तृषा का क्रिप्टिक पोस्ट वायरल:‘प्यार सबकुछ नहीं होता, लेकिन बिना प्यार के सब बेकार है’; विजय संग रिश्ते की चर्चाओं को फिर मिली हवा

साउथ इंडस्ट्री के सुपरस्टार थलपति विजय और एक्ट्रेस तृषा कृष्णन एक बार फिर सुर्खियों में हैं। दोनों के कथित रिश्ते की अफवाहों के बीच तृषा का एक क्रिप्टिक सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हो गया है, जिसने फैंस के बीच नई चर्चा छेड़ दी है। तृषा ने इंस्टाग्राम पर प्यार और आत्म-सम्मान से जुड़ा एक मैसेज शेयर किया, जिसमें लिखा था कि “प्यार सबकुछ नहीं होता, लेकिन बिना प्यार के सब बेकार है।” इस पोस्ट को उनके निजी जीवन से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, यह पोस्ट ऐसे समय सामने आया है जब विजय और उनकी पत्नी संगीता सोरनलिंगम के तलाक की खबरें चर्चा में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, संगीता ने कोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए रिश्ते में दरार और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है। इसी बीच विजय और तृषा को हाल ही में चेन्नई में एक हाई-प्रोफाइल शादी में साथ देखा गया। दोनों की साथ में एंट्री और मौजूदगी ने अफवाहों को और हवा दे दी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो के बाद फैंस कयास लगा रहे हैं कि दोनों के बीच सिर्फ दोस्ती से बढ़कर कुछ है। हालांकि, इन खबरों पर अब तक न तो विजय और न ही तृषा ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। फिलहाल, तृषा का यह पोस्ट और विजय के साथ उनकी हालिया मौजूदगी, दोनों ही सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बने हुए हैं। फैंस अब इस पूरे मामले में दोनों सितारों की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। तृषा कृष्णन और थलपति विजय ने इन फिल्मों में साथ किया काम, फिर चर्चा में आई जोड़ी तृषा कृष्णन और थलपति विजय ने तमिल सिनेमा की कई हिट फिल्मों में साथ काम किया है। इनमें ‘घिली’ (2004), ‘थिरुपाची’ (2005), ‘आथी’ (2006) और ‘कुरुवी’ (2008) शामिल हैं। दोनों की ऑन-स्क्रीन जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया, जिसके बाद उनके ऑफ-स्क्रीन रिश्ते को लेकर भी अफवाहें तेज हो गई थीं। हालांकि उस समय दोनों कलाकारों ने इन चर्चाओं को खारिज करते हुए कहा था कि वे सिर्फ अच्छे दोस्त हैं। सालों बाद दोनों ‘लियो’ (2023) में फिर साथ नजर आए, जिससे वे एक बार फिर सुर्खियों में आ गए। फिल्म में दोनों की केमिस्ट्री ने फैंस का ध्यान खींचा और उनकी जोड़ी फिर चर्चा का विषय बन गई।
असम में कांग्रेस पार्टी वापसी या बीजेपी फिर से मारेगी बाजी? जानिए क्या है ओपिनियन पोल

असम विधानसभा चुनाव (असम विधानसभा चुनाव मैट्रिज़ ओपिनियन पोल 2026) बीजेपी के लिए लेकर आएं फाइनल ओपिनियन पोल से लेकर गुड न्यूज तक। असम में बीजेपी+ को इस विधानसभा चुनाव में 92-102 सीटें मिल सकती हैं. मैट्रिज (मैट्रिज) और चाणक्य (चाणक्य) के सर्वेक्षण के अनुसार असम में आने वाले चुनाव में बीजेपी-नेतृत्व वाला गठबंधन (बीजेपी+) की स्थिति मजबूत है और उनकी सत्ता में आने या सत्ता बनाए रखने की संभावना ज्यादा दिख रही है। दोनों स्टूडियो सर्वे हैं कि वोट शेयर और दोनों पार्टियाँ बीजेपी गठबंधन में आगे हैं। कांग्रेस गठबंधन पीछे है, जबकि छोटे बौद्ध धर्म का असर बहुत कम रहने की उम्मीद है। वोट शेयर में बढ़त (मैट्रिज)बीजेपी+: 46%कांग्रेस+: 36%अन्य: 18% मैट्रिज सर्वे के मुताबिक बीजेपी गठबंधन को ज्यादातर लोगों का समर्थन मिल रहा है। कांग्रेस गठबंधन भी गठबंधन में है, लेकिन वह पीछे है. बाकी छोटे स्कूली बच्चों का वोट कम है। क्वेश्चन का अनुमान (मैट्रिज़)बीजेपी+: 92-102 बीजेपीकांग्रेस+: 22-32 विधानसभाअन्य: 4-7 लाभ पोर्टफोलियो के अनुमान में गठबंधन एलायंस को साफा इंवेस्टमेंट दिख रही है। यह बहुमत के दस्तावेज़ पास या ऊपर जा सकते हैं। कांग्रेस गठबंधन की भूमिका में बने रहेंगे. अन्य दल बहुत कम प्रतियोगी जीत सकते हैं। चाणक का सर्वे सीट अनुमानबीजेपी+: 83-90 बढ़तकांग्रेस+: 30-36 प्रतिशतअन्य: 3-6 पौधे अन्य चाणक के सर्वे में भी बीजेपी गठबंधन आगे दिख रहा है. कांग्रेस गठबंधन में कुछ भी शामिल होना जरूरी है, लेकिन सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है। हालांकि चुनाव के नतीजों में पिछले समय के बदलाव और स्थानीय धार्मिक बदलाव भी हो सकते हैं, लेकिन नतीजों के सर्वे से पता चलता है कि मुकाबले में बीजेपी के पक्ष में गिरावट आई है। असम में मोदी ने की आज की रैली असम विधानसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को डिब्रूगढ़ में एक किशोर लड़की को पेश किया। इस दौरान उन्होंने नामांकन पर हमला बोल दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि डिब्रूगढ़ में भारी भीड़ और लोगों का उत्साह कई बार देखने को मिलता है, लेकिन इस बार जो जोश और उत्साह देखने को मिलता है, वह अप्रिय है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह जनसमर्थन के लिए चिंता का विषय है। पहले कांग्रेस से ही हैरान-परेशान है और वोटिंग से ठीक पहले इस तरह की तस्वीरें और पोस्ट कर मांगें. (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)असम चुनाव 2026(टी)चुनाव 2026(टी)ओपिनियन पोल(टी)ओपिनियन पोल 2026(टी)असम(टी)कांग्रेस(टी)बीजेपी(टी)ओपिनियन पोल
ओपिनियन पोल 2026 लाइव: पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के लिए खतरे की आशंका, जानें असम में हिमंता का हाल, सर्वे में किसे देखें

विधानसभा चुनाव ओपिनियन पोल 2026 लाइव: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (पश्चिम बंगाल चुनाव ओपिनियन पोल 2026) को लेकर साझीम के आओ ओपिनियन पोल (ओपिनियन पोल 2026) राज्य की पारंपरिक शास्त्रीय कांग्रेस को बड़ा झटका लग रहा है। बंगाल ओपिनियन पोल के मुताबिक बीजेपी को 130 से 150 फीसदी मिल सकती है तो वहीं दूसरी तरफ एनबीए को 140 से 160 फीसदी बढ़त मिल सकती है. 294 विधानसभा वाली को लेकर ये मैट्रिज़ ओपीनियन पोलकैंट का मुकाबला बता रहा है। (टैग्सटूट्रांसलेट)मैट्रिज(टी)मैट्रिज ओपिनियन पोल(टी)असम इलेक्शन 2026(टी)असम ओपिनियन पोल 2026(टी)असम इलेक्शन ओपिनियन पोल 2026(टी)असम इलेक्शन ओपिनियन पोल(टी)ओपिनियन पोल 2026(टी)बीजेपी(टी)कांग्रेस(टी)एआईयूडीएफ(टी)एबीपी ओपिनियन पोल(टी)हिमंता बिस्वा सरमा(टी)चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026
महिला से घर में घुसकर बदसलूकी, पति पर हमला:तीन दिन बाद भी आरोपी गिरफ्तार नहीं, एसपी से शिकायत

झाबुआ के थांदला थाना क्षेत्र के वडलीपाड़ा गांव में एक महिला से घर में घुसकर बदसलूकी और उसके पति पर जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। परेशान होकर सोमवार को महिला दीतू बाई अपने पति मुकेश और परिजनों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने एसपी डॉ. शिवदयाल से सुरक्षा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पीड़ित ने बताया कि घटना 3 अप्रैल की शाम करीब 5:30 बजे की है। वह अपने घर पर अकेली थीं। गांव का निवासी कानू पिता रुमाल भूरिया जबरन घर में घुस आया हाथ पकड़ लिया। जब महिला ने शोर मचाया, तो आरोपी ने मुंह दबाकर जान से मारने की कोशिश की। पीड़िता ने तत्काल थांदला थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी कानू के खिलाफ बीएनएस की धारा 296(a), 115(2) और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया। रिपोर्ट दर्ज कराकर लौटते समय उसी रात आरोपी कानू ने अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़िता के पति मुकेश और भतीजे सुभाष पर हमला कर दिया। इस हमले में दोनों को गंभीर चोटें आईं और उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस दूसरे हमले के संबंध में भी थांदला पुलिस ने 4 अप्रैल को आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 126(2), 296(a), 115(2), 351(3) एवं 3(5) के तहत एक और मामला दर्ज किया। पीड़िता का आरोप है कि दो एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। उन्होंने एसपी को बताया कि उनके पति और भतीजे के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। परिवार दहशत में है। एसपी डॉ. शिवदयाल ने पीड़िता को उचित वैधानिक कार्रवाई और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।
ममता बनर्जी या बीजेपी, पश्चिम बंगाल में इस बार किसकी सरकार? ओपीनियन पोल नतीजे में सांस लेने वाले

पश्चिम बंगाल विधान सभा चनव ओपिनियन पोल 2026: इस साल देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनाव पर पूरे देश की नजर है. इसे लेकर MATRIZE ने ओपिनियन पोल किया है। ये ओपीनियन पॉलिटिकल आश्रम की सांसें अटकाने वाली है। सर्वे का अनुमान है कि टीएमसी को 43 फीसदी, बीजेपी को 42 फीसदी और अन्य को 16 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है. सर्वे के रिज्यूमे में बंगाल के 294 रिज्यूमे पर कड़ा मुकाबला होने की संभावना है। मैट्रिज ओपिनियन पोल के मुताबिक टीएमसी 140-160 पर बढ़त, बीजेपी पर 130-150 पर बढ़त और अन्य पर 8-16 पर बढ़त की संभावना है। बंगाल में बहुमत का आंकड़ा 148 है. बंगाल का राजनीति परिदृश्य इस बार बदला हुआ है। टीएमसी से अलग हुमायूं कबीर ने अपनी अलग पार्टी बनाई है, जिसका नाम आम जनता पार्टी है। उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM से गठबंधन किया है. कई मुस्लिम समर्थक इस गठबंधन पर ममता बनर्जी की टीएमसी को टक्कर दे सकते हैं, जिससे बीजेपी को फायदा हो सकता है। यही कारण है कि अधिकांश बहुमत पर बीजेपी और टीएमसी के बीच असंगठित संगठन हो सकते हैं। पुरालेख सारणीपहले चरण की अधिसूचना 30 मार्च 2026 को जारी होगी, जबकि दूसरे चरण की अधिसूचना 2 अप्रैल 2026 को जारी होगी। पहले चरण के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 6 अप्रैल और दूसरे चरण के लिए 9 अप्रैल तय की गयी है. नामांकित नामों की जांच 7 अप्रैल और 10 अप्रैल को होगी। अभ्यर्थी की वापसी की अंतिम तिथि 9 अप्रैल और 13 अप्रैल है। चुनाव प्रक्रिया 6 मई 2026 तक पूरी होगी। टोकरा का पात्रचुनाव आयोग के अनुसार, पश्चिम बंगाल में कुल 6.44 करोड़ लोग हैं। इनमें 3.28 करोड़ पुरुष और 3.16 करोड़ महिला कलाकार शामिल हैं, जबकि जेंडर लेक की संख्या 1152 है। 18 से 19 साल के फर्स्ट टाइम वोटर्स की संख्या 5.23 लाख है। 20 से 29 साल के रिकॉर्ड की संख्या 1.31 करोड़ है। 85 वर्ष से अधिक आयु के 3.79 लाख मिलियन लोग हैं और 4.16 मिलियन मिलियन मिलियन लोग भी इस चुनाव में हिस्सा लेते हैं। मिशिगन को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। 2021 चुनाव का रिकॉर्डसाल 2021 में पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में चुनाव हुए थे. राज्य की 294 में ध्यान केंद्रित करने हेतु प्राथमिक एवं सुरक्षा व्यवस्था का संचालन किया गया। पिछले चुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी ने शानदार जीत दर्ज की थी. टीएमसी को 294 में से 215 वोटों से करीब 48% वोट मिले।
पंजाबी सिंगर दीपा दोसांझ का निधन:इंग्लैंड में आया हार्ट अटैक, जालंधर के रहने वाले; ढोला वे ढोला गीत से मिली थी पहचान

जालंधर के दोसांझ कलां के रहने वाले और पंजाबी सिंगर दीपा दोसांझ का हार्ट अटैक आने से निधन हो गया। ढोला वे ढोला गीत से फेम दीपा इन दिनों इंग्लैंड के लीसेस्टर में रहे थे। मशहूर पंजाबी सिंगर और कंपोजर सुखशिंदर शिंदा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर गायक दीपा दोसांझ के निधन पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने पोस्ट शेयर कर लिखा, आज पंजाबी संगीत जगत ने एक सच्चा रत्न खो दिया। दीपा दोसांझ पंजाबी संगीत जगत और यूके भांगड़ा इंडस्ट्री से जुड़े थे। 90 के दशक के सुपरहिट सिंगर रहे हैं। दीपा ने ढोला वे ढोला जैसे सदाबहार गीतों के जरिए घर-घर में पहचान बनाई थी। जानकारी के अनुसार दीपा दोसांझ का निधन अचानक हेल्थ बिगड़ने के कारण हुआ। सोशल मीडिया और संगीत हलकों में उनके निधन का कारण दिल का दौरा बताया जा रहा है। हालांकि परिवार की ओर से अभी कारण की पुष्टि नहीं की गई है। उनके अचानक निधन से न केवल उनके फैंस बल्कि पूरा पंजाबी कलाकार भाईचारा सदमे में है। जालंधर के दोसांझ कलां से था गहरा नाता दीपा दोसांझ मूल रूप से पंजाब के जालंधर जिले के मशहूर गांव दोसांझ कलां से ताल्लुक रखते थे। हालांकि वे लंबे समय से ब्रिटेन में बस गए थे, लेकिन उन्होंने अपनी गायकी में हमेशा पंजाब की मिट्टी की महक को जिंदा रखा। गौरतलब है कि इसी गांव से मशहूर ग्लोबल स्टार दिलजीत दोसांझ भी आते हैं। दीपा ने दिलजीत से पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोसांझ नाम को बड़ी पहचान दिला दी थी। 90 के दशक के अंत में संगीत की दुनिया में आए दीपा दोसांझ को उनके हाई-पिच गायन और पारंपरिक बोलियों के लिए जाना जाता था। उन्होंने 90 के दशक के अंत में संगीत की दुनिया में कदम रखा और ढोला वे ढोला एल्बम से रातों-रात स्टार बन गए। उनके नसीबा, जी करदा, वधाइयां और दीपा बोलियां जैसे गाने आज भी शादियों और पार्टियों की जान हैं। उन्होंने बड़े म्यूजिक प्रोड्यूसर्स के साथ मिलकर यूके भांगड़ा सीन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देने वालों का लगा तांता दीपा के निधन की खबर फैलते ही फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) पर प्रशंसकों और साथी कलाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि देना शुरू कर दिया है। प्रशंसकों का कहना है कि दीपा दोसांझ की आवाज ने एक पूरे दौर को नई पहचान दी थी और उनके जाने से पंजाबी लोक संगीत के एक युग का अंत हो गया है।
इस मौसमी फल के बीजों को न समझें बेकार, कई बीमारियों का डटकर करता है सामना! गर्मी में बेहद फायदेमंद

Last Updated:April 06, 2026, 16:56 IST Health Tips: आज भी लोग कई सारी बीमारियों में आयुर्वेदिक औषधीयों पर भरोसा करते हैं, क्योंकि आयुर्वेद में हर मर्ज का इलाज है. ऐसी ही एक औषधि है खरबूजे का फल और बीज, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद ही फायदेमंद है. इसमें बहुत सारे पोषक तत्त्व मौजूद होते हैं, जिसके इस्तेमाल से शरीर के कई रोगों से छुटकारा पाया जा सकता है. प्रकृति ने हमें कई ऐसे फल दिए हैं, जो स्वाद के साथ सेहत का भी खजाना है. उन्हीं में से एक है खरबूजा, जो गर्मियों क़े दिनों मे अधिक पाया जाता है. लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं, लेकिन अक्सर इसके बीजों को बेकार समझकर फेंक देते हैं. जबकि आयुर्वेद के अनुसार, खरबूजे का गूदा ही नहीं, इसके बीज भी शरीर के लिए बेहद लाभकारी होते हैं. खरबूजे का पारंपरिक रूप से उपयोग कर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने व शरीर को स्वस्थ रखने के अलावा यह कई कभी बीमारियों से बचाता है. जिला अस्पताल बाराबंकी के चिकित्सक डॉक्टर अमित वर्मा एमडी मेडिसिन ने बताया कि खरबूजा एक ऐसा फल है, जो गर्मियों के दिनों में पाया जाता है. इसमें बहुत सारे औषधीय गुण पाए जाते हैं. इसका फल ही नहीं, इसके बीज भी हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद है, क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन-ए, सी, पोटैशियम, फोलेट और आहार फाइबर होता है. खरबूजे के बीज में प्रोटीन, वसा, खनिज, मैग्नीशियम, पोटेशियम, जिंक, आयरन और विटामिन-ए, सी, ई जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमें कई बीमारियों से बचाते हैं. बस इसका सही से इस्तेमाल करने की जरूरत है. पेशाब अगर रुक-रुक कर आती है, वहां पर खरबूजे के फल का सेवन करना चाहिए. इससे मूत्र संस्थान की सारी समस्याओं का निवारण होता है. खरबूजे की बीज में मिश्री और काली मिर्च मिलाकर खिलाने से पेशाब की वृद्धि होती है और मूत्र विकार का खत्म होते हैं. इसके बीज को पीसकर, दूध में मिलाकर पीने से मूत्रनली की जलन शांत होती है. Add News18 as Preferred Source on Google स्किन की समस्या में फायदेमंद: खरबूजे के बीजों और फल के छिलकों को पीसकर चेहरे पर लगाने से चेहरे के दाग, झांई आदि मिट जाते हैं. यह प्रयोग चेहरे को कोमल बनाता है और चेहरे पर चमक लाता है. किडनी स्टोन में फायदेमंद: गूर्दे में दर्द होने का मुख्य कारण है पथरी का होना. खरबूज में पथरी को गलाने की शक्ति होती है. खरबूज के 5-10 ग्राम बीजों को पीसकर पानी में मिलाकर सेवन करने से गुर्दे के दर्द में आराम मिलता है. इससे पथरी भी गलकर निकल जाती है. लू की समस्या में फायदेमंद: गर्मियों में अक्सर लू लगने की समस्या होती है. लू लगने पर खरबूज के बीजों को पीसकर सिर पर और सारे शरीर पर लगाएं. इससे लू के कारण होने वाली जलन, दर्द और बुखार आदि समस्याएं ठीक होती हैं और शरीर में ठंडक मिलती है. पेट की समस्या में फायदेमंद: अक्सर छोटे बच्चों का पेट फूल जाता है और दर्द करने लगता है. बच्चा बहुत रोता है. ऐसे में समझ नहीं आता कि बच्चा क्यों रो रहा है. ऐसी हालत में खरबूजे के बीज को पीसकर गुनगुना करके बच्चे के पेट पर लेप करने से पेट की गैस निकल जाती है और दर्द में आराम मिलता है. पेशाब की समस्या में फायदेमंद: पेशाब अगर रुक-रुक कर आती है, वहां पर खरबूजे के फल का सेवन करना चाहिए. इससे मूत्र संस्थान की सारी समस्याओं का निवारण होता है. खरबूजे के बीज में मिश्री और काली मिर्च मिलाकर खिलाने से पेशाब की वृद्धि होती है और मूत्र विकार का खत्म होते हैं. इसके बीज को पीसकर, दूध में मिलाकर पीने से मूत्रनली की जलन शांत होती है. First Published : April 06, 2026, 16:56 IST
भिंड में बारिश-ओलावृष्टि का कहर, बिजली के खंभे टूटे:कांग्रेस ने मुआवजा और सर्वे की उठाई मांग, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

भिंड जिले में हाल ही में हुई ओलावृष्टि और तेज बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। गोहद, मौ, रौन, अटेर, मिहोना, लहार सहित भिंड के कई इलाकों में तैयार खड़ी गेहूं की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। इसको लेकर जिला कांग्रेस कमेटी भिंड शहर ने जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के नेतृत्व में प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर किसानों को शीघ्र मुआवजा दिलाने की मांग उठाई। ज्ञापन में बताया गया कि ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों की स्थिति बेहद चिंताजनक है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार उत्पादन में भारी गिरावट आई है, जिससे किसान आर्थिक संकट में आ गए हैं। कांग्रेस ने प्रशासन से मांग की है कि फसलों का तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। कई जगह बिजली के खंभे और लाइनें क्षतिग्रस्त इसके अलावा तेज आंधी-बारिश के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिरने से बिजली के खंभे और लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति बाधित है। कांग्रेस ने इन्हें जल्द से जल्द दुरुस्त कराने की मांग भी उठाई। ज्ञापन में मालनपुर स्थित वन स्टॉप सेंटर में एक नाबालिग बालिका के साथ मारपीट कर उसे बाथरूम में बंद करने की घटना को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। वहीं, प्राकृतिक आपदा के चलते कई स्थानों पर मकान गिरने से जनहानि हुई है और लोग घायल हुए हैं। कांग्रेस ने मृतकों के परिजनों और घायलों को शासन की ओर से उचित आर्थिक सहायता देने की मांग भी रखी। ज्ञापन सौंपने के दौरान पूर्व विधानसभा प्रत्याशी डॉ. राधेश्याम शर्मा, वरिष्ठ नेता रामहर्ष सिंह कुशवाह, नगर कांग्रेस अध्यक्ष संतोष त्रिपाठी, समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Mandla Road Work Danger | Poles, Trees Left Mid-Street

मंडला शहर में नगर पालिका की ओर से करीब 5 करोड़ रुपए की लागत से सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। इसी काम के तहत नेहरू स्मारक से बिंझिया तिराहा तक 94 लाख रुपए की लागत से 800 मीटर लंबी सड़क का डामरीकरण और चौड़ीकरण किया जा रहा है। लेकिन इस निर्माण कार्य . सड़क बनाते समय रास्ते में आने वाले बिजली के खंभों और पेड़ों को हटाया ही नहीं गया और उनके आसपास ही डामर बिछा दिया गया। अब ये पेड़ और खंभे सड़क के बिल्कुल बीच में आ गए हैं, जो आने-जाने वाले वाहनों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के अंधेरे में या तेज रफ्तार गाड़ियों के इनसे टकराने से कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने जताई भारी नाराजगी शहर के लोगों ने इस काम को लेकर काफी गुस्सा जाहिर किया है। उनका कहना है कि अगर करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी सड़क सुरक्षित नहीं है, तो ऐसी सड़क का क्या फायदा? लोगों ने इसे जनता की जान के साथ खिलवाड़ बताया है। पेड़ के आसपास डामरीकरण कर दिया गया है। नगर पालिका का क्या है तर्क? नगर पालिका के सीएमओ गजानन नाफड़े का कहना है कि बिजली कंपनी को खंभे हटाने के लिए पहले ही कह दिया गया है और इसके लिए पैसे भी जमा करा दिए गए हैं। उन्होंने सफाई दी कि बारिश शुरू होने से पहले डामर का काम निपटाना जरूरी था, इसलिए काम को बीच में नहीं रोका गया। बिजली के पोल भी नहीं हटाए गए और डामर डाल दिया गया। सवाल अब भी बरकरार अब सवाल यह उठता है कि जब तक सड़क से ये रुकावटें दूर नहीं की गईं, तब तक डामर बिछाने की इतनी जल्दी क्या थी? क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है? फिलहाल यह सड़क लोगों के लिए सुविधा से ज्यादा मुसीबत का सबब बनी हुई है।
कॉकरोच से गलत नहीं डरती लड़कियां…आज के बाद आप भी खाओगे खौफ, जानिए ये कितने खतरनाक

Last Updated:April 06, 2026, 16:23 IST Cockroaches Caused Diseases : क्या आप भी कॉकरोच से डरने वालों का मजाक उड़ाते रहे हैं. अगर ऐसा है तो ये न करें. डॉक्टरों के हिसाब से भी कॉकरोच से डरना जरूरी है. लोकल 18 से आगरा के चिकित्सक डॉ. आशीष मित्तल कहते हैं कि कॉकरोच से टाइफाइड, हैजा (कॉलरा), पेचिश, डायरिया और पेट के गंभीर संक्रमण जैसी बीमारियां हो सकती हैं. इनके मलमूत्र से गंभीर एलर्जी और अस्थमा भी हो सकता है. डॉ. आशीष के मुताबिक, कॉकरोच अपने साथ कई तरह की गंदगी लाते हैं. आगरा. घरों में कॉकरोच दिखना आम बात है. अक्सर कॉकरोच गंदी जगहों से होकर कई बार किचन तक पहुंच जाते है. ये किचन में रखे बर्तन और खाने को दूषित कर सकते हैं, जिससे कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं. आगरा के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आशीष मित्तल बताते हैं कि कॉकरोच से टाइफाइड, हैजा (कॉलरा), पेचिश, डायरिया और पेट के गंभीर संक्रमण जैसी बीमारियां हो सकती हैं. कॉकरोच साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया फैलाते हैंजो दूषित भोजन के माध्यम से पेट में संक्रमण, तेज बुखार, उल्टी और पेट दर्द का कारण बन सकते हैं. डॉ. आशीष बताते हैं कि इनके मलमूत्र से गंभीर एलर्जी और अस्थमा भी हो सकता है. इससे बचने के लिए खाने को ढक कर रखें. बर्तन को इस्तेमाल करने से पहले उन्हें अच्छे से जरूर धुलें. कितना जोखिम डॉ. आशीष के मुताबिक, कॉकरोच अपने साथ कई तरह की गंदगी लाते हैं. खाने के बर्तन को गंदा कर सकते हैं. खुले में रखा खाना भी कॉकरोच के संपर्क में आने से दूषित हो सकता है. ऐसे खाने से टाइफाइड होने का डर रहता है. यदि बुखार, पेट दर्द तीन दिनों से ज्यादा समय तक रहे तो अपने नजदीकी चिकित्सक से परामर्श करना बेहद जरूरी है. कई बार मरीज लापरवाही कर देते हैं जो कई बार जोखिम भरा भी हो सकता है. और क्या करें डॉ. आशीष बताते हैं कि खाना खाने से पहले इस्तेमाल करने वाले बर्तन को अच्छे से जरूर धोएं. हाथों को भी धोकर ही खाना खाना चाहिए. पका हुआ या कच्चा खाना, फल आदि को हमेशा किसी बर्तन से ढक कर रखें. घरों ने यदि कॉकरोच हैं तो उनके रास्तों को ब्लॉक कर दें. किचन में दरार, गड्डों आदि जगहों को बंद कर दें ताकि कॉकरोच या दूसरे कोई कीट वहां छुपे न. बाहर मिलने वाले सोल्यूशन का भी इस्तेमाल कर उन्हें भगाया जा सकता है. About the Author Priyanshu Gupta Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें Location : Agra,Uttar Pradesh First Published : April 06, 2026, 16:23 IST









