4 मिनट की सांस फूलने वाली मेहनत बड़े काम की:ब्रिटेन में 96 हजार लोगों पर स्टडी में खुलासा, बस के लिए दौड़ना भी कारगर

क्या आप रोजाना 5 मिनट भी कड़ी मेहनत करने का समय नहीं निकाल पाते हैं? अगर ऐसा है, तो ये आदत बदलें, क्योंकि रोजाना सिर्फ 4 मिनट की सांस फूलने वाली कठोर मेहनत आपको 8 बड़ी बीमारियों से बचा सकती है। सांस फूल जाने वाली मेहनत में जिम जाना जरूरी नहीं है। इसमें बस पकड़ने के लिए दौड़ना, तेज सीढ़ियां चढ़ना या बच्चों के साथ पूरे जोश के साथ खेलना भी आपके लिए उतना ही कारगर है। चीन की सेंट्रल साउथ यूनिवर्सिटी की ताजा स्टडी में खुलासा हुआ है कि ऐसे छोटे लेकिन तेज व्यायाम से डिमेंशिया का खतरा 63%, टाइप-2 डायबिटीज 60% और समय से पहले मौत का जोखिम 46% तक कम हो जाता है। यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित शोध में 96,400 ब्रिटिश वयस्कों के डेटा का विश्लेषण किया गया। प्रतिभागियों ने एक सप्ताह तक कलाई पर एक्सेलेरोमीटर (गति मापने वाला डिवाइस) पहना, जिससे उनके हर छोटे-बड़े हिलने-डुलने का रिकॉर्ड रखा गया। सात साल तक की फॉलो-अप में पाया गया कि जिन लोगों ने कुल शारीरिक गतिविधि का 4% भी तेज व्यायाम में लगाया, उनमें दिल के दौरे, स्ट्रोक, गठिया, लिवर-किडनी रोग और डिमेंशिया का खतरा 29-61% कम था। असरदार है ‘सांस फूलने’ वाली एक्टिविटी स्टडी के मुख्य लेखक डॉ. मिंक्सुए शेन कहते हैं, ‘तेज व्यायाम शरीर में ऐसे खास बदलाव लाता है, जो धीमी एक्टिविटी से नहीं होते। इससे दिल ज्यादा कुशलता से पंप करता है, ब्लड वेसल्स लचीले बनते हैं और शरीर ऑक्सीजन का बेहतर इस्तेमाल सीखता है।’ उनका कहना है कि तेज एक्टिविटी दिमाग में ऐसे केमिकल्स भी छोड़ती है, जो ब्रेन सेल्स को स्वस्थ रखते हैं। इसी से डिमेंशिया का खतरा घटता है। विशेषकर सूजन वाली बीमारियों (इंफ्लेमेटरी डिजीज) जैसे गठिया, सोरायसिस और हृदय रोगों पर इसका असर सबसे ज्यादा देखा गया। जो लोग पहले से व्यायाम नहीं करते, उन्हें ज्यादा फायदा अध्ययन में डायबिटीज और लिवर रोगों में दोनों- समय और तीव्रता, महत्वपूर्ण पाए गए। यह भी पाया गया कि जो लोग पहले से कोई व्यायाम नहीं करते, उन्हें सबसे ज्यादा फायदा हुआ। यानी शुरुआत करने के लिए कभी देर नहीं होती। नई दिल्ली के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अशोक सेठ कहते हैं, ‘भारत में 30% वयस्क शारीरिक रूप से निष्क्रिय हैं। यह स्टडी साबित करती है कि लंबी वर्कआउट का इंतजार किए बिना रोजमर्रा की छोटी-छोटी तेज एक्टिविटी से भी बड़ा स्वास्थ्य लाभ मिल सकता है।’ डॉक्टरों की सलाह है कि ऑफिस में लिफ्ट की जगह सीढ़ियां तेजी से चढ़ें। बस स्टॉप तक तेज चलें या शाम को 5 मिनट तेज दौड़ें। ये काफी है।’ डॉ. शेन कहते हैं, हफ्ते में सिर्फ 15-20 मिनट की ऐसी एक्टिविटी (रोज 2-3 मिनट) भी मायने रखती है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने चुनाव पूर्व प्रचार के लिए चेन्नई मेट्रो की सवारी की | वीडियो | चेन्नई-समाचार समाचार

आखरी अपडेट:10 अप्रैल, 2026, 15:35 IST सीएम स्टालिन की आश्चर्यजनक चेन्नई मेट्रो यात्रा एक अभियान आउटरीच में बदल गई, क्योंकि उन्होंने यात्रियों के साथ बातचीत की और 23 अप्रैल के विधानसभा चुनावों से पहले समर्थन मांगा। शहरी विकास के लिए अपने व्यापक दृष्टिकोण को दोहराते हुए, सीएम स्टालिन ने उम्मीद जताई कि चेन्नई को बदलने का सपना साकार होगा। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शुक्रवार को चेन्नई मेट्रो में यात्रा करके एक अप्रत्याशित सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज की, जिससे एक सामान्य यात्रा को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले एक अभियान आउटरीच में बदल दिया गया। चेन्नई सेंट्रल से डीएमएस तक: गतिमान एक अभियान एक रिपोर्ट के मुताबिक द टाइम्स ऑफ़ इण्डियासीएम स्टालिन चेन्नई सेंट्रल में मेट्रो में चढ़े और डीएमएस स्टेशन तक गए, यात्रा को जनता से सीधे जुड़ने के अवसर के रूप में इस्तेमाल किया। यात्रा के दौरान, डीएमके नेता ने साथी यात्रियों के साथ बातचीत की, दैनिक यात्रियों के साथ बातचीत की और उनके समर्थन की अपील की, जिससे यात्रा को प्रभावी ढंग से जमीनी स्तर के अभियान प्रयास में बदल दिया गया। ☀️ DMK: चेन्नई के विकास की प्रेरक शक्ति மெட்ரோ இரயில் திட்டம் உருவாகப் பாடுபட்ட ऋण समाधान के लिए आवेदन ठीक है… मेरे पति के बारे में, मुझे बताओ நாட்டிற்குச் சென்று JICA-வின் நிதியுதவியைப் मेरे दोस्त, मेरे दोस्त… pic.twitter.com/0IZWI2ndPL – एमकेस्टालिन – தமிழ்நாட்டை தலைகுனிய விடமாட்டேன் (@mkstalin) 10 अप्रैल 2026 यह कदम पारंपरिक अभियान शैलियों से हटकर सामने आया, जिससे उन्हें अधिक अनौपचारिक और सुलभ सेटिंग में मतदाताओं तक पहुंचने की अनुमति मिली। ‘लोगों के स्नेह से भरी यात्रा’ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मेट्रो की सवारी के दृश्य साझा करते हुए स्टालिन ने अनुभव को गहरा सार्थक बताया और इसे ‘लोगों के स्नेह से भरी यात्रा’ बताया। उन्होंने उपमुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान चेन्नई मेट्रो परियोजना के विकास में अपनी पिछली भूमिका पर भी विचार किया। स्टालिन ने जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जेआईसीए) से वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए जापान की यात्रा को याद किया, जिसने परियोजना को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। मेट्रो विस्तार और विज़न पर प्रकाश डालना सीएम स्टालिन ने बताया कि मेट्रो का पहला चरण, विमको नगर से हवाई अड्डे और चेन्नई सेंट्रल से सेंट थॉमस माउंट जैसे प्रमुख मार्गों को जोड़ने से पहले ही लाखों यात्रियों की यात्रा को सुविधाजनक बना चुका है। उन्होंने आगे कहा कि दूसरे चरण का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा, एक बार पूरा होने के बाद, चेन्नई को सबसे व्यापक मेट्रो कनेक्टिविटी वाले भारतीय शहरों में शुमार होने की उम्मीद है। शहरी विकास के लिए अपने व्यापक दृष्टिकोण को दोहराते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि चेन्नई को बदलने का सपना साकार होगा। यात्रा के दौरान प्रत्यक्ष मतदाता सहभागिता एक अलग पोस्ट में, सीएम स्टालिन ने सवारी के दौरान सुबह के यात्रियों के साथ बातचीत करने और डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन के लिए उनका समर्थन मांगने का उल्लेख किया। चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ ही सीएम स्टालिन ने जमीनी स्तर पर अपनी पहुंच तेज कर दी है। सप्ताह की शुरुआत में, उन्होंने सिरकाज़ी में सुबह की सैर की, जहाँ उन्होंने स्थानीय निवासियों के साथ बातचीत की, पड़ोस की एक दुकान पर चाय के लिए रुके और वोटों की अपील की। वहीं, उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन चेन्नई के ट्रिप्लिकेन निर्वाचन क्षेत्र में सक्रिय रूप से प्रचार कर रहे हैं, जिससे जमीन पर पार्टी की उपस्थिति और मजबूत हो रही है। आगे प्रमुख चुनावी लड़ाई तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल को एक ही चरण में होने वाले हैं और वोटों की गिनती 4 मई को होगी। प्राथमिक मुकाबला द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन और अन्नाद्रमुक और भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गुट के बीच होने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, अभिनेता से नेता बने विजय की राजनीतिक प्रविष्टि ने एक नई गतिशीलता पेश की है, संभावित रूप से चुनावी परिदृश्य को नया आकार दिया है और प्रतियोगिता में एक तीसरा कोण जोड़ा है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : चेन्नई (मद्रास), भारत, भारत पहले प्रकाशित: 10 अप्रैल, 2026, 15:35 IST अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)एमके स्टालिन चेन्नई मेट्रो अभियान(टी)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव(टी)डीएमके चुनाव अभियान(टी)चेन्नई मेट्रो की सवारी(टी)एमके स्टालिन सार्वजनिक आउटरीच(टी)शहरी विकास विजन चेन्नई(टी)जेआईसीए चेन्नई मेट्रो फंडिंग(टी)उदयनिधि स्टालिन अभियान
Weight loss drugs bring good fortunes to tailors

न्यूयॉर्क14 मिनट पहले कॉपी लिंक किल बे कहते हैं कि मैं युवाओं को इस काम की सलाह देता हूं क्योंकि इसे “एआई’ भी नहीं छीन सकता है। मैनहट्टन की छोटी सी दुकान 85 कस्टम टेलर में सिलाई मशीन पर झुके हुए किल बे एक ड्रेस की तुरपाई कर रहे हैं। तभी एक ग्राहक उनके पास आता है। उसके हाथ में एक विंटेज टॉमी हिलफिगर जैकेट है, जिसे वह फिट करवाना चाहता है। उसने पुराने कपड़ों की दुकान से महज 20 डॉलर (1850 रुपए) में यह ड्रेस खरीदी है। लेकिन इसे सही आकार देने के लिए किल बे को 280 डॉलर (करीब 25,928 रुपए) देने को तैयार है। किल बे कहते हैं कि कुछ साल पहले कीमत का यह अंतर अजीब लगता, लेकिन आज यही मांग उनकी दुकान की मशीन के पहिए घुमा रही है। 63 वर्षीय किल बे ने 17 साल की उम्र में अपने मूल देश दक्षिण कोरिया में टेलरिंग की ट्रेनिंग शुरू की थी। आज वह अमेरिका में उस घटती हुई पीढ़ी का हिस्सा हैं, जो हाथ के हुनर में माहिर है। जैसे-जैसे पुराने दर्जी रिटायर हो रहे हैं, उनके काम की मांग उतनी ही बढ़ती जा रही है। कम वेतन और कठिन काम के कारण नई पीढ़ी इस काम को अपनाने से बच रही है। अमेरिकी श्रम सांख्यिकी ब्यूरो के मुताबिक, पिछले 10 सालों में पेशेवर दर्जियों की संख्या में 30% की गिरावट दर्ज हुई है। फिलहाल पूरे देश में सिर्फ 17,000 से भी कम कुशल दर्जी बचे हैं। इस व्यवसाय से जुड़े लोगों की औसत उम्र 54 साल है। जो दूसरी नौकरियों के मुकाबले करीब 12 साल ज्यादा है। यहां करीब 40 प्रतिशत दर्जी, ड्रेसमेकर विदेशी मूल के हैं। इनमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी मेक्सिको, दक्षिण कोरिया, वियतनाम और चीन से आए लोगों की है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि युवाओं को इस पेशे की ओर आकर्षित नहीं किया गया, तो आने वाले समय में ‘कस्टम फिटिंग’ इतना लंग्जरी हो गाएगा, जिसे केवल अमीर लोग ही वहन कर पाएंगे। फास्ट फैशन के दौर में पली-बढ़ी पीढ़ी अब टेलर्स के पास जा रही है। कोई रेडीमेड कपड़ों को कस्टम फिट देना चाहता है, तो कोई पुराने कपड़ों को नया जीवन। दिलचस्प है कि वजन घटाने वाली दवाओं के कारण भी दर्जियों का काम बढ़ गया है। लोग वजन कम होने के बाद अपनी ढीली पैंटों की कमर कम कराने और आस्तीनें फिट कराने पहुंच रहे हैं। यही वजह है कि कुशल हाथों की कमी के बावजूद, यह बाजार सालाना 5% की रफ्तार से बढ़ रहा है। यह काम एआई भी नहीं छीन सकता, क्योंकि हर शख्स की नाप अलग: किल बे किल बे मुस्कुराते हुए कहते हैं कि मैं युवाओं को इस काम की सलाह देता हूं क्योंकि इसे “एआई’ भी नहीं छीन सकता है। एआई पैटर्न तो बना सकता है, लेकिन वह एक दर्जी के हाथ की कारीगरी की नकल नहीं कर सकता। हर शरीर अलग है, हर आकार अलग है। अगर मैं आज यह दुकान बंद कर दूं, तो मैं कहीं भी जाकर तुरंत काम ढूंढ सकता हूं। हालांकि अमेरिका में दर्जी की कमी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के अमेरिका को मैन्युफैक्चरिंग बनाने के मिशन के लिए बड़ा झटका है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
मैहर में गैस सिलेंडर के लिए चक्काजाम:एजेंसी देर से खुलने पर उपभोक्ता भड़के; एसडीएम ने संचालक को फटकार लगाई

मैहर जिले के अमरपाटन में शुक्रवार को मानसी गैस एजेंसी के सामने उपभोक्ताओं ने गैस सिलेंडर न मिलने पर चक्काजाम कर दिया। नाराज लोगों ने सतना रोड पर मुख्य मार्ग को अवरुद्ध कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही एसडीएम डॉ. आरती सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और स्थिति को संभाला। सुबह 11 बजे तक एजेंसी न खुलने पर भड़का आक्रोश मानसी गैस एजेंसी पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की भीड़ जमा थी, लेकिन सुबह 11 बजे तक काउंटर नहीं खुले। भीषण गर्मी और कड़ी धूप में घंटों इंतजार करने के बाद उपभोक्ताओं का धैर्य टूट गया और उन्होंने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों ने एजेंसी संचालक पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। दूसरों के कार्ड पर गैस वितरण पर लगी रोक एसडीएम ने मौके पर कतार में लगे लोगों की रैंडम जांच की, जिसमें पाया गया कि कई लोग पड़ोसियों या अन्य व्यक्तियों के गैस कार्ड की फोटोकॉपी लेकर आए थे। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि सिलेंडर केवल कार्डधारक के परिवार के सदस्य को ही दिया जाएगा। अब से वितरण के लिए पहचान पत्र और मूल गैस कार्ड लाना अनिवार्य होगा। शनिवार से शुरू होगी होम डिलीवरी एसडीएम डॉ. आरती सिंह ने एजेंसी संचालक को फटकार लगाते हुए तत्काल वितरण शुरू करवाया। उन्होंने निर्देश दिए कि एजेंसी पर भीड़ कम करने के लिए शनिवार से अनिवार्य रूप से होम डिलीवरी शुरू की जाए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में गैस की किल्लत नहीं है और जाम हटने के बाद यातायात सामान्य हो गया है।
अक्षय कुमार से मिलने नंगे पैर पैदल निकला फैन:राजकोट से 700 किमी चलकर मुंबई पहुंचा, एक महीने इंतजार के बाद मुलाकात हुई

मुंबई में बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार से मिलने के लिए गुजरात के राजकोट निवासी अशोक कंजारिया ने 700 किलोमीटर पैदल यात्रा की। वह 17 फरवरी 2026 को तिरंगा लेकर बिना जूते पहने राजकोट से निकले और 18 दिन में मुंबई पहुंचे। हालांकि, मुंबई पहुंचने के बाद कई दिनों तक अक्षय से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने शहर में ही रुककर कोशिश जारी रखी। वह कई बार अक्षय कुमार के घर के बाहर पहुंचे, लेकिन उनसे मिलने में सफलता नहीं मिली। ‘देश गुजरात’ की रिपोर्ट के अनुसार, अशोक कंजारिया ने हार नहीं मानी और करीब एक महीने तक मुंबई में इंतजार किया। इस दौरान वह फुटपाथ और रेलवे स्टेशन पर रहे। इस दौरान उनके लगभग 14 हजार रुपये खर्च हुए। उनके परिवार में पत्नी और दो बेटे राजकोट में उनका इंतजार कर रहे थे। 6 मार्च को मुंबई पहुंचने के बाद उन्हें पूरे एक महीने तक इंतजार करना पड़ा। आखिर में 8 अप्रैल को उनकी मुलाकात संभव हो सकी। अक्षय कुमार ने अपनी सिक्योरिटी टीम को उन्हें बुलाने के निर्देश दिए थे। अशोक ने मौका न निकल जाए, यह सोचकर सुबह 7 बजे ही जुहू पहुंच गए। फिर सुबह 8:30 बजे उनकी अक्षय कुमार से मुलाकात हुई। इस दौरान एक्टर ने उन्हें आशीर्वाद दिया और साथ में फोटो भी खिंचवाई। मुलाकात के दौरान अक्षय ने अशोक को ‘खुश रह बेटा’ कहकर आशीर्वाद दिया और साथ में फोटो भी खिंचवाई। अशोक ने बाद में बताया कि अक्षय सर ने मुझे कई बार ‘बेटा’ कहकर बुलाया। भगवान ने उनकी इच्छा पूरी कर दी। अशोक का कहना है कि मेरा बड़ा सपना सच हो गया, साथ ही अक्षय ने अशोक को नंगे पैर चलने से मना किया और इसे गलत बताया।
‘बीजेपी कभी भी बाबरी मस्जिद बनाने वाले किसी के साथ गठबंधन नहीं कर सकती’: पश्चिम बंगाल में अमित शाह | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:10 अप्रैल, 2026, 15:09 IST अमित शाह ने कहा कि बीजेपी ‘बाबरी मस्जिद’ बनाने वाले किसी व्यक्ति के साथ सहयोग करने के बजाय विपक्ष में बैठना पसंद करेगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल में. (फाइल फोटो: एक्स/अमित शाह) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने टीएमसी के आरोप के खिलाफ कड़े शब्दों में कहा, “भाजपा पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद का निर्माण करने वाले किसी व्यक्ति के साथ सहयोग करने के बजाय विपक्ष में बैठना पसंद करेगी।” शाह कोलकाता में एक कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के घोषणापत्र का अनावरण करते हुए बोल रहे थे। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के इस आरोप पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कि भाजपा राज्य में ममता बनर्जी सरकार को गिराने के लिए पूर्व तृणमूल कांग्रेस नेता हुमायूं कबीर का समर्थन कर रही है, केंद्रीय मंत्री ने कहा, “ममता जी 2,000 वीडियो बना सकती हैं। हुमायूं कबीर और भाजपा दक्षिणी ध्रुव और उत्तरी ध्रुव की तरह हैं; हम कभी एक नहीं हो सकते।” उन्होंने कहा, “बीजेपी उन लोगों के साथ कभी गठबंधन नहीं करेगी जो बंगाल में बाबरी मस्जिद का निर्माण कर रहे हैं; हम 20 साल तक विपक्ष में बैठना पसंद करेंगे।” क्या है विवाद? हुमायूं कबीर से जुड़ा विवाद टीएमसी नेताओं द्वारा प्रसारित एक कथित वीडियो से उपजा है, जिसमें कथित तौर पर कबीर को एक वित्तीय सौदे पर चर्चा करते और भाजपा के साथ संबंधों का दावा करते हुए दिखाया गया है। वीडियो में, पूर्व टीएमसी नेता कथित तौर पर अल्पसंख्यक मतदान पैटर्न को प्रभावित करने की योजना के बारे में बात कर रहे हैं। कथित तौर पर कबीर का दावा है कि योजना को क्रियान्वित करने के लिए उसे 1,000 करोड़ रुपये के सौदे की अग्रिम राशि के रूप में 200 करोड़ रुपये मिले हैं। हुमायूँ कबीर ने दावों का खंडन करते हुए क्लिप को छेड़छाड़ और राजनीति से प्रेरित बताया। यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में महत्वपूर्ण विधानसभा चुनाव चल रहे हैं, जिसमें तृणमूल और भाजपा के बीच तीखी लड़ाई चल रही है। बाबरी मस्जिद लिंक हुमायूँ कबीर को टीएमसी से हटा दिया गया था, जब उन्होंने पिछले साल बाबरी मस्जिद बनाने की योजना की घोषणा की थी। 6 दिसंबर को, अयोध्या में बाबरी मस्जिद के विध्वंस की सालगिरह पर, कबीर ने मुर्शिदाबाद में प्रतिकृति की नींव रखी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने उन पर “पार्टी को धोखा देने” का आरोप लगाते हुए उन्हें “गद्दार” कहा। पश्चिम बंगाल चुनाव 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए मतदान दो चरणों में क्रमशः 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। जबकि फैसला तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) लगातार कार्यकाल चाहता है, विपक्ष भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कथित भ्रष्टाचार, खराब शासन, हिंसा और विकास एवं परिवर्तन की आवश्यकता जैसे मुद्दों का हवाला देकर राज्य में सत्ता हासिल करने के लिए चुनाव लड़ रही है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 10 अप्रैल, 2026, 15:09 IST समाचार राजनीति ‘बीजेपी कभी भी बाबरी मस्जिद बनाने वाले किसी के साथ गठबंधन नहीं कर सकती’: पश्चिम बंगाल में अमित शाह अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)अमित शाह बाबरी मस्जिद टिप्पणी(टी)अमित शाह पश्चिम बंगाल(टी)बीजेपी टीएमसी टकराव(टी)हुमायूं कबीर विवाद(टी)बाबरी मस्जिद प्रतिकृति(टी)ममता बनर्जी आलोचना(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)बीजेपी विपक्ष रुख
Monalisa POCSO Act on Farman Khan; Director Sanoj Says Truth Won

46 मिनट पहले कॉपी लिंक फिल्म डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने महाकुंभ की वायरल गर्ल ‘मोनालिसा’ की शादी मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) के फैसले पर खुशी जताई है। आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, 11 मार्च 2026 को हुई शादी के दौरान उनकी उम्र सिर्फ 16 साल, 2 महीने और 12 दिन थी। इस रिपोर्ट के बाद मोनालिसा के पति फरमान खान के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आयोग के मोनालिसा को नाबालिग घोषित किए जाने के बाद सनोज ने कहा कि सत्य की जीत हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें और मोनालिसा के परिवार को बदनाम करने के लिए एक बड़ी साजिश रची गई थी। सनोज के मुताबिक, मोनालिसा का ब्रेनवॉश कर उनसे झूठे आरोप लगवाए गए थे, लेकिन अब सच सबके सामने है। 11 मार्च 2026 को मोनालिसा फरमान की शादी हुई थी। बोले- मुझे फंसाने के लिए रची गई साजिश विवाद के दौरान मोनालिसा ने अपने माता-पिता और डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने अपने माता-पिता के चरित्र पर सवाल उठाए थे और सनोज पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। अब सनोज मिश्रा का कहना है कि ये सब फरमान के बहकावे में आकर कहा गया था। सनोज मिश्रा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि विवाद के दौरान उन पर छेड़छाड़ के जो आरोप लगाए गए थे, वे पूरी तरह झूठे थे। सनोज ने कहा, मोनालिसा एक भोली लड़की है, उसे बहला-फुसलाकर मेरे और उसके माता-पिता के खिलाफ किया गया। उसके दिमाग में मेरे खिलाफ जहर भरा गया ताकि मुझे जेल भेजा जा सके। इन विवादों की वजह से मैं इतना टूट गया था कि कई बार मन में सुसाइड करने का ख्याल आया, लेकिन भगवान ने मुझे हिम्मत दी। डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने इस शादी को लव जिहाद बताया था। ‘लव जिहाद’ और संगठनों पर उठाए सवाल सनोज मिश्रा ने इस पूरे मामले को ‘लव जिहाद’ से जोड़ते हुए कुछ संगठनों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आयोग ने भी PFI और CPI-M जैसे संगठनों की इस मामले में भागीदारी पर चिंता जताई है। सनोज का दावा है कि मोनालिसा को बालिग दिखाने के लिए फर्जी आधार कार्ड और दस्तावेज तैयार किए गए थे। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक शादी नहीं, बल्कि एक गहरा षड़यंत्र था जिसे ‘प्यार’ का नाम देकर दबाने की कोशिश की गई। इसके बाद मोनालिसा ने सनोज मिश्रा पर छेड़ छाड़ के आरोप लगाए थे। परिवार का साथ देने की मिली सजा सनोज ने बताया कि वे शुरू से ही मोनालिसा के माता-पिता के साथ खड़े रहे। जब परिवार ने अपनी बेटी को नाबालिग बताया, तो सनोज ने उनकी आवाज को हर मंच पर उठाया। उन्होंने मध्य प्रदेश पुलिस और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। सनोज ने कहा, मेरा गुनाह क्या था? क्या लव जिहाद और धर्मांतरण जैसे मुद्दों पर फिल्म बनाना गुनाह है? मुझे चुप कराने के लिए हर मुमकिन कोशिश की गई, लेकिन मैं पीछे नहीं हटा। शादी से शुरू हुआ था विवाद मोनालिसा महाकुंभ के दौरान अपनी तस्वीरों की वजह से चर्चा में आई थीं। 11 मार्च 2026 को उन्होंने फरमान खान से शादी कर ली थी, जिसके बाद से ही उनकी उम्र को लेकर विवाद शुरू हो गया था। सनोज मिश्रा और परिवार का दावा था कि वे नाबालिग हैं, जबकि फरमान उन्हें 18 साल का बता रहा था। अब आयोग की जांच में यह साफ हो गया है कि शादी के वक्त मोनालिसा की उम्र महज 16 साल, 2 महीने और 12 दिन थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
रायसेन कलेक्टर का औचक निरीक्षण, गेहूं खरीदी व्यवस्थाओं पर सख्ती:किसानों से लिया फीडबैक; लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए

रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने शुक्रवार को सांची विकासखंड के बरखेड़ी सलामतपुर स्थित शाहीन वेयरहाउस गेहूं उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र पर गेहूं खरीदी की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर ने केंद्र प्रभारी और संबंधित अधिकारियों से खरीदी की प्रगति, बारदाना, तौल व्यवस्था और किसानों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पारदर्शी और सुचारु उपार्जन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को कोई परेशानी न हो। किसानों से फीडबैक लिया निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने उपज बेचने आए किसानों से भी सीधे बातचीत की। उन्होंने किसानों से केंद्र पर उपलब्ध व्यवस्थाओं, तौल प्रक्रिया और भुगतान को लेकर फीडबैक लिया। कलेक्टर ने अधिकारियों को किसानों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करने और खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि जिले में 9 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू की गई है। इसके लिए विभिन्न स्थानों पर सरकारी उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदा जा रहा है और प्रशासन द्वारा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।
मुंबई एयरपोर्ट पर ₹38 करोड़ का 29.37 किलो सोना जब्त:24 केन्याई महिलाएं गिरफ्तार, कपड़ों-बैग में छिपाकर ला रही थीं

मुंबई एयरपोर्ट पर बुधवार को 29.37 किलो सोने के साथ 24 केन्याई महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने इन महिलाओं से ₹37.74 करोड़ का सोना जब्त किया है। ये महिलाएं सोना कपड़ों और बैग में छिपाकर ला रही थीं। दरअसल, DRI को इनपुट मिला था कि केन्या के नैरोबी से आने वाली कुछ महिला यात्री सोना लेकर मुंबई पहुंचेंगी। इसके बाद छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर ऑपरेशन ‘धहाबू ब्लिट्ज’ चलाया गया संदिग्ध यात्रियों को रोका गया। जांच में महिलाओं के पास से कुल 29.37 किलो सोना बरामद हुआ। इसमें 25.10 किलो सोने की सिल्लियां और 4.27 किलो सोने के जेवर शामिल हैं। ट्रेनिंग देकर तस्करी कराई जा रही थी एजेंसी के मुताबिक, महिलाओं को सोना छिपाने और एयरपोर्ट जांच से बचने के तरीके पहले से सिखाए गए थे। इससे साफ है कि पूरा काम एक संगठित नेटवर्क के जरिए किया जा रहा था, जो कैरियर्स के माध्यम से सोना भारत भेज रहा था। गिरोह खुद सोना नहीं लाता था, बल्कि पैसों के लालच में लोगों को कैरियर बनाकर उनके जरिए तस्करी कराता था। यह इस साल मुंबई एयरपोर्ट पर पकड़े गए सबसे बड़े मामलों में से एक है। सभी महिलाओं को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जबकि एजेंसी अब इस नेटवर्क के सरगनाओं तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इस ऑपरेशन का नाम ‘धहाबू ब्लिट्ज’ रखा गया है। ‘धहाबू’ स्वाहिली भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ सोना होता है। पिछले साल कन्नड़ एक्ट्रेस सोना तस्करी में पकड़ी गई थीं DRI ने पिछले साल 3 मार्च को कन्नड़ एक्ट्रेस रान्या राव को बेंगलुरु एयरपोर्ट पर 14.2 किलो सोने के साथ गिरफ्तार किया था। रान्या इसे अपने बेल्ट में छिपाकर ला रही थी। उन पर गोल्ड स्मगलिंग का केस दर्ज किया गया है। DRI अधिकारियों के मुताबिक, रान्या राव दुबई से एमिरेट्स फ्लाइट के जरिए भारत लौटी थीं। सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही उनकी एक्टिविटी पर नजर रख रही थीं, क्योंकि वे पिछले 15 दिनों में 4 बार दुबई जा चुकी थीं। पुलिस ने रान्या के लावेल रोड स्थित अपार्टमेंट की तलाशी ली। यहां से 2.1 करोड़ रुपए की ज्वेलरी और 2.7 करोड़ रुपए नकद भी बरामद किए। एयरपोर्ट पर पकड़ी गई सोना तस्करी की पिछली घटनाएं… 10 फरवरी: अंडरवियर में छिपाकर दुबई से 45 लाख का सोना ला रहा था 10 फरवरी 2026 को कस्टम विभाग ने अहमदाबाद एयरपोर्ट पर दुबई के एक शख्स को 96 लाख रुपए के सोने के साथ पकड़ा था। इसने अपने अंडरवियर में 45 लाख का सोना छिपा रखा था। जांच के दौरान व्यक्ति के पास से 24 कैरेट शुद्धता की दो पूरी सोने की छड़ें और एक कटी हुई छड़ भी मिली। ये छड़े उनकी अपनी जेब में रखे पर्स में छिपा रखी थीं। पूरी खबर पढ़ें… 8 फरवरी: लखनऊ एयरपोर्ट पर 2 करोड़ का गोल्ड मिला, सऊदी अरब से 3 पैकेट में छुपाकर लाया था लखनऊ एयरपोर्ट पर 2 करोड़ का सोना पकड़ा गया। जेद्दा से आई सऊदी एयरलाइंस की फ्लाइट से 1.267 ग्राम सोना लावारिस हालत में मिला है। रविवार को एयर इंडिया की सुरक्षा टीम की ओर से सौंपे गए इस सोने को कस्टम्स एक्ट 1962 के तहत जब्त कर लिया गया है। पूरी खबर पढ़ें… ———— ये खबर भी पढ़ें… तस्करी करने 135 ग्राम सोना निगल रखा था:अबू धाबी से अहमदाबाद आए पैसेंजर को एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने पकड़ा अहमदाबाद कस्टम्स विभाग ने अबू धाबी से आए एक पैसेंजर को पकड़ा। इसने 24 कैरेट का 135 ग्राम से अधिक सोना निगल रखा था। अस्पताल में मलत्याग के जरिए गोल्ड निकलवाया गया। जब्त किए गए सोने की अनुमानित बाजार कीमत करीब 21.89 लाख रुपए आंकी गई है। पूरी खबर पढ़ें…
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