लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर जोर:5 विभागों को अल्टीमेटम; राजगढ़ की समय-सीमा बैठक में रिकॉर्ड डिजिटलीकरण के निर्देश

राजगढ़ कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सोमवार को हुई समय-सीमा बैठक में प्रशासनिक कामकाज में तेजी लाने पर जोर दिया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. इच्छित गढ़पाले ने की, जबकि कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। बैठक में अधिकारियों को पुराने और महत्वपूर्ण अभिलेखों के रखरखाव में लापरवाही न बरतने का सख्त संदेश दिया गया। निर्देश दिए गए कि सभी दस्तावेजों का डिजिटलीकरण कर उन्हें ई-ऑफिस या किसी अन्य सुरक्षित माध्यम में संरक्षित किया जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे तुरंत उपलब्ध हो सकें। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के त्वरित और प्राथमिकता के आधार पर निराकरण को लेकर भी सख्ती बरती गई। विशेष रूप से बॉटम-5 में शामिल विभागों को अपनी रैंकिंग सुधारने के लिए एक सप्ताह की समय-सीमा तय की गई। लंबित आवेदनों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को मौके पर ही कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, 14 अप्रैल को आयोजित होने वाली डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि हितग्राहियों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आवागमन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली जाएं। इस बैठक में अपर कलेक्टर प्रताप सिंह चौहान सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीना बन सकता है ‘जहर’! आखिर क्या कहता आयुर्वेद?

Last Updated:April 13, 2026, 16:46 IST Health Tips: खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीना एक साधारण आदत बन गई है, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार यह शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकती है. सही समय पर पानी पीकर ही हम अपने पाचन और स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रख सकते हैं. जौनपुर: ज्यादातर लोग खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीना एक सामान्य आदत मानते हैं, लेकिन आयुर्वेद इसे शरीर के लिए हानिकारक बताता है. यह आदत धीरे-धीरे पाचन तंत्र को कमजोर कर सकती है और कई बीमारियों की वजह बन सकती है. आयुर्वेद में भोजन और पानी पीने के सही समय को लेकर विशेष नियम बताए गए हैं. एम.डी. (आयुर्वेद) डॉक्टर कुसुम ने बताया कि गलत समय पर पानी पीना शरीर के पाचन तंत्र पर सीधा असर डालता है. उन्होंने आयुर्वेद के जनक माने जाने वाले भगवान धन्वंतरि के एक प्रसिद्ध श्लोक के माध्यम से इसे समझाया. “अजीर्णे भेषजं वारि, जीर्णे वारि बलप्रदम।भोजने चामृतं वारि, भोजनान्ते विषप्रदम।।” इसका मतलब है कि अपच की स्थिति में पानी औषधि के समान काम करता है. भोजन पच जाने के बाद पानी पीना शरीर को ताकत देता है और भोजन के दौरान थोड़ा-थोड़ा पानी पीना अमृत के समान लाभकारी होता है. लेकिन भोजन के तुरंत बाद पानी पीना ‘विष’ यानी जहर के समान माना गया है. बढ़ सकती है मोटापा जैसी समस्याएंडॉक्टर कुसुम बताती हैं कि जब हम खाना खाते हैं, तब शरीर में पाचन के लिए जठराग्नि (डाइजेस्टिव फायर) सक्रिय होती है. यदि हम तुरंत बाद पानी पी लेते हैं, तो यह अग्नि कमजोर हो जाती है और खाना सही तरीके से पच नहीं पाता. इससे गैस, अपच, एसिडिटी और मोटापा जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. समय पर पानी पीना स्वास्थ के लिए जरूरीखाना खाने के कम से कम 30 मिनट बाद ही पानी पीना चाहिए. वहीं, भोजन के दौरान जरूरत के अनुसार थोड़ा-थोड़ा पानी लेना फायदेमंद माना जाता है. यह पाचन को बेहतर बनाता है और शरीर को हाइड्रेट भी रखता है. आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में इस विषय पर अलग-अलग मत हैं, लेकिन आयुर्वेद में इसे लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं. इसलिए संतुलित और सही समय पर पानी पीने की आदत अपनाना स्वास्थ्य के लिए जरूरी माना जाता है. खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीना एक साधारण आदत लग सकती है, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार, यह शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकती है. सही समय पर पानी पीकर ही हम अपने पाचन और स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रख सकते हैं. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Jaunpur,Uttar Pradesh First Published : April 13, 2026, 16:46 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
बीच सड़क पर स्कूटी सवार दो बहनों से मारपीट:मां की दवाइयां लेकर लौट रही थी, मकरोनिया चौराहे पर रोका और मारपीट कर भागे युवक

सागर के मकरोनिया चौराहे के पास स्कूटी सवार दो युवकों ने मां की दवाइयां लेकर लौट रही दो बहनों के साथ मारपीट की। सोमवार को मारपीट का वीडियो सामने आया है। जिसमें स्कूटी सवार युवक बीच सड़क पर युवतियों के साथ मारपीट करते हुए नजर आ रहा है। मामले में युवती की शिकायत पर मकरोनिया पुलिस ने दो युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में लिया है। स्कूटी से आए थे दो युवक पुलिस के अनुसार, पैराडाइज होटल के पास किराए से रहने वाली 22 वर्षीय युवती ने थाने में शिकायत की। शिकायत में बताया कि वह रविवार रात करीब 8 बजे अपनी छोटी बहन के साथ स्कूटी से मां की दवाई लेने फौजी मेडीकल स्टोर मकरोनिया गई थी। जहां दवाइयां लेकर वापस अपने घर लौट रही थी। तभी महावीर मेडिकल स्टोर मकरोनिया के पास पीछे से बगैर नंबर की स्कूटी पर सवार दो युवक आए। उनके नाम आकाश वर्मा और उसका दोस्त अभिषेक थे। उन्होंने गालीगलौज शुरू कर दी। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस स्कूटी में लात मारी तो हम लोगों ने अपनी स्कूटी खड़ी कर ली। गालियां देने से मना किया तो आकाश ने स्कूटी की चाबी से मारपीट की। छोटी बहन के साथ भी मारपीट की गई। मारपीट में मामूली चोटे आई हैं। घटनाक्रम के दौरान राहगीर ने मारपीट का वीडियो बना लिया जो अब सोशल मीडिया पर सामने आया है। मामले की शिकायत पर पुलिस मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रही है।
‘आपने भाजपा, आरएसएस से जुड़े अधिवक्ता परिषद के कार्यक्रमों में भाग लिया’: केजरीवाल ने दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कहा | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:13 अप्रैल, 2026, 16:29 IST आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने सवाल किया कि क्या उन्हें न्याय मिलेगा यदि उनके मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश एक निश्चित विचारधारा से संबंधित कार्यक्रमों में शामिल हुए हैं जो उनकी अपनी विचारधारा के विपरीत है। सुनवाई के लिए आने पर आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल सुनवाई से हटने के आवेदन पर बहस कर रहे हैं। (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) यह बताते हुए कि दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने भाजपा और आरएसएस से जुड़े अधिवक्ता परिषद के कार्यक्रमों में भाग लिया था, आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की एक टिप्पणी के माध्यम से समझाया कि “एक कार्यात्मक लोकतंत्र में, धारणा मायने रखती है”। केजरीवाल ने कहा कि क्या दिल्ली की आबकारी नीति का मामला राजनीतिक है, उन्होंने सवाल किया कि क्या उन्हें न्याय मिलेगा यदि मामले की अध्यक्षता करने वाले न्यायाधीश एक निश्चित विचारधारा से संबंधित एक निश्चित कार्यक्रम में शामिल हुए हैं जो उनकी अपनी विचारधारा का विरोध करता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 13 अप्रैल, 2026, 16:29 IST समाचार राजनीति ‘आपने भाजपा, आरएसएस से जुड़े अधिवक्ता परिषद के कार्यक्रमों में भाग लिया’: केजरीवाल ने दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कहा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट) दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामला (टी) अरविंद केजरीवाल (टी) दिल्ली उच्च न्यायालय (टी) न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा (टी) अधिवक्ता परिषद (टी) भाजपा आरएसएस लिंक (टी) न्यायिक निष्पक्षता (टी) राजनीतिक मामला
India Inflation | India Retail Inflation Rate March 2026 Update

Hindi News Business India Inflation | India Retail Inflation Rate March 2026 Update Israel Iran War नई दिल्ली15 मिनट पहले कॉपी लिंक मार्च में रिटेल महंगाई बढ़कर 3.4% पहुंच गई है। इससे पहले फरवरी में यह 3.21% थी। आज 13 अप्रैल को ये आंकड़े जारी किए गए हैं। महंगाई में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग चल रही है। जंग लंबी चली तो महंगाई आगे और बढ़ सकती है। महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों के दामों का बढ़ना है। फूड इन्फ्लेशन मार्च में बढ़कर 3.71% पर पहुंच गया। फरवरी में यह आंकड़ा 3.47% था। ग्रामीण इलाकों की तुलना में शहरों में महंगाई थोड़ी कम रही। ग्रामीण महंगाई फरवरी के 3.37% से बढ़कर 3.63% हो गई, जबकि शहरी महंगाई 3.02% से बढ़कर 3.11% रही। नए तरीके से मापी जा रही महंगाई, OTT शामिल यह महंगाई के नए फॉर्मूले (2024 बेस ईयर) के तहत जारी तीसरा आंकड़ा है। सरकार ने महंगाई नापने के बास्केट में भी बदलाव किया है। खाने-पीने की चीजों का वजन (वेटेज) 45.9% से घटाकर 36.75% कर दिया गया है, जबकि हाउसिंग और बिजली-गैस का वेटेज बढ़ा दिया गया है। क्या हटा: वीसीआर और ऑडियो कैसेट जैसे पुराने सामान हटा दिए गए हैं। क्या जुड़ा: OTT सब्सक्रिप्शन, डिजिटल स्टोरेज जैसे खर्चे शामिल किए हैं। महंगाई कैसे बढ़ती-घटती है? महंगाई का बढ़ना-घटना प्रोडक्ट की डिमांड-सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। इससे चीजों की डिमांड बढ़ेगी और सप्लाई नहीं होने पर इनकी कीमत बढ़ेगी। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी। 3.4% महंगाई दर का क्या मतलब है? 1. तुलना पिछले साल से होती है (साल-दर-साल) जब हम कहते हैं कि मार्च 2026 में महंगाई 3.4% है, तो इसका मतलब है कि हम इसकी तुलना मार्च 2025 से कर रहे हैं। यह पूरे एक साल का बदलाव है। 3.4% एक औसत नंबर है जिसे ‘कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स’ कहते हैं। इसमें आपके जीवन की सैकड़ों चीजें शामिल हैं: किसी चीज के दाम बहुत ज्यादा बढ़े होंगे (जैसे चांदी के गहने 160% महंगे हुए)। किसी चीज के दाम घटे भी होंगे (जैसे लहसुन 31% सस्ता हुआ)। जब इन सबको एक साथ मिलाया गया, तो औसतन खर्च 3.4% बढ़ गया। 2. ₹100 की चीज अब ₹103.4 की हो गई इसका गणित बहुत सीधा है। अगर मार्च 2025 में आपने कोई सामान जैसे राशन ₹100 में खरीदा था, तो वही सामान मार्च 2026 में ₹103.4 का हो गया है। ये खबर भी पढ़ें… सरकार बोली- देश में गैस की कोई कमी नहीं: पैनिक बाइंग से बचने को कहा, 95% ग्राहक अब डिजिटल माध्यम से कर रहे बुकिंग देश में LPG सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह स्थिर और पर्याप्त है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि उन्हें घबराने या पैनिक बाइंग करने की जरूरत नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क मजबूत है और देशभर में बिना रुकावट गैस पहुंच रही है। सरकार इसकी लगातार निगरानी कर रही है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
India Inflation | India Retail Inflation Rate March 2026 Update

Hindi News Business India Inflation | India Retail Inflation Rate March 2026 Update Israel Iran War नई दिल्ली31 मिनट पहले कॉपी लिंक मार्च में रिटेल महंगाई बढ़कर 3.4% पहुंच गई है। इससे पहले फरवरी में यह 3.21% थी। आज 13 अप्रैल को ये आंकड़े जारी किए गए हैं। महंगाई में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग चल रही है। जंग लंबी चली तो महंगाई आगे और बढ़ सकती है। महंगाई बढ़ने की वजह- खाने-पीने की चीजों के दामों का बढ़ना महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों के दामों का बढ़ना है। फूड इन्फ्लेशन मार्च में बढ़कर 3.71% पर पहुंच गया। फरवरी में यह आंकड़ा 3.47% था। ग्रामीण इलाकों की तुलना में शहरों में महंगाई थोड़ी कम रही। ग्रामीण महंगाई फरवरी के 3.37% से बढ़कर 3.63% हो गई, जबकि शहरी महंगाई 3.02% से बढ़कर 3.11% रही। पर्सनल केयर वाले सामान सबसे ज्यादा 18.65% महंगे हुए सेक्टर महंगाई दर (%) पर्सनल केयर, सोशल प्रोटेक्शन और अन्य सामान 18.65 पान, तंबाकू और नशीले पदार्थ 4.23 खाद्य और पेय पदार्थ 3.71 एजुकेशन सर्विसेज 3.30 कपड़े और जूते 2.75 रेस्टोरेंट और होटल सेवाएं 2.88 मनोरंजन, खेल और संस्कृति 2.28 स्वास्थ्य 1.75 आवास, पानी, बिजली और गैस 1.97 घरेलू उपकरण और रख-रखाव 1.39 सूचना और संचार 0.33 ट्रांसपोर्ट 0.00 मार्च में आलू महंगा, प्याज और लहसन सस्ता हुआ नंबर वस्तु महंगाई % (फरवरी, 2026) महंगाई % (मार्च, 2026) 1 प्याज -28.20 -27.76 2 आलू -18.47 -18.98 3 लहसन -31.10 -10.18 4 अरहर, तुअर दाल -16.00 -9.56 5 मटर, चने -8.26 -7.87 चांदी के गहनों की महंगाई दर घटकर 148.61% पर आई नंबर वस्तु महंगाई % (फरवरी, 2026) महंगाई % (मार्च, 2026) 1 चांदी के गहने 160.88 148.61 2 सोने/हीरे/प्लैटिनम 48.17 45.92 3 नारियल: खोपरा 46.16 45.52 4 टमाटर 45.18 35.99 5 फूलगोभी 43.76 34.11 नए तरीके से मापी जा रही महंगाई, OTT शामिल यह महंगाई के नए फॉर्मूले (2024 बेस ईयर) के तहत जारी तीसरा आंकड़ा है। सरकार ने महंगाई नापने के बास्केट में भी बदलाव किया है। खाने-पीने की चीजों का वजन (वेटेज) 45.9% से घटाकर 36.75% कर दिया गया है, जबकि हाउसिंग और बिजली-गैस का वेटेज बढ़ा दिया गया है। क्या हटा: वीसीआर और ऑडियो कैसेट जैसे पुराने सामान हटा दिए गए हैं। क्या जुड़ा: OTT सब्सक्रिप्शन, डिजिटल स्टोरेज जैसे खर्चे शामिल किए हैं। महंगाई कैसे बढ़ती-घटती है? महंगाई का बढ़ना-घटना प्रोडक्ट की डिमांड-सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। इससे चीजों की डिमांड बढ़ेगी और सप्लाई नहीं होने पर इनकी कीमत बढ़ेगी। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी। 3.4% महंगाई दर का क्या मतलब है? 1. तुलना पिछले साल से होती है (साल-दर-साल) जब हम कहते हैं कि मार्च 2026 में महंगाई 3.4% है, तो इसका मतलब है कि हम इसकी तुलना मार्च 2025 से कर रहे हैं। यह पूरे एक साल का बदलाव है। 3.4% एक औसत नंबर है जिसे ‘कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स’ कहते हैं। इसमें आपके जीवन की सैकड़ों चीजें शामिल हैं: किसी चीज के दाम बहुत ज्यादा बढ़े होंगे (जैसे चांदी के गहने 160% महंगे हुए)। किसी चीज के दाम घटे भी होंगे (जैसे लहसुन 31% सस्ता हुआ)। जब इन सबको एक साथ मिलाया गया, तो औसतन खर्च 3.4% बढ़ गया। 2. ₹100 की चीज अब ₹103.4 की हो गई इसका गणित बहुत सीधा है। अगर मार्च 2025 में आपने कोई सामान जैसे राशन ₹100 में खरीदा था, तो वही सामान मार्च 2026 में ₹103.4 का हो गया है। ये खबर भी पढ़ें… सरकार बोली- देश में गैस की कोई कमी नहीं: पैनिक बाइंग से बचने को कहा, 95% ग्राहक अब डिजिटल माध्यम से कर रहे बुकिंग देश में LPG सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह स्थिर और पर्याप्त है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि उन्हें घबराने या पैनिक बाइंग करने की जरूरत नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क मजबूत है और देशभर में बिना रुकावट गैस पहुंच रही है। सरकार इसकी लगातार निगरानी कर रही है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
उमरिया के चंदिया में महिला की संदिग्ध मौत:जहर खाने के बाद बिगड़ी थी तबीयत, परिवार में तीन छोटे बच्चे

उमरिया जिले के चंदिया थाना क्षेत्र में रविवार रात एक 29 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने जहरीले पदार्थ के सेवन से मौत होने की आशंका जताई है। रात में बिगड़ी तबीयत ग्राम बांसा निवासी सीताबाई ने रविवार रात अज्ञात कारणों से जहरीले पदार्थ खा लिया था। तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने डायल 112 को सूचना दी, जिसके बाद चंदिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। परिजनों ने बताया कि सीताबाई के तीन छोटे बच्चे हैं। पुलिस ने सोमवार को शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया है। घटना के पीछे के कारणों का अभी खुलासा नहीं हो पाया है। कारणों की तलाश में जुटी पुलिस एसडीओपी पीएल परस्ते ने बताया कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। आत्महत्या या अन्य कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है।
पश्चिम बंगाल के सीएम अमित शाह का ‘ये ममता बनर्जी का चेला हुमायूं कबीर बाबरी मस्जिद…’

पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर के रानीगंज में रैली को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार (13 अप्रैल 2026) को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी सीमा पर फेंसिंग के लिए जमीन नहीं दे रहे हैं और बंगाल में अतिक्रमण के लिए राज्य को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। रैली को दिखाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ‘आप लोग बेखौफ बे-रोक-टोक मतदान करना। ममता बनर्जी के किसी भी गुंडे की मजाल नहीं है कि इस बार वो बंगाल के किसी भी गरीब को रोक पाए। ‘बड़ी संख्या में मतदान होते ही ममता का पता चल जाएगा।’ ममता बनर्जी का चेला बाबरी मस्जिद बनाना चाहता हूं: अमित शाह गृह मंत्री अमित शाह ने हुमायूँ कबीर को सीएम ममता बनर्जी का चेला करार दिया। उन्होंने कहा, ‘ममता प्यारी राम मंदिर का विरोध कर रही हैं और अपने चेले-चपाटों को बंगाल में आगे कर बाबरी मस्जिद बनाने का सपना दिखा रही हैं। ममता बनर्जी का चेला हुमायूँ कबीर बंगाल में बाबरी मस्जिद बनाना चाहता है। कांग्रेस और ममता बनर्जी ने रामलला को 550 साल की उम्र तक तंबू के अंदर बनाए रखने का समर्थन किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कराया।’ कारीगरों को जेल में डालेगी: अमित शाह गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘बेरोजगार युवाओं की रैली में अरबों-करोड़ों रुपये खाने वाले टीएमसी के लोग मानते हैं कि हमने कुछ नहीं किया। मैं निवेशकों को बताता हूं कि आपके समर्थकों को आगा कर देना, बीजेपी उन्हें जेल के बंधकों के पीछे काम करने का मौका देती है। ममता दीदी ने एक समुद्रतट में पूरे भारत का औद्योगिक केंद्र माने जाने वाले बंगाल के युवाओं को शामिल किया है। हमने तय किया है कि बंगाल में बीजेपी सरकार ने ही 5 बड़े इंडिपेंडेंट इंडस्ट्रीज को वापस लाकर पूरे बंगाल में इंडस्ट्री का काम मोदी करने वाले हैं।’ गृह मंत्री सहित यूसीसी ने किया ये वादा उन्होंने कहा, ‘हम यहां यूसीसी लाएंगे।’ 45 दिन में सरकारी कर्मचारियों को सातवां वेतन आयोग मिलेगा। हर व्यक्ति के बैंक खाते में हर महीने 3 हजार रुपये बीजेपी सरकार पहुंचेगी। गर्भवती माता को 21 हजार रुपये मिलेंगे. सभी पक्षों को सरकारी बस में निःशुल्क यात्रा मिलेगी। सरकारी विज्ञापन में 33 प्रतिशत महिलाएँ नामांकित और साझा युवाओं के बैंक खाते में हर महीने 3 हजार रुपये का काम हम करेंगे। किसानों के खाते में हर साल 9 हजार रुपये और युवाओं को 10 लाख रुपये तक का लोन देने का काम बीजेपी सरकार करेगी।’ ये भी पढ़ें: बंगाल चुनाव 2026: ‘बर्दाश्त नहीं होंगे अगर मुसलमान…’, बंगाल चुनाव को लेकर ये क्या बोले बोल्ट, पढ़ें पूरा बयान
मुस्लिम प्रेमी के घर मिली हिंदू लड़की की लाश:दरभंगा में पिता बोले- बेटी को भगाकर ले गया था, इस्लाम कबूल नहीं करने पर मार डाला

‘’मेरी बेटी ने इस्लाम कबूल नहीं किया, इसलिए लड़के ने मेरी बेटी की हत्या कर दी। आरोपी मेरे घर के पड़ोस का है और वो 13 जनवरी को मेरी बेटी को भगाकर ले गया था। हम लोगों ने पुलिस से शिकायत की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। तीन महीने बाद ही मेरी बेटी की लाश मिली है।’’ दरभंगा नगर पंचायत क्षेत्र के सम्राट चौक के रहने वाले पेशे से किसान 45 साल के शख्स ने ये बातें कही। शख्स ने अपनी बेटी की हत्या का आरोप पड़ोस में रहने वाले मुस्लिम लड़के पर लगाया है। मृतका की पहचान 14 साल, जबकि आरोपी की उम्र 16 साल के नाबालिग के रूप में की गई है। उधर, पुलिस की ओर से कार्रवाई न किए जाने के मामले पर मौके पर मौजूद एसडीपीओ ने जांच पड़ताल कर कार्रवाई की बात कही है। घटना कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र की है। घटनास्थल की 2 तस्वीरें देखिए अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला मृतका के पिता ने बताया कि तीन महीने पहले यानी 13 जनवरी को पड़ोस का रहने वाला नाबालिग मेरी बेटी को घर से भगाकर ले गया था। मेरी बेटी चार बेटियों में तीसरे नंबर पर थी। बेटी को भगाए जाने की शिकायत कुशेश्वरस्थान थाना में की थी। उन्होंने बताया कि आज सुबह आरोपी लड़का मेरी बेटी को ठेला पर लेकर सीएचसी गया था, जहां डॉक्टर ने इलाज से पहले ही मेरी बेटी को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद लड़का मेरी बेटी की लाश लेकर अपने घर आ गया। इस बात की जानकारी किसी ने हम लोगों को दी। जब हम लोग लड़के के घर गए तो देखा कि मेरी बेटी की लाश पड़ी है। मृतका के पिता के मुताबिक, 13 जनवरी को जब मेरी बेटी को आरोपी भागकर ले गया था, तब हम लोग लड़के के घर पहुंचे थे। उनके परिजन से कहा था कि हमारी बेटी को वापस कर दो। नाबालिग आरोपी के घरवालों ने मुझसे कहा था कि मेरा बेटा आपकी लड़की को कहां लेकर गया है, इसकी जानकारी मुझे भी नहीं है, वो जैसे आएगा, आपकी लड़की आपको सौंप देंगे, लेकिन दो महीने पहले जब आरोपी मेरी बेटी को लेकर आया, तो मेरी बेटी को मेरे हवाले नहीं किया गया। ‘बेटी ने कॉन्टैक्ट नहीं किया सोचा कि खुश होगी’ मृतका के पिता ने कहा कि जब दो महीने पहले आरोपी मेरी बेटी को घर लेकर आया तो इसकी जानकारी हम लोगों को हुई। लेकिन जब बेटी ने हम लोगों से संपर्क नहीं किया तो हम लोगों ने सोचा कि बेटी खुश होगी, इसलिए हम लोगों ने तय किया कि बेटी ने अगर अपनी मर्जी से लड़के से शादी की है, तो हम लोगों को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उन्होंने बताया कि कुछ दिनों से बेटी को परेशान किए जाने की जानकारी हम लोगों को मिल रही थी। पता चला था कि इस्लाम कबूल करने के लिए मेरी बेटी के साथ मारपीट की जाती है, जब मेरी बेटी को इसके लिए कहा जाता है, तो वो इनकार कर देती है। ‘मृतका के मौसा पर आरोपी नाबालिग ने चाकू से किया हमला’ मृतका के मौसा ने बताया कि सुबह मैं खेत में काम कर रहा था। इस दौरान मुझे जानकारी मिली कि भतीजी की हत्या हो गई है। मैं घर न जाकर सीधा आरोपी के घर पहुंचा, वहां देखा कि मेरी भतीजी की लाश पड़ी है। मेरे साढ़ू और उनकी पत्नी मौके पर ही थे। मैंने आरोपी नाबालिग को देखा और उसे पकड़ने के लिए दौड़ा, तभी आरोपी ने मेरे कमर पर चाकू से हमला कर दिया और फरार हो गया। वहीं, मृतका की चाची ने बताया कि भतीजी जब घर से गई थी तो हम लोगों ने सोचा था कि अपनी मर्जी से गई है, वापस लौट आएगी। इसलिए पुलिस को आवेदन देने के बाद दोबारा थाना नहीं गए। उन्होंने कहा कि अब मेरी भतीजी को मुस्लिम धर्म स्वीकार नहीं करने पर मार डाला गया है। एसडीपीओ बोले- मामले की पड़ताल की जा रही है घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने नाबालिग की लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, जबकि आरोपी नाबालिग को भी पकड़ लिया है और उससे पूछताछ जारी है। शुरुआती जांच में लड़के ने बताया कि है कि उसकी पत्नी को बुखार था, बुखार की वजह से ही उसकी मौत हुई है। मौके पर मौजूद प्रभाकर तिवारी ने बताया कि नाबालिग लड़की की मौत की वजह स्पष्ट नहीं है। मौत के कारणों के संबंध में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चल पाएगा। उन्होंने बताया कि लड़की के परिजन की ओर से आवेदन दिए जाने और कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप भी लगा है। इस संबंध में कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के तत्कालीन एसएचओ अंकित चौधरी से बात की है, उन्होंने कहा है कि आवेदन ही नहीं मिला था। जब एसडीपीओ से कहा गया कि लड़की के पिता की ओर से थाना में दिए गए आवेदन की कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल है, इसके जवाब में प्रभाकर तिवारी ने कहा कि इस मामले में जांच पड़ताल की जा रही है, अगर मामला सही होता है, तो दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गर्मियों में आम का सही चुनाव कैसे करें? लू से बचाव और एनर्जी होगी बूस्ट, जानिए डाइटीशियन की राय

Last Updated:April 13, 2026, 16:10 IST गर्मी आते ही बाजारों में आम की खुशबू और स्वाद दोनों छा जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कच्चा और पका आम सिर्फ स्वाद नहीं बल्कि सेहत का भी सुपरफूड है? जानिए डाइटीशियन से इसके जबरदस्त फायदे… गर्मियों की शुरुआत होते ही बाजारों में आम की मिठास घुलने लगती है. फलों का राजा कहा जाने वाला आम अब फरीदाबाद की मंडियों में भी पहुंच चुका है और लोगों की थालियों में अपनी खास जगह बना रहा है. कोई कच्चे आम की खट्टी-मीठी चटनी का आनंद ले रहा है तो कोई पके आम के रसदार स्वाद का मजा ले रहा है. तेज धूप और लू के बीच कच्चे आम से बना पन्ना लोगों को राहत देता है, जबकि पके आम शरीर को ऊर्जा से भर देते हैं. लोकल18 से बातचीत में सर्वोदय हॉस्पिटल फरीदाबाद की चीफ डाइटीशियन डॉ. मीना कुमारी बताती हैं कि कच्चा और पका आम दोनों ही अपने-अपने तरीके से सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं. गर्मियों की शुरुआत में आने वाला कच्चा आम अक्सर चटनी और आम पन्ना के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. यह स्वाद में तो लाजवाब होता ही है, साथ ही लू से बचाने में भी मदद करता है और बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के लिए लाभकारी होता है. डॉ. मीना के अनुसार, कच्चे आम का पन्ना शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है. यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और शरीर को ठंडक पहुंचाता है. गर्मियों में यह डिहाइड्रेशन और लू से बचाव में भी अहम भूमिका निभाता है, जिससे त्वचा भी सुरक्षित रहती है. Add News18 as Preferred Source on Google वहीं दूसरी ओर, पका आम भी पोषण से भरपूर होता है. इसमें प्राकृतिक शुगर पाई जाती है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देती है. इसमें मौजूद विटामिन A आंखों की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है. जो लोग दुबले-पतले हैं, उनके लिए पका आम वजन बढ़ाने में भी सहायक माना जाता है. इसलिए इसे सीमित मात्रा में डाइट में शामिल किया जा सकता है. डॉ. मीना यह भी सलाह देती हैं कि घर पर बना मैंगो शेक ज्यादा सुरक्षित और हेल्दी विकल्प है. बाहर मिलने वाले मैंगो शेक में अक्सर अतिरिक्त चीनी और प्रिजर्वेटिव्स मिलाए जाते हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं. कई बार ये शेक लंबे समय तक स्टोर किए जाते हैं, जिससे इनके स्वाद और गुणवत्ता पर असर पड़ता है. इसलिए गर्मियों में आम का सेवन जरूर करें, लेकिन संतुलित मात्रा और सही तरीके से करें. कच्चा हो या पका, दोनों ही रूपों में आम न सिर्फ स्वाद बढ़ाता है बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद साबित होता है. बस जरूरत है सही चुनाव और सही सेवन की, ताकि आप इस गर्मी में स्वाद और स्वास्थ्य दोनों का पूरा आनंद ले सकें. First Published : April 13, 2026, 16:10 IST









