इंदौर में चलती कार में अचानक भभक उठी आग:शहर के व्यस्ततम चौराहे पर पुलिस ने रोकी कार, टला बड़ा हादसा

ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तत्परता रविवार को काम आई। इसकी वजह से एक बड़ा हादसा टल गया। पलासिया चौराहे पर एक चलती कार में अचानक आग लग गई। कार के चालक को पता ही नहीं चला कि कार में आग लगी है, पुलिसकर्मियों ने तुरंत कार को रुकवाया और पानी डालकर आग पर काबू पाया। रविवार रात को एक कार साकेत नगर से पलासिया होते हुए घंटाघर की ओर जा रही थी। पलासिया चौराहे पर ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक जवान मनोज शर्मा की नजर कार पर पड़ी तो उन्होंने देखा कि कार के इंजन के नीचले हिस्से से आग की लपटे उठ रही है। उन्होंने तुरंत ही कार चालक को गाड़ी रोकने के लिए कहा और पलासिया चौराहे से घंटाघर की ओर जाने वाली रोड पर ही कार रुकवा दी और कार चालक को तुरंत बाहर आने को कहा। जैसे ही कार चालक बाहर आया तो वह भी कार में आग देख हैरान रह गया और घबरा गया, जिसके तुरंत ट्रैफिक पुलिस जवानों ने शांत करवाया। पानी डालकर पाया आग पर काबू इस दौरान वहां पर ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक सुबेदार ब्रजराज अजनार, आरक्षक मनोज शर्मा, आरक्षक पवन और सैनिक सूरज ने तुरंत ही तत्परता दिखाते हुए पहले पानी की बोतल से फिर पानी की 20 लीटर की पानी की कुप्पी भरकर लाए और पानी डालकर आग पर काबू पाया। जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। कार की फोग लैंप की लाइट कराई थी चेंज ट्रैफिक सुबेदार ब्रजराज अजनार ने बताया कि कार में एक ही व्यक्ति सवार था। कार के नीचले हिस्से में आग लगी थी। जिसके कारण चालक को पता ही नहीं चला। कार चलाने के दौरान हवा से आग बढ़ने लगी। समय रहते उसे देख लिया नहीं तो बड़ा हादसा हो जाता। ट्रैफिक सुबेदार ने बताया कि चालक से जब चर्चा कि तो उसने बताया कि कुछ टाइम पहले ही उसने फोग लाइट चेंज करवाई थी और हाई पॉवर की लगवाई थी। फोग लाइट के वहीं आग लगी थी, जिसकी वजह से चालक को आग का पता नहीं चला। लाइट गर्म होने की वजह से प्लास्टिक चिपक गया। कुछ ही देर में प्लास्टिक जमीन पर गिरने लग गया था। करीब 2 मिनट में आग पर काबू पाया। तस्वीरों में देखिए-
‘किसान मित्र छड़ी’ सांपों से 100 मीटर पहले चेताएगी:मल्टी मशीन से एकसाथ कई काम संभव; रायसेन कृषि मेले में आधुनिक यंत्रों का प्रदर्शन

रायसेन के दशहरा मैदान में आयोजित उन्नत कृषि महोत्सव में खेती को सुरक्षित और आसान बनाने वाली आधुनिक तकनीकों ने किसानों का ध्यान आकर्षित किया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को स्वयं प्रदर्शनी का अवलोकन किया और किसानों को इन यंत्रों के उपयोग की जानकारी दी। महोत्सव में दो प्रमुख नवाचार प्रस्तुत किए गए हैं, जो किसानों की सुरक्षा बढ़ाने और उनकी मेहनत कम करने में सहायक हो सकते हैं। इनमें ‘किसान मित्र छड़ी’ और एक ‘मल्टी-टास्किंग मशीन’ शामिल हैं। ‘किसान मित्र छड़ी’ रात में खेतों में काम करते समय किसानों को सांप और अन्य जहरीले जीवों से होने वाले खतरे से आगाह करती है। यह छड़ी इसी समस्या के समाधान के लिए विकसित की गई है। जमीन पर रखने पर यह छड़ी कंपन के माध्यम से लगभग 100 मीटर के दायरे में सांप या अन्य जहरीले जीवों की उपस्थिति का संकेत देती है, जिससे किसान समय रहते सतर्क हो सकते हैं। इसमें एक सोलर टॉर्च भी लगी है, जो अंधेरे में रोशनी प्रदान करती है। ‘मल्टी-टास्किंग मशीन’ भी आकर्षण का केंद्र बनी दूसरी ओर, ‘मल्टी-टास्किंग मशीन’ भी किसानों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यह आधुनिक यंत्र बागवानी फसलों में निंदाई-गुड़ाई, दवा छिड़काव और कटाई (रीपर) जैसे कई कार्य एक साथ कर सकता है। इसकी मुख्य विशेषता यह है कि इसे पौधों की कतारों के बीच आसानी से चलाया जा सकता है, जिससे फसल को कोई नुकसान नहीं होता और काम भी तेजी से पूरा होता है। यह मशीन किसानों की लागत और श्रम दोनों को कम करने में सहायक सिद्ध होगी। इन नवाचारों से स्पष्ट होता है कि कृषि अब केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीक के समावेश से यह अधिक सुरक्षित, आसान और लाभदायक बन रही है। यह महोत्सव कल (सोमवार) शाम तक जारी रहेगा, जिससे किसानों को इन नई तकनीकों को समझने और अपनाने का अवसर मिलेगा। आज (रविवार) देर शाम तक केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि मेले में लगाए कई स्टॉल और कृषि यंत्रों का अवलोकन किया। इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा भी मौजूद रहे।
निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन का शिकंजा:कॉपी-किताब और यूनिफॉर्म में एकाधिकार खत्म, कलेक्टर का सख्त आदेश; उल्लंघन पर होगी दंडात्मक कार्रवाई

निजी स्कूलों द्वारा कॉपी-किताब, यूनिफॉर्म और अन्य शैक्षणिक सामग्री की खरीद को लेकर की जा रही अनिवार्यता और एकाधिकार पर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिए हैं। जारी आदेश के अनुसार प्रत्येक विद्यालय संचालक/प्राचार्य को प्रत्येक कक्षा की अनिवार्य पुस्तकों की सूची परीक्षा परिणाम घोषित होने से पहले अपनी स्कूल की वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी और विद्यालय परिसर के सार्वजनिक स्थान पर चस्पा करना होगा। प्रवेश के समय एवं परीक्षा परिणाम के दौरान अभिभावकों को पुस्तकों की सूची की प्रति उपलब्ध कराना भी अनिवार्य होगा। साथ ही सत्र प्रारंभ होने से दो माह पूर्व कम से कम तीन पुस्तक/यूनिफॉर्म विक्रेताओं के नाम वेबसाइट पर अपलोड करना सुनिश्चित करना होगा। किसी एक दुकान से खरीद की बाध्यता नहीं विद्यालय प्रबंधन विद्यार्थियों औरअभिभावकों को किसी एक दुकान, विक्रेता या संस्था विशेष से कॉपी-किताब या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं करेगा। अभिभावक 15 जून 2026 तक अपनी सुविधा अनुसार पुस्तकों की खरीद कर सकेंगे। एनसीईआरटी और अधिकृत पुस्तकों के अलावा अन्य पर रोक विद्यालय जिस बोर्ड सीबीएसई, आईसीएसई, एमपी बोर्ड या अन्य से संबद्ध है, उसी के निर्धारित पाठ्यक्रम की पुस्तकें ही पढ़ाई जाएंगी। नियामक संस्था या विधिक रूप से अधिकृत एजेंसी (जैसे एनसीईआरटी, मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम आदि) द्वारा प्रकाशित पुस्तकों के अतिरिक्त निजी प्रकाशकों की पुस्तकों का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। नैतिक शिक्षा, सामान्य ज्ञान, कंप्यूटर आदि विषयों की निजी प्रकाशकों की पुस्तकें खरीदने के लिए भी विद्यार्थियों को बाध्य नहीं किया जाएगा। पीटीएम में प्रचार-प्रसार पर रोक यूनिफॉर्म में भी सख्त प्रावधान कोई भी विद्यालय दो से अधिक प्रकार की यूनिफॉर्म निर्धारित नहीं करेगा (ब्लेजर और स्वेटर अलग रहेंगे)। यूनिफॉर्म में कम से कम तीन वर्ष तक कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित स्कूल प्रबंधन के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी। 12 अप्रैल से 11 जून तक रहेगा प्रभावी यह प्रतिबंधात्मक आदेश 12 अप्रैल 2026 से 11 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा। जिला प्रशासन ने सभी विद्यालयों को आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मोबाइल चोरी के आरोप से आहत वृद्धा ने जहर खाया:छतरपुर में गाली-गलौज और मारपीट की कोशिश; बाद में पेड़ पर मिला मोबाइल

छतरपुर जिले के बारीगढ़ थाना क्षेत्र में रविवार को मोबाइल चोरी के आरोप से आहत एक 65 वर्षीय महिला ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। गंभीर हालत में महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। महिला की पहचान संपत अहिरवार (65), निवासी बारीगढ़ के रूप में हुई। घटना के बाद परिजन उसे पहले स्थानीय अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर छतरपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। आरोप- गाली-गलौज, मारपीट की कोशिश हुई परिजनों के अनुसार, घटना के समय महिला का पति खेत पर काम करने गया था। इसी दौरान गांव के ही एक दंपती घर पहुंचे और मोबाइल चोरी का आरोप लगाने लगे। आरोप है कि उन्होंने महिला के साथ गाली-गलौज की और मारपीट की कोशिश भी की। बताया गया कि आरोप लगाने वालों ने घर का सामान भी अस्त-व्यस्त कर दिया और मोबाइल की तलाश में कपड़े, बिस्तर और अनाज तक बिखेर दिया। महिला ने खुद को निर्दोष बताते हुए मंदिर में कसम खाने तक की बात कही, लेकिन आरोप लगाने वाले नहीं माने। बाद में मोबाइल घर के पास एक पेड़ की खोह में मिला, जहां महिला आम तोड़ने गई थी और वहीं उसे रख दिया था। मोबाइल मिलने के बावजूद हुए अपमान और मानसिक दबाव से आहत होकर महिला ने जहर खा लिया। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और परिजन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस को मामले की सूचना दे दी गई है। स्वस्थ्य होने परल महिला के बयान लेंगे : थाना प्रभारी जुझारनागर थाना प्रभारी राजकुमार यादव के अनुसार, अस्पताल से सूचना मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। महिला के स्वस्थ होने पर उसके बयान दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घूरकर देखने पर दोस्तों के सामने चाकू मारकर हत्या:सीने में किए कई वार, शव के पास रोती रही मां; 3 महीने पहले हुई थी शादी

मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में घूरकर देखने पर चाय पी रहे युवक की हत्या कर दी गई। आरोपी ने युवक पर चाकू से कई वार किए। सीने में गहरे घाव हुए और अधिक खून बहने से मौके पर मौत हो गई। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के शुक्ला चौक का है। जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान 21 वर्षीय साहिल पिता अय्यूब शाह, निवासी मदारपुरा के रूप में हुई है। हमले में रहीम (पिता मुन्ना शाह) भी घायल हुआ। आरोपी ने उसके हाथ और अन्य जगहों पर वार किए, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। ये तस्वीरें देखिए… साढ़े 6 बजे घर से निकला, 8 बजे तक हत्या की खबर परिजन के मुताबिक, साहिल शाम करीब 6:30 बजे यह कहकर घर से निकला था कि वह थोड़ी देर में लौट आएगा। कुछ ही घंटों बाद उसकी मौत की खबर घर पहुंच गई। साहिल की शादी तीन महीने पहले हुई थी। वारदात के बाद परिवार में मातम है। मां शव को पकड़कर रोती रही। रात करीब 8 बजे विवाद के बाद हमला घायल दोस्त रहीम ने बताया, रात करीब 8 बजे शुक्ला चौक के पास साहिल और साथी चाय की दुकान पर बैठे थे, तभी अमन शाह नाम का युवक बाइक से पहुंचा। उसने साहिल पर घूरकर देखने का आरोप लगाया। बिना बहस के चाकू से हमला कर दिया। हमला इतना तेज था कि साहिल संभल नहीं पाया। आरोपी ने सीधे सीने पर वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बीच-बचाव करने आए रहीम भी हमले में घायल हो गया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही टूट गई सांसें स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने साहिल को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर्स के अनुसार, सीने पर गहरे घाव हैं। ज्यादा खून बह जाने की वजह से मौत हो गई। वहीं रहीम का इलाज जारी है। हालत स्थिर है। आरोपी फरार, पुलिस ने शुरू की तलाश कोतवाली पुलिस ने बताया- वारदात के बाद आरोपी अमन शाह पिता आमीन शाह फरार हो गया। रहीम के बयान दर्ज कर लिए हैं। आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। यह भी जांच की जा रही है कि विवाद केवल घूरकर देखने को लेकर था या कोई पुरानी रंजिश थी। …………………………………… निवाड़ी में मछली काटने वाली छुरी से लड़की का गला काटा मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर निवाड़ी जिले में युवती की गला काटकर हत्या की गई है। उसकी कुछ दिन में शादी होने वाली थी। मर्डर स्पॉट से 100 मीटर दूर UP के युवक की फांसी पर लटकी डेडबॉडी मिली। मामला सेंदरी थाना क्षेत्र के पूछा की पहाड़ी ढिमरपुरा का है। पढ़ें पूरी खबर…
भारत बोला-चीन के दिए नाम मनगढ़ंत, अरुणाचल भारत का हिस्सा:झूठे दावे हकीकत नहीं बदलते; चीन ने 9 साल में 62 जगहों के नाम बदले

चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश के स्थानों को फर्जी नाम देने पर भारत ने विरोध जताया है। विदेश मंत्रालय ने रविवार को कहा कि ऐसे झूठे दावे जमीन की हकीकत नहीं बदल सकते। अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और रहेगा। चीन अरुणाचल प्रदेश के कुछ स्थानों के लिए अपने हिसाब से नाम तय करता रहा है और उस पर दावा करता है। भारत ने इस तरह के कदम को खारिज करते हुए कहा कि यह भारत का हिस्सा है। इसमें कोई बदलाव नहीं हो सकता। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने यह बयान एक मीडिया सवाल के जवाब में दिया। उन्होंने एक प्रेस नोट जारी करते हुए लिखा कि भारत अपने क्षेत्र के हिस्सों को दिए गए फर्जी नामों को पूरी तरह खारिज करता है। चीन की ओर से ऐसे नाम तय करना शरारती कोशिश है। इधर, चीन ने शिनजियांग क्षेत्र में ‘सेनलिंग’ नाम से नया काउंटी बनाया है। इसे 26 मार्च को मंजूरी दी गई। यह इलाका कराकोरम क्षेत्र के पास है। जो अफगानिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) की सीमा के करीब स्थित है। काउंटी चीन की प्रशासनिक इकाई होती है, जो जिले जैसी होती है। दोनों देशों के रिश्तों पर असर की चेतावनी भारत ने कहा कि चीन के ऐसे कदम दोनों देशों के रिश्तों को सामान्य बनाने की कोशिशों को प्रभावित करते हैं। चीन को ऐसे कदमों से बचना चाहिए, जो रिश्तों में नकारात्मकता लाते हैं और बेहतर समझ बनाने की प्रक्रिया को कमजोर करते हैं। भारत की ओर से यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब लद्दाख को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है। एक साल में तीसरी बार शिनजियांग में काउंटी बनाया चीन ने शिनजियांग क्षेत्र में ‘सेनलिंग’ नाम से नया काउंटी बनाया है। पिछले एक साल में चीन तीसरी बार शिनजियांग में नया काउंटी बना चुका है। इससे पहले ‘हियान’ और ‘हेकांग’ काउंटी बनाए गए थे। हियान काउंटी का बड़ा हिस्सा अक्साई चिन क्षेत्र में आता है, जिसे भारत लद्दाख का हिस्सा मानता है। सिल्क रूट और CPEC से कनेक्शन नया काउंटी काशगर क्षेत्र से जुड़ा है, जो प्राचीन सिल्क रूट का अहम केंद्र रहा है। सिल्क रूट वह ऐतिहासिक व्यापार मार्ग था, जो चीन को मध्य एशिया और यूरोप से जोड़ता था। आज यही क्षेत्र चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) की शुरुआत का भी केंद्र है। यह प्रोजेक्ट पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) से होकर गुजरता है, जिसे भारत अपनी संप्रभुता का उल्लंघन मानता है। हालांकि सेनलिंग काउंटी की सीमाएं स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन संवेदनशील सीमा क्षेत्रों के पास इस तरह के प्रशासनिक बदलाव को लेकर भारत ने चिंता जताई है। चीन ने 9 साल में 62 जगहों के नाम बदले चीन पहले भी अरुणाचल प्रदेश के स्थानों के नाम बदल चुका है। भारत हर बार इसका विरोध करता रहा है। 2017 में 6 स्थानों के नए नाम जारी किए 2021 में 15 स्थानों के नाम बदले थे 2023 में 11 स्थानों के नाम घोषित किए 2024 में 30 जगहों के नाम बदल दिए। इनमें 11 रिहायशी इलाके, 12 पर्वत, 4 नदियां, एक तालाब और एक पहाड़ों से निकलने वाला रास्ता है। ————-
राजगढ़ में स्विमिंग पूल उद्घाटन पर शुल्क विवाद:कांग्रेस ने कहा- पहले मुफ्त था, अब 200 रुपए रोज; विभाग बोला- ₹50 प्रति घंटा ही वास्तविक चार्ज

राजगढ़ में प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कौशल विकास एवं रोजगार विभाग गौतम टेटवाल ने रविवार को जिला मुख्यालय स्थित शासकीय स्विमिंग पूल का विधिवत शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम के बाद मंत्री द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के बाद पूल के शुल्क को लेकर विवाद खड़ा हो गया। यह स्विमिंग पूल नया नहीं है, बल्कि लगभग 10 साल पुराना है और इसे हर साल गर्मियों में चालू किया जाता रहा है। इस बार प्रशासन ने औपचारिक रूप से मंत्री से इसका उद्घाटन करवाया। मंत्री टेटवाल ने अपने संबोधन में कहा कि जिले में खेल सुविधाओं का विस्तार युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए आवश्यक है, जिससे उन्हें तैराकी जैसी गतिविधियों में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। शुल्क बढ़ने पर मंत्री से हस्तक्षेप की मांग हालांकि, मंत्री की सोशल मीडिया पोस्ट पर कांग्रेस नेता एहेतेशाम सिद्धीकी ने शुल्क वृद्धि पर सवाल उठाए। उन्होंने टिप्पणी की कि यह पूल पहले निःशुल्क था, फिर 10 रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क लिया जाने लगा और अब इसे बढ़ाकर 200 रुपए प्रतिदिन कर दिया गया है। सिद्धीकी के अनुसार, इस हिसाब से मासिक खर्च लगभग 6,000 रुपए होता है, जो आम जनता की पहुंच से बाहर है। उन्होंने मंत्री से हस्तक्षेप कर छात्रों और आम लोगों को राहत प्रदान करने की मांग की। वास्तविक शुल्क 50 रुपए प्रति घंटा : विभाग इस संबंध में, खेल एवं युवक कल्याण विभाग की जिला संयोजक शर्मिला डाबर ने स्पष्ट किया कि वास्तविक शुल्क 50 रुपए प्रति घंटा है। उन्होंने बताया कि मासिक शुल्क लगभग 1,500 रुपए है और एक घंटे से अधिक समय तक रुकने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता है। उद्घाटन कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा, पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी सहित अन्य अधिकारी और नागरिक उपस्थित रहे।
जुन्नारदेव में चोरी नाकाम, ग्रामीणों ने चोरों को रंगेहाथ पकड़ा:घेराबंदी कर जमकर पिटाई की; पुलिस के हवाले किया

छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव थाना क्षेत्र के ग्राम बुधवार में ग्रामीणों की सतर्कता से चोरी की वारदात टल गई। बकरा-बकरी चोरी करने की कोशिश कर रहे दो आरोपियों को ग्रामीणों ने रंगेहाथ पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। जानकारी के अनुसार, रविवार को संदिग्ध गतिविधियां देख ग्रामीणों को शक हुआ। आरोपियों द्वारा काफी देर तक इलाके में घूमकर चोरी के लिए मौका तलाशा जा रहा था। इसी दौरान ग्रामीणों ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपियों की पिटाई कर दी और उन्हें पकड़े रखा। इसके बाद डायल 112 को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर डायल 112 टीम मौके पर पहुंची। टीम में पायलट राहुल अमरवंशी और आरक्षक संस्कार बघेल व योगेश जांगले शामिल थे। ग्रामीणों ने दोनों आरोपियों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस आरोपियों को हिरासत में लेकर थाने ले गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
High BP Tips: पूरी गर्मी कंट्रोल रहेगा हाई ब्लड प्रेशर, बस घर पर रोज करें ये आसान प्राणायाम

Last Updated:April 12, 2026, 21:36 IST Manage High BP Naturally: हाई बीपी हार्ट डिजीज के रिस्क को काफी ज्यादा बढ़ाती है, ऐसे में इसे कंट्रोल करना बहुत जरूरी होता जाता है. अच्छी बात ये है कि दवाओं के साथ-साथ योग और सही जीवनशैली अपनाकर इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है. शीतकारी प्राणायाम हाई बीपी को कंट्रोल करने वाला ऐसा ही नेचुरल तरीका है. ख़बरें फटाफट Manage High BP Naturally: आजकल बदलती जीवनशैली अनियमित दिनचर्या और गलत खानपान के कारण हाई ब्लड प्रेशर एक आम समस्या बन गया है. दुनियाभर में करोड़ों लोग इससे प्रभावित हैं और भारत में यह हार्ट डिजीज व स्ट्रोक का बड़ा कारण माना जाता है. अच्छी बात यह है कि दवाओं के साथ-साथ योग और सही जीवनशैली अपनाकर इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है. इन्हीं योग तकनीकों में से एक है शीतकारी प्राणायाम, जो एक आसान और प्रभावी श्वास अभ्यास है. यह शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ मन को शांत करता है और ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है. क्या होता है शीतकारी प्राणायामशीतकारी प्राणायाम में मुंह के जरिए धीरे-धीरे सांस अंदर ली जाती है. इससे शरीर में ठंडक महसूस होती है, जो खासतौर पर गर्मियों में बहुत फायदेमंद होती है. यह अभ्यास तनाव और चिंता को कम करता है, जिससे ब्लड प्रेशर पर सकारात्मक असर पड़ता है. साथ ही यह शरीर के नर्वस सिस्टम को संतुलित करने में भी मदद करता है. नियमित अभ्यास से कई फायदे मिलते हैंयह दिल की धड़कन को सामान्य रखने में मदद करता है, शरीर को ठंडा रखता है और पाचन से जुड़ी गर्मी की समस्याओं को कम करता है. इसके अलावा यह सांस लेने की गति को धीमा करता है, जिससे शरीर को ऑक्सीजन बेहतर तरीके से मिलती है और फेफड़े मजबूत होते हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता, इसलिए इसे दवाओं के साथ सुरक्षित रूप से किया जा सकता है. साइंस ने भी माना फायदेमंदकुछ रिसर्च में यह भी पाया गया है कि शीतकारी और शीतली प्राणायाम हल्के और मध्यम हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों में सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद कर सकते हैं. इसका मुख्य कारण तनाव में कमी और शरीर के रिलैक्स होने की प्रक्रिया है. कैसे करें शीतकारी प्राणायामइसे करने का तरीका भी बहुत आसान है. आराम से किसी शांत जगह पर बैठ जाएं, पीठ सीधी रखें और आंखें बंद कर लें. अब दांतों को हल्का सा मिलाएं और होंठ थोड़े खुले रखें. दांतों के बीच से धीरे-धीरे सांस अंदर लें. फिर मुंह बंद करके नाक से धीरे-धीरे सांस बाहर छोड़ें. रोजाना 10 मिनट तक इसका अभ्यास करें. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 12, 2026, 21:36 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
Ken River Protest Continues | Tribal Displacement Stir, Chita Andolan

छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना से विस्थापित हो रहे आदिवासियों का ‘चिता आंदोलन’ आज (रविवार) और तेज हो गया। केन नदी की जलधारा में चिताओं पर लेटकर विरोध कर रहे हजारों आदिवासियों ने सामूहिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है। . आंदोलन के आठवें दिन, प्रभावित गांवों के हजारों परिवारों ने अपने घरों में चूल्हा नहीं जलाया। बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और पुरुषों सहित सभी ने सामूहिक रूप से भोजन का त्याग किया। “खाना नहीं बनाएंगे, न्याय लेकर रहेंगे” के नारे लगाते हुए, वे नदी के किनारे और जलधारा के बीच बनी चिताओं तक पहुंचे। महिलाएं बच्चों के साथ चिताओं पर लेटीं भूख हड़ताल के कारण नदी के बीच चल रहा ‘चिता आंदोलन’ और तीव्र हो गया। सैकड़ों महिलाएं अपने बच्चों के साथ चिताओं पर लेटी गईं। नदी किनारे हजारों अन्य लोग भी बिना भोजन के “न्याय दो या मौत दो!” के नारे लगाकर आंदोलनकारियों का समर्थन कर रहे थे। जय किसान संगठन के अमित भटनागर, जो आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं, ने प्रशासन पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “आज हजारों घरों में चूल्हा नहीं जला। यह भूख हड़ताल प्रशासन के दमन और असंवेदनशीलता का सीधा जवाब है।” भटनागर ने आगे कहा कि उन्हें झूठा मुआवजा नहीं, बल्कि अपनी जल, जंगल, जमीन और संस्कृति चाहिए। मांग पूरी न होने तक आंदोलन चलेगा उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी वैधानिक मांगें (धारा 11, 15, 18 आदि का पालन) पूरी नहीं होंगी, तब तक यह सामूहिक भूख हड़ताल और चिता आंदोलन जारी रहेगा। भटनागर ने प्रशासन पर मेडिकल टीम और राशन-पानी की आपूर्ति पर रोक लगाकर मानवीय संकट पैदा करने का भी आरोप लगाया। इधर, कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने आंदोलन को अवैध बताते हुए धारा 163 (धारा 144) के उल्लंघन पर कानूनी कार्यवाही की चेतावनी दी है। उनका दावा है कि 90 फीसदी मुआवजा दिया जा चुका है, लेकिन आंदोलनकारियों का कहना है कि यह झूठ है और वे ग्राम सभा के दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की मांग पर अड़े हुए हैं। यह भी पढ़ें… पानी में नमक डालकर बच्चों को खिला रहे रोटी; अर्थी पर लेटे, बोले- न्याय दो या फिर मौत सरकार ने सबकुछ तो छीन लिया। चिता पर बच्चों के साथ लेटे हैं। बच्चे रोते हैं, सूखी रोटी नहीं खाते। मजबूरी में पानी में नमक मिलाकर उसमें रोटी डुबोकर खिला रहे हैं। यह दर्द है रानी का, जो केन-बेतवा लिंक परियोजना में शामिल प्रभावितों में से एक है। प्रशासन द्वारा लगाई धारा 163 और कड़े पहरे के बीच, हजारों आदिवासियों, किसानों और महिलाओं ने केन नदी की जलधारा के बीचों-बीच विरोध स्वरूप ‘प्रतीकात्मक चिताओं’ पर लेटे हैं। रानी समेत बच्चों को लेकर चिताओं पर लेटी इन महिलाओं की एक ही मांग है- “न्याय दो या मौत।” पूरी खबर पढ़ें…









