किसी महिला का नाम जबरन नहीं पूछ सकेंगे जनगणनाकर्मी:गृह विभाग ने जारी किए निर्देश- पति का नाम न बताए तो भी बाध्य नहीं कर सकेंगे

जनगणना के लिए मकानों की गणना का काउंट डाउन शुरू होने वाला है। इस बीच जनगणना कर्मचारियों के लिए गाइडलाइन जारी कर उनके कार्यक्षेत्र भी राज्य सरकार ने स्पष्ट करना शुरू कर दिया है। जनगणना के लिए स्टेट नोडल एजेंसी बनाए गए गृह विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा अगर परिवार की किसी महिला का नाम बताने से इनकार किया जाता है तो जनगणना कर्मी उसे बाध्य नहीं कर सकेगा। जनगणना प्रगणकों और सुपरवाइजरों के लिए यह भी निर्देश हैं कि किसी महिला को उसके पति या किसी अन्य पुरुष सदस्य का नाम बताने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। गृह विभाग से जारी निर्देशों में कहा है कि कोई भी जनगणना अधिकारी जब अपने स्थानीय क्षेत्र में नियुक्ति के बाद सभी लोगों से ऐसे सभी प्रश्न पूछ सकेगा जो पूछने के लिए उसे केंद्र सरकार ने जनगणना के संबंध में अधिकृत किया है। हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह जनगणना करने आने वाले लोकसेवक के सवालों का जवाब दे। विभाग ने कहा है कि सवालों के जवाब देना हर नागरिक की बाध्यता होगी लेकिन कोई व्यक्ति अपने परिवार की किसी महिला सदस्य का नाम बताने के लिए बाध्य नहीं होगा। इसी तरह कोई भी महिला अपने पति या मृत पति का या ऐसे किसी व्यक्ति का नाम बताने के लिए बाध्य नहीं होगी जिसका नाम बताने के लिए वह प्राचीन रूढ़ि द्वारा प्रतिबंधित की गई हो। जनगणना कर्मचारी को प्रवेश से रोक नहीं सकते गृह विभाग ने मंगलवार को जारी नोटिफिकेशन में यह भी कहा है कि किसी घर, अहाते, जलयान या अन्य स्थान पर रहने वाला व्यक्ति जनगणना अधिकारियों को प्रवेश करने से नहीं रोक सकेगा। बशर्ते, वह स्थान परंपरा के चलते प्रतिबंधित न हो। साथ ही जनगणना करने वालों को इससे संबंधित संख्या के अंक दर्ज करने से भी नहीं रोका जा सकेगा। जनगणना आयुक्त के आदेश के आधार पर एमपी के गृह विभाग ने यह भी कहा है कि अगर कोई व्यक्ति सही जानकारी नहीं देता है या जनगणना के काम में बाधा पैदा करता है, अड़चन की स्थिति लाता है तो उसे एक हजार रुपए जुर्माना और तीन साल तक की सजा मिल सकती है। राजस्व, पुलिस, नगर निकाय, पंचायत शिक्षा विभाग का अमला हो रहा तैनात आदेश के अनुसार राज्य सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत अधिकारियों को जनगणना से जुड़े कार्यों को पूरा करने के लिए अधिकृत किया है। इसमें राजस्व, पुलिस, नगरीय निकाय, पंचायत, शिक्षा सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है, ताकि जनगणना कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सके। अधिसूचना में स्पष्ट किया है कि नियुक्त अधिकारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में आवश्यक जानकारी एकत्रित करने, दस्तावेजों की जांच करने और जनगणना से संबंधित कार्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए अधिकृत होंगे। इसके साथ ही वे आवश्यकतानुसार किसी भी व्यक्ति से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और संबंधित अभिलेखों का निरीक्षण भी कर सकेंगे।
पहली बार कर रहे मथुरा-गोवर्धन परिक्रमा? इतनी लंबी पैदल यात्रा कहीं बन न जाए आफत, काम आएंगे ये टिप्स

Last Updated:April 13, 2026, 17:44 IST Govardhan Parikrama : गर्मियों में गोवर्धन परिक्रमा मार्ग की 21 किमी यात्रा आस्था का बड़ा सफर है, लेकिन बिना तैयारी के चलने से पैरों में दर्द, छाले और सूजन हो सकती है. लोकल 18 से फरीदाबाद की डॉ. धीरजा बताती हैं कि परिक्रमा करना आस्था का विषय है, लेकिन शरीर को इसके लिए तैयार करना भी उतना ही जरूरी है. परिक्रमा के दौरान पानी की बोतल जरूर साथ रखें और थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें. मुंह सूखने का इंतजार न करें. लौटने के बाद दिन में 3 से 4 बार 15 मिनट के लिए कोल्ड पैक ठंडी सिकाई करें. फरीदाबाद. गर्मियों का मौसम हो और मथुरा-गोवर्धन की 21 किलोमीटर परिक्रमा…फरीदाबाद और बल्लभगढ़ से हर दिन सैकड़ों श्रद्धालु इस आस्था के सफर पर निकल पड़ते हैं. कोई नंगे पांव चलता है तो कोई चप्पल पहनकर लेकिन मंजिल एक ही होती है पूरी श्रद्धा के साथ परिक्रमा पूरी करना. हालांकि इतनी लंबी पैदल यात्रा के बाद ज्यादातर लोगों के पैरों में छाले, दर्द और सूजन हो जाता है जिससे घर लौटने के बाद चलना तक मुश्किल हो जाता है. लोकल 18 से फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल की डॉ. धीरजा बब्बर (Group Head Physiotherapy) बताती हैं कि परिक्रमा करना आस्था का विषय है, लेकिन शरीर को इसके लिए तैयार करना भी उतना ही जरूरी है. अगर बिना तैयारी के अचानक 21 किलोमीटर चलेंगे तो मांसपेशियों में खिंचाव, दर्द और क्रैम्प्स होना तय है. इसलिए परिक्रमा से पहले पैरों की स्ट्रेचिंग करें और शरीर को एक्टिव रखें. यात्रा के दौरान पानी पीते रहना बेहद जरूरी है क्योंकि डिहाइड्रेशन से मसल्स ज्यादा जल्दी थकती हैं और दर्द बढ़ता है. डॉ. धीरजा बताती हैं कि परिक्रमा से लौटने के बाद पैरों का खास ख्याल रखना चाहिए. हल्की-हल्की स्ट्रेचिंग करें पैरों की मसाज लें और दिन में 3 से 4 बार 15 मिनट के लिए कोल्ड पैक ठंडी सिकाई करें, खासकर काफ और एड़ी वाले हिस्से में. इससे सूजन और दर्द दोनों में राहत मिलती है. ORS, नारियल पानी और ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए ताकि शरीर जल्दी रिकवर कर सके. पैरों में मेहंदी, बीच-बीच में फल डॉ. धीरजा बब्बर के मुताबिक, कई लोग परिक्रमा के बाद पैरों में मेहंदी लगाते हैं क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती है और यह एक तरह से कोल्ड पैक जैसा काम करती है. इससे पैरों को ठंडक मिलती है और जलन कम होती है. परिक्रमा के दौरान कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है. जैसे अपने साथ पानी की बोतल जरूर रखें और थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें. मुंह सूखने का इंतजार न करें. बीच-बीच में फल खाते रहें ताकि शरीर को एनर्जी मिलती रहे. अगर बच्चे परिक्रमा कर रहे हैं तो उन्हें समय-समय पर आराम जरूर दें नहीं तो उनके पैरों में जल्दी छाले पड़ सकते हैं. अगर इन आसान टिप्स को अपनाया जाए तो न सिर्फ परिक्रमा आराम से पूरी होगी बल्कि बाद में होने वाला दर्द और परेशानी भी काफी हद तक कम हो जाएगी. About the Author Priyanshu Gupta Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Faridabad,Haryana First Published : April 13, 2026, 17:44 IST
प्रताप नारायण यादव ने दमोह कलेक्टर का पदभार संभाला:बोले- दमोह पिछड़ा है, इसे विकसित बनाने के लिए बहुत काम करना होगा

दमोह के 46वें कलेक्टर के रूप में प्रताप नारायण यादव ने सोमवार को अपना पदभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने अधिकारियों और पत्रकारों से चर्चा करते हुए साफ किया कि उनकी प्राथमिकता दमोह को पिछड़ापन दूर कर एक विकसित जिला बनाने की है। नवागत कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ पहली बैठक में ही कड़ा रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अधिकारी केवल ऑफिस और फाइलों तक सीमित न रहें, बल्कि फील्ड में जाकर जनता से मिलें और उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान करें। उन्होंने जिले की गंदगी और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर भी चिंता जताई और अस्पतालों में सुधार लाने की बात कही। जल संकट पर नाराजगी: डिमांड लेटर नहीं, एक्शन प्लान चाहिए गर्मी के मौसम में पेयजल की समस्या को लेकर कलेक्टर ने पीएचई (PHE) विभाग की क्लास ली। जब अधिकारियों ने बताया कि वे नई मशीनों की डिमांड कर रहे हैं, तो कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सिर्फ डिमांड करने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने उदाहरण दिया कि जैसे मरीज को तुरंत इलाज की जरूरत होती है, वैसे ही प्यासे को तुरंत पानी चाहिए। उन्होंने विभाग से 106 प्रभावित गांवों के लिए तत्काल बोरिंग और मोटर डालने का ठोस प्लान मांगा है। किसानों और बेरोजगारों के लिए खास योजना कलेक्टर ने कहा कि इस समय कृषि मंडियों में किसानों की भीड़ है, इसलिए उनकी उपज की समय पर खरीदी और भुगतान तय किया जाएगा। साथ ही, जिले में बेरोजगारी दूर करना भी उनकी प्राथमिकता सूची में शामिल है। आने वाले दिनों में वे सभी विभागों के साथ मिलकर दमोह के विकास का एक मास्टर प्लान (मैप) तैयार करेंगे, ताकि जिले की तस्वीर बदली जा सके।
रेडमी का बजट स्मार्टफोन A7 प्रो भारत में लॉन्च:जेमिनी और सर्कल टू सर्च जैसे AI फीचर्स, 6.9 इंच डिस्प्ले के साथ शुरुआती कीमत ₹12,499

शाओमी के सब-ब्रांड रेडमी ने सोमवार को भारत में अपना नया 5G स्मार्टफोन रेडमी A7 प्रो लॉन्च किया है। बजट सेगमेंट का यह फोन बड़ी बैटरी और लेटेस्ट गूगल जेमिनी और सर्कल टू सर्च AI फीचर्स के साथ पेश किया गया है। इसमें 6.9 इंच डिस्प्ले, 6300mAh बैटरी और 13MP कैमरा मिलेगा। फोन को दो वैरिएंट में पेश किया गया है। इसकी शुरुआती कीमत 12,499 रुपए है। कंपनी शुरुआती सेल में ₹1,000 का डिस्काउंट दे रही है। फोन की सेल 15 अप्रैल से शुरू होगी। डिजाइन: आर्मर जैसी मजबूती और वॉटरड्रॉप नॉच डिस्प्ले रेडमी का यह फोन मॉडर्न डिजाइन के साथ आता है। इसमें तीन कलर- ब्लैक, मिस्ट ब्लू और सनसेट ऑरेंज का ऑप्शन मिलते हैं। स्पेसिफिकेशंस: बड़ी स्क्रीन और लेटेस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम डिस्प्ले: इसमें 6.9 इंच की HD+ LCD स्क्रीन है। स्मूथ विजुअल्स के लिए 120Hz का रिफ्रेश रेट और तेज धूप में स्क्रीन साफ देखने के लिए 800 निट्स की पीक ब्राइटनेस दी गई है। यह आंखों की सुरक्षा के लिए ब्लू लाइट सर्टिफाइड है। परफॉर्मेंस: बेहतर स्पीड के लिए इसमें यूनिसोक T8300 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर लगा है। ग्राफिक्स के लिए माली G57 GPU दिया गया है। इसमें 4GB फिजिकल रैम के साथ 4GB वर्चुअल रैम का सपोर्ट है, जिससे कुल रैम 8GB तक हो जाती है। सॉफ्टवेयर: यह फोन एंड्रॉयड 16 पर आधारित लेटेस्ट हाइपर OS 3 पर काम करता है। कंपनी ने 4 साल के OS अपग्रेड और 6 साल के सुरक्षा अपडेट का वादा किया है। कैमरा: फोटोग्राफी के लिए बैक पैनल पर 13 मेगापिक्सल का मेन AI कैमरा और LED फ्लैश दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 8 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा मिलता है। बैटरी और चार्जिंग: इसमें 6300mAh की बड़ी बैटरी है जो 15W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। इसमें 7.5W की रिवर्स चार्जिंग तकनीक भी है, जिससे आप अपना दूसरा फोन या ईयरबड्स भी चार्ज कर सकते हैं।
आम का अचार रेसिपी: बिना ख़राब हुए आसानी से बनाएं आम का अचार, बस फॉलो कर लें ये आसान विधि

आम का अचार बनाने की आसन विधि: गर्मी का मौसम आते ही बाजार में कच्चे आम का मिश्रण मिलता है, और इसी तरह की याद के साथ आता है स्वादिष्ट आम का अचार। अगर सही तरीके से बनाया जाए, तो यह अचार सालभर तक खराब नहीं होता और खाने का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है। अगर आप भी घर पर आसानी से स्टेस्ट और आम क्लासिक का अचार बनाना चाहते हैं, तो यह आसान रेसिपी जरूर बनाएं। आम का अचार बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
Punjab Beadbi Bill Passed; CM Announces Life Imprisonment Till Death

. पंजाब की आज की सबसे बड़ी खबर बेअदबी बिल से जुड़ी रही। जिसे विधानसभा में सर्वसम्मति से पास किया। अब इसे गवर्नर की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इस बिल के कानून बनने पर बेअदबी करने वाले को उम्रकैद की सजा होगी। आरोपी की जमानत भी नहीं होगी। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. CM बोले- एक कौआ मारकर लटका दिया तो कोई बेअदबी नहीं करेगा पंजाब विधानसभा के स्पेशल सेशन में सोमवार को CM भगवंत मान ने जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक-2026 पेश किया। इसे सर्वसम्मति से पास किया गया। उन्होंने कहा कि बेअदबी की सजा उम्रकैद टिल डेथ तक है। उन्होंने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप की बेअदबी के बारे में विस्तार से बताया गया है। मान ने कहा- यह स्टेट एक्ट है। गवर्नर से साइन करवाना हमारी ही नहीं आपकी भी जिम्मेदारी है। आप गवर्नर के पास मेरी शिकायत लेकर हर तीसरे दिन पहुंच जाते हो। कभी काम करवाने भी चले जाया करो। गवर्नर ने लेट किया तो दोनों साथ चलेंगे। स्पीकर साहब ! एक आधा कौआ मारकर लटका दिया तो दोबारा पीढ़ियों तक कोई बेअदबी नहीं करेगा। सदन में बाजवा ने कहा कि बेअदबी के 5 केस शहर से बाहर चले गए। सरकार ने विरोध नहीं किया। कुंवर विजय प्रताप सिंह पोस्टर बॉय था, वह पार्टी से बाहर है। इस पर CM मान भड़क गए। उन्होंने कहा- आपका खजाना मंत्री व मुख्यमंत्री पार्टी से बाहर हैं। किसको मंत्री बनाना है या नहीं बनाना, यह हमारा फैसला है। आपसे 4 साल बाद प्रधानगी छीन ली है। किसी मौके पर तो कोई शर्म रख लिया करो (पढ़ें पूरी खबर) 2. वृंदावन हादसा- चौथे दिन लुधियाना के 2 और श्रद्धालुओं की लाशें मिलीं वृंदावन में नाव हादसे के चौथे दिन 2 और श्रद्धालुओं की लाशें मिलीं। इसमें एक महिला और दूसरी युवक की है। दोनों लुधियाना के रहने वाले हैं। अब मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। अभी एक युवक लापता है। उसकी तलाश में सेना, NDRF-SDRF समेत करीब 250 लोगों की अलग-अलग टीमें जुटी हैं। टीमों ने जांच का दायरा भी 14 किमी से बढ़ाकर 20 किमी कर दिया गया है। मरने वाले युवक की पहचान यश भल्ला और महिला की पहचान मोनिका के रूप में हुई है। यश पहली बार वृंदावन गया था। वह बांके बिहारी ग्रुप के साथ जुड़ा था और ढोलक बजाता था। हादसे से पहले सामने आए वीडियो में भी वह भजन गाते हुए ढोलक बजाता नजर आया है। मोनिका की शादी को अभी 6 महीने ही हुए थे। वह अपनी सास के साथ यात्रा पर गई थी। उसका पति विदेश में है और उसकी भी जल्द विदेश जाने की तैयारी थी। वहीं, लापता युवक पंकज फाजिल्का के जलालाबाद का रहने वाला है। वह माता-पिता का इकलौता बेटा है। युवक निजी कंपनी में काम करता है। उसकी पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। हादसे में उसके दो रिश्तेदारों की मौत हो चुकी है। (पढ़ें पूरी खबर) 3. नशे में धुत युवक-युवती का VIDEO, युवती चेहरा छुपाती दिखी लुधियाना में नशे में धुत लड़के और लड़की का वीडियो सामने आया है। बस स्टैंड के पास दोनों नशे में इस कदर धुत थे कि उनसे चला नहीं जा रहा था। युवक अपना सिर झुकाकर खड़ा हो गया और युवती नशे में झूम रही थी। इस दौरान लड़की अपना चेहरा भी छुपाती दिखी। ये वीडियो रविवार (12 अप्रैल) का बताया जा रहा है। पहला वीडियो रायकोट के पशु प्रेमी ने और दूसरा वीडियो लुधियाना के एक युवक ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। लोगों का कहना है कि ये लड़कियां नशा करने के लिए देह व्यापार तक करती हैं। उसमें जो कमाई करती हैं, उसे नशे में उड़ा देती हैं। रविवार को पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया और कांग्रेस विधायक सुखपाल खैहरा ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर यह वीडियो को शेयर किया। बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर लिखा- लुधियाना के बस स्टैंड के पास एक युवक और एक युवती नशे में धुत होकर सड़कों पर गिरे पड़े हैं और सरकार अभी भी कागजों पर जीत के दावे कर रही है। नशे के आंकड़ों से खेलकर 90,000 गिरफ्तारियों के झूठे दावे करते हो, फिर चिट्टा खुलेआम कैसे बिक रहा है? पंजाबियों को और कितना बेवकूफ बनाओगे? यह नशे के खिलाफ जंग नहीं, यह आत्मसमर्पण है। (पढ़ें पूरी खबर) 4. महिलाओं को ₹1000 की स्कीम, रजिस्ट्रेशन की तारीख बदली पंजाब में महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपए देने वाली ‘मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना’ के लिए रजिस्ट्रेशन अब 15 अप्रैल से होगा। पहले इसके लिए 13 अप्रैल, बैसाखी का दिन तय था, लेकिन बेअदबी कानून को लेकर स्पेशल विधानसभा सेशन की वजह से इसे टाल दिया गया। इससे पहले कल, 14 अप्रैल को सीएम भगवंत मान जालंधर के आदमपुर में रैली कर इसकी शुरूआत करेंगे। इस योजना की शुरुआत 7 जिलों मुक्तसर, रोपड़, पटियाला, संगरूर, मोगा, जालंधर, फरीदकोट से होगी। इनमें से 5 जिले सबसे ज्यादा विधानसभा सीटों वाले मालवा और 2 जिले दलित लैंड कहे जाने वाले दोआबा के हैं। इसके अलावा जिन विधानसभा क्षेत्रों को चुना गया है, उनमें 4 सीटें मंत्रियों, एक स्पीकर और एक AAP की महिला विंग की स्टेट प्रेजिडेंट का है। खास बात यह है कि सरकार ने SC वर्ग की महिलाओं को 500 रुपए ज्यादा यानी 1500 रुपए देने का ऐलान किया है। (पढ़ें पूरी खबर) 5. गोल्डन टेंपल के पास युवकों की पिटाई गोल्डन टेंपल के मंजी साहिब दीवान हॉल के बाहर कुछ युवकों के पास से इंजेक्शन, तंबाकू और बीड़ी मिली। जिससे वहां मौजूद युवक भड़क गया। उसने उन युवकों की पिटाई कर दी। आरोप लगाया गया कि इन लोगों ने एक युवक का फोन भी चोरी किया था। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है। यह वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया। जिसमें देखा जा सकता है कि लाल रुमाल बांधे एक युवक दो अन्य युवकों को थप्पड़ मार रहा है, जबकि बाकी युवक
शाजापुर में बिजली के खंभे से निकला पानी:सड़क निर्माण के दौरान पाइपलाइन टूटने से हुआ रिसाव

शाजापुर के शहरी हाईवे पर स्थित वरदान हॉस्पिटल के पास सोमवार को बिजली के खंभे के नीचे से अचानक पानी निकलने लगा। घटना से आसपास के दुकानदार और राहगीर हैरान रह गए। यह खंभा हाल में सड़क निर्माण कार्य के दौरान स्थानांतरित किया गया था। स्थानीय निवासियों ने तत्काल नगर पालिका और बिजली कंपनी को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची टीमों ने जांच की, जिसमें सामने आया कि खंभा लगाते समय जमीन के नीचे से गुजर रही पानी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसी वजह से तेज दबाव के साथ पानी बाहर आ रहा था। स्थिति को देखते हुए, खंभे को हटाकर पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य शुरू किया गया। दुकानदारों ने इसे लापरवाही बताया। उनका कहना था कि समय रहते समस्या का पता नहीं चलता, तो पानी के लगातार दबाव से खंभा गिर सकता था, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। संबंधित विभाग ने पाइपलाइन की मरम्मत करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है।
भिंडी बनाते समय आती है चिपचिपाहट की समस्या? इन आसान ट्रिक्स से बनाएं कुरकुरी और स्वादिष्ट सब्जी

Last Updated:April 13, 2026, 17:11 IST भिंडी भारतीय रसोई की सबसे पसंदीदा सब्जियों में से एक है, लेकिन इसे पकाते समय इसकी चिपचिपाहट यानी स्लाइम बड़ी समस्या बन जाती है. सही तरीके और कुछ आसान किचन ट्रिक्स अपनाकर भिंडी को बिना चिपचिपाहट के कुरकुरा और स्वादिष्ट बनाया जा सकता है. भिंडी (okra) भारतीय रसोई की सबसे लोकप्रिय सब्जियों में से एक है, लेकिन इसे पकाते समय सबसे बड़ी समस्या इसकी “चिपचिपाहट” यानी स्लाइम होती है. कई बार यह टेक्सचर पूरे स्वाद को बिगाड़ देता है. हालांकि सही तरीके अपनाकर भिंडी को क्रिस्पी और बिना चिपचिपाहट के बनाया जा सकता है. भिंडी में जो चिपचिपा पदार्थ होता है, उसे म्यूसीलेज कहा जाता है. यह एक प्राकृतिक फाइबर है जो पानी के संपर्क में आने पर ज्यादा सक्रिय हो जाता है. इसलिए सबसे पहला नियम यही है कि भिंडी को धोने के बाद अच्छे से सुखा लें और काटने से पहले उसमें बिल्कुल भी नमी न रहने दें. इसके अलावा, भिंडी काटते समय चाकू और कटिंग बोर्ड भी सूखे होने चाहिए. अगर इनमें पानी रहेगा तो भिंडी जल्दी चिपचिपी हो जाती है. कई एक्सपर्ट यह भी सलाह देते हैं कि भिंडी को धोने के बाद तुरंत काटने की बजाय कुछ समय हवा में सुखा लेना बेहतर रहता है. Add News18 as Preferred Source on Google भिंडी को कम चिपचिपा बनाने के लिए कुछ देसी ट्रिक्स भी बहुत काम आते हैं. जैसे पकाते समय थोड़ा सा नींबू रस, अमचूर या दही डालने से इसकी स्लाइम कम हो जाती है. इसके अलावा बेसन (चना आटा) डालकर भूनने से भी भिंडी ज्यादा कुरकुरी बनती है. एक और जरूरी बात यह है कि भिंडी पकाते समय पैन को ढकना नहीं चाहिए. ढक्कन लगाने से भाप बनती है और नमी बढ़ती है, जिससे भिंडी और ज्यादा चिपचिपी हो जाती है. साथ ही नमक हमेशा पकाने के आखिरी चरण में डालना चाहिए, क्योंकि यह भी नमी छोड़ता है. तेज आंच पर भिंडी को कम तेल में पकाना भी एक अच्छा तरीका है. इससे भिंडी जल्दी सिक जाती है और उसका नैचुरल क्रंच बना रहता है. लगातार चलाने की बजाय उसे थोड़ी देर बिना हिलाए पकने देना भी बेहतर परिणाम देता है. इन आसान किचन टिप्स को अपनाकर आप भिंडी को बिना चिपचिपाहट के स्वादिष्ट, कुरकुरी और हेल्दी बना सकते हैं. अब अगली बार भिंडी बनाते समय ये छोटे-छोटे उपाय जरूर आजमाएं और सब्जी का स्वाद दोगुना करें. First Published : April 13, 2026, 17:11 IST
बॉयफ्रेंड संग मिलकर पति को तलवार से टुकड़ों में काटा:शव को जलाया, JCB से गड्ढा खुदवाकर गाड़ा; बेटी बोली-पापा को रात में ले गए थे

मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की। सब्बल और तलवार से शव के टुकड़े किए। शव जलाने की कोशिश की, लेकिन नहीं जला तो जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर टुकड़ों को गाड़ दिया। मामला गरोठ थाना क्षेत्र के दुधाखेड़ी गांव का है। जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान धनराज नाथ (39) के रूप में हुई, जो दुधाखेड़ी का रहने वाला था। पत्नी का नाम धापू बाई है। वहीं मुख्य आरोपी का नाम पंकज चौधरी (40) है। धापू-पंकज ने मिलकर मर्डर किया है। अफेयर के कारण रची हत्या की साजिश धापू बाई और पंकज चौधरी के बीच अफेयर चल रहा था, जिसकी जानकारी धनराज को लग गई थी। इसी बात को लेकर पति-पत्नी में विवाद होता था। इसके बाद दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची और 10 अप्रैल की रात धनराज की हत्या कर दी। शव जलाने की कोशिश, फिर गड्ढे में दफनाया अगले दिन शनिवार को पंकज ने खेत में काम के बहाने जेसीबी बुलवाई और गड्ढा खुदवाया। पहले शव जलाने की कोशिश की, लेकिन पूरी तरह नहीं जला। इसके बाद टुकड़े कर गड्ढे में डालकर मिट्टी से ढक दिया। वारदात से जुड़ी ये 5 तस्वीरें देखिए… बेटे ने दर्ज कराई गुमशुदगी बेटी दिलकश ने बताया- शनिवार को पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मां धापू बाई और आरोपी पंकज पर शक जताया था। पापा शुक्रवार रात 8:30 बजे घर से निकले थे। पंकज की गाड़ी से किसी कार्यक्रम में गए थे। इसके बाद उनकी कोई जानकारी नहीं मिली। बेटा नीतीश योगी ने बताया- सुबह पिताजी से बात हुई थी। अगले दिन भानपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पंकज ने हत्या की है। मृतक की बहन करिश्मा ने बताया- भाई को शुक्रवार रात 8:30 से 9 बजे के बीच लेकर गए थे। इसके बाद वह नहीं लौटे। स्थानीय बोले- आरोपी के घर पर बुलडोजर चले कमलेश राजगुरु ने आरोपी पंकज का मकान तोड़ने और मामले में शामिल अन्य लोगों की भी जांच की मांग की। रविवार रात पुलिस पूछताछ में मामला गहराया और गुमशुदगी हत्या में बदल गई। जांच में घटनाक्रम स्पष्ट हुआ। सोमवार को पुलिस ने पंकज चौधरी और धापू बाई को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर गड्ढे से शव के टुकड़े बरामद किए गए। मौके से दो तलवार और एक सब्बल भी जब्त किया गया। प्रशासन का आश्वासन गरोठ SDOP विजय कुमार यादव ने बताया कि प्रेमी-प्रेमिका को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों ने मर्डर करने की बात स्वीकार कर लिया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। अन्य आरोपी शामिल होंगे, को उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। मामले की जांच की जा रही है। ……………………………. यह खबर भी पढ़ें निवाड़ी में मछली काटने वाली छुरी से लड़की का गला काटा मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर निवाड़ी जिले में युवती की गला काटकर हत्या की गई है। उसकी कुछ दिन में शादी होने वाली थी। मर्डर स्पॉट से 100 मीटर दूर UP के युवक की फांसी पर लटकी डेडबॉडी मिली। मामला सेंदरी थाना क्षेत्र के पूछा की पहाड़ी ढिमरपुरा का है। पढ़ें पूरी खबर…
राजगढ़ के उपार्जन केंद्रों पर अव्यवस्थाएं उजागर:कलेक्टर के औचक निरीक्षण में खुली पोल; चाठा केंद्र पर लापरवाही पर नोटिस

राजगढ़ उपार्जन केंद्रों पर सब कुछ ठीक होने के दावों के बीच सोमवार को हकीकत तब सामने आई, जब कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा अचानक निरीक्षण पर पहुंच गए। कालीपीठ, चाठा और बेलास केंद्रों के दौरे में व्यवस्थाओं की असल तस्वीर दिखी- जहां कुछ जगह काम ठीक मिला, वहीं चाठा केंद्र पर लापरवाही ने अफसरों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए। चाठा उपार्जन केंद्र पर अव्यवस्थाएं देखकर कलेक्टर का रुख सख्त हो गया। मौके पर ही नाराजगी जताते हुए उन्होंने नोडल अधिकारी नरेश मीणा को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साफ कहा कि अगर किसानों को परेशानी हुई तो सीधे जिम्मेदारी तय होगी। कलेक्टर बोले- किसानों को सुविधाएं हर हाल में मिलनी चाहिए निरीक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि कई जगहों पर बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह व्यवस्थित नहीं थीं। इस पर कलेक्टर ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि उपार्जन केंद्रों पर आने वाले किसानों को पानी, छांव और बैठने जैसी जरूरी सुविधाएं हर हाल में मिलनी चाहिए। रिकॉर्ड को भी कलेक्टर ने बारीकी से जांचा खरीदी प्रक्रिया, तौल व्यवस्था और रिकॉर्ड को भी कलेक्टर ने बारीकी से जांचा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा और खरीदी समय पर पूरी होनी चाहिए, ताकि किसानों को भुगतान में देरी न हो। कलेक्टर के इस औचक निरीक्षण के बाद साफ संकेत मिल गए हैं कि अब उपार्जन व्यवस्था में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई तय है। प्रशासन की नजर अब सीधे जमीनी कामकाज पर है, जहां किसान ही असली कसौटी बन रहे हैं।









