Thursday, 09 Jul 2026 | 05:26 PM

Trending :

एक्टर राजेश शर्मा बीमार, तेलंगाना CM से जांच की मांग:एक्टर गंभीर हालत में भर्ती; वर्कर्स एसोसिएशन ने पूछा- तुरंत अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया एक्टर राजेश शर्मा बीमार, तेलंगाना CM से जांच की मांग:एक्टर गंभीर हालत में भर्ती; वर्कर्स एसोसिएशन ने पूछा- तुरंत अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया MP Girls Rise in Higher Education जाह्नवी कपूर की मेहंदी में दिखा बॉयफ्रेंड का नाम:निकनेम 'शिखु' ने खींचा ध्यान, अंशुला के वेडिंग रिसेप्शन में ढोल भी बजाया जाह्नवी कपूर की मेहंदी में दिखा बॉयफ्रेंड का नाम:निकनेम 'शिखु' ने खींचा ध्यान, अंशुला के वेडिंग रिसेप्शन में ढोल भी बजाया रियलिटी शो 'अलायंस' में सीमा सजदेह की एंट्री:पूर्व पत्नी को देख सोहेल खान बोले- रिश्ते में गलती हुई होगी तो मेरी तरफ से हुई होगी
EXCLUSIVE

शरीर के लिए पावर बूस्टर से कम नहीं इस जानवर का दूध, गाय-भैंस से भी ज्यादा असरदार! कई बीमारियों में फायदेमंद

authorimg

Last Updated:April 10, 2026, 18:50 IST Health News: फरीदाबाद के गांवों में बकरी का दूध बना सेहत और रोजगार का मजबूत सहारा. आयुर्वेद में सबसे गुणकारी माना जाने वाला यह दूध इम्युनिटी बढ़ाने पाचन सुधारने और बीमारियों में फायदेमंद है. आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि इसके क्या-क्या फायदे हैं. फरीदाबाद: फरीदाबाद के गांवों में सुबह की शुरुआत अब सिर्फ खेतों से नहीं, बल्कि बकरियों की मिमियाहट और उनके दूध की बढ़ती मांग से भी होने लगी है. अरावली से सटे कोट गांव से लेकर आसपास के कई गांवों तक बकरी का दूध आज लोगों की सेहत और किसानों की आमदनी दोनों का सहारा बन चुका है. खास बात यह है कि बीमारियों के समय इस दूध की डिमांड अचानक बढ़ जाती है और लोग इसे किसी अमृत से कम नहीं मानते हैं. Local18 से बातचीत में फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि आयुर्वेद में दूध के आठ प्रकार बताए गए हैं, जिनमें बकरी का दूध सबसे गुणकारी माना जाता है. यह स्वाद में मधुर और पचने में बेहद हल्का होता है. यही वजह है कि राजस्थान, झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे दूरदराज इलाकों में भी इसका खूब सेवन किया जाता है. त्वचा के लिए बेहद फायदेमंदडॉ. चेतन शर्मा ने बताया कि बकरी के दूध में विटामिन A प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद है. साथ ही यह शरीर को ताकत देता है और इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करता है. पुराने समय से ही इसे गंभीर बीमारियों, खासकर ट्यूमर जैसी स्थितियों में भी दिया जाता रहा है. जिन बच्चों को किसी कारणवश मां का दूध नहीं मिल पाता है, उनके लिए भी बकरी का दूध एक अच्छा विकल्प माना जाता है. क्या है बकरी के दूध के फायदे?डॉ. चेतन शर्मा ने यह दूध इतना हल्का होता है कि कमजोर पाचन तंत्र वाले लोगों को भी आसानी से पच जाता है और तुरंत फायदा देता है. न्यूट्रिशन के मामले में भी यह गाय और भैंस के दूध से कहीं ज्यादा असरदार माना जाता है. डेंगू जैसी बीमारियों में प्लेटलेट्स गिरने लगते हैं. ऐसे में बकरी का दूध काफी फायदेमंद साबित होता है. डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि नियमित सेवन से शरीर को अंदर से मजबूती मिलती है, चाहे इसे सीधे पिया जाए या चाय के रूप में लिया जाए, यह हर तरह से शरीर के लिए लाभकारी है. फरीदाबाद के गांवों में बकरी पालन अब सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि एक मजबूत रोजगार बन चुका है. कई परिवार सिर्फ बकरियों के सहारे अपना घर चला रहे हैं और उनके लिए यह दूध न सिर्फ कमाई का जरिया है, बल्कि लोगों की सेहत से जुड़ा एक भरोसा भी बन गया है. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Faridabad,Haryana First Published : April 10, 2026, 18:50 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

लू से बचाएगा विंध्य का सत्तू! चीनी के साथ देसी स्वाद, भुना चना-गेहूं की सीक्रेट रेसिपी

authorimg

Last Updated:April 10, 2026, 18:48 IST Sidhi News: प्रियंका सिंह ने कहा कि साफ किए गए चनों में गेहूं और थोड़ा जौ मिलाया जाता है, जिससे सत्तू का आटा चिकना हो जाता है. इसके बाद इसे चक्की में पिसवाकर तैयार किया जाता है. सत्तू को लोग नाश्ते में गुड़ या चीनी के साथ खाते हैं. सीधी. मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में जैसे ही गर्मी शुरू होती है, घरों की रसोई का स्वाद भी थोड़ा बदल जाता है. तेज धूप और लू से बचने के लिए लोग अपने खाने में ऐसे डिश शामिल करने लगते हैं, जो शरीर को ठंडक दें और पेट के लिए भी हल्के हों. इन्हीं पारंपरिक व्यंजनों में सत्तू पसंद किया जाता है, जिसे ग्रामीण क्षेत्रों में सेतुआ बोलते हैं. स्वाद में मीठा, ठंडक देने वाला और झटपट बनने वाला यह सत्तू गर्मियों में लगभग हर घर की थाली में दिखाई देता है. विंध्य क्षेत्र में सत्तू को शक्कर (चीनी) या गुड़ के साथ मिलाकर खाया जाता है. सीधी निवासी प्रियंका सिंह ने लोकल 18 को बताया कि विंध्य क्षेत्र में हर साल गर्मी के मौसम में सत्तू खाने की परंपरा रही है. जैसे ही खेतों में कटाई, बिनाई और मड़ाई का काम शुरू होता है, लोग पुराने चने निकालकर सत्तू बनाने की तैयारी में जुट जाते हैं. सबसे पहले चने को रातभर पानी में भिगोया जाता है, जिससे वे फूल जाते हैं. इसके बाद उन्हें धूप में हल्का सुखाया जाता है और फिर कड़ाही में भून लिया जाता है. भूनने के बाद चनों को चकरी में दरकर उसकी भूसी अलग की जाती है. प्रियंका ने आगे बताया कि साफ किए गए चनों में गेहूं और थोड़ा जौ मिलाया जाता है, जिससे सत्तू का आटा चिकना बनता है. इसके बाद इसे चक्की में पिसवाकर तैयार किया जाता है. तैयार सत्तू को लोग सुबह नाश्ते में गुड़ या चीनी के साथ खाते हैं. खास बात यह है कि गर्मी के मौसम में होने वाले शादी-विवाह में भी सुबह के नाश्ते में सत्तू का विशेष महत्व रहता है. बुजुर्गों का खानपान भी सत्तू पर आधारितगांवों में बुजुर्गों का खानपान भी सत्तू पर आधारित रहा है. वे महुआ और चना, महुआ और सत्तू या चना-गुड़ का सेवन करते थे और स्वस्थ रहते थे. हालांकि बदलते समय के साथ इसका चलन कुछ कम हुआ है लेकिन आज भी ग्रामीण क्षेत्रों, खासकर किसानों के घरों में सत्तू का उपयोग आम है. सत्तू को गर्मी से बचाव का वरदान माना जाता है. यह बघेलखंड क्षेत्र का पारंपरिक आहार है, जो पोषण और ताजगी का बेहतरीन स्रोत है. इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और खनिज भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने के साथ उसे स्वस्थ बनाए रखते हैं. बनाने और खाने के तरीके अलग-अलगउत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में भी सत्तू का सेवन किया जाता है. हालांकि बनाने और खाने के तरीके अलग-अलग हैं. बघेलखंड में खासकर सीधी जिले में सत्तू को घोलकर या हल्का गाढ़ा सानकर चीनी या गुड़ के साथ खाया जाता है. इसके अलावा सत्तू का शरबत, लड्डू, पराठा और पूरी भी बनाई जाती है. गर्मियों में इसका शरबत प्यास बुझाने और शरीर को ठंडा रखने का एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है. About the Author Rahul Singh राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sidhi,Madhya Pradesh First Published : April 10, 2026, 18:48 IST

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: यूसीसी, सीमा सुरक्षा और घुसपैठ…बंगाल चुनाव के बाद क्या है बीजेपी की योजना? अमित शाह ने संकल्प पत्र का किया खंडन

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: यूसीसी, सीमा सुरक्षा और घुसपैठ...बंगाल चुनाव के बाद क्या है बीजेपी की योजना? अमित शाह ने संकल्प पत्र का किया खंडन

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित संकल्प पत्र में महिलाओं, युवाओं के लिए नए विवरण शामिल हैं। बंगाल चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल में होने वाले पहले चरण के चुनाव के लिए अब सिर्फ चंद दिनों का समय शेष है। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार (10 अप्रैल, 2026) को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर कोलकाता में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का संकल्प पत्र जारी किया है। इस दौरान उन्होंने बंगाल की जनता से कई बड़े वादे भी किये. चुनाव से पहले कोलकाता में बोले अमित शाह गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बंगाल की मुख्यमंत्री और वैष्णवी कांग्रेस (टीएमसी) की भवानीपुर के उम्मीदवार ममता बनर्जी के एक बयान पर अपनी सहमति व्यक्त की। दरअसल, ममता बनर्जी ने बंगाल के लोगों से कहा था कि अगर पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनी तो मछली और अंडा खाना नहीं मिलेगा. इसके जवाब में अमित शाह ने कहा कि आप ऐसा क्यों सोचते हैं? ऐसा नहीं है तो सवाल ही क्यों कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सिर्फ और सिर्फ झूठ का प्रचार करती हैं और उसे प्रसारित करती हैं।’ चुनाव जीतने के बाद बीजेपी सरकार बनी और टीएमसी की साड़ी मंजूरी खत्म हो गई, ऐसा बिल्कुल नहीं है। हमारे यहां कहीं भी पुरानी सरकार की मंजूरी को खत्म नहीं किया गया है. मैं आपको बताना चाहता हूं कि 5 मई, 2026 को पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनेगी और हम सब मिलकर राम राज की स्थापना करेंगे।’ बीजेपी के संकल्प पत्र पर क्या बोले केंद्रीय गृह मंत्री? बंगाल चुनाव को लेकर जारी किए गए भाजपा के संकल्प पत्र पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘पश्चिम बंगाल में पिछले 15 साल तक पूर्वी बंगाल का शासन सबसे बड़ा बुरा सपना था, लेकिन भाजपा के संकल्प पत्र में राज्य की महिलाएं और युवा नई उम्मीदें जगाएंगे।’ हर व्यक्ति अपने धर्म का स्वतंत्र रूप से पालन करने का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट कानून लागू करेगा।’ उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में अगर एक बार भी भाजपा इसके खिलाफ चुनाव जीतती है तो वह सभी के लिए एक समान कानूनी गारंटी, शर्त को सुरक्षित रखने, घुसपैठ के इरादे को अपनाएगी और पहचान की मात्रा पर भी रोक लगा देगी। उनहोंन समान नागरिक कानून (यूसीसी) को लेकर कहा गया कि अगर बीजेपी की सरकार बनी हुई है, तो राज्य में अगले छह महीने में यूसीसी को लागू कर दिया जाएगा। यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल में बीजेपी का मुख्यमंत्री तो कौन बनेगा? अमित शाह ने किया बड़ा ऐलान (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)अमित शाह(टी)कोलकाता(टी)बीजेपी(टी)टीएमसी(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)अमित शाह(टी)कोलकाता(टी)भाजपा(टी)टीएमसी(टी)ममता बनर्जी

अनिल कपूर का शो '24' हॉटस्टार पर लौटेगा:एक्टर ने प्लेटफॉर्म को दी 24 घंटे की चेतावनी; 24 अप्रैल से स्ट्रीम होंगे दोनों सीजन

अनिल कपूर का शो '24' हॉटस्टार पर लौटेगा:एक्टर ने प्लेटफॉर्म को दी 24 घंटे की चेतावनी; 24 अप्रैल से स्ट्रीम होंगे दोनों सीजन

बॉलीवुड एक्टर अनिल कपूर का पॉपुलर एक्शन थ्रिलर शो ’24’ एक बार फिर दर्शकों के बीच लौटने वाला है। इस बार यह शो ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार (JioHotstar) पर स्ट्रीम किया जाएगा। शो की वापसी की खबर के बीच अनिल कपूर ने सोशल मीडिया पर प्लेटफॉर्म को एक अनोखी चेतावनी दी है, जिसने फैंस के बीच सस्पेंस बढ़ा दिया है। शो के दोनों सीजन 24 अप्रैल से स्ट्रीम किए जाएंगे। अनिल कपूर की ‘चेतावनी’ से बढ़ा सस्पेंस अनिल कपूर ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर की है। उन्होंने जियो हॉटस्टार को टैग करते हुए लिखा- “जियो हॉटस्टार, तुम्हारे पास 24 घंटे हैं।” इसके साथ ही कैप्शन में उन्होंने जोड़ा- “वरना मैं मामला अपने हाथ में ले लूंगा।” हालांकि अनिल ने स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा, लेकिन माना जा रहा है कि यह शो के प्रमोशन का हिस्सा है। इस पोस्ट के बाद फैंस कयास लगा रहे हैं कि क्या शो का तीसरा सीजन भी आने वाला है। 24 अप्रैल से शुरू होगी स्ट्रीमिंग जियो हॉटस्टार पर यह हाई-ऑक्टेन थ्रिलर सीरीज 24 अप्रैल से उपलब्ध होगी। प्लेटफॉर्म ने फैसला किया है कि दर्शकों के लिए हर शुक्रवार को शो के 8 एपिसोड ड्रॉप किए जाएंगे। इस शो को भारत में लॉन्ग-फॉर्मेट स्टोरीटेलिंग के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव माना जाता है। एक्टर बोले- मेरे दिल के बहुत करीब है यह प्रोजेक्ट शो की वापसी पर अपनी बात रखते हुए अनिल कपूर ने कहा, मैंने सालों में कई इंटेंस और एक्शन रोल किए हैं, लेकिन ’24’ मेरे लिए कभी सिर्फ एक शो नहीं था। यह एक अलग ही एड्रेनालिन रश था। इसके रियल-टाइम फॉर्मेट ने मुझे एक एक्टर के तौर पर काफी चैलेंज किया। मैं एक्साइटेड हूं कि अब जियो हॉटस्टार के जरिए दर्शक इस रोमांच को एक बार फिर से महसूस कर पाएंगे। अमेरिकी सीरीज का ऑफिशियल रीमेक है ’24’ बता दें कि यह शो इसी नाम की मशहूर अमेरिकी सीरीज का इंडियन अडैप्टेशन है। इसमें अनिल कपूर ने एंटी-टेररिस्ट यूनिट (ATU) के एजेंट जय सिंह राठौड़ का मुख्य किरदार निभाया है। शो की सबसे बड़ी खासियत इसका ‘रियल-टाइम’ फॉर्मेट है, जिसमें 24 एपिसोड के जरिए 24 घंटों की कहानी दिखाई जाती है। भारत में इसके अब तक दो सीजन आ चुके हैं।

Gaganyaan Crew Module Parachute Test Success

Gaganyaan Crew Module Parachute Test Success

Hindi News National Gaganyaan Crew Module Parachute Test Success | ISRO Chinook Helicopter Sea Landing श्रीहरिकोटा17 मिनट पहले कॉपी लिंक गगनयान मिशन के तहत क्रू मॉड्यूल को हवा में छोड़ा गया। पैराशूट की मदद ये यह नीचे आया। भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान की तैयारी में बड़ी कामयाबी मिली है। ISRO ने गुरुवार को दूसरा इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट (IADT-1) सफलतापूर्वक पूरा किया। यह टेस्ट गगनयान मिशन के लिए तैयार किए गए पैराशूट सिस्टम की असली परिस्थितियों की जांच करने के लिए किया गया। इसका मकसद गगनयान मिशन से पहले पैराशूट खुलने के प्रोसेस को चेक करना था। ये प्रोसेस मिशन के समय अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित वापसी तय करेगी। टेस्ट के दौरान लगभग 5.7 टन वजनी डमी क्रू कैप्सूल को वायुसेना के चिनूक हेलिकॉप्टर से 3 किमी की ऊंचाई से छोड़ा गया। कैप्सूल ने समुद्र में सेफ लैंडिंग की। पिछले 8 महीनों में क्रू कैप्सूल का यह दूसरा एयर ड्रॉप टेस्ट है। पहला टेस्ट 24 अगस्त 2025 को किया गया था। गगनशन मिशन: 2027 में शुभांशु सहित 3 पायलट अंतरिक्ष जाएंगे गगनयान ISRO का ह्यूमन स्पेस मिशन है। इसके तहत 2027 में स्पेसक्राफ्ट से वायुसेना के तीन पायलट्स को स्पेस में भेजा जाएगा। ये पायलट 400 किमी के ऑर्बिट पर 3 दिन रहेंगे, जिसके बाद हिंद महासागर में स्पेसक्राफ्ट की लैंडिंग कराई जाएगी। मिशन की लागत करीब 20,193 करोड़ रुपए है। गगनयान मिशन के लिए अभी वायुसेना के चार पायलट्स को चुना गया है, जिनमें से एक ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला हैं। शुभांशु इसीलिए एक्सियम मिशन के तहत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन गए थे। गगनयान के जरिए पायलट्स को स्पेस में भेजने से पहले इसरो दो खाली टेस्ट फ्लाइट भेजेगा। तीसरी फ्लाइट में रोबोट को भेजा जाएगा। इसकी सफलता के बाद चौथी फ्लाइट में इंसान स्पेस पर जा सकेंगे। पहली टेस्ट फ्लाइट इस साल के अंत तक भेजी जा सकती है। शुभांशु शुक्ला 18 दिनों तक ISS में रह चुके हैं शुभांशु शुक्ला Axiom‑4 मिशन के तहत 18 दिनों तक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर रहने के बाद 15 जुलाई 2025 को धरती पर सुरक्षित लौटे थे। इसके बाद, 17 अगस्त को भारत पहुंचे थे। 18 अगस्त को PM मोदी ने उनसे मुलाकात की थी। यह मुलाकात करीब 20 मिनट चली थी। शुभांशु ने PM मोदी को Axiom-4 मिशन का मिशन पैच और तिरंगा भेंट किया, जिसे वे अपने साथ अंतरिक्ष स्टेशन ले गए थे। ISRO ने ‘गगनयान मिशन’ की क्या-क्या तैयारी कर ली है और क्या बाकी है गगनयान मिशन का रॉकेट तैयार है और एस्ट्रोनॉट्स की ट्रेनिंग जारी है… 1. लॉन्च व्हीकल तैयार: इंसान को अंतरिक्ष में ले जाने लायक लॉन्च व्हीकल HLVM3 रॉकेट तैयार कर लिया गया है। इसकी सिक्योरिटी टेस्टिंग पूरी हो चुकी है। इस रॉकेट को पहले GSLV Mk III के नाम से जाना जाता था, जिसे अपग्रेड किया गया है। 2. एस्ट्रोनॉट्स सिलेक्शन और ट्रेनिंग: गगनयान मिशन के तहत 3 एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस में ले जाया जाएगा। इसके लिए एयरफोर्स के 4 पायलटों को चुना गया। भारत और रूस में इनकी ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। इन्हें सिम्युलेटर के जरिए ट्रेनिंग दी गई है। स्पेस और मेडिकल से जुड़ी अन्य ट्रेनिंग दी जा रही हैं। 3. क्रू मॉड्यूल और सर्विस मॉड्यूल: एस्ट्रोनॉट्स के बैठने वाली जगह क्रू मॉड्यूल और पावर, प्रप्लशन, लाइफ सपोर्ट सिस्टम वाली जगह सर्विस मॉड्यूल अपने फाइनल स्टेज में है। इसकी टेस्टिंग और इंटीग्रेशन बाकी है। 4. क्रू एस्केप सिस्टम (CES): लॉन्चिंग के दौरान किसी अनहोनी की स्थिति में क्रू मॉड्यूल को रॉकेट से तुरंत अलग करने के लिए क्रू एस्केप सिस्टम तैयार किया जा चुका है। पांच तरह के क्रू एस्केप सिस्टम सॉलिड मोटर्स बनाए गए हैं, जिनका सफल परीक्षण भी हो चुका है। 5. रिकवरी टेस्टिंग: ISRO और नेवी ने अरब सागर में स्पलैशडाउन के बाद क्रू मॉड्यूल की सुरक्षित वापसी के लिए टेस्टिंग की है। बैकअप रिकवरी के लिए ऑस्ट्रेलिया के साथ भी समझौता हुआ है। 6. मानव-रहित मिशन के लिए रोबोट: जनवरी 2020 में ISRO ने बताया कि गगनयान के मानव रहित मिशन के लिए एक ह्यूमोनोइड बनाया जा चुका है, जिसका नाम व्योममित्र है। व्योममित्र को माइक्रोग्रैविटी में एक्सपेरिमेंट्स करने और मॉड्यूल की टेस्टिंग के लिए तैयार किया गया है। 41 साल बाद कोई भारतीय अंतरिक्ष में गया अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा और भारतीय एजेंसी इसरो के बीच हुए एग्रीमेंट के तहत भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को एक्सियम मिशन-4 के लिए चुना गया था। शुभांशु इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर जाने वाले पहले और स्पेस में जाने वाले दूसरे भारतीय हैं। इससे 41 साल पहले राकेश शर्मा ने 1984 में सोवियत यूनियन के स्पेसक्राफ्ट से अंतरिक्ष यात्रा की थी। ——————- ये खबर भी पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Supreme Court Denies Divorce to Husband Separated 16 Years

Supreme Court Denies Divorce to Husband Separated 16 Years

Hindi News National Supreme Court Denies Divorce To Husband Separated 16 Years | Maintenance नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने 16 साल से पत्नी से अलग रह रहे 54 साल के एक व्यक्ति को तलाक देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि वह अपनी पत्नी को ₹15,000 मासिक गुजारा भत्ता देता रहे और अगर तलाक चाहिए तो स्थायी गुजारा भत्ते का ठोस प्रस्ताव दे। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि ₹15,000 आज के समय में बहुत कम राशि है। कोर्ट ने साफ कहा, “शांति से ₹15,000 देते रहो, खुश रहो।” इससे पहले हाईकोर्ट ने भी इस व्यक्ति की तलाक याचिका खारिज कर दी थी। पति-पत्नी के बारे में ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है। सुप्रीम कोर्ट बोला- पत्नी को साथ रखो, कोर्ट रूम LIVE पति के वकील: ‘मैं पिछले 16 साल से पत्नी से अलग रह रहा हूं। हर महीने ₹15,000 दे रहा हूं। मेरी सैलरी ₹65,000 है, इससे ज्यादा देने की स्थिति में नहीं हूं।’ सुप्रीम कोर्ट: ‘अगर आप स्थायी गुजारा भत्ते के लिए कोई उचित रकम प्रस्तावित करते हैं, तो तलाक पर विचार किया जा सकता था।’ सुप्रीम कोर्ट: ‘आप अपनी पत्नी को साथ क्यों नहीं रख सकते। अपनी पत्नी को साथ रखो, इसमें दिक्कत क्या है। पति के वकील: ‘दोनों के बीच स्वभाव में मतभेद हैं और वे करीब 16 साल से अलग रह रहे हैं। कई बार मध्यस्थता की कोशिश भी हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।’ कोर्ट ने गुजारा भत्ता तय करने के लिए समय दिया कोर्ट ने यह भी कहा कि पति ने क्रूरता का जो आधार बताया है, वह सिर्फ इतना है कि पत्नी चाहती थी कि वह जहां भी पोस्टेड हो, उसके साथ रहे। इस पर कोर्ट ने सवाल किया, इसमें दिक्कत क्या है। वहीं, पत्नी के वकील ने कोर्ट को बताया कि वह स्थायी गुजारा भत्ता नहीं चाहती और अपने पति के साथ रहना चाहती है। उन्होंने कहा कि दोनों की कोई संतान नहीं है और फिलहाल पत्नी अपनी मां के साथ रह रही है। अंत में कोर्ट ने मामले को खारिज नहीं किया, बल्कि दोनों पक्षों को समय दिया कि वे स्थायी गुजारा भत्ते की राशि पर निर्देश लेकर आएं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी। कोर्ट इन आधारों पर तय करता है गुजारा भत्ता पति की आय: यहां पति की सैलरी ₹65,000 है, इसलिए ₹15,000 (करीब 23%) कम माना गया। पत्नी की जरूरतें: रहने, खाने, इलाज, रोजमर्रा खर्च-सब शामिल होते हैं। लाइफस्टाइल: शादी के दौरान जैसा जीवनस्तर था, उसे ध्यान में रखा जाता है। निर्भरता: पत्नी कमाती है या नहीं, यह भी अहम फैक्टर है। अन्य जिम्मेदारियां: बच्चों, माता-पिता की जिम्मेदारी भी देखी जाती है। कानून क्या कहता है CrPC की धारा 125: पत्नी खुद का खर्च नहीं उठा सकती तो पति से भत्ता दिलाया जा सकता है। हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 24/25: केस के दौरान और बाद में स्थायी गुजारा भत्ता तय होता है। ————————— ये खबर भी पढ़ें: केवल हिंदू-बौद्ध-सिख ही अनुसूचित जाति का दावा कर सकते हैं:सुप्रीम कोर्ट का फैसला- धर्म बदला तो अनुसूचित जाति का दर्जा भी खत्म हो जाता है सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि केवल हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म से जुड़े लोग ही अनुसूचित जाति का दर्जा प्राप्त कर सकते हैं। अगर कोई ईसाई या किसी और धर्म में धर्मांतरण करता है तो वह अनुसूचित जाति का दर्जा खो देगा। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

114 नए राफेल स्वदेशी मिसाइलों से लैस होंगे:18 जेट फ्रांस में, 96 भारत में बनेंगे; कंपनी ने सोर्स कोड देने से इनकार किया

114 नए राफेल स्वदेशी मिसाइलों से लैस होंगे:18 जेट फ्रांस में, 96 भारत में बनेंगे; कंपनी ने सोर्स कोड देने से इनकार किया

भारत फ्रांस से 114 नए राफेल फाइटर जेट खरीद रहा है। 18 जेट फ्रांस में, 96 भारत में बनेंगे। इन जेट्स को स्वदेशी मिसाइलों और हथियार सिस्टम से लैस किया जाएगा। एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरफेस कंट्रोल डॉक्यूमेंट (ICD) के जरिए राफेल जेट और स्वदेशी हथियार आपस में कैसे जुड़ेंगे यह तय किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय अगले महीने राफेल फाइटर जेट बनाने वाली फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट एविएशन को रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी करेगा। इसके बाद कॉन्ट्रैक्ट पर बातचीत शुरू होगी। इस सौदे को फेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने 12 फरवरी को मंजूरी दी थी। 114 में से 18 राफेल जेट्स फ्रांस से फ्लाई-अवे कंडीशन में मिलेंगे। बाकी 96 जेट्स भारत में बनाए जाएंगे, जिसमें 25% कलपुर्जे स्वदेशी होंगे। फ्रांस सोर्स कोड शेयर नहीं करेगा रिपोर्ट्स में कहा गया कि फ्रांस सोर्स कोड देने को तैयार नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, कोई भी देश अपने फाइटर जेट का सोर्स कोड साझा नहीं करता। यही कोड रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, टारगेट ट्रैकिंग और हथियार सिस्टम को कंट्रोल करता है, इसलिए इसे साझा नहीं किया जाता। हालांकि, डील पर इसका असर नहीं है। दावा- रूस और अमेरिका भी नहीं देते सोर्स कोड एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को रूस ने 5th जनरेशन Su-57 फाइटर जेट के दो स्क्वाड्रन देने की पेशकश की है। वह हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के साथ मिलकर Su-30 MKI जेट्स को अपग्रेड भी कर रहा है। हालांकि रूस ने इन दोनों फाइटर जेट्स के सोर्स कोड कभी शेयर नहीं किए। अमेरिका का भी यही रुख है। भारत के पास मौजूद अमेरिकी ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और अटैक हेलिकॉप्टर से जुड़े सॉफ्टवेयर कोड भी शेयर नहीं किए जाते। एयरफोर्स ने सितंबर 2025 में मांग की थी एयरफोर्स ने सितंबर 2025 में 114 अतिरिक्त राफेल जेट की मांग रक्षा मंत्रालय को भेजी थी। एयरफोर्स के पास पहले से 36 राफेल विमान है, जबकि नौसेना ने 26 मरीन वेरिएंट राफेल का ऑर्डर दिया है। अधिक संख्या में एक ही प्लेटफॉर्म होने से रखरखाव लागत कम होगी। अंबाला एयरबेस पर राफेल का ट्रेनिंग और MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) सेंटर पहले से चालू है। एयरफोर्स के पास तुरंत दो स्क्वाड्रन (36–38 विमान) शामिल करने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, स्पेयर पार्ट्स और प्रशिक्षित स्टाफ मौजूद है। भारत में 176 राफेल विमान हो जाएंगे 114 राफेल की डील पूरी होने के बाद भारत के बेड़े में राफेल विमानों की संख्या 176 हो जाएगी। हालांकि अभी इसमें थोड़ा वक्त लग सकता है। एयरफोर्स पहले ही 36 राफेल विमानों को शामिल कर चुकी है। भारतीय नौसेना ने 26 राफेल मरीन का ऑर्डर दिया है। राफेल मरीन से पहले भारत फ्रांस से एयरफोर्स के लिए 36 राफेल जेट भी खरीद चुका है। 2016 में हुई इस डील के सभी विमान 2022 में भारत पहुंचे थे। इन्हें एयरफोर्स के अंबाला और हाशिनारा एयरबेस से संचालित किया जाता है। ये डील 58,000 करोड़ रुपए में हुई थी। राफेल मरीन विमान के फीचर्स एयरफोर्स के राफेल विमान से एडवांस हैं। ————– ये कबर भी पढ़ें… 114 नए राफेल खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी:फ्रेंच प्रेसिडेंट मैक्रों के भारत आने पर हो सकता है सौदा भारत की रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस डील की कीमत करीब 3.25 लाख करोड़ रुपए बताई जा रही है। दसॉ एविएशन से 18 विमान उड़ने के लिए तैयार स्थिति में मिलेंगे। बाकी 96 भारत में बनेंगे। इनके 60% कलपुर्जे स्वदेशी होंगे। भारत का यह सबसे बड़ा रक्षा सौदा है। पूरी खबर पढ़ें…

गुना में 90 वर्षीय पुजारी से मारपीट:पुजारी बोले – मंदिर की जमीन हड़पना चाहता है आरोपी; लाठी डंडों से की मारपीट

गुना में 90 वर्षीय पुजारी से मारपीट:पुजारी बोले - मंदिर की जमीन हड़पना चाहता है आरोपी; लाठी डंडों से की मारपीट

जिले के रूठियाई इलाके में एक 90 वर्षीय पुजारी से मारपीट का मामला सामने आया है। मंदिर की जमीन हड़पने के उद्देश्य से पुजारी से विवाद किया गया और उनसे मारपीट की गई। मारपीट में पुजारी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुजारी कमल दास महाराज (90) ने बताया कि वे वर्षों से देहरी पांजा स्थित मंदिर की सेवा कर रहे हैं। मंदिर की करीब 4-5 बीघा जमीन है, जिससे होने वाली आय से मंदिर का संचालन और उनका जीवन निर्वाह होता है। लेकिन पास में रहने वाले भैयालाल गुर्जर की नीयत इस बेशकीमती जमीन पर खराब थी। गुरुवार दोपहर करीब 4 बजे जब महाराज जी मंदिर परिसर में थे, तभी आरोपी भैयालाल वहां पहुंचा और गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोपी ने बहाना बनाया कि मंदिर का जाली वाला गेट खुला रहता है, लेकिन असल मकसद विवाद खड़ा करना था। देखते ही देखते आरोपी ने डंडे से महाराज पर हमला कर दिया। उनके बाएं कंधे और पीठ पर डंडे के प्रहार किए गए। इतना ही नहीं, आरोपी ने 90 साल के बुजुर्ग पुजारी को जमीन पर पटककर थप्पड़ों से जमकर पिटाई की, जिससे उनकी दाहिनी आंख के ऊपर गहरा घाव हो गया और खून बहने लगा। गनीमत रही कि उसी समय एक दर्शनार्थी मंदिर पहुंच गया, जिसे देखकर आरोपी वहां से भाग निकला। जाते-जाते उसने पुजारी को चेतावनी दी कि अगर दोबारा इस मंदिर पर दिखे, तो जान से खत्म कर देंगे। पुजारी को घायल अवस्था में इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वृद्ध पुजारी के साथ हुई इस बर्बरता की सूचना मिलते ही भुजरिया तालाब मंदिर के महंत राघवेंद्र दास महाराज ने अस्पताल पहुंचकर उनका हाल जाना और इस कृत्य की घोर निंदा की। घटना के बाद घायल पुजारी ने डायल 112 की मदद से पुलिस को बुलाया। रुठियाई चौकी पुलिस ने आरोपी भैयालाल गुर्जर के खिलाफ अपराध क्रमांक 023/26 धारा 115(2), धारा 296(बी), धारा 351(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है। जिले के साधु-संतों ने चेतावनी दी है कि यदि मंदिर की जमीन को सुरक्षित नहीं किया गया और आरोपी पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल, पुलिस मामले की विवेचना कर रही है।

थारू कैंप के पास ग्लेशियर टूटा, केदारनाथ पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त:यात्रा से पहले बारिश-बर्फबारी बनी सबसे बड़ी चुनौती, धाम में 3 फीट तक बर्फ

थारू कैंप के पास ग्लेशियर टूटा, केदारनाथ पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त:यात्रा से पहले बारिश-बर्फबारी बनी सबसे बड़ी चुनौती, धाम में 3 फीट तक बर्फ

केदारनाथ धाम के कपाट खुलने में अब 11 दिन ही शेष रह गए हैं। 22 अप्रैल को धाम के द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे, ऐसे में प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए हर स्तर पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है, ताकि इस बार आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके। धाम तक पहुंचने वाले पैदल मार्ग से लेकर बेस कैंप तक सफाई, मरम्मत और सुविधाओं को विकसित करने का काम तेजी से चल रहा है। प्रशासन, पुलिस और अन्य संबंधित विभाग लगातार समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। जिससे यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था की स्थिति न बने। बर्फ हटाने से लेकर रास्तों को सुरक्षित बनाने तक हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि इन तैयारियों के बीच मौसम बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रहा है। लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी के कारण काम प्रभावित हो रहा है। वहीं ग्लेशियर खिसकने से पैदल मार्ग को नुकसान भी पहुंचा है। इसके बावजूद टीमें लगातार जुटी हुई हैं और मुश्किल परिस्थितियों के बीच भी तैयारियों को समय पर पूरा करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। धाम में युद्धस्तर पर काम जारी केदारनाथ धाम में बर्फबारी के बाद अब मौसम खुल गया है और तेज धूप निकलने से हालात तेजी से सामान्य किए जा रहे हैं। रास्तों के किनारे जमी मोटी बर्फ को हटाया जा चुका है और पैदल मार्ग को साफ करने का काम जारी है। कर्मचारी और मजदूर मिलकर रास्ते की मरम्मत और सफाई में जुटे हुए हैं, जिससे यात्रा मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके। धूप खिलने के बाद तैयारियां तेज पिछले दिनों हुई बारिश और बर्फबारी के बाद धूप खिलने से प्रशासन और संबंधित टीमें तैयारियों को और तेज कर चुकी हैं। धाम में बैरिकेडिंग, सफाई व्यवस्था और मार्ग सुधार के काम किए जा रहे हैं। जल्द ही यात्रा सुचारू रूप से शुरू करने के लिए सभी जरूरी इंतजाम तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। ग्लेशियर टूटने से मची अफरा-तफरी यात्रा की तैयारियों के बीच गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर थारू कैंप के पास दोपहर करीब साढ़े 12 बजे एक ग्लेशियर टूट गया। जिससे यात्रा मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया। यह घटना बड़ी लिनचौली से ऊपर हुई, जहां इन दिनों यात्रा को सुचारू बनाने के लिए तेजी से काम चल रहा है। घटना के समय मौके पर मजदूर और कर्मचारी मौजूद थे। जो यात्रा तैयारियों में जुटे हुए थे। अचानक ग्लेशियर टूटने से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सुरक्षा के लिहाज से मार्ग पर आवाजाही को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी बड़े नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है। पुलिस प्रशासन अलर्ट इस घटना के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है और क्षतिग्रस्त मार्ग को जल्द से जल्द दुरुस्त करने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। लगातार बदलते मौसम और बर्फबारी के चलते इस तरह की घटनाएं चुनौती बन रही हैं, लेकिन टीमें मौके पर डटी हुई हैं और यात्रा को निर्धारित समय पर शुरू कराने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। सभी लोग सुरक्षित जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि ग्लेशियर टूटने से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है और सभी लोग सुरक्षित हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में स्थिति सामान्य है और मार्ग को फिर से खोलने के लिए श्रमिकों को तैनात कर दिया गया है। तीन साल में 53.81 लाख श्रद्धालु पहुंचे पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो श्रद्धालुओं की संख्या में उतार-चढ़ाव के बावजूद कुल मिलाकर भारी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचे हैं। वर्ष 2023 में 19,61,025 श्रद्धालु केदारनाथ पहुंचे, जबकि 2024 में यह संख्या घटकर 16,52,070 रह गई। वहीं 2025 में फिर से बढ़त देखने को मिली और 17,68,795 श्रद्धालुओं ने धाम के दर्शन किए। तीनों वर्षों को मिलाकर कुल 53,81,890 श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंचे हैं, जो इस बात का संकेत है कि मौसम और चुनौतियों के बावजूद आस्था में कोई कमी नहीं आई है और हर साल बड़ी संख्या में भक्त बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

Mathura Steamer Accident: 9 Dead

Mathura Steamer Accident: 9 Dead

यमुना नदी से निकालकर बाहर रखे श्रद्धालुओं के शव। उत्तर प्रदेश में मथुरा के वृंदावन में यमुना में नाव पलटने से 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। इसमें एक ही परिवार के 7 सदस्य शामिल हैं। ये सभी शुक्रवार सुबह ही लुधियाना के जगराओं से वृंदावन पहुंचे थे। . जानकारी के मुताबिक गुरुवार (9 अप्रैल) को जगराओं के श्री बांके बिहारी क्लब की तरफ से 2 बसों में 130 श्रद्धालुओं को ले जाया गया था। जिसमें से 90 जगराओं से और बाकी अन्य शहरों से थे। वृंदावन की 4 दिन की यात्रा थी। शुक्रवार को श्री बांके बिहारी के दर्शन के बाद श्रद्धालु यमुना पार कर मंदिरों के दर्शन के लिए जा रहे थे। जो नाव पलटी, उसमें जगराओं के रहने वाले 30 श्रद्धालु सवार थे। जगराओं में श्रद्धालुओं के परिचितों के मुताबिक यमुना में पीपों का पुल बनाया गया था। जलस्तर बढ़ने के बाद इन्हें खोल दिया गया। इसके बाद यह यमुना में बहने लगे। इनसे टकराकर ही नाव पलटी। हादसे से पहले का वीडियो सामने आया है। किसी ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। श्रद्धालु राधे-राधे जप करते हुए यमुना विहार कर रहे थे। हालांकि किसी ने इस वीडियो की औपचारिक पुष्टि नहीं की है। ये हादसे से पहले का फुटेज है। किसी ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। राधे-राधे जप रहे थे। एक ही परिवार के 7 सदस्यों की मौत हादसे में एक ही परिवार के 7 सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में मधुर बहल, उसकी माता कविता बहल, चाचा चरणजीत, चरणजीत की पत्नी पिंकी बहल, मधुर की बुआ आशा रानी, दूसरी बुआ अंजू गुलाटी और फूफा राकेश गुलाटी शामिल हैं। श्रद्धालुओं ने क्या कहा… 120 से ज्यादा लोगों का ग्रुप पंजाब से आया था: एक महिला ने बताया- 120 से ज्यादा लोगों का ग्रुप पंजाब से आया था। नाव पलट गई। कई लोग डूब गए हैं। कुछ लोगों को निकाला गया है। नाविक को नाव रोकने के लिए कहा था: जिस नाव के साथ हादसा हुआ, उसमें लुधियाना जिले के जगराओं के तनिष जैन भी सवार थे। उन्होंने बताया दो बसों से करीब 130 लोग वृंदावन घूमने आए थे। सभी वृंदावन में फोगला आश्रम के पास रुके हैं। तीसरी बार में टक्कर, गोताखोर ने बचाया: उन्होंने कहा कि हमारी नाव जब पीपा पुल के पास पहुंची तो हम लोगों ने नाविक से कहा कि पुल आने वाला है, रोक लीजिए। लेकिन उसने नहीं रोका। 2 बार नाव टकराने से बची। तीसरी बार में टक्कर हो गई। पास में कुछ गोताखोर थे, जिन्होंने हमें बचाया है। मीनू बंसल, जिसकी वृंदावन में यमुना नदी में नाव पलटने से मौत हो गई। यमुना किनारे लोगों की भीड़ जुट गई। लापता लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। घटना के बाद मौके पर जुटी लोगों की भीड़। यमुना में डूबते श्रद्धालुओं का वीडियो सामने आया, लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी वृंदावन नाव हादसे में भिवानी की महिला की भी मौत: मायके वालों संग प्लान बनाया हादसे के पल-पल अपडेट के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…