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केरल चुनाव 2026: कांग्रेस दक्षिण में बढ़त के लिए तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर क्यों भरोसा कर रही है | हैदराबाद-न्यूज़ न्यूज़

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आखरी अपडेट:07 अप्रैल, 2026, 12:09 IST राजनीतिक विश्लेषक इस अभियान को दक्षिणी राज्यों में अपनी उपस्थिति मजबूत करने की कांग्रेस की व्यापक रणनीति के हिस्से के रूप में देखते हैं। नेताओं का मानना ​​है कि रेड्डी कैडर को सक्रिय करने में मदद कर सकते हैं तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस कदम का स्वागत किया है, इसे पार्टी की बढ़ती राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा का संकेत माना जा रहा है। (पीटीआई फाइल फोटो) तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केरल में अपना अभियान शुरू कर दिया है, जो राज्य में कांग्रेस के चुनावी अभियान में एक महत्वपूर्ण क्षण है। वह पूरे दिन तीन निर्वाचन क्षेत्रों – कोवलम, मवेलिककारा और पथनापुरम में रोड शो करेंगे। अभियान सुबह 8.30 बजे कोवलम में शुरू हुआ, उसके बाद सुबह 10.30 बजे मावेलिककारा में शुरू हुआ और दोपहर 2 बजे पथानापुरम में समाप्त होगा। अपनी ऊर्जावान और भीड़ खींचने वाली प्रचार शैली के लिए जाने जाने वाले रेवंत रेड्डी की यात्रा ने केरल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह पैदा किया है। प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों में हाई-स्टेक रोड शो अपने समुद्र तटों के लिए मशहूर पर्यटन केंद्र कोवलम में भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है क्योंकि लोग तेलंगाना के मुख्यमंत्री को देखने के लिए इकट्ठा होंगे। रोड शो के दौरान, रेवंत रेड्डी द्वारा स्थानीय मुद्दों को संबोधित करने और विकास प्राथमिकताओं की रूपरेखा तैयार करने की संभावना है, जिसका उद्देश्य कांग्रेस उम्मीदवारों के लिए समर्थन बढ़ाना है। राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र मावेलिककारा में भी उत्साह बढ़ा हुआ देखा जा रहा है। पार्टी नेताओं का मानना ​​है कि रेवंत रेड्डी की प्रचार शैली, तेलंगाना में उनके शासन रिकॉर्ड के साथ मिलकर, मतदाताओं को पसंद आ सकती है। अभियान के दौरान स्थानीय कांग्रेस नेताओं के उनके साथ शामिल होने की उम्मीद है। दौरे के अंतिम चरण में पथानापुरम में भी भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है, केरल कांग्रेस के नेता भव्य स्वागत की तैयारी कर रहे हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह दौरा चुनाव अभियान में नई ऊर्जा का संचार कर सकता है। कांग्रेस की निगाहें दक्षिणी मोर्चे पर राजनीतिक पर्यवेक्षक इस अभियान को दक्षिणी राज्यों में अपनी उपस्थिति मजबूत करने की कांग्रेस की व्यापक रणनीति के हिस्से के रूप में देखते हैं। नेताओं का मानना ​​है कि रेवंत रेड्डी जैसे हाई-प्रोफाइल प्रचारक कैडर को सक्रिय करने और मतदाता भावना को प्रभावित करने में मदद कर सकते हैं। केरल में एक कांग्रेस नेता ने कहा, “इस यात्रा से पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा। लोगों से जुड़ने की उनकी क्षमता चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।” यह यात्रा केरल से परे भी ध्यान खींच रही है। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस कदम का स्वागत किया है, इसे पार्टी की बढ़ती राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा का संकेत माना जा रहा है। रेवंत रेड्डी की पहुंच के प्रभाव को लेकर हैदराबाद में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। पर्यवेक्षकों का कहना है कि यह अभियान दक्षिणी राज्यों में राजनीतिक संबंधों को मजबूत कर सकता है और राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस पार्टी की स्थिति को बढ़ा सकता है। प्रमुख मुद्दों पर ध्यान दें अपने अभियान के दौरान, रेड्डी से विकास, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा जैसे मुद्दों को उजागर करने की उम्मीद है, जो केरल में मतदाताओं के बीच गूंजने की संभावना है। इस यात्रा को आगामी चुनावों के लिए शुरुआती जमीनी कार्य के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें कांग्रेस का लक्ष्य क्षेत्र में गति बनाना है। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना ​​है कि अब मजबूत प्रचार अभियान आने वाले महीनों में चुनावी नतीजों को आकार दे सकता है। कुल मिलाकर, रेवंत रेड्डी का केरल अभियान कांग्रेस की दक्षिणी रणनीति में एक महत्वपूर्ण क्षण है, क्योंकि वह अपने पदचिह्न का विस्तार करना और राजनीतिक जमीन हासिल करना चाहती है। पहले प्रकाशित: 07 अप्रैल, 2026, 12:09 IST समाचार शहर हैदराबाद-समाचार केरल चुनाव 2026: दक्षिणी बढ़त के लिए कांग्रेस तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर क्यों भरोसा कर रही है? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। अभियान सुबह 8.30 बजे कोवलम में शुरू हुआ, उसके बाद सुबह 10.30 बजे मावेलिककारा में शुरू हुआ और दोपहर 2 बजे पथानापुरम में समाप्त होगा। अपनी ऊर्जावान और भीड़ खींचने वाली प्रचार शैली के लिए जाने जाने वाले रेवंत रेड्डी की यात्रा ने केरल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह पैदा किया है। प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों में हाई-स्टेक रोड शो अपने समुद्र तटों के लिए मशहूर पर्यटन केंद्र कोवलम में भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है क्योंकि लोग तेलंगाना के मुख्यमंत्री को देखने के लिए इकट्ठा होंगे। रोड शो के दौरान, रेवंत रेड्डी द्वारा स्थानीय मुद्दों को संबोधित करने और विकास प्राथमिकताओं की रूपरेखा तैयार करने की संभावना है, जिसका उद्देश्य कांग्रेस उम्मीदवारों के लिए समर्थन बढ़ाना है। राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र मावेलिककारा में भी उत्साह बढ़ा हुआ देखा जा रहा है। पार्टी नेताओं का मानना ​​है कि रेवंत रेड्डी की प्रचार शैली, तेलंगाना में उनके शासन रिकॉर्ड के साथ मिलकर, मतदाताओं को पसंद आ सकती है। अभियान के दौरान स्थानीय कांग्रेस नेताओं के उनके साथ शामिल होने की उम्मीद है। दौरे के अंतिम चरण में पथानापुरम में भी भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है, केरल कांग्रेस के नेता भव्य स्वागत की तैयारी कर रहे हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह दौरा चुनाव अभियान में नई ऊर्जा का संचार कर सकता है। कांग्रेस की निगाहें दक्षिणी मोर्चे पर राजनीतिक पर्यवेक्षक इस अभियान को दक्षिणी राज्यों में अपनी उपस्थिति मजबूत करने की कांग्रेस की व्यापक रणनीति के हिस्से के रूप में देखते हैं। नेताओं का मानना ​​है कि रेवंत रेड्डी जैसे हाई-प्रोफाइल प्रचारक कैडर को सक्रिय करने और मतदाता भावना को प्रभावित करने में मदद कर सकते हैं। केरल में एक कांग्रेस नेता ने कहा, “इस यात्रा से पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा। लोगों से जुड़ने की उनकी क्षमता चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।” यह यात्रा केरल से परे भी ध्यान खींच रही है। तेलंगाना और आंध्र

फलों को काटकर खाना या फिर उसका जूस पीना, जानिए सेहत के लिए क्या है ज्यादा फायदेमंद – News18 हिंदी

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X फलों को काटकर खाना या फिर उसका जूस पीना, जानिए सेहत के लिए क्या है फायदेमंद   Health Tips: अभी गर्मी का मौसम चल रहा है और सीजनल तरबूज, खरबूजा, संतरा, मौसंबी, अंगूर, संतरा, ककड़ी, खीरा और केला जैसे फल खूब मिल रहे हैं. डॉक्टरों का मानना है कि ये फल शरीर को ठंडक देने के साथ ही जरूरी पोषक तत्व भी देते हैं. लेकिन, कुछ लोग इन फलों को काटकर खाना पसंद करते हैं, जबकि कई लोग इनका जूस बनाकर पीते हैं. अब ऐसे में कई बार लोगों के मन में यह सवाल जरूर आता होगा कि फल का जूस बनाकर पीना ज्यादा फायदेमंद है या सीधे चबाकर खाना बेहतर होता है. स्वास्थ्य पर इसका क्या असर पड़ता है? खरगोन के आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. संतोष मौर्य ने बताया कि फल किसी भी रूप में खाए जाएं, शरीर को फायदा जरूर मिलता है. लेकिन, अगर सही तरीके की बात करें तो फलों को चबाकर खाना ज्यादा अच्छा होता जाता है. उनका मानना है कि विशेष रूप से गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी होता है. मौसमी फल इस काम में सबसे ज्यादा मदद करते हैं. ये न सिर्फ पानी की कमी को पूरा करते हैं, बल्कि शरीर को ठंडा भी रखते हैं और लू से बचाव करते हैं.

शाजापुर के किसान रोज जला रहे नरवाई:सरकार का जागरुकता अभियान हुआ फेल, प्रशासन ने नहीं लिया लिया एक्शन

शाजापुर के किसान रोज जला रहे नरवाई:सरकार का जागरुकता अभियान हुआ फेल, प्रशासन ने नहीं लिया लिया एक्शन

शाजापुर जिले की मोहन बड़ोदिया तहसील में प्रशासनिक सख्ती और जागरूकता अभियानों के बावजूद किसान नरवाई जलाना बंद नहीं कर रहे हैं। खास बात ये है कि जिले में नरवाई जलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके बाबजूद भी प्रशासन ने कोई एक्शन नहीं लिया। क्षेत्र के मोहना, भंवरासा, बरनावद, बड़ौदी, माल्याहेडी, कड़ूला, मांगलिया और निपानिया सहित कई गांवों में प्रतिदिन खेतों में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं। नरवाई जलाने से आसपास के पेड़-पौधों को नुकसान होता है और कई बार आग फैलकर वन क्षेत्रों तक पहुंच जाती है, जिससे बड़े नुकसान का खतरा बना रहता है। पोषक तत्व नष्ट हो रहे कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, पराली जलाने से मिट्टी के आवश्यक पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं, जिससे भूमि की उत्पादकता कम होती है। इससे किसानों को लंबे समय में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। विशेषज्ञों ने किसानों से अपील की है कि वे नरवाई जलाने के बजाय वैकल्पिक उपाय अपनाएं और खेतों की उर्वरा शक्ति बनाए रखने में सहयोग करें। मोहन बड़ोदिया के कृषि विस्तार अधिकारी (एसएडीओ) अमित यादव ने बताया कि किसान खेतों में नरवाई न जलाएं। इससे भूमि में मौजूद सूक्ष्म जीव मर जाते हैं, जिससे उर्वरा शक्ति कम होती है। साथ ही, आगजनी की घटनाएं बढ़ती हैं और पेड़-पौधे भी आग का शिकार होते हैं। सेटेलाइट से रखी जा रही नजर सरकार के जागरूकता के बावजूद लगातार नरवाई जलाने के सवाल पर अधिकारी अमित यादव ने कहा कि प्रशासन सेटेलाइट के माध्यम से कार्रवाई कर रहा है। जिन लोगों ने भी नरवाई जलाई है, उनके खिलाफ सेटेलाइट के माध्यम से जानकारी जुटाकर पटवारी को मौके पर भेजकर पंचनामा बनवाया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

ओपिनियन पोल 2026: असम में बीजेपी, पश्चिम बंगाल में कांटे की टक्कर, तमिलनाडु-केरल में किसको बढ़त? नवीनतम ओपिनियन पोल काडेटा वाला अनुमान देखें

ओपिनियन पोल 2026: असम में बीजेपी, पश्चिम बंगाल में कांटे की टक्कर, तमिलनाडु-केरल में किसको बढ़त? नवीनतम ओपिनियन पोल काडेटा वाला अनुमान देखें

असम और केरल राज्य के साथ केंद्र पूर्वोत्तर प्रदेश पुडुचेरी में 9 अप्रैल को विधानसभा चुनाव है। 23 अप्रैल को तमिलनाडु में वोट किया गया है। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2 चरण में, 23 और 29 अप्रैल को मतदान है। इससे पहले ओपिनियन पोल आ गया है। यहां जानिए किस राज्य में किसकी शुरुआत हुई दिख रही है, कौन सी पार्टी की सूची में प्रवेश हो सकता है और किसकी सरकार बन सकती है। असम विधानसभा चुनाव का ओपिनियन पोल 2026 असम में एक चरण में चुनाव होगा. 9 अप्रैल को मतदान है. चाणक स्ट्रेटेजी ने वोट शेयर में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच टक्कर की है। ऐसा कहा जा रहा है कि बीजेपी को 83 से 90 सीटें मिल सकती हैं. असम में बीजेपी गठबंधन की एक बार फिर सरकार बन सकती है. वोट शेयर की बात करें तो कांग्रेस को 39 से 44 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है, जबकि बीजेपी को 45 से 48 फीसदी वोट मिल सकते हैं. चाणक स्ट्रेटेजी सर्वे ने असम में बीजपी की सरकार का चित्र दिखाया है। सर्वे के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी को 83 से 90 सीटें मिल सकती हैं, वहीं कांग्रेस को 30 से 36 सीटें मिल सकती हैं। अन्य को 3 से 6 तक का लक्ष्य मिलने की संभावना जताई गई है। केरल विधानसभा चुनाव का ओपिनियन पोल 2026 मैट्रिज़ ओपिनियन पोल के अनुसार केरल में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) को 62 से 68 वोट मिल सकते हैं। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) की 67 से 73 सीटों पर मुलाकात की संभावना है। बीजेपी 5 से 8 ही में शामिल हो सकती है, जबकि बाकी 3 में से 3 में ही शामिल होने की संभावना है। यानी केरल में भारतीय जनता पार्टी की टक्कर में नजर नहीं आ रही है. ये सर्वे देखकर कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट खुश होगी। बता दें कि केरल में पिछले एक दशक से एलडीएफ सरकार है। केरल में विधानसभा की कुल सीटें 140 हैं, जिनमें 71 बहुमत के पात्र हैं। पश्चिम बंगाल का ओपिनियन पोल 2026 ओपिनियन पोल ने पश्चिम बंगाल में समाजवादी कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है। सर्वे के मुताबिक प्रदेश में बीजेपी और टीएमसी के बीच टक्कर है. मैट्रिज के ओपिनियन पोल के अनुसार बीजेपी 140-160 पर जीत दर्ज कर सकती है। टीएमसी को 130-150 दरवाजे मिलने का अनुमान है, जबकि 8 से 16 दरवाजे अन्य जीत दल मिल सकते हैं। पश्चिम बंगाल में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं। इस बार का चुनाव कांटे की टक्कर का है। वोट शेयर को देखें तो सर्वे में अनुमान लगाया गया है कि भारतीय जनता पार्टी को 41 और अकेले कांग्रेस को 43 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं। हालाँकि सर्वे में टीएमसी एक बार फिर से सरकार बना सकती है, लेकिन बीजेपी बहुत पीछे नहीं है और कुछ भी हो सकती है। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव का ओपिनियन पोल 2026 तमिल में एनडीए को बहुमत मिलने की संभावना है. डीएमके गठबंधन को नुकसान हो सकता है. मैट्रिज के ओपिनियन पोल के मुताबिक डीएमके गठबंधन को 102 से 115 सीटें मिल सकती हैं, जबकि एनडीए गठबंधन को 107 से 120 सीटों पर जीत मिल सकती है। टीवीके को 5 से 12 और अन्य को 1 से 6 दर्शकों से मिलने का अनुमान है। तमिलनाडु में 234 सीटें हैं, जिसके लिए एक चरण में चुनाव होगा. 23 अप्रैल को टेम्प्लेट में मतदान हुआ।

Manipur Bomb Attack Kills Children; Protests Erupt, Police Station Vandalized

Manipur Bomb Attack Kills Children; Protests Erupt, Police Station Vandalized

Hindi News National Manipur Bomb Attack Kills Children; Protests Erupt, Police Station Vandalized इंफाल7 मिनट पहले कॉपी लिंक मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाके में कुछ उग्रवादियों ने एक घर में बम फेंक दिया। जिसमें जिसमें 5 साल के एक लड़के और छह महीने की बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ऑफिसर ने बताया कि जब घर में बम फटा, तब दो बच्चे और उनकी मां अपने बेडरूम में सो रहे थे। मां घायल है। स्थानीय लोगों ने घटना के विरोध में मंगलवार सुबह प्रोटेस्ट किया। इलाके में एक पेट्रोल पंप के पास दो ऑयल टैंकर और एक ट्रक में आग लगा दी। उन्होंने मोइरांग पुलिस स्टेशन के सामने टायर जलाए और एक पुलिस चौकी को तोड़ दिया। हालात को कंट्रोल करने के लिए इलाके में सिक्योरिटी फोर्स तैनात कर दी गई है। हिंसा-प्रदर्शन से जुड़ी 6 तस्वीरें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका में भारतीय मूल के डॉक्टर पर हेल्थकेयर फ्रॉड का आरोप, 130 करोड़ रुपए में समझौता

वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका में भारतीय मूल के डॉक्टर पर हेल्थकेयर फ्रॉड का आरोप, 130 करोड़ रुपए में समझौता

अमेरिका में भारतीय मूल के डॉक्टर जितेंद्र पटेल और उनकी अटलांटा स्थित क्लिनिक ने हेल्थकेयर फ्रॉड के आरोपों को लेकर 14 मिलियन डॉलर (करीब 130 करोड़ रुपए) में सिविल समझौता किया है। अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की जांच में सामने आया कि क्लिनिक ने मरीजों पर जरूरत से ज्यादा और कॉम्पलेक्स मेडिकल प्रोसीजर किए। साथ ही कई मामलों में ऐसे टेस्ट और सर्जरी के बिल भी बनाए गए जो या तो जरूरी नहीं थे या किए ही नहीं गए। इन दावों के आधार पर मेडिकेयर, मेडिकेड और अन्य सरकारी हेल्थ प्रोग्राम से भुगतान लिया गया। मामले की शिकायत क्लिनिक के ही पूर्व कर्मचारी और एक डॉक्टर ने की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि क्लिनिक का फोकस मरीजों के इलाज के बजाय रेवेन्यू बढ़ाने पर था। समझौते के तहत क्लिनिक और डॉक्टर ने किसी भी आरोप को स्वीकार नहीं किया है, लेकिन 130 करोड़ रुपए देकर मामला सुलझा लिया गया है। वहीं शिकायत करने वाले दोनों को इस राशि में से करीब 27 करोड़ रुपए मिलेंगे।

तेज रफ्तार वाहन ने 2 साइकिल सवारों मारी टक्कर:बुजुर्ग की मौत; युवक की हालत गंभीर, ग्रामीणों में आक्रोश

तेज रफ्तार वाहन ने 2 साइकिल सवारों मारी टक्कर:बुजुर्ग की मौत; युवक की हालत गंभीर, ग्रामीणों में आक्रोश

सिवनी जिले के घंसौर थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक सड़क हादसे में 64 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। इस दुर्घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे जबलपुर रेफर किया गया है। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, ग्राम बरोदा माल निवासी अक्तू लाल कन्हेरिया (64) मंगलवार सुबह करीब 8 बजे रविंद्र कुलस्ते नामक युवक के साथ साइकिल से अपने घर लौट रहे थे। बरोदा पटरी ग्राम के समीप एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों साइकिल सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे। गंभीर हालत में रेफर तत्काल 108 एम्बुलेंस की मदद से दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर ले जाया गया। वहां प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने अक्तू लाल कन्हेरिया को मृत घोषित कर दिया। रविंद्र कुलस्ते की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए जबलपुर रेफर किया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। हादसे की वजह रफ्तार बताया जा रहा है कि यह हादसा वाहन चालक की लापरवाही और तेज गति के कारण हुआ। घटना के बाद आरोपी चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार वाहन चालक की तलाश कर रही है। इस घटना से ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है। उनका कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर तेज रफ्तार वाहन चलते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने की मांग की है। घंसौर थाना प्रभारी लक्ष्मण झारिया ने बताया कि सड़क हादसे में एक वृद्ध की मौत और एक के गंभीर घायल होने की सूचना मिली थी। मर्ग कायम कर जांच की जा रही है और फरार वाहन व चालक की तलाश जारी है।

सट्टेबाजी का दबाव खिलाड़ियों को तोड़ रहा:टारगेट पूरे करने के लिए एथलीट्स को परिजनों की हत्या की धमकी; अपशब्दों की बौछार

सट्टेबाजी का दबाव खिलाड़ियों को तोड़ रहा:टारगेट पूरे करने के लिए एथलीट्स को परिजनों की हत्या की धमकी; अपशब्दों की बौछार

एक कॉलेज बास्केटबॉल खिलाड़ी मैच शुरू होने से पहले अपना मोबाइल खोलता है। स्क्रीन पर अजनबी का संदेश दिखता है,‘सुनो, यह मजाक नहीं है। अगर तुमने आज 22 पॉइंट्स व 12 बाउंड्स नहीं बनाए, तो तुम्हारे सभी करीबी मार दिए जाएंगे।’ यह डरावना संदेश किसी फिल्म की पटकथा नहीं, बल्कि 2024 के एनसीएए (नेशनल कॉलेजिएट एथलेटिक एसोसिएशन) की स्टडी का हिस्सा है। उस खिलाड़ी ने अभी कोर्ट पर कदम भी नहीं रखा था, न ही कोई शॉट मिस किया था। उसका कसूर सिर्फ इतना था कि सट्टेबाजी की दुनिया में उसकी काबिलियत पर ‘दांव’ लगा था। हालांकि वह मैदान में उतरा और स्वाभाविक खेलने की कोशिश भी की। एक्सपर्ट कहते हैं,हम इस समय ‘मार्च मैडनेस’ के बीच में हैं- जो अमेरिकी खेलों में सबसे अधिक सट्टेबाजी वाला आयोजन है। अनुमान है कि अकेले इस साल के टूर्नामेंट पर 25 हजार करोड़ रुपए दांव पर लगे हैं। हार्वर्ड बिजनेस स्कूल की प्रोफेसर और मनोवैज्ञानिक एमी कडी कहती हैं,‘आज के एथलीट सिर्फ शारीरिक थकान से नहीं, बल्कि नए मनोवैज्ञानिक खतरे से जूझ रहे हैं, जिसे ‘सोशल-इवैल्यूएटिव थ्रेट’ (सामाजिक परख का खतरा) कहते हैं। यह वह तनाव है जो दूसरों द्वारा नकारात्मक निर्णय लिए जाने या अपमानित होने के डर से पैदा होता है। 1995 में एक खिलाड़ी को सिर्फ स्टेडियम में मौजूद दर्शकों की हूटिंग सुनाई देती थी। लेकिन आज, एक खिलाड़ी नाश्ते से पहले ही सोशल मीडिया पर सैकड़ों नफरत भरे संदेश पढ़ चुका होता है। 2025 की स्टडी के अनुसार, 51% बास्केटबॉल खिलाड़ियों को प्रदर्शन के आधार पर और 46% को सीधे तौर पर सट्टेबाजों से धमकी भरे संदेश मिलते हैं। ख्यात मनोवैज्ञानिक एमी कहती हैं,‘खेल जगत अब तक नींद, पोषण व रिकवरी पर ध्यान देता आया है, लेकिन अब इसे ‘जजमेंट रिकवरी’ की जरूरत है। इसे ‘लोड मैनेजमेंट’ की तरह देखना होगा। जिस तरह खिलाड़ी मैच के बाद मांसपेशियों को आराम देते हैं, वैसी ही ‘रिकवरी’ उन्हें सोशल मीडिया और बाहरी आलोचनाओं से भी करनी जरूरी है।’ तनाव इतना ज्यादा कि जान का जोखिम तक हो सकता है मनोवैज्ञानिक सैली डिकरसन कहती हैं, ‘यह खतरा शरीर में कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) का स्तर इतना बढ़ा देता है कि शरीर इसे ‘जान के जोखिम’ की तरह लेने लगता है। सामान्य तनाव समय के साथ कम हो जाता है, पर ‘दूसरों के जजमेंट’ का डर हर बार शरीर पर ऐसा प्रभाव डालता है, जैसे पहली बार मिला हो। टेनिस स्टार इगा स्विएतेक और जेसिका पेगुला जैसे खिलाड़ी इसे ‘मानसिक स्वास्थ्य’ की नहीं, बल्कि ‘प्रदर्शन’ की समस्या मान रहे हैं। जब अरमांडो बैकॉट जैसे खिलाड़ी जीत दिलाकर लौटते हैं, तब भी उनके इनबॉक्स में अपशब्द होते हैं क्योंकि उन्होंने सट्टेबाजों का निजी लक्ष्य पूरा नहीं किया होता।

क्या कोल्ड ड्रिंक पीने से शरीर को ठंडक मिल सकती है? इस बात में कितनी हकीकत, सभी के लिए जानना जरूरी

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Last Updated:April 07, 2026, 11:12 IST Cold Drinks and Body Temperature: गर्मी के मौसम में कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद लोग तरोताजा महसूस करते हैं. कई लोग गर्मी से छुटकारा पाने के लिए कोल्ड ड्रिंक्स पीते हैं, लेकिन यह शरीर को केवल कुछ देर के लिए ठंडक देती है. शरीर के टेंपरेचर पर इसका कोई स्थायी असर नहीं पड़ता है. लंबे समय तक कोल्ड ड्रिंक का सेवन सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है. कोल्ड ड्रिंक पीने से कुछ देर के लिए ठंडक मिलती है, लेकिन यह टेंपररी होती है. Truth About Cold Drinks and Heat: गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है और अब आपको जगह-जगह कोल्ड ड्रिंक्स आसानी से मिल जाएंगी. छोटी-छोटी दुकानों से लेकर सड़क किनारे खोखे में भी कोल्ड ड्रिंक्स खूब बेची जाती हैं. चिलचिलाती धूप से आने के बाद कोल्ड ड्रिंक पीने से लोगों को गर्मी से निजात मिलती है और वे तरोताजा महसूस करते हैं. कई लोग कोल्ड ड्रिंक को गर्मी कम करने वाली चीज मानते हैं और इसका जमकर सेवन करते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद कुछ देर तक ठंडक महसूस हो सकती है, लेकिन इससे बॉडी के टेंपरेचर पर कोई खास फर्क नहीं पड़ता है. इसका ज्यादा सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है. लोगों को कोल्ड ड्रिंक के बजाय देसी चीजों को चुनना चाहिए. यूपी के गाजियाबाद की डाइटिशियन रंजना सिंह ने News18 को बताया कि जब आप कोल्ड ड्रिंक पीते हैं, तो इसका सबसे पहला असर मुंह, गले और पेट की सतह पर महसूस होता है. ठंडी ड्रिंक के संपर्क में आते ही इन हिस्सों की नसें सिकुड़ जाती हैं और दिमाग को संकेत मिलता है कि शरीर ठंडा हो रहा है. यही वजह है कि कुछ मिनटों के लिए ताजगी और ठंडक का अनुभव होता है. हालांकि यह अनुभव केवल कुछ मिनट के लिए होता है. शरीर के अंदरूनी तापमान पर इसका बहुत कम या कोई असर नहीं पड़ता है. यही कारण है कि कुछ समय बाद ठंडक का एहसास खत्म हो जाता है. इसके बाद फिर गर्मी सताने लगती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डाइटिशियन ने बताया कि हमारा शरीर नेचुरल तरीके से अपने तापमान को संतुलित रखने के लिए थर्मोरगुलेशन सिस्टम अपनाता है. जब शरीर गर्म होता है, तो पसीना आता है और त्वचा की सतह से गर्मी निकलती है. जब आप ठंडी ड्रिंक पीते हैं, तो असल में यह शरीर को अंदर से ठंडा नहीं करती. शरीर ब्लड सर्कुलेशन और मेटाबोलिज्म के माध्यम से तापमान को स्थिर रखने का काम करता है. इसलिए ठंडी ड्रिंक पीने से केवल शरीर की सतह पर या मुंह और गले में ठंडक का अनुभव होता है, लेकिन शरीर के अंदर का तापमान लगभग वैसा ही रहता है. इसलिए कोल्ड ड्रिंक पीने से बचना चाहिए. एक्सपर्ट के मुताबिक बार-बार ठंडी और शुगरी ड्रिंक पीने के कई नुकसान हैं. कोल्ड ड्रिंक पेट की मांसपेशियों को सिकोड़ सकती है, जिससे कभी-कभी पेट में दर्द या ऐंठन हो सकती है. कोल्ड ड्रिंक पीने से गैस या एसिडिटी की समस्या बढ़ सकती है. कोल्ड ड्रिंक शुगर लेवल बढ़ा सकती है और लंबे समय में वजन बढ़ने का खतरा रहता है. कोल्ड ड्रिंक के बजाय गर्मी में राहत पाने के लिए ठंडा पानी या नींबू पानी पिएं. यह शरीर को हाइड्रेट और ताजगी देने के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प है. तरबूज, खीरा और खट्टे फल खाएं. इनमें पानी की मात्रा अधिक होती है और शरीर को ठंडक मिलती है. गर्मी में हल्के और सूती कपड़े पहनें. इससे आपको कम गर्मी लगेगी. सूप या हर्बल ड्रिंक पिएं, जिससे शरीर को पोषण मिलेगा और गर्मी से राहत मिलेगी. ये विकल्प न केवल ठंडक देते हैं, बल्कि शरीर को हाइड्रेटेड और स्वस्थ भी बनाए रखते हैं. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 07, 2026, 11:12 IST

खरगोन में किसानों ने रास्ता खोलने की मांग की:खुदाई से वाहन नहीं जाने के कारण खेत में फंसी फसल, अधिकारियों ने दिया आश्वासन

खरगोन में किसानों ने रास्ता खोलने की मांग की:खुदाई से वाहन नहीं जाने के कारण खेत में फंसी फसल, अधिकारियों ने दिया आश्वासन

खरगोन के ओझरा गांव के किसानों ने एक पुराने रास्ते को बंद किए जाने की शिकायत की है। किसानों का कहना है कि रास्ता संकरा होने के कारण खेतों में खड़ी तैयार फसल को बाहर निकालना मुश्किल हो गया है। किसानों के अनुसार, रास्ते के एक तरफ पत्थरों का ढेर लगा दिया गया है, जबकि दूसरी तरफ खुदाई कर दी गई है। इस वजह से रास्ता इतना संकरा हो गया है कि मिनी ट्रक और हार्वेस्टर जैसे बड़े वाहन खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। पहले इस रास्ते का उपयोग बड़े वाहनों के लिए आसानी से होता था, लेकिन अब केवल बैलगाड़ी ही निकल पाती है। किसानों ने कसरावद तहसीलदार को इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है और शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। उन्हें अधिकारियों द्वारा मौके का निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने का आश्वासन दिया गया है। किसान रुपेश पटेल ने बताया कि उनकी फसल खेतों में तैयार खड़ी है, लेकिन वाहनों की पहुंच न होने के कारण वे उपज को बाहर नहीं ला पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह रास्ता पीढ़ियों से इस्तेमाल किया जा रहा है। एक किसान ने मेड़ की तरफ पत्थर की पाल खड़ी कर दी है, जबकि एक अन्य किसान ने मेड़ किनारे 3 फीट चौड़ी और 2 फीट गहरी खुदाई कर दी है, जिससे रास्ता अवरुद्ध हो गया है। इस दौरान राजेश पटेल, विक्रम पटेल, राकेश पटेल, दिनेश पटेल, राहुल पटेल, निर्मल पटेल, हेमंत पटेल सहित कई अन्य किसान मौजूद थे। सभी किसानों ने इस समस्या के समाधान की मांग का समर्थन किया।