Tuesday, 25 Aug 2026 | 07:47 AM

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एक्ट्रेस करिश्मा तन्ना ने प्रेग्नेंसी की खबर साझा की:पति वरुण बंगेरा के साथ खुशी जताई; फैंस और सेलेब्स ने दी बधाइयां

एक्ट्रेस करिश्मा तन्ना ने प्रेग्नेंसी की खबर साझा की:पति वरुण बंगेरा के साथ खुशी जताई; फैंस और सेलेब्स ने दी बधाइयां

एक्ट्रेस करिश्मा तन्ना ने अपने फैंस को बड़ी खुशखबरी दी है। एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी पहली प्रेग्नेंसी अनाउंस की है। उन्होंने अपने पति वरुण बंगेरा के साथ एक बेहद प्यारा पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने इस नए सफर को लिटल मिरैकल बताया। इस पोस्ट के साथ उन्होंने संकेत दिया कि उनके घर अगस्त 2026 में नन्हा मेहमान आने वाला है। करिश्मा ने इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए फोटोशूट में अपनी प्रेग्नेंसी की झलक दिखाई। इस पोस्ट में कपल बेहद खुश नजर आ रहा है और उनके चेहरे पर पैरेंट्स बनने की एक्साइटमेंट साफ दिखती है। एक्ट्रेस ने कैप्शन में लिखा है- ए लिटल मिरैकल इज ऑन द वे। यह खबर सामने आते ही फैंस और सेलेब्स ने उन्हें बधाइयों से घेर लिया। इंडस्ट्री के कई सितारों ने कमेंट कर अपनी खुशी जाहिर की और इस नए सफर के लिए शुभकामनाएं दीं। करिश्मा और वरुण ने अब तक अपनी पर्सनल लाइफ को काफी प्राइवेट रखा है, ऐसे में यह अनाउंसमेंट उनके फैंस के लिए खास बन गया है। गौरतलब है कि करिश्मा तन्ना 42 साल की उम्र में पहली बार मां बनने जा रही हैं। आजकल 40 की उम्र के बाद प्रेग्नेंसी का ट्रेंड बढ़ रहा है, हालांकि इसे मेडिकल भाषा में “एडवांस्ड मैटरनल एज” माना जाता है। डॉक्टरों के मुताबिक सही देखभाल और मेडिकल सपोर्ट के साथ इस उम्र में भी सुरक्षित प्रेग्नेंसी संभव है। करिश्मा और वरुण ने साल 2022 में शादी की थी और अब शादी के करीब चार साल बाद दोनों अपने पहले बच्चे का स्वागत करने जा रहे हैं। यह उनके जीवन का एक नया और खास पड़ाव है, जिसे लेकर दोनों बेहद उत्साहित हैं। फिलहाल करिश्मा इस फेज को एंजॉय कर रही हैं और अपने परिवार के साथ समय बिता रही हैं। उनके फैंस अब अगस्त 2026 का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जब यह कपल अपने पहले बच्चे का स्वागत करेगा।

एक्ट्रेस करिश्मा तन्ना ने प्रेग्नेंसी की खबर साझा की:पति वरुण बंगेरा के साथ खुशी जताई; फैंस और सेलेब्स ने दी बधाइयां

एक्ट्रेस करिश्मा तन्ना ने प्रेग्नेंसी की खबर साझा की:पति वरुण बंगेरा के साथ खुशी जताई; फैंस और सेलेब्स ने दी बधाइयां

एक्ट्रेस करिश्मा तन्ना ने अपने फैंस को बड़ी खुशखबरी दी है। एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी पहली प्रेग्नेंसी अनाउंस की है। उन्होंने अपने पति वरुण बंगेरा के साथ एक बेहद प्यारा पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने इस नए सफर को लिटल मिरैकल बताया। इस पोस्ट के साथ उन्होंने संकेत दिया कि उनके घर अगस्त 2026 में नन्हा मेहमान आने वाला है। करिश्मा ने इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए फोटोशूट में अपनी प्रेग्नेंसी की झलक दिखाई। इस पोस्ट में कपल बेहद खुश नजर आ रहा है और उनके चेहरे पर पैरेंट्स बनने की एक्साइटमेंट साफ दिखती है। एक्ट्रेस ने कैप्शन में लिखा है- ए लिटल मिरैकल इज ऑन द वे। यह खबर सामने आते ही फैंस और सेलेब्स ने उन्हें बधाइयों से घेर लिया। इंडस्ट्री के कई सितारों ने कमेंट कर अपनी खुशी जाहिर की और इस नए सफर के लिए शुभकामनाएं दीं। करिश्मा और वरुण ने अब तक अपनी पर्सनल लाइफ को काफी प्राइवेट रखा है, ऐसे में यह अनाउंसमेंट उनके फैंस के लिए खास बन गया है। गौरतलब है कि करिश्मा तन्ना 42 साल की उम्र में पहली बार मां बनने जा रही हैं। आजकल 40 की उम्र के बाद प्रेग्नेंसी का ट्रेंड बढ़ रहा है, हालांकि इसे मेडिकल भाषा में “एडवांस्ड मैटरनल एज” माना जाता है। डॉक्टरों के मुताबिक सही देखभाल और मेडिकल सपोर्ट के साथ इस उम्र में भी सुरक्षित प्रेग्नेंसी संभव है। करिश्मा और वरुण ने साल 2022 में शादी की थी और अब शादी के करीब चार साल बाद दोनों अपने पहले बच्चे का स्वागत करने जा रहे हैं। यह उनके जीवन का एक नया और खास पड़ाव है, जिसे लेकर दोनों बेहद उत्साहित हैं। फिलहाल करिश्मा इस फेज को एंजॉय कर रही हैं और अपने परिवार के साथ समय बिता रही हैं। उनके फैंस अब अगस्त 2026 का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जब यह कपल अपने पहले बच्चे का स्वागत करेगा।

सीधी में 6000 वर्गमीटर में भाजपा का हाईटेक भवन:डेढ़ करोड़ की लागत से बनेगा, सांसद-विधायक ने किया भूमिपूजन

सीधी में 6000 वर्गमीटर में भाजपा का हाईटेक भवन:डेढ़ करोड़ की लागत से बनेगा, सांसद-विधायक ने किया भूमिपूजन

सीधी शहर में भारतीय जनता पार्टी के नए जिला कार्यालय के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। सोमवार को भारत होटल के पास स्थित शासकीय जमीन पर विधिवत भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम सुबह 11:00 बजे शुरू हुआ, जिसमें जिले और प्रदेश स्तर के कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे। भूमिपूजन कार्यक्रम में सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, सीधी विधायक रीती पाठक, धौहनी विधायक कुंवर सिंह टेकाम, सिहावल विधायक विश्वामित्र पाठक और भाजपा जिलाध्यक्ष देव कुमार सिंह चौहान प्रमुख रूप से मौजूद थे। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस कार्यक्रम से जुड़े। उन्होंने एक साथ प्रदेश के 18 जिलों में भाजपा कार्यालयों के भूमिपूजन कार्यक्रमों में सहभागिता की, जिसमें सीधी जिला भी शामिल था। भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी सुरेंद्र मणि द्विवेदी ने बताया कि सीधी में बनने वाला यह कार्यालय लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा। यह भवन करीब 6000 वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित होगा और आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। प्रस्तावित भवन में एक विशाल मीटिंग हॉल, कॉन्फ्रेंस रूम, डिजिटल सुविधाएं, कंप्यूटर कक्ष और कार्यकर्ताओं के लिए व्यवस्थित बैठने की जगह शामिल होगी। इसमें छोटे गेस्ट रूम भी बनेगा। कार्यालय संगठनात्मक गतिविधियों के साथ-साथ पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण और विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन का केंद्र भी बनेगा। भवन का निर्माण कार्य करीब एक वर्ष में पूरा होने की उम्मीद है।

क्या डायबिटीज के मरीज ब्रेड खा सकते हैं? डॉक्टर आशीष सहगल ने बताई हकीकत, देखें वीडियो

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  Bread and Diabetes: डायबिटीज के मरीजों के लिए ब्रेड खाने को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं. करनाल के डायबिटीज स्पेशलिस्ट डॉक्टर आशीष सहगल ने अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड एक वीडियो में बताया है कि डायबिटीज में ब्रेड पूरी तरह से प्रतिबंधित नहीं है, लेकिन इसका प्रकार और मात्रा महत्वपूर्ण है. होल ग्रेन ब्रेड या लो-कार्ब ब्रेड को सीमित मात्रा में शामिल किया जा सकता है. नियमित ब्लड शुगर मॉनिटरिंग और संतुलित डाइट के साथ इसे डायबिटीज में सुरक्षित रूप से खाया जा सकता है. अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं, तो आपके लिए यह जानना जरूरी है कि आप ब्रेड खाएं या नहीं.

इंपैक्ट फीचर:अपोलो सेज हॉस्पिटल्स की सौगात, एडवांस्ड लिवर डिजीज एवं ट्रांसप्लांट क्लिनिक का शुभारम्भ; लिवर संबंधी रोगों के उपचार व ट्रांसप्लांट की अनुभवी टीम

इंपैक्ट फीचर:अपोलो सेज हॉस्पिटल्स की सौगात, एडवांस्ड लिवर डिजीज एवं ट्रांसप्लांट क्लिनिक का शुभारम्भ; लिवर संबंधी रोगों के उपचार व ट्रांसप्लांट की अनुभवी टीम

सेंट्रल इंडिया में उत्कृष्ट आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं से अपनी अलग पहचान बना चुके अपोलो सेज हॉस्पिटल्स ने शहर को हार्ट, लंग्स के बाद अब एडवांस्ड लिवर डिजीज एवं ट्रांसप्लांट क्लिनिक की सौगात दी है। लिवर क्लिनिक का उद्धघाटन सेज ग्रुप की मैनेजिंग डायरेक्टर आर्किटेक्ट शिवानी अग्रवाल , डॉ. अभिषेक यादव, सीनियर डायरेक्टर एवं लिवर ट्रांसप्लांटेशन लीड, अपोलो हॉस्पिटल्स, अपोलो सेज के सीईओ धनंजय कुमार, ट्रांसप्लांट टीम व हॉस्पिटल के डॉक्टर्स व स्टाफ की उपस्थिति में हुआ। अपोलो सेज हॉस्पिटल्स, भोपाल अब सॉलिड ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन के लिए एक ट्रांसप्लांट सेंटर बन गया है। लिवर रोग एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसे वैश्विक स्तर पर मृत्यु के ग्यारहवें प्रमुख कारण के रूप में जाना जाता है। सिरोसिस और लिवर कैंसर के कारण हस्तक्षेप की आवश्यकता वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लिवर क्लिनिक के उद्धघाटन की तस्वीरें: सुरक्षित ट्रांसप्लांट सिरोसिस (लिवर ऊतक में स्कारिंग), हेपेटाइटिस B, C, NAFLD तथा अल्कोहल से संबंधित लिवर रोग ट्रांसप्लांट के प्रमुख कारण हैं। गंभीर लिवर रोग से ग्रस्त वे मरीज, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत क्लिनिकल एवं लैबोरेटरी मानकों पर खरे उतरते हैं, उनके लिए लिवर ट्रांसप्लांट ही एकमात्र आशा हो सकती है। अपोलो सेज हॉस्पिटल लिवर रोगों के उपचार और ट्रांसप्लांटेशन में उत्कृष्टता के कारण इसका सर्वोत्तम विकल्प है। अपोलो सेज हॉस्पिटल्स – इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर डिजीज एवं ट्रांसप्लांटेशन में लिवर रोग से पीड़ित मरीजों का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा, जिससे यह निर्धारित किया जा सके कि उन्हें लिवर ट्रांसप्लांट की आवश्यकता है या नहीं, और यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि मरीज सुरक्षित रूप से ट्रांसप्लांट प्रक्रिया से गुजर सके। सेज में विशेषज्ञों की बड़ी टीम ट्रांसप्लांट के विकल्पों में सामान्यतः डीसिज्ड डोनर या लिविंग डोनर लिवर ट्रांसप्लांट शामिल होते हैं। लिवर ट्रांसप्लांट का अर्थ है जीवनभर अपने नए लिवर की देखभाल करना और अपनी लिवर टीम की सलाह का पालन करना। हमारे पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षित सर्जनों, चिकित्सकों, इंटेंसिविस्ट्स और संबंधित विशेषज्ञों की एक बड़ी टीम है, जो इस पूरी प्रक्रिया में मरीजों की सहायता करेगी, विशेष रूप से भोपाल और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के लिए। यह क्लिनिक लिवर से संबंधित विभिन्न रोगों (सिरोसिस, हेपेटाइटिस B,C, क्रॉनिक लिवर डिजीज, अल्कोहल से संबंधित लिवर रोग, फैटी लिवर डिजीज, लिवर फेल्योर और कैंसर) के व्यापक निदान और उपचार की सुविधा प्रदान करेगा। इस विशेष क्लिनिक का नेतृत्व अपोलो ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के विशेषज्ञों की एक योग्य टीम द्वारा किया जाएगा। इस टीम में शामिल हैं- डॉ. अभिषेक यादव, सीनियर डायरेक्टर एवं लिवर ट्रांसप्लांटेशन लीड, अपोलो हॉस्पिटल्स, डॉ. एस. दानिश, GI ऑन्को एवं HPB सर्जन, डॉ. सौरभ दुबे – GI ऑन्को एवं HPB सर्जन, अपोलो सेज हॉस्पिटल्स, भोपाल डॉ. सुदेश शारदा – कंसल्टेंट GI एवं लिवर ट्रांसप्लांट सर्जन, डॉ. अमित सिंह बरफा – कंसल्टेंट हेपेटोलॉजिस्ट एवं लिवर ट्रांसप्लांट फिजिशियन, डॉ. अरुण सिंह – कंसल्टेंट मेडिकल गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी, डॉ. विकास रायकवार – कंसल्टेंट मेडिकल गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी। आधुनिक तकनीकें और उपकरण विशेषज्ञों ने लिवर रोगों की बढ़ती संख्या, आधुनिक तकनीकों, उपकरणों और अपोलो सेज हॉस्पिटल्स, भोपाल में उपलब्ध इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में बताया, जो मरीजों को निश्चित उपचार प्रदान करता है। यह क्लिनिक एंड-टू-एंड लिवर केयर प्रदान करने का उद्देश्य रखता है, जिसमें प्रारंभिक निदान, चिकित्सा प्रबंधन और उन्नत सर्जिकल हस्तक्षेप जैसे लिवर ट्रांसप्लांटेशन शामिल हैं। लॉन्च के अवसर पर अस्पताल लिवर क्लिनिक में पहली OPD कंसल्टेशन एवं सभी डायग्नोस्टिक जांचों पर 50% की छूट दे रहा है, ताकि समय पर जांच और उपचार को बढ़ावा दिया जा सके। सेज ग्रुप के चेयरमैन इंजीनियर संजीव अग्रवाल ने बताया कि अपोलो सेज निरोगी समाज निर्माण की दिशा में निरतंतर प्रयासरत है, गंभीर बीमारी, ट्रांसप्लांट, जटिल सर्जरी के लिए अब मरीजों को शहर के बाहर जाने की जरुरत नहीं पड़ती। मरीजों को दूसरे शहर नहीं जाना पड़ेगा मैनेजिंग डायरेक्टर शिवानी अग्रवाल ने मीडिया को बताया हम हमेशा बेहतर करने के लिए जाने जाते हैं। लिवर क्लिनिक उत्कृष्ट व आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। धनंजय कुमार, CEO अपोलो सेज हॉस्पिटल्स ने लिवर रोगों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अपोलो हॉस्पिटल्स से वरिष्ठ ट्रांसप्लांट सर्जन और हेपेटोलॉजिस्ट के भोपाल आगमन से उन मरीजों को राहत मिलेगी, जिन्हें पहले उपचार के लिए हैदराबाद, चेन्नई या दिल्ली जाना पड़ता था।

राज्यसभा में 19 नए सदस्यों ने शपथ ली:शरद पवार व्हीलचेयर पर पहुंचे; 16 अप्रैल से तीन दिन का विशेष सत्र

राज्यसभा में 19 नए सदस्यों ने शपथ ली:शरद पवार व्हीलचेयर पर पहुंचे; 16 अप्रैल से तीन दिन का विशेष सत्र

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (SP) प्रमुख शरद पवार समेत 19 नए और दोबारा चुने गए राज्यसभा सदस्यों ने सोमवार को शपथ ली। शरद पवार व्हीलचेयर पर शपथ लेने के लिए संसद पहुंचे। शपथ लेने वालों में 5 महाराष्ट्र, 3 ओडिशा, 6 तमिलनाडु और 5 पश्चिम बंगाल के सदस्य है। राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन की मौजूदगी में सभी सदस्यों को शपथ दिलाई गई। 16 अप्रैल से तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया गया है। दरअसल, 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटें 2 अप्रैल को खाली हुई थीं। इन सीटों के 26 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए थे, जबकि बाकी 11 सीटों पर 16 मार्च को वोटिंग हुई। शपथग्रहण की दो तस्वीरें… इन सदस्यों ने शपथ ली… 16 अप्रैल से राज्यसभा का विशेष सत्र सांदसों के शपथ ग्रहण का आयोजन ऐसे समय हुआ, जब संसद का सत्र नहीं चल रहा है। हालांकि इस मौके पर उप सभापति हरिवंश और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू भी मौजूद थे। किरेन रिजिजू ने महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर सभी दलों से साथ आने की अपील की। महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर संसद का विशेष सत्र 16 अप्रैल से बुलाया जाएगा। 16, 17 और 18 अप्रैल को सदन में महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े अहम बिल पर चर्चा की जाएगी। वर्तमान में लोकसभा में 543 सीटें हैं। प्रस्तावित 50% की बढ़ोतरी के साथ सीटों की संख्या बढ़कर 816 हो जाएगी, जिसमें से 273 (करीब एक तिहाई) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। सरकार ने 2023 में संसद के विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण विधेयक पेश किया था। उसी दौरान इस बिल को आधिकारिक रूप से ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ कहा गया। किरेन रिजिजू ने कहा कि यह मुद्दा किसी एक दल का नहीं, बल्कि पूरे देश का है और इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस और कुछ अन्य दल अभी आगे नहीं आए हैं, लेकिन उनसे विरोध की उम्मीद नहीं है। 16 मार्च: राज्यसभा चुनाव में NDA ने 11 में 9 सीटें जीतीं, 26 सांसद निर्विरोध चुने गए थे हरियाणा, बिहार और ओडिशा की 11 राज्यसभा सीटों पर चुनाव हुआ था। इनमें 9 सीटों पर NDA कैंडिडेट्स या NDA समर्थित कैंडिडेट्स ने जीत दर्ज की थी। कांग्रेस और बीजू जनता दल (BJD) ने एक-एक सीट पर जीत हासिल की। राज्यवार सीटों की बात करें तो बिहार की सभी पांचों सीटों पर NDA प्रत्याशी विजयी रहे। ओडिशा की 4 सीटों में से 3 NDA और 1 बीजद उम्मीदवार ने जीती। हरियाणा की दो सीटों में से एक पर भाजपा और एक पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की। पूरी खबर पढ़ें… ———– ये खबर भी पढ़ें… राज्यसभा की 37 सीटों पर 16 मार्च को चुनाव:इनमें 25 सीटें विपक्ष, एनडीए की 12; पवार, सिंघवी का कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहा चुनाव आयोग ने 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया। 37 सीटों के लिए 16 मार्च को चुनाव कराया जाएगा। जो सीटें खाली हो रही हैं उनमें 12 एनडीए के पास हैं, 25 पर विपक्ष का कब्जा है। पूरी खबर पढ़ें…

45 की उम्र के बाद महिलाओं में क्यों बढ़ता है लिवर फैट? डॉक्टर ने बताई असली वजह और बचाव के तरीके

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Last Updated:April 06, 2026, 15:42 IST Menopause and Fatty Liver: महिलाओं में 45 की उम्र के बाद हार्मोनल बदलाव होने लगता है, जिसके कारण लिवर में फैट तेजी से बढ़ने लगता है. एस्ट्रोजन का स्तर घटने से फैट पेट और आंतरिक अंगों के आसपास जमा होता है, जिससे इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है और फैटी लिवर का खतरा बढ़ जाता है. समय पर जागरुकता से इस समस्या से बचा जा सकता है. मेनोपॉज के बाद महिलाओं में फैटी लिवर का खतरा बढ़ जाता है. Fatty Liver Risk in Women: हमारे शरीर में उम्र के अनुसार बदलाव होते रहते हैं. 45 की उम्र के बाद महिलाओं के शरीर में बेहद तेजी से बदलाव होने लगते हैं, जिनका असर सिर्फ हार्मोन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे मेटाबॉलिज्म पर पड़ता है. खासकर मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम होने लगता है, जिससे शरीर में फैट के जमाव का पैटर्न बदल जाता है. यही कारण है कि इस उम्र के बाद कई महिलाओं में लिवर फैट तेजी से बढ़ने लगता है, जो गंभीर समस्या पैदा कर सकता है. चेन्नई की सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. कनगा लक्ष्मी ने HT को बताया कि मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन का स्तर घटने से शरीर में फैट का वितरण प्रभावित होता है. पहले जो फैट शरीर के बाहरी हिस्सों जैसे हिप्स और जांघों में जमा होता था, वह अब पेट और आंतरिक अंगों के आसपास जमा होने लगता है. यह विसरल फैट ज्यादा खतरनाक होता है और लिवर पर सीधा असर डालता है. इसी बदलाव के कारण महिलाओं में फैटी लिवर का खतरा बढ़ जाता है. हार्मोनल बदलाव के साथ शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस भी बढ़ने लगता है. जब शरीर इंसुलिन का सही तरीके से उपयोग नहीं कर पाता, तो ब्लड शुगर का स्तर असंतुलित हो जाता है. इससे मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है और एक्स्ट्रा फैट लिवर में जमा होने लगता है, जिससे फैटी लिवर डिजीज का खतरा बढ़ जाता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डॉक्टर के अनुसार फैटी लिवर की समस्या शुरुआती स्टेज में अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के बढ़ती है. कई महिलाओं का वजन सामान्य रहता है, इसलिए वे इसे गंभीरता से नहीं लेतीं. हालांकि अंदरूनी फैट धीरे-धीरे लिवर में जमा होता रहता है, जिससे समय पर इसका पता नहीं चल पाता और बाद में यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है. दरअसल मेनोपॉज से पहले एस्ट्रोजन महिलाओं को एक तरह का सुरक्षा कवच देता है, जिससे वे मेटाबॉलिक बीमारियों से कुछ हद तक सुरक्षित रहती हैं. मेनोपॉज के बाद यह सुरक्षा खत्म हो जाती है. इसके बाद महिलाओं में न केवल फैटी लिवर बल्कि दिल की बीमारी और स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है. कुछ मामलों में यह जोखिम पुरुषों से भी ज्यादा हो सकता है. फैटी लिवर के लक्षण साफ नहीं होते, लेकिन कुछ संकेत इस ओर इशारा कर सकते हैं. जैसे बिना ज्यादा वजन बढ़े पेट का घेरा बढ़ना, लगातार थकान रहना, लिवर एंजाइम्स का बढ़ना या पहले से PCOS, डायबिटीज या हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या होना. ये सभी संकेत बताते हैं कि शरीर में मेटाबॉलिक असंतुलन बढ़ रहा है. इस समस्या से बचने के लिए लाइफस्टाइल में सुधार बेहद जरूरी है. संतुलित और प्रोटीन युक्त आहार लेना, नियमित रूप से स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और एरोबिक एक्सरसाइज करना, पर्याप्त नींद लेना और तनाव को नियंत्रित रखना काफी मददगार साबित होता है. इसके साथ ही समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराना भी जरूरी है, ताकि समस्या को शुरुआती स्टेज में ही पकड़ा जा सके. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 06, 2026, 15:42 IST

Health Tips: अनिद्रा और माइग्रेन से परेशान? रात को दूध में ये चीज मिलाकर पिएं, मिलेगी गहरी और सुकून भरी नींद

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Last Updated:April 06, 2026, 15:34 IST Health Tips: अनिद्रा और माइग्रेन जैसी समस्याएं आजकल आम हो गई हैं, जिससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित होती है। ऐसे में एक आसान घरेलू उपाय काफी फायदेमंद हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, रात को सोने से पहले गुनगुने दूध में जायफल मिलाकर पीने से नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है और माइग्रेन में भी राहत मिल सकती है। जायफल में मौजूद प्राकृतिक गुण तनाव को कम करने और दिमाग को शांत करने में मदद करते हैं। नियमित रूप से इस उपाय को अपनाने से शरीर को आराम मिलता है और नींद गहरी आती है. अनिद्रा और माइग्रेन की समस्या लोगों में बढ़ती जा रही है. इसके लिए हल्दी वाला दूध बहुत फायदेमंद माना जाता है. आयुर्वेदिक डॉक्टर महेश कुमार ने बताया कि यह घरेलू उपाय बहुत कारगर होता है. उन्होंने बताया कि आयुर्वेद में हल्दी को प्राकृतिक एंटीसेप्टिक, एंटीऑक्सीडेंट और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला तत्व बताया गया है. दूध के साथ इसका सेवन करने से शरीर को अंदर से पोषण मिलता है और मानसिक तनाव भी कम होता है, जिससे नींद बेहतर होती है. माइग्रेन और अनिद्रा के रोगियों के लिए हल्दी वाला दूध विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है. हल्दी में मौजूद करक्यूमिन तत्व सूजन को कम करता है और सिरदर्द में राहत देता है. रोजाना सोने से पहले गुनगुना हल्दी दूध पीने से दिमाग शांत होता है, जिससे गहरी और सुकून भरी नींद आने में मदद मिलती है. यह आदत लंबे समय में नींद की कमी की समस्या को भी सुधार सकती है. इसके अलावा यह पाचन तंत्र की समस्याओं जैसे गैस, अपच और कब्ज में भी हल्दी वाला दूध फायदेमंद साबित होता है. हल्दी पाचन क्रिया को सुधारती है और आंतों को स्वस्थ रखने में मदद करती है. यदि दूध में थोड़ी सी मिश्री या शहद मिलाकर पिया जाए तो इसका स्वाद भी बढ़ जाता है और पेट से जुड़ी परेशानियों में जल्दी राहत मिलती है. इसके नियमित सेवन से पेट साफ रहने लगता है. Add News18 as Preferred Source on Google आयुर्वेदिक डॉक्टर ने बताया कि हल्दी वाला दूध केवल बड़ों के लिए ही नहीं बल्कि बच्चों की इम्युनिटी बढ़ाने में भी कारगर औषधि है. बदलते मौसम में बच्चों को सर्दी-खांसी और वायरल संक्रमण का खतरा अधिक रहता है. ऐसे में रात को हल्दी वाला दूध देने से उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है. इससे शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और वे बीमारियों से लड़ने में सक्षम बनते हैं. इसके अलावा चोट, सूजन और शरीर दर्द में भी हल्दी दूध काफी असरकारक माना जाता है. हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो अंदरूनी चोटों और मांसपेशियों के दर्द को कम करने में मदद करते हैं. खेल-कूद या दिनभर की थकान के बाद रात को हल्दी वाला दूध पीने से शरीर को आराम मिलता है और रिकवरी जल्दी होती है. डॉक्टर भी आमतौर पर ऐसी स्थिति में हल्दी वाला दूध पीने की सलाह देते हैं. आयुर्वेदिक डॉक्टर नरेंद्र कुमार ने बताया कि इस गैस और कब्ज की परेशानी में भी हल्दी दूध पीने से आराम मिलता है. उन्होंने बताया कि कब्ज के दौरान दूध नॉर्मल टेम्प्रेचर का होना चाहिए ज्यादा गर्म नहीं. रोज रात को हल्दी वाले दूध में 2-3 दाने चीनी या मिश्री के डालकर सोएं. कुछ ही दिनों में कब्ज और गैस की परेशानी से राहत मिल जाएगी. First Published : April 06, 2026, 15:34 IST

जंगली समझकर उखाड़ देते हैं लोग, इस देसी पौधे के फायदे जानकर चौंक जाएंगे

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X जंगली समझकर उखाड़ देते हैं लोग, इस देसी पौधे के फायदे जानकर चौंक जाएंगे   आयुर्वेद में निर्गुंडी को एक बेहद प्रभावशाली औषधीय पौधा माना जाता है, जिसे अक्सर लोग जंगली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. पांच पत्तों वाला यह पौधा भारत के कई हिस्सों, खासकर विंध्य क्षेत्र में आसानी से मिल जाता है. एक्सपर्ट के अनुसार, निर्गुंडी सिरदर्द, खांसी, बुखार, पेट की समस्या, लीवर से जुड़ी दिक्कतों और मासिक धर्म की अनियमितता में लाभकारी माना जाता है. इसके पत्तों, जड़ों और बीजों का उपयोग अलग-अलग तरीकों से किया जाता है, जैसे काढ़ा, लेप, चूर्ण और तेल. साइटिका, गठिया, त्वचा रोग और कान बहने जैसी समस्याओं में भी इसके उपयोग बताए गए हैं. हालांकि, किसी भी औषधीय पौधे का सेवन करने से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है, ताकि सही मात्रा और उपयोग से ही लाभ मिल सके.

दिल्ली विधानसभा का बैरियर तोड़कर घुसी कार:VIP गेट से एंट्री की, ड्राइवर ने गुलदस्ता रखा और फरार हुआ

दिल्ली विधानसभा का बैरियर तोड़कर घुसी कार:VIP गेट से एंट्री की, ड्राइवर ने गुलदस्ता रखा और फरार हुआ

दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में सोमवार दोपहर चूक हुई है। अज्ञात कार सवार वीआईपी गेट नंबर 2 की बैरिकेडिंग तोड़कर अंदर घुसा। सूत्रों के मुताबिक, कार चालक ने अंदर गुलदस्ता रखा और मौके से कार लेकर फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलने पर दिल्ली पुलिस कार की तलाश में जुटी गई है। घटना की 3 तस्वीरें… खबर लगातार अपडेट की जा रही है…