Angkrish Raghuvanshi; LSG vs KKR IPL 2026 LIVE Score Update

Hindi News Sports Cricket Angkrish Raghuvanshi; LSG Vs KKR IPL 2026 LIVE Score Update | Shami Rishabh Pant Ajinkya Rahane स्पोर्ट्स डेस्क18 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL में आज कोलकाता नाइट राइडर्स का सामना लखनऊ सुपर जायंट्स से होगा। मैच KKR के होम ग्राउंड ईडन गार्डन्स स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। मैच का टॉस शाम 7:00 बजे होगा। आज कोलकाता में बारिश की 90% आशंका है। यहां पिछला मैच भी बारिश के कारण रदद रहा थी। KKR का इस सीजन यह चौथा मैच होगा। टीम ने अब तक खेले 3 मैचों में से 2 में जीत दर्ज की है, जबकि पिछला मुकाबला पंजाब किंग्स के खिलाफ बारिश के कारण रद्द हो गया था। वहीं, LSG को अपने पिछले दो मैचों में एक में जीत और एक में हार का सामना करना पड़ा है। कोलकाता के खिलाफ लखनऊ ने 4 मैच जीते KKR और LSG के बीच अब तक 6 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें लखनऊ ने 4 मैच जीते हैं, जबकि कोलकाता को 2 में जीत मिली है। पिछले सीजन दोनों टीमों की एक बार भिड़ंत हुई थी, जिसमें लखनऊ ने बाजी मारी थी। कोलकाता में खेले गए 3 मैचों में भी लखनऊ का पलड़ा भारी रहा है, उसे 2 जीत मिली हैं, जबकि कोलकाता सिर्फ 1 मैच जीत सकी है। अंगकृष रघुवंशी के नाम दो अर्धशतक इस सीजन में कोलकाता के टॉप परफॉर्मर्स में अंगकृष रघुवंशी और ब्लेसिंग मुजरबानी शामिल हैं। अंगकृष ने 3 मैचों में 110 रन बनाए हैं, जिसमें 2 अर्धशतक शामिल हैं और उनका स्ट्राइक रेट 169.23 का रहा है। वहीं, मुजरबानी ने 2 मैचों में 4 विकेट लिए हैं, उनका बेस्ट प्रदर्शन 4/41 रहा है, हालांकि उनकी इकॉनमी 10.71 की रही है। ऋषभ पंत LSG के टॉप स्कोरर IPL 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के टॉप परफॉर्मर्स में कप्तान ऋषभ पंत, ऐडन मार्करम, अब्दुल समद और मिचेल मार्श शामिल हैं, जिन्होंने शानदार बल्लेबाजी की है। बॉलिंग में प्रिंस यादव टॉप पर हैं। सीजन के दोनों मैच में 200+ स्कोर बने ईडन गार्डन्स की पिच 9 अप्रैल को आमतौर पर बैटिंग के लिए अनुकूल रहने की उम्मीद है। यहां की सतह फ्लैट होती है, जिससे गेंद अच्छे से बल्ले पर आती है और बड़े स्कोर देखने को मिलते हैं। हालांकि, शुरुआत में नई गेंद से तेज गेंदबाजों को हल्की मदद मिल सकती है। मिडिल ओवर्स में स्पिनर्स को भी कुछ टर्न मिल सकता है, खासकर अगर पिच थोड़ी सूखी हुई तो। लेकिन ओवरऑल यह एक हाई-स्कोरिंग ग्राउंड माना जाता है। अगर मैच के दौरान बारिश होती है या पिच में नमी रहती है, तो पेसर्स को अतिरिक्त स्विंग और सीम मूवमेंट मिल सकता है, जिससे शुरुआत के ओवर्स और अहम हो जाएंगे। यहां में इस सीजन अब तक खेले गए दोनों मैचों में 200+ स्कोर बने हैं। बारिश डाल सकती है खलल कोलकाता में आज होने वाले मैच में बारिश खलल डाल सकती है। यहां करीब 90% बारिश की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही मौसम गर्म और उमस भरा रहने की उम्मीद है। दिन के समय तापमान लगभग 33 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि रात में यह 26–28 डिग्री तक गिर सकता है। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग-12 कोलकाता नाइट राइडर्स: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), फिन एलन, कैमरन ग्रीन, अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), रिंकू सिंह, रमनदीप सिंह, अनूकुल रॉय, सुनील नारायण, वैभव अरोड़ा, ब्लेसिंग मुजरबानी, कार्तिक त्यागी, वरुण चक्रवर्ती। लखनऊ सुपर जायंट्स: ऐडन मार्करम, मिचेल मार्श, ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), आयुष बडोनी, निकोलस पूरन, अब्दुल समद, मुकुल चौधरी, आवेश खान, दिग्वेश राठी, प्रिंस यादव, मोहम्मद शमी, मणिमरण सिद्धार्थ। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Angkrish Raghuvanshi; LSG vs KKR IPL 2026 LIVE Score Update

Hindi News Sports Cricket Angkrish Raghuvanshi; LSG Vs KKR IPL 2026 LIVE Score Update | Shami Rishabh Pant Ajinkya Rahane स्पोर्ट्स डेस्क1 घंटे पहले कॉपी लिंक IPL में आज कोलकाता नाइट राइडर्स का सामना लखनऊ सुपर जायंट्स से होगा। मैच KKR के होम ग्राउंड ईडन गार्डन्स स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। मैच का टॉस शाम 7:00 बजे होगा। आज कोलकाता में बारिश की 90% आशंका है। यहां पिछला मैच भी बारिश के कारण रदद रहा थी। KKR का इस सीजन यह चौथा मैच होगा। टीम ने अब तक खेले 3 मैचों में से 2 में जीत दर्ज की है, जबकि पिछला मुकाबला पंजाब किंग्स के खिलाफ बारिश के कारण रद्द हो गया था। वहीं, LSG को अपने पिछले दो मैचों में एक में जीत और एक में हार का सामना करना पड़ा है। कोलकाता के खिलाफ लखनऊ ने 4 मैच जीते KKR और LSG के बीच अब तक 6 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें लखनऊ ने 4 मैच जीते हैं, जबकि कोलकाता को 2 में जीत मिली है। पिछले सीजन दोनों टीमों की एक बार भिड़ंत हुई थी, जिसमें लखनऊ ने बाजी मारी थी। कोलकाता में खेले गए 3 मैचों में भी लखनऊ का पलड़ा भारी रहा है, उसे 2 जीत मिली हैं, जबकि कोलकाता सिर्फ 1 मैच जीत सकी है। अंगकृष रघुवंशी के नाम दो अर्धशतक इस सीजन में कोलकाता के टॉप परफॉर्मर्स में अंगकृष रघुवंशी और ब्लेसिंग मुजरबानी शामिल हैं। अंगकृष ने 3 मैचों में 110 रन बनाए हैं, जिसमें 2 अर्धशतक शामिल हैं और उनका स्ट्राइक रेट 169.23 का रहा है। वहीं, मुजरबानी ने 2 मैचों में 4 विकेट लिए हैं, उनका बेस्ट प्रदर्शन 4/41 रहा है, हालांकि उनकी इकॉनमी 10.71 की रही है। ऋषभ पंत LSG के टॉप स्कोरर IPL 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के टॉप परफॉर्मर्स में कप्तान ऋषभ पंत, ऐडन मार्करम, अब्दुल समद और मिचेल मार्श शामिल हैं, जिन्होंने शानदार बल्लेबाजी की है। बॉलिंग में प्रिंस यादव टॉप पर हैं। सीजन के दोनों मैच में 200+ स्कोर बने ईडन गार्डन्स की पिच 9 अप्रैल को आमतौर पर बैटिंग के लिए अनुकूल रहने की उम्मीद है। यहां की सतह फ्लैट होती है, जिससे गेंद अच्छे से बल्ले पर आती है और बड़े स्कोर देखने को मिलते हैं। हालांकि, शुरुआत में नई गेंद से तेज गेंदबाजों को हल्की मदद मिल सकती है। मिडिल ओवर्स में स्पिनर्स को भी कुछ टर्न मिल सकता है, खासकर अगर पिच थोड़ी सूखी हुई तो। लेकिन ओवरऑल यह एक हाई-स्कोरिंग ग्राउंड माना जाता है। अगर मैच के दौरान बारिश होती है या पिच में नमी रहती है, तो पेसर्स को अतिरिक्त स्विंग और सीम मूवमेंट मिल सकता है, जिससे शुरुआत के ओवर्स और अहम हो जाएंगे। यहां में इस सीजन अब तक खेले गए दोनों मैचों में 200+ स्कोर बने हैं। बारिश डाल सकती है खलल कोलकाता में आज होने वाले मैच में बारिश खलल डाल सकती है। यहां करीब 90% बारिश की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही मौसम गर्म और उमस भरा रहने की उम्मीद है। दिन के समय तापमान लगभग 33 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि रात में यह 26–28 डिग्री तक गिर सकता है। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग-12 कोलकाता नाइट राइडर्स: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), फिन एलन, कैमरन ग्रीन, अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), रिंकू सिंह, रमनदीप सिंह, अनूकुल रॉय, सुनील नारायण, वैभव अरोड़ा, ब्लेसिंग मुजरबानी, कार्तिक त्यागी, वरुण चक्रवर्ती। लखनऊ सुपर जायंट्स: ऐडन मार्करम, मिचेल मार्श, ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), आयुष बडोनी, निकोलस पूरन, अब्दुल समद, मुकुल चौधरी, आवेश खान, दिग्वेश राठी, प्रिंस यादव, मोहम्मद शमी, मणिमरण सिद्धार्थ। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
MP Weather Alert | 7 Districts Under Alert; Heatwave Starts April 10

एमपी में 10 अप्रैल से तेज गर्मी का दौर शुरू होगा। IMD (मौसम केंद्र), भोपाल की माने तो दिन के तापमान में 5 से 6 डिग्री तक की बढ़ोतरी होगी। गुरुवार को जरूर कुछ जिलों में बारिश, आंधी और गरज-चमक का दौर रह सकता है। . मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट में आंधी, बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। इससे पहले बुधवार को भोपाल, जबलपुर, रायसेन, शिवपुरी, रतलाम, छतरपुर, नर्मदापुरम, उज्जैन, इंदौर, धार समेत 15 से ज्यादा जिलों में बारिश का दौर रहा। इससे दिन के तापमान में भी गिरावट देखने को मिली। यह सिस्टम एक्टिव रहे बुधवार को एमपी के उत्तर, पूर्वी और पश्चिमी हिस्से में 3 साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) एक्टिव रहे। इस वजह से बारिश का दौर रहा। भोपाल में भी हल्की बारिश के साथ तेज आंधी चली। आज ऐसा रहेगा मौसम 11 अप्रैल को नया सिस्टम मौसम विभाग की माने तो 11 अप्रैल को उत्तर-पश्चिमी हिस्से में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव होगा। हालांकि, एमपी में इसका असर कम ही देखने को मिलेगा। तेज आंधी भी चलेगी मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को प्रदेश में तेज आंधी भी चलेगी। कुछ जिलों में इसकी अधिकतम रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रहेगी। बाकी में 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलेगी। मौसम का मिजाज दोपहर बाद ही बदलेगा। देखिए बुधवार को एमपी के मौसम की तस्वीरें… रायसेन में बुधवार सुबह बारिश हुई। अचानक बदले हुए मौसम ने किसानों को चिंता में डाल दिया है। खेत खलिहान में कटी राखी गेहूं की फसल गीली हो गई। छतरपुर में भी तेज बारिश का दौर रहा। उज्जैन में बारिश का नजारा। शिवपुरी में तेज बारिश का दौर रहा। भोपाल के कोलार और एम्स इलाके में हल्की बूंदाबांदी हुई। अप्रैल-मई में सबसे ज्यादा गर्मी जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। इस बार मध्यप्रदेश में मार्च के दूसरे पखवाड़े में पारा 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा था। मार्च के आखिरी में टेम्प्रेचर बढ़ने लगता है, लेकिन इस बार ऐसा मौसम नहीं रहा। आखिरी 3 दिन वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से पारे में गिरावट आई। इसी तरह अप्रैल के पहले पखवाड़े में बारिश, ओले और आंधी का दौर चल रहा है। पिछले 8 दिन से प्रदेश में कहीं न कहीं बारिश हो रही है। फरवरी-मार्च में 4-4 बार बदला मौसम इस साल जनवरी में बारिश नहीं हुई, लेकिन फरवरी और मार्च में 4-4 बार मौसम बदला। ठंड के मौसम में ही फरवरी में मौसम का मिजाज बदल गया। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रहा। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। दूसरे पखवाड़े में बारिश शुरू हो गई। एक दौर लगातार 4 दिन तक रहा। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं, 17 जिलों में ओले भी गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुई है। तीसरा दौर 26-27 मार्च को रहा। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश हुई। सतना के चित्रकूट में आंधी चलने और बारिश होने की वजह से दीप सज्जा के कार्यक्रम पर असर पड़ा था। चौथी बार मौसम ने 29-30 मार्च को फिर से करवट बदली है। 30 मार्च को एमपी के आधे हिस्से में कहीं बारिश-आंधी तो कहीं ओले भी गिरें। MP के 5 बड़े शहरों में अप्रैल में मौसम का ऐसा ट्रेंड… एमपी में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 10 साल की डाटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री तक पहुंचा जबकि जबलपुर में इसने 44 डिग्री सेल्सियस को छू लिया। ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। पिछले तीन साल इन शहरों में तेज गर्मी पड़ी। इस बार भी तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। भोपाल में 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ साल से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है। 20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था। इंदौर में पिछले साल गिरा था 22.3 मिमी पानी इंदौर में भी पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 25 अप्रैल 1958 को सर्वाधिक 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इस महीने यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। गर्मी के साथ बादल छाए रहते हैं तो बौछारें भी गिरती हैं। हर साल बारिश का दौर भी बनता है। जबलपुर में तेज गर्मी का ट्रेंड जबलपुर की बात करें तो यहां अप्रैल में एक बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 28 अप्रैल 1970 को दिन का तापमान 45.4 डिग्री रहा था। अप्रैल में यहां भी बारिश होने की संभावना रहती है। रिकॉर्ड के अनुसार, जबलपुर में 3 अप्रैल 1935 को 24 घंटे के भीतर 50.3 मिमी बारिश हुई थी। 2023 में 20.2 मिमी पानी गिरा था। इस साल 19 अप्रैल को अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। ग्वालियर में पड़ती है सबसे ज्यादा गर्मी ग्वालियर में अप्रैल की गर्मी का ट्रेंड बाकी शहरों से अलग रहता है। यहां ज्यादा गर्मी पड़ती है। बीते 10 साल में यहां पारा एक बार 45 डिग्री और 3 बार 44 डिग्री
हिमाचल में अप्रैल में सामान्य से 169% अधिक बारिश:तापमान में 11॰C की गिरावट, आज भी 5 जिलों में आंधी-तूफान का अलर्ट

हिमाचल प्रदेश में अप्रैल में असामान्य बारिश से दिसंबर-जनवरी जैसी सर्दी लौट आई है। राज्य में बीते एक सप्ताह में सामान्य से 169 फीसदी अधिक बारिश हुई है, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है। अप्रैल में बर्फबारी के साथ ओलावृष्टि ने कई जगह सेब के बगीचों को तबाह किया है। मौसम विभाग के अनुसार- 2 से 8 अप्रैल के बीच प्रदेश में सामान्य तौर पर 16 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस बार 43 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इस असामान्य वर्षा ने पूरे प्रदेश में ठंड का असर बढ़ा दिया है। प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 11 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है, जबकि कई शहरों में यह गिरावट 14 डिग्री तक पहुंच गई। कांगड़ा का अधिकतम तापमान सामान्य से 14.1 डिग्री गिरने के बाद 18 डिग्री सेल्सियस रह गया है। मंडी में 11.1 डिग्री की गिरावट के बाद तापमान 18.7 डिग्री दर्ज हुआ। मनाली में पारा 10.8 डिग्री लुढ़ककर 8.6 डिग्री तक पहुंच गया है। ऊना का तापमान 10.4 डिग्री गिरकर 22.4 डिग्री रहा, जबकि शिमला में 8.5 डिग्री की गिरावट के साथ पारा 11.4 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं धर्मशाला का अधिकतम तापमान 11.1 डिग्री गिरकर 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ऊंचाई वाले इलाकों में हल्का हिमपात होने के आसार मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में आंधी-तूफान को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। ऊंचाई वाले इलाकों में हल्का हिमपात भी हो सकता है। कल से वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ेगा हालांकि राहत की बात यह है कि कल से वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ने की संभावना है। इसके बाद अगले 48 घंटों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार 12 अप्रैल से प्रदेश में मौसम पूरी तरह साफ हो जाएगा।
Constable Revathis Testimony Leads to 9 Policemens Death Sentence

Hindi News National Tamil Nadu Custodial Death: Constable Revathis Testimony Leads To 9 Policemens Death Sentence चेन्नई3 घंटे पहले कॉपी लिंक कांस्टेबल रेवती और कोर्ट में पेशी के दौरान आरोपियों की फाइल फोटो। तमिलनाडु के सथानकुलम में पिता-बेटे की कस्टोडियल मौत मामले में 6 साल बाद 6 अप्रैल को मदुरै कोर्ट ने 9 पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया और उन्हें फांसी की सजा सुनाई। इस पूरे मामले में हेड कांस्टेबल रेवती (43) का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। पुलिस हिरासत में पिता-बेटे की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया था। मामले को दबाने की कोशिशें भी हुईं, कांस्टेबल लेकिन रेवती की गवाही ने सच सामने ला दिया। रेवती दो बेटियों की मां है। उन्होंने न्यायिक मजिस्ट्रेट से कहा कि वह पूरा सच बताएंगी, लेकिन अपने बच्चों और नौकरी की सुरक्षा की गारंटी चाहती हैं। रेवती की बहादुरी और सच्चाई के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने इस केस को मुकाम तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने कोर्ट में मिनट-दर-मिनट घटनाक्रम बताया, जिससे यह साबित हुआ कि थाने में क्या हुआ और कौन जिम्मेदार था। साल 2020 में मोबाइल कारोबारी पिता-पुत्र की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। पढ़िए पूरा मामला… घटना जून 2020 की है। जब पूरी दुनिया कोविड की बंदिशों से जूझ रही थी। थूथुकुडी जिले के सथानकुलम पुलिस स्टेशन में ऐसा कुछ हुआ, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया। पी. जयराज और उनके बेटे जे. बेनिक्स को इसलिए हिरासत में लिया गया क्योंकि उन्होंने मोबाइल शॉप तय समय से कुछ देर ज्यादा खुली रखी थी। कांस्टेबल रेवती ने कोर्ट को बताया, ‘मैं रात करीब 8:50 बजे स्टेशन पहुंची। उसी समय अंदर से चीखने और रोने की आवाज आई, कोई चिल्ला रहा था ‘अम्मा, दर्द हो रहा है! जाने दो! प्लीज मुझे जाने दो! मैंने कुछ गलत नहीं किया!’ लहूलुहान होने तक पीटा, निजी अंगों पर जूतों से वार किया रेवती ने बताया कि बीच-बीच में सब-इंस्पेक्टर बालाकृष्णन की आवाज सुनाई दे रही थी, वो कह रहे थे- तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई स्टेशन के अंदर हंगामा करने की? तुम कोई बड़े आदमी हो? पुलिसकर्मियों ने जयराज और बेनिक्स को लहूलुहान होने तक पीटा। उन्होंने दोनों पिता-पुत्र के निजी अंगों पर जूतों से वार किया। इस दौरान पुलिसवाले बीच-बीच में शराब पीने के लिए रुकते और फिर दोबारा मारपीट शुरू कर देते। जब दोनों अधमरे हो गए, तो रेवती ने सहानुभूति दिखाते हुए जयराज (पिता) को कॉफी देने की कोशिश की, जिसे अन्य पुलिसकर्मियों ने छीनकर फेंक दिया। 6 अप्रैल को कोर्ट के फैसले के बाद दोषी पुलिसकर्मी को कड़ी सुरक्षा के बीच जेल ले जाया गया। पुलिसकर्मियों ने निर्वस्त्र कर पिता-बेटे के हाथ बांध दिए थे रेवती के मुताबिक दोनों को निर्वस्त्र कर उनके हाथ बांध दिए गए। इतनी क्रूरता न देख पाने के कारण रेवती बाहर चली गईं। हिरासत में लेने के 2 दिन बाद पहले बेटे बेनिक्स और अगले दिन पिता जयराज की मौत हो गई। पूरे देश में गुस्सा था, लेकिन पुलिस विभाग में मामले को दबाने की कोशिश की जा रही थी। 9 प्रभावशाली पुलिसकर्मी आरोपी थे। जब न्यायिक मजिस्ट्रेट एमएस भरथिदासन जांच के लिए पहुंचे, तो रेवती ने उनसे कहा- सर, मैं आपको सब कुछ बताऊंगी, हर एक बात, वह सच जिसे छिपाया जा रहा है। मैं दो बच्चियों की मां हूं। क्या आप मेरे बच्चों और मेरी नौकरी की सुरक्षा की गारंटी दे सकते हैं तनाव इता बढ़ा कि मजिस्ट्रेट को सुरक्षा बढ़ानी पड़ी साथी अधिकारियों की चेतावनी के बावजूद रेवती ने बोलने का फैसला किया। यह ऐसी फोर्स में असाधारण कदम था, जहां किसी कर्मी का साथियों के खिलाफ गवाही देना कम ही देखने को मिलता है। उन्होंने खौफ के बीच अपने साथी पुलिसकर्मियों के खिलाफ गवाही दी। बयान दर्ज कराते वक्त बाहर जमा पुलिसकर्मी कोर्ट के स्टाफ को धमका रहे थे और रेवती पर फब्तियां कस रहे थे। तनाव इतना था कि मजिस्ट्रेट को सुरक्षा गार्ड तैनात करना पड़ा। सुरक्षा का भरोसा मिलने के बाद ही रेवती हस्ताक्षर के लिए तैयार हुईं। सीसीटीवी फुटेज में हर आरोपी की पहचान की। उनकी मिनट-दर-मिनट की गवाही ने पुख्ता कर दिया कि उस रात थाने में कौन मौजूद था और दोनों की मौत के जिम्मेदार कौन थे। रेवती का यह साहस न्याय की नींव बना। ……………………….. यह खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला- हिरासत में मौतें बर्दाश्त नहीं:दैनिक भास्कर की खबर पर केंद्र-राज्य को नोटिस; थानों में CCTV पर 16 दिसंबर तक रिपोर्ट मांगी सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि पुलिस हिरासत में होने वाली मौतें सिस्टम पर धब्बा है और अब देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। साथ ही कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र की ओर से थानों में CCTV को लेकर मांगी गई रिपोर्ट न सौंपने पर नाराजगी जताई। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Crude Oil Below $100, Gold Up ₹3K, Silver ₹13K

नई दिल्ली32 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर रेपो रेट से जुड़ी रही। नए वित्त वर्ष की पहली मीटिंग में रेपो रेट में बदलाव नहीं किया गया है। इसे 5.25% पर बरकरार रखा है। इससे लोन महंगे नहीं होंगे और EMI नहीं बढ़ेगी। वहीं अमेरिका-ईरान जंग में 2 हफ्ते के सीजफायर के ऐलान के बाद क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) 15% सस्ता हुआ है। बुधवार को दाम करीब 15 डॉलर गिरकर 94.27 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए हैं। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. रेपो रेट में बदलाव नहीं, लोन महंगे नहीं होंगे: RBI ने ब्याज दर 5.25% पर बरकरार रखी; 2025 में चार बार में 1.25% की कटौती नए वित्त वर्ष की पहली मीटिंग में रेपो रेट में बदलाव नहीं किया गया है। इसे 5.25% पर बरकरार रखा है। इससे लोन महंगे नहीं होंगे और EMI नहीं बढ़ेगी। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 8 अप्रैल को मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी के फैसलों की जानकारी दी। इससे पहले फरवरी में भी रेपो रेट में बदलाव नहीं हुआ था। RBI ने आखिरी बार दिसंबर 2025 में ब्याज दर 0.25% घटाकर 5.25% की थी। RBI जिस रेट पर बैंकों को लोन देता है, उसे रेपो रेट कहते हैं। जब RBI रेपो रेट घटाता है तो बैंक इस फायदे को ग्राहकों तक पहुंचाते हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. अमेरिका-ईरान सीजफायर के बाद कच्चा तेल 100 डॉलर के नीचे: 15 प्रतिशत सस्ता हुआ, 6 साल में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट अमेरिका-ईरान जंग में 2 हफ्ते के सीजफायर के ऐलान के बाद क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) 15% सस्ता हुआ है। बुधवार को दाम करीब 15 डॉलर गिरकर 94.27 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह करीब 6 साल में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है। एक दिन पहले क्रूड ऑयल की कीमत 109.27 डॉलर प्रति बैरल थी। 28 फरवरी को जंग शुरू होने से पहले कच्चा तेल 73 डॉलर प्रति बैरल था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. पाकिस्तानी शेयर मार्केट में इतिहास की सबसे बड़ी तेजी: अमेरिका-ईरान सीजफायर के बाद मार्केट 14000 अंक चढ़ा, 9% बढ़कर 1,65,836 पर पहुंचा अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते के सीजफायर के ऐलान के बाद पाकिस्तान के शेयर बाजार में 14,000 अंकों की रिकॉर्ड तेजी आई। 8 अप्रैल, बुधवार को कराची स्टॉक एक्सचेंज का बेंचमार्क इंडेक्स कराची 100 (KSE) 14,162.58 अंक यानी 9.34% बढ़कर 165,836.05 पर बंद हुआ। यह KSE-100 इंडेक्स के इतिहास में एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त मानी जा रही है। इससे पहले कराची स्टॉक एक्सचेंज में इतनी बड़ी तेजी कभी नहीं देखी गई थी। इस तेजी के बाद नियमों के तहत ट्रेडिंग अस्थायी रूप से रोक दी गई थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. सेंसेक्स 2946 अंक चढ़कर 77,563 पर बंद: निफ्टी 874 अंक बढ़ा; ऑटो, रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में ज्यादा खरीदारी रही अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते के सीजफायर के ऐलान के बाद बुधवार 8 अप्रैल को शेयर बाजार में तेजी रही। सेंसेक्स 2946 अंक (3.95%) चढ़कर 77,563 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 874 अंक (3.78%) ऊपर है, ये 23,997 पर बंद हुआ। ऑटो, रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में ज्यादा खरीदारी रही। निफ्टी का ऑटो, बैंकिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी इंडेक्स 5% ऊपर बंद हुए। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. चांदी आज ₹13 हजार बढ़कर ₹2.44 लाख पर पहुंची: सोना ₹3 हजार महंगा हुआ, इस साल ₹18 हजार दाम बढ़े अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम के बाद सोने और चांदी में आज यानी 8 अप्रैल को बढ़त रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 3 हजार रुपए बढ़कर 1.51 लाख रुपए पर पहुंच गया। इससे पहले 7 अप्रैल को इसकी कीमत 1.48 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं, एक किलो चांदी 13 हजार रुपए बढ़कर 2.44 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले ये 2.31 लाख रुपए प्रति किलो थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Swara Vermas Sheesha Tops Billboard India; Haryanvi Singers Club Journey

स्वरा वर्मा साल 2023 के लास्ट में पहला ब्रेक मासूम शर्मा ने दिया और उसके बाद लगातार आगे बढ़ रही हैं हरियाणा के करनाल के असंध की एक साधारण परिवार की बेटी आज देश के सबसे बड़े म्यूजिक प्लेटफॉर्म पर अपनी आवाज का परचम लहरा रही है। स्वरा वर्मा का ‘शीशा’ गीत बिलबोर्ड इंडिया पर लगातार दूसरे स्थान पर बना हुआ है, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने की कहानी उतनी ही कठ . कभी उसके घर की आर्थिक हालत ऐसी थी कि उसे पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी, कभी स्टूडियो जाने के लिए दोस्तों से 200 रुपये उधार लेने पड़े, तो कभी लोगों के तानों ने मन तोड़ने की कोशिश की। लेकिन इन सबके बीच स्वरा ने अपने सपनों को टूटने नहीं दिया। क्लबों में छोटी-छोटी रकम पर गाना गाने वाली यह बेटी आज लाखों युवाओं के लिए उम्मीद और हौसले की मिसाल बन चुकी है। स्वरा वर्मा क्लब में जाकर गाना गाती थी सबसे पहले ‘शीशा’ सॉन्ग के बारे में जानिए… बिलबोर्ड इंडिया चार्ट तक पहुंचने वाले ‘शीशा’ गाने के पीछे भी एक दिलचस्प और प्रेरणादायक कहानी है। स्वरा वर्मा बताती हैं कि इस गाने के लेखक मीता रोड, जो मूल रूप से करनाल के ही रहने वाले हैं और इन दिनों अमेरिका में जॉब कर रहे हैं, ने साल 2025 में सोशल मीडिया के जरिए उनसे संपर्क किया था। मीता पहले से ही शायरी और कंटेंट क्रिएशन में एक्टिव थे और उन्होंने स्वरा की आवाज और उनके संघर्ष को देखकर इस गाने के लिए कोलैबोरेशन का प्रस्ताव रखा। शुरुआत में स्वरा को यह एक सामान्य ऑफर लगा, लेकिन जब मीता ने गाने की थीम, बोल और विजन विस्तार से समझाया, तो उन्हें महसूस हुआ कि यह कुछ बड़ा हो सकता है। इसके बाद “शीशा” गाने की ऑडियो करनाल के विक्की तरावड़ी के स्टूडियो में रिकॉर्ड की गई। गाना रिलीज होते ही इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर तेजी से ट्रेंड करने लगा।पहले दिल्ली में और फिर पूरे भारत में यह लोगों की जुबान पर चढ़ गया। गाने की लोकप्रियता को देखते हुए 2026 में इसकी फीचरिंग और वीडियो सोनी म्यूजिक इंडिया द्वारा रिलीज किया गया, जिसके बाद यह सीधा बिलबोर्ड इंडिया चार्ट में पहुंच गया और लगातार दूसरे स्थान पर बना हुआ है। स्वरा के मुताबिक, इस गाने की सफलता में मीता रोड का कॉन्सेप्ट, बोल और इंटरनेशनल सोच के साथ उनकी आवाज का मेल ही सबसे बड़ी ताकत साबित हुआ। अब जानिए कौन है नेपाली सिंगर स्वरा वर्मा की कहानी… नेपाल से हरियाणा तक एक परिवार की संघर्ष भरी कहानी:स्वरा वर्मा का परिवार मूल रूप से काठमांडू, नेपाल का रहने वाला है। बेहतर भविष्य की तलाश में उनके माता-पिता हरियाणा के करनाल जिले के असंध में आकर बस गए। साल 2004 में यहीं स्वरा का जन्म हुआ। एक छोटे से घर में सीमित संसाधनों के बीच पली-बढ़ी स्वरा ने बचपन से ही अभावों को करीब से देखा। घर की हालत ऐसी थी कि हर दिन एक नई चिंता सामने खड़ी रहती थी। गरीबी के कारण बीच में छोड़ी पढ़ाई, लेकिन नहीं छीना हौसला:परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि स्वरा अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सकीं। घर चलाने की जिम्मेदारी धीरे-धीरे उनके कंधों पर भी आने लगी। मां घर-घर जाकर खाना बनाती थीं और पिता भी कुकिंग का काम करके जैसे-तैसे परिवार का पेट भरते थे। कई बार ऐसा भी समय आता था जब खर्च और जरूरतों के बीच संतुलन बैठाना मुश्किल हो जाता था। ऐसे में स्वरा ने पढ़ाई छोड़कर परिवार का सहारा बनने का फैसला किया- यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन हालात ने उन्हें समय से पहले बड़ा बना दिया। मासूम शर्मा के साथ स्टूडियों में स्वरा वर्मा भाषा बनी चुनौती, तानों ने दी ताकत:घर में नेपाली भाषा बोली जाती थी, जबकि बाहर हरियाणवी माहौल था। शुरुआत में स्वरा को हरियाणवी बोलने और समझने में काफी परेशानी होती थी। लोगों के ताने-“तुमसे हरियाणवी नहीं होगी”, “तुम गाना नहीं गा पाओगी” उनके कानों में गूंजते रहते थे। लेकिन यही ताने उनके लिए प्रेरणा बन गए। उन्होंने ठान लिया कि अब खुद को साबित करना है। दिन-रात मेहनत कर उन्होंने हरियाणवी सीखी और उसी भाषा में अपनी पहचान बना ली। किटी पार्टियों और क्लबों से शुरू हुआ सफर:साल 2020 में स्वरा ने प्राइवेट पार्टियों, किटी पार्टियों और क्लबों में गाना शुरू किया। उस समय उन्हें संगीत की कोई तकनीकी जानकारी नहीं थी। ना सुर की समझ, ना ताल की पहचान। बस गाने का शौक और कुछ करने की जिद थी। छोटी-छोटी जगहों पर गाते हुए उन्हें 1000 से 1500 रुपये मिलते थे, लेकिन उनके लिए यह सिर्फ पैसे नहीं, बल्कि अपने सपनों की पहली सीढ़ी थी। 200 रुपये से शुरू हुआ सफर, मां का भरोसा बना ताकत:स्वरा की जिंदगी का एक भावुक पल वह था, जब पहली बार स्टूडियो जाने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे। उन्होंने अपनी मां से किराए के लिए 200 रुपये मांगे। मां ने जैसे-तैसे वह पैसे दिए।शायद उन्हें भी नहीं पता था कि यही 200 रुपये उनकी बेटी की किस्मत बदल देंगे। स्वरा कहती हैं कि वही 200 रुपये उनके करियर की सबसे बड़ी पूंजी थे। दिन-रात मेहनत, एक दिन में 20 गाने तक रिकॉर्ड:संघर्ष के दिनों में स्वरा ने कभी काम से पीछे हटना नहीं सीखा। कई बार वह एक दिन में 15 से 20 गाने तक रिकॉर्ड करती थीं। इसके बदले उन्हें सिर्फ 1000-1500 रुपये मिलते थे। वह रोहतक, दिल्ली और करनाल के अलग-अलग स्टूडियो में जातीं, घंटों काम करतीं और फिर अगले दिन उसी जिद के साथ फिर खड़ी हो जातीं। यह सिलसिला करीब तीन साल तक चला। सोशल मीडिया से मिली राह:सोशल मीडिया के जरिए उनकी मुलाकात दीपक से हुई, जिन्होंने उन्हें सुर और ताल की बारीकियां सिखाईं। इसके बाद असंध के ही प्रदीप पांचाल ने उन्हें स्टूडियो में गाने के तरीके सिखाए। धीरे-धीरे वह समझने लगीं कि संगीत सिर्फ शौक नहीं, बल्कि एक कला है, जिसे सीखना और निखारना जरूरी है। मासूम शर्मा ने दिया पहला ब्रेक:2023 के अंत में जब मासूम शर्मा का फोन आया, तो स्वरा को यकीन ही नहीं हुआ। उन्हें लगा कोई मजाक कर रहा है। लेकिन जब सच्चाई सामने आई, तो उनकी जिंदगी ने नया मोड़ ले लिया। ‘ठेकेदार का
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नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर रेपो रेट से जुड़ी रही। नए वित्त वर्ष की पहली मीटिंग में रेपो रेट में बदलाव नहीं किया गया है। इसे 5.25% पर बरकरार रखा है। इससे लोन महंगे नहीं होंगे और EMI नहीं बढ़ेगी। वहीं अमेरिका-ईरान जंग में 2 हफ्ते के सीजफायर के ऐलान के बाद क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) 15% सस्ता हुआ है। बुधवार को दाम करीब 15 डॉलर गिरकर 94.27 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए हैं। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. रेपो रेट में बदलाव नहीं, लोन महंगे नहीं होंगे: RBI ने ब्याज दर 5.25% पर बरकरार रखी; 2025 में चार बार में 1.25% की कटौती नए वित्त वर्ष की पहली मीटिंग में रेपो रेट में बदलाव नहीं किया गया है। इसे 5.25% पर बरकरार रखा है। इससे लोन महंगे नहीं होंगे और EMI नहीं बढ़ेगी। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 8 अप्रैल को मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी के फैसलों की जानकारी दी। इससे पहले फरवरी में भी रेपो रेट में बदलाव नहीं हुआ था। RBI ने आखिरी बार दिसंबर 2025 में ब्याज दर 0.25% घटाकर 5.25% की थी। RBI जिस रेट पर बैंकों को लोन देता है, उसे रेपो रेट कहते हैं। जब RBI रेपो रेट घटाता है तो बैंक इस फायदे को ग्राहकों तक पहुंचाते हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. अमेरिका-ईरान सीजफायर के बाद कच्चा तेल 100 डॉलर के नीचे: 15 प्रतिशत सस्ता हुआ, 6 साल में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट अमेरिका-ईरान जंग में 2 हफ्ते के सीजफायर के ऐलान के बाद क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) 15% सस्ता हुआ है। बुधवार को दाम करीब 15 डॉलर गिरकर 94.27 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह करीब 6 साल में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है। एक दिन पहले क्रूड ऑयल की कीमत 109.27 डॉलर प्रति बैरल थी। 28 फरवरी को जंग शुरू होने से पहले कच्चा तेल 73 डॉलर प्रति बैरल था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. पाकिस्तानी शेयर मार्केट में इतिहास की सबसे बड़ी तेजी: अमेरिका-ईरान सीजफायर के बाद मार्केट 14000 अंक चढ़ा, 9% बढ़कर 1,65,836 पर पहुंचा अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते के सीजफायर के ऐलान के बाद पाकिस्तान के शेयर बाजार में 14,000 अंकों की रिकॉर्ड तेजी आई। 8 अप्रैल, बुधवार को कराची स्टॉक एक्सचेंज का बेंचमार्क इंडेक्स कराची 100 (KSE) 14,162.58 अंक यानी 9.34% बढ़कर 165,836.05 पर बंद हुआ। यह KSE-100 इंडेक्स के इतिहास में एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त मानी जा रही है। इससे पहले कराची स्टॉक एक्सचेंज में इतनी बड़ी तेजी कभी नहीं देखी गई थी। इस तेजी के बाद नियमों के तहत ट्रेडिंग अस्थायी रूप से रोक दी गई थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. सेंसेक्स 2946 अंक चढ़कर 77,563 पर बंद: निफ्टी 874 अंक बढ़ा; ऑटो, रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में ज्यादा खरीदारी रही अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते के सीजफायर के ऐलान के बाद बुधवार 8 अप्रैल को शेयर बाजार में तेजी रही। सेंसेक्स 2946 अंक (3.95%) चढ़कर 77,563 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 874 अंक (3.78%) ऊपर है, ये 23,997 पर बंद हुआ। ऑटो, रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में ज्यादा खरीदारी रही। निफ्टी का ऑटो, बैंकिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी इंडेक्स 5% ऊपर बंद हुए। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. चांदी आज ₹13 हजार बढ़कर ₹2.44 लाख पर पहुंची: सोना ₹3 हजार महंगा हुआ, इस साल ₹18 हजार दाम बढ़े अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम के बाद सोने और चांदी में आज यानी 8 अप्रैल को बढ़त रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 3 हजार रुपए बढ़कर 1.51 लाख रुपए पर पहुंच गया। इससे पहले 7 अप्रैल को इसकी कीमत 1.48 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं, एक किलो चांदी 13 हजार रुपए बढ़कर 2.44 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले ये 2.31 लाख रुपए प्रति किलो थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Bengal Election LIVE | TMC Stronghold Birbhum Visit; Congress Leader Joins BJP Ahead of Assam Polls

Hindi News National Bengal Election LIVE | TMC Stronghold Birbhum Visit; Congress Leader Joins BJP Ahead Of Assam Polls कोलकाता5 घंटे पहले कॉपी लिंक पीएम मोदी गुरुवार को पश्चिम बंगाल में तीन रैलियां करेंगे। भाजपा उन इलाकों में अपना समर्थन मजबूत करने की कोशिश कर रही है, जहां उसे बड़ी सफलता मिली है। इसके अलावा वहां भी पैठ बनाने की कोशिश है जिसे सत्ताधारी TMC का गढ़ माना जाता है। मोदी अपनी पहली रैली सुबह 9.30 बजे पूर्वी मेदिनीपुर जिले के हल्दिया टाउनशिप में करेंगे। इसके बाद, दोपहर में आसनसोल के पोलो ग्राउंड स्थित आउटडोर स्टेडियम जाएंगे। तीसरी जनसभा दोपहर 2 बजे बीरभूम जिले के सिउड़ी में होगी। हल्दिया को नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी का गृह क्षेत्र माना जाता है और यह राज्य में BJP के सबसे मजबूत गढ़ों में से एक है। पार्टी ने 2021 के विधानसभा चुनावों में पूर्वी मेदिनीपुर जिले की 16 में से 8 विधानसभा सीटें जीती थीं और 2024 के आम चुनावों में इस जिले की दोनों लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की थी। बीरभूम जिले को TMC का गढ़ माना जाता है। बीरभूम में सत्ताधारी पार्टी का प्रभाव रहा है हालांकि जिले के कुछ हिस्सों में लंबे समय से आरएसएस का संगठनात्मक नेटवर्क मौजूद है। भाजपा यहां एंटी इनकम्बेंसी का फायदा उठाना चाहती है। असम चुनाव से एक दिन पहले कांग्रेस उम्मीदवार ने पार्टी छोड़ी असम में वोटिंग से एक दिन पहले उदलगुरी सीट से कांग्रेस उम्मीदवार सुरेन दैमारी ने पार्टी छोड़ दी। हालांकि कांग्रेस ने कहा कि उन्होंने अभी तक पार्टी को अपना इस्तीफा नहीं सौंपा है। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि दैमारी का नाम EVM में बना रहेगा और लोग अभी भी उन्हें वोट दे सकते हैं क्योंकि नामांकन वापस लेने की समय सीमा काफी पहले ही खत्म हो चुकी है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनाव के पल-पल अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Working Parents Guilt; Emotional Bonding Lapse

Hindi News Lifestyle Working Parents Guilt; Emotional Bonding Lapse | PTM School Activities Unavailability 11 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक सवाल- मैं दिल्ली से हूं। मेरा 8 साल का एक बेटा है। मैं और मेरे हसबैंड, दोनों कॉरपोरेट जॉब करते हैं। काम की वजह से हम बच्चे को पर्याप्त समय नहीं दे पाते थे। इस कमी को पूरा करने के लिए हम अक्सर उसे महंगे गिफ्ट्स, गैजेट्स दे दिया करते थे। उसकी हर इच्छा भी पूरी करते थे। लेकिन कुछ समय से हमें ऐसा लग रहा है कि बेटे की उम्मीदें बढ़ती जा रही हैं। वह अपनी बात मनवाने के लिए इमोशनली ब्लैकमेल भी करने लगा है। हमें अब अपनी गलती का एहसास भी हो रहा है, लेकिन ये समझ नहीं आ रहा कि इसे ठीक कैसे करें। सही संतुलन कैसे बनाएं? प्लीज हेल्प। एक्सपर्ट: डॉ. अमिता श्रृंगी, साइकोलॉजिस्ट, फैमिली एंड चाइल्ड काउंसलर, जयपुर जवाब- सवाल पूछने के लिए शुक्रिया। यह सवाल आज कई वर्किंग पेरेंट्स की स्थिति को दिखाता है। वर्किंग पेरेंट्स के लिए काम और परिवार के बीच संतुलन बनाना चैलेंजिंग होता है। ऐसे में बच्चे को पर्याप्त समय न दे पाने पर गिल्ट होना स्वाभाविक है। बहुत से पेरेंट्स इस कमी को पूरा करने के लिए बच्चों को महंगे खिलौने, गैजेट्स या पैसे देकर खुश करने की कोशिश करते हैं। शुरुआत में यह तरीका आसान लगता है। लेकिन धीरे-धीरे बच्चे के मन में यह धारणा बन जाती है कि प्यार का मतलब सिर्फ भौतिक चीजें या सुख-सुविधाएं हैं। हालांकि अच्छी बात है कि आपने समय रहते इस बदलाव को नोटिस किया है। ऐसे में समझदारी से इस स्थिति को मैनेज किया जा सकता है। वर्किंग पेरेंट्स को गिल्ट क्यों होता है? वर्किंग पेरेंट्स ऑफिस और घर की जिम्मेदारियों के बीच बच्चे के लिए समय नहीं निकाल पाते हैं। यही सोच गिल्ट पैदा करती है। सामाजिक प्रेशर और सोशल मीडिया हर पेरेंट पर ‘परफेक्ट’ बनने का दबाव बनाते हैं। जब असल जिंदगी अलग होती है तो पेरेंट्स गिल्ट महसूस करते हैं। अगर बच्चा कहता है- ‘आप मेरे साथ नहीं रहते’ या उदास, चिड़चिड़ा दिखता है तो गिल्ट बढ़ जाता है। गिल्ट के और कई कारण हो सकते हैं- ‘गिल्ट पेरेंटिंग’ का बच्चे पर प्रभाव गिल्ट की वजह से पेरेंट्स बच्चे को जरूरत से ज्यादा चीजें, छूट या लाड़-प्यार देते हैं। शुरुआत में यह ‘प्यार’ लगता है, लेकिन लंबे समय में इसका असर बच्चे की सोच, व्यवहार और इमोशनल डेवलपमेंट पर पड़ता है। बच्चा मानने लगता है कि प्यार का मतलब गिफ्ट्स, पैसे और चीजें हैं। वह इमोशनल कनेक्शन की बजाय चीजों पर निर्भर हो जाता है। हर डिमांड पूरी होने पर ‘ना’ सुनने की आदत खत्म हो जाती है। इससे बच्चा जिद्दी और चिड़चिड़ा हो सकता है। बच्चा भौतिक चीजों से खुश तो होता है, लेकिन पेरेंट्स से जुड़ाव कमजोर होता जाता है। तुरंत सब कुछ मिलने से बच्चा धैर्य और इंतजार करना नहीं सीखता है। बाहर की दुनिया उसकी हर मांग पूरी नहीं करती, जिससे निराशा, गुस्सा और फ्रस्ट्रेशन बढ़ सकता है। इमोशनल सिक्योरिटी चीजों से नहीं, रिश्तों से मिलती है। इसकी कमी से बच्चा असुरक्षित महसूस कर सकता है। ग्राफिक में देखिए गिल्ट पेरेंटिंग का बच्चे पर क्या असर होता है- आइए, अब ‘गिल्ट पेरेंटिंग’ को मैनेज करने के तरीके समझते हैं। वर्किंग पेरेंट्स ‘गिल्ट’ कैसे मैनेज करें? वर्किंग पेरेंट्स के लिए ‘गिल्ट’ पूरी तरह खत्म करना संभव नहीं है। लेकिन इसे मैनेज किया जा सकता है। आइए इसे प्रैक्टिकल तरीके से समझते हैं- सबसे पहले तो समझें कि कोई भी पेरेंट ‘परफेक्ट’ नहीं हो सकता है। बच्चे के लिए ‘डेडिकेटेड टाइम‘ निकालें। इस दौरान फोन का इस्तेमाल न करें। आपका थोड़ा समय भी बच्चे के लिए मायने रखता है। गिल्ट में आकर गिफ्ट देना बंद करें। इसे खास मौके तक सीमित रखें। बच्चे से ईमानदारी से बात करें। ‘हम काम क्यों करते हैं’ इसे समझाएं। दोनों पेरेंट्स समय निकालें, एक पर दबाव न डालें। थकान या समय न मिलने पर खुद को दोष न दें। गिल्ट में आकर बच्चे को फोन देना आसान लगता है, लेकिन इससे दूरी और बढ़ती है। इसलिए बच्चे का स्क्रीन टाइम सीमित रखें। अगर संभव हो तो अलग-अलग शिफ्ट में काम करें, ताकि एक व्यक्ति बच्चे के साथ रहे। ध्यान रखें, आपका समय और अटेंशन बच्चे की सबसे बड़ी जरूरत है। वीक ऑफ एक ही दिन रखें। काम के घंटे कम करें या रिमोट वर्क देखें। दादा-दादी या नाना-नानी की मदद लेना भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। कुल मिलाकर इस समय बच्चे को ज्यादा समय, ज्यादा अटेंशन और ज्यादा साथ की जरूरत है। पेरेंटिंग गिल्ट को मैनेज करने के लिए कुछ बातों का खास ख्याल रखें। इसे ग्राफिक में देखिए- बच्चे के लिए पेरेंट्स का साथ जरूरी बच्चे के लिए पेरेंट्स का साथ उसकी इमोशनल, मेंटल और सोशल ग्रोथ की बुनियाद होता है। यह उसकी पर्सनैलिटी को आकार देता है। जब पेरेंट्स साथ होते हैं, बच्चा खुद को सेफ महसूस करता है। उसे लगता है कि “कोई है, जो मुझे समझता है और मेरे साथ है।” इससे कॉन्फिडेंस बढ़ता है। पेरेंट्स से बात करते-करते बच्चा बोलना सीखता है। फीलिंग्स एक्सप्रेस करना सीखता है। बच्चे पेरेंट्स को देखकर सीखते हैं। आप जैसा व्यवहार करते हैं, वैसा ही वह अपनाता है। पेरेंट्स के साथ रहने से बच्चा गुस्सा संभालना, निराशा से निपटना और शेयर करना जैसी लाइफ स्किल्स सीखता है। बच्चे के लिए सबसे बड़ा गिफ्ट महंगी चीजें नहीं, आपका ‘साथ’ है। आज दिया गया साथ, बच्चे का कल मजबूत बनाता है। बच्चे को समय की कमी कैसे समझाएं? 6–10 साल के बच्चे में समझने की क्षमता विकसित हो रही होती है। ऐसे में उन्हें अपने काम के बारे में तर्क से समझाया जा सकता है। इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखें- सीधे “हम बिजी हैं” कहने से बच्चा खुद को इग्नोर्ड महसूस कर सकता है। इसकी बजाय कहें- “हम काम करते हैं ताकि तुम्हारी जरूरतें पूरी कर सकें, लेकिन तुम्हारे साथ रहना हमें सबसे अच्छा लगता है।” उसे बताएं, “हमें तुम्हारे साथ खेलना बहुत पसंद है, हम इस संडे साथ में जरूर खेलेंगे।” उसे बताएं कि बाकी दिनों में आपको पर्याप्त समय नहीं मिल पाता है। उसे बताएं कि आपका काम परिवार के लिए क्यों जरूरी









