Thursday, 28 May 2026 | 04:39 PM

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सप्लायर को पकड़ने पुलिस ने ऑर्डर करवाया गांजा:देवास से लेकर इंदौर पहुंचा तो धर दबोचा, 5 किलो गांजा किया जब्त; कार्रवाई जारी

सप्लायर को पकड़ने पुलिस ने ऑर्डर करवाया गांजा:देवास से लेकर इंदौर पहुंचा तो धर दबोचा, 5 किलो गांजा किया जब्त; कार्रवाई जारी

पुलिस ने गांजे की सप्लाई करने वाले को पकड़ने के लिए 5 किलो गांजे का ऑर्डर दिया। सप्लायर पुलिस के जाल में फंस गया। उसके पास से 1 लाख रुपए कीमत का 5 किलो 82 ग्राम गांजा जब्त किया गया है। अब पुलिस उससे पूछताछ कर और भी जानकारी निकाल रही है। दरअसल, तेजाजी नगर पुलिस ने पिछले दिनों चिलम पीने वाले एक युवक को पकड़ा था। उस पर मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया और उससे पूछताछ की गई। पूछताछ में पता चला कि उदयनगर, देवास से यह माल आता है और इंदौर में अलग-अलग जगह सप्लाई होता है। इसके बाद टीम ने सप्लाई करने वाले को पकड़ने का प्लान बनाया। पुलिस ने ऑर्डर करवाया 5 किलो गांजा तेजाजी नगर टीआई देवेंद्र मरकाम ने बताया कि जिस चिलम पीने वाले युवक को पुलिस ने पकड़ा था, उसी के जरिए टीम ने सप्लाई करने वाले का नंबर निकलवाया और युवक से ही 5 किलो गांजे का ऑर्डर दिलवाया, जिसके बाद समय और जगह तय की गई। बाइक से लोकेशन पर पहुंचा, पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ लिया टीआई देवेंद्र ने बताया कि जगह और समय तय होने के बाद पुलिस ने इलाके में घेराबंदी कर दी। युवक बाइक पर 5 किलो 82 ग्राम गांजा लेकर पहुंच गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे धर दबोचा। पकड़े गए आरोपी का नाम कालू (30) पिता सुरेश बघेल, निवासी ग्राम धाराजी, तहसील उदयगढ़, जिला देवास है। उसके खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस रिमांड लिया जा रहा है, ताकि उससे और भी जानकारी निकाली जा सके। साथ ही यह भी पता किया जा सके कि वह किन-किन लोगों को सप्लाई करता है।

2 Brothers, $17K Crore Revenue, Weight Loss Meds

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वॉशिंगटन8 मिनट पहले कॉपी लिंक लॉस एंजेलिस में रहने वाले 41 साल के मैथ्यू गैलाघर ने AI की मदद से ₹17 हजार करोड़ की कंपनी बना दी। कंपनी का नाम मेडली है जिसे बनाने में सिर्फ दो महीने और 18 लाख रुपए खर्च हुए हैं। मेडवी एक टेलीहेल्थ स्टार्टअप है जो वजन घटाने वाली दवाओं की ऑनलाइन बिक्री और परामर्श देता है। यह इसलिए चर्चा में है क्योंकि इस कंपनी का सालाना रेवेन्यू करीब ₹17 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। इस कंपनी में सिर्फ दो कर्मचारी हैं। मैथ्यू गैलाघर और उनके भाई इलियट। कोड, कंटेंट, इमेज सारे काम AI से कराए मैथ्यू ने सॉफ्टवेयर का कोड, वेबसाइट का कंटेंट, विज्ञापन के लिए इमेज और वीडियो भी AI से बनाए। यहां तक कि कस्टमर सर्विस के लिए AI बॉट्स तैनात किए। कोडिंग और कंटेंट के लिए चैटजीपीटी, क्लॉड और ग्रॉक की मदद ली गई। विज्ञापन के लिए मिडजर्नी और रनवे जैसे टूल्स से इमेजेस और वीडियो एड्स बनाए। कस्टमर सर्विस के लिए AI वॉइस टूल्स और चैटबॉट्स का इस्तेमाल किया। मैथ्यू ने अपॉइंटमेंट फिक्स करने के लिए अपनी आवाज का AI क्लोन भी बनाया। दवाओं की डिलीवरी के लिए दूसरी प्लेटफॉर्म्स से पार्टनरशिप दवाओं की डिलीवरी और डॉक्टरों का काम देखने के लिए मैथ्यू ने ‘केयर वैलिडेट’ और ‘ओपनलूप’ जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ पार्टनरशिप की है। ये कंपनियां डॉक्टरों का नेटवर्क, दवाएं और शिपिंग संभालती हैं। मेडवी मुख्य रूप से AI के जरिए मार्केटिंग और कस्टमर एक्विजिशन का काम करती है। पहले साल करीब 3,700 करोड़ रुपए की सेल्स सितंबर 2024 में शुरू हुई इस कंपनी को पहले महीने में 300 और दूसरे महीने में 1,000 नए ग्राहक मिले। पहले पूरे साल में कंपनी ने करीब 3,700 करोड़ रुपए की सेल्स की। भ्रामक विज्ञापनों के लिए FDA की चेतावनी मिली अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने कंपनी को भ्रामक विज्ञापनों के लिए चेतावनी भी दी है। इसके अलावा, कैलिफोर्निया में कंपनी पर एंटी-स्पैम कानून के उल्लंघन का मुकदमा भी दर्ज हुआ है। शुरुआत में कंपनी के AI चैटबॉट्स ने गलत कीमतें बताने जैसी गलतियां भी की थीं। भविष्य में भी कर्मचारियों की भर्ती की योजना नहीं मैथ्यू का कहना है कि वे ज्यादा लोग भर्ती नहीं करना चाहते क्योंकि इससे फैसले लेने में देरी होती है और खर्च बढ़ता है। हालांकि, उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वे कभी-कभी अकेलापन महसूस करते हैं, इसलिए शायद भविष्य में ‘साथ’ के लिए किसी को रखें। 60 कर्मचारियों वाली कंपनी घाटे में थी, 2 वाली मुनाफे में मैथ्यू का यह पहला बिजनेस नहीं है। 2016 csx उन्होंने ‘वॉच गैंग’ नाम की कंपनी शुरू की थी, जिसमें 60 कर्मचारी थे। रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद वह कंपनी कभी मुनाफे में नहीं आ पाई। इसके उलट, AI की मदद से सिर्फ दो लोगों द्वारा चलाई जा रही ‘मेडली’ आज करोड़ों के मुनाफे में है। सैम ऑल्टमैन की भविष्यवाणी सच हुई ओपनएआई के CEO सैम ऑल्टमैन ने 2024 में भविष्यवाणी की थी कि जल्द ही ऐसी कंपनियां आएंगी जो सिर्फ एक व्यक्ति चलाएगा और उनकी वैल्यू 1 अरब डॉलर होगी। मैथ्यू की सफलता पर ऑल्टमैन ने कहा कि वह इस शख्स से मिलना चाहेंगे जिसने उनकी भविष्यवाणी को सच कर दिखाया। नॉलेज पार्ट AI एजेंट्स क्या है? ये ऐसे प्रोग्राम होते हैं जो बिना किसी इंसानी दखल के खुद से काम पूरा कर सकते हैं। जैसे- ईमेल का जवाब देना, डेटा का एनालिसिस करना या कस्टमर की शिकायतों को सुलझाना। क्या आप भी बना सकते हैं ऐसी कंपनी? एक्सपर्ट्स का मानना है कि ‘सोलप्रेन्योर’ के लिए 3 स्किल जरूरी हैं: मार्केटिंग की समझ: ग्राहक कहां है और उसे क्या चाहिए। AI का इस्तेमाल: काम को ऑटोमेट करने की क्षमता। आउटसोर्सिंग: जो काम आप नहीं कर सकते उसे सही प्लेटफॉर्म्स को सौंपना। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

एमपी के 6 जिलों में नए मेडिकल कॉलेज को मंजूरी:सागर में 286 करोड़ की सिंचाई परियोजना को मंजूरी; 12.44 लाख लीटर पहुंचा दुग्ध प्रोडक्शन

एमपी के 6 जिलों में नए मेडिकल कॉलेज को मंजूरी:सागर में 286 करोड़ की सिंचाई परियोजना को मंजूरी; 12.44 लाख लीटर पहुंचा दुग्ध प्रोडक्शन

आज भोपाल में मध्यप्रदेश मंत्रीमंडल की बैठक हुई। इसमें लोक निर्माण विभाग की परियोजनाएं जारी रखने, 6 नए मेडिकल कॉलेजों के प्रस्तावों को मंजूरी, सामाजिक योजनाओं की निरंतरता और सागर की सिंचाई परियोजना सहित कई अहम फैसले लिए गए। बैठक से पहले, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह सप्ताह महिला सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। 16 अप्रैल से संसद के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को स्वीकृति के लिए पेश किया जाएगा। राज्य में 25 अप्रैल तक नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा मनाया जा रहा है। कैबिनेट बैठक शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री ने बताया कि पूरे प्रदेश में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन और पदयात्राएं आयोजित की जाएंगी। महाविद्यालयों में भी इससे जुड़े कार्यक्रम किए जाएंगे। उर्वरक सब्सिडी के लिए 41,833 करोड़ की मंजूरी सीएम ने बताया कि केंद्र सरकार ने खरीफ 2026 के लिए फॉस्फेट और पोटेशियम उर्वरकों पर 41,833 करोड़ रुपए की सब्सिडी को मंजूरी दी है, जिससे किसानों को लाभ मिलेगा। रायसेन में आयोजित तीन दिवसीय कृषि महोत्सव का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बालाघाट में नक्सल गतिविधियों के समाप्त होने के बाद अब विकास कार्य तेज किए जाएंगे। 6 जिलों में नए मेडिकल कॉलेज को मंजूरी राजगढ़, मंडला, नीमच, मंदसौर, शिवपुरी और सिंगरौली जिलों में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इससे स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा। कृषि से जुड़ी मैकेनाइजेशन योजना को भी आगे जारी रखने का निर्णय लिया गया, जिससे किसानों को आधुनिक उपकरणों का लाभ मिलता रहेगा। दूध उत्पादन 9.4 से बढ़कर 12.4 लाख लीटर कैबिनेट में बताया गया कि प्रदेश में दूध उत्पादन बढ़कर 12.4 लाख लीटर हो गया है, जो पहले 9.4 लाख लीटर था। यह करीब 25 प्रतिशत की वृद्धि है। सागर में 286 करोड़ की सिंचाई परियोजना स्वीकृत मंत्रिमंडल ने सागर जिले के लिए 286 करोड़ रुपए की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना से करीब 7200 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इधर, मंत्रिमंडल ने लोक निर्माण विभाग की चार चल रही परियोजनाओं को निरंतर जारी रखने का निर्णय लिया। इन परियोजनाओं के माध्यम से आधारभूत ढांचे को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है। कैबिनेट ने मध्यान्ह भोजन परिषद, मिशन शक्ति, संबल योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और हेल्पलाइन 181 को जारी रखने की मंजूरी दी। इन योजनाओं के माध्यम से महिला और बाल विकास से जुड़े कार्यक्रम संचालित होते रहेंगे।

200 मीटर रेस में बोल्ट से भी तेज निकले गाउट:ऑस्ट्रेलिया के 18 वर्षीय गाउट ने रेस 19.67 सेकंड में पूरी कर बोल्ट का इस उम्र का रिकॉर्ड तोड़ा

200 मीटर रेस में बोल्ट से भी तेज निकले गाउट:ऑस्ट्रेलिया के 18 वर्षीय गाउट ने रेस 19.67 सेकंड में पूरी कर बोल्ट का इस उम्र का रिकॉर्ड तोड़ा

एथलेटिक्स की दुनिया में रविवार को एक ऐसा चमत्कार हुआ, जिसने भविष्य की सुनहरी झलक पेश कर दी। सिडनी ओलिंपिक पार्क एथलेटिक सेंटर में 18 वर्षीय स्प्रिंट सनसनी गाउट गाउट ने 200 मीटर के फाइनल में 19.67 सेकंड का अविश्वसनीय समय निकालकर इतिहास रच दिया। यह समय न केवल महान उसैन बोल्ट के रिकॉर्ड से तेज है, बल्कि इसने ऑस्ट्रेलियाई एथलेटिक्स के एक नए युग का सूत्रपात भी कर दिया है। खेल इतिहास में तुलनाएं अक्सर की जाती हैं, लेकिन गाउट ने आंकड़ों से अपनी श्रेष्ठता साबित की। साल 2004 में उसैन बोल्ट ने 18 साल की उम्र में 19.93 सेकंड का समय निकाला था। ऑस्ट्रेलियन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में गाउट ने उनसे कहीं आगे निकलते हुए 19.67 सेकंड में फिनिश लाइन पार की और गोल्ड मेडल जीता। यह इस साल दुनिया का सबसे तेज समय है। गाउट के लिए यह जीत एक भावनात्मक पल भी थी। पिछले साल उन्होंने 19.84 सेकंड का समय निकाला था, लेकिन वह ‘अवैध टेलविंड’ के कारण आधिकारिक नहीं हो सका था। इस बार 1.7 मीटर प्रति सेकंड की वैध हवा की गति के साथ उन्होंने रफ्तार पर मुहर लगा दी। रेस की शुरुआत सामान्य थी। उम्मीद थी कि गाउट जल्द ही बढ़त बना लेंगे, लेकिन एडन मर्फी ने गाउट को कदम-कदम पर कड़ी टक्कर दी। मर्फी की इस चुनौती ने गाउट के भीतर के ‘एथलेटिक दानव’ को जगा दिया। अंतिम मीटरों में गाउट ने अपनी सिग्नेचर टॉप-स्पीड पकड़ी और जब स्कोरबोर्ड पर समय चमका, तो पूरा स्टेडियम स्तब्ध रह गया। इस प्रदर्शन में एडन मर्फी की भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता। मर्फी ने 19.88 सेकंड का समय निकाला और दूसरे स्थान पर रहे। यह पहली बार है, जब एक ही रेस में दो ऑस्ट्रेलियाई धावकों ने 20 सेकंड से कम में रेस पूरी की है। मर्फी ने पीटर नॉर्मन के 1968 के उस रिकॉर्ड को तोड़ने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की, जो दशकों से अभेद्य लग रहा था। उन्होंने गाउट को उनके सर्वश्रेष्ठ स्वरूप तक धकेलने में अहम भूमिका निभाई। गाउट जिस ट्रैक पर दौड़े, वह सिडनी 2000 ओलिंपिक का वार्म-अप ट्रैक था। जब वे पोडियम पर खड़े थे, तो ऐसा लग रहा था जैसे उन्होंने पुरानी पीढ़ी से मशाल थाम ली। विशेषज्ञों का मानना है कि गाउट अब लॉस एं​जिलिस 2028 ओलिंपिक के मेडल के लिए भी प्रबल दावेदार बन चुके हैं। गाउट गाउट ने साबित कर दिया है कि वे केवल भविष्य का नाम नहीं हैं, बल्कि वे ‘आज’ के महानायक हैं। सिडनी का यह रविवार ऑस्ट्रेलियाई खेल इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है। गाउट के इस प्रदर्शन को इन फैक्टर्स से समझें – 19.67 सेकंड का यह समय पेरिस ओलिंपिक में नोआह लाइल्स को पछाड़कर ब्रॉन्ज मेडल दिला देता। – सिडनी 2000 ओलिंपिक में यह प्रदर्शन गोल्ड मेडल जीतने के लिए पर्याप्त होता। – यह किसी भी अंडर-20 एथलीट द्वारा इतिहास में दौड़ा गया सबसे तेज समय है।

organ donation in RML delhi: दिल्ली आरएमएल में ब्रेन डेड महिला का अंगदान, तीन मरीजों को नई जिंदगी

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होमताजा खबरDelhi ब्रेन डेड महिला का दान बना रक्षा कवच, दिल्ली से लखनऊ तक बचीं तीन जिंदगियां Last Updated:April 13, 2026, 13:23 IST Organ donation in Delhi: एक ब्रेन डेड 45 महिला के दान की बदौलत तीन लोगों को नई ज‍िंदगी म‍िली. दिल्‍ली के आरएमएल अस्‍पताल में पर‍िवार ने मह‍िला के किडनी, लिवर, हार्ट दान किए, जो दिल्ली और लखनऊ के तीन गंभीर मरीजों को लगाए गए. ऑर्गन डोनेशन से ब्रेन डेड मह‍िला ने बचाई 3 लोगों की जान. RML Delhi News: अंगदान कितना महान होता है, ये इस घटना से आपको समझ में आ सकता है. दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में उस वक्त मरीजों, तीमारदारों से लेकर डॉक्टरों के सिर इन ब्रेन डेड महिला के सम्मान में झुक गए, जिनके दान की बदौलत दिल्ली से लखनऊ तक तीन लोगों की जिंदगियां वापस लौट आईं और इनके दर्जनों परिजनों के चेहरों पर खुशी की लहर आ गई. वहीं दर्द की इस कठिन घड़ी में भी मानवता की मिसाल पेश करते हुए एक परिवार ने तीन अन्य परिवारों को नई जिंदगी का तोहफा दिया है. 12 अप्रैल 2026 को अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (ABVIMS) एंड डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ने अपना छठा मल्टी-ऑर्गन रिट्रीवल सफलतापूर्वक पूरा किया. 45 वर्षीय एक महिला सिर में खून के रिसाव (cerebral hemorrhage) के कारण ब्रेन डेड हो गई थीं. उनके परिवार ने बेहद मुश्किल समय में भी बहुत ही उदार और नेक फैसला लिया. उन्होंने अपनी बेटी/पत्नी/मां के किडनी, लीवर और हार्ट दान करने की सहमति दे दी. मौत से जूझ रहे 3 मरीजों के बचे प्राण . महिला के ऑर्गन डोनेशन में से एक किडनी आरएमएल अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग के एंड-स्टेज किडनी डिजीज मरीज को लगाई गई. . महिला का लिवर दिल्ली के आर्मी अस्पताल (रिसर्च एंड रेफरल) RR अस्पताल के एंड-स्टेज लीवर डिजीज मरीज को लगाया गया. . जबकि महिला का हार्ट लखनऊ के SGPGI अस्पताल में भेजा गया जहां कार्डियक फेलियर से जूझ रहे मरीज को ट्रांसप्लांट किया गया. इस दौरान अस्पताल के मेडिसिन और क्रिटिकल केयर विभाग के डॉक्टरों ने परिवार को ब्रेन डेड की स्थिति समझाई. ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर ने अंगदान के बारे में विस्तार से बताया. परिवार की स्वैच्छिक सहमति के बाद नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लंट ऑर्गनाइजेशन (National Organ and Tissue Transplant Organisation) ने अंगों को जरूरत के अनुसार 3 अलग-अलग संस्थानों में देने का फैसला किया. 13 अप्रैल की सुबह 3 बजकर 30 मिनट पर कार्डियक एनेस्थीसिया और एनेस्थीसिया टीम की मदद से CTVS टीम ने हार्ट, लिवर ट्रांसप्लांट टीम ने लिवर और यूरोलॉजी टीम ने महिला की किडनी रिट्रीव की. हार्ट को एयर एंबुलेंस से लखनऊ भेजा गया, जबकि लीवर को दिल्ली पुलिस द्वारा बनाए गए ग्रीन कॉरिडोर से RR अस्पताल पहुंचाया गया. अंगदान के बाद मृतक का शरीर परिवार को पूरे सम्मान के साथ सौंप दिया गया. पूरी प्रक्रिया ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर और नोडल ऑफिसर (ट्रांसप्लांट) अस्पताल के डायरेक्टर, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट और एडिशनल मेडिकल सुपरिंटेंडेंट की निगरानी में की गई. इस दौरान इस अंगदान ने फिर साबित कर दिया कि मौत भी जिंदगी बन सकती है. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 13, 2026, 13:23 IST

उज्जैन में दंपती ने किया वर्षीतप, दावा- स्वास्थ्य में सुधार:एक साल के तप से वजन घटा, बीपी और कोलेस्ट्रॉल भी कंट्रोल हुआ

उज्जैन में दंपती ने किया वर्षीतप, दावा- स्वास्थ्य में सुधार:एक साल के तप से वजन घटा, बीपी और कोलेस्ट्रॉल भी कंट्रोल हुआ

उज्जैन के अलखधाम नगर के रहने वाले शैलेन्द्र तल्लेरा और उनकी पत्नी प्रमिला तल्लेरा ने जैन धर्म के वर्षीतप को एक साल तक पूरा किया। इस तप के दौरान दोनों के स्वास्थ्य में सुधार सामने आया है, जिसमें ब्लड प्रेशर, वजन और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित होने की बात कही गई है। बीपी की दवा बंद, वजन 22 किलो कम शैलेन्द्र तल्लेरा के अनुसार, तप शुरू होने से पहले उनका ब्लड प्रेशर करीब 190 रहता था और रोज दवा लेनी पड़ती थी। वर्षीतप के बाद बीपी 140-150 के बीच बना हुआ है और दवा की जरूरत नहीं रही। एक साल में उनका वजन 95 किलो से घटकर 73 किलो हो गया। तप के दौरान एसिडिटी की समस्या खत्म हो गई। साथ ही कोलेस्ट्रॉल स्तर भी सामान्य रहने लगा है। 13 महीने तक चला कठोर उपवास क्रम दंपती ने 12 अप्रैल 2025 से वर्षीतप शुरू किया। इस तप में 36 घंटे में केवल दो बार भोजन और उसके बाद तीन दिन तक उपवास करना होता है। यह क्रम करीब 13 महीने यानी लगभग 400 दिन तक चलता है। सूर्य उदय के बाद ही सीमित भोजन तप के दौरान भोजन केवल सूर्य उदय के बाद और सूर्यास्त से पहले दो बार ही लिया जाता है। बाकी समय केवल पानी पर रहना होता है। 20 अप्रैल को पालीताना में होगा समापन वर्षीतप का समापन 20 अप्रैल को पालीताना में पारणा के साथ किया जाएगा। जैन धर्म में वर्षीतप को कठोर तप माना जाता है। इसमें एक दिन उपवास और अगले दिन सीमित आहार का क्रम चलता है। पूरे तप में करीब 200 उपवास शामिल होते हैं।

पीठ पीछे बात करने में मिलनसार लोग सबसे आगे:गॉसिप बुरी नहीं, समाज को जोड़ने में इसकी बड़ी भूमिका – मनोवैज्ञानिक

पीठ पीछे बात करने में मिलनसार लोग सबसे आगे:गॉसिप बुरी नहीं, समाज को जोड़ने में इसकी बड़ी भूमिका - मनोवैज्ञानिक

अक्सर पीठ पीछे बात करने को लोग बुराई मानते हैं, लेकिन मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि यह इंसानी व्यवहार का बुनियादी हिस्सा है। अमेरिका में नॉक्स कॉलेज के मनोवैज्ञानिक फ्रैंक मैकएंड्रयू के मुताबिक गॉसिप सिर्फ किसी की छवि बिगाड़ना नहीं, बल्कि किसी गैर-मौजूद व्यक्ति के बारे में चर्चा भी है। दशकों की रिसर्च बताती है कि गॉसिप ने सभ्यता की शुरुआत से समाज को जोड़े रखने में बड़ी भूमिका निभाई है। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर मेगन रॉबिन्स के मुताबिक गॉसिप से लोग बिना खुद गलती किए सामाजिक नियम सीख लेते हैं। ज्यादातर गॉसिप न्यूट्रल, जेंडर मिथक भी टूटा रॉबिन्स की रिसर्च के अनुसार, गॉसिप का बड़ा हिस्सा न तो बुरा होता है और न ही अच्छा, बल्कि यह न्यूट्रल जानकारी होती है। स्टडी ने उस मिथक को भी तोड़ दिया कि केवल महिलाएं गॉसिप करती हैं। सच यह है कि पुरुष भी इसमें बराबर के भागीदार हैं। ज्यादा मिलनसार लोग गॉसिप करने में सबसे आगे पाए गए। अच्छी गॉसिप दूसरों को जवाबदेह बनाती है विशेषज्ञों के अनुसार, गॉसिप की अच्छाई या बुराई इरादे पर टिकी है। अच्छी गॉसिप दूसरों को जवाबदेह बनाती है। बुरी गॉसिप का मकसद केवल अपमान करना होता है। इसलिए, बोलने से पहले यह जरूर सोचें कि आप रिश्ते जोड़ रहे हैं या तोड़ रहे हैं। एक्सपर्ट कहते हैं-यह एक सोशल स्किल भी मैकएंड्रयू के अनुसार, गॉसिप एक सामाजिक कौशल है। एक कुशल गॉसिपर वह है जो जानकारी तो रखता है, लेकिन उसे जिम्मेदारी और गोपनीयता के साथ साझा करता है। ऐसे भरोसेमंद व्यक्ति का समाज में सम्मान होता है।

Gas Booking Digital | 95% Customers Book Online; Panic Buying Not Needed: Govt

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Hindi News Business Gas Booking Digital | 95% Customers Book Online; Panic Buying Not Needed: Govt नई दिल्ली2 मिनट पहले कॉपी लिंक देश में LPG सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह स्थिर और पर्याप्त है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि उन्हें घबराने या पैनिक बाइंग करने की जरूरत नहीं है। मंत्रालय ने साफ किया है कि मौजूदा वितरण नेटवर्क काफी मजबूत है और देशभर के घरों में बिना किसी रुकावट के गैस पहुंचाई जा रही है। सरकार इसकी लगातार निगरानी भी कर रही है। डिजिटल बुकिंग में बड़ा उछाल: 95% ग्राहक हुए ऑनलाइन मंत्रालय ने बताया कि देश के करीब 95% उपभोक्ता अब एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसमें IVRS, SMS, व्हाट्सएप और मोबाइल ऐप्स जैसे आसान तरीके शामिल हैं। इससे गैस एजेंसियों पर भीड़ कम हुई है और सर्विस भी तेज हुई है। पैनिक बाइंग से बचने की अपील सरकार ने उपभोक्ताओं से जिम्मेदारी के साथ गैस का उपयोग करने और जरूरत से ज्यादा स्टॉक न करने की अपील की है। मंत्रालय के अनुसार, लोग पैनिक बाइंग (जरूरत से ज्यादा खरीदारी) न करें, क्योंकि देश में गैस का भंडार पर्याप्त है। डिजिटल चैनलों का उपयोग जारी रखने से डिलीवरी सिस्टम और भी बेहतर होगा। बिना एड्रेस प्रूफ मिलेगा 5KG वाला सिलेंडर इससे पहले केंद्र सरकार ने 5Kg वाले LPG सिलेंडर की बिक्री के नियमों को आसान बना दिया है। अब कोई भी व्यक्ति बिना किसी एड्रेस प्रूफ के छोटा गैस सिलेंडर खरीद सकेगा। इसे खरीदने के लिए कोई सिक्योरिटी राशि जमा करने की जरूरत भी नहीं होगी। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, यह कदम प्रवासी मजदूरों और उन लोगों के लिए उठाया गया है, जिनके पास शहर में कोई स्थायी पता नहीं है। अब ग्राहकों को ऑथोराइज्ड डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाकर सिर्फ अपनी कोई भी एक फोटो-ID दिखानी होगी और वे तुरंत सिलेंडर ले सकेंगे। मंत्रालय ने साफ किया है कि 5 किलो वाले सिलेंडर के लिए अब बहुत सारे डॉक्यूमेंट्स की जरूरत नहीं है। ग्राहक आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी जैसे डॉक्यूमेंट दिखाकर सिलेंडर ले सकते हैं। आप साल में जितनी बार चाहें, उतनी बार इसे रिफिल करवा सकते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Gas Booking Digital | 95% Customers Book Online; Panic Buying Not Needed: Govt

Gas Booking Digital | 95% Customers Book Online; Panic Buying Not Needed: Govt

Hindi News Business Gas Booking Digital | 95% Customers Book Online; Panic Buying Not Needed: Govt नई दिल्ली9 मिनट पहले कॉपी लिंक देश में LPG सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह स्थिर और पर्याप्त है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि उन्हें घबराने या पैनिक बाइंग करने की जरूरत नहीं है। मंत्रालय ने साफ किया है कि मौजूदा वितरण नेटवर्क काफी मजबूत है और देशभर के घरों में बिना किसी रुकावट के गैस पहुंचाई जा रही है। सरकार इसकी लगातार निगरानी भी कर रही है। 95% ग्राहक ऑनलाइन बुकिंग कर रहे मंत्रालय ने बताया कि देश के करीब 95% उपभोक्ता अब एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसमें IVRS, SMS, व्हाट्सएप और मोबाइल ऐप्स जैसे आसान तरीके शामिल हैं। इससे गैस एजेंसियों पर भीड़ कम हुई है और सर्विस भी तेज हुई है। पैनिक बाइंग से बचने को कहा सरकार ने उपभोक्ताओं से जिम्मेदारी के साथ गैस का उपयोग करने और जरूरत से ज्यादा स्टॉक न करने की अपील की है। मंत्रालय के अनुसार, लोग पैनिक बाइंग (जरूरत से ज्यादा खरीदारी) न करें, क्योंकि देश में गैस का भंडार पर्याप्त है। डिजिटल चैनलों का उपयोग जारी रखने से डिलीवरी सिस्टम और भी बेहतर होगा। बिना एड्रेस प्रूफ मिलेगा 5KG वाला सिलेंडर इससे पहले केंद्र सरकार ने 5Kg वाले LPG सिलेंडर की बिक्री के नियमों को आसान बना दिया है। अब कोई भी व्यक्ति बिना किसी एड्रेस प्रूफ के छोटा गैस सिलेंडर खरीद सकेगा। इसे खरीदने के लिए कोई सिक्योरिटी राशि जमा करने की जरूरत भी नहीं होगी। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, यह कदम प्रवासी मजदूरों और उन लोगों के लिए उठाया गया है, जिनके पास शहर में कोई स्थायी पता नहीं है। अब ग्राहकों को ऑथोराइज्ड डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाकर सिर्फ अपनी कोई भी एक फोटो-ID दिखानी होगी और वे तुरंत सिलेंडर ले सकेंगे। मंत्रालय ने साफ किया है कि 5 किलो वाले सिलेंडर के लिए अब बहुत सारे डॉक्यूमेंट्स की जरूरत नहीं है। ग्राहक आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी जैसे डॉक्यूमेंट दिखाकर सिलेंडर ले सकते हैं। आप साल में जितनी बार चाहें, उतनी बार इसे रिफिल करवा सकते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Iran War: Gold Down ₹9K, Silver ₹29K in 34 Days

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नई दिल्ली29 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका-इजराइल की ईरान से चल रही जंग के बीच आज सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 2,753 रुपए घटकर 2.37 लाख रुपए आ गई, जो 10 अप्रैल को 2.40 लाख रुपए पर थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 246 रुपए घटकर 1,50,081 रुपए आ गया है। इससे पहले शुक्रवार को यह 1,50,327 लाख पर था। अमेरिका-ईरान जंग के कारण सोना 45 दिन में 9,016 और चांदी 29,519 सस्ती हुई है। गिरावट के मुख्य कारण: कैश पर भरोसा बढ़ा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति अलग है: कैश की बचत: मिडिल ईस्ट जंग में निवेशक जोखिम से बचते हुए गोल्ड-सिल्वर बेचकर कैश इकट्ठा कर रहे हैं, ताकि अनिश्चितता में लिक्विडिटी बनी रहे। प्रॉफिट बुकिंग: जनवरी में रिकॉर्ड कीमतों पर बड़े निवेशकों ने होल्डिंग बेची, जिससे सप्लाई बढ़ी और कीमतें गिरीं। ब्याज दरों का असर: अमेरिका के फेडरल रिजर्व के सख्त रुख से कीमती धातुओं की चमक फीकी हुई है। कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक, सोना-चांदी के दाम में आगे भी ये गिरावट जारी रह सकती है। ऐसे में निवेशकों को अभी सोने-चांदी में निवेश से बचना चाहिए। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… भारतीय घरों में देश की GDP से ज्यादा का सोना: 34,600 टन गोल्ड की कीमत ₹450 लाख करोड़, देश की GDP ₹370 लाख करोड़ भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है। अभी सोने की वैल्यू 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब चल रही है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) के पार ट्रेड कर रहा है। रुपए में इसे बदलें तो इसकी वैल्यू 1.30 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब होती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…