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टीईटी के विरोध में जौरा में शिक्षकों का प्रदर्शन:शिक्षकों ने रैली निकाली, बोले– अयोग्य ठहराना अनुचित; आंदोलन तेज करने की चेतावनी

टीईटी के विरोध में जौरा में शिक्षकों का प्रदर्शन:शिक्षकों ने रैली निकाली, बोले– अयोग्य ठहराना अनुचित; आंदोलन तेज करने की चेतावनी

मुरैना के जौरा में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के विरोध में शनिवार को शिक्षकों का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले हजारों की संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं सड़कों पर उतर आए और सरकार के नियमों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। शिक्षकों ने कहा कि पहले जिन नियमों के आधार पर उन्हें भर्ती दिया गया, अब उन्हीं के आधार पर उन्हें अयोग्य बताया जाना अनुचित है। आक्रोशित शिक्षकों का कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों की योग्यता पर सवाल उठाना गलत है और उन्हें टीईटी परीक्षा के लिए बाध्य करना उचित नहीं है। इसी मुद्दे को लेकर तहसील क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से शिक्षक सनाढय धर्मशाला जौरा में एकत्रित हुए और वहां से रैली निकालते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे। रैली के दौरान शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। इसके बाद शिक्षकों ने एसडीएम जौरा के प्रतिनिधि नायब तहसीलदार प्रमोद तोमर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन होगा मप्र शिक्षक कांग्रेस के प्रांतीय सचिव एवं संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारी कौशल शर्मा ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में टीईटी परीक्षा को निरस्त करना और नवीन शिक्षक संवर्ग में प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा अवधि की गणना शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान आकर्षित करने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आगामी चरण में 18 अप्रैल को भोपाल में प्रदेश स्तरीय धरना और मुख्यमंत्री अनुरोध रैली आयोजित करने की भी घोषणा की गई है, जिसमें पूरे प्रदेश के शिक्षक शामिल होंगे। इस प्रदर्शन में विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से सतेन्द्र तिवारी, नरेन्द्र सिंह तोमर, कौशल शर्मा, रविशंकर शर्मा सहित हजारों शिक्षक शामिल हुए।

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टीईटी के विरोध में जौरा में शिक्षकों का प्रदर्शन:शिक्षकों ने रैली निकाली, बोले– अयोग्य ठहराना अनुचित; आंदोलन तेज करने की चेतावनी

मुरैना के जौरा में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के विरोध में शनिवार को शिक्षकों का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले हजारों की संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं सड़कों पर उतर आए और सरकार के नियमों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। शिक्षकों ने कहा कि पहले जिन नियमों के आधार पर उन्हें भर्ती दिया गया, अब उन्हीं के आधार पर उन्हें अयोग्य बताया जाना अनुचित है। आक्रोशित शिक्षकों का कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों की योग्यता पर सवाल उठाना गलत है और उन्हें टीईटी परीक्षा के लिए बाध्य करना उचित नहीं है। इसी मुद्दे को लेकर तहसील क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से शिक्षक सनाढय धर्मशाला जौरा में एकत्रित हुए और वहां से रैली निकालते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे। रैली के दौरान शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। इसके बाद शिक्षकों ने एसडीएम जौरा के प्रतिनिधि नायब तहसीलदार प्रमोद तोमर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन होगा मप्र शिक्षक कांग्रेस के प्रांतीय सचिव एवं संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारी कौशल शर्मा ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में टीईटी परीक्षा को निरस्त करना और नवीन शिक्षक संवर्ग में प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा अवधि की गणना शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान आकर्षित करने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आगामी चरण में 18 अप्रैल को भोपाल में प्रदेश स्तरीय धरना और मुख्यमंत्री अनुरोध रैली आयोजित करने की भी घोषणा की गई है, जिसमें पूरे प्रदेश के शिक्षक शामिल होंगे। इस प्रदर्शन में विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से सतेन्द्र तिवारी, नरेन्द्र सिंह तोमर, कौशल शर्मा, रविशंकर शर्मा सहित हजारों शिक्षक शामिल हुए।

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