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गर्मी और लू से बचाएगा कच्चे आम का पन्ना, जानिए इसे बनाने की आसान रेसिपी – News18 हिंदी

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X गर्मी और लू से बचाएगा कच्चे आम का पन्ना, जानिए इसे बनाने की आसान रेसिपी   Aam Panna Recipe: आम पन्ना या आम पना जो स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी किसी औषधि से कम नहीं है. आम पन्ना कच्चे आम से तैयार किया जाने वाला एक लोकप्रिय देसी पेय है, जिसे खासतौर पर गर्मियों में पीया जाता है. यह शरीर की गर्मी को संतुलित करने में मदद करता है और लू से बचाव के लिए बेहद कारगर माना जाता है. सीधी निवासी प्रियंका सिंह ने बताया कि गर्मियों में राहत देने वाला आम पन्ना बनाने की विधि बेहद आसान है. कच्चे आमों को चूल्हे या गैस पर तब तक भूनें, जब तक छिलका काला और अंदर से नरम न हो जाए. इसके बाद इन्हें ठंडा कर छीलें और गूदा निकाल लें. इसे पानी, चीनी या गुड़, पुदीना, भुना जीरा, काला नमक और साधारण नमक के साथ पीस लें. तैयार गाढ़ा मिश्रण फ्रिज में रखें. सर्व करते समय गिलास में बर्फ, 3-4 चम्मच पन्ना और ठंडा पानी मिलाकर परोसें. तैयार पेय को ठंडा कर पुदीने की पत्तियों के साथ परोसने से इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.

US-Iran 2-Week Ceasefire: Pakistan Stock Market Records Historic 14,000-Point Surge

US-Iran 2-Week Ceasefire: Pakistan Stock Market Records Historic 14,000-Point Surge

Hindi News Business US Iran 2 Week Ceasefire: Pakistan Stock Market Records Historic 14,000 Point Surge | KSE 100 Jumps 9.34% नई दिल्ली15 मिनट पहले कॉपी लिंक पाकिस्तानी शेयर मार्केट में 2 मार्च को 16,000 अंक यानी करीब 9.57% की गिरावट आई थी। यह इसके इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट में से एक थी। अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते के सीजफायर के ऐलान के बाद आज (8 अप्रैल, बुधवार) पाकिस्तान के शेयर बाजार में 14,000 अंकों की रिकॉर्ड तेजी आई। कराची स्टॉक एक्सचेंज का बेंचमार्क इंडेक्स कराची 100 (KSE) 14,162.58 अंक यानी 9.34% बढ़कर 165,836.05 पर बंद हुआ। यह KSE-100 इंडेक्स के इतिहास में एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त मानी जा रही है। इससे पहले कराची स्टॉक एक्सचेंज में इतनी बड़ी तेजी कभी नहीं देखी गई थी। इस तेजी के बाद नियमों के तहत ट्रेडिंग अस्थायी रूप से रोक दी गई थी। सीजफायर से पाकिस्तान के बाजार में तेजी अमेरिका और ईरान के बीच 40 दिन से जारी जंग पर 2 हफ्ते के लिए ब्रेक लग गया है। दोनों देशों ने पाकिस्तान-चीन की मध्यस्थता के बाद इस सीजफायर पर सहमति जताई है। समझौते के तहत अमेरिका, इजराइल और ईरान एक-दूसरे पर हमले रोकेंगे, साथ ही ईरानी सेना की मदद से होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को तबाह करने की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर होर्मुज स्ट्रेट से रास्ता नहीं मिला तो वह ईरान की पूरी सभ्यता खत्म कर देंगे। अमेरिका-ईरान के बीच पाकिस्तान-चीन की मध्यस्थता से सीजफायर पर सहमति बनी। 2 मार्च को इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट आई थी पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज में पिछले कुछ हफ्तों से अस्थिरता थी। KSE-100 इंडेक्स 7 अप्रैल को मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ था। हालांकि, 2 मार्च को इसमें 16,089 अंकों यानी 9.57% की गिरावट आई थी। यह इसके इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट में से एक थी। यह गिरावट पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण आई थी। अमेरिका-ईरान के बीच पाकिस्तान में होगी आगे की बातचीत रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह युद्धविराम बातचीत का रास्ता खोलने के लिए किया गया है। संभावित बातचीत पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हो सकती है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि युद्धविराम तुरंत लागू होगा और बातचीत का उद्देश्य अंतिम समझौते तक पहुंचना है। क्रूड ऑयल 15% सस्ता, 94.27 डॉलर प्रति बैरल पर आया सीजफायर के ऐलान के बाद क्रूड ऑयल 15% सस्ता हुआ है। बुधवार को दाम 15 डॉलर गिरकर 94.27 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए। यह 6 साल में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है। एक दिन पहले क्रूड ऑयल 109.27 डॉलर प्रति बैरल था। 28 फरवरी को जंग शुरू होने से पहले कच्चा तेल 73 डॉलर प्रति बैरल था। जंग के दौरान दाम 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए थे। क्रूड ऑयल सस्ता होने से पाकिस्तान में घट सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्रूड ऑयल सस्ता होने से पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल के दाम घट सकते हैं। 3 अप्रैल को पेट्रोल 137 पाकिस्तानी रुपया और डीजल 184 रुपया महंगा किया गया था। विरोध के बाद सरकार ने पेट्रोल 80 रुपया सस्ता किया था। अभी पेट्रोल 378 रुपया प्रति लीटर और डीजल 520.35 रुपया प्रति लीटर मिल रहा है। पिछले हफ्ते पाकिस्तान में पेट्रोल ₹458 के पार पहुंच गया था पिछले हफ्ते पाकिस्तान में डीजल-पेट्रोल सबसे महंगा हो गया था। एक लीटर पेट्रोल 458 और डीजल 520 पाकिस्तानी रुपया के पार पहुंच गया। सरकार ने पेट्रोल में 43% और हाई-स्पीड डीजल (HSD) में 55% का इजाफा किया था। यह फैसला युद्ध के कारण ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने के बाद लिया गया था। पाकिस्तान का 1 रुपया भारत के 33 पैसे के बराबर होता है। यानी भारत के 100 रुपए की वैल्यू पाकिस्तान में करीब 300 रुपया है। सरकार ने पेट्रोल में 43% और डीजल के दाम में 55% का इजाफा किया था। भारत का सेंसेक्स 2946 अंक चढ़कर 77,563 पर बंद सीजफायर के ऐलान से आज भारतीय शेयर बाजार में भी तेजी आई। सेंसेक्स 2946 अंक (3.95%) चढ़कर 77,563 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 874 अंक (3.78%) ऊपर है, ये 23,997 पर बंद हुआ। आज ऑटो, रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में ज्यादा खरीदारी रही। निफ्टी का ऑटो, बैंकिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी इंडेक्स 5% ऊपर बंद हुए। एशियाई बाजार में भी तेजी रही साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 6.87% चढ़कर 5,872 पर बंद हुआ।जापान का निक्केई 5.39% चढ़कर 56,308 पर बंद हुआ।हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 3.09% चढ़कर 25,893 पर बंद हुआ।चीन का शंघाई कंपोजिट 2.69% बढ़कर 3,995 पर पहुंच गया है। अमेरिकी बाजार में 7 अप्रैल को मिला जुला कारोबार डाउ जोन्स 85 अंक (0.18%) गिरकर 46,548 के स्तर पर बंद हुआ।टेक बेस्ड इंडेक्स नैस्डैक कंपोजिट 0.098% चढ़कर 22,017 पर बंद हुआ।S&P 500 इंडेक्स 5 अंक (0.076%) बढ़कर 6,616 पर बंद हुआ। ये खबर भी पढ़ें… सेंसेक्स 2946 अंक चढ़कर 77,563 पर बंद: निफ्टी 874 अंक बढ़ा; ऑटो, रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में ज्यादा खरीदारी रही अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते के सीजफायर के ऐलान के बाद आज यानी बुधवार 8 अप्रैल को शेयर बाजार में तेजी रही। सेंसेक्स 2946 अंक (3.95%) चढ़कर 77,563 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 874 अंक (3.78%) ऊपर है, ये 23,997 पर बंद हुआ। आज ऑटो, रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में ज्यादा खरीदारी रही। निफ्टी का ऑटो, बैंकिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी इंडेक्स 5% ऊपर बंद हुए। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Good Health Signs : ये 10 संकेत बताते हैं कि आप पूरी तरह से हेल्दी हैं, यहां कीजिए अपनी परीक्षा

Good Health Signs : ये 10 संकेत बताते हैं कि आप पूरी तरह से हेल्दी हैं, यहां कीजिए अपनी परीक्षा

Last Updated:April 08, 2026, 18:32 IST Sign of Fit and Healthy : अगर आप हरदम इस चिंता में रहते हैं कि आपकी सेहत सही नहीं रहती तो जरा ठहरिए. एक बार अपने शरीर पर ध्यान दीजिए. अगर आपके शरीर में ये 10 संकेत दिखते हैं तो आपको घबराने की कोई जरूरत नहीं है. आप बिल्कुल फिट हैं. पर इसे बरकरार रखना चुनौती है. क्योंकि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में गतिहीन लाइफस्टाइल और प्रदूषण सबसे बड़े दुश्मन है. इसलिए आपको अपनी सेहत को सहेज कर रखना है. अगर इस परिस्थिति में भी ये 10 संकेत दिखते हैं तो वाकई आप शानदार लाइफ जी रहे हैं. आइए इस हेल्थ टेस्ट को चेक करते हैं. जब हमारी सेहत खराब होती है या शरीर के कुछ अंग ठीक से काम नहीं करते, तो कई तरह के चेतावनी संकेत दिखते हैं. सिर दर्द, वजन कम या बढ़ना, पिंपल्स, पेट फूलना, पेट दर्द, नाक बहना जैसी कुछ चीजों से हम शरीर की बीमारी का अंदाजा लगाते हैं. लेकिन पूरी तरह से स्वस्थ होने के भी कुछ संकेत होते हैं. इनमें से कुछ संकेत थोड़े अजीब लग सकते हैं, लेकिन ये सेहत को साबित करते हैं. पॉपुलर गट एक्सपर्ट डॉक्टर सेठी ने अपने इंस्टा पोस्ट में शरीर के स्वस्थ होने के 10 अनोखे संकेत शेयर किए हैं. आइए जानते हैं वो कौन से हैं. नाक बहना-कई लोग नाक बहने को परेशानी मानते हैं. लेकिन अगर ठंडे मौसम में आपकी नाक बार-बार बहती है तो इसका मतलब है कि आप स्वस्थ हैं. ठंडी हवा जब फेफड़ों में जाती है तो शरीर उसे गर्म और नम बनाने के लिए म्यूकस बनाता है. यह एक हेल्दी प्रोटेक्टिव रिएक्शन है. इस प्रक्रिया में नाक बहना आम बात है. गैस रिलीज़ होना-यह पढ़ने में थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन ये सच है. गैस आना एक स्वस्थ पाचन तंत्र का संकेत है. जब पाचन तंत्र में मौजूद बैक्टीरिया खाने को तोड़ते हैं तब गैस रिलीज़ होती है. ये बहुत आम बात है. इससे पता चलता है कि आपका डाइजेस्टिव सिस्टम ठीक से काम कर रहा है. अगर कभी झुकते वक्त या सोते वक्त अचानक गैस निकल जाए तो शर्मिंदा मत होइए. इसे समझिए कि आपकी पाचन प्रक्रिया खुश है और ये एक बड़ा संकेत है. Add News18 as Preferred Source on Google हल्का पीला रंग का पेशाब-पेशाब का रंग हमारे स्वास्थ्य के बारे में कई बातें बताता है. अगर पेशाब हल्के पीले रंग का है तो इसका मतलब है कि शरीर में पानी की मात्रा सही है और किडनी ठीक से काम कर रही है. अगर पेशाब का रंग ऑरेंज, रेड, ब्लू, ग्रीन या गहरा भूरा हो जाए तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें. डकार आना-खाना खाने के बाद डकार आना बिल्कुल सामान्य है. खासकर जब आप कार्बोनेटेड ड्रिंक पीते हैं तो कई लोगों को लगातार डकार आती है. इसके लिए शर्मिंदा होने की जरूरत नहीं है. डकार आने से पेट में जमा गैस बाहर निकलती है और पेट की फुलावट कम होती है. नियमित शौच जाना. रोज़ाना नियमित रूप से शौच जाना अच्छे स्वास्थ्य का संकेत है. इसका मतलब है कि आपकी पाचन प्रणाली पूरी तरह से ठीक काम कर रही है. दिन में 3 बार या हफ्ते में 3 बार शौच जाना आम बात है. ये बताता है कि आपकी डाइजेस्टिव सिस्टम स्वस्थ है. पसीना आना-पसीना आना शरीर के लिए अच्छा संकेत है. खासकर जब आप एक्सरसाइज या कोई शारीरिक गतिविधि करते हैं और शरीर से पसीना निकलता है तो इसका मतलब है कि आप स्वस्थ हैं. यह शरीर का नैचुरल कूलिंग सिस्टम है जो आपको गर्मी से बचाता है. पसीना शरीर का तापमान कंट्रोल करने में मदद करता है. मसूड़ों से खून न आन- मसूड़े स्वस्थ होना भी अच्छे स्वास्थ्य का संकेत है. खासकर, ब्रश करते समय मसूड़ों से खून नहीं आना चाहिए. अगर खून आता है तो यह सूजन या मुंह की सफाई में कमी को दिखाता है. अंदरूनी कोई स्वास्थ्य समस्या हो तो भी मसूड़ों से खून आ सकता है. रोज ब्रश करते समय एक बार अपने मसूड़ों को जरूर देखें. त्वचा की लचीलापन- कभी-कभी जब त्वचा को खरोंचते हैं तो वह फिर से अपनी जगह पर आ जाती है. यह त्वचा की लचीलापन एक अच्छा संकेत है कि आप स्वस्थ हैं. इसका मतलब है कि शरीर में पर्याप्त नमी है और स्किन की इलास्टिसिटी ठीक है. First Published : April 08, 2026, 18:32 IST

गर्भावस्था में क्या न खाएं… प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए पूरी गाइड, वरना करवानी पड़ सकती है अनचाही डिलीवरी!

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Last Updated:April 08, 2026, 18:31 IST गर्भावस्था के दौरान मां के खान-पान का सीधा असर बच्चे की सेहत पर पड़ता है. इस समय सही और सुरक्षित आहार लेना बहुत जरूरी है. गलत भोजन से संक्रमण, जन्मजात समस्याएं और अन्य स्वास्थ्य जटिलताएं हो सकती हैं. इस आर्टिकल में हम बताएंगे कि प्रेग्नेंट महिलाएं किन चीज़ों से बचें और सुरक्षित खान-पान अपनाएं. गर्भावस्था का समय महिलाओं के जीवन का एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील चरण होता है. इस दौरान मां के खान-पान का सीधा असर गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत पर पड़ता है. इसलिए गर्भवती महिलाओं को यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि वे क्या खाती हैं और क्या नहीं. कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे हैं जो बच्चे और मां दोनों के लिए हानिकारक हो सकते हैं. कच्चा या अधपका खाना: गर्भावस्था में कच्चा या अधपका मांस, अंडा और समुद्री भोजन खाने से बचना चाहिए. इनमें बैक्टीरिया या परजीवी हो सकते हैं, जो मां और बच्चे दोनों को संक्रमण दे सकते हैं. विशेष रूप से लिस्टेरिया और साल्मोनेला संक्रमण गर्भ में गंभीर समस्याएं पैदा कर सकते हैं. ज्यादा कैफीन और कोला ड्रिंक्स: चाय, कॉफी और कोला जैसी कैफीन युक्त चीजें गर्भावस्था में बहुत अधिक मात्रा में नहीं लेनी चाहिए. अत्यधिक कैफीन के सेवन से गर्भ में बच्चे का विकास प्रभावित हो सकता है और यह समय से पहले जन्म का जोखिम भी बढ़ा सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google अल्कोहल और धूम्रपान: गर्भावस्था में शराब और सिगरेट का सेवन पूरी तरह से मना है. शराब से भ्रूण में विकास संबंधी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, जैसे हृदय की कमजोरियों या न्यूरोलॉजिकल समस्याएं. धूम्रपान से बच्चा कम वजन का हो सकता है और गर्भपात का खतरा भी बढ़ जाता है. असुरक्षित डेयरी उत्पाद: पाश्चुरीकृत न किए गए दूध, क्रीम और पनीर जैसी चीजें खाने से बचें. इनमें बैक्टीरिया होने की संभावना होती है जो गर्भावस्था में संक्रमण पैदा कर सकते हैं. हमेशा पाश्चुरीकृत और अच्छी क्वालिटी वाले डेयरी उत्पाद ही लें. अधिक तैलीय और जंक फूड: तली-भुनी चीजें, फास्ट फूड और अत्यधिक मसालेदार भोजन गर्भावस्था में सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं. यह खाने से पेट की समस्याएं, एसिडिटी और मोटापे की समस्या बढ़ सकती है. ज्यादा मीठा और प्रोसेस्ड शुगर: शुगर की अधिक मात्रा गर्भावस्था में डायबिटीज या बच्चे का असामान्य वजन बढ़ने का कारण बन सकती है. मिठाई और पैकेज्ड फूड सीमित मात्रा में ही खाएं. कुछ विशेष फल और जड़ी-बूटियां: कुछ जड़ी-बूटियां और खट्टे फल जैसे पपीता (कच्चा), अनार के बीज या लस्सी में अत्यधिक मसाले गर्भ में बच्चे को नुकसान पहुंचा सकते हैं. डॉक्टर की सलाह के बिना हर्बल सप्लीमेंट्स न लें. गर्भावस्था में संतुलित और पोषक आहार का सेवन करना बहुत जरूरी है. कच्चा खाना, अल्कोहल, जंक फूड और अत्यधिक कैफीन से बचना चाहिए. हमेशा ताजा, साफ और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन लें. यह ध्यान रखने से माँ और बच्चे दोनों स्वस्थ रहेंगे और गर्भावस्था की कठिनाइयां कम होंगी. First Published : April 08, 2026, 18:31 IST

Healthy Body Signs: शरीर में दिख रहे ये 10 संकेत, तो इसका मतलब आप पूरी तरह स्वस्थ हैं

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Last Updated:April 08, 2026, 18:07 IST Healthy Body Sign: जब हमारी सेहत बिगड़ती है या शरीर के कोई अंग ठीक से काम करना बंद कर देते हैं, तो कुछ चेतावनी के संकेत दिखाई देते हैं. ऐसे ही जब आपका शरीर ठीक तरह से काम कर रहा होता है, तो इससे संबंधित भी संकेत नजर आते हैं. यहां हम आपको ऐसे ही 10 संकेतों के बारे में बता रहे हैं, जो यह बताता हैं कि आप पूरी तरह से स्वस्थ हैं. अगर हमारी सेहत खराब हो रही हो या शरीर के किसी अंग में कोई दिक्कत हो तो कुछ तरह के चेतावनी संकेत नजर आते हैं. सिरदर्द, वजन कम या ज्यादा होना, मुंहासे, पेट फूलना, पेट दर्द, नाक बहना जैसी कुछ लक्षणों से हम शरीर की सेहत का अंदाजा लगाते हैं. लेकिन, यह जानना भी जरूरी है कि जब हम पूरी तरह स्वस्थ हैं, तब भी शरीर कुछ संकेत देता है. इनमें से कुछ संकेत थोड़े अजीब लग सकते हैं, लेकिन ये अच्छे स्वास्थ्य का संकेत होते हैं. पॉपुलर गट एक्सपर्ट डॉक्टर सेठी ने बताया कि शरीर के स्वस्थ होने के 10 अजीब संकेत कौन-कौन से हैं. उन्होंने ये संकेत अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में शेयर किए हैं. आइए जानते हैं वे कौन से संकेत हैं. नाक बहना कई लोगों को परेशान करता है. लेकिन अगर ठंडे मौसम में बार-बार नाक बहती है तो इसका मतलब है कि आप स्वस्थ हैं. ठंडी हवा जब फेफड़ों में जाती है तो शरीर उसे गर्म और नम बनाने के लिए म्यूकस बनाता है. यह एक हेल्दी और प्रोटेक्टिव रिएक्शन है. इस प्रक्रिया में नाक बहना आम बात है. कई बार जब हम कोई काम कर रहे होते हैं, तो अचानक कान से मैल बाहर आ जाता है. यह चिपचिपा सा दिखने वाला मैल देखकर लोग असहज महसूस करते हैं. लेकिन यह एक स्वस्थ शरीर का संकेत है. यह धूल, बैक्टीरिया और अन्य कणों को रोककर कान की सुरक्षा करता है. यह गंदगी नहीं है, बल्कि कान के लिए एक सुरक्षा कवच है. कान के अंदर की गंदगी को साफ करने के लिए अलग से मेहनत करने की जरूरत नहीं है. Add News18 as Preferred Source on Google पेशाब का रंग हमारे स्वास्थ्य के बारे में कई राज खोलता है. अगर इसका रंग हल्का पीला है तो इसका मतलब है कि शरीर में पानी की मात्रा सही है और किडनी ठीक से अपशिष्ट पदार्थों को फिल्टर कर रही हैं. लेकिन अगर पेशाब का रंग नारंगी, लाल, नीला, हरा या गहरा भूरा हो जाए तो सतर्क हो जाएं और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें. खाना खाने के बाद डकार आना एक आम बात है. खासतौर पर, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स पीने के बाद बहुत से लोगों को बार-बार डकार आती है. इसके लिए शर्मिंदा होने की जरूरत नहीं है. यह याद रखना चाहिए कि यह प्रक्रिया पेट में जमा अतिरिक्त गैस को बाहर निकालकर पेट की गैस और भारीपन को कम करने में मदद करती है. पेट में गड़बड़ी होना, आंतों में मरोड़ जैसा महसूस होना थोड़ी परेशानी जरूर देता है. लेकिन यह अच्छी सेहत का संकेत भी हो सकता है. आंतें सक्रिय रूप से काम करते हुए खाना और गैस को बाहर निकालने की प्रक्रिया में यह समस्या हो सकती है. इसे लेकर किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है. कभी-कभी, जब त्वचा को चुटकी से दबाया जाता है, तो वह तुरंत अपनी मूल स्थिति में लौट आती है. ‘त्वचा की लोच’ इस बात का एक अच्छा संकेत है कि आपका स्वास्थ्य अच्छा है. यह दर्शाता है कि शरीर में पर्याप्त मात्रा में पानी (हाइड्रेशन) मौजूद है और त्वचा की लोच स्वस्थ है. थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन यह सच है. गैस पास करना एक स्वस्थ पाचन तंत्र की निशानी है. गैस तब निकलती है जब पाचन तंत्र के अंदर मौजूद बैक्टीरिया भोजन को तोड़ते हैं. यह एक बहुत ही आम बात है. इसके अलावा, यह इस बात का संकेत है कि आपका पाचन तंत्र पूरी तरह से काम कर रहा है. अगर आपसे गलती से गैस निकल जाती है—चाहे झुकते समय हो या सोते समय—तो आपको शर्मिंदा महसूस नहीं करना चाहिए. इसके बजाय, आपको इसे एक ऐसे ज़ोरदार संकेत के तौर पर देखना चाहिए जो यह बताता है कि आपका पाचन तंत्र खुश और स्वस्थ है. नियमित और लगातार मल त्याग होना अच्छे स्वास्थ्य की निशानी है. यह दर्शाता है कि आपका पाचन तंत्र अपनी 100% क्षमता पर काम कर रहा है. दिन में तीन बार से लेकर हफ़्ते में तीन बार तक मल त्याग होना आम बात है; यह एक स्वस्थ पाचन तंत्र की मौजूदगी को दर्शाता है. स्वस्थ मसूड़े होना अच्छी सेहत की निशानी है. खास तौर पर, दांत ब्रश करते समय आपके मसूड़ों से खून नहीं आना चाहिए. अगर खून आता है, तो यह सूजन या मुंह की ठीक से सफाई न होने का संकेत हो सकता है. मसूड़ों से खून आना शरीर के अंदरूनी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का लक्षण भी हो सकता है. हर दिन ब्रश करते समय, एक पल निकालकर अपने मसूड़ों को ध्यान से देखें. पसीना आना इस बात का अच्छा संकेत है कि शरीर पसीना बहा रहा है. खासकर, व्यायाम या शारीरिक गतिविधि के दौरान पसीना आना अच्छे स्वास्थ्य की निशानी है.  पसीना शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में सहायक होता है. First Published : April 08, 2026, 18:02 IST

अमृतसर के हरिमंदिर साहिब पहुंचे ईरानी प्रतिनिधि:​दिल्ली में खामेनेई की याद में आयोजित कार्यक्रम के लिए SGPCअध्यक्ष व जत्थेदार को दिया निमंत्रण, अमेरिका को 11वें दिन हमले की चेतावनी

अमृतसर के हरिमंदिर साहिब पहुंचे ईरानी प्रतिनिधि:​दिल्ली में खामेनेई की याद में आयोजित कार्यक्रम के लिए SGPCअध्यक्ष व जत्थेदार को दिया निमंत्रण, अमेरिका को 11वें दिन हमले की चेतावनी

ईरान के सर्वोच्च नेता के भारत में प्रतिनिधि के उप-प्रतिनिधि डॉ. मोहम्मद हुसैन जियायेनिया आज सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचे और नतमस्तक हुए। इस मौके पर उन्होंने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (SGPC) के अधिकारियों से मुलाकात की और SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी तथा श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को दिल्ली में होने वाले विशेष कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया। डॉ. जियायेनिया ने बताया कि 12 अप्रैल को दिल्ली स्थित ईरान कल्चर हाउस में ईरान के आयतुल्लाह सैय्यद अली हुसैन खामेनेई की शहादत के 40वें दिन उनकी याद में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिख धर्म और इस्लाम में ‘शहादत’ का महत्व अत्यंत गहरा है और दोनों धर्म मानते हैं कि शहीद हमेशा अमर रहता है। डॉ. जियायेनिया ने पंजाब विधानसभा द्वारा ईरान के समर्थन में पास किए गए प्रस्ताव की सराहना की और भारत-ईरान के 5,000 साल पुराने संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति पर तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि ईरान स्थायी शांति चाहता है, लेकिन पिछले वर्षों में हुए हमलों में उसके मासूम बच्चों, स्कूलों और अस्पतालों को निशाना बनाया गया। अमेरिका को 10 दिन की चेतावनी उन्होंने अमेरिका के दावों पर हमला करते हुए कहा कि जो व्यक्ति दिन में ईरान को नक्शे से मिटाने की बातें करता है, वह रात में युद्ध रोकने की भीख मांगता है। डॉ. जियायेनिया ने स्पष्ट किया कि ईरान ने अमेरिका को अपनी 10 शर्तों को मानने के लिए 10 दिन की मोहलत दी है। यदि 10 दिनों के भीतर शर्तें नहीं मानी गईं और नुकसान की भरपाई नहीं हुई, तो ईरान 11वें दिन अमेरिका और इजराइल पर पहले से 100 गुना अधिक मिसाइलों से हमला करेगा।

मुंह के छाले, डायबिटीज और दिल की सेहत… यह लाल सुपरफ्रूट बनेगा आपका सबसे बड़ा सहारा, ऐसे करें सेवन

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Last Updated:April 08, 2026, 17:58 IST आज भी हमारे देश में कई ऐसे फल पाए जाते हैं जो स्वाद के साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद होते हैं. शहतूत उनमें से एक है. यह रसीला और स्वादिष्ट फल शरीर को पोषण देता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और कई गंभीर बीमारियों से बचाने में मदद करता है. मुंह के छाले, डायबिटीज, दिल की बीमारियां और पेशाब संबंधी समस्याओं में शहतूत बेहद लाभकारी है. आज भी हमारे देश में कई ऐसे पेड़-पौधे, जड़ी-बूटियां और फल पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. इन्हीं में से एक है शहतूत, जो स्वाद के साथ-साथ औषधीय गुणों से भी भरपूर होता है. शहतूत का फल जितना रसीला और स्वादिष्ट होता है, उतना ही यह शरीर को ताकत और पोषण देने का काम करता है. बहुत से लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं, लेकिन इसके स्वास्थ्य लाभों के बारे में कम ही जानते हैं. आयुर्वेद में शहतूत को एक उपयोगी औषधि माना गया है. इसमें बहुत सारे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं. शहतूत का सेवन कई गंभीर बीमारियों से बचाने में भी सहायक होता है. जिला अस्पताल बाराबंकी के चिकित्सक, डॉक्टर अमित वर्मा (एमडी मेडिसिन) ने बताया कि शहतूत एक ऐसा फल है जो गर्मियों के दिनों में पाया जाता है. इसके फल, पत्ते और छाल हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद हैं. इसमें कई औषधीय गुण मौजूद होते हैं और विटामिन A, C, E, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम, फास्फोरस और फाइबर जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को कई गंभीर बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं. मुंह के छालों में फायदेमंद: मुंह में छाले एक ऐसी समस्या है जिससे लोग बार-बार पीड़ित होते हैं. शहतूत के पत्तों का काढ़ा बनाकर गरारा करें. इसके साथ ही शहतूत के पत्ते को चबाने से मुंह के छाले जल्दी खत्म होते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google इम्युनिटी में फायदेमंद: शहतूत की छाल का उपयोग शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए किया जा सकता है. शहतूत की छाल का पाउडर खाने से खांसी, दमा और कफ जैसी समस्याओं से राहत मिलती है. अगर आपको कफ की समस्या है, तो आप शहतूत की छाल का सेवन कर सकते हैं, लेकिन श्वसन प्रणाली से जुड़ी कोई गंभीर समस्या होने पर केवल डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसका उपयोग करें. पेशाब की समस्या में फायदेमंद: शहतूत की छाल के सेवन से पेशाब में जलन और दर्द में आराम मिलता है. जिन लोगों को पूरी तरह से पेशाब नहीं आती, उनके लिए भी शहतूत की छाल फायदेमंद हो सकती है. शहतूत की छाल का पाउडर खाने से शरीर में मौजूद गंदगी पेशाब के जरिए बाहर निकल जाती है. दिल की बीमारी में फायदेमंद: शहतूत के फल में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर दिल की बीमारियों के खतरे को कम करने में मददगार होते हैं. इसके अलावा, शहतूत का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल भी नियंत्रित रहता है, जिससे हार्ट डिजीज का जोखिम कम हो जाता है. डायबिटीज की समस्या में फायदेमंद: शहतूत में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो शरीर में इंसुलिन बनाने की प्रक्रिया को तेज करते हैं. यानी डायबिटीज के मरीजों के लिए भी शहतूत एक फायदेमंद फल है. इसके अलावा, शहतूत से मोटापा कम करने में भी मदद मिलती है. First Published : April 08, 2026, 17:58 IST

साइबर ठगी करने वाला मुंबई से पकड़ाया:कटनी की संस्था को डोनेशन दिलाने का झांसा दिया था; अब तक 4 आरोपी गिरफ्तार

साइबर ठगी करने वाला मुंबई से पकड़ाया:कटनी की संस्था को डोनेशन दिलाने का झांसा दिया था; अब तक 4 आरोपी गिरफ्तार

कटनी पुलिस ने मुंबई से एक ऐसे युवक को पकड़ा है, जो ठगी के करोड़ों रुपए ठिकाने लगाने का काम करता था। इस गिरोह ने देशभर के लोगों से 4.26 करोड़ रुपए की ऑनलाइन धोखाधड़ी की और उस पैसे को अलग-अलग खातों में खपा दिया। कटनी के राजेंद्र विश्वकर्मा ने पुलिस को शिकायत दी थी कि जीशान नाम के एक व्यक्ति ने उन्हें झांसा दिया था। जीशान ने कहा था कि वह उनकी संस्था (आर्यवत शिक्षा समिति) को मोटा डोनेशन दिला देगा। इसके बाद राजेंद्र को बैंक से कॉल आया कि आपके खाते से कई बार लाखों के ट्रांजेक्शन हो रहे हैं। इसके बाद राजेंध्र ने पुलिस को सूचना दी थी। इसी लालच में आकर राजेंद्र ने अपने बैंक खाते की जानकारी उसे दे दी। बाद में पता चला कि ठगों ने इसी खाते का इस्तेमाल देशभर से ठगे गए 4.26 करोड़ रुपए इधर-उधर करने के लिए किया। 60 हजार की नौकरी पर ठगी का पैसा संभालता था अभिषेक पुलिस ने मुंबई के अंधेरी इलाके से 25 साल के अभिषेक नार्कर को गिरफ्तार किया है। अभिषेक ने बताया कि वह दुबई में बैठे अपने साथियों के लिए काम करता था। उसका काम ठगी के पैसों को अलग-अलग खातों में घुमाना था, जिसके बदले उसे हर महीने 60 हजार रुपए मिलते थे। ये लोग मोबाइल में खास ऐप के जरिए दूसरों के बैंक खाते चलाते थे। दुबई में बैठे हैं असली खिलाड़ी जांच में सामने आया है कि इस पूरे कांड के असली मास्टरमाइंड अब्दुल सत्तार और प्रशांत पद्मने हैं। इन दोनों पर देशभर में ठगी के 54 से ज्यादा केस दर्ज हैं। ये दोनों फिलहाल दुबई में छिपे हैं और पुलिस ने इनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी करवा रखा है। अब तक 4 आरोपी गिरफ्तार इस मामले में पुलिस अब तक अभिषेक नार्कर समेत 4 लोगों को जेल भेज चुकी है। इससे पहले मोहम्मद जीशान, विकास तिवारी और चॉल्स रॉड्रिक को पकड़ा गया था। पुलिस अब गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है।

Rajasthan Refinery Project Gets ₹79,459 Cr Nod; DAP Bag ₹1,350 for Farmers

Rajasthan Refinery Project Gets ₹79,459 Cr Nod; DAP Bag ₹1,350 for Farmers

Hindi News Business Rajasthan Refinery Project Gets ₹79,459 Cr Nod; DAP Bag ₹1,350 For Farmers नई दिल्ली25 मिनट पहले कॉपी लिंक केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में आज यानी 8 अप्रैल को ₹1.74 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट्स और प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इन फैसलों में कृषि, ऊर्जा और शहरी परिवहन शामिल है। 1. खरीफ 2026 के लिए ₹41,534 करोड़ की खाद सब्सिडी कैबिनेट ने खरीफ सीजन 2026 के लिए NBS स्कीम को मंजूरी दी है। सरकार फॉस्फेटिक और पोटाश उर्वरकों करीब 41,533 करोड़ रुपए खर्च करेगी। यह पिछले साल के बजट से करीब ₹4,317 करोड़ ज्यादा है। नई दरें 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक लागू रहेंगी। सरकार के इस फैसले का मकसद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल की कीमतों में हो रहे उतार-चढ़ाव से किसानों को बचाना है। कोरोना के बाद DAP की कीमतें तेजी से बढ़ी है, लेकिन सरकार ने किसानों के लिए खुदरा कीमत को ₹1,350 प्रति 50 किलो बैग पर स्थिर रखा है। 2. राजस्थान रिफाइनरी प्रोजेक्ट पर ₹79,459 करोड़ खर्च होंगे सरकार ने HPCL राजस्थान रिफाइनरी प्रोजेक्ट के लिए संशोधित लागत को मंजूरी दे दी है। अब इस प्रोजेक्ट पर ₹79,459 करोड़ खर्च होंगे। राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में स्थित यह रिफाइनरी 9 MMTPA क्षमता वाली होगी। ऑपरेशन जुलाई से शुरू हो सकते हैं। 3. जयपुर मेट्रो फेज-2 में ₹13,038 करोड़ से बढ़ेगी कनेक्टिविटी राजस्थान की राजधानी जयपुर में मेट्रो विस्तार के लिए फेज-2 को मंजूरी मिल गई है। ₹13,038 करोड़ की लागत वाले इस प्रोजेक्ट के तहत प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक 41 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर बनेगा। इससे जयपुर और आसपास के इलाकों में ट्रांसपोर्ट सिस्टम बेहतर होगा। 4. हाइड्रोपावर सेक्टर के लिए ₹40,000 करोड़ के दो बड़े प्रोजेक्ट ऊर्जा सुरक्षा के लिए कैबिनेट ने दो बड़े हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी है। 1,720 मेगावाट क्षमता वाले कमला हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट पर ₹26,070 करोड़ खर्च होंगे। वहीं 1,200 मेगावाट के कलई-II हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट पर ₹14,106 करोड़ खर्च होंगे। नॉलेज पार्ट NBS क्या है: NBS का पूरा नाम न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी है। यह योजना 2010 से लागू है। सरकार खाद की बोरी में मौजूद नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश और सल्फर की मात्रा के हिसाब से कंपनियों को पैसे देती है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल के दाम बढ़ने पर भी किसानों को मिलने वाली बोरी की कीमत नहीं बढ़ती। हाइड्रोपावर क्यो जरूरी: हाइड्रोइलेक्ट्रिसिटी केवल बिजली बनाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। इसमें कोयले की तरह धुआं नहीं निकलता। इन प्रोजेक्ट्स के लिए बने बांधों का पानी बाद में सिंचाई और पीने के काम भी आता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Rajasthan Refinery Project Gets ₹79,459 Cr Nod; DAP Bag ₹1,350 for Farmers

Rajasthan Refinery Project Gets ₹79,459 Cr Nod; DAP Bag ₹1,350 for Farmers

Hindi News Business Rajasthan Refinery Project Gets ₹79,459 Cr Nod; DAP Bag ₹1,350 For Farmers नई दिल्ली36 मिनट पहले कॉपी लिंक केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में आज यानी 8 अप्रैल को ₹1.74 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट्स और प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इन फैसलों में कृषि, ऊर्जा और शहरी परिवहन शामिल है। 1. खरीफ 2026 के लिए ₹41,534 करोड़ की खाद सब्सिडी कैबिनेट ने खरीफ सीजन 2026 के लिए NBS स्कीम को मंजूरी दी है। सरकार फॉस्फेटिक और पोटाश उर्वरकों करीब 41,533 करोड़ रुपए खर्च करेगी। यह पिछले साल के बजट से करीब ₹4,317 करोड़ ज्यादा है। नई दरें 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक लागू रहेंगी। सरकार के इस फैसले का मकसद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल की कीमतों में हो रहे उतार-चढ़ाव से किसानों को बचाना है। कोरोना के बाद DAP की कीमतें तेजी से बढ़ी है, लेकिन सरकार ने किसानों के लिए खुदरा कीमत को ₹1,350 प्रति 50 किलो बैग पर स्थिर रखा है। 2. राजस्थान रिफाइनरी प्रोजेक्ट पर ₹79,459 करोड़ खर्च होंगे सरकार ने HPCL राजस्थान रिफाइनरी प्रोजेक्ट के लिए संशोधित लागत को मंजूरी दे दी है। अब इस प्रोजेक्ट पर ₹79,459 करोड़ खर्च होंगे। राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में स्थित यह रिफाइनरी 9 MMTPA क्षमता वाली होगी। ऑपरेशन जुलाई से शुरू हो सकते हैं। 3. जयपुर मेट्रो फेज-2 में ₹13,038 करोड़ से बढ़ेगी कनेक्टिविटी राजस्थान की राजधानी जयपुर में मेट्रो विस्तार के लिए फेज-2 को मंजूरी मिल गई है। ₹13,038 करोड़ की लागत वाले इस प्रोजेक्ट के तहत प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक 41 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर बनेगा। इससे जयपुर और आसपास के इलाकों में ट्रांसपोर्ट सिस्टम बेहतर होगा। 4. हाइड्रोपावर सेक्टर के लिए ₹40,000 करोड़ के दो बड़े प्रोजेक्ट ऊर्जा सुरक्षा के लिए कैबिनेट ने दो बड़े हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी है। 1,720 मेगावाट क्षमता वाले कमला हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट पर ₹26,070 करोड़ खर्च होंगे। वहीं 1,200 मेगावाट के कलई-II हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट पर ₹14,106 करोड़ खर्च होंगे। नॉलेज पार्ट NBS क्या है: NBS का पूरा नाम न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी है। यह योजना 2010 से लागू है। सरकार खाद की बोरी में मौजूद नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश और सल्फर की मात्रा के हिसाब से कंपनियों को पैसे देती है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल के दाम बढ़ने पर भी किसानों को मिलने वाली बोरी की कीमत नहीं बढ़ती। हाइड्रोपावर क्यो जरूरी: हाइड्रोइलेक्ट्रिसिटी केवल बिजली बनाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। इसमें कोयले की तरह धुआं नहीं निकलता। इन प्रोजेक्ट्स के लिए बने बांधों का पानी बाद में सिंचाई और पीने के काम भी आता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…