Monday, 24 Aug 2026 | 07:46 PM

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UP-MP Rajasthan Heavy Rain & Hail Alert

UP-MP Rajasthan Heavy Rain & Hail Alert

Hindi News National UP MP Rajasthan Heavy Rain & Hail Alert | 20 States; Jammu Kashmir Himachal Landslide भोपाल/लखनऊ/शिमला/देहरादून15 मिनट पहले कॉपी लिंक देश में बैक-टु-बैक दो वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने से मौसम बदल गया है। आज यूपी-राजस्थान समेत 20 राज्यों में आंधी और बारिश की संभावना है। वहीं 10 राज्यों में ओले गिर सकते हैं। जम्मू-कश्मीर के रामबन में लैंडस्लाइड से जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद हो गया। वहीं हिमाचल के चंबा में मंगलवार सुबह लैंडस्लाइड से निर्माणाधीन पुल टूट गया। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में मंगलवार देर शाम धूल भरी आंधी चली। मथुरा और गाजियाबाद समेत 10 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई, जबकि कई जगह पेड़ और बिजली के पोल गिर गए। राजस्थान के उदयपुर में अंधड़ से मकान की दीवार गिर गई, जबकि रेगीस्तानी जिला जैसलमेर और नागौर में बारिश के साथ ओले गिरे। इधर, मध्य प्रदेश के शिवपुरी, दतिया, धार, पीथमपुर और झाबुआ में भी बारिश हुई। बुधवार को ग्वालियर-मुरैना समेत 13 जिलों में गरज के साथ बिजली गिरने की संभावना है। पंजाब में बारिश और ओले गिरने से 1.25 लाख एकड़ फसल खराब हो गई है। वहीं दिल्ली में बारिश के कारण तापमान गिरा है। मंगलवार को तीन साल में अप्रैल का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। मौसम की 4 तस्वीरें… पंजाब के अमृतसर में मंगलवार शाम तेज बारिश हुई। वीजुअल्स स्वर्ण मंदिर से है। हिमाचल प्रदेश के चंबा के भरमौर में लैंडस्लाइड से क्षतिग्रस्त सिंयूर का पुल। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में आंधी में कार पर एक पेड़ गिर गया। ड्राइवर की बाल-बाल जान बची। यूपी के झांसी में मंगलवार शाम तेज आंधी चली। रोड पर धुएं का गुबार उड़ने लगा। अगले दो दिन मौसम का हाल 8 अप्रैल: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी में गरज-चमक के साथ तेज बारिश की संभावना है। 40 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है। बिहार, झारखंड, बंगाल, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश के साथ ओले गिरने की आशंका। 9 अप्रैल: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। 30 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है। असम-मेघालय में भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि मध्य और पूर्व भारत के कुछ हिस्सों में गरज और चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

UP-MP Rajasthan Heavy Rain & Hail Alert

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Hindi News National UP MP Rajasthan Heavy Rain & Hail Alert | 20 States; Jammu Kashmir Himachal Landslide भोपाल/लखनऊ/शिमला/देहरादून45 मिनट पहले कॉपी लिंक देश में बैक-टु-बैक दो वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने से मौसम बदल गया है। आज यूपी-राजस्थान समेत 20 राज्यों में आंधी और बारिश की संभावना है। वहीं 10 राज्यों में ओले गिर सकते हैं। जम्मू-कश्मीर के रामबन में लैंडस्लाइड से जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद हो गया। वहीं हिमाचल के चंबा में मंगलवार सुबह लैंडस्लाइड से निर्माणाधीन पुल टूट गया। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में मंगलवार देर शाम धूल भरी आंधी चली। मथुरा और गाजियाबाद समेत 10 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई, जबकि कई जगह पेड़ और बिजली के पोल गिर गए। राजस्थान के उदयपुर में अंधड़ से मकान की दीवार गिर गई, जबकि रेगीस्तानी जिला जैसलमेर और नागौर में बारिश के साथ ओले गिरे। इधर, मध्य प्रदेश के शिवपुरी, दतिया, धार, पीथमपुर और झाबुआ में भी बारिश हुई। बुधवार को ग्वालियर-मुरैना समेत 13 जिलों में गरज के साथ बिजली गिरने की संभावना है। पंजाब में बारिश और ओले गिरने से 1.25 लाख एकड़ फसल खराब हो गई है। वहीं दिल्ली में बारिश के कारण तापमान गिरा है। मंगलवार को तीन साल में अप्रैल का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। मौसम की 4 तस्वीरें… पंजाब के अमृतसर में मंगलवार शाम तेज बारिश हुई। वीजुअल्स स्वर्ण मंदिर से है। हिमाचल प्रदेश के चंबा के भरमौर में लैंडस्लाइड से क्षतिग्रस्त सिंयूर का पुल। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में आंधी में कार पर एक पेड़ गिर गया। ड्राइवर की बाल-बाल जान बची। यूपी के झांसी में मंगलवार शाम तेज आंधी चली। रोड पर धुएं का गुबार उड़ने लगा। अगले दो दिन मौसम का हाल 8 अप्रैल: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी में गरज-चमक के साथ तेज बारिश की संभावना है। 40 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है। बिहार, झारखंड, बंगाल, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश के साथ ओले गिरने की आशंका। 9 अप्रैल: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। 30 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है। असम-मेघालय में भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि मध्य और पूर्व भारत के कुछ हिस्सों में गरज और चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

शिमला के नारकंडा-कुफरी में बर्फबारी:हिमाचल में रातभर तेज बारिश, आज 5 जिलों में ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट, तापमान में भारी गिरावट

शिमला के नारकंडा-कुफरी में बर्फबारी:हिमाचल में रातभर तेज बारिश, आज 5 जिलों में ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट, तापमान में भारी गिरावट

हिमाचल प्रदेश में शिमला जिला के मशहूर पर्यटन स्थल नारकंडा और कुफरी समेत लाहौल स्पीति के ऊंचे पहाड़ों पर सुबह 6 बजे के बाद बर्फबारी शुरू हुई। इससे पहले, पूरे प्रदेश में रात भर तेज बारिश हुई। कई जगह तूफान भी चला। मौसम विभाग ने आज भी पांच जिलों में ओलावृष्टि और तूफान का ऑरेंज अलर्ट दे रखा है। बारिश व बर्फबारी के बाद पहाड़ों पर दिसंबर-जनवरी जैसी ठंड लौट आई है। पहाड़ों पर लोग सर्दी के गर्म कपड़े निकालने को मजबूर हो गए है। राज्य के कई शहरों का न्यूनतम तापमान जमाव बिंदू के आसपास पहुंच गया है। बीते 24 घंटे में प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान भी सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस नीचे गिरा है। बर्फबारी के बाद इसमे और गिरावट आएगी। ऊना के अधिकतम तापमान में सामान्य की तुलना में सबसे ज्यादा 9.2 डिग्री की गिरावट आने के बाद पारा 23.6 डिग्री सेल्सियस रह गया है। सोलन का अधिकतम तापमान भी सामान्य से 9.1 डिग्री कम होने के बाद 23.6 डिग्री, कांगड़ा का 6.1 डिग्री लुढ़कने के बाद 26 डिग्री, सुंदरनगर का 5.6 डिग्री कम होने के बाद 23.3 डिग्री सेल्सियस रह गया है। 3 जगह जमाव बिंदू के आसपास पहुंचा रात का पारा बीते 24 घंटे में कल्पा का न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री, कुकुमसैरी का 0.4, ताबो का पारा 1.1 डिग्री, मनाली का 5.5 डिग्री, सियोबाग 5.8 डिग्री, सोलन 8.5, भुंतर व शिमला का न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रह गया है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन में कई शहरों का पारा माइनस में जाने की संभावना है। आज पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट IMD के अनुसार- अगले 48 घंटे भी ठंड से राहत के आसार नहीं है। आज कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिला में भारी ओलावृष्टि व तूफान का ऑरेंज अलर्ट जारी कर रखा है। अन्य जिलों में येलो अलर्ट की चेतावनी दी गई है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तूफान चलने का पूर्वानुमान है। कल भी पूरे प्रदेश में खराब रहेगा मौसम अगले कल भी मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। नौ अप्रैल के लिए मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिला में येलो अलर्ट दिया गया है। 10 अप्रैल को वेस्टर्न डिस्टरबेंस थोड़ा कमजोर पड़ेगा, इस दिन अधिक ऊंचे पहाड़ों पर ही हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि 11 व 12 अप्रैल को अधिक ऊंचे व मध्यम ऊंचाई वाले कुछेक क्षेत्रों में हल्की बारिश के आसार हैं। सेब की फसल पर संकट ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण सेब बागवानों को भारी नुकसान हो रहा है। बर्फ के भार से सेब को ओलो से बचाने के लिए लगाए गए एंटी हेल नेट और बांस टूट रहे है। सेब की फ्लावरिंग के वक्त अत्यधिक ठंड के कारण फसल पर संकट मंडरा रहा है, क्योंकि फ्लावरिंग के दौरान औसत तापमान 14 से 15 डिग्री जरूरी होता। मगर आज दो दिन से औसत पारा 6 से 7 डिग्री तक गिर गया है।

Karan Aujla vs Yo Yo Honey Singh Rivalry Punjabi Music Diss

Karan Aujla vs Yo Yo Honey Singh Rivalry Punjabi Music Diss

पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री में दो सुपरस्टार यो-यो हनी सिंह और करण औजला के बीच राइवलरी छिड़ गई है। हनी सिंह ने दिल्ली के अपने हालिया कॉन्सर्ट में बिना नाम लिए करण औजला ‘6-7’ बताकर तंज कसा था। हालांकि फैंस समझ गए थे कि यह तंज करण औजला पर ही था। . अब करण औजला ने यो-यो हनी सिंह पर काउंटर अटैक किया। करण औजला ने अपने लाइव शो में बिना नाम लिए कहा, “साड्‌डा 6-7 नहीं बेबी, 5-7 आ!”। यह 5-7 है ये 6-7 क्या है, ये तो बच्चों वाली बातें हैं। लेवल चेक करो। औजला के हनी सिंह को दिए जवाब पर फैंस ने जमकर शोर मचाया। दरअसल करण औजला का 5-7 सॉन्ग काफी लोकप्रिय हो रहा है और उस गीत के 36 मिलियन व्यूज हैं। जब यो-यो हनी सिंह ने अपने शो में 6-7 का जिक्र किया तो भी लोगों ने इस गाने को ढूंढकर सुना। औजला के जवाब के बाद दोनों सिंगर के फैंस भी आमने-सामने हैं। औजला के फैंस इसे ‘करारा जवाब’ बता रहे हैं, वहीं हनी सिंह के फैंस का कहना है कि इंडस्ट्री में ‘किंग’ का मुकाबला कोई नहीं कर सकता। करण औजला परफॉर्म करते हुए। हनी सिंह और करण औजला ने एक-दूसरे को क्या कहा हनी सिंह- मेरा शो सुपरहिट, बाकी 6-7 यो-यो हनी सिंह अपने माय स्टोरी इंडिया टूर के तहत कुछ दिन पहले दिल्ली कॉन्सर्ट में परफॉर्म कर रहे थे। स्टेज पर बोलते हुए उन्होंने गर्व से कहा कि उनके शो हमेशा ‘सुपरहिट’ होते हैं, जबकि बाकी आर्टिस्ट्स के शो ‘6-7’ ही रह जाते हैं। इस दौरान उन्होंने गंदे इशारे भी किए। ‘6-7’ शब्द Gen-Z स्लैंग में एवरेज परफॉर्मेंस के लिए इस्तेमाल होता है। फैंस ने हनी सिंह के इस कमेंट को करण औजला की तरफ इशारा माना, क्योंकि करण के हाल के गाने और कॉन्सर्ट्स भी जबरदस्त चल रहे हैं और दोनों के बीच इंडस्ट्री में साइलेंट कॉम्पिटिशन की चर्चा पहले से थी। औजला ने कहा- इट्स नॉट 6-7, इट्स 5-7 करण औजला ने इस पर पलटवार अपने हाल के लाइव परफॉर्मेंस पी पॉप कल्चर इंडिया टूर के एक शो में किया। स्टेज पर करण औजला ने बिना किसी का नाम लिए कहा – “इट्स नॉट 6-7, इट्स 5-7 बेबी!”। “साड़ा 6-7 नहीं बेबी, 5-7 आं!”। यह 5-7 है ये 6-7 क्या है ये तो बच्चों वाली बातें हैं। लेवल चेक करो। यह लाइन उनके अपने ही हालिया हिट गाने ‘5-7’ का सीधा रेफरेंस थी। करण औजला शो के दौरान जवाब देते हुए। करण औजला के 5-7’ गाने का सफर करण औजला का गाना ‘5-7’ 18 फरवरी 2026 को रिलीज हुआ था। सिंगर-गीतकार-कंपोजर खुद करण औजला, म्यूजिक MXRCI का और फीचरिंग मॉडल-अभिनेत्री अलंकृता है। गाने की थीम, लिरिक्स और विजुअल्स ने युवाओं को आकर्षित किया। रिलीज के कुछ हफ्तों में ही गाने के 3.65 करोड़ (36.5 मिलियन) से ज्यादा व्यूज पार हो गए हैं। यूट्यूब पर यह वीडियो ट्रेंडिंग लिस्ट में छाया रहा। गाना सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय है। ‘5-7’ वाली लाइन खूब वायरल हो रही है। हनी सिंह के कमेंट के बाद और बढ़ गया। यो यो हनी सिंह व करण औजला। हनी सिंह व करण औजला के बीच हुए विवाद गीत और म्यूजिक को लेकर विवाद: हनी सिंह ने कमबैक के बाद कई इंटरव्यू दिए, जिसमें उन्होंने कहा कि आज के पंजाबी कलाकार उनके बनाए रास्ते पर चल रहे हैं। हनी सिंह ने एक बार यह तक कह दिया कि वह आजकल के गानों को बहुत ज्यादा नहीं सुनते। उन्हें लगता है कि म्यूजिक का लेवल गिर गया है। इसके बाद करण औजला ने एक इंटरव्यू में अपनी मेहनत के साथ आज के टाइम के संगीत को सक्सेसफुल बताया था। करण औजला ने कहा था- मैं सबकी रिस्पेक्ट करता हूं। यो-यो हनी सिंह पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि आज म्यूजिक बदल रहा है। अगर आप समय के साथ नहीं बदलेंगे, तो आप पीछे रह जाएंगे। वहीं से दोनों के बीच वॉर शुरू हुई। हनी सिंह के मैनेजर ने करण औजला पर कसे थे तंज हनी सिंह के मैनेजर ने भी पहले करण औजला पर तंज कसे थे। पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री में टॉप पर रहने की होड़ में हनी सिंह (जो 2010 के दशक में ‘इंटरनेशनल’ स्टार बने) और करण औजला (नई जनरेशन का चेहरा) के बीच कॉम्पिटिशन नेचुरल है। हनी सिंह ने हाल के सालों में कमबैक किया है, जबकि करण औजला लगातार हिट गाने दे रहे हैं। दोनों के फैंस अकसर सोशल मीडिया पर बहस करते रहते हैं। करण औजला शो के दौरान परफॉर्मेंस देते हुए।- फाइल पंजाबी म्युजिक इंडस्ट्री में करण औजला के विवादों को जानिए… करण औजला और सिद्धू मूसेवाला से विवाद: पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री में उस समय बड़ा विवाद देखने को मिला जब सिंगर करण औजला और सिद्धू मूसेवाला के बीच गीतों के जरिए टकराव शुरू हुआ। दोनों कलाकारों ने अपने-अपने गानों में एक-दूसरे पर निशाना साधा, जिसे फैंस ने “diss war” का नाम दिया। इस राइवलरी के चलते दोनों के समर्थकों के बीच सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई। करण औजला के गानों में पुराने कलाकारों पर तंज: हाल के सालों में करण औजला के कुछ गानों की लाइनों को लेकर चर्चा हुई कि वे पुराने दौर के कलाकारों पर तंज कस रहे हैं। सोशल मीडिया यूजर्स ने इन लाइनों को यो यो हनी सिंह से जोड़कर देखा, हालांकि औजला ने किसी का नाम लेकर कोई टिप्पणी नहीं की। इस मुद्दे को लेकर कोई सीधा विवाद सामने नहीं आया। लेकिन फैंस के बीच तुलना का दौर जारी रहा। करण औजला के गाने लीक होने से मचा बवाल: करण औजला उस समय नाराज हो गए, जब उनके कई अनरिलीज्ड गाने इंटरनेट पर लीक हो गए। इस पर उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए कड़ी नाराजगी जताई और इसे कलाकारों के लिए नुकसानदायक बताया। उन्होंने फैंस से अपील की कि वे ऐसे लीक कंटेंट को बढ़ावा न दें। करण औजला के गानों के बोलों पर विवाद: करण औजला के कुछ गानों के बोलों को लेकर भी विवाद सामने आए हैं। आलोचकों का कहना है कि उनके गानों में हिंसा और आक्रामक भाषा का प्रयोग अधिक होता है। हालांकि उनके फैंस इसे उनकी स्टाइल और रियलिस्टिक एक्सप्रेशन बताते हैं। कुछ दिन

Health Tips: गर्मी में कुडजू स्टार्च का करें सेवन, पसीना, थकान और गर्मी से मिलेगी राहत, शरीर को मिलेगा जबरदस्त फायदा

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Last Updated:April 08, 2026, 05:20 IST Kudzu Starch Drink Benefits : कुडज़ू और कसावा स्टार्च पेय गर्मी में ठंडक और सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है. पलामू के आयुर्वेद के जानकार शिव कुमार पांडे ने कहा कि इससे पथरी की आशंका भी दूर हो जाती है. यह शरीर को ठंडक पहुंचाने वाला पेय पदार्थ है. कसावा या कुडज़ू स्टार्च पाउडर से बना पेय लंबे समय से गर्मियों में इस्तेमाल किया जाने वाला पारंपरिक और ताजगी देने वाला पेय माना जाता है. यह सस्ता होने के साथ-साथ शरीर को ठंडक देता है और कई स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करता है. खासतौर पर गर्मी के मौसम में लोग इसे शरीर को ठंडा रखने और ऊर्जा बनाए रखने के लिए पीते हैं. आयुर्वेद के जानकार शिव कुमार पांडे ने लोकल 18 को बताया कि यह पेय रक्त शर्करा को नियंत्रित करने और गुर्दे की समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है. उन्होंने कहा कि कई लोगों में यह धारणा है कि कसावा या कुडज़ू स्टार्च पाउडर के ज्यादा सेवन करने से गुर्दे की पथरी बन सकती है. हालांकि यह पूरी तरह गलतफहमी है. चिकित्सा साहित्य में अब तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है कि कुडज़ू पाउडर के सेवन से पथरी बनती है. इसमें ऐसे सक्रिय तत्व नहीं पाए जाते हैं. जो पथरी बनने का कारण बनें. साथ ही कहा कि पारंपरिक चिकित्सा के अनुसार कुडज़ू की जड़ का स्वाद मीठा और प्रकृति तटस्थ होती है. यह शरीर की गर्मी कम करने, प्यास बुझाने, बुखार, खसरा, फोड़े-फुंसी और सर्दी में राहत देने में उपयोगी मानी जाती है. इसके अलावा यह हैंगओवर से राहत दिलाने में भी प्रभावी बताई जाती है. गर्मी के दिनों में इसे ठंडक देने वाले प्राकृतिक पेय के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google उन्होंने बताया कि कुडज़ू स्टार्च पाउडर रक्त संचार को बेहतर बनाने, रक्त शर्करा को नियंत्रित करने और रक्तचाप कम करने में सहायक हो सकता है. इसके अलावा यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने, यकृत कोशिकाओं की रक्षा करने और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में भी मदद करता है. यह श्वसन संक्रमण से बचाव और हृदय स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है. साथ ही कहा कि यह लाभकारी है, लेकिन इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. इसे रोजाना एक गिलास से अधिक सेवन न करने की सलाह देते हैं. इसे शहद के साथ मिलाकर नहीं पीना चाहिए. क्योंकि इससे प्रतिकूल प्रतिक्रिया हो सकती है. सुबह इसका सेवन बेहतर माना जाता है. जबकि शाम को पीने से बचने की सलाह दी जाती है. उन्होंने कहा कि कसावा स्टार्च का शीतल प्रभाव अधिक होता है, इसलिए छोटे बच्चों को कम मात्रा में ही देना चाहिए. कच्चा सेवन करने से पेट खराब या दस्त की समस्या हो सकती है. इसलिए इसे पकाकर देना बेहतर है. गर्भवती महिलाओं को शरीर में गर्मी महसूस होने पर इसका सेवन लाभकारी हो सकता है, लेकिन ठंड, थकान या लो ब्लड प्रेशर होने पर इसे नहीं पीना चाहिए. आगे कहा कि कुडज़ू स्टार्च पेय बनाने के लिए 2–3 चम्मच स्टार्च में थोड़ा गर्म पानी मिलाकर घोल तैयार करें. इसमें ताजा दूध, गाढ़ा दूध, कुमक्वाट या नींबू और स्वादानुसार चीनी की चाशनी मिलाएं. सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाकर ठंडा परोसें. यह पेय गर्मी में ताजगी देने के साथ शरीर को ऊर्जा भी देता है. उन्होंने आगे कहा कि शुद्ध कुडज़ू स्टार्च सफेद रंग के बड़े दानों के रूप में होता है, जिसमें प्राकृतिक सुगंध होती है. इसे चबाने पर यह कुरकुरा लगता है और जल्दी घुल जाता है. वहीं मिलावटी उत्पाद का रंग धुंधला होता है और उसमें तेज या कृत्रिम गंध हो सकती है. सही गुणवत्ता वाला पाउडर चुनना ही बेहतर स्वास्थ्य लाभ के लिए जरूरी माना जाता है. First Published : April 08, 2026, 05:20 IST

Axar Patel; DC vs GT IPL 2026 LIVE Score Update

Axar Patel; DC vs GT IPL 2026 LIVE Score Update

स्पोर्ट्स डेस्क21 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL 2026 के 14वें मैच में आज दिल्ली कैपिटल्स का सामना गुजरात टाइटंस से होगा। मुकाबला अरुण जेटली स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। टॉस शाम 7:00 बजे होगा। DC और GT का इस सीजन पहला मैच होगा। दोनों टीमों का इस सीजन तीसरा मैच होगा। दिल्ली दोनों मैच जीतकर 4 पॉइंट्स के साथ पॉइंट्स टेबल में चौथे नंबर पर है। गुजरात अपने दोनों शुरुआती मुकाबले हारकर 9वें नंबर पर है। हेड टु हेड में एक मैच का अंतर IPL इतिहास में दोनों टीमों के बीच 7 मुकाबले हुए हैं। DC ने 3 और GT ने 4 मैच जीते हैं। IPL 2025 में दोनों के बीच 2 मुकाबले हुए थे, जिन्हें GT ने जीता था। समीर रिजवी सीजन के टॉप स्कोरर समीर रिजवी टीम और सीजन दोनों के टॉप स्कोरर हैं। उन्होंने दोनों मैचों में अर्धशतक लगाए। रिजवी ने 2 मैचों में 160 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 163.26 रहा है। गेंदबाजी में टी नटराजन ने 2 मैचों में 4 विकेट लिए हैं। गिल पिछला मैच नहीं खेले थे गुजरात के कप्तान शुभमन गिल पिछला मैच नहीं खेल पाए थे। उनकी गैरमौजूदगी में राशिद खान ने कमान संभाली थी। DC के खिलाफ गिल की वापसी तय मानी जा रही है। उनसे बड़ी पारी की उम्मीद है। साई सुदर्शन इस सीजन टीम के टॉप स्कोरर हैं। उन्होंने 2 मैचों में 86 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 156.36 रहा है। गेंदबाजी में प्रसिद्ध कृष्णा ने 2 मैचों में 4 विकेट लिए हैं। पिच रिपोर्ट अरुण जेटली पिच बल्लेबाजों के लिए बेहतरीन होगी। पेसर्स को शुरुआती ओवर्स में नई गेंद से थोड़ी मदद मिल सकती है। IPL में यहां 98 मैच खेले गए हैं। पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने 47 और दूसरी ने 50 मैच जीते हैं। एक मुकाबला बेनतीजा रहा। सबसे बड़ा टीम स्कोर 278/3 है, जो सनराइजर्स हैदराबाद ने 2025 में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ बनाया था। वेदर रिपोर्ट दोपहर में दिल्ली के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बारिश हो सकती है, जबकि कुछ जगह धूप रहेगी। मौसम में हल्का बदलाव रहेगा और कहीं-कहीं बादल छाए रह सकते हैं। बारिश की 57% आशंका है। 8 अप्रैल को तापमान 17 से 28 डिग्री सेल्सियस रहेगा। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग-12 दिल्ली कैपिटल्स: केएल राहुल (विकेटकीपर), पाथुम निसांका, नीतीश राणा, ट्रिस्टन स्टब्स, अक्षर पटेल (कप्तान), डेविड मिलर, विपराज निगम, कुलदीप यादव, लुंगी एनगिडी, मुकेश कुमार, टी नटराजन, समीर रिजवी। गुजरात टाइटंस: साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, ग्लेन फिलिप्स, शाहरुख खान, राहुल तेवतिया, राशिद खान, कगीसो रबाडा, अशोक शर्मा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Axar Patel; DC vs GT IPL 2026 LIVE Score Update

Axar Patel; DC vs GT IPL 2026 LIVE Score Update

स्पोर्ट्स डेस्क55 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL 2026 के 14वें मैच में आज दिल्ली कैपिटल्स का सामना गुजरात टाइटंस से होगा। मुकाबला अरुण जेटली स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। टॉस शाम 7:00 बजे होगा। DC और GT का इस सीजन पहला मैच होगा। दोनों टीमों का इस सीजन तीसरा मैच होगा। दिल्ली दोनों मैच जीतकर 4 पॉइंट्स के साथ पॉइंट्स टेबल में चौथे नंबर पर है। गुजरात अपने दोनों शुरुआती मुकाबले हारकर 9वें नंबर पर है। हेड टु हेड में एक मैच का अंतर IPL इतिहास में दोनों टीमों के बीच 7 मुकाबले हुए हैं। DC ने 3 और GT ने 4 मैच जीते हैं। IPL 2025 में दोनों के बीच 2 मुकाबले हुए थे, जिन्हें GT ने जीता था। समीर रिजवी सीजन के टॉप स्कोरर समीर रिजवी टीम और सीजन दोनों के टॉप स्कोरर हैं। उन्होंने दोनों मैचों में अर्धशतक लगाए। रिजवी ने 2 मैचों में 160 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 163.26 रहा है। गेंदबाजी में टी नटराजन ने 2 मैचों में 4 विकेट लिए हैं। गिल पिछला मैच नहीं खेले थे गुजरात के कप्तान शुभमन गिल पिछला मैच नहीं खेल पाए थे। उनकी गैरमौजूदगी में राशिद खान ने कमान संभाली थी। DC के खिलाफ गिल की वापसी तय मानी जा रही है। उनसे बड़ी पारी की उम्मीद है। साई सुदर्शन इस सीजन टीम के टॉप स्कोरर हैं। उन्होंने 2 मैचों में 86 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 156.36 रहा है। गेंदबाजी में प्रसिद्ध कृष्णा ने 2 मैचों में 4 विकेट लिए हैं। पिच रिपोर्ट अरुण जेटली पिच बल्लेबाजों के लिए बेहतरीन होगी। पेसर्स को शुरुआती ओवर्स में नई गेंद से थोड़ी मदद मिल सकती है। IPL में यहां 98 मैच खेले गए हैं। पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने 47 और दूसरी ने 50 मैच जीते हैं। एक मुकाबला बेनतीजा रहा। सबसे बड़ा टीम स्कोर 278/3 है, जो सनराइजर्स हैदराबाद ने 2025 में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ बनाया था। वेदर रिपोर्ट दोपहर में दिल्ली के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बारिश हो सकती है, जबकि कुछ जगह धूप रहेगी। मौसम में हल्का बदलाव रहेगा और कहीं-कहीं बादल छाए रह सकते हैं। बारिश की 57% आशंका है। 8 अप्रैल को तापमान 17 से 28 डिग्री सेल्सियस रहेगा। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग-12 दिल्ली कैपिटल्स: केएल राहुल (विकेटकीपर), पाथुम निसांका, नीतीश राणा, ट्रिस्टन स्टब्स, अक्षर पटेल (कप्तान), डेविड मिलर, विपराज निगम, कुलदीप यादव, लुंगी एनगिडी, मुकेश कुमार, टी नटराजन, समीर रिजवी। गुजरात टाइटंस: साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, ग्लेन फिलिप्स, शाहरुख खान, राहुल तेवतिया, राशिद खान, कगीसो रबाडा, अशोक शर्मा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Supreme Court Hearing Update; Sabarimala Women Entry

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Hindi News National Supreme Court Hearing Update; Sabarimala Women Entry | Parsi Women Rights, Dawoodi Bohra Khatna नई दिल्ली11 मिनट पहले कॉपी लिंक धार्मिक स्थलों में महिलाओं के साथ भेदभाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के 9 जजों की बेंच आज लगातार दूसरे दिन सुनवाई करेगी। मंगलवार को पहले दिन 5 घंटे की सुनवाई में केंद्र ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर रोक लगाने का समर्थन किया। सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा- मंदिर में महिलाओं को न जाने देना उनका अपमान करना नहीं है। भारत में उन्हें पूजा जाता है। हमें इस बात पर ऐतराज है कि मंदिर की परंपरा को ‘अस्पृश्यता’ (छुआछूत या अनुच्छेद 17) कहा गया। छुआछूत जाति के आधार पर होती थी, यह मामला उससे अलग है। उन्होंने आगे कहा- जैसे हम मस्जिद, मजार या गुरुद्वारे में जाते समय सिर ढंकते हैं, वैसे ही सबरीमाला की भी एक अलग परंपरा है और इसका सम्मान होना चाहिए। ये धार्मिक आस्था और संप्रदाय की स्वायत्तता का मुद्दा है, जो कोर्ट के दायरे से बाहर है। इस पर बेंच की एकमात्र महिला जज जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि अगर किसी महिला को उसके मासिक धर्म की वजह से मंदिर में घुसने से रोका जाता है, तो क्या वह ‘छुआछूत’ नहीं है? संविधान में छुआछूत को पूरी तरह खत्म किया गया है। SC बोला- भेदभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता सरकार: महिलाओं की मंदिर में एंट्री पर 2018 का फैसला गलत तरीके से लिया गया। सभी धर्मों की परंपराओं का सम्मान जरूरी है। सिर ढकने जैसे नियम अधिकारों का हनन नहीं हैं। जस्टिस नागरत्ना: सामाजिक बुराई और धार्मिक प्रथा में फर्क हो सकता है। संविधान का नियम हर दिन के लिए एक समान होना चाहिए। सरकार: सबरीमाला की परंपरा को ‘अस्पृश्यता’ (अनुच्छेद 17) कहना गलत है। छुआछूत जाति आधारित थी, यह मामला उससे अलग है। जस्टिस नागरत्ना: क्या मासिक धर्म के आधार पर प्रवेश रोकना क्या ‘छुआछूत’ नहीं है? संविधान ने छुआछूत को पूरी तरह समाप्त किया है। सरकार: कोर्ट को धार्मिक प्रथाओं की आधुनिकता या वैज्ञानिकता तय नहीं करनी चाहिए। केवल वही प्रथाएं रद्द हों जो सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता या स्वास्थ्य के खिलाफ हों। जस्टिस नागरत्ना: सामाजिक बुराई और धार्मिक प्रथा में फर्क हो सकता है, लेकिन भेदभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट में 50 से ज्यादा रिव्यू पिटीशन धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के साथ भेदभाव का मामला बीते 26 सालों से देश की अदालतों में हैं। 2018 में, 5 जजों की बेंच ने 4:1 के बहुमत से मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक हटा दी थी। इसके बाद कई पुनर्विचार याचिकाएं दायर की गईं। सुप्रीम कोर्ट के 9 जजों की संविधान बेंच 7 अप्रैल से 22 अप्रैल तक 50 से ज्यादा याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। कोर्ट में रिव्यू पिटीशनरों और उन्हें सपोर्ट करने वाले 7 अप्रैल से 9 अप्रैल तक, जबकि विरोध करने वाले 14 अप्रैल से 16 अप्रैल तक दलीलें दे सकेंगे। सबरीमाला सहित 5 मामले, जिनपर SC फैसला करेगा सबरीमाला मंदिर में महिलाओं का प्रवेश: सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में जाने का अधिकार दिया था। अब बड़ी पीठ तय करेगी कि यह फैसला सही था या नहीं। दाऊदी बोहरा समुदाय में महिलाओं का खतना: एडवोकेट सुनीता तिवारी ने 2017 में इसके खिलाफ याचिका दायर की और कहा कि यह प्रथा महिलाओं के साथ भेदभाव करती है और यह नाबालिग बच्चियों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। कोर्ट यह तय करेगा कि क्या यह प्रथा मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है? मस्जिदों में महिलाओं का प्रवेश: यास्मीन जुबैर अहमद पीरजादा नाम की महिला ने 2016 में मुस्लिम महिलाओं के मस्जिद में प्रवेश के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट तय करेगा कि क्या मुस्लिम महिलाओं को मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोका जा सकता है। पारसी महिलाओं का अग्निमंदिर में प्रवेश: 2012 में पारसी महिला गुलरुख एम गुप्ता ने हिंदू व्यक्ति से शादी के बाद अग्नि मंदिर में प्रवेश से रोके जाने के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि क्या गैर-पारसी से शादी करने पर पारसी महिला को मंदिर में प्रवेश से रोका जा सकता है। मुस्लिम पर्सनल लॉ से जुड़े लैंगिक भेदभाव के प्रश्न: सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि क्या धार्मिक गतिविधियों में जेंडर के आधार पर भेदभाव को क्या मौलिक अधिकार का हनन माना जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने 7 संवैधानिक सवाल तय किए, जिन पर बहस होगी- अनुच्छेद 25 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता की सीमा और दायरा क्या है? अनुच्छेद 25 (व्यक्तिगत धार्मिक अधिकार) और अनुच्छेद 26 (धार्मिक संप्रदाय के अधिकार) के बीच संतुलन कैसे तय होगा? क्या अनुच्छेद 26 के तहत मिलने वाले अधिकार अन्य मौलिक अधिकारों से ऊपर हैं या उनके अधीन आते हैं? ‘नैतिकता’ और ‘संवैधानिक नैतिकता’ की परिभाषा क्या है और इनमें क्या अंतर है? धार्मिक प्रथाओं में कोर्ट के हस्तक्षेप या न्यायिक समीक्षा की सीमा कहां तक होनी चाहिए? अनुच्छेद 25(2)(b) में ‘हिंदुओं के वर्ग’ (class of Hindus) का अर्थ किस रूप में समझा जाए? क्या कोई व्यक्ति, जो उस धर्म का अनुयायी नहीं है, जनहित याचिका (PIL) के जरिए किसी धार्मिक परंपरा को चुनौती दे सकता है? सबरीमाला में 10 से 50 साल की महिलाओं को एंट्री नहीं, पूरा मामला 5 पॉइंट्स में सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं की एंट्री पहले बैन थी। वजह पीरियड्स और भगवान अयप्पा के ब्रह्मचर्य व्रत को माना गया। इसी नियम को लेकर विवाद शुरू हुआ। 1990 में मामला उठा, बाद में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। 2006 में कोर्ट ने नोटिस जारी किया। 2008 में केस 3 जजों की बेंच को गया। 2016 में सुनवाई शुरू हुई। 2017 में मामला 5 जजों की संविधान पीठ को भेजा गया। 2018 में 4-1 बहुमत से सभी उम्र की महिलाओं को एंट्री की अनुमति मिली। कोर्ट ने प्रतिबंध को असंवैधानिक बताया। विरोध के बीच बिंदु कनकदुर्गा और बिंदु अम्मिनी ने मंदिर में प्रवेश किया। 2019 में मामला 9 जजों की बड़ी बेंच को भेज दिया गया। बाद में दूसरे धर्मों से जुड़े महिला प्रवेश मामलों को भी इसमें जोड़ा गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 2 जनवरी 2019 को बिंदु कनकदुर्गा (45) और बिंदु अम्मिनी

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Hindi News National Supreme Court Hearing Update; Sabarimala Women Entry | Parsi Women Rights, Dawoodi Bohra Khatna नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक धार्मिक स्थलों में महिलाओं के साथ भेदभाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के 9 जजों की बेंच आज लगातार दूसरे दिन सुनवाई करेगी। मंगलवार को पहले दिन 5 घंटे की सुनवाई में केंद्र ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर रोक लगाने का समर्थन किया। सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा- मंदिर में महिलाओं को न जाने देना उनका अपमान करना नहीं है। भारत में उन्हें पूजा जाता है। हमें इस बात पर ऐतराज है कि मंदिर की परंपरा को ‘अस्पृश्यता’ (छुआछूत या अनुच्छेद 17) कहा गया। छुआछूत जाति के आधार पर होती थी, यह मामला उससे अलग है। उन्होंने आगे कहा- जैसे हम मस्जिद, मजार या गुरुद्वारे में जाते समय सिर ढंकते हैं, वैसे ही सबरीमाला की भी एक अलग परंपरा है और इसका सम्मान होना चाहिए। ये धार्मिक आस्था और संप्रदाय की स्वायत्तता का मुद्दा है, जो कोर्ट के दायरे से बाहर है। इस पर बेंच की एकमात्र महिला जज जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि अगर किसी महिला को उसके मासिक धर्म की वजह से मंदिर में घुसने से रोका जाता है, तो क्या वह ‘छुआछूत’ नहीं है? संविधान में छुआछूत को पूरी तरह खत्म किया गया है। SC बोला- भेदभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता सरकार: महिलाओं की मंदिर में एंट्री पर 2018 का फैसला गलत तरीके से लिया गया। सभी धर्मों की परंपराओं का सम्मान जरूरी है। सिर ढकने जैसे नियम अधिकारों का हनन नहीं हैं। जस्टिस नागरत्ना: सामाजिक बुराई और धार्मिक प्रथा में फर्क हो सकता है। संविधान का नियम हर दिन के लिए एक समान होना चाहिए। सरकार: सबरीमाला की परंपरा को ‘अस्पृश्यता’ (अनुच्छेद 17) कहना गलत है। छुआछूत जाति आधारित थी, यह मामला उससे अलग है। जस्टिस नागरत्ना: क्या मासिक धर्म के आधार पर प्रवेश रोकना क्या ‘छुआछूत’ नहीं है? संविधान ने छुआछूत को पूरी तरह समाप्त किया है। सरकार: कोर्ट को धार्मिक प्रथाओं की आधुनिकता या वैज्ञानिकता तय नहीं करनी चाहिए। केवल वही प्रथाएं रद्द हों जो सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता या स्वास्थ्य के खिलाफ हों। जस्टिस नागरत्ना: सामाजिक बुराई और धार्मिक प्रथा में फर्क हो सकता है, लेकिन भेदभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट में 50 से ज्यादा रिव्यू पिटीशन धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के साथ भेदभाव का मामला बीते 26 सालों से देश की अदालतों में हैं। 2018 में, 5 जजों की बेंच ने 4:1 के बहुमत से मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक हटा दी थी। इसके बाद कई पुनर्विचार याचिकाएं दायर की गईं। सुप्रीम कोर्ट के 9 जजों की संविधान बेंच 7 अप्रैल से 22 अप्रैल तक 50 से ज्यादा याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। कोर्ट में रिव्यू पिटीशनरों और उन्हें सपोर्ट करने वाले 7 अप्रैल से 9 अप्रैल तक, जबकि विरोध करने वाले 14 अप्रैल से 16 अप्रैल तक दलीलें दे सकेंगे। सबरीमाला सहित 5 मामले, जिनपर SC फैसला करेगा सबरीमाला मंदिर में महिलाओं का प्रवेश: सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में जाने का अधिकार दिया था। अब बड़ी पीठ तय करेगी कि यह फैसला सही था या नहीं। दाऊदी बोहरा समुदाय में महिलाओं का खतना: एडवोकेट सुनीता तिवारी ने 2017 में इसके खिलाफ याचिका दायर की और कहा कि यह प्रथा महिलाओं के साथ भेदभाव करती है और यह नाबालिग बच्चियों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। कोर्ट यह तय करेगा कि क्या यह प्रथा मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है? मस्जिदों में महिलाओं का प्रवेश: यास्मीन जुबैर अहमद पीरजादा नाम की महिला ने 2016 में मुस्लिम महिलाओं के मस्जिद में प्रवेश के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट तय करेगा कि क्या मुस्लिम महिलाओं को मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोका जा सकता है। पारसी महिलाओं का अग्निमंदिर में प्रवेश: 2012 में पारसी महिला गुलरुख एम गुप्ता ने हिंदू व्यक्ति से शादी के बाद अग्नि मंदिर में प्रवेश से रोके जाने के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि क्या गैर-पारसी से शादी करने पर पारसी महिला को मंदिर में प्रवेश से रोका जा सकता है। मुस्लिम पर्सनल लॉ से जुड़े लैंगिक भेदभाव के प्रश्न: सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि क्या धार्मिक गतिविधियों में जेंडर के आधार पर भेदभाव को क्या मौलिक अधिकार का हनन माना जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने 7 संवैधानिक सवाल तय किए, जिन पर बहस होगी- अनुच्छेद 25 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता की सीमा और दायरा क्या है? अनुच्छेद 25 (व्यक्तिगत धार्मिक अधिकार) और अनुच्छेद 26 (धार्मिक संप्रदाय के अधिकार) के बीच संतुलन कैसे तय होगा? क्या अनुच्छेद 26 के तहत मिलने वाले अधिकार अन्य मौलिक अधिकारों से ऊपर हैं या उनके अधीन आते हैं? ‘नैतिकता’ और ‘संवैधानिक नैतिकता’ की परिभाषा क्या है और इनमें क्या अंतर है? धार्मिक प्रथाओं में कोर्ट के हस्तक्षेप या न्यायिक समीक्षा की सीमा कहां तक होनी चाहिए? अनुच्छेद 25(2)(b) में ‘हिंदुओं के वर्ग’ (class of Hindus) का अर्थ किस रूप में समझा जाए? क्या कोई व्यक्ति, जो उस धर्म का अनुयायी नहीं है, जनहित याचिका (PIL) के जरिए किसी धार्मिक परंपरा को चुनौती दे सकता है? सबरीमाला में 10 से 50 साल की महिलाओं को एंट्री नहीं, पूरा मामला 5 पॉइंट्स में सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं की एंट्री पहले बैन थी। वजह पीरियड्स और भगवान अयप्पा के ब्रह्मचर्य व्रत को माना गया। इसी नियम को लेकर विवाद शुरू हुआ। 1990 में मामला उठा, बाद में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। 2006 में कोर्ट ने नोटिस जारी किया। 2008 में केस 3 जजों की बेंच को गया। 2016 में सुनवाई शुरू हुई। 2017 में मामला 5 जजों की संविधान पीठ को भेजा गया। 2018 में 4-1 बहुमत से सभी उम्र की महिलाओं को एंट्री की अनुमति मिली। कोर्ट ने प्रतिबंध को असंवैधानिक बताया। विरोध के बीच बिंदु कनकदुर्गा और बिंदु अम्मिनी ने मंदिर में प्रवेश किया। 2019 में मामला 9 जजों की बड़ी बेंच को भेज दिया गया। बाद में दूसरे धर्मों से जुड़े महिला प्रवेश मामलों को भी इसमें जोड़ा गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 2 जनवरी 2019 को बिंदु कनकदुर्गा (45) और बिंदु अम्मिनी

'बाबा ने चचेरी बहन पर कैंसर करवाने का पर्चा निकाला':हांसी का व्यक्ति बोला- पड़ोसी-रिश्तेदारों ने दूरी बनाई, सभी शक की निगाह से देखने लगे

'बाबा ने चचेरी बहन पर कैंसर करवाने का पर्चा निकाला':हांसी का व्यक्ति बोला- पड़ोसी-रिश्तेदारों ने दूरी बनाई, सभी शक की निगाह से देखने लगे

चचेरी बहन को कैंसर था। बालाजी धाम के बाबा ने भरे दरबार में पर्चा निकालकर मुझे पर आरोप लगा दिए कि मैंने उस पर कैंसर करवाया है। इसका वीडियो वायरल होने के बाद पड़ोसी और रिश्तेदारों ने मेरे परिवार से दूरी बना ली। सभी मुझे शक की नजरों से देखने लगे। हांसी के रहने वाले राजेश कुमार ने बालाजी धाम के महंत दिनेश पुरी पर ये आरोप लगाते हुए हिसार सिविल कोर्ट में मानहानि का केस दायर किया है। राजेश का कहना है कि महंत का वीडियो वायरल होने के बाद उसकी जिंदगी बदल गई। दिनेश पुरी को हांसी वाले बाबाजी के नाम से जाना जाता है। वह अपने दरबार में भूत-प्रेत भगाने और बीमारियां दूर करने का दावा करते हैं। वह बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की तरह पर्चा भी लिखते हैं। राजेश के आरोपों के बाद बालाजी धाम की तरफ से कहा गया कि गुरु जी ने सिर्फ राजेश नाम लिया। इस नाम के लाखों व्यक्ति हैं। विशेष तौर पर किसी राजेश का नाम लिया। न ही वीडियो में संबंधित राजेश की कोई पहचान बताई। पहले जानिए राजेश ने दिनेश पुरी पर क्या आरोप लगाए… एडवोकेट बोले- कोर्ट ने दिनेश पुरी को नोटिस जारी किया राजेश के वकील रजत कलसन ने कहा कि कोर्ट ने दिनेश पुरी को नोटिस जारी कर दिया है और अगली सुनवाई पर उनसे जवाब मांगा गया है। राजेश की ओर से सार्वजनिक माफी की मांग की गई है। दिनेश पुरी हांसी के नंद नगर क्षेत्र में “बालाजी धाम” नाम से चल रहे मंदिर में दरबार लगाते हैं। यहां वे लोगों को प्रेत बाधा और अन्य समस्याओं से मुक्ति दिलाने का दावा करते हैं। दरबार में पुरी ने कहा था- राजेश से दूर रहना दिनेश पुरी का जो वीडियो सामने आया है, उसमें कैंसर की बीमारी को लेकर दो महिलाएं उनसे बात कर रही हैं। पुरी कहते हैं कि कैंसर करवाने वाले का माइक पर नाम बोलें या छिपाएं। इस पर महिलाएं कहती हैं कि यहीं बताइए। फिर पुरी कहते हैं कि वह श्मशान में भी जाता है, रात को उल्टे काम करता है, काली माता की भक्ति करता है और पीर पर भी जाता हैं। वह तुम्हें मेरे पास आने से भी मना कर रहा था। आखिर में पुरी उन महिलाओं को कहते हैं कि राजेश नामक व्यक्ति से दूर रहना।