी काम करेगी और बीपी पर लगाम लगाएगी. साइंस डेली की रिपोर्ट के मुताबिक अनकंट्रोल ब्लड प्रेशर को काबू में करने के लिए डेवलप की गई नई दवा बैक्सड्रोस्टैट (Baxdrostat) है. यह दवा उन मरीजों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है, जिन पर बीपी कंट्रोल करने वाली अन्य दवाएं काम नहीं कर रही हैं और ब्लड प्रेशर बेकाबू रहता है. इस दवा के काम करने का तरीका भी खास है. बैक्सड्रोस्टैट शरीर में बनने वाले एक हार्मोन एल्डोस्टेरोन (Aldosterone) को कंट्रोल करती है. यह हार्मोन शरीर में नमक और पानी के संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है, लेकिन जब इसकी मात्रा ज्यादा हो जाती है, तो शरीर में पानी और नमक जमा होने लगता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है. बैक्सड्रोस्टैट इस हार्मोन के उत्पादन को रोककर सीधे समस्या की जड़ पर काम करती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. वैज्ञानिकों के अनुसार यह दवा उन मरीजों के लिए खासतौर पर उपयोगी हो सकती है, जिन्हें रेजिस्टेंट हाइपरटेंशन यानी ऐसा हाई ब्लड प्रेशर होता है, जो कई दवाओं के बावजूद कंट्रोल नहीं होता. यह खोज न सिर्फ इलाज के लिहाज से अहम है, बल्कि इससे यह भी समझने में मदद मिलती है कि एल्डोस्टेरोन का बढ़ा हुआ स्तर इस समस्या में बड़ी भूमिका निभाता है. यह दवा लंबे समय तक सुरक्षित और प्रभावी भी पाई गई है. दुनिया भर में करीब 130 करोड़ लोग हाई ब्लड प्रेशर से प्रभावित हैं, जिनमें से बड़ी संख्या भारत और चीन में है. ऐसे में बैक्सड्रोस्टैट जैसी नई दवा भविष्य में करोड़ों लोगों के लिए राहत साबित हो सकती है. हालांकि अभी इस दवा का फेज 3 क्लीनिकल ट्रायल हुआ है. बाजार में आने से पहले इसे कई ट्रायल्स और मंजूरी की जरूरत होगी. अब तक के रिजल्ट यह संकेत देते हैं कि यह दवा हाई ब्लड प्रेशर के इलाज में एक बड़ा बदलाव ला सकती है. हाल ही में किए गए एक इंटरनेशनल फेज-3 क्लीनिकल ट्रायल में इस दवा की प्रभावशीलता को परखा गया. इस अध्ययन में दुनिया भर के 214 क्लीनिकों से लगभग 800 मरीजों को शामिल किया गया. ये सभी ऐसे मरीज थे, जिनका ब्लड प्रेशर पहले से चल रहे इलाज के बावजूद बहुत ज्यादा था. इस रिसर्च का नेतृत्व यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (UCL) के प्रोफेसर ब्रायन विलियम्स ने किया और इसके नतीजे यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कार्डियोलॉजी (ESC) कांग्रेस 2025 में प्रस्तुत किए गए. इस अध्ययन के परिणाम काफी उत्साहजनक रहे. जिन मरीजों को बैक्सड्रोस्टैट दी गई, उनका सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर औसतन 9 से 10 mmHg तक कम हो गया, जो कि एक महत्वपूर्ण गिरावट मानी जाती है. इस स्तर की कमी से हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी से जुड़ी बीमारियों का खतरा काफी हद तक घट सकता है. खास बात यह रही कि लगभग 40% मरीजों का ब्लड प्रेशर सामान्य स्तर तक पहुंच गया, जबकि प्लेसीबो लेने वालों में यह आंकड़ा 20% से भी कम था. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 06, 2026, 08:16 IST

महंगी क्रीम-पाउडर छोड़ो! रात में सोने से पहले पी लें ये गोल्डन मिल्क, चेहरा बन जाएगा सोने जैसा चमकदार

authorimg

Last Updated:April 06, 2026, 08:14 IST Beauty Tips: रांची की ब्यूटी एक्सपर्ट गरिमा के अनुसार रात में गोल्डन मिल्क यानी गर्म दूध में गुड केसर हल्दी मिलाकर पीने से खून शुद्ध होता है और चेहरे पर प्राकृतिक ग्लो आता है. इसको पीने से चेहरे में सोने जैसी चमक आती है. ख़बरें फटाफट रांची: चेहरे पर ग्लो लाने के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते हैं, लेकिन जितना भी बाहरी तौर पर आप कर लें, जब तक भीतर से ग्लो नहीं है. तब तक मजा नहीं आता है. ऐसे में रांची की ब्यूटी एक्सपर्ट गरिमा बताती हैं कि रात में सोने के पहले अगर आप गोल्डन मिल्क पी लें तो आपके चेहर पर कुछ ही दिनों में अच्छा खासा चमक देखने को मिलेगा. वह भी प्राकृतिक तौर पर. आइये जानते हैं  इसके बारे में. रांची की ब्यूटी एक्सपर्ट गरिमा बताती हैं कि बाहर से आप चाहे जितना भी मसाज और महके क्रीम पाउडर लगा लें, पर असली ग्लो चेहरे के भीतर से ही आता है. इसके लिए रात में सोते समय एक गिलास गर्म दूध, उसमें एक टुकड़ा गुड, थोड़ा सा केसर और थोड़ा सा हल्दी डाल दें. इसे ब्यूटी मिल्क भी कहा जाता है और गोल्डन मिल्क भी कहते हैं. इसका सेवन अवश्य करना चाहिए. ब्यूटी मिल्क के हैं अनेकों फायदे उन्होंने बताया कि गर्म दूध तो सबसे पहले आपके खून में गर्मी लाने का काम करता है और चेहरे की प्रकृति के तौर पर चमक बढ़ाता है. इसके अलावा केसर प्राकृतिक तौर पर चेहरे पर लालीमा लाने का काम करता है. आप बाहर से जितना भी केसर का पेस्ट लगा लें, कुछ समय के लिए असरदार रहेगा, लेकिन अगर आप दूध में डालकर पीते हैं तो यह भीतर से असर करेगा और लंबे समय तक असर देखने को मिलेगा. उन्होंने बताया कि केसर में विटामिन ए, बी, सी ओमेगा फैटी एसिड और मेलानिन जैसे कई ऐसे जरूरी पोषक तत्व होते हैं. जो चेहरे के डैमेज सेल को रिपेयर करते हैं. चेहरे में जो झाइयां पड़ जाती हैं, उसको ठीक करते हैं. साथ ही गर्म दूध के साथ इसका असर और भी बढ़िया देखने को मिलता है. इसमें थोड़ी हल्दी आपके ब्लड को प्यूरिफाई करने का काम करती है. थोड़ा सा गुड भी है बहुत जरूरी इसके अलावा थोड़ा सा एक टुकड़ा गुड डाल दीजिए. इससे आपकी बॉडी में कफ बैलेंस रहता है. आपका बीपी नॉरमल रहता है व ब्लड फ्लो नियमित होता है, जिससे आपके चेहरे पर प्राकृतिक तौर पर चमक देखने को मिलता है. आप यह दूध हर दिन अपने डाइट में एक नहीं तो आधा गिलास शामिल कर लें और रात में सोने के ठीक पहले एकदम गरमा गरम पी लें और फिर देखें एक हफ्ते बाद आपको अपने शरीर और चेहरे में ही बदलाव दिखना शुरू हो जाएगा. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें Location : Ranchi,Jharkhand First Published : April 06, 2026, 08:14 IST

विधानसभा चुनाव 2026 लाइव: कांग्रेस ने ‘गीत गाया’

विधानसभा चुनाव 2026 लाइव: कांग्रेस ने 'गीत गाया'

विधानसभा चुनाव 2026 लाइव: पश्चिम बंगाल, केरल, तमिल, असम” href=’https://www.abplive.com/elections/assam-assembly-election-2026′ target=”_self”>असम यानी चार राज्य और पुद्दुचेरी यानी एक केंद्र बिंदु प्रदेश में होने वाले चुनाव को लेकर पूरा देश तैयार है। 9 अप्रैल को केरल, असम और पुडुचेरी में मतदान है तो वहीं 23 अप्रैल को एक चरण में मतदान होगा। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ा निबंध (पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव) की चर्चा हो रही है. बंगाल में 23 और 29 तारीख को दो स्टेज में वोटिंग होगी। पहले चरण में 152 पर मतदान होगा और दूसरे चरण में 142 पर मतदान होगा। बंगाल में मुख्य मुकाबला टीएमसी और बीजेपी के बीच पश्चिम बंगाल में मुख्य मुकाबला टीएमसी और बीजेपी के बीच है. सभी इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि क्या एक बार फिर से ममता बनर्जी की सरकार राज्य में वापसी करेगी या बीजेपी सत्ता से सेक्टर को बेदखल कर सिंहासन हासिल करेगी। कांग्रेस और लेप्थ की योजना भी अपनी खोई हुई जमीन की तलाश कर रही है। अंदेशा-बीजेपी ने एक-दूसरे के खिलाफ निर्वाचन आयोग में दर्ज कराई याचिका पश्चिम बंगाल चुनाव में कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तहत एक-दूसरे पर धमकी भरे, घृणित भाषण और चुनावी मैदान में उतरे आरोप-प्रत्यारोप का दौर रविवार को जारी हुआ है। विवाद के केंद्र में भाजपा की पानी घाटी सीट के उम्मीदवार और न्यूनतम कल्याण एनबीएन हैं। पानीहाटी सीट से बीजेपी उम्मीदवार आरजी कर अस्पताल की डॉयल्टी डॉक्टर की मां हैं। पिछले साल महिला डॉक्टर की दोस्ती के बाद हत्या कर दी गई थी। बीजेपी की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई याचिका को लेकर बीजेपी ने भी पलटवार किया है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दायर की गई याचिका में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार ने आरोप लगाया कि भाजपा उम्मीदवार ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के “अत्याचार, खतरनाक और प्रतिद्वंद्वी” बयान दिए हैं। श्रीरामपुर से रिपब्लिकन भाषा ने कहा कि भाजपा प्रत्याशी ने मुख्यमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और अपनी जान को खतरा बताया। आतंकवादी नेताओं ने इन गुटों को “गंभीर रूप से गुलाम” के रूप में नियुक्त किया और आतंकवादी आयोग से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने अपने पत्र में लिखा, ”चुनाव प्रक्रिया के दौरान अपशब्दों का प्रयोग और धमकियां देना स्वतंत्र और राजनीतिक सिद्धांतों को कमजोर करता है और जनता के बीच भय और शत्रुता का माहौल पैदा होता है।” ” कल्याण बनर्जी ने बीजेपी उम्मीदवार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, जिसमें उन्होंने कहा है कि चुनाव आयोग से मामले का नाम हटाने, सलाह देने और बीजेपी उम्मीदवार के खिलाफ सख्त कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया गया है। शूटर ने इसे बीजेपी की रणनीति रणनीति का हिस्सा बताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी बंगाल की राजनीति में मशहुर और डर का जन्मजात रूप से प्रयास कर रही है। वहीं, भाजपा ने पश्चिम बंगाल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की याचिका में गृह मंत्री अमित शाह पर “अपमानजनक, अंधेरगर्दी और घृणित” का आरोप लगाया है। बीजेपी ने अपनी याचिका के साथ एक वीडियो क्लिप भी संलग्न की और कहा कि यह कोई एक बार की घटना नहीं है, बल्कि दुकानदारों द्वारा जारी स्थिर बयानबाजी का हिस्सा है। भाजपा की राज्य इकाई के नेता शिशिर बजोरिया द्वारा प्रस्तुत पत्र में कहा गया है कि बैंकिंग कल्याण का उद्देश्य “अपमानित करना, उकसाना और शत्रुता फैलाना” है, जिससे लोकतंत्र में तनाव और ध्रुवीकरण बढ़ रहा है। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि धार्मिक नेतृत्व की मौन सहमति से इस तरह की बयानबाजी की जा रही है, जो कि आचार संहिता (एमसीसी) की “व्यवस्थित स्थापना” को परिभाषित करती है। बीजेपी ने चुनावी अधिकारियों से मांग की है कि एनआरसी पर जाति संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया जाए, उनके वीडियो को सार्वजनिक मंचों से तुरंत हटाया जाए, उन्हें और अन्य पहाड़ी नेताओं को इस तरह के बयान से फिर से बुलाया जाए और संबंधित आरोपियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाए। पानी हटी सीट ने प्रमुख राजनीतिक महत्व प्राप्त कर लिया है, क्योंकि बीजेपी ने आरजी कर डीएलएड की मां को मैदान में उतार दिया है, ताकि पिछले साल महिला चिकित्सक के बलात्कार और हत्या को लेकर राज्य सहयोगी दल को समाजवादी मुद्दे में बदला जा सके। हालाँकि, बार-बार भाजपा के ख़िलाफ़ व्यक्तिगत त्रासदी का राजनीतिकरण करने और शोक संत परिवार पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सरकार पर राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है।