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Nifty Dips to 22700 | Oil & Gas, Pharma Stocks See Selloff

Nifty Dips to 22700 | Oil & Gas, Pharma Stocks See Selloff

मुंबईकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक हफ्ते के पहले कारोबारी दिन आज यानी सोमवार 6 अप्रैल को शेयर बाजार में गिरावट है। सेंसेक्स 200 अंक गिरकर 73,100 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी मामूली गिरावट है, ये 22700 के स्तर पर आ गया है। आज के कारोबार में ऑयल एंड गैस और फार्मा शेयरों में बिकवाली है। RBI की मीटिंग: ब्याज दरों में बदलाव की संभावना नहीं RBI की मॉनेटरी पॉलिसी में ब्याज दरों पर लिए फैसलों और महंगाई के आउटलुक पर निवेशक करीबी नजर रखेंगे। नए वित्त वर्ष की पहली मीटिंग आज से शुरू हो गई है। 8 अप्रैल को गवर्नर मीटिंग में लिए फैसले की जानकारी देंगे। इस बार ब्याज दरों में बदलाव की संभावना नहीं है। टेक्निकल चार्ट: निफ्टी के लिए 21,930 का स्तर अहम निफ्टी 50: रेलीगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा का मानना है कि निफ्टी धीरे-धीरे अपने क्रिटिकल सपोर्ट लेवल की ओर बढ़ रहा है। लॉन्ग-टर्म वीकली मूविंग एवरेज (200 WEMA) के हिसाब से 21,930 और उसके बाद 21,750 (जो अप्रैल 2025 का निचला स्तर था) अहम सपोर्ट हैं। मिश्रा ने कहा कि मौजूदा स्तरों पर अनिश्चितता दिख रही है। ऊपर की तरफ 23,000–23,200 के जोन में रेजिस्टेंस है और 23,500 एक बड़ी बाधा है। अगर निफ्टी इस लेवल को पार कर लेता है, तो बाजार का रुख सकारात्मक हो सकता है और यह 24,000 की ओर बढ़ सकता है। सेंसेक्स: एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. के मुताबिक सेंसेक्स 73,300 के करीब संभलने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इसका ओवरऑल स्ट्रक्चर अभी भी कमजोर है। ऊपर की ओर 73,800–74,000 के स्तर पर तत्काल रेजिस्टेंस है। वहीं अगर सेंसेक्स 72,000 के नीचे फिसला तो यह 71,500–71,000 के स्तर तक जा सकता है। एक्सपर्ट की राय 1. पोनमुडी आर. के मुताबिक, इस हफ्ते शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की आशंका है। बाजार की चाल फंडामेंटल्स के बजाय ग्लोबल फैक्टर्स से ज्यादा प्रभावित होगी। निवेशकों का सेंटिमेंट काफी हद तक मिडिल ईस्ट के हालातों, करेंसी और विदेशी निवेशकों पर टिका रहेगा। 2. रेलीगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च एसवीपी अजीत मिश्रा का मानना है कि मौजूदा अनिश्चितता में निवेशकों को संभलकर चलना चाहिए। मिश्रा की राय है कि पोर्टफोलियो में उन मजबूत लार्ज-कैप शेयरों को जगह देनी चाहिए, जिनकी कमाई की स्थिति और बैलेंस शीट बेहतर हो। गुरुवार को सेंसेक्स 185 अंक चढ़कर 73,320 पर बंद हुआ शुक्रवार को गुड फ्राइडे की वजह से बाजार बंद था। इससे पहले गुरुवार को सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से 1,773 अंक चढ़कर बंद हुआ। सुबह ये भारी दबाव के साथ खुला और गिरकर 71,545 के स्तर तक आ गया था। बाद में यह 185 अंक चढ़कर 73,320 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी 22,182 का निचला स्तर बनाने के बाद 531 अंकों की रिकवरी दिखी। ये 34 अंक (0.15%) चढ़कर 22,713 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी के आईटी और रियल्टी इंडेक्स सबसे ज्यादा चढ़ें। इसमें 2.62% और 1.18% की तेजी रही। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

सेंसेक्स 450 अंक गिरकर 73,850 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी 100 अंक नीचे, 22600 पर आया; ऑयल एंड गैस शेयरों में बिकवाली

सेंसेक्स 450 अंक गिरकर 73,850 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी 100 अंक नीचे, 22600 पर आया; ऑयल एंड गैस शेयरों में बिकवाली

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन आज यानी सोमवार 6 अप्रैल को शेयर बाजार में गिरावट है। सेंसेक्स 450 अंक गिरकर 73,850 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 100 अंकों की गिरावट है, ये 22600 के स्तर पर आ गया है। आज ऑयल एंड गैस और फार्मा शेयरों में बिकवाली है। एशियाई बाजार में तेजी अमेरिकी बाजार में 2 अप्रैल को मिला-जुला कारोबार क्रूड 0.48% बढ़कर 109 डॉलर प्रति बैरल पर आया आज कच्चा तेल करीब आधा फीसदी ऊपर है। ये 109 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। 28 फरवरी को ईरान जंग शुरू होने से पहले कच्चे तेल के दाम 70 डॉलर प्रति बैरल के आस-पास थे। आज से RBI की मीटिंग: ब्याज दर में बदलाव की संभावना नहीं RBI की मॉनेटरी पॉलिसी में ब्याज दरों पर लिए फैसलों और महंगाई के आउटलुक पर निवेशक करीबी नजर रखेंगे। नए वित्त वर्ष की पहली मीटिंग आज से शुरू हो गई है। 8 अप्रैल को गवर्नर मीटिंग में लिए फैसले की जानकारी देंगे। इस बार ब्याज दरों में बदलाव की संभावना नहीं है। सपोर्ट और रेजिस्टेंस सपोर्ट जोन: 22,637 | 22,556 | 22,504 | 22,408 सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है। रेजिस्टेंस जोन: 23,320 | 23,814 | 23,875 | 24,142 रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है। टेक्निकल चार्ट: निफ्टी के लिए 21,930 का स्तर अहम निफ्टी 50: रेलीगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा का मानना है कि निफ्टी धीरे-धीरे अपने क्रिटिकल सपोर्ट लेवल की ओर बढ़ रहा है। लॉन्ग-टर्म वीकली मूविंग एवरेज (200 WEMA) के हिसाब से 21,930 और उसके बाद 21,750 (जो अप्रैल 2025 का निचला स्तर था) अहम सपोर्ट हैं। मिश्रा ने कहा कि मौजूदा स्तरों पर अनिश्चितता दिख रही है। ऊपर की तरफ 23,000–23,200 के जोन में रेजिस्टेंस है और 23,500 एक बड़ी बाधा है। अगर निफ्टी इस लेवल को पार कर लेता है, तो बाजार का रुख सकारात्मक हो सकता है और यह 24,000 की ओर बढ़ सकता है। सेंसेक्स: एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. के मुताबिक सेंसेक्स 73,300 के करीब संभलने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इसका ओवरऑल स्ट्रक्चर अभी भी कमजोर है। ऊपर की ओर 73,800–74,000 के स्तर पर तत्काल रेजिस्टेंस है। वहीं अगर सेंसेक्स 72,000 के नीचे फिसला तो यह 71,500–71,000 के स्तर तक जा सकता है। एक्सपर्ट की राय 1. पोनमुडी आर. के मुताबिक, इस हफ्ते शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की आशंका है। बाजार की चाल फंडामेंटल्स के बजाय ग्लोबल फैक्टर्स से ज्यादा प्रभावित होगी। निवेशकों का सेंटिमेंट काफी हद तक मिडिल ईस्ट के हालातों, करेंसी और विदेशी निवेशकों पर टिका रहेगा। 2. रेलीगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च एसवीपी अजीत मिश्रा का मानना है कि मौजूदा अनिश्चितता में निवेशकों को संभलकर चलना चाहिए। मिश्रा की राय है कि पोर्टफोलियो में उन मजबूत लार्ज-कैप शेयरों को जगह देनी चाहिए, जिनकी कमाई की स्थिति और बैलेंस शीट बेहतर हो। गुरुवार को सेंसेक्स 185 अंक चढ़कर 73,320 पर बंद हुआ शुक्रवार को गुड फ्राइडे की वजह से बाजार बंद था। इससे पहले गुरुवार को सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से 1,773 अंक चढ़कर बंद हुआ। सुबह ये भारी दबाव के साथ खुला और गिरकर 71,545 के स्तर तक आ गया था। बाद में यह 185 अंक चढ़कर 73,320 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी 22,182 का निचला स्तर बनाने के बाद 531 अंकों की रिकवरी दिखी। ये 34 अंक (0.15%) चढ़कर 22,713 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी के आईटी और रियल्टी इंडेक्स सबसे ज्यादा चढ़ें। इसमें 2.62% और 1.18% की तेजी रही।

भिंड में माइनिंग टीम का बदमाशों ने 4KM किया पीछा:ओवरलोड डंपर छुड़ाने के लिए माफियाओं ने की घेराबंदी, पुलिस ने निकलवाया

भिंड में माइनिंग टीम का बदमाशों ने 4KM किया पीछा:ओवरलोड डंपर छुड़ाने के लिए माफियाओं ने की घेराबंदी, पुलिस ने निकलवाया

भिंड में खनिज माफिया के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। रविवार को माइनिंग टीम द्वारा ओवरलोड डंपर पकड़ने पर माफिया ने टीम का करीब 4 किलोमीटर तक पीछा किया। हालात बिगड़ते देख पुलिस की मदद से टीम को सुरक्षित निकाला गया। जानकारी के अनुसार, जिला खनिज अधिकारी पंकज ध्वज मिश्रा अपनी टीम के साथ रविवार रात करीब 10-11 बजे चितौरा-मौ मार्ग पर रेंडम चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान गिट्टी से भरा एक डंपर आता दिखाई दिया, जिसे रोककर जांच की गई। जांच में डंपर ओवरलोड पाया गया। साथ ही वाहन की नंबर प्लेट गायब थी और चेसिस नंबर भी साफ नहीं दिख रहा था, जिससे मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ। माइनिंग टीम ने डंपर को जब्त कर झांकी चौकी में सुरक्षित खड़ा करा दिया। इसी दौरान कुछ लोग चौकी पहुंच गए और टीम से विवाद करने लगे। बताया जा रहा है कि उन्होंने डंपर को छुड़ाने का भी प्रयास किया, लेकिन खनिज अधिकारी ने सख्ती दिखाते हुए वाहन को पुलिस सुरक्षा में रखवाया। इसके बाद जब टीम आगे चेकिंग के लिए निकली, तो 2-3 गाड़ियों में सवार कुछ लोगों ने उनका पीछा शुरू कर दिया। सुरक्षा को देखते हुए टीम वापस लौटी और झांकी चौकी पुलिस को सूचना दी। साथ ही कलेक्टर को भी पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर माइनिंग टीम को चितौरा रोड तक सुरक्षित एस्कॉर्ट किया। खनिज अधिकारी पंकज ध्वज मिश्रा ने बताया कि पकड़ा गया डंपर गिट्टी से ओवरलोड था और उस पर कोई नंबर प्लेट नहीं थी। वाहन पर “कान्हा यादव” लिखा हुआ था। दस्तावेजों में गड़बड़ी और गलत रूट की आशंका के चलते कार्रवाई की गई। पहले भी हो चुके हैं हमले

भाजपा का स्थापना दिवस आज, घर-घर फहराएंगे ध्वज:रतलाम में BJP के नए भवन निर्माण का होगा शुभारंभ; 67 लाख में खरीदी जमीन

भाजपा का स्थापना दिवस आज, घर-घर फहराएंगे ध्वज:रतलाम में BJP के नए भवन निर्माण का होगा शुभारंभ; 67 लाख में खरीदी जमीन

भारतीय जनता पार्टी 6 अप्रैल को अपने 47 वर्ष स्थापना दिवस मनाएगी। भाजपा कार्यकर्ता घर-घर पार्टी का ध्वज फहरायेंगे। प्रदेश भाजपा के निर्देश पर इसी दिन रतलाम समेत 18 जिलों मे भाजपा के नवीन जिला कार्यालय भवन निर्माण की शुरुआत होगी। भाजपा जिला मीडिया प्रभारी अरुण त्रिपाठी ने बताया स्थापना दिवस पर जिला स्तर का कार्यक्रम प्रतापनगर स्थित नवीन कार्यालय भवन निर्माण के स्थल पर होगा। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप, जावरा विधायक डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय, जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, आलोट विधायक डॉ. चिंतामणि मालवीय एवं रतलाम ग्रामीण विधायक मथुरालाल डामर समेत जनप्रतिनिधि एवं पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहेगे। 67.36 लाख में खरीदी जमीन रतलाम में नए कार्यालय भवन बनाने के लिए बीजेपी ने प्रताप नगर बायपास पर 24 हेक्टेयर जमीन नए भवन के लिए खरीदी थी। रजिस्ट्री में जिसकी कीमत 67 लाख 36 हजार रुपए में थी। जमीन खरीदे हुए करीब एक साल हो गया है। रजिस्ट्री कराने खुद भोपाल से बीजेपी के प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी रतलाम आए थे। वहीं 27 जून 25 को सीएम ने नए भवन की जमीन का भूमिपूजन किया था। भाजपा द्वारा प्रदेश के 18 जिलों में नए नवीन भवन बनाने जा रही है। निर्माण कार्य की शुरूआत सभी जिलो में एक साथ होने जा रही है। बूथ स्तर पर होंगे कार्यक्रम स्थापना दिवस पर भाजपा के सभी मंडलों एवं बूथ स्तर पर कार्यक्रम आयोजित होंगे। दीनदयाल नगर स्थित पं.दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा के समीक्ष महिला मोर्चा द्वारा आकर्षण रंगोली बनाई जाएगी।

लिफ्ट से ज्यादा ऊपर जाते वक्त आपके भी कान बंद हो जाते हैं? क्या है इसकी वजह, हर दिन होने लगे तो क्या करें

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Last Updated:April 06, 2026, 09:11 IST Frequent Ear Blockage Causes: लिफ्ट से ऊपर जाते समय कान बंद होना आमतौर पर एयर प्रेशर में बदलाव के कारण होता है. यह समस्या सामान्य है और कुछ मिनट में अपने आप ठीक हो जाती है. अगर यह बार-बार कान बंद हों या लंबे समय तक परेशानी बनी रहे, तो यह किसी अन्य समस्या का संकेत हो सकता है. ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. लिफ्ट में ऊपर जाते वक्त एयर प्रेशर बदल जाता है, जिससे कान बंद हो जाते हैं. Ear Popping in Elevators Causes: जब भी आप किसी ऊंची बिल्डिंग में लिफ्ट से जाते हैं, तब ऊंचाई पर पहुंचते ही आपके कान बंद हो जाते हैं. कई बार आपने भी यह चीज नोटिस की होगी. अधिकतर लोगों को कान बंद होने, दबाव महसूस होने या हल्की सी पॉप आवाज आने का अनुभव होता है. कुछ सेकंड बाद कान अपने आप खुल जाते हैं और कंडीशन नॉर्मल हो जाती है. यह एक सामान्य बात है, जिसे लोग नजरअंदाज कर देते हैं. कई बार यह समस्या इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि लोगों को डॉक्टर के पास भागना पड़ता है. अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि लिफ्ट में कान क्यों बंद हो जाते हैं और इससे कैसे बचें? वेबएमडी की रिपोर्ट के मुताबिक ऊंचाई पर जाते वक्त कान बंद होना शरीर की एक सामान्य प्रतिक्रिया है. यह समस्या हमारे कान की संरचना से जुड़ी होती है. कान के अंदर एक नली होती है, जिसे यूस्टेशियन ट्यूब (Eustachian Tube) कहा जाता है. यह ट्यूब कान के अंदर के दबाव को बाहरी वातावरण के दबाव के बराबर बनाए रखने में मदद करती है. जब आप लिफ्ट से तेजी से ऊपर जाते हैं, तो बाहरी एयर प्रेशर अचानक कम हो जाता है, लेकिन कान के अंदर का दबाव तुरंत एडजस्ट नहीं हो पाता. इसी वजह से कान बंद होने या भरे-भरे लगने की समस्या होती है. हालांकि कुछ देर में स्थिति सामान्य हो जाती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो आमतौर पर यह स्थिति कुछ सेकंड या मिनट में खुद ही ठीक हो जाती है, क्योंकि यूस्टेशियन ट्यूब धीरे-धीरे दबाव को संतुलित कर देती है. कई बार आपको पॉप की आवाज सुनाई देती है, जो इस बात का संकेत है कि दबाव बराबर हो गया है. यह बिल्कुल वैसा ही होता है, जैसा हवाई यात्रा या पहाड़ों पर चढ़ते समय महसूस होता है. हालांकि अगर यह समस्या हर दिन होने लगे या लंबे समय तक बनी रहे, तो इसके पीछे कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं. साइनस इंफेक्शन, एलर्जी, सर्दी-जुकाम या कान में वैक्स ज्यादा होने से भी यह प्रॉब्लम बार-बार हो सकती है. इन कंडीशन में यूस्टेशियन ट्यूब ठीक से काम नहीं कर पाती, जिससे दबाव को बैलेंस करने में दिक्कत होती है और कान बार-बार बंद होने लगते हैं. अगर आप भी लिफ्ट यूज करते समय कान बंद होने से बचना चाहते हैं, तो इसके लिए कुछ उपाय कर सकते हैं. लिफ्ट में जाते वक्त कुछ निगलने या पानी पीने से ट्यूब खुल जाती है. लिफ्ट में आप च्युइंग गम चबाएं, तो इस समस्या से बच सकते हैं. दरअसल च्युइंग गम चबाने में जबड़े की मांसपेशियों का उपयोग होता है, जो यूस्टेशियन ट्यूब को खोलने में मदद करता है. इसके अलावा जानबूझकर जम्हाई लेने से भी कान तुरंत खुल जाते हैं. अगर समस्या लगातार बनी रहती है, दर्द होता है या सुनने में कमी आने लगे, तो तुरंत ENT विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए. डॉक्टर दवाइयां या अन्य ट्रीटमेंट सजेस्ट कर सकते हैं. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 06, 2026, 09:11 IST

केदारनाथ हेली सेवा- 10-12 अप्रैल के बीच शुरू होगी बुकिंग:100% ऑनलाइन टिकट और नए नियम लागू, IRCTC के जरिए होगी बुकिंग

केदारनाथ हेली सेवा- 10-12 अप्रैल के बीच शुरू होगी बुकिंग:100% ऑनलाइन टिकट और नए नियम लागू, IRCTC के जरिए होगी बुकिंग

उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने घोषणा की है कि केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवा की बुकिंग 10 से 12 अप्रैल के बीच शुरू कर दी जाएगी। यूकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि इस बार यात्रा को सुरक्षित, पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए कई बड़े बदलाव किए गए हैं। टिकटों की कालाबाजारी और धोखाधड़ी को रोकने के लिए यूकाडा ने इस बार 100% ऑनलाइन टिकटिंग का निर्णय लिया है। पिछली बार की तरह इस बार भी बुकिंग का जिम्मा आईआरसीटीसी (IRCTC) के पास ही रहेगा। ऑफलाइन टिकट का कोई प्रावधान नहीं होगा, जिससे यात्रियों को दलालों से बचने में मदद मिलेगी। चरणबद्ध तरीके से होगी बुकिंग यात्रियों की भारी भीड़ और हिमालयी क्षेत्र के अनिश्चित मौसम को देखते हुए बुकिंग को स्लॉट में बांटा गया है। शुरुआत में 20-20 दिनों के स्लॉट के लिए टिकट खोले जाएंगे। मौसम और यात्रियों के दबाव का आकलन करने के बाद ही अगले चरणों की बुकिंग शुरू की जाएगी। 8 रूट और 8 ऑपरेटर, 3 कंपनियां पहली बार देंगी सेवा इस बार कुल आठ रूटों पर हेली सेवाओं का संचालन होगा, जिसके लिए अलग-अलग ऑपरेटरों का चयन किया जा चुका है। इनमें चिप्सन एविएशन, राजस एयरो स्पोर्ट्स, थम्बी एविएशन, पिलग्रिमेज एविएशन, यूनाइटेड हेली चार्टर्स, हिमालयन हेली सर्विसेज, ट्रांसभारत एविएशन और एरो एयरक्राफ्ट शामिल है। खास बात यह है कि इनमें से तीन कंपनियां पहली बार चारधाम रूट पर अपनी सेवाएं देने जा रही हैं। पिछली यात्राओं में यात्रियों को रिफंड मिलने में हुई देरी पर यूकाडा ने सख्त रुख अपनाया है। डॉ. आशीष चौहान ने स्पष्ट किया कि:

गर्भवती महिलाएं ना खाएं ये फल, रुक सकता है बच्चे का विकास, डिलीवरी में भी होती है दिक्कत

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Last Updated:April 06, 2026, 09:04 IST प्रेग्नेंसी में महिलाएं अपने शरीर को पोषण देने के लिए सेहत को दुरुस्त रखने के लिए गुड़, मूंगफली, हरी साग-सब्जियां जैसे मेथी, पालक, फ्रूट्स और पानी वाले फल आदि खा सकती हैं. इस दौरान हरे फल और सब्जी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. ख़बरें फटाफट आर्या झा/मधुबनी: महिलाओं के लिए प्रेग्नेंसी आसान नहीं होती है. इस दौरान उनकी सेहत, शरीर और सोच-विचार में तमाम तरह के बदलाव होते हैं. ऐसे में गर्भवती महिलाओं को खान-पीन का भी बहुत ध्यान रखना चाहिए. आमतौर पर परिवार के लोग भी घर की गर्भवती महिला की सेहत और खान-पान का ध्यान रखते हैं लेकिन, सबसे जरूरी खुद से अपना ध्यान रखना. दरअसल, कब क्या महसूस हो रहा है यह तो गर्भवती महिला को ही पता चलेगा और उनके बताने के बाद ही परिजनों को कुछ भी पता चलेगा. डॉक्टर भी गर्भवती महिलाओं को खान-पान का विशेष ध्यान रखने की सलाह देते हैं क्योंकि इस दौरान उनकी सेहत के लिए तमाम तरह के विटामिन और पोषक तत्वों की जरूरत होती है. सेहत दुरुस्त रखने के लिए फलों का भी सेवन करते हैं लेकिन, कुछ चीजें ऐसी होती हैं जो कई बार गर्भवती महिलाओं की सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकती हैं. इनमें पपीता जैसा फल भी है जो वैसे तो सेहत और पाचन के लिए फायदेमंद माना जाता है लेकिन, ये गर्भवती महिला के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है. गर्भवती महिला को पपीता नहीं खाना चाहिए. इस बारे में महिला विशेषज्ञ गायनकोलॉजिस्ट डॉक्टर सुमन कुमार ने कहा कि पपीता खाने से बच्चे की ग्रोथ रुक सकती है या फिर प्रेगनेंसी में बहुत सारी दिक्कतें आ सकती हैं. डॉक्टर ने बताया कि पपीता में मिलने वाले मल्टीविटामिन को किसी दूसरे तरीके से भी लिया जा सकता है लेकिन, पपीता खाना नुकसानदायक हो सकता है. सदर अस्पताल मधुबनी में कार्यरत डॉक्टर सुमन कुमार कहते हैं कि प्रेग्नेंसी के शुरुआती के तीन से चार महीने गर्भवती महिला को कच्चा या पका किसी भी तरह का पपीता नहीं खाना चाहिए. उन्होंने बताया कि प्रेग्नेंसी के 3-4 महीने बाद जब गर्भवती महिलाओं को पेट में कब्ज या फिर पेट, गैस और पाचन से जुड़ी कोई दिक्कत होती है तो पका पपीता खा सकती हैं. लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि प्रेग्नेंसी के शुरुआती तीन-चार महीने पपीते का सेवन नहीं किया जाता. पपीता खाने से हो सकते हैं ये नुकसानपपीता को पाचन के लिए अच्छा माना जाता है. इसलिए प्रेग्नेंसी की शुरुआत में पपीता खाने से गर्भपात का डर बना रहता है. वह आगे कहते हैं कि मिडिल फेज और लास्ट के समय पपीता खाया जा सकता है लेकिन, शुरुआत में हम डॉक्टर प्रेग्नेंट महिला को पपीते से दूर रखने की सलाह देते हैं. ये करें सेवनप्रेग्नेंसी में महिलाएं अपने शरीर को पोषण देने के लिए सेहत को दुरुस्त रखने के लिए गुड़, मूंगफली, हरी साग-सब्जियां जैसे मेथी, पालक, फ्रूट्स और पानी वाले फल आदि खा सकती हैं. इस दौरान हरे फल और सब्जी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. About the Author Rajneesh Singh जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें Location : Madhubani,Bihar First Published : April 06, 2026, 09:04 IST

मंडे मॉर्निंग ब्लूज़ का पक्का इलाज हैं 5 वर्कआउट; शरीर में आएगी चुस्ती, खुशमिजाज होकर पहुंचेंगे ऑफिस

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Last Updated:April 06, 2026, 08:59 IST Monday Morning Workout : वीकेंड की छुट्टियों के बाद मंडे मॉर्निंग अगर आप भी ऑफिस के लिए उठते वक्‍त सुस्ती और शरीर में जकड़न सा महसूस करते हैं तो ये आम बात है. लेकिन आप इन आसान और असरदार वर्कआउट की मदद से आपके शरीर में तुरंत नई ऊर्जा भर सकते हैं और दिन भर मूड को बूस्‍ट रख सकते हैं. अक्सर रविवार के बाद सोमवार कई बार हल्‍का तनाव लेकर आता है जिसे हम ‘मंडे ब्लूज़’ कहते हैं. बिस्तर छोड़ने की जद्दोजहद और ऑफिस की मीटिंग्स का प्रेशर सुबह-सुबह मूड खराब कर देता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ 15-20 मिनट का सही वर्कआउट आपके पूरे दिन और आने वाले पूरे हफ्ते की दिशा बदल सकता है? चलिए जानते हैं कैसे. सोमवार की सुबह आपके शरीर को एक ‘किक-स्टार्ट’ की जरूरत होती है. रात भर सोने के बाद भी मांसपेशियां सख्त सी लगती हैं और मेटाबॉलिज्म धीमा महसूस होता है. ऐसे में जिम जाकर भारी वजन उठाना ही एकमात्र रास्ता नहीं है. आप घर पर रहकर ही कुछ खास एक्सरसाइज और योग के जरिए अपने शरीर का ‘हैप्पी हार्मोन’ यानी एंडोर्फिन रिलीज कर सकते हैं. यह न केवल आपकी सुस्ती को भगाएगा, बल्कि आपको ऑफिस में फोकस्ड रहने में भी मदद करेगा. सबसे पहले बात करते हैं सूर्य नमस्कार की. इसे ‘पूर्ण व्यायाम’ माना जाता है. अगर आप मंडे 5 से 10 राउंड सूर्य नमस्कार करते हैं, तो यह आपके सिर से लेकर पैर तक की हर मांसपेशी को सक्रिय कर देता है. इसके 12 आसन आपके शरीर में लचीलापन लाते हैं और रक्त संचार को बढ़ाते हैं. इसे करने के बाद आप खुद को पहले से कहीं ज्यादा हल्का और ऊर्जावान महसूस करेंगे, जो ऑफिस की लंबी सिटिंग के लिए बहुत जरूरी है. Add News18 as Preferred Source on Google अब बारी आती है रीढ़ की हड्डी को जगाने की. ऑफिस में घंटों कुर्सी पर बैठने वालों के लिए कैट-काऊ स्ट्रेच एक वरदान है. यह आसान स्ट्रेच पीठ और गर्दन की जकड़न को खोलता है. जब आपकी स्पाइन रिलैक्स होती है, तो दिमाग तक ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर होता है. इसे करते समय लंबी गहरी सांसें लें; यह आपके नर्वस सिस्टम को शांत करेगा और मंडे सुबह होने वाली घबराहट (Anxiety) को कम करने में मदद करेगा. शरीर के साथ-साथ मन को शांत करने के लिए चाइल्ड पोज़ (Balasana) को नजरअंदाज न करें. यह एक विश्रामदायक मुद्रा है जो तनाव को खींचकर बाहर निकाल देती है. अक्सर मंडे को हमें बहुत सारे टास्क एक साथ याद आते हैं, जिससे दिमाग भारी होने लगता है. चाइल्ड पोज़ में 2 मिनट रहने से मानसिक शांति मिलती है. यह आपको वह ठहराव देता है जिसकी जरूरत एक व्यस्त सप्ताह की शुरुआत करने के लिए होती है. वर्कआउट को थोड़ा और प्रभावी बनाने के लिए इसमें हाई-नीज़ या जंपिंग जैक्स जैसे कार्डियो मूव्स जोड़ें. केवल 2 मिनट के लिए इन्हें करने से आपका हार्ट रेट बढ़ता है और शरीर का तापमान संतुलित होता है. यह पसीना आपके शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालता है और चेहरे पर एक नेचुरल ग्लो लाता है. जब आप ऑफिस के लिए तैयार होकर शीशे में खुद को फ्रेश देखते हैं, तो आपका कॉन्फिडेंस अपने आप बढ़ जाता है. शारीरिक कसरत के बाद सबसे महत्वपूर्ण है अपनी सांसों पर नियंत्रण. अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम के 5 मिनट आपके फेफड़ों की क्षमता बढ़ाते हैं और एकाग्रता (Concentration) में सुधार लाते हैं. ऑफिस में मल्टीटास्किंग के दौरान जब काम का बोझ बढ़ेगा, तो यही प्राणायाम आपको कूल रहने में मदद करेगा. यह मंडे मॉर्निंग के ‘मेंटल फॉग’ को साफ करने का सबसे बेहतरीन तरीका है. अंत में, याद रखें कि सोमवार का वर्कआउट सिर्फ फिटनेस के लिए नहीं, बल्कि आपके अनुशासन की जीत भी है. जब आप मंडे को पसीना बहाते हैं, तो आप खुद को यह संदेश देते हैं कि आप अपनी दिनचर्या के मालिक हैं. तो सुबह सुबह अलार्म स्नूज़ करने के बजाय अपनी मैट बिछाएं और ये आसान वर्कआउट कर लें. यकीन मानिए, जब आप मुस्कुराते हुए ऑफिस पहुंचेंगे, तो आपके सहकर्मी भी आपसे आपकी इस ‘हाई एनर्जी’ का राज पूछेंगे! (All Image : Canva) First Published : April 06, 2026, 08:59 IST

In Takhatgarh (Pali), Rajasthan, the funeral was held on the same pyre for two friends, April 6, 2026

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पाली जिले के तखतगढ़ में 5 घंटे के अंतराल पर दो सहेलियों ने दम तोड़ दिया। इनकी दोस्ती की मिसाल दी जा रही है। दोस्ती की मिसालें तो बहुत सुनी होंगी, लेकिन पाली जिले के तखतगढ़ में जो हुआ, उसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। यहां सालों पुरानी दो सहेलियों ने अपनी दोस्ती को मौत के बाद भी नहीं टूटने दिया। एक सहेली की मौत हुई, तो दूसरी यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर सकी और . पाली जिले के तखतगढ़ में 2 बुजुर्ग सहेलियों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया कहा सच हुआ : पहले कोई भी जाए, दूसरी को साथ लेकर जाए पाली से करीब 78 किमी दूर तखतगढ़ के नागचौक इलाके में जो हुआ, वह लोग सालों तक याद रखेंगे। देवासियों की गली में रहने वाली जेठी बाई (पत्नी स्व. मालाराम कलबी) और उनकी पड़ोसी भीकीबाई (पत्नी स्व. भूराराम कलबी) के बीच दशकों पुरानी दोस्ती थी। मोहल्ले वाले बताते हैं कि दोनों अक्सर हंसी-मजाक में कहती थीं- अगर हममें से कोई पहले जाए, तो दूसरी को भी अपने साथ ही लेकर जाए। नियति ने इस बात को सच कर दिखाया। एक को आई मौत, दूसरी को लगा गहरा सदमा 4 अप्रैल को जेठी बाई की तबीयत बिगड़ी और रात को उनका निधन हो गया। 5 अप्रैल की सुबह जैसे ही सहेली की मौत की खबर भीकीबाई तक पहुंची, वे गहरे सदमे में चली गईं। सदमा इतना गहरा था कि उसी दिन सुबह करीब 8 बजे उन्होंने भी दम तोड़ दिया। दोपहर में पूरे कस्बे में खबर फैलते ही मातम छा गया। दोनों परिवारों ने मिलकर फैसला लिया कि जब ये साथ रहीं, तो विदाई भी साथ ही होगी। पांच घंटे के अंतराल में 2 सहलियों की मौत के बाद उनकी अर्थी भी एक साथ ही उठी। सैकड़ों नम आंखों के बीच एक ही चिता पर विदाई गोगरा रोड स्थित श्मशान घाट पर 5 अप्रैल की दोपहर एक दुर्लभ दृश्य दिखा। दो अर्थियां एक साथ उठीं और दोनों सहेलियों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। श्मशान घाट में मौजूद सैकड़ों लोग इस संयोग और दोस्ती को देखकर भावुक हो गए। पूरे मोहल्ले में मशहूर थी दोस्ती भीकीबाई के बेटे हंसाराम कहते हैं- दो दिन पहले मां के पैर में दर्द था, लेकिन जैसे ही उन्हें अपनी सहेली जेठी बाई के जाने का पता चला, वे यह दुख सह नहीं पाईं। उनकी दोस्ती पूरे मोहल्ले में मशहूर थी। दोनों सहेलियों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। रिश्तों का ऐसा संयोग : पतियों में भी थी गहरी दोस्ती यह संयोग सिर्फ इन दो महिलाओं तक सीमित नहीं था। उनके पति स्व. मालाराम और स्व. भूराराम भी आपस में पक्के दोस्त थे। दोनों सहेलियों का पीहर भी जालोर जिले के आहोर क्षेत्र (हरजी और थुम्बा गांव) में था। जेठीबाई का बेटा पहले ही गुजर चुका था, उनके पोते बाहर से आए। भीकीबाई के पीछे उनका भरा-पूरा परिवार है। जेठी बाई और उनकी पड़ोसी भीकीबाई की दोस्ती की चर्चा पूरे गांव में होती है। दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। सीकर में भी दिखा था ऐसा ही प्रेम इलाके के लोग इसे एक संयोग मान रहे हैं। इसी साल जनवरी में सीकर के घसीपुरा में भी ऐसा ही मामला आया था, जहां देवरानी-जेठानी की मौत के बाद उनका एक ही चिता पर अंतिम संस्कार हुआ था। तखतगढ़ में दो सहेलियों का इस तरह साथ जाना कस्बे में चर्चा का विषय बना हुआ है।

चमकती त्वचा के लिए गोल्ड फेशियल: पॉलिश नहीं, अब घर पर मिनटों में करें गोल्ड फेशियल; बिना खर्च किये सोने सा चमकेगा चेहरा

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घर पर फेशियल कैसे करें: हर कोई चाहता है कि उसका चेहरा साफ, चमकीला और चमकता हुआ दिखे। इसके लिए लोग रिटेल रिटेल मैक्सिल गोल्ड फेशियल करवाते हैं। लेकिन अब आपको पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है। आप घर पर आसानी से गोल्ड फेशियल कर सकते हैं और वो भी कुछ ही मिनट में। गोल्ड फेशियल क्या होता है? गोल्ड फ़ेशियल एक ऐसा स्कार्फ प्रोजेक्ट है जो त्वचा को गहराई से साफ़ करता है, डेड फ़ेशियल हटाता है और चेहरे पर ग्लो पेश करता है। यह त्वचा को प्लांट और फ्रेशनर की दुकान में मदद करता है। घर पर गोल्ड फेशियल कैसे करें? सफाई सबसे पहले अपने चेहरे को साफ करें। इसके लिए कच्चा दूध लेन और कॉटन डब्बेकर फेस पर तैयार किया जाता है। अब 2-3 मिनिट में हाथ से मसाज करें। यह आपके चेहरे की गंदगी और तेल निकालने में मदद करेगा। स्क्रब अब डेड स्किन रिमूवल के लिए आवेदन करें। इसके लिए 1 चीनी चीनी और 1 मिशिगन पूरे चेहरे पर छोटे हाथ से राँचे और फिर धो लें। मसाज (मालिश) ग्लोम के साथ काम करना बहुत जरूरी है। इसके लिए एलोवेरा जेल या क्रीम लें और 5-10 मिनट तक चेहरे पर सर्कूल मोशन में मसाज करें। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और त्वचा चमकदार दिखती है। फेस पैक (फेस पैक) अब फेस पैक रूम। फेस पैक बनाने के लिए 1 मिंट बेसन, 1 हल्दी और थोड़ा दूध या गुलाब जल एक कटोरी में लें। इसे पूरे प्लांट पर फर्नीचर और फैक्ट्री के बाद धो लें। टोनिंग और टिनटिंग आख़िर में गुलाब जल से टोनिंग करें। फिर से इलेक्ट्रोमैग्नेटिक यूनिट। गोल्ड फेसियल के फायदे क्या हैं? चेहरे पर तुरंत चमक आती है। त्वचा की प्रदर्शनी और साफ-सुथरी कलाकृतियाँ। डेड स्किन हटती है। जुर्रियाँ कम होती हैं। कंकाल और ताज़े दिखते हैं। किन बातों का रखें प्रबंध? आस्था हमेशा के लिए हाथ से बनाएं। अगर आपका स्किन सेन्स प्रतिबंधित है तो पहले पैच टेस्ट करा लें। ज्यादा से ज्यादा बार फेशियल न करें। महीने में 1-2 बार काफी है। अब चमकदार त्वचा पाने के लिए आपको फ्लोर की जरूरत नहीं है। घर पर आसानी से बेचा गया गोल्ड फेशियल भी आकर्षक ही होता है। अगर आप इसे सही तरीके से चलाएंगे, तो आपका चेहरा भी सोने जैसा चमकने लगेगा। यह अवश्य पढ़ें: चेहरे के बाल हटाना: चेहरे से अनचाहे बाल हटाने के लिए काम आएगा ये 3 देसी नुस्खा, 10 मिनट में चेहरे से बाल हटाएं अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।