India Hike Export Duty on Jet Fuel, Diesel

Hindi News Business India Hike Export Duty On Jet Fuel, Diesel | Petrol Diesel Prices Stable नई दिल्ली5 मिनट पहले कॉपी लिंक केंद्र सरकार ने डीजल और एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर एक्सपोर्ट ड्यूटी यानी विंडफाल टैक्स बढ़ा दिया है। डीजल पर निर्यात शुल्क ₹34 प्रति लीटर बढ़ाकर ₹55.5 कर दिया गया है, जो पहले ₹21.5 था। वहीं, ATF यानी जेट फ्यूल पर ड्यूटी ₹29.5 से बढ़ाकर ₹42 प्रति लीटर कर दी गई है। वित्त मंत्रालय ने शनिवार (11 अप्रैल) को नोटिफिकेशन जारी कर नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी हैं। वहीं, पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी फिलहाल शून्य ही रहेगी। हाल ही में पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में जो ₹10-₹10 की बड़ी कटौती की थी, उसका फायदा आम जनता को मिलता रहेगा। घरेलू बाजार में फ्यूल की सप्लाई बढ़ाने फैसला लिया सरकार ने ये फैसला देश में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रखने के लिए लिया है। यह कदम उन आशंकाओं को दूर करता है जिनमें कहा जा रहा था कि मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण कच्चा तेल महंगा होने से भारत में पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है। इसका मुख्य उद्देश्य घरेलू बाजार में फ्यूल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो तेल कंपनियां ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए विदेशों में फ्यूल बेचना शुरू कर देती हैं। एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने से निर्यात महंगा हो जाता है, जिससे कंपनियां घरेलू बाजार में सप्लाई देने को प्राथमिकता देती हैं। मिडिल ईस्ट तनाव और कच्चे तेल की कीमतों का असर पिछले कुछ महीनों से मिडिल ईस्ट में चल रही सैन्य गतिविधियों के कारण ग्लोबल एनर्जी मार्केट अस्थिर बना हुआ है। 28 फरवरी: अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी, जिसके जवाब में तेहरान ने भी पलटवार किया। 8 अप्रैल: ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति बनी। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों को काफी ऊपर पहुंचा दिया है। हाई-स्पीड डीजल पर एक्साइज ड्यूटी और सेस भी बढ़ा इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने एक्सपोर्ट ड्यूटी के अलावा अन्य शुल्कों में भी बदलाव किया है। हाई-स्पीड डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर ₹24 कर दी गई है। इसके साथ ही इंफ्रा सेस को बढ़ाकर ₹36 कर दिया गया है। जेट फ्यूल (ATF) पर कुल ड्यूटी अब ₹42 प्रति लीटर हो गई है। 15 दिन पहले ही बढ़ाया था निर्यात शुल्क इससे पहले सरकार ने 26 मार्च को निर्यात शुल्क में संशोधन किया था। उस समय डीजल पर ड्यूटी ₹21.50 प्रति लीटर और ATF पर ₹29.5 प्रति लीटर तय की गई थी। अब महज 15 दिनों के भीतर इसमें दोबारा बड़ी बढ़ोतरी की गई है। जानकारों का कहना है कि सरकार की नजर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के उतार-चढ़ाव पर है और उसी के आधार पर टैक्स दरों की समीक्षा की जा रही है। विंडफाल टैक्स क्या होता है? विंडफाल टैक्स उन कंपनियों पर लगाया जाता है जिन्हें किसी विशेष स्थिति (जैसे युद्ध या ग्लोबल सप्लाई चेन में दिक्कत) के कारण अचानक बहुत ज्यादा मुनाफा होने लगता है। भारत में तेल कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय कीमतों का फायदा उठाने से रोकने और सरकारी खजाना भरने के लिए इसे ‘एक्सपोर्ट ड्यूटी’ के तौर पर लगाया जाता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
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Hindi News Business India Hike Export Duty On Jet Fuel, Diesel | Petrol Diesel Prices Stable नई दिल्ली50 मिनट पहले कॉपी लिंक केंद्र सरकार ने डीजल और एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर एक्सपोर्ट ड्यूटी यानी विंडफाल टैक्स बढ़ा दिया है। डीजल पर निर्यात शुल्क ₹34 प्रति लीटर बढ़ाकर ₹55.5 कर दिया गया है, जो पहले ₹21.5 था। वहीं, ATF यानी जेट फ्यूल पर ड्यूटी ₹29.5 से बढ़ाकर ₹42 प्रति लीटर कर दी गई है। वित्त मंत्रालय ने शनिवार (11 अप्रैल) को नोटिफिकेशन जारी कर नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी हैं। वहीं, पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी फिलहाल शून्य ही रहेगी। हाल ही में पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में जो ₹10-₹10 की बड़ी कटौती की थी, उसका फायदा आम जनता को मिलता रहेगा। घरेलू बाजार में फ्यूल की सप्लाई बढ़ाने फैसला लिया सरकार ने ये फैसला देश में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रखने के लिए लिया है। यह कदम उन आशंकाओं को दूर करता है जिनमें कहा जा रहा था कि मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण कच्चा तेल महंगा होने से भारत में पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है। इसका मुख्य उद्देश्य घरेलू बाजार में फ्यूल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो तेल कंपनियां ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए विदेशों में फ्यूल बेचना शुरू कर देती हैं। एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने से निर्यात महंगा हो जाता है, जिससे कंपनियां घरेलू बाजार में सप्लाई देने को प्राथमिकता देती हैं। मिडिल ईस्ट तनाव और कच्चे तेल की कीमतों का असर पिछले कुछ महीनों से मिडिल ईस्ट में चल रही सैन्य गतिविधियों के कारण ग्लोबल एनर्जी मार्केट अस्थिर बना हुआ है। 28 फरवरी: अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी, जिसके जवाब में तेहरान ने भी पलटवार किया। 8 अप्रैल: ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति बनी। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों को काफी ऊपर पहुंचा दिया है। हाई-स्पीड डीजल पर एक्साइज ड्यूटी और सेस भी बढ़ा इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने एक्सपोर्ट ड्यूटी के अलावा अन्य शुल्कों में भी बदलाव किया है। हाई-स्पीड डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर ₹24 कर दी गई है। इसके साथ ही इंफ्रा सेस को बढ़ाकर ₹36 कर दिया गया है। जेट फ्यूल (ATF) पर कुल ड्यूटी अब ₹42 प्रति लीटर हो गई है। 15 दिन पहले ही बढ़ाया था निर्यात शुल्क इससे पहले सरकार ने 26 मार्च को निर्यात शुल्क में संशोधन किया था। उस समय डीजल पर ड्यूटी ₹21.50 प्रति लीटर और ATF पर ₹29.5 प्रति लीटर तय की गई थी। अब महज 15 दिनों के भीतर इसमें दोबारा बड़ी बढ़ोतरी की गई है। जानकारों का कहना है कि सरकार की नजर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के उतार-चढ़ाव पर है और उसी के आधार पर टैक्स दरों की समीक्षा की जा रही है। विंडफाल टैक्स क्या होता है? विंडफाल टैक्स उन कंपनियों पर लगाया जाता है जिन्हें किसी विशेष स्थिति (जैसे युद्ध या ग्लोबल सप्लाई चेन में दिक्कत) के कारण अचानक बहुत ज्यादा मुनाफा होने लगता है। भारत में तेल कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय कीमतों का फायदा उठाने से रोकने और सरकारी खजाना भरने के लिए इसे ‘एक्सपोर्ट ड्यूटी’ के तौर पर लगाया जाता है। —————– ये खबर भी पढ़ें… पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10-10 रुपए घटी: दाम नहीं बढ़ेंगे; कच्चा तेल महंगा होने से कंपनियों को ₹30 प्रति लीटर तक घाटा हो रहा था सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपए की कटौती कर दी है। पेट्रोल पर ड्यूटी ₹13 रुपए प्रति लीटर से घटाकर ₹3 रुपए, जबकि डीजल पर ₹10 से शून्य कर दी गई है। एक्साइज ड्यूटी घटाकर पेट्रोल-डीजल के दामों को स्थिर रखा गया है। पूरी खबर पढ़ें… ——————- जेट फ्यूल 100% महंगा, लेकिन भारत में दाम नहीं बढ़ेंगे: सरकार ने कीमतों पर 25% का कैप लगाया; घरेलू उड़ानों का किराया कंट्रोल में रहेगा अंतरराष्ट्रीय बाजार में ATF यानी जेट फ्यूल 100% से ज्यादा महंगा हो गया है। इस तेजी के बावजूद सरकार ने ATF में बढ़ोतरी को सिर्फ 25% तक सीमित रखने का फैसला किया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Tips To Live A Long Life: 100 साल तक जिंदा रहने का नेचुरल तरीका, एंटी-एजिंग दवा की तरह काम करती हैं ये 6 हॉबीज

Last Updated:April 11, 2026, 21:35 IST Longevity Tips: लंबे समय तक जीने के लिए आपको एंटी-एजिंग मेडिसिन की जरूरत नहीं है. यदि आप अपने जीवन में आज से ही ये 6 शौक शामिल कर लें तो आपकी बायलॉजिकल एज कम होने लगेंगी. जवां रहने का ये नेचुरल तरीका क्या है, और कैसे काम करता है चलिए इस लेख में समझते हैं. ख़बरें फटाफट क्या आप जानते हैं कि आपके हॉबीज आपके लाइफ क्वालिटी पर असर डालते हैं? ज्यादातर लोग शौक को बहुत ही मामूली चीज समझते हैं, जबकि सही तरह से चुनी गई हॉबीज आपको लंबा जीवन जीने में मदद कर सकती हैं. शौक तनाव कम करने, खुद को बेहतर बनाने और लोगों से जुड़ने में मदद करते हैं. ऐसे में हॉबी चुनते समय सबसे जरूरी है कि आप वही करें जो आपको सच में पसंद हो. साथ ही ऐसी गतिविधियां चुनें जो शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से आपको एक्टिव रखें. यहां हम आपको ऐसे 6 हॉबीज के बारे में बता रहे हैं, जो आपके लिए एंटी एजिंग साबित हो सकते हैं. डांसडांस एक बेहतरीन हॉबी है जो शरीर और दिमाग दोनों के लिए फायदेमंद है. यह बैलेंस, तालमेल और दिल की सेहत को बेहतर बनाता है. नए स्टेप्स सीखने से याददाश्त और सोचने की क्षमता भी बढ़ती है. साथ ही यह एक सामाजिक और मजेदार गतिविधि है, जिससे लोग लंबे समय तक जुड़े रहते हैं. जिगसॉ पजलजिगसॉ पजल दिमाग को अलग तरीके से एक्टिव करता है. यह ध्यान, सोचने की क्षमता और हाथों की बारीकी को बेहतर बनाता है. पजल सॉल्व करते समय मन शांत रहता है और तनाव कम होता है. अगर इसे किसी के साथ मिलकर करें, तो बिना ज्यादा बातचीत के भी अच्छा साथ महसूस होता है. बुनाईबुनाई एक सुकून देने वाली हॉबी है. इसमें बार-बार होने वाली प्रक्रिया दिमाग को शांत करती है और मानसिक रूप से सक्रिय रखती है. अगर इसे दोस्तों या समूह के साथ किया जाए, तो यह और भी फायदेमंद हो जाती है. पुराने जमाने की ज्यादातर महिलाएं बुनाई जरूर करती थी. नई भाषा सीखनानई भाषा सीखना दिमाग के लिए लेकिन बेहद फायदेमंद साबित होता है. इससे याददाश्त, ध्यान और सोचने की क्षमता बढ़ती है. यह आपको नई संस्कृति, लोगों और यात्रा के अवसरों से भी जोड़ता है, जिससे जीवन में उत्साह बना रहता है. मिट्टी के बर्तन बनाना (सेरामिक्स)सेरामिक्स या कोई भी हाथ से कला बनाना आपको माइंडफुल रहने में मदद करता है. मिट्टी के साथ काम करने से मन शांत होता है और तनाव कम होता है. यह एक ऐसा तरीका भी है जिससे आप अपनी भावनाओं को बिना शब्दों के व्यक्त कर सकते हैं. गार्डनिंगबागवानी को सबसे बेहतर हॉबी में से एक माना जाता है. इसमें शरीर की हल्की-फुल्की एक्सरसाइज होती है, जैसे झुकना और चलना. साथ ही, प्रकृति के बीच समय बिताने से मन और शरीर दोनों को फायदा मिलता है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 11, 2026, 21:35 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
टीईटी के विरोध में जौरा में शिक्षकों का प्रदर्शन:शिक्षकों ने रैली निकाली, बोले– अयोग्य ठहराना अनुचित; आंदोलन तेज करने की चेतावनी

मुरैना के जौरा में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के विरोध में शनिवार को शिक्षकों का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले हजारों की संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं सड़कों पर उतर आए और सरकार के नियमों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। शिक्षकों ने कहा कि पहले जिन नियमों के आधार पर उन्हें भर्ती दिया गया, अब उन्हीं के आधार पर उन्हें अयोग्य बताया जाना अनुचित है। आक्रोशित शिक्षकों का कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों की योग्यता पर सवाल उठाना गलत है और उन्हें टीईटी परीक्षा के लिए बाध्य करना उचित नहीं है। इसी मुद्दे को लेकर तहसील क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से शिक्षक सनाढय धर्मशाला जौरा में एकत्रित हुए और वहां से रैली निकालते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे। रैली के दौरान शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। इसके बाद शिक्षकों ने एसडीएम जौरा के प्रतिनिधि नायब तहसीलदार प्रमोद तोमर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन होगा मप्र शिक्षक कांग्रेस के प्रांतीय सचिव एवं संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारी कौशल शर्मा ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में टीईटी परीक्षा को निरस्त करना और नवीन शिक्षक संवर्ग में प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा अवधि की गणना शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान आकर्षित करने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आगामी चरण में 18 अप्रैल को भोपाल में प्रदेश स्तरीय धरना और मुख्यमंत्री अनुरोध रैली आयोजित करने की भी घोषणा की गई है, जिसमें पूरे प्रदेश के शिक्षक शामिल होंगे। इस प्रदर्शन में विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से सतेन्द्र तिवारी, नरेन्द्र सिंह तोमर, कौशल शर्मा, रविशंकर शर्मा सहित हजारों शिक्षक शामिल हुए।
सुबह नाश्ते में कर रहे हैं ये 4 बड़ी गलतियां? बढ़ सकता है मोटापा और बीमारियों का खतरा!

Last Updated:April 11, 2026, 21:18 IST अक्सर लोग सुबह के नाश्ते को हल्के में लेते हैं, लेकिन यही दिनभर की सेहत और एनर्जी की नींव होता है. जल्दीबाजी में गलत चीजें खाना या नाश्ता छोड़ देना धीरे-धीरे शरीर पर बुरा असर डाल सकता है. अगर आप भी सुबह कुछ आम गलतियां कर रहे हैं, तो सतर्क हो जाना जरूरी है, वरना ये आदतें कई बीमारियों की वजह बन सकती हैं. सुबह के नाश्ते में होने वाली गलतियां. सुबह का नाश्ता दिन की शुरुआत का सबसे अहम हिस्सा माना जाता है, क्योंकि यही आपके शरीर को दिनभर काम करने की ऊर्जा देता है. यह सिर्फ पेट भरने के लिए नहीं होता, बल्कि आपकी सेहत, मूड और पूरे दिन की एक्टिविटी पर भी इसका सीधा असर पड़ता है. लेकिन अक्सर लोग सुबह की जल्दी में सही खानपान पर ध्यान नहीं देते और कुछ भी खा लेते हैं, जो धीरे-धीरे शरीर पर नकारात्मक असर डालने लगता है. सही नाश्ता न करने से शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते, जिससे थकान, कमजोरी और ध्यान की कमी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं. नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, सुबह का नाश्ता संतुलित और पोषण से भरपूर होना चाहिए, जिसमें विटामिन, मिनरल्स और फाइबर की पर्याप्त मात्रा हो. इससे शरीर को दिनभर के लिए एनर्जी मिलती है और मेटाबॉलिज्म भी बेहतर रहता है. लेकिन अगर नाश्ते में ज्यादा नमक, चीनी या तैलीय चीजें शामिल कर ली जाएं, तो यह फायदे की जगह नुकसान पहुंचाने लगता है. इसलिए जरूरी है कि सुबह का भोजन हल्का लेकिन हेल्दी हो, ताकि शरीर और दिमाग दोनों सक्रिय और फ्रेश बने रहें. सुबह के नाश्ते में होने वाली आम गलतियांअक्सर लोग नाश्ते में ऐसी चीजें शामिल कर लेते हैं, जो स्वाद में भले ही अच्छी लगती हैं, लेकिन सेहत के लिए नुकसानदायक होती हैं. जैसे ज्यादा चीनी वाली चाय, बिस्किट, केक या मिठाइयां, जो शरीर में शुगर लेवल बढ़ाती हैं. इसके अलावा तला-भुना खाना जैसे समोसा, कचौड़ी, परांठे और पकौड़े भी सुबह के लिए सही विकल्प नहीं हैं, क्योंकि ये पाचन पर भारी पड़ते हैं. नमकीन, चिप्स या अचार जैसे ज्यादा नमक वाले फूड्स भी शरीर के लिए हानिकारक हो सकते हैं. सबसे बड़ी गलती जो कई लोग करते हैं, वह है खाली पेट सिर्फ चाय या कॉफी पी लेना और पूरा नाश्ता छोड़ देना, जिससे शरीर को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता. हेल्दी नाश्ते के लिए क्या करें?अगर आप दिनभर एक्टिव और हेल्दी रहना चाहते हैं, तो अपने नाश्ते में पौष्टिक चीजों को शामिल करना बेहद जरूरी है. आप दलिया, ओट्स या सूजी से बने हल्के व्यंजन खा सकते हैं, जो आसानी से पच जाते हैं और ऊर्जा भी देते हैं. इसके साथ ही फल जैसे सेब, केला, संतरा या पपीता शरीर को जरूरी विटामिन प्रदान करते हैं. अंकुरित अनाज जैसे मूंग या चना प्रोटीन का अच्छा स्रोत होते हैं, जो लंबे समय तक पेट भरा रखते हैं. दही या फ्रूट योगर्ट भी एक अच्छा विकल्प है, जो पाचन को बेहतर बनाता है. इसके अलावा पोहा या कम तेल में बनी सब्जी के साथ रोटी भी एक संतुलित और हेल्दी नाश्ता हो सकता है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 11, 2026, 21:17 IST
पहले एसपी पर प्रताड़ना के आरोप लगाए, फिर मांगी माफी:मुरैना में शराब के नशे में आरक्षक ने वीडियो बनाया, बोला-एसपी करते है प्रताड़ित

छिंदवाड़ा में एसपी समीर सौरभ के बंगले पर तैनात एक आरक्षक द्वारा ड्यूटी से गैरहाजिर रहते हुए एसपी पर प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करने का मामला सामने आया है। आरक्षक रूप सिंह ने अपने फेसबुक पेज पर वीडियो अपलोड कर आरोप लगाया कि एसपी और उनकी पत्नी द्वारा उसे प्रताड़ित किया जा रहा है तथा उसे छुट्टी नहीं दी जा रही, जबकि वह बीमार है और उसकी दोनों किडनियों में पथरी की शिकायत है। वीडियो में वह नशे की हालत में भी दिखाई दे रहा था और घटना के समय वह ड्यूटी से अनुपस्थित था। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया, हालांकि अगले ही दिन आरक्षक रूप सिंह अपने पिता के साथ पुलिस लाइन स्थित रक्षित निरीक्षक कार्यालय पहुंचा, जहां उसने अपने कृत्य के लिए लिखित माफी मांगी। उसने स्वीकार किया कि उसने शराब के नशे में गलती की और उसे केवल छुट्टी चाहिए थी। इस दौरान पुलिस ने उसका मेडिकल परीक्षण भी कराया। रक्षित निरीक्षक रविकांत शुक्ला के अनुसार आरक्षक पिछले आठ वर्षों से बंगले में पदस्थ है और उसके द्वारा लगाए गए प्रताड़ना के आरोप गलत हैं। उन्होंने बताया कि आरक्षक दो दिन से ड्यूटी से गैरहाजिर था और घर पर शराब पी रहा था। आरक्षक द्वारा छुट्टी का आवेदन देने पर उसकी छुट्टी स्वीकृत कर दी गई है तथा विभागीय प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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12 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान-अमेरिका के प्रतिनिधि सीजफायर वार्ता के लिए शनिवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचे। यहां पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने दोनों का अलग-अलग अंदाज में स्वागत किया। अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, जबकि ईरान की तरफ से संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने मीटिंग का नेतृत्व किया। ईरानी डेलिगेशन को रिसीव करते वक्त आसिम मुनीर आर्मी ड्रेस में थे। अमेरिकी डेलिगेशन को रिसीव करते वक्त मुनीर ने नॉर्मल सूट पहना हुआ था। इस दौरान ध्यान रखा गया कि इन हाई-लेवल मुलाकातों में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की बजाय आर्मी चीफ मुनीर सामने आए। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह सिर्फ प्रोटोकॉल नहीं बल्कि पावर और मैसेजिंग का प्रदर्शन था। अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस को रिसीव करने पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर, विदेश मंत्री इशाक डार और गृहमंत्री मोहसिन नकवी पहुंचे। यूनिफॉर्म के जरिए अलग-अलग संदेश रिटायर्ड मेजर जनरल संजय मेस्टन के मुताबिक यह कदम मैसेज देने के लिए था। उनके मुताबिक, “मुनीर अमेरिका के सामने खुद को डिप्लोमैट और ईरान के सामने सैनिक के रूप में दिखाना चाहते हैं।” डिफेंस एक्सपर्ट संदीप उन्नीथन ने कहा कि ईरान के साथ हालिया तनाव को देखते हुए कॉम्बैट ड्रेस (मिलिट्री यूनिफॉर्म) पहनना ताकत दिखाने की कोशिश थी। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच पहले मिसाइल हमले और बॉर्डर टकराव हो चुका है, इसलिए यह कदम कैमरों के लिए भी था। अमेरिका के सामने ‘राजनेता’ की छवि जेडी वेंस से मुलाकात में सूट पहनकर मुनीर ने खुद को राजनेता की तरह पेश करने की कोशिश की। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे वह दिखाना चाहते हैं कि वह सिर्फ सैन्य नेता नहीं, बल्कि कूटनीतिक भूमिका भी निभा सकते हैं। इससे पहले भी वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात में सूट पहन चुके हैं। ईरान-पाकिस्तान तनाव का बैकग्राउंड 2024 में ईरान ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान इलाके में ड्रोन और मिसाइल हमले किए थे। उसका दावा था कि वह जैश अल-अदल नाम के आतंकी संगठन को निशाना बना रहा है। इसके जवाब में पाकिस्तान ने ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान इलाके में सैन्य कार्रवाई की थी। बाद में चीन के हस्तक्षेप के बाद तनाव कम हुआ, लेकिन रिश्तों में खटास बनी रही। पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर शुक्रवार रात ईरानी डेलिगेशन को रिसीव करने एयरपोर्ट पहुंचे थे। सत्ता के केंद्र में खुद को दिखाने की कोशिश एक अहम बात यह रही कि इन मुलाकातों में आर्मी चीफ का मौजूद रहना प्रोटोकॉल के हिसाब से असामान्य माना जा रहा है। आमतौर पर ऐसे मौके पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या विदेश मंत्री आगे रहते हैं। रिटायर्ड मेजर जनरल संजय सोई ने कहा कि पाकिस्तान में असल सत्ता सेना के पास है और मुनीर इसे खुलकर दिखा रहे हैं। उनके मुताबिक, “वह हर अंतरराष्ट्रीय बातचीत में दिखना चाहते हैं और यह जताना चाहते हैं कि फैसले वही लेते हैं।” एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरान और अमेरिका के साथ इन बैठकों के जरिए आसिम मुनीर ने कूटनीतिक संतुलन दिखाया और यह स्पष्ट किया कि फिलहाल पाकिस्तान में असली शक्ति उनके पास ही है। ————————— ईरान जंग से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ईरान पर हमले के लिए कैसे माने थे ट्रम्प:नेतन्याहू ने व्हाइट हाउस आकर प्लान बताया; उपराष्ट्रपति वेंस खिलाफ थे, फिर भी जंग में कूदे तारीख: 11 फरवरी जगह: व्हाइट हाउस, वॉशिंगटन डीसी इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सुबह ही व्हाइट हाउस पहुंच चुके थे। वह कई महीनों से अमेरिका पर दबाव डाल रहे थे कि ईरान पर बड़ा हमला किया जाए। हालांकि इस बार की मुलाकात बेहद सीक्रेट थी। उन्हें बिना किसी औपचारिक स्वागत के सीधे अंदर ले जाया गया ताकि मीडिया को कुछ पता न चले। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Suit vs Military Uniform for US & Iran

53 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान-अमेरिका के प्रतिनिधि सीजफायर वार्ता के लिए शनिवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचे। यहां पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने दोनों का अलग-अलग अंदाज में स्वागत किया। अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, जबकि ईरान की तरफ से संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने मीटिंग का नेतृत्व किया। ईरानी डेलिगेशन को रिसीव करते वक्त आसिम मुनीर आर्मी ड्रेस में थे। अमेरिकी डेलिगेशन को रिसीव करते वक्त मुनीर ने नॉर्मल सूट पहना हुआ था। इस दौरान ध्यान रखा गया कि इन हाई-लेवल मुलाकातों में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की बजाय आर्मी चीफ मुनीर सामने आए। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह सिर्फ प्रोटोकॉल नहीं बल्कि पावर और मैसेजिंग का प्रदर्शन था। अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस को रिसीव करने पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर, विदेश मंत्री इशाक डार और गृहमंत्री मोहसिन नकवी पहुंचे। यूनिफॉर्म के जरिए अलग-अलग संदेश रिटायर्ड मेजर जनरल संजय मेस्टन के मुताबिक यह कदम मैसेज देने के लिए था। उनके मुताबिक, “मुनीर अमेरिका के सामने खुद को डिप्लोमैट और ईरान के सामने सैनिक के रूप में दिखाना चाहते हैं।” डिफेंस एक्सपर्ट संदीप उन्नीथन ने कहा कि ईरान के साथ हालिया तनाव को देखते हुए कॉम्बैट ड्रेस (मिलिट्री यूनिफॉर्म) पहनना ताकत दिखाने की कोशिश थी। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच पहले मिसाइल हमले और बॉर्डर टकराव हो चुका है, इसलिए यह कदम कैमरों के लिए भी था। अमेरिका के सामने ‘राजनेता’ की छवि जेडी वेंस से मुलाकात में सूट पहनकर मुनीर ने खुद को राजनेता की तरह पेश करने की कोशिश की। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे वह दिखाना चाहते हैं कि वह सिर्फ सैन्य नेता नहीं, बल्कि कूटनीतिक भूमिका भी निभा सकते हैं। इससे पहले भी वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात में सूट पहन चुके हैं। ईरान-पाकिस्तान तनाव का बैकग्राउंड 2024 में ईरान ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान इलाके में ड्रोन और मिसाइल हमले किए थे। उसका दावा था कि वह जैश अल-अदल नाम के आतंकी संगठन को निशाना बना रहा है। इसके जवाब में पाकिस्तान ने ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान इलाके में सैन्य कार्रवाई की थी। बाद में चीन के हस्तक्षेप के बाद तनाव कम हुआ, लेकिन रिश्तों में खटास बनी रही। पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर शुक्रवार रात ईरानी डेलिगेशन को रिसीव करने एयरपोर्ट पहुंचे थे। सत्ता के केंद्र में खुद को दिखाने की कोशिश एक अहम बात यह रही कि इन मुलाकातों में आर्मी चीफ का मौजूद रहना प्रोटोकॉल के हिसाब से असामान्य माना जा रहा है। आमतौर पर ऐसे मौके पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या विदेश मंत्री आगे रहते हैं। रिटायर्ड मेजर जनरल संजय सोई ने कहा कि पाकिस्तान में असल सत्ता सेना के पास है और मुनीर इसे खुलकर दिखा रहे हैं। उनके मुताबिक, “वह हर अंतरराष्ट्रीय बातचीत में दिखना चाहते हैं और यह जताना चाहते हैं कि फैसले वही लेते हैं।” एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरान और अमेरिका के साथ इन बैठकों के जरिए आसिम मुनीर ने कूटनीतिक संतुलन दिखाया और यह स्पष्ट किया कि फिलहाल पाकिस्तान में असली शक्ति उनके पास ही है। ————————— ईरान जंग से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ईरान पर हमले के लिए कैसे माने थे ट्रम्प:नेतन्याहू ने व्हाइट हाउस आकर प्लान बताया; उपराष्ट्रपति वेंस खिलाफ थे, फिर भी जंग में कूदे तारीख: 11 फरवरी जगह: व्हाइट हाउस, वॉशिंगटन डीसी इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सुबह ही व्हाइट हाउस पहुंच चुके थे। वह कई महीनों से अमेरिका पर दबाव डाल रहे थे कि ईरान पर बड़ा हमला किया जाए। हालांकि इस बार की मुलाकात बेहद सीक्रेट थी। उन्हें बिना किसी औपचारिक स्वागत के सीधे अंदर ले जाया गया ताकि मीडिया को कुछ पता न चले। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
खतरनाक है विटामिन बी12 की कमी, शाकाहारियों को जरूर खानी चाहिए ये चीजें, तभी रहेंगे स्वस्थ

Vitamin B12 food sources: शरीर को स्वस्थ रखने के लिए मिनरल्स और विटामिंस से भरपूर फूड्स का सेवन करना बहुत जरूरी है. जिस तरह से विटामिन सी इम्यूनिटी बूस्ट करता है, आयरन शरीर में खून की कमी दूर करता है, विटामिन डी और कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाते हैं, उसी तरह शरीर के लिए विटामिन बी12 भी बहुत जरूरी है. विटामिन बी12 नर्वस सिस्टम, ब्रेन फंक्शन को बूस्ट करता है. रेड ब्लड सेल फॉर्मेशन में मदद करता है. शरीर में एनर्जी लेवल को बनाए रखता है. शरीर से थकान दूर करता है. विटामिन बी12 नॉनेवज फूड्स में भरपूर मौजूद होता है, लेकिन जो लोग शाकाहारी हैं, उन्हें समझ नहीं आता है कि विटामिन बी12 की कमी को दूर करने के लिए किन चीजों का सेवन करना चाहिए. यूट्यूब चैनल Healthy Hamesha में डॉ. सलीम जैदी ने एक वीडियो में शाकाहारियों के लिए विटामिन बी12 खाद्य विकल्पों के बारे में बताया है. जानिए इस वीडियो के जरिए की विटामिन बी12 शरीर में कम होने से कैसे लक्षण नजर आते हैं और इस कमी को दूर करने के लिए कौन से फूड्स शाकाहारी लोग खा सकते हैं.
दिग्गज गायिका आशा भोसले को हार्ट अटैक:ब्रिच कैंडी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया

दिग्गज पार्श्व गायिका आशा भोसले की तबीयत अचानक बिगड़ने की खबर सामने आई है। शनिवार को उन्हें हार्ट अटैक आने के बाद तुरंत दक्षिण मुंबई स्थित ब्रिच कैंडी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी, जिसके बाद उन्हें इमरजेंसी में एडमिट किया गया। फिलहाल डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है, लेकिन उनकी हालत को लेकर अस्पताल या परिवार की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। सूत्रों के अनुसार, उन्हें अत्यावश्यक चिकित्सा इकाई में रखा गया है और लगातार इलाज जारी है। देशभर के फैंस उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं। यह खबर अपडेट हो रही है..








