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Kidney Damage Sign: चुपचाप सड़ रही किडनी, शरीर के इन 4 हिस्सों में सूजन रेड फ्लैग, आप तो नहीं कर रहे इग्नोर

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Last Updated:April 12, 2026, 23:52 IST kidney damage hone ke lakshan: किडनी डैमेज के लक्षण कई बार शरीर में सूजन के रूप में नजर आते हैं. यदि आप शरीर के इन 4 हिस्सों में अचानक सूजन महसूस कर रहे हैं, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें. समय पर पहचान और इलाज से किडनी की बीमारी की गति को धीमा किया जा सकता है और जटिलताओं से बचा जा सकता है ख़बरें फटाफट शरीर में सूजन को बहुत ही नॉर्मल मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है. अक्सर लोग इसे हल्की समस्या मान लेते हैं. जबकि अगर शरीर के कुछ हिस्सों में सूजन लगातार बनी रहे, तो यह किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है. इसकी एक गंभीर वजह क्रॉनिक किडनी डिजीज भी है. जब किडनी सही से काम नहीं करती, तो शरीर से अतिरिक्त तरल और गंदगी बाहर नहीं निकल पाता, जिससे सूजन दिखाई देने लगती है. इसे मेडिकल भाषा में एडिमा कहा जाता है. यह सूजन धीरे-धीरे बढ़ती है. इसके अलावा, किडनी की बीमारी में शरीर से जरूरी प्रोटीन भी पेशाब के जरिए निकलने लगता है. खून में प्रोटीन की कमी होने से भी सूजन बढ़ सकती है. ऐसे में ये समझना जरूरी है कि कौन सा सूजन नॉर्मल है और कौन-सा सूजन किडनी डैमेज का इशारा. यदि आपको शरीर के इन 4 हिस्सो में सूजन दिखाई दे रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श करें. किडनी डैमेज होने पर किन हिस्सों में सूजन दिखता है? आंखों के आसपास सूजनइंडियन जर्नल ऑफ ऑप्थैल्मोलॉजी के अनुसार, खासकर सुबह के समय आंखों के आसपास सूजन या पफीनेस कभी-कभी किडनी की समस्या से जुड़ी हो सकती है. जब किडनी खराब होती है और प्रोटीन पेशाब में लीक होता है, तो शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है और तरल पदार्थ पलक जैसे कोमल हिस्सों में जमा हो जाता है. यह सूजन लगातार बनी रह सकती है और आराम करने से भी ठीक नहीं होती. पैरों और टखनों में सूजनपैर और टखने शरीर में सूजन दिखने की सबसे आम जगह होती हैं. WebMD के अनुसार, जब किडनी की कार्यक्षमता कम होती है, तो अतिरिक्त तरल शरीर के निचले हिस्सों में जमा हो जाता है. इससे जूते तंग लग सकते हैं, मोजों के निशान पड़ सकते हैं और दिन के अंत तक सूजन बढ़ सकती है. हाथों और उंगलियों में सूजनकिडनी से जुड़ी तरल की समस्या हाथों और उंगलियों को भी प्रभावित कर सकती है. अंगूठियां अचानक टाइट लगने लगती हैं और उंगलियां सूजी हुई दिख सकती हैं. यह सूजन सुबह या ज्यादा नमक खाने के बाद अधिक दिखाई दे सकती है. पेट में सूजनगंभीर मामलों में पेट में तरल जमा हो सकता है, जिससे पेट फूला हुआ या भारी लग सकता है. इसे एस्काइटिस कहा जाता है. यह गंभीर किडनी समस्या या शरीर में तरल संतुलन बिगड़ने की स्थिति से जुड़ा हो सकता है. किडनी बीमारी के अन्य संकेतसूजन के अलावा अन्य लक्षण भी हो सकते हैं जैसे थकान, पेशाब कम आना, झागदार पेशाब, मतली, मांसपेशियों में ऐंठन और लगातार खुजली. हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज किडनी बीमारी के प्रमुख जोखिम कारक हैं. शुरुआती चरण में लक्षण कम दिखते हैं, इसलिए नियमित जांच जरूरी है. डॉक्टर से कब मिलेंअगर सूजन बार-बार हो, बढ़ती जाए या इसके साथ थकान, सांस लेने में परेशानी या पेशाब में बदलाव जैसे लक्षण हों, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है. डॉक्टर ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट और इमेजिंग के जरिए किडनी की जांच कर सकते हैं. समय पर पहचान और इलाज से किडनी की बीमारी की गति को धीमा किया जा सकता है और जटिलताओं से बचा जा सकता है. इसलिए आंखों, पैरों, हाथों या पेट में लगातार सूजन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 12, 2026, 23:52 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

सुबह उठते ही मुंह का स्वाद कड़वा? नजरअंदाज न करें, हो सकती है ये बड़ी बीमारी

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Last Updated:April 12, 2026, 23:30 IST अगर सुबह उठते ही मुंह का स्वाद कड़वा या अजीब लगता है, तो इसे हल्के में लेना सही नहीं है. यह आपके पाचन या लिवर से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है. समय रहते ध्यान देना जरूरी है, वरना यह परेशानी बढ़ सकती है. ख़बरें फटाफट मुंह का स्वाद बिगड़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. सुबह उठते ही मुंह का स्वाद कड़वा, कसैला या अजीब लगना एक आम समस्या है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है. यह शरीर के अंदर चल रही किसी गड़बड़ी का संकेत हो सकता है. अक्सर लोग इसे छोटी समस्या समझकर छोड़ देते हैं, लेकिन अगर रोज ऐसा हो रहा है तो यह पाचन तंत्र या लिवर से जुड़ी परेशानी का इशारा हो सकता है. इसलिए समय रहते इसके कारण को समझना जरूरी है. मुंह का स्वाद बिगड़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे खराब पाचन, मुंह की सही सफाई न होना, ज्यादा गैस बनना या शरीर में टॉक्सिन्स का बढ़ना. जब खाना ठीक से पचता नहीं है, तो उसका असर मुंह के स्वाद पर भी पड़ता है. कई बार खट्टी डकारें आना, मुंह से बदबू आना और भूख कम लगना भी इसी वजह से होता है. इसलिए इस समस्या को सिर्फ मुंह तक सीमित न समझें, बल्कि इसे पूरे शरीर के स्वास्थ्य से जोड़कर देखें. पाचन खराब होने से बदलता है स्वादजब पाचन तंत्र ठीक से काम नहीं करता, तो खाना सही तरीके से नहीं पचता. इससे शरीर में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं, जो मुंह के स्वाद को खराब कर देते हैं. खासकर सुबह के समय यह समस्या ज्यादा महसूस होती है. इसलिए पाचन को सही रखना बहुत जरूरी है. लिवर की समस्या भी हो सकती है कारणलिवर हमारे शरीर को डिटॉक्स करने और पाचन में मदद करने का काम करता है. अगर लिवर ठीक से काम नहीं कर रहा है, तो खून की सफाई प्रभावित होती है और पाचन भी कमजोर हो जाता है. इसका असर सीधे मुंह के स्वाद पर पड़ता है. इसलिए बार-बार स्वाद बिगड़ना लिवर से जुड़ी समस्या का संकेत भी हो सकता है. मुंह की सफाई न करना भी है वजहकई लोग रात में खाना खाने के बाद ठीक से ब्रश या कुल्ला नहीं करते. खासकर तला-भुना और मसालेदार खाना खाने के बाद मुंह की सफाई बहुत जरूरी होती है. अगर ऐसा नहीं किया जाए, तो बैक्टीरिया बढ़ने लगते हैं, जिससे मुंह का स्वाद खराब हो जाता है और बदबू भी आने लगती है. कब्ज और गैस से भी होती है समस्याअगर आपको कब्ज या गैस की समस्या है, तो इसका असर भी मुंह के स्वाद पर पड़ता है. पेट साफ न होने पर शरीर में गंदगी जमा होती है, जिससे सुबह उठते ही मुंह का स्वाद खराब और बदबूदार हो जाता है. इसलिए पेट का साफ रहना बेहद जरूरी है. ऐसे पाएं राहतइस समस्या से राहत पाने के लिए पाचन को मजबूत बनाना जरूरी है. रात में त्रिफला चूर्ण का सेवन करने से पेट साफ रहता है और शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं. इसके अलावा मीठी सौंफ खाने से भी फायदा मिलता है. यह पाचन को बेहतर बनाती है और मुंह का स्वाद भी अच्छा रखती है. साथ ही, रोजाना सही तरीके से ब्रश करना, पानी ज्यादा पीना और हेल्दी डाइट लेना भी बहुत जरूरी है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 12, 2026, 23:30 IST

ये 10 फूड्स खाएं, आंखों की रोशनी कभी नहीं होगी कमजोर, बुढ़ापे तक नहीं चढ़ेगा चश्मा

ये 10 फूड्स खाएं, आंखों की रोशनी कभी नहीं होगी कमजोर, बुढ़ापे तक नहीं चढ़ेगा चश्मा

X ये 10 फूड्स खाएं, आंखों की रोशनी कभी नहीं होगी कमजोर   Foods to improve eyesight: आजकल कम उम्र के लोगों की आंखों की रोशनी कमजोर हो जाती है. यहां तक कि बच्चों की भी आंखों की रोशनी कम होने के कारण अधिक पावर का चश्मा चढ़ जाता है. यदि आप नहीं चाहते हैं कि आपकी आंखें कम उम्र में ही कमजोर हों तो आपको अपनी डाइट में कुछ ऐसी चीजों को शामिल करनी होंगी, जो आंखों को हेल्दी रखती हैं. यूट्यूब चैनल Healthy Hamesha पर डॉ. सलीम जैदी ने कुछ ऐसे फूड्स के बारे में जानकारी दी है, जो आंखों के लिए बेस्ट होते हैं. इनके रेगुलर सेवन से आपकी आंखें हमेशा स्वस्थ रहेंगी.

Amla sharbat recipe aur fayde: गर्मियों में आंवले का शरबत पीने के फायदे और बनाने का तरीका

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Last Updated:April 12, 2026, 23:13 IST Amla sharbat recipe and benefits: आयुर्वेद में आंवला को अमलकी या ‘अमृतफल’ माना गया है. आवंला वात, पित्त, कफ तीनों को संतुलित करता है. इसमें विटामिन सी सबसे अधिक होता है, जो इम्यूनिटी बूस्ट करता है. गर्मी से बचने और शरीर को ठंडक पहुंचाने के लिए आंवले से बने शरबत का सेवन करना अधिक लाभकारी माना गया है. जानिए, आप आंवले के शरबत की रेसिपी और फायदे. आंवला शरबत के फायदे और बनाने की रेसिपी. Amla sharbat recipe and benefits: गर्मी हो या सर्दी, आंवले का सेवन हर मौसम में शरीर के लिए लाभकारी होता है. आंवला को शरीर के लिए काफी फायदेमंद बताया गया है. क्या आप जानते हैं कि गर्मियों में आंवला का सेवन करने से शरीर की ऊर्जा बरकरार रहती है और शरीर की सुस्ती का भी अंत होता है. हालांकि, इसके सेवन से पहले तरीका जान लेना भी जरूरी है. आंवले में मौजूद पोषक तत्व आयुर्वेद में आंवला को अमलकी या ‘अमृतफल’ माना गया है, जो शरीर में त्रिदोष को संतुलित करने में मदद करता है. आवंला वात, पित्त, कफ तीनों को संतुलित करने का काम करता है. इसमें मौजूद विटामिन सी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और मौसम बदलने के साथ होने वाले संक्रमण से भी बचाता है. गर्मी से बचने के लिए और शरीर को ठंडक पहुंचाने के लिए आंवले से बने शरबत का सेवन करना अधिक लाभकारी माना गया है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. आंवले का शरबत बनाने का तरीका और फायदे इसके लिए मटके का पानी, सेंधा नमक, धागे वाली मिश्री, सब्जा के बीज और आंवला का चूर्ण या ताजे आंवले का रस लें. पानी में एक आंवला रस मिलाएं, सब्जा के बीज और चुटकी भर सेंधा नमक मिलाएं. पूरी तरह मिलाने के बाद उसमें धागे वाली मिश्री को पीसकर मिलाएं और आखिर में बर्फ डालकर सर्व करें. यह ड्रिंक इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखता है और थकान तुरंत दूर करता है. इस शरबत के सेवन से गर्मियों में लू लगने का खतरा कम होता है और शरीर की अंदरूनी गर्मी कम होती है. गर्मियों में शरीर के तापमान को सामान्य बनाए रखने के लिए भी आंवला का शरबत मदद करता है. गर्मियों में पित्त और वात का असंतुलन आम है, जिससे शरीर में जकड़न बनी रहती है. इस सभी परेशानियों से राहत पाने के लिए आंवला का शरबत मददगार है. वात और पित्त के कम होने से पेट की अग्नि भी शांत होती है और चेहरे पर निकलने वाले मुहांसे कम होते हैं. गर्मियों में शरीर बाहरी और आंतरिक रूप से रूखा महसूस करता है. आंवला के रस के सेवन से शरीर में नमी बनी रहती है और त्वचा से संबंधित विकार भी कम होते हैं. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 12, 2026, 23:13 IST

पेट की चर्बी से लेकर तनाव तक सब होगा दूर! जानिए इस योगासन के चौंकाने वाले फायदे

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Last Updated:April 12, 2026, 23:12 IST अगर आप बिना ज्यादा मेहनत के अपनी सेहत सुधारना चाहते हैं, तो यह आसान योगासन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है. इसे रोज करने से शरीर में लचीलापन बढ़ता है, पाचन बेहतर होता है और तनाव भी कम होने लगता है. खास बात यह है कि इसे करना बेहद आसान है. ख़बरें फटाफट उपविष्ठ कोणासन के फायदे. योग एक स्वस्थ जीवनशैली का अहम हिस्सा है, जो शरीर और मन दोनों को संतुलित रखने में मदद करता है. नियमित योग करने से न सिर्फ शरीर फिट रहता है, बल्कि मानसिक तनाव भी कम होता है. हठ योग के कई आसन ऐसे होते हैं, जो शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर एक साथ काम करते हैं. इन्हीं में से एक है उपविष्ठ कोणासन, जो दिखने में आसान लगता है लेकिन सही तरीके से करने पर इसके कई फायदे मिलते हैं. उपविष्ठ कोणासन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले जमीन पर सीधे बैठ जाएं और दोनों पैरों को सामने की ओर फैला लें. इसके बाद धीरे-धीरे पैरों को जितना आराम से हो सके उतना चौड़ा करें. अब सांस को सामान्य रखते हुए शरीर को धीरे-धीरे आगे की ओर झुकाएं. कोशिश करें कि पीठ सीधी रहे और हाथों को आगे बढ़ाकर पैरों की ओर ले जाएं. इस स्थिति में कुछ समय रुकें और सामान्य सांस लेते रहें, फिर धीरे-धीरे वापस सीधी स्थिति में आ जाएं. मांसपेशियों को बनाता है मजबूत और लचीलाइस आसन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है. जब आप पैरों को फैलाकर आगे झुकते हैं, तो जांघों, हैमस्ट्रिंग और पीठ की मांसपेशियों में अच्छा खिंचाव आता है. इससे शरीर में लचीलापन बढ़ता है और अकड़न धीरे-धीरे कम होने लगती है. नियमित अभ्यास से बैठने और उठने में भी आसानी महसूस होती है. पाचन तंत्र को करता है बेहतरउपविष्ठ कोणासन पेट के अंदर मौजूद अंगों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. जब आप आगे झुकते हैं, तो पेट पर हल्का दबाव पड़ता है, जिससे पाचन तंत्र सक्रिय होता है. इससे भोजन सही तरीके से पचता है और गैस, कब्ज जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है. यह आसन पेट को स्वस्थ रखने में मदद करता है. वजन घटाने में करता है मददयह आसन शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी को कम करने में भी सहायक हो सकता है. खासकर पेट और जांघों के आसपास की मांसपेशियां इस दौरान एक्टिव होती हैं. नियमित रूप से करने पर इन हिस्सों में फैट कम होने लगता है और शरीर ज्यादा टोन दिखने लगता है. रीढ़ की हड्डी के लिए फायदेमंदइस आसन के दौरान जब आप आगे झुकते हैं, तो रीढ़ की हड्डी पर हल्का स्ट्रेच आता है. इससे स्पाइन मजबूत होती है और उसका लचीलापन बढ़ता है. जो लोग लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं, उनके लिए यह आसन खासतौर पर उपयोगी होता है, क्योंकि यह पीठ के दर्द को कम करने में मदद करता है. सांस और मानसिक स्वास्थ्य में सुधारउपविष्ठ कोणासन करते समय सांस पर ध्यान देना बहुत जरूरी होता है. इससे फेफड़ों में ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर होता है और सांस लेने की क्षमता मजबूत होती है. साथ ही जब आप इस आसन में कुछ देर शांत रहते हैं, तो मन भी धीरे-धीरे शांत होने लगता है. इससे तनाव, चिंता और बेचैनी कम होती है और आप ज्यादा रिलैक्स महसूस करते हैं. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 12, 2026, 23:12 IST

बुरहानपुर पहुंचे बोहरा धर्मगुरु सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन:हजारों अनुयायियों ने किया स्वागत; मंगलवार को दरगाह-ए-हकीमी में उर्स पर देंगे प्रवचन

बुरहानपुर पहुंचे बोहरा धर्मगुरु सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन:हजारों अनुयायियों ने किया स्वागत; मंगलवार को दरगाह-ए-हकीमी में उर्स पर देंगे प्रवचन

दुनिया भर के दाऊदी बोहरा समुदाय के 53वें धर्मगुरु सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन रविवार रात 8:30 बजे मुंबई से बुरहानपुर पहुंचे। स्टेशन पर हजारों समुदाय के सदस्यों ने उनका भव्य स्वागत किया। दाऊदी बोहरा जमात PRO कमेटी कोऑर्डिनेटर तफज्जुल हुसैन मुलायमवाला ने बताया कि सैयदना सैफुद्दीन अपने पूर्वज, सैयदी अब्दुल कादिर हकीमुद्दीन साहब की पुण्यतिथि (उर्स) मनाने के लिए बुरहानपुर आए हैं। वे मंगलवार को बुरहानपुर स्थित दरगाह-ए-हकीमी की हकीमी मस्जिद में प्रवचन देंगे। इस अवसर पर मध्य प्रदेश और भारत के अन्य हिस्सों से हजारों बोहरा समुदाय के सदस्य शहर में मौजूद रहेंगे। साहित्य प्रेमी और लेखक भी थे धर्मगुरु सैयदी अब्दुल कादिर हकीमुद्दीन का जन्म 1665 में 34वें धर्मगुरु सैयदना बदरुद्दीन बिन मुल्ला राज के कार्यकाल में हुआ था। वे साहित्य प्रेमी और एक महान लेखक थे, जिन्होंने उर्दू, संस्कृत, फारसी और अरबी में कई पुस्तकें लिखी थीं। अपनी धर्मपरायणता, विनम्रता और विद्वत्ता के लिए प्रसिद्ध, सैयदी अब्दुल कादिर हकीमुद्दीन का जीवन और विरासत आज भी दुनिया भर के हजारों दाऊदी बोहरा सदस्यों को प्रेरित करती है।

इन सफेद-काले छोटे बीजों में छिपे हैं कई बड़े गुण, हर दिन खाने से मसूड़े, दांत और हड्डियां होती हैं मजबूत

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Last Updated:April 12, 2026, 22:54 IST Sesame seeds benefits: आयुर्वेद में तिल को पोषण का खजाना कहा जाता है. इसमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम होता है, जो दांतों की मजबूती के लिए बेहद जरूरी है. नियमित रूप से तिल का सेवन करने से दांतों की जड़ें मजबूत होती हैं और मसूड़ों को भी मजबूती मिलती है. इसके अलावा, तिल के सेवन से क्या लाभ होते हैं, जानिए यहां. दिल की सेहत के लिए भी तिल बेहद फायदेमंद माना जाता है. Sesame seeds health benefits: आज के समय में दांतों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. कम उम्र में ही लोगों को दांतों में दर्द, कमजोरी और मसूड़ों की परेशानी होने लगती है. इसकी सबसे बड़ी वजह शरीर में कैल्शियम की कमी मानी जाती है. आमतौर पर लोग कैल्शियम के लिए दूध पर निर्भर रहते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि तिल दांतों को मजबूत बनाने में बेहद असरदार साबित हो सकता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व न सिर्फ दांतों को मजबूत बनाते हैं, बल्कि शरीर को कई अन्य बीमारियों से भी बचाने में मदद करते हैं. तिल को खाने से होने वाले फायदे आयुर्वेद में तिल को पोषण का खजाना कहा जाता है. इसमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम होता है, जो दांतों की मजबूती के लिए बेहद जरूरी है. नियमित रूप से तिल का सेवन करने से दांतों की जड़ें मजबूत होती हैं और मसूड़ों को भी मजबूती मिलती है. इसके अलावा, तिल में मौजूद फॉस्फोरस दांतों की संरचना को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है. यही कारण है कि आयुर्वेद में भी तिल को दांतों और हड्डियों के लिए बहुत लाभकारी माना गया है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. तिल में आयरन, मैग्नीशियम, जिंक और फाइबर जैसे कई जरूरी पोषक तत्व भी पाए जाते हैं. आयरन शरीर में खून की कमी को दूर करने में मदद करता है, जिससे एनीमिया जैसी समस्या से राहत मिलती है. वहीं, मैग्नीशियम हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ-साथ मांसपेशियों के सही काम करने में भी मदद करता है. जिंक इम्युनिटी को मजबूत करता है, जिससे शरीर बीमारियों से लड़ने में सक्षम बनता है. दिल की सेहत के लिए भी तिल बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद हेल्दी फैट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं और दिल को स्वस्थ बनाए रखते हैं. जो लोग हार्ट से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे हैं, उनके लिए तिल का सेवन लाभकारी साबित हो सकता है. पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में भी तिल अहम भूमिका निभाता है. इसमें मौजूद फाइबर पेट को साफ रखने में मदद करता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है. नियमित रूप से तिल के सेवन से डाइजेशन बेहतर होता है और पेट से जुड़ी कई परेशानियां दूर रहती हैं. इसके अलावा, तिल त्वचा और बालों को भी स्वस्थ रखता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा में निखार और बालों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. यही वजह है कि कई ब्यूटी प्रोडक्ट्स में भी तिल का इस्तेमाल किया जाता है. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 12, 2026, 22:54 IST

Natural Way To Control Typhoid: पाचन से जुड़ा टाइफाइड का बुखार, जानें गंभीर लक्षणों को कम करने के आयुर्वेद तरीके

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Last Updated:April 12, 2026, 22:51 IST Natural Way To Control Typhoid Symptoms: टाइफाइड का बुखार शरीर को तोड़कर रख देता है. लेकिन क्या आप जानते हैं इसे आप नेचुरल तरीके से भी ठीक कर सकते हैं. आयुर्वेद में इसके लिए आसान उपाय दिए गए है, जिन्हें आप डिटेल में यहां जान सकते हैं. ख़बरें फटाफट गर्मी और बरसात के मौसम में भारत में टाइफाइड का खतरा अचानक बढ़ जाता है. इसे मियादी बुखार भी कहा जाता है. यह बीमारी आम बुखार से अलग होती है और शरीर को अंदर से कमजोर कर देती है. एक बार होने पर इसकी कमजोरी कई दिनों तक बनी रहती है. टाइफाइड एक संक्रामक रोग है, जो शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकता है. आयुर्वेद के अनुसार, टाइफाइड का संबंध कमजोर पाचन शक्ति और कमजोर इम्यूनिटी से होता है. जब शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, तो कीटाणु आसानी से शरीर में प्रवेश कर जाते हैं. वहीं, आधुनिक विज्ञान के अनुसार यह बीमारी साल्मोनेला टाइफी नाम के बैक्टीरिया से होती है. यह बैक्टीरिया गंदे पानी और दूषित भोजन के जरिए शरीर में पहुंचता है और आंतों, खून और लिवर को प्रभावित करता है. टाइफाइड से बचाव और राहत के लिए आयुर्वेदिक उपाय– सबसे पहला उपाय है गिलोय का रस. गिलोय को आयुर्वेद में एक शक्तिशाली इम्यूनिटी बूस्टर माना जाता है. इसका सेवन तेज बुखार को कम करने और शरीर को मजबूत बनाने में मदद करता है. डॉक्टर की सलाह के साथ गिलोय का रस लेने से शरीर को जल्दी रिकवरी मिल सकती है. – दूसरा उपाय है तुलसी, काली मिर्च और सोंठ का काढ़ा. रोजाना तुलसी के पत्तों के साथ थोड़ी काली मिर्च और सोंठ मिलाकर काढ़ा पीने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. यह शरीर को ऊर्जा देता है और संक्रमण से लड़ने में मदद करता है. – टाइफाइड के दौरान मुलेठी का सेवन भी बहुत फायदेमंद होता है. यह खासतौर पर खांसी और गले की समस्या में राहत देता है. मुलेठी का पानी पीने या इसे चबाने से गले की जलन कम होती है और सांस लेने में आसानी होती है. क्योंकि टाइफाइड में फेफड़े भी कमजोर हो सकते हैं, इसलिए मुलेठी का नियमित सेवन लाभकारी माना जाता है. – इसके अलावा सुदर्शन चूर्ण और लौंग का पानी भी बुखार को कम करने में मदद करता है. ये उपाय शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं और संक्रमण से लड़ने की ताकत देते हैं. इस बात का रखें ध्यानयह ध्यान रखना जरूरी है कि टाइफाइड एक गंभीर बीमारी है. इसलिए केवल घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें. डॉक्टर की सलाह और दवा लेना बहुत जरूरी है। आयुर्वेदिक उपायों को आप सहायक के रूप में अपना सकते हैं. साफ-सफाई का ध्यान रखना, उबला हुआ या साफ पानी पीना और बाहर का दूषित खाना न खाना, टाइफाइड से बचाव के सबसे आसान तरीके हैं. सही देखभाल और समय पर इलाज से इस बीमारी से जल्दी ठीक हुआ जा सकता है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 12, 2026, 22:51 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

दो बाइक की टक्कर, तीन घायल:एक माइक्रो फाइनेंस कंपनी में काम करता, दो युवक सर्राठे मलाजखंड की ओर से बालाघाट आ रहे थे

दो बाइक की टक्कर, तीन घायल:एक माइक्रो फाइनेंस कंपनी में काम करता, दो युवक सर्राठे मलाजखंड की ओर से बालाघाट आ रहे थे

बालाघाट के बैहर रोड पर रविवार देर शाम दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। टेकाड़ी और पिपरटोला के बीच हुए इस हादसे में तीन युवक बुरी तरह घायल हुए हैं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि घायलों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से एक की नाजुक हालत को देखते हुए उसे निजी अस्पताल रेफर करना पड़ा। हादसे में घायल प्रकाश कुसरे बिरसा क्षेत्र में माइक्रो फाइनेंस कंपनी में काम करते हैं और छुट्टी मनाकर वापस अपनी ड्यूटी पर लौट रहे थे। वहीं दूसरी बाइक पर सवार संजय कावरे और राकेश सर्राठे मलाजखंड की ओर से बालाघाट आ रहे थे। बताया जा रहा है कि मलाजखंड की तरफ से आ रहे दोनों युवक नशे की हालत में थे, जिसके कारण बाइक पर से नियंत्रण खो गया और यह हादसा हो गया। अस्पताल में इलाज जारी फिलहाल प्रकाश की गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए हैं, जबकि संजय और राकेश का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। अस्पताल चौकी पुलिस ने डॉक्टरों की सूचना पर घायलों के परिवार वालों को खबर दे दी है और मामले की जांच शुरू कर दी है। खबर लिखे जाने तक दोनों अन्य घायलों की हालत भी गंभीर बनी हुई है

ग्वालियर पुलिस के हाथ लगा हत्या के प्रयास का आरोपी:मुखबिरी के शक में चलाई थीं गोलियां, खतरे में पड़ गई महिलाओं-बच्चों की जान

ग्वालियर पुलिस के हाथ लगा हत्या के प्रयास का आरोपी:मुखबिरी के शक में चलाई थीं गोलियां, खतरे में पड़ गई महिलाओं-बच्चों की जान

ग्वालियर के हजीरा थाना पुलिस के हाथ हत्या के प्रयास का आरोपी लगा है। बीते सप्ताह मुखबिरी के शक में एक बदमाश ने खुलेआम ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थीं, जिससे वहां मौजूद कई महिलाओं और बच्चों की जान पर खतरा पैदा हो गया था। फायरिंग का एक वीडियो भी सामने आया था। घटना हजीरा के चंदनपुरा इलाके की है। पुलिस तभी से हमलावर विजय पंडित की तलाश कर रही थी। एसएसपी ग्वालियर की ओर से उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। रविवार को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी हजीरा इलाके में देखा गया है। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। सीएसपी महाराजपुरा नागेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया कि खुलेआम फायरिंग करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। उस पर 10 हजार रुपए का इनाम था। मुखबिरी के शक में चलाई थीं गोलियां हजीरा थाना क्षेत्र के चंदनपुरा में कुछ दिन पहले विजय पंडित ने मामूली विवाद के बाद अपने साथियों के साथ मिलकर आशीष पिता अशोक सिंह चौहान पर राइफल से फायरिंग की थी। आरोपी को शक था कि आशीष उसकी पुलिस से मुखबिरी करता है। गोलीबारी के दौरान वहां कई महिलाएं और बच्चे मौजूद थे। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया था। तभी से हजीरा थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह तोमर उसकी तलाश में जुटे हुए थे। रविवार को उसके आने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। एसएसपी ने घोषित किया था इनाम आरोपी का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह राइफल लेकर फरियादी पर ताबड़तोड़ फायरिंग करता नजर आया था। इस मामले में विजय पंडित के साथ श्यामू पंडित और पप्पू शर्मा के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया था। इसके अलावा विजय पंडित पर एक युवक के अपहरण और जान से मारने की धमकी का मामला भी दर्ज है। इसके बाद एसएसपी धर्मवीर सिंह ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।