कुलदीप आखिरी बॉल पर रनआउट:गुजरात की IPL में सबसे छोटी जीत, मिलर का 106 मीटर लंबा सिक्स; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

गुजरात टाइटंस ने बुधवार को IPL 2026 में दिल्ली कैपिटल्स को रोमांचक मुकाबले में 1 रन से हरा दिया। अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए मैच में आखिरी गेंद पर कुलदीप यादव रनआउट हो गए। डेविड मिलर ने 106 मीटर लंबा सिक्स लगाया। पढ़िए GT Vs DC मैच के मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स… 1. गुजरात की रन के हिसाब सबसे छोटी जीत गुजरात टाइटंस ने रन के हिसाब से सबसे छोटी जीत हासिल की। टीम की जीत एक रन की रही। टीम ने 2024 में मुंबई इंडियंस के खिलाफ 6 रन, 2023 में लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ 7 रन, 2022 में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ 8 रन और उसी साल दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 14 रन से जीत दर्ज की थी। 2. बटलर के टी-20 में 600 सिक्स पूरे बटलर के टी-20 में 600 सिक्स पूरे हुए। इस मैच में उन्होंने 5 सिक्स लगाए। सबसे ज्यादा सिक्स के मामले में क्रिस गेल (1056), कीरोन पोलार्ड (982), आंद्रे रसेल (784), निकोलस पूरन (712) उनसे आगे हैं। इसके अलावा बटलर ने एक ही पारी में 14वीं बार 5 या उससे ज्यादा सिक्स भी लगाए। यहां से टॉप-9 मोमेंट्स… 1. सुदर्शन-गिल ने चौके से अपना खाता खोला साई सुदर्शन और कप्तान शुभमन गिल ने चौके से अपना खाता खोला। पहले ओवर की पहली ही बॉल पर सुदर्शन ने पैड्स पर आई गेंद को मिडविकेट के पार खेलकर बाउंड्री हासिल की। इसके बाद सिंगल लेकर उन्होंने गिल को स्ट्राइक दी। गिल ने ओवर की तीसरी बॉल पर ऑफ साइड में शानदार शॉट लगाते हुए चौका जड़ दिया। 2. बटलर का 96 मीटर लंबा सिक्स जोस बटलर ने मुकेश कुमार के ओवर में 3 सिक्स लगाए। 5वें ओवर की पहली दो बॉल पर बटलर ने दो सिक्स लगा दिए। उन्होंने पहली गेंद पर स्कूप शॉट खेला, इसके बाद दूसरी गेंद पर सामने की दिशा में सिक्स लगा दिया। यह सिक्स 96 मीटर लंबा रहा। इसके बाद बटलर ने ओवर की पांचवीं गेंद पर भी सिक्स लगाया। बाद में बटलर 52 रन बनाकर कुलदीप यादव की गेंद पर बोल्ड हो गए। 3. कैच छूटने के बाद गिल ने चौके से फिफ्टी पूरी की 14वें ओवर की दूसरी गेंद पर शुभमन गिल को जीवनदान मिला। अक्षर पटेल की गेंद पर लॉन्ग ऑन पर डेविड मिलर से उनका कैच छूट गया। गिल ने आगे बढ़कर शॉट खेला, लेकिन टाइमिंग सही नहीं रही और गेंद हवा में चली गई। मिलर ने दौड़कर कैच पकड़ने की कोशिश की। लेकिन गेंद सिर्फ उंगलियां में ही लग सकी। इसके बाद गिल ने 14.5 ओवर में लुंगी एनगिडी की गेंद पर चौका लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया और 70 रन बनाकर आउट हुए। 4. वाशिंगटन की सिक्स के साथ डेब्यू IPL फिफ्टी वॉशिंगटन सुंदर ने सिक्स के साथ डेब्यू IPL फिफ्टी पूरी की। 18वें ओवर की पांचवीं गेंद पर टी नटराजन ने फुल टॉस डाली। सुंदर ने झुककर शॉट खेला और गेंद को डीप स्क्वायर लेग के पार सिक्स के लिए भेज दिया। 5. दिल्ली ने पहले ओवर में 3 चौके लगाए पहले ओवर में दिल्ली ने 3 चौके लगाए। पाथुम निसांका ने मोहम्मद सिराज के खिलाफ ओवर की दूसरी, तीसरी और आखिरी गेंद पर शानदार चौके जड़े। उन्होंने कवर और सीधा शॉट खेलकर गेंद को बाउंड्री तक पहुंचाया। 6. राहुल ने लगातार 4 बाउंड्री लगाकर फिफ्टी पूरी की राहुल ने लगातार 4 बाउंड्री लगाकर अपनी 41वीं IPL फिफ्टी पूरी की। 9वें ओवर में प्रसिद्ध कृष्णा के खिलाफ केएल राहुल ने पहले चौका जड़ा, फिर बैक-टू-बैक दो सिक्स लगाए और आखिर में एक और चौका लगाकर सिर्फ 29 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। इस ओवर से कुल 21 रन आए। 7. डेविड मिलर रिटायर हर्ट हुए डेविड मिलर रिटायर हर्ट हुए और बाद में बल्लेबाजी के लिए लौटे। 13वें ओवर की आखिरी गेंद पर मिलर कलाई में चोट लगने के कारण रिटायर हर्ट होकर मैदान से बाहर चले गए, उनकी जगह अक्षर पटेल बल्लेबाजी करने आए। इसके बाद 17वें ओवर की चौथी गेंद पर ट्रिस्टन स्टब्स 7 रन बनाकर साई सुदर्शन के डायरेक्ट थ्रो पर रनआउट हो गए। स्टब्स के आउट होने के बाद मिलर फिर से क्रीज पर बैटिंग के लिए लौटे। 8. मिलर ने 106 मीटर का सिक्स लगाया मिलर ने 106 मीटर लंबा सिक्स लगा दिया। 20वें ओवर की चौथी गेंद पर प्रसिद्ध कृष्णा ने फुल लेंथ गेंद डाली, जिस पर डेविड मिलर ने लॉन्ग-ऑफ के ऊपर से स्टेडियम के बाहर 106 मीटर दूर भेज दिया। 9. कुलदीप आखिरी बॉल पर रनआउट हुए मैच के आखिरी ओवर में दिल्ली को 13 रनों की जरूरत थी। विपराज निगम ने प्रसिद्ध कृष्णा की पहली बॉल पर चौका लगा दिया था। फिर वे दूसरी बॉल पर गिल को कैच थमा बैठे। ओवर की चौथी बॉल पर मिलर ने सिक्स लगाया। लेकिन, 5वीं बॉल पर सिंगल लेने से मना कर दिया और मैच टाई कराने का मौका गंवाया। आखिरी बॉल पर कुलदीप यादव रनआउट हो गए। ———————————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL में आज KKR vs LSG:नाइट राइडर्स को सीजन में पहली जीत तलाश, कोलकाता में बारिश के 90% चांस IPL में आज कोलकाता नाइट राइडर्स का सामना लखनऊ सुपर जायंट्स से होगा। मैच KKR के होम ग्राउंड ईडन गार्डन्स स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। मैच का टॉस शाम 7:00 बजे होगा। आज कोलकाता में बारिश की 90% आशंका है। यहां पिछला मैच भी बारिश के कारण रदद रहा थी। पूरी खबर
Working Parents Guilt; Emotional Bonding Lapse

Hindi News Lifestyle Working Parents Guilt; Emotional Bonding Lapse | PTM School Activities Unavailability 11 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक सवाल- मैं दिल्ली से हूं। मेरा 8 साल का एक बेटा है। मैं और मेरे हसबैंड, दोनों कॉरपोरेट जॉब करते हैं। काम की वजह से हम बच्चे को पर्याप्त समय नहीं दे पाते थे। इस कमी को पूरा करने के लिए हम अक्सर उसे महंगे गिफ्ट्स, गैजेट्स दे दिया करते थे। उसकी हर इच्छा भी पूरी करते थे। लेकिन कुछ समय से हमें ऐसा लग रहा है कि बेटे की उम्मीदें बढ़ती जा रही हैं। वह अपनी बात मनवाने के लिए इमोशनली ब्लैकमेल भी करने लगा है। हमें अब अपनी गलती का एहसास भी हो रहा है, लेकिन ये समझ नहीं आ रहा कि इसे ठीक कैसे करें। सही संतुलन कैसे बनाएं? प्लीज हेल्प। एक्सपर्ट: डॉ. अमिता श्रृंगी, साइकोलॉजिस्ट, फैमिली एंड चाइल्ड काउंसलर, जयपुर जवाब- सवाल पूछने के लिए शुक्रिया। यह सवाल आज कई वर्किंग पेरेंट्स की स्थिति को दिखाता है। वर्किंग पेरेंट्स के लिए काम और परिवार के बीच संतुलन बनाना चैलेंजिंग होता है। ऐसे में बच्चे को पर्याप्त समय न दे पाने पर गिल्ट होना स्वाभाविक है। बहुत से पेरेंट्स इस कमी को पूरा करने के लिए बच्चों को महंगे खिलौने, गैजेट्स या पैसे देकर खुश करने की कोशिश करते हैं। शुरुआत में यह तरीका आसान लगता है। लेकिन धीरे-धीरे बच्चे के मन में यह धारणा बन जाती है कि प्यार का मतलब सिर्फ भौतिक चीजें या सुख-सुविधाएं हैं। हालांकि अच्छी बात है कि आपने समय रहते इस बदलाव को नोटिस किया है। ऐसे में समझदारी से इस स्थिति को मैनेज किया जा सकता है। वर्किंग पेरेंट्स को गिल्ट क्यों होता है? वर्किंग पेरेंट्स ऑफिस और घर की जिम्मेदारियों के बीच बच्चे के लिए समय नहीं निकाल पाते हैं। यही सोच गिल्ट पैदा करती है। सामाजिक प्रेशर और सोशल मीडिया हर पेरेंट पर ‘परफेक्ट’ बनने का दबाव बनाते हैं। जब असल जिंदगी अलग होती है तो पेरेंट्स गिल्ट महसूस करते हैं। अगर बच्चा कहता है- ‘आप मेरे साथ नहीं रहते’ या उदास, चिड़चिड़ा दिखता है तो गिल्ट बढ़ जाता है। गिल्ट के और कई कारण हो सकते हैं- ‘गिल्ट पेरेंटिंग’ का बच्चे पर प्रभाव गिल्ट की वजह से पेरेंट्स बच्चे को जरूरत से ज्यादा चीजें, छूट या लाड़-प्यार देते हैं। शुरुआत में यह ‘प्यार’ लगता है, लेकिन लंबे समय में इसका असर बच्चे की सोच, व्यवहार और इमोशनल डेवलपमेंट पर पड़ता है। बच्चा मानने लगता है कि प्यार का मतलब गिफ्ट्स, पैसे और चीजें हैं। वह इमोशनल कनेक्शन की बजाय चीजों पर निर्भर हो जाता है। हर डिमांड पूरी होने पर ‘ना’ सुनने की आदत खत्म हो जाती है। इससे बच्चा जिद्दी और चिड़चिड़ा हो सकता है। बच्चा भौतिक चीजों से खुश तो होता है, लेकिन पेरेंट्स से जुड़ाव कमजोर होता जाता है। तुरंत सब कुछ मिलने से बच्चा धैर्य और इंतजार करना नहीं सीखता है। बाहर की दुनिया उसकी हर मांग पूरी नहीं करती, जिससे निराशा, गुस्सा और फ्रस्ट्रेशन बढ़ सकता है। इमोशनल सिक्योरिटी चीजों से नहीं, रिश्तों से मिलती है। इसकी कमी से बच्चा असुरक्षित महसूस कर सकता है। ग्राफिक में देखिए गिल्ट पेरेंटिंग का बच्चे पर क्या असर होता है- आइए, अब ‘गिल्ट पेरेंटिंग’ को मैनेज करने के तरीके समझते हैं। वर्किंग पेरेंट्स ‘गिल्ट’ कैसे मैनेज करें? वर्किंग पेरेंट्स के लिए ‘गिल्ट’ पूरी तरह खत्म करना संभव नहीं है। लेकिन इसे मैनेज किया जा सकता है। आइए इसे प्रैक्टिकल तरीके से समझते हैं- सबसे पहले तो समझें कि कोई भी पेरेंट ‘परफेक्ट’ नहीं हो सकता है। बच्चे के लिए ‘डेडिकेटेड टाइम‘ निकालें। इस दौरान फोन का इस्तेमाल न करें। आपका थोड़ा समय भी बच्चे के लिए मायने रखता है। गिल्ट में आकर गिफ्ट देना बंद करें। इसे खास मौके तक सीमित रखें। बच्चे से ईमानदारी से बात करें। ‘हम काम क्यों करते हैं’ इसे समझाएं। दोनों पेरेंट्स समय निकालें, एक पर दबाव न डालें। थकान या समय न मिलने पर खुद को दोष न दें। गिल्ट में आकर बच्चे को फोन देना आसान लगता है, लेकिन इससे दूरी और बढ़ती है। इसलिए बच्चे का स्क्रीन टाइम सीमित रखें। अगर संभव हो तो अलग-अलग शिफ्ट में काम करें, ताकि एक व्यक्ति बच्चे के साथ रहे। ध्यान रखें, आपका समय और अटेंशन बच्चे की सबसे बड़ी जरूरत है। वीक ऑफ एक ही दिन रखें। काम के घंटे कम करें या रिमोट वर्क देखें। दादा-दादी या नाना-नानी की मदद लेना भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। कुल मिलाकर इस समय बच्चे को ज्यादा समय, ज्यादा अटेंशन और ज्यादा साथ की जरूरत है। पेरेंटिंग गिल्ट को मैनेज करने के लिए कुछ बातों का खास ख्याल रखें। इसे ग्राफिक में देखिए- बच्चे के लिए पेरेंट्स का साथ जरूरी बच्चे के लिए पेरेंट्स का साथ उसकी इमोशनल, मेंटल और सोशल ग्रोथ की बुनियाद होता है। यह उसकी पर्सनैलिटी को आकार देता है। जब पेरेंट्स साथ होते हैं, बच्चा खुद को सेफ महसूस करता है। उसे लगता है कि “कोई है, जो मुझे समझता है और मेरे साथ है।” इससे कॉन्फिडेंस बढ़ता है। पेरेंट्स से बात करते-करते बच्चा बोलना सीखता है। फीलिंग्स एक्सप्रेस करना सीखता है। बच्चे पेरेंट्स को देखकर सीखते हैं। आप जैसा व्यवहार करते हैं, वैसा ही वह अपनाता है। पेरेंट्स के साथ रहने से बच्चा गुस्सा संभालना, निराशा से निपटना और शेयर करना जैसी लाइफ स्किल्स सीखता है। बच्चे के लिए सबसे बड़ा गिफ्ट महंगी चीजें नहीं, आपका ‘साथ’ है। आज दिया गया साथ, बच्चे का कल मजबूत बनाता है। बच्चे को समय की कमी कैसे समझाएं? 6–10 साल के बच्चे में समझने की क्षमता विकसित हो रही होती है। ऐसे में उन्हें अपने काम के बारे में तर्क से समझाया जा सकता है। इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखें- सीधे “हम बिजी हैं” कहने से बच्चा खुद को इग्नोर्ड महसूस कर सकता है। इसकी बजाय कहें- “हम काम करते हैं ताकि तुम्हारी जरूरतें पूरी कर सकें, लेकिन तुम्हारे साथ रहना हमें सबसे अच्छा लगता है।” उसे बताएं, “हमें तुम्हारे साथ खेलना बहुत पसंद है, हम इस संडे साथ में जरूर खेलेंगे।” उसे बताएं कि बाकी दिनों में आपको पर्याप्त समय नहीं मिल पाता है। उसे बताएं कि आपका काम परिवार के लिए क्यों जरूरी
Life Amazing Secrets Hindi Version; Gaur Gopal Das Book

4 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक किताब का नाम: जीवन के अद्भुत रहस्य (‘लाइफ्स अमेजिंग सीक्रेट्स’ का हिंदी अनुवाद) लेखक: गौर गोपाल दास अनुवाद: राजेश्वर वशिष्ठ प्रकाशक: पेंगुइन मूल्य: 225 रुपए हर कोई बेहतर जीवन चाहता है, जहां रिश्तों में मधुरता, काम में संतुलन और भीतर सुकून हो। लेकिन दौड़ती-भागती जिंदगी में यह संतुलन मिलना मुश्किल है। मशहूर लाइफ कोच और संत गौर गोपाल दास की किताब ‘जीवन के अद्भुत रहस्य’ यह संतुलन बनाना सिखाती है। इस किताब में लेखक आधुनिक जीवन के तनावों से निपटने के लिए सरल उपाय बताते हैं। वह बताते हैं कि कैसे पर्सनल, प्रोफेशनल और सोशल लाइफ को संतुलित रखा जा सकता है। किताब का मकसद और अहमियत किताब हमें सिखाती है- जब हम ‘व्यक्तिगत जीवन’, ‘रिश्ते’, ‘काम’ और ‘समाज के प्रति योगदान’ को सही तरीके से मैनेज करते हैं, तभी सच्ची खुशी मिलती है। गौर गोपाल दास बताते हैं कि जिंदगी गाड़ी के पहिये की तरह है। अगर एक हिस्सा भी कमजोर हुआ तो सफर डगमगा सकता है। यह किताब व्यवहारिक सलाह और प्रेरणा देती है, जिसे रोजमर्रा की जिंदगी में अपनाया जा सकता है। नीचे दिए ग्राफिक से किताब से मिलने वाले 8 सबक के बारे में जानिए- किताब चार बड़े विषयों पर आधारित है, जो ‘जीवन के चार पिलर’ हैं। आइए इन्हें समझते हैं। 1. पर्सनल लाइफ: सकारात्मकता और कृतज्ञता लेखक किताब में बताते हैं- जिंदगी में सब कुछ हमारे बस में नहीं होता, लेकिन जो होता है, उसके लिए कृतज्ञ रहना हमें खुश रखता है। लेखक बताते हैं, “हम चीजों को वैसा नहीं देखते, जैसी वे हैं, बल्कि वैसा देखते हैं, जैसे हम हैं।” यानी हमारी सोच ही जिंदगी को आकार देती है। जीवन में पॉजिटिविटी लाना जरूरी है। इसके लिए हर दिन कम-से-कम तीन चीजों के लिए शुक्रिया अदा करें। साथ ही जो आपके बस में नहीं है, उसे वैसे ही स्वीकार करें। हम अक्सर उस पर ध्यान देते हैं, जो हमारे पास नहीं है। गौर गोपाल दास याद दिलाते हैं कि ‘जो हमारे पास है, वह भी किसी की ख्वाहिश हो सकती है। इसलिए उसके लिए ईश्वर का आभार व्यक्त करें।’ 2. रिलेशनशिप: संवेदनशीलता और क्षमा लेखक बताते हैं- रिश्तों को मजबूत करने के लिए शब्दों और व्यवहार में संवेदनशील होना चाहिए। क्षमा रिश्तों की नींव मजबूत करता है। लेखक ने रिश्ते मजबूत करने के कुछ आसान तरीके बताए हैं- 3. वर्किंग लाइफ: हेल्दी कॉम्पिटिशन और सेल्फ इम्प्रूवमेंट वर्किंग लाइफ में सफलता के लिए गौर गोपाल दास सलाह देते हैं- हमें दूसरों से नहीं, खुद से मुकाबला करना चाहिए। लेखक बताते हैं, “अपने आप को हर दिन थोड़ा बेहतर बनाएं।” आत्म-सुधार और मेहनत ही असली तरक्की का रास्ता है। लेखक का मानना है कि करियर में सफलता का मतलब सिर्फ पैसा नहीं होता है। लेखक बताते हैं कि सफल करियर वह है, जिसमें आप न सिर्फ पैसा कमाते हैं, बल्कि उद्देश्य भी पाते हैं। काम को बोझ नहीं, सेवा की तरह देखें। यही सोच बर्नआउट से बचाएगी और संतुष्टि देगी। 4. सामाजिक योगदान: निस्वार्थ सेवा किताब यह भी सिखाती है- हम केवल अपने लिए नहीं, समाज के लिए भी जीते हैं। सेवा, दान और मदद हमें बाहर से ही नहीं, भीतर से भी समृद्ध करते हैं। लेखक का मानना है कि जिंदगी तभी सार्थक है, जब हम दूसरों के लिए कुछ करें। वह कहते हैं, “आपका जीवन तभी सच्चा है जब आप दूसरों के लिए कुछ करते हैं।” यह किताब क्यों पढ़नी चाहिए? ‘जीवन के अद्भुत रहस्य’ ऐसी किताब है, जो जिंदगी को आसान और सार्थक बनाने का रास्ता दिखाती है। यह बताती है कि छोटे-छोटे कदमों से जीवन संतुलित किया जा सकता है। अगर आप शांति और मकसद ढूंढ रहे हैं, तो यह किताब आपके लिए है। किताब के बारे में मेरी राय ‘जीवन के अद्भुत रहस्य’ कोई भारी-भरकम दार्शनिक किताब नहीं है। यह एक दोस्त की तरह बात करती है, जो आपके बगल में बैठकर आपकी चुनौतियां सुनता है और आसान सुझाव देता है। गौर गोपाल दास की भाषा सरल, किस्सों से भरी और बेहद असरदार है। यह किताब खासकर उन लोगों के लिए है, जो ‘अंदर से थक चुके हैं, लेकिन बाहर मुस्कुरा रहे हैं।’ किताब सिखाती है कि कैसे जीवन के हर पहिए को बैलेंस कर शांत और सार्थक जीवन जी सकते हैं। ……………… ये बुक रिव्यू भी पढ़िए बुक रिव्यू- दिमाग में आने वाली हर बात सच नहीं: ज्यादा सोचने से ज्यादा दुख होगा, ओवरथिंकिंग न करें, समझने के लिए ये किताब पढ़ें ओवरथिंकिंग एक ऐसी समस्या है, जो व्यक्ति को अंदर-ही-अंदर खोखला कर सकती है। इसके कारण लोग भविष्य की चिंता में परेशान होते हैं या अतीत के पछतावे में जलते रहते हैं। जोसेफ नूयेन की किताब इसी मानसिक जाल को तोड़ने का एक मॉडर्न मैनुअल है। आगे पढ़िए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Women Urine Hold Health Risk; Bladder Damage

3 घंटे पहलेलेखक: अदिति ओझा कॉपी लिंक अक्सर महिलाएं काम की व्यस्तता, ट्रैफिक या गंदे पब्लिक टॉयलेट के डर से यूरिन लंबे समय तक रोककर रखती हैं। बार-बार ऐसा करना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। लंबे समय तक यूरिन रोकने से ब्लैडर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, उसकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है और यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) का खतरा बढ़ जाता है। इससे मसल्स कमजोर होने और किडनी से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं। ऐसे में महिलाओं के लिए सही टॉयलेट हाइजीन अपनाना जरूरी है। इसलिए जरूरत की खबर में जानेंगे कि यूरिन रोकने से ब्लैडर को क्या नुकसान होता है? इससे कौन से हेल्थ रिस्क हो सकते हैं? कितनी देर तक यूरिन रोककर रखना सेफ है? एक्सपर्ट: डॉ. मानिनी पटेल, सीनियर कंसल्टेंट, आब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर सवाल- जब कोई महिला बहुत देर तक यूरिन को होल्ड करके रखती है तो इससे शरीर में क्या होता है? जवाब- लंबे समय तक यूरिन रोकने से ब्लैडर पर ज्यादा प्रेशर पड़ता है। इससे कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। जैसेकि- ब्लैडर की मांसपेशियां कमजोर या ओवरस्ट्रेच हो सकती हैं। यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) का जोखिम बढ़ता है। पेट के निचले हिस्से में दर्द और बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है। सवाल- ज्यादा देर तक यूरिन होल्ड करने से ब्लैडर को क्या नुकसान होता है? जवाब- ब्लैडर ज्यादा देर तक भरा रहने से उसकी मांसपेशियों और अंदरूनी लेयर पर लगातार दबाव पड़ता है। इससे संक्रमण व अन्य कॉम्प्लिकेशन का जोखिम बढ़ता है। ग्राफिक से समझिए यूरिन रोकने से ब्लैडर को क्या नुकसान होता है- सवाल- ज्यादा देर तक यूरिन होल्ड करने से कौन-कौन से हेल्थ रिस्क हो सकते हैं? जवाब- इससे कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। ग्राफिक में सभी हेल्थ रिस्क देखिए- आइए, ग्राफिक में दी गई कुछ बीमारियों के बारे में थोड़ा विस्तार से समझते हैं- 1. यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) यूरिन ब्लैडर में ज्यादा देर तक रुकने से बैक्टीरिया बढ़ने लगते हैं। इससे यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) का खतरा बढ़ जाता है। 2. ब्लैडर पर दबाव ब्लैडर बार-बार ओवर-स्ट्रेच होने से उसकी मसल्स कमजोर हो सकती हैं। आगे चलकर यूरिन कंट्रोल करने में दिक्कत या ‘लीकेज’ की प्रॉब्लम हो सकती है। 3. किडनी पर असर ज्यादा देर तक पेशाब रोकने से प्रेशर ऊपर की ओर बढ़ सकता है। इससे किडनी इंफेक्शन का रिस्क बढ़ता है। लंबे समय में यह किडनी फंक्शन पर असर डाल सकता है। 4. ब्लैडर स्टोन (पथरी) यूरिन लंबे समय तक जमा रहने से मिनरल्स क्रिस्टल बनते हैं, जो स्टोन का रिस्क बढ़ा सकते हैं। इससे दर्द, यूरिन में ब्लड आना या रुक-रुक कर पेशाब आना जैसी हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। 5. पेल्विक फ्लोर डैमेज बार-बार होल्ड करने से पेल्विक मसल्स की नेचुरल रिदम बिगड़ सकती है। आगे चलकर ब्लैडर कंट्रोल की समस्या हो सकती है। 6. दर्द और असहजता पेट के निचले हिस्से में भारीपन या दर्द हो सकता है। कभी-कभी तेज दर्द के साथ अचानक यूरिन निकलने जैसी समस्या हो सकती है। सवाल- क्या देर तक यूरिन रोककर रखने से किडनी डैमेज हो सकती है? जवाब– हां, इससे किडनी से जुड़ी कई बीमारियां हो सकती हैं। जैसेकि- हाइड्रोनेफ्रोसिस (Hydronephrosis)– ये एक ऐसी स्थिति है, जिसमें किडनी में सूजन हो जाती है। दरअसल यूरिन ठीक से बाहर नहीं निकल पाता और किडनी में ही जमा होने लगता है। पाइलोनअफ्राइटिस (Pyelonephritis)– किडनी का एक गंभीर बैक्टीरियल इंफेक्शन है, जो आमतौर पर UTI से शुरू होता है और फिर ऊपर बढ़कर किडनी तक पहुंच जाता है। सवाल- क्या प्रेग्नेंसी के दौरान यूरिन रोकना ज्यादा खतरनाक हो सकता है? जवाब- हां, इससे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है। अगर ये इंफेक्शन किडनी तक पहुंच जाए तो प्री-मेच्यौर डिलीवरी का कारण भी बन सकता है। सवाल- कितनी देर तक यूरिन को रोककर रखना सेफ है? जवाब– यह व्यक्ति की उम्र, कितनी मात्रा में पानी या फ्लूइड लिया है और उसकी सेहत की स्थिति पर निर्भर करता है। ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ के अनुसार, आमतौर पर हर 3–4 घंटे में यूरिन पास करना बेहतर माना जाता है। हालांकि जैसे ही यूरिन पास करने की जरूरत लगे तुरंत जाना बेहतर है। सवाल- क्या बार-बार यूरिन रोकने से ब्लैडर की क्षमता स्थायी रूप से कम होती है? जवाब- कभी-कभार यूरिन रोकने से ब्लैडर की क्षमता स्थायी रूप से कम नहीं होती। लेकिन लंबे समय तक लगातार ऐसा करने से ब्लैडर फंक्शन प्रभावित होता है। इससे संक्रमण या अन्य यूरिनरी प्रॉब्लम्स का जोखिम बढ़ जाता है। सवाल- सभी को आमतौर पर एक टॉयलेट हाइजीन फॉलो करना चाहिए? ये क्या है और इसमें कौन–कौन सी चीजें शामिल हैं? जवाब- अक्सर लोग जल्दबाजी या लापरवाही में हाइजीन से जुड़ी छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं। इससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है। हालांकि कुछ बेसिक टॉयलेट हाइजीन कई बीमारियों से बचाती हैं। इसे ग्राफिक में देखिए- इन आसान आदतों को अपनाकर यूरिन इंफेक्शन और अन्य समस्याओं के जोखिम को कम किया जा सकता है। सवाल- क्या लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने से भी ब्लैडर हेल्थ प्रभावित होती है? जवाब- हां, इससे ब्लैडर पर नेगेटिव असर पड़ता है। पॉइंटर्स से समझिए- लंबे समय तक एक ही जगह बैठने से पेल्विक एरिया में ब्लड फ्लो कम हो जाता है। इससे पेल्विक फ्लोर मसल्स कमजोर पड़ती हैं जो ब्लैडर और यूरेथ्रा (यूरिन बाहर निकलने का रास्ता) को सपोर्ट करती हैं। देर तक एक ही जगह बैठे रहने से मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है। इससे किडनी स्टोन बनने का रिस्क भी बढ़ता है। सवाल- यूरिन रोकने के अलावा हमारी रोजमर्रा की और कौन सी आदतें ब्लैडर हेल्थ को प्रभावित करती हैं? जवाब- खराब लाइफस्टाइल, डिहाइड्रेशन, क्रॉनिक डिजीज और खराब हाइजीन ब्लैडर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती हैं। नीचे दिए ग्राफिक में ब्लैडर को नुकसान पहुंचाने वाली आदतें देखिए- सवाल- ब्लैडर को हेल्दी रखने के लिए हमारी लाइफस्टाइल कैसी होनी चाहिए? जवाब- इसके लिए संतुलित लाइफस्टाइल अपनाना जरूरी है। इसे ग्राफिक में देखिए- कुल मिलाकर, शरीर के नेचुरल सिग्नल्स को नजरअंदाज करने की बजाय समय पर यूरिन पास करना, सही टॉयलेट हाइजीन फॉलो करना और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना बेहद जरूरी है। …………………………………. ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- कभी न पहनें टाइट जीन्स:हो सकता
Khabar Hatke | Child Swims Sri Lanka To India

केन्या में तस्कर चींटी बेचकर करोड़पति बन रहे हैं। वहीं एक 7 साल बच्चा श्रीलंका से भारत तक तैरकर आएगा। उधर चीन में अब महिलाओं के कपड़ों पर अर्थ टैक्स लगेगा। . आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
Rajasthan, Delhi, MP, UP, Maharashtra, Mumbai

Hindi News National Breaking News LIVE Updates: Rajasthan, Delhi, MP, UP, Maharashtra, Mumbai 6 घंटे पहले कॉपी लिंक महाराष्ट्र में बारामती विधानसभा उपचुनाव में NCP कैंडिडेट और डिप्टी CM सुनेत्रा पवार का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया है। आज नाम वापसी की आखिरी तारीख पर कांग्रेस के आकाश मोरे ने नाम वापस ले लिया। यह सीट अजित पवार के निधन से खाली हुई है। इसके पहले महाराष्ट्र के प्रभारी एआईसीसी महासचिव चेन्निथला ने कहा था कि उन्होंने कांग्रेस की राज्य इकाई से चुनाव से अपना उम्मीदवार वापस लेने को कहा है। बारामती में 23 अप्रैल को उपचुनाव होना है। आज की अन्य बड़ी खबरें… 50 से ज़्यादा शिक्षाविदों ने राष्ट्रपति मुर्मू से NCERT की किताब पर लगे बैन के मामले में दखल देने की अपील की 50 से ज्यादा शिक्षाविदों और विद्वानों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक चिट्ठी लिखी है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि NCERT की 8वीं क्लास की सोशल साइंस की किताब पर सुप्रीम कोर्ट का बैन न्यायिक दखलंदाजी (judicial overreach) है और उन्होंने राष्ट्रपति से इस मामले में दखल देने की अपील की है। इस चिट्ठी में, दस्तखत करने वालों ने कहा कि ‘Exploring Society: India and Beyond’ नाम की किताब पर लगा बैन—खास तौर पर उस चैप्टर पर, जिसमें न्यायपालिका के बारे में चर्चा की गई है – देश की शिक्षा व्यवस्था पर दूरगामी असर डाल सकता है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से शिक्षाविदों, शिक्षकों और संबंधित लोगों की किताब के कंटेंट की निष्पक्ष रूप से जांच करने की क्षमता सीमित हो गई है और न्याय व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सार्वजनिक बहस भी दब गई है। NIA ने बंगाल में मालदा हिंसा केस में 12 FIR दर्ज कीं; SIR रिव्यू करने गए अधिकारियों को बंधक बनाया था नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने बुधवार को उन न्यायिक अधिकारियों के घेराव की जांच के लिए 12 मामले दर्ज किए, जिन्हें पश्चिम बंगाल के मालदा में मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) से जुड़े काम के लिए तैनात किया गया था। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद उठाया गया। देर रात जारी एक बयान में, NIA ने कहा कि उसने 6 अप्रैल के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन में, “पश्चिम बंगाल के मालदा में मतदाता सूचियों के SIR से जुड़े काम के लिए तैनात न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा और संबंधित कानून-व्यवस्था की घटनाओं” से जुड़े मामलों की जांच के लिए, “मालदा जिले के मोथाबाड़ी पुलिस स्टेशन की 7 और कालियाचक पुलिस स्टेशन की 5 FIR को फिर से दर्ज किया है”। भागवत बोले- RSS इतिहास की किताबों में अपना नाम नहीं चाहती, इसका काम स्वयंसेवकों की मेहनत पर आधारित, किसी की कृपा से नहीं राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत बुधवार को कहा कि RSS अपना नाम इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखवाना नहीं चाहती, बल्कि पिछले 100 सालों के अपने काम का पूरा श्रेय समाज को देना चाहती है। उन्होंने कहा कि RSS का पूरा काम स्वयंसेवकों की मेहनत पर आधारित है, किसी की कृपा से नहीं। किसी की कृपा न होने के बावजूद संगठन के काम में कोई बाधा नहीं आई। भागवत नागपुर में ‘राष्ट्र स्वराधना’ नाम की किताब के विमोचन के अवसर पर बोल रहे थे। यह किताब RSS के घोष पथक (बैंड दल) के इतिहास पर आधारित है। उन्होंने कहा कि सभी स्वयंसेवकों ने संघ की विचारधारा के अनुसार राष्ट्र निर्माण के लिए अपनी पूरी ताकत लगाई है। पुणे में 75 साल के डॉक्टर से 12.31 करोड़ की ठगी, फर्जी शेयर ऐप, व्हाट्सएप ग्रुप से फंसाया पुणे में एक 75 साल के डॉक्टर ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 12.31 करोड़ रुपए की ठगी का शिकार हो गया। पुलिस के अनुसार, डॉक्टर को जनवरी में एक मैसेज मिला, जिसमें शेयरों की लिस्ट और एक लिंक था। इस लिंक के जरिए उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां खुद को बड़ी फाइनेंशियल कंपनी के अधिकारी बताने वाले लोग सक्रिय थे। इसके बाद डॉक्टर को एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप पर रजिस्टर कराया गया और निवेश के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर कराए गए। 7 मार्च से 18 मार्च के बीच डॉक्टर ने कुल 8 बार में 12.31 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए। ऐप में उन्हें 54 करोड़ रुपए तक का नकली मुनाफा भी दिखाया गया। पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान व पैसे के ट्रेल का पता लगाया जा रहा है। भारत ने जलवायु सम्मेलन की मेजबानी के लिए अपनी दावेदारी वापस ली, मोदी ने दुबई में समिट होस्ट करने का प्रस्ताव दिया था भारत ने 2028 में होने वाले संयुक्त राष्ट्र के जलवायु सम्मेलन COP33 की मेजबानी के लिए अपनी दावेदारी वापस ले ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2023 में दुबई में आयोजित COP28 सम्मेलन के दौरान भारत को COP33 का मेजबान बनाने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि अब सूत्रों के मुताबिक, भारत ने इस सप्ताह आधिकारिक रूप से अपना प्रस्ताव वापस ले लिया है। इस फैसले के पीछे कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। पर्यावरण मंत्रालय और COP मुख्यालय दोनों की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। पूर्व नीति आयोग CEO अमिताभ कांत ने इस फैसले को सही कदम बताते हुए कहा कि विकसित देश पेरिस समझौते के तहत किए गए वादों को पूरा नहीं कर पाए हैं और COP प्रक्रिया पर फॉसिल फ्यूल लॉबी का प्रभाव बढ़ गया है। केंद्र ने एयरपोर्ट पार्किंग व लैंडिंग चार्ज 25% घटाए केंद्र सरकार ने बड़े एयरपोर्ट पर लैंडिंग और पार्किंग चार्ज 25% घटा दिए हैं। नई व्यवस्था तत्काल लागू हो गई है और घरेलू उड़ानों के लिए अगले 3 महीनों तक मिलेगी। ईरान युद्ध और पाक रूट बंद होने से एयरलाइंस पर वित्तीय दबाव बढ़ा है। इंडिगो और एअर इंडिया की मांग पर रेगुलेटर एईआरए ने यह निर्णय लिया। इससे कंपनियों का परिचालन खर्च कम होगा। इस फैसले के बाद इंडिगो के शेयर 10% तक उछल गए। बिना डेटा वाला वॉयस और एसएमएस प्लान भी दें: ट्राई टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) ने प्रस्ताव दिया है कि टेलीकॉम कंपनियां हर वैलिडिटी अवधि में केवल वॉयस और एसएमएस वाले प्लान भी उपलब्ध कराएं। अभी अधिकतर
धार भोजशाला विवाद- इंदौर हाईकोर्ट में लगातार तीसरे दिन सुनवाई:हिंदू पक्ष ने रखे तर्क, कहा- मस्जिद पक्ष के शपथ पत्र में ही मंदिर होने के प्रमाण

धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला मामले में याचिकाकर्ता हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के वकील विष्णु शंकर जैन ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ के समक्ष बुधवार को लगातार तीसरे दिन अपने तर्क रखे। उन्होंने कहा कि मौला कमालुद्दीन सोसायटी की ओर से प्रस्तुत मस्जिद पक्ष के शपथ पत्र में खुद ही भोजशाला के मंदिर होने के प्रमाण हैं। समिति ने शपथ पत्र में जिन पुस्तकों का उल्लेख किया है, वे बता रही हैं कि 14वीं शताब्दी से पहले मस्जिद का कोई अस्तित्व नहीं था, जबकि भोजशाला का निर्माण 1034 में ही हो चुका था। मस्जिद निर्माण में मंदिर से निकली सामग्री का उपयोग किया गया था, जबकि इस्लामिक कानून के अनुसार ऐसा नहीं किया जा सकता। मंदिर होना वैज्ञानिक सर्वे और तथ्यों पर आधारित एडवोकेट जैन ने तर्क दिया कि इस्लाम में मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाना या टूटे हुए मंदिर की सामग्री का उपयोग करना वर्जित है। भोजशाला के मंदिर होने की बात आस्था या विश्वास के आधार पर नहीं, बल्कि वैज्ञानिक सर्वे और तथ्यों के आधार पर कही जा रही है। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने याचिका के साथ जो फोटोग्राफ प्रस्तुत किए हैं, वे स्पष्ट बता रहे हैं कि भोजशाला मंदिर ही है। मौला कमालुद्दीन सोसायटी ने अपने शपथ पत्र में इन फोटोग्राफ को लेकर कोई आपत्ति भी दर्ज नहीं कराई है। मंदिर का अस्तित्व बहुत पहले से है एडवोकेट जैन ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि पूजा स्थल अधिनियम के प्रविधानों के अनुसार एक धर्म के धार्मिक स्थल को किसी दूसरे धर्म के धार्मिक स्थल में परिवर्तित नहीं किया जा सकता। चूंकि भोजशाला मंदिर है और इसका अस्तित्व मस्जिद से बहुत पहले से है, इसलिए अधिनियम के प्रविधानों के अंतर्गत इसके धार्मिक स्वरूप को बदलने की अनुमति नहीं दी जा सकती। मूल स्वरूप में तोड़फोड़ से धार्मिक स्थल के वैधानिक अधिकार में कोई फर्क नहीं पड़ता। इस मामले में गुरुवार को भी सुनवाई जारी रहेगी। एडवोकेट जैन ने कहा कि मंदिर में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद देवता प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष रूप से हमेशा वहां उपस्थित रहते हैं। आक्रांता भले ही उन्हें हटा दें, लेकिन इससे उनकी स्थिति पर कोई फर्क नहीं पड़ता। ऐसे घटनाक्रमों से कुछ समय के लिए ग्रहण जरूर लग सकता है, लेकिन अधिकार खत्म नहीं हो जाते। मौला कमालुद्दीन सोसायटी के शपथ पत्र से स्पष्ट है कि धार में आक्रांताओं का हमला हुआ था।
बदमाशों ने सरेआम मारपीट करते हुए चाकू चलाए-VIDEO:पुलिस ने सिखाया सबक, दोनों को कान पकड़कर उसी क्षेत्र में घुमाया

उज्जैन में महाकाल थाना पुलिस ने सरेआम मारपीट करने और चाकू से हमला करने वाले दो बदमाशों को सबक सिखाते हुए उनका जुलूस निकाल दिया। दोनों बदमाशों ने क्षेत्र में मारपीट करते हुए विवाद किया था, जिसके बाद पुलिस ने बुधवार को दोनों को पकड़कर कार्रवाई की। महाकाल थाना क्षेत्र की सारवान की मस्जिद के सामने बीती देर रात मोहम्मद अशफाक के घर पहुंचकर आरोपी अब्दुल समी (उम्र 20 वर्ष) और नासिर पठान (उम्र 21 वर्ष) ने अपने अन्य दो नाबालिग साथियों के साथ मिलकर चाकू से धमकाते हुए फरियादी के साथ मारपीट की थी। मामले का वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद पुलिस एक्शन में आई और बुधवार सुबह दोनों आरोपी अब्दुल समी और नासिर पठान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस दोनों आरोपियों को मौका मुआयना कराने उसी स्थान पर ले गई, जहां उन्होंने एक रात पहले दहशत फैलाई थी। घटना का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें आरोपी फरियादी के साथ मारपीट करते हुए नजर आ रहे थे। घटना के बाद दोनों आरोपियों को प्रधान आरक्षक मनीष यादव, सुनील पाटीदार और आरक्षक पवन पंवार द्वारा घटना स्थल सारवान की मस्जिद के पास ले जाया गया। वहां घटना स्थल पर उतारकर पैदल तस्दीक कराई गई। पुलिस ने दोनों को क्षेत्र में कान पकड़कर घुमाया और उठक-बैठक लगवाते हुए जुलूस निकाला। दोनों आरोपियों ने आगे से इस तरह की घटना नहीं करने का प्रण भी लिया।
CS अनुराग जैन बोले- चीफ कम्प्लेंट ऑफिसर बन गया हूं:भोपाल में हुई समीक्षा बैठक; वन और राजस्व सीमा विवादों में उलझे ACS स्तर के अफसर

मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बुधवार को विभागाध्यक्षों की बैठक ली। इस बैठक में वन और राजस्व विभाग के मामलों को लेकर माहौल कुछ देर के लिए गर्म हो गया। दरअसल, वन विभाग का पक्ष प्रमुख सचिव संदीप यादव के बजाय पूर्व में इस विभाग के मुखिया रहे अशोक बर्णवाल रखने लगे। इस दौरान सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ल ने यह कहा कि प्रदेश के किसी भी गांव की स्थिति साफ नहीं है कि कौन सी जमीन राजस्व की और कौन सी वन विभाग की है। इससे विवाद की स्थिति बनती है। इस दौरान पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग की एसीएस दीपाली रस्तोगी ने कह दिया कि बैठक में जो बातें हो रही हैं वह ग्राउंड रियलिटी से बिल्कुल ही अलग हैं। इस बीच सीएस अनुराग जैन ने कहा कि मैं इस समय चीफ कम्प्लेंट आफिसर बन गया हूं। एसीएस रस्तोगी ने कहा- स्केल अलग होने से दिक्कतें विभागाध्यक्षों की बैठक में यह वाकया तब आया जब बैठक खत्म होने वाली थी। एसीएस दीपाली रस्तोगी ने कहा कि वन और राजस्व विभाग के स्केल अलग होने के कारण यह दिक्कत आती है और इसी कारण इसका कोई ठोस समाधान नहीं है। बैठक में मुख्य सचिव जैन ने सभी विभागाध्यक्षों से कहा है कि विभाग मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सर्वोच्च प्राथमिकताओं को शामिल कर अपने विभाग की वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कार्य योजना और लक्ष्य 15 अप्रैल तक पेश करें। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों में समय-सीमा से ऊपर के प्रकरणों की समीक्षा करने के साथ सेंपल जांच करने के निर्देश भी दिए हैं। पुलिस विभाग की एफआईआर के मामलों पर भी फोकस करने की बात इस दौरान कही गई। ढाई साल की उपलब्धि और आगामी कार्ययोजना बताएं मुख्य सचिव जैन ने अधिकारियों से कहा कि वे पिछले ढाई साल में अपने-अपने विभाग की बड़ी और विशेष उपलब्धियों और आगामी वर्ष में किए जाने वाले महत्वपूर्ण कार्यों की जानकारी अगले एक सप्ताह में प्रस्तुत करें। उन्होंने लोक सेवा गारंटी और सी.एम हेल्पलाइन के समय-सीमा से अधिक लंबित प्रकरणों में योजना और प्रक्रिया की जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे हर सप्ताह रिव्यू करें जिससे लंबित प्रकरणों में संतोषजनक निराकरण हो सके। उन्होंने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश भी दिए। आजादी के पहले बने कानूनों की भी समीक्षा मुख्य सचिव जैन ने वर्ष 1947 के पूर्व बने कानूनों में संशोधन, निरसन और नया एक्ट लाने की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने 31 मई की अंतिम समय-सीमा निर्धारित करते हुए संबंधित विभागाध्यक्षों से कहा है कि वे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस कार्य को पूर्ण करें जिससे आवश्यक होने पर कैबिनेट की मंजूरी ली जा सके। बैठक में एक्शन प्लान-2028 की प्रगति रिपोर्ट का स्टेट्स रिव्यू भी किया गया। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में काफी बेहतर काम हुआ है। इन कार्यों को जन-जन तक लाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार भी होना चाहिए। नए हैंडपंप के लिए एक दो दिनों में एसओपी जारी होगी मुख्य सचिव जैन ने जल गंगा संवर्धन अभियान में सम्मलित सभी ग्रामीण, नगरीय, वन क्षेत्र आदि के कार्यों की समीक्षा की और सभी संबंधित विभागों की प्रगति रिपोर्ट एक ही प्रारुप में रखने के निर्देश दिए। उन्होंने गर्मी के मौसम को दृष्टिगत रखते हुए पेयजल की सुगम उपलब्धता के लिए लगातार एक्शन मोड में काम करने को कहा। उन्होंने नए हैंडपंप खनन के लिए एक-दो दिन में एसओपी जारी करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि जिलों में आवश्यकता अनुसार राइजर पाइप सहित अन्य सामग्री उपलब्ध करा दी गई है। आगजनी की घटनाओं पर काबू पाने बनाएं कार्ययोजना मुख्य सचिव जैन ने ग्रामीण अंचलों में अग्नि-दुर्घटनाओं की रोकथाम के अलावा बचाव कार्य के लिए योजना बनाने के लिए कहा है। उन्होंने गृह विभाग को निर्देश दिए कि वे थाना स्तर पर अग्नि शमन के लिए उपलब्ध टैंकर्स आदि की जानकारी एकत्र कर लें और नागरिकों तक इसे प्रचारित भी करें जिससे अग्नि दुघर्टना आदि की स्थिति में सहायता ली जा सके। उन्होंने गर्मीजनित रोगों के बचाव और उपचार की व्यवस्थाएं बेहतर करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव जैन ने एमपीई-सेवा पोर्टल के उपयोग की समीक्षा की और इसे नागरिकों के लिए और भी आसान बनाने के निर्देश दिए। अब तक 1055 सेवाएं आनॅलाइन हुई हैं। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपनी-अपनी सेवाएं देखकर अद्यतन कर लें। बैठक में कैबिनेट के निर्णयों का समय पर पालन सुनिश्चित करने, न्यायालयीन प्रकरणों में संवेदनशीलता बरतने और अधीनस्थों की सी आर समय सीमा में लिखने पर भी चर्चा हुई। बैठक में अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव सहित विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।
ग्वालियर में पुलिस पर फायरिंग करने वाले पांच गिरफ्तार:गांव में बदमाश पकड़ने गई पुलिस पर चलाई थीं गोलियां, बंदूक व कार बरामद

शराब दुकान के मैनेजर पर ढाई घंटे में दो बार हमला करने और उसके रिश्तेदार को गोली मारने वाले बदमाशों को पकड़ने पहुंची पुलिस की पनिहार के मिर्चा गांव में आरोपियों से आमने-सामने भिड़ंत हो गई थी। बदमाशों ने खेतों में पुलिस को घेरकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि पांच आरोपी फरार हो गए थे। बुधवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए झांसी रोड के शीतला माता मंदिर रोड से फरार पांचों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही मामले के सभी सात आरोपी पकड़े जा चुके हैं। टीआई शक्ति सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि हत्या के प्रयास और पुलिस पर फायरिंग करने वाले आरोपी शीतला माता मंदिर रोड पर दो कारों में देखे गए हैं और जिले से भागने की तैयारी में हैं। सूचना मिलते ही एसआई आकाश वर्मा, एसआई राजवीर सिंह यादव, आरक्षक श्याम, रामवीर और अंगद को मौके पर रवाना किया गया। पुलिस टीम ने शीतला माता मंदिर रोड पर घेराबंदी की। इसी दौरान एक स्कॉर्पियो और क्रेटा कार आती दिखाई दी। पुलिस को देखते ही कार सवारों ने वाहन की गति बढ़ाकर भागने का प्रयास किया, लेकिन घेराबंदी कर दोनों कारों को रोक लिया गया। ये आरोपी पकड़े गए पुलिस ने घेराबंदी कर अमरेश गुर्जर, भूपेंद्र सिंह गुर्जर, बंटी गुर्जर, सतेंद्र गुर्जर और गजेंद्र सिंह गुर्जर को गिरफ्तार किया। इनके दो साथी शैलेन्द्र गुर्जर और गिर्राज गुर्जर को एक दिन पहले ही पकड़ा जा चुका था। आरोपियों के कब्जे से एक क्रेटा और स्कॉर्पियो कार के अलावा अधिया, .315 बोर की राइफल और कारतूस बरामद किए गए हैं। यह है मामला पनिहार थाना क्षेत्र के नयागांव में शराब दुकान के मैनेजर कुलदीप गुर्जर के साथ अमरेश गुर्जर, भूपेंद्र गुर्जर, सतेंद्र गुर्जर, गजेंद्र और बंटी गुर्जर ने मारपीट की थी। कुलदीप किसी तरह बचकर निकले और मामला दर्ज कराया। इससे नाराज आरोपियों ने झांसी रोड इलाके के शीतला माता मंदिर रोड स्थित याराना ढाबे पर पीड़ित पक्ष को घेरकर फायरिंग कर दी, जिसमें कुलदीप के मामा मोहर सिंह को गोली लग गई थी। पुलिस का कहना एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने बताया कि मारपीट, हत्या के प्रयास और पुलिस पर फायरिंग के मामले में फरार पांच बदमाशों को झांसी रोड थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों से एक अधिया और राइफल बरामद हुई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।








