नीमच शहर में कल 4 घंटे लाइट बंद:सुबह 7 से 11 बजे तक चलेगा मेंटनेंस कार्य, कई इलाके प्रभावित

नीमच के महू रोड इलाके में मंगलवार को बिजली गुल रहेगी। 11 केवी महू रोड फीडर पर जरूरी मेंटेनेंस का काम होना है, जिसकी वजह से सुबह 7 बजे से 11 बजे तक, यानी कुल चार घंटे बिजली सप्लाई बंद रहेगी। बिजली कंपनी के सहायक यंत्री (शहर) ने बताया कि यह काम मंगलवार, 7 अप्रैल को किया जाएगा। कंपनी ने लोगों से अपील की है कि वे अपने जरूरी काम सुबह 7 बजे से पहले निपटा लें या फिर कटौती के बाद के समय के हिसाब से प्लानिंग करें। इन इलाकों पर पड़ेगा असर फीडर बंद होने से महू रोड के आसपास की कई बड़ी कॉलोनियों में अंधेरा रहेगा। इनमें मुख्य रूप से ये इलाके शामिल हैं, पटवा कॉलोनी, उदय विहार और स्टार सिटी, आदित्य स्टेट, वृन्दावन कॉलोनी और प्रगति नगर, महावीर नगर, हवाई अड्डा रोड, कालानी कॉलोनी और वैभव नगर। बिजली कंपनी ने यह भी साफ किया है कि अगर काम जल्दी हो गया तो बिजली समय से पहले आ सकती है, और अगर काम में देरी हुई तो शटडाउन का समय थोड़ा बढ़ाया भी जा सकता है।
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Hindi News Business Photo ID For Gold Purchases | Gold & Silver Prices Surge; LPG Rules Eased नई दिल्ली34 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर LPG सिलेंडर से जुड़ी रही। केंद्र सरकार ने 5Kg वाले LPG सिलेंडर की बिक्री के नियमों को आसान बना दिया है। अब कोई भी व्यक्ति बिना किसी एड्रेस प्रूफ के छोटा गैस सिलेंडर खरीद सकेगा। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना एक दिन में 2,291 रुपए बढ़कर 1.49 लाख रुपए पर पहुंच गया और एक किलो चांदी 6,230 रुपए बढ़कर 2.34 लाख रुपए पर पहुंच गई। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. बिना एड्रेस प्रूफ मिलेगा 5Kg वाला सिलेंडर: आधार-PAN जैसी सिर्फ एक फोटो-ID दिखानी होगी, स्टूडेंट्स और प्रवासी मजदूरों को राहत मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और सप्लाई चेन की दिक्कतों के बीच केंद्र सरकार ने 5Kg वाले LPG सिलेंडर की बिक्री के नियमों को आसान बना दिया है। अब कोई भी व्यक्ति बिना किसी एड्रेस प्रूफ के छोटा गैस सिलेंडर खरीद सकेगा। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, यह कदम प्रवासी मजदूरों और उन लोगों के लिए उठाया गया है, जिनके पास शहर में कोई स्थायी पता नहीं है। अब ग्राहकों को ऑर्थोराइज्ड डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाकर सिर्फ अपनी कोई भी एक फोटो-ID दिखानी होगी और वे तुरंत सिलेंडर ले सकेंगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. सोना आज ₹2,291 बढ़कर ₹1.48 लाख पर पहुंचा: इस साल कीमत में ₹15 हजार का इजाफा; चांदी ₹6,230 महंगी होकर ₹2.34 लाख प्रति किलो हुई सोना-चांदी के दाम में मंगलवार को तेजी रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,291 रुपए बढ़कर 1.49 लाख रुपए पर पहुंच गया। इससे पहले 3 अप्रैल को इसकी कीमत 1.47 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं, एक किलो चांदी 6,230 रुपए बढ़कर 2.34 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले शुक्रवार को इसकी कीमत 2.28 लाख रुपए प्रति किलो थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. ईरान की ग्लोबल सप्लाई रोकने की धमकी, कच्चा-तेल $110 पार: भारत के आयात बिल पर ₹16,000 करोड़ का बोझ बढ़ेगा, बढ़ सकती है महंगाई अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें आज फिर 110 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ईरान को नर्क बनाने धमकी देने के बाद ईरान ने ग्लोबल सप्लाई ठप करने की बात कही है। इससे आज एक बैरल ब्रेंट क्रूड की कीमत $1.71 की बढ़कर $110.74 पर पहुंच गई है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर यह तनाव इसी तरह जारी रहा, तो कच्चे तेल की कीमतें $150 प्रति बैरल पहुंच सकती हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. ट्रायम्फ ट्रैकर 400 भारत में लॉन्च: 40hp पावरफुल बाइक में 17-इंच के अलॉय व्हील, कीमत ₹2.46 लाख ब्रिटिश प्रीमियम बाइक निर्माता कंपनी ट्रायम्फ ने आज (6 अप्रैल) भारत में अपनी नई मोटरसाइकिल ट्रैकर 400 लॉन्च कर दी है। कंपनी ने इस बाइक को खास भारतीय बाजार की टैक्स नीतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया है। इसमें पुराना 398cc का इंजन न देकर, 40hp पावर वाला एक बिल्कुल नया डाउनसाइज्ड 349cc का इंजन दिया गया है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत ₹2,46,000 है। ये स्पीड 400 से ₹14,000 महंगी और स्क्रैम्बलर 400X से ₹14,000 सस्ती है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… गुरुवार के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
MP CM Mohan Yadav Compares NSG Commandos to Bajrangbali; Congress Leaders Statement baat khari hai

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। . सीएम ने एनएसजी कमाडो की तुलना बजरंगबली से की भोपाल में एनएसजी (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) ने अपना शौर्य और पराक्रम दिखाया। कमांडोज ने आतंकवादियों से मुकाबला करने की डेमो प्रस्तुति दी। इस दौरान उनके एक्शन को देखकर कार्यक्रम में मौजूद सीएम डॉ. मोहन यादव भी दंग रह गए। सीएम ने एनएसजी कमांडोज की तुलना भगवान बजरंगबली से कर दी। इतना ही नहीं, उन्होंने ट्रेंड डॉग को ‘स्वान देवता’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कालभैरव के गणों ने भी कमाल कर दिया। सीएम ने कहा- हेलिकॉप्टर से कमांडोज ऐसे उतरे, जैसे हवा में उड़ते हुए बजरंगबली आ रहे हों। स्पाइडर मैन तो अब तक फिल्मों में ही देखा था, लेकिन यहां हमारे सामने कमांडोज ने उल्टा लटककर स्पाइडर मैन जैसा एहसास करा दिया। इतनी ऊंची बिल्डिंग से वे ऐसे उतर रहे थे, मानो टहलते हुए जा रहे हों। उन्होंने आगे कहा- हमारे ‘स्वान देवता’ ने भी गजब की ट्रेनिंग पाई है। कालभैरव के गण ने गजब कर दिया। उसने आतंकवादी पर हमला किया और उसकी बंदूक उठाकर ले गया। यह देखकर वाकई आनंद आ गया। सीएम ने जवानों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने निहत्थे होकर भी कई लोगों को जिस तरह उठाकर पटका, वह काबिल-ए-तारीफ है। कुल मिलाकर, कार्यक्रम में मौजूद हर कोई एनएसजी कमांडोज का शौर्य देखकर दंग रह गया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने एनएसजी कमांडोज के शौर्य और पराक्रम की जमकर तारीफ की। सुर्खियों में ‘साफा’, एक-दूसरे के सीएम बनने की कामना हाल ही में सीएम डॉ. मोहन यादव का साफा बांधने का टैलेंट सामने आया था, जब एक मंच पर उन्होंने महज 50 सेकेंड में खुद ही अपने सिर पर साफा बांध लिया था। अब ऐसा ही टैलेंट प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी दिखाया है। उन्होंने 30–35 सेकेंड में अपने सिर पर खुद ही साफा बांध लिया। हालांकि बाद में उन्होंने यह साफा उसी कार्यकर्ता को पहना दिया, जो उनके स्वागत के लिए साफा लेकर आया था। अब लोग चटकारे लेकर कह रहे हैं कि मुकाबला तगड़ा है। हालांकि कांग्रेस नेता कुछ और ही मानकर चल रहे हैं। दरअसल, हाल ही में हरदा में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और हरियाणा से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा साथ थे। वहां दोनों नेताओं ने बातों-बातों में एक-दूसरे को ‘मुखिया’ का साफा पहना दिया, यानी एक-दूसरे के मुख्यमंत्री बनने की कामना कर दी। हुआ यूं कि मंच पर दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने जीतू पटवारी की जमकर तारीफ की। उन्होंने हरियाणा को लेकर कहा कि आने वाले समय में ऐसा आशीर्वाद मिले कि वहां कांग्रेस की सरकार बने। इस पर जीतू पटवारी ने बीच में बात काटते हुए कहा- और दीपू भैया मुख्यमंत्री बनें। जीतू पटवारी के ऐसा कहने पर दीपेंद्र सिंह हुड्डा भी चुप नहीं रहे। उन्होंने तुरंत कहा- जीतू भैया भी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बनें। इस संवाद का वीडियो सामने आने के बाद लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि लगता है कांग्रेस का फोकस सरकार बनाने से ज्यादा इस बात पर है कि सीएम कौन बनेगा। वैसे भी अभी दोनों राज्यों में चुनाव काफी दूर हैं। हरियाणा से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा- जीतू पटवारी एमपी के सीएम बनें। ज्योतिरादित्य सिंधिया के जाते ही खाने पर टूट पड़े लोग शिवपुरी में एक कार्यक्रम से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की जैसे ही रवानगी हुई, वहां मौजूद लोग खाने पर टूट पड़े। खाने की प्लेट लेने और उसमें खाना भरने की होड़ मच गई। इस दौरान धक्का-मुक्की भी देखने को मिली और माहौल अफरा-तफरी जैसा हो गया। दरअसल, शिवपुरी में आभार समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें सिंधिया भी मौजूद थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सभी मेहमानों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी। खुद सिंधिया ने लोगों को अपने हाथों से खाना परोसा। यहां तक सब कुछ व्यवस्थित रहा। लेकिन जैसे ही सिंधिया वहां से रवाना हुए, भोजन व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ गई। हालांकि कुछ देर बाद स्थिति सामान्य हो गई, लेकिन इस अव्यवस्था का वीडियो सामने आने के बाद कार्यक्रम की किरकिरी हो गई। अब लोग चटकारे लेते हुए कह रहे हैं कि जब पेट में चूहे कूद रहे हों, तो फिर कुछ और दिखाई नहीं देता। ज्योतिरादित्य सिंधिया के कार्यक्रम में उनके वहां से जाते ही लोग खाने पर टूट पड़े। एक तीर से दो निशाने: भाजपा और कलेक्टर को घेरा रतलाम में जनता के मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने नगर निगम का घेराव किया। लेकिन इस दौरान पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता पारस सकलेचा को भाजपा नेताओं की भी चिंता सताने लगी। उन्होंने भाजपा नेताओं के बहाने कलेक्टर मिशा सिंह पर जमकर निशाना साधा। पारस सकलेचा ने कहा कि अगर कांग्रेस की सरकार होती, तो 15 मिनट में कलेक्टर का ट्रांसफर करा देते। वहीं भाजपा नेताओं को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें इस स्थिति पर शर्म आनी चाहिए। दरअसल, हाल ही में जिला पंचायत अध्यक्ष और उनके पति ने कलेक्ट्रेट में धरना दिया था। उनका आरोप था कि कलेक्टर ने उन्हें मिलने का समय नहीं दिया। वहीं, तीन दिन पहले भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय भी कलेक्टर के इंतजार में करीब आधे घंटे तक सीढ़ियों पर बैठे रहे थे। इन दोनों मामलों का जिक्र करते हुए सकलेचा ने कहा कि एक एससी वर्ग की जिला पंचायत अध्यक्ष चार घंटे तक कलेक्टर से मिलने के लिए बैठी रहीं, लेकिन कलेक्टर ने उसे देखा तक नहीं की। वहीं भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय को भी आधे घंटे तक इंतजार कराया गया। पूर्व विधायक ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा- तुम लोगों ने रतलाम की क्या हालत कर दी है। पहले जहां जनप्रतिनिधियों के लिए कलेक्टर खड़े हुआ करते थे, आज वहां मिलने तक नहीं आते। अब लोग कह रहे हैं कि कांग्रेस ने एक तीर से दो निशाने साधे हैं- एक तरफ सत्ताधारी दल के नेताओं की स्थिति उजागर कर दी, तो दूसरी तरफ यह भी दिखा दिया कि प्रशासन किस तरह जनप्रतिनिधियों
पंजाबी सिंगर ने फैन के पेट पर दिया ऑटोग्राफ:बोला-मैं इसे शीशे में जड़वाकर रखूंगा, आपको फोटो भी भेजूंगा

पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के मशहूर सिंगर प्रेम ढिल्लों अक्सर अपने गानों और स्टाइल के कारण चर्चा में रहते हैं, लेकिन इस बार वह अपने एक प्रशंसक (फैन) के प्रति अनोखे प्रेम को लेकर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें प्रेम ढिल्लों अपने प्रशंसक के पेट पर ऑटोग्राफ देते नजर आ रहे हैं। यह पूरा वाकया उस समय चर्चा में आया जब दिलप्रीत ने खुद अपने आधिकारिक स्नैपचैट अकाउंट पर यह वीडियो साझा की। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक करीब 17-18 साल का सिख नौजवान, जिसने संतरी रंग की टी शर्ट पहनी हुई है, सिंगर से मिलने उनके घर पहुंचा था। प्रशंसक की दीवानगी ऐसी थी कि उसने अपनी टी शर्ट पर सिंगर से अपने पेट पर ही ऑटोग्राफ देने की जिद कर दी। मजाकिया अंदाज में हुई बातचीत वीडियो में प्रेम ढिल्लों काफी खुशनुमा मूड में नजर आ रहे हैं। ऑटोग्राफ देते हुए उन्होंने मजाकिया लहजे में प्रशंसक से पूछा, यहां साइन कर दूं क्या इस पर फैन ने बेहद उत्साह के साथ जवाब दिया, बिल्कुल-बिल्कुल, मैं इसे संभाल कर रखूंगा और इसे शीशे के फ्रेम में जड़वाकर आपको फोटो भी भेजूंगा। प्रेम ने भी हंसते हुए प्रतिक्रिया दी और कहा- यह हुई न बात, पुश्तें भी देखेंगी कि ये साइन दिलप्रीत ढिल्लों ने किए थे। ऑटोग्राफ देने के साथ-साथ दिलप्रीत वीडियो में रील (Reel) बनाते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। रोजाना उमड़ती है प्रशंसकों की भीड़ बताया जा रहा है कि यह वीडियो सुबह के वक्त का है। सिंगर के करीबियों का कहना है कि दिलप्रीत के घर पर रोजाना हजारों की संख्या में प्रशंसक उनसे मिलने पहुंचते हैं। लेकिन इस ‘मोटे’ और क्यूट फैन की इस अनोखी मांग ने सिंगर का दिल जीत लिया। सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को खूब शेयर कर रहे हैं और सिंगर के जमीन से जुड़े स्वभाव की तारीफ कर रहे हैं। पंजाबी गायक प्रेम ढिल्लों पूरा नाम: प्रेमजीत सिंह ढिल्लों पिता का नाम: कुलदीप सिंह ढिल्लों माता का नाम: भगवंत कौर जन्म तिथि:4 जनवरी, 1995 शिक्षा: उन्होंने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी से BCA की पढ़ाई की है। कहां के रहने वाले हैं: प्रेम ढिल्लों का जन्म और पालन-पोषण अमृतसर, पंजाब में हुआ था। सिंगिंग करियर की शुरुआत प्रेम ढिल्लों ने आधिकारिक तौर पर साल 2018 में पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री में कदम रखा। पहला गाना: उनका पहला सिंगल ट्रैक Chan Milondi (मार्च 2018) था। पहचान कैसे मिली: उन्हें असली पहचान 2019 में आए गाने Bootcut से मिली, जिसे सिद्धू मूसेवाला ने अपने चैनल पर रिलीज किया था। इसके बाद Old Skool गाने ने उन्हें ग्लोबल लेवल पर मशहूर कर दिया।
‘धुरंधर’ को लेकर प्रेशर नहीं, बल्कि एन्करेजमेंट महसूस होता है:‘तीन कौवे’ की डायरेक्टर प्रियंका घोष बोलीं- इस जॉनर में पहले भी काम किया है

वेब सीरीज ‘द नाइट मैनेजर’, ‘द रॉयल्स’ और ‘ब्रोकेन बट ब्यूटिफुल’ जैसी परियोजनाओं के बाद डायरेक्टर प्रियंका घोष अब अपने नए प्रोजेक्ट ‘तीन कौवे’ के साथ सामने आ रही हैं। थ्रिलर और स्पाई जॉनर में उनकी पकड़ मानी जाती है। हमने उनसे इस सीरीज के आइडिया से लेकर मेकिंग तक की पूरी प्रक्रिया पर बातचीत की। ‘तीन कौवे’ का आइडिया कैसे आया? फिक्शनल है या रियल स्टोरी से प्रेरित? ये पूरी तरह फिक्शनल स्टोरी है। इसका आइडिया राइटर और क्रिएटर अब्बास टायरवाला ने 7–8 साल पहले सोचा था और इसे लंबी प्रक्रिया में डेवलप किया। जैसे-जैसे कहानी बढ़ी, किरदार और दुनिया बड़ी हुई। अंत में इसे फिल्म की बजाय सीरीज के लिए बेहतर माना गया। सिद्धार्थ रॉय कपूर के साथ अब्बास ने मुझे डायरेक्टर और को-क्रिएटर के तौर पर जोड़ा। ‘धुरंधर’ की सफलता के बाद सेम जॉनर की ‘तीन कौवे’ को लेकर कोई प्रेशर महसूस हुआ? प्रेशर नहीं, बल्कि एन्करेजमेंट महसूस होता है। इस जॉनर में पहले भी काम किया है, जैसे ‘द नाइट मैनेजर’। हर जॉनर की अलग टोन और कहानी होती है। ‘तीन कौवे’ की दुनिया, किरदार और टोन पूरी तरह अलग हैं। बॉबी देओल और कबीर बेदी जैसी बड़ी कास्ट को कैसे ऑनबोर्ड किया गया? कास्टिंग डायरेक्टर के साथ कई ऑप्शन्स देखे। प्रोड्यूसर, राइटर और अमेजन प्राइम के साथ डिस्कशन के बाद एक्टर्स को नैरेशन दिया। सौभाग्य रहा कि जिनको चाहिए थे, सभी ने एक्साइटमेंट के साथ हां कहा। ‘तीन कौवे’ टाइटल का मतलब? अभी खुलासा नहीं कर सकती। ट्रेलर आने पर धीरे-धीरे पता चलेगा। टीजर में दिख रहे चेहरे जरूरी नहीं कि वही ‘तीन कौवे’ हों। शूटिंग के दौरान सबसे बड़ी चुनौतियां क्या रहीं? पूरा साल शूटिंग में लगा। एक्टर्स की हेल्थ प्रॉब्लम्स, मार्च में बारिश, लद्दाख में तूफान- सबके बावजूद टीम ने पूरा सहयोग किया। इंडियन आर्मी की मदद से नेटवर्क बाधा दूर हुई। विजुअल ट्रीटमेंट और म्यूजिक में क्या खास किया गया? कहानी को सही ढंग से पेश करना प्राथमिकता थी। प्री-प्रोडक्शन में विजुअल, साउंड और म्यूजिक पर बारीकी से काम किया गया। एक्शन डायरेक्टर एजाज गुलाब और फ्रांस के मार्शल आर्ट एक्सपर्ट यानिक बेन की मदद से ‘हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट’ सीक्वेंस बनाए। साउंड और म्यूजिक का तालमेल कैसे रखा गया? अचिंत ठक्कर और पार्थ पारेख के साथ काम किया। एडिटिंग के दौरान हर सीक्वेंस का पेस और मूड सुनिश्चित किया गया। सीरीज में सस्पेंस बनाए रखने के लिए कोई खास तकनीक? कहानी तीन बार लिखी जाती है- राइटिंग, शूटिंग और एडिटिंग में। एडिटिंग के दौरान हर ट्विस्ट और टेंशन पर ध्यान दिया गया ताकि दर्शक अंत तक जुड़ा रहे। भारतीय स्पाई प्रोजेक्ट्स हॉलीवुड के स्केल तक पहुंच सकते हैं? हॉलीवुड की बड़ी फ्रेंचाइज के बजट से मुकाबला मुश्किल है, लेकिन हम कम बजट में भी क्वालिटी में पीछे नहीं हैं। ‘धुरंधर’, ‘पठान’, ‘वॉर’ जैसी फिल्में और ‘द फैमिली मैन’, ‘स्पेशल ऑप्स’ जैसी सीरीज इस बात का उदाहरण हैं। शूटिंग लोकेशन्स कौन-कौन सी थीं? सीरीज पूरी तरह भारत आधारित है। मुंबई, लद्दाख, गोवा, पुणे, वाई और महाबलेश्वर जैसी लोकेशन्स पर शूटिंग हुई।
राघव चड्ढा विवाद- इससे पहले 30 नेता AAP छोड़ चुके:सबसे ज्यादा 15 पंजाब के, इनमें सांसद-MLA भी; 3 का न इस्तीफा, न निकाला

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का अपनी ही आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच टकराव चल रहा है। AAP ने उन्हें राज्यसभा में उपनेता के पद से हटाने के बाद पार्टी कोटे से बोलने का टाइम न देने तक के लिए कह दिया। अब उनके AAP छोड़कर दूसरी पार्टी में जाने के कयास भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि राघव चड्ढा अकेले ऐसे नेता नहीं हैं, जो अपनी ही पार्टी के निशाने पर हों। AAP की स्थापना से लेकर अब तक 30 बड़े नेता पार्टी से किनारा कर चुके हैं। जिसमें सबसे ज्यादा 15 नेता पंजाब से हैं। पंजाब से पार्टी को अलविदा करने वाले नेताओं में सुच्चा सिंह छोटेपुर, एडवोकेट एचएस फूलका और गुरप्रीत घुग्गी जैसे दिग्गज नाम शामिल हैं। यही नहीं हाल ही में राज्य सभा के डिप्टी लीडर पद से हटाए गए राघव चड्ढा भी पंजाब कोटे से ही हैं। आप ने पंजाब के सिटिंग सांसदों धर्मवीर गांधी व हरजीत सिंह खालसा को भी पार्टी से निष्काषित कर दिया था। धर्मवीर गांधी कांग्रेस में शामिल होकर दोबारा सांसद चुने गए। यही नहीं आम आदमी पार्टी ने पंजाब में सिटिंग एमएलए को भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया या विधायकों ने खुद पार्टी छोड़ दी। सुखपाल सिंह खैहरा पार्टी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे जब उन्हें पार्टी से निकाल दिया था। वहीं एडवोकेट एचएस फूलका ने भी LOP रहते हुए पार्टी छोड़ दी थी। कुछ दिन पहले वह BJP में शामिल हो गए। 26 नवंबर 2012 को पार्टी के गठन से लेकर 2026 तक नेताओं को आम आदमी पार्टी से क्यों निकाला गया या फिर नेताओं ने पार्टी से दूरी क्यों बनाई, इसके बारे में जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट… 1. शाजिया इल्मी पद: संस्थापक सदस्य, राष्ट्रीय स्तर की प्रमुख नेता, 2014 लोकसभा उम्मीदवार। कारण: शाजिया इल्मी ने मई 2014 में आंतरिक लोकतंत्र की कमी, कुछ लोगों द्वारा पार्टी चलाने और मूल मूल्यों से भटकना का आरोप पार्टी नेताओं पर लगाया। उसके बाद उन्होंने आम आदमी पार्टी छोड़ दी। 2. कैप्टन जी.आर. गोपीनाथ पद: संस्थापक सदस्य, प्रमुख राष्ट्रीय नेता। कारण: कैप्टन जीआर गोपीनाथ ने मई 2014 में आम आदमी पार्टी से किनारा कर दिया। उन्होंने पार्टी नेताओं पर आरोप लगाया कि पार्टी की रणनीति और कोर लीडरशिप द्वारा अनदेखी कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया। 3. योगेंद्र यादव पद: संस्थापक सदस्य, पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी (PAC) सदस्य, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य। कारण: योगेंद्र यादव को आम आदमी पार्टी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण 21 अप्रैल 2015 को पार्टी से निष्काषित कर दिया। योगेंद्र यादव ने अनुशासन भंग, केजरीवाल की तानाशाही और टिकट वितरण में अनियमितताओं का आरोप लगाया। जिसकी वजह से उन्हें पार्टी से निकाला गया। 4.प्रशांत भूषण पद: संस्थापक सदस्य, PAC सदस्य, वरिष्ठ वकील। कारण: प्रशांत भूषण को भी योगेंद्र यादव के साथ ही पार्टी से बाहर निकाला गया। प्रशांत भूषण ने भी तानाशाही और टिकट वितरण में भ्रष्टाचार का आरोप पार्टी नेताओं पर लगाया था। अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें भी अप्रैल 2015 में बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। 5. आनंद कुमार पद: राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, संस्थापक सदस्य। कारण: पार्टी विरोधी गतिविधियां चलाने के आरोप में पार्टी ने योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण के साथ आनंद कुमार को भी बाहर का रास्ता दिखा। आनंद कुमार ने भी खुलकर AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल की खिलाफत की थी। 6. अजीत झा पद: राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य। कारण: अप्रैल 2015 में इन्हें भी पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखाया। इन्होंने भी पार्टी में चल रही तानाशाही का विरोध किया था और कहा था कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक रही है। 7. मयंक गांधी पद: संस्थापक सदस्य, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, महाराष्ट्र यूनिट प्रमुख। कारण: मयंक गांधी को महाराष्ट्र यूनिट का प्रमुख नियुक्त किया गया था। 2015 में केजरीवाल ने महाराष्ट्र यूनिट भंग की। जिससे नाराज होकर मयंक गांधी ने पार्टी छोड़ दी। 8. अंजलि दामनिया पद: महाराष्ट्र यूनिट प्रमुख, राष्ट्रीय स्तर की नेता। कारण: अंजलि दामनिया के केजरीवाल से मतभेद हो गए थे। उन्होंने केजरीवाल पर हॉर्स ट्रेडिंग यानि कांग्रेस विधायकों को अपने साथ मिलाने के आरोप लगाए। जिसके बाद उनके केजरीवाल से मतभेद बढ़ गए और मार्च 2015 में में उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। 9. कपिल मिश्रा पद: दिल्ली की AAP सरकार में मंत्री , करावल नगर से MLA, राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित नेता। कारण: कपिल मिश्रा के सत्येंद्र जैन के साथ मदभेद हो गए थे जिसके बाद केजरीवाल ने उन्हें कैबिनेट से हटा दिया। उन्होंने केजरीवाल व सत्येंद्र जैन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए और पार्टी ने उन्हें निष्काषित कर दिया। 10. अलका लांबा पद: चांदनी चौक से MLA (2015 दिल्ली चुनाव), दिल्ली यूनिट की प्रमुख महिला नेता। कारण: अलका लांबा ने पार्टी की कार्यशैली पर असहमति, राजीव गांधी पर AAP के प्रस्ताव का विरोध और “खास आदमी पार्टी” बनने का आरोप लगाया। पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप लगे। उन्होंने सितंबर 2019 में पार्टी से इस्तीफा दे दिया और कांग्रेस जॉइन कर ली। 11. आशुतोष पद: प्रमुख प्रवक्ता, पत्रकार-से-राजनेता, केजरीवाल के करीबी। कारण: आशुतोष राज्यसभा जाना चाहते थे लेकिन पार्टी ने उन्हें राज्यसभा नहीं भेजा। जिसके बाद 2018 में उन्होंने पार्टी छोड़ दी। इसमें उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया। हालांकि बाद में उन्होंने पार्टी लीडरशिप से मतभेद होने की बात भी कही। 12. अशोक अग्रवाल पद: राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य। कारण: अशोक अग्रवाल पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। 2014 में उन्होंने पार्टी नेतृत्व की मनमानी पर सवाल उठाए और आम आदमी पार्टी को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का दर्जा दे दिया। जिसके बाद उन्होंने खुद पार्टी से इस्तीफा दे दिया। 13. इलियास आजमी पद: संस्थापक सदस्य, पूर्व सांसद। कारण: इलियास आजमी ने पार्टी में केजरीवाल की तानाशाही और आंतरिक लोकतंत्र की कमी पर सवाल खड़े किए। वो बार-बार कहते रहे कि पार्टी अपने सिद्धांतों से भटक रही हे। जिसके बाद उन्होंने 2016 में इस्तीफा दे दिया। 14. स्वाति मालीवाल पद: राज्यसभा सांसद (AAP कोटे से), दिल्ली महिला आयोग पूर्व अध्यक्ष, राष्ट्रीय स्तर की नेता। कारण: स्वाति मालीवाल ने अभी तक पार्टी नहीं छोड़ी है और न ही उसे पार्टी से निष्काषित किया गया है। लेकिन वो आम आदमी पार्टी के खिलाफ जमकर बोलती हैं। 2024
Navjot Kaur Launches Bharatiya Rashtravadi Party Sidhus Wife Announces New Political Option

डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पार्टी की घोषणा की। – फाइल फोटो पूर्व क्रिकेटर व कांग्रेस के पूर्व पंजाब अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने नई पार्टी बना ली है। नवजोत कौर सिद्धू ने अपने X हैंडल पर पोस्ट करते हुए नई पार्टी की घोषणा की। . नवजोत कौर सिद्धू ने एक फोटो पोस्ट की है, जिसके बैकग्राउंड में नई पार्टी का नाम भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी लिखा है। उन्होंने पोस्ट में लिखा है कि बहुप्रतीक्षित घोषणा। उसमें उन्होंने लिखा है- हमने राष्ट्रीय स्तर पर एक नए विकल्प का काम किया है, जिसमें हमने वर्तमान राजनीतिक नेताओं के प्रदर्शन मानकों का गहराई से अध्ययन और मूल्यांकन किया है। हम केवल अपने देश के लिए अपना जीवन समर्पित करना चाहते हैं और लोगों को वही देना चाहते हैं, जिसके वे वास्तव में हकदार हैं और हमसे अपेक्षा रखते हैं। डॉ. नवजोत कौर ने सोशल मीडिया पर यह पोस्ट देर रात अपलोड की है। हालांकि, पार्टी की घोषणा करते वक्त उनके साथ उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू नहीं दिख रहे। नवजोत कौर को पिछले साल कांग्रेस पार्टी से निकाला गया था। इसके बाद वह भाजपा से नजदीकियां बढ़ा रही थीं। नवजोत कौर सिद्धू ने सोशल मीडिया पर यह फोटो पोस्ट की है। नवजोत कौर ने पार्टी की घोषणा के लिए की गई पोस्ट में ये लिखा… एक जैसी सोच के लोगों को जोड़ा: नवजोत कौर ने अपनी पोस्ट में लिखा कि यह एक दिव्य प्रेरणा है, जिसने कुछ समान सोच वाले लोगों को एक साथ जोड़ा है, जिनमें क्षमता, आत्मविश्वास, साहस और दृढ़ संकल्प है कि वे हर राज्य में एक समान लक्ष्य के साथ काम करें। न्याय, शांति और प्रेम के माध्यम से उच्च चेतना की ऊर्जा के साथ कार्य करते हुए वही प्रदान करें जो वाहेगुरु जी हमसे चाहते हैं। पंजाब को खोई हुई गरिमा वापस दिलाएंगे: डॉ नवजोत कौर ने पोस्ट में आगे लिखा कि हम पंजाब को उसकी खोई हुई गरिमा दिलाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे, ताकि वह फिर से एक स्वर्णिम राज्य बन सके। जहां लोग प्रेम, साझेदारी, न्याय, स्वतंत्रता के अधिकार और निःस्वार्थ सेवा के उद्देश्य के साथ आध्यात्मिक विकास की राह पर चलें और बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के अपने लक्ष्य, मूल्यों और दृष्टिकोण को प्राप्त करें। जनता द्वारा चलने वाली सरकार देंगे: डॉ नवजोत कौर सिद्धू ने लिखा कि हम एक ऐसी सरकार देंगे जो जनता की हो, जनता के लिए हो और जनता द्वारा चलाई जाए। पंजाब के लोगों की सरकार होगी। सत्य और प्रेम के मार्ग पर चलते हुए, आध्यात्मिक गुरुओं की सहायता से लोगों के घायल मनों को ठीक किया जाएगा। भाजपा में जाने के लगाए जा रहे थे कयास डॉ. नवजोत कौर ने जब कांग्रेस में सीएम की कुर्सी 500 करोड़ में बिकने वाला आरोप लगाया तो उसके बाद पंजाब की राजनीति में उथल-पुथल मच गई। कांग्रेस के स्थानीय नेता से लेकर हाईकमान तक सब विपक्ष के निशाने पर आ गए। उसके बाद पार्टी ने सख्त रवैया दिखाते हुए नवजोत कौर को शोकॉज नोटिस जारी किया। पार्टी उन्हें बाहर का रास्ता दिखाती, उससे पहले उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी। कांग्रेस छोड़ने के बाद नवजोत कौर ने मोदी सरकार की तारीफ करनी शुरू की तो कयास लगाए जा रहे थे कि वह भाजपा में शामिल होंगी, लेकिन देर रात सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर पार्टी लॉन्च करके उन्होंने सभी को हैरत में डाल दिया। सिद्धू दंपती का कांग्रेस से यह है विवाद… कैप्टन को CM पद से हटाने पर विवाद हुआ: यह मामला 2021 में शुरू हुआ था, जब कांग्रेस ने नवजोत सिद्धू की लॉबिंग के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह को CM पद से हटा दिया। नया मुख्यमंत्री बनाने की बारी आई तो पहले सुनील जाखड़ (मौजूदा पंजाब भाजपा प्रधान) का नाम आया। कांग्रेस हाईकमान भी इसमें सहमत था। हालांकि, तब चर्चा चली कि पंजाब सिख स्टेट है और यहां किसी हिंदू को मुख्यमंत्री बनाना ठीक नहीं। इसके बाद जाखड़ का पत्ता कट गया। रंधावा का नाम आते ही सिद्धू अड़ गए: इसके बाद सुखजिंदर रंधावा का नाम फाइनल हो गया। उनके घर लड्डू बंट गए और ढोल भी बज गए। इससे नवजोत सिद्धू अड़ गए कि अगर किसी जट्ट सिख को बनाना है तो फिर मुझे मुख्यमंत्री बनाया जाए, अन्यथा किसी दलित चेहरे को बना दें। सिद्धू की नाराजगी देख अचानक चरणजीत चन्नी का नाम सामने किया गया और वह मुख्यमंत्री बना दिए गए। सिद्धू बोले- चन्नी CM चेहरा हैं तो वही सीटें जिताएं: इसके बाद सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस प्रधान होने के बावजूद 2022 के चुनाव में प्रचार नहीं किया। सिद्धू का कहना था कि चन्नी सीएम चेहरा हैं तो वही सीटें जिताएं। मगर, कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई। सिद्धू भी अमृतसर ईस्ट से चुनाव हार गए। इसके बाद सिद्धू ने एक्टिव पॉलिटिक्स से दूरी बना ली और टीवी व क्रिकेट में बिजी हो गए। 500 करोड़ की अटैची वाले बयान पर नवजोत कौर सस्पेंड: पिछले साल उनकी पत्नी नवजोत कौर चंडीगढ़ में गवर्नर से मिली, जहां सिद्धू को सीएम बनाने की बात आई तो उन्होंने कहा कि हमारे पास सीएम बनने के लिए 500 करोड़ की अटैची नहीं है। अगर कांग्रेस उन्हें सीएम चेहरा बनाए तो ही वह एक्टिव होंगे। इसके बाद कांग्रेस पर आरोप लगे कि वहां सीएम बनाने के लिए 500 करोड़ लेते हैं। नवजोत कौर यहीं नहीं रुकी, उन्होंने वड़िंग और रंधावा पर भी टिकट बेचने के आरोप लगा दिए। इसके बाद 8 दिसंबर को नवजोत कौर सिद्धू को सस्पेंड कर दिया गया था। बाद में निकाल दिया। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… कांग्रेस ने सिद्धू की पत्नी को पार्टी से निकाला:नवजोत कौर ने लिखा- पप्पू ने अपने नाम पर मुहर लगाई; BJP ने मेरे टैलेंट को पहचाना पंजाब में पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी से निकाल दिया गया है। छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम और पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने इसकी जानकारी दी है। हालांकि इससे कुछ दिन पहले ही नवजोत कौर सिद्धू ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया था। पूरी खबर पढ़ें…
MP Weather Alert | Bhopal Gwalior 34 Districts Aandhi Baarish 40-50kmph

रीवा के त्योंथर में ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद हुई हैं। मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश का नया सिस्टम एक्टिव हो गया है। इस वजह से अगले 3 दिन तक उत्तरी और पूर्वी हिस्से में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। IMD (मौसम केंद्र), भोपाल ने 9 अप्रैल तक तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। मंगलवार को भोपाल, ग . मंगलवार को जिन जिलों में आंधी और बारिश हो सकती है, उनमें ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, भोपाल, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, रतलाम, नीमच, मंदसौर, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर, दमोह, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर शामिल हैं। 8 और 9 अप्रैल को भी ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग के जिलों में सिस्टम का असर रहेगा। तेज आंधी भी चलेगी मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में तेज आंधी भी चलेगी। कुछ जिलों में इसकी अधिकतम रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रहेगी। बाकी में 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलेगी। मौसम का मिजाज दोपहर बाद ही बदलेगा। अगले 3 दिन ऐसा रहेगा एमपी में मौसम… 11 अप्रैल को नया सिस्टम मौसम विभाग की माने तो 11 अप्रैल को उत्तर-पश्चिमी हिस्से में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव होगा। जिसका असर प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। अप्रैल में एमपी में दिखा कश्मीर जैसा नजारा इससे पहले 4, 5 और 6 अप्रैल को प्रदेश में सिस्टम की स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी देखने को मिल चुकी है। 4 अप्रैल को तो 14 जिलों में ओलावृष्टि और 39 जिलों में तेज आंधी-बारिश का दौर रहा था। रविवार को भी मौसम का मिजाज बदला रहा। कहीं तेज आंधी चली तो कहीं बारिश भी हुई। सोमवार को कहीं-कहीं बारिश का दौर बना रहा। 50 से 60Km/प्रतिघंटा से चलेगी आंधी मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में तेज आंधी भी चलेगी। कुछ जिलों में इसकी अधिकतम रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रहेगी। बाकी में 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलेगी। अप्रैल-मई में सबसे ज्यादा गर्मी जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। इस बार मध्यप्रदेश में मार्च के दूसरे पखवाड़े में पारा 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा था। मार्च के आखिरी में टेम्प्रेचर बढ़ने लगता है, लेकिन इस बार ऐसा मौसम नहीं रहा। आखिरी 3 दिन वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से पारे में गिरावट आई। इसी तरह अप्रैल के पहले पखवाड़े में मौसम का असर मिला-जुला रहेगा। फरवरी-मार्च में 4-4 बार बदला मौसम इस साल जनवरी में बारिश नहीं हुई, लेकिन फरवरी और मार्च में 4-4 बार मौसम बदला। फरवरी में शुरुआत से ही दो बार ओले, बारिश और आंधी आई, जिससे फसलों को नुकसान हुआ। 18 फरवरी से बारिश का तीसरा दौर रहा, जिसका असर 21 फरवरी तक रहा। चौथा दौर 23-24 फरवरी को ओले-बारिश के रूप में आया। मार्च में गर्मी की शुरुआत हुई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी रही। दूसरे पखवाड़े में बारिश शुरू हुई और एक दौर 4 दिन चला। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश और 17 जिलों में ओले गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुईं। तीसरा दौर 26-27 मार्च को रहा। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश हुई। चित्रकूट में आंधी और बारिश से दीप सज्जा कार्यक्रम प्रभावित हुआ। चौथा दौर 29-30 मार्च को रहा। 30 मार्च को आधे प्रदेश में कहीं आंधी-बारिश और कहीं ओले गिरे। MP के 5 बड़े शहरों में अप्रैल में मौसम का ऐसा ट्रेंड… एमपी में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 10 साल की डाटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री तक पहुंचा जबकि जबलपुर में इसने 44 डिग्री सेल्सियस को छू लिया। ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। पिछले तीन साल इन शहरों में तेज गर्मी पड़ी। इस बार भी तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। भोपाल में 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ साल से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है। 20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था। इंदौर में पिछले साल गिरा था 22.3 मिमी पानी इंदौर में भी पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 25 अप्रैल 1958 को सर्वाधिक 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इस महीने यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। गर्मी के साथ बादल छाए रहते हैं तो बौछारें भी गिरती हैं। हर साल बारिश का दौर भी बनता है। जबलपुर में तेज गर्मी का ट्रेंड जबलपुर की बात करें तो यहां अप्रैल में एक बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 28 अप्रैल 1970 को दिन का तापमान 45.4 डिग्री रहा था। अप्रैल में यहां भी बारिश होने की संभावना रहती है। रिकॉर्ड के अनुसार, जबलपुर में 3 अप्रैल 1935 को 24 घंटे के भीतर 50.3 मिमी बारिश हुई थी। 2023 में 20.2 मिमी पानी गिरा था। इस साल 19 अप्रैल को अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। ग्वालियर में पड़ती है सबसे ज्यादा गर्मी ग्वालियर में अप्रैल की गर्मी का ट्रेंड बाकी शहरों से अलग रहता है। यहां ज्यादा गर्मी पड़ती है। बीते 10 साल में यहां पारा एक बार 45 डिग्री और 3 बार 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। 28 अप्रैल 1958 को तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। एक दिन में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड वर्ष 1909 में बना था, जब 22 अप्रैल को कुल 67.6 मिमी बारिश हुई थी। इसी साल
बिलबोर्ड पर छाए हरियाणवी सिंगर भाइयों की कहानी:बैरण सॉन्ग में एनिमेटेड लव स्टोरी दिखाई; कोरोना में गाना शुरू किया, अब मुंबई से भी ऑफर

हरियाणा में भिवानी जिले का गांव संडवा। इस गांव के रहने वाले दो चचेरे भाई सुमित और अनुज पूरे भारत में छाए हुए हैं। वजह- इनका नया हरियाणवी गाना बैरण। इस गाने में अनुज ने अपनी आवाज दी है, जबकि सुमित ने म्यूजिक कंपोज किया। सुमित भी म्यूजिक कंपोज करने के साथ-साथ सिंगिंग करते हैं। बैरण गाने को यूट्यूब पर अभी तक 67 मिलियन लोग देख चुके हैं। खास बात यह है कि यह गाना बिलबोर्ड इंडिया की लिस्ट में तीन हफ्तों से टॉप पर है। वीडियो में एनिमेटेड लव स्टोरी दिखाई गई है। गाने के बोल हैं- “हो, मन्नै सांभ-सांभ राखे तेरे झांझरा के जोड़े। मेरी गेल रो-रो ये भी छोरी बावले से होरे। मन्नै आए जावै ख्याल तेरे, खाए जावै ख्याल तेरे। जीण कोन्या देती, हाय बैरी तन्हाई मन्नै।” अनुज और सुमित बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही गाना गाने का शौक है। 2019 में जब कोरोना लॉकडाउन लगा तो सिंगिंग में करियर बनाने की ठानी। अपना खुद का यूट्यूब चैनल बनाया। उन्होंने अभी तक 6 गाने रिलीज किए हैं। पहले पांच गाने हिट नहीं हुए। छठे गाने बैरण ने उन्हें बुलंदियों पर पहुंचा दिया। बिलबोर्ड पर गाना रैंक करने के बाद उन्हें मुंबई से कई बड़ी म्यूजिक कंपनियों से ऑफर आए। हालांकि उन्होंने अभी किसी को हां नहीं की। हरियाणा में मासूम शर्मा, केडी से लेकर पंजाबी सिंगर दिलप्रीत ढिल्लों ने भी उन्हें साथ काम करने का ऑफर दिया। पहले सुमित और अनुज के बारे में जानिए…. सुमित के पिता PTI, भाई असिस्टेंट प्रोफेसर सुमित का जन्म 20 अप्रैल 1998 में हुआ। उनके पिता सत्यवान PTI टीचर हैं। उन्होंने अंबाला पॉलिटेक्निक से मैकेनिक ट्रेड में कोर्स किया। उसके बाद हिसार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से एग्रीकल्चर में बीटेक पास की। सुमित भी गाना गाने के साथ म्यूजिक कंपोज करते हैं। उनका छोटा भाई असिस्टेंट प्रोफसर है। अनुज के पिता JBT टीचर अनुज का जन्म 30 अगस्त 2002 को हुआ। इनके पिता राजेंद्र सिंह JBT टीचर हैं। अनुज की एक बड़ी बहन भी है। उन्होंने JRF क्वालीफाई किया हुआ है। अनुज जब तीसरी क्लास में थे तो उन्होंने स्टेज पर ‘यशोमती मैया से बोले नंदलाला’ भजन गया था। इसके बाद स्कूल टाइम में वह अलग-अलग प्रोग्रामों में हिस्सा लेने लगे। अनुज ने आठवीं क्लास में म्यूजिक में करियर बनाने की ठान ली। सरकारी नौकरी की कोशिश की अनुज बताते हैं कि उन्हें सिंगर बनना था। तब परिवार ने कहा कि पढ़ाई बेहद जरूरी है। इसलिए वे उन्होंने पॉलिटिकल साइंस में MA की। इसके बाद नेट का एग्जाम भी क्रैक किया। सरकारी नौकरी की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद म्यूजिक में ही अपना करियर बनाने की अब जानिए कैसे शुरू हुई सिंगर बनने की कहानी…. कोविड में गाने की शुरुआत, हारमोनियम खरीदा अनुज ने बताया कि 2019 में कोविड आने के दौरान गाने की सही शुरुआत हुई। सुमित और मैंने मिलकर हारमोनियम और कंप्यूटर खरीदा। हालांकि, दोनों को हारमोनियम चलाना नहीं आता था। धीरे-धीरे यूट्यूब से सीखने की कोशिश की, लेकिन प्रॉपर तरीके से नहीं सीख पाए। पहले गाने के 40 हजार दिए, पसंद नहीं आया सुमित ने बताया कि उन्होंने 2019 में एक गाना लिखा था। वे अपने पहले गाने को कंपोज कराना चाहते थे, इसलिए उन्होंने अपने परिवार से 40 हजार रुपए मांगे। उन्होंने हिसार में एक म्यूजिक प्रोड्यूसर से गाना तैयार करवाया, लेकिन उन्हें म्यूजिक पसंद नहीं आया। वे चाहते थे कि उनके लिरिक्स हर दिल तक पहुंचें। वे अपनी भावना को म्यूजिक प्रोड्यूसर तक ठीक से नहीं पहुंचा पाए, जिसकी वजह से मिसकम्युनिकेशन हुआ और गाना बेहतरीन नहीं बन पाया। इसके बाद 5 और गाने रिलीज किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। 28 नवंबर 2024 को पहला गाना रिलीज किया सुमित ने बताया कि 2024 में उन्होंने यूट्यूब पर बंजारा के नाम से चैनल बनाया। इसी ऑफिशल चैनल से अपने गाने रिलीज करने शुरू कर दिए। 28 नवंबर 2024 में ‘सूट्स विद मी’ पहला गाना रिलीज किया। उसके बाद उन्होंने दूसरा गाना ‘डिफरेंट टॉक’, आशिक आवारा, मौज, हाय रै और छठ गाना बैरण रिलीज किया। बैरण गाना लिखने से लेकर एनिमेटेड वीडियो रिलीज करने में डेढ़ साल का समय लगा। उन्होंने बार-बार इसके लिरिक्स बदले। चंडीगढ़ में शूटिंग हुई, लेकिन पसंद नहीं आई अनुज ने बताया कि गाने का वीडियो चंडीगढ़ में शूट किया था, लेकिन पसंद नहीं आया और रिजेक्ट कर दिया। 23 जनवरी 2026 को ऑडियो सॉन्ग रिलीज किया। लोग इस गाने को पसंद करने लगे। उन्होंने सोचा कि इसके वीडियो में कुछ ऐसा करना है, जिसे लोग फील कर पाएं। इसलिए एनिमेटेड वीडियो लगाने का प्लान आया। 13 फरवरी 2026 को एनिमेटेड वीडियो रिलीज किया। 50 हजार में हुआ था गाना तैयार सुमित ने बताया कि अभी तक रिलीज सभी छह गानों में एक स्टोरी दिखाई गई है। उनका म्यूजिक एक सफर दिखाता है। बंजारा जाति में भी यह चीज कॉमन होती है और हमारी म्यूजिक में भी यह बात बड़ा थी, इसीलिए चैनल का नाम बंजारा रखा। 17 मार्च 2026 को बैरण गाना बिलबोर्ड इंडिया की टॉप रैंकिंग में आया। बैरन गाने का म्यूजिक पंचकूला में रोनी ने तैयार किया। 50 हजार में पूरा गाना तैयार हुआ। पहले पांच गाने नहीं चले, लेकिन छठे गाने ने दोनों भाइयों को बुलंदियों तक पहुंचा दिया। पंजाब और बॉलीवुड से भी ऑफर आए अनुज ने बताया कि बिलबोर्ड इंडिया की नंबर वन रैंकिंग में आने के बाद हरियाणा, पंजाब और बॉलीवुड से उन्हें लगातार ऑफर आ रहे हैं। उनकी मुंबई में एक बड़ी कंपनी के साथ भी बातचीत हुई, लेकिन वहां पर ठीक नहीं लगा और इसलिए काम नहीं किया। हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा, केडी, अमित सैनी रोहतकिया की तरफ से भी साथ काम करने के लिए ऑफर आए। पंजाब से दिलप्रीत ढिल्लों की तरफ से भी ऑफर मिला। हरियाणा और पंजाब की इंडस्ट्री से काफी सपोर्ट भी मिल रहा है। लोग ताने मारते थे, कहते- इसमें कुछ नहीं रखा अनुज ने बताया कि कोरोना में लॉकडाउन के दौरान जब उन्होंने गाने बनाना शुरू किया, तो कुछ लोग उनसे कहते थे कि गानों में कुछ नहीं रखा है। माता-पिता को भी यही कहते थे कि बच्चों को पढ़ा-लिखाकर आगे बढ़ाओ, क्योंकि गाने के क्षेत्र में सबको कामयाबी नहीं मिलती, लेकिन उन्हें माता-पिता
IITian Baba Abhay Singhs Love Story With Preetika; Mahashivratri Wedding

IITian बाबा अपनी पत्नी के साथ सोमवार को झज्जर में अपने घर पहुंचे थे। यहां सास शीला देवी ने अपनी बहू को काफी गिफ्ट दिए। प्रयागराज महाकुंभ-2025 से चर्चा में आए IITian बाबा अभय सिंह ने खुद अपनी लव स्टोरी के बारे में बताया। उन्होंने कहा- प्रीतिका से मेरी मुलाकात 2025 में महाशिवरात्रि पर तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक आश्रम में हुई थी। प्रीतिका मोक्ष की तलाश में साधना करने आ . IITian बाबा ने कहा- मुलाकात के दूसरे ही दिन मैंने प्रीतिका से शादी के लिए पूछ लिया। पहले तो प्रीतिका को लगा कि मैं मजाक कर रहा हूं। बाद में मैंने उनसे कहा कि मैं सीरियस हूं। एक साल तक हम दोनों दोस्त रहे। फिर शादी करने का फैसला किया। 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर उत्तराखंड में ऋषिकेश के पास मनसा देवी मंदिर में प्रीतिका की मांग में सिंदूर भरा। IITian बाबा सोमवार को शादी के बाद पहली बार नई दुल्हन के साथ हरियाणा के झज्जर अपने घर पहुंचे। यहां उनकी मां शीला देवी ने बहू का गृह प्रवेश कराया। IITian बाबा ने कहा- मैंने पहले ही कहा था कि अगर मुझे मेरी ‘पार्वती’ मिली तो जरूर शादी करूंगा। अब प्रीतिका के रूप में उन्हें उनकी जीवनसंगिनी मिल गई है। IITian बाबा अभय सिंह और प्रीतिका हिमाचल के धर्मशाला में रह रहे हैं। परिवार से मुलाकात के बाद सोमवार रात को दोनों धर्मशाला चले गए। इन्होंने दिल्ली से धर्मशाला की फ्लाइट पकड़ी। IITian बाबा की पत्नी के 2 PHOTOS…. IITian बाबा अभय सिंह के साथ गृह प्रवेश करतीं उनकी पत्नी प्रीतिका। बेटे अभय सिंह और बहू प्रीतिका को आशीर्वाद देते कर्ण सिंह और शीला देवी। IITian बाबा बोले- डॉक्यूमेंट के लिए कोर्ट मैरिज की कोर्ट मैरिज के सवाल पर IITian बाबा ने कहा- ऑफिशियल तौर पर भी ये जरूरी थी। हम जहां भी जाते थे तो डॉक्यूमेंट की जरूरत पड़ती थी। दूसरा, हम जो ऑर्गनाइजेशन बना रहे हैं, उसमें भी बैंक अकाउंट के लिए डॉक्यूमेंट जरूरी थे, इसलिए शादी के डॉक्यूमेंट जरूरी थे। अपने ससुर कर्ण सिंह से बात करतीं प्रीतिका। पिता बोले- कई दिन से बुला रहे थे IITian बाबा के पिता कर्ण सिंह ने बताया- अभय का बैंक अकाउंट यूज न होने की वजह से फ्रीज हो गया था। उसने ब्रांच में जाकर इसे एक्टिव कराया। हम लोग कई दिन से उसे घर बुला रहे थे। हमें डर रहता था कि कहीं वो डिप्रेशन में न चला जाए। सोमवार को वह अकेला नहीं, बल्कि बहू को साथ लेकर आया। हम लोगों को बहुत खुशी हुई। अब हमें संतुष्टि है कि बेटे को संभालने वाला कोई आ गया है। प्रीतिका ने एस्ट्रोनॉमी एंड स्पेस इंजीनियरिंग में मास्टर्स किया प्रीतिका मूलरूप से कर्नाटक की हैं। मंगलौर के सेंट जोसेफ इंजीनियरिंग कॉलेज (SJEC) से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन में बीटेक किया, फिर एमआईटी मणिपाल से एस्ट्रोनॉमी एंड स्पेस इंजीनियरिंग में मास्टर्स किया। बेंगलुरु स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स (IIA) में रिसर्च इंटर्नशिप की। जहां ब्रह्मांड के रहस्य खोजते-खोजते खुद अध्यात्म की ओर मुड़ गईं। अभय की मां शीला देवी ने अपनी बहू को हाथ से बने बैग गिफ्ट किए। सफेद कपड़े पर ली पैरों की छाप, बहू को पहनाई सोने की चेन सोमवार को झज्जर में परिजनों ने अभय और प्रीतिका का शानदार स्वागत किया। घर पहुंचते ही मां शीला ने बहू के सिर पर चुनरी ओढ़ाकर आशीर्वाद दिया। बहू को सूट-साड़ी भेंट की और सोने की चेन भी पहनाई। जैसे ही बहू ने घर में कदम रखा, उसके पैरों की छाप सिंदूर से थाली में ली गई। उसे सफेद कपड़े पर संजोकर सुरक्षित रखा गया। दोपहर में मां ने बेटे-बहू को हलवा-खीर खिलाई। इसके बाद अभय अपने पैतृक गांव सासरौली चले गए। रात को वहां से लौटने पर मां ने कढ़ी-चावल खिलाए। साथ ही बहू को हैंडमेड बैग गिफ्ट किए। प्रीतिका बोलीं- इतना प्यार कभी नहीं मिला ससुराल में स्वागत पर प्रीतिका ने कहा- यहां पर मुझे बहुत प्यार मिला। कर्नाटक और हरियाणा की चीजें काफी अलग हैं। यहां आकर काफी कुछ सीखने को मिल रहा है। काफी लोगों के घर पर गए, वहां भी बहुत प्यार मिला। इससे पहले कभी इतना प्यार नहीं मिला। ——————– ये खबर भी पढ़ें :- महाकुंभ वाले IITian बाबा ने इंजीनियर लड़की से शादी की:हरियाणा में घर पहुंचे, मां ने बहू की आरती उतारी; दोनों हिमाचल में रह रहे प्रयागराज महाकुंभ-2025 से चर्चा में आए IITian बाबा अभय सिंह ने शादी कर ली है। पत्नी का नाम प्रीतिका है। यह खुलासा खुद IITian बाबा ने सोमवार को किया। लंबे समय बाद वह भगवा कपड़े पहने हरियाणा के झज्जर पहुंचे। पत्नी प्रीतिका भी उनके साथ थीं। पढ़ें पूरी खबर…








