Asha Bhosle Death: क्या सीने में इंफेक्शन के कारण आशा भोसले को आया कार्डियक अरेस्ट? डॉक्टर से समझें कनेक्शन

Last Updated:April 12, 2026, 12:57 IST Asha Bhosle Death: दिग्गज गायिका आशा भोसले का मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में निधन हो गया है. उनकी उम्र 92 साल थी और उन्हें कार्डियक अरेस्ट के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था. आशा भोसले की पोती जनाई भोसले ने अपने इंस्टाग्राम में बताया कि सिंगर को थकावट और चेस्ट इंफेक्शन के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था. कार्डियोलॉजिस्ट की मानें तो चेस्ट इंफेक्शन के कारण भी कार्डियक अरेस्ट आ सकता है और यह जानलेवा हो सकता है. 92 साल की उम्र में दिग्गज गायिका आशा भोसले का निधन हो गया है. Asha Bhosle Death News: दिग्गज सिंगर आशा भोसले का 92 साल की उम्र में निधन हो गया है. शनिवार को उन्हें कार्डियक अरेस्ट के चलते मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. हालांकि रविवार को उनके परिजनों ने अस्पताल में भर्ती होने की वजह अत्यधिक थकान और सीने में इंफेक्शन बताया था. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो अगर किसी व्यक्ति को सीने में इंफेक्शन हो जाए, तो इसकी वजह से भी कार्डियक अरेस्ट आ सकता है और जान जा सकती है. खासतौर से बुजुर्गों में सीने का इंफेक्शन ज्यादा घातक हो सकता है और कार्डियक इश्यूज की वजह बन सकता है. इस बारे में डॉक्टर से जरूरी बातें जान लेते हैं. नई दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल की सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. वनीता अरोरा ने News18 को बताया कि अगर किसी व्यक्ति को सीने में सीवियर इंफेक्शन हो जाए, तो इससे हार्ट पर दबाव बढ़ सकता है. इससे सडन कार्डियक अरेस्ट आ सकता है. अगर किसी शख्स की उम्र 90 साल से ज्यादा है, तो इस कंडीशन में कार्डियक इश्यूज हो जाते हैं और ऐसे में इंफेक्शन जानलेवा हो सकता है. इससे सेप्सिस हो सकता है, जिसकी वजह से कार्डियक अरेस्ट आ जाता है. हालांकि जांच के बाद इसका सटीक कारण पता चल सकता है. कार्डियक अरेस्ट के अधिकतर मामलों में मरीज की मौत हो जाती है. क्या होता है कार्डियक अरेस्ट? डॉक्टर वनीता अरोरा ने बताया कि कार्डियक अरेस्ट में हार्ट स्टैंड स्टिल पोजीशन में चला जाता है. हार्ट एक पंप की तरह होता है और जिस तरह से इलेक्ट्रिकल शार्ट शर्किट की वजह से पंप कार्य करना बंद कर देता है ठीक उसी तरह से कार्डियक अरेस्ट में हार्ट काम करना बंद कर देता है. जो नार्मल हार्ट बीट 70 से 90 रहती है वो कार्डियक अरेस्ट की कंडीशन में 300 से 400 पहुंच जाती है. कार्डियक अरेस्ट होने पर सिर्फ कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन यानी सीपीआर के जरिए ही मरीज की जान बचाई जा सकती है. अगर कार्डियक अरेस्ट होने पर 10 मिनट के अंदर सीपीआर नहीं शुरू किया गया तो मरीज को बचाना संभव नहीं है. कार्डियक अरेस्ट से बचने का एक मात्र तरीका सीपीआर ही है. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 12, 2026, 12:57 IST
उमरिया में मधुमक्खियों ने किसान पर किया हमला, मौत:खेत में गेहूं काटने के लिए गए थे बुजुर्ग, बोझा बांधते समय हादसा

उमरिया के इंदवार थाना क्षेत्र के पनपथा गांव में मधुमक्खियों के हमले से एक बुजुर्ग किसान की मौत हो गई। वे खेत में गेहूं कटाई का काम कर रहा था। मृतक की पहचान गोविंद जायसवाल (65) के रूप में हुई है। वे अपने घर से कुछ दूरी पर स्थित सोसायटी के पास खेत में गेहूं कटाई के बाद बोझा बांध रहे थे। मधुमक्खियों के हमले से किसान की हुई मौत इसी दौरान खेत के पास एक बरगद के पेड़ पर लगे मधुमक्खियों के बड़े छत्ते से अचानक झुंड बाहर निकला और गोविंद जायसवाल पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों ने उनके पूरे शरीर को घेर लिया। मधुमक्खियों के लगातार डंक मारने से उनकी हालत बिगड़ गई और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। ग्राम पंचायत पनपथा के सरपंच मूलचंद ने बताया कि यह हादसा गेहूं कटाई के बाद बोझा बांधते समय हुआ।
कर्नाटक कांग्रेस में दरार: मुख्यमंत्री के सचिव को हटाया जा सकता है, ‘एसडीपीआई लिंक’ को लेकर मंत्री सवालों के घेरे में | बेंगलुरु-न्यूज़ न्यूज़

आखरी अपडेट:12 अप्रैल, 2026, 12:42 IST कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, पार्टी आलाकमान उन रिपोर्टों से बहुत परेशान है कि कुछ नेताओं ने कथित तौर पर दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव में एक एसडीपीआई उम्मीदवार को वित्त पोषित और समर्थन किया था। कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया. (पीटीआई फ़ाइल) कर्नाटक कांग्रेस के भीतर एक बड़ी आंतरिक दरार पैदा हो गई है, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के राजनीतिक सचिव नसीर अहमद को हटाए जाने की संभावना है और दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव के दौरान सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के साथ कथित संबंधों को लेकर वरिष्ठ मंत्री ज़मीर अहमद खान गहन जांच के दायरे में आ रहे हैं। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, पार्टी आलाकमान उन रिपोर्टों से बहुत परेशान है कि राज्य इकाई के भीतर कुछ नेताओं ने कथित तौर पर दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव में एक एसडीपीआई उम्मीदवार को वित्त पोषित और समर्थन किया, एक गंभीर पार्टी विरोधी गतिविधि के रूप में देखा गया। पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ काम करने के आरोपी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के लिए केंद्रीय नेतृत्व के बढ़ते दबाव के बीच, मुख्यमंत्री और कांग्रेस आलाकमान के बीच शनिवार को कथित तौर पर देर रात विचार-विमर्श हुआ। 2 रिपोर्ट सूत्रों ने संकेत दिया कि दो अलग-अलग रिपोर्ट – एक खुफिया एजेंसियों द्वारा तैयार की गई और दूसरी एआईसीसी सचिव अभिषेक दत्त द्वारा प्रस्तुत – ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में नसीर अहमद, मंत्री ज़मीर अहमद खान और एमएलसी जब्बार की कथित संलिप्तता को चिह्नित किया। कथित तौर पर रिपोर्ट में वैकल्पिक उम्मीदवारों को आगे बढ़ाने से लेकर एसडीपीआई उम्मीदवार अफसर कोडलिपेटे को कथित फंडिंग तक के उदाहरणों का विवरण दिया गया है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि खुफिया सूचनाओं ने दावणगेरे दक्षिण में एसडीपीआई उम्मीदवार के समर्थन में इनमें से कुछ नेताओं से कथित तौर पर जुड़े वित्तीय लेनदेन की ओर इशारा किया है। कहा जाता है कि कांग्रेस नेतृत्व इस बात से विशेष रूप से चिंतित है कि एसडीपीआई को प्रोत्साहित करना अंततः पार्टी के लिए दीर्घकालिक राजनीतिक चुनौती पैदा कर सकता है। अल्पसंख्यकों को कांग्रेस के साथ खड़ा होना होगा: रिजवान अरशद कांग्रेस एमएलसी रिजवान अरशद, जिन्हें दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव के दौरान स्थिति को संभालने के लिए पार्टी द्वारा नियुक्त किया गया था, ने कहा, “कुछ लोगों ने कांग्रेस के वोटों को विभाजित करने की कोशिश की और भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए काम किया। उन्होंने वोटों को विभाजित करने के लिए अपने समर्थकों को भी भेजा। यह सब पार्टी को पता है, और मुझे इसे बताने की जरूरत नहीं है। लेकिन उनके प्रयास सफल नहीं हुए।” अरशद ने कहा, “कुछ लोग ‘मैं’ के संदर्भ में सोच सकते हैं, लेकिन हमारे लिए कोई ‘मैं’ नहीं है। हमारी असली चिंता भाजपा और संघ परिवार की विचारधारा है। हमें संविधान के साथ खड़ा होना चाहिए। अल्पसंख्यकों को कांग्रेस पार्टी के साथ खड़ा होना चाहिए, जो संविधान के लिए खड़ी है- अन्यथा, हमारे लिए कोई भविष्य नहीं होगा।” विवाद विवाद की जड़ उपचुनाव से पहले उम्मीदवार चयन तनाव भी है। सूत्रों ने कहा कि तीन नेताओं ने दावणगेरे दक्षिण में एक अल्पसंख्यक उम्मीदवार – सादिक पेलवान – के लिए जोरदार दबाव डाला था। कथित तौर पर स्थिति आंतरिक असंतोष में बदल गई, जिससे मुख्यमंत्री को वरिष्ठ अल्पसंख्यक नेताओं द्वारा बंद कमरे में विचार-विमर्श करने के बाद गुस्सा शांत करने के लिए रिजवान अरशद और सलीम अहमद जैसे दूसरी पंक्ति के मुस्लिम नेताओं पर भरोसा करने के लिए मजबूर होना पड़ा। समझा जाता है कि आलाकमान इस बात से विशेष रूप से नाराज है कि कथित तौर पर असंतोष मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले नेताओं से उत्पन्न हुआ है। एमएलसी जब्बार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और नसीर अहमद को उनके पद से हटाए जाने की संभावना के बाद अब ध्यान मंत्री जमीर अहमद खान की ओर है। सूत्रों ने संकेत दिया कि मुख्यमंत्री आसन्न फेरबदल के दौरान ज़मीर को मंत्रिमंडल से हटाने की संभावना पर विचार कर रहे हैं, जिससे संकेत मिलता है कि आगे की कार्रवाई आसन्न हो सकती है क्योंकि पार्टी दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव विवाद के नतीजों को रोकने का प्रयास कर रही है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 12 अप्रैल, 2026, 12:41 IST समाचार शहर बेंगलुरु-समाचार कर्नाटक कांग्रेस में दरार: मुख्यमंत्री के सचिव को हटाया जा सकता है, ‘एसडीपीआई लिंक’ को लेकर मंत्री सवालों के घेरे में अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कर्नाटक कांग्रेस में दरार(टी)सिद्धारमैया के राजनीतिक सचिव(टी)नसीर अहमद को हटाना(टी)ज़मीर अहमद खान एसडीपीआई लिंक(टी)दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव(टी)एसडीपीआई उम्मीदवार फंडिंग(टी)कांग्रेस आंतरिक असंतोष(टी)कर्नाटक कैबिनेट में फेरबदल
एफ-1 टीम मर्सिडीज के बॉस का फलसफा:प्यार करने के लिए कोई अपना हो, कोई सार्थक काम हो और पूरा करने के लिए सपना हो

फॉर्मूला-1 की दुनिया में मर्सिडीज टीम के बॉस और सीईओ टोटो वोल्फ की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। 2014 से 2020 तक लगातार सात ड्राइवर्स चैम्पियनशिप जीतने वाली उनकी टीम 2026 में फिर टॉप पर है। सफलता के शिखर पर बैठे वोल्फ मानते हैं कि एक खुशहाल और संतुष्ट जीवन के लिए तीन चीजें सबसे ज्यादा जरूरी हैं- प्यार करने के लिए कोई अपना हो, करने के लिए कोई सार्थक काम हो और पूरा करने के लिए कोई सपना हो। खाली बैठना इंसान को नकारात्मकता की ओर ले जाता है और बिना सपनों के इंसान कितनी भी बड़ी कामयाबी हासिल कर ले, वह डिप्रेशन का शिकार हो सकता है। छह बिलियन डॉलर (लगभग 55 हजार करोड़ रुपए) का साम्राज्य चलाने वाले वोल्फ का मानना है कि फॉर्मूला वन सिर्फ मशीनों और डेटा का खेल नहीं है, बल्कि यह इंसानी जज्बातों से गहराई से जुड़ा है। उनका तर्क है कि फैसले डेटा नहीं, बल्कि इंसान लेते हैं। उनकी इस गहरी मानवीय सोच और मजबूत लीडरशिप के पीछे बचपन का कड़ा संघर्ष है। पिता की गंभीर बीमारी के बाद 8-9 साल की उम्र में ही उन पर छोटी बहन की जिम्मेदारी आ गई। आर्थिक तंगी के बावजूद परिवार ने उन्हें एक प्राइवेट स्कूल में भेजा था, लेकिन फीस न भर पाने के कारण अक्सर उन्हें और बहन को क्लास से बाहर कर दिया जाता था। उस दर्दनाक अपमान ने उनके अंदर खुद को साबित करने की एक जिद पैदा की। इसी संघर्ष ने उन्हें सिखाया कि अपने कर्मचारियों व परिवार को एक सुरक्षित माहौल कैसे देना है। वोल्फ खुद को माइक्रोमैनेजर कहते हैं, लेकिन उनका तरीका कर्मचारियों पर दबाव बनाने का नहीं है। माइक्रोमैनेजमेंट का मतलब हर काम खुद करना नहीं, बल्कि यह जानना है कि कंपनी के हर हिस्से में क्या चल रहा है। वे टीम को फैसले लेने की पूरी आजादी और गलतियों से सीखने का मौका देते हैं। वे उम्मीदवारों को उनकी तकनीकी काबलियत से ज्यादा ईमानदारी और विनम्रता के आधार पर चुनते हैं। हालांकि, वे ऑफिस पॉलिटिक्स बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करते। टीम के ड्राइवर्स को संभालने में भी वोल्फ काफी व्यावहारिक हैं। वे मानते हैं कि ड्राइवर्स पर बचपन से ही रेस जीतने का भारी दबाव होता है। जब अन्य टीमें युवा ड्राइवर्स को कुछ गलतियां करने पर ही बाहर का रास्ता दिखा देती हैं, तब वोल्फ ने 18 साल के किमी एंटोनेली पर भरोसा जताया। किमी इस साल नंबर-1 पर हैं। वोल्फ सख्त फैसले लेने से भी नहीं हिचकिचाते। वे कहते हैं कि ट्रैक पर जी-जान से रेस करो, लेकिन अपनी ही टीम के साथी की कार से मत टकराओ। 2016 में जब मर्सिडीज के लुईस हैमिल्टन और निको रोसबर्ग आपस में टकरा गए थे, तो वोल्फ ने उन्हें सस्पेंड करने का ईमेल भेज दिया था। उन्होंने दोनों को फटकार लगाते हुए कहा कि फैक्ट्री में काम करने वाले 2500 कर्मचारी का भविष्य तुम्हारे प्रदर्शन पर टिका है। ड्राइवर्स की आपसी दुश्मनी का खामियाजा कर्मचारी नहीं भुगत सकते। इस सख्त चेतावनी ने टीम का माहौल हमेशा के लिए बदल दिया।
2026 FIDE Candidates Chess Tournament; R Vaishali Defeats Goryachkina

Hindi News Sports 2026 FIDE Candidates Chess Tournament; R Vaishali Defeats Goryachkina | Check Updates स्पोर्ट्स डेस्क42 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय ग्रैंडमास्टर वैशाली रमेशबाबू ने साइप्रस में चल रहे FIDE चेस कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के विमेंस कैटेगरी में एक और बड़ी जीत दर्ज की है। उन्होंने 11वें राउंड में रूस की अलेक्जेंड्रा गोर्याचकिना को हराकर पॉइंट्स टेबल में टॉप पर बरकरार हैं। इस जीत के साथ वैशाली के 11 राउंड के बाद 7 अंक हो गए हैं और वह दूसरे स्थान पर मौजूद खिलाड़ियों से एक अंक आगे हैं। टूर्नामेंट में अब तीन राउंड बाकी हैं। प्रज्ञानानंदा 7वें पर कायम ओपन कैटेगरी में भारत के ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा को जर्मनी के मथियास ब्लूबाउम के खिलाफ ड्रॉ खेला। प्रज्ञानानंदा इस ड्रॉ के बाद 7वें नंबर पर ही हैं। गुकेश ने जीता था पिछला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट पिछली बार भारत के डी गुकेश ने इसे जीतकर चीन के डिंग लिरेन को चुनौती दी थी। तब गुकेश कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीतने वाले भारत के दूसरे खिलाड़ी बने थे। 5 बार के वर्ल्ड चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने 1995 में पहली बार कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीता था। कैंडिडेट्स टूर्नामेंट क्या है और क्यों अहम कैंडिडेट्स टूर्नामेंट शतरंज की दुनिया का सबसे अहम इवेंट माना जाता है, क्योंकि यही तय करता है कि वर्ल्ड चैंपियन को अगला चैलेंजर कौन होगा। इसे वर्ल्ड चैंपियनशिप का सेमीफाइनल भी कहा जाता है। विजेता को सीधे वर्ल्ड चैंपियन से खेलने का मौका मिलता है। यह शतरंज का सबसे बड़ा क्वालिफाइंग टूर्नामेंट है। कैंडिडेट्स टूर्नामेंट हर दो साल में होता है और विजेता वर्ल्ड चैंपियन को चुनौती देता है। ओपन कैटेगरी के विजेता का मुकाबला भारत के डी गुकेश से, जबकि विमेंस कैटेगरी की विजेता चीन की जू वेनजुन से होगा। कैसे होता है टूर्नामेंट? इसमें दुनिया के टॉप 8 खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। सभी खिलाड़ी एक-दूसरे से 2 बार (राउंड-रॉबिन फॉर्मेट) खेलते हैं। कुल 14 राउंड होते हैं। हर जीत पर 1 अंक, ड्रॉ पर 0.5 अंक मिलता है। सबसे ज्यादा पॉइंट्स वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। ——————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL में कैसा खेल रहे टी-20 वर्ल्ड चैंपियंस:सैमसन ने शतक लगाया, चक्रवर्ती-बुमराह को विकेट नहीं मिल रहे IPL में 19वें सीजन के 18 मैच खत्म हो चुके हैं। भारत को टी-20 वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले 15 प्लेयर्स अलग-अलग टीमों में खेल रहे हैं। प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट संजू सैमसन ने शनिवार को ही शतक लगा दिया। उनके साथी अभिषेक शर्मा ने भी 74 रन की पारी खेली। पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
The first 30 seconds of an interview are the most important, start strong; 65% of candidates are rejected due to poor body language.

Hindi News Career The First 30 Seconds Of An Interview Are The Most Important, Start Strong; 65% Of Candidates Are Rejected Due To Poor Body Language. नई दिल्ली46 मिनट पहले कॉपी लिंक इंटरव्यू को एकतरफा सवाल-जवाब के बजाय एक सामान्य बातचीत की तरह लेना चाहिए। – सिम्बॉलिक इमेज एआई के दौर में किसी भी नौकरी के लिए परफेक्ट रेज्यूमे बनाना आसान हो गया है, लेकिन इंटरव्यू क्रैक करना अब भी असली परीक्षा है। Market.biz के आंकड़े बताते हैं कि 65% इंटरव्यूअर्स उन उम्मीदवारों को तुरंत रिजेक्ट कर देते हैं, जिनकी बॉडी लैंग्वेज सही नहीं होती। वहीं 33% रिक्रूटर्स इंटरव्यू के पहले 90 सेकेंड में ही फैसला कर लेते हैं। हार्वर्ड की रिसर्च भी कहती है कि पहले 30 सेकेंड में ही आपकी छवि बन जाती है। ऐसे में जानते हैं इंटरव्यू क्रैक करने की जरूरी टिप्स। इंटरव्यू क्रैक करने के 4 गोल्डन रूल 1. 30 सेकेंड रूल अपनाएं इंटरव्यू में शुरू के 30 सेकेंड सबसे जरूरी होते हैं। ऐसे में शुरुआत मजबूत होना जरूरी है… आत्मविश्वास भरा परिचय दें, बॉडी लैंग्वेज संतुलित रखें और अपने जवाब स्पष्ट व सीधे रखें। 2. कंपनी की जानकारी रखें कंपनी का काम और उसका कल्चर समझना चाहिए, जिस रोल के लिए जा रहे हैं उसकी जरूरतों को जानना चाहिए और इंडस्ट्री में क्या ट्रेंड चल रहा है इस पर भी जानकारी होनी चाहिए। 3. डेटा नहीं, ‘कहानी’ सुनाएं डेटा से ज्यादा लोग कहानियों से जुड़ते हैं, इसलिए इंटरव्यू में अपने अनुभव को कहानी की तरह पेश करें… पहले से 2-3 मजबूत उदाहरण तैयार रखें। 4. इंटरव्यू को सामान्य बातचीत जैसा बनाएं इंटरव्यू को एकतरफा सवाल-जवाब के बजाय एक सामान्य बातचीत की तरह लें। इंटरव्यूअर की बात ध्यान से सुनें और बीच-बीच में उनसे जुड़े सवाल भी पूछें, जैसे टीम कैसे काम करती है या इस भूमिका में रोजाना क्या जिम्मेदारियां होंगी। इंटरव्यू में पूछ जाने वाले जरूरी सवाल Q. पांच साल बाद आप खुद को कहां देखते हैं? भले यह सवाल पुराना लगे, लेकिन इंटरव्यूअर इससे आपकी सीखने कीइच्छा और ग्रोथ माइंडसेट समझना चाहता है। इसलिए यह बताएं किआप आगे क्या सीखना चाहते हैं और अपनी स्किल्स को कैसे बेहतर करेंगे… अगर आपका उत्तर बुलेट पॉइंट्स में होगा तो बेहतर है। Q. सबसे पहला सवाल… अपने बारे में बताएं? यह सवाल आसान लगता है, लेकिन कई लोग यहीं अटक जाते हैं। अक्सर उम्मीदवार पर्सनल लाइफ बताने लगते हैं या बिना स्ट्रक्चर के बात करते हैं। सही तरीका यह है कि जवाब में अपने काम, स्किल और अनुभव पर फोकस रखें, अपनी प्रोफेशनल जर्नी को छोटे और साफ तरीके से बताएं और किसी एक उपलब्धि का उदाहरण जरूर जोड़ें। Q. आपकी सबसे बड़ी कमजोरी क्या है? यहां सबसे ज्यादा गलती होती है। ” मैं बहुत मेहनती हूं” या ” मैं परफेक्शनिस्टहूं” जैसे जवाब नकली लगते हैं। बेहतर है कि आप अपनी एक छोटी, असलीकमजोरी बताएं और साथ में यह भी समझाएं कि उसे सुधारने के लिए क्याकर रहे हैं। यानी फोकस सिर्फ कमजोरी पर नहीं होना चाहिए, बल्कि सीखने और सुधारने की सोच पर होना चाहिए। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
विराट कोहली की जर्सी पाकर खुश हुईं कोरियन कंटेंट क्रिएटर:RCB की जर्सी को किस किया, कहा- मैं कोरियन RCB फैन हूं

IPL टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की फैन और दक्षिण कोरियाई कंटेंट क्रिएटर मिशेल का एक वीडियो इन दिनों चर्चा में है। हाल ही में उन्होंने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वे भारत से आए एक पार्सल को अनबॉक्स करती नजर आईं। पार्सल में RCB की लाल जर्सी थी, जिस पर नंबर 18 और विराट कोहली लिखा हुआ था। जर्सी देखते ही मिशेल ने इसे गले से लगाया और पहनकर अपनी खुशी जाहिर की। मिशेल ने अपने वीडियो में कहा कि लोग कहते हैं RCB के पास ग्लोबल फैंस नहीं हैं, लेकिन वे कोरिया से टीम को पूरा सपोर्ट करती हैं। कंटेंट क्रिएटर ने वीडियो के कैप्शन में लिखा, ‘मैं एक कोरियन RCB फैन हूं। मुझे जर्सी भले ही देर से मिली हो, लेकिन टीम के लिए मेरा प्यार कभी देर से नहीं आया।’ वीडियो पर लोगों के जबरदस्त रिएक्शन सामने आए मिशेल के वीडियो पर कई लोगों ने रिएक्शन दिया। एक यूजर ने लिखा, “RCB का फैन होकर मैं बहुत खुश हूं।” वहीं, दूसरे ने कहा, “RCB सिर्फ एक फ्रेंचाइजी नहीं, हमारी भावनाएं हैं।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “कोई इन्हें RCB मैच का टिकट दिला दो।” मिशेल RCB पर कई वीडियो बना चुकी हैं मिशेल इंस्टाग्राम पर @sausabe के नाम से जानी जाती हैं। उनके इंस्टाग्राम हैंडल पर करीब 32.6K फॉलोअर्स हैं। वो अपने इंस्टाग्राम पर मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, ट्रैवल से जुड़े वीडियो शेयर करती हैं। उन्होंने RCB, विराट कोहली और भारतीय क्रिकेट टीम से रिलेटेड कई कंटेंट भी पोस्ट किए हैं। वे अक्सर RCB की जर्सी पहनकर वीडियो बनाती हैं। मिशेल भारत की यात्रा कर चुकी हैं और उन्होंने यहां की कई ट्रैवल रील्स शेयर की हैं।
अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से, 57 दिन चलेगी:पहला जत्था 1 जुलाई को रवाना होगा, 15 अप्रैल से शुरू होंगे रजिस्ट्रेशन

अमरनाथ यात्रा की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बताया कि इस साल 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। 57 दिन चलने वाली इस यात्रा के लिए पहला जत्था 1 जुलाई को रवाना होगा। यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से शुरू होंगे। LG सिन्हा ने यात्रा की जानकारी देते हुए लोक भवन में मीडिया को बताया कि 13 से 70 साल की उम्र के तीर्थयात्री यात्रा कर सकते हैं। यात्रा अनंतनाग से पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम रूट और गांदरबल से 14 किमी लंबे बालटाल रूट से होगी। देशभर में 556 बैंक ब्रांच से होगा ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन LG सिन्हा ने बताया कि देशभर में लगभग 556 तय बैंक शाखाओं के जरिए यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है, जबकि श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी होगा। रजिस्ट्रेशन के लिए यस बैंक, ICICI बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और एक्सिस बैंक की ब्रांचेस में यात्रा के रजिस्ट्रेशन फॉर्म उपलब्ध रहें।
क्या आप प्लास्टिक वाली अरहर दाल खा रहे हैं? घर पर 2 मिनट में करें वॉटर टेस्ट, तुरंत पकड़ी जाएगी मिलावट

Last Updated:April 12, 2026, 12:02 IST Is Your Arhar Dal Safe: बाजार में मिलने वाली अरहर दाल में खतरनाक मिलावट हो रही है. दाल का रंग चटक करने के लिए इसमें मेटानिल येलो नामक केमिकल मिलाया जाता है, जो सेहत के लिए खतरनाक होता है. हालांकि घर पर पानी टेस्ट के जरिए मिलावट को आसानी से पहचान सकते हैं. इससे आपको पता लग जाएगा कि दाल में रंग मिलाया गया है या नहीं. अरहर दाल की मिलावट वॉटर टेस्ट से चेक की जा सकती है. How to Identify Fake Arhar Dal At Home: आजकल बाजार में मिलने वाली अधिकतर चीजों में भयंकर मिलावट हो रही है. दूध, दही, पनीर, फल, सब्जी से लेकर दालों में खतरनाक केमिकल्स मिलाए जा रहे हैं, जो सेहत के लिए जानलेवा हो सकता है. दालों में खतरनाक केमिकल्स और रंगों की मिलावट पाई जाती है. कई जगह आपने प्लास्टिक जैसी चमकदार अरहर दाल बिकते हुए देखी होगी, जो नेचुरल से काफी ज्यादा पीली होती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो जिस केमिकल से यह दाल पीली की जाती है, वह खाने लायक नहीं होता है और उसका इस्तेमाल कपड़ों और चमड़े की चीजों में किया जाता है. ऐसी दाल को खाने से पहले एक बार वॉटर टेस्ट जरूर करना चाहिए, ताकि पता चल सके कि दाल में मिलावट है या नहीं. अरहर दाल में कौन सा रंग मिलाया जाता है? एक्सपर्ट्स की मानें तो अरहर दाल को प्लास्टिक जैसा चमकदार बनाने के लिए इसमें मेटानिल येलो (Metanil Yellow) नामक सिंथेटिक केमिकल मिलाया जाता है. इसका उपयोग आमतौर पर कपड़ा और चमड़ा इंडस्ट्री में किया जाता है. यह केमिकल खाने लायक नहीं होता है, लेकिन फिर भी इसे दाल, हल्दी और अन्य खाद्य पदार्थों में चमक बढ़ाने के लिए मिलाया जाता है. यह शरीर के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है और लंबे समय तक सेवन करने पर लिवर, किडनी और पाचन तंत्र पर बुरा असर डाल सकता है. इसका ज्यादा सेवन कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे को भी बढ़ा सकता है. दाल में रंग की मिलावट कैसे पहचानें? दाल में मिलावट पहचानने का सबसे आसान तरीका वॉटर टेस्ट है. आप घर पर इस आसान तरीके से दाल में रंग की मिलावट पहचान सकते हैं. इसके लिए एक गिलास पानी लें और उसमें कुछ मिनट के लिए अरहर दाल डालें. अगर दाल में कोई कृत्रिम रंग मिला होगा, तो पानी का रंग पीला या हल्का बदरंग हो जाएगा. असली और बिना मिलावट वाली दाल पानी में सामान्य रहेगी और उसका रंग नहीं छोड़ेगी. यह आसान टेस्ट घर पर ही 2 मिनट में मिलावट पकड़ने में मदद कर सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. मिलावटी दाल खाने से क्या नुकसान हैं? मिलावटी दाल का नियमित सेवन शरीर के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है. इससे पेट दर्द, उल्टी, गैस और अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं. लंबे समय तक मेटानिल येलो जैसे केमिकल्स का सेवन लवर और किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है. बच्चों और बुजुर्गों में इसका असर और भी गंभीर हो सकता है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है. यह मिलावट आम लोगों की सेहत के साथ सीधा खिलवाड़ है. दाल खरीदते वक्त जरूर बरतें ये सावधानी दाल खरीदते समय हमेशा भरोसेमंद दुकान से ही खरीदें. बहुत ज्यादा चमकदार या असामान्य रूप से पीली दाल से बचें. पैकेज्ड दाल पर FSSAI मार्क जरूर देखें. साथ ही, घर पर पानी परीक्षण जैसे सरल तरीकों से समय-समय पर मिलावट की जांच करते रहें. थोड़ी सावधानी आपकी सेहत को बड़े खतरे से बचा सकती है. खाने-पीने की चीजों में मिलावट एक गंभीर समस्या है, जो हमारी सेहत को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा सकती है. चमकदार दाल दिखने में भले ही अच्छी लगे, लेकिन इसके पीछे छिपे खतरनाक केमिकल्स शरीर के लिए हानिकारक हो सकते हैं. इसलिए जागरुक रहें और सतर्क रहें. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 12, 2026, 12:02 IST
भिंड में प्रेमी से करवाई पति की हत्या:पत्नी ने रची लूट की झूठी कहानी; अंतिम संस्कार में भी शामिल हुआ आरोपी

भिंड के खिरिका गांव निवासी नीलेश जाटव की हत्या के मामले में पुलिस ने खुलासा किया है कि उसकी पत्नी रूबी जाटव ने ही अपने प्रेमी विशाल जाटव के साथ मिलकर बुधवार रात 8 बजे रमटा गांव के पास इस वारदात को अंजाम दिया था। प्रेम प्रसंग में बाधा बनने पर रूबी ने पर्स गिरने का बहाना कर बाइक रुकवाई और घात लगाए बैठे विशाल ने नीलेश को गोली मार दी। पुलिस ने महिला की लूट की झूठी कहानी का पर्दाफाश करते हुए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है। पर्स गिरने के बहाने रुकवाई बाइक, प्रेमी ने पीठ में मारी गोली वारदात 3 दिन पहले रची गई योजना के तहत हुई। रूबी अपनी 3 साल की बेटी को डॉक्टर को दिखाने के बहाने देर तक भिंड में रुकी और अंधेरा होने पर पति के साथ घर के लिए निकली। पूर्व योजना के तहत विशाल अपने साथी राजेश कुशवाह के साथ रमटा गांव के पास घात लगाकर बैठा था। रूबी ने पर्स गिराकर बाइक रुकवाई। जैसे ही नीलेश उतरा, विशाल ने 12 बोर के कट्टे से उसकी पीठ में गोली मार दी। इसके बाद राजेश डरकर बाइक से और विशाल खेतों के रास्ते भाग गया। पत्नी ने की ड्रामेबाजी, कहा- लूट करने आए थे गोली चलने के बाद मौके पर ग्रामीणों और परिजनों की भीड़ जुट गई। महिला सड़क किनारे बैठकर ड्रामेबाजी करने लगी और खुद को अनजान बताती रही। उसने गुमराह करते हुए पुलिस और परिजनों से कहा- “पीछे पीछे आए। गोली मार दी। लूट करने के लिए आए थे। दो को देखा है दोनों ने चेहरा ढक रखा था। अंधेरे में भागे।” घटना के बाद रूबी और विशाल ने आपस में संपर्क बंद कर दिया और कॉल हिस्ट्री भी डिलीट कर दी थी। मृतक का चचेरा भाई है आरोपी, अंतिम संस्कार में मौजूद रहा नीलेश और आरोपी विशाल के दादा सगे भाई थे। दोनों का गांव में आमने-सामने मकान भी है। करीबी रिश्तेदारी के चलते विशाल पोस्टमार्टम से लेकर अंतिम संस्कार तक परिजनों के बीच शामिल रहा और पुलिस की हर गतिविधि पर नजर रखता रहा। शादी से पहले से चल रहे इस प्रेम प्रसंग पर उम्र के अंतर के कारण परिवार ने आपत्ति जताई थी और रूबी की शादी नीलेश से करा दी थी। दिल्ली से लौटकर पत्नी पर रख रहा था नजर नीलेश के दिल्ली में रहने के दौरान रूबी कई बार विशाल के साथ भिंड आती-जाती थी। जब नीलेश को इस अवैध संबंध की जानकारी हुई, तो वह जनवरी से गांव में ही रहने लगा और दोनों पर नजर रखने लगा। नीलेश को दोनों की बातचीत पर आपत्ति थी और यही हत्या का कारण बनी, जिसके चलते रूबी ने प्रेमी के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची।







