Tuesday, 25 Aug 2026 | 12:11 AM

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मोदी 21 अप्रैल को पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे:79 हजार करोड़ की लागत से हुई तैयार, दो महीने में दूसरी बार राजस्थान आ रहे PM

मोदी 21 अप्रैल को पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे:79 हजार करोड़ की लागत से हुई तैयार, दो महीने में दूसरी बार राजस्थान आ रहे PM

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 अप्रैल को बालोतरा जिले में पचपदरा रिफाइनरी के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। मारवाड़ सहित पूरे राजस्थान के लिए रिफाइनरी के अलग मायने हैं। प्रोजेक्ट से बाड़मेर-जैसलमेर में इंडस्ट्रियल क्लस्टर विकसित होगा। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स व सहायक उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। जनवरी से ही रिफाइनरी के पहले चरण के ट्रायल रन (कच्चे तेल का प्रसंस्करण) की तैयारी शुरू कर दी गई थी। इसमें जल्द कमर्शियल उत्पादन शुरू हो जाएगा। मोदी 2 महीने में दूसरी बार राजस्थान आ रहे हैं। पीएमओ से मंजूरी मिलने के बाद सीएम भजनलाल शर्मा ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट करके इस बात की जानकारी दी है। रिफाइनरी का दो बार हुआ शिलान्यास पचपदरा रिफाइनरी का शिलान्यास पहली बार 22 सितंबर 2013 को हुआ था। उस समय तत्कालीन यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रिफाइनरी का शिलान्यास किया था। प्रदेश में अशोक गहलोत की सरकार थी। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 37,230 करोड़ थी। सत्ता परिवर्तन के बाद रिफाइनरी की शर्तों में बदलाव के बाद पीएम मोदी ने 16 जनवरी 2018 को फिर से इसके कार्य का औपचारिक शुभारंभ किया। इस समय इसकी लागत बढ़कर 43 हजार 129 करोड़ रुपए हो गई थी। इसका काम 31 अक्टूबर 2022 तक पूरा किया जाना था, लेकिन पिछली कांग्रेस सरकार के समय 2 जून 2023 को परियोजना की लागत बढ़कर 72,937 करोड़ रुपए हो गई। भजनलाल सरकार में कंपनी ने 24 जुलाई 2025 को रिफाइनरी के लागत मूल्य में द्वितीय संशोधन प्रस्ताव सरकार को प्रस्तुत किया। इसके बाद इसकी लागत बढ़कर 79 हजार 459 करोड़ रुपए हो गई है। रिफाइनरी एचपीसीएल और राजस्थान सरकार का एक संयुक्त उपक्रम है। 28 फरवरी को अजमेर आए थे मोदी इस साल की बात करें तो पीएम मोदी पिछले दो महीने में दूसरी बार राजस्थान आ रहे हैं। इससे पहले मोदी 28 फरवरी 2026 को अजमेर दौरे पर आए थे। यहां उन्होंने अजमेर के कायड़ विश्राम स्थली से प्रदेश में 16,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया था और 21 हजार से ज्यादा युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे थे। बीएस-6 मानक और जीरो लिक्विड डिस्चार्ज रिफाइनरी पचपदरा रिफाइनरी देश की सबसे आधुनिक बीएस-6 मानक की रिफाइनरी है। यहां रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल प्लांट एक साथ विकसित किए जा रहे हैं। यह पूरी तरह से जीरो लिक्विड इफ्लूएंट डिस्चार्ज परियोजना है, यानी क्रूड ऑयल रिफाइनिंग के दौरान किसी भी तरह का तरल कचरा बाहर नहीं जाएगा। यह पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। 9 मिलियन टन रिफाइन क्षमता, अरब देशों से आएगा क्रूड पचपदरा रिफाइनरी की सालाना रिफाइनिंग क्षमता 9 मिलियन टन कच्चे तेल की है। साथ ही यहां 2 मिलियन टन क्षमता का पेट्रोकेमिकल कॉम्पलेक्स भी स्थापित किया गया है। रिफाइनरी के लिए कुल 7.5 मिलियन टन कच्चा तेल अरब देशों से मंगाया जाएगा, जबकि प्रदेश में उत्पादित करीब 1.5 मिलियन टन कच्चे तेल का भी उपयोग किया जाएगा। 12 किमी नई रेल लाइन बिछेगी करीब 80 हजार करोड़ रुपए की लागत से बन रही इस रिफाइनरी से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। क्रूड ऑयल रिफाइनिंग और बायो-प्रोडक्ट्स के उत्पादन से माल ढुलाई भी बढ़ेगी। इसे ध्यान में रखते हुए बालोतरा से पचपदरा के बीच बंद पड़ी रेल लाइन को दोबारा शुरू करने की तैयारी है। कुछ महीने पहले ही इसका सर्वे हुआ था। बालोतरा से पचपदरा और रिफाइनरी साइट तक करीब 12 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन एचआरआरएल की ओर से बिछाई जाएगी।

दीवाली से पहले एमपी में यूसीसी लागू करने की तैयारी:सीएम ने मंत्रियों की बैठक में दिए संकेत; गोवा-उत्तराखंड मॉडल का होगा अध्ययन

दीवाली से पहले एमपी में यूसीसी लागू करने की तैयारी:सीएम ने मंत्रियों की बैठक में दिए संकेत; गोवा-उत्तराखंड मॉडल का होगा अध्ययन

मध्य प्रदेश की मोहन सरकार प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर गृह विभाग इसकी तैयारियों में जुट गया है। सीएम ने मंगलवार को मंत्रियों की बैठक में इसके संकेत दिए। इसको लेकर एक राज्य स्तरीय कमेटी भी बनाई जाएगी। दीवाली से पहले एमपी में इसे लागू किया जा सकता है। गोवा, उत्तराखंड के मॉडल का अध्ययन करेंगे एमपी के अधिकारी सूत्र बताते हैं कि समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट तैयार करने से पहले गोवा सिविल कोड और उत्तराखंड में कुछ समय पहले लागू किए गए यूसीसी का अध्ययन किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के लिए व्यावहारिक और संतुलित मॉडल तैयार किया जा सके। ड्राफ्ट तैयार होते ही इसे कैबिनेट में पेश किया जाएगा। केन्द्र से मिली हरी झंडी सरकार इसे राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से संवेदनशील मानते हुए सही समय पर कैबिनेट में लाने की रणनीति बना रही है। राज्य स्तरीय कमेटी बनने के बाद आगे की प्रक्रिया और ड्राफ्ट को कैबिनेट में पेश करने की टाइमलाइन तय की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूसीसी को प्रमुख एजेंडा बताया था। एमपी सरकार को केन्द्र से इसे लागू करने की सहमति भी मिल गई है। सामाजिक संतुलन यूसीसी में चुनौती मप्र में अलग प्रकार की सामाजिक व्यवस्था है, खासकर आदिवासी समुदायों की परंपराएं, यूसीसी को लागू कराने में एक अलग प्रकार की चुनौती हैं। 230 विधानसभा सीटों वाले प्रदेश में 47 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। ऐसे में सरकार हर वर्ग की संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही है। क्या बदल सकता है यदि कैबिनेट से मंजूरी मिलती है और आगे की प्रक्रिया पूरी होती है, तो सभी धर्मों के लिए विवाह और तलाक के समान नियम लागू हो सकते हैं। बहुविवाह पर रोक लग सकती है। महिलाओं को समान अधिकार मिल सकते हैं। संपत्ति और उत्तराधिकार में एकरूपता जैसे बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। यूसीसी वाले राज्यों के मॉडल भी समझ लीजिए उत्तराखंड: फरवरी 2024 में बिल पास हुआ और 27 जनवरी 2025 से लागू हुआ। देश में उत्तराखंड पहला राज्य है। जहां यूसीसी लागू किया गया। वहां शादी और तलाक का पंजीयन कराना जरूरी है। लिव इन रिलेशनशिप का 30 दिन में पंजीयन जरूरी है। नियमों का पालन न करने पर तीन महीने की जेल हो सकती है। गुजरात: संपत्ति में बेटा, बेटी को बराबरी का हक होगा। एसटी को इस कानून से बाहर रखा गया है। पहचान छिपाकर धोखे से शादी करना अपराध है। ऐसा करने पर 7 साल तक की जेल हो सकती है। 60 दिन में लिव इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा। यहां मार्च 2026 में बिल पास हुआ। जल्द ही लागू हो जाएगा। असम: यहां बहुविवाह को अपराध माना गया है। छठीं अनुसूची क्षेत्र और एसटी कानून से बाहर रखे गए हैं। हालांकि यहां यूसीसी कानून पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया है।

पुलिस ने पहली बार पकड़ा पानी में उगने वाला गांजा:ओजी ग्रेड का हाइड्रोपोनिक गांजा मिला, सिर्फ पानी में उगाया जाता है, देश की पांचवीं कार्रवाई

पुलिस ने पहली बार पकड़ा पानी में उगने वाला गांजा:ओजी ग्रेड का हाइड्रोपोनिक गांजा मिला, सिर्फ पानी में उगाया जाता है, देश की पांचवीं कार्रवाई

ग्वालियर पुलिस को मंगलवार को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गांजा तस्करों के पास से पहली बार ओजी ग्रेड (ओशियन ग्रोथ) का गांजा पकड़ा है। यह हाइड्रोपोनिक है और इसे जमीन पर नहीं सिर्फ पानी में उगाया जाता है। यह आसानी से घर के अंदर उगाया जा सकता है। मध्य प्रदेश पुलिस ने इस तरह का गांजा पहली बार पकड़ा है। देश में इस तरह का गांजा पकड़ने की यह पांचवीं कार्रवाई है। मध्य प्रदेश में एक बार भोपाल में इस तरह का गांजा पकड़ा गया था, लेकिन वह इंटेलीजेंस का एक्शन था। मध्यप्रदेश पुलिस की यह पहली कार्रवाई है। यह पानी में उगने वाला हाइड्रोपोनिक गांजा की कीमत अंतर राष्ट्रीय बाजार में एक करोड़ रुपए प्रति किलोग्राम है। फिलहाल पुलिस पकड़े गए गांजा तस्करों से पता लगा रही है कि वह कहां से गांजा की यह खेप लेकर ग्वालियर आए थे। सीएसपी इंदरगंज रोबिन जैन ने बताया कि सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर गांजे की खेप लेकर आने वाले हैं। इसका पता चलते ही कंपू थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। जिस पर एसआई सुमित्रा तिग्गा, प्रधान आरक्षक रविकांत शर्मा, आरक्षक अभिषेक शर्मा, शैलेंद्र धाकड़ और लवकुश को तस्करों की तलाश की जिम्मेदारी दी। जिस पर पुलिस टीम ने अवाड़पुरा मुर्गी फार्म के पास कैंसर पहाड़िया पर चेकिंग लगाकर यहां से गुजरने वाले वाहनों की तलाशी लेना शुरू कर दिया। पुलिस को देखते ही बाइक लौटाने का किया प्रयास पुलिस चेकिंग कर रही थी कि तभी एक बाइक एमपी 07 एमएन 4218 आती दिखाई दी। जिस पर दो युवक सवार थे। पुलिस चेकिंग को देखकर बाइक सवारों ने बाइक वापस मोड़कर जाने का प्र्रयास किया, लेकिन पुलिस अलर्ट थी और बाइक सवारों को दबोच लिया। पुलिस ने चेकिंग की तो उनके पास से सवा दो किलो के करीब गांजा बरामद हुआ है। पुलिस ने गांजा बरामद होते ही आरोपियों को दबोच लिया है। यह पकड़े गए इनसे मिला तीन ग्रेड का गांजा पुलिस ने पकड़े गए तस्करों से पूछताछ की तो उनकी पहचान गौरव कुशवाह पुत्र राजकुमार कुशवाह निवासी भूरे बाबा की बस्ती जनकगंज और दूसरे की पहचान हेमंत उर्फ सार्थक पुत्र भरत लाल निवासी तारागंज कलारी के पास जनकगंज के रूप में हुई। इनके पास से तीन अलग-अलग प्रकार का अवैध गांजा 1 किलो 438 ग्राम कीमती लगभग 30 हजार रुपए एवं एक मोटरसाइकिल एमपी07-एमएन-4218 जब्त की गई है। इसमें पकड़ा गया कुछ गांजा ओजी ग्रेड का गांजा है जो पानी में उगाने वाला गांजा है। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर पता लगा रही है कि वह गांजे की खेप लेकर कहां से आते हैं और कहां पर खपाते हैं। यह गांजा पहले कैलिफोर्निया से मंगाया जाता था एएसपी अनु बेनीवाल ने बताया कि पकड़े गए तस्करों से ओजी ग्रेड (ओशियन ग्रोथ) का है, यह हाइड्रोपोनिक है और इसे जमीन पर नहीं सिर्फ पानी में उगाया जा सकता है। इसकी मार्केट वैल्यू एक करोड रुपए प्रति किलो के करीब है। अभी तक यह देश भर में सिर्फ पांच स्थानों पर पकड़ा गया है। एक बार भोपाल में पकड़ा गया है, जिसे इंटेलीजेंस द्वारा पकड़ा गया था। एमपी पुलिस की यह पहली कार्रवाई है। इस गांजे को पहले कैलीफोर्निया से मंगाया जाता था, लेकिन अब इसे भारत में भी उगाया जा रहा है। इसे घर के अंदर ही उगाया जा सकता है और यह पांच से छह ग्राम की मात्रा में ही उगाया जा सकता है। इसके साथ ही उड़ीसा ग्रेड वन और नॉर्मल गांजा बरामद हुआ है। पकड़े गए तस्करों से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के बाद पता चलेगा वह गांजा कहां से लेकर आते है और कहां पर खपाते हैं।

भास्कर अपडेट्स: कोलकाता एयरपोर्ट पर एक कार इंडिगो विमान से टकराया, एयरक्राफ्ट को नुकसान

भास्कर अपडेट्स: कोलकाता एयरपोर्ट पर एक कार इंडिगो विमान से टकराया, एयरक्राफ्ट को नुकसान

नई दिल्ली5 घंटे पहले कॉपी लिंक कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक कार इंडिगो के विमान से टकरा गया। यह घटना एयरपोर्ट के पार्किंग बे नंबर-51 में हुई, जहां विमान खड़ा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैटरिंग की गाड़ी अचानक आगे बढ़ी और विमान के इंजन से टकरा गई, जिससे विमान को मामूली नुकसान हुआ। घटना के बाद विमान को जांच के लिए ग्राउंड कर दिया गया है। उसका मेंटेनेंस किया जा रहा है। यह फ्लाइट कोलकाता से गुवाहाटी जाने वाली थी। यात्रियों को दूसरी फ्लाइट से भेजा गया है। इंडिगो ने कहा कि संबंधित अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है और मामले की जांच जारी है। एयरलाइन जांच में पूरी तरह सहयोग कर रही है। आज की अन्य बड़ी खबरें… सुप्रीम कोर्ट बोला- दिव्यांगों की जनरल सीट सभी वर्गों के लिए खुली सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि दिव्यांगों के लिए जो जनरल सीट होती है, वह किसी एक वर्ग के लिए नहीं बल्कि सभी के लिए खुली होती है। इन सीटों पर चयन सिर्फ मेरिट यानी ज्यादा अंक के आधार पर होगा, न कि सामाजिक श्रेणी के आधार पर। जस्टिस संजय करोल और एन. कोटिस्वर सिंह की बेंच ने कलकत्ता हाईकोर्ट का फैसला पलट दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि कोई एससी, एसटी या ओबीसी वर्ग का दिव्यांग उम्मीदवार ज्यादा अंक लाता है, तो उसे सिर्फ इसलिए रोका नहीं जा सकता कि वह जनरल कैटेगरी का नहीं है। मामला प.बंगाल की एक सरकारी कंपनी की भर्ती से जुड़ा था, जहां ज्यादा अंक पाने वाले ओबीसी उम्मीदवार की जगह कम अंक वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि जनरल सीट एक खुला मौका है, जहां सभी योग्य उम्मीदवार बराबरी से प्रतिस्पर्धा करते हैं। एक अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) सिर्फ नौकरी छोड़ने की प्रक्रिया नहीं है, यह कर्मचारी का अधिकार है। यदि कर्मचारी तय नियमों के अनुसार नोटिस देता है और समय सीमा पूरी हो जाती है, तो वीआरएस अपने आप लागू मानी जाएगी। जस्टिस जेके महेश्वरी और विजय बिश्नोई की बेंच ने बैंककर्मी के मामले में यह फैसला दिया। अब टोल प्लाजा पर कैश बंद, यूपीआई भी 1.25 गुना महंगा सड़क परिवहन मंत्रालय ने 10 अप्रैल से राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह खत्म करने का फैसला किया है। अब फास्टैग ही टोल भुगतान का मुख्य माध्यम रहेगा। बिना वैध फास्टैग वाले वाहन चालक यूपीआई से भुगतान कर सकेंगे, लेकिन उन्हें निर्धारित टोल का 1.25 गुना शुल्क देना होगा। इस कदम का उद्देश्य टोल प्लाजा पर लंबी कतारें कम करना है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

भास्कर अपडेट्स: कोलकाता एयरपोर्ट पर एक कार इंडिगो विमान से टकराया, एयरक्राफ्ट को नुकसान

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नई दिल्ली14 मिनट पहले कॉपी लिंक कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक कार इंडिगो के विमान से टकरा गया। यह घटना एयरपोर्ट के पार्किंग बे नंबर-51 में हुई, जहां विमान खड़ा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैटरिंग की गाड़ी अचानक आगे बढ़ी और विमान के इंजन से टकरा गई, जिससे विमान को मामूली नुकसान हुआ। घटना के बाद विमान को जांच के लिए ग्राउंड कर दिया गया है। उसका मेंटेनेंस किया जा रहा है। यह फ्लाइट कोलकाता से गुवाहाटी जाने वाली थी। यात्रियों को दूसरी फ्लाइट से भेजा गया है। इंडिगो ने कहा कि संबंधित अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है और मामले की जांच जारी है। एयरलाइन जांच में पूरी तरह सहयोग कर रही है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔