Wednesday, 27 May 2026 | 07:19 PM

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सर घेराव मामला: आईएसएफ नेता गुलाम रब्बानी गिरफ्तार, एनआईए जांच कर रही है कि क्या उन्होंने न्यायिक अधिकारियों पर हमले की ‘योजना’ बनाई थी | चुनाव समाचार

LSG vs GT Live Score: Follow match updates from Ekana Stadium in Lucknow

आखरी अपडेट:12 अप्रैल, 2026, 16:43 IST सूत्रों ने कहा कि पश्चिम बंगाल के मालदा में घटना से एक दिन पहले, आईएसएफ नेता गुलाम रब्बानी ने एक बैठक की और लोगों से विरोध में शामिल होने का आग्रह किया। एनआईए ने कहा कि आईएसएफ नेता गुलाम रब्बानी को एक घंटे में गिरफ्तार कर लिया जाएगा। (छवि: न्यूज18) एनआईए ने रविवार को एसआईआर घेराव मामले में आईएसएफ नेता गुलाम रब्बानी को हिरासत में लिया, जिसमें पश्चिम बंगाल के मालदा में न्यायिक अधिकारियों पर कथित तौर पर हमला किया गया था। न्यायिक अधिकारियों को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित कार्य के लिए प्रतिनियुक्त किया गया था। जानकारी के मुताबिक रब्बानी इस इलाके में आईएसएफ नेता हैं. सूत्रों ने एक्सक्लूसिव तौर पर बताया न्यूज18 कि मोथाबारी में घटना से एक दिन पहले उन्होंने वहां एक बैठक की थी और लोगों से विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का आग्रह किया था. एनआईए ने कहा कि वह इस बात की जांच कर रही है कि क्या उसने उस बैठक के दौरान न्यायिक अधिकारियों पर हमला करने की पहले से योजना बनाई थी। इसमें कहा गया कि उसे एक-एक घंटे में गिरफ्तार कर लिया जाएगा। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 12 अप्रैल, 2026, 16:36 IST समाचार चुनाव सर घेराव मामला: आईएसएफ नेता गुलाम रब्बानी गिरफ्तार, एनआईए जांच कर रही है कि क्या उन्होंने न्यायिक अधिकारियों पर हमले की ‘योजना’ बनाई थी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)एनआईए ने आईएसएफ नेता गुलाम रब्बानी को हिरासत में लिया(टी)एनआईए जांच(टी)आईएसएफ नेता की गिरफ्तारी(टी)एसआईआर घेराव मामला(टी)मालदा पश्चिम बंगाल(टी)न्यायिक अधिकारियों पर हमला(टी)चुनावी सूची संशोधन(टी)मोथाबारी विरोध

Uma Bharti Jhansi Train Depart Early

Uma Bharti Jhansi Train Depart Early

मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के साथ रविवार को झांसी रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। रेलवे के संचालन में खामी के कारण उन्हें चलती हुई पंजाब मेल ट्रेन में सवार होना पड़ा। इस घटना से आहत होकर उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव क . दैनिक भास्कर से फोन पर हुई बातचीत में उमा भारती ने कहा- जो घटना मेरे साथ हुई है वो आए दिन यात्रियों के साथ हो रही है। महिलाएं सामान और बच्चों के साथ प्लेटफार्म पर दौड़ती भागती हैं। बुजुर्गों के साथ ऐसी घटनाएं होती हैं। पत्र लिखकर रेल मंत्री को बताई पूरी घटना रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखे पत्र में उमा भारती ने लिखा- मैंने पूर्व में मथुरा रेलवे स्टेशन की यात्रियों के प्रति संवेदनहीनता की बात लिखी है। मेरे साथ आज फिर झांसी रेलवे स्टेशन पर चढ़ते हुए एक घटना हो गई जिसमें कोई अपराधी नहीं है बल्कि स्टेशनों पर आधुनिक सुविधाओं के निर्माण में व्यावहारिक संवेदनशीलता का अभाव कारण बना है। उमा भारती, पूर्व मुख्यमंत्री मप्र। सीसीटीवी निकलवाए जाएं उमा भारती ने लिखा- झांसी रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी निकलवाए जाएं। मैं झांसी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन आने के पहले आ गई थी और यह ट्रेन निर्धारित समय से पूर्व टाइम पर आ गई और निर्धारित समय से पूर्व प्रस्थान हो गई। मुझे बैटरी गाड़ी में बैठाकर प्लेटफॉर्म नंबर 1 से 4 नंबर की तरफ ले जाया जा रहा था। इतने में उसी ट्रैक से एक गाड़ी लंबे समय तक गुजरी और हम खड़े रहे। फिर जब थोड़ा आगे बढ़े तो एक हाथ ठेला ट्रैक में फंसा हुआ था। उसको निकालने में मेरे सुरक्षाकर्मियों ने सहयोग किया फिर जब मैं 4 नंबर प्लेटफार्म पर पहुंची तथा जिस ट्रेन पंजाब मेल में मुझे बैठना था वह चलती जा रही थी। किसने चेन खींची जिसका मुझे अंदाज नहीं है और मुझे ट्रेन में बैठा दिया गया। उमा ने लिखा- मैं समय पर स्टेशन पहुंची,तेजी से नहीं चल पाने की मेरी असमर्थता के कारण थोड़ा पहले रेलवे-स्टेशन पहुंची, झांसी रेलवे विभाग के अधिकारी मेरी इस शारीरिक असमर्थता से सालों से परिचित हैं इसलिए उन्होंने मेरे लिए बैटरी गाड़ी की व्यवस्था की थी क्योंकि एक्सीलेटर पर भी मुझे तकलीफ हो सकती थी। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती झांसी रेलवे स्टेशन पर(फाइल फोटो) मिलकर मथुरा और झांसी की घटनाएं बताऊंगी उमा ने आगे लिखा- सब कुछ समय के अनुसार था किसी से कोई भूल नहीं थी। ट्रेन के तीन-चार मिनट मेरे लिए खराब हुए। इसमें पहला कारण था ट्रेन का समय से पहले पहुंचना तथा समय से 2 मिनट पहले निकल जाना। रेल के अंदर संचालित करने वाले अधिकारियों की गलती उमा भारती ने आगे लिखा कि मेरा तो छोड़ दीजिए लेकिन आमजन, दिव्यांगजन, वृद्ध, स्त्री पुरुष बहुत सारा सामान एवं गोद में बच्चे लिए महिलाएं अव्यवस्था का शिकार होते हैं। मैं झांसी रेलवे के अधिकारियों की बिल्कुल गलती नहीं मानती और अपनी भी नहीं मानती यह पूरी की पूरी व्यवस्था रेल के अंदर रेल को संचालित करने वाले अधिकारियों के द्वारा हुई। मैं आपसे फिर कहूंगी कि आप इन अव्यवस्थाओं पर ध्यान दीजिए। ये खबर भी पढ़ें… उमा भारती बोलीं- 2029 का चुनाव झांसी से ही लड़ूंगी पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने चुनाव लड़ने की बात दोहराते हुए बुधवार को फिर कहा है कि मैं 2029 का चुनाव झांसी से ही लड़ूंगी। लड़ूंगी तो झांसी से ही लड़ूंगी। मेरी इच्छा लोकसभा चुनाव लड़ने की ही है। पार्टी कहेगी तो चुनाव लड़ूंगी, मना नहीं करूंगी।पूरी खबर पढ़ें

गैस और पेट फूलने से तुरंत राहत पाने का देसी तरीका, हींग और सोडा का पानी कैसे देता है मिनटों में आराम, यहां जानिए

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Instant Gas Relief: आजकल की लाइफस्टाइल और खानपान ने पेट से जुड़ी दिक्कतों को आम बना दिया है. कभी भारी खाना, कभी बाहर का जंक फूड, तो कभी समय पर खाना न खाना-ये सब मिलकर गैस और एसिडिटी की समस्या को बढ़ा देते हैं. कई बार तो हालत ऐसी हो जाती है कि पेट फूल जाता है, दर्द होने लगता है और बेचैनी अलग से. ऐसे में लोग तुरंत दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन हर बार दवा लेना सही तरीका नहीं होता, अगर आप भी बार-बार गैस और पेट फूलने से परेशान रहते हैं, तो एक आसान सा घरेलू उपाय आपकी मदद कर सकता है. हींग और सोडा का पानी एक ऐसा देसी नुस्खा है जो काफी समय से इस्तेमाल किया जा रहा है और इसका असर भी तेजी से दिखता है. खास बात ये है कि ये चीजें लगभग हर किचन में आसानी से मिल जाती हैं. इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि हींग-सोडा पानी कैसे बनाना है, इसे कब और कैसे पीना चाहिए, और ये शरीर पर कैसे काम करता है. अगर आप बिना ज्यादा खर्च और बिना साइड इफेक्ट के राहत चाहते हैं, तो ये उपाय आपके लिए काफी काम का साबित हो सकता है. हींग-सोडा पानी बनाने का सही तरीकाइस नुस्खे को बनाना बेहद आसान है और इसमें ज्यादा समय भी नहीं लगता. सबसे पहले आधा गिलास हल्का गर्म पानी लें. अब इसमें आधा चम्मच खाने वाला सोडा डालें. इसके बाद एक चुटकी हींग और थोड़ा सा पिसा हुआ अजवाइन मिला दें. अगर आप चाहें तो स्वाद और असर बढ़ाने के लिए इसमें कुछ बूंदें नींबू का रस भी डाल सकते हैं. अब इन सभी चीजों को अच्छी तरह मिक्स करें और तुरंत पी लें. ध्यान रखें कि इसे बनाकर ज्यादा देर तक न रखें, वरना इसका असर कम हो सकता है. गैस में कैसे करता है कामहींग और सोडा दोनों ही पेट के लिए काफी फायदेमंद माने जाते हैं. जब ये दोनों एक साथ पानी में मिलते हैं, तो इनका असर और तेज हो जाता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. हींग पेट में फंसी गैस को बाहर निकालने में मदद करती है और पाचन को बेहतर बनाती है. वहीं सोडा पेट के एसिड को बैलेंस करता है, जिससे जलन और भारीपन कम होता है. अजवाइन भी पाचन को सुधारती है और गैस बनने से रोकती है. इन तीनों का कॉम्बिनेशन पेट को तुरंत आराम देने में मदद करता है और कुछ ही मिनटों में फर्क महसूस होने लगता है. हींग के फायदेहींग सिर्फ स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी काफी उपयोगी है.-यह पाचन को तेज करती है-पेट में गैस बनने से रोकती है-सूजन और भारीपन कम करती है-पेट दर्द में राहत देती है अगर आप रोज के खाने में थोड़ा सा हींग इस्तेमाल करते हैं, तो पेट से जुड़ी कई समस्याओं से बच सकते हैं. सोडा के फायदेखाने वाला सोडा भी गैस की समस्या में तुरंत राहत देने के लिए जाना जाता है.-पेट की एसिडिटी को कम करता है-गैस और जलन में राहत देता है-पेट को हल्का महसूस कराता है लेकिन ध्यान रखें कि इसका ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, वरना उल्टा असर भी हो सकता है. ध्यान रखने वाली बातेंदिन में एक बार से ज्यादा इसका सेवन न करें. खाली पेट पीना ज्यादा असरदार होता है. अगर आपको कोई पुरानी बीमारी है, तो पहले डॉक्टर से सलाह लें. प्रेग्नेंट महिलाएं इसका इस्तेमाल सोच-समझकर करें. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

युंगाडा आर्मी चीफ ने तुर्किये से सबसे खूबसूरत महिला मांगी:कहा- शादी करूंगा, नहीं मिली तो डिप्लोमेटिक रिश्ते तोड़ेंगे, तुर्किश एयरलाइनंस पर भी रोक लगा देंगे

युंगाडा आर्मी चीफ ने तुर्किये से सबसे खूबसूरत महिला मांगी:कहा- शादी करूंगा, नहीं मिली तो डिप्लोमेटिक रिश्ते तोड़ेंगे, तुर्किश एयरलाइनंस पर भी रोक लगा देंगे

युगांडा के आर्मी चीफ मुहूजी काइनरुगाबा ने तुर्किये से 1 अरब डॉलर और ‘सबसे खूबसूरत महिला’ को अपनी पत्नी बनाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं हुई तो तुर्किये के साथ कूटनीतिक संबंध खत्म कर दिए जाएंगे और तुर्किश एयरलाइन पर भी रोक लगाई जा सकती है। काइनरुगाबा ने X पर लिखा कि अगर तुर्किये ने हमारी समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो 30 दिन के भीतर संबंध तोड़ दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि या तो वे हमें भुगतान करें या हम उनका दूतावास बंद कर देंगे। उन्होंने युगांडावासियों को तुर्किये यात्रा से बचने की सलाह दी और साथ ही इजराइल के समर्थन में 1 लाख सैनिक भेजने की पेशकश भी की। हालांकि, इस पर तुर्किये या सोमालिया की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि यह बयान सरकारी नीति है या उनकी निजी राय। सोमालिया मिशन का हवाला देकर 1 अरब डॉलर मांगे कैनेरुगाबा ने पोस्ट में तुर्किये पर आरोप लगाया कि उसने सोमालिया में इंफ्रास्ट्रक्चर, पोर्ट और एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स से फायदा उठाया, जबकि युगांडा ने अल-शबाब जैसे आतंकी संगठनों से लड़ने का बोझ उठाया। इसी आधार पर उन्होंने 1 अरब डॉलर की मांग की। हाल ही में भी काइनरुगाबा ने सोशल मीडिया पर कई विवादित पोस्ट किए हैं। उन्होंने विपक्षी नेता बॉबी वाइन को लेकर सिर काटने जैसी धमकी दी, जिस पर काफी विवाद हुआ। हालांकि बाद में उन्होंने इसे मजाक बताया और माफी मांग ली। इसी बीच, काइनरुगाबा ने कुछ दिन पहले X से हटने के बाद फिर वापसी की है। उन्होंने ‘आई एम बैक’ लिखकर वापसी की घोषणा की और कहा कि वे दुनिया को हिला देंगे। उन्होंने 7 दिन पहले कहा था कि वे X छोड़ रहे हैं ताकि अपनी सैन्य जिम्मेदारियों पर ज्यादा ध्यान दे सकें। वापसी के बाद उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को आदेश दिया कि जो भी व्यक्ति सेना जैसी वर्दी में दिखे, उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने एक अमेरिकी राजनयिक को भी गिरफ्तार करने की धमकी दी, अगर वह उन्हें सलाम नहीं करता। काइनरुगाबा, जो 50 साल के हैं, युगांडा की सेना में अहम भूमिका निभाते हैं और उन्हें अपने पिता का संभावित उत्तराधिकारी माना जाता है। हालांकि राष्ट्रपति मुसेवेनी ने इससे इनकार किया है। हालांकि कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वे धीरे-धीरे खुद को राजनीति में स्थापित कर रहे हैं और भविष्य में राष्ट्रपति पद की दावेदारी कर सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक युगांडा में मुसेवेनी 1986 से सत्ता में हैं, ऐसे में अगर बेटे को उत्तराधिकारी माना जाए तो यह संदेश जाता है कि सत्ता एक ही परिवार में ट्रांसफर हो रही है। मेलोनी से शादी के बदले 100 गाय देने की पेशकश की थी यह पहला मौका नहीं है जब उन्होंने इस तरह की मांग की हो। 2022 में उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से शादी के बदले 100 गाय देने की पेशकश की थी। उस समय उन्होंने कहा था कि अगर इटली ने प्रस्ताव ठुकराया, तो रोम पर कब्जा करना पड़ेगा। इस बयान के बाद उनके पिता और युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी को माफी मांगनी पड़ी थी। 2022 में उन्होंने केन्या पर हमला करने की धमकी भी दी थी। उन्होंने कहा था कि नैरोबी पर कब्जा करने में दो हफ्ते भी नहीं लगेंगे। इसके बाद उन्हें अस्थायी रूप से पद से हटा दिया गया था और सरकार को माफी मांगनी करनी पड़ी थी। रूस-येक्रेन युद्ध में रूस का किया समर्थन इससे पहले उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध में व्लादिमीर पुतिन का समर्थन किया था और केन्या के तुर्काना समुदाय को लेकर भी विवादित बयान दिए थे। फरवरी 2022 में उन्होंने ट्वीट कर कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सही हैं और दुनिया के कई अश्वेत लोग रूस के साथ हैं। इसके बाद मार्च 2023 में उन्होंने यह भी कहा कि अगर मॉस्को पर कोई खतरा आया, तो युगांडा अपनी सेना भेजेगा। वहीं अक्टूबर 2022 में उनके एक और बयान से केन्या के साथ रिश्ते बिगड़ गए। उन्होंने कहा कि उनकी सेना दो हफ्ते से भी कम समय में नैरोबी पर कब्जा कर सकती है। इस बयान के बाद उनके पिता और राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी को केन्या से माफी मांगनी पड़ी। —————————–

बेटे ने बल्ले से पीटकर पिता की जान ली:छिंदवाड़ा में बाइक को लेकर हुआ झगड़ा; वारदात के बाद आरोपी फरार

बेटे ने बल्ले से पीटकर पिता की जान ली:छिंदवाड़ा में बाइक को लेकर हुआ झगड़ा; वारदात के बाद आरोपी फरार

छिंदवाड़ा जिले के हर्रई थाना क्षेत्र के ग्राम कचनरा में एक युवक ने अपने पिता की पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। जानकारी के अनुसार, आरोपी अपने पिता से मोटरसाइकिल लेकर कहीं जाने की जिद कर रहा था। पिता द्वारा मना करने पर दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने बल्ले से अपने पिता पर हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल पिता की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी वहां से फरार हो गया। आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस सूचना मिलते ही हर्रई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और आरोपी की तलाश के लिए टीम गठित की है। एसडीओपी कल्याणी बरकड़े ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पिता-पुत्र के बीच विवाद की बात सामने आई है। आरोपी की तलाश जारी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

डायबिटीज के मरीज भी 100 साल जिएंगे ! डॉक्टर आशीष सहगल ने बताया ABCD फॉर्मूला, देखें वीडियो

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  Diabetes Longevity Secrets: अक्सर माना जाता है कि डायबिटीज की वजह से लोगों की उम्र कम हो जाती है, लेकिन ऐसा नहीं है. एंडोक्रोनोलॉजिस्ट डॉक्टर आशीष सहगल ने अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए एक वीडियो में बताया है कि सही लाइफस्टाइल अपनाकर डायबिटीज के मरीज भी लंबी और स्वस्थ जिंदगी जी सकते हैं. इसके लिए आपको ABCD फॉर्मूला अपनाना होगा. इसमें डाइट, ब्लड शुगर कंट्रोल, व्यायाम और डिसिप्लिन जैसे महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं. नियमित देखभाल और सही आदतों से डायबिटीज के साथ भी लंबी उम्र और बेहतर स्वास्थ्य संभव है.

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट अकाउंट में 7.5% तक ब्याज:1 से 5 साल तक के लिए कर सकते हैं निवेश, जानें इससे जुड़ी जरूरी बातें

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट अकाउंट में 7.5% तक ब्याज:1 से 5 साल तक के लिए कर सकते हैं निवेश, जानें इससे जुड़ी जरूरी बातें

सरकार ने अप्रैल-जून तिमाही (Q1FY27) के लिए स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया है। यानी आपको पहले जितना ही ब्याज मिलता रहेगा। अगर आप इन दिनों फिक्स्ड डिपॉजिट कराने का प्लान बना रहे हैं तो तो इससे पहले पोस्ट ऑफिस की नेशनल सेविंग्स टाइम डिपॉजिट अकाउंट के बारे में भी जान लेना चाहिए। यहां हम आपको पोस्ट ऑफिस की नेशनल सेविंग्स टाइम डिपॉजिट स्कीम के बारे में बता रहे हैं… नेशनल सेविंग्स टाइम डिपॉजिट अकाउंट में मिनिमम ₹1000 निवेश कहां कितने समय में पैसा होगा डबल? नेशनल सेविंग्स टाइम डिपॉजिट अकाउंट में अधिकतम ब्याज 7.5% मिल रहा है ऐसे में रूल 72 के अनुसार अगर आप इस स्कीम में पैसा लगाते हैं तो पैसे को डबल होने में करीब 9 साल 6 महीने का समय लगेगा। क्या है रूल ऑफ 72? फाइनेंस का यह खास नियम है रूल ऑफ 72। एक्सपर्ट्स इसे सबसे सटीक रूल मानते हैं, जिससे यह तय किया जाता है कि आपका निवेश कितने समय में डबल हो जाएगा। इसे आप ऐसे समझ सकते हैं कि अगर आपने बैंक के एक खास स्कीम का चयन किया है, जहां आपको सालाना 8% ब्याज मिलता है। ऐसे में आपको रूल ऑफ 72 के तहत 72 में 8 का भाग देना होगा। 72/8= 9 साल, यानी इस स्कीम के तहत आपके पैसे 9 साल में दोगुने हो जाएंगे। 5 साल के लिए निवेश करने पर मिलता है टैक्स छूट का फायदा टाइम डिपॉजिट स्कीम में 5 साल के लिए निवेश करने पर इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट का फायदा ले सकते हैं। इसके तहत 1.50 लाख रुपए तक के निवेश पर आप इनकम टैक्स छूट का फायदा ले सकते हैं। यानी आपकी कुल सालाना इनकम से ये कमाई घटा दी जाती है। हालांकि ये फायदा तभी मिलेगा जब आप पुरानी इनकम टैक्स रिजीम के तहत ITR फाइल करते हैं। अकाउंट कौन-कौन खोल सकता है? ये अकाउंट किसी भी पोस्ट ऑफिस में कोई भी खोल सकता है:

बूढ़े फिर से हो जाएंगे जवान ! वैज्ञानिकों ने शुरू किया अनोखा ट्रायल, क्या बदल जाएगा प्रकृति का नियम?

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New Clinical Trials for Anti Aging: हर किसी की उम्र धीरे-धीरे बढ़ती जाती है और इसका असर शरीर के सभी अंगों पर पड़ने लगता है. उम्र के साथ इंसानों के सभी ऑर्गन्स की क्षमता कम होने लगती है. बुढ़ापे में अधिकतर लोगों को किसी न किसी समस्या का सामना करना पड़ता है. एजिंग को रोकने के लिए अब तक तमाम कोशिशें होती रही हैं, लेकिन कोई खास सफलता नहीं मिली है. माना जाता है कि एजिंग एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसे रोका नहीं जा सकता है. हालांकि अब एक फिर फिर दुनिया में एंटी-एजिंग रिसर्च को लेकर एक बड़ी चर्चा शुरू हो गई है. वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक पर काम तेज कर दिया है, जिसमें पुरानी और कमजोर हो चुकी कोशिकाओं को फिर से युवा जैसी अवस्था में लाने की कोशिश की जा रही है. यह न केवल उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, बल्कि इससे आंखों की रोशनी वापस लाने, अंगों की मरम्मत करने और कई उम्र संबंधी बीमारियों के इलाज की संभावना भी जुड़ी हुई है. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि जितनी यह तकनीक उम्मीद जगाती है, उतने ही इसके जोखिम भी गंभीर हैं. नेचर में छपी रिपोर्ट के मुताबिक जल्द ही एक नया क्लीनिकल ट्रायल शुरू होने जा रहा है, जिसमें पहली बार इंसानों पर पार्शियल सेलुलर रीप्रोग्रामिंग तकनीक का परीक्षण किया जाएगा. इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह देखना है कि क्या उम्रदराज कोशिकाओं को सुरक्षित तरीके से फिर से रीफ्रेश किया जा सकता है. इसमें सेल्स की असली पहचान को नुकसान पहुंचाए बिना रिज्यूवेनेट किया जाएगा. इस तकनीक की नींव जापानी वैज्ञानिक शिन्या यामानाका की खोज पर आधारित है. उन्होंने यह साबित किया था कि वयस्क कोशिकाओं को कुछ विशेष प्रोटीन की मदद से स्टेम सेल जैसी शुरुआती अवस्था में बदला जा सकता है. इन प्रोटीन को यामानाका फैक्टर कहा जाता है. अब वैज्ञानिक इसी खोज का सुरक्षित रूप विकसित कर रहे हैं, जिसमें कोशिकाओं को पूरी तरह रीसेट करने की बजाय उन्हें थोड़ी देर के लिए आंशिक रूप से रीप्रोग्राम किया जाता है, ताकि वे फिर से युवा जैसी कार्यक्षमता हासिल कर सकें. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. शोधकर्ताओं के अनुसार इस प्रक्रिया को मोबाइल फोन को रीसेट करने की बजाय रिफ्रेश करने जैसा समझा जा सकता है, जिसमें जरूरी डाटा सुरक्षित रहता है, लेकिन सिस्टम बेहतर तरीके से काम करने लगता है. जानवरों पर किए गए शुरुआती प्रयोगों में इसके काफी सकारात्मक परिणाम मिले हैं. चूहों पर किए गए परीक्षणों में मांसपेशियों और त्वचा की मरम्मत बेहतर हुई, दिल की क्षतिग्रस्त कोशिकाओं में सुधार देखा गया और यहां तक कि उम्र से जुड़ी आंखों की समस्याओं में भी सुधार पाया गया. कुछ मामलों में याददाश्त और मस्तिष्क की कार्यक्षमता में भी बेहतर प्रदर्शन देखा गया. इन नतीजों के बाद वैज्ञानिकों का मानना है कि भविष्य में यह तकनीक मनुष्यों में भी उम्र से जुड़ी बीमारियों जैसे विजन लॉस, अंगों की कमजोरी और अन्य डीजेनरेटिव डिजीज के इलाज में मददगार हो सकती है. इसी दिशा में अगला कदम मानव परीक्षण है, जिसकी शुरुआत ग्लूकोमा के मरीजों पर की जाएगी. यह एक ऐसी बीमारी है जो आंखों की नसों को नुकसान पहुंचाकर धीरे-धीरे दृष्टि खोने का कारण बनती है. इस ट्रायल में वैज्ञानिक तीन यामानाका फैक्टर को एक विशेष वायरस के जरिए आंखों में पहुंचाएंगे. इस प्रक्रिया को बहुत कंट्रोल्ड तरीके से डिजाइन किया गया है, जिसमें दवा के माध्यम से ही इन फैक्टर्स को एक्टिव किया जाएगा ताकि जोखिम को कम किया जा सके. यह परीक्षण छोटे स्तर पर किया जाएगा और कई वर्षों तक मरीजों की सेहत और असर पर नजर रखी जाएगी, क्योंकि सुरक्षा इस पूरे प्रयोग की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. विशेषज्ञ यह भी चेतावनी देते हैं कि यह तकनीक जितनी शक्तिशाली है, उतनी ही संवेदनशील भी है. अगर कोशिकाओं को जरूरत से ज्यादा रीप्रोग्राम किया गया, तो वे अपनी मूल पहचान खो सकती हैं, सही तरीके से काम करना बंद कर सकती हैं या यहां तक कि कैंसर जैसी गंभीर स्थिति का कारण भी बन सकती हैं. इसलिए वैज्ञानिकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे इस रीसेट और स्टेबिलिटी के बीच सही संतुलन कैसे बनाए रखें. फिलहाल यह शोध शुरुआती चरण में है, लेकिन यह निश्चित रूप से चिकित्सा विज्ञान में एक नई क्रांति की ओर इशारा करता है.

WB Voter List Scrutiny | Supreme Court Hearing SIR

WB Voter List Scrutiny | Supreme Court Hearing SIR

नई दिल्ली13 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सुप्रीम कोर्ट सोमवार को SIR पर सुनवाई करेगा। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच मामले की सुनवाई करेगी। 10 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह मतदाता सूची फ्रीज होने के खिलाफ नई याचिकाओं की एक साथ सुनवाई करेगा। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट मालदा जिले में SIR प्रक्रिया के दौरान सात न्यायिक अधिकारियों के घेराव से जुड़े मामले में भी सुनवाई करेगा। चुनाव आयोग ने 9 अप्रैल को बंगाल के लिए SIR की सूची जारी की थी। इसके बाद 91 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे। बंगाल में 11.85% नाम हटे पश्चिम बंगाल में अक्टूबर 2025 में कुल वोटर 7.66 करोड़ थे। इनमें से अब तक 90.83 लाख नाम हटाए गए। लगभग 11.85% वोटर कम हो गए। यानी अब राज्य में 6.76 करोड़ वोटर हैं। चुनाव आयोग ने फाइनल आंकड़े जारी नहीं किए हैं। इसके अलावा जांच के तहत आए 60.06 लाख वोटरों में से 27.16 लाख के नाम हटाए गए। बांग्लादेश सीमा से लगे जिलों में भी बड़े स्तर पर नाम हटे। नॉर्थ 24 परगना में 5.91 लाख में से 3.25 लाख नाम हटे। वहीं, 8.28 लाख में से 2.39 लाख नाम हटे। चुनवा आयोग और TMC के बीच मतभेद 8 अप्रैल को सांसद डेरेक ओ’ब्रायन के नेतृत्व में TMC का प्रतिनिधि मंडल ने दिल्ली में चुनाव आयोग से मिलने पहुंचा था। लेकिन बैठक के बाद डेरेक ने कहा कि हमने SIR के मुद्दे पर समय मांगा था, लेकिन मीटिंग के दौरान हमारे साथ खराब व्यवहार किया गया। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ने हमें सिर्फ 5 मिनट में भगा दिया चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, डेरेक ओ’ब्रायन ने CEC को बोलने से रोका और धमकी दी। वह कोई बात सुन ही नहीं रहे थे। 12 राज्यों-UT में SIR, 6.08 करोड़ लोगों के नाम कटे चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दूसरे फेज के तहत शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में फाइनल वोटर लिस्ट जारी की गई। इसके पूरा होने के बाद 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों की वोटर लिस्ट में कुल 6.08 करोड़ नाम कम हुए हैं। पिछले साल 27 अक्टूबर को SIR शुरू होने से पहले 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल मतदाता करीब 51 करोड़ थे। फाइनल लिस्ट के बाद यह संख्या 44.92 करोड़ रह गई। SIR के दूसरे फेज में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, गुजरात, मध्य प्रदेश, गोवा समेत पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप की फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश की गई है। उत्तर प्रदेश में SIR की फाइनल लिस्ट में वोटर्स 13% घटकर 13.39 करोड़ रह गए हैं। यानी 2.04 करोड़ नाम कट गए हैं, वहीं पश्चिम बंगाल में भी करीब 91 लाख नाम बाहर हुए। —————————————————– ये खबर भी पढें… पश्चिम बंगाल में SIR ही सबसे बड़ा मुद्दा:नई वोटर लिस्ट से CM ममता की परेशानी बढ़ी, 50 सीटों पर TMC को ज्यादा चुनौती 8 अप्रैल की सुबह बूंदाबांदी के बीच करीब सुबह 10:25 बजे तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी समर्थकों के हुजूम के साथ पैदल ही हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित अपने घर से नामांकन के लिए निकलीं। पूरी खबर पढे़ं… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

मोहरा गांव में भंडारा खाने से ग्रामीण बीमार:स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किया सर्वे, पानी के सैंपल लिए

मोहरा गांव में भंडारा खाने से ग्रामीण बीमार:स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किया सर्वे, पानी के सैंपल लिए

दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक के मोहरा गांव में भंडारा खाने के बाद दर्जनों ग्रामीण बीमार हो गए। शुक्रवार रात को 25 से अधिक लोगों को उल्टी और दस्त की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें तत्काल तेंदूखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रविवार से गांव में सर्वे शुरू कर दिया है। टीम ग्रामीणों से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी जुटा रही है। तेंदूखेड़ा के सीबीएमओ डॉ. अशोक बरौनियां ने गांव में एक सप्ताह तक सर्वे जारी रखने के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि केवल भंडारा खाने वाले लोग ही बीमार हुए हैं, जबकि अन्य ग्रामीणों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई। इस बीच, पीएचई (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी) विभाग की टीम ने भी गांव के पानी का सैंपल लिया है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि पानी साफ है और यदि पानी खराब होता तो गांव के अन्य लोग भी प्रभावित होते। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। शनिवार को तेंदूखेड़ा सीबीएमओ के स्वास्थ्य अमले के साथ गांव पहुंचने पर ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया। सातों दिन काम कर रही टीम तेंदूखेड़ा सीबीएमओ डॉक्टर अशोक बरौनिया का कहना है कर्मचारियों के पास कई गांव हैं। अलग-अलग दिन अलग-अलग गांव में ड्यूटी रहती है। जो कमियां है उनमें सुधार होगा, अभी तो सात दिन पूरी टीम घर घर सर्वे कर रही है। पीएचई स्टोरकीपर यूएस कुशवाहा ने बताया सैंपल भेजा है सोमवार को रिपोर्ट आएगी।