कलेक्टर रात में वेयरहाउस पहुंचे, ताला खुलवाया:फसल तुलाई रुकने पर कलेक्टर की फटकार; बोले- किसान जगेगा तो सबको जागना पड़ेगा

अशोकनगर जिले के सिजावट गांव स्थित अमल वेयरहाउस पर 8 अप्रैल से किसानों की फसल तुलाई बंद होने की सूचना पर कलेक्टर साकेत मालवीय सोमवार रात मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां पहुंचते ही अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल वेयरहाउस का ताला खुलवाया। कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बाद प्रशासन तुलाई का काम सुनिश्चित करने में जुटा हुआ है। गौरतलब है कि इससे पहले तुलाई रुकने से नाराज होकर किसानों ने चक्काजाम भी किया था, जिसे अधिकारियों के समझाने पर हटाया गया था। बोले- मुंशी नहीं होगा तो क्या काम नहीं होगा? कलेक्टर ने अधिकारियों से सवाल किया कि यदि समिति प्रबंधक नहीं है, तो क्या किसानों की फसल नहीं तोली जाएगी? जिला अधिकारी होने के नाते उन्हें तुलाई सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा, “आप डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर हो, मुंशी न होने की स्थिति में तुलाई शुरू नहीं कर पा रहे। मुंशी नहीं होगा तो क्या काम नहीं होगा?” कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि किसान अपनी फसल लेकर खड़े रहेंगे और अधिकारी चैन से सोएंगे, ऐसा बिल्कुल नहीं होगा। अधिकारियों से पूछा- दिनभर से तोल नहीं हो रही थी, जानकारी क्यों नहीं थी मौके पर प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ पहुंचे कलेक्टर मालवीय ने जवाब मांगा कि दिनभर से तोल नहीं हो रही थी, इसकी जानकारी उन्हें क्यों नहीं थी और तुलाई का काम शुरू क्यों नहीं कर पाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसानों को तुलाई में जितनी देर होगी, अधिकारियों को भी उतनी ही रात भर जागना पड़ेगा। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, “किसान जगेगा तो सबको जागना पड़ेगा।” 8 अप्रैल से बंद थी तुलाई, किसानों ने किया था चक्काजाम दरअसल, सिजावट गांव स्थित अमल वेयरहाउस पर समिति प्रबंधक द्वारा 8 अप्रैल से किसानों की फसल की तुलाई रोक दी गई थी। लगातार कई दिनों से तुलाई न होने के कारण किसानों में भारी आक्रोश था और इसी से नाराज होकर उन्होंने चक्काजाम कर दिया था। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप और समझाने के बाद चक्काजाम हटाया गया था, जिसके बाद सोमवार रात खुद कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला।
महिलाओं के लिए अमृत है सतावर, जानिए इसके गजब फायदे

Last Updated:April 14, 2026, 09:24 IST Shatavari Benefits For Women: झारखंड के जंगलों में पाई जाने वाली सतावर यानी शतावरी एक ऐसी औषधीय जड़ी-बूटी है, जिसे आयुर्वेद में खास तौर पर महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी माना गया है. इसकी जड़ों में मौजूद पोषक तत्व शरीर की कमजोरी दूर करने, हार्मोन संतुलन बनाए रखने और प्रसव के बाद दूध बढ़ाने में मदद करते हैं. ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से इसे प्राकृतिक टॉनिक के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जो पाचन, नींद और संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी सहायक मानी जाती है. रिपोर्ट- शशिकांत कुमार ओझा झारखंड का बड़ा भू-भाग जंगल और पहाड़ी इलाकों से घिरा हुआ है, जहां आदिवासी समाज आज भी पारंपरिक जड़ी-बूटियों पर निर्भर रहता है. इन्हीं जंगलों में मिलने वाला एक महत्वपूर्ण औषधीय पौधा है सतावर, जिसे शतावरी, सतावरि, सतमूली और सरनोई जैसे कई नामों से जाना जाता है. आयुर्वेद में इस पौधे को महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी बताया गया है. खासतौर पर इसकी जड़ में मौजूद औषधीय गुण महिलाओं की शारीरिक कमजोरी दूर करने, प्रसव के बाद दूध बढ़ाने और शरीर को ताकत देने में उपयोगी माने जाते हैं. ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में महिलाएं लंबे समय से इस जड़ी-बूटी का घरेलू इलाज के रूप में इस्तेमाल करती रही हैं. घरेलू महिला नीलम दीदी ने लोकल18 को बताया कि सूखी सतावर की जड़ों का बारीक चूर्ण बनाकर उसका सेवन करने से शरीर को ऊर्जा मिलती है. एक चम्मच सतावर चूर्ण को गर्म दूध और मिश्री के साथ सुबह-शाम लेने से शारीरिक कमजोरी दूर होती है और शरीर मजबूत बनता है. प्रसव के बाद स्तनपान कराने वाली माताओं में दूध की कमी होने पर सतावर चूर्ण को दूध के साथ लेना काफी लाभकारी माना जाता है. यही कारण है कि ग्रामीण इलाकों में इसे माताओं के लिए प्राकृतिक टॉनिक के रूप में उपयोग किया जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google उन्होंने कहा कि सतावर पाचन तंत्र के लिए भी फायदेमंद बताया जाता है. इसके चूर्ण को घी में पकाकर सेवन करने से पेट की जलन, एसिडिटी और कफ की समस्या में राहत मिलती है. वहीं अनिद्रा और मानसिक तनाव से परेशान लोगों के लिए भी यह जड़ी-बूटी उपयोगी मानी जाती है. सतावर के चूर्ण को दूध में खीर की तरह पकाकर रात में खाने से अच्छी नींद आती है और तनाव कम होता है. इसके अलावा सतावर की जड़ के रस को बराबर मात्रा में गाय के दूध के साथ पीने से गुर्दे की पथरी में भी आराम मिलने की बात कही जाती है. इससे खून की कमी दूर होती है. आगे कहा कि शतावरी महिलाओं के हार्मोन संतुलन, कमजोरी दूर करने और शरीर को पोषण देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. झारखंड के जंगलों में प्राकृतिक रूप से मिलने वाली यह जड़ी-बूटी स्थानीय लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. हालांकि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी औषधीय जड़ी-बूटी का नियमित सेवन करने से पहले जानकार वैद्य या चिकित्सक की सलाह जरूर लेनी चाहिए, ताकि इसका सही और सुरक्षित लाभ मिल सके. First Published : April 14, 2026, 09:24 IST
जबलपुर में अवैध स्क्रैपिंग गिरोह पकड़ा, 2 गिरफ्तार:क्राइम ब्रांच की रेड में वाहन काटकर बना रहे थे स्क्रैप, गैराज से कटी कार और स्क्रैप जब्त

जबलपुर में क्राइम ब्रांच और अधारताल थाना पुलिस ने अवैध रूप से वाहनों की स्क्रैपिंग करने वाले गिरोह पर संयुक्त कार्रवाई की है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि खजरी खिरिया इलाके में एक गैराज में बिना वैध दस्तावेज के वाहनों को काटकर स्क्रैप बनाया जा रहा है। इसके बाद टीम ने मौके पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान एक वाहन (DL-1 LR 9698) में स्क्रैप लोड मिला। वहीं एक इंडिका विस्टा कार (MP 20 CC 7962) आधी कटी हालत में मिली, जिसका इंजन बाहर निकाला गया था। स्क्रैप और वाहन जब्त, केस दर्ज पुलिस ने मौके से तीन वाहनों का स्क्रैप, एक आधी कटी कार, इंजन और अन्य पुर्जे जब्त किए हैं। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(1), 61(2) और मध्यप्रदेश मोटर कराधान अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया कि अरबाज (26) वाहनों की व्यवस्था करता था, जबकि आरिफ उन्हें काटकर स्क्रैप बनाता था। दोनों मिलकर अवैध रूप से मुनाफा कमा रहे थे। कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रवीण कुमरे और क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी शैलेष मिश्रा के नेतृत्व में टीम की अहम भूमिका रही। बिना दस्तावेज काटे जा रहे थे वाहन गैराज संचालक शेख आरिफ (37) ने पूछताछ में बताया कि उसने MP 20 CA 6862, MP 20 FA 6828 और MP 20 F 6243 नंबर के वाहनों को काटकर स्क्रैप तैयार किया था। जब पुलिस ने वैध दस्तावेज और आरटीओ अनुमति मांगी, तो आरोपी कोई कागज प्रस्तुत नहीं कर सके।
पुलिस का सुरक्षित ट्रैक्टर-ट्रॉली, सुरक्षित किसान अभियान:सड़क दुर्घटना रोकने 30 ट्रैक्टर ट्रालियों पर लगाया रिफ्लेक्टर रेडियम

नर्मदापुरम पुलिस ट्रैक्टर ट्रालियों से होने वाले सड़क हादसों को रोकने के लिए अभियान चला रही है। अभियान का नाम सुरक्षित ट्रैक्टर-ट्रॉली सुरक्षित किसान दिया है। अभियान के अंतर्गत पुलिस द्वारा ट्रॉली के पीछे रिफ्लेक्टर रेडियम लगाया जा रहा है। ताकि रात के दौरान गाड़ी के लाइट का उजाला पड़ने पर वो रिफ्लेक्ट हो और सामने वाला वाहन चालक पहले से सतर्क हो जाएं। किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है। डोलरिया थाना प्रभारी प्रवीण चौहान के नेतृत्व में थाना क्षेत्र में गेहूं,चना खरीदी केंद्रों पर खड़ी ट्रालियों और हाईवे से गुजरती ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में रेडियम चस्पा किया। अभियान का फ्लैक्स लगाकर भी रेडियम लगाने के फायदें बताएं। डोलरिया थाना प्रभारी चौहान ने बताया ट्रॉलियों में पीछे लाइट नहीं होती है। जिस वजह से अधिकांश रात को ट्रॉलियों दिखती नहीं और उसमें अन्य वाहन टकरा जाते। जिससे मृत्यु और घायल होने की घटनाएं होती। उसे रोकने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। 30 ट्रॉलियों के पीछे रेडियम लगाया। किसानों को इसके फायदें और रेडियम नहीं लगे होने के नुकसान बताएं।
सारा अली खान ने उत्तराखंड में की ट्रैकिंग:तीन दिन तक 18km पैदल चली, मंडवे की रोटी और लिंगड़ी की सब्जी खाई

सारा अली खान तीन दिन के लिए उत्तराखंड में ट्रैकिंग के लिए पहुंचीं। इस दौरान वे टिहरी में 18 किलोमीटर पैदल चलीं। उन्होंने पंवाली कांठा बुग्याल में ट्रैकिंग कर बर्फबारी और पहाड़ी की खूबसूरत वादियों का दीदार किया। इस दौरान सारा ने स्थानीय लोगों के साथ समय बिताकर वहां के पहाड़ी खाना भी खाया। वह यहां तीन दिन रुकीं। स्काईहाइक कंपनी के ट्रैकर कुलदीप रावत ने बताया कि सारा अली खान टिहरी के घुत्तू क्षेत्र पहुंचीं। उन्होंने ग्वाणा गांव से लगभग 18 किलोमीटर लंबे पैदल ट्रैक की शुरुआत की। यह ट्रैक प्राकृतिक सौंदर्य, घने जंगलों और ऊंचे पहाड़ों के बीच से होकर गुजरता है। ट्रैक के दौरान सारा ने दोफन नामक स्थान पर रात्रि विश्राम किया। यहां होटल या रेस्टोरेंट जैसी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है, इसके बावजूद सारा ने बर्फबारी के बीच टेंट में रुककर रात बिताई। सारा ने लाल चावल, मंडवे की रोटी और लिंगड़ी की सब्जी खाई अगले दिन सुबह वह पंवाली कांठा बुग्याल पहुंचीं, जहां इन दिनों ताजा बर्फबारी के कारण पूरा क्षेत्र सफेद चादर से ढका हुआ है। उन्होंने बुग्यालों की मनमोहक वादियों और बर्फीले नजारों के बीच काफी समय बिताया। देर शाम वह दोफन वापस लौटीं और अगले दिन घुत्तू के लिए रवाना हो गईं। वे शनिवार को आई थीं और सोमवार शाम को वापस लौट गईं। ट्रैक के दौरान सारा अली खान ने स्थानीय लोगों के साथ समय बिताया और पहाड़ी व्यंजनों जैसे लाल चावल, मंडवे की रोटी और लिंगड़ी की सब्जी का स्वाद भी लिया। ट्रैकर्स से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह स्थान बेहद खूबसूरत है। यहां आकर उन्हें बहुत सुकून मिला और यह अनुभव उनके लिए यादगार रहा। उन्होंने भविष्य में दोबारा यहां आने की इच्छा भी जताई। सारा ने अक्टूबर में किए थे रुद्रनाथ धाम के दर्शन सारा अली खान ने चमोली में स्थित चतुर्थ केदार रुद्रनाथ धाम के कपाट बंद होने से पहले अक्टूबर में दर्शन किए थे। इस दौरान सारा 20 किलोमीटर पैदल चलकर मंदिर पहुंची थी। सारा ने अपनी ये यात्रा चमोली के गोपेश्वर के गंगोल गांव से शुरू की थी। इसके बाद एक दिन बाद वह ल्वींटी बुग्याल पहुंची, जहां पर रात्रि विश्राम के बाद उन्होंने फिर से ट्रैकिंग शुरू की और फिर रुद्रनाथ बाबा के मंदिर तक पहुंच गईं थी। इस पूरी यात्रा के दौरान सारा कई पथरीले और संकरे रास्तों से गुजरीं, बीच में उन्हें कई स्थानीय ग्रामीण भी मिले, जो सारा को देखकर काफी खुश हो गए। सारा अली खान ने ट्रेकिंग के दौरान झोपड़ीनुमा ढाबों पर रुककर चाय पी और स्थानीय लोगों से बातचीत की। उन्होंने यहां के धार्मिक विश्वास, लोक जीवन और पारंपरिक व्यंजनों के बारे में जाना। अभिनेत्री ने पहाड़ की प्राकृतिक सुंदरता और ग्रामीण संस्कृति से खासा प्रभावित होकर इसे यादगार अनुभव बताया था। सारा अली खान कई बार पहुंच चुकी हैं केदारनाथ सारा अली खान का केदारनाथ धाम से खास जुड़ाव रहा है। फिल्म ‘केदारनाथ’ के बनने के बाद वह कई बार धाम में दर्शन के लिए पहुंच चुकी हैं और अब तक बिना किसी रोक-टोक के पूजा-अर्चना करती रही हैं। हालांकि प्रस्तावित नई व्यवस्था लागू होने के बाद उन्हें भी अन्य श्रद्धालुओं की तरह तय प्रक्रिया का पालन करना पड़ सकता है। सारा का केदारनाथ से पहला आध्यात्मिक और पेशेवर जुड़ाव साल 2017 में उनकी डेब्यू फिल्म ‘केदारनाथ’ की शूटिंग के दौरान हुआ था। इसके बाद वह लगातार यहां आती रही हैं। अक्टूबर 2024 में दिवाली से ठीक पहले उन्होंने केदारनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और फोटो शेयर की थीं। वहीं 2023 में उन्होंने दो बार धाम की यात्रा की 6 मई 2023 को केदारनाथ और तुंगनाथ के दर्शन किए, जबकि करीब छह महीने बाद अक्टूबर 2023 में वह फिर केदारनाथ पहुंचीं। इसके अलावा नवंबर 2021 में सारा अली खान अपनी दोस्त और अभिनेत्री जान्हवी कपूर के साथ भी केदारनाथ दर्शन के लिए पहुंची थीं। 6 साल पहले सारा अली खान ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए थे सारा अली खान ने 2020 में काशी में श्री विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन की थी। वो उन दिनों मां अमृता सिंह के साथ वाराणसी में फिल्म की शूटिंग कर रही थी। सारा इससे दो दिन पहले गंगा आरती में शामिल हुईं और काशी विश्वनाथ मंदिर में षोडशोपचार पूजा अर्चना की और शिवलिंग को स्पर्श किया। इस पर संतों व विद्वानों ने आपत्ति दर्ज कराई थी। 3 साल पहले की थी महाकाल की पूजा सारा अली खान 2022 में उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुईं थी। भस्म आरती के बाद उन्होंने गर्भगृह में जाकर शिवलिंग के दर्शन किए थे। नंदी हॉल में बैठकर करीब आधा घंटे तक मंत्रों का जाप किया था।
PM Modi Inaugurates Delhi-Dehradun Corridor

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यूपी और उत्तराखंड दौरे पर रहेंगे। वह दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। वह सुबह 11:15 बजे सहारनपुर पहुंचेंगे। यहां वाइल्ड लाइफ सेक्शन का जायजा लेंगे, फिर शक्तिपीठ मां डाट काली मंदिर में दर्शन और पूजा करें . इसके बाद 12:30 बजे देहरादून से इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। 212 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का करीब 135 किलोमीटर (64%) हिस्सा यूपी से होकर गुजरता है। 12 हजार करोड़ की लागत से करीब 4 साल में एक्सप्रेस-वे बनकर तैयार हुआ है। लोकसभा चुनाव के बाद पीएम का यह पहला सहारनपुर दौरा है। इससे पहले, 6 अप्रैल 2024 को सहारनपुर आए थे। सीएम योगी ने सोमवार को सहारनपुर पहुंचकर तैयारियों को परखा था। पीएम की सुरक्षा में 3 हजार जवान तैनात किए गए हैं। वृंदावन और पश्चिम बंगाल से मंगाए गए करीब 100 किलो फूलों से मंदिर परिसर को सजाया गया है। पीएम मोदी दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के बाद एलिवेटेड रोड से सफर कर देहरादून पहुंचेंगे। (इनसेट में पीएम की फाइल फोटो) गणेशपुर में उतरेगा पीएम मोदी का हेलिकॉप्टर पीएम का हेलीकॉप्टर सहारनपुर के गणेशपुर हेलीपैड पर उतरेगा। यहां से वह मनोहरपुर जाएंगे। जहां पंडाल बनाया गया है। यहां पर स्क्रीन पर कॉरिडोर से जुड़े वीडियो देखेंगे। वाइल्डलाइफ कॉरिडोर की समीक्षा करेंगे। इसके बाद वह कार से ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (एलिवेटेड कॉरिडोर) पर पहुंचेंगे। यहां पर रुककर निरीक्षण करेंगे। फिर यहां से उत्तराखंड सीमा स्थित सिद्धपीठ जय मां डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। दोपहर करीब 12:30 बजे देहरादून में जनसभा करेंगे। यहां पर वह कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। सीएम योगी ने सोमवार को दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया। सिक्योरिटी में 3 हजार जवान तैनात पीएम के आने से पहले मां डाट काली मंदिर को वृंदावन और पश्चिम बंगाल से मंगाए गए करीब 100 किलो फूलों से सजाया गया है। प्रधानमंत्री के लिए विशेष पूजा की व्यवस्था की गई है। गणेशपुर हेलीपैड से मंदिर तक पूरे मार्ग को सजाया गया है। तीन हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा पीएसी और आरएएफ की टीमें भी सुरक्षा में लगी रहेंगी। सोमवार को एसपीजी और खुफिया एजेंसियों ने हेलीपैड, जनसभा स्थल और पूरे रूट का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दिया है। अब दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे को जानिए… ऊपर गाड़ियां चलेंगी, नीचे जानवर निकलेंगे, 6 घंटे का सफर 3 घंटे में पूरा होगा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का एक बड़ा हिस्सा जंगल से होकर गुजरता है। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर 213 किलोमीटर लंबा है। छह लेन वाले दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर करीब 12 हजार करोड़ की लागत से तैयार किया गया है। इसके शुरू होने के बाद दिल्ली से देहरादून की यात्रा का समय लगभग छह घंटे से घटकर ढाई घंटे रह जाएगा, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। इसमें 10 इंटरचेंज, 3 रेलवे ओवर ब्रिज, 4 बड़े पुल और 12 वे-साइड सुविधाएं हैं। साथ ही एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम भी लगाया गया है। वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही के लिए इसमें 12 किलोमीटर लंबा वाइल्डलाइफ एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया गया है। जिसे एशिया के सबसे लंबे कॉरिडोर में गिना जा रहा है। इसके अलावा 8 एनिमल पास, 200-200 मीटर के दो हाथी अंडरपास और डाट काली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी टनल भी बनाई गई है। पढ़ें पूरी खबर…
रतलाम में लूट के खुलासे के लिए बनाई SIT:रात में घटनास्थल पहुंचे एसपी; बाइक सवार पिता और बेटी को नकाबपोशों ने लूटा था

रतलाम के बाजना क्षेत्र के माही नदी के पास रविवार देर रात बाइक सवार पिता ओर बेटी के लूटपाट की घटना के बाद सोमवार रात एसपी अमित कुमार घटनास्थल पहुंचे। अपने स्तर से उन्होंने पुलिस अधिकारियों से जांच के पाइंट तय किए। साथ ही घटना को शीघ्र पर्दाफाश कर बदमाशों को पकड़ने के लिए एसआईटी भी बना दी है। लूट की घटना को गंभीरता से लेते हुए एसपी अमित कुमार सोमवार रात घटनास्थल पर पहुंचे। घटनास्थल का मौका मुआयना किया। हर एक पहलू को जांचा। मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया। ओवरटेक कर घेरा, चाकू अड़ाया था राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ निवासी कादर खान अपनी बेटी नजराना और तीन वर्षीय पोता शादाब के साथ बाइक से जावरा से अपने घर लौट रहे थे। रात में जब वे रतनपुर के पास माही नदी से निकले तो कुछ लोगों ने उन्हें रोकने को कहा। लेकिन उन्होंने अपनी बाइक नहीं रोकी। तब पीछा कर दो बाइक पर आए 6 नकाबपोशों ने ओवरटेक करते हुए माही नदी से करीब 9 किलोमीटर दूर रात करीब 12 बजे उन्हें घेर कर रोक लिया। एक बदमाश ने कादर खान की गर्दन पर चाकू अड़ा दिया। बदमाशों ने कादर खान के पास से करीब 5000 नकद एवं उनकी बेटी से पर्स में रखे 15 हजार नगद, मंगलसूत्र एवं कान के सोने के टॉप्स छिन लिए। इसके अलावा बाईक की चाबी, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड के साथ कपड़ों से भरा बैग और दोनों के मोबाइल व अन्य सामान लूट लिया। यहां तक उनके पास चाकू था जिससे पैर में पहनी चांदी की पाइजब भी काटने की कोशिश की। इसी दौरान बाजना की तरफ से एक पिकअप की रोशनी देख बदमाश रतलाम की तरफ भाग गए। रिश्तेदारों के घर पहुंचे पिता और बेटी रात में बाजना में अपने रिश्तेदार के यहां पहुंचे। उन्हें घटना की जानकारी देकर रात में वही रुके। सोमवार दोपहर बाजना थाना पहुंच घटनाक्रम बताया। इसके बाद पुलिस अलर्ट हुई। पिता कादर खान को लेकर बाजना थाना पुलिस व रतलाम सायबर टीम घटनास्थल पहुंची। इसके बाद अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया। 18 से 22 साल की उम्र कादर बेटी के साथ जावरा शादी में गए थे। रात में उनकी बहू की डिलेवरी होने की जानकारी मिलने पर रात में ही वह जावरा से अपने घर जाने के लिए निकल गए थे। कादर खाने के अनुसार बदमाशों ने मुहं पर कपड़ा बांध रखा था। जिनकी उम्र करीब 18 से 22 साल की थी। 4 से 5 दिन पहले टीआई लाईन अटैच बाजना थाना प्रभारी मनीष डाबर को कार्य में लापरवाही बरतने को लेकर एसपी अमित कुमार ने 4 से 5 दिन पहले ही लाइन अटैच किया था। इसके बाद थाना का प्रभारी सब इंस्पेक्टर आरसी खपेड़ के पास था। तलाश जारी है- एसपी एसपी ने बताया पूर्व की घटनाओं को देखते हुए लूट के आरोपियों की तस्दीक की जा रही है। घटना के खुलासे के लिए एसआईटी बनाई है। संदिग्ध लोगों की तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है। साइबर सेल टीम तकनीकी साक्ष्यों से छानबीन में जुटी है।
दुनिया में इस खतरनाक बीमारी से जूझ रहे 130 करोड़ लोग, अभी न सुधरे तो हर कोई बन जाएगा मरीज !

Last Updated:April 14, 2026, 08:13 IST Global Liver Disease Surge: लिवर डिजीज के मरीजों की संख्या बेहद तेजी से बढ़ रही है. लैंसेट की एक स्टडी में पता चला है कि साल 2023 में दुनिया भर में लगभग 130 करोड़ लोग लिवर डिजीज से प्रभावित पाए गए. खराब लाइफस्टाइल, मोटापा और बढ़ता शुगर लेवल इसके मुख्य कारण हैं. एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि अगर वक्त रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो 2050 तक मरीजों की संख्या 180 करोड़ तक पहुंच सकती है. फिर इसे कंट्रोल करना बेहद मुश्किल हो जाएगा. दुनिया भर में लिवर डिजीज के 130 करोड़ से ज्यादा मरीज हैं. Liver Disease Crisis Worldwide: मॉडर्न लाइफस्टाइल और अनहेल्दी खानपान ने पूरी दुनिया की सेहत बिगाड़ दी है. लगातार बीमारियों का कहर बढ़ता जा रहा है और हर उम्र के लोग मरीज बन रहे हैं. आमतौर पर डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट डिजीज को सबसे बड़ी बीमारियां माना जाता है, लेकिन लैंसेट की एक स्टडी में बेहद हैरान करने वाली बात सामने आई है. इसमें पता चला है कि साल 2023 में दुनिया भर में 130 करोड़ लोग मेटाबोलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड स्टीयाटोटिक लिवर डिजीज (MASLD) से जूझ रहे थे. आप सोचकर देखिए कि दुनिया की पूरी आबादी 800 करोड़ है और उसमें से 130 करोड़ से ज्यादा लोग लिवर डिजीज का शिकार हो चुके हैं. द लैंसेट गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एंड हेपेटोलॉजी जर्नल में प्रकाशित नई स्टडी के अनुसार साल 2023 में करीब 130 करोड़ लोग लिवर डिजीज से पीड़ित थे. यह संख्या 1990 के मुकाबले लगभग 143 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाती है, जो बेहद चिंताजनक है. यह स्टडी ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज, इंजरीज एंड रिस्क फैक्टर्स स्टडी 2023 के डाटा पर आधारित है. शोधकर्ताओं का अनुमान है कि अगर यही ट्रेंड जारी रहा, तो 2050 तक MASLD के मरीजों की संख्या बढ़कर 180 करोड़ तक पहुंच सकती है. इसके पीछे मुख्य कारण तेजी से बढ़ती जनसंख्या, खराब लाइफस्टाइल, मोटापा और हाई ब्लड शुगर जैसी समस्याएं हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. इस स्टडी में यह भी सामने आया कि उत्तरी अफ्रीका और मिडिल ईस्ट जैसे क्षेत्रों में लिवर डिजीज के मरीज अन्य क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा हैं. हालांकि एक राहत की बात यह है कि बीमारी के मामलों में बढ़ोतरी के बावजूद इससे होने वाली मौतों में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई है. इसका मतलब है कि इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के कारण लोग पहले की तुलना में ज्यादा समय तक और बेहतर जीवन जी पा रहे हैं. शोधकर्ताओं के अनुसार MASLD के मामलों में बढ़ोतरी का बड़ा हिस्सा शुरुआती स्टेज में देखने को मिल रहा है. इसके बावजूद खतरा कम नहीं हुआ है, क्योंकि समय के साथ यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है और लिवर सिरोसिस या लिवर कैंसर जैसी जानलेवा स्थितियों में बदल सकती है. चिंता की बात यह है कि यह बीमारी अब कम और मिडिल इनकम वाले देशों में युवाओं को भी तेजी से प्रभावित कर रही है. शहरीकरण, फास्ट फूड की आदत और फिजिकल एक्टिविटी की कमी प्रमुख कारण माने जा रहे हैं. बदलती लाइफस्टाइल ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है. यह अध्ययन बताता है कि MASLD अब एक वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती बन चुकी है. इससे निपटने के लिए जरूरी है कि सरकारें और स्वास्थ्य संस्थाएं जागरुकता अभियान चलाएं, बेहतर नीतियां बनाएं और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करें. समय रहते कदम उठाने से ही इस बढ़ते खतरे को रोका जा सकता है. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 14, 2026, 08:13 IST
विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप की प्राइजमनी 10 % बढ़ी:ICC ने टूर्नामेंट की कुल राशि ₹82 करोड़ तय की, विजेता टीम को ₹21.8 करोड़ मिलेंगे

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने अगले साल होने वाले विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के लिए इनामी राशि का ऐलान कर दिया है। इंग्लैंड और वेल्स में होने वाले इस टूर्नामेंट की कुल पुरस्कार राशि बढ़ाकर 82 करोड़ रु. की गई है, जो 2024 के मुकाबले 10% ज्यादा है। पिछली बार इनामी राशि 7.95 मिलियन डॉलर (करीब 74 करोड़ रुपए) थी। जून-जुलाई में इंग्लैंड में होने वाले इस टूर्नामेंट में इस बार ज्यादा टीमें और ज्यादा मुकाबले देखने को मिलेंगे। विजेता को मिलेंगे 21.8 करोड़ रुपए टूर्नामेंट जीतने वाली टीम को 21.8 करोड़, उपविजेता को 10 करोड़ और सेमीफाइनल हारने वाली टीम को 6.29 करोड़ रुपए मिलेंगे। वहीं हर ग्रुप मैच जीतने पर टीम को 29 लाख मिलेंगे। 12 टीमों के बीच होंगे कुल 46 मुकाबले इस बार टूर्नामेंट का दायरा बढ़ाया गया है। अब तक विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में 10 टीमें हिस्सा लेती थीं, लेकिन इस बार 12 टीमें खेलेंगी। टीमों की संख्या बढ़ने से मैचों की संख्या में भी 50% का इजाफा हुआ है। ग्रुप स्टेज के मैच 20 से बढ़कर 30 हो गए हैं। पूरे टूर्नामेंट में नॉकआउट समेत कुल 46 मैच खेले जाएंगे। इंग्लैंड की परिस्थितियों में होगा बड़ा चैलेंज अगला वर्ल्ड कप इंग्लैंड की मेजबानी में जून और जुलाई के बीच खेला जाना है। जून-जुलाई में इंग्लैंड का मौसम और पिचें तेज गेंदबाजों के साथ-साथ स्पिनर्स के लिए भी मददगार होती हैं। भारतीय टीम के लिए यह टूर्नामेंट काफी अहम होगा क्योंकि टीम इंडिया अब तक एक बार भी महिला टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब नहीं जीत सकी है। 12 टीमें होने से मुकाबला और भी कड़ा होने की उम्मीद है। ब्रॉडकास्टिंग और रेवेन्यू बढ़ने का फायदा महिला क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता के कारण ICC के रेवेन्यू में भी बढ़ोतरी हुई है। विमेंस क्रिकेट के ब्रॉडकास्टिंग राइट्स की वैल्यू बढ़ी है और स्टेडियम में दर्शकों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। इसी को देखते हुए ICC लगातार टूर्नामेंट्स को बड़ा बना रहा है। 12 टीमों के इस फॉर्मेट से छोटे देशों की महिला क्रिकेट टीमों को भी ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।
सतना में हत्या की कोशिश का आरोपी गिरफ्तार:मामूली विवाद में चाकू से हमला, घायल का रीवा में इलाज

सतना में युवक को चाकू मारकर घायल करने के आरोपी अखंड प्रताप उर्फ गोलू को सिविल लाइन पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र के पन्ना नाका में हुई थी, जिसमें प्रकाश द्विवेदी नामक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। टीआई योगेन्द्र सिंह परिहार ने बताया कि 10 अप्रैल की रात कल्याण पेट्रोल पंप के पास एक दुकान के बाहर युवाओं के दो समूहों के बीच बहस हुई थी। इसी दौरान आरोपी अखंड प्रताप उर्फ गोलू (27), निवासी पन्ना नाका उमरी, ने अंशुमान सिंह (24) और एक अन्य के साथ मिलकर प्रकाश पुत्र संतोष द्विवेदी (33) पर चाकू से हमला कर दिया। चाकू के हमले से प्रकाश द्विवेदी बुरी तरह घायल हो गए थे। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद रात में ही रीवा रेफर कर दिया गया। पुलिस ने घटना के बाद मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की थी। वारदात के अगले ही दिन, मुखबिर की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने राजेन्द्र नगर में दबिश देकर आरोपी अंशुमान सिंह को देशी पिस्टल और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था। दूसरे आरोपी अखंड उर्फ गोलू को सिविल लाइन पुलिस ने सोमवार को हिरासत में लिया। उसे सोमवार को ही कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।









