NASA Artemis II Furthest Reach

3 मिनट पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. एअर इंडिया CEO कैंपबेल विल्सन ने इस्तीफा दिया 7 अप्रैल को एअर इंडिया के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) कैंपबेल विल्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, विल्सन सितंबर में अपना पद छोड़ सकते हैं। विल्सन 2022 में एअर इंडिया के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) अपॉइंट हुए थे। विल्सन एअर इंडिया के पहले विदेशी CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। विल्सन जुलाई 2027 तक CEO के पद पर रहने वाले थे। विल्सन ने 1996 में मैनेजमेंट ट्रेनी के तौर पर सिंगापुर एयरलाइंस जॉइन की। 2006 में विल्सन कनाडा में सिंगापुर एयरलाइंस के वाइस प्रेसिडेंट बने। विल्सन ने 2008 में हांगकांग और 2008 में जापान बेस्ड एयरलाइंस के लिए काम किया। 2011 में विल्सन सिंगापुर एयरलाइंस की सब्सिडियरी स्कूट (SCOOT) के CEO बने और 2020 तक स्कूट में रहे। विल्सन के कार्यकाल में ही जून 2025 में एअर इंडिया का अहमदाबाद से लंदन जा रहा बोइंग 787-8 विमान उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस दुर्घटना में 242 यात्रियों समेत कुल 261 लोगों की जान चली गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अहमदाबाद प्लेन क्रैश की फाइनल जांच रिपोर्ट आने के बाद नए CEO की नियुक्ति होगी। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने 12 जुलाई 2025 को हादसे की शुरुआती रिपोर्ट जारी की थी। फाइनल रिपोर्ट जून 2026 में आ सकती है। विल्सन ने एअर इंडिया ट्रांसफॉर्मेशन प्लान विहान AI के लिए काम किया। 100 नई फ्लाइट्स को शामिल किया और विस्तारा और एयरएशिया इंडिया (अब AIX कनेक्ट) को मिलाया। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 2. NASA के आर्टेमिस II ने इंसानी अंतरिक्ष मिशन का रिकॉर्ड तोड़ा 6 अप्रैल को नासा के आर्टेमिस II ने पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूरी तक यात्रा करके किसी भी इंसानी अंतरिक्ष मिशन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सबसे ज्यादा दूरी तक यात्रा का रिकॉर्ड 1970 में अपोलो 13 मिशन ने बनाया था। अपोलो-13 का रिकॉर्ड पृथ्वी से 4,00,171 किमी की दूरी का था। नासा के मुताबिक, आर्टेमिस II का ओरियन स्पेसक्राफ्ट पृथ्वी से 40,6771 किमी दूर पहुंच गया है। चांद के पीछे उड़ान भरते समय ओरियन स्पेसक्राफ्ट पृथ्वी से अपनी अधिकतम दूरी पर पहुंचा है। नासा के आर्टेमिस II ने चांद की सतह के सबसे प्रमुख ‘ओरिएंटल बेसिन’ की तस्वीर ली है। ये बेसिन 3.8 अरब साल पहले उल्कापिंड के टकराने से बना था। आर्टेमिस II का रास्ता काफी हद तक 1970 के अपोलो-13 मिशन जैसा है। पूरे मिशन में चारों अंतरिक्षयात्री करीब 11.02 लाख किमी का सफर तय करेंगे। यान 11 अप्रैल को प्रशांत महासागर में गिरेगा यान। भारतीय समय के अनुसार 11 अप्रैल को सुबह 5:30 बजे ओरियन पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करेगा। 5:36 बजे यह सैन डिएगो के पास प्रशांत महासागर में ‘स्प्लैशडाउन’ करेगा। इस मिशन का मकसद स्पेसक्राफ्ट के ‘लाइफ सपोर्ट सिस्टम’ की जांच करना है। इस रिसर्च में नासा अंतरिक्ष में इंसानों के रहने के लिए सुरक्षित वातावरण तलाशेगा। यान अभी चंद्रमा की सतह पर नहीं उतरेगा, लेकिन भविष्य में चंद्रमा पर इंसानों के बसने का रास्ता आसान बनाएगा। नासा इस बार चांद पर एक स्थाई बेस बनाना चाहता है, ताकि इंसान वहां रहकर काम करना सीख सके। ये भविष्य में मंगल पर जाने में मददगार होगा। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने 2 अप्रैल को ‘आर्टेमिस-2’ मिशन लॉन्च किया था। सुबह 4:05 बजे ‘स्पेस लॉन्च सिस्टम’ (SLS) ओरियन स्पेसक्राफ्ट में 4 अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर चांद की ओर रवाना हुआ। साल 1972 में ‘अपोलो-17’ के बाद यह पहला मौका है जब कोई इंसान पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) को पार कर चांद के करीब पहुंचा। नेशनल (NATIONAL) 3. TMC सांसद मेनका गुरुस्वामी पहली LGBTQ सांसद बनीं 6 अप्रैल को राज्यसभा में 19 नए और दोबारा चुने गए सदस्यों ने शपथ ली। सुप्रीम कोर्ट की सीनियर एडवोकेट और TMC सांसद मेनका गुरुस्वामी ने भी शपथ ली। मेनका भारत की पहली ओपन LGBTQ सांसद बनीं। 51 वर्षीय मेनका ने आर्टिकल 377 इंडियन पीनल कोड (IPC) के मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 2018 में LGBTQ कम्युनिटी के हक में आवाज उठाई और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद समलैंगिकता को अपराध की कैटेगरी से हटाया गया था। मेनका गुरुस्वामी ने 1997 में भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल अशोक देसाई के साथ काम किया है। 2001 में मेनका ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से BCL और हार्वर्ड लॉ स्कूल से LLM किया। 2017 से 2019 तक मेनका न्यूयॉर्क के कोलंबिया लॉ स्कूल में बीआर आंबेडकर रिसर्च स्कॉलर और लेक्चरर रहीं। मेनका ने ‘राइट टू एजुकेशन’ से जुड़े केस में भी अहम भूमिका निभाई। राइट टू एजुकेशन के तहत, प्राइवेट स्कूलों में गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया। 2019 में मेनका और उनकी पार्टनर अरुंधति काटजू को टाइम मैगजीन ने दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में शामिल किया था। मेनका का पोर्ट्रेट ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के रोड्स हाउस के मिलनर हॉल में लगाया गया है,वो ये सम्मान पाने वाली पहली भारतीय और दुनिया की दूसरी महिला हैं। LGBTQ में लेस्बियन,गे, बाइसेक्शुअल और ट्रांसजेंडर आते हैं। एक अनुमान के मुताबिक दुनियाभर में इस कम्युनिटी के लोगों की हिस्सेदारी करीब 9% है। भारत में इस कम्युनिटी से आने वाले लोगों की संख्या 20 लाख से ज्यादा है। मेनका ने नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु से B.A. LLB किया। नेशनल (NATIONAL) 4. IAF चीफ अमर प्रीत सिंह USA पहुंचे 6 अप्रैल को भारतीय वायु सेना (IAF) प्रमुख अमर प्रीत सिंह भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों को मजबूत करने के लिए आधिकारिक यात्रा पर संयुक्त राज्य अमेरिका पहुंचे। अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने उनका स्वागत किया। ये यात्रा भारत और अमेरिका के बीच हाई लेवल ग्रोथ स्ट्रेटजी को लेकर की जा रही है। इससे पहले फरवरी में, अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड के कमांडर सैमुअल जे. पापारो ने साझा सुरक्षा हितों पर सहयोग बढ़ाने और सैन्य संबंधों को मजबूत करने के लिए भारत का दौरा किया था। ये हाल के उच्च स्तरीय सैन्य आदान-प्रदान का अनुसरण करता है, जिसमें अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड नेतृत्व की भारत यात्रा भी शामिल है। US डिफेंस पॉलिसी के सेक्रेटरी
वैभव ने बुमराह की पहली बॉल पर सिक्स लगाया:यशस्वी के IPL में 100 सिक्स पूरे, राजस्थान की दूसरी फास्टेस्ट टीम फिफ्टी; मोमेंट्स-रिकार्ड्स

राजस्थान रॉयल्स ने IPL 2026 के 13वें मैच में मुंबई इंडियंस को 27 रन से हरा दिया। मंगलवार देर रात गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में रोचक मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स देखने को मिले। बारिश की वजह से मैच देरी से शुरू हुआ। वैभव सूर्यवंशी ने जसप्रीत बुमराह की पहली ही गेंद पर सिक्स लगा दिया। वहीं यशस्वी जायसवाल ने IPL में अपने 100 सिक्स पूरे किए। राजस्थान ने महज 2.4 ओवर में 50 रन बनाकर IPL इतिहास की दूसरी सबसे तेज टीम फिफ्टी लगाई। पढ़िए RR Vs MI मैच के टॉप मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स… 1. राजस्थान ने अपने रिकॉर्ड की बराबरी की राजस्थान रॉयल्स ने अपनी ही सबसे तेज टीम फिफ्टी रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। टीम ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ 2.4 ओवर में 50 रन पूरे किए। इससे पहले भी राजस्थान ने 2023 में 2.4 ओवर में ही कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ फिफ्टी लगाई थी। सबसे तेज टीम फिफ्टी का रिकॉर्ड रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के नाम है, जिन्होंने 2011 में कोच्चि टस्कर्स केरल के खिलाफ 2.3 ओवर में 50 रन बनाए थे। 2. वैभव 19 या उससे कम उम्र में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बैटर वैभव सूर्यवंशी 19 साल या उससे कम उम्र में IPL में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने 10 पारियों में 35 सिक्स लगाए हैं। इस मामले में उन्होंने ऋषभ पंत (30) और ईशान किशन (30) को पीछे छोड़ा। 3. यशस्वी के IPL में 100 सिक्स पूरे यशस्वी जायसवाल ने IPL में अपने 100 सिक्स पूरे किए। वे राजस्थान रॉयल्स के लिए 100 या उससे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं। इस मामले में संजू सैमसन (192) टॉप पर हैं, जबकि जोस बटलर (135) और शेन वॉटसन (109) उनसे आगे हैं। यहां से खास टॉप-5 मोमेंट्स… 1. बारिश की वजह से मैच 2 घंटे 40 मिनट देरी से शुरू हुआ गुवाहाटी में बारिश ने खेल बिगाड़ दिया। MI और RR का मुकाबला तय समय से 2 घंटे 40 मिनट देरी से शुरू हुआ। मौसम की वजह से ओवर घटाकर मैच 11-11 ओवर का किया गया। 2. यशस्वी ने पहले ओवर में 5 बाउंड्री लगाई यशस्वी जायसवाल ने पहले ओवर में 4 चौके और एक सिक्स लगा दिया। उन्होंने दीपक चाहर के खिलाफ 22 रन बटोरे। इस ओवर में जायसवाल ने पहली ही गेंद पर चौका लगा दिया। उन्होंने दूसरी गेंद पर सिक्स जड़ा और फिर तीसरी व चौथी गेंद पर लगातार बाउंड्री लगाईं। ओवर की आखिरी गेंद पर भी चौका लगा दिया। 3. वैभव ने बुमराह की पहली बॉल पर सिक्स लगाया वैभव सूर्यवंशी ने जसप्रीत बुमराह के ओवर में 2 सिक्स लगाए। पहली ही गेंद पर उन्होंने लॉन्ग-ऑन के ऊपर से शानदार सिक्स लगाया। इसके बाद शॉर्ट गेंद पर पुल शॉट खेलते हुए डीप स्क्वेयर लेग के पार सिक्स लगा दिया। 4. यशस्वी की चौके से 17वीं IPL फिफ्टी यशस्वी जायसवाल ने चौके के साथ अपनी 17वीं IPL फिफ्टी पूरी की। उन्होंने हार्दिक पंड्या की गेंद को कट शॉट खेलते हुए डीप पॉइंट बाउंड्री तक पहुंचाया। इस चौके के साथ जायसवाल ने लगातार दूसरी फिफ्टी भी लगाई। 5. रदरफोर्ड का सिक्स दर्शक को लगा शेरफेन रदरफोर्ड का एक सिक्स स्टैंड में बैठे दर्शक को जा लगा। 8वें ओवर में तुषार देशपांडे की फुल लेंथ गेंद पर उन्होंने शॉट खेला और गेंद डीप एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से स्टैंड में गई। 92 मीटर लंबा यह सिक्स स्टैंड में बैठी एक बच्ची को जा लगा।
Khabar Hatke- Parrot Sea Visit & Ghost Temple in School; Egg Fetches ₹25K

लद्दाख में मुर्गी के एक अंडे को एक शख्स ने ₹25 हजार में खरीदा। वहीं, नॉर्थ अमेरिका में एक तोते ने समुद्र में पानी के अंदर सैर की। उधर, उत्तराखंड के एक सरकारी स्कूल में भूत का मंदिर बनवाया गया। . आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
Allu Arjun Birthday Special; Family Career Biography

30 मिनट पहलेलेखक: अभय पांडेय कॉपी लिंक अल्लू अर्जुन का जन्म 8 अप्रैल 1982 को चेन्नई (तब मद्रास) में हुआ था। एक लड़का, जिसका जन्म फिल्म इंडस्ट्री में गहरी पकड़ रखने वाले एक बड़े परिवार में हुआ। 3 साल की उम्र में वो पहली बार कैमरे के सामने आया। 20 साल की उम्र में बतौर हीरो पहली फिल्म भी आसानी से मिल गई। नाम था- गंगोत्री, जिसके प्रोड्यूसर कोई और नहीं बल्कि उसके पिता ही थे। लेकिन असल संघर्ष इसके बाद शुरू हुआ। पहली फिल्म सुपरहिट होने के बावजूद सांवली रंगत के चलते उसको हीरो मटेरियल नहीं माना गया और कोई भी उसे काम देने आगे नहीं आया और फिर एक नए डायरेक्टर की फिल्म बन रही थी। बड़े स्टार्स फिल्म करने में झिझक रहे थे, तब उसकी कास्टिंग की गई। फिल्म का नाम था- आर्या। लव ट्रायंगल वाली ये फिल्म सुपरहिट रही और उसको स्टारडम मिल गया। बाद में उसी डायरेक्टर के साथ उसने फिल्म पुष्पा की, जो ब्लॉकबस्टर रही और उसे पैन इंडिया स्टार बना दिया। वो डायरेक्टर थे सुकुमार और आज बात हो रही है पैन इंडिया सुपरस्टार अल्लू अर्जुन की। अल्लू अर्जुन आज 44 साल के हो गए हैं। उनके जन्मदिन के खास मौके पर पढ़िए कहानी एक्टर की जिंदगी की। अल्लू अर्जुन के दादा ने 1000+ फिल्मों में काम किया अल्लू अर्जुन के पिता अल्लू अरविंद फेमस फिल्म प्रोड्यूसर हैं और वहीं उनकी मां का नाम निर्मला है। उनके दादा अल्लू रामलिंगैया मशहूर कॉमेडियन थे, जिन्होंने 1000 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उनका पैतृक गांव आंध्र प्रदेश के वेस्ट गोदावरी जिले का पलाकोल्लू है। अल्लू अर्जुन के दादा अल्लू रामलिंगैया ‘भक्त कन्नप्पा’, ‘मुथ्याला मुग्गू’, ‘कल्याण रामुडु’ और ‘इंद्रा’ जैसी कई फिल्मों में नजर आए थे। अल्लू अर्जुन तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर हैं। उनके बड़े भाई वेंकटेश एक बिजनेसमैन हैं, जबकि छोटे भाई सिरिश एक एक्टर हैं। उनकी बुआ सुरेखा कोनिडेला, सुपरस्टार चिरंजीवी की पत्नी हैं। चिरंजीवी अल्लू के फूफा और एक्टर राम चरण उनके कजिन हैं। अल्लू अर्जुन ने अपना बचपन चेन्नई में बिताया, लेकिन 1990 के दशक में उनका परिवार हैदराबाद शिफ्ट हो गया। उन्होंने चेन्नई के सेंट पैट्रिक स्कूल से पढ़ाई की और बाद में हैदराबाद के एमएसआर कॉलेज से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) की डिग्री हासिल की। अल्लू अर्जुन के बचपन की तस्वीर। राम चरण (सफेद टी-शर्ट में) और परिवार के दूसरे सदस्यों के साथ अल्लू अर्जुन (ब्लैक टी-शर्ट में) की बचपन की तस्वीर। NASA में जाने की ख्वाहिश थी अल्लू अर्जुन स्कूल में एवरेज स्टूडेंट थे, लेकिन डांस और परफॉर्मेंस में हमेशा आगे रहते थे। वैसे तो चाइल्ड एक्टर के तौर पर अल्लू अर्जुन ने फिल्मों में महज 3 साल की उम्र में एक्टिंग की शुरुआत की थी। हालांकि, फिल्म कंपेनियन को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि शुरू में उनका एक्टर बनने का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने NASA में काम करने सहित कई करियर ऑप्शन के बारे में सोचा था, लेकिन बाद में उनका इंटरेस्ट खत्म हो गया। उन्होंने कहा था कि फिल्मी परिवार में पैदा होने का असर होता है और अंत में इंसान फिल्मों की तरफ लौट आता है। बचपन में उन्होंने कई करियर ऑप्शन्स सोचे थे, जैसे पियानो टीचर, मार्शल आर्ट्स इंस्ट्रक्टर, NASA में काम करना या एनिमेटर। 1985 की फिल्म विजेता से बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट एक्टिंग की शुरुआत की। इसके बाद, उन्होंने 1986 में फिल्म स्वाति मुथ्यम में भी काम किया। अल्लू अर्जुन के पिता अल्लू अरविंद एक फेमस प्रोड्यूसर हैं। अनुपमा चोपड़ा को दिए एक इंटरव्यू में अल्लू अर्जुन ने मजाकिया अंदाज में कहा था कि वे अपने पिता से भी मार्केट प्राइस के हिसाब से फीस चार्ज करते हैं और वो कोई छूट नहीं देते… हम शुरू से ही साथ काम कर रहे हैं।” अल्लू अर्जुन और उनके पिता अल्लू अरविंद ने हैप्पी, सर्राइनोडु जैसी फिल्मों में साथ काम किया है। उन्होंने यह भी कहा था कि उनके पिता प्रोड्यूसर हैं और वे एक्टर, इसलिए काम में किसी तरह का पक्षपात नहीं होता। उनके पिता भले ही बड़े प्रोड्यूसर हों, लेकिन जब वे उनके प्रोजेक्ट में काम करते हैं, तो पूरी फीस मार्केट रेट के अनुसार ही लेते हैं। पहली फिल्म सुपरहिट, लेकिन फिर भी काम नहीं मिला 2003 में फिल्म गंगोत्री से अल्लू अर्जुन ने बतौर लीड रोल करियर की शुरुआत की थी। जिसे उनके पिता अल्लू अरविंद ने प्रोड्यूस किया था। फिल्म सुपरहिट थी, लेकिन आलोचकों और दर्शकों के एक वर्ग ने उनके लुक्स को एक मास हीरो के लिए फिट नहीं माना था। फिल्म के बाद उनके पास कोई काम नहीं था और वह लगभग बेरोजगार हो गए थे। फिल्म गंगोत्री में अल्लू अर्जुन ने सिम्हाद्री का किरदार निभाया था। हैदराबाद में 7 मई 2024 को फिल्म आर्या के 20 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित एक इवेंट में एक्टर अल्लू अर्जुन ने कहा था गंगोत्री हिट रही, लेकिन मैं अच्छा नहीं दिखा, इसलिए मुझे अच्छी फिल्में नहीं मिलीं। फिल्म ब्लॉकबस्टर थी, लेकिन एक कलाकार के रूप में यह मेरी असफलता थी कि मैं अपनी पहचान नहीं बना पाया। मैं 0 से -100 पर पहुंच गया था, मैं एकदम अनजान था। फिर एक दिन वह अपने दोस्त और एक्टर तरुण के साथ नितिन की फिल्म दिल की स्क्रीनिंग में पहुंचे, जहां डायरेक्टर सुकुमार ने उन्हें फिल्म आर्या की कहानी सुनाई। उन्होंने बताया था कि सुकुमार नए डायरेक्टर थे, लेकिन उनकी लिखी कहानी उन्हें पसंद आई। फिल्म आर्या ने उनके करियर को नई दिशा दी। एक्टर ने बताया था कि वह रवि तेजा की फिल्म इडियट जैसी कूल फिल्म करना चाहते थे और आर्या उनके लिए वैसी ही फिल्म साबित हुई। उन्होंने खासतौर पर गाने थकधिमिथोम को अपने टैलेंट दिखाने का बड़ा मौका बताया। फिल्म आर्या का बजट लगभग ₹4 करोड़ से ₹4.60 करोड़ के बीच था और इसने दुनिया भर में लगभग ₹30 करोड़ से ज्यादा का ग्रॉस कलेक्शन किया था। फिल्म आर्या ने उन्हें स्टार बना दिया। इस फिल्म की सफलता के बाद उन्होंने बन्नी और हैप्पी जैसी फिल्मों में काम किया, जहां उनकी डांसिंग और एनर्जी को काफी सराहा गया। 2007 से 2010 के बीच उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदारों में खुद को आजमाया। देसमुदुरु, परुगु और आर्या 2 जैसी फिल्मों में
OTC Medicine Dose Advice; Self Medication Health Risk

12 मिनट पहलेलेखक: अदिति ओझा कॉपी लिंक अक्सर सिरदर्द, पेटदर्द, जुकाम-बुखार होने पर लोग डॉक्टर के पास जाने की बजाय सीधे मेडिकल स्टोर से दवा ले लेते हैं। इन्हें ओवर द काउंटर (OTC) मेडिसिन कहा जाता है। ये दवाइयां बिना डॉक्टर की पर्ची के मिल जाती हैं। कई बार इससे तुरंत राहत भी मिल जाती है। लेकिन इन दवाइयों का ज्यादा या गलत इस्तेमाल सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। ‘ब्रिटिश मेडिकल जर्नल’ (BMJ) में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, कुछ नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs) हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा 20-50% तक बढ़ा सकती हैं। ये दवाएं दर्द, सूजन और बुखार में ली जाती हैं, जो थोड़े समय तक लेने पर भी जोखिम बढ़ा देती हैं। इसलिए आज जरूरत की खबर में जानेंगे कि- OTC दवाइयां क्या होती हैं? OTC दवाइयां कब और कैसे लेनी चाहिए? क्या इन्हें बिना डॉक्टर की सलाह के लेना सुरक्षित है? एक्सपर्ट- डॉ. प्रशांत सिन्हा, सीनियर कंसल्टेंट, इमरजेंसी मेडिसिन डिपार्टमेंट, पीएसआरआई हॉस्पिटल, नई दिल्ली सवाल- ओवर द काउंटर (OTC) दवाइयों का मतलब क्या है? जवाब- पॉइंटर्स से समझते हैं- OTC दवाइयां खरीदने के लिए डॉक्टर की पर्ची (प्रिस्क्रिप्शन) की जरूरत नहीं होती है। ये आमतौर पर छोटी-मोटी हेल्थ कंडीशन्स (जैसे सर्दी-जुकाम, सिरदर्द, हल्का बुखार, एलर्जी या एसिडिटी) के लिए ली जाती हैं। ये दवाइयां फार्मेसी, मेडिकल स्टोर, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आसानी से मिल जाती हैं। सवाल- OTC और प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाइयों में क्या फर्क है? जवाब- ग्राफिक से दोनों के अंतर को समझिए- सवाल– कौन तय करता है कि कौन-सी दवा OTC होगी? जवाब- किसी दवा को OTC के तौर पर उपलब्ध कराने का फैसला स्वास्थ्य नियामक संस्थाएं करती हैं। ये संस्थाएं दवा की सुरक्षा, असर और संभावित साइड इफेक्ट्स की जांच करती हैं। जिन दवाओं को लेते समय डॉक्टर की विशेष निगरानी की जरूरत नहीं होती है, उसे OTC कैटेगरी में रखा जाता है। सवाल– क्या OTC दवाइयां पूरी तरह सुरक्षित होती हैं? जवाब- हां, लेकिन इनका सही और सुरक्षित डोज लेना जरूरी है। OTC दवाएं लेते समय लेबल पर दिए गए निर्देशों का पालन करें। ध्यान रखें, इन्हें लंबे समय तक या रेगुलर लेना सही नहीं है। सवाल– क्या डॉक्टर की सलाह के बिना OTC दवाइयां लेना सही है? जवाब- हां, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि बिना सोचे-समझे किसी भी समस्या के लिए हर बार OTC दवाएं लें। अगर समस्या लगातार बनी रहती है तो डॉक्टर की सलाह लें। सवाल– क्या OTC दवाइयों की भी कोई डोज लिमिट होती है? जवाब- हां, हर OTC दवा की एक डोज लिमिट होती है। यह जानकारी दवा के पैकेट या लेबल पर लिखी होती है। सवाल- किन स्थितियों में OTC दवाइयां ली जा सकती हैं? जवाब- OTC दवाइयां छोटी-मोटी हेल्थ प्रॉब्लम्स के लिए ली जाती हैं। इसे ग्राफिक में देखिए- ध्यान रखें, अगर लक्षण लंबे समय तक बने रहें या गंभीर हों तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। सवाल- कौन सी दवाइयां OTC की कैटेगरी में आती हैं और इन्हें कब लेना चाहिए? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- कॉमन OTC दवाइयां दर्द और बुखार (एसिटामिनोफेन (पैरासिटामोल), आईब्रुफेन, एस्पिरिन।) खांसी और जुकाम (अस्थाकाइंड, कफ सिरप, डिकॉन्गेस्टेंट।) एलर्जी (लोराटैडाइन , सेटिरिजिन।) पेट संबंधी समस्याएं (एसिडिटी के लिए एंटासिड, कब्ज के लिए लैक्सेटिव्स, दस्त के लिए दवाएं।) स्किन डिजीज (एंटीबायोटिक क्रीम, एंटीफंगल क्रीम।) अन्य (आई ड्रॉप, ईयर ड्रॉप) इन्हें कब लेना चाहिए? जब लक्षण हल्के हों और आप समस्या को पहचान सकें, जैसे हल्का सिरदर्द, जुकाम या हल्की एसिडिटी। दवा लेते समय हमेशा पैकेट या लेबल पर दिए गए डोज और निर्देशों का पालन करें। अगर 7–10 दिनों तक लक्षण बने रहें, तो डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। अगर पहले से लिवर, किडनी या हार्ट डिजीज है या आप प्रेग्नेंट हैं तो OTC दवा लेने से पहले डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह जरूर लें। सवाल- क्या OTC दवाइयां लेने के कुछ नुकसान भी हो सकते हैं? जवाब- हां, OTC दवाइयां ज्यादा या लंबे समय तक लेने पर गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं। ग्राफिक से इनके नुकसान समझिए- सवाल- क्या खाली पेट OTC दवा खानी चाहिए? जवाब- यह दवा के प्रकार पर निर्भर करता है। कुछ दवाइयां (जैसे थायराइड, एसिड कम करने वाली दवाएं) खाली पेट ली जा सकती हैं, जबकि कुछ दवाइयां (जैसे पेनकिलर्स, स्टेरॉइड दवाएं) खाने के बाद लेना सेफ होता है। सवाल- एक साथ कितनी OTC दवा ली जा सकती है? जवाब- एक साथ कई OTC दवाइयां लेना सुरक्षित नहीं है। एक समय में केवल वही दवा लें, जिसकी जरूरत हो और अलग-अलग दवाइयां लेने से पहले उनके कंपोनेंट्स की जानकारी जरूर देखें। सवाल- OTC दवाइयों के कुछ कॉमन साइड इफेक्ट्स क्या हो सकते हैं? जवाब- OTC दवाओं के साइड इफेक्ट्स दवा के प्रकार और व्यक्ति की फिजिकल कंडीशन पर निर्भर करते हैं। ग्राफिक में इसके साइड इफेक्ट्स देखिए- अगर दवा लेने के बाद गंभीर एलर्जी, सांस लेने में दिक्कत या तेज रिएक्शन जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। सवाल- क्या OTC दवाइयां लेने से एलर्जी भी हो सकती है? जवाब- हां, कुछ लोगों में एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है। सवाल- क्या OTC दवाइयां लिवर या किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं? जवाब- गलत डोज, लंबे समय तक इस्तेमाल या कई दवाइयों को एक साथ लेने से लिवर और किडनी पर नेगेटिव असर पड़ता है। सवाल- क्या OTC दवाइयों से हार्ट हेल्थ प्रभावित हो सकती है? जवाब- कुछ OTC दवाइयां जैसे पेन किलर्स शरीर में फ्लूइड रिटेंशन बढ़ाकर ब्लड प्रेशर (BP) बढ़ा सकती हैं। इससे लंबे में हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ सकता है। सवाल- अगर सर्दी–जुकाम के लिए OTC दवाइयां लीं तो इससे ब्लड प्रेशर भी बढ़ सकता है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सर्दी–जुकाम में ली जाने वाली OTC दवाइयों में डिकॉन्गेस्टेंट होते हैं। यह नाक की इंफ्लेमेशन कम करने के लिए नाक की ब्लड वेसेल्स को सिकोड़ते हैं। इससे शरीर के दूसरे ब्लड वेसेल्स भी प्रभावित होते हैं। इससे दिल की धड़कन तेज हो सकती है और ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। इसलिए जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, उन्हें ऐसी दवाइयां लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। सवाल- क्या ज्यादा बेहतर तरीका ये होगा कि कोई मामूली सी दवा भी डॉक्टर की सलाह पर ही खाई जाए? जवाब-
Allu Arjun Birthday Special; Family Career Biography

54 मिनट पहलेलेखक: अभय पांडेय कॉपी लिंक अल्लू अर्जुन का जन्म 8 अप्रैल 1982 को चेन्नई (तब मद्रास) में हुआ था। एक लड़का, जिसका जन्म फिल्म इंडस्ट्री में गहरी पकड़ रखने वाले एक बड़े परिवार में हुआ। 3 साल की उम्र में वो पहली बार कैमरे के सामने आया। 20 साल की उम्र में बतौर हीरो पहली फिल्म भी आसानी से मिल गई। नाम था- गंगोत्री, जिसके प्रोड्यूसर कोई और नहीं बल्कि उसके पिता ही थे। लेकिन असल संघर्ष इसके बाद शुरू हुआ। पहली फिल्म सुपरहिट होने के बावजूद सांवली रंगत के चलते उसको हीरो मटेरियल नहीं माना गया और कोई भी उसे काम देने आगे नहीं आया और फिर एक नए डायरेक्टर की फिल्म बन रही थी। बड़े स्टार्स फिल्म करने में झिझक रहे थे, तब उसकी कास्टिंग की गई। फिल्म का नाम था- आर्या। लव ट्रायंगल वाली ये फिल्म सुपरहिट रही और उसको स्टारडम मिल गया। बाद में उसी डायरेक्टर के साथ उसने फिल्म पुष्पा की, जो ब्लॉकबस्टर रही और उसे पैन इंडिया स्टार बना दिया। वो डायरेक्टर थे सुकुमार और आज बात हो रही है पैन इंडिया सुपरस्टार अल्लू अर्जुन की। अल्लू अर्जुन आज 44 साल के हो गए हैं। उनके जन्मदिन के खास मौके पर पढ़िए कहानी एक्टर की जिंदगी की। अल्लू अर्जुन के दादा ने 1000+ फिल्मों में काम किया अल्लू अर्जुन के पिता अल्लू अरविंद फेमस फिल्म प्रोड्यूसर हैं और वहीं उनकी मां का नाम निर्मला है। उनके दादा अल्लू रामलिंगैया मशहूर कॉमेडियन थे, जिन्होंने 1000 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उनका पैतृक गांव आंध्र प्रदेश के वेस्ट गोदावरी जिले का पलाकोल्लू है। अल्लू अर्जुन के दादा अल्लू रामलिंगैया ‘भक्त कन्नप्पा’, ‘मुथ्याला मुग्गू’, ‘कल्याण रामुडु’ और ‘इंद्रा’ जैसी कई फिल्मों में नजर आए थे। अल्लू अर्जुन तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर हैं। उनके बड़े भाई वेंकटेश एक बिजनेसमैन हैं, जबकि छोटे भाई सिरिश एक एक्टर हैं। उनकी बुआ सुरेखा कोनिडेला, सुपरस्टार चिरंजीवी की पत्नी हैं। चिरंजीवी अल्लू के फूफा और एक्टर राम चरण उनके कजिन हैं। अल्लू अर्जुन ने अपना बचपन चेन्नई में बिताया, लेकिन 1990 के दशक में उनका परिवार हैदराबाद शिफ्ट हो गया। उन्होंने चेन्नई के सेंट पैट्रिक स्कूल से पढ़ाई की और बाद में हैदराबाद के एमएसआर कॉलेज से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) की डिग्री हासिल की। अल्लू अर्जुन के बचपन की तस्वीर। राम चरण (सफेद टी-शर्ट में) और परिवार के दूसरे सदस्यों के साथ अल्लू अर्जुन (ब्लैक टी-शर्ट में) की बचपन की तस्वीर। NASA में जाने की ख्वाहिश थी अल्लू अर्जुन स्कूल में एवरेज स्टूडेंट थे, लेकिन डांस और परफॉर्मेंस में हमेशा आगे रहते थे। वैसे तो चाइल्ड एक्टर के तौर पर अल्लू अर्जुन ने फिल्मों में महज 3 साल की उम्र में एक्टिंग की शुरुआत की थी। हालांकि, फिल्म कंपेनियन को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि शुरू में उनका एक्टर बनने का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने NASA में काम करने सहित कई करियर ऑप्शन के बारे में सोचा था, लेकिन बाद में उनका इंटरेस्ट खत्म हो गया। उन्होंने कहा था कि फिल्मी परिवार में पैदा होने का असर होता है और अंत में इंसान फिल्मों की तरफ लौट आता है। बचपन में उन्होंने कई करियर ऑप्शन्स सोचे थे, जैसे पियानो टीचर, मार्शल आर्ट्स इंस्ट्रक्टर, NASA में काम करना या एनिमेटर। 1985 की फिल्म विजेता से बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट एक्टिंग की शुरुआत की। इसके बाद, उन्होंने 1986 में फिल्म स्वाति मुथ्यम में भी काम किया। अल्लू अर्जुन के पिता अल्लू अरविंद एक फेमस प्रोड्यूसर हैं। अनुपमा चोपड़ा को दिए एक इंटरव्यू में अल्लू अर्जुन ने मजाकिया अंदाज में कहा था कि वे अपने पिता से भी मार्केट प्राइस के हिसाब से फीस चार्ज करते हैं और वो कोई छूट नहीं देते… हम शुरू से ही साथ काम कर रहे हैं।” अल्लू अर्जुन और उनके पिता अल्लू अरविंद ने हैप्पी, सर्राइनोडु जैसी फिल्मों में साथ काम किया है। उन्होंने यह भी कहा था कि उनके पिता प्रोड्यूसर हैं और वे एक्टर, इसलिए काम में किसी तरह का पक्षपात नहीं होता। उनके पिता भले ही बड़े प्रोड्यूसर हों, लेकिन जब वे उनके प्रोजेक्ट में काम करते हैं, तो पूरी फीस मार्केट रेट के अनुसार ही लेते हैं। पहली फिल्म सुपरहिट, लेकिन फिर भी काम नहीं मिला 2003 में फिल्म गंगोत्री से अल्लू अर्जुन ने बतौर लीड रोल करियर की शुरुआत की थी। जिसे उनके पिता अल्लू अरविंद ने प्रोड्यूस किया था। फिल्म सुपरहिट थी, लेकिन आलोचकों और दर्शकों के एक वर्ग ने उनके लुक्स को एक मास हीरो के लिए फिट नहीं माना था। फिल्म के बाद उनके पास कोई काम नहीं था और वह लगभग बेरोजगार हो गए थे। फिल्म गंगोत्री में अल्लू अर्जुन ने सिम्हाद्री का किरदार निभाया था। हैदराबाद में 7 मई 2024 को फिल्म आर्या के 20 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित एक इवेंट में एक्टर अल्लू अर्जुन ने कहा था गंगोत्री हिट रही, लेकिन मैं अच्छा नहीं दिखा, इसलिए मुझे अच्छी फिल्में नहीं मिलीं। फिल्म ब्लॉकबस्टर थी, लेकिन एक कलाकार के रूप में यह मेरी असफलता थी कि मैं अपनी पहचान नहीं बना पाया। मैं 0 से -100 पर पहुंच गया था, मैं एकदम अनजान था। फिर एक दिन वह अपने दोस्त और एक्टर तरुण के साथ नितिन की फिल्म दिल की स्क्रीनिंग में पहुंचे, जहां डायरेक्टर सुकुमार ने उन्हें फिल्म आर्या की कहानी सुनाई। उन्होंने बताया था कि सुकुमार नए डायरेक्टर थे, लेकिन उनकी लिखी कहानी उन्हें पसंद आई। फिल्म आर्या ने उनके करियर को नई दिशा दी। एक्टर ने बताया था कि वह रवि तेजा की फिल्म इडियट जैसी कूल फिल्म करना चाहते थे और आर्या उनके लिए वैसी ही फिल्म साबित हुई। उन्होंने खासतौर पर गाने थकधिमिथोम को अपने टैलेंट दिखाने का बड़ा मौका बताया। फिल्म आर्या का बजट लगभग ₹4 करोड़ से ₹4.60 करोड़ के बीच था और इसने दुनिया भर में लगभग ₹30 करोड़ से ज्यादा का ग्रॉस कलेक्शन किया था। फिल्म आर्या ने उन्हें स्टार बना दिया। इस फिल्म की सफलता के बाद उन्होंने बन्नी और हैप्पी जैसी फिल्मों में काम किया, जहां उनकी डांसिंग और एनर्जी को काफी सराहा गया। 2007 से 2010 के बीच उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदारों में खुद को आजमाया। देसमुदुरु, परुगु और आर्या 2 जैसी फिल्मों में
वैभव ने बुमराह की पहली बॉल पर सिक्स लगाया:यशस्वी के IPL में 100 सिक्स पूरे, राजस्थान की दूसरी फास्टेस्ट टीम फिफ्टी; मोमेंट्स-रिकार्ड्स

राजस्थान रॉयल्स ने मंगलवार को IPL 2026 के 13वें मैच में मुंबई इंडियंस को 27 रन से हरा दिया। बारिश के कारण यह मैच 11-11 ओवर का ही हुआ। गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में हुए मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने जसप्रीत बुमराह की पहली ही गेंद पर सिक्स लगा दिया। यशस्वी जायसवाल ने IPL में 100 सिक्स पूरे कर लिए। वैभव और यशस्वी की तूफानी बल्लेबाजी के दम पर राजस्थान ने महज 2.4 ओवर में 50 रन बनाकर IPL इतिहास की दूसरी सबसे तेज टीम फिफ्टी लगाई। पढ़िए RR Vs MI मैच के टॉप मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स… 1. राजस्थान ने अपने रिकॉर्ड की बराबरी की राजस्थान रॉयल्स ने अपनी ही सबसे तेज टीम फिफ्टी रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। टीम ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ 2.4 ओवर में 50 रन पूरे किए। इससे पहले भी राजस्थान ने 2023 में 2.4 ओवर में ही कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ फिफ्टी लगाई थी। सबसे तेज टीम फिफ्टी का रिकॉर्ड रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के नाम है, जिन्होंने 2011 में कोच्चि टस्कर्स केरल के खिलाफ 2.3 ओवर में 50 रन बनाए थे। 2. वैभव 19 या उससे कम उम्र में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बैटर वैभव सूर्यवंशी 19 साल या उससे कम उम्र में IPL में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने 10 पारियों में 35 सिक्स लगाए हैं। इस मामले में उन्होंने ऋषभ पंत (30) और ईशान किशन (30) को पीछे छोड़ा। 3. यशस्वी के IPL में 100 सिक्स पूरे यशस्वी जायसवाल ने IPL में अपने 100 सिक्स पूरे किए। वे राजस्थान रॉयल्स के लिए 100 या उससे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं। इस मामले में संजू सैमसन (192) टॉप पर हैं, जबकि जोस बटलर (135) और शेन वॉटसन (109) उनसे आगे हैं। यहां से खास टॉप-5 मोमेंट्स… 1. बारिश की वजह से मैच 2 घंटे 40 मिनट देरी से शुरू हुआ गुवाहाटी में बारिश ने खेल बिगाड़ दिया। MI और RR का मुकाबला तय समय से 2 घंटे 40 मिनट देरी से शुरू हुआ। मौसम की वजह से ओवर घटाकर मैच 11-11 ओवर का किया गया। 2. यशस्वी ने पहले ओवर में 5 बाउंड्री लगाई यशस्वी जायसवाल ने पहले ओवर में 4 चौके और एक सिक्स लगा दिया। उन्होंने दीपक चाहर के खिलाफ 22 रन बटोरे। इस ओवर में जायसवाल ने पहली ही गेंद पर चौका लगा दिया। उन्होंने दूसरी गेंद पर सिक्स जड़ा और फिर तीसरी व चौथी गेंद पर लगातार बाउंड्री लगाईं। ओवर की आखिरी गेंद पर भी चौका लगा दिया। 3. वैभव ने बुमराह की पहली बॉल पर सिक्स लगाया वैभव सूर्यवंशी ने जसप्रीत बुमराह के ओवर में 2 सिक्स लगाए। पहली ही गेंद पर उन्होंने लॉन्ग-ऑन के ऊपर से शानदार सिक्स लगाया। इसके बाद शॉर्ट गेंद पर पुल शॉट खेलते हुए डीप स्क्वेयर लेग के पार सिक्स लगा दिया। 4. यशस्वी की चौके से 17वीं IPL फिफ्टी यशस्वी जायसवाल ने चौके के साथ अपनी 17वीं IPL फिफ्टी पूरी की। उन्होंने हार्दिक पंड्या की गेंद को कट शॉट खेलते हुए डीप पॉइंट बाउंड्री तक पहुंचाया। इस चौके के साथ जायसवाल ने लगातार दूसरी फिफ्टी भी लगाई। 5. रदरफोर्ड का सिक्स दर्शक को लगा शेरफेन रदरफोर्ड का एक सिक्स स्टैंड में बैठे दर्शक को जा लगा। 8वें ओवर में तुषार देशपांडे की फुल लेंथ गेंद पर उन्होंने शॉट खेला और गेंद डीप एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से स्टैंड में गई। 92 मीटर लंबा यह सिक्स स्टैंड में बैठी एक बच्ची को जा लगा। —————————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… राजस्थान की IPL-19 में लगातार तीसरी जीत:मुंबई को 27 रन से हराया; जायसवाल ने नाबाद 77 रन बनाए, 3 बॉलर्स को 2-2 विकेट राजस्थान रॉयल्स (RR) ने IPL-2026 के 13वें मुकाबले में मुंबई इंडियंस (MI) को 27 रन से हरा दिया। मंगलवार को मिली इस जीत से रॉयल्स की टीम 19वें सीजन की पॉइंट्स टेबल के टॉप पर आ गई है। टीम ने लगातार तीसरा मैच जीता है। वहीं, मुंबई लगातार दूसरा मैच हारी है। पूरी खबर IPL में आज DC vs GT:दिल्ली ने शुरुआती दोनों मैच जीते, गुजरात के कप्तान गिल की वापसी संभव IPL 2026 के 14वें मैच में आज दिल्ली कैपिटल्स का सामना गुजरात टाइटंस से होगा। मुकाबला अरुण जेटली स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। टॉस शाम 7:00 बजे होगा। DC और GT का इस सीजन पहला मैच होगा। पूरी खबर
Partner Facebook Flirt; Relationship Insecurity Signs

Hindi News Lifestyle Partner Facebook Flirt; Relationship Insecurity Signs | Do’s & Dont’s Boundaries 2 घंटे पहले कॉपी लिंक सवाल– मैं जयपुर से हूं। मेरी उम्र 28 साल है और मैं सेरामिक आर्टिस्ट हूं। मेरा पार्टनर भी आर्टिस्ट है। वह सोशल मीडिया पर लड़कियों के साथ बहुत फ्लर्ट करता है। जैसे उनकी हर पोस्ट पर हार्ट इमोजी बनाना, कमेंट करना, देर रात फेसबुक पर ऑनलाइन रहना और चैटिंग करना। मैं पूछूं कि किससे बात कर रहे हो तो नाराज हो जाता है। कहता है, मैं इनसिक्योर हूं। वो उल्टे मुझे ही गिल्ट महसूस करवाने लगता है। क्या दूसरी लड़कियों के साथ फ्लर्ट और चैटिंग भी एक तरह की चीटिंग नहीं है। मैं बहुत अनकंफर्टेबल महसूस कर रही हूं। क्या करूं? एक्सपर्ट: डॉ. जया सुकुल, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, नोएडा सवाल पूछने के लिए शुक्रिया। आपका तनाव महसूस करना और सवाल पूछना, दोनों वाजिब है। यहां मैं मनोविज्ञान के नजरिए से आपके सवाल का जवाब देने की कोशिश करूंगी। डिजिटल एज में रिलेशनशिप इंटरनेट और सोशल मीडिया से पहले के दौर में ‘चीटिंग’ की परिभाषा अलग थी। तब धोखे का एक ही मतलब था- किसी तीसरे व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध। लेकिन आज की तारीख में जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा मोबाइल पर गुजर रहा है। हमारी बहुत सारी बातचीत, जुड़ाव, प्रेम और आकर्षण दरअसल हमारी डिजिटल स्क्रीन पर ही हो रहे हैं। तो जाहिर है, ये सवाल मन में आता है कि क्या फेसबुक पर किसी की पोस्ट पर रोज हार्ट इमोजी बनाना या रोज कमेंट करना सिर्फ फ्लर्टिंग है या ये भी चीटिंग है। आइए समझते हैं- फिजिकल चीटिंग से ज्यादा तकलीफदेह ‘इमोशनल चीटिंग’ जैसाकि ऊपर ग्राफिक के पॉइंट्स से जाहिर है कि सिर्फ लाइक और कमेंट करना तो नॉर्मल सोशल बिहेवियर है। लेकिन ये माइक्रो और इमोशनल चीटिंग में भी बदल सकता है। लेकिन सिर्फ तब जब आपका पार्टनर– अपने रिश्ते को इग्नोर करके दूसरे को ज्यादा वक्त और तवज्जो दे। जब वो किसी तीसरे से अपनी बेहद पर्सनल बातें शेयर करने लगे। जब आपका पार्टनर किसी और से इस हद तक जुड़ जाए कि वो आपके हिस्से का प्यार, लगाव, खुशी और वक्त किसी और को देने लगे। जरूरी नहीं कि उस रिश्ते में फिजिकल इंटिमेसी भी हो। बस होता ये है कि जो आपका था, वो अब किसी और को मिल रहा है। यह एक तरह का इमोशनल डिसप्लेसमेंट है। इमोशनल चीटिंग कई बार फिजिकल चीटिंग से भी ज्यादा तकलीफदेह हो सकती है। लोग फ्लर्ट क्यों करते हैं? फ्लर्टिंग अपने आप में गलत नहीं है और न ही ये हमेशा गलत होती है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि कई साइंस स्टडीज दरअसल फ्लर्टिंग को एक हेल्दी साइन के रूप में देखती हैं। फ्लर्टिंग लोगों के सोशल स्किल और उनकी पर्सनैलिटी का हिस्सा भी हो सकती है। वे बातचीत में थोड़ी तारीफ या थोड़े मजाक का सहारा लेते हैं, थोड़ा टीज या फ्लैटर करते हैं। इन सबमें कोई समस्या नहीं है। ऐसा करने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। ये बोरडम से लेकर सेल्फ एस्टीम से जुड़ा मसला भी हो सकता है। सारे एंगल नीचे ग्राफिक में देखें– फ्लर्टिंग कब रेड फ्लैग है? फ्लर्टिंग समस्या तब होती है, जब फ्लर्ट करना व्यक्ति का सहज स्वभाव न हो। वह सभी के साथ इस तरह पेश न आता हो, बल्कि उसका ये व्यवहार किसी खास व्यक्ति पर ही केंद्रित हो। इतना ही नहीं, वो इन बातों को छिपाने लगे, पूछने पर नाराज हो जाए। नीचे ग्राफिक में वो सारे संकेत देखिए, जब फ्लर्टिंग रेड फ्लैग हो सकती है। इरादे और उसका प्रभाव मनोविज्ञान में दो चीजें होती हैं– एक है इरादा और दूसरा है उसका असर। हो सकता है कि इरादा नेक हो, लेकिन उसका असर बुरा पड़े। जैसेकि आपके केस में पार्टनर कह सकता है– ये कोई सीरियस बात नहीं है। मैं तो बस मजाक कर रहा था। मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था। लेकिन पॉइंट ये है कि इरादा जो भी हो, उसका प्रभाव क्या हुआ है । उसका प्रभाव ये है कि आप– पीड़ा महसूस कर रही हैं। असुरक्षा महसूस कर रही हैं। तनाव महसूस कर रही हैं। रिश्ते में अकेलापन महसूस कर रही हैं। अब आपको क्या करना चाहिए? आपकी फीलिंग्स को टालना, उन्हें इग्नोर करना या झुठलाना ठीक नहीं है। सबसे पहले आपको अपनी फीलिंग्स को एड्रेस करना है। इसके लिए आपको ये कदम उठाने चाहिए– पार्टनर से खुलकर इस बारे में बात करनी चाहिए। उन्हें ब्लेम नहीं करना चाहिए, सिर्फ अपनी फीलिंग्स जाहिर करनी चाहिए। उन्हें बताना चाहिए कि उनके व्यवहार की वजह से आप पीड़ा, असुरक्षा महसूस करती हैं। उनसे आग्रह करना चाहिए कि इस मुद्दे को तत्काल एड्रेस करना जरूरी है। आप सजेस्ट कर सकती हैं कि जरूरत हो तो हम कपल काउंसलिंग के लिए भी जा सकते हैं। हेल्दी रिलेशन के 6 जरूरी कदम आपको सेल्फ केयर के ऊपर लिखे कदम उठाने चाहिए। इसके अलावा नीचे ग्राफिक में छह बातें लिखी हैं, जो किसी भी हेल्दी रिलेशनशिप की बुनियाद हैं। हर रिश्ते में डूज और डोंट्स की सीमा तय करने से लेकर सेल्फ रिस्पेक्ट को प्रिऑरिटी पर रखना जरूरी है। अंतिम बात मुझे पूरी उम्मीद है कि बातचीत, प्यार और संवेदना से यह समस्या सुलझ सकती है। लेकिन अगर ऐसी स्थितियां पैदा हों कि आपका पार्टनर– आपकी बात सुनने से इनकार करे। आपकी फीलिंग्स को पूरी तरह इग्नोर करे। कहे कि “तुम बात का बतंगड़ बना रही हो।” उल्टे आपको ही दोष देने लगे। आपके दुख से पूरी तरह डिटैच्ड, अप्रभावित रहे। तो ऐसी स्थितियों में आपको अपने मेंटल-इमोशनल वेलबीइंग को प्रिऑरिटी देनी चाहिए। सबसे पहले अपनी मेंटल–फिजिकल हेल्थ को डैमेज होने से बचाना चाहिए। काउंसलर से मिलकर बात करनी चाहिए। सबसे पहले अपना आत्मसम्मान और अपनी खुशी चुननी चाहिए। ……………………. रिलेशनशिप एडवाइज से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए रिलेशनशिप एडवाइज- हसबैंड प्रमोशन लेकर दूसरे शहर चले गए: जॉब, घर, बच्चा अकेले संभाल रही हूं, अकेली और फ्रस्ट्रेट हूं, क्या करूं? आप एक मजबूत महिला हैं, जो घर, जॉब और बच्ची की जिम्मेदारी एक साथ संभाल रही हैं। अगर पति दूसरे शहर चले गए हैं और आपको उनका साथ नहीं मिल पा रहा है तो फ्रस्ट्रेशन होना नॉर्मल है। आइए आपकी सिचुएशन को समझते हैं और साथ मिलकर कोई रास्ता
अडाणी की अमेरिकी कोर्ट से फ्रॉड केस खारिज की मांग:बोले- मामला अमेरिकी अधिकार क्षेत्र से बाहर है, किसी तरह की धोखाधड़ी साबित नहीं हुई

गौतम अडाणी और उनके भतीजे सागर अडाणी ने अमेरिकी रेगुलेटर सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) की तरफ से दायर सिविल फ्रॉड केस को खारिज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मामला अमेरिकी अधिकार क्षेत्र से बाहर है और इसमें कोई ठोस आरोप नहीं हैं। अडाणी ग्रुप ने न्यूयॉर्क की अदालत में प्री-मोशन लेटर दाखिल कर कहा कि जिस डील को लेकर आरोप लगाए गए हैं वह अमेरिका के बाहर हुई थी। इसलिए SEC का मुकदमा कानूनी रूप से कमजोर है और इसे पूरी तरह खारिज किया जाना चाहिए। SEC ने 24 नवंबर में गौतम अडाणी और सागर अडाणी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। SEC ने आरोप लगाया था कि अडाणी ग्रुप की कंपनी अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) ने 2021 के बॉन्ड जारी करने के दौरान निवेशकों को गुमराह किया और रिश्वत मामले का खुलासा नहीं किया।
अडाणी की अमेरिकी कोर्ट से फ्रॉड केस खारिज की मांग:बोले- मामला अमेरिकी अधिकार क्षेत्र से बाहर है, किसी तरह की धोखाधड़ी साबित नहीं हुई

गौतम अडाणी और उनके भतीजे सागर अडाणी ने अमेरिकी रेगुलेटर सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) की तरफ से दायर सिविल फ्रॉड केस को खारिज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मामला अमेरिकी अधिकार क्षेत्र से बाहर है और इसमें कोई ठोस आरोप नहीं हैं। अडाणी ग्रुप ने न्यूयॉर्क की अदालत में प्री-मोशन लेटर दाखिल कर कहा कि जिस डील को लेकर आरोप लगाए गए हैं वह अमेरिका के बाहर हुई थी। इसलिए SEC का मुकदमा कानूनी रूप से कमजोर है और इसे पूरी तरह खारिज किया जाना चाहिए। SEC ने 24 नवंबर में गौतम अडाणी और सागर अडाणी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। SEC ने आरोप लगाया था कि अडाणी ग्रुप की कंपनी अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) ने 2021 के बॉन्ड जारी करने के दौरान निवेशकों को गुमराह किया और रिश्वत मामले का खुलासा नहीं किया। अडाणी की दलील- अमेरिका से कोई सीधा संबंध नहीं अडाणी के वकीलों ने केस खारिज करने की मांग के साथ तर्क दिया है कि न तो गौतम अडाणी और न ही सागर अडाणी का अमेरिका के साथ ऐसा कोई संपर्क रहा है जो इस केस के लिए जरूरी हो। साथ ही, बॉन्ड जारी करने की प्रक्रिया में उनकी कोई सीधी भूमिका नहीं थी। अडाणी पक्ष ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि SEC यह दिखाने में विफल रहा है कि इसमें कोई ‘घरेलू लेनदेन’ (Domestic Transaction) शामिल था। उन्होंने कहा कि बॉन्ड जारी करने वाली कंपनी भारतीय है, वह अमेरिका में लिस्टेड नहीं है और कथित घटना भी पूरी तरह से भारत में हुई है। ऐसे में अमेरिकी कानूनों को देश की सीमा से बाहर (Extraterritorial) लागू नहीं किया जा सकता। 750 मिलियन डॉलर का बॉन्ड सेल और विदेशी नियम फाइलिंग में बताया गया कि 750 मिलियन डॉलर (करीब ₹6,300 करोड़) के बॉन्ड की बिक्री अमेरिका से बाहर नियम 144A और रेगुलेशन के तहत की गई थी। ये प्रतिभूतियां गैर-अमेरिकी अंडरराइटर्स को बेची गई थीं और बाद में उनका कुछ हिस्सा योग्य संस्थागत खरीदारों (QIBs) को फिर से बेचा गया था। वकीलों का कहना है कि शिकायत में ऐसा कोई आरोप नहीं है कि गौतम अडाणी ने इस इश्यू को मंजूरी दी थी या अमेरिकी निवेशकों को प्रभावित करने वाली किसी मीटिंग में हिस्सा लिया था। ग्रुप ने कोर्ट को यह भी जानकारी दी कि SEC ने निवेशकों को हुए किसी भी नुकसान का जिक्र नहीं किया है। ग्रुप के मुताबिक, इन बॉन्ड्स की मैच्योरिटी 2024 में पूरी हो गई थी और निवेशकों को ब्याज सहित पूरा पैसा वापस कर दिया गया है। इसके अलावा, रिश्वतखोरी के आरोपों को भी ग्रुप ने पूरी तरह से बेबुनियाद करार दिया है और कहा है कि इसके पक्ष में कोई विश्वसनीय सबूत नहीं हैं। भविष्य की रणनीति: 30 अप्रैल को बड़ी सुनवाई संभव अडाणी ग्रुप ने मांग की है कि इस मामले को पूरी तरह से बंद किया जाए। उन्होंने यह भी कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो वे प्री-मोशन कॉन्फ्रेंस के लिए पेश होने को तैयार हैं। अब सबकी नजरें 30 अप्रैल पर टिकी हैं, जब इस मामले में विस्तृत मोशन कोर्ट के सामने रखा जाएगा। ————————– यह खबर भी पढ़ें… दावा- एपस्टीन और अनिल अंबानी के बीच सैकड़ों मैसेज-ईमेल हुए:यौन अपराधी ने खुद को व्हाइट हाउस का इनसाइडर बताया था अमेरिका के यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन ने 2017 में उद्योगपति अनिल अंबानी के सामने खुद को डोनाल्ड ट्रम्प के पहले कार्यकाल के व्हाइट हाउस के ‘इनसाइडर’ की तरह पेश किया था। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों के बीच दो साल तक सैकड़ों मैसेज और ईमेल हुए। पूरी खबर पढ़ें…








